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प्राइवेट अस्पताल के आईसीयू में घुसकर अपराधी को अपराधियों ने मारी गोली

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बिहार पुलिस की तरफ से कल बुधवार को ही शूटर सेल बनाने की बात कही गई थी. लेकिन अगले ही दिन यानी आज गुरुवार को राजधानी पटना में सुबह-सुबह हत्या की दो वारदातों को अंजाम देकर अपराधियों ने लॉ एंड ऑर्डर को खुलेआम चुनौती दे दी. सबसे पहले पटना से सटे दानापुर में एक हत्याकांड की खबर आई. यहां बीस वर्षीय बंटी नाम के एक युवक को धारदार हथियार से काट डाला गया.राजधानी पटना से सटे दानापुर शाहपुर थाना क्षेत्र के हथियाकांध में अपराधियों ने घर के पास ही धारदार हथियार से एक युवक की सुबह-सुबह ही हत्या कर दी. मृतक की पहचान स्थानीय निवासी राकेश सिंह के पुत्र शिवम उर्फ बंटी (20 वर्ष) के रूप मे की गई है.
इस हत्याकांड से आसपास के इलाकों में सनसनी फैल गई. आननफानन में पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची. पुलिस इस घटना की छानबीन में जुटी है. दानापुर पुलिस इस हत्याकांड की शुरुआती जांच-पड़ताल में ही जुटी थी कि दानापुर से कुछ ही दूर पटना के शास्त्रीनगर में स्थित पारस अस्पताल में मर्डर हो गया. बड़ी हैरानी की बात है कि अपराधियों ने पारस अस्पताल के आईसीयू में घुसकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया है. पारस अस्पताल पटना का एक बड़ा अस्पताल है. इस अस्पताल में निजी सुरक्षा गार्ड भी तैनात रहते हैं. यह अस्पताल काफी भीड़भाड़ वाले इलाके में मौजूद है. इस अस्पताल से कुछ ही दूरी पर पटना के कई वीआईपी इलाके भी हैं.
इसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. पटना वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय कुमार शर्मा ने घटना की पुष्टि की है. दरअसल उम्र कैद की सजा काट रहे चंदन को परिजन इलाज कराने के लिए पारस अस्ताल लाए थे. इस संबंध में पांच की संख्या में अपराधियों के घुसने की बात बताई जा रही है. अस्पताल के अंदर हुई घटना से जहां मौके पर अफरातफरी मच गई. वहीं चार अपराधियों ने हथियारों से लैस होकर अस्पताल के सेकंड फ्लोर पर पहुंचे और तमाम सुरक्षा व्यवस्था को ताक पर रखते हुए चंदन मिश्रा को चार गोली मार दी, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई. गौरतलब हो कि इस अस्पताल के सुरक्षा गार्ड आम लोगों को मोबाइल पर फोटो खींचने से मना किया करते हैं. इतना ही नहीं ज्यादा गुस्सा आने पर बदतमीजी करने से भी बाज़ भी नहीं आते, लेकिन इस घटना को पांच अपराधियों ने हथियारों से लैस होकर आईसीयू में जाकर कैसे एक ईलाज रत कैदी को गोली मारकर भागने में सफल हो गए यह एक यक्ष प्रश्न है.
वहीं इस घटना के संबंध में पुलिस का कहना है कि चंदन, बेऊर जेल से पेरोल पर इलाज के लिए पारस अस्पताल आया था. इसी दौरान अस्पताल के अंदर पांच अपराधी घुसे और उसे गोली मार दी. बक्सर में केसरी नाम के व्यक्ति की हत्या के मामले में वह आरोपी है. पारस हॉस्पिटल में हुई मरीज की हत्या के बाद पूरे पटना शहर में अहले सुबह- सवेरे ही सनसनी मच गई है. वहीं पटना पुलिस के तमाम अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच कर रहे हैं. मामला पटना के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र का है. इस पूरे मामले में अस्पताल के सुरक्षा प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. फिलहाल पुलिस अस्पताल के अंदर और बाहर का सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है.
ज्ञात हो कि 21 अगस्त 2011 को बक्सर में रंगदारी नहीं देने पर चूना कारोबारी राजेंद्र केसरी की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. इस हत्याकांड में मृतक के परिजनों के द्वारा कुख्यात अपराधी शेरू सिंह और चंदन मिश्रा समेत कुछ अन्य आरोपित बनाए गए थे और इनपर मुकदमा दर्ज हुआ था.चंदन मिश्रा और शेरू बंगाल से गिरफ्तार हुए थे. शेरू को जब कोर्ट में पेश किया गया था और जज फैसला सुना रहे तो मौका देखकर शेरू ने कोर्ट में ही एक पुलिसकर्मी की हत्या गोली मारकर कर दी थी और फरार हो गया था.बाद में उसे आरा पुलिस ने पकड़ा था. बक्सर जिला अदालत ने ओंकारनाथ सिंह उर्फ शेरू को फांसी की सजा सुना दी थी. हालांकि बाद में हाईकोर्ट ने फांसी पर रोक लगा दी थी. वहीं इसी हत्याकांड में चंदन मिश्रा को उम्रकैद की सजा सुनाई गयी थी.
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7 दिन बंद रहेंगे सभी स्कूल, कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 17 जुलाई से 23 जुलाई तक बंद रखने का निर्णय लिया है। शहर में प्रतिदिन बढ़ रही कांवड़ियों की संख्या को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
मेरठ रोड की एक साइड रिजर्व होने के कारण बुधवार को स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क पर लगे बैरिकेड्स के नीचे से होकर बच्चे किसी तरह स्कूल पहुंचे। ट्रैफिक डायवर्जन और बैरिकेडिंग की वजह से पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रही। मेरठ रोड के आस-पास के कई स्कूलों को 16 जुलाई से ही बंद कर दिया गया है। छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए इन स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
11 जुलाई से शिव भक्तों की कांवड़ यात्रा प्रारंभ हो चुकी है, जो 23 जुलाई तक चलेगी। इस दौरान शिवरात्रि के दिन शिवजी का जलाभिषेक किया जाएगा। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु गाजियाबाद से हरिद्वार गंगाजल लेने जाते हैं। कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए शहर के कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित किया गया है।
हरिद्वार और अन्य स्थानों से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़िए अपनी मंजिल की ओर बढ़ने लगे हैं। जल्द ही मेरठ सीमा से लगे हाईवे पर कांवड़ियों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। इसके लिए पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को पुलिस ने परतापुर से लेकर दादरी गांव तक के अवैध कट पर बैरिकेडिंग कर उन्हें बंद कर दिया। हाईवे को वन-वे किए जाने के कारण बुधवार को भी दिनभर जाम की स्थिति बनी रही।
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रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें बढ़ीं, गुरुग्राम ज़मीन घोटाले में ED ने दाखिल की चार्जशीट, 37.6 करोड़ की 43 प्रॉपर्टी अटैच ; 18 घंटे हुई थी पूछताछ
जाने-माने बिजनेसमैन और सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हरियाणा के शिकोहपुर में हुए जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है. उनके साथ ही इसमें और भी कई लोगों और कंपनियों के नाम भी शामिल हैं. चार्जशीट में बताया गया है कि इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनियों जैसे स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्रा. लि. की कुल 43 अचल संपत्तियां कुर्क की गई हैं। वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने 2008 में 7.5 करोड़ रुपये में 3.53 एकड़ ज़मीन खरीदी थी। यह जमीन गुरुग्राम के शिखोपुर में खरीदी गई थी।
आरोपों के मुताबिक परियोजना पूरी किए बिना ही उतनी ही ज़मीन 58 करोड़ रुपये में बेच दी गई। चार्जशीट में रॉबर्ट वाड्रा को आरोपी बनाया गया है। इस मामले में ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा से 18 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की थी। रॉबर्ट वाड्रा के साथ-साथ हरियाणा के कई अन्य कांग्रेस नेताओं से भी पूछताछ की गई थी।
क्या है पूरा मामला? 1 सितंबर 2018 को गुरुग्राम पुलिस ने एक एफआईआर (नं. 288) दर्ज की थी जिसमें आरोप लगाया गया कि रॉबर्ट वाड्रा ने अपनी कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के ज़रिए गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव (सेक्टर 83) में 3.53 एकड़ ज़मीन धोखाधड़ी से खरीदी थी। यह ज़मीन उन्होंने ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्रा. लि. से 12 फरवरी 2008 को खरीदी थी और इसमें झूठा दस्तावेज़ी बयान देने का आरोप है।
आरोप ये भी है कि वाड्रा ने अपना निजी प्रभाव इस्तेमाल करके इस ज़मीन के लिए कमर्शियल लाइसेंस भी हासिल कर लिया।
अब इस केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 16 जुलाई 2025 को एक अस्थायी कुर्की आदेश (Provisional Attachment Order) जारी किया है। इसके तहत रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनियों जैसे स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्रा. लि. की कुल 43 अचल संपत्तियां जिनकी कीमत 37.64 करोड़ रुपये है, कुर्क की गई हैं।
इसके बाद 17 जुलाई 2025 को राउज़ एवेन्यू कोर्ट, नई दिल्ली में इस मामले में 11 लोगों/संस्थाओं के खिलाफ चार्जशीट (Prosecution Complaint) दाखिल की गई है। इसमें रॉबर्ट वाड्रा, उनकी कंपनियां, सत्यनंद याजी, केवल सिंह विर्क, और उनकी कंपनी ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्रा. लि. को आरोपी बनाया गया है।
हालांकि, अभी कोर्ट ने इस चार्जशीट पर संज्ञान (cognizance) नहीं लिया है यानी अदालत ने अभी यह तय नहीं किया है कि इन आरोपों पर मुकदमा चलाया जाएगा या नहीं।
राबर्ट वाड्रा से जुड़े इस मामले में हुई गड़बड़ी का खुलासा आईएएस अशोक खेमका ने किया था. दिसंबर 2023 में ईडी ने इस मामले में यूएई स्थित व्यवसायी सीसी थंपी और ब्रिटेन के हथियार डीलर संजय भंडारी के रिश्तेदार सुमित चड्ढा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. चार्जशीट में वाड्रा और उनकी पत्नी प्रियंका गांधी का नाम आरोपी के तौर पर नहीं है, लेकिन उनकी भूमि खरीद-बिक्री का विवरण शामिल है.
ईडी ने कहा था कि वाड्रा से कथित तौर पर जुड़े थंपी ने 2005 से 2008 के बीच दिल्ली-एनसीआर स्थित रियल एस्टेट एजेंट एचएल पाहवा के जरिए हरियाणा के फरीदाबाद के अमीरपुर गांव में लगभग 486 एकड़ जमीन खरीदी थी. आरोपपत्र के अनुसार रॉबर्ट वाड्रा ने 2005-2006 में एचएल पाहवा से अमीरपुर में 334 कनाल (40.08 एकड़) जमीन के तीन टुकड़े खरीदे और दिसंबर 2010 में उसी जमीन को एचएल पाहवा को बेच दिया. ईडी के अनुसार रॉबर्ट वाड्रा की पत्नी प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अप्रैल 2006 में एचएल पाहवा से हरियाणा के फरीदाबाद जिले के अमीरपुर गांव में 40 कनाल (05 एकड़) कृषि भूमि खरीदी और फरवरी 2010 में उसी जमीन को एचएल पाहवा को बेच दिया.