


सतना शहर में सोमवार शाम एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। एक युवक अपनी प्रेमिका को भगाने के इरादे से दूर दिल्ली से आया था, लेकिन उसकी योजना बीच रास्ते में ही फेल हो गई। इसके बाद जो हुआ, उसने हर किसी को चौंका दिया। प्रेम संबंधों के मामले कई बार अचानक बड़ा रूप ले लेते हैं। इस घटना में भी ऐसा ही हुआ। जैसे ही युवक को पकड़ा गया, माहौल तनावपूर्ण हो गया और देखते ही देखते लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
यह पूरा मामला सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र के आदर्श नगर नई बस्ती का है। यहां श्रवण कुमार नाम का युवक अपनी प्रेमिका को लेकर भागने आया था। बताया जा रहा है कि युवक उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले का रहने वाला है और दिल्ली में काम करता है। उसका स्थानीय युवती से लंबे समय से प्रेम संबंध चल रहा था। जैसे ही युवक प्रेमिका के साथ भागने की कोशिश कर रहा था, तभी परिजनों को इसकी भनक लग गई। इसके बाद दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया गया।
युवक के पकड़े जाने के बाद माहौल अचानक गर्म हो गया। परिजन और मोहल्ले के लोग गुस्से में आ गए। इसके बाद युवक की जमकर पिटाई की गई। इतना ही नहीं, उसे रस्सी से खंभे में बांध दिया गया। यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। लोगों ने इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी। कुछ ने इसे गलत बताया, तो कुछ ने इसे भावनाओं का उबाल कहा।
जानकारी के अनुसार, यह पहली बार नहीं था जब दोनों भागने की कोशिश कर रहे थे। इससे पहले भी दोनों एक बार घर से भाग चुके थे। उस समय पुलिस की मदद से युवती को वापस लाया गया था। लेकिन इसके बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा। यही वजह रही कि युवक दोबारा सतना पहुंच गया। हालांकि, इस बार उसकी योजना सफल नहीं हो सकी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवक को खंभे से छुड़ाकर अपने साथ थाने ले गई। इसके साथ ही दोनों पक्षों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया। पुलिस ने पूरे मामले को शांत कराने की कोशिश की। इस दौरान स्थिति को नियंत्रण में लाया गया और आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस के अनुसार, युवती बालिग है और उसने युवक के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। इसी वजह से फिलहाल युवक के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया गया। हालांकि, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह देखा जा रहा है कि कहीं कोई कानून का उल्लंघन तो नहीं हुआ।
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बारातियों से भरे वाहन को टैंकर ने मारी टक्कर, पांच लोगों की मौत
बड़वानी। खंडवा-बड़ौदा हाईवे खरगोन-बड़वानी रोड पर जुलवानिया टोल प्लाजा के पास मंगलवार दोपहर को एक भीषण सड़क हादसे में पांच बारातियों की मौत हो गई। इस दुर्घटना में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी मृतक और घायल राजपुर क्षेत्र में आई एक बारात में शामिल होने के बाद लौट रहे थे।
पुलिस के अनुसार जलगौन से बारात राजपुर आई हुई थी। बारात में शामिल एक चार पहिया वाहन का डीजल खत्म हो गया था। वाहन में सवार युवक डीजल लेने के लिए जुलवानिया गए थे।
डीजल लेकर वापस राजपुर की ओर लौटते समय जुलवानिया टोल प्लाजा के पास खरगोन की तरफ से आ रहे एक तेज रफ्तार टैंकर ने उनकी कार को सामने से जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। सूचना मिलते ही जुलवानिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। सभी चार घायलों को तत्काल 108 एंबुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जुलवानिया ले जाया गया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के दौरान एक और युवक ने दम तोड़ दिया। तीन गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय बड़वानी रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
हादसे में इनकी हुई मौत
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान सचिन गोकूल वास्कले 25 वर्ष निवासी पटेलपुरा साकड़), प्रदुम्य पुत्र गुलीचंद सहते 25 वर्ष निवासी सालखेड़ा, पप्पू पुत्र हिरालाल 29 वर्ष निवासी लिम्बई और आकाश पुत्र दयाराम 25 वर्ष निवासी रालामंडल, यशवंत सुपड़िया निवासी जलगोन के रूप में हुई है। घायलों में सुरेश मांगीलाल निवासी देवझिरी, सोहन झाबर निवासी सालखेड़ा शामिल हैं।
थाना प्रभारी जुलवानिया राम कुमार पाटिल ने बताया कि हादसे के बाद टैंकर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने टैंकर जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।
मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम किया गया है। इस हादसे की खबर मिलते ही राजपुर में चल रहे शादी समारोह में शोक छा गया।
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पाकिस्तानी गैंगस्टर के गुर्गे अरेस्ट: NCR में ग्रेनेड से हमला और टारगेट किलिंग की थी तैयारी, मध्य प्रदेश के रहने वाले है दोनों आरोपी
ग्वालियर। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि ये युवक पाकिस्तान के इशारों पर काम करने वाले गैंगस्टर और आईएसआई से संबंधित शहजाद भट्टी के निर्देश पर काम करते थे। ग्रेनेड से हमला और टारगेट किलिंग की तैयारी थी। फिलहाल दोनों को 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज गया है। मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस टीम ने एनसीआर क्षेत्र में फायरिंग, ग्रेनेड हमले और टारगेट किलिंग करने की साजिश रचने वाले भट्टी गैंग के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, राजवीर (21) मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र का रहने वाला है। वहीं विवेक बंजारा (19) ग्वालियर का ही रहने वाला है। राजवीर को 18 अप्रैल को दिल्ली के सराय काले खां इलाके से गिरफ्तार किया गया था। जबकि विवेक बंजारा को 16 अप्रैल को ग्वालियर के डबरा से दबोचने में कामयाबी मिली थी।
इस बीच पुलिस को राजवीर के कब्जे से एक पिस्तौल और छह जिंदा कारतूस बरामद हुए। उसके पास से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए, जिनमें आपत्तिजनक वीडियो और वॉइस नोट्स मिले हैं। स्पेशल सेल को खुफिया जानकारी मिली थी कि शाहजाद भट्टी और उसके भारत स्थित साथी दिल्ली-एनसीआर में टारगेट किलिंग और हमलों की साजिश रच रहे हैं।
इस मामले में 31 मार्च को मुकदमा दर्ज किया गया था। पूछताछ में पता चला कि दोनों आरोपियों को सोशल मीडिया के जरिए ‘राना भाई’ नाम के व्यक्ति ने भर्ती किया था। मार्च में भट्टी ने राजवीर को हथियार लाने के लिए अहमदाबाद भेजा था। इसके बाद 9 अप्रैल को दोनों अमृतसर गए और वहां से एक पिस्तौल, 15-20 कारतूस तथा 20 हजार रुपये लेकर आए थे।
ग्वालियर मध्यप्रदेश के ग्वालियर में बेखौफ बदमाशों का आतंक बढ़ता जा रहा है। शहर के एक प्रॉपर्टी कारोबारी और कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि गुंडों ने उसे बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की और लाखों रूपये के तीन चेक साइन करवाने के साथ ही उसके साथ ओरल सेक्स किया। इतना ही नहीं आरोपियों ने उसका इस दौरान वीडियो भी बनाया। कारोबारी का ये भी आरोप है कि गुंडों ने अपने दुश्मन को गालियां दिलवाकर उसके ही मोबाइल से वीडियो बनाया और दुश्मनों को भेजा है।
घटना 15 अप्रैल की बताई गई है, तब ग्वालियर शहर के गोला का मंदिर इलाके में रहने वाले 48 वर्षीय प्रॉपर्टी कारोबारी के साथ घटना हुई है। पीड़ित कारोबारी के मुताबिक सोनू से उसका कुछ लेन-देन चल रहा था इसी बात को ओमकार ने फोन कर कहा बातचीत करनी है आ जाओ। क्योंकि वो ओमकार को पहले से जानता है इसलिए मिलने के लिए ओमकार के पीतांबरा धर्मकांटा पहुंच गया। वहां से ओमकार और गौरी यादव उसे कार से अपने ऑफिस ले गए।
पीड़ित कारोबारी के मुताबिक ऑफिस में ओमकार के कुछ और साथी पहले से मौजूद थे। वहां पहुंचते ही उसके साथ गाली गलौच की गई और मार डालने की धमकी दी गई। आरोपियों ने उससे शराब के लिए पैसे मांगे और बेटे से जबरदस्ती 1500 रुपये ले लिए। कारोबारी का आरोप है कि ओमकार ने इसी दौरान पिस्टल अड़ाकर उसके साथ ओरल सेक्स किया और गौरी यादव ने मोबाइल से वीडियो बनाया। आरोपियों ने उसे डरा धमकाकर उससे 10-10 लाख रुपये के तीन चेक भी साइन करवा लिए। आरोपियों ने उससे डराकर ये वीडियो भी बनवाया कि उसने चेक अपनी मर्जी से दिए हैं।
पीड़ित कारोबारी का आरोप है कि आरोपी ओमकार व उसके साथियों ने इस दौरान पिस्टल की नोंक पर डरा धमकाकर उससे दुश्मन सोनू को गालियां दिलवाईं और उसके ही मोबाइल से वीडियो बनाकर सोनू राठौर को भेज दिए। आरोपियों ने सोनू राठौर को मौके पर बुलाने का दबाव भी बनाया। करीब तीन घंटे तक पीड़ित आरोपियों के पास बंधक रहा और छूटने पर रात नौ बजे के करीब थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच में ले लिया है। सभी आरोपी अभी फरार हैं जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।
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इंदौर में डॉक्टरों की ‘पाकिस्तानी डिग्रियों’ का खेल? जनसुनवाई में 32 डॉक्टरों पर फर्जीवाड़े के आरोप, जांच के आदेश
इंदौर। शहर में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जनसुनवाई में अधिवक्ता चर्चित शास्त्री ने शिकायत दर्ज कराते हुए दावा किया कि इंदौर में 32 से अधिक डॉक्टर कथित तौर पर पाकिस्तानी डिग्रियों और संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर प्रैक्टिस कर रहे हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ये डॉक्टर शहर के अलग-अलग क्लीनिक और अस्पतालों में मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जबकि उनकी शैक्षणिक योग्यता पर गंभीर सवाल हैं।
शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि पहले भी कुछ मामलों में गलत इलाज के कारण मरीजों की मौत तक हो चुकी है, जिनमें बाद में एफआईआर दर्ज हुई और डिग्रियों को फर्जी बताया गया। मामले को लेकर 3 फरवरी 2026 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी Madhav Hasani को सूचना के अधिकार के तहत आवेदन दिया गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद 9 मार्च को क्षेत्रीय स्वास्थ्य संचालक Shaji Joseph के पास अपील की गई।
बताया गया कि क्षेत्रीय संचालक ने 24 मार्च को मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ को 7 दिन में दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि शहर में फर्जी डॉक्टरों और अस्पतालों को संरक्षण मिल रहा है, जिससे आम लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। इस पर जिलाधीश ने तुरंत संज्ञान लेते हुए एडीएम नवजीवन पंवार को जांच कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। शिकायत में जिन डॉक्टरों के नाम शामिल किए गए हैं, वे शहर के विभिन्न हिस्सों में प्रैक्टिस करते बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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तालिबानी सजा... किशोरी से मिलने पहुंचे युवक का सिर मुंडाया, कालिख पोत गांव में घुमाया
विदिशा। लटेरी तहसील क्षेत्र के ग्राम मोहनपुर खुर्द में एक किशोरी से मिलने पहुंचे युवक को पकड़ लिया गया। किशोरी के स्वजन ने हाथ-पैर बांधकर जूतों और लाठियों से युवक की बेरहमी से पिटाई की। उसका सिर मुंडाकर चेहरे पर कालिख पोत दी। गले में जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाया। सोमवार दोपहर की इस घटना का तमाशबीन बने लोग मोबाइल से वीडियो बनाते रहे। पुलिस युवक को छुड़ाकर थाने लाई।
एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे के अनुसार, किशोरी के नाबालिग होने के कारण स्वजन की शिकायत पर युवक के विरुद्ध पाक्सो एक्ट और छेड़छाड़ सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। वहीं, युवक के साथ मारपीट और अभद्रता पर चार लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
मुंबई में ड्रग्स ओवरडोज से दो लोगों की मौत के बाद मुंबई पुलिस का एंटी नारकोटिक्स सेल पूरे एक्शन मोड में है. इसी कड़ी में ठाणे जिले के टिटवाला इलाके में छापेमारी कर पुलिस ने करीब 5000 एमडीएमए (MDMA) गोलियों का बड़ा जखीरा बरामद किया है. इस मामले में पुलिस ने कथित ‘ड्रग्स क्वीन’ ए पॉल को गिरफ्तार किया है, जिसे लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. जांच के मुताबिक आरोपी महिला ठाणे के टिटवाला में बैठकर मुंबई में ड्रग्स सप्लाई का बड़ा नेटवर्क चला रही थी.
पुलिस सूत्रों का कहना है कि ए पॉल शहर के ड्रग्स कारोबार में अच्छी पकड़ बना चुकी थी और कई सप्लायर्स व पेडलर्स से उसका सीधा संपर्क था. जांच में पटा चल है कि, इस धंधे में आने से पहले ए पॉल बतौर बार डांसर काम किया करती थी. उसने इस धंधे के जरिये करोड़ों कमाए. फिलहाल वह करोड़ों के एक आलिशान घर में रह रही थी.शुरुआती जांच में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी आशंका जताई जा रही है.
पुलिस ने इस मामले में टिटवाला स्थित ए पॉल के आलिशान घर में छापा मारकर करीब 5 हजार एक्स्टेसी गोलियां बरामद कीं. इन गोलियों की कीमत करीब 6 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इस मामले में ए. पॉल नाम की महिला को गिरफ्तार किया गया है, जो इस पूरे नेटवर्क का अहम हिस्सा बताई जा रही है. इस पूरे मामले की शुरुआत साकीनाका से हुई छापेमारी से जुड़ी है. पुलिस ने सबसे पहले 200 एक्स्टेसी गोलियों के साथ इरफान अंसारी को गिरफ्तार किया था. पूछताछ के दौरान उसने सुफियान नाम के एक शख्स का नाम बताया, जो इस रैकेट का अहम कड़ी था. इसके बाद पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं और धीरे-धीरे जांच टिटवाला तक पहुंच गई. इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने ए. पॉल तक पहुंच बनाई.
पुलिस उपायुक्त नवनाथ ढवले के मार्गदर्शन में टीम ने लगातार तीन दिनों तक तकनीकी सबूत जुटाए. लोकेशन ट्रैकिंग और सर्विलांस के जरिए आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की गई. आखिरकार टीम टिटवाला स्थित उसके घर तक पहुंची और शनिवार रात छापा मारा गया. जब घर की तलाशी ली गई तो भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद हुई, जिसे देखकर पुलिस टीम भी चौंक गई.
आरोपी महिला को इस बात का पूरा भरोसा था कि पुलिस उसके घर तक नहीं पहुंच पाएगी. इसी वजह से उसने इतना बड़ा स्टॉक अपने घर में ही छिपाकर रखा था. बरामद एक्स्टेसी गोलियों पर मर्सिडीज और डॉलर जैसे चिन्ह बने हुए थे. इससे पहले नेस्को ड्रग्स पार्टी मामले में भी इसी तरह के चिन्ह वाली गोलियां मिली थीं. पुलिस को आरोपी के पास से 5 मोबाइल फोन और 7 से 8 सिम कार्ड भी मिले हैं. जांच में पता चला है कि वह ड्रग्स सप्लाई के लिए अलग-अलग नंबरों का इस्तेमाल करती थी, ताकि पुलिस को ट्रैक करने में मुश्किल हो. फिलहाल पुलिस इन सभी मोबाइल और सिम कार्ड के डेटा की जांच कर रही है. उम्मीद जताई जा रही है कि इससे इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और बड़े सप्लायर का खुलासा हो सकता है.
पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं. अंमली पदार्थ विरोधी विभाग ने जांच तेज कर दी है और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच की जा रही है. इस कार्रवाई के बाद यह साफ हो गया है कि मुंबई और उसके आसपास ड्रग्स नेटवर्क काफी गहराई तक फैला हुआ है. पुलिस अब इस पूरे सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने की तैयारी में है. एंटी नारकोटिक्स सेल की इस कार्रवाई को शहर में ड्रग्स के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है.
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सुप्रीम कोर्ट ने पूछा : मूर्ति छूना ईश्वर का अपमान कैसे, सबरीमाला पक्ष बोला- भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी, इसलिए परंपराएं वैसी
नई दिल्ली। सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश और धार्मिक प्रथाओं से जुड़े विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। नौ जजों की संवैधानिक पीठ इस मामले के साथ-साथ धार्मिक आस्था से जुड़े 66 अन्य मामलों पर भी विचार कर रही है। फैसला जल्द आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि कोर्ट अब तक कई सुनवाई कर चुका लेकिन अंतिम परिणाम अब भी सामने आना बाकि है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद महिलाओं 10 से 50 वर्ष आयु वर्ग के सबरीमाला मंदिर में प्रवेश को लेकर है। 1991 में केरल हाईकोर्ट ने इस आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। बाद में 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रतिबंध को हटा दिया। इसके खिलाफ कई पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गईं, जिन पर अब फिर से सुनवाई हो रही है।
किसी व्यक्ति को जन्म के आधार पर देवता को छूने से कैसे रोक सकते?
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए। जस्टिस ने पूछा कि किसी भक्त को केवल उसके जन्म, वंश या जैविक कारणों के आधार पर देवता को छूने से रोकना क्या संविधान के मूल अधिकारों का उल्लंघन नहीं है। कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि “मूर्ति को छूना ईश्वर का अपमान कैसे हो सकता है?” इस पर न्यायाधीशों ने संकेत दिया कि अगर किसी आस्थावान व्यक्ति को भेदभाव का सामना करना पड़ता है, तो क्या संविधान उसकी रक्षा के लिए आगे नहीं आएगा।
मंदिर पक्ष की दलील क्या है?
सबरीमाला मंदिर की ओर से पेश वकील एडवोकेट गिरी ने कहा कि मंदिरों के रीति-रिवाज उस धर्म का अभिन्न हिस्सा होते हैं और इनमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि भगवान अयप्पा ‘नैष्ठिक ब्रह्मचारी’ माने जाते हैं, इसलिए मंदिर की परंपराएं उसी आधार पर तय की गई हैं। उनके अनुसार, पूजा-पद्धति देवता की प्रकृति के अनुरूप ही होनी चाहिए।
वकील ने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति का हिंदू होना केवल मंदिर जाने पर निर्भर नहीं करता। कई लोग बिना मंदिर जाए भी अपने धर्म का पालन करते हैं। इसलिए जो व्यक्ति मंदिर जाता है, उसे वहां की परंपराओं का पालन करना होगा, जो संविधान के अनुच्छेद 25(1) के तहत संरक्षित हैं।
सुनवाई के दौरान जस्टिस ने यह भी पूछा कि आधुनिक समय में, जब शिक्षा और विचारों का विस्तार हुआ है, तो क्या धार्मिक प्रथाओं को पूरी तरह तर्क से परे माना जा सकता है। साथ ही, अगर किसी संप्रदाय के भीतर ही किसी प्रथा को लेकर मतभेद हों, तो ऐसी स्थिति में अदालत की भूमिका क्या होगी।
7 अप्रैल से शुरू हुई इस सुनवाई में केंद्र सरकार ने भी परंपराओं के समर्थन में दलील दी है। सरकार का कहना है कि जैसे कुछ मंदिरों में महिलाओं के प्रवेश पर रोक है, वैसे ही कुछ देवी मंदिरों में पुरुषों का प्रवेश भी प्रतिबंधित है, इसलिए धार्मिक मान्यताओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
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साइबर घोटाला: फर्जी खातों से 2500 करोड़ रुपये का खेल, बैंक अधिकारियों समेत 20 गिरफ्तार
डिजिटल डेस्क: गुजरात के राजकोट में 2500 करोड़ रुपये के बड़े साइबर फ्रॉड (Rajkot Cyber Fraud) का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस मामले में प्राइवेट बैंकों के अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने हाल ही में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है।
राजकोट (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक विजय गुर्जर के अनुसार, पाधाधरी स्थित यस बैंक के पर्सनल मैनेजर मौलिक कामानी, जामनगर स्थित एक्सिस बैंक के मैनेजर कल्पेश डांगरिया और एचडीएफसी बैंक के पर्सनल बैंकर अनुराग बाल्धा को गिरफ्तार किया गया है। इन तीनों पर साइबर ठगी में शामिल होने का आरोप है।
जांच में सामने आया कि मौलिक कामानी ने पहले से गिरफ्तार आरोपियों को संदिग्ध बैंक खाते खोलने और उन्हें संचालित करने में मदद की। उसने कई दस्तावेजों के जरिए खातों को सक्रिय रखा, जिससे बड़े ट्रांजैक्शन पर बैंक अलर्ट सिस्टम को नजरअंदाज किया जा सके।
कल्पेश डांगरिया ने फर्जी पहचान के जरिए खाते खुलवाने में मदद की, जबकि अनुराग बाल्धा ने वेरिफिकेशन और सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी कर नए खाते खोले। तीनों अधिकारी खातों से नकद निकासी में भी सहयोग करते थे, जिसे बाद में हवाला चैनलों के माध्यम से आगे भेजा जाता था।
पुलिस ने अब तक इस रैकेट से जुड़े 85 बैंक खातों की पहचान की है। साइबर क्राइम पोर्टल पर इस मामले से जुड़ी 535 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। तीनों गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपी पहले से जेल में बंद हैं।
डबरा (ग्वालियर)। मध्य प्रदेश के डबरा में तहसील परिसर में जुए के फड़ पर दबिश दी गई। इस दौरान 6 जुआरियों को दबोचा गया है। जिसमें एसडीएम कार्यालय में पदस्थ एक बाबू भी शामिल है। वहीं एक जुआरी मौके से भाग निकला। यह कार्रवाई ट्रेनी आईपीएस अफसर ने की है। बताया जा रहा है कि यहां हर रविवार अवकाश वाले दिन जुआ खेला जाता है। मामला सिटी थाना क्षेत्र का है।
मिली जानकारी के मुताबिक, देहात थाने में पदस्थ ट्रेनी IPS मनोज कुमार ने सिटी थाना क्षेत्र के तहसील परिसर के चल रहे जुए के फड़ पर दबिश दी। इस दौरान 6 जुआरियों को पकड़ा है। एक जुआरी नरेंद्र शास्त्री भाग गया, उसको भी आरोपी बनाते हुए 7 जुआरियों पर मामला दर्ज किया है। इन जुआरियों में SDM कार्यालय में पदस्थ बाबू मनोज शर्मा भी शामिल हैं।
सभी जुआरी रविवार की शाम तहसील परिसर में जुआ खेल रहे थे, जो कि अनुशासनहीनता में आता है। इस बात की सूचना पर कार्रवाई की गई, जिसमें 6 जुआरी पकड़े गए। पकड़े गए जुआरियों के नाम मनोज शर्मा, लाखन सिंह बघेल, भीकम कुशवाह, पहाड़ सिंह बघेल, मनीष पाल, सत्यपाल सिंधी और मौके से भागने वाले नरेंद्र शास्त्री शामिल है। जिनसे 46 हजार रुपए, ताश की गड्डी और 3 बाइक जब्त की है। सभी जुआरियों को नोटिस देकर बाद में छोड़ा दिया गया। सूत्रों की माने तो ये जुआरी शासकीय कर्मचारियों के साथ मिलकर हर रविवार को अवकाश वाले दिन जुआ खेलते थे।
इस पूरे मामले में आईपीएस मनोज कुमार ने बताया पुलिस को सूचना मिली थी कि तहसील कार्यालय में जुआ खेला जा रहा है। रविवार को छुट्टी का दिन होने के चलते वहां लोग नहीं रहते, इसकी का फायदा उठाकर जुआ खेला जा रहा था। जानकारी मिलते ही डबरा शहर और देहात पुलिस की ज्वाइंट टीम बनाई और मौके पर भेजा गया। जहां 6 लोगों को जुआ खेलते हुए पकड़ा गया। टोटल 46 हजार रुपये जब्त किए गए है। वहीं सरकारी कर्मचारी के शामिल होने वाले सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। जांच चल रही है। जब FIR होकर पूछताछ होगी, तो उसमें आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अवैध वसूली के आरोप में 6 शासकीय रेलवे पुलिसकर्मी निलंबित
ग्वालियर। रेलवे स्टेशन पर अवैध वसूली के आरोप में GRP (NG) पुलिस पर लगे मारपीट के मामले में वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के बाद BG और NG में पदस्थ 6 पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। मामले में आगे की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
दरअसल ग्वालियर की R.K.कंपनी की किचन में काम करने वाले वेंडर अमित धाकरे और राघव सिंह ने GRP नैरोगेज(NG) ब्रॉडगेज (BG) में पदस्थ आरक्षकों पर आरोप लगाते हुए शिकायत में बताया कि शनिवार की रात बिलासपुर राजधानी एक्सप्रेस में ऑर्डर का खाना सप्लाई करने जा रहे थे। IRCTC का वैध पहचान पत्र होने के बावजूद GRP पुलिस स्टाफ ने उन्हें रोका और उनकी चारों द्वारा बेरहमी से मारपीट करना शुरू कर दी। जिससे उन दोनों के शरीर पर काफी चोटें आई और जयारोग्य अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था।
घटना की जानकारी ग्वालियर से लेकर भोपाल तक वरिष्ठ अधिकारियों को मिली। वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल आनन फानन में ग्वालियर पहुंचा और जांच पड़ताल शुरू की। जांच में प्रथम दृश्य संदिग्ध पाए जाने पर GRP ब्रॉडगेज (BG) और नैरोगेज (NG) थाना में पदस्थ आरक्षक योगेश जाट, मनोज जाट, आशीष चौरसिया, विकास सोलंकी, नमन कुमार, निहाल सिंह को GRP पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा ने निलंबित कर आगे की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
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विधायक का जागा पुत्र मोहः SDPO को दी खुली चुनौतीः बोले- करेरा तुम्हारे बाप का नहीं
शिवपुरी। पिछोर से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी का एक वीडियो सोमवार को वायरल हुआ है। वीडियो में (आईपीएस) एसडीओपी करेरा आयुष जाखड़ को खुली चुनौती देते हुए सवाल भी कर रहे हैं कि करेरा क्या तुम्हारे डैडी का है। इतना ही नहीं, विधायक ने कहा कि मेरा बेटा दिनेश करेरा भी आएगा तथा चुनाव भी लड़ेगा। उनकी इस लाइन ने स्थानीय नेताओं को चिंतित कर दिया।
गौरतलब है कि पिछोर विधायक के छोटे पुत्र दिनेश लोधी ने बीते 16 अप्रैल को अपनी थार गाड़ी से 5 लोगों को टक्कर मार दी थी। घटना की सूचना मिलते ही प्रीतम लोधी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी किया था कि मेरा बेटा या परिवार से पहले जनता सर्वोपरी है। घटना के दो दिन बाद जब करेरा एसडीओपी के सामने दिनेश की पेशी हुई, एसा बताया जा रहा है कि आयुष जाखड़ ने दिनेश को चेतावनी दी कि अब करेरा में दिख मत जाना।
आईपीएस की इस लाइन ने प्रीतम लोधी में पुत्र प्रेम जाग उठा और उन्होंने आईपीएस को चेतावनीभरे लहजे में कहा कि करेरा तुम्हारे डैडी का नहीं है, मेरा बेटा दिनेश करेरा जाएगा और वहां से चुनाव भी लड़ेगा। उनका तो यहां तक कहना है कि मेरे बेटे से मामूली एक्सीडेंट हो गया, तो उसे इतना हाइलाइट कर दिया गया, पुलिस अपना यह रूप दिखा रही है।
आलीराजपुर। मध्यप्रदेश के आलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा में शासकीय राशि में हेरफेर के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। 18 करोड़ के शिक्षा विभाग घोटाले के बाद अब आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था में करीब 4 करोड़ का बड़ा गबन सामने आया है। रविवार देर शाम कट्ठीवाड़ा थाने में तीन अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
यह पूरा मामला आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था से जुड़ा हुआ है। जिन तीन आरोपियों पर मामला दर्ज किया गया है, उनमें निर्भय सिंह तोमर, गिरधारी लाल राठौड़ और रमेश भूरिया शामिल हैं। शिकायतकर्ता उदय सिंह चौहान के आवेदन और चार्टर्ड अकाउंटेंट की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 3 करोड़ 99 लाख 5 हजार 661 रुपये की शासकीय राशि का गबन किया। बैंक के CBS सिस्टम में फर्जी आईडी बनाकर गलत एंट्री की गईं। किसानों के नाम पर उनकी तय सीमा से ज्यादा ऋण दिखाकर राशि निकाली गई, वहीं किसानों की ओर से जमा की गई रकम को उनके खातों में दर्ज ही नहीं किया गया।
इस पूरे मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 409 के तहत मामला दर्ज किया है। कट्ठीवाड़ा पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और उप-निरीक्षक लालू सिंह भूरिया को विवेचना की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदोरिया ने बताया कि कट्ठीवाड़ा में 420 और 409 के तहत केस दर्ज किया गया है। बैंक से संबंधित निर्भय सिंह तोमर, गिरधारी लाल राठौड़ और रमेश भूरिया पर मामला दायर किया गया है। इन्होंने एग्रीकल्चर लोन तो दिया, लेकिन जो रिकवरी आ रही थी, उसे संबंधित खाते में जमा नहीं की थी। लगभग 4 करोड़ की राशि का गबन किया गया है। फिलहाल विवेचना की जा रही है।
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दुकान में घुसकर मिर्च पाउडर झोंककर लूट, बदमाशों ने किया गल्ला साफ
जबलपुर। गढ़ा फाटक जैसे व्यस्त इलाके में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए बाइक सवार तीन बदमाशों ने एक दुकानदार के साथ मारपीट कर लूट की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। आरोपियों ने दुकानदार की आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर उसे असहाय बना दिया और फिर दुकान के गल्ले में रखी नकदी लूटकर फरार हो गए। इस घटना के बाद से स्थानीय व्यापारियों में भारी दहशत और आक्रोश का माहौल है।
पीड़ित दुकानदार संयम जैन ने लॉर्डगंज थाना पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि पूरी वारदात के पीछे पुरानी रंजिश का हाथ है। संयम ने बताया कि शनिवार को उनका पड़ोसी छोटू सेन के साथ सड़क पर बिल्डिंग मटेरियल फैलाने को लेकर विवाद हुआ था। उस समय तो मामला किसी तरह शांत हो गया था, लेकिन आरोपी छोटू सेन ने इस बात की रंजिश अपने मन में पाल ली थी। इसी का बदला लेने के लिए रविवार को आरोपी अपने दो अन्य साथियों के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर संयम जैन की दुकान पर पहुंचा।
बदमाशों ने पूरी योजना के साथ इस हमले को अंजाम दिया। जैसे ही बाइक से नीचे उतरे, उन्होंने बिना किसी बातचीत के संयम जैन की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया, जिससे उन्हें कुछ भी दिखाई देना बंद हो गया। जब पीड़ित अपनी आंखों की जलन से जूझते हुए खुद को संभालने की कोशिश कर रहे थे, तभी बदमाशों ने लाठियों से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बुरी तरह घायल होकर दुकानदार के बेदम होते ही बदमाशों ने दुकान के गल्ले को निशाना बनाया और अंदर रखी नकदी लूटकर बाइक से मौके से फरार हो गए।
लहूलुहान हालत में पीड़ित दुकानदार जैसे-तैसे लॉर्डगंज थाने पहुंचा और पुलिस को घटना की पूरी जानकारी दी। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से घायल दुकानदार को चिकित्सा परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी धरपकड़ तेज कर दी है। गढ़ा फाटक इलाके में हुई इस लूट की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि बदमाशों के चेहरे और उनके भागने के रास्तों का पता लगाया जा सके। पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी छोटू सेन और उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। फिलहाल, पुलिस की टीमें इलाके में सघन जांच कर रही हैं और व्यापारियों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है।
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जीआरपी का बड़ा एक्शन, सेना के जवानों को ठगने वाली दिल्ली की 'टप्पेबाज' गैंग गिरफ्तार; 9 लाख का माल बरामद
भोपाल। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों और सेना के जवानों की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वाली दिल्ली की 'टप्पेबाज' गैंग का भोपाल जीआरपी ने पर्दाफाश किया है। यह गिरोह बातों के जाल में फंसाकर पलक झपकते ही लोगों की जेबें साफ कर देता था।
पुलिस ने गैंग के छह सदस्यों को दबोचकर उनके पास से चोरी के मोबाइल, नकदी और वारदात में इस्तेमाल वाहन सहित करीब नौ लाख रुपये का मशरुका बरामद किया है। जीआरपी भोपाल टीआइ जहीर खान ने बताया कि इस गिरोह के काम करने का तरीका फिल्मी था।
ये बदमाश कागज के टुकड़ों को रुमाल में लपेटकर नोटों की 'नकली गड्डी' तैयार करते थे। भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर ये किसी सीधे-साधे यात्री या सेना के जवान को निशाना बनाते और उन्हें विश्वास में लेकर वह नकली गड्डी थमा देते थे।
जब तक पीड़ित कुछ समझ पाता, ये शातिर उसका मोबाइल और एटीएम कार्ड पार कर चुके होते थे और तुरंत खाते से पैसे निकाल लेते थे।
इस अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ 16 अप्रैल को हुआ, जब उद्योग नगरी एक्सप्रेस से आए सेना के जवान अमर सिंह इस ठगी का शिकार हुए। पुलिस अधीक्षक (रेल) राहुल कुमार लोढ़ा के निर्देशन में गठित टीम ने जब स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो कुछ संदिग्ध युवक जवान को घेरे हुए नजर आए।
इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दिल्ली की बवाना कालोनी के निवासी जोगिंदर, दिलशाद, अरशद, सुमित, मोहम्मद अनवर और अमानतुल्लाह को गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपितों ने न केवल भोपाल, बल्कि इंदौर में भी डेढ़ लाख रुपये की चोरी की बात कबूल की है। आरोपित अरशद और सुमित पुराने अपराधी हैं, जिन पर दिल्ली, गाजियाबाद और मथुरा में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
इस सफलता में थाना प्रभारी जहीर खान और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रेलवे और जीआरपी पुलिस ने अपील की है कि रेलवे स्टेशन या भीड़भाड़ वाली जगहों पर किसी भी अनजान व्यक्ति की बातों में न आएं। यदि कोई आपको नोटों की गड्डी या लावारिस सामान का लालच दे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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