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भोपाल। भोपाल में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर उसे बेचने के एक बड़े मामले में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। चुनाभट्टी इलाके में सरकारी जमीन बेचने के आरोपी तीन बिल्डरों को न्यायालय ने ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ (EOW) ने इन तीनों के खिलाफ साल 2019 में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था, जिस पर अब कानूनी शिकंजा कसा है।
यह है पूरा मामला
दरअसल भोपाल के चर्चित बिल्डरों रामनाथ , श्यामनाथऔर अश्विनीनाथ पर लंबे समय से जमीन के अवैध कारोबार और धोखाधड़ी के आरोप थे। आरोप है कि इन बिल्डरों ने शहर के पॉश इलाके चुनाभट्टी क्षेत्र में स्थित बेशकीमती सरकारी जमीन पर फर्जीवाड़ा करते हुए उसे निजी संपत्ति के रूप में बेच दिया था।
EOW की कार्रवाई: इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने वर्ष 2019 में तीनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी।
EOW द्वारा की गई लंबी जांच और साक्ष्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों बिल्डरों को न्यायिक हिरासत (ज्यूडिशियल रिमांड) में जेल भेजने के आदेश दिए हैं। इस कार्रवाई से भोपाल के भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनाइजर्स में हड़कंप मच गया है।

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महिला को घर में बंधक बनाकर डकैती: जेवर और 50 हजार नकद ले उड़े 3 बदमाश
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। खितौला थाना क्षेत्र की प्रज्ञा बिहार कॉलोनी में मूर्ति विसर्जन के दौरान सूने घर का फायदा उठाकर तीन अज्ञात बदमाश ताला तोड़कर अंदर घुस गए। बदमाशों ने घर में अकेली महिला को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट और लूटपाट की घटना को अंजाम दिया। आरोपी महिला का मंगलसूत्र छीनने के साथ ही अलमारी का लॉक तोड़कर सोने-चांदी के जेवर और 50 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए।
दरअसल यह घटना बीती रात की है। खितौला थाना अंतर्गत प्रज्ञा बिहार कॉलोनी निवासी आरती विश्वकर्मा के पति मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घर से बाहर गए हुए थे, और घर पर आरती अकेली थीं। रात करीब 1 बजे तीन अज्ञात बदमाश ताला तोड़कर घर के अंदर दाखिल हुए।
घर के अंदर घुसकर बदमाशों ने पीड़ित आरती विश्वकर्मा को बंधक बना लिया और उनके गले से मंगलसूत्र छीन लिया।अलमारी का लॉक तोड़कर नकदी और जेवर ले उड़े: इसके बाद बदमाशों ने कमरे में रखी अलमारी का ताला तोड़ दिया और उसमें रखे कीमती सोने-चांदी के जेवर व 50 हजार रुपये की नकदी समेटकर मौके से फरार हो गए।
घटना की जानकारी मिलते ही सुबह स्थानीय पुलिस में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही खितौला थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि बदमाशों का सुराग लगाया जा सके। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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दिग्विजय सिंह की सनातन यात्रा पर मानवाधिकार आयोग की बड़ी कार्रवाई, बच्चों से नारे लगवाने पर लिया संज्ञान
भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह की शुरू हुई सत्य सनातन यात्रा को लेकर मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने बच्चों से नारे लगवाने के मामले पर संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव और DGP को नोटिस जारी किया है। NHRC ने नोटिस जारी कर 2 हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है।
दरअसल, सोशल मीडिया पर दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन यात्रा से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें कुछ बच्चों से नारे लगवाए जा रहे थे। आरोप है कि बच्चों को पैसे का लालच देकर यात्रा में लाया गया। आयोग ने आरोपों को प्रथम दृष्टया बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन माना। जिसके बाद प्रियंक कानूनगो की पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत मामले में संज्ञान लिया।

अनूपपुर। शहडोल संभाग के अनूपपुर जिले के चचाई थानान्तर्गत संजय नगर डबल स्टोरी के समीप साप्ताहिक बाजार के बगल से गुजरने वाली अमरकंटक ताप विद्युत केंद्र चचाई की रेल लाइन में देर रात लोको ट्रेन और पिकअप के बीच भीषण टक्कर हो गई। हादसे में पिकअप चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पिकअप में सवार छह अन्य लोग घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि चालक का सिर धड़ से अलग हो गया। हादसा संजयनगर रेलवे क्रॉसिंग के पास हुआ, जहां फाटक नहीं होने से रेल पटरी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दरअसल साप्ताहिक बाजार के पास स्थित अमरकंटक ताप विद्युत केंद्र की रेलवे क्रॉसिंग पर देर रात कोयला लेने बंगवार-संगमा साइडिंग की ओर जा रही लोको ट्रेन और पिकअप के बीच जोरदार टक्कर हो गई। पिकअप में सात लोग सवार थे, जो संजयनगर में डीजे का सामान छोड़कर गांव चकेठी लौट रहे थे। हादसे में पिकअप चालक रवि पिता स्व लाल बर्मन निवासी चकेठी की मौके पर ही मौत हो गई। उसका सिर धड़ से अलग हो गया। पिकअप में फंसे शव को जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया। वहीं अर्जुन कोल, विकास सिंह, शिवम बैगा, कन्हैया बर्मन,करन कोल , और राजेश सिंह सभी निवासी चकेठी सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटनास्थल पर अंधेरा था और लोको ट्रेन की ओर से हॉर्न भी नहीं बजाया गया, हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। हादसे ने रेलवे लाइन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुर्घटनास्थल के दोनों ओर कोयला कर्मचारियों के आवास हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग रहते हैं और रोजाना पटरी पार करते हैं। आरोप है कि सुरक्षा के लिए फाटक लगाने की स्वीकृति के बावजूद कई स्थानों पर फाटक नहीं लगाए गए हैं। अब सवाल है जब रेल पटरी के आसपास आबादी है, लोगों की आवाजाही लगातार बनी रहती है, तो सुरक्षा के इंतजाम अधूरे क्यों हैं, क्या जिम्मेदार एजेंसियां किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही हैं?

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ओंकारेश्वर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर, दिसंबर तक शुरू हो सकती है ट्रेन सेवा!
हरसूद। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेल कनेक्टिविटी को लेकर अहम अपडेट सामने आया है। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के डीआरएम अश्विन कुमार ने गुरुवार को ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन भवन, रेलवे ट्रैक और अन्य निर्माण कार्यों का जायजा लिया। रेलवे खंडवा से ओंकारेश्वर रोड तक यात्री ट्रेनें शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए दिसंबर 2026 तक रेल संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
डीआरएम अश्विन कुमार गुरुवार को स्पेशल इंजन से ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों और यात्री सुविधाओं की स्थिति देखी। डीआरएम के मुताबिक, खंडवा से ओंकारेश्वर रोड तक रेलवे स्टेशनों सहित अन्य निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। ओंकारेश्वर रोड स्टेशन का काम भी लगभग पूरा है। कुछ काम बाकी हैं, जिन्हें जल्द पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे इस मार्ग पर यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू करने की तैयारी में जुटा है। इसके साथ ही खंडवा-अकोला रेल मार्ग पर भी ट्रेन संचालन शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नासिक से ओंकारेश्वर रोड तक यात्री ट्रेन चलाने की संभावनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर डीआरएम ने कहा कि रेलवे यात्री ट्रेनों के संचालन की तैयारी कर रहा है। यात्रियों की सुविधाओं और मांग को ध्यान में रखते हुए इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
खंडवा से ओंकारेश्वर रोड तक रेल संचालन की तैयारी के बीच इंदौर से बलवाड़ा के बीच रेल कनेक्टिविटी विकसित करना रेलवे के लिए चुनौती बना हुआ है। इस रेलखंड पर पहाड़ी क्षेत्र, घने जंगल और तकनीकी कठिनाइयों के कारण निर्माण कार्य में कई चुनौतियां आ रही हैं। रेलवे सिंहस्थ 2028 से पहले बलवाड़ा तक रेल कनेक्टिविटी विकसित करने की दिशा में भी प्रयास कर रहा है। यदि तय समयसीमा में काम पूरा होता है, तो ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं को रेल सुविधा मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
यदि रेलवे की योजना तय समय के मुताबिक आगे बढ़ती है, तो ओंकारेश्वर तक पहुंचने वाले यात्रियों को रेल यात्रा का विकल्प मिल सकता है। इससे धार्मिक नगरी तक पहुंचना आसान होने के साथ सिंहस्थ 2028 के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही में भी सहूलियत मिल सकती है। हालांकि, नियमित यात्री ट्रेनें शुरू होने के लिए शेष निर्माण कार्य पूरे होने और रेलवे की ओर से संचालन संबंधी अंतिम निर्णय का इंतजार है। निरीक्षण के दौरान रेलवे के संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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न्यूक्लियर प्लांट के विरोध में जल सत्याग्रह कर रही आदिवासी महिला की मौत, क्षेत्र में आक्रोश
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले की मनगवां विधानसभा क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है। सरई कलां और रझौही कला गांव में प्रस्तावित टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में चल रहे जल सत्याग्रह के दौरान आदिवासी महिला विमला कोल की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में शोक के साथ आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, करीब 28 हजार करोड़ रुपये की प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा परियोजना, जमीन अधिग्रहण और क्षेत्र में चल रही ड्रिलिंग के विरोध में ग्रामीण लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी विरोध के तहत विमला कोल, पत्नी जमुना कोल, पिछले चार दिनों से पानी में खड़े होकर जल सत्याग्रह कर रही थीं।
बताया जा रहा है कि लगातार पानी में रहने के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें मनगवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद आंदोलनकारी ग्रामीणों में गहरा दुख और नाराजगी है। इस घटना ने प्रस्तावित परियोजना को लेकर जारी विरोध और ग्रामीणों की चिंताओं को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
अब बड़ा सवाल यह है कि महिला की मौत के वास्तविक कारणों की जांच कैसे होगी और ग्रामीणों की मांगों पर प्रशासन क्या कदम उठाएगा? फिलहाल, घटना के संबंध में आधिकारिक जांच और प्रशासनिक पक्ष की पुष्टि होने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

मुंबई. मुंबई में एक धमकी भरे ई-मेल के सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. ई-मेल में बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन के जुहू स्थित आवास ‘जलसा’ को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. इसके अलावा पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट स्थल पर हमले और एक स्कूल पर ग्रेनेड फेंकने की चेतावनी भी दी गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है.
अधिकारियों के मुताबिक, धमकी भरा ई-मेल मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े को मिला था. यह ई-मेल डिप्टी मेयर संजय घाडी को भी भेजा गया. सूचना मिलने के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) मुख्यालय स्थित मेयर कार्यालय की तलाशी ली गई. हालांकि, तलाशी के दौरान वहां कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली.
पुलिस ने ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने और संदेश की विश्वसनीयता की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल धमकी की पुष्टि नहीं हुई है.
ई-मेल में 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच अमिताभ बच्चन के जुहू स्थित आवास ‘जलसा’ को निशाना बनाने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई है. इसके साथ ही 31 अक्टूबर को एक स्कूल पर ग्रेनेड हमले की चेतावनी भी दी गई है.
धमकी के बाद पुलिस संबंधित स्थानों की सुरक्षा को लेकर सतर्क है. अधिकारियों की ओर से ई-मेल में किए गए दावों की जांच की जा रही है.
ई-मेल में 27 नवंबर को महालक्ष्मी रेसकोर्स इलाके में प्रस्तावित गायक दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट के दौरान हमले की आशंका जताई गई है. संदेश में खालिस्तान का उल्लेख भी किया गया है.
एहतियात के तौर पर महालक्ष्मी रेसकोर्स, प्रमुख शिक्षण संस्थानों और ई-मेल में बताए गए अन्य स्थानों पर सुरक्षा तथा निगरानी बढ़ाने की जानकारी सामने आई है.
मुंबई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ई-मेल के स्रोत, उसे भेजने वाले व्यक्ति और धमकी की गंभीरता की जांच कर रही हैं. जांच के तहत डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदेश के पीछे कौन है और क्या किसी वास्तविक खतरे की आशंका है.
फिलहाल मेयर कार्यालय की तलाशी में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है. हालांकि, ई-मेल में दी गई धमकियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं. मामले में आगे की स्थिति पुलिस की जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद स्पष्ट होगी.
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गैंगस्टर अमृतपाल सिंह बाठ को कनाडा पुलिस ने दबोचा, विदेश से सिंडिकेट को ऑपरेट करने का आरोप
पंजाब के तरनतारन का कुख्यात गैंगस्टर अमृतपाल सिंह बाठ कनाडा के सरी बॉर्डर पर गिरफ्तार कर लिया गया है. वह कनाडा के सरी में हरप्रीत सिंह की फर्जी ID पर रह रहा था. बाठ पंजाब के तरनतारन जिला का रहने वाला है. उस पर विदेश से अपने सिंडिकेट को ऑपरेट करने का आरोप है. विधायक हरमीत सिंह संधू ने पंजाब विधानसभा में दावा किया कि बाठ को कनाडा में गिरफ्तार कर लिया गया है.
गैंगस्टर अमृतपाल सिंह बाठ पंजाब पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचने के लिए फर्जी पासपोर्ट और फर्जी आईडी का सहारा लेकर भारत से कनाडा भाग गया था
केंद्र सरकार की ओर से गैंग्सटरों खिलाफ चलाए अभियान तहत जिला तरनतारन से संबंधित गैंग्सटर अमृतपाल सिंह बाठ को कनाडा में गिरफ्तार कर लिया गया. गैंगस्टर अमृतपाल सिंह बाठ के खिलाफ हत्या, ड्रग्स तस्करी, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के तहत 23 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.
उस पर 14 जनवरी 2024 को झब्बाल के सरपंच मुनीश कुमार मोनू चीमा की हत्या करवाने और गांव लालू घुम्मण के एक बुजुर्ग सरपंच की हत्या में नामजद होने का आरोप है. वहीं, बाठ की पत्नी कंचनप्रीत पंजाब के तरनतारन से शिरोमणि अकाली दल की हलका इंचार्ज है.
जानकारी के मुताबिक कनाडा के वेंकूवर में गैंगस्टर बाठ से दो पासपोर्ट मिले हैं. दोनों यूरोपीय देशों के बताए गए हैं. यह भी पता चला है कि कनाडा में बाठ के किसी करीबी ने ही उसकी सूचना पुलिस को दी. कनाडा के सरी बार्डर से बाठ की गिरफ्तारी की खबर साझी करते संधू ने शिअद पर हमलावर रुख अख्तियार किया.
विधायक हरमीत सिंह संधू ने पंजाब विधानसभा के सत्र के दूसरे दिन अपने संबोधन के दौरान बाठ की गिरफ्तारी की जानकारी दी. उन्होंने इस दौरान राज्य में गैंगस्टरवाद के मुद्दे को भी उठाया.
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DK शिवकुमार का बड़ा दावा: उद्योगपति ने की Meta Smart Glasses से स्टिंग ऑपरेशन की कोशिश, केरल CM भी थे निशाने पर
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने आरोप लगाया है कि एक उद्योगपति ने Meta Smart Glasses के जरिए उनका कथित स्टिंग ऑपरेशन करने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन से मुलाकात के दौरान भी उस व्यक्ति ने यही चश्मा पहना था। इन आरोपों से कर्नाटक में जारी स्टिंग ऑपरेशन विवाद और गहरा गया है।
कन्नड़ न्यूज चैनल ‘एशियानेट सुवर्णा न्यूज़’ को दिए इंटरव्यू में शिवकुमार ने बताया कि उद्योगपति ने अधिकारियों के माध्यम से उनसे मुलाकात का समय लिया था। शुरुआत में कारोबारी चर्चा हुई, लेकिन बाद में बातचीत बूथ-स्तरीय रणनीतियों और राजनीतिक घटनाक्रमों की ओर मुड़ गई। चश्मे और बातचीत के तरीके पर संदेह होने के बाद उन्होंने अधिकारियों से उस व्यक्ति की पृष्ठभूमि की जांच कराई।
शिवकुमार के मुताबिक, उन्हें मिली जानकारी से पता चला कि उस उद्योगपति ने वी.डी. सतीशन से मुलाकात के दौरान भी Meta Smart Glasses पहने थे। हालांकि, उन्होंने संबंधित व्यक्ति की पहचान उजागर नहीं की और कथित रिकॉर्डिंग की कोशिश के ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किए।
उन्होंने कहा कि इस मामले में एहतियाती कदम उठाए गए हैं, लेकिन फिलहाल जानकारी साझा नहीं की जाएगी। शिवकुमार ने अपने कैबिनेट सहयोगियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी। यह विवाद कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े कथित स्टिंग वीडियो को लेकर जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच सामने आया है।

झाबुआ। झाबुआ जिले के चुई गांव में तीन मासूम बच्चों के शव कुएं में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। दशहरा मनाने के लिए घर से निकले तीनों बच्चे जब देर तक वापस नहीं लौटे, तो परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। खेतों में खोजबीन के दौरान बच्चों की साइकिल मिली। इसके बाद आसपास मौजूद कुओं में तलाश की गई, जहां एक गहरे कुएं में तीनों बच्चों के शव मिले। बच्चों के शरीर पर चोट और कटे होने के निशान मिलने की बात सामने आई है। घटना के बाद ग्रामीणों ने नरबलि की आशंका जताई है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार, विजय, मयंक और विवेक दशहरा मनाने के लिए अपने घर से निकले थे। परिवार के लोगों को उम्मीद थी कि बच्चे कुछ समय बाद वापस लौट आएंगे, लेकिन काफी देर बीतने के बावजूद वे घर नहीं पहुंचे। इससे परिजन चिंतित हो गए और उनकी तलाश शुरू कर दी।परिवार के साथ ग्रामीण भी बच्चों को खोजने में जुट गए। आसपास के इलाकों और खेतों में खोजबीन की गई। इसी दौरान बच्चों की साइकिल खेत में मिली। साइकिल मिलने के बाद लोगों को अनहोनी की आशंका हुई और उसके आसपास के क्षेत्र में तलाश तेज कर दी गई।
जिस स्थान पर बच्चों की साइकिल मिली थी, उसके आसपास तीन कुएं मौजूद थे। ग्रामीणों ने बच्चों के कुएं में गिरने की आशंका के चलते तलाश शुरू की। इसी दौरान एक गहरे कुएं में तीनों बच्चों के शव मिले।एक साथ तीन बच्चों के शव मिलने की खबर फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया। परिवारों में चीख-पुकार और शोक का माहौल बन गया। जिन बच्चों को परिजन तलाश रहे थे, उनके शव मिलने से पूरे गांव में मातम छा गया।
मिली जानकारी के मुताबिक, बच्चों के नाक, कान और जीभ पर कटे होने के निशान बताए गए हैं। शरीर पर अन्य चोटों के निशान होने की बात भी सामने आई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए ग्रामीणों ने घटना के पीछे नरबलि की आशंका जताई है।हालांकि, केवल इन निशानों के आधार पर नरबलि या किसी अन्य अपराध की पुष्टि नहीं की जा सकती। बच्चों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, उनके शरीर पर निशान कैसे आए और घटना के पीछे क्या कारण है, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।
इस घटना ने तीनों बच्चों के परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। जानकारी के अनुसार, विजय और मयंक अपने-अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। वहीं, विवेक के परिवार में दो भाई हैं।तीन मासूमों की एक साथ मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी घटना को लेकर शोक और चिंता का माहौल है। परिजन यह जानना चाहते हैं कि आखिर बच्चों के साथ क्या हुआ और वे किन परिस्थितियों में कुएं तक पहुंचे।
चुई गांव में तीन बच्चों के शव मिलने की घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। बच्चों का घर से निकलना, खेत में साइकिल का मिलना, कुएं में शव बरामद होना और शरीर पर कटे होने के निशान सामने आना—इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी है।

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जांच करने पहुंची पुलिस टीम पर हमलाः SI समेत 4 पुलिसकर्मी घायल, 7 नामजद आरोपियों पर FIR
उज्जैन। उज्जैन जिले के उन्हेल थाना क्षेत्र से एक गंभीर और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मारपीट और गाली-गलौज के मामले में शिकायत पर कार्रवाई करने और आरोपियों की तलाश में पहुंची पुलिस टीम पर उग्र परिजनों ने लाठी और पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में एक सब-इंस्पेक्टर (एसआई) समेत कुल चार पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।
दरअसल घटना बुधवार दोपहर की है। उन्हेल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नागझिरी में कुछ दिन पहले मारपीट की एक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसकी जांच और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस जब आरोपियों के घर दबिश देने पहुँची, तो वहाँ मौजूद परिजनों और समर्थकों ने पुलिस टीम पर अचानक हमला बोल दिया। आरोप है कि हमलावरों ने पुलिसकर्मियों पर लाठी-डंडों से वार करने के साथ ही पथराव भी किया। इस अचानक हुए हमले में पुलिस टीम के कई जवान चोटिल हो गए। घायलों में एसआई चावड़ा सहित कुल चार पुलिसकर्मी शामिल हैं, जिन्हें इस झड़प में चोटें आई हैं।
पुलिस पर इस तरहले सरेआम हमले और शासकीय कार्य में बाधा डालने की घटना को प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में सात नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। घटना के बाद से हमलावर मौके से फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले और पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे, जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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‘अतिथि ऐप’ से होगी डिजिटल चेकिंग: होटल में कमरा लेने से पहले बारकोड स्कैन करते ही खुलेगी कुंडली
भोपाल। राजधानी भोपाल के होटलों, लॉज और धर्मशालाओं में फर्जी नाम-पते या नकली पहचान-पत्र के सहारे ठहरने वालों पर लगाम लगाने की तैयारी है। भोपाल पुलिस इसके लिए अतिथि ऐप आधारित डिजिटल सत्यापन व्यवस्था शुरू करने जा रही है। इसकी शुरुआत प्रायोगिक तौर पर एमपी नगर थाना क्षेत्र से होगी।
अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक, इस व्यवस्था के तहत होटलों में विशेष बारकोड लगाए जाएंगे। इससे बाहरी ओर संदिग्ध लोगों को अपने मोबाइल से बारकोड स्कैन करना होगा। इसके जरिए आधार के ऑफलाइन सत्यापन की व्यवस्था प्रस्तावित है, ताकि पहचान-पत्र की प्रामाणिकता जांचने में मदद मिल सके। दरअसल, अभी होटल संचालक बाहरी लोगों के पहचान-पत्र लेकर उनका रिकॉर्ड दर्ज करते हैं। लेकिन दस्तावेज की कॉपी रख लेने भर से उसकी असलियत की पुष्टि नहीं हो पाती।
ऐसे में फर्जी पहचान के सहारे ठहरने वाले लोगों की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बन सकता है। नई व्यवस्था लागू होने से पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है। एमपी नगर में पायलट प्रोजेक्ट के दौरान इसकी उपयोगिता, तकनीकी दिक्कतों और होटल संचालकों को होने वाली परेशानियों का आकलन किया जाएगा। इसके बाद योजना को दूसरे थाना क्षेत्रों में लागू करने पर फैसला लिया जा सकता है। हालांकि इस व्यवस्था की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि बारकोड के जरिए सत्यापन कितना आसान और भरोसेमंद रहता है और फर्जी पहचान के मामलों की जांच में इससे कितनी मदद मिलती है।
केवल फर्जी आधार पकड़ना ही नहीं यह भी हो सकते हे फायदे
फरार आरोपियों की तलाश।
होटल में दर्ज वास्तविक पहचान और ठहरने की जानकारी समय पर मिलने से जांच एजेंसियों को आरोपियों का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
होटल संचालकों की जवाबदेही।
सत्यापन की एक समान प्रक्रिया बनने से मेहमानों के दस्तावेज जांचने में लापरवाही की गुंजाइश कम हो सकती है। इसके लिए होटल संचालकों की जिम्मेदारियां स्पष्ट करना जरूरी होगा।
जांच में समय की बचत।
डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने पर पुलिस को जरूरत पड़ने पर होटल के रजिस्टर और दस्तावेजों की जानकारी जुटाने में कम समय लग सकता है।

हरदा। रेलवे लाइन के पास स्थित देवकालोनी की छोटी बस्ती में कभी रहवासियों को पीने और जरूरत के लिए पानी दूर से लाना पड़ता था। नसरीन ने इस परेशानी को दूर करने के लिए खुद कुआं खोदना शुरू किया, जिसमें उसके माता-पिता और बहनों ने भी मदद की। आज वह कुआं पक्का हो चुका है और नसरीन के जज्बे की कहानी लेखिका सपना शिवाले सोलंकी की किताब थोड़ी सी धूप में हारूंगी नहीं शीर्षक से दर्ज हुई है।
बात वर्ष 2006 की है। रेलवे लाइन के पास स्थित देवकालोनी की एक छोटी बस्ती में कच्चे मकान थे। रहवासियों को पीने के साथ-साथ जरूरत का पानी दूर से लाना पड़ता था। इन्हीं में से एक परिवार की सबसे बड़ी बेटी नसरीन को रोज अपनी दो बहनों के साथ दूर से पानी लाना पड़ता था। एक दिन नसरीन ने ठान लिया कि कब तक ऐसी तकलीफ सहेंगे। उसने अकेले कुआं खोदने का फैसला कर लिया।
सुबह से शाम तक नसरीन लगातार खुदाई करती। शुरुआत में हाथों से मिट्टी निकाली, फिर एक कटे पेड़ को गड्ढे के ऊपर रखकर रस्सी और डलिया के सहारे मिट्टी बाहर फेंकी। इस काम में उसकी बहनें और मां-पिता मदद करते। कुएं से निकली मिट्टी से बांस-खपच्ची से बने अपने कच्चे घर को सबने मिलकर लीप-पोतकर रहने लायक बनाया। लगातार खुदाई के 20वें दिन, 35 फुट गहरे गड्ढे में कुदाली की चोट पड़ते ही जमीन से पानी की धार फूट पड़ी।
उस दिन नसरीन और उसके परिवार की मेहनत का पसीना सार्थक हो गया। उस कच्चे कुएं से न सिर्फ उसके परिवार, बल्कि आसपास के रहवासियों की प्यास बुझने लगी। पहले का कच्चा कुआं अब पक्के कुएं में तब्दील हो चुका है। पहले जिस कुएं से नसरीन रस्सी-बाल्टी से पानी खींचती रही, वहां अब सुरक्षित जाली लगे कुएं में पानी की मोटर भी लगी है। पूरे परिवार की पानी की जरूरत को कुआं पूरा कर रहा है। नसरीन की उपलब्धि पर पूरा परिवार नाज करता है।
नसरीन आज भी गरीब तबके के बच्चों को शिक्षित करने का सपना देखती हैं। नसरीन एक ऐसे मंच की तलाश में हैं, जहां से वह अपने नेक इरादों को साकार कर सकें। पानी की परेशानी दूर करने के लिए कुआं खोदने वाली नसरीन अब शिक्षा के जरिए जरूरतमंद बच्चों के जीवन में बदलाव लाना चाहती हैं।
जैसे हर माता-पिता विदाई पर बेटी को उपहार देते हैं, नसरीन ने विदाई से पहले ही अपने बाबुल को जीवनभर का जलस्रोत उपहार में देकर एक नई मिसाल कायम की है। उल्लेखनीय है कि एडिशनल कमिश्नर इंदौर (कमर्शियल टैक्स) एवं लेखिका सपना शिवाले सोलंकी के हाल ही में प्रकाशित नौ कहानियों के संग्रह थोड़ी सी धूप में नसरीन के इसी जज्बे को हारूंगी नहीं शीर्षक से कहानी का रूप दिया गया है। मालूम हो, शिवाले मैडम तत्समय प्रशासनिक अधिकारी के पद पर हरदा में पदस्थ थीं। शिवाले मैडम ने कहा कि वे नसरीन से संपर्क कर उन्हें कहानी संग्रह भेंट करेंगी।
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देवास की मोबाइल चोरी से खुला पांच राज्यों में फैला नेटवर्क, 400 फोन जब्त, 1.56 करोड़ का माल बरामद
देवास। एबी रोड स्थित मिठाई दुकान पर हुई मोबाइल चोरी की जांच में पुलिस ने पांच राज्यों के 22 जिलों तक फैले मोबाइल चोरी और खरीद-फरोख्त के नेटवर्क का खुलासा किया है। कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 1.50 करोड़ रुपये कीमत के 400 मोबाइल फोन और छह लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। पुलिस को आशंका है कि चोरी के मोबाइल इंदौर के जरिए विदेशों में भी भेजे जा रहे थे। इस पहलू पर जांच की जा रही है।
मामले का खुलासा 13 सितंबर को एबी रोड स्थित अपना स्वीट्स पर एक युवक का मोबाइल चोरी होने के बाद शुरू हुई जांच में हुआ। इसके बाद 21 सितंबर को पीठा रोड स्थित तिवारी स्वीट्स पर भी मोबाइल चोरी की घटना सामने आई। दोनों मामलों में कोतवाली थाने में केस दर्ज किए गए थे। पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान करते हुए जांच आगे बढ़ाई तो चोरी के मोबाइल एकत्रित करने और उनकी खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क का पता चला।
पुलिस कप्तान पुनीत गेहलोद ने बताया कि गिरोह के सदस्य भीड़भाड़ वाले बाजारों, रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थानों पर मोबाइल चोरी करते थे। चोरी के फोन अलग-अलग माध्यमों से इंदौर निवासी शुभम राठौर तक पहुंचाए जाते थे। पुलिस ने शुभम को नेटवर्क का मुख्य रिसीवर बताया है। उसके जरिए चोरी के मोबाइल की आगे खरीद-फरोख्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मनीष पारदी, सूरज सिंह पारदी और शुभम राठौर को गिरफ्तार किया है।
आरोपितों से पूछताछ में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान के अलावा दमन में भी मोबाइल चोरी की घटनाओं से जुड़े तार सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, जब्त मोबाइल पांच राज्यों के 22 जिलों से चोरी किए गए थे।
जांच में यह आशंका भी सामने आई है कि इंदौर में एकत्र किए जाने वाले चोरी के मोबाइल अन्य एजेंटों के माध्यम से विदेशों में भेजे जाते थे। पुलिस इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और मोबाइल की आगे की सप्लाई के संबंध में पूछताछ कर रही है। आरोपितों के खिलाफ दर्ज प्रकरण में संगठित आपराधिक गतिविधियों और चोरी की संपत्ति की खरीद-फरोख्त से संबंधित धाराएं भी बढ़ाई गई हैं।
गिरोह की गतिविधियां मध्यप्रदेश के देवास, इंदौर, उज्जैन, धार एवं छतरपुर, महाराष्ट्र के मुंबई-ठाणे, नासिक, कोल्हापुर, जलगांव, जालना, छत्रपति संभाजीनगर एवं अहमदनगर, गुजरात के अहमदाबाद, वडोदरा, भरूच, नवसारी एवं दाहेज, केंद्र शासित प्रदेश दमन तथा राजस्थान के जयपुर एवं अजमेर सहित विभिन्न स्थानों से जुड़ी होना सामने आया है । चोरी किए गए मोबाइल को गिरोह के सदस्य अलग-अलग माध्यमों से इंदौर निवासी शुभम राठौर तक पहुंचाते थे । शुभम के खिलाफ इंदौर के विभिन्न थानों में पूर्व से कई प्रकरण दर्ज होने की बात सामने आई है।
कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह वर्धमान के मार्गदर्शन, नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के निर्देशन और कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया के नेतृत्व में की गई। पुलिस अब जब्त मोबाइलों के वास्तविक मालिकों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
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पुलिस का मास्टर स्ट्रोक: रीवा से आई कफ सिरप की खेप पकड़ी, 10.35 लाख का मशरूका जब्त
शहडोल। नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए ब्यौहारी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने संदिग्ध वाहन की चेकिंग के दौरान प्रतिबंधित श्रेणी की कफ सिरप की 50 शीशियां बरामद कीं, पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए कार, कफ सिरप और मोबाइल फोन सहित करीब 10 लाख 35 हजार रुपये का मशरूका जब्त किया है।
पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि रीवा से कफ सिरप की खेप ब्यौहारी लाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संदिग्ध वाहन की तलाशी ली। इस दौरान वाहन से OHMS फेंडीकफ की 50 शीशियां बरामद हुईं। प्रत्येक शीशी 100 एमएल की थी, यानी कुल करीब पांच लीटर कफ सिरप जब्त की गई,प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी रीवा से कफ सिरप खरीदकर ब्यौहारी लाते थे और यहां ऊंचे दामों पर बेचते थे।
मामले में पुलिस ने रीवा निवासी मिथलेश मिश्रा और ब्यौहारी निवासी विक्रांत वर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के बीच वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्य भी मिले हैं, जिनकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है।इस कार्रवाई में कार, कफ सिरप और मोबाइल फोन सहित कुल करीब 10 लाख 35 हजार रुपये का मशरूका जब्त किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट और मध्य प्रदेश ड्रग कंट्रोल अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
ब्यौहारी पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध कफ सिरप के कारोबार पर शिकंजा कसने का संदेश गया है। अब जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भी कोई भूमिका है या नहीं।
वही इस मामले में एसडीओपी ब्यौहारी ऋषभ झरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि मुखबिर की सूचना पर बुढ़ार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अवैध कफ सिरप की 50 शीशियां जब्त की हैं। मामले में रीवा निवासी मिथलेश मिश्रा और ब्यौहारी निवासी विक्रांत वर्मा को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी रीवा से कफ सिरप लाकर ब्यौहारी में ऊंचे दामों पर बेचते थे। कार, कफ सिरप और मोबाइल सहित करीब 10 लाख 35 हजार रुपये की सामग्री जब्त की गई है। आरोपियों के वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है। एनडीपीएस एक्ट और मध्य प्रदेश ड्रग कंट्रोल अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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