दमोह: मध्यप्रदेश के दमोह जिले में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। जिले के अलग-अलग इलाकों से आए दिन चोरी, हत्या और मारपीट जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं जिससे लोगों में चिंता का माहौल है। इस बीच, जिले की पटेरा तहसील में एक चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। जहां चोरों ने एक ज्वेलर्स की दुकान से सोने-चांदी के आभूषण एवं नकदी उड़ाकर ले गये।
बता दें कि पटेरा तहसील में हटा रोड पर लछन सेठ नाम की ज्वेलर्स की दुकान है। जहां पर रात को अचानक कुछ अज्ञात चोरों ने दुकान के शटर का ताला तोड़ा और अंदर घुसकर वारदात को अंजाम दिया। दुकान संचालक के अनुसार अज्ञात चोर 15 किलो चांदी, करीब 100 से 150 ग्राम सोना और नगदी और साथ मेंं 70 से 80 रुपये की नगदी लेकर फरार हो गये। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
सीसीटीवी में स्पष्ट नजर आ रहा है कि पहले एक चोरी दुकान के अंदर आता है और तिजोरी खोलने का प्रयास करता है। जब तिजोरी नहीं खुलती तो वह अपने दूसरे साथ को बुलाता है। इसके बाद दो और साथी दुकान के अंदर आ जाते हैं। इसके बाद सामने रखे एक आभूषण सोकेस को अलग करके तिजोरी को खिसकर दुकान के बाद ले जाते हैं। हालांकि हालांकि बाहर भी तिजोरी नहीं तोड़ पाने पर वे उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए। दुकानदार जितेंद्र साहू के मुताबिक, चोर दुकान के काउंटर से करीब 120 ग्राम सोना, 15 किलो चांदी और करीब 80 हजार रुपये नकद ले गए। सभी चोरो का चेहरा मास्क से ढका होता है।
जैसे ही दुकान संचालक सुबह उठा तो वह दुकान का नजारा देखकर चौंक गया। इसके बाद उन्होंने सीसीटीवी में पूरी घटना देखी। जिसके बाद दुकान संचालक ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने वारदात स्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
हैरान कर देने वाली बात यह है कि पटेरा के वार्ड नंबर 01 में 17 सितंबर की रात चोरी की घटना हुई थी, जिसका खुलासा अभी तक नहीं हुआ है। इसके बाद 19 सितंबर की रात को भी उसी मोहल्ले में चोरी हुई। लगातार हो रही चोरियों के बाद अब सवाल पुलिस प्रशासन पर उठ रहा है। गरवासियों में पुलिस व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी दिखाई दे रही है। स्थानीय युवाओं ने थाना प्रभारी के नाम ज्ञापन देकर पटेरा नगर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह भदौरिया मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की तलाश की जा रही है।
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गर्लफ्रेंड से पिटाई करवाई, VIDEO किया वायरल! छात्रा से प्रताड़ना का मुख्य आरोपी श्रवण भेजा गया जेल
सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले में कॉलेज छात्रा को अनुचित संबंध बनाने के लिए लंबे समय से प्रताड़ित करने और विरोध करने पर उसकी सहेलियों से पिटाई कराने के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोलगवां थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी 19 वर्षीय छात्र श्रवण श्रीवास उर्फ श्रवण सेन को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे ज्यूडिशियल रिमांड पर सेंट्रल जेल भेज दिया गया है।
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी श्रवण पिछले करीब 10 महीनों से पीड़िता पर अनैतिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। जब छात्रा ने साफ इंकार कर दिया, तो आरोपी ने अपनी कथित गर्लफ्रेंड के जरिए उस पर दबाव बनवाया। इसके बाद भी बात न बनने पर गर्लफ्रेंड और उसकी सहेलियों के जरिए छात्रा को कोलगवां क्षेत्र के ‘नगर वन’ के सुनसान इलाके में बुलवाया गया।
सुनसान जगह पर पहले से मौजूद चार लड़कियों ने पीड़िता को घेरकर बेरहमी से पीटा और इस पूरी हैवानियत का वीडियो बना लिया। बाद में दबंगई दिखाने के लिए यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। पुलिस ने पीड़िता के बयानों के आधार पर चारों आरोपी लड़कियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 140(3) समेत अन्य गंभीर धाराएं बढ़ाई हैं। पुलिस ने सभी के मोबाइल जब्त कर लिए हैं।
मामले की तह में जाने पर ‘जीसी ग्रुप’ नाम के एक इंस्टाग्राम ग्रुप का सच सामने आया है। शहर के अलग-अलग कॉलेजों VITS इंजीनियरिंग, गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज और AKS यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राएं इस ग्रुप से जुड़े थे। इसी ग्रुप के जरिए पीड़िता का संपर्क आरोपी श्रवण से हुआ था। जब श्रवण अश्लील और पर्सनल मैसेज भेजने लगा तो छात्रा ने विरोध किया, जिसके बाद यह पूरी खौफनाक साजिश रची गई। घटना के बाद इस ग्रुप को डिलीट कर दिया गया है।
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18 करोड़ के रेलवे ओवरब्रिज में भ्रष्टाचार का मामला: भोपाल से पहुंची जांच टीम, ठेकेदार को 15 दिन का अल्टीमेटम
नरसिंहपुर। नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में 18 करोड़ रुपये की लागत से बने रेलवे ओवरब्रिज के महज 6 महीने में ही खस्ताहाल होने के मामले में बड़ा असर देखने को मिला है। खबर प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया है। भोपाल से लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता अपनी विशेष टीम के साथ मौके पर पहुंचे और ओवरब्रिज का बारीकी से निरीक्षण किया।
भोपाल से आई जांच टीम ने निरीक्षण के दौरान ओवरब्रिज के निर्माण में कई गंभीर अनियमितताएं और कमियां पाईं। इसके बाद अधिकारियों ने ठेकेदार को सख्त दिशा-निर्देश देते हुए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। विभाग ने साफ किया है कि ब्रिज में पाई गई सभी खामियों और निर्माण से जुड़ी समस्याओं को तय सीमा के भीतर जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सेतु विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ब्रिज की गुणवत्ता और सुरक्षा जांच के लिए कई तकनीकी विशेषज्ञों से भी निरीक्षण कराया जा रहा है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट में जो भी कमियां बताई जाएंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक करवाया जाएगा। 15 दिन में कार्य पूरा करने का दावा वहीं, निर्माण कंपनी के इंजीनियर का कहना है कि विभाग द्वारा दिए गए 15 दिन के अल्टीमेटम के भीतर सभी सुधारात्मक कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे।
इंदौर। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान DCP नरेंद्र रावत और राहुल गांधी की टीम के बीच नोकझोंक पर सज्जन सिंह वर्मा का तीखा हमला, बोले- कई सिंघम आए और चले गए, ये इंदौर है प्यारे इंदौर। राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारी और राहुल गांधी की टीम के बीच हुई कथित नोकझोंक अब सियासी बयानबाजी का मुद्दा बन गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर तीखे शब्दों में प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अधिकारी के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक अदना सा अधिकारी खुद को सिंघम समझ रहा है, लेकिन उसे यह पता होना चाहिए कि सरकारें बदलती रहती हैं।
सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान अधिकारी मंच पर चढ़ गए और वहां मौजूद लोगों की संख्या को लेकर सवाल करने लगे। उन्होंने राहुल गांधी की टीम के साथ अधिकारी की कथित नोकझोंक को लेकर नाराजगी जताई और अपने बयान में अधिकारी के रवैये पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, ‘तेरे बाप का कार्यक्रम नहीं है, राहुल गांधी का कार्यक्रम है।’ सज्जन सिंह वर्मा के इस बयान ने कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस अधिकारियों के व्यवहार को लेकर राजनीतिक विवाद को और तीखा कर दिया है।
सज्जन सिंह वर्मा ने अपने बयान में अधिकारी को लेकर कहा कि कई सिंघम आए और चले गए, लेकिन इंदौर अपनी जगह कायम है। उन्होंने सरकारों के बदलने का जिक्र करते हुए अधिकारियों को सत्ता के स्थायित्व को लेकर अप्रत्यक्ष संदेश दिया।उनके बयान में पुलिस प्रशासन के रवैये को लेकर नाराजगी साफ दिखाई दी। हालांकि, अधिकारी और राहुल गांधी की टीम के बीच हुई नोकझोंक की पूरी वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई थी
राहुल गांधी के इंदौर दौरे के दौरान ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम के दौरान सामने आए कथित विवाद पर कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने पुलिस अधिकारी को निशाने पर लिया। उनका बयान अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। एक तरफ कार्यक्रम में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस नेता का आक्रामक बयान प्रशासनिक रवैये पर सीधे हमले के तौर पर देखा जा रहा है।
राहुल गांधी के कार्यक्रम में हुई कथित नोकझोंक के बाद सज्जन सिंह वर्मा का बयान प्रशासन और कांग्रेस के बीच टकराव को लेकर सियासी चर्चा को हवा दे रहा है। ‘सिंघम’ वाले तंज से लेकर सरकार बदलने की चेतावनी तक, वर्मा ने अपने बयान में अधिकारी के रवैये पर सवाल उठाए हैं। अब सवाल यह है कि कार्यक्रम के दौरान आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी और पुलिस अधिकारी तथा राहुल गांधी की टीम के बीच हुई नोकझोंक की वास्तविक वजह क्या थी?
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हैंडपंप लगाने को लेकर कॉलोनी में बवालः नगर पालिका कर्मचारियों और पार्षद से मारपीट, 2 पर FIR दर्ज
ग्वालियर। विवेकानंद कॉलोनी में पानी की खराब मोटर हटाकर हैंडपंप लगाने की बात को लेकर विवाद गहरा गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दबंगों ने नगर पालिका के कर्मचारियों के साथ हाथापाई और मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचे स्थानीय पार्षद हीरा सिंह के साथ भी दबंगों ने धक्का-मुक्की और हमला करने का प्रयास किया।
घटना के विरोध में नगर पालिका के उपाध्यक्ष सतेंद्र दुबे, पीड़ित पार्षद और निकाय कर्मचारी एकजुट होकर सिटी थाने पहुंचे। पुलिस अधिकारियों से आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग को लेकर थाने में धरना दे दिया। इस दौरान पुलिस और आक्रोशित पार्षदों के बीच तीखी बहस (हॉट टॉक) की स्थिति भी बन गई।
मामले की गंभीरता और पार्षदों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) जयराज कुबेर मौके पर सिटी थाने पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित पार्षदों और कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सभी आरोपी पक्ष पर एफआईआर की मांग पर अड़े रहे। आखिरकार शनिवार देर रात नगर पालिका कर्मचारी श्री लाल कडेरे की शिकायत पर आरोपी सतविंदर सिंह और अमृत सिंह के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने (IPC की संबंधित धाराओं) सहित अन्य मामलों में प्रकरण दर्ज कर लिया गया।
पीड़ित पालिका कर्मचारी श्रीलाल कडेरे ने बताया कि वह टीम के साथ कॉलोनी में खराब पड़ी मोटर निकालकर नया हैंडपंप स्थापित करने गए थे। तभी सतविंदर सिंह, अमृत सिंह और अन्य लोगों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। पार्षद हीरा सिंह ने जब उन्हें बचाने की कोशिश की तो आरोपियों ने उन पर भी हमला करने का प्रयास किया। एएसपी जयराज कुबेर ने बताया कि यह विवाद पार्षद और आरोपी पक्ष के बीच आपसी रंजिश का लग रहा था, जिसे कर्मचारी से मारपीट के मुद्दे से जोड़ा जा रहा था। कर्मचारी की लिखित शिकायत पर दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
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जीतू पटवारी बोले- छात्रों की गूंज को हर जिले तक ले जाएगी कांग्रेस
इंदौर। राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्यक्रम को लेकर अपनी बात रखी। पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों से जुड़े जिन मुद्दों को उठाया है, उन्हें जनता अपना मुद्दा मान रही है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग के लिए इंदौर की जनता, मीडिया, सिख समाज, आईडीए, पुलिस और जिला प्रशासन का साधुवाद किया। वहीं उन्होंने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ की आवाज अब रुकने वाली नहीं है और इसे प्रदेश के हर जिले तक ले जाया जाएगा।
इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के बाद जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार का दायित्व है कि विद्यार्थियों को अधिकार संपन्न और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने मध्यप्रदेश में क्वालिटी एजुकेशन को लेकर पहल किए जाने की बात कही। पटवारी ने भाजपा नेताओं के बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी और सत्ताधारी दल को सकारात्मक सोच के साथ मुद्दों पर बात करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यकाल के करीब दो साल यानी लगभग 800 दिन अभी बाकी हैं। उन्होंने एक बार फिर 28 में सरकार बनने की बात दोहराई।
जीतू पटवारी ने यह भी कहा कि “छात्रों की गूंज का कार्यक्रम समाप्त हो जाए, ऐसा नहीं है। अब मध्यप्रदेश के हर जिले में छात्रों की गूंज का कार्यक्रम किया जाएगा। हमारा उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं, बल्कि छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को सामने रखना है।” उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी में चुनावी नतीजों को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि यह लड़ाई बच्चों और अभिभावकों की है। पटवारी ने आईडीए, पुलिस और जिला प्रशासन, मीडिया और सभी लोगों का साधुवाद किया।
साथ ही सरकारी विभागों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह इंदौर की परंपरा नहीं रही है कि विपक्ष का नेता शहर में आए तो उसके कार्यक्रम में किसी तरह की बाधा पहुंचाई जाए। उन्होंने राहुल गांधी के मंच पर कांग्रेस पदाधिकारी द्वारा उठाए गए सवालों को लेकर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि चेहरों को देखने के बजाय मुद्दों पर बात की जानी चाहिए। रोजगार के मुद्दे पर पटवारी ने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक घंटे में हजारों लोगों को रोजगार मिलने की बात कही जाती है। उन्होंने आंकड़ों को लेकर भी सरकार से सवाल किए और कहा कि युवाओं के लिए रोजगार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर गंभीरता से काम होना।
लखनऊ। कारोबारी ने 13 सितंबर को कृष्णानगर थाने में अपहरण और फिरौती का मामला दर्ज कराया था। बदमाशों ने फर्जी पुलिस आईडी दिखाकर कारोबारी को कार में बैठाया और उसके साथ मारपीट की। पुलिस की आठ टीमों ने करीब 220 से 240 CCTV फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंच बनाई। जांच में सामने आया कि कारोबारी की रेकी और उसकी आर्थिक स्थिति की जानकारी जुटाने के बाद वारदात की गई थी।
राजेंद्रनगर निवासी कारोबारी सुदर्शन घोष ने 13 सितंबर को कृष्णानगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। कारोबारी के मुताबिक, वह अपने कार्यालय जा रहे थे, तभी कुछ लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और फर्जी आईडी कार्ड दिखाकर उन्हें जबरन कार में बैठा लिया। इसके बाद आरोपियों ने हथियार के बल पर उन्हें बंधक बनाया और मारपीट की। बदमाशों ने कारोबारी पर दबाव बनाकर उनकी पत्नी को फोन कराया और घर से रकम और जेवर मंगवाए।
पुलिस की जांच में सामने आया कि वारदात अचानक नहीं हुई, बल्कि आरोपियों ने इसकी पहले से योजना बनाई थी। पुलिस के मुताबिक, लखनऊ में रहने वाले एक व्यक्ति के जरिए कारोबारी की आर्थिक स्थिति और रोजाना की आवाजाही की जानकारी जुटाई गई थी। यह व्यक्ति पीड़ित का करीबी बताया जा रहा है। इसके बाद गिरोह के सदस्यों ने कारोबारी की लगातार रेकी की और सही मौका मिलने पर उसे अगवा कर लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने खुलासे के लिए आठ विशेष टीमों के साथ सर्विलांस सेल को भी जांच में लगाया। टीमों ने घटनास्थल से लेकर आरोपियों के आने-जाने वाले रास्तों तक करीब 220 से 240 CCTV फुटेज की जांच की। तकनीकी साक्ष्यों और मैनुअल इनपुट के आधार पर पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली। इसके बाद पुलिस ने गिरोह से जुड़े छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनुराग, लवी कुमार, दीपांशु कुमार, अनुराग कुमार, आकाश चौधरी और मनीष कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे वारदात के दौरान पहचान छिपाने के लिए गाड़ियों पर फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करते थे। घटना के बाद गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में भाग गए थे। पुलिस अब इनके अन्य साथियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपियों ने वसूली गई रकम को आपस में बांट लिया था और अलग-अलग राज्यों में चले गए थे। पुलिस का दावा है कि गिरोह के कुछ सदस्य दोबारा लखनऊ में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस टीम को उनकी गतिविधियों की जानकारी मिली और घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस गिरोह के नेटवर्क और इससे जुड़े दूसरे लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है। साथ ही कारोबारी से वसूली गई रकम और जेवरों में से बाकी सामान बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के साथ तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है, ताकि वारदात में शामिल सभी लोगों की भूमिका सामने आ सके।
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दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शनः अवैध रूप से रह रहे 40 विदेशी नगरिकों की पहचान की, इनमें सबसे ज्यादा 31 नाइजीरियाई नागरिक
दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली पुलिस ने अभियान चलाकर अवैध रूप से रह रहे 40 विदेशी नगरिकों की पहचान की। पुलिस ने एक साथ 43 ठिकानों पर छापेमारी की और 40 विदेशी नगरिकों की जांच की। इनमें 30 पुरुष और 10 महिलाएं शामिल है।
वेरिफिकेशन के दौरान सबसे ज्यादा 31 नाइजीरियाई नागरिक मिले। इनमें 28 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा युगांडा के 4 नागरिक (सभी महिलाएं), तंजानिया की 3 महिलाएं और आइवरी कोस्ट के 2 पुरुष नागरिक भी जांच के दायरे में आए।
ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए द्वारका जिले के सभी थानों और स्पेशल यूनिट के पुलिसकर्मियों को मिलाकर 25 टीमें बनाई गई थी। करीब 150 पुलिसकर्मी इस कार्रवाई में शामिल रहे। पुलिस टीमों ने पहले से जुटाई गई स्थानीय जानकारी, फील्ड वेरिफिकेशन और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर चिन्हित ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना था कि विदेशी नागरिक दिल्ली में किस आधार पर रह रहे हैं और उनके पास वैध पासपोर्ट, वीजा और दूसरे जरूरी दस्तावेज हैं या नहीं।
पुलिस यह भी पता लगा रही थी कि कोई विदेशी नागरिक आपराधिक गतिविधि में शामिल तो नहीं है, उनके दस्तावेज सही हैं या नहीं और वो वीजा की शर्तों का पालन कर रहा है या नहीं। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच में सामने आए मामलों के बाद पुलिस ने 10 विदेशी नागरिकों के खिलाफ निर्वासन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कार्रवाई की है। इनमें 5 नाइजीरियाई, 4 युगांडा और 1 तंजानियाई नागरिक शामिल हैंष इन 10 लोगों में 6 महिलाएं और 4 पुरुष हैं।
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झारखंड के मोस्ट वांटेड बृजेश का वाराणसी में एनकाउंटर, 30 लाख का इनामी और NIA की हिट लिस्ट में भी था
झारखंड का मोस्ट वांटेड 30 लाख रुपये का इनामी नक्सली कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह उत्तर प्रदेश में मारा गया है। यूपी एटीएस (UP ATS) ने वाराणसी में एनकाउंटर कर झारखंड के मोस्ट वांटेड नक्सली बृजेश गंझू को ढेर कर दिया। रविवार तड़के वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में यूपी एटीएस की टीम ने उसे घेर लिया। यूपी एटीएस ने उसे रोकने की कोशिश की तो पुलिस पर गोली चला दी। इसमें DSP और हेड कांस्टेबल बाल-बाल बच गए। जवाबी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश एटीएस ने मुठभेड़ में नक्सली बृजेश गंझू को मार गिराया।
बृजेश पर झारखंड सरकार की ओर से 25 लाख और NIA की ओर से 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के मुताबिक वह प्रतिबंधित नक्सली संगठन TPC का कमांडर था और उसके खिलाफ टेरर फंडिंग, रंगदारी, विकास कार्यों में बाधा डालने और पुलिस-सुरक्षाबलों पर हमले जैसे कई गंभीर आरोप दर्ज थे।
पुलिस के मुताबिक, इनामी नक्सली बृजेश गंझू झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के लूटू गांव का रहने वाला था। वह 20 सितंबर (रविवार) को तड़के अपनेसाथी के साथ बाइक से टेंगरा मोड़ से रामनगर होते हुए मुगलसराय की ओर जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर एटीएस टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि रुकने के बजाय बृजेश मोटरसाइकिल से कूद गया और एटीएस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में बृजेश गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल रामनगर के लालबहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
झारखंड पुलिस के प्रवक्ता और IG ऑपरेशन्स नरेंद्र सिंह का भी इस मामले में बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, “हमें IG STF से जानकारी मिली है कि आज सुबह वाराणसी में एक मुठभेड़ में बृजेश गंझू, उर्फ गोपाल सिंह को मार गिराया गया। बृजेश गंझू पर 30 लाख रुपये का इनाम था। वह झारखंड में प्रतिबंधित संगठन ‘तृतीय प्रस्तुति कमिटी’ (TPC) का प्रमुख था। NIA ने उसे कई मामलों में वॉन्टेड घोषित किया था।
पुलिस के मुताबिक बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह प्रतिबंधित नक्सली संगठन TPC से जुड़ा था। TPC यानी तृतीय प्रस्तुति कमेटी. झारखंड में एक्टिव रहे इस संगठन से बृजेश के जुड़े होने और कमांडर की भूमिका निभाने की बात पुलिस की ओर से कही गई है। बृजेश पर कई गंभीर आरोप थे। इनमें टेरर फंडिंग, रंगदारी, नक्सली संगठन की गतिविधियां चलाना, विकास कार्यों में बाधा डालना और पुलिस-सुरक्षाबलों पर हमला करना शामिल है। इन्हीं मामलों की वजह से वह सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था।
भोपाल। मध्यप्रदेश के दमोह से दिल दहला देने वाली खबर है जहां एक पिता ने अपने ही दो बेटों एक बेटी और इन बच्चों की मां (पत्नी) को मौत के घाट उतार दिया है। चार चार हत्याओं के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मामला दमोह जिले के मगरोन थाना क्षेत्र के कबीरपुरा का है यहां रहने वाले द्वारका पटेल नाम के व्यक्ति ने इस ख़ौफ़नाक वारदात को अंजाम दिया है। चार हत्याओं के पीछे की वजह पारिवारिक पति पत्नी का विवाद सामने आया है।
दरअसल द्वारका पटेल और उनकी पत्नी खेमा बाई के बीच बीते साल भर से विवाद चल रहा है, द्वारका शराबी था और चरित्र संदेह पर अपनी पत्नी को परेशान करता था। साल भर पहले पत्नी की रिपोर्ट पर द्वारका पर प्रताड़ना का मुकदमा भी पुलिस ने दर्ज किया था लेकिन बाद में राजीनामा हुआ और दोनों साथ रहने लगे। शराबी पति बाज नहीं आया और पत्नी को परेशान करता रहा। कल यानी शुक्रवार को फिर दोनों के बीच विवाद बड़ा और पत्नी के मायके वाले इस गांव पहुंचे और समझा कर शाम को वापस चले गए।
उसके बाद भी पति पत्नी लड़ते रहे और देर रात महिला अपने बच्चों के साथ सो गई लेकिन द्वारका के सर पर खून मंडरा रहा था। रात करीब चार साढ़े चार बजे के आसपास उसने कुल्हाड़ी ली और अपनी पत्नी खेमा दो मासूम बेटों और एक मासूम बेटी को कुल्हाड़ी के वार करके मौत की नींद सुला दिया। सुबह जब आसपास के लोग उठे तो हालात देखकर डर गए। पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस मौके पर पहुंची तो तीन बच्चे और उनकी मां खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ी थी।
इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद जिला मुख्यालय से एसपी भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। हत्यारा पति कुल्हाड़ी लेकर घर के बाहर बैठा था जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है और फिलहाल एक टीम आरोपी से पूंछताछ कर रही है वहीं चारों शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। जिनमें 7 साल की बेटी और 4 और 1 साल के दो बेटे और मां के शव हैं।
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जैन मंदिर में अष्टधातु की 3 मूर्तियां और दान पेटी चोरी, सीसीटीवी में कैद हुए 3 चोर
इंदौर। चोरों के द्वारा सूने मकान के साथ ही धार्मिक स्थल ऑन को भी लगातार निशाना बनाया जा रहा और इसी के तहत ग्रामीण थाना क्षेत्र में चोरों ने जैन मंदिर में चोरी के वारदात करते हुए तीन अष्टधातु की प्रतिमा और दान पेटी चुराकर फरार हो गए पुलिस सीसीटीवी के आधार पर जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
क्षिप्रा पुलिस के मुताबिक चोरी की वारदात लसूडिय़ा परमार स्थित सफारी पार्क जैन मंदिर में हुई। पुलिस ने फरियादी दिलीप जैन की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। फरियादी ने पुलिस को बताया कि घटना 16 सितंबर की रात 2 बजे से सुबह 5.30 बजे के बीच की है।
अज्ञात आरोपी मंदिर के साइड के छोटे गेट का ताला तोडक़र भीतर घुसे और मंदिर के अंदर से अष्टधातु से बनी भगवान महावीर,भगवान आदिनाथ और भगवान अरहनाथ की मूर्तियां और कांच की दान पेटी चुरा ले गए। चोरी की सूचना मिलते ही समाजजन में रोष व्याप्त हो गया। इधर मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की और अज्ञात बदमाशों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
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CA से 21.05 करोड़ की साइबर ठगी: पुलिस ने अनफ्रीज कराए 85 लाख, पीड़ित के खाते में वापस आए 25 लाख
ग्वालियर। चार्टर्ड अकाउंटेंट से 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में राज्य साइबर पुलिस 85 लाख रुपये अनफ्रीज कराने में कामयाब रही है। इसके बाद सीए के खाते में ठगी के 25 लाख रुपये वापस आ गए। कुछ दिनों में बाकी रकम भी खाते में आ जाएगी। साइबर ठगी के सात माह बाद भी राज्य साइबर पुलिस की टीम यह रकम ठगों तक पहुंचने से पहले ही फ्रीज करा पाई थी।
दिसंबर से जुलाई के बीच चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गी निवासी रोशनी घर रोड से क्रिप्टो करंसी में निवेश के नाम पर 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई थी। जुलाई में राज्य साइबर पुलिस ने इस मामले में एफआइआर दर्ज की थी।
तब राज्य साइबर पुलिस के डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने अपनी टीम को सबसे पहले उन बैंक खातों की पड़ताल में लगाया, जिनमें पहली-दूसरी लेयर में पैसा गया था। पहली लेयर में ही 176 बैंक खाते चिह्नित हुए थे। इसके बाद आगे यह रकम 20 हजार से अधिक खातों में पहुंची।
राज्य साइबर पुलिस ने पहली लेयर के खातों को फ्रीज कराने के लिए पूरे देश के बैंक प्रबंधनों से संपर्क किया। तब कुछ रकम फ्रीज करा पाई थी।
21.05 करोड़ रुपये में से चार करोड़ रुपये फ्रीज कराने में राज्य साइबर पुलिस कामयाब रही थी। इसके बाद कोर्ट में यह पैसा वापस लेने के लिए आवेदन लगाया। 85 लाख रुपये अनफ्रीज कर वापस करने के आदेश दिए। इसमें से 25 लाख रुपये फरियादी के बैंक खाते में वापस आ चुके हैं। अभी भी 60 लाख रुपये आना बाकी हैं।
छत्तीसगढ़ से कंपनी संचालक मिथिलेश जायसवाल को राज्य साइबर पुलिस की टीम ने गिरफ्तार किया था। उसे शनिवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। पूछताछ में सामने आया कि असली सरगना तो मिथिलेश का भाई है। यह दोनों ही देशभर में म्यूल खातों का बड़ा नेटवर्क चलाते हैं। चेन्नई में भी दोनों ही पकड़े गए थे। जमानत पर छूटने के बाद दोबारा म्यूल खातों में साइबर ठगी की रकम की हेराफेरी करने लगे। इनके पास अन्य फर्जी कंपनियों के बैंक खाते भी हैं, जिनमें यह साइबर ठगी की रकम मंगवाते हैं। इसके बाद दूसरे बैंक खातों व क्रिप्टो ट्रेडिंग के जरिये विदेश तक पैसा भेजते हैं।
साइबर ठगी के चार करोड़ रुपये फ्रीज कराए हैं। इसमें से 25 लाख रुपये फरियादी के खाते में आ गए। 85 लाख रुपये अनफ्रीज करने के आर्डर हो गए हैं। बाकी पैसा भी जल्द आ जाएगा। अब तक आठ आरोपी पकड़े हैं। -संजीव नयन शर्मा, डीएसपी, राज्य साइबर पुलिस
आगर मालवा। मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में शनिवार को दर्दनाक हादसा हो गया। मां बगलामुखी मंदिर के पास तेज बारिश के बाद बरसाती नाले में पानी का बहाव बढ़ गया। इसी दौरान श्रद्धालुओं की कार नाले की चपेट में आ गई और तेज बहाव में बह गई। हादसे में कार सवार 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। सभी श्रद्धालु नलखेड़ा में दर्शन के लिए पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि रात में इलाके में तेज बारिश हुई थी। इसके बाद बरसाती नाले में पानी का बहाव काफी बढ़ गया। इसी दौरान श्रद्धालुओं की कार नाले के पास पहुंची और अचानक पानी की चपेट में आ गई। तेज बहाव के कारण कार पानी में बह गई। हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन को घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। नाले में राहत और बचाव का काम शुरू किया गया।
यह हादसा मां बगलामुखी मंदिर के पास हुआ। श्रद्धालु नलखेड़ा में दर्शन के लिए आए थे। इसी दौरान उनकी कार बरसाती नाले के पास पहुंची। नाले में पानी का बहाव तेज था और कार अचानक पानी की चपेट में आ गई। मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम कार और उसमें सवार लोगों की तलाश में जुटी। नाले में तेज बहाव होने के कारण राहत और बचाव अभियान में भी मुश्किलें सामने आईं। मौके पर बड़ी संख्या में लोग भी पहुंच गए।
हादसे में कुल 8 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में 3 बच्चे, 2 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं। सभी लोग नलखेड़ा में दर्शन के लिए आए थे। हादसे के बाद प्रशासनिक अमला राहत और बचाव के काम में जुटा हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया और पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।
हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की अभी पहचान नहीं हो पाई है। प्रशासन की ओर से मृतकों की शिनाख्त की कोशिश की जा रही है। साथ ही घटना की जानकारी उनके परिवारों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी की जा रही है। फिलहाल नाले में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। प्रशासन की टीम पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रात में हुई तेज बारिश के बाद नाले में पानी बढ़ा था और इसी दौरान श्रद्धालुओं की कार बह गई।
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नकली यूरिया बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा, कंटेनरों से 14 हजार लीटर यूरिया जब्त
शिवपुरी में एसपी की स्पेशल टीम का एक्शन देखने को मिला। पुलिस ने वाहनों में इस्तेमाल होने वाले यूरिया बनाने की एक फैक्ट्री पर छापामार कार्रवाई की है। दिनारा थाना क्षेत्र की इस फैक्ट्री में नकली यूरिया बनाया जा रहा था। स्थानीय लोगों की सूचना के आधार पर पुलिस द्वारा यहां कार्रवाई की गई। लगभग 3 साल से यहां नकली यूरिया मैन्युफैक्चरिंग करने के बाद सप्लाई किए जाने का काम चल रहा था।
यह फैक्ट्री सिकंदरा बैरियर के पास भगवती ढाबे के पीछे चलाई जा रही थी। सूचना के आधार पर एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया की ओर से भेजी गई विशेष टीम द्वारा यहां पर जांच पड़ताल की गई। इस दौरान कुछ बड़े बड़े कंटेनर से 14 हजार लीटर यूरिया जब्त हुआ।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक ये फैक्ट्री आनंद यादव और उनके दो भाई संचालित करते हैं। यहां पिछले 3 साल से यूरिया बनाने का काम किया जा रहा है। यह जानकारी निकाली जा रही है कि इसे किस तरह से तैयार किया जा रहा था और इसकी सप्लाई कहां हो रही थी। मामले में पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में अन्य कौन से लोग शामिल है, यह पता किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों की ओर से पुलिस को इस फैक्ट्री में अवैध तरीके से यूरिया तैयार करने की सूचना दी गई थी। मामले का खुलासा करने के बाद एसपी की स्पेशल टीम स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बगैर मौके पर पहुंची। जब जांच पड़ताल की गई तो अलग-अलग कंटेनर में यूरिया भरा हुआ था। कार्रवाई करने के बाद दिनारा थाना पुलिस को इस बारे में बताया गया। इसके बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और सारा सामान अपने कब्जे में लिया। अब जांच पड़ताल के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जंगल में चल रहा था ‘हाई-प्रोफाइल’ जुआ: पुलिस की दबिश, 5.55 लाख कैश और गाड़ियां छोड़कर भागे कई आरोपी
देवास। देवास जिले के कांटाफोड़ पुलिस थाना क्षेत्र से जुए के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बैरागढ़ फॉरेस्ट चौकी के पास घने जंगलों में चल रहे अवैध जुए के फड़ पर पुलिस ने देर रात सुनियोजित तरीके से दबिश देकर 12 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से साढ़े पांच लाख रुपये से अधिक कैश समेत करीब 12.86 लाख रुपये मूल्य की सामग्री बरामद की है।
एसडीओपी बागली संजय सिंह बैस के मार्गदर्शन में यह पूरी कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक, 18 सितंबर की रात गुप्त सूचना मिली थी कि बैरागढ़ के जंगल में बड़े पैमाने पर हार-जीत का दांव लगाया जा रहा है। सूचना मिलते ही बागली, उदयनगर, कांटाफोड़ थाने और चापड़ा चौकी की पुलिस टीमों को मिलाकर एक संयुक्त दल तैयार किया गया और जंगल की घेराबंदी की गई।
अचानक हुई इस छापामारी से जुआरियों में हड़कंप मच गया। घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ संदिग्ध मौके से भागने में सफल रहे, जबकि पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए 12 जुआरियों को मौके पर ही धर दबोचा।
लाखों का कैश, कार और मोटरसाइकिल जब्त
नगद राशि: ₹5,55,100 नगद कैश
वाहन: 1 फोर-व्हीलर कार और 5 मोटरसाइकिलें
अन्य: 15 एंड्रॉयड स्मार्टफोन (कुल जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत ₹12,86,200 बताई गई है।)
जुआ एक्ट में मामला दर्ज, फरार की तलाश जारी
कांटाफोड़ थाना पुलिस ने पकड़े गए सभी 12 आरोपियों के विरुद्ध सार्वजनिक जुआ अधिनियम की धारा 13 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस अवैध कारोबार के मुख्य सरगना और फरार हुए अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाकर उनकी गिरफ्तारी की जा सके।
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