


खरगोन। खरगोन जिले के बड़वाह नगर में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। जयंती माता रोड स्थित CISF की सुरक्षा बाउंड्री वॉल में लगा नुकीला सरिया एक किशोर के गले को चीरते हुए मुंह से बाहर निकल गया। गंभीर रूप से घायल लड़के को प्राथमिक इलाज के बाद इंदौर रेफर किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, वार्ड क्रमांक 2 निवासी किशोर टैटू (16) पिता बलराम अन्य बच्चों के साथ सड़क पर खेल रहा था। इसी दौरान खेलते समय एक बच्चे की चप्पल सड़क किनारे बनी CISF की ऊंची सुरक्षा दीवार के उस पार जा गिरी। बच्चों की जिद पर टैटू चप्पल लेने के लिए दीवार के दूसरी ओर उतरा और चप्पल वापस फेंक दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वापस लौटते समय वह दीवार पर चढ़ रहा था, तभी पैर फिसलने से उसका संतुलन बिगड़ गया और दीवार में लगा नुकीला सरिया उसके गले और जबड़े को चीरता हुआ मुंह से बाहर निकल आया। घटना देखते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय रहवासियों महेश बृजवासी और नन्नी बाई ने बताया कि हादसे के बाद लोगों ने करीब एक घंटे तक मशक्कत कर कटर मशीन की मदद से सरिए को काटा। इसके बाद मौके पर पहुंची 112 डायल पुलिस की सहायता से घायल बालक को बड़वाह सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए इंदौर रेफर कर दिया गया। घटना के बाद लोग सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
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बड़ी कार्रवाईः अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन का एक्शन, लगाया 6 करोड़ का जुर्माना
जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में अवैध उत्खनन (Illegal Mining) और खनिजों के अवैध परिवहन पर जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों पर भारी-भरकम जुर्माना ठोका है।
माइनिंग विभाग (Mining Department) द्वारा कलेक्टर न्यायालय में दर्ज कराए गए कुल 96 प्रकरणों पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया गया है। इन सभी मामलों को मिलाकर कुल 6 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है। एक अकेले मामले में ₹40 लाख से ज्यादा की पेनाल्टी लगाई गई है। कार्रवाई की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ एक विशिष्ट प्रकरण में ही दोषियों पर 40 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। यह बड़ी कार्रवाई अभिलाष तिवारी एवं अन्य के खिलाफ दर्ज मामलों में की गई है।
बता दें कि खनिज विभाग द्वारा अवैध उत्खनन और परिवहन का यह मुख्य मुकदमा साल 2022 में दर्ज करवाया गया था, जिस पर लंबे समय से कलेक्टर कोर्ट में सुनवाई चल रही थी।
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डीएवीवी आईईटी में फाइनल ईयर के छात्रों ने मचाया हंगामा, हॉस्टल में की तोड़फोड़
इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय का इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी आईईटी फिर सुर्खियों में है। आईईटी के बीटेक फाइनल ईयर के हॉस्टलर छात्रों ने पार्टी के बाद जमकर उत्पात मचाया। इन भावी इंजीनियरों ने अर्द्धनग्न होकर हॉस्टल के फर्नीचर, खिड़कियों के कांच, पानी के स्टोरेज टैंक तोड़ दिए। घटना से नाराज डीएवीवी प्रशासन ने इन सभी हॉस्टलर छात्रों के रिजल्ट रोकने और प्लेसमेंट को होल्ड करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा इन छात्रों पर भारी जुर्माना लगाने की भी बात कही है।
दरअसल रामानुजन हॉस्टल में बीटेक फाइनल ईयर के छात्रों ने कॉलेज का कोर्स पूरा होने के उपलक्ष्य में पार्टी रखी थी। पार्टी में जमकर नाच गाना हुआ। जानकारी के मुताबिक इस दौरान यहां जमकर नशाखोरी भी हुई। नशे के बाद इन छात्रों ने यहां जमकर उत्पात मचाया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि स्टूडेंट देर रात तक जश्न मनाते, नाचते झूमते नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही एक वीडियो में ये छात्र फर्नीचर, पानी के स्टोरेज टैंक, टेबल कुर्सी को तोड़ते हुए नजर आ रहे हैं। यह उत्पात तड़के 4 बजे तक चला।
मामले का खुलासा होने के बाद डीएवीवी प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। जिस तरह से नशे में चूर ये छात्र तोड़फोड़ कर रहे हैं वैसा इससे पहले कभी नहीं हुआ। डीएवीवी ने आईईटी निदेशक डॉ प्रतोष बंसल को मामले की रिपोर्ट देने को कहा है। डॉ बंसल ने घटना के बाद हॉस्टल का जायजा भी लिया। सभी कमरों की खिड़कियों के कांच टूटे मिले। पार्टी के लिए लाये गए डीजे प्लेयर, डेकोरेशन और अन्य सामग्री मिली। तोड़े गए फर्नीचर, सामान के अवशेष यहां से गायब कर दिए गए।
निदेशक डॉ बंसल ने कहा कि इस घटना से सभी हैरान हैं। इसकी जानकारी कुलगुरु प्रो राकेश सिंघई, रजिस्ट्रार प्रज्वल खरे को दे दी गई है। प्रथम दृष्टया इस घटना के चलते हॉस्टलर छात्रों का रिजल्ट रोका जाएगा, जिन छात्रों का प्लेसमेंट हुआ है उनकी कंपनियों को इस घटना की जानकारी दी जाएगी। फिलहाल इनका प्लेसमेंट होल्ड किया गया है। शासकीय संपत्ति को नुकसान करने के कारण छात्रों पर भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। माता पिता को बुलाकर घटना की जानकारी दी जाएगी।
बता दें कि हॉस्टल के छात्रों की ये पार्टी शनिवार शाम से शुरू होकर रविवार तड़के 4 बजे तक चली। इस दौरान कई छात्र कथित रूप से नशे का सेवन करते हुए भी नजर आए जबकि हर हर तरह का मादक पदार्थों, नशे के प्रति डीएवीवी की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है। ऐसे में जांच का विषय है कि छात्रों तक नशा कैसे पहुंचा या छात्र हॉस्टल में नशा, शराब लेकर आए। निदेशक डॉ प्रतोष बंसल ने घटना की जानकारी के साथ ही नशाखोरी की आशंका से इंकार नहीं किया।
धार. मध्य प्रदेश के धार जिले के शिक्षा विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब समग्र शिक्षा केन्द्र के जिला परियोजना समन्वयक प्रदीप कुमार खरे को लोकायुक्त इंदौर की टीम ने 1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप कर लिया. आरोपी पर निर्माणाधीन शौचालयों के कार्य पूर्ण प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के एवज में करीब 17 लाख रिश्वत मांगने का आरोप है.
लोकायुक्त इंदौर से मिली जानकारी के अनुसार आवेदक दिलीप साधव, प्रभारी सहायक यंत्री, जिला शिक्षा केन्द्र धार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत जिले के विभिन्न शासकीय विद्यालय परिसरों में 122 शौचालयों के निर्माण के लिए लगभग 3.42 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है. इन निर्माण कार्यों की निगरानी आवेदक द्वारा की जा रही थी.
शिकायत में बताया गया कि जिला परियोजना समन्वयक प्रदीप कुमार खरे द्वारा कार्य पूर्ण होने से पहले ही पूर्णता प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के बदले 5 प्रतिशत कमीशन के रूप में 17 लाख रिश्वत की मांग की जा रही थी. मामले की शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से की गई. सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद रविवार 18 मई 2026 को ट्रैप दल का गठन किया गया.
लोकायुक्त टीम ने आरोपी प्रदीप कुमार खरे को रिश्वत की पहली किश्त 1 लाख लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत कार्रवाई जारी है. कार्रवाई में कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया, कार्यवाहक प्रआर आशीष शुक्ला, आरक्षक विजय कुमार, कमलेश परिहार, मनीष माथुर, श्रीकृष्ण अहिरवार एवं प्रभात मोरे शामिल रहे.
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150 पुलिसकर्मी, 200 CCTV फुटेज और 10 हजार का इनाम… MP से अगवा हुई बच्ची झारखंड से दस्तयाब
सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली से दो साल की मासूम के अपहरण की घटना ने सनसनी फैला दी थी। फरियादी की सूचना पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी गठित की गई। करीब 10 टीमें, 150 से ज्यादा पुलिसकर्मी और साइबर सेल को बालिका की तलाश में लगाया गया। 10 हजार का इनाम भी घोषित किया गया। वहीं 36 घंटे बाद पुलिस ने बच्ची को झारखंड से सकुशल दस्तयाब कर लिया है। साथ ही आरोपी को भी गिरफ्तार किया है।
दरअसल, सिंगरौली के बैढ़न क्षेत्र स्थित बस स्टैंड से दो साल की मनीषा सिंह गोंड का अपहरण हो गया था। फरियादी अर्जुन सिंह की सूचना पर पुलिस ने तत्काल धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में करीब 10 टीमें, 150 से अधिक पुलिसकर्मी और साइबर सेल को बालिका की खोज में लगाया गया। वहीं 10,000 का इनाम भी घोषित किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी विश्लेषण के जरिए संदिग्ध की गतिविधियों को ट्रेस किया। जांच में सामने आया कि आरोपी बालिका को लेकर माजन मोड़, नौगढ़ होते हुए झारखंड की ओर फरार हुआ है। स्थानीय ऑटो चालकों, बस कंडक्टरों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर आरोपी की पहचान विनोद महतो, निवासी झारखंड के रूप में हुई।
इसके बाद सिंगरौली पुलिस की विशेष टीम ने झारखंड में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया और मासूम बालिका को सकुशल बरामद कर लिया। मात्र 36 घंटे के भीतर इस पूरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया, जिससे परिवार में खुशी का माहौल है। यह कार्रवाई “मुस्कान अभियान” के तहत सिंगरौली पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
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जमीनी विवाद : गांव में घुसकर एक दर्जन से अधिक लोगों ने की फायरिंग, मची सनसनी
डबरा(ग्वालियर) पिछोर थाना क्षेत्र के ग्राम सहोना में जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि एक दर्जन से अधिक लोगों ने गांव में पहुंचकर अंधाधुंध फायरिंग की, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार विवाद जमीन को लेकर था, जिसके चलते एक पक्ष ने कई राउंड गोलियां चलाईं।
फायरिंग के दौरान कुछ लोगों को गोलियों के छर्रे भी लगे हैं। इस घटना में भाजपा नेता पूर्व मंडल अध्यक्ष अमरेश शर्मा के भी हाथ में गोली लगी है। साथ ही उनके भाई श्रीनिवास शर्मा को भी लगी है। वहीं गांव के करीब 10 से 15 मकानों पर गोलियों के निशान देखे गए हैं।
घटना के बाद गांव में भय का माहौल बना हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा हे कि जमीनी विवाद को लेकर मंजीत पूरी,अरुण जाट,दिलीप जाट,अनिकेत जाट इन लोगों पर फायरिंग का आरोप लगा है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है और एक आरोपी को हिरासत में भी लिया है।
नागपुर में शनिवार देर रात फायरिंग की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया. शहर के कोठी रोड क्षेत्र में दो गुटों के बीच पुराने विवाद और दबदबा कायम करने की लड़ाई को लेकर शुरू हुआ तनाव अचानक हिंसक झड़प में बदल गया. मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों की ओर से गोलीबारी की गई. घटना रात करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है, जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को अरेस्ट कर लिया.
नागपुर के कोठी रोड पर 17 मई को देर रात दो पक्षों के बीच दो राउंड फायरिंग की गई. इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई. ये घटना RSS मुख्यालय के पास हुई.
महाराष्ट्र के नागपुर में 17 मई को रात करीब 11:30 बजे शहर के कोठी रोड इलाके में उस समय सनसनी फैल गई, जब वर्चस्व की लड़ाई और पुराने विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दो राउंड फायरिंग की गई. घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया. इस मामले में शामिल कुछ आरोपी पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई में पकड़े जा चुके हैं.
गौरतलब है कि जहां यह घटना हुई, वो इलाका आरएसएस मुख्यालय से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में देर रात हुई फायरिंग की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस ने क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है.
पुलिस शुरुआती जांच में आपसी रंजिश और क्षेत्र में वर्चस्व कायम करने की लड़ाई को घटना की बड़ी वजह मान रही है. वहीं दूसरी ओर प्रेम प्रसंग को लेकर भी विवाद की बात सामने आ रही है, जिसके चलते तनाव बढ़ा और फायरिंग तक नौबत पहुंच गई.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो प्रमुख आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं. उनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है.
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि फरार आरोपियों तक जल्द पहुंचा जा सके.
फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके. अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा. साथ ही पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कहां से लाए गए थे और इसके पीछे कोई बड़ा आपराधिक नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है.
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गोमतीनगर एक्सप्रेस में मिली युवती की सिर कटी लाश, बॉक्स खोलते ही दहल उठे रेलवे कर्मचारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब छपरा से आने वाली गोमतीनगर कचहरी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच से एक युवती का सिर कटा शव बरामद हुआ। ट्रेन की सफाई के दौरान कर्मचारियों को एक लावारिस बॉक्स और बैग दिखाई दिया। जब रेलवे पुलिस ने उसे खोला तो अंदर का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। शव के हाथ-पैर अलग पॉलीथीन में पैक थे, जबकि सिर गायब था। पुलिस इसे बेहद सुनियोजित हत्या मान रही है और पूरे रूट के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह पहुंची छपरा-गोमतीनगर कचहरी एक्सप्रेस में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। ट्रेन के S-1 स्लीपर कोच में एक युवती का शव टुकड़ों में मिला। शव को इस तरह पैक किया गया था कि किसी को सफर के दौरान शक तक नहीं हुआ। रेलवे कर्मचारियों के मुताबिक, ट्रेन खाली होने के बाद सफाई शुरू हुई थी। इसी दौरान सीट के नीचे एक बड़ा लोहे का बॉक्स और बैग रखा मिला। सामान काफी संदिग्ध लग रहा था, जिसके बाद स्टेशन अधिकारियों को सूचना दी गई।
रविवार सुबह गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर पहुंची छपरा-गोमतीनगर कचहरी एक्सप्रेस में यह सनसनीखेज मामला सामने आया। ट्रेन के सभी यात्री उतर चुके थे और सफाई कर्मचारी कोच की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान S-1 बोगी की एक सीट के नीचे लोहे का एक बॉक्स और बड़ा बैग रखा मिला। सामान काफी संदिग्ध लग रहा था। कर्मचारियों ने तुरंत इसकी जानकारी स्टेशन अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंच गई।
पुलिस टीम ने जब बॉक्स को खुलवाया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। बॉक्स में एक युवती का धड़ रखा हुआ था। उसके हाथ और पैर अलग-अलग काटकर पॉलीथीन में पैक किए गए थे और बैग में रखे थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि युवती का सिर गायब था। पुलिस को शक है कि हत्यारों ने पहचान छिपाने के लिए सिर को कहीं और फेंक दिया।
जांच में सामने आया कि शव को बहुत ही सावधानी से पैक किया गया था। बॉक्स और बैग से खून बाहर नहीं निकला था, जिसकी वजह से किसी यात्री को सफर के दौरान शक नहीं हुआ। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि हत्या ट्रेन में नहीं बल्कि कहीं और की गई है। बाद में शव को पैक करके ट्रेन में रखा गया ताकि आसानी से पहचान न हो सके। पुलिस को शव के पास कोई मोबाइल, पहचान पत्र या ऐसा सामान नहीं मिला जिससे युवती की पहचान हो सके।
पुलिस के अनुसार शव को बेहद सावधानी से पैक किया गया था ताकि खून बाहर न दिखे और किसी यात्री को शक न हो। इसी वजह से ट्रेन के सफर के दौरान किसी को घटना का पता नहीं चला। हत्या किसी अन्य स्थान पर की गई और बाद में शव को ट्रेन में लाकर रखा गया।
मृतका की उम्र लगभग 25 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है। शव के पास कोई पहचान पत्र, मोबाइल या अन्य सामान नहीं मिला है। उसने रंग-बिरंगा सूट पहन रखा था, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि वह किसी सामान्य परिवार या ग्रामीण इलाके से हो सकती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे पुलिस ने हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। जांच के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं जो छपरा से लखनऊ तक सभी रेलवे स्टेशनों के CCTV फुटेज खंगाल रही हैं। एसपी रोहित मिश्रा ने आगे कहा कि जीआरपी थाने में अज्ञात हत्यारों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छुपाने की धाराओं में प्राथमिकी FIR दर्ज कर ली गई है। मामले के खुलासे और युवती की पहचान के लिए तीन विशेष जांच टीमों का गठन किया गया है। पुलिस अब छपरा से लेकर लखनऊ के बीच पड़ने वाले सभी रेलवे स्टेशनों के CCTV फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस भारी-भरकम बॉक्स और बैग को S-1 कोच में किसने और किस स्टेशन पर लोड किया था।
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महाराष्ट्र से चला NEET Paper Leak नेटवर्क? लातूर की केमिस्ट्री कोचिंग का डायरेक्टर गिरफ्तार
नई दिल्ली/मुंबई। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने महाराष्ट्र के लातूर से रेणुकाई करियर सेंटर (RCC) के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। यह इस मामले में अब तक की 10वीं गिरफ्तारी है। CBI का दावा है कि, मोटेगांवकर संगठित पेपर लीक गिरोह का सक्रिय सदस्य था और उसने परीक्षा से पहले ही NEET UG 2026 का प्रश्नपत्र और आंसर की हासिल कर ली थी। जांच एजेंसी के अनुसार, उसने यह लीक सामग्री कई छात्रों और अन्य लोगों तक पहुंचाई।
CBI अधिकारियों के मुताबिक, 14 मई को लातूर स्थित मोटेगांवकर के घर और RCC कोचिंग सेंटर पर छापेमारी की गई थी। इस दौरान उसके मोबाइल फोन में NEET UG 2026 का लीक प्रश्नपत्र बरामद हुआ। इसके बाद एजेंसी ने उससे कई घंटों तक पूछताछ की। रविवार शाम पुणे स्थित CBI कार्यालय में उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि, आरोपी ने सबूत मिटाने की भी कोशिश की और परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र से जुड़े कई डिजिटल रिकॉर्ड हटाए गए।
CBI के मुताबिक, शिवराज मोटेगांवकर और उसके सहयोगियों ने 23 अप्रैल को ही पेपर और आंसर की हासिल कर ली थी। इसके बाद इसे छात्रों और अन्य लोगों तक पहुंचाया गया। जांच एजेंसी को शक है कि कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले कई उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले वही सवाल और जवाब उपलब्ध कराए गए, जो बाद में NEET परीक्षा में आए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोटेगांवकर का RCC यानी रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस नेटवर्क महाराष्ट्र के 7 जिलों में फैला हुआ है। इस कोचिंग संस्थान का सालाना टर्नओवर करीब 100 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। CBI ने RCC के मुख्य कार्यालय से कई दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए हैं। एजेंसी अब इनकी फॉरेंसिक जांच कर रही है।
CBI की जांच में सामने आया है कि, पेपर लीक का यह नेटवर्क कोचिंग सेंटर, दलालों और कुछ शिक्षकों के जरिए चलाया जा रहा था। एजेंसी के मुताबिक, लीक प्रश्नपत्र PDF बनाकर टेलीग्राम और अन्य माध्यमों से भी फैलाया गया।
CBI की जांच में एक और बड़ा नाम बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा मंधारे का सामने आया है। एजेंसी का दावा है कि वह NTA की पेपर सेटिंग कमेटी का हिस्सा रह चुकी हैं। जांच के मुताबिक, उन्होंने पुणे में स्पेशल क्लास लेकर छात्रों को संभावित सवाल लिखवाए। बॉटनी और जूलॉजी के वही सवाल बाद में परीक्षा में पूछे गए। छात्रों और अभिभावकों से लाखों रुपए वसूले गए। मनीषा वाघमारे के जरिए छात्रों को कोचिंग तक लाया गया। CBI का कहना है कि, मंधारे और कुलकर्णी से पूछताछ के बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
NEET UG 2026 परीक्षा 3 मई को देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया। NTA को 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतें मिलीं। शुरुआती जांच के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया और 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल किया कि बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अब तक हटाया क्यों नहीं गया। राहुल गांधी ने कहा कि, देश के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग रहा है, लेकिन सरकार जवाब देने से बच रही है।
दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह में तीन एमबीबीएस फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि ये डॉक्टर सरकारी नौकरी में सेवाएं दे रहे थे। एक जबलपुर और दूसरा डॉक्टर दमोह में नौकरी कर रहे थे। फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार कर तीनों से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच के बाद बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।
दमोह जिले के सरकारी संजीवनी क्लिनिक में फर्जी MBBS की डिग्री लगाकर दो फर्जी डॉक्टर्स अपनी सेवाएं दे रहे थे। एक ने जबलपुर में नौकरी हासिल की थी। कोतवाली पुलिस ने CMHO दमोह की निशानदेही पर जैसे ही जांच शुरू की तो एक के बाद एक तीन फर्जी डॉक्टर्स गिरफ्त में आए। दमोह पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने इसका खुलासा कर ये संभावना जताई है कि मामले में कई और फर्जी डॉक्टर रडार में आ सकते है।
दमोह में पकड़े गए आरोपियों के नाम कुमार सचिन यादव, राजपाल गौर जबलपुर से अजय मौर्य को है। एसपी ने बताया कि तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। CMHO की ओर से जांच प्रतिवेदन मिला था, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई है। फर्जी डिग्री कहां से मिली, इस पर एसपी ने कहा कि फिलहाल तीनों से पूछताछ जारी है।
एसपी आनंद कलादगी ने बताया कि संजीवनी क्लिनिक में फर्जी डिग्री पेश कर नियुक्त होकर आए थे, जब CMHO को संदेह हुआ तो कमेटी गठित की। जिसमें फर्जी होने की बात सामने आई। इसके बाद सीएमएचओ ने जांच प्रतिवेदन कर पुलिस में शिकायत की। जिसके बाद विभिन्न मामले में केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की। अन्य लोगों के नाम सामने आ रहे है, जिनकी तलाश की जा रही है।
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बड़ी खबरः गढ़कालिका मंदिर में हंगामा, साध्वी ने किया आत्मदाह का प्रयास
उज्जैन। काल भैरव क्षेत्र स्थित गढ़कालिका मंदिर में रविवार दोपहर 12 बजे आरती के दौरान विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। विवाद महामंडलेश्वर साध्वी श्री श्री 1008 काली नंद गिरी, किन्नर अखाड़ा तेलंगाना एवं मंदिर के पुजारी गार्ड के बीच हुआ। घटना के बाद मंदिर परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
दरअसल महामंडलेश्वर साध्वी दोपहर 12 बजे की आरती में शामिल होने मंदिर पहुंची थीं। आरोप है कि आरती के दौरान उन्हें वहां से हटाते हुए बाहर जाने के लिए कहा गया, जिससे वे आक्रोशित हो गई। इस दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि विरोध स्वरूप उन्होंने अपने ऊपर कार से पेट्रोल लाकर मंदिर परिसर में डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें रोक लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इस बीच मंदिर का एक गेट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया और दूसरे गेट से दर्शन करवाए गए।
घटना की सूचना मिलते ही जीवाजीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। साध्वी को समझाइश देकर थाने ले जाया गया। वहीं मंदिर प्रभारी मूलचंद जाटवा का कहना है कि आरती के दौरान श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ थी। साध्वी से केवल इतना कहा गया था कि वे थोड़ा साइड में हो जाएं ताकि श्रद्धालु दर्शन कर आसानी से निकल सकें। इसी बात को लेकर वे नाराज हो गई और विवाद की स्थिति बन गई।
जीवाजीगंज थाना पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई। समझाइश के बाद आपसी सहमति से विवाद समाप्त हुआ, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को थाने से रवाना कर दिया। इस दौरान सीएसपी पुष्पा प्रजापति ने बताया कि दर्शन को लेकर हल्का विवाद हुआ था, लेकिन अब दोनों पक्षों के बीच आपसी राजीनामा हो गया है।
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एसपी-टीआई को धमकी देने वाला हेड कॉन्स्टेबल के बहाल होते ही सोशल मीडिया पर हुई विवादित पोस्ट
राजगढ़ मध्यप्रदेश के राजगढ़ में थाने के तत्कालीन टीआई वीरेंद्र धाकड़ व तत्कालीन एसपी को धमकी भरे मैसेज भेजने के मामले में बर्खास्त हुए हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र मीणा को हाईकोर्ट के आदेश पर बहाल कर दिया गया है। हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के फैसले के बाद हेड कॉन्स्टेबल ने कोर्ट के ऑर्डर के साथ पुलिस लाइन राजगढ़ में आमद दर्ज करा दी है। हेड कॉन्स्टेबल के बहाल होते ही सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है जिसमेें टाइगर अभी जिंदा है लिखा हुआ है। बताया जा रहा है कि हेड कॉन्स्टेबल के किसी परिचित ने ये पोस्ट किया है जो चर्चाओं का विषय बनी हुई है।
दिसंबर 2024 में तत्कालीन टीआई वीरेंद्र धाकड़ व तत्कालीन एसपी को धमकी भरे मैसेज भेजने को लेकर विवादों में आए हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र मीणा को हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर बहाल कर दिया गया है। कोर्ट के आदेश के बाद हेड कॉन्स्टेबल ने पुलिस लाइन राजगढ़ में अपनी आमद दर्ज कराई है और इसके ठीक बाद एक विवादित पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। वायरल पोस्ट में पहले तो कोर्ट के फैसले का आदेश लिखा है और फिर इसके नीचे एक शेर का मोनो लगाकर लिखा है-टाइगर अभी जिंदा है…। इस पोस्ट के कई मायने निकाले जा रहे हैं। ये पोस्ट किसी दिनेश मीना के द्वारा की गई है।
दरअसल शहर थाने में पदस्थ रहे प्रधान आरक्षक देवेंद्र मीणा ने दिसंबर 2024 में शहर थाने के तत्कालीन टीआइ धाकड़ को धमकी भरे मैसेज भेज दिए थे। इसके साथ ही उनका एक धमकी भरा ऑडियो भी वायरल हुआ था। इसके बाद हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र मीणा ने 17 पन्नों का एक माफीनामा भी लिखकर दिया था, लेकिन इसके बावजूद हेड कॉन्स्टेबल ने टीआई को धमकी देना जारी रखा।
पूरे विवाद की शुरूआत उस वक्त हुई थी जब हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र मीणा का ट्रांसफर शहर थाने से एसडीओपी कार्यालय में किया गया था। ये ट्रांसफर हेड कॉन्स्टेबल को नागवार गुजरा और उन्होंने एसडीओपी कार्यालय में पदभार ही ग्रहण नहीं किया, उलटे टीआई को धमकी भरे मैसेज भेजने लगे। नई नियुक्ति पर हेड कॉन्सटेबल के पदभार ग्रहण नहीं करने पर टीआई वीरेंद्र धाकड़ ने उनकी गैरहाजिरी लगाई थी।
गैरहाजिरी लगाए जाने से विवाद और बढ़ा और हेड कॉन्स्टेबल ने अधिकारियों को धमकी देना शुरू कर दिया था। इस मामले में तत्कालीन एसपी आदित्य मिश्रा ने हेड कांस्टेबल मीणा को सस्पेंड कर उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठाई थी। 43 दिन बाद आई जांच रिपोर्ट के आधार पर हेड कॉन्स्टेबल को बर्खास्त कर दिया गया था। बर्खास्तगी के खिलाफ मीणा ने हाईकोर्ट में रिट पिटीशन दायर की थी। जिस पर हाईकोर्ट ने बहाली के आदेश दिए हैं।
जबलपुर। घरेलू गैस सिलेंडर रिफिल कराने को लेकर बनाए गए नियमों में शहरी और ग्रामीण इलाकों को दो श्रेणियों में बांटे जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। एक मामले में शहरी इलाकों के लिए 25 और गांवों के लिए 45 दिनों के नियम को असंवैधानिक बताया गया है। मामले पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने केंद्र सरकार को इस बारे में शपथपत्र पर जवाब देने कहा है।
अखिल भारतीय उपभोक्ता कांग्रेस भोपाल के सचिव विजय श्रीवास्तव की ओर से दाखिल की गई इस अपील में कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के वितरण को लेकर नए नियम बनाए गए हैं। इस बारे में केंद्र सरकार ने गजट नोटिफिकेशन और प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई।
याचिका में आरोप है कि सरकार ने न केवल आम उपभोक्ताओं के बुनियादी अधिकारों का हनन किया है, बल्कि देश के शहरी और ग्रामीण नागरिकों के बीच एक भेदभावपूर्ण खाई पैदा कर दी है। याचिकाकर्ता का कहना है कि ग्रामीण उपभोक्ताओं को अगले सिलेंडर के लिए पूरे 45 दिनों का लंबा इंतजार करना उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। मामले पर हुई प्रारंभिक सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज शर्मा ने दलीलें रखीं। सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने केन्द्र सरकार को शपथ-पत्र पर जवाब देने के निर्देश दिए।
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MP में तरबूज खाने से मौत के मामले में बड़ा खुलसा, डॉक्टर भी हुए हैरान
श्योपुर मध्य प्रदेश के श्योपुर शहर के खातौली तिराहे के पास रहने वाले इंद्र सिंह परिहार और उनके पुत्र विनोद की संदिग्ध परिस्थितियों में तबियत बिगडने और फिर रैफर के दौरान इंद्र सिंह की मौत होने के मामले में अब कोतवाली पुलिस ने भी मर्ग दर्ज कर जांच प्रारंभकर दी है। मामले में जांच के बाद डॉक्टरों ने अब इस मामले में इंद्र की मौत को लेकर नई आशंका जताई है जिससे मामला पूरा पलट सकता है।
उल्लेखनीय है कि सुसनेर (आगर-मालवा) के निवासी इंद्रसिंह परिहार पुत्र कर्म सिंह अपने परिवार के साथ खातौली तिराहे के पास वसीम कुरैशी के फार्म हाउस पर रहते थे। शुक्रवार की सुबह 6 बजे के आसपास इंद्र सिंह (43) और उनके पुत्र विनोद (21) के सीने में जलन होने लगी। परिजनों के अनुसार जलन को कम करने के उद्देश्य से दोनों से तरबूज खा लिया और उसके बाद ज्यादा तबितय बिगड़ गई तो परिजन अस्पताल ले गए। इंद्र सिंह की गंभीर हालत देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें कोटा रैफर कर दिया। लेकिन कोटा जाते समय रास्ते में ईटावा के पास उनकी मौत हो गई।
हालांकि इंद्र सिंह की मौत और विनोद की गंभीर हालत का वास्तविक कारण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन आशंक व्यक्त की जा रही है कि कोई बर्ड संक्रमण भी हो सकता है, क्योंकि ये दोनों पोल्ट्री फार्म पर काम करते थे। वहीं दूसरी ओ किसी केमिकल का भी दुष्प्रभाव होने की आशंका व्यक्ति की जा रही है, लेकिन चिकित्सक साफ तौर पर रहे है कि तरबूज खाने से मौत होने जैसी स्थितियां कहीं से नजर नहीं आ रही है। वहीं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में प्रारंभिक रूप से पाया गया है कि गला चोक होने से इंद्र सिंह की मौत हुई है।
मृतक इंद्रसिंह के पुत्र विनोद का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है और आईसीयू में वेंटीलेटर पर है। दो दिन बाद भी हालत अभी स्थिर है। चिकित्सकों का कहना है कि विनोद की हालत पहले जैसी ही है।
दोनों पिता-पुत्र की ये स्थिति कैसे हुई, इसके बारे में स्पष्ट कुछ नहीं कह सकते। पोस्टमॉर्टम के बाद बिसरा सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा, इस रिपोर्ट के बाद ही स्थिति साफ होगी।-डॉ. आरबी गोयल, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल श्योपुर
हमने इंद्रसिंह ही मौत के मामले में पुत्र की सूचना पर मर्ग कायम कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि ये पोल्ट्री फार्म पर काम करते थे। मामले की जांच की जा रही है और बिसरा जांच भी भेजी जा रही है।- सत्यम सिंह गुर्जर, टीआई,कोतवाली श्योपुर
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नाबालिग से गैंगरेप का खुलासा: मामा ने दो भांजों के साथ मिलकर किया था अपहरण, 24 घंटे में तीनों गिरफ्तार
छतरपुर। छतरपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में आदिवासी नाबालिग लड़की से गैंगरेप मामले का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से मामा और उसके दो भांजों को गिरफ्तार किया गया है। एसपी रजत सखलेचा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी जानकारी दी।
दरअसल मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के बस स्टैंड का है। आरोपी दो भांजों के साथ मामा ने गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर दो आरोपी नाबालिग को जबरदस्ती अपहरण करके स्कूटी से जाते कैमरे में कैद हुये थे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कार से नाबालिग युवती को छोड़कर फरार हो गए थे।
आरोपियों की गिरफ्तारी पर आईजी सागर ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आरोपियों पर गैंगरेप, अपहरण सहित पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। एसपी रजत सखलेचा ने ने प्रेस कांफ्रेंस में मामले का खुलासा किया है।
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