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मंदसौर। मंदसौर पुलिस ने देशव्यापी साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक खतरनाक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की विशेष टीम ने राजस्थान के जयपुर और बिहार के अरवल जिले में दबिश देकर मुख्य सरगना समेत कुल 6 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने देश के अलग-अलग राज्यों में बैठकर 100 से ज्यादा साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में ही 11 करोड़ रुपये से अधिक के ऑनलाइन फ्रॉड का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
पूरे मामले की शुरुआत एक पीड़िता की शिकायत से हुई, जिसे गिरोह ने मेट्रिमोनियल साइट के जरिए अपना शिकार बनाया था। आरोपी ने खुद को NRI बताकर युवती से दोस्ती की और शादी का झांसा दिया। इसके बाद युवती को महंगे विदेशी गिफ्ट भेजने का लालच दिया गया। फिर कस्टम ड्यूटी और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पीड़िता से अलग-अलग किस्तों में साढ़े 7 लाख रुपये ठग लिए गए। ठगी का अहसास होने पर जब पीड़िता ने पुलिस का रुख किया, तो जांच की परतें खुलती चली गईं।
जांच में सामने आया कि गिरोह ठगी की रकम को फर्जी नाम-पते पर खोले गए म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर करवाता था और तुरंत कैश निकाल लेता था। इस गिरोह ने 150 से अधिक फर्जी बैंक खातों और मोबाइल सिम कार्ड का इस्तेमाल किया था। शातिर अपराधी इतने चालाक थे कि जैसे ही कोई बैंक खाता पुलिस द्वारा फ्रीज किया जाता, वे उससे जुड़े मोबाइल, सिम, एटीएम और पासबुक को जलाकर या तोड़कर नष्ट कर देते थे।
पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने से 22 एंड्रॉयड मोबाइल, 30 मोबाइल सिम और 5 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा विभिन्न फर्जी बैंक खातों में जमा 8 लाख रुपये से अधिक की राशि को पुलिस ने तत्काल प्रभाव से फ्रीज करा दिया है। मंदसौर पुलिस के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह फ्रीज की गई राशि पीड़िता को वापस दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।

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गिरफ्तारी वारंट के बाद हरकत में आईं कलेक्टर, 5 दिन के अंदर याचिकाकर्ता को हुआ बकाया भुगतान
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एक्शन के बाद पन्ना कलेक्टर उषा परमार हरकत में आ गईं। गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद 5 दिन के अंदर याचिकाकर्ता को बकाया भुगतान कर दिया गया। याचिकाकर्ता जवीन आरा रिजवी को 3,15,548 रुपये का एरियर भुगतान मिल गया है।
भुगतान के बाद कलेक्टर ने हाईकोर्ट में हलफनामा जमा करा दिया है। उन्होंने वारंट वापस लेने और अवमानना कार्रवाई समाप्त करने की गुहार लगाई है।बता दें कि पन्ना कलेक्टर उषा परमार को अवमानना मामले में हाईकोर्ट ने गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
कोर्ट के आदेश के बाद भी याचिकाकर्ता को भुगतान नहीं करने पर कोर्ट ने यह बड़ा फैसला लिया था। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी।
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दो आधार कार्ड के फेर में 16 साल के आशीष का भविष्य अटका, अब स्कूल में दाखिले को मोहताज
सतना। सतना में एक दस्तावेजी गलती अब 16 वर्षीय छात्र आशीष कुमार कोल की पढ़ाई पर भारी पड़ रही है। सतना जिले के कोठी वार्ड क्रमांक-02 निवासी आशीष के नाम से कथित तौर पर दो आधार कार्ड बन गए थे। बाद में दोनों आधार कार्ड निरस्त हो गए, लेकिन इसके बाद छात्र के सामने नई मुश्किल खड़ी हो गई। आधार से जुड़ी समस्या के कारण अब उसका विद्यालय में दाखिला तक नहीं हो पा रहा है।
परिजनों के मुताबिक, आशीष के आधार कार्ड से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए उसके पिता ने स्थानीय स्तर से लेकर जिला और प्रदेश स्तर तक अधिकारियों के चक्कर लगाए। समस्या का समाधान नहीं होने पर वे सतना से देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंचे, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद अभी तक आशीष की पहचान से जुड़ी समस्या का स्थायी निराकरण नहीं हो सका है।
करीब 16 वर्षीय आशीष पढ़ाई जारी रखना चाहता है, लेकिन आधार संबंधी दस्तावेजी समस्या उसके रास्ते में बाधा बन गई है। परिजनों का कहना है कि आधार कार्ड की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण विद्यालय में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में एक नाबालिग छात्र की पढ़ाई और भविष्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
आशीष के पिता का कहना है कि बेटे की समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कई कार्यालयों और अधिकारियों से संपर्क किया। स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं होने के बाद वे दिल्ली तक गए, लेकिन इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। परिवार अब इस उम्मीद में है कि संबंधित विभाग मामले को गंभीरता से लेकर जल्द समाधान निकालेगा।
परिजनों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर आशीष की पहचान संबंधी समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की है, ताकि उसका विद्यालय में दाखिला हो सके और पढ़ाई बाधित न हो। परिवार का सवाल है कि यदि दस्तावेजी प्रक्रिया में गलती हुई है, तो उसका खामियाजा एक छात्र को अपनी पढ़ाई रोककर क्यों भुगतना पड़े?
मामला संज्ञान में आने के बाद रघुराज नगर एसडीएम एलआर जांगड़े और कोठी तहसीलदार प्रज्ञा दुबे ने संबंधित अधिकारियों से बात कर जल्द समस्या का निराकरण कराने की बात कही है। अब देखना होगा कि अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद आशीष की आधार संबंधी समस्या कब तक सुलझती है और उसे दोबारा स्कूल में दाखिला मिल पाता है।

ग्वालियर. शहर के ढोली बुआ पुल क्षेत्र में शनिवार रात अचानक सड़क में लंबी और चौड़ी दरारें उभरने से आसपास रहने वाले परिवारों में दहशत फैल गई. मामला केवल सड़क क्षतिग्रस्त होने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कुछ ही समय में आसपास के चार मकानों में भी दरारें दिखाई देने की शिकायत सामने आई. घनी आबादी वाले इलाके में जमीन और निर्माणों में एक साथ दरारें दिखाई देने के बाद लोग घरों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए. नगर निगम के अधिकारी रात में मौके पर पहुंचे, लेकिन सड़क धंसने की वास्तविक वजह को लेकर नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के स्तर पर अलग-अलग बातें सामने आई हैं.
वार्ड क्रमांक 39 के दतिया वाले मोहल्ले में शनिवार रात सड़क की दरारें अचानक चौड़ी होने लगीं. स्थानीय लोगों के मुताबिक इसकी शुरुआत पहले ही हो गई थी, लेकिन रात तक स्थिति ज्यादा गंभीर दिखाई देने लगी. सड़क पर लंबी दरारें बनने के बाद आसपास बने मकानों में भी दीवार, आंगन, रसोई और अन्य हिस्सों में दरारें दिखाई देने लगीं.
स्वर्ण रेखा के नजदीक बसा यह क्षेत्र घनी आबादी वाला है. ऐसे में सड़क के धंसने और मकानों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका ने लोगों की चिंता बढ़ा दी. स्थानीय निवासियों ने नगर निगम को इसकी सूचना दी, जिसके बाद क्षेत्रीय अधिकारी संजीव झा सहित संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे.
प्रारंभिक जानकारी में चार मकानों में दरारें आने की शिकायत सामने आई है. लीला शाक्य के मकान के आंगन, रसोई और बाथरूम में दरारें दिखाई देने की बात कही गई है. गणेश शाक्य के कमरे और रसोई, नारायण कन्नोजिया के आंगन और बाथरूम तथा शालिनी ढेरे के मकान की बाउंड्रीवाल में दरार आने की शिकायत अधिकारियों से की गई है.
रिहायशी मकानों में दरारें आने के कारण मामला अब केवल सड़क की मरम्मत तक सीमित नहीं रह गया है. प्रभावित परिवारों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनके मकान फिलहाल कितने सुरक्षित हैं और जमीन में आई हलचल आगे बढ़ेगी या यहीं रुक जाएगी.
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके में एलिवेटेड रोड परियोजना से संबंधित गतिविधियों के बाद सड़क की स्थिति में बदलाव दिखाई देना शुरू हुआ. लोगों का आरोप है कि पिलर निर्माण से जुड़े काम के लिए स्वर्ण रेखा की दीवार के पास ग्राउंड बेस रैंप तोड़ा गया था. इसके बाद सड़क में दरारें दिखाई देने लगीं और शनिवार रात तक उनका आकार बढ़ गया.
नगर निगम के क्षेत्रीय अधिकारी संजीव झा ने भी स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर एलिवेटेड रोड से संबंधित खोदाई के कारण सड़क धंसने की आशंका का उल्लेख किया है. हालांकि इसकी तकनीकी पुष्टि अभी सामने नहीं आई है.
मामले में लोक निर्माण विभाग के सेतु संभाग का पक्ष अलग है. कार्यपालन यंत्री जोगिंदर यादव के अनुसार जिस स्थान पर निर्माण कार्य के कारण सड़क और मकानों को नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है, वहां हाल-फिलहाल कोई काम नहीं चल रहा था. उन्होंने मौके का निरीक्षण करने की बात कही है.
ऐसे में सड़क धंसने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है. यह तकनीकी जांच के बाद ही तय हो सकेगा कि जमीन बैठने के पीछे निर्माण गतिविधि, मिट्टी की स्थिति, आसपास मौजूद संरचनाओं या किसी अन्य कारण की भूमिका रही है.
घटना ने निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा का सवाल भी खड़ा कर दिया है. सड़क में दरारों के साथ मकानों में नुकसान की शिकायत सामने आने के बाद क्षेत्र की जमीन और प्रभावित भवनों की तकनीकी जांच महत्वपूर्ण हो गई है.
स्थानीय लोगों के लिए तत्काल चिंता मकानों की सुरक्षा को लेकर है. वहीं, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के अलग-अलग दावों के बीच यह स्पष्ट होना बाकी है कि आखिर सड़क अचानक क्यों धंसी. अब विस्तृत निरीक्षण और तकनीकी जांच से ही यह तय हो सकेगा कि नुकसान का वास्तविक कारण क्या है और प्रभावित मकानों को आगे किसी तरह का खतरा तो नहीं है.
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शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम जारी: अब तक 8 FIR और 15 लोग गिरफ्तार
उज्जैन। “सिंहस्थ 2028” को लेकर सड़क मार्ग चौड़ीकरण के तहत बीच में आने वाली शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने की कार्यवाही सोमवार को शुरू हुई थी, जो शाम 7 बजे तक लगातार जारी रही। इस दौरान 10 घंटे के भीतर कई घटनाक्रम सामने आए। देर रात को मुस्लिम धर्म गुरु व मस्जिद कमेटी के सदस्यों से पुलिस प्रशासन ने चर्चा की व यह तय हुआ कि आपसी सहमति से मस्जिद कमेटी के लोग मस्जिद का हिस्सा हटाएंगे।
सोमवार की सुबह मस्जिद का हिस्सा हटाने का कार्य शुरू हुआ। इस दौरान कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी पोस्ट की और यह बताया कि मस्जिद पर बुलडोजर चल रहा है। पूरी मस्जिद को हटाया जा रहा है। जिससे लोग भड़क गए और कुछ उपद्रवियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की व पथराव किया। पथराव की घटना करीब 3 से 4 बार हुई। इस दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े व लाठी चार्ज किया, बल प्रयोग कर मामला शांत कराया।
वहीं दूसरी ओर भ्रामक जानकारियों को लेकर शहर काजी ने वीडियो जारी किया और स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन हमारी सहमति से काम कर रहे हैं। कोई भी अफवाह ना फैलाएं। शहर काजी के इस बयान के बाद कुछ उपद्रवी लोग उनके घर पहुंचे और नारेबाजी की व पथराव शुरू कर दिया। तत्काल भारी संख्या में पुलिस बल ने शहर काजी का घर पूरी तरह सुरक्षा में लिया व उपद्रवियों पर जमकर लाठी बरसाई। दोपहर बाद से क्षेत्र में लगातार शांति का माहौल बना रहा।
पूरे घटनाक्रम को लेकर एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि शाही मस्जिद कमेटी के सदस्यों की ओर से आपसी सहमति से मस्जिद का हिस्सा सुबह 8:45 से शाम 7:00 बजे तक तोड़ा गया है। यह कार्रवाई लगातार जारी है। कुछ असंतुष्ट लोगों ने विरोध किया था परंतु भारी पुलिस बल तैनात होने से पूरी स्थिति को नियंत्रण में किया गया। करीब ढाई हजार पुलिस कर्मी व आधिकारिक तैनात हैं।
उन्होंने बताया कि इस मामले में कुल 8 FIR दर्ज की गई है। जिसमें से एक FIR शहर काजी की ओर से दर्ज करवाई गई है। काजी साहब के घर पर नारेबाजी व उपद्रव किया गया था, इस मामले में 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है, जिसमें से 3 नामजद है व बाकी अन्य है। माहौल खराब करने में कुछ सोशल मीडिया अकाउंट की भी भूमिका सामने आई है। ऐसे पांच सोशल मीडिया एकाउंट के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। 100 से अधिक कंटेंट डिलीट करवाए गए है। सभी FIR में अभी तक 20 नामजद आरोपी है। जिसमें से 15 आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए है।
कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण का कार्य मास्टर प्लान के तहत हो रहा है। मस्जिद का हिस्सा कमेटी के लोग खुद ही हटाने का काम कर रहे है। सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। ऐसे लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया की भ्रामक जानकारी को सत्य ना माने और ना ही अन्य जगह फैलाएं। हाईकोर्ट की ओर से शाही मस्जिद की एक याचिका को खारिज करते हुए नगर निगम के पक्ष में फैसला दिया है।
दिल्ली में नए मुख्यमंत्री की घोषणा के साथ ही नए कैबिनेट में शामिल होने वाले चेहरों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. आतिशी 21 सितंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकती हैं. अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि उनका मंत्री मंडल भी इस्तीफा दे सकता है, लेकिन अब ऐसी खबरें सामने आ र
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मोहन कैबिनेट में दमोह-कटनी फोरलेन को मंजूरी, अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में मौका सहित ये निर्णय हुए
भोपाल. मध्यप्रदेश कैबिनेट मीटिंग मंगलवार को सीएण, डा. मोहन यादव की अध्यक्षता मे आयोजित की गई, जिसमेंं कई बड़े फैसले लिए गए। बच्चों की स्कूल ड्रेस खरीदने के लिए पेरेंट्स के खातों में सीधे पैसे भेजे जाएंगे। मप्र सरकार 600 रुपये ड्रेस के हिसाब से कुल 348 करोड़ रुपये की राशि खर्च करेगी। सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मप्र कैबिनेट मीटिंग में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि कक्षा 1 से लेकर 8 तक 9.58 लाख का स्टूडेंट्स को स्कूल ड्रेस बनाकर दिए जाने की योजना थी, लेकिन क्वालिटी को लेकर इसकी संभावना नहीं बनी। बच्चों के लिए देरी करना ठीक नहीं है, इसलिए 600 रुपये प्रति स्कूल ड्रेस के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। डीबीटी के जरिए पर पेरेंट्स के खातों में पैसे भेजे जाएंगे। अगले साल दूसरे नियम के तहत स्कूल के बच्चों के लिए स्कूल ड्रेस की व्यवस्था की जाएगी।
कैबिनेट ने दमोह-कटनी के बीच 105.01 किलोमीटर लंबी फोरलेन रोड के प्रस्ताव को मंजूरी दी। करीब 4,400 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन बनाई जाएगी। फोरलेन बनने के बाद दमोह-कटनी के बीच सफर का वक्त करीब डेढ़ घंटे कम होने का अनुमान है। अभी टू-लेन मार्ग पर भारी वाहनों की वजह से कई जगहों पर ट्रैफिक जाम होता है। ये फोरलेन बुंदेलखंड से लेकर विंध्य तक कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी।
मध्यप्रदेश में वर्दीधारी विभागों में अग्निवीरों के लिए भर्ती के नए मौके दिए जाएंगे। अग्निवीरों को अलग से आरक्षण देने की व्यवस्था बनाई जाएगी। इसके साथ ही पूर्व सैनिकों को भी इसका लाभ दिया जाएगा। वन विभाग के आरक्षक, गृह विभाग, विशेष सशस्त्र बल (स््रस्न), जेल प्रहरी और आबकारी विभाग के आरक्षक जैसे पदों पर अग्निवीरों को मौका दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। सीएम मोहन यादव ने इसे प्रदेश में एक बड़ी नई पहल बताया है।
सिंगरौली में 450 बेड का अस्पताल तैयार किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में रूक्चक्चस् की 150 सीटों की जरूरत थी, जिसे बढ़ाकर 155 किया गया है। इसके साथ ही अस्पताल और चिकित्सा सुविधाओं के लिए 355 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 3,113 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की गई है। इसके साथ ही सिंचाई विभाग की 4 बड़ी योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। मां रतनगढ़-दतिया सिंचाई परियोजना से 78 हजार हेक्टेयर जमीन को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसके लिए 1,608 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है और योजना को 2027 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है। रामपुर मानव परियोजना के लिए 524 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इस योजना से 44 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य है और इसे भी 2027 तक पूरा किया जाना है।
उज्जैन में कान नदी का प्रदूषित पानी शिप्रा नदी में मिलने से रोकने के लिए चल रही योजना को आगे जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इस योजना का 52 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। सागर जिले में करीब 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा देने वाली योजना का काम भी 2027 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है।

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले से बड़ी खबर सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, CISF जवानों के बीच हुई आपसी गोलीबारी की घटना में कम से कम चार जवानों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक जवान ने कथित तौर पर अपने ही साथियों पर फायरिंग कर दी। इस घटना में एक अधिकारी समेत चार CISF कर्मियों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, यह घटना कठुआ जिले के बसोहली की पहाड़ियों में स्थित सेवा पावर प्रोजेक्ट के CISF कैंप में हुई। बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद CISF के एक हेड कांस्टेबल ने अपने साथियों पर गोली चला दी।
फायरिंग में मारे गए लोगों में एक असिस्टेंट कमांडेंट भी शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद आरोपी हेड कांस्टेबल को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। फायरिंग की वजह और घटना से जुड़ी अन्य परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
मारे गए जवान पहले गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। यह घटना शाम करीब 7:10 बजे सेवा-2 हाइडल प्रोजेक्ट में हुई, जहां CISF के जवान तैनात हैं। फायरिंग की घटना के पीछे की वजह की जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि सीआईएसएफ के ये जवान हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे बसोहली के मशका गांव स्थित सेवा-तृतीय बिजली परियोजना की सुरक्षा में तैनात थे। उन्होंने कहा कि किसी मुद्दे को लेकर दो जवानों के बीच बहस हुई, जिसके बाद उनमें से एक ने अंधाधुंध गोलीबारी की। इस घटना में चार कर्मियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, CISF के 2009 बैच के एक हेड कांस्टेबल ने यह फायरिंग की है। आरोपी हेड कांस्टेबल को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने इंटरनल जांच शुरू कर दी है।
CISF की ओर से मारे गए जवानों के नाम भी जारी कर दिए गए हैं। इनके नाम असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, कांस्टेबल रफीक अहमद, कांस्टेबल संदीप कुमार और सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह हैं।
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भारत-म्यांमार सीमा पर उग्रवादियों का हमला, असम राइफल्स के जवान की मौत, 4 घायल
अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास मंगलवार सुबह संदिग्ध उग्रवादियों ने गश्त कर रही असम राइफल्स की टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में असम राइफल्स के एक जवान की मौत हो गई, जबकि चार अन्य जवान घायल हो गए। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। शुरुआती रिपोर्टों में हमले के पीछे NSCN (K-YA) से जुड़े उग्रवादियों का हाथ होने की आशंका जताई गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अधिकारियों के अनुसार, यह घटना मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे चांगलांग जिले के नामपोंग सर्कल के अंतर्गत नामपोंग नाला के पास हुई। उस समय 21 असम राइफल्स के जवान भारत-म्यांमार सीमा के संवेदनशील इलाके में नियमित गश्त कर रहे थे। इसी दौरान संदिग्ध उग्रवादियों ने गश्ती दल पर गोलीबारी शुरू कर दी।
हमले में हवलदार जानखोकाई कुकी (42) की मौत हो गई, जबकि चार जवान घायल हो गए। घायल सैनिकों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है। फिलहाल उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
हमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में अभियान तेज कर दिया है। जिस क्षेत्र में यह घटना हुई, वहां भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने का काम भी चल रहा है। सुरक्षा एजेंसियां हमले की परिस्थितियों और इसमें शामिल संदिग्धों की पहचान का पता लगाने में जुटी हैं।
शुरुआती सूचनाओं में NSCN (K-YA) से जुड़े उग्रवादियों की संलिप्तता की आशंका जताई गई है। हालांकि, हमलावरों की पहचान और संगठन की भूमिका की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
चांगलांग पुलिस ने शुरू की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया
चांगलांग के पुलिस अधीक्षक किर्ली पाडु ने बताया कि उन्हें भारत-म्यांमार सीमा पर हुई घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने चांगलांग पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को मामले से संबंधित विस्तृत जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल, असम राइफल्स के आधिकारिक बयान और घायल जवानों की स्वास्थ्य स्थिति से जुड़ी जानकारी का इंतजार है। मामले में आगे की जानकारी सामने आने पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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PNB घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई, नीरव मोदी के सहयोगी संदीप मिस्त्री को UAE से भारत लाई CBI
नीरव मोदी के PNB बैंक फ्रॉड केस में वांटेड आरोपी संदीप मिस्त्री को CBI यूएई से डिपोर्ट करवाकर भारत ले आई है। CBI ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ समन्वय कर यह कार्रवाई की। संदीप मिस्त्री के खिलाफ जुलाई 2026 में इंटरपोल के जरिए रेड नोटिस जारी किया गया था। वह 28 सितंबर की रात 11 बजकर 55 मिनट पर मुंबई पहुंचा। इसके बाद CBI ने उसे हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
CBI की मुंबई स्थित बीएसएफबी शाखा ने इस मामले में केस दर्ज किया था। आरोप है कि फर्जी अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक लेनदेन दिखाकर बैंक के साथ धोखाधड़ी की गई। जांच एजेंसी के मुताबिक, संदीप मिस्त्री अलग-अलग कंपनियों के बीच अहम कड़ी के तौर पर काम करता था। वह इन कंपनियों के रोजाना के कामकाज पर नजर रखता था। CBI के अनुसार, सबूत छिपाने के लिए वह ऐसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से निर्देश देता था, जिनके मैसेज अपने आप डिलीट हो जाते थे।
CBI के मुताबिक, संदीप मिस्त्री पर हीरे, सोने और मोती के गहनों का फर्जी कारोबार दिखाने के लिए नकली आयात-निर्यात दस्तावेज तैयार करवाने में मदद करने का आरोप है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरे मामले में अलग-अलग कंपनियों के बीच लेनदेन को वास्तविक कारोबार के तौर पर दिखाया गया था। इसी मामले में संदीप मिस्त्री को वांटेड आरोपी बताया गया था।
संदीप मिस्त्री पर दूसरे आरोपियों के साथ मिलकर विदेशी कंपनियों के नाम मात्र के डायरेक्टरों पर दबाव बनाने का भी आरोप है। CBI के मुताबिक, इन लोगों को गिरफ्तारी की धमकी दी गई और उन्हें दूसरी जगहों पर ले जाकर रखा गया। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन लोगों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए और उनसे ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए, जिनमें उन्हें कंपनियों का असली मालिक बताया गया था।
CBI के मुताबिक, संदीप मिस्त्री पर यूएई में मौजूद फर्जी कंपनियों के बैंक खातों से पैसा निकालने में शामिल होने का भी आरोप है। इस मामले में चार्जशीट अदालत में दाखिल की जा चुकी है।
CBI की मांग पर इंटरपोल के जरिए संदीप मिस्त्री के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ था। इसके बाद यूएई के अधिकारियों ने उसकी लोकेशन का पता लगाया और उसे गिरफ्तार कर डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की। CBI के मुताबिक, नोटिस जारी होने के करीब दो महीने के भीतर उसे ढूंढकर पकड़ा गया और भारत लाया गया। एजेंसी ने इस कार्रवाई को संबंधित एजेंसियों के बीच अंतरराष्ट्रीय तालमेल का नतीजा बताया है। CBI भारत में इंटरपोल की नेशनल सेंट्रल ब्यूरो है और भारतपोल के जरिए विभिन्न एजेंसियों के साथ तालमेल करती है। एजेंसी के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में 175 से ज्यादा वांटेड अपराधियों को भारत लाया जा चुका है।

भोपाल। राजधानी भोपाल में बहुचर्चित फर्जी आईएएस (IAS) तृप्ति सिंह के ठगी और फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है। जांच के बाद पुलिस ने अयोध्या नगर थाने के टीआई के भाई रोहित लिल्हारे को भी इस मामले में आरोपी बना लिया है और उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस की गहराई से चल रही जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के आधार पर यह खुलासा हुआ है कि फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह के कहने पर ही रोहित लिल्हारे ने एक युवती से फोन पर बात की थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि युवतियों से फोन पर बात कराने के बाद, तृप्ति सिंह ने रोहित लिल्हारे को भोपाल की विधानसभा से उन दोनों युवतियों के साथ कुछ वीडियो भी भेजे थे। तृप्ति ने रोहित से कहा था कि जिस युवती से उसने फोन पर बात की थी, उसकी नौकरी लग गई है। इस तरह नौकरी के नाम पर बड़े स्तर पर जालसाजी का खेल चल रहा था।
शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी रोहित ने फर्जी आईएएस तृप्ति को 40 लाख रुपए दिए थे। यह पूरी बातचीत और लेन-देन वर्ष 2024 से 2025 के बीच का बताया जा रहा है।
फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह के इस अंतरराज्यीय या हाई-प्रोफाइल फर्जीवाड़े के नेटवर्क में पुलिस लगातार पर्दाफाश कर रही है। रोहित लिल्हारे का नाम जुड़ने के बाद इस मामले में अब तक कुल 5 आरोपियों को नामजद किया जा चुका है। पुलिस सीडीआर और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस बात की भी जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से शिक्षा के मंदिर को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। भगवां थाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल में मात्र 5 साल के मासूम छात्र के साथ शिक्षक द्वारा बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई। आरोप है कि बैग न लाने जैसी छोटी सी बात पर शिक्षक ने बच्चे को जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी जांघ के पास से पैर की हड्डी टूट गई। पुलिस ने पीड़ित परिजनों की शिकायत पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम मड़ीखेड़ा निवासी 5 वर्षीय मासूम छात्र नीरज लोधी, गांव के ही ‘ॐ सरस्वती ज्ञान मंदिर’ स्कूल में कक्षा-1 का छात्र है। बीते 23 सितंबर (बुधवार) को स्कूल संचालक और वाहन चालक रविंद्र शुक्ला मासूम नीरज को स्कूल ले गए थे। परिजनों का आरोप है कि स्कूल में नीरज के बैग न लाने पर शिक्षक रविंद्र शुक्ला आपा खो बैठे और उन्होंने मासूम के साथ निर्दयता से मारपीट करते हुए उसे उठाकर जमीन पर पटक दिया। इस दर्दनाक हमले में बच्चे की जांघ के पास से पैर की हड्डी टूट गई।
घटना के बाद आरोपी शिक्षक मासूम को उसके घर छोड़ गया और परिजनों से झूठा वादा किया कि वह इलाज का पूरा खर्च उठाएगा। बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों ने उसे तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों को ऑपरेशन कर बच्चे के पैर में रॉड डालनी पड़ी। जब मासूम के परिजनों ने इलाज में आए खर्च के पैसे मांगे, तो आरोपी शिक्षक अपने वादे से साफ मुकर गया और धमकी देने लगा।
आरोपी के मुकरने के बाद पीड़ित परिजनों ने तुरंत भगवां थाने पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई। परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए भगवां थाना पुलिस ने आरोपी शिक्षक रविंद्र शुक्ला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मासूम बच्चे को मेडिकल परीक्षण और एक्स-रे के लिए जिला अस्पताल भेजा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है और आरोपी के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

प्रमुख समाचार

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले से बड़ी खबर सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, CISF जवानों के बीच हुई आपसी गोलीबारी की घटना में कम से कम चार जवानों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक जवान ने कथित तौर पर अपने ही साथियों पर फायरिंग कर दी। इस घटना में एक अधिकारी समेत चार CISF कर्मियों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, यह घटना कठुआ जिले के बसोहली की पहाड़ियों में स्थित सेवा पावर प्रोजेक्ट के CISF कैंप में हुई।...

मध्य प्रदेश

ग्वालियर. शहर के ढोली बुआ पुल क्षेत्र में शनिवार रात अचानक सड़क में लंबी और चौड़ी दरारें उभरने से आसपास रहने वाले परिवारों में दहशत फैल गई. मामला केवल सड़क क्षतिग्रस्त होने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कुछ ही समय में आसपास के चार मकानों में भी दरारें दिखाई देने की शिकायत सामने आई. घनी आबादी वाले इलाके में जमीन और निर्माणों में एक साथ दरारें दिखाई देने के बाद लोग घरों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए. नगर निगम के अधिकारी रात में मौके पर पहुंचे, लेकिन सड़क धंसने की...

अपराध

मंदसौर। मंदसौर पुलिस ने देशव्यापी साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक खतरनाक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की विशेष टीम ने राजस्थान के जयपुर और बिहार के अरवल जिले में दबिश देकर मुख्य सरगना समेत कुल 6 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने देश के अलग-अलग राज्यों में बैठकर 100 से ज्यादा साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में ही 11 करोड़ रुपये से अधिक के ऑनलाइन फ्रॉड का...
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गुना सिटी

गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) कैंट थानाक्षेत्र अंतर्गत आनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और क्रेडिट कार्ड ठगी के तीन एवं म्याना थाने का मामला सामने आया है। इनमें अज्ञात ठगों ने झांसा देकर करीब 9.64 लाख रुपये की चपत लगा दी। पीड़ितों की शिकायतों पर कैंट थाना पुलिस ने मामले दर्ज कर साइबर सेल की मदद से पड़ताल शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार फरियादी अवधेश पुत्र लखन सिंह रघुवंशी ने शिकायत दर्ज कराई कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने अपनी पहचान छिपाकर और खुद को दूसरा व्यक्ति बताकर छलपूर्वक उनसे 38,100...

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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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