


ग्वालियर। भितरवार के मुख्य बाजार करैरा तिराहे के पास गुरुवार की दोपहर एक दुष्कर्म पीड़िता ने आरोपी की बाजार में चप्पलों से पिटाई कर दी। घटना का वीडियो भी बहुप्रसारित हो रहा है। पिटाई के बाद महिला दुष्कर्म के आरोपी युवक को घसीटते हुए थाने ले गई। इस दौरान पीड़ित महिला चिल्ला-चिल्लाकर कह रही थी कि पहले उसके साथ जबरदस्ती की गई थी, अब मामले में राजीनामा करने के लिए दबाव बना रहा है।
घटना भितरवार थाने से कुछ ही दूरी स्थित करैरा रोड पर घटित हुई, जिसमें दुष्कर्म पीड़िता महिला के द्वारा युवक की पिटाई शुरू कर दी गई। इसे देखने के लिए मौके पर तमाम लोगों की भीड़ जमा हो गई। मुख्य बाजार होने के कारण कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू कर दिया।
पिटने वाला युवक नगर के वार्ड क्रमांक 2 का निवासी धर्मवीर बंजारा है। महिला ने धर्मवीर पर छह महीने पहले बलात्कार का मामला दर्ज कराया था, जिस पर उक्त आरोपी को जेल भेज दिया गया था। धर्मवीर 15 दिन पहले ही जेल से छूटकर आया है और वह लगातार केस में राजीनामा करने का दबाव महिला पर बना रहा था। वह फोन पर भी महिला को धमकियां दे रहा था।
गुरुवार को जब पीड़िता महिला बाजार आई, तो आरोपी धर्मवीर भी मोटरसाइकिल से उसके पीछे-पीछे वहां पहुंच गया। महिला ने उसे देखते ही पकड़ लिया और चप्पलों से उसकी पिटाई कर दी। लोगों के विरोध के बावजूद महिला उसे खींचकर पुलिस थाने ले गई, जहां उसके खिलाफ शिकायत दर्ज की। एसडीओपी जितेंद्र नगाइच ने बताया कि महिला के द्वारा बलात्कार के मामले में राजीनामा के लिए दबाव बनाने की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
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बदले की आग: रेप के आरोपी की गला दबाकर हत्या, निर्वस्त्र कर कुएं में फेंका शव
नर्मदापुरम। कानून को हाथ में लेने और प्रतिशोध की एक सनसनीखेज वारदात में दुष्कर्म के आरोपी की हत्या कर दी गई है। यह मामला नर्मदापुरम जिले का है, जहां एक युवक की गला घोंटकर हत्या कर दी गई और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से उसके शव को निर्वस्त्र कर कुएं में फेंक दिया गया। पुलिस ने इस मामले में पीड़िता के पिता भाई और जीजा समेत चार परिजनों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, मृतक विश्वास उर्फ छोटू गुर्जर (24) पर पीड़िता के अपहरण और दुष्कर्म का आरोप था। हाल ही में वह जमानत पर जेल से बाहर आया था। आरोपियों का दावा है कि रिहा होने के बाद विश्वास लगातार पीड़िता और उसके परिवार को धमका रहा था और उन्हें परेशान कर रहा था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर परिवार ने खौफनाक कदम उठाया। 12 अप्रैल की रात आरोपी विश्वास के घर पहुंचे और उसे झांसा दिया कि वे उसकी शादी पीड़िता से करा देंगे। विश्वास उनकी बातों में आ गया।
आरोपी उसे कार में बैठाकर करीब 35 किलोमीटर दूर नंदवाड़ा ले गए। जहां सुनसान इलाके में ले जाकर दो लोगों ने उसके हाथ-पांव जकड़ लिए। अन्य दो ने डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद गला घोंटकर उसकी जान ले ली। पहचान छिपाने के लिए शव को निर्वस्त्र किया और एक खेत के कुएं में फेंक दिया। हत्या को अंजाम देने के बाद चारों आरोपी छींद स्थित हनुमान धाम मंदिर में जाकर छिप गए।
हैरान करने वाली बात यह है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वे तीन दिनों तक मंदिर में ही रहे और वहां चल रहे भंडारे में भोजन कर अपनी फरारी काटी। विश्वास के भाई के अपहरण की शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। जब पुलिस पीड़िता के घर पहुंची तो पुरुष सदस्य लापता मिले। मुखबिरों और तकनीकी जांच की मदद से 15 अप्रैल को चारों को मंदिर से दबोच लिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर बुधवार रात कुएं से शव बरामद किया गया। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
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पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कर्नाटक पासिंग कार से राइफल और गोला-बारूद बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार
जबलपुर। शहर के पनागर थाना अंतर्गत बडेरा कला में पुलिस ने छापा मार कार्रवाई कर राइफल और गोला-बारूद बरामद किया है। पुलिस को बीती रात सूचना मिली थी कि ग्राम बडेरा कला के पास एक महिंद्रा मेजर कार में दो संदिग्ध व्यक्ति हथियारों के साथ मौजूद हैं।
सूचना के बाद पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर दबिश दी, जहां वाहन में दो व्यक्ति सवार मिले, तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से एक 30 बोर की राइफल, एक 22 बोर की राइफल, 22 के दो जिंदा कारतूस, 30 बोर का एक जिंदा कारतूस और एक चला हुआ खोखा बरामद किया है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों राइफलों और गोला-बारूद को अपने कब्जे में ले लिया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान अरुण चिनगप्पा और गार्डन पेप्टिस के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से महिंद्रा कंपनी की मेजर कार (नंबर KA 12 N 4252) को भी जब्त कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी के अनुसार, पुलिस इस मामले में आगे की कड़ियों को जोड़ रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि, इन हथियारों का इस्तेमाल किसी अन्य अवैध गतिविधि या शिकार के लिए तो नहीं किया जाना था।
उज्जैन। महाकाल मंदिर से आधा किमी दूर कोट मोहल्ला में बम्बइया गली में महाकाल पुलिस ने कार्रवाई कर अवैध कत्लखाने का राजफाश किया है। यहां अवैध रूप से मवेशी काटे जा रहे थे। पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार कर मौके से पाड़े का मांस व औजार जब्त किए हैं। दोनों आरोपित पूर्व में भी जेल जा चुके हैं।
पुलिस ने बताया कि बुधवार रात को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कोट मोहल्ला में हाजी मुस्तकीम और उसका भाई वसीम बम्बइया अपने मकान के नीचे वाले कमरे में अवैध रूप से मवेशी काट रहे हैं। दोनों आरोपित पहले भी मांस बेचने के मामले में जेल जा चुके हैं। पुलिस ने मौके पर दबिश दी तो कमरे के अंदर फर्श पर पाड़े का मांस पड़ा हुआ था।
कमरे में तीन मवेशियों को क्रूरतापूर्वक रस्सियों से बांधकर रखा गया था, जिन्हें काटने की तैयारी की जा रही थी। पुलिस ने मौके से मांस तौलने का डिजिटल कांटा, लोहे की तराजू-बाट और लोहे का बक्का और छुरी भी जब्त की गई है। पुलिस ने मामले में हाजी मुस्तकीम और वसीम बम्बईया के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
आरोपितों के खिलाफ पशु क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(घ), मप्र कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 11 तथा आयुध अधिनियम की धारा 25 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने मौके से जब्त मवेशी को थाने परिसर में बांधकर उनके चारे की व्यवस्था की है। जल्द ही इन्हें गौशाला भेज दिया जाएगा।
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घर का सामान उठा ले गए विद्युत कर्मचारी: बिजली बिल जमा न करने पर एक्शन
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बिजली बिल न भरने पर अनोखी कार्रवाई की गई है। विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने बकायेदारों के घर से सामान लेकर चले गए। बताया जा रहा है कि छह साल से बिजली का बिल बकाया था। कई बार नोटिस देने के बाद भी बिल जमा नहीं किया। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
विद्युत विभाग की टीम आज गुरुवार को जबलपुर के ठक्कर ग्राम स्थित रोशन जमीर और अजय शर्मा के घर पहुंची। बिजली कर्मचारी, दोनों उपभोक्ताओं के घर से सामान उठाकर ले गए। बताया जा रहा है कि साल 2018 से बिजली का बिल बकाया था। रोशन जमीर का 62 हजार 582 रुपये और अजय शर्मा का 27 हजार से ज्यादा का बिजली बिल बकाया था।
इन बिजली उपभोक्ताओं को कई बार नोटिस दी गई, लेकिन इसके बाद भी बिल जमा नहीं किया। समाधान योजना में बुलाने के बाद भी सेटलमेंट नहीं किया था। जिसके बाद विद्युत विभाग ने यह कार्रवाई की। इस मामले में विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा ने बताया कि लगातार निवेदन की बाद भी कुछ बड़े बकायेदार लोग बिजली बिल जमा नहीं कर रहे थे। पांच महीने से सरकार की समाधान योजना चल रही है, इसके बाद भी बकायेदार इसमें इंट्रेस्ट नहीं ले रहे थे, मजबूरन हमें यह कार्रवाई करनी पड़ी।
अभियंता संजय अरोरा ने बताया कि यह कार्रवाई ड्यूज रिकवरी एक्ट 1961 के अंतर्गत तथा भूराज्यों संहिता धारा 147 अंतर्गत मध्य प्रदेश शासन ने बिजली विभाग के जेई, ऐई को तहसीलदार के पावर दिए गए थे। चार उपभोक्ताओं के घर से सामान उठाया गया था। जिसमें से एक उपभोक्ता ने तत्काल मौके पर ही पैसे जमा कर दिए थे। एक अन्य उपभोक्ता ने भी आज पैसा जमा करने की बात कही थी। इस तरह से सिर्फ दो उपभोक्ताओं के घर से सामान जब्त किया गया है। जिले में कम से कम 400 लोग बकायेदार है।
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तंत्र मंत्र के नाम पर 10 लाख की ठगी करने वाले 2 आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे
नरसिंहपुर। अपने बहुत सी ठगी की वारदात सुनी होगी लेकिन आज हम आपको एक ऐसी ठगी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे देखकर तंत्र-मंत्र करने वालों से आपका विश्वास उठ जाएगा। जी हां जिसमें रात के अंधेरे में तंत्र मंत्र के नाम पर एक महिला से लाखों रुपए के जेवर ठग ले उड़े
मामला नरसिंहपुर का हैं जहां एक महिला को दो शातिर ठगों ने अपने तंत्र मंत्र के जाल में फंसाया और कहा कि जेवर तीन गुना कर देंगे। शर्त यह हैं कि जेवर को अंधेरी रात में किसी सुनसान जगह पर गाड़कर रखना होगा। फिर उस पर हम ऐसा तंत्र मंत्र करेंगे कि तुम्हारा जेवर दो गुना नहीं सीधे तीन गुना हो जाएगा। महिला ठगों की बातों में आ गई और रात के अंधेरे में सुनसान जगह पर जेवर रख दी। मौके का फायदा उठाते हुए दोनों ठग जेवर लेकर फरार हो गए। महिला से कहा था कि अगर यह बात किसी से कहीं तो घर अनहोनी हो जाएगी।
जेवर नहीं मिलने पर महिला ने इसकी शिकायत एसपी ऑफिस से की। एसपी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए दोनों ठगों के बारे में जानकारी जुठाई तो पता चला कि एक शातिर ठग अनिल राय उर्फ मुल्ला बाबा डोभी का रहने वाला और दूसरा अजय मेहरा बॉसकुंवारी गांव का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी अनिल राय को आगरा से और अजय को नरसिंहपुर से गिरफ्तार कर पूछताछ की। उन्होंने घटना स्वीकार कर ली। पुलिस ने दोनों आरोपियों से जेवर जिसकी कीमत 10 लाख जब्त कर आरोपियों को जेल भेज दिया है।
संभल. उत्तर प्रदेश के संभल में ईदगाह और इमामबाड़े पर गुरुवार सुबह 8 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक बुलडोजर की कार्रवाई चली. इसमें ईदगाह और इमामबाड़ा गिरा दिया गया. इमामबाड़े को तोडऩे के लिए चार बुलडोजर लगे. मौके पर 5 थानों की पुलिस फोर्स और एक कंपनी तैनात रही.
इसी बीच, गांव के लोग मौके पर जुट गए, विरोध की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया. प्रशासन के मुताबिक, करीब 7 बीघा चारागाह की जमीन पर ईदगाह और खाद गड्ढे की भूमि पर इमामबाड़ा बनाया गया था. गांव वालों की शिकायत के बाद लेखपाल स्पर्श गुप्ता ने 18 जनवरी को तहसीलदार कोर्ट में अपील दायर की थी. 31 जनवरी को कोर्ट के आदेश पर नोटिस अखबार में छपवाया गया था.
इसमें कहा गया था कि जो भी कब्जेदार हैं, वे सामने आएं. हालांकि, कोई भी सामने नहीं आया. एक ग्रामीण जुबैदा ने कहा कि यह कार्रवाई रुकनी चाहिए. यहां इमामबाड़े और ईदगाह से सभी को सुविधा मिलती थी. गरीबों की बारातें भी यहीं रुकती थीं. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकारी जमीन पर निर्माण का मामला है, तो मंदिर भी तो सरकारी जमीन पर बने हैं. लेकिन, कार्रवाई सिर्फ मस्जिदों पर हो रही है. आज सुबह करीब 7.30 बजे एसडीएम निधि पटेल और नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल टीम के साथ मौके पर पहुंचे. वहां कुछ लोग छेनी-हथौड़ी से इमामबाड़ा तोड़ रहे थे. प्रशासन ने उन्हें हटा दिया. मामला कोतवाली संभल क्षेत्र के बिछोली गांव का है.
ग्रामीण राहत जान ने बताया कि इस जगह पर साल में एक बार सार्वजनिक नमाज अदा की जाती थी और शादी-विवाह जैसे कार्यक्रम भी होते थे. इसे बनाने में जो पैसा लगा था, वह अब बर्बाद हो जाएगा. उन्होंने कहा कि रात में प्रधान ने अचानक जानकारी दी कि सुबह प्रशासन बुलडोजर लेकर कार्रवाई करेगा. इसके बाद लोग खुद ही निर्माण हटाने लगे थे, लेकिन प्रशासन की टीम के पहुंचते ही उन्हें रोक दिया गया. राहत जान का आरोप है कि प्रशासन ने निर्माण हटाने के लिए बिल्कुल भी समय नहीं दिया.
डीएम राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि शासन ने लैंड बैंक बनाने का आदेश दिया है, ताकि आम जनता के सार्वजनिक कार्यों के लिए जमीन उपलब्ध कराई जा सके. इसी क्रम में गुरुवार को तहसीलदार कोर्ट के निर्देश पर दो अलग-अलग सरकारी जमीनों से अवैध निर्माण हटाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अवैध कब्जेदारों को अपील के लिए जो समय दिया गया था, वह पूरा हो चुका है. इसके बाद बुलडोजर से कार्रवाई की जा रही है, जिसका खर्च भी अवैध कब्जेदारों से ही वसूला जाएगा.
ग्रामीण जुबैदा ने कहा कि यह कार्रवाई रुकनी चाहिए. यहां इमामबाड़े और ईदगाह से सभी को सुविधा मिलती थी. गरीबों की बारातें भी यहीं रुकती थीं. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकारी जमीन पर निर्माण का मामला है, तो मंदिर भी तो सरकारी जमीन पर बने हैं, लेकिन कार्रवाई सिर्फ मस्जिदों पर हो रही है. उन्होंने कहा कि जब कानून सबके लिए एक है, तो कार्रवाई मंदिरों पर भी होनी चाहिए.
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झोपड़ियों में लगी भीषण आग, बुझाने में लगीं फायर ब्रिगेड की गाड़ियां, इलाके में अफरा-तफरी
गाजियाबाद। इंदिरापुरम के कनावनी इलाके में आग लगने से कई झुग्गियां जलकर खाक हो गईं। मौके पर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां पहुंचकर आग बुझाने में जुटी हैं। फिलहाल किसी जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन नुकसान का आकलन जारी है। इससे पहले लखनऊ में भी इसी तरह की भीषण आग की घटना सामने आ चुकी है।
कनावनी झुग्गियों में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। तेज हवाओं के चलते आग तेजी से एक झुग्गी से दूसरी झुग्गी तक फैलती चली गई। काले धुएं के गुबार ने पूरे आसमान को ढक लिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। कई परिवारों का सामान जलकर खाक हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर विभाग को सूचना दी, जिसके बाद राहत कार्य शुरू किया गया।
आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं। संकरी गलियों और झुग्गियों की घनी बसावट के कारण राहत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। बावजूद इसके दमकल कर्मी तेजी से काम कर रहे हैं ताकि आग को और फैलने से रोका जा सके। मौके पर पुलिस भी तैनात है और लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है। फिलहाल स्थिति पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं।
इससे पहले लखनऊ के विकास नगर इलाके में भी इसी तरह की बड़ी आग की घटना सामने आई थी। वहां 1200 से अधिक झुग्गियां आग की चपेट में आ गई थीं, जिससे भारी नुकसान हुआ था। सिलेंडरों में धमाके होने से आग और भयावह हो गई थी। इस हादसे में दो बच्चों और 50 से ज्यादा मवेशियों की मौत हो गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं प्रशासन के लिए चुनौती बनती जा रही हैं। झुग्गी बस्तियों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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मुंह में सिरगेट, टेबल पर शराब और कॉपियों की चेकिंग…, शराब के नशे में धुत टीचर ने सिगरेट पीते हुए जांची बच्चों की कॉपियां
महाराष्ट्र के लातूर में शिक्षा की गुणवत्ता का प्रतीक माने जाने वाले ‘लातूर पैटर्न’ की साख पर सवाल उठ रहा है. शहर के प्रतिष्ठित एक इंग्लिश मीडियम स्कूल के टीचर अजय कोकणे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वह अपने दोस्तों के साथ ढाबे पर बैठकर शराब और सिगरेट पीते हुए छात्रों के एग्जाम की कॉपियां चेक करता दिखाई दे रहा है. वीडियो वायरल होने के बाद अजय कोकणे को स्कूल से निकाल दिया गया.
महाराष्ट्र के लातूर में एक शिक्षक का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. वीडियो में शिक्षक अजय कोकणे नशे की हालत में छात्रों की कॉपियां जांचते नजर आए.
शहर के प्रतिष्ठित एक इंग्लिश मीडियम स्कूल के टीचर अजय कोकणे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वह अपने दोस्तों के साथ ढाबे पर बैठकर शराब और सिगरेट पीते हुए छात्रों के एग्जाम की कॉपियां चेक करता दिखाई दे रहा है. इसके बाद तो लातूर में शिक्षा की गुणवत्ता का प्रतीक माने जाने वाले ‘लातूर पैटर्न’ की साख पर सवाल उठ रहा है.
वीडियो में देखा जा सकता है कि शिक्षक न केवल खुद नशे में धुत होकर पेपर चेक कर रहा है, बल्कि वह अपने उन दोस्तों को भी छात्रों के पेपर जांचने के लिए दे रहा है, जो खुद नशे में लड़खड़ा रहे थे. टीचर अजय कोकणे अपने दोस्तों के साथ शराब और सिगरेट की महफिल सजाए बैठा था. पार्टी के दौरान वह छात्रों की परीक्षा उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर रहा था.
छात्रों के भविष्य से जुड़े इतने अहम कार्य में इस तरह की लापरवाही से अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही. कई अभिभावकों ने इसे शिक्षा व्यवस्था के साथ गंभीर खिलवाड़ बताते हुए संबंधित शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. वीडियो सामने आने के बाद लातूर शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ हैं.
नशे में धुत दोस्तों द्वारा पेपर पर लाल पेन चलाना छात्रों के अंकों और उनके करियर के साथ एक क्रूर मजाक है. वहीं, अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चों को कड़ी मेहनत और भरोसे के साथ स्कूल भेजते हैं, लेकिन अगर शिक्षक ही नशे की हालत में पेपर जांचेंगे तो बच्चों की मेहनत का सही मूल्यांकन कैसे होगा?
आपको बताते चले कि लातूर लंबे समय से ‘लातूर पैटर्न’ के कारण राज्यभर में बेहतर शैक्षणिक परिणामों के लिए जाना जाता है. खासकर 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में यहां के छात्रों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहता है.
लातूर की शिक्षणाधिकारी तृप्ती अंधारे ने स्कूल के प्रिंसिपल से इस विषय पर जल्द लिखित स्पष्टीकरण मांगा है. उन्होंने जानकारी दी कि संबंधित शिक्षक अजय कोकणे को स्कूल प्रबंधन की ओर से नौकरी से हटा दिया गया है. वहीं, अभिभावकों का कहना है कि सिर्फ नौकरी से हटा देना ही उस शिक्षक के लिए काफी भी है, बल्कि सख्त से सख्त कार्रवाई कर उसे गंभीर सजा दिया जाए जिससे कि वह दुबारा कहीं भी रहे तो बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ ना कर सके.
देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले के कलेक्ट्रेट कार्यालय से फर्जी आदेश जारी करने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिसने प्रशासनिक तंत्र की साख पर सीधा सवाल खड़ा कर दिया है। इस सनसनीखेज खुलासे में सरकारी बाबुओं और एक दलाल की कथित मिलीभगत उजागर हुई है। कलेक्टर ने सबसे पहले BNP थाना पुलिस को एक शिकायत पत्र भेजा। जांच के बाद BNP थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, सरकारी दस्तावेजों में कूटनीतिक तरीके से तैयार करना समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। वहीं नजूल शाखा के बाबू रमेश लोबानिया, अपर कलेक्टर कार्यालय के बाबू संजय जाटव, विजयागंज मंडी तहसील के बाबू जितेंद्र भद्रे और एक दलाल को गिरफ्तार किया है।
शहर CSP सुमित अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि सरकारी कर्मचारियों ने विभिन्न जिम्मेदार पदों पर पदस्थ होते हुए फर्जी कागज तैयार कर छोटे लोगों की जमीन बेचने का प्रयास किया था। करीब 10 दिन पहले कलेक्टर ऋतुराज सिंह को मामले की जानकारी मिली तो संदिग्ध लगने पर कलेक्टर ने तत्काल एक शिकायत पत्र शहर की BNP थाने पर दिया। जिस पर जांच में सामने आया कि कलेक्ट्रेट के नाम पर फर्जी आदेश जारी कर न केवल नियमों को ताक पर रखा गया, बल्कि सरकारी प्रक्रियाओं का दुरुपयोग करते हुए सरकारी दस्तावेजों में कूटनीतिक करना, रुपये के लालच में किया गया।
यह कलेक्टर फर्जी पत्र में गड़बड़ी नहीं बल्कि एक सुनियोजित फर्जीवाड़ा है, जिसमें अंदरूनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की भूमिका बेहद अहम रही। आरोप है कि सरकारी दस्तावेजों की विश्वसनीयता का फायदा उठाकर फर्जी आदेश तैयार किए गए और उन्हें वैध दिखाने की कोशिश की गई। इस पूरे खेल में एक दलाल की संलिप्तता ने मामले को और गंभीर बना दिया है। वहीं इस घटना ने कलेक्ट्रेट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता में भी आक्रोश है कि यदि सरकारी कार्यालयों से ही फर्जी आदेश जारी होने लगें, तो व्यवस्था पर भरोसा कैसे कायम रहेगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी है और आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
अपर कलेक्टर कार्यालय के बाबू जाटव, विजयागंज मंडी तहसील के बाबू भद्रे, एसडीएम देवास नजूल शाखा के बाबू लोबानिया और एक दलाल कुशवाहा के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया है। इन्होंने हर कागज फर्जी तैयार कर छोटे लोगों की जमीन बेचने का प्रयास किया है। एक किसान की तो रजिस्ट्री भी करवा दी थी, जिसको शून्य करवाया है। अब जांच का विषय यह हैं कि जिम्मेदार सरकारी कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को विश्वास में लेकर या उन्हें संज्ञान में लिए बिना इस तरह की गंभीर धोखाधड़ी कर आदिवासी की जमीन का व्यापारीकरण कर दिया गया।
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टाटा नमक के नाम पर चल रही फैक्ट्री पर छापा; 840 पैकेट नकली नमक और कच्चा माल जब्त, संचालक गिरफ्तार
इंदौर। शहर में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाला बड़ा मामला सामने आया है। एरोड्रम थाना पुलिस ने लोकनायक नगर क्षेत्र में छापेमार कार्रवाई करते हुए टाटा नमक के नाम पर चल रही नकली नमक की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 840 पैकेट नकली नमक और करीब 1850 किलो कच्चा माल जब्त किया है। यह फैक्ट्री लंबे समय से अवैध रूप से संचालित हो रही थी और बाजार में ब्रांडेड नमक के नाम पर लोगों को धोखा दिया जा रहा था। इस कार्रवाई की शुरुआत तब हुई जब Tata Consumer Private Limited की ओर से कॉपीराइट उल्लंघन की शिकायत पुलिस को मिली।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत छापा मारकर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री संचालक जितेंद्र गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस नकली नमक को तैयार करने के लिए कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री दिल्ली से मंगाई जा रही थी। इसके बाद इंदौर में तैयार कर इसे बाजार में सप्लाई किया जाता था।
अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है—यह नकली नमक किन-किन क्षेत्रों में सप्लाई किया गया, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं, और यह कारोबार कितने समय से चल रहा था।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी, ताकि इस गिरोह के बाकी सदस्यों तक पहुंचा जा सके।
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जिला अस्पताल में पौने 2 करोड़ का गबन: DPM और फार्मासिस्ट फरार, कारण बताओ नोटिस
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिला अस्पताल में पौने दो करोड़ रुपए का गबन हुआ है। इस मामले में DPM आदित्य तिवारी और फार्मासिस्ट जांच के घेरे में हैं। लेकिन कई दिनों से वे दोनों फरार हैं।
वित्तीय अनियमितता के मामले में डीपीएम आदित्य तिवारी और फार्मासिस्ट जांच के घेरे में हैं। जांच के दौरान दोनों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की गई थी। सिहोरा सिविल अस्पताल में दोनों का अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया था।
लेकिन जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य तिवारी और फार्मासिस्ट जवाहर लोधी ने अब तक कार्यभार नहीं संभाला। सिहोरा के बीएमओ ने दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जांच पूरी होने तक ड्यूटी ज्वाइन न करने पर उनके ऊपर सवाल खड़े हो रहे।
इंदौर के तुकोगंज इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक नाबालिग किशोरी के साथ हुई बेरहमी की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया। वीडियो में कुछ युवक-युवतियां मिलकर एक लड़की को बुरी तरह पीटते नजर आ रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पूरी घटना को न सिर्फ अंजाम दिया गया, बल्कि उसका वीडियो भी बनाया गया और शेयर किया गया। यह घटना सिर्फ एक मारपीट का मामला नहीं बल्कि साजिश, डर और बेरहमी की एक ऐसी कहानी है, जो कई सवाल खड़े करती है। फिलहाल पीड़िता डरी-सहमी है और सामने आने से बच रही है, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है।
जानकारी के मुताबिक, इस पूरी घटना की शुरुआत एक छोटे से विवाद से हुई थी। किशोरी का इलाके में रहने वाले कुछ लड़के-लड़कियों से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इसी बात को लेकर आरोपियों ने बदला लेने की योजना बनाई। बताया जा रहा है कि एक युवती को माध्यम बनाकर पीड़िता को बहाने से तुकोगंज क्षेत्र के एक फ्लैट पर बुलाया गया। किशोरी को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि उसके साथ क्या होने वाला है। जैसे ही वह वहां पहुंची, पहले से मौजूद लोगों ने उस पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के आधार पर जो जानकारी सामने आई है, वह बेहद परेशान करने वाली है। हमलावरों ने किशोरी को बाल पकड़कर जमीन पर गिराया और फिर उसे लात-घूंसों और डंडों से लगातार पीटते रहे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पीड़िता दर्द में बार-बार माफी मांग रही है और कह रही है कि “अब नहीं बोलूंगी”, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों ने उसे नहीं छोड़ा। इस दौरान वहां मौजूद अन्य लोग भी इस घटना को रोकने के बजाय तमाशा देखते रहे।
इस पूरी घटना का सबसे डरावना पहलू यह रहा कि एक युवक पूरी वारदात का वीडियो बनाता रहा। बाद में इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर भी किया गया। हालांकि कुछ समय बाद वीडियो हटा लिया गया, लेकिन तब तक वह तेजी से वायरल हो चुका था। वीडियो सामने आने के बाद ही इस घटना की जानकारी लोगों तक पहुंची और मामला सुर्खियों में आ गया। इस तरह की घटनाएं यह भी दिखाती हैं कि किस तरह कुछ लोग हिंसा को रिकॉर्ड कर उसे वायरल करने को भी ‘सामान्य’ समझने लगे हैं, जो समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
सूत्रों के अनुसार इस मामले में शामिल कुछ आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रह चुके हैं। यानी यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इनके व्यवहार का एक पैटर्न सामने आ रहा है। अगर यह जानकारी सही है, तो यह कानून-व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। ऐसे लोगों पर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं होने का नतीजा इस तरह की घटनाओं के रूप में सामने आता है।
इस पूरे मामले में सबसे दुखद बात यह है कि पीड़िता अब तक खुलकर सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि वह बेहद डरी हुई है और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से बच रही है। सूत्रों के मुताबिक, किशोरी के माता-पिता नहीं हैं और वह अपने रिश्तेदारों के साथ रहती है। ऐसे में उसके पास मजबूत सहारा न होने के कारण वह और ज्यादा असुरक्षित महसूस कर रही है। यही वजह है कि वह इस मामले को आगे बढ़ाने से हिचक रही है।
वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में लोगों के बीच गुस्सा और डर दोनों देखने को मिल रहे हैं। स्थानीय लोग इस तरह की घटना को लेकर नाराज हैं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर ऐसे मामलों पर तुरंत और कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे गलत संदेश जाएगा और अपराधियों के हौसले और बढ़ेंगे।
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आग का तांडव : तीन मंजिला मकान जलकर खाक, नींद में ही महिला की मौत, पिता और बेटा गंभीर रूप से झुलस गए
भिंड। जिले के गोरमी कस्बे में रहने वाले अरुण उपाध्याय के परिवार के लिए मंगलवार की रात जिंदगी की सबसे भयावह रात बन गई। रात करीब 2 बजे उनके तीन मंजिला मकान में लगी भीषण आग ने सब कुछ तबाह कर दिया। इस हादसे में उनकी पत्नी सुनीता उपाध्याय की दम घुटने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पिता रामसेवक उपाध्याय और 9 साल का बेटा वाशु गंभीर रूप से झुलस गए। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया और एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां राख में बदल गईं।
घटना गोरमी के मेहगांव रोड की है, जहां अरुण उपाध्याय का तीन मंजिला मकान बना हुआ था। मकान की निचली मंजिल पर ‘उपाध्याय फर्नीचर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स’ नाम से उनकी दुकान संचालित होती थी। देर रात अचानक दुकान से धुआं उठता दिखा। शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि आग इतनी भयानक रूप ले लेगी। दुकान में रखे फर्नीचर, लकड़ी और इलेक्ट्रॉनिक सामान ने आग को तेजी से फैलने में मदद की और देखते ही देखते पूरी इमारत आग के गोले में बदल गई।
हादसे के समय पूरा परिवार मकान की ऊपरी मंजिल पर सो रहा था। आग की लपटों से ज्यादा खतरनाक जहरीला धुआं साबित हुआ, जिसने पूरे घर को भर दिया। अरुण उपाध्याय की पत्नी सुनीता उपाध्याय गहरी नींद में थीं और धुएं के कारण उनका दम घुट गया। उन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। यह हादसा इतना दर्दनाक था कि आसपास के लोग भी स्तब्ध रह गए।
इस हादसे में अरुण उपाध्याय के पिता रामसेवक उपाध्याय और उनका 9 साल का बेटा वाशु भी बुरी तरह झुलस गए। आग लगते ही घर में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर छत के रास्ते परिवार के अन्य सदस्यों को बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद दोनों को ग्वालियर के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही गोरमी, मेहगांव और भिंड से फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक मकान का ज्यादातर हिस्सा जलकर खाक हो चुका था। दीवारों पर जमी कालिख और पिघला हुआ सामान इस भीषण आग की कहानी बयां कर रहा है।
स आगजनी में भारी आर्थिक नुकसान भी हुआ है। जानकारी के मुताबिक, तीन बाइक, फर्नीचर, फ्रिज, एसी, टीवी और कूलर समेत करीब 80 लाख रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। यह दुकान ही परिवार की आजीविका का मुख्य साधन थी, ऐसे में यह हादसा उनके लिए आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से बड़ा झटका है।
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आग लगने की असली वजह सामने नहीं आई है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई जा रही है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई स्पष्ट होगी।
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कांग्रेस पार्षदों पर एफआईआर, बीएनएस की धारा 196 के तहत दर्ज हुआ केस
इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान वंदे मातरम् गीत के अपमान को लेकर उपजा विवाद अभी भी जारी है। सभापति और भाजपा के कई पार्षद विरोध स्वरूप थाने में बयान दर्ज करवा चुके हैं। पुलिस ने शिकायत के बाद पार्षद रुबीना खान के भी बयान लिए। अब एमजी रोड पुलिस ने पार्षद रुबीना और पार्षद फौजिया अलीम के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
बयान देने के पहले रुबीना ने यू टर्न लेते हुए पत्र लिखने की बात पर मीडिया से कहा- सभी पार्षद मेरे भाई हैं, मुझे उस दौरान दो शब्द नहीं बोलने थे
इससे पहले एमजी रोड पुलिस ने सोमवार को कांग्रेस पार्षद फौजिया अलीम तो मंगलवार को कांग्रेस पार्षद रुबीना खान के बयान लिए। बयान देने के पहले रुबीना ने यू टर्न लेते हुए पत्र लिखने की बात पर मीडिया से कहा कि सभी पार्षद मेरे भाई हैं। मुझे उस दौरान दो शब्द नहीं बोलने थे, इसके लिए खेद प्रकट करती हूं। मैं वंदे मातरम् का सम्मान करती हूं, अब कान पकड़ लिए, ऐसा नहीं होगा।
मेरा गुस्सा ठंडा हुआ तो समझ आया कि मैंने गुस्से में गलत बोल दिया, मैं तो दोनों दिन वंदे मातरम् के लिए खड़ी थी
रुबीना ने मीडिया से कहा, वे लोग (विपक्षी पार्षद) मुझे उकसा रहे थे। उस समय मैंने कहा था कि आपके बाप में दम हो और दूसरा शब्द था-कांग्रेस पार्टी भाड़ में जाए। ये दोनों शब्द आपत्तिजनक थे। जब मेरा गुस्सा ठंडा हुआ तो समझ आया कि मैंने गुस्से में गलत बोल दिया। मैं तो दोनों दिन वंदे मातरम् के लिए खड़ी थी।
एएसपी विनोद दीक्षित ने बताया, थाने में करीब साढ़े चार घंटे बयान चले। पुलिस अब वीडियो का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई तय करेगी। हालांकि अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकला।
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