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सागर। गेहूं की जगह मिट्टी की बोरियों को वेयरहाउस पहुंचाने के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने स्व सहायता समूह की अध्यक्ष, सचिव और संचालनकर्ता (समूह अध्यक्ष के पति) पर एफआईआर दर्ज कर ली है। देर रात हुई यह एफआईआर नागरिक आपूर्ति निगम डीएम की ओर से कराई गई है। बता दें, नवदुनिया ने इस भ्रष्टाचार के मामले को प्रमुखता के साथ उठाया था।
बीते दिनों सिरोंजा स्थित हर्षिका स्व सहायता समूह द्वारा 600 गेहूं की बोरियां गंभीरिया के लक्ष्मीनगर स्थित देव प्रभाकर वेयरहाउस में भेजी गई थीं। इस दौरान कुछ बोरियां वेयरहाउस में रखी जा चुकी थीं। तभी बोरियों की जांच की गई तो पता चला कि उनमें गेहूं की जगह मिट्टी भरी हुई थी। वेयरहाउस संचालक ने तुरंत बोरियों को वापस करा दिया और मामले की शिकायत अधिकारियों से की।
इस भ्रष्टाचार को लेकर लगातार खबरों के प्रकाशन और इंटरनेट मीडिया पर वीडियो बहुप्रसारित होने के बाद कलेक्टर प्रतिभा पाल ने एक जांच कमेटी बनाई थी। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है, जिसमें गड़बड़ी पाई गई।
रिपोर्ट के आधार पर नागरिक आपूर्ति निगम डीएम रोहित बघेल ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने हर्षिका स्व सहायता समूह की अध्यक्ष बबीता सेन, सचिव नेहा सेन और पति दीपक सेन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 318(4), 316(2) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
उधर, इस गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद जिला आपूर्ति नियंत्रक ज्योति बघेल, एएसओ निशांत पांडे, आरएम और एनआरएलएम को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है।
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विलुप्त होती अंतर्राष्ट्रीय बैलगाड़ी दौड़: रातभर चले मुकाबले; विजेता को मिली बुलेट
बागली (देवास)। मध्य प्रदेश के देवास जिले में विलुप्त होती अंतर्राष्ट्रीय बैलगाड़ी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के लिए लोग रातभर जागते रहे। 24 घंटे चले मुकाबले के बाद प्रतियोगिता खत्म हुई। वहीं विजेता को इनाम में बुलेट गाड़ी मिली।
बदलते दौर में भले ही बैलगाड़ी दौड़ का चलन कम हुआ हो, लेकिन सतवास में उमड़ी भीड़ ने बता दिया कि ग्रामीण परंपराओं का रोमांच आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। देवास जिले के सतवास में अंतर्राष्ट्रीय बैलगाड़ी दौड़ का ऐसा जुनून देखने को मिला, जहां लोग पूरी रात तालाब मैदान और उसकी पाल पर जमे रहे। बुधवार दोपहर से शुरू हुई प्रतियोगिता गुरुवार दोपहर तक करीब 24 घंटे चली।
मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से आई 100 से अधिक बैलगाड़ियों ने अपनी रफ्तार का दम दिखाया। फाइनल मुकाबले में मगरिया के पदम पटेल के बैल शेरा और शक्ति ने बाजी मारते हुए रॉयल एनफील्ड बुलेट अपने नाम की। विजेता बैल मालिकों को शील्ड और अन्य पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
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EOW का एक्शन: तहसीलदार दफ्तर में दी दबिश, 20 हजार की रिश्वत लेते रीडर को दबोचा
ग्वालियर। एमपी के ग्वालियर में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी EOW ने रिश्वतखोरी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। गोशपुरा वृत के नायब तहसीलदार कार्यालय में ईओडब्ल्यू की टीम ने दबिश देकर रीडर को 20 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि प्लॉट के नामांतरण के मामले में फरियादी से घूस की मांग की गई थी।
ग्वालियर में EOW ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कलेक्ट्रेट स्थित तहसील ग्वालियर के गोशपुरा वृत में नायब तहसीलदार कार्यालय पर EOW की टीम ने छापा मारते हुए रीडर अनिल कुड़वारिया को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। किला गेट क्षेत्र के रहने वाले जितेंद्र पांडे का रानीपुरा स्तिथ प्लॉट नामांतरण का मामला ऑफिस में लंबित था।
आरोप है कि इस काम को करने के एवज में 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। बाद में 40 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। जुलाई 2025 से लंबित मामले में बार बार की जा रही रिश्वत की मांग से परेशान होकर फरियादी ने मामले की शिकायत EOW से की थी। शिकायत की पुष्टि होने पर EOW ने जाल बिछाया और तय योजना के तहत आरोपी रीडर को 20 हजार रुपए रिश्वत की पहली किस्त लेते हुए धर दबोचा।
इस कार्रवाई के दौरान EOW की टीम ने मौके पर कानूनी प्रक्रिया पूरी की। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। वहीं पूरे मामले में अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

जबलपुर। साइबर ठगों ने लूट का एक ऐसा नया और खौफनाक तरीका अख्तियार कर लिया है जिसने हर मोबाइल यूजर के होश उड़ा दिए हैं। आमतौर पर लोग सोचते हैं कि जब तक वे किसी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करेंगे या अपना OTP शेयर नहीं करेंगे तब तक उनका बैंक खाता सुरक्षित है। लेकिन लॉर्डगंज थाना क्षेत्र में रहने वाले एक फैक्ट्री कर्मचारी के साथ जो हुआ उसने हम सभी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हमारा पैसा आखिर सुरक्षित कहा रहेगा?
जानकारी के मुताबिक लार्डगंज थाना अंतर्गत क्षेत्र के निवासी नितिन शाह जो एक फैक्ट्री में कार्यरत हैं उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। नितिन के मुताबिक शातिर साइबर ठगों ने उनके मोबाइल फोन को पूरी तरह से हैक कर लिया और उन्हें भनक तक नहीं लगने दी।
साइबर अपराधियों ने इस पूरी वारदात को बेहद शातिर तरीके से अंजाम दिया। ठगों ने 27 मई से 29 मई के बीच महज दो दिनों के भीतर पीड़ित के बैंक खाते में तीन बार सेंध लगाई और 3 लाख रुपए पार कर दिए। पीड़ित को इस बात की जानकारी तब हुई जब उनके खाते से पूरी जमापूंजी गायब हो चुकी थी।
इस मामले में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि ठगी के दौरान पीड़ित शिकायतकर्ता के मोबाइल पर न तो कोई फिशिंग लिंक आई और न ही बैंक की तरफ से कोई ओटीपी प्राप्त हुई। बिना किसी क्रेडेंशियल शेयरिंग के इतनी बड़ी रकम का पार हो जाना यह साफ इशारा करता है कि हैकर्स ने किसी एडवांस मैलवेयर के जरिए पीड़ित का पूरा फोन अपने कब्जे में ले रखा था।
पीड़ित नितिन शाह की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए लॉर्डगंज थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की तकनीकी जांच के लिए पुलिस ने साइबर सेल की मदद ली है। पुलिस अब उन बैंक खातों और आई एड्रेस को ट्रेस करने में जुटी है जहां ठगी की यह रकम ट्रांसफर की गई है।
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क्राइम ब्रांच का फर्जी अधिकारी बनकर की लूट, 4 आरोपी गिरफ्तार; पूछताछ में जुटी पुलिस
इंदौर। आरोपियों ने फरियादी से करीब 5 लाख रुपये मूल्य के यूएसडीटी और एक मोबाइल लूट लिया था। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे कई दिनों से फरियादी की क्रिप्टो ट्रेडिंग गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे।
दरअसल इंदौर के द्वारिकापुरी क्षेत्र में रहने वाले स्नेह परमार ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोग खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर उसके घर में घुस आए। आरोपियों ने उसके साथ और उसके पिता के साथ मारपीट की। इसके बाद दोनों को कार में बैठाकर लसुड़िया क्षेत्र ले गए।
आरोपी फरियादी और उसके पिता को फ्रॉड के मामले में जेल भेजने की धमकी देने लगे। आरोपियों ने कार्रवाई नहीं करने के नाम पर फरियादी के मोबाइल से उसके ट्रेडिंग अकाउंट से 5773 यूएसडीटी, जिसकी कीमत करीब 5 लाख 12 हजार रुपये है, अन्य खातों में ट्रांसफर करवा लिए। इसके साथ ही एक मोबाइल भी लूट लिया गया।
जांच के दौरान क्राइम ब्रांच ने पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। तकनीकी साक्ष्यों और विश्लेषण के आधार पर फरार आरोपी नितिन लोधी का सुराग मिला। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे सागर से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कई दिनों से फरियादी की क्रिप्टो ट्रेडिंग गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। मोटी रकम हड़पने की योजना बनाकर उन्होंने वारदात को अंजाम दिया। मामले में पुलिस आगे की पूछताछ और जांच कर रही है।
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सूने घर से 15 लाख के गहने चोरी: पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना, डॉयल 112 को चकमा देकर भागा चोर
सतना। सतना के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के एफसीआई गोदाम के पास एक सूने घर से चोरों ने लगभग 15 लाख कीमत के सोने चांदी के जेवरात और नगदी पार कर दी। घटना बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात लगभग 1.30 बजे की बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आशीष मिश्रा इंदौर में एक आटोमोबाइल्स कंपनी में मैनेजर है। यहां अमौधा स्थित एफसीआई गोदाम के पास किराए के मकान में उनका परिवार रहता है।
आशीष ने बताया कि बुधवार को उनकी पत्नी बेटी के साथ अपने मायके कोरीगवां गई हुई थी। रात लगभग 1.30 बजे घर की लाइट जलती देख सामने रहने वाले पड़ोसी को शंका हुई तो उन्होंने आशीष को फोन लगाया। आशीष उस समय इंदौर से सतना के लिए ट्रेन में सफर कर रहे थे। पड़ोसी से जानकारी मिलने के बाद डॉयल 112 को सूचना दी गई।
आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने घर के अंदर से एक बदमाश को पकड़ लिया था लेकिन वह भी चकमा दे कर भागने में कामयाब रहा। उधर, आशीष की पत्नी को घटना की जानकारी लगते ही वो भी तड़के घर पहुंची तो देखा कमरों में सारा सामान बिखरा हुआ था। बदमाशों ने इत्मीनान के साथ पेटी, अलमारी, सूटकेस और दीवान सब की तलाशी ली। आशीष के अनुसार लगभग 15 लाख कीमत के गहने और कुछ नगदी चोरी गए है। पुलिस फिलहाल घटना की जांच कर रही है।
आशीष मिश्रा के घर के ठीक सामने रहने वाली महिला ने बताया कि रात में आहट मिलने के बाद वो अपने घर की छत पर जा कर देखी तो दो बदमाश घर के अंदर दाखिल होते दिखे। लेकिन डॉयल 112 की दो टीमें आने के बाद एक बदमाश पीछे के रास्ते से भाग गया जबकि दूसरे को पुलिस ने घर के अंदर से पकड़ लिया और जब बदमाश को बाहर लाया जा रहा था तो वो भी पुलिस को चकमा दे कर भाग गया
उधर, गुरुवार की सुबह आशीष की पत्नी और पड़ोसी जब फरियाद ले कर सिविल लाइन थाने पहुंचे तो वहां चैनल गेट बंद मिला। काफी चिल्लाने के बाद भी कोई पुलिसकर्मी थाने से बाहर नहीं निकला। पुलिस के इस रवैए से पीड़ित परिवार और मोहल्ले के लोगों में काफी नाराजगी है।

हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है. STF हरियाणा विदेश भागे कुख्यात गैंगस्टर वेंकटेश गर्ग को जॉर्जिया से भारत लेकर आ गई है. गर्ग दिल्ली और हरियाणा में दर्ज एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामलों में वांछित है और उस पर विदेश में बैठकर संगठित अपराध सिंडिकेट संचालित करने के आरोप हैं. इंटरपोल के ‘रेड नोटिस’ और हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर वेंकटेश गर्ग को 11 जून 2026 को जॉर्जिया से सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित कर भारत वापस ले आया गया है. बीएसपी नेता हत्याकांड, रंगदारी और संगठित अपराध के कई मामलों में वांछित गर्ग विदेश में बैठकर गैंग नेटवर्क संचालित करने का आरोपी है.
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने MEA, MHA और हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर पूरा किया सफल ऑपरेशन. हत्या, रंगदारी और संगठित अपराधों में वांछित आरोपी के खिलाफ जारी हुआ था रेड कॉर्नर नोटिस. भारतीय एजेंसियों द्वारा साझा की गई खुफिया जानकारी के आधार पर जॉर्जियाई अधिकारियों ने कार्रवाई की थी.
STF के अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई भारत सरकार, जॉर्जिया सरकार और कई अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल का नतीजा यह साबित करता है कि विदेश भाग जाने वाले अपराधियों के खिलाफ भारतीय एजेंसियां अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कार्रवाई करने में सक्षम हैं.
आरोपी वेंकट गर्ग एक शातिर और नामी गैंगस्टर है, जो हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी (Extortion), संगठित अपराध और अवैध हथियारों के इस्तेमाल जैसे कई गंभीर मामलों में वांछित था. जांच एजेंसियों के अनुसार गर्ग का नाम हरियाणा में बीएसपी के प्रदेश सचिव हरबिलास सिंह रज्जूमाजरा की हत्या में सामने आया था. हरियाणा पुलिस ने गर्ग पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसके बाद वह देश छोड़कर फरार हो गया था.
29 साल का वेंकटेश गर्ग हरियाणा के अंबाला जिले के नारायणगढ़ का रहने वाला है. वह एक बड़े संगठित अपराध गिरोह का सरगना है, जिसमें करीब 53 सदस्य बताए जा रहे हैं. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वेंकटेश गर्ग के खिलाफ हरियाणा और चंडीगढ़ में कुल 34 आपराधिक मामले दर्ज हैं. भारत छोड़कर भागने से पहले ही उसके खिलाफ 23 मामले दर्ज हो चुके थे.
भारत छोड़कर जब गर्ग विदेश विदेश भागा तो सबसे पहले संयुक्त अरब अमीरात पहुंचा और इसके बाद 26 जनवरी 2025 को जॉर्जिया चला गया. पुलिस का कहना है कि अपराधियों को यह संदेश साफ है कि देश छोड़कर भागना अब बचने का रास्ता नहीं है.
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तीन दिनों में तीन जहाजों पर हमले से दहला समुद्री क्षेत्र, भारतीय नाविकों की मौत के बाद बढ़ा तनाव
नई दिल्ली. पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर बढ़ते तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर भी दिखाई देने लगा है. बीते तीन दिनों में ओमान तट के पास भारतीय नाविकों वाले तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों ने वैश्विक समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं. एमटी जलवीर, एमटी सेटेबेलो और एमटी मेरीवेक्स नामक जहाजों पर हुई कार्रवाई के बाद भारत सरकार ने गहरी चिंता व्यक्त की है और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बहाल करने के लिए तत्काल संवाद और कूटनीतिक प्रयासों का आह्वान किया है.
सबसे गंभीर घटना बुधवार को सामने आई, जब पलाऊ ध्वज वाले वाणिज्यिक टैंकर एमटी सेटेबेलो पर हुई कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई. केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बताया कि प्रारंभ में लापता बताए गए तीन भारतीय नाविकों के शव बाद में बरामद कर उनकी पहचान की गई. उन्होंने इसे भारतीय समुद्री समुदाय के लिए बड़ी क्षति बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार मृतकों के परिजनों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
इस घटना के एक दिन बाद गुरुवार को गिनी-बिसाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर एमटी जलवीर में आग लगने की सूचना मिली. जहाज के इंजन कक्ष से धुआं निकलने के बाद चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई. ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि जहाज पर सवार सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और उन्हें शिनास बंदरगाह पहुंचाने के लिए ओमान की रॉयल नेवी की सहायता ली गई. भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार राहत और बचाव अभियान की जानकारी साझा की.
अमेरिकी पक्ष का दावा है कि एमटी जलवीर को इसलिए निष्क्रिय किया गया क्योंकि वह ईरान के खिलाफ लागू समुद्री प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए कथित रूप से ईरानी तेल का परिवहन करने का प्रयास कर रहा था. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार जहाज को रोकने के लिए कार्रवाई की गई, जिसके बाद उसमें आग लग गई. हालांकि इस दावे को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा और विवाद की स्थिति बनी हुई है.
इससे पहले सोमवार को पलाऊ ध्वज वाले एक अन्य टैंकर एमटी मेरीवेक्स पर भी अमेरिकी नौसेना द्वारा कार्रवाई किए जाने की सूचना सामने आई थी. विदेश मंत्रालय के अनुसार इस जहाज पर हमला होने के बाद आग लग गई थी. मंत्रालय ने बताया कि कार्रवाई से पहले अमेरिकी नौसेना और जहाज के चालक दल के बीच संवाद हुआ था. जहाज पर मौजूद सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था, जिससे बड़ा हादसा टल गया.
इन घटनाओं की पृष्ठभूमि में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़ा टकराव अहम माना जा रहा है. पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर प्रभाव डालने की कोशिशों और अमेरिका द्वारा समुद्री नाकाबंदी लागू करने के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है. यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाज भी इस संघर्ष की चपेट में आते दिखाई दे रहे हैं.
भारत सरकार ने लगातार हो रही इन घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई है. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पिछले कुछ दिनों में पश्चिम एशिया क्षेत्र में भारतीय नाविकों से जुड़े कई गंभीर घटनाक्रम सामने आए हैं, जो चिंताजनक हैं. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस विषय पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाया जाना तुरंत बंद होना चाहिए. भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही बहाल करने की मांग करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया है. मंत्रालय ने दोहराया कि तनाव कम करने और स्थायी समाधान निकालने का एकमात्र रास्ता संवाद और कूटनीति है.
बुधवार को एमटी सेटेबेलो पर हुई कार्रवाई के बाद भारत ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी को तलब कर कड़ा विरोध भी दर्ज कराया. विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत की गहरी चिंता से अमेरिकी पक्ष को अवगत कराया. भारत ने स्पष्ट किया कि समुद्री क्षेत्र में कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसी घटनाएं अस्वीकार्य हैं.
तीन दिनों के भीतर भारतीय चालक दल वाले तीन जहाजों पर हुई घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है. एक ओर तीन भारतीय नाविकों की मौत ने देश को झकझोर दिया है, वहीं लगातार बढ़ते तनाव ने पश्चिम एशिया के समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं. अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव को कम करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में सामान्य स्थिति कब तक बहाल हो पाती है.
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‘पीएम मोदी और अभिजीत दीपके के बीच अमेरिका में सिक्रेट मीटिंग हुई थी…,’ कॉकरोच जनता पार्टी पर संजय राउत के दावे से मचा हंगामा
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके और पीएम मोदी के बीच अमेरिका में सिक्रेट मीटिंग हुई थी। ये सनसनीखेज दावा शिवसेना उद्धव गुट के सांसद संजय राउत ने किया है। राज्यसभा संजय राउत ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनके पास कुछ लोगों ने तस्वीरें भेजी हैं जो अभिजीत दीपके और प्रधानमंत्री के बीच अमेरिका में मीटिंग की है। उसके बाद ये दीपके यहां आया ऐसा लोग बोलते हैं। संजय राउत ने कहा कि मैं आरोप नहीं लगा रहा हूं। लोगों ने कुछ जानकारी मेरे तक पहुंचाई है।
राउत के दावे पर अभिजीत दीपके ने भी प्रतिक्रिया दी। दीपके शिवसेना सांसद के दावे पर हंसते हुए कहा कि अरे बाप रे… मैं नहीं जानता हूं। हो सकता है कोई एआई जनरेटेड फोटो हो। मेरी पीएम से कैसे मुलाकात हो सकती है। मैं एक साधारण छात्र हूं और उनका (पीएम) प्रोटोकॉल इतना होता है मैं कैसे मिल सकता हूं।
दरअसल गुरुवार को शिवसेना उद्धव गुट के सांसद संजय राउत ने उस समय सनसनी फैला दी, जब उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी और अभिजीत दीपके के बीच अमेरिका में सिक्रेट मीटिंग हुई थी। उन्होंने कहा कि अभी-अभी किसी ने मुझे दीपके और प्रधानमंत्री की अमेरिका में जो मीटिंग हुई उसका फोटो भेजा है। उसके बाद ये दीपके यहां आया ऐसा लोग बोलते हैं। उस बारे में मैं जानकारी ले रहा हूं। मैं आरोप नहीं लगा रहा हूं। लोगों ने कुछ जानकारी मेरे तक पहुंचाई है। उन्होंने पुणे में कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन पर कहा कि इससे कुछ नहीं होगा। यहां के राजनीतिक दल लड़ने के लिए सक्षम हैं।
जबकि संजय के बयान पर अभिजीत दीपके ने कहा कि इस बारे में मैं नहीं जानता हूं। मेरी पीएम से कैसे मुलाकात हो सकती है। मैं एक साधारण छात्र हूं और उनका (पीएम) प्रोटोकॉल इतना होता है मैं कैसे मिल सकता हूं। उन्होंने कहा कि हम स्वतंत्र हैं। हम किसी भी पार्टी के साथ नहीं जुड़ेंगे। हालांकि अगर कोई सियासी दल हमें समर्थन करना चाहता है तो वह इसके लिए स्वतंत्र हैं लेकिन हम किसी के साथ नहीं जुड़ेंगे. हमारा आंदोलन स्वतंत्र है।

अमरवाड़ा। करोड़पति बनने और तंत्र-मंत्र के चक्कर में वन्यजीव तस्करों द्वारा राष्ट्रीय पशु बाघ के शिकार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के हर्रई में करीब एक महीने पहले तस्करों ने बाघ का शिकार कर उसके अंगों की तस्करी की पूरी बिसात बिछा ली थी।
पूर्व वन मंडल अधिकारी (DFO) स्वरूप दीक्षित ने बताया कि जैसे ही विभाग को बाघ के शिकार और उसके अवशेष बेचने की भनक लगी, वन विभाग ने एक अनोखी रणनीति अपनाई। विभाग के कुछ कर्मचारियों को नकली ‘सौदागर’ बनाकर आरोपियों के पास भेजा गया। तस्करों ने शुरुआत में बाघ की खाल और अन्य अंगों के बदले 1 करोड़ रुपये की मोटी रकम मांगी थी लेकिन बातचीत के बाद सौदा 30 लाख रुपये में तय हुआ। जैसे ही डील पक्की होने का इशारा मिला, वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर चारों आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद जब आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उनकी निशानदेही पर वन अमले ने नरसिंहपुर जिले के करेली रेंज के जंगलों में जाकर गड्ढा खुदवाया। आरोपी शिकार के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से बाघ के बचे हुए अवशेषों को वहां जमीन में दफन कर चुके थे, जिन्हें वन विभाग ने बरामद कर लिया है।
इस पूरी बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने में एसडीओ (SDO) अनादि बुधोलिया और रेंजर कीर्ति बाला गुप्ता ने अपनी टीम के साथ मुख्य भूमिका निभाई। डीएफओ स्वरूप दीक्षित ने इस बड़ी सफलता पर खुशी जताते हुए ऐलान किया है कि वन्यजीव तस्करों के इस खतरनाक गिरोह का पर्दाफाश करने वाली पूरी टीम को पुरस्कृत किया जाएगा। फिलहाल पुलिस और वन विभाग इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि इस शिकार के पीछे कहीं “धन वर्षा” और “तंत्र-मंत्र” का कोई बड़ा रैकेट तो काम नहीं कर रहा था।

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प्रतिबंध के बावजूद दौड़ते रहे कोयला लदे वाहन, कलेक्टर ने अडानी समेत 6 कंपनियों पर FIR के आदेश दिए
सिंगरौली। जिले में कोयला परिवहन पर लगाए गए प्रशासनिक प्रतिबंध की खुलेआम अवहेलना करने के मामले में कलेक्टर गौरव बैनल ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रतिबंधित अवधि के दौरान कोयला परिवहन किए जाने पर एपीएमडीसी, टीएचडीसी, अडानी लॉजिस्टिक्स, अडानी एंटरप्राइजेज, एसीसी लिमिटेड तथा सृष्टि लॉजिस्टिक्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में संबंधित वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र और परमिट भी निरस्त किए जाएंगे।
जानकारी के अनुसार, जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित अव्यवस्था को रोकने के उद्देश्य से कलेक्टर द्वारा 22 मई 2026 को आदेश जारी कर 23 मई सुबह 6 बजे से 24 मई दोपहर 12 बजे तक सड़क मार्ग से कोयला एवं फ्लाई ऐश के परिवहन पर रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद प्रतिबंधित अवधि में कई कोयला लदे वाहन सरई और बरगवां क्षेत्र में संचालित होते पाए गए।
तहसीलदार बरगवां की जांच रिपोर्ट के मुताबिक 23 मई को सुबह लगभग 9 बजे चार कोयला लदे वाहनों को सरई, झुरही और उज्जैनी मार्ग से ग्राम मझौली स्थित रेलवे साइडिंग की ओर जाते समय पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि ये वाहन प्रतिबंध के बावजूद करीब 60 किलोमीटर का सफर तय कर चुके थे और लगभग दो घंटे तक परिवहन कार्य में लगे रहे।
मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने संबंधित परियोजनाओं और परिवहनकर्ताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, लेकिन प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद कलेक्टर ने आदेश उल्लंघन को कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में नियमों के उल्लंघन पर बड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
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मंदसौर SP की कार्रवाई: जनप्रतिनिधियों से विवाद के बाद दो आरक्षक लाइन अटैच, दो पुलिसकर्मी निलंबित
मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में पुलिस महकमे से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले में कानून व्यवस्था और अनुशासन को लेकर एसपी ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। एसपी ने अलग-अलग मामलों में लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने पर दो पुलिस आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है जबकि अन्य दो आरक्षकों को लाइन अटैच करने के आदेश जारी किए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार गरोठ थाना क्षेत्र में पदस्थ दो पुलिस आरक्षकों का स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र व्यवहार और विवाद की शिकायत आला अधिकारियों तक पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदसौर एसपी ने त्वरित एक्शन लिया और गरोठ थाने के दोनों आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया।
दूसरी बड़ी कार्रवाई भावगढ़ थाने में देखने को मिली है। यहां कर्तव्य के प्रति लापरवाही और अन्य गंभीर शिकायतों के चलते भावगढ़ थाने पर पदस्थ दो पुलिस आरक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। मंदसौर एसपी ने इन दोनों ही मामलों से जुड़े आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। पुलिस कप्तान की इस कड़े रुख ने साफ संदेश दे दिया है कि ड्यूटी में किसी भी तरह की लापरवाही या दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सतना। सतना में एक बुजुर्ग को कागजों में मृत दिखाकर उसके स्वामित्व की जमीन बेचने के मामले में कोठी पुलिस ने सगे भाइयों समेत निलंबित पटवारी के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि मूलत: कोठी निवासी ईश्वरदीन सोनी पिता चंदूलाल 85 वर्ष, मौजूदा समय में कामता टोला सतना में रहते हैं। उनके परिवार में पत्नी, तीन पुत्र एवं एक पुत्री है। ईश्वरदीन के स्वामित्व में कोठी में कुल तीन किता 0.1680 हेक्टेयर पुश्तैनी भूमि है।
आरोप है कि उनकी जमीनों को हड़पने के लिए उनके भतीजे रामकरण सोनी और कताहुर सोनी पिता रामसुजान ने पार्षद से फर्जी पंचमाना रिपोर्ट बनवाते हुए तत्कालीन कोठी हल्का पटवारी प्रवीण सिंह से सांठगांठ कर उक्त आराजियातों का वारसाना-नामांतरण 12 जून 2025 को अपने नाम प्रमाणित करा लिया। इसके बाद छल पूर्वक हासिल की गईं सभी जमीन 9 लाख रुपए मूल्य में बेच दीं गईं।
उधर जब यह बात बुजुर्ग को पता चली तो उनके होश उड़ गए। हैरान-परेशान पीडि़त ने जनसुनवाई में उपस्थित होकर कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के समक्ष गुहार लगाई, तो उन्होंने फौरन जांच के निर्देश दे दिए। इस मामले पर प्रशासनिक पड़ताल में फर्जीवाड़ा सामने आने पर कोठी तहसीलदार सौरभ द्विवेदी ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मंगलवार को जांच प्रतिवेदन कोठी थाने में पेश किया, जिसके आधार पर आरोपी रामकरण सोनी, कताहुर सोनी और तत्कालीन हल्का पटवारी प्रवीण सिंह के खिलाफ (अपराध क्रमांक 159/26) बीएनएस की धारा 318(4) और 61 के तहत पंजीबद्ध कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
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इंदौर के व्यापारी से हुई 2 लाख की लूट का खुलासा, दोस्त ही निकला मास्टरमाइंड; 5 आरोपी गिरफ्तार
जबलपुर। माढ़ोताल थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात को प्लानिंग के तहत अंजाम दिया गया था। आरोपियों ने पहले व्यापारियों की गतिविधियों पर नजर रखी और फिर मिर्च पाउडर फेंककर लूट की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने जल्द कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अभी फरार है।
इंदौर निवासी अभय कुमार सिंह ने माढ़ोताल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने दोस्त लखन चौरसिया के साथ व्यापार की उधारी लेने के लिए 6 जून को जबलपुर आया था। इंदौर में रहने वाला उसका दोस्त पीयूष पटेल, जो मूल रूप से जबलपुर का निवासी है, उसने अपने जीजा के घर रुकने की व्यवस्था करवाई थी। दोनों व्यापारी पाटन बायपास स्थित घर में रुके और अगले दिन उधारी की रकम लेने के लिए रवाना हुए।
दोनों व्यापारी बाइक से मझौली गांव पहुंचे, जहां से उधारी के 2 लाख रुपए प्राप्त किए। इसके बाद वे वापस जबलपुर लौट आए। इसी दौरान पीयूष पटेल ने फोन कर बताया कि उसका एक सामान किसी लड़के के जरिए भेजा जा रहा है, जिसे साथ ले आना है। एक युवक बाइक से पहुंचा और एक पैकेट देकर चला गया, जिसे अभय कुमार ने अपने पास रख लिया।
व्यापारी इंदौर लौटने की तैयारी कर रहे थे। तभी पैकेट लेकर आए युवक ने दोनों को बस स्टैंड छोड़ने की बात कही। दोनों व्यापारी उसकी बाइक पर बैठ गए। युवक उन्हें हाईवे की सर्विस रोड से ले जा रहा था। इसी दौरान पूरी योजना के तहत अन्य आरोपी भी आसपास मौजूद थे।
7 जून की शाम करीब 7:30 बजे स्कूटी पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे और व्यापारियों की आंखों में मिर्च पाउडर फेंक दिया। बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। व्यापारी कुछ समझ पाते उससे पहले बदमाशों ने चाकू की नोक पर बैग में रखे 2 लाख रुपए लूट लिए और फरार हो गए। हालांकि उनके साथ मौजूद राजेंद्र पटेल भी भागने लगा, लेकिन अभय और लखन ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के दौरान राजेंद्र पटेल भी संदिग्ध रूप से मौजूद था। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि इंदौर में रहने वाले पीयूष पटेल के कहने पर ही पूरी वारदात को अंजाम दिया गया। उसने बताया कि इस साजिश में आलोक पांडे, रोहित उर्फ रोहन ठाकुर, शरद बेन और बृजेश उर्फ बिज्जू अन्ना भी शामिल थे। पुलिस ने कुछ ही घंटों में सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि वारदात का मास्टरमाइंड पीयूष पटेल अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
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दो बच्चों वाले नियम पर सीएम मोहन यादव ने लगाई रोक, उठाया बड़ा कदम, दिये ये निर्देश
भोपाल. एमपी में सरकारी नौकरी पाने के इच्छुक लाखों उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दो बच्चों वाला नियम पूरी तरह समाप्त करने का आदेश दिया है. यह नियम वर्ष 2001 से लागू था और इसके तहत दो से अधिक संतान वाले लोग सरकारी भर्ती के लिए अयोग्य माने जाते थे. अब मोहन यादव सरकार ने इस पुराने प्रावधान को वापस ले लिया है.
सामान्य प्रशासन विभाग ने वर्ष 2001 में यह प्रावधान लागू किया था. इसके अनुसार, 26 जनवरी 2001 के बाद जिन उम्मीदवारों के दो से अधिक जीवित बच्चे हों, वे सीधी भर्ती के योग्य नहीं माने जाते थे. इतना ही नहीं, राज्य की सिविल सेवा आचार संहिता नियम 1965 के अंतर्गत दो से अधिक बच्चे होना सरकारी कर्मचारी के लिए कदाचार की श्रेणी में आता था. यानी नौकरी करने वाले कर्मचारी पर भी यह नियम लागू होता था.
हाल ही में मध्य प्रदेश में सेवा की सामान्य शर्तें नियम 2026 का मसौदा तैयार किया गया था. इसे आधिकारिक पोर्टल पर डाला गया और आम नागरिकों से 15 जून तक सुझाव मांगे गए थे. इस मसौदे में कई नए प्रावधानों के साथ-साथ पुराने दो बच्चों वाले नियम को भी शामिल कर लिया गया था, जिससे जनता में नाराजग़ी फैल गई.
मुख्यमंत्री का सख्त आदेश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस विवाद पर तत्काल संज्ञान लिया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आधिकारिक पोर्टल से पुराना मसौदा तुरंत हटाया जाए.
2001 से चले आ रहे सभी संबंधित नियमों को रद्द किया जाए.
- नया और आधुनिक मसौदा तैयार किया जाए
-इस विषय पर कोई भी पुराना प्रावधान लागू नहीं रहेगा
इस फैसले से राज्य की सरकारी भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आएगा. अब तक बहुत से योग्य उम्मीदवार केवल इस नियम के कारण आवेदन नहीं कर पाते थे. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम संविधान की भावना के अनुरूप भी है, क्योंकि परिवार नियोजन एक निजी निर्णय है.
मध्य प्रदेश सरकार के इस फैसले का राज्यभर में स्वागत हो रहा है. रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे युवा वर्ग को अब बच्चों की संख्या की बाधा पार किए बिना सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा.

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हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है. STF हरियाणा विदेश भागे कुख्यात गैंगस्टर वेंकटेश गर्ग को जॉर्जिया से भारत लेकर आ गई है. गर्ग दिल्ली और हरियाणा में दर्ज एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामलों में वांछित है और उस पर विदेश में बैठकर संगठित अपराध सिंडिकेट संचालित करने के आरोप हैं. इंटरपोल के ‘रेड नोटिस’ और हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर वेंकटेश गर्ग को 11 जून 2026 को जॉर्जिया से सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित कर भारत वापस ले आया...

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जबलपुर। साइबर ठगों ने लूट का एक ऐसा नया और खौफनाक तरीका अख्तियार कर लिया है जिसने हर मोबाइल यूजर के होश उड़ा दिए हैं। आमतौर पर लोग सोचते हैं कि जब तक वे किसी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करेंगे या अपना OTP शेयर नहीं करेंगे तब तक उनका बैंक खाता सुरक्षित है। लेकिन लॉर्डगंज थाना क्षेत्र में रहने वाले एक फैक्ट्री कर्मचारी के साथ जो हुआ उसने हम सभी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हमारा पैसा आखिर सुरक्षित कहा रहेगा?जानकारी के मुताबिक लार्डगंज थाना...
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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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