


बालाघाट। जिले के किरनापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रजेगांव में बेखौफ बदमाशों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया है। रजेगांव-लांजी मुख्य मार्ग पर बीती रात करीब 9:30 बजे आधा दर्जन से अधिक बाइक सवार लुटेरों ने स्थानीय सराफा व्यापारी गेंदलाल करंडे पर हमला कर लगभग ₹2 करोड़ मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात लूट लिए और मौके से फरार हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित सराफा व्यापारी गेंदलाल करंडे की ग्राम रजेगांव में ही सराफा दुकान है। वे अपनी दुकान बंद कर लौट रहे थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार लुटेरों ने उन्हें घेर लिया। आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने से पहले व्यापारी की रेकी की थी।
बदमाशों ने व्यापारी पर डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया और गहनों से भरा बैग छीनकर फरार होने में कामयाब रहे। घटना के बाद लहूलुहान अवस्था में व्यापारी को तुरंत स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और इलाके की नाकाबंदी कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान व धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
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21 करोड़ रुपए की ठगी में भाजपा जिला पंचायत सदस्य गिरफ्तार, 50 लाख रुपए खाते में आने के मिले सबूत
ग्वालियर। मध्य प्रदेश में सबसे बड़े साइबर फ्रॉड मामलों में शामिल 21.05 करोड़ रुपए की ठगी में राज्य साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ग्वालियर के 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी की गई थी। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने शाजापुर के जिला पंचायत सदस्य और भाजपा से जुड़े नेता जगदीश कुमार मालवीय को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम में से 50 लाख रुपए आरोपी के बैंक खाते में पहुंचे थे।
पुलिस जांच के अनुसार ठगी की शुरुआत एक महिला द्वारा संपर्क करने से हुई। महिला ने पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से दोस्ती की और फिर उन्हें क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर कम समय में भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया। विश्वास जीतने के बाद अलग-अलग बैंक खातों में निवेश के नाम पर रकम जमा कराई गई। दिसंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच पीड़ित ने 106 बार में 76 अलग-अलग बैंक खातों में कुल 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए।
शुरुआती दौर में पीड़ित को निवेश पर अच्छे रिटर्न का भरोसा दिलाया गया। जब उन्होंने निवेश की गई राशि वापस निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने और अधिक पैसा जमा करने की शर्त रख दी। लगातार नई मांगें किए जाने पर उन्हें ठगी का संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने ग्वालियर स्थित राज्य साइबर पुलिस के नोडल थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद साइबर पुलिस ने बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों की विस्तृत जांच शुरू की।
जांच के दौरान साइबर पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम का एक हिस्सा शाजापुर निवासी जगदीश कुमार मालवीय के बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया था। पुलिस के अनुसार आरोपी के खाते में 50 लाख रुपए जमा होने के प्रमाण मिले हैं। इसके आधार पर राज्य साइबर पुलिस की टीम शाजापुर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया, जहां उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में आरोपी के बैंक खाते में 2.50 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आए हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपी का बैंक खाता केवल इस एक मामले तक सीमित नहीं था, बल्कि अन्य साइबर ठगी के मामलों में भी इसका उपयोग किया गया हो सकता है। इसी कारण उसके बैंकिंग रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि आरोपी हाल ही में अपने साथियों के साथ बैंकॉक (थाईलैंड) की यात्रा कर लौटा था। पुलिस को शक है कि विदेश यात्रा और अन्य महंगे खर्चों में साइबर ठगी से प्राप्त धन का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। जांच एजेंसियां अब आरोपी की संपत्तियों, यात्रा विवरण और खर्चों की भी जांच कर रही हैं, ताकि ठगी के पैसों के उपयोग का पूरा रिकॉर्ड सामने लाया जा सके।
राज्य साइबर पुलिस के डीएसपी संजीव नयन शर्मा के अनुसार पीड़ित द्वारा भेजी गई रकम को करीब 15 अलग-अलग वित्तीय लेयर के माध्यम से आगे बढ़ाया गया, ताकि उसके स्रोत और अंतिम गंतव्य का पता लगाना मुश्किल हो जाए। जांच में अब तक 20 हजार से अधिक बैंक खाते चिन्हित किए जा चुके हैं। पुलिस के अनुसार ठगी की लगभग 35 प्रतिशत राशि दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों के खातों तक पहुंची है। इससे संकेत मिलते हैं कि यह कोई स्थानीय गिरोह नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैला संगठित साइबर अपराध नेटवर्क है।
गिरफ्तार आरोपी जगदीश कुमार मालवीय भाजपा से जुड़े नेता होने के साथ वर्तमान में शाजापुर जिला पंचायत सदस्य हैं। इसके अलावा वह अखिल भारतीय बलाई समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल जारी है।
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‘मैं प्रोफेसर हूं’, ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन के गेट पर बम फेंकने वाला पकड़ाया
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के महाराजपुरा इलाके में स्थित एयरफोर्स स्टेशन के मुख्य द्वार पर मंगलवार रात एक युवक ने दो पेट्रोल बम फेंककर सनसनी फैला दी। धमाके के साथ पेट्रोल से भरी बोतलें फूटने से गेट के पास आग लग गई, जिससे कुछ देर के लिए एयरफोर्स स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया। मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। बुधवार को पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने उससे पूछताछ की।
जांच में सामने आया कि, आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर मानसिक आरोग्यशाला भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी धनापुर, वाराणसी का रहने वाला है। पूछताछ में उसने बताया कि वह दो दिन पहले ट्रेन से ग्वालियर आया था। शहर में भटकने के बाद उसने स्टेशन के पास एक होटल में कमरा लिया। अगले दिन पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदकर दो बीयर की बोतलों में भरा और एयरफोर्स स्टेशन के मुख्य द्वार के पास पहुंचकर उन्हें फेंक दिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हुए खुद को आंध्रप्रदेश के एक निजी कॉलेज में सहायक प्रोफेसर बताता रहा। उसने दावा किया कि वह छुट्टी पर ग्वालियर आया है और यहां रहने वाले एक परिचित की वजह से मानसिक तनाव में था। उसने अपनी परेशानी को एयरफोर्स स्टेशन से जोड़ते हुए घटना करने की बात कही। हालांकि पुलिस ने जब उसकी जानकारी का सत्यापन किया तो पता चला कि वह मानसिक रोगी है और परिवार भी उसे छोड़ चुका है।
हालांकि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ निकला, लेकिन इस घटना ने एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एयरफोर्स स्टेशन और उसके आसपास का क्षेत्र हाई सिक्योरिटी जोन माना जाता है। इसके बावजूद आरोपी पेट्रोल से भरी बोतलें लेकर मुख्य द्वार तक पहुंच गया। गौरतलब है कि एयरफोर्स गेट से कुछ ही दूरी पर महाराजपुरा थाना भी स्थित है, फिर भी उसे रास्ते में किसी ने नहीं रोका।
घटना को लेकर एएसपी ग्वालियर डॉ. शिवेष सिंह बघेल का कहना है कि, मानसिक रोगी ने हरकत की थी, उसे पकड़ा गया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। परिवार ने भी उसे बेदखल कर दिया है। इस आधार पर उसे कोर्ट में पेश कर मानसिक आरोग्यशाला में भर्ती कराया गया है।
भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड में सहायक सचिव की किडनैपिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मछंड़ सेवा सहकारी संस्था के सहायक सचिव के साथ 5 लाख के लेनदेन को लेकर बंधक बनाकर मारपीट की। हैवानों ने उन्हें इतना पीटा कि उनकी चमड़ी उधड़ गई।
सहायक सचिव ने आरोप लगाया कि 13 घंटे बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप लगाया। बेसबॉल बैट, प्लास्टिक पाइप, लात-घूंसों और थप्पड़ बरसाते हुए बेरहमी से की मारपीट कर चमड़ी उधेड़ी। अपहरण करने के बाद आलमपुर और दबोह क्षेत्र में घुमाया, बेरहमी से करते रहे बदमाश सहायक सचिव की मारपीट। पिस्टल दिखाकर 3 चैक, 5 कोरे कागज सहित 200-200 रुपए के 2 स्टांप पर जबरन हस्ताक्षर कराए।
आरोपी ने पहले लेनदेन की रकम नगद लौटाई उसके 6-7 दिन बाद बाकी हिसाब करने और अपने पिता से बात के बहाने बुलाया था लहार। यहां पहुंचने पर जाने पर सहायक सचिव अपने एक दोस्त के साथ निजी कार से अजीत चौहान के घर पहुंचे। घर पहुंचते ही आरोपी और उसके अन्य 3 साथियों ने मिलकर मारपीट शुरू की। पीड़ित की कार में उसे पीछे की सीट पर बिठाकर खुद ड्राइविंग सीट पर बैठे। कई घंटों से घर न आने पर पीड़ित के परिजन रात 11बजे आरोपी के घर पहुंचे, तब आरोपियों के चंगुल से छुटे सहायक सचिव विनोद सिंह राजावत।
पीड़ित की शिकायत पर लहार थाना पुलिस ने 4 नामजद आरोपियों के खिलाफ अपहरण, जबरन बंधक बनाकर मारपीट, जान से मारने की धमकी, जबरन चेक, कोरे कागजों सहित स्टाम्प पर हस्ताक्षर कराने समेत अन्य धाराओं में FIR दर्ज का विवेचना शुरू की।
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बैंक में युवती ने काटा रिटायर शिक्षक का थैला, 50 हजार रुपये उड़ाए; वारदात CCTV में कैद
देवरी। सागर जिले के देवरी में स्थित भारतीय स्टेट बैंक में दिनदहाड़े एक लड़की ने वृद्ध रिटायर शिक्षक के पचास हजार रुपयों पर बड़ी चतुराई से हाथ साफ कर दिया। इस घटना ने बैंक में ग्राहकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए है क्योंकि घटना के समय गेट पर गार्ड मौजूद नही था। पूरी घटना बैंक के कैमरे दर्ज हुई है अब देवरी पुलिस मामला कायम कर आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है।
घटनाक्रम के अनुसार पीड़ित तिलक वार्ड निवासी रिटायर्ड शिक्षक तुलसीराम नेमा पिता घनश्याम नेमा 84 साल ने बताया की वह अपनी नातिन रूनझुन के साथ दोपहर में मकान के काम के लिए पचास हजार की राशि निकालने के लिए भारतीय स्टेट बैंक की शाखा देवरी में गए थे। दोपहर 3 बजे पचास हजार रूपये निकालकर जैसे ही बैंक के बाहर निकले तो देखा कि उनके थैले में नोट नहीं थे और थैला कटा हुआ था। इसके बाद उन्होंने पुलिस थाने जाकर मामला दर्ज कराया।
थाना प्रभारी हरिराम मानकर ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दो महिलाएं दिख रही हैं जिसमें एक पीला सूट पहनी महिला आगे हो जाती है और पीछे रिटायर्ड शिक्षक तुलसीराम नेमा गेट से निकलने लगते हैं और उनके पीछे एक लड़की भी तेजी से निकलने की कोशिश करती है और इसी दौरान कटर से नीले रंग के थैले को काट कर पांच सौ के नोटों का बंडल निकालकर आगे निकल जाती है।
इस मामले में एसडीओपी अरुण उइके ने बताया कि फरियादी रिटायर्ड शिक्षक तुलसीराम नेमा भारतीय स्टेट बैंक में 50 हजार निकाल कर गेट से निकलते समय उनके थैले से 50 हजार चोरी हो गए हैं। उन्होंने थाने में आकर कंप्लेंट की है मामला संज्ञान में आने के बाद सीसीटीवी फुटेज निकले जा रहे हैं। जिसमें दो महिलाएं इस वारदात को अंजाम देते हुए दिखाई दे रही हैं।इस वारदात में कौन-कौन इंवॉल्व है इसकी जांच की जा रही है।
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15 साल पुरानी बसों के नियम पर बवाल, 7 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे प्राइवेट बस ऑपरेटर्स
भोपाल। परिवहन विभाग के वर्ष 2015 के नियम के तहत 15 साल पुरानी यात्री बसों को मध्यप्रदेश में रूट परमिट नहीं मिलता, जबकि इन्हीं बसों को देशभर में अस्थायी परमिट जारी किए जा सकते हैं। इसी नियम के विरोध में 7 अगस्त की रात 12 बजे से प्रदेशभर के प्राइवेट बस ऑपरेटर्स हड़ताल पर जाएंगे। परिवहन मंत्री ने मामले के अध्ययन के लिए सात सदस्यीय समिति बनाने का प्रस्ताव सचिवालय को भेज दिया है। हड़ताल होने पर प्रदेश के भीतर और तीर्थ यात्रा सहित कुल 28 हजार बसों का संचालन प्रभावित होगा।
देशभर में सिर्फ मध्यप्रदेश में ऐसा प्रावधान है कि 15 साल पुरानी यात्री बसों को प्रदेश के अंदर संचालन के लिए रूट परमिट जारी नहीं किया जाता। जबकि इन्हीं बसों को देशभर में तीर्थ यात्रा या विशेष आयोजनों के लिए अस्थायी परमिट जारी किए जा सकते हैं। वर्ष 2015 में परिवहन विभाग ने यह नियम लागू किया था, जिसका प्राइवेट बस ऑपरेटर्स लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस नियम में अब तक कोई राहत नहीं दी गई है।
नियम में संशोधन नहीं होने के विरोध में प्रदेशभर के प्राइवेट बस ऑपरेटर्स 7 अगस्त की रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। हड़ताल की स्थिति में मध्यप्रदेश के भीतर संचालन करने वाली करीब 12 हजार बसों के साथ तीर्थ यात्रा और अन्य प्रयोजनों में लगी कुल 28 हजार बसों के पहिए थम जाएंगे। इससे प्रदेशभर में यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बस ऑपरेटर्स का कहना है कि मध्यप्रदेश में 15 साल पुरानी बसों का रूट परमिट नहीं मिलता, जबकि अन्य राज्यों में बस की फिटनेस होने पर उसके संचालन की अनुमति दी जाती है। दिल्ली में 10 साल पुरानी बसों के संचालन पर रोक है, लेकिन अन्य राज्यों में फिटनेस को ही आधार माना जाता है। इसी अंतर को लेकर बस संचालक मध्यप्रदेश के नियमों में संशोधन की मांग कर रहे हैं।
बस ऑपरेटर्स की हड़ताल की घोषणा के बाद परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने बस संचालकों के साथ बैठक की। बातचीत के बाद अन्य राज्यों के नियमों का अध्ययन करने के लिए सात सदस्यीय समिति बनाने पर सहमति बनी। मंगलवार को हुई बैठक में परिवहन मंत्री ने बताया कि समिति गठन का प्रस्ताव सचिवालय भेज दिया गया है, जिसमें चार सदस्य बस ऑपरेटर्स भी होंगे। समिति की रिपोर्ट के आधार पर 15 साल पुराने नियम में संशोधन पर विचार किया जाएगा।
बस ऑनर्स एसोसिएशन के जय कुमार जैन ने कहा कि 15 साल पुरानी यात्री बस मध्यप्रदेश में नहीं चल सकती, जबकि वही बस देशभर में फिटनेस के आधार पर संचालित हो सकती है। उन्होंने इसे अजीब नियम बताते हुए हड़ताल का कारण बताया। वहीं परिवहन आयुक्त उमेश जोगा ने कहा कि बस ऑपरेटर्स की आपत्ति को देखते हुए अन्य राज्यों के नियमों का अध्ययन कराया जाएगा और उसके बाद आवश्यक संशोधन पर विचार किया जा सकता है।
कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के वांछित आतंकी मोहम्मद लतीफ भट की तलाश तेज हो गई है. सुरक्षा बलों ने श्रीनगर समेत कई जगहों पर उसके “वॉन्टेड” पोस्टर लगाए हैं. अनंतनाग और कुलगाम जिलों में 15 दिनों में हुए दो हमलों के बाद J&K पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा में बचे कमांडर मोहम्मद लतीफ भट पर 15 लाख का इनाम घोषित किया है. जानकारी देने वाले का नाम सीक्रेट रखा जाएगा
सुरक्षा बलों ने उसके खिलाफ आम लोगों से मदद लेने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए श्रीनगर के कई प्रमुख इलाकों में उसके वांटेड पोस्टर लगाए गए हैं.
J&K पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसे पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, लतीफ भट दक्षिण कश्मीर में सक्रिय रहा है और पिछले कुछ हफ्तों में हुए कई हाई-प्रोफाइल टारगेटेड हमलों के पीछे मुख्य संदिग्ध है.
जम्मू और कश्मीर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर मोहम्मद लतीफ भट की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने वाले को 15 लाख का इनाम देने की घोषणा की है. जांच एजेंसियों का कहना है कि वह कश्मीर घाटी में हाल ही में हुई टारगेटेड किलिंग में अपनी कथित भूमिका के लिए वॉन्टेड है, जिसमें एक पुलिस ऑफिसर और दो माइग्रेंट वर्कर की मौत शामिल है.
अधिकारियों ने भट की पहचान जुलाई 2026 में हुई कई हिंसक घटनाओं में एक मुख्य संदिग्ध के तौर पर की है. लतीफ भट 2025 से एक्टिव है. लतीफ़ को कश्मीर में बचे हुए सक्रिय स्थानीय आतंकवादियों में से एक माना जाता है. सुरक्षा बलों का मानना है कि उसने 2025 की शुरुआत में घर छोड़ा और ज़ाकिर के प्रभाव में आकर कट्टरपंथी बन गया.
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CJP का बड़ा ऐलान: सितंबर से शुरू होगा ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान, बेरोजगारी और शिक्षा सुधार होंगे प्रमुख मुद्दे
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की कोर टीम की बैठक गुरुवार को समाप्त हो गई। बैठक के बाद पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मीडिया को संबोधित करते हुए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि पार्टी सितंबर से ‘क्या बोलती पब्लिक’ नाम से देशव्यापी जनसंवाद अभियान शुरू करेगी। इस अभियान के जरिए CJP देशभर के लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, उम्मीदों और मौजूदा हालात पर उनकी राय जानने का प्रयास करेगी।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर अभिजीत दीपके ने कहा कि यह आंदोलन युवाओं की ऐतिहासिक जीत है। उन्होंने दावा किया कि जिस सरकार में वर्षों से किसी मंत्री के इस्तीफे की बात नहीं होती थी, वहां देश के युवाओं और जेन-जी ने सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया। दीपके के मुताबिक, इस आंदोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि लोगों के मन से डर का खत्म होना है।
दीपके ने कहा कि जनता अब अपने अधिकारों और जवाबदेही की मांग को लेकर खुलकर आवाज उठाएगी। उन्होंने कहा कि आज लोगों ने एक व्यक्ति का इस्तीफा मांगा है, कल वे अन्य जिम्मेदार लोगों से भी जवाब मांगेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि CJP बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू के विचारों तथा भारतीय संविधान की मूल भावना के अनुरूप विकसित भारत के निर्माण के लिए काम करेगी। भौगोलिकसंदर्भ
अभिजीत दीपके ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और बेरोजगार युवा शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि भारत की लगभग 60 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है और बेरोजगारी आज देश की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुकी है। CJP आने वाले समय में बेरोजगारी को राष्ट्रीय स्तर का प्रमुख मुद्दा बनाएगी। साथ ही, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षा के बढ़ते व्यावसायीकरण को रोकने के लिए भी पार्टी व्यापक अभियान चलाएगी।
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पीएम मोदी के विदेश दौरों का खर्च संसद में सामने आया, जानें किस देश की यात्रा पर कितना हुआ व्यय
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2026 में किए गए आधिकारिक विदेश दौरों पर हुए खर्च का ब्यौरा संसद में पेश दस्तावेजों के जरिए सामने आया है. इन दस्तावेजों में फरवरी से जुलाई 2026 के बीच विभिन्न देशों की यात्राओं पर हुए खर्च का देशवार विवरण दिया गया है. कुछ यात्राओं का अंतिम खर्च तय हो चुका है, जबकि कुछ दौरों के बिलों का संकलन अभी जारी है.
मलेशिया और इजरायल दौरे पर कितना हुआ खर्च?
संसदीय दस्तावेजों के अनुसार, 7-8 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलेशिया यात्रा पर 5,57,17,369 रुपये खर्च हुए. वहीं, 25-26 फरवरी को हुई इजरायल यात्रा पर कुल 11,92,25,938 रुपये का व्यय हुआ.
मई के बहु-देशीय दौरे का खर्च
15 से 20 मई के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा किया. इन यात्राओं पर हुआ खर्च इस प्रकार है.
संयुक्त अरब अमीरात- 1,97,67,864 रुपये
नीदरलैंड- 3,59,99,358 रुपये
स्वीडन- 6,32,90,593 रुपये
नॉर्वे- 17,46,50,390 रुपये
इटली- 4,23,88,557 रुपये
संसदीय दस्तावेजों के मुताबिक, इन सभी देशों की यात्रा पर खर्च का अंतिम हिसाब बिलों के निपटान के बाद तैयार किया गया है.
फ्रांस और स्लोवाक गणराज्य यात्रा
13 से 18 जून के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस और स्लोवाक गणराज्य का दौरा किया. दस्तावेजों के अनुसार, स्लोवाक गणराज्य की यात्रा पर 4,77,43,080 रुपये खर्च हुए हैं. हालांकि, फ्रांस दौरे के खर्च का अंतिम आंकड़ा अभी उपलब्ध नहीं है, क्योंकि संबंधित बिलों का संकलन जारी है.
सेशेल्स दौरे पर हुआ इतना खर्च
27 से 29 जून के बीच हुई सेशेल्स यात्रा पर कुल 8,22,03,329 रुपये खर्च किए गए.
जुलाई में इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे का खर्च
6 से 11 जुलाई के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा किया. इन यात्राओं पर खर्च का विवरण इस प्रकार है.
इंडोनेशिया- 3,87,13,468 रुपये
ऑस्ट्रेलिया- 1,18,30,810 रुपये
न्यूजीलैंड- 5,43,63,041 रुपये
संसदीय दस्तावेजों के अनुसार, इन तीनों देशों की यात्रा पर खर्च का अंतिम आंकड़ा बिलों के निपटान के बाद तय किया गया है.
संसद में पेश किए गए आंकड़े
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2026 की आधिकारिक विदेश यात्राओं पर हुए खर्च का यह देशवार विवरण संसद में पेश दस्तावेजों के माध्यम से साझा किया गया है. इनमें फरवरी से जुलाई के बीच संपन्न विदेश दौरों पर हुए व्यय की जानकारी दी गई है, जबकि फ्रांस यात्रा के खर्च का अंतिम आंकड़ा अभी तैयार किया जाना बाकी है.
सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से मां की ममता का एक बेहद भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है। लखनादौन तहसील के ग्राम चूरका में एक मुर्गी अपने चूजों को बचाने के लिए जहरीले सांप से भिड़ गई। पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि जहरीला सांप मुर्गी के पांच चूजों की ओर बढ़ता है। खतरा भांपते ही मुर्गी बिना डरे सांप पर हमला कर देती है और अपने बच्चों को बचाने के लिए लगातार संघर्ष करती रहती है। काफी देर तक दोनों के बीच संघर्ष चलता है, लेकिन अंततः मुर्गी सांप के सामने टिक नहीं पाती और सांप उसके चूजों को अपना शिकार बना लेता है।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मां अपने बच्चों की रक्षा के लिए किसी भी खतरे का सामना करने से पीछे नहीं हटती। घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग मुर्गी की ममता और साहस की सराहना कर रहे हैं।
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प्रेम प्रसंग का आरोप... कानून को दरकिनार कर भीड़ बनी 'जज'; महिला-पुरुष को बांधकर गांव में घुमाया
मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां कथित प्रेम प्रसंग के आरोप में एक महिला और एक पुरुष को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। आरोप है कि दोनों के हाथ बांधकर पूरे गांव में घुमाया गया और इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई और महिला की शिकायत पर उसके पति, देवर सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना बड़वानी जिले के ठीकरी थाना क्षेत्र के ग्राम बरुफाटक की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और वीडियो के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। यदि जांच में किसी और की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, ग्राम बरुफाटक में एक विवाहित महिला और एक पुरुष को कथित प्रेम प्रसंग के आरोप में कुछ लोगों ने पकड़ लिया। आरोप है कि इसके बाद पुरुष के साथ मारपीट की गई। वहीं महिला के पति, देवर और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों ने दोनों के हाथ बांध दिए और पूरे गांव में घुमाया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। घटना का वीडियो भी बनाया गया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और प्रशासन सक्रिय हुआ। पुलिस मौके पर पहुंची और महिला तथा पुरुष को सुरक्षित थाने लेकर आई, जहां दोनों से अलग-अलग पूछताछ की गई। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े लोगों से भी जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है।
पुलिस पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि उसकी शादी करीब 15 वर्ष पहले हुई थी। महिला का आरोप है कि उसका पति अक्सर शराब के नशे में उसके साथ मारपीट करता है और लंबे समय से मानसिक तथा शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि घटना वाले दिन उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद कथित प्रेम प्रसंग का आरोप लगाकर पहले उसे और दूसरे व्यक्ति को खंभे से बांधा गया, फिर हाथ बांधकर पूरे गांव में घुमाया गया। महिला का कहना है कि इस घटना से उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर ठेस पहुंची है।
महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसके पति, देवर सहित तीन लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
मामले को लेकर एसडीओपी महेश सुनय्या ने कहा कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। महिला के न्यायालय में बयान दर्ज कराए जाएंगे, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है और इस तरह किसी महिला या पुरुष को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना गंभीर अपराध है। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
बड़वानी की इस घटना से पहले मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में भी महिला के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया था। चंबल अंचल के निरार थाना क्षेत्र के बलालपुरा गांव में कथित तौर पर कचरा और गोबर डालने के विवाद के बाद एक महिला को घर से बाहर घसीटकर पेड़ से बांध दिया गया और लाठी-डंडों से पीटा गया। महिला को बचाने पहुंचे उसके बेटे के साथ भी मारपीट की गई थी। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद निरार थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन महिलाओं सहित पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने कानून-व्यवस्था और भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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फर्जी क्राइम ब्रांच चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, महिला वकील निकली मास्टरमाइंड
भोपाल। मिसरोद पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर लोगों को रोकते और एमडी ड्रग्स जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी देकर उनसे पैसे और सामान छीन लेते थे। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर गिरोह तक पहुंच बनाई। जांच में महिला मास्टरमाइंड के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आए हैं। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश के साथ पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हुई है।
भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र में सक्रिय यह गिरोह खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर लोगों को रोकता था। आरोपी ऐसे लोगों की तलाश में रहते थे जिन्हें आसानी से डराया जा सके। व्हाइट स्कॉर्पियो में घूमते हुए वे राह चलते लोगों से पूछताछ शुरू कर देते और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर उन्हें मानसिक दबाव में ले आते। इसके बाद उनसे नकदी और कीमती सामान छीनकर मौके से फरार हो जाते। शुरुआती जांच में पुलिस को इस गिरोह के सुनियोजित तरीके से वारदात करने के कई अहम सुराग मिले हैं।
पुलिस के अनुसार गिरोह ने एक युवक को रोककर खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और उससे सख्ती से पूछताछ शुरू कर दी। आरोपियों ने युवक को धमकाया कि उसके खिलाफ एमडी ड्रग्स से जुड़ा मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया जाएगा। कार्रवाई के डर से युवक पूरी तरह घबरा गया और आरोपियों ने इसी स्थिति का फायदा उठाकर उससे लूटपाट कर ली। इतना ही नहीं, आरोपी उसका पीछा करते हुए उसकी कॉलोनी तक पहुंच गए।
घटना की शिकायत मिलने के बाद मिसरोद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें संदिग्ध स्कॉर्पियो और आरोपियों की एक्टिविटी सामने आईं। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई व्हाइट स्कॉर्पियो भी बरामद की गई है।
जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि गिरोह की मास्टरमाइंड एक महिला है, जो खुद को वकील बताती थी। पुलिस के मुताबिक उसी ने फर्जी पुलिस बनकर लोगों को डराने और लूटने की पूरी योजना तैयार की थी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि महिला कानून की जानकारी का इस्तेमाल लोगों को भ्रमित करने और अपने साथियों को निर्देश देने में करती थी। पुलिस उसके संपर्कों और गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
पुलिस जांच में महिला आरोपी के खिलाफ पहले से मारपीट और चाकूबाजी जैसे मामलों में मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। अधिकारियों का मानना है कि गिरोह लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकता है। एडीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि चार आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। वहीं दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
शमशाबाद। हर गांव का बच्चा पढ़े, आगे बढ़े… इसी सोच के साथ मध्यप्रदेश सरकार ने सांदीपनि विद्यालय योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य दूर-दराज गांवों के मेधावी बच्चों को बेहतर शिक्षा देना और उन्हें स्कूल तक पहुंचाने के लिए सुरक्षित परिवहन भी उपलब्ध कराया जाना था। लेकिन विदिशा में इस महत्वाकांक्षी योजना की तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। यहां स्कूल बसों की कमी के चलते बच्चों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर स्कूल जाना पड़ रहा है।
ये तस्वीरें शमशाबाद विधानसभा के नटेरन स्थित सांदीपनि विद्यालय की हैं। सुबह-सुबह दूरस्थ गांवों से आने वाले बच्चे ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर स्कूल पहुंचते दिखाई देते हैं। जिन बच्चों के लिए कभी सरकारी स्कूल वाहन चलते थे, अब वे गांव तक नहीं पहुंच रहे। मजबूरी में अभिभावकों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली का सहारा लिया है।
सरकार ने सांदीपनि विद्यालयों की शुरुआत इस सोच के साथ की थी कि ग्रामीण क्षेत्र का कोई भी प्रतिभाशाली बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। लेकिन वाहनों की संख्या कम होने से अब वही बच्चे रोज जोखिम उठाकर स्कूल पहुंच रहे हैं। बच्चों का कहना है कि पढ़ाई नहीं छोड़ेंगे, चाहे ट्रॉली से जाना पड़े या किसी और संघर्ष का सामना करना पड़े।
“बस नहीं चल रही है, इसलिए मजबूरी में बच्चों को ट्रॉली से भेजना पड़ रहा है”
अभिभावकों का कहना है कि जब सरकारी बसें बंद हो गई हैं तो उनके पास बच्चों को ट्रॉली से भेजने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा। उनका कहना है कि वे बच्चों की पढ़ाई नहीं रुकने देना चाहते, लेकिन सुरक्षा को लेकर चिंता भी लगातार बनी हुई है।
यह पहली बार नहीं है जब विदिशा की शिक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आई हो। हाल ही में पलोंह गांव का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें स्कूली बच्चे नदी पार कर अपनी जान जोखिम में डालते हुए स्कूल पहुंच रहे थे। अब ट्रैक्टर-ट्रॉली में सफर करती ये तस्वीरें एक बार फिर ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था और परिवहन सुविधाओं पर बड़े सवाल खड़े कर रही हैं।
उधर, शिक्षा विभाग का कहना है कि सांदीपनि विद्यालयों के लिए उपलब्ध वाहनों की संख्या कम है। विभाग का दावा है कि संसाधनों के अनुसार व्यवस्था संचालित की जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी कह रही है।
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मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की कुर्सी पर खतरा? चुनावी हलफनामे में संपत्ति छिपाने का आरोप, HC ने सुरक्षित रखा फैसला
जबलपुर। मध्य प्रदेश सरकार के खाद्य एंव नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। साल 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान अपने चुनावी हलफनामे में संपत्ति की जानकारी छिपाने के गंभीर आरोपों को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अहम सुनवाई पूरी हो गई है। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने इस मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
यह पूरा मामला सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र और कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत से जुड़ा हुआ है। सागर निवासी राजकुमार सिंधी ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग को सौंपे गए अपने चुनावी हलफनामे में अपनी कई अचल संपत्तियों और वित्तीय ब्यौरे की पूरी जानकारी नहीं दी और उसे जानबूझकर छिपाया है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में दलीलें पेश करते हुए कहा गया कि जनप्रतिनिधि कानून के तहत चुनावी हलफनामे में सही और पूरी जानकारी देना अनिवार्य है, जबकि मंत्री की ओर से नियमों की अनदेखी की गई।
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों और पेश किए गए दस्तावेजों पर विस्तृत सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब हर किसी की निगाहें हाईकोर्ट के आने वाले फैसले पर टिकी हुई हैं। यदि फैसला मंत्री के खिलाफ जाता है तो राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल आ सकता है।
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अबू धाबी से इंदौर तक सोने की तस्करी का नेटवर्क बेनकाब! एयरलाइन कर्मचारी समेत 4 गिरफ्तार
इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी के बड़े नेटवर्क का केंद्र बनकर सामने आया है। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने अबूधाबी से इंदौर पहुंची एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से एक यात्री के पास से एक किलो से अधिक सोना पकड़ने के बाद जो जांच शुरू की, उसने महज 48 घंटे में पूरे रैकेट का पर्दाफाश कर दिया। जांच में एयरलाइन का एक कर्मचारी, एक ड्राइवर और शहर का एक सराफा कारोबारी इस नेटवर्क की अहम कड़ी के रूप में सामने आए हैं। चारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक DRI ने अबू धाबी से आने वाली फ्लाइट में एक संदिग्ध यात्री पर नजर रखी हुई थी। जांच के दौरान उसके पास से एक किलो से अधिक सोना बरामद हुआ। शुरुआत में मामला सिर्फ एक यात्री तक सीमित लग रहा था, लेकिन लगातार पूछताछ के बाद अधिकारियों ने तस्करी के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ लीं।
जांच में सामने आया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस का एक ग्राउंड स्टाफ कर्मचारी यात्रियों से सोने का पैकेट लेकर उसे एयरपोर्ट से बाहर निकालता था। इसके बाद वह पैकेट एक ड्राइवर को सौंप देता, जो उसे शहर के सराफा कारोबारी तक पहुंचाता था। इसी तरीके से कथित तौर पर लंबे समय से सोने की तस्करी का यह नेटवर्क संचालित हो रहा था।
पूछताछ के बाद DRI ने चार लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें सोना लेकर आने वाला यात्री, एयरलाइन कर्मचारी, कार चालक और शहर का एक सराफा कारोबारी शामिल हैं। जांच एजेंसियां इन सभी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि अब तक कितनी बार इस तरीके से सोना इंदौर लाया गया और इसका असली मास्टरमाइंड कौन है।
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इस गिरोह के तार पहले पकड़े गए सोना तस्करी के मामलों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी वजह से DRI अब आरोपियों के पुराने यात्रा रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और कॉल डिटेल्स की भी जांच कर रही है।
जांच एजेंसियों को संदेह है कि इसी नेटवर्क से जुड़े अन्य यात्री भी पहले कई बार सोना लेकर इंदौर पहुंचे होंगे। ऐसे यात्रियों के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रा रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। यदि जांच में इसकी पुष्टि होती है तो आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
जांच का फोकस अब उस कारोबारी पर भी है, जिसके पास कथित तौर पर तस्करी का सोना पहुंचाया जाता था। एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि सोने को कहां खपाया जाता था, उसका भुगतान किस माध्यम से होता था और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य कारोबारी कौन हैं।
अधिकारियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक किलो सोने की बरामदगी तक सीमित नहीं है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी से जुड़े कई और चेहरे सामने आ सकते हैं। इंदौर एयरपोर्ट के जरिए संचालित इस कथित नेटवर्क ने सुरक्षा व्यवस्था और एयरलाइन संचालन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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07 August 2026
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बालाघाट। जिले के किरनापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रजेगांव में बेखौफ बदमाशों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया है। रजेगांव-लांजी मुख्य मार्ग पर बीती रात करीब 9:30 बजे आधा दर्जन से अधिक बाइक सवार लुटेरों ने स्थानीय सराफा व्यापारी गेंदलाल करंडे पर हमला कर लगभग ₹2 करोड़ मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात लूट लिए और मौके से फरार हो गए।मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित सराफा व्यापारी गेंदलाल करंडे की ग्राम रजेगांव में ही सराफा दुकान है। वे अपनी दुकान बंद कर लौट... अपराध
भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड में सहायक सचिव की किडनैपिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मछंड़ सेवा सहकारी संस्था के सहायक सचिव के साथ 5 लाख के लेनदेन को लेकर बंधक बनाकर मारपीट की। हैवानों ने उन्हें इतना पीटा कि उनकी चमड़ी उधड़ गई। सहायक सचिव ने आरोप लगाया कि 13 घंटे बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप लगाया। बेसबॉल बैट, प्लास्टिक पाइप, लात-घूंसों और थप्पड़ बरसाते हुए बेरहमी से की मारपीट कर चमड़ी उधेड़ी। अपहरण करने के बाद आलमपुर और दबोह क्षेत्र में... गुना सिटी
गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) गुना खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग द्वारा मिलावट के विरूद्ध अभियान के अंतर्गत खाद्य प्रतिष्ठानों की जाँच एवं फूड सैंपलिंग की कार्यवाही निरंतर जारी है।इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने प्राप्त शिकायत के आधार पर शिवनारायण रतनलाल सुर्जन पंसारी सदर बाजार गुना से तुअर दाल एवं मूँगफली दाना के सैम्पल जब्त कर जाँच हेतु प्रयोगशाला को भेजे हैं, जिनकी जाँच रिपोर्ट आने पर आगे की वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही विभाग द्वारा इण्डस्ट्रीयल एरिया... फोटो गैलरी
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