छतरपुर। छतरपुर जिले के लवकुशनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दुर्लभ जन्म का मामला सामने आया है. यहां एक महिला ने ऐसे नवजात को जन्म दिया, जिसके चार हाथ और चार पैर दिखाई देने की बात सामने आई है. बच्चे को देखकर परिजन और अस्पताल का स्टाफ हैरान रह गया. इसके बाद अस्पताल में लोगों की भीड़ जुट गई और नवजात की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे.
अस्पताल के अनुसार, जन्म के समय नवजात का वजन करीब 3 किलोग्राम था. डॉक्टरों की टीम फिलहाल मां और बच्चे की स्थिति पर नजर रख रही है. बच्चे को आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजने की तैयारी की जा रही है.
ड्यूटी पर मौजूद महिला डॉक्टर के मुताबिक, इस तरह के मामले बेहद दुर्लभ होते हैं. डॉक्टर ने बताया कि कई बार गर्भ में जुड़वां भ्रूण विकसित हो रहे होते हैं, लेकिन उनमें से एक भ्रूण का विकास पूरी तरह नहीं हो पाता. ऐसी स्थिति में अविकसित भ्रूण दूसरे भ्रूण से जुड़ सकता है और उसके शरीर पर अतिरिक्त अंग दिखाई दे सकते हैं. हालांकि, बच्चे की वास्तविक चिकित्सकीय स्थिति और आगे के उपचार का फैसला विशेषज्ञ जांच के बाद ही स्पष्ट होगा. अस्पताल की ओर से मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों से भी सलाह लेने की बात कही गई है.
डॉक्टरों की टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नवजात की स्थिति में आगे किस तरह का उपचार संभव है. अतिरिक्त अंगों को सर्जरी के जरिए हटाया जा सकता है या नहीं, इसका निर्णय विशेषज्ञ चिकित्सकों की जांच और बच्चे की मेडिकल स्थिति के आधार पर लिया जाएगा. फिलहाल नवजात को निगरानी में रखा गया है. मां की हालत भी डॉक्टरों की देखरेख में बताई जा रही है.
मध्य प्रदेश में इससे पहले भी अतिरिक्त अंगों के साथ जन्म लेने वाले नवजातों के मामले सामने आ चुके हैं. खंडवा में एक बच्चे के चार हाथ, चार पैर और चार कान होने का मामला सामने आया था. जन्म के कुछ समय बाद ही उसकी मौत हो गई थी. इसी तरह विदिशा में चार पैरों वाली बच्ची का जन्म हुआ था, जिसे बेहतर उपचार के लिए एम्स भोपाल रेफर किया गया था. इंदौर में भी एक बेहद दुर्लभ जन्म का मामला सामने आया था, जिसमें नवजात के दो सिर, चार हाथ, दो पैर और दो दिल होने की जानकारी सामने आई थी.
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उज्जैन में इटली-स्पेन और इंग्लैंड के 3 विदेशी जोड़ों ने की शादी, हिंदू रीति-रिवाज से लिए 7 फेरे
धार्मिक। नगरी उज्जैन में इन दिनों एक अनोखा और भव्य विवाह समारोह काफी सुर्खियों में बना हुआ है. यहां किसी भारतीय जोड़े ने नहीं, बल्कि सात समंदर पार से आए तीन विदेशी जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और विवाह के पवित्र बंधन में बंधे. शादी समारोह की शुरुआत भारतीय परंपरा के अनुसार हुई पहले दूल्हा-दुल्हन को हल्दी और मेहंदी लगाई गई, फिर धूमधाम से बारात निकाली गई और अंत में वैदिक रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ.
इंदौर रोड स्थित निनोरा आनंद में वैलनेस रिट्रीट पार्क में योग गुरु डॉ. ओमानंद महाराज के पावन सानिध्य में यह विवाह समारोह आयोजित किया गया. डॉ. ओमानंद गुरु ने बताया कि योग और अध्यात्म के कारण विदेशों में भी उनके कई शिष्य हैं. वे समय-समय पर अपने शिष्यों को भारतीय संस्कृति और अटूट विवाह बंधन के महत्व के बारे में बताते रहते हैं. उनकी इसी सीख से प्रभावित होकर इटली, स्पेन और इंग्लैंड के तीन विदेशी जोड़ों ने सनातन धर्म अपनाकर परिणय सूत्र में बंधने की इच्छा जताई थी.
वैदिक विवाह से पूर्व सभी तीन जोड़ों का नामकरण कर उन्हें भारतीय सनातन नाम दिए गए:
पहला जोड़ा (इटली): ईवा को ‘दर्पण आनंद’ और मास्सिमिलियानो को ‘बलराम आनंद’ नाम दिया गया.
दूसरा जोड़ा (इटली): जेसिका को ‘मां सीता आनंद’ और लुका को ‘राम आनंद’ नाम दिया गया.
तीसरा जोड़ा (स्पेन व इंग्लैंड): स्पेन की इन्मा को ‘मां शांति आनंद’ और इंग्लैंड के मार्क को ‘प्रकाशानंद’ नाम दिया गया.
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व वर्ष 2024 में भी डॉ. ओमानंद महाराज के परमानंद योग आश्रम में इटली, अमेरिका और पेरू के तीन जोड़ों ने सनातन परंपरा से विवाह रचाया था.
डॉ. ओमानंद गुरु ने बताया कि पश्चिमी देशों में शादी को महज एक ‘लीगल कॉन्ट्रैक्ट’ (कानूनी अनुबंध) माना जाता है, जिसे लोग आसानी से तोड़ देते हैं. इसके विपरीत भारत में विवाह केवल दो शरीरों का नहीं, बल्कि आत्मा का संबंध माना जाता है, जिसे जीवन भर निभाया जाता है. भारतीय संस्कृति की इसी विशेषता ने विदेशियों को गहराई से प्रभावित किया.
विवाह समारोह के दौरान विदेशी दूल्हा-दुल्हन और उनके साथ आए बारात के अन्य मेहमान भारतीय परिधानों में नजर आए. हल्दी और मेहंदी की रस्मों के दौरान सभी विदेशी मेहमान भारतीय भजनों और गानों की धुन पर जमकर झूमते दिखे.
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SBI बैंक मैनेजर से 15 लाख का साइबर फ्रॉड! , कंपनी मालिक बनकर ठगों ने ट्रांसफर कराई रकम
भोपाल। जनता अपना पैसा बचाने के लिए गाढ़ी कमाई बैंकों में जमा करती है। लेकिन राजधानी भोपाल से बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां एक बैंक मैनेजर ही ठगी का शिकार हो गई। साइबर ठगों ने खाताधारक बनकर मैनेजर को निशाना बनाया और 15 लाख की रकम अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली।
पूरी घटना पिपलानी थाना क्षेत्र की है। दरअसल, चंदना पुष्पा सोनागिरी स्थित एसबीआई बैंक में ब्रांच मैनेजर पद पर पदस्थ हैं। जांच अधिकारी नितेश मुजाल्दे ने बताया कि आरोपियों ने खाताधारक बनकर फोन पर FD और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी ली।
आरोपियों ने कंपनी मालिक बनकर बैंक मैनेजर को मेडिकल इमरजेंसी बता कर फर्जी दस्तावेज ई-मेल पर भेजकर RTGS कराया और अपने खाते में 15 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। साइबर ठगी का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की पहचान करने और जानकारी जुटाने में लगी है।
धार। अस्पतालों को मरीजों को लिए जीवन रक्षा देने वाली जगह माना जाता है। लेकिन धार का एक अस्पताल फेयरवेल पार्टी का अड्डा बन गया। सरदारपुर अस्पताल परिसर के एक हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में डॉक्टर और स्टाफ तेज संगीत पर नाचते-गाते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह आयोजन एक डॉक्टर की विदाई के लिए किया गया था।
जानकारी के मुताबिक, पार्टी के दौरान जिस हॉल में डॉक्टर और स्टाफ मौजूद थे, उससे करीब 10 फीट की दूरी पर मरीज भर्ती थे और उनका उपचार चल रहा था। कार्यक्रम के दौरान तेज संगीत पर डॉक्टर और स्टाफ ने डांस किया।
सरदारपुर सिविल अस्पताल जिला मुख्यालय से करीब 35 से 40 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। बताया जा रहा है कि एक डॉक्टर के फेयरवेल के लिए अस्पताल परिसर के हॉल में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
मामले को लेकर सीएमएचओ डॉ. अनीता सिंगारे से टेलीफोनिक बात की गई। उन्होंने कहा कि यह गंभीर विषय है। यदि अस्पताल परिसर में डॉक्टरों और कर्मचारियों द्वारा इस तरह का आयोजन किया गया है, तो मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
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‘ट्रेन पहुंची, लेकिन एम्बुलेंस आज भी दूर!’ बदहाल रास्ते पर लाचार ग्रामीण
आलीराजपुर। विकास के दावों के बीच मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले के जोबट जनपद पंचायत से बुनियादी सुविधाओं की पोल खोलती एक मार्मिक तस्वीर सामने आई है। ग्राम डेकाकुंड के पास रेलवे ट्रैक तो बिछ गया और ट्रेन की पटरियां गांव तक पहुंच गईं, लेकिन इसी गांव के ‘तड़वी फलिये’ के ग्रामीण आज भी एक किलोमीटर पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं।
आजादी के 80 साल बाद भी तड़वी फलिये के लोग मिट्टी के कच्चे और बदहाल रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। बारिश के दिनों में यह रास्ता फिसलन भरे कीचड़ में तब्दील हो जाता है। स्कूली छोटे-छोटे बच्चे भारी बस्ते लेकर गिरते-संभलते स्कूल जाने की जद्दोजहद करते हैं।
सबसे दर्दनाक स्थिति तब बनती है जब गांव में कोई बीमार पड़ता है। कीचड़ के कारण एम्बुलेंस फलिये तक नहीं पहुंच पाती, जिससे परिजनों को मरीज को खटिया पर लिटाकर कई किलोमीटर पैदल मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है।
स्थानीय ग्रामीण धनसिंह बघेल ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वे भी चाहते हैं कि उनके बच्चे सुरक्षित स्कूल जाएं और बीमारों को समय पर इलाज मिले, लेकिन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं।
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MP में 12 लाख अंत्योदय कार्ड धारकों की शक्कर बंद, 70 रु. पहुंचे दाम
मऊगंज। मध्य प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का दावा उस वक्त सवालों के घेरे में आ गया, जब प्रदेश के अति-गरीब परिवारों के राशन से मिठास गायब हो गई। शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से अति गरीबी रेखा में आने वाले लगभग 12 लाख अंत्योदय कार्ड धारकों को मिलने वाली 20 रुपये प्रति किलो की रियायती शक्कर अप्रैल माह से पूरी तरह बंद है। एक तरफ खुले बाजार में शक्कर की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं दूसरी तरफ अति-गरीब परिवारों को मिलने वाला कोटा ठप होना प्रशासनिक दावों और सरकारी नीतियों पर सवाल खड़े करता है।
इस संबंध में जब मैदानी अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने साफ शब्दों में पल्ला झाड़ते हुए कहा कि शक्कर का आवंटन ऊपर (शासन/केंद्र स्तर) से ही नहीं आ रहा है, जिसके कारण वितरण संभव नहीं है।
शक्कर की किल्लत और बढ़ती कीमतों को लेकर राजनीतिक गलियारों में जुबानी जंग तेज हो गई है। इंडियन नेशनल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) ने सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। विपक्ष का सीधा आरोप है कि सरकार गन्ने का उपयोग बड़े पैमाने पर इथेनॉल बनाने के लिए कर रही है। इथेनॉल उत्पादन की वजह से चीनी मिलों में शक्कर का उत्पादन गिरा है। उत्पादन कम होने से बाजार में शक्कर के दाम बेतहाशा बढ़े हैं और इस नीतिगत संकट का सीधा खामियाजा गरीबों को भुगतना पड़ रहा है।
रियायती शक्कर बंद होने से गरीब परिवारों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है। जमीनी हालात (जैसे मऊगंज जिले का उदाहरण) बताते हैं कि जो 50 किलो की बोरी पहले 2,000 रुपये में मिलती थी, वह अब 3,225 रुपये की हो चुकी है। बाजार में शक्कर 65 से 70 रुपये प्रति किलो बिक रही है। शक्कर महंगी होने से आम दुकानों पर 10 रुपये में मिलने वाली चाय अब 15 रुपये में मिल रही है।
एक तरफ गन्ने से इथेनॉल बनाने की नीति पर उठते सवाल और दूसरी तरफ PDS दुकानों से अप्रैल से शक्कर गायब होना—इस पूरे प्रकरण ने विपक्ष को और हमलावर कर दिया है। सवाल यह है कि बाजार में लगभग दोगुनी कीमत पर बिक रही शक्कर के बीच 12 लाख अंत्योदय कार्ड धारकों को उनका हक कब मिलेगा?
बांग्लादेश के रंगपुर में एक बंद घर से चार लोगों के शव बरामद होने के बाद से अल्पसंख्यकों में खौफ पसर गया है. मृतक अल्पसंख्यक हिंदू थे. इस बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. जिन लोगों की हत्या की गई है, उनमें एक रिटायर्ड स्कूल शिक्षक, उनकी पत्नी, बेटी और महज 12 साल का एक बेटा शामिल है. हैरान करने वाली बात है कि परिवार की महिला और उसकी बेटी के साथ अपराधियों ने पहले रेप किया और फिर मार डाला. यह घटना सिर्फ एक हत्याकांड नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार का सफाया है. 12 साल के मासूम बेटे का शव बेड के नीचे से बरामद किया गया.
बांग्लादेश के रंगपुर में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या का मामला सामने आया है जिसमें रिटायर्ड स्कूल शिक्षक, उनकी पत्नी, बेटी और 12 साल का बेटा शामिल हैं. इस हत्याकांड में जो बार सबसे ज्यादा डराती है वो शवों के मिलने का तरीका है.
रिटायर्ड शिक्षक का शव घर की छत पर मिला. शिक्षक की पत्नी और बेटी का शव घर की सीढ़ियों पर पड़ा मिला. पए सबसे दिल को दहला देने वाली घटना है 12 साल के मासूम बच्चे का शव बेड के नीचे से बरामद होना. यह घटना साफ साफ बताता है कि सिर्फ एक हत्याकांड नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार का सफाया करना ही टारगेट था.
मृतकों की पहचान गणपति चक्रवर्ती ज्वेल (65), उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती बाला (50), बेटी कंडी चक्रवर्ती (25) और बेटे प्रियम चक्रवर्ती (12) के रूप में हुई है.
पुलिस के मुताबिक, यह घर कुछ समय से बाहर से बंद था. बाद में घर के अंदर से बदबू आने पर स्थानीय लोगों को शक हुआ. रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर (DIG) मोहम्मद अब्दुल माबूद ने कहा कि पुलिस इस घटना को बेहद गंभीरता से देख रही है.
रंगपुर के कोतवाली पुलिस स्टेशन के अधिकारी-प्रभारी (ओसी) नजमुल कादेर ने बताया कि घटना की सही वजह और मौत के समय का पता लगाने के लिए पुलिस और अपराध जांच विभाग (CID) की फोरेंसिक टीम जांच कर रही है.
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पहले CCTV बंद किया: फिर भाइयों को बुलाया, पति को पीट-पीटकर मार डाला
नई दिल्ली। पुलिस ने इस मामले में विनय की पत्नी रेखा समेत उसके भाई राजू, वेदप्रकाश और भाभी पूनम को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि बेटे के शरीर पर हुए छालों पर दवा लगाने को लेकर विनय और रेखा के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद रेखा घर से चली गई और अपने मायके वालों को बुला लिया, जिसके बाद विनय के साथ मारपीट की गई। पुलिस CCTV फुटेज के साथ पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों के बयानों के आधार पर जांच कर रही है।
विनय लक्ष्मी पार्क के रहने वाले थे और नोएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करते थे। करीब साढ़े तीन साल पहले उनकी शादी रेखा से हुई थी और दोनों के चार महीने के जुड़वां बच्चे हैं। पुलिस के अनुसार, 21 अगस्त की सुबह विनय ने पत्नी से अपने बेटे के शरीर पर हुए छालों पर दवा लगाने के लिए कहा था। रेखा के मना करने पर दोनों के बीच बहस हुई, जिसके बाद रेखा घर से निकल गई और अपने भाई राजू, वेदप्रकाश, भाभी पूनम को बुला लिया।
जांच में सामने आया है कि घटना से पहले रेखा ने घर के अंदर लगा CCTV कैमरा बंद कर दिया था। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद रेखा के भाई और भाभी घर पहुंचे और विनय के साथ मारपीट की। विनय के पिता प्रेमचंद और मां रेणु गुप्ता भी उसी घर में रहते हैं, जहां यह घटना हुई। पिता के मुताबिक, रेखा के रिश्तेदारों ने उनसे कहा था कि वे विनय से बात करने आए हैं, जिसके बाद वह उनके लिए पानी लेने अंदर चले गए। वापस लौटने पर उन्होंने देखा कि बेटे के साथ मारपीट हो रही थी।
विनय के माता-पिता ने आरोप लगाया कि उन्होंने रेखा के मायके वालों से बेटे को नहीं मारने और शांति से बात करने की अपील की, लेकिन उन्होंने उनकी बात नहीं मानी। विनय की मां के मुताबिक, आरोपियों ने उनके बेटे को जमीन पर धक्का दिया और बेड पर पटक दिया। इसके बाद उसकी गर्दन पकड़कर पेट में लात-घूंसे मारे गए। बेटे को बचाने की कोशिश कर रही मां को भी आरोपियों ने धक्का दिया। विनय की मां पड़ोसियों को बुलाने के लिए बाहर गईं और वापस लौटीं तो विनय की हालत गंभीर थी।
गंभीर रूप से घायल विनय को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में रेखा, राजू, वेदप्रकाश और पूनम को गिरफ्तार किया है। निहाल विहार थाने में मामला दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी CCTV फुटेज के अलावा पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों के बयान भी खंगाल रहे हैं, ताकि घटना के पूरे क्रम और मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके। मामले की आगे की जांच जारी है।
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मुंबई में ‘भुलेश्वर चा राजा’ के आगमन पर हादसा, 22 फीट ऊंची मूर्ति श्रद्धालुओं पर गिरी, 2 की मौत; 5 लोग घायल
मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच शनिवार रात बड़ा हादसा हो गया। भूलेश्वर इलाके में गणेश आगमन जुलूस के दौरान 22 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा अचानक गिर गई। प्रतिमा की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह हादसा भूलेश्वर के जय अंबे चौक के पास कबूतरखाना इलाके में हुआ। बताया जा रहा है कि ‘भुलेश्वर चा राजा’ मित्र मंडल की गणेश प्रतिमा को जुलूस के जरिए पंडाल की ओर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान अचानक प्रतिमा का संतुलन बिगड़ गया और वह वहां मौजूद लोगों पर जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही पलों में खुशी का माहौल चीख-पुकार में बदल गया।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात करीब 10 बजे बलराम मर्चेंट रोड पर स्थित कबूतरखाना के पास जय अंबे चौक में गणेश आगमन समारोह चल रहा था। बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुलूस में शामिल थे। चारों तरफ ढोल-नगाड़ों की आवाज और उत्सव का माहौल था। इसी दौरान 22 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा को आगे ले जाया जा रहा था। अचानक प्रतिमा का संतुलन बिगड़ा और वह भीड़ की तरफ गिर गई। भारी प्रतिमा के गिरते ही वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोगों ने तुरंत घायलों को बाहर निकालने की कोशिश की और पुलिस तथा प्रशासन को सूचना दी।
इस हादसे में 33 वर्षीय संकेत नेवशे और 30 वर्षीय बृजेश हेमंत जोशी की मौत हो गई। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे में पांच अन्य लोग घायल हुए हैं। इनमें 5 साल की लावण्या गनेर और 7 साल की दिव्या गनेर भी शामिल हैं। दोनों बच्चियों के घायल होने से हादसे की गंभीरता और बढ़ गई है। इसके अलावा 38 वर्षीय वैभव घेनंद, 25 वर्षीय पवन चौरसिया और 26 वर्षीय कुणाल काशिद भी घायल हुए हैं। सभी घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, घायल लोगों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। प्रशासन और अस्पताल की टीमें घायलों के इलाज पर नजर बनाए हुए हैं।
शुरुआती जानकारी में प्रतिमा के ढांचे से जुड़े कुछ नट और बोल्ट ढीले होने की बात सामने आई है। माना जा रहा है कि इसी वजह से प्रतिमा का संतुलन बिगड़ा और वह अचानक गिर गई। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रशासन की ओर से घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि प्रतिमा को ले जाने के दौरान सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए गए थे या नहीं।
हादसे की जानकारी मिलते ही मुंबई प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया। BMC, मुंबई फायर ब्रिगेड, मुंबई पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, 108 एंबुलेंस सेवा और BMC वार्ड स्टाफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव टीमों ने बिना समय गंवाए घायलों को घटनास्थल से बाहर निकाला। इसके बाद सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव और अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस और ट्रैफिक टीम ने भीड़ को नियंत्रित करने और रास्ता साफ कराने का काम किया।
मुंबई में गणेश प्रतिमा को गणेश चतुर्थी से पहले लाने की परंपरा कई सार्वजनिक गणेश मंडलों में देखने को मिलती है। इसे ‘गणेश आगमन’ कहा जाता है। इस दौरान मूर्ति को मूर्तिकार की कार्यशाला या भंडारण स्थल से जुलूस के जरिए पंडाल तक लाया जाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि गणेश उत्सव या गणेश स्थापना पहले ही शुरू हो गई है। मंडल पहले से प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा देते हैं, ताकि पंडाल की सजावट, मूर्ति की स्थापना और बाकी तैयारियां समय पर पूरी की जा सकें। मुंबई जैसे बड़े शहर में विशाल गणेश प्रतिमाओं को ले जाने के लिए ट्रैफिक, सुरक्षा और जुलूस की विशेष व्यवस्था भी करनी पड़ती है। इसलिए कई मंडल मुख्य उत्सव से पहले ही ‘बाप्पा के आगमन’ का कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
मुंबई में गणेशोत्सव बेहद बड़े स्तर पर मनाया जाता है। यहां गणेश प्रतिमाओं के आगमन से लेकर विसर्जन तक बड़ी संख्या में लोग जुलूसों में शामिल होते हैं। कई इलाकों में विशाल प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। ऐसे में भारी और ऊंची प्रतिमाओं को ले जाते समय सुरक्षा बेहद जरूरी होती है। मुंबई में हुए इस हादसे ने एक बार फिर बड़ी गणेश प्रतिमाओं की सुरक्षा और उन्हें ले जाने के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुंबई का गणेशोत्सव देशभर में अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है। दस दिनों तक चलने वाले इस त्योहार में शहर के अलग-अलग इलाकों में बड़े-बड़े पंडाल बनाए जाते हैं। गणेश प्रतिमाओं के दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग मुंबई पहुंचते हैं। इस साल भी बड़ी संख्या में सार्वजनिक गणेश पंडाल लगाए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, BMC को इस साल पंडाल लगाने के लिए 3,700 से ज्यादा आवेदन मिले थे। इनमें से 2,700 से अधिक आवेदनों को मंजूरी दी गई है। बड़ी संख्या में पंडाल और विशाल प्रतिमाओं के बीच प्रशासन के सामने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती है।
सीहोर। जिले के बिलकिसगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक कमरे की दीवार घड़ी में छिपा हिडन कैमरा और मेमोरी कार्ड मिलने से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने इसे अपनी निजता और सुरक्षा पर गंभीर हमला बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना 13 अगस्त 2026 की है। आरोप है कि इतना संवेदनशील मामला सामने आने के बावजूद विभागीय आलाधिकारियों ने इसे दबाने का प्रयास किया और कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अधिकारियों की इस अनदेखी से आक्रोषित महिला स्वास्थ्यकर्मियों और नर्सिंग स्टाफ ने इछावर विधायक व मध्य प्रदेश शासन के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के काफिले को सीहोर के पास अचानक घेरकर रोक लिया और अपनी सुरक्षा को लेकर ज्ञापन सौंपा।
मंत्री करण सिंह वर्मा ने अपनी गाड़ी में बैठकर ही पीड़ित महिलाकर्मियों की आपबीती सुनी और ज्ञापन स्वीकार किया। उन्होंने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निष्पक्ष जांच कराने, कार्यस्थल पर सुरक्षा पुख्ता करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
उच्चस्तरीय जांच: यह पता लगाया जाए कि कैमरा किसने, कब और किस मकसद से लगाया था। अस्पताल के अन्य कमरों व परिसरों की भी जांच की जाए ताकि ऐसे उपकरणों की उपस्थिति का पता चल सके। कर्मचारियों की गरिमा से खिलवाड़ करने वाले आरोपियों की पहचान कर कड़ी कानूनी सजा दी जाए। मामले पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. नवीन मेहर ने बताया कि घटना उनके संज्ञान में है और नियमानुसार कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जा रही है। कर्मचारियों ने जब्त संदिग्ध उपकरण पुलिस/प्रशासन को सौंप दिए हैं।
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दिल्ली में पीएम मोदी को भगवान बताने पर भड़के साधु-संत, कहा-नहीं सहेंगे भगवान का अपमान
भोपाल। दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड सदस्य की ओर से मोदी चालीसा का पाठ और PM नरेंद्र मोदी का श्री राम के रूप में पोस्टर लगाने के मामले पर भोपाल में साधु संत सन्यासी परिषद की बैठक हुई। इस दौरान साधुओं ने विरोध जताया और इसे सनातन का अपमान, भगवान के नाम पर साजिश करना बताया।
परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष अनिलानंद महाराज ने कहा कि यह सनातन को बदनाम करने की साजिश है। कई लोग ऐसा दुस्साहस कर चुके हैं। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए भगवान का अपमान नहीं सहा जाएगा। मोदी या कोई भी राजनेता महापुरुष, युगपुरुष हो सकता है लेकिन भगवान नहीं हो सकता। परिषद ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि सभी लोगों पर कार्रवाई होगी। निज स्वार्थ के लिए धर्म से खिलवाड़ करने के मामले में कार्रवाई करेंगे।
गौरतलब है कि प्रेस क्लब ऑफ इंडिया परिसर में गुरुवार को एक कार्यक्रम का वीडियो तेजी से वायरल हो गया। जिसमें कुछ लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘राम अवतार’ की एक तस्वीर में आरती की और ‘मोदी चालीसा’ का पाठ किया। कार्यक्रम के दौरान ‘जय-जय मोदी और हर-हर मोदी’ के नारे भी लगाए गए।
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एक परिवार के 3 बच्चों की संदिग्ध मौत, पुलिस ने कब्र खोदकर निकाला शव
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर से सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां एक ही परिवार के 3 बच्चों की संदिग्ध मौत हो गई। सभी मृत बच्चों की उम्र 10 साल से कम है। परिजनों ने बताया कि सभी ने देर रात आलू-बैंगन की सब्जी खाई थी जिसके बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस ने सभी के शवों को कब्र से बाहर निकलवाया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, यह पूरी घटना मातगांव थाना क्षेत्र के पिपुरा गांव की है। दरअसल, शुक्रवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर 9 माह की चाहत, 5 साल की मनीषा और 9 साल की पूनम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने उनका प्राथमिक उपचार करवाया और शवों को दफना दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शवों को खोदकर कब्र से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मौत की असली वजह का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
बुरहानपुर। जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी दूर धूलकोट क्षेत्र के गंभीरपुरा गांव में गुरुवार देर रात हुए हिंसक विवाद के बाद पुलिस बल तैनात कर दिया है। एसडीओपी नेपानगर सुरेश महाले और निंबोला थाना प्रभारी राहुल कांबले खुद भी गांव पर निगरानी रखे हुए हैं।
एक दूसरे पर हमला कर घायल करने, पुलिस के वाहनों पर पत्थर फेंकने व शांति भंग करने के आरोप में पुलिस ने दोनों पक्षों के 18 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया है। गांव के 26 लोगों के खिलाफ बलवा का प्रकरण भी दर्ज किया है। गांव में चहल-पहल कम है, लेकिन शांति बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार इस विवाद का मौजूदा कारण भले ही अवैध शराब विक्रय की सूचना देने का शक था, लेकिन वास्तव में यह शिवा बाबा मंदिर ट्रस्ट पर वर्चस्व को लेकर काफी समय से चल रहे संघर्ष का परिणाम है।
बताया जाता है कि घटना की रात करीब 25 से ज्यादा लोग ट्रस्ट के अध्यक्ष रूप सिंह पवार के घर पहुंच कर पथराव शुरू कर दिया था, जिसके बाद दूसरे पक्ष के लोग भी मैदान में आ गए और विवाद बढ़ गया। इस विवाद में दोनों पक्षों के सात लोग घायल हुए हैं।
घटना की रात जैसे ही पुलिस को विवाद की सूचना मिली पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन भीड़ ने पुलिस का रास्ता रोक लिया। समझाने के बाद भी भीड़ नहीं मानी और पुलिस के वाहनों पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में प्रधान आरक्षक राजेश बामनिया को हल्की चोट आई है। साथ ही पुलिस जीप के कांच टूट गए। भीड़ में महिलाएं होने के कारण महिला पुलिस व अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। शुक्रवार को पुलिस ने बलवा करने वालों की पहचान कर केस दर्ज किया और शनिवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
निंबोला थाना पुलिस ने 26 आरोपितों के खिलाफ बलवा सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। इनमें संतोष पदम, रामेश्वर दरबार, रघुनाथ गज्जू, बिशन मोर सिंह, जीजू दरबार, राधेश्याम दरबार, बलीराम गज्जू, पवन रणछोड़, मिथुन रघुनाथ, राज जीजू, अरुण ईलू, सचिन ईलू, मोनु कमल, राजू गणेश, अजमल अभय, माया बाई, कंचन मिथुन, आनू बाई, सुनीता बाई, कुसमा बाई, रेवा सिंह, कविता बाई, रेखा बाई, पप्पी बाई, आरती बाई और छन्नी बाई शामिल हैं। सभी गंभीरपुरा निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने गांव में शांति बनाए रखने के लिए विवाद में शामिल रहे 18 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर जेल भेजा है। इनमें अनिल लखन राठौर निवासी अंजनिया कला थाना नर्मदानगर जिला खंडवा, राजकुमार जीजू, संतोष पवार, रघुनाथ पवार, कलीराम काजले, पवन रणछोड़, मिथुन पवार, बिशन मोर सिंह, बलीराम गज्जू, राधेश्याम मांगीलाल, काशीराम तुलसीराम, सुमित नवीन, रविंद्र पवार, महेश पंवार और कृष्णा पंवार सहित अन्य के नाम शामिल हैं।
विवाद में रूप सिंह पंवार के पक्ष से पांच लोगों के घायल होने की जानकारी है। इनमें कानु श्याम सिंह के सिर में चोट आई है। इसके अलावा मुरली यमराज, बच्चन भिले सिंह, प्रकाश चैन सिंह और मन्नू भिले सिंह शामिल हैं।
दूसरे पक्ष से दिनेश रघुनाथ और सुनील मुन्नालाल घायल हुए है। देर रात घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर दोनों पक्षों के बयान लिए हैं। घायलों से जुड़े घटनाक्रम को लेकर भी आगे वैधानिक कार्रवाई की बात कही जा रही है।
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रिटायरमेंट के 3 साल बाद पूर्व पुलिस अधिकारी गिरफ्तार, SDOP रहते महिला से ज्यादती का आरोप
छिंदवाड़ा मध्यप्रदेश के पांढुर्णा जिले के सौंसर में पदस्थ रहे एक एसडीओपी पर एक महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने रिटायरमेंट के तीन साल बाद पूर्व एसडीओपी को भोपाल से गिरफ्तार किया है और पांढुर्णा लेकर आई है। महिला का आरोप है कि आरोपी पुलिस अधिकारी जब SDOP थे तब उसे शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया और कई बार शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
छिंदवाड़ा की रहने वाली 31 वर्षीय पीड़ित महिला का आरोप है कि उसकी पहचान साल 2017 में केके वर्मा से हुई थी। तब केके वर्मा सौंसर में एसडीओपी थे और उसके परिवार के एक सदस्य के खिलाफ मारपीट का मामला उमरानाला चौकी में दर्ज हुआ था। इस मामले में एसडीओपी केके वर्मा जांच अधिकारी थे और इसलिए उसका संपर्क केके वर्मा से हुआ था। महिला का आरोप है कि केके वर्मा ने तब उससे मोबाइल नंबर ले लिया था और लगातार संपर्क में रहे। कुछ दिनों बाद केके वर्मा ने शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता का आरोप है कि दबाव बनाकर केके वर्मा ने उसे अपने सौंसर स्थित सरकारी आवास पर बुलाया और वहां पर संबंध बनाए। केके वर्मा ने उससे कहा कि वो उससे शादी करेगा और इसके बाद साल 2018 में केके वर्मा का सिवनी ट्रांसफर हो गया, लेकिन केके वर्मा तब भी उसके संपर्क में रहे और शारीरिक संबंध बनाते रहे। साल 2019 में भोपाल ट्रांसफर होने के बाद भी उससे संबंध बनाए। पीड़िता के मुताबिक केके वर्मा ने उसे भरोसा दिलाया था कि रिटायरमेंट के बाद वो उससे शादी करेंगे, लेकिन रिटायरमेंट के बाद साल 2023 में जब पीड़िता ने शादी के लिए दबाव बनाया तो केके वर्मा ने शादी करने से साफ इंकार कर दिया।
आरोपी केके वर्मा के द्वारा शादी से इंकार करने के बाद बीते दिनों 20 अगस्त को पीड़िता ने पुलिस थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी केके वर्मा के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। रिटायरमेंट के बाद भोपाल में रह रहे केके वर्मा को पुलिस ने भोपाल से गिरफ्तार किया है।
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मुख्यमंत्री के जनसंवाद कार्यक्रम में बवाल, दो लोगों ने की जान देने की कोशिश
टीकमगढ़. मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में जनसंवाद कार्यक्रम के बाद शुक्रवार को जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मीडिया से रूबरू हो रहे थे, इसी दौरान सुनवाई नहीं होने से परेशान दो लोगों ने खौफनाक कदम उठाया. दोनों ने जान देने की कोशिश की. इससे कार्यक्रम में हड़कंप मच गया. खौफनाक कदम उठाने वाले दोनों लोगों को पुलिस ने बमुश्किल काबू किया. एक व्यक्ति को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
टीकमगढ़ में जन विश्वास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने कई लोग अपनी समस्या उठाना चाह रहे थे. लेकिन पुलिस की कड़ी सुरक्षा के कारण लोग कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच रहे थे. इसी दौरान अपनी समस्या लेकर आए दो लोगों ने कार्यक्रम स्थल के बाहर खुद को जान से मारने की कोशिश की. कार्यक्रम स्थल के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत एक व्यक्ति को हिरासत में लिया और दूसरे को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया. कुछ समय के लिए कार्यक्रम स्थल के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. जान देने पर उतारू दोनों लोग लंबे समय से समस्या से परेशान हैं.
मचपुरा निवासी गंगू सेन ड्राइवर है. उसने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा करीब 11 साल पहले की चोरी की घटना में उसके 13 वर्षीय पुत्र को कोतवाली पुलिस ने पकड़कर मारपीट की. पुलिस प्रताडऩा से तंग आकर उसने अपनी जान दे दी थी. तभी से वह उन पुलिस वालों पर कार्रवाई के लिए लगातार शिकायतें कर रहा है. मुझे न्याय नहीं मिला. आज मैं मुख्यमंत्री के पास न्याय की गुहार लगाने आया था. मुझे मिलने नहीं दिया गया. इसलिए मैंने आत्मघाती कदम उठाया.
मुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश कर रहे एक और शख्स ने कार्यक्रम स्थल के बाहर खौफनाक कदम उठाया. युवक जमीन का सीमांकन नहीं होने की शिकायत लेकर सीएम से मिलने पहुंचा था. पुलिसकर्मियों ने उसे कार्यक्रम स्थल में जाने नहीं दिया. इसके बाद नाराज युवक ने नगर पालिका दफ्तर के बाहर खौफनाक कदम उठाया. पुलिस उसे टैक्सी से जिला अस्पताल पहुंचाया. सिविल सर्जन डॉ. अमित शुक्ला ने बताया युवक को निगरानी में रखा गया है.
टीकमगढ़ के वार्ड क्रमांक 1 पुरानी टिहरी निवासी सचेंद्र कुशवाह अपनी पत्नी राधा कुशवाह और बेटी के साथ कार्यक्रम में पहुंचे थे. सचेंद्र सीएम से मिलकर जमीन के विवाद की शिकायत करना चाहते थे. राधा के मुताबिक उनकी टीकमगढ़ क्षेत्र में कुल 1.096 एकड़ जमीन है. जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है. कई बार शिकायत के बावजूद पटवारी सीमांकन नहीं कर रहा. सचेंद्र ने अपने मकान पर 5 लाख रुपए का लोन लिया है. जमीन का विवाद सुलझ जाए तो कर्ज चुकाने में मदद मिलेगी. इस बारे में एडीएम शिवप्रसाद मंडराए का कहना है प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराने के लिए लोग ऐसा करते हैं. दोनों की हालत अभी ठीक है.
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