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मध्य प्रदेश के भिंड जिले से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। गोहद तहसील क्षेत्र में पदस्थ पटवारी हिमांशु तोमर को ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने 6 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी जमीन के सीमांकन के बदले रिश्वत मांग रहा था। लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।
यह कार्रवाई बुधवार को मालनपुर थाना क्षेत्र के जोगीपुरा इलाके में स्थित कैडबरी फैक्ट्री के पास की गई। लोकायुक्त टीम पहले से ही जाल बिछाकर मौके पर मौजूद थी। जैसे ही पटवारी ने फरियादी से पैसे लिए, टीम ने तुरंत उसे पकड़ लिया।
जानकारी के मुताबिक आरोपी हिमांशु तोमर गोहद तहसील और एंडौरी उप तहसील के अंतर्गत आने वाले तुकैंडा हल्के में पटवारी के पद पर तैनात है। फरियादी राम खिलाड़ी चौहान ने ग्वालियर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी।
फरियादी का आरोप था कि उसकी जमीन का सीमांकन किया जाना था, लेकिन पटवारी काम करने के बदले पैसे मांग रहा था। पटवारी ने पहले 8 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता का कहना था कि बिना पैसे दिए सीमांकन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा रही थी। इसके बाद परेशान होकर फरियादी ने लोकायुक्त पुलिस से संपर्क किया और पूरी जानकारी दी।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। टीम ने पहले यह पता लगाया कि शिकायत सही है या नहीं। जांच में रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए पूरी योजना बनाई। फरियादी को कहा गया कि वह पटवारी से संपर्क बनाए रखे और बातचीत जारी रखे।बातचीत के दौरान रिश्वत की रकम 8 हजार रुपए से घटाकर 6 हजार रुपए तय हुई। जैसे ही पैसे देने का समय तय हुआ, लोकायुक्त टीम सक्रिय हो गई।
बुधवार को तय योजना के अनुसार फरियादी आरोपी पटवारी के पास पहुंचा। जैसे ही उसने 6 हजार रुपए पटवारी हिमांशु तोमर को दिए, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया।
लोकायुक्त अधिकारियों ने मौके पर ही आरोपी के हाथ धुलवाए। जांच में पुष्टि हुई कि आरोपी ने रिश्वत की रकम हाथ में ली थी। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर मालनपुर थाना लाया गया। कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद लोगों में भी काफी हलचल देखने को मिली। अचानक हुई इस कार्रवाई से आसपास के लोग भी हैरान रह गए।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी पटवारी से देर शाम तक पूछताछ की गई। लोकायुक्त टीम ने उससे जुड़े दस्तावेज और अन्य जरूरी जानकारी भी जुटाई। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी पहले भी इस तरह रिश्वत लेने के मामलों में शामिल रहा है या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस मामले में कोई और कर्मचारी या अधिकारी भी शामिल तो नहीं है। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आगे की जांच जारी है।
पटवारी की गिरफ्तारी के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई है। जिले में इस कार्रवाई की चर्चा तेजी से हो रही है। लोगों का कहना है कि सीमांकन, नामांतरण और नक्शे से जुड़े कामों में अक्सर आम जनता को परेशान किया जाता है। कई बार बिना पैसे दिए काम नहीं होता, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मध्य प्रदेश में पिछले कुछ समय में कई सरकारी कर्मचारी और अधिकारी रिश्वत लेते पकड़े जा चुके हैं। लोकायुक्त लगातार ट्रैप कार्रवाई कर भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रही है। इसके बावजूद कई विभागों में रिश्वतखोरी की शिकायतें लगातार सामने आती रहती हैं। खासतौर पर राजस्व विभाग में जमीन से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार की शिकायतें ज्यादा देखने को मिलती हैं।
अब इस मामले में आगे की जांच जारी है और लोकायुक्त पुलिस आरोपी पटवारी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
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थाने के मेन गेट पर लगी हथकड़ी: खुद सुरक्षा ढूंढ रही पुलिस! वीडियो हुआ वायरल
डबरा (ग्वालियर)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले की पुलिस को अब खुद ही सुरक्षा की जरूरत आन पड़ी है। ये इसलिए कह रहे हैं क्यों कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें एक फरियादी अपनी फरियाद लेकर थाने पहुंचता है, लेकिन उसे एक भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आता। फरियादी थाने में आवाज लगाता हुआ दिखाई दे रहा है, लेकिन कोई भी सुनने वाला नहीं था। उसने इसका वीडियो भी बनाया है।
यह पूरा मामला ग्वालियर जिले के पिछोर थाने का बताया जा रहा है। जहां रात के समय एक फरियादी अपनी फरियाद लेकर पहुंचता है, लेकिन थाने का गेट ही बंद मिलता है। इतना ही नहीं गेट पर हथकड़ी डाली होती हैं और पुलिसकर्मी अंदर सोते रहे है। फरियादी करीब 1 घंटे तक चिल्लाता रहा, लेकिन कोई भी पुलिसकुर्मी उठकर नहीं आया। फरियादी ने थाने के अंदर का वीडियो भी बनाया। इसके बाद वह अपने घर लौट जाता है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद खाकी वर्दी पर गंभीर सवाल उठ रहे है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि 24 घंटे नागरिकों की सुरक्षा देने का जिम्मा, जिनके कंधों पर है वही ताला डालकर गहरी नींद में सो जाएं तो क्या होगा ? अगर रात के समय कोई बड़ी घटना हो जाए तो आखिरकार इसका जिम्मेदार कौन होगा ?
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बेखौफ बदमाश: घर में घुसकर किन्नर को डंडों से पीटा, फिर लाखों रुपए-गहने लेकर हुए फरार
नागदा। उन्हेल थाना क्षेत्र में किन्नर के घर पर लूट व मारपीट की घटना हुई है। तीन अज्ञात बदमाश अचानक घर में घुस आए और डंडों से हमला कर घायल कर दिया। इसके बाद घर में रखे लाखों रूपए और गहने लेकर फरार हो गए।
घर किन्नर समुदाय की गुरू कविता का है। बताया जा रहा है कि घर में घुसे बदमाशों ने कविता और मिस्टी पर डंडे से वार कर उन्हें घायल कर दिया। जिसके बाद दोनों बेहोश हो गए। हमले में कविता को गंभीर चोटें आई हैं जिन्हें उपचार के लिए उज्जैन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। वहीं मिस्टी को मामूली चोटें आई हैं।
बदमाशों ने कविता और मिस्टी के बेहोश होने के बाद घर में लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने घर में रखा 3 लाख 50 हजार रूपए नगद और गहनों पर हाथ साफ किए और वहां से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही उन्हेल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे CCTV खंगाल रही है जिससे आरोपियों की पहचान हो सके। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है, जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा।

इंदौर। एमपी के इंदौर में घर से बकरा खरीदने निकले एक युवक के अपहरण से सनसनी फैल गई। बदमाशों ने उसे कार में जबरन बिठाया, घर से कुछ दूर ले जाकर मारपीट की और फिर परिवार वालों ने पैसों की डिमांड की। पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
खजराना पुलिस के मुताबिक घटना महफूज निवासी चंदननगर है। परिजन ने पुलिस को बताया युवक बकरा खरीदने के लिए खजराना गया था। तभी वहां कुछ आरोपी कार से आए और घेरकर उसकी पिटाई करने लगे । फिर सफेद कार में जबरदस्ती बैठाकर ले गए। शुरुआती तौर पर पुलिस ने परिजनों के बताए अनुसार गुमशुदगी का प्रकरण दर्ज किया था। इसके बाद परिजनों ने अपहरण की भी आशंका व्यक्त करते हुए रुपए की डिमांड की बात कही थी।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फरियादी के बैकग्राउंड की जानकारी जुटाई और उसके बाद में जांच पड़ताल करते हुए देवास के नजदीक फरियादी को ले गए थे। उसके बाद खुद मारपीट करते हुए छोड़ गए। मामले में पुलिस ने फरियादी के बताए अनुसार महफूज खान निवासी माणिकबाग और फिरोज खान निवासी सीहोर के रहने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही घटना के दौरान इस्तेमाल की गई कार भी जब्त कर ली गई है।
खजराना थाना प्रभारी मनोज सेंधवा का कहना है कि रुपए से जुड़ा हुआ मामला है। दोनों पक्षों में लेनदेन हुआ था, जिसको लेकर विवाद चल रहा था। जबरदस्ती कार में बिठाकर ले गए थे, इस कारण अपहरण की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है और आगे की जांच पड़ताल की जा रही है।
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विकलांग कोटे से पाई सरकारी नौकरी, श्रम निरीक्षक नवनीत कुमार पांडेय की सेवा समाप्त
सिंगरौली। श्रम विभाग में बड़ा प्रशासनिक एक्शन हुआ है। विकलांग सर्टिफिकेट से नौकरी पाने को लेकर सुर्खियों में रहे श्रम निरीक्षक नवनीत कुमार पांडेय की सेवा शासन ने समाप्त कर दी है। बताया जा रहा है कि उनकी नियुक्ति का मामला हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था।
कोर्ट के निर्देशों के बाद श्रम आयुक्त इंदौर संदीप जीआर द्वारा जारी आदेश में उन्हें पद से पृथक कर दिया गया। नवनीत पांडेय पूर्व में रीवा जिले में पदस्थ थे, बाद में उनका तबादला सीधी और कटनी सहित अन्य जिलों में किया गया था।
करीब दो साल पहले उन्हें फिर से सिंगरौली में पदस्थ किया गया था। सरकार ने उन्हें अब तक मिले वेतन और अन्य सरकारों लाभों की रिकवरी के आदेश भी जारी किए हैं। इस फैसले से श्रम विभाग और प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है।
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ये कौन सी देशभक्ति है मोहन भागवत जी? पीएम मोदी ईंधन बचाने की कर रहे अपील, इधर 14 गाड़ियों के काफिले के साथ निकले RSS प्रमुख
उमरिया। मध्यप्रदेश के उमरिया जिले से एक वीडियो सामने आया है। जिसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत 14 गाड़ियों के काफिले के साथ जाते हुए दिखाई दिए। ऐसे में अब सवाल उठ रहे है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेट्रोल-डीजल बचाने का आह्वान क्या सिर्फ आम जनता के लिए है ? वहीं इसे लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक बहस भी शुरू हो गई है। साथ ही ईंधन बचत और वीआईपी कल्चर को लेकर भी सवाल भी उठ रहे हैं।
वैश्विक संकट के बीच देशभर में कोने-कोने से पेट्रोल-डीजल की कमी की तस्वीरें सामने आ रही है। इस बीच संघ प्रमुख डॉ मोहन भागवत का एक वीडियो सामने आया। जिसमें वे मध्य प्रदेश के उमरिया जिले से 14 गाड़ियों के काफिले के साथ गुजरते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद इस पर सवाल उठ रहे है कि जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल-डीजल की बचत, कम ईंधन खपत को लेकर आम जनता से अपील की हैं, तो क्या ये संदेश सिर्फ आम लोगों के लिए ही है ?
हालांकि, सुरक्षा प्रोटोकॉल और वीआईपी मूवमेंट को लेकर तय नियमों के तहत कई बार बड़े काफिलों का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन वैश्विक संकट के बीच इस मामले पर सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे है। साथ ही ईंधन बचत और वीआईपी कल्चर को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं। गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत शहडोल में आयोजित मध्य प्रदेश-छतीसगढ़ के 383 स्वयं सेवकों के विकास वर्ग में शामिल होंगे।
डॉ मोहन भागवत बुधवार सुबह कटनी तक ट्रेन से, इसके बाद सड़क मार्ग के जरिए शहडोल पहुंचे। संघ प्रमुख के पहली बार शहडोल आगमन को लेकर जिले में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है। उनके दौरे को देखते हुए पूरा प्रशासन हाईअलर्ट मोड पर है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), स्पेशल ब्रांच, जिला पुलिस और आसपास के जिलों से आने वाले अधिकारियों ने शहडोल में डेरा डाल दिया है। डॉ मोहन भागवत को Z+ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 350 अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जिनमें DSP रैंक के अधिकारी, CISF की विशेष टुकड़ी और विभिन्न जिलों से बुलाए गए पुलिस बल शामिल हैं।

कोंकण के शांत माने जाने वाले रत्नागिरी जिले के ग्रामीण अंचल में इस विस्फोट के बाद से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं। जंभारी फाटा की रहने वाली रेशमा प्रमोद सुर्वे मंगलवार सुबह अपने घर का चूल्हा जलाने के लिए सूखी लकड़ियां इकट्ठा करने जंगल की तरफ गई थीं। झाड़ियों के बीच उन्हें एक बंडल जैसी संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। अनजाने में जैसे ही रेशमा ने उसे हाथ में उठाया, उसमें एक जोरदार धमाका हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि महिला गंभीर रूप से घायल हो गई.
रत्नागिरी तालुका में जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करने गई महिला के हाथ में देसी बम फट गया. धमाके में महिला का हाथ बुरी तरह झुलस गया. वहीं पुलिस को इलाके से 20 से 25 देसी बम मिले हैं.
महाराष्ट्र के रत्नागिरी तालुका के वटाड पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जंभारी फाटा में मंगलवार (19 मई) सुबह एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी. सुबह करीब 7:30 बजे जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करने जंगल गई एक महिला के हाथ में अचानक देसी बम फट गया.
खून से लथपथ रेशमा को ग्रामीणों की मदद से तुरंत रत्नागिरी जिला अस्पताल पहुंचाया गया। धमाके के सीधे संपर्क में आने के कारण उनके बाएं हाथ की उंगलियों के चिथड़े उड़ गए थे। जिला अस्पताल के सर्जनों ने उनकी गंभीर स्थिति और अंदरूनी चोटों को देखते हुए बेहतर प्लास्टिक सर्जरी और सघन इलाज के लिए उन्हें तुरंत मुंबई रेफर करने की सलाह दी, जिसके बाद उन्हें मुंबई ले जाया गया है।
घायल महिला की पहचान रेशमा प्रमोद सुर्वे (45) निवासी जंभारी फाटा के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, रेशमा रोज की तरह जंगल क्षेत्र में लकड़ियां इकट्ठा करने गई थीं. इसी दौरान उन्हें जमीन पर एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी. जैसे ही उन्होंने उसे उठाने की कोशिश की, वह अचानक विस्फोट हो गया.
जांच के दौरान इलाके से 20 से 25 जिंदा देसी बम बरामद होने से पुलिस भी हैरान रह गई. इसके बाद पूरे क्षेत्र को सुरक्षा के मद्देनजर सील कर दिया गया. बम निरोधक दस्ता और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मामले की जांच में जुट गए हैं. इस घटना के बाद पूरे जंभारी इलाके में डर और दहशत का माहौल बना हुआ है.
शुरुआती जांच में पुलिस को अंदेशा है कि यह बम जंगली सुअरों और अन्य जानवरों का अवैध शिकार करने वाले शिकारियों ने वहां छिपाकर रखे होंगे। हालांकि, पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि क्या इसके पीछे कोई और बड़ी आपराधिक या असामाजिक साजिश तो नहीं थी।

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इटली दौरे पर पीएम मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी को गिफ्ट की मेलोडी चॉकलेट, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पांच देशों के यूरोपीय दौरे के अंतिम चरण में मंगलवार शाम इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की. मानक राजनयिक प्रोटोकॉल से इतर, इस द्विपक्षीय बैठक के दौरान एक बेहद हल्का-फुल्का और दिलचस्प पल देखने को मिला जब पीएम मोदी ने मेलोनी को भारत की लोकप्रिय मेलोडी चॉकलेट का एक पैकेट उपहार में दिया. यह उपहार सीधे तौर पर सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा दोनों नेताओं की दोस्ती के लिए गढ़े गए वायरल इंटरनेट उपनाम मेलोडी से जुड़ा था. इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बुधवार, 20 मई को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस अनोखे उपहार को स्वीकार करते हुए एक वीडियो साझा किया, जो तेजी से वायरल हो रहा है.
यह अनूठा उपहार आदान-प्रदान इतालवी राजधानी रोम में औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता शुरू होने से ठीक पहले हुआ. जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करते हुए रोम यात्रा के दौरान इस खास जेस्चर के लिए अपने भारतीय समकक्ष का धन्यवाद किया. शब्दों के इस अनूठे खेल (प्ले ऑन वर्ड्स) ने तुरंत ही वैश्विक मीडिया और नेटिजन्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. पिछले कुछ वर्षों से, दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच की केमिस्ट्री और मुलाकातों को ट्रैक करने के लिए सोशल मीडिया पर मेलोनी और मोदी के नामों को मिलाकर हैशटैग '#Melodi' ट्रेंड करता रहा है. क्लासिक भारतीय कैंडी पेश करके, इस राजनयिक मुलाकात ने मजाकिया अंदाज में डिजिटल ट्रेंड को स्वीकार किया.
अपनी औपचारिक बैठकों से पहले, दोनों नेताओं ने रोम के ऐतिहासिक एम्फीथिएटर कोलोसियम में देर शाम चहलकदमी की. दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों द्वारा साझा की गई तस्वीरों में पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी मंद रोशनी में चमकते प्राचीन रोमन कोलोसियम की पृष्ठभूमि में द्विपक्षीय मामलों पर चर्चा करते हुए नजर आए. रोम की इस यात्रा में सांस्कृतिक कूटनीति के तत्व भी शामिल रहे. इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय प्रवासियों द्वारा आयोजित एक सांस्कृतिक स्वागत समारोह में भाग लिया था. इस कार्यक्रम में इतालवी कलाकारों ने त्रिजलबंधी प्रस्तुत की—जो कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम और कथक सहित शास्त्रीय भारतीय नृत्य रूपों की एक बेहतरीन और अनूठी जुगलबंदी थी.
हालांकि इस अनौपचारिक चॉकलेट एक्सचेंज ने जनता का सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित किया, लेकिन प्रधानमंत्री की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक और आर्थिक एजेंडे को आगे बढ़ाना था.
दोनों देशों के बीच आधिकारिक वार्ता मुख्य रूप से द्विपक्षीय व्यापार के विस्तार, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे को गति देने और खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के भीतर साझेदारी को मजबूत करने पर केंद्रित रही. यह उच्च स्तरीय बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश वैश्विक आर्थिक मंदी, पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) के तनाव और पूर्वी यूरोप में चल रहे संघर्षों सहित कई जटिल अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से जूझ रहे हैं.

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टेलीग्राम चैनलों पर सरकार की सख्ती, फेक न्यूज फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई; शिक्षा मंत्री की हाई लेवल मीटिंग
नीट-यूजी (NEET-UG) की दोबारा होने वाली परीक्षा से पहले केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक हाई लेवल मीटिंग बुलाई। इस बैठक में खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों के साथ-साथ सोशल मीडिया कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से कहा है कि वे खुद आगे आकर फर्जी खबरें फैलाने वाले नेटवर्क की पहचान करें और उन पर कार्रवाई करें।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बैठक में NEET-UG परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए कड़ी निगरानी और मजबूत सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं। बैठक में शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक भी मौजूद रहे।
सरकार ने खासतौर पर टेलीग्राम समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैल रही अफवाहों पर चिंता जताई है। अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षा से पहले कई संदिग्ध चैनल और ऑनलाइन ग्रुप अचानक सक्रिय हो जाते हैं। इन चैनलों पर पेपर लीक होने के झूठे दावे, भ्रामक जानकारी और छात्रों को फंसाने वाली खबरें फैलाई जाती हैं। इससे छात्रों और अभिभावकों में डर और भ्रम का माहौल बनता है।
बैठक में Meta, Google और टेलीग्राम के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की गई। सरकार ने इन कंपनियों से कहा कि वे फर्जी खबरें फैलाने वाले चैनलों और अकाउंट्स पर तुरंत कार्रवाई करें। अधिकारियों ने बताया कि कई ऐसे चैनल कुछ चुनिंदा मोबाइल नंबरों के जरिए चलाए जा रहे हैं। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इसके पीछे कौन लोग हैं और क्या यह कोई संगठित साजिश है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा से पहले अफवाह, प्रोपेगैंडा और डर फैलाने वाले चैनलों की पहचान कर उन्हें तुरंत ब्लॉक किया जाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया कंपनियों को शिक्षा मंत्रालय, NTA और पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर काम करना होगा, ताकि गलत जानकारी को तेजी से रोका जा सके।
सरकार ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें। किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों और NTA की वेबसाइट पर ही भरोसा करें। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

नर्मदापुरम। पुलिस ने पिपरिया के इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी सचिन जायसवाल से 5 लाख की फिरौती मांगने और उनकी दुकान पर अंधाधुंध फायरिंग करने वाले अंतर जिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई एक अंग्रेजी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
यह पूरी वारदात बड़वानी जेल में बंद कुख्यात बदमाश रज्जू पूर्विया के इशारे पर रची गई थी। रज्जू ने जेल से ही जीतू ठाकुर नाम के बदमाश को पिपरिया के व्यापारियों को डरा-धमकाकर वसूली करने का जिम्मा सौंपा था। जीतू ठाकुर और आमिर खान, जो पहले अशोकनगर जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे, ने मिलकर इस रंगदारी गिरोह को तैयार किया। वारदात के लिए 40,000 में पिस्टल नर्मदापुरम के शाहिद खान उर्फ भूरा कबाड़ी से खरीदी गई थी।
बीते 15 मई 2026 को आरोपी आमिर खान ने व्यापारी सचिन जायसवाल की दुकान में घुसकर रज्जू पूर्विया के नाम की गुलाबी रंग की पर्ची थमाई और 5 लाख की मांग की। विरोध करने पर बदमाशों ने दुकान पर कई राउंड फायर किए। पुलिस अधीक्षक साई कृष्ण एस थोटा के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने रायसेन, भोपाल और नर्मदापुरम समेत कई ठिकानों पर दबिश देकर जीतू उर्फ जितेंद्र राजपूत, आमिर खान और शाहिद उर्फ भूरा कबाड़ी को गिरफ्तार कर लिया।
इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस के हाथ एक और बड़ी सफलता लगी। दबिश के दौरान मुख्य आरोपी जीतू ठाकुर का सगा भाई बीरू उर्फ वीरेंद्र राजपूत भी पकड़ा गया, जो वर्ष 2005 से 4 स्थाई वारंटों में फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार मामले में शामिल शेष 4 आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार छापे मार रही हैं।
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गुंडागर्दी का Live Video: बदमाशों ने होटल संचालक और स्टाफ पर की फायरिंग
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला हजीरा थाना इलाके से सामने आया है, जहां देर रात कुछ बेखौफ बदमाशों ने एक नामी होटल पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पूरी वारदात होटल में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। बदमाशों ने होटल संचालक और कर्मचारियों को जान से मारने की नीयत से निशाना बनाया था।
जानकारी के अनुसार हजीरा स्थित करिश्मा होटल में देर रात कुछ बदमाश जबरदस्ती खाना खाने पहुंचे थे। होटल बंद होने का समय हो चुका था इसलिए वहां मौजूद कर्मचारियों ने दोबारा खाना बनाने से साफ इनकार कर दिया। कर्मचारियों की यह बात सुनकर बदमाश भड़क गए और गाली-गलौच करने लगे।
विवाद इतना बढ़ा कि बदमाशों ने अपने पास रखे अवैध हथियार निकाल लिए और होटल संचालक सोनू तोमर व अन्य कर्मचारियों पर सीधे फायरिंग कर दी। गोलीबारी होते ही होटल में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारियों ने छुपकर अपनी जान बचाई। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी बदमाश मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही हजीरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना किया और होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। लाइव फुटेज में बदमाशों की यह करतूत साफ नजर आ रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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ट्विशा के पति के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी, विदेश भागने की आशंका, सुसाइड में इस्तेमाल बेल्ट की रिपोर्ट आई
भोपाल। ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। हाई प्रोफाइल केस में अब केंद्रीय गृह मंत्रालय भी शामिल हो गया है। दरअसल, ट्विशा के पति समर्थ सिंह जमानत याचिका खारिज होने के बाद से पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जिसके बाद पुलिस को आशंका है कि वह विदेश भाग गया है। वहीं सुसाइड केस में इस्तेमाल की गई बेल्ट की रिपोर्ट भी सामने आई है।
ट्विशा के पति समर्थ सिंह को सुसाइड केस में आरोपी बनाया गया है। उसने अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। डीसीपी जोन 2 ने पिछले दिनों उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित करते हुए लुक आउट नोटिस जारी किया था। पुलिस को उसके देश से बाहर भागने की आशंका है जिसके चलते लुक आउट नोटिस जारी हुआ है।
भोपाल पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की मिनिस्ट्री आफ इमीग्रेशन को पत्र लिखा है। भोपाल पुलिस ने समर्थ सिंह का पासपोर्ट रद्द करवाने के लिए पासपोर्ट कार्यालय के साथ कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की 6 टीमें समर्थ की तलाशी में जुटी हुई हैं।
ट्विशा सुसाइड केस में इस्तेमाल की गई बेल्ट की रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि उसी बेल्ट से ट्विशा की मौत हुई है। लिगेचर रिपोर्ट में भी ट्विशा की मौत को आत्महत्या बताया गया। बता दें कि इससे पहले लिगेचर (फंदे का बेल्ट) के साथ पोस्टमार्टम नहीं हुआ था। दो दिन पहले पुलिस ने आत्महत्या में इस्तेमाल हुआ बेल्ट दिया था।
भोपाल एम्स की शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बॉडी पर मल्टीपल चोटों के निशानों का जिक्र है। ट्विशा के परिजन शुरुआत से हत्या की आशंका जता रहे हैं। वहीं, ट्विशा की सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके वकील इनोश जॉर्ज कार्लो ने रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि रिपोर्ट केवल सेंसेशन फैलाने के इरादे से तैयार की गई है। रिपोर्ट में चोटों का जिक्र है, लेकिन कहां और कितनी चोट हैं, यह स्पष्ट नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सेकेंड पोस्टमॉर्टम या किसी भी एजेंसी से जांच कराने पर हमें कोई ऐतराज नहीं है। हम जांच में सहयोग करेंगे।
इस मामले में पुलिस जांच पर सवाल उठ रहे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार जिस बेल्ट से फांसी लगाने की बात कही गई थी, उसे जांच अधिकारी पोस्टमॉर्टम के समय एम्स भोपाल नहीं ले गए थे। बाद में बेल्ट जांच के लिए सौंपी गई, लेकिन डॉक्टर कथित फांसी के साधन और गर्दन के निशानों का वैज्ञानिक परीक्षण नहीं कर सके।
पोस्टमॉर्टम में हुई चूक के बाद ट्विशा के परिजन ने मामले की जांच मध्य प्रदेश से बाहर किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने और दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग की है। इसी वजह से मौत के आठ दिन बाद भी परिजन बॉडी लेने और अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हैं।
परिजन का कहना है कि बेल्ट उपलब्ध नहीं होने से डॉक्टर यह तय नहीं कर सके कि फांसी किस चीज से लगाई गई थी। गर्दन के मार्क्स का सही मिलान और माप भी नहीं हो पाया। इस बीच, पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका सोमवार को खारिज कर दी गई थी।
ट्विशा की सास और पूर्व जज ग‍िर‍िबाला ने उसे लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब हम उसे देखने गए थे तब वह कहती थी कि मुझे पौधे बहुत पसंद थे। मुझे बच्चे बहुत पसंद हैं, मैं कम से कम 4 बच्चे करूंगी। लेकिन जब मैं वॉक कर सुबह आती थी तो वह कभी पौधों में पानी नहीं डालती थी। जब पुलिस ने हमें बंद किया था तब भी मुझे पौधे में पानी डालना होता था वरना वे मर जाते। एक तरफ पौधे अच्‍छे लगते हैं, लेक‍िन पौधों की देखरेख नहीं करनी। दूसरी तरफ बच्‍चे अच्‍छे लगते हैं, लेक‍िन बच्‍चे पैदा नहीं करना। खाना बनाना अच्‍छा लगता है, लेक‍िन वो भी नहीं।

इंदौर में शराब कारोबारी को हनीट्रैप में फंसाकर एक करोड़ रुपये की उगाही करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अपराध शाखा ने कार्रवाई करते हुए एक महिला शराब तस्कर, उसके बेटे, एक प्रॉपर्टी कारोबारी और इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक को हिरासत में लिया है। आरोप है कि गैंग कारोबारी के निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर करोड़ों रुपये की डिमांड कर रहा था। पूरे ऑपरेशन को पुलिस ने बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया। देर रात तक पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह और एडिशनल पुलिस कमिश्नर आरके सिंह मॉनिटरिंग करते रहे। मामले में अपराध शाखा और एमजी रोड थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।
डीसीपी (क्राइम) राजेश त्रिपाठी के मुताबिक बाणगंगा थाना क्षेत्र में रहने वाले 45 वर्षीय शराब कारोबारी ने शिकायत दर्ज कराई थी। कारोबारी शराब के साथ प्रॉपर्टी कारोबार से भी जुड़ा हुआ है। उसकी कुछ वर्ष पहले द्वारकापुरी निवासी अलका दीक्षित से पहचान हुई थी। अलका अवैध शराब तस्करी से जुड़ी रही है और उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि अलका ने कारोबारी की मुलाकात खंडवा-पीथमपुर निवासी लाखन चौधरी से करवाई थी। लाखन ने खुद को बड़ा निवेशक बताते हुए देवास, धार, खंडवा और आसपास के क्षेत्रों में प्रॉपर्टी बिजनेस में साझेदारी का प्रस्ताव दिया। कारोबारी ने प्रस्ताव ठुकरा दिया तो आरोपितों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया।
फरियादी के मुताबिक कुछ समय पहले लाखन दोबारा मिला और धमकी भरे अंदाज में कहा कि अलका के साथ 50 प्रतिशत की साझेदारी करनी होगी, वरना परिणाम गंभीर होंगे। कारोबारी ने फिर भी उनकी बात नहीं मानी। करीब 20 दिन पहले कारोबारी किसी काम से सुपर कॉरिडोर क्षेत्र गया था। इसी दौरान अलका दीक्षित अपने बेटे जयदीप और लाखन के साथ वहां पहुंची। आरोप है कि तीनों ने कारोबारी के साथ मारपीट की और गोली मारने की धमकी दी।
आरोपितों ने कारोबारी को धमकाया कि यदि उसने साझेदारी और रकम नहीं दी तो उसके निजी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे। गैंग ने एक करोड़ रुपये की मांग करते हुए कहा कि “ऐसा हाल करेंगे कि समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं बचोगे। इसके बाद कारोबारी ने सीधे पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। शिकायत मिलते ही अपराध शाखा ने गुपचुप तरीके से जाल बिछाया और सोमवार तड़के कार्रवाई कर अलका, उसके बेटे जयदीप और लाखन चौधरी को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ और मोबाइल जांच के दौरान मामले में बड़ा खुलासा हुआ। पुलिस को पता चला कि इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा लगातार अलका के संपर्क में था। दोनों के बीच चैटिंग भी सामने आई है। जांच में यह भी सामने आया कि कारोबारी के निजी वीडियो और फोटो अलका ने विनोद शर्मा को भेजे थे। आरोप है कि विनोद ने ही अलका को कारोबारी पर दबाव बनाने और धमकाने की सलाह दी थी।
एमजी रोड थाना प्रभारी विजय सिंह सिसोदिया की टीम ने प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा को राजेंद्र नगर स्थित सरकारी आवास से हिरासत में लिया। कार्रवाई के दौरान उसके बेटे ने पुलिस से विवाद भी किया। पुलिस ने विनोद का मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिया है। विनोद शर्मा पहले क्राइम ब्रांच, चंदन नगर और अन्नपूर्णा थाने में पदस्थ रह चुका है। फिलहाल वह इंटेलिजेंस शाखा में कार्यरत था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अलका दीक्षित पर 17 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह पहले शराब तस्करी से जुड़ी थी, लेकिन बाद में ड्रग कारोबार में भी सक्रिय हो गई। पुलिस को आशंका है कि अलका और उसके साथी लंबे समय से लोगों को हनीट्रैप में फंसाकर उगाही कर रहे थे।फिलहाल पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर रही है
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ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में VIP दर्शन के नाम पर ठगी: कलेक्टर की अपील- सिर्फ shriomkareshwar.org वैधानिक वेबसाइट से ही लें पास
खंडवा। जिले के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में श्रद्धालुओं से VIP दर्शन के नाम पर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बीते 8 दिनों में ऐसे दो मामलों का खुलासा हुआ है, जिससे मंदिर व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब मंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन ने कहा है कि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जा रही है। लोगों से भी अपील है कि अनाधिकृत लोगों के झांसे में न आएं।
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में ठगी के मामलों की बात करें तो पहले मामले में मंदिर के कर्मचारियों द्वारा VIP दर्शन के बैंड दोबारा प्रिंट कर बेचने का मामला सामने आया। सीसीटीवी फुटेज और लिखित शिकायत के आधार पर गणेश वास्कले, नरेंद्र भास्कले, शुभम दुबे और चमन सिंह चौहान के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि सूरत से आए श्रद्धालुओं के लिए जारी किए गए बैंड अनधिकृत रूप से नोएडा के यात्रियों को पहना दिए गए। वहीं, दूसरे मामले में ओडिशा से आए श्रद्धालुओं के साथ ऑनलाइन ठगी हुई।
आरोपी घनश्याम शर्मा ने VIP दर्शन कराने के नाम पर 17 श्रद्धालुओं से 6800 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। जब श्रद्धालु प्रोटोकॉल ऑफिस पहुंचे तब उन्हें ठगी का पता चला। श्रद्धालुओं का कहना है कि VIP दर्शन के नाम पर खुलेआम लूटपाट हो रही है और कुछ लोग भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की छवि भी खराब कर रहे हैं। इससे पहले भी ऐसे मामलों में कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद ठगी का गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा।
खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कहा कि ठगी के मामलों में कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि शीघ्र दर्शन पास केवल shriomkareshwar.org वेबसाइट से ही 300 रुपए में जारी किए जाते हैं। अनाधिकृत लोगों से संपर्क करने से बचें।
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20 मई को देशभर के मेडिकल स्टोर रहेंगे बंद: ऑनलाइन दवा बिक्री-भारी डिस्काउंट पर रोक की मांग
भोपाल। ऑल इंडिया केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर 20 मई बुधवार को देशभर में केमिस्ट बंद रहेगा। मध्यप्रदेश के 41 हजार केमिस्ट भी इस बंद में शामिल होंगे। ऑनलाइन दवा बिक्री और भारी डिस्काउंट को लेकर केंद्र सरकार से रोक की मांग की गई है।
दरअसल, केमिस्ट संगठनों का कहना है कि ई-फार्मेसी कंपनियां भारी डिस्काउंट देकर ऑफलाइन मेडिकल स्टोर का कारोबार खत्म कर रही हैं। साथ ही प्रतिबंधित दवाओं की भी ऑनलाइन बिक्री हो रही है, जो मरीजों के लिए खतरनाक है। इन मांगों को लेकर देशभर के 12 लाख से ज्यादा केमिस्ट 20 मई को बंद रखेंगे।
मध्यप्रदेश केमिस्ट एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी राजीव सिंघल का कहना है कि हमारी साफ मांग है कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर तुरंत रोक लगे, भारी डिस्काउंट बंद हो और प्रतिबंधित दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर सख्त कार्रवाई हो। सरकार सुन नहीं रही, इसलिए 20 मई को हम मजबूरन बंद कर रहे हैं। केमिस्ट संगठनों ने मरीजों से अपील की है कि वे जरूरी और नियमित दवाएं पहले से ले लें। आपातकालीन दवाओं के लिए अस्पतालों के अंदर स्थित मेडिकल स्टोर और पीएम जनऔषधि केंद्र खुले रहेंगे।

प्रमुख समाचार

कोंकण के शांत माने जाने वाले रत्नागिरी जिले के ग्रामीण अंचल में इस विस्फोट के बाद से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं। जंभारी फाटा की रहने वाली रेशमा प्रमोद सुर्वे मंगलवार सुबह अपने घर का चूल्हा जलाने के लिए सूखी लकड़ियां इकट्ठा करने जंगल की तरफ गई थीं। झाड़ियों के बीच उन्हें एक बंडल जैसी संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। अनजाने में जैसे ही रेशमा ने उसे हाथ में उठाया, उसमें एक जोरदार धमाका हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि महिला गंभीर रूप...

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश के भिंड जिले से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। गोहद तहसील क्षेत्र में पदस्थ पटवारी हिमांशु तोमर को ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने 6 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी जमीन के सीमांकन के बदले रिश्वत मांग रहा था। लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।यह कार्रवाई बुधवार को मालनपुर थाना क्षेत्र के जोगीपुरा इलाके में स्थित कैडबरी फैक्ट्री के पास की गई। लोकायुक्त टीम...

अपराध

इंदौर। एमपी के इंदौर में घर से बकरा खरीदने निकले एक युवक के अपहरण से सनसनी फैल गई। बदमाशों ने उसे कार में जबरन बिठाया, घर से कुछ दूर ले जाकर मारपीट की और फिर परिवार वालों ने पैसों की डिमांड की। पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। खजराना पुलिस के मुताबिक घटना महफूज निवासी चंदननगर है। परिजन ने पुलिस को बताया युवक बकरा खरीदने के लिए खजराना गया था। तभी वहां कुछ आरोपी कार से आए और घेरकर उसकी पिटाई करने लगे । फिर सफेद कार में जबरदस्ती बैठाकर...
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  गुना। (गरिमा टीवी न्यूज़)  कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव और उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र में बोलेरो कार एवं मोटर सायकिल से अवैध मादक पदार्थ गांजा सप्लाई की सूचना पर साढ़े अट्ठाईस किलो गांजा के साथ आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर जिनके कब्जे से करीब 05 लाख के गांजा एवं बोलेरो कार व मोटर सायकिल सहित कुल तकरीबन 15 लाख का माल जप्त करने में सफलता प्राप्त की है । दिनांक 20 मई 2026 की शाम पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि गुना बायपास हाईवे...

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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