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बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के साथ ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ताबड़तोड़ फैसले ले रहे हैं। अपनी पहली बैठक में सीएम ने ममता सरकार के कई फैसलों को पलट दिया। सबसे पहले उन्होंने केंद्र सरकार के आयुष्मान भारत योजना को पूरे राज्य में लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही, 45 दिनों के भीतर बीएसएफ को बॉर्डर की बाड़बंदी के लिए जमीन देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए उम्र की सीमा भी 5 साल की बढ़ोतरी कर दी। इसी कड़ी में अब सीएम सुवेंदु ने राज्य के बहुचर्चित आरजी कर कांड में शुक्रवार को अब तक की सबसे बड़ी कारवाई की है।
राज्य सचिवालय नवान्न में दोपहर में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के तीन वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों विनीत गोयल (कोलकाता पुलिस के तत्कालीन पुलिस आयुक्त), इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता के निलंबन की घोषणा की। सुवेंदु ने तीनों आइपीएस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के भी निर्देश दिए हैं।
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सरकार आरजी कर मामले में कोलकाता के पूर्व सीपी विनीत गोयल और 2 अन्य अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करेगी। हालिया चुनाव में पीड़िता की मां ने चुनाव लड़कर जीत हासिल की और यह मुद्दा प्रमुख राजनीतिक विषय बन गया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पहले ही इस कांड की जांच के लिए आयोग बनाने की बात कह चुके हैं अब घोषणा होना बाकी है। नए मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि महिला सुरक्षा के मामलों में सख्त कार्रवाई होगी। आरजी कर पीड़िता की मां भी इस बार भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीती हैं।
वहीं आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप और हत्या मामले में पीड़िता के माता-पिता ने सियालदह कोर्ट में याचिका दायर कर तीन लोगों की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ की मांग की है। परिवार का आरोप है कि इन लोगों ने उनकी बेटी के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवाने और अहम सबूत मिटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कोर्ट में दाखिल याचिका में पूर्व पानीहाटी विधायक निर्मल घोष, सोमनाथ दास और स्थानीय तृणमूल कांग्रेस पदाधिकारी संजीव मुखोपाध्याय के नाम शामिल किए गए हैं। पीड़िता के माता-पिता का आरोप है कि घटना के बाद इन तीनों ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज से शव को लगभग हाईजैक कर लिया था। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करवाया गया।
परिवार ने किए ये दावे
पीड़िता के परिवार की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया है कि शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम होने से रोकने की कोशिशें भी की गईं।
साथ ही आरोप लगाया गया कि अंतिम संस्कार से पहले परिवार को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।
पीड़िता के परिवार के वकील ने अदालत में कहा कि घटना के तुरंत बाद आरोपियों का व्यवहार बेहद संदिग्ध था। इसलिए उनसे हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो के वकील ने कोर्ट को बताया कि एजेंसी को यह निर्देश नहीं दिया जा सकता कि वह किन लोगों को गिरफ्तार करें। हालांकि CBI ने मामले में औपचारिक जवाब दाखिल करने पर सहमति जताई और रिपोर्ट जमा करने के लिए 5 जून तक का समय मांगा। अब इस मामले की सुनाई 5 जून को होगी।
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भोजशाला को मंदिर मानते ही मुस्लिम पक्ष बोला- सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, अभी कानूनी लड़ाई बाकी
मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला विवाद मामले में इंदौर हाई कोर्ट ने शुक्रवार (15 मई) को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने विवादित स्थल को मंदिर माना है और कहा है कि हिंदुओं को वहां पूजा करने का अधिकार है। इस मामले में 12 मई को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
हाई कोर्ट के फैसले के बाद शहर काजी वकार सादिक ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष पहले कोर्ट के फैसले को पढ़ेगा और समझेगा। इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम पक्ष इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा।
फैसला सुनाते समय हाई कोर्ट की बेंच ने सभी वकीलों का धन्यवाद किया। कोर्ट ने कहा कि सभी पक्षों के वकीलों ने मामले को समझाने में मदद की। अदालत ने कहा कि फैसले में तथ्यों, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) एक्ट और पुरातत्व से जुड़े वैज्ञानिक निष्कर्षों को ध्यान में रखा गया है। कोर्ट ने माना कि भोजशाला परमार वंश के राजा भोज के समय संस्कृत शिक्षा का प्रमुख केंद्र था और यहां देवी सरस्वती का मंदिर था।
कोर्ट ने कहा कि भोजशाला परिसर एक संरक्षित स्मारक है और इसका संरक्षण जारी रहेगा।
अदालत ने साफ कहा कि यह मंदिर है और हिंदू पक्ष को यहां पूजा करने का अधिकार मिलेगा।
कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से कहा कि ASI के साथ मिलकर वहां संस्कृत शिक्षा की व्यवस्था बनाने पर विचार किया जाए।
हाई कोर्ट ने कहा कि वाग्देवी की प्रतिमा को भारत वापस लाने और भोजशाला में स्थापित करने के मुद्दे पर केंद्र सरकार विचार करे।
अदालत ने कहा कि मुस्लिम पक्ष सरकार से मस्जिद के लिए दूसरी जगह की मांग कर सकता है। कोर्ट ने सुझाव दिया कि मस्जिद ऐसी जगह बनाई जाए जहां दोनों पक्षों के बीच विवाद न हो।
हाई कोर्ट ने साल 2003 के उस ASI आदेश को भी रद्द कर दिया जिसमें मुस्लिम पक्ष को वहां नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी। साथ ही अदालत ने कहा कि ASI भोजशाला परिसर का संरक्षण पहले की तरह जारी रखे।
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एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: धार भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों को नमाज की इजाजत देने का आदेश खारिज
इंदौर. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है. शुक्रवार को दिए फैसले में हाईकोर्ट ने कहा- हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है. एएसआई एक्ट के प्रावधानों के साथ-साथ अयोध्या मामले को भी आधार माना.
हाईकोर्ट ने कहा- ऐतिहासिक और संरक्षित जगह देवी सरस्वती का मंदिर है. केंद्र सरकार और एएसआई यह फैसला लें कि भोजशाला मंदिर का मैनेजमेंट कैसा रहेगा. 1958 एक्ट के तहत इस प्रॉपर्टी का पूरा मैनेजमेंट एएसआई के हाथ में ही रहेगा. अदालत ने एएसआई का 2003 का वह आदेश भी रद्द कर दिया, जिसमें एएसआई ने भोजशाला में हिंदुओं को पूजा का अधिकार नहीं दिया था. उस आदेश को भी खारिज कर दिया, जिसमें मुस्लिमों को नमाज पढऩे का अधिकार दिया गया था. भोजशाला को कमाल मौला मस्जिद बताते रहे मुस्लिम पक्ष को कोर्ट ने सरकार से मस्जिद के लिए अलग जमीन मांगने को कहा है.
हाईकोर्ट ने फैसले में ये कहा
हाईकोर्ट ने कहा कि भोजशाला में सरस्वती मंदिर और संस्कृत शिक्षा केंद्र के साक्ष्य पाए गए हैं.
कोर्ट ने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, एएसआई सर्वे के साथ अयोध्या केस को भी आधार माना.
कोर्ट ने कहा- हर सरकार की जिम्मेदारी है कि वह ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाले प्राचीन स्मारकों और मंदिरों की सुरक्षा निश्चित करे. साथ ही गर्भगृह और धार्मिक आस्था से जुड़ी देव प्रतिमाओं का भी संरक्षण करे.
धार शहर काजी वकार सादिक ने कहा है कि हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान है. सलमान खुर्शीद साहब और शोभा मेनन ने तथ्य रखे थे. हम फैसले की समीक्षा करेंगे. इसके बाद हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. फिलहाल, भोजशाला के मेन गेट पर बैरिकेड्स लगाकर इसे बंद कर दिया गया है. इसके बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है.

देवास। टोंककला स्थित फैक्ट्री में धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों की दीवारें में दरारें आ गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने फैक्ट्री मालिक और प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और जांच का आश्वासन दिया है।
देवास के एबी रोड स्थित टोंककला में संचालित पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के मकानों की दीवारें हिल गई। लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके के बाद धुएं का घना गुबार आसमान में फैल गया। फैक्ट्री के अंदर काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।
स्थानीय लोगों का दावा है कि इस हादसे में मरने वालों की संख्या 15 तक पहुंच सकती है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विस्फोट इतना भयानक था कि कई शवों के टुकड़े सड़क पर बिखर गए। यह दृश्य बेहद भयावह था और लोगों के दिल दहला देने वाला था। कई मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। आनन फानन में गंभीर घायलों को अस्पताल भेजा गया है। इसी के साथ प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा यह हादसा बेहद दुखद है और पीड़ित परिवारों के साथ सरकार खड़ी है। मुख्यमंत्री ने उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, गृह सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घटना की जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। घायलों का इलाज भी मुफ्त कराया जाएगा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि फैक्ट्री में लंबे समय से सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही थी। खुले में बारूद रखकर पटाखे बनाए जा रहे थे, जिससे खतरा हमेशा बना रहता था। लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें भी की गईं, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में खुले में बारूद मिलने की बात भी सामने आई है। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो यह हादसा टल सकता था।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों ने फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हादसे को लेकर लोगों में भयंकर गुस्सा है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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भोपाल से बंगाल तक फैला नकली नोट का नेटवर्क: BSF जवान के भाई पर मास्टरमाइंड होने का आरोप
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पकड़े गए नकली नोट नेटवर्क मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। भोपाल पुलिस की जांच अब पश्चिम बंगाल तक पहुंच गई है। मामले में गिरफ्तार आरोपी सैफुल इस्लाम से पूछताछ के बाद पुलिस नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड शरीफ उल इस्लाम तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, सैफुल इस्लाम ने पूछताछ में शरीफ उल इस्लाम का नाम उजागर किया। जांच में सामने आया कि शरीफ उल इस्लाम अपने भाई समीर के साथ मिलकर कई राज्यों में नकली नोटों का नेटवर्क चला रहा था। समीर पहले BSF में पदस्थ था और बांग्लादेश सीमा पर तैनात रह चुका है। खुलासे के बाद उसे BSF से बर्खास्त कर दिया गया था।
पुलिस को आशंका है कि पाकिस्तान में छपी फर्जी भारतीय करेंसी पहले बांग्लादेश पहुंचाई गई और फिर वहां से भारत में तस्करी कर कई राज्यों में खपाई गई। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी खंगाल रही हैं। बताया जा रहा है कि वर्ष 2018 में कर्नाटक में सामने आए नकली नोट मामले में भी शरीफ उल इस्लाम और उसके भाई समीर का नाम सामने आया था। अब भोपाल पुलिस पुराने रिकॉर्ड और अन्य राज्यों की एजेंसियों से भी जानकारी जुटा रही है।
गौरतलब है कि भोपाल पुलिस ने सैफुल इस्लाम को करीब 1 लाख 40 हजार रुपए की नकली करेंसी के साथ गिरफ्तार किया था। फिलहाल पुलिस पश्चिम बंगाल में दबिश देकर नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
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बीजेपी सांसद और फैक्ट्री मालिक की तस्वीर वायरल, कांग्रेस ने पूछा- किसके संरक्षण में चल रह था मौत का कारोबार ?
भोपाल। मध्य प्रदेश के देवास ब्लास्ट के बाद बीजेपी सांसद और फैक्ट्री मालिक की तस्वीर वायरल हो रही है। जिसमें भाजपा सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी और फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि तस्वीर में सांसद महेंद्र सोलंकी, अनिल मालवीय का मुंह मीठा कराते हुए दिखाई दे रहे हैं। हादसे के बाद इस तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
देवास में हुए पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। इस तस्वीर में बीजेपी सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी और फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय एक साथ दिखाई दे रही है। वहीं इस पर सांसद की सफाई भी सामने आई है। महेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि कोई व्यक्ति मेरे से मिलता है, मेरे से हाथ मिलाता है, मेरे से बात करता है या पुराना परिचित होता तो उसके गुनाह माफ नहीं होते। मेरा परिचित भी होगा, उसने गलती की होगी तो ये भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
इधर, घटना के बाद प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। एडीजी उज्जैन जोन राकेश गुप्ता, डीआईजी उज्जैन रेंज नवनीत भसीन और संभाग आयुक्त आशीष सिंह अमलतास अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों की स्थिति की जानकारी ली। संभाग आयुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर और अन्य अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। इसके बाद संभाग आयुक्त आशीष सिंह जिला अस्पताल भी पहुंचे और वहां भर्ती घायलों की स्थिति का जायजा लिया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर लिखा- ‘देवास की पटाखा फैक्ट्री में हुआ भीषण विस्फोट सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्ट सिस्टम की भयावह सच्चाई है। 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत, कई लोग गंभीर रूप से घायल, महिलाओं के लापता होने की खबरें और शवों के टुकड़े 20-25 फीट दूर तक बिखर जाना… यह दृश्य बेहद विचलित करने वाला है।’
उन्होंने आगे लिखा कि, ‘ग्रामीण लगातार आरोप लगा रहे हैं कि फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित हो रही थी और शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिर किसके संरक्षण में मौत का यह कारोबार चल रहा था? गरीब मजदूर 250-400 रुपये की दिहाड़ी के लिए अपनी जान जोखिम में डालें और सत्ता-प्रशासन आंखें बंद करके बैठा रहे, यह बेहद शर्मनाक और अमानवीय है। मुख्यमंत्री, सिर्फ जांच और मुआवजे की घोषणा से जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी। दोषी फैक्ट्री संचालकों, जिम्मेदार अधिकारियों और संरक्षण देने वालों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। इस दु:खद हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिक भाइयों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करे।’
बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि मामला दुखद है। मुख्यमंत्री में मामले पर तत्काल एक्शन लिया। मौके पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को भेजा गया है। जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए है। मृतकों के परिवारों के साथ सरकार खड़ी हुई है। कांग्रेस की राजनीति का स्तर नहीं बचा, ऐसे संवेदनशील मामलों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
गौरतलब है कि देवास जिले के टोंककला बारूद फैक्ट्री में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। करीब 11:30 बजे अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे में 3 लोगों की मौत हुई है, जबकि एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। ब्लास्ट इतना तेज था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हादसे में घायल तीन मरीजों को इलाज के इंदौर भेजा गया। तीनों घायल 80-90 प्रतिशत तक जले है। जिन्हें एमवाय अस्पताल की बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है। फैक्ट्री धमाके के कारणों का आधिकारिक खुलासा अभी नहीं हो पाया है। प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी हुई है। फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। हादसे के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा के मद्देनजर घेर लिया गया है। वहीं फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय में गुरुवार को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने बड़ी कार्रवाई की। EOW की टीम ने डीएसपी धामी के नेतृत्व में छापा मारकर रीडर बाबू सौरभ यादव को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया।
जानकारी के मुताबिक, तेंदूखेड़ा के एक कॉलोनाइजर से काम के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद EOW ने योजना बनाकर कार्रवाई की और आरोपी को पैसे लेते समय पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान टीम ने कार्यालय में जांच शुरू कर दी। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं। घटना के बाद राजस्व कार्यालय में हड़कंप मच गया। EOW की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
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उज्जैन में चलती बस में सब इंस्पेक्टर की गंदी हरकत, लेडी डॉक्टर से छेड़छाड़ का आरोप
उज्जैन मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में एक सब इंस्पेक्टर पर महिला डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप लगे हैं। लेडी डॉक्टर ने सब इंस्पेक्टर के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है जिसके बाद एसपी ने सब इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि चलती बस में सब इंस्पेक्टर ने लेडी डॉक्टर से छेड़छाड़ की और जब लेडी डॉक्टर ने विरोध किया तो सब इंस्पेक्टर ने उसके साथ अभद्रता की और मोबाइल छीनकर फेंक दिया।
लेडी डॉक्टर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया है कि वो बुधवार को इंदौर से नागदा जा रही थीं। वह राताड़िया बस क्रमांक 0380 में सफर कर रही थीं। इसी दौरान एसआई मुन्नासिंह सोलंकी उसके पास आकर बैठ गया। लेडी डॉक्टर का आरोप है कि उज्जैन-भैरूगढ़ के बीच एसआई ने उनके साथ छेड़छाड़ की और जब उन्होंने विरोध किया तो गाली-गलौज करते हुए धक्का-मुक्की की। लेडी डॉक्टर ने बताया कि जब उसने मोबाइल से सब इंस्पेक्टर मुन्ना सिंह का वीडियो बनाना चाहा तो सब इंस्पेक्टर ने उनका मोबाइल छीनकर फेंक दिया। नागदा पहुंचने के बाद लेडी डॉक्टर सीधे मंडी थाने पहुंची और सब इंस्पेक्टर मुन्नासिंह सोलंकी के खिलाफ आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से आरोपी एसआइ को निलंबित कर दिया।
सूत्रों के अनुसार मुन्नासिंह सोलंकी एक साल पहले बिरलाग्राम थाने में पदस्थ था। वहां भी स्टाफ के साथ व्यवहार और विवादों के चलते उसे लाइन भेज दिया गया था। इससे पहले वह मंडी थाना, उन्हेल थाना और बिरलाग्राम में पदस्थ रह चुका है, लेकिन विवादित कार्यशैली के कारण कहीं लंबे समय तक टिक नहीं पाया।
घटना ने बस संचालकों और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आरटीओ नियमों के अनुसार महिला यात्री के समीप महिला यात्री को ही बैठाया जाना चाहिए, लेकिन बस स्टाफ ने कोई आपत्ति नहीं ली। इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद बस में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे थे। घटना के दौरान बस में कई यात्री मौजूद थे, लेकिन किसी ने महिला चिकित्सक की मदद के लिए आवाज नहीं उठाई।
एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि महिला चिकित्सक द्वारा मंडी थाने में आवेदन दिया था। प्रारंभिक जांच के बाद संबंधित कार्यवाहक एसआई मुन्नासिंह सोलंकी को निलंबित कर दिया है। मामले की विस्तृत जांच थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी को सौंपी गई है।
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सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति निरस्त: PM मोदी के अपील के बाद भी भिंड में बीजेपी नेता के स्वागत में दौड़ा गाड़ियों का लंबा काफिला
भिंड/भोपाल। एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील कर चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी नेताओं के स्वागत में निकल रहे गाड़ियों के काफिले उस अपील को खुली चुनौती देते नजर आ रहे हैं। भिंड में भाजपा किसान मोर्चा के नव नियुक्त जिलाध्यक्ष सज्जन यादव के प्रथम भिंड आगमन पर शहर में 50 से अधिक गाड़ियों का लंबा काफिला देखने को मिला। ग्वालियर से भिंड काफिले के चलते कई जगह सड़कें जाम हो गईं और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। घंटों तक लोग ट्रैफिक में फंसे रहे, जबकि समर्थक गाड़ियों के साथ शक्ति प्रदर्शन करते नजर आए। सज्जन यादव समर्थकों के साथ स्वागत कराते दिखाई दिए। पूरे शहर में गाड़ियों का काफिला चर्चा का विषय बना रहा।
खास बात यह रही कि यह प्रदर्शन ऐसे समय में सामने आया है जब देश में ईंधन बचत और संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर लगातार अपीलें की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं सीमित वाहनों के साथ नजर आए। वह दो गाड़ियों के साथ दिखाई दिए थे, जिसे पेट्रोल-डीजल बचत की मिसाल के रूप में देखा गया। वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी कैबिनेट बैठक में मंत्रियों और नेताओं को प्रधानमंत्री की अपील का पालन कराने के लिए प्रेरित कर चुके हैं। बावजूद इसके जमीनी स्तर पर नेताओं के काफिले और शक्ति प्रदर्शन कम होने का नाम नहीं ले रहे।
वहीं गाड़ियों के काफिले के स्वागत का वीडियो वायरल होने के बाद सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति ही निरस्त कर दी गई है। निरस्ती आदेश में लिखा गया कि ग्वालियर से सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ भिण्ड तक किसान मोर्चा की रैली का आयोजन किया गया। आपका यह कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ऊर्जा बचत के लिए की गई अपील की अवहेलना है। प्रदेश संगठन ने आपके इस कार्य को गंभीरता से लेते हुए अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना है। सज्जन सिंह यादव जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा भिण्ड की नियुक्ति निरस्त की जाती है।

लखनऊ. देश में दो तरह का मौसम देखने को मिल रहा है. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज-अयोध्या समेत 30 जिलों में आंधी-तूफान के कारण 94 लोगों की मौत हो गई. सबसे ज्यादा 17 मौतें प्रयागराज और 16 मौतें भदोही में हुईं. यहां 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चली, बरेली में एक युवक टीनशेड समेत हवा में उड़ गया. राज्य के बांदा शहर में तापमान 45.4एष्ट रहा. आज 51 जिलों में तेज आंधी-बारिश का अलर्ट है.
राजस्थान में भी तेज गर्मी और हीटवेव का असर है. बुधवार को लगातार चौथे दिन राज्य का जैसलमेर देश का सबसे गर्म शहर रहा, यहां 46.1एष्ट तापमान रहा. मौसम विभाग के मुताबिक आज आज बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर और बाड़मेर में तेज गर्मी का रेड अलर्ट है. 13 जिलों में हीटवेव की चेतावनी है.
वहीं, मध्य प्रदेश के 25 से ज्यादा जिलों में हीटवेव चल रही है, जो 18 मई तक जारी रह सकती है. बुधवार को खजुराहो में तापमान 45.4एष्ट रहा. आज इंदौर, उज्जैन, धार और रतलाम में हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट है. इन जिलों में वार्म नाइट का भी अलर्ट है.
इधर, हरियाणा के अधिकतम तापमान में पिछले 24 घंटे में 1.1एष्ट बढ़ोतरी हुई. राज्य के 5 शहरों में 40एष्ट से ज्यादा रहा, इनमें नारनौल 42.5एष्ट रहा. राज्य में 17 मई से हीटवेव का यलो अलर्ट है. बिहार के पूर्णिया-कटिहार समेत 7 जिलों में आज तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट है. उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में आज बारिश का यलो अलर्ट है.
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छत्तीसगढ़ में रायपुर समेत अन्य जिलों में कई पेट्रोल पंप बंद, नो पेट्रोल नो डीजल के लगे बोर्ड, लोग परेशान
रायपुर। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत हो गई है। सप्लाई नहीं होने से कई पेट्रोल पंप बंद हो चुके हैं, जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिन पंपों में पेट्रोल-डीजल मिल रहे वहां गाड़ियों की लंबी कतारें लगी है और लिमिट में पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है।
बिलासपुर जिले में भी पेट्रोल-डीजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। जानकारी के अनुसार बिलासपुर के 13 पेट्रोल पंपों में ईंधन पूरी तरह खत्म हो चुका है। कई पंपों पर “नो पेट्रोल” और “नो डीजल” के बोर्ड लगाए गए हैं। बाकी बचे पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिल रही है। लोग घंटों इंतजार कर ईंधन भरवा रहे हैं। आम लोगों के साथ-साथ परिवहन, निजी संस्थानों और सरकारी विभागों पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है।
दंतेवाड़ा में डीजल संकट गहरा गया है। अधिकतर पेट्रोल पंपों में डीजल खत्म हो गई है। इसके चलते सुबह से पेट्रोल पंपों में सन्नाटा पसरा हुआ है। डीजल नहीं मिलने से ट्रांसपोर्टर परेशान हैं। मालवाहक वाहन खड़े करने की नौबत आ गई है। सप्लाई प्रभावित होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। जल्द सप्लाई नहीं पहुंची तो परेशानी बढ़ सकती है।
महासमुंद में पेट्रोल-डीजल का संकट गहराता जा रहा है। शहर और आसपास संचालित 8 पेट्रोल पंपों में से अधिकांश ड्राई हो चुके हैं। केवल मचेवा स्थित शंकरा फ्यूल्स में सीमित मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है, जहां वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही है। शहर के पुष्पा फ्यूल्स और चाणक्य पेट्रोल पंप पहले से बंद हैं, जबकि पुलिस वेलफेयर, उत्तम फ्यूल्स, संगीता फ्यूल्स और ओजस फ्यूल्स का स्टॉक भी खत्म हो चुका है। केवल मचेवा स्थित शंकरा फ्यूल्स में स्टॉक है, जहां लोगों को घंटों लाइन में लगकर पेट्रोल-डीजल लेना पड़ रहा है। पंप संचालक स्टाक लिमिट होने के कारण बाइक को 2 लीटर एवं कार को 05 लीटर पेट्रोल दे रहे हैं।
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मुंबई में दुकानों और होटलों पर मराठी साइनबोर्ड लगाने के निर्देश, न मानने पर होगा ‘शिवसेना स्टाइल’ में कार्रवाई
मुंबई के डिप्टी मेयर संजय घाडी ने बुधवार को दुकानों और पांच सितारा होटलों व सेलिब्रिटी के स्वामित्व वाले आउटलेट समेत अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों को एक महीने के भीतर देवनागरी लिपि में मराठी में साइनबोर्ड लगाने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि यदि ऐसा नहीं करते तो फिर ”शिव सेना स्टॉल” में कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
उप महापौर संजय घड़ी ने इस संबंध में बुधवार को BMC के दुकान एवं प्रतिष्ठान विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की. नियम न मानने पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं.
मंबई शहर में एक महीने के भीतर मराठी में साइनबोर्ड लगाने का सख्त निर्देश दिया गया है. ये निर्देश बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के उप महापौर संजय घड़ी ने दिया है. उन्होंने फाइव स्टार होटलों और मशहूर हस्तियों के स्वामित्व वाले आउटलेट्स सहित दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों को एक महीने के भीतर मराठी में प्रमुखता से साइनबोर्ड लगाने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही निर्देश का पालन न करने पर ‘शिव सेना जैसी’ कार्रवाई की चेतावनी दी है.
उप महापौर संजय घड़ी ने इस संबंध में बुधवार को BMC के दुकान एवं प्रतिष्ठान विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की. इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए घड़ी ने जोर देकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार देवनागरी लिपि में मराठी साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य है.
घड़ी ने कहा, “चाहे कोई फाइव स्टार होटल हो या कोई अन्य संस्थान, मराठी साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य है.” इसके साथ ही ये भी कहा कि नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच के लिए निरीक्षण किए जाने चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि जो अधिकारी इन नियमों को लागू करने की कार्रवाई की अनदेखी करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
इस निर्देश पर BMC की विधि समिति की अध्यक्ष दीक्षा करकर ने भी इसपर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि प्रशासन को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे उन संस्थानों को नोटिस जारी करें जिन्हें अभी तक नोटिस नहीं मिले हैं. उनसे एक महीने के भीतर नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहें.
करकर ने आगे कहा कि उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वो उन जगहों के नाम इकट्ठा करें जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं. ऐसी जगहों पर 15 दिनों के अंदर की गई कार्रवाई पर एक रिपोर्ट जमा करें.
वहीं, इस मामले पर शिव सेना पार्षद ने कहा कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई प्रतिष्ठान एक महीने के भीतर साफ दिखाई देने वाले मराठी साइनबोर्ड लगाने में नाकाम रहे, तो उनके संगठन के कार्यकर्ता पार्टी अध्यक्ष और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री मंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देशों के अनुसार ‘शिवसेना-अंदाज में’ जवाब देंगे.
संजय घाडी ने बताया कि मुंबई में लगभग नौ लाख दुकानें और प्रतिष्ठान हैं, जिनमें से 5,020 ने अभी तक मराठी साइनबोर्ड प्रदर्शित करने के नियम का पालन नहीं किया है। शिव सेना पार्षद ने कहा कि नगर निकाय ने अब तक 3,114 प्रतिष्ठानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की है और 1.91 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है।

नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में गेहूं उपार्जन के नाम पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और समितियों पर प्रशासन का चाबुक चल गया है। कलेक्टर सोमेश मिश्रा के कड़े तेवरों के बाद जिले के खरीदी केंद्रों में हड़कंप मच गया है। किसानों को घंटों लाइन में खड़ा रखने और अव्यवस्था फैलाने के आरोप में 3 केंद्र प्रभारियों को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि 12 समितियों को ब्लैकलिस्ट (अपात्र) करने का नोटिस थमा दिया गया है।
सहकारिता उप आयुक्त शिवम मिश्रा ने बताया कि ​मामला 11 मई की टीएल बैठक से गरमाया, जहां कलेक्टर ने उपार्जन की सुस्त रफ्तार पर जमकर क्लास ली। जांच में खुलासा हुआ कि कई केंद्रों पर हम्मालों की व्यवस्था ही नहीं की गई थी। नतीजा यह हुआ कि तौल कांटा थमा रहा और भीषण गर्मी में किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन ने इसे ‘जानबूझकर की गई लापरवाही’ माना है। हमने त्वरित एक्शन लेते हुए सुरेश कुमार चौरे (सहायक समिति प्रबंधक, सेमरीखुर्द),​सुनील कुमार वर्मा (प्रभारी, खपरिया वेयरहाउस) एवं ​प्रद्युम्न कुमार यादव (प्रभारी, बिसौनीकलां) के प्रभारियों को घर बैठा दिया है।​ ​इसके अलावा रमपुरा, खपरिया और कोठरा के प्रबंधकों से जवाब तलब किया गया है, वहीं बैंक कैडर के दो बड़े अफसरों पर विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
प्रशासन ने डोलरिया, बनखेड़ी और पगढाल समेत 12 समितियों को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उन्हें भविष्य की खरीदी प्रक्रियाओं से बाहर कर दिया जाए? इन समितियों के पास सफाई देने के लिए सिर्फ 3 दिन का वक्त है। अगर किसानों के पसीने की कीमत चुकाने में कोताही हुई, तो कुर्सी सलामत नहीं रहेगी!

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मंदिर किसी के डैडी का नहीं है… BJP विधायक प्रीतम लोधी के फिर बिगड़े बोल, 200 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचकर कहा- अभी हिंदी में समझा रहा हूं
शिवपुरी। मध्य प्रदेश के पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी अपने विवादित बयान को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। 2 मंदिरों का विवाद सुलझाने के लिए वह 200 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे। लेकिन इस दौरान जो कहा, उसके बाद आशंका है कि वह विपक्ष के निशाने पर आ सकते हैं। उन्होंने इशारों में पुजारियों को दंगा करने वाला बताते हुए कहा कि रावण राज्य छोड़िए। जनता इन्हें यहां से खदेड़ेगी।
भाजपा विधायक प्रीतम लोधी बगीचा सरकार मंदिर में महंत पक्ष और पुजारी पक्ष के बीच चल रहे एकाधिकार की लड़ाई के मामले में करेरा पहुचे थे। विधायक ने इस दौरान महंतों का समर्थन करते हुए एक तरह से पुजारियों को खुली धमकी दे दी। उन्होंने कहा ”मंदिर किसी के डैडी का नहीं है। यहां रावण गिरी ठीक नहीं है। राम राज्य चल रहा है। अभी हिंदी में समझा रहा हूं, फिर अंग्रेजी में समझाना भी आता है।’
करेरा के प्रसिद्ध बगीचा सरकार हनुमान मंदिर में शनिवार की रात उस समय बवाल मच जब मंदिर के महंत और राम जानकी मंदिर के पुजारी के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आस्था के इस केंद्र में जमकर लाठियां चली। इस घटना में पांच लोग घायल हो गए, जिन्हें करेरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया l घटना का वीडियो वायरल हो गया जिसके बाद घायलों शिकायत पर पुलिस ने महंत पक्ष के लोगों पर एफआइआर दर्ज कर ली।
करेरा में बगीचा सरकार हनुमान मंदिर के महंत और राम जानकी मंदिर के पुजारी भोला पंडित के बीच कई दिनों से विवाद चला आ रहा था। आरोप है कि भोला पंडित ने कार्यक्रम के लिए 21 लाख रुपए दान दिए थे। इसके बाद से भोला पंडित ने राम जानकी मंदिर पर कब्जा कर लिया और वहां से होने वाली इनकम को वह अपने पास रखने लगा। मंदिर के महंत ने इसका विरोध किया, जिसके बाद शनिवार को एक मीटिंग का आयोजन किया गया था। इसी मीटिंग के दौरान विवाद इतना बढ़ा कि लाठियां चल गई।
इसी विवाद को लेकर भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने सुलझाने की सोची। उन्होंने 200 से ज्यादा गाड़ियों का काफिला उठाया और फर्राटा भरते हुए मंदिर पहुंच गए। लेकिन इस दौरान जो भाषा बोली, वह चर्चा में आ गई। बताया जा रहा है कि पुजारी ब्राम्हण समाज के हैं वहीँ महंत गुर्जर समाज के हैं। इसी वजह से विधायक ने महंत का समर्थन करते हुए बिना नाम लिए पुजारियों पर विवादित टिप्पणी कर दी।
गौरतलब है कि पिछोर विधायक इस मामले में दखल देने करेरा पहुंच गए जबकि करेरा के विधायक रमेश खटीक इस मामले से दूरी बनाए हुए हैं। करेरा से भाजपा विधायक रमेश खटीक हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव करेरा से हैं। प्रदेश पदाधिकारी रणवीर रावत करेरा से हैं और इन सभी ने अब तक इस मामले में कोई बयान नहीं दिया है। करेरा में प्रीतम लोधी का दखल ओर खुली चुनोती ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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जीतू पटवारी समेत 20 के खिलाफ FIR, आंदोलन करने वाले ग्रामीणों से बैरिकेड तोड़कर की थी मुलाकात
पन्ना। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ गई है। पन्ना टाइगर रिजर्व ने PCC चीफ समेत 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। उन पर सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगा है।
दरअसल, जमीन छिनने से रोकने के लिए बुंदेलखंड में आदिवासी महिलाएं चिता पर लेटकर आंदोलन कर रही हैं। छतरपुर में चल रहे केन-बेतवा लिंक परियोजना का विरोध किया जा रहा है। ग्रामीणों का समर्थन करने के लिए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी बड़ी संख्या में निर्माण स्थल पर पहुंचना चाह रहे थे। लेकिन प्रशासन ने उन्हें वन्यजीवों की सुरक्षा का हवाला देते हुए रोक दिया और बैरिकेडिंग कर दी।
हालांकि जीतू पटवारी नहीं रुके और कार्यकर्ताओं के साथ गेट फांदकर अंदर दाखिल हो गए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें जनता के बीच भेजा है और वे आदिवासियों के हक के लिए सौ बार जेल जाने को भी तैयार हैं। जिसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।

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बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के साथ ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ताबड़तोड़ फैसले ले रहे हैं। अपनी पहली बैठक में सीएम ने ममता सरकार के कई फैसलों को पलट दिया। सबसे पहले उन्होंने केंद्र सरकार के आयुष्मान भारत योजना को पूरे राज्य में लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही, 45 दिनों के भीतर बीएसएफ को बॉर्डर की बाड़बंदी के लिए जमीन देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए उम्र की सीमा भी 5 साल की बढ़ोतरी कर दी। इसी कड़ी में अब सीएम...

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देवास। टोंककला स्थित फैक्ट्री में धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों की दीवारें में दरारें आ गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने फैक्ट्री मालिक और प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और जांच का आश्वासन दिया है।देवास के एबी रोड स्थित टोंककला में संचालित पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख...
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गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) गुना जिले के आरोन थाना क्षेत्र अंतर्गत एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। बहन को कॉलेज से परीक्षा दिलाकर लौट रहे भाई-बहन की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौके पर ही मौत हो गई। गांव में मातम पसरा है और दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया जाएगा।पुलिस के अनुसार जिले के आरोन थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। महुआ खेड़ा निवासी 22 वर्षीय शिवानी कोरी पुत्री विशन कोरी स्नातक की छात्रा थी। वर्तमान में उसकी...

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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