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इंदौर की लसूडिया थाना पुलिस ने एमडी ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में दो महिलाओं समेत आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 65 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी ऐसा भी पकड़ा गया, जिसकी शादी महज तीन दिन बाद होने वाली थी, यानि वो तीन दिन बाद दूल्हा बनने वाल अता लेकिन उससे पहले ही हवालात पहुंच गया।
डीसीपी अमन राठौर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि लसूडिया थाना पुलिस ने 21 सितंबर को एमडी ड्रग्स की तस्करी के खिलाफ दो अलग-अलग कार्रवाई की। पहली कार्रवाई महालक्ष्मी नगर इलाके में की गई, और दूसरी कार्रवाई निरंजनपुर मंडी क्षेत्र में की गई दोनों ही जगह पुलिस को सफलता मिली, पुलिस ने एमडी भी जब्त की और आरोपी भी गिरफ्तार किये।
डीसीपी राठौर ने बताया कि पुलिस ने महालक्ष्मी नगर क्षेत्र में एक फ़्लैट में दबिश देकर हर्ष शर्मा, रानी कौशल और रूपाली रावल को पकड़ा। आरोपियों के कब्जे से एमडी ड्रग्स बरामद की गई। पुलिस के मुताबिक आरोपी रूपाली पूर्व में भी एनडीपीएस के मामले में गिरफ्तार हो चुकी है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर एमडी की सप्लाई चेन और ड्रग्स उपलब्ध कराने वाले सप्लायर तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
दूसरी कार्रवाई निरंजनपुर मंडी क्षेत्र में मुखबिर की सूचना पर की गई। यहां पुलिस ने शहजाद चौधरी और मोहम्मद सद्दाम को गिरफ्तार किया, पूछताछ में समाने आया कि आरोपियों ने अवैध मादक पदार्थ शेख अनस निवासी झालावाड़ राजस्थान से ख़रीदे थे, पुलिस ने झालवाड़ पहुंचकर अनस को भी गिरफ्तार कर लिया आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया, पूछताछ में मालूम चला कि अनस की तीन दिन बाद शादी थी यानि निकाह से पहले पुलिस ने उसेहवालात पहुंचा दिया , पुलिस ने अनस के कब्जे से एमडी ड्रग्स और एक काली पल्सर बाइक बरामद की।
डीसीपी ने बताया कि महालक्ष्मी नगर की कार्रवाई की 9 ग्राम और निरंजनपुर मंडी क्षेत्र की कार्रवाई में 56 ग्राम एमडी ड्रग्स मिली है, इस तरह पुलिस ने दोनों कार्रवाई में कुल 65 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की है , आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब आरोपियों की फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन भी कर रही है, जिससे ड्रग्स के कारोबार से अर्जित संपत्ति और लेन-देन की जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले अन्य सप्लायर और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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गणेश पंडाल में गरबा को लेकर खूनी संघर्ष! दो गुटों में पथराव और लाठी-डंडे चले
खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के भीकनगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जेतगढ़ में देर रात गणेशोत्सव के दौरान बड़ा बवाल हो गया। गणेश पंडाल में गरबा नृत्य करने को लेकर दो आदिवासी गुट आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ा कि एक गुट ने पंडाल में पहुंचकर दूसरे गुट पर अचानक लाठी-डंडों से हमला कर दिया और जमकर पथराव किया।
मारपीट और पथराव की यह पूरी घटना वहां मौजूद लोगों के कैमरों में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में लोग एक-दूसरे पर लाठियां भांजते और पत्थर फेंकते नजर आ रहे हैं।
इस खूनी संघर्ष में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्राथमिक उपचार कराने के बाद दोनों घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में केस दर्ज कर लिया है और उपद्रव मचाने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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कलयुगी पिता ने 3 मासूम बेटियों के साथ की हैवानियत , पुलिस ने भेजा सलाखों के पीछे
बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी के सेंधवा ग्रामीण थाना क्षेत्र के मुहाला गांव की रहने वाली तीन नाबालिग बहनों ने अपने पिता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बालिकाओं के मुताबिक, उनकी मां करीब आठ साल पहले उन्हें छोड़कर चली गई थी, जिसके बाद से तीनों अपने पिता के साथ रह रही थीं।
बालिकाओं का आरोप है कि पिछले एक से डेढ़ साल से पिता उनके साथ आपत्तिजनक हरकत कर रहा था। शिकायत में बच्चियों ने शरीर के निजी अंगों को छूने और उन्हें भी पिता के निजी अंगों को छूने के लिए कहने का आरोप लगाया है। मामले में बच्चियों की उम्र 14, 11, और 10 वर्ष बताई जा रही है। परिजनों के साथ ग्रामीण थाने पहुंची बालिकाओं की शिकायत पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेंधवा ग्रामीण थाना प्रभारी ओपी सिंह के मुताबिक, आरोपी पिता को गिरफ्तार किया गया है और तीनों बालिकाओं का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

अशोकनगर। मध्य प्रदेश के अशोकनगर के चंदेरी क्षेत्र के चुरारी गांव में शराब दुकान के विरोध में हुए महिलाओं के प्रदर्शन के बाद अब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दुकान में तोड़फोड़ के मामले में 21 लोगों को नामजद करते हुए पांच अन्य महिला पुरुषों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। दुकान संचालक ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों ने दुकान में रखी शराब की बोतलें तोड़ीं,सीसीटीवी कैमरे क्षतिग्रस्त किए और पांच हजार रुपये गायब हो गए। शिकायत में कुल एक लाख 64 हजार रुपये के नुकसान का दावा किया गया है।
दरअसल चंदेरी थाना क्षेत्र के चुरारी-गौराकला चौराहे पर शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। चुरारी और आसपास के गांवों की महिलाएं दुकान पर पहुंचीं और ताला तोड़कर अंदर रखी शराब की बोतलें बाहर निकालकर सड़क पर फोड़ दीं। महिलाओं का कहना था कि शराब के कारण परिवार आर्थिक परेशानी और घरेलू विवादों से जूझ रहे हैं। उन्होंने दुकान हटाने की मांग करते हुए कहा था कि अब इस दुकान को चलने नहीं दिया जाएगा। प्रदर्शन के बाद दुकान संचालक की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की है। शिकायत के मुताबिक, दुकान पर लाठियों से हमला कर तोड़फोड़ की गई, सीसीटीवी कैमरे तोड़े गए और पांच हजार रुपये गायब होने का आरोप है।
संचालक ने शराब और अन्य सामान के नुकसान को मिलाकर एक लाख 64 हजार रुपये की क्षति बताई है। पुलिस ने 21 लोगों को नामजद किया है, जबकि पांच अन्य महिला-पुरुषों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। दर्ज आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। बहरहाल एक ओर महिलाएं शराब दुकान हटाने की मांग पर अड़ी हैं, तो दूसरी ओर दुकान में तोड़फोड़ को लेकर पुलिस ने केस दर्ज किया है। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई और शराब दुकान को लेकर प्रशासन का रुख अहम रहेगा।
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स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन: अवैध क्लिनिक सील, होम्योपैथिक के रजिस्ट्रेशन में एलोपैथिक इलाज
शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल में मरीजों के इलाज को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है। बुढ़ार में एक क्लीनिक पर छापेमारी के दौरान इलाज के तरीके और पंजीयन को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आने का दावा किया गया है।
डॉ बड़गैय्या क्लिनिक में होम्योपैथिक का रजिस्ट्रेशन में लेकिन ये नियम विरुद्ध मरीज को भर्ती कर एलोपैथिक इलाज कर रहे थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लिनिक को सील कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब दस्तावेज खंगाले तो चौंकाने वाला माजरा सामने आया। डॉ. बड़गैय्या क्लिनिक में होम्योपैथिक का रजिस्ट्रेशन में नियम विरुद्ध मरीज को भर्ती कर एलोपैथिक इलाज कर रहा था। ​स्वास्थ्य विभाग की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध और फर्जी क्लीनिक संचालकों में भारी हड़कंप मच गया है।
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ग्राम पंचायत में सवा करोड़ का निर्माण घोटालाः सरपंच पद से बेदखल और सचिव निलंबित
जबलपुर। जिले की शाहपुरा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत में निर्माण कार्यों के नाम पर वित्तीय अनियमितता और भारी धांधली का बड़ा मामला उजागर हुआ है। बिना काम कराए ही कागज़ों पर सवा करोड़ रुपये (₹1.25 करोड़) की राशि आहरित (निकाल) ली गई। इस गंभीर फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सरपंच को पद से पृथक कर दिया है, वहीं पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पूरे मामले का खुलासा एसडीएम (SDM) की अध्यक्षता में गठित विशेष जांच दल की रिपोर्ट के बाद हुआ। जांच समिति ने पाया कि पंचायत में विकास और निर्माण कार्यों के नाम पर स्वीकृत की गई राशि का काम शुरू होने से पहले ही आहरण कर लिया गया था और भारी वित्तीय अनियमितता बरती गई थी।पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी सरपंच को पद से पृथक (बर्खास्त) कर दिया गया है। मामले में संलिप्त ग्राम पंचायत सचिव को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मामले की जानकारी देते हुए जिला पंचायत सीईओ (CEO) अभिषेक गहलोत ने बताया कि शाहपुरा जनपद पंचायत के अंतर्गत निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितता और बिना काम कराए राशि निकालने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। एसडीएम स्तर की जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद नियमानुसार सरपंच के खिलाफ धारा 40 की कार्रवाई की गई है और सचिव को निलंबित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

जमुई और समस्तीपुर के बाद अब बिहार के मधेपुरा से स्कूल के बाहर छात्रों के विवाद का वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ युवक छात्राओं और एक लड़के को घेरकर बहस करते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान हाथापाई जैसी स्थिति भी नजर आ रही है।
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के एक स्कूल के बाहर का है। वीडियो में कुछ लड़के बाइक से आए एक युवक को घेरते नजर आ रहे हैं। भीड़ में मौजूद लड़के उसकी बाइक की चाबी निकाल लेते हैं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो जाती है। वायरल वीडियो में कुछ छात्राएं भी विवाद में शामिल होती दिखाई दे रही हैं। घटना 22 सितंबर की बताई जा रही है।
स्कूल के प्रधानाध्यापक का कहना है कि स्कूल परिसर के अंदर ऐसी कोई घटना नहीं हुई। स्कूल के बाहर क्या हुआ, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू की।
उदाकिशुनगंज थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार ने बताया कि मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में शिकायत नहीं मिली है। एसडीपीओ पवन कुमार सिंह के मुताबिक वायरल वीडियो 22 सितंबर 2026 का है।
पुलिस के अनुसार, वीडियो उदाकिशुनगंज के उदा उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय के बाहर का है। उस समय स्कूल में अर्द्धवार्षिक परीक्षा चल रही थी। पहली पाली की परीक्षा खत्म होने के बाद छात्र-छात्राएं घर जा रहे थे। इसी दौरान स्कूल के बाहर सड़क पर एक लड़का बाइक लेकर खड़ा था। कुछ छात्रों को शक हुआ कि वह किसी छात्रा से मिलने आया है। इसके बाद अन्य छात्र-छात्राएं भी वहां पहुंच गए और आपस में बहस होने लगी। पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में छेड़खानी या किसी अन्य आपराधिक घटना की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे सभी नाबालिगों की पहचान कर ली है। उनके परिजनों को नोटिस दिया गया है और जेजे एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
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शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1,200 अंक टूटा, निवेशकों के डूबे ₹4.33 लाख करोड़, जानें गिरावट की 5 बड़ी वजहें
मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार (24 सितंबर) को एक बार फिर भारी बिकवाली का दौर देखने को मिला. बाजार में चौतरफा दबाव के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 1 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. कारोबार के दौरान निफ्टी 50 फिसलकर 23,200 के स्तर के पास आ गया, वहीं सेंसेक्स में भी 1,200 अंकों से ज्यादा की भारी गिरावट देखी गई.
बाजार में आई इस अचानक गिरावट से निवेशकों की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है. बीएसई (BSE) पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर लगभग ₹480.68 लाख करोड़ रह गया, जो पिछले सत्र में ₹485.01 लाख करोड़ था. इस तरह महज एक ही दिन में निवेशकों के करीब ₹4.33 लाख करोड़ स्वाहा हो गए.
बाजार में गिरावट की मुख्य वजहें
गिरावट का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड का बढ़ना रहा. अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड बढ़कर करीब 5.11% तक पहुंच गई, जो 2007 के बाद का उच्चतम स्तर है. जब अमेरिका जैसे सुरक्षित बाजार में सरकारी बॉन्ड पर ज्यादा रिटर्न मिलने लगता है, तो विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते और जोखिम वाले बाजारों (Emerging Markets) से पैसा निकालकर वहां निवेश करने लगते हैं.
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) बड़ी चिंता बन गया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें एक बार फिर $100 प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर $102-$106 के दायरे में पहुंच गईं. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है, जिससे देश के आयात बिल और महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है.
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिली है. मजबूत डॉलर और महंगे कच्चे तेल का द्विस्तरीय असर भारत जैसे तेल आयातक देशों पर पड़ता है. इससे भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ता है और आयात महंगा हो जाता है. वैश्विक स्तर पर नकारात्मक संकेतों ने भी घरेलू निवेशकों के सेंटीमेंट को कमजोर किया.
दिग्गज फाइनेंशियल और बैंकिंग शेयरों—जैसे Bajaj Finance, HDFC Bank, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank—में भारी बिकवाली दर्ज की गई. इसके अलावा बीमा (Insurance) सेक्टर के शेयरों पर भी दबाव दिखा. इसका मुख्य कारण IRDAI द्वारा जारी कंसल्टेशन पेपर है, जिसमें इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन और कमीशन नियमों में बदलाव के प्रस्ताव हैं. बाजार को आशंका है कि इससे कंपनियों की मार्जिन पर असर पड़ सकता है.
डेरिवेटिव्स सेगमेंट की मंथली/वीकली एक्सपायरी के चलते भी बाजार में काफी वोलैटिलिटी (उतार-चढ़ाव) रही. पहले से ही वैश्विक दबाव झेल रहे बाजार में ट्रेडर्स द्वारा अपनी पोजीशन रोलओवर करने और बड़े सौदों के एडजस्टमेंट के कारण बिकवाली का दबाव और ज्यादा बढ़ गया.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट किसी एक वजह से नहीं, बल्कि वैश्विक और घरेलू कारकों के एक साथ हावी होने से आई है. आने वाले दिनों में बाजार की चाल काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर-रुपये के विनिमय दर और IRDAI के अंतिम फैसलों पर निर्भर करेगी.

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CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया, इस्तीफा नहीं तो देशभर में आंदोलन की चेतावनी
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। पार्टी ने ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे के भीतर इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया है। CJP ने कहा कि अगर तय समय में इस्तीफा नहीं दिया गया तो दिल्ली के जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा और इसके बाद देशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। पार्टी के नेताओं ने यह ऐलान चुनाव आयोग के भीतर विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सामने आई आपत्तियों की रिपोर्ट के बाद किया है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार चुनाव आयोग की कुछ प्रक्रियाओं और फैसलों पर लिखित आपत्ति दर्ज की थी।
CJP नेता अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं और लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ा है। दीपके ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में जनता को अपनी सरकार चुनने का अधिकार है, लेकिन SIR की प्रक्रिया के जरिए यह तय किया जा रहा है कि कौन मतदान कर सकेगा और कौन नहीं। उन्होंने चुनाव आयोग में सामने आई कथित आंतरिक आपत्तियों का हवाला देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
CJP नेता सौरभ दास ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के पास सरकार बदलने का सबसे बड़ा माध्यम उसका वोट है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मतदाता का नाम ही सूची से हटा दिया जाए तो वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भूमिका कैसे निभाएगा। दास ने SIR से जुड़े आंकड़ों और चुनाव आयोग के भीतर दर्ज आपत्तियों का हवाला देते हुए युवाओं से इन रिपोर्टों को पढ़ने और पूरे मामले को समझने की अपील की। उनका कहना था कि पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के भीतर कई बार आपत्तियां दर्ज की गईं और दो चुनाव आयुक्तों ने कुछ प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार लिखित रूप से कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति जताई। इनका संबंध नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और बहाली, Form-6 तथा मतदाता डेटाबेस और सूचना प्रौद्योगिकी व्यवस्था से जुड़े मामलों से था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ कदमों को लेकर उन्हें अनधिकृत या नियमों के विपरीत बताते हुए आपत्ति दर्ज की थी। मतदाता डेटाबेस के केंद्रीकरण और चुनावी सूचना प्रौद्योगिकी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक नए मतदाता के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले Form-6 में SIR से जुड़ा एक सवाल जोड़ा गया था। इसमें नए मतदाता या उसके माता-पिता अथवा दादा-दादी के पिछली SIR की मतदाता सूची में होने से संबंधित जानकारी मांगी गई थी। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बदलाव को लेकर चुनाव आयुक्तों की ओर से आपत्तियां दर्ज की गई थीं और नियमों में बदलाव की आवश्यकता का मुद्दा उठाया गया था। CJP ने इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और पूरे मामले की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
वहीं, चुनाव आयोग ने सामने आई रिपोर्ट पर अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि बहुसदस्यीय संवैधानिक संस्था में अलग-अलग राय, सुझाव और टिप्पणियां आना सामान्य प्रक्रिया है। आयोग के मुताबिक, SIR समेत पिछले एक साल में लिए गए सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। चुनाव आयोग ने 14 आपत्तियों के अस्तित्व को लेकर रिपोर्ट में किए गए उल्लेख को खारिज नहीं किया लेकिन इन्हें सुझाव और टिप्पणियों के तौर पर बताया। आयोग का कहना है कि अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।
CJP ने कहा है कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं देते हैं तो पार्टी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी। इसके बाद आंदोलन को देशभर में ले जाने की चेतावनी दी गई है। पार्टी नेताओं ने SIR के तहत मतदाता सूची में हुए बदलाव, चुनाव आयोग के भीतर सामने आई आपत्तियों और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों को आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बताया है। फिलहाल CJP की ओर से लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं। चुनाव आयोग ने अपनी ओर से SIR से जुड़े अंतिम फैसलों को सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय बताया है।

नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। नर्मदापुरम की कोतवाली थाना पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर पुलिस लाइन में पदस्थ कांस्टेबल सोमिल सक्सेना के खिलाफ दुष्कर्म और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सिपाही पिछले करीब सात महीने से ड्यूटी से लगातार गैरहाजिर चल रहा था।
पीड़ित 37 वर्षीय महिला नर्मदापुरम से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित एक गांव की निवासी है। पीड़िता के अनुसार लगभग एक वर्ष पूर्व सोमिल ने उसे नर्मदा तट तक छोड़ने के बहाने लिफ्ट दी थी। इसी दौरान दोनों के बीच जान-पहचान हुई और संपर्क नंबरों का आदान-प्रदान हुआ। इसके बाद दोनों में फोन पर बातचीत शुरू हो गई। पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी सोमिल सक्सेना ने अपने भाई के इलाज का बहाना बनाकर उससे आर्थिक मदद मांगी। महिला ने मदद करते हुए उसे अपने 10 ग्राम सोने के जेवर दे दिए।
आरोप है कि जब महिला ने अपने गहने वापस मांगे, तो आरोपी ने उसे गहने लौटाने के बहाने अपने घर बुलाया और वहां उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। आरोपी ने महिला के साथ दो से तीन बार इस वारदात को अंजाम दिया। एसपी साईं कृष्णा एस. थोटा ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर सिटी कोतवाली में मामला दर्ज कर आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को वर्ष 2022 में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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भोपाल में वकीलों का प्रदर्शन, अधिवक्ता से मारपीट के आरोप में TI सस्पेंड
भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अदालत चौराहे पर बुधवार को जिला अदालत के वकीलों का सड़क पर खासा आक्रोश देखने को मिला। नाराज वकीलों ने जिला अदालत के बाहर के पूरे चौराहे पर चक्काजाम कर अदालत के वरिषण अधिवक्ता से बीती रात मारपीट करने वाले जहांगीराबाद टीआई के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इधर, मामले को तूल पकड़ता देख पुलिस विभाग ने भी बड़ा एक्शन लेते हुए थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है।
बता दें कि, राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद थाने में जिला अदालत के वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश रावल के साथ मारपीट का मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। भोपाल में वकीलों के प्रदर्शन के बाद थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
बता दें कि, मामला मंगलवार रात का है। बैरागढ़ कलां में रहने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश रावल, जो करीब 21 वर्षों से वकालत कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि, थाना परिसर में उनके साथ मारपीट की गई है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें राकेश रावल अपने शरीर पर लाठी से पिटाई के निशान दिखाते हुए जहांगीराबाद थाना प्रभारी और उनके स्टाफ पर मारपीट का आरोप लगा रहे थे। मामला सामने आने के बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता बीती रात भी जहांगीराबाद थाने पहुंच गए थे और थाने का घेराव करते हुए टीआई पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। कार्रवाई न किए जाने पर बुधवार को जिला अदालत के सामने चक्काजाम कर दिया।
बताया जा रहा है कि, मंगलवार रात डोल ग्यारस के मौके पर खटलापुरा इलाके में गणेश प्रतिमा विसर्जित की जा रही थी। इसी दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर अधिवक्ता राकेश रावल और ट्रैफिक एसीपी के बीच कहासुनी हुई थी। यहां से पुलिस राकेश रावल को पकड़कर जहांगीराबाद थाने ले आई थी। रावल का आरोप है कि, थाने लाकर टीआई और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। घटना की जानकारी मिलते ही मामला तेजी से फैल गया और बड़ी संख्या में वकील थाने पहुंच गए।
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41 मौतों के बाद बंडा शराब कांड के ‘किंगपिन’ का एनकाउंटर, साथी भी गिरफ्तार, देशी कट्टे और कारतूस बरामद
सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा शराब त्रासदी को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी और 30 हजार रुपए के इनामी बदमाश मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर को पुलिस ने मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मालथौन थाना क्षेत्र के नोनिया सेसई रोड घाटी पर हुई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में मनीष लोधी के पैर में चोट लगी है, जबकि उसका साथी आशीष साहू भी भागने के प्रयास में घायल हो गया।
पुलिस के अनुसार, थाना बड़ा और विनायका क्षेत्र में हुई शराब त्रासदी के बाद से ही मनीष लोधी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थी। सुबह करीब 3 बजे जब पुलिस टीम ने घेराबंदी की, तो आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मुख्य आरोपी मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर घायल हो गया। मौके से पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो देशी कट्टे, पांच कारतूस और एक बेसबॉल डंडा जब्त किया है। दोनों घायलों को इलाज के लिए तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गौरतलब है कि बंडा में जहरीली शराब पीने से अब तक 41 लोगों की जान जा चुकी है। पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में कुल 52 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें से अब तक 39 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। खास बात यह है कि 52 आरोपियों में शराब बनाने वाला मुख्य आरोपी और गांव में अवैध बिक्री करने वाले दो आरोपियों का निधन खुद इसी जहरीली शराब के सेवन से हो चुकी है।
पुलिस की इस सख्त कार्रवाई में यह तीसरा मौका है जब शराब कांड के किसी आरोपी को शार्ट एनकाउंटर के जरिए दबोचा गया है। इससे पहले पुलिस रवि लखेरा और शिवांजय सिंह को भी मुठभेड़ के दौरान शार्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि मामले में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और निष्पक्ष वैधानिक जांच जारी है।

बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट के किरनापुर पुलिस थाने में दंपति के साथ की गई मारपीट के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। SIT की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषी पाए गए चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR कर ली गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच डीएसपी प्रतिष्ठा राठौर के नेतृत्व में गठित SIT को सौंपी गई थी। जांच टीम ने घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की। इस दौरान SIT ने 49 से अधिक प्रत्यक्षदर्शियों, पीड़ित दंपती और गवाहों के बयान दर्ज किए तथा अन्य महत्वपूर्ण सबूतों का गहन विश्लेषण किया।
SIT की जांच रिपोर्ट में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई चौंकाने वाले और गंभीर तथ्य सामने आए हैं। जांच में सामने आया है कि पीड़ित महिला को गैर-कानूनी तरीके से थाने में बिठाकर रखा गया था। सूर्यास्त के बाद महिला की गिरफ्तारी की गई, जो सर्वोच्च न्यायालय और पुलिस नियमावली के स्पष्ट निर्देशों का सीधा उल्लंघन है। पुलिसकर्मियों ने दंपती को डराने-धमकाने और उन पर अनुचित दबाव बनाने के तथ्य भी साबित हुए हैं।
इस घटना के सामने आने के बाद मरार माली समाज में पुलिस के प्रति तीव्र आक्रोश पनप गया था। समाज के लोगों ने किरनापुर में उग्र प्रदर्शन और आंदोलन किया था। इस बवाल के दौरान आक्रोशित भीड़ ने थाने पर पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की थी, जिसके जवाब में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा था।
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मध्य प्रदेश में 6 महीने टल सकते हैं निकाय चुनाव, जनगणना और परिसीमन के कारण फंसा पेच
भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले निकाय चुनाव जनगणना के कारण प्रभावित हो सकते हैं। इसकी वजह वार्ड से लेकर नगर परिषद, नगर पालिका और नगर निगमों की आरक्षण प्रक्रिया है। इसकी प्रक्रिया शुरू करने का समय आ चुका है लेकिन जनगणना का कार्य चलने के कारण राज्य सरकारइसे आगे बढ़ा सकती है।
दरअसल, जनगणना के बाद नए वार्ड बनेंगे और वर्तमान नगरीय निकायों की सीमाएं भी परिवर्तित होंगी। इसे देखते हुए चुनाव छह माह के लिए आगे बढ़ाए जा सकते हैं। हाल ही में कानून व्यवस्था और वर्षा की स्थिति का हवाला देकर कुछ निकायों के चुनाव स्थगित कराए गए हैं।
प्रदेश में 16 नगर निगम, 99 नगर पालिका व 298 नगर परिषद मिलाकर 413 नगरीय निकाय हैं। इनके महापौर, अध्यक्ष के साथ 7,679 वार्ड पार्षद पद के लिए चुनाव कराए जाने हैं। इस बार नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव भी प्रत्यक्ष प्रणाली यानी सीधे मतदाताओं द्वारा कराया जाएगा।
एससी-एसटी और ओबीसी के साथ महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण रहेगा। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने महापौर और अध्यक्ष पद के आरक्षण के लिए विभाग ने आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास को विहित प्राधिकारी घोषित कर दिया है।
चूंकि, जनगणना की प्रक्रिया चल रही है इसलिए न तो वार्ड परिसीमन हो सकता है और न ही नए नियम बनाए जा सकते हैं। जबकि, सरकार द्वारा कुछ पंचायतों को मिलाकर नगर परिषद बनाने की घोषणा की है। जनगणना की प्रक्रिया पूरी होने तक इनका गठन नहीं हो सकता।
उधर, राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है कि आरक्षण की प्रक्रिया करना सरकार का काम है। हम चुनाव कराने वाली संस्था हैं। पांच वर्ष की अवधि पूर्ण होने से पहले हमें चुनाव कराना होता है। हमने मतदाता सूची अद्यतन कर ली है। सरपंच तक के चुनाव के लिए ईवीएम खरीदने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। यदि समय रहते ईवीएम उपलब्ध हो जाती है तो सारे चुनाव इसी से कराए जाएंगे।
सूत्रों का कहना है कि सरकार चुनाव को लेकर किसी भी प्रकार की जल्दबाजी नहीं करना चाहती है, इसलिए सहकारी समितियों के चुनाव भी हाई कोर्ट द्वारा बार-बार निर्देश देने के बाद भी नहीं कराए जा रहे हैं। नगरीय निकाय के चुनाव दलीय आधार पर होते हैं। इसके परिणामों को असर राजनीतिक दलों की विधानसभा चुनाव की तैयारी के साथ वातावरण पर पड़ता है।
वर्ष 2022 के चुनाव में महापौर पद का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली यानी सीधे मतदाताओं के माध्यम से हुआ था। 16 में से पांच नगर निगमों में कांग्रेस के महापौर चुने गए थे, जबकि सिंगरौली नगर निगम में महापौर आम आदमी पार्टी की रानी अग्रवाल जीती थीं।
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महिला प्रधान आरक्षक के पति ने लगाई फांसी: पेड़ से लटका मिला शव, जांच में जुटी पुलिस
भोपाल। राजधानी भोपाल के नेहरू नगर इलाके से एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ महिला प्रधान आरक्षक के पति ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक युवक अपनी पत्नी (महिला प्रधान आरक्षक) के साथ नेहरू नगर पुलिस लाइन में रहता था। बुधवार को नेहरू नगर पुलिस ग्राउंड में एक पेड़ से युवक का शव लटका हुआ मिला। स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों की नजर जब शव पर पड़ी, तो तुरंत कमला नगर थाना पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस के शुरुआती बयानों के अनुसार, मृतक अक्सर शराब के नशे में रहता था और अपनी महिला पुलिसकर्मी पत्नी के साथ मारपीट करता था। हालांकि, उसने यह आत्मघाती कदम किस वजह से उठाया, इसका सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
सूचना मिलते ही कमला नगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

प्रमुख समाचार

जमुई और समस्तीपुर के बाद अब बिहार के मधेपुरा से स्कूल के बाहर छात्रों के विवाद का वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ युवक छात्राओं और एक लड़के को घेरकर बहस करते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान हाथापाई जैसी स्थिति भी नजर आ रही है।बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के एक स्कूल के बाहर का है। वीडियो में कुछ लड़के बाइक से आए एक युवक को घेरते नजर आ रहे हैं। भीड़ में मौजूद लड़के उसकी बाइक की चाबी निकाल लेते हैं। इसके बाद...

मध्य प्रदेश

इंदौर की लसूडिया थाना पुलिस ने एमडी ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में दो महिलाओं समेत आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 65 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी ऐसा भी पकड़ा गया, जिसकी शादी महज तीन दिन बाद होने वाली थी, यानि वो तीन दिन बाद दूल्हा बनने वाल अता लेकिन उससे पहले ही हवालात पहुंच गया।डीसीपी अमन राठौर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि लसूडिया थाना पुलिस ने 21 सितंबर को...

अपराध

अशोकनगर। मध्य प्रदेश के अशोकनगर के चंदेरी क्षेत्र के चुरारी गांव में शराब दुकान के विरोध में हुए महिलाओं के प्रदर्शन के बाद अब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दुकान में तोड़फोड़ के मामले में 21 लोगों को नामजद करते हुए पांच अन्य महिला पुरुषों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। दुकान संचालक ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों ने दुकान में रखी शराब की बोतलें तोड़ीं,सीसीटीवी कैमरे क्षतिग्रस्त किए और पांच हजार रुपये गायब हो गए। शिकायत में कुल एक लाख 64...
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गुना सिटी

गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) अनंत चतुर्दशी पर्व के अवसर पर शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आवागमन एवं विभिन्न स्थानों पर होने वाले मूर्ति विसर्जन को दृष्टिगत रखते हुए आमजन की सुविधा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा सुगम एवं व्यवस्थित यातायात सुनिश्चित करने के लिए गुना पुलिस द्वारा विशेष यातायात व्यवस्था लागू की गई है । दोपहर 14:00 बजे से रात्रि 24:00 बजे तक शहर में निम्नानुसार यातायात प्रतिबंध एवं डायवर्शन व्यवस्था प्रभावी रहेगी—1. भारी मालवाहक वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित...

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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