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मंदसौर। नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम हिंगोरिया बड़ा में 17 व 18 जुलाई की दरमियानी रात में भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष श्यामलाल पुत्र दौलतराम धाकड़ की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने कई एंगल से जांच की पर कोई सिरा हाथ नहीं लग रहा था।
एसपी विनोद कुमार मीना ने बताया कि जांच में पाया कि मृतक श्यामलाल धाकड़ का गांव की एक महिला से संपर्क था। स्वजन को मृतक श्यामलाल धाकड़ द्वारा अपने नाम की रजिस्टर्ड जमीन व घर महिला के नाम करने का डर भी था। वहीं समाज में बदनामी का डर भी सता रहा था। इसी कारण मृतक के पिता दौलतराम धाकड़ ने गोपाल धाकड़, रंगलाल बाछड़ा, सुमित बाछड़ा, अटलू बाछड़ा के साथ मिलकर बेटे श्यामलाल को कुल्हाडी व चाकू से मारने की योजना बनाई।
दौलतराम धाकड़ ने रंगलाल बाछड़ा, सुमित बाछड़ा, अटलु बाछड़ा को श्यामलाल धाकड़ की हत्या के लिए 5 लाख रुपये भी दिए थे। 17 व 18 जुलाई की दरमियानी रात में को सुमित और अटलू अपनी-अपनी मोटर साईकिल से राती तलाई से हिंगोरिया बड़ा पहुंचे। यहां मोटरसाईकिल दौलतराम धाकड़ के घर से थोड़ी दूर गली में खड़ी कर दौलतराम के घर पहुंचे।
यहां से बताए अनुसार सीढ़ियों के रास्ते श्यामलाल के कमरे में पहुंचे। श्यामलाल पलंग पर सोया था। आरोपित सुमित, रंगलाल व अटलु ने कुल्हाड़ी व चाकू से श्यामलाल की गर्दन व शरीर पर कई बार वार कर हत्या कर दी।
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महिला को आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर किया ‘Digital Arrest’,30 लाख की ठगी
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में बड़ी ठगी की वारदात सामने आई है, जम्मू का एसपी बनकर वृद्ध महिला को साइबर अपराधी ने डिजिटल अरेस्ट किया और 30 लाख रुपए खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जब वृद्ध महिला का दामाद और बेटी उससे मिलने पहुंचे तो इस पूरी घटना का खुलासा हुआ।
एरोड्रम थाना क्षेत्र में रहने वाली एक वृद्ध महिला साइबर ठगों का शिकार हो गई, खुद को जम्मू-कश्मीर पुलिस का एसपी बताने वाले बदमाश ने महिला को डिजिटल अरेस्ट में रखकर उससे करीब 30 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जानकारी के अनुसार आरोपी ने महिला को फोन कर बताया कि उसका नाम एक आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग केस में आया है, इसी बहाने उसे घंटों कॉल पर रोके रखा और डराकर अलग-अलग दिनों में महिला के बैंक खातों से कई ट्रांजैक्शन करवाए।
मामला तब खुला जब महिला की बेटी और दामाद घर पहुंचे, संदिग्ध गतिविधि पर उन्हें शक हुआ और पूछताछ में पूरी घटना सामने आई। इसके बाद पीड़िता ने एरोड्रम थाना पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई है, पुलिस साइबर ठगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच में जुट गई है।
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पुलिसवाले ने ली ‘5 हजार’ की रिश्वत, SP ने किया निलंबित
अलीराजपुर। मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन कोई न कोई अफसर या कर्मचारी रिश्वत लेते लोकायुक्त के हत्थे चढ़ता है। ऐसा ही मामला आलीराजपुर जिले से सामने आया है। यहां पर बीते दिनों चौकी उमराली के कार्यवाहक प्रधान आरक्षक मनोहर जाटव रिश्वत लेते वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें वह एक युवक से रिश्वत लेते नजर आ रहे थे।
जानकारी के अनुसार, फरियादी के द्वारा प्रधान आरक्षक को एक युवक की गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज कराई थी। युवक एफआईआर के 2-3 दिन बाद ही घर वापस लौट आया था। परिजनों ने इसकी जानकारी चौकी में दे दी थी, लेकिन प्रधान आरक्षक के द्वारा एफआईआर बंद करने की एवज में 5 हजार रुपए की रिश्वत ली गई थी।
जैसे ही वीडियो आलीराजपुर एसपी तक पहुंचा। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते तुरंत ही मनोहर जाटव को निलंबित कर दिया है। उन्हें चौकी उमराली से हटाकर रक्षित केंद्र आलीराजपुर से संबद्ध किया गया है।
गुरुवार को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए 5 और रिश्वतखोरों को पकड़ा था।
विदिशा जिले के गंजबासौदा से उपयंत्री को राम गोपाल यादव के द्वारा 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था। उसके द्वारा सीसी सड़क निर्माण के मूल्यांकन की एवज में 40 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी।
शिवपुरी में अपर कलेक्टर कार्यालय के स्टेनो को पांच हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी स्टोनो के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7 के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है।
झाबुआ जनजतीय विभाग में पदस्थ लेखापाल जामसिंह अमलियार को लोकायुक्त ने 14,500 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7 के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है।
नरसिंहपुर में लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने सहकारिता निरीक्षक (कॉपरेटिव इंस्पेक्टर) संजय दुबे को 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा है। सहकारिता निरीक्षक संजय दुबे के खिलाफ 8 दिसंबर को लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई गई थी।
बालाघाट में भी जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने तहसील कार्यालय बिरसा में पदस्थ बाबू राजकुमार रामटेके को 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। रिश्वतखोर बाबू राजकुमार रामटेके के खिलाफ संतोष ढेकवार नाम के युवक ने लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी।

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भोपाल. एमपी की राजधानी भोपाल में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने बैंक ऑफ इंडिया जोन के दो कर्मचारियों व पांच खाताधारकों द्वारा किए गए संगठित बैंक धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज की है. यह धोखाधड़ी बैंक की कैटेगराइज्ड मार्केट ब्रांच, हमीदिया रोड, एमपी नगर, भेल एरिया, प्रोफेसर्स कॉलोनी, सैफिया कॉलेज सहित कुल सात से अधिक शाखाओं में वर्षों तक संचालित की जाती रही. इनके द्वारा 227 बचत खातों से लगभग 44.11 लाख की राशि निकाली गई है.
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया कि बैंक के दो कर्मचारियों ने पांच खाताधारकों की मिलीभगत से उन बचत खातों को निशाना बनाया जिनमें शासन की सामाजिक सुरक्षा पेंशन एवं राहत राशि जमा होती थी. आरोपी कर्मचारियों ने फिनैकल प्रणाली में अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर इन निष्क्रिय खातों को अवैध रूप से एक्टिव किया. जमा राशि को अपने परिचितों के खातों में स्थानांतरित किया तथा एटीएम कार्डों के माध्यम से नकद निकासी कर अवैध धनराशि को अपने बीच बांटते रहे.
शिकायत के अनुसार बैंक कर्मचारी दीपक जैन विशेष सहायक तथा अजय सिंह परिहार स्टाफ क्लर्क ने अपनी पदस्थापना का दुरुपयोग करते हुए सुनियोजित तरीके से इन खातों को फिनैकल सिस्टम की प्क् के दुरुपयोग कर बड़ी मात्रा में राशि का गबन किया. बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज, ट्रांजैक्शन विवरण, विजिलेंस रिपोर्ट, विभागीय कार्रवाई और प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि यह धोखाधड़ी तीन वर्षों से अधिक समय तक कई शाखाओं में लगातार चलती रही. बैंक की शिकायत पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने जांच कीए शिकायत जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सत्य पाए जाने पर इस प्रकरण में अपराध पंजीबद्ध किया है.
आरोपियों के बीच अवैध रूप से प्राप्त धनराशि का बंटवारा 70.30 के अनुपात में किया जाता था. यह धोखाधड़ी लगभग तीन वर्ष जनवरी 2016 से मार्च 2019 तक विभिन्न शाखाओं में चलती रही और कुल 227 बचत खातों से लगभग 44.11 लाख की राशि अवैध रूप से डेबिट की गई.
जांच में पाया गया कि बैंक नियमों के विपरीत जहां एक कर्मचारी एंट्री करता था तो दूसरा वेरीफाई करता था. इन्होंने अपनी पर्सनल आईडी का उपयोग कर एक.दूसरे के लेनदेन को सत्यापित किया. खाते सक्रिय होते ही उनकी जमा राशि को चार अन्य परिचित खाता धारक खुशबू खान, कल्पना जैन, ललिता ठाकुर व अफरोज खान के खातों में स्थानांतरण किया गया. इन सभी के एटीएम कार्ड आरोपी दीपक जैन के पास थे. जिसके माध्यम से नियमित रूप से नकद निकासी की जाती रही.
जांच के दौरान पाया गया कि बैंक कर्मचारियों की उन खातों में वित्तीय अनियमितताएं पाई गई हैं जिनमें शासन की सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राहत राशि तथा अन्य सरकारी सहायता जमा होती थी.
यह भी पाया गया कि 18 मार्च 2019 को सैफिया कॉलेज शाखा में एक महिला भगवती देवी ने अपने मृत पति के खाते से अवैध निकासी की शिकायत दर्ज कराई. शाखा प्रबंधक द्वारा आंतरिक जांच में पाया गया कि संदिग्ध लेनदेन अजय सिंह परिहार एवं दीपक जैन द्वारा किया है. इसके बाद मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया गया. जहां बैंक की विजिलेंस यूनिट एवं विभागीय जांच में बड़े पैमाने पर की गई अनियमितताएं उजागर हुईं. जांच के दौरान फिनैकल लॉग, ट्रांजैक्शन रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, निकासी विवरण, ऑडिट ट्रेल एवं विभिन्न शाखाओं के रिकॉर्ड के विश्लेषण से आरोपियों की भूमिका उपयोग में लाई गई
जांच में आरोप सिद्ध होने पर 9 दिसंबर को ईओडब्ल्यू द्वारा आरोपी दीपक जैन, अजय सिंह परिहार, खुशबू खान, अफरोज खान, ललिता ठाकुर, कल्पना जैन, हेमलता जैन तथा अन्य संभावित व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 420, 409, 120 बी सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है.
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लाखों रुपए की ठगी करने के मामले में , 6 युवक 13 युवतियां गिरफ्तार
शाजापुर। शाजापुर में स्टेट साइबर की टीम ने दबिश दी। लोगों को मोबाइल पर शेयर ट्रेडिंग की फर्जी एडवाइजरी लिंक देकर लाखों रुपए की ठगी करने के मामले में जांच की जा रही है। टीम द्वारा शाजापुर में स्थित मजार-ए-यूसुफी के पास स्थित एक भवन पर दबिश देकर 6 युवक एवं 13 युवतियों को पकड़ा। करीब 4 घंटे से ज्यादा चली कार्रवाई के दौरान किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं दिया गया।
कार्रवाई पूरी होने के बाद स्टेट साइबर टीम की उप पुलिस अधीक्षक लीना मारोठ ने बताया कि लोगों को मोबाइल पर फर्जी एडवाइजरी की लिंक भेज कर लाखों रुपए की ठगी करने के मामले में लगातार इनपुट मिल रहा था। इसके चलते गुरुवार को स्टेट साइबर की टीम के साथ मिलकर शाजापुर पहुंचकर दबिश दी। इस दौरान टीम ने यूसुफ दरगाह के पास स्थित एक घर से कल 6 युवक एवं 13 युवतियों को पकड़ा है। उनके बैंक स्टेटमेंट की जांच की जा रही है।
प्रारंभिक तौर पर पता पूछताछ में लगा है कि इन लोगों के द्वारा प्रतिमाह 7 से 8 लख रुपए की राशि लोगों से जमा कराई गई है। हालांकि अभी आगामी कार्रवाई के बाद सबकुछ स्पष्ट हो सकता है। कार्रवाई के बाद टीम द्वारा सभी को अपने साथ लाई गई पुलिस बस में बैठाकर ले जाया गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान करीब आधा दर्जन से ज्यादा वाहन एवं दो दर्जन से ज्यादा स्टेट साइबर टीम का स्टॉफ मौजूद रहा।
बीतों दिनों एमपी के बालागाट जिले में व्हाट्सऐप पर भेजी जा रही नकली फाइलों के कारण लोगों के मोबाइल फोन हैक होने और बैंक खातों से राशि चोरी होने के कई मामले सामने आए हैं। साइबर सेल से मिली जानकारी के अनुसार अब तक 10 से 15 लोग इस जाल में फंस चुके हैं। इनमें से 3 से 4 पीडि़तों से लाखों रुपए की ठगी होने की पुष्टि हुई है। जबकि कई लोगों के मोबाइल और संदेश सेवा खाते नियंत्रित किए जाने के प्रमाण मिले हैं।
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बालाघाट में 29 लाख के इनामी नक्सली दीपक ने किया सरेंडर: साथी के साथ पहुंचा CRPF कैंप
बालाघाट। मध्य प्रदेश के नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले में पुलिस और सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। 29 लाख रुपये का इनामी हार्डकोर नक्सली दीपक ठाकुर उर्फ दीपक ने अपने एक साथी रोहित के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। दोनों ने कोरका थाना क्षेत्र स्थित CRPF कैंप में पहुंचकर हथियार सहित सरेंडर किया।
दीपक ठाकुर बालाघाट जिले के पलारीगोंदी गांव का रहने वाला है। वह वर्ष 1995 से मलाजखंड दलम में सक्रिय था और कई बड़े नक्सली वारदातों में शामिल रहा। उसके सिर पर मध्य प्रदेश सरकार ने 25 लाख और छत्तीसगढ़ सरकार ने 4 लाख, कुल 29 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।आत्मसमर्पण के दौरान दीपक के पास से एक इंसास रायफल, 3 मैगजीन और 40 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। उसके साथी रोहित ने भी हथियार डाल दिए।
बालाघाट पुलिस और CRPF की संयुक्त टीम लगातार नक्सलियों पर दबिश बना रही थी। सरेंडर पॉलिसी और परिवार से मिलने की चाहत के चलते दीपक ने हथियार डालने का फैसला किया। दोनों नक्सलियों को सरेंडर पॉलिसी के तहत पुनर्वास और सुरक्षा प्रदान की जाएगी।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह सरेंडर बालाघाट-राजनांदगांव क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों को समाप्त करने की दिशा में बड़ी कामयाबी है।

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जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर के अधारताल क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि राजस्थान के कोटा स्थित बूंदी रोड इलाके में उसके साथ हुई घटना ने उसे और उसके परिवार को दहशत में डाल दिया है। महिला के अनुसार वह परिवार सहित दर्शन के लिए कोटा गई थी। दर्शन करके लौटते समय जैसे ही उनकी वैन एक होटल के सामने रुकी, तभी अचानक आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने वाहन को घेर लिया और उन पर हमला कर दिया।
शिकायत में महिला ने बताया कि आरोपियों ने अचानक वाहन का दरवाजा खोलकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी और सोने-चांदी के जेवरात सहित कीमती सामान लूट लिया। महिला का कहना है कि बदमाश इतने आक्रामक थे कि विरोध करने पर उन्हें गंभीर चोटें आने से बाल-बाल बचना पड़ा। घटना के दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी बेहद डरे और सहमे हुए थे।सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बदमाशों ने मारपीट के बीच महिला की 13 वर्षीय नाबालिग बेटी को जबरन गाड़ी से उतारकर अगवा कर लिया। यह देखते ही महिला और उसके साथ मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई, लेकिन बदमाश कुछ ही मिनटों में बच्ची को लेकर फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता तुरंत जबलपुर लौट आई और अधारताल पुलिस थाने में विस्तृत रिपोर्ट दर्ज कराई।अधारताल पुलिस ने मामले को प्राथमिकता से लेते हुए FIR दर्ज कर ली है और कोटा पुलिस से संपर्क कर संयुक्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता की शिकायत के अनुसार पूरे घटनाक्रम की तस्दीक के लिए कोटा के होटल, सड़क और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही बदमाशों की गाड़ी और उनके संभावित ठिकानों की तलाश भी जारी है। साथ ही पुलिस ने कहा कि कोटा पुलिस से संपर्क कर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्त में लिया जाएगा।

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गुटखा कारोबारी वाधवानी पर 1946 करोड़ की GST कार्रवाई, अवैध फैक्ट्रियों-फर्जी कंपनियों का महाजाल बेनकाब
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर के गुटखा कारोबारी किशोर वाधवानी पर जीएसटी विभाग ने ऐसा आर्थिक प्रहार किया है, जिसने पूरे प्रदेश के व्यापार जगत में हड़कंप मचा दिया है। जीएसटी विभाग ने वाधवानी पर 1946 करोड़ रुपए की टैक्स डिमांड ठोंक दी है, जो मध्य प्रदेश में किसी भी एक कारोबारी के खिलाफ अब तक जारी हुई सबसे बड़ी जीएसटी कार्रवाई मानी जा रही है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, 2017 से 2020 के बीच सिगरेट और पान मसाले के कारोबार की आड़ में करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी की गई। आरोप है कि बिना लाइसेंस फैक्ट्रियों का संचालन, फर्जी फर्मों के जरिए माल की सप्लाई, बिना बिल बिक्री और गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट लेकर सरकार को चूना लगाया गया।
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा डीजीजीआई द्वारा 2020 में चलाए गए विशेष अभियान “ऑपरेशन कर्क” में हुआ। जांच अधिकारियों ने डिजिटल डेटा, खातों की पड़ताल, बैंक लेन-देन और कागजी रजिस्टर खंगाल कर एक-एक कड़ी को जोड़ते हुए यह महाघोटाला उजागर किया। सूत्र बताते हैं कि जांच में सामने आया कि कैसे नकली बिल, बेनामी लेन-देन और परतदार कंपनियों के जरिए सरकार की आंखों में धूल झोंकी जाती रही। यही नहीं, सिगरेट और पान मसाले का उत्पादन कई ऐसे ठिकानों पर होता रहा, जिनका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड तक नहीं था।
ऑर्डर पारित होते ही अब वसूली की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। जीएसटी विभाग एलोरा टोबैको और इससे जुड़ी अन्य फर्मों से टैक्स रिकवरी की तैयारी में जुट गया है। यदि तय अवधि में राशि जमा नहीं हुई, तो संपत्ति कुर्की, खाते सील और माल जब्ती तक की कार्रवाई संभव बताई जा रही है।
गौर करने वाली बात यह है कि वर्ष 2019 में ही वाधवानी के कई ठिकानों पर डीजीजीआई की टीम ने दस्तक दे दी थी। तब भारी मात्रा में दस्तावेज, हार्ड डिस्क, मोबाइल डेटा और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए गए थे। इन सबूतों की तह तक पहुंचने में वर्षों लगे और अब जाकर विभाग ने ऐतिहासिक डिमांड ऑर्डर जारी किया है।
करीब दो हजार करोड़ की इस डिमांड ने न सिर्फ इंदौर, बल्कि पूरे प्रदेश के व्यापारिक हलकों में खलबली मचा दी है। टैक्स विशेषज्ञ इसे एक “मिसाल बनती कार्रवाई” बता रहे हैं, जो बड़े कारोबारियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि अब टैक्स चोरी की कोई जगह नहीं बचेगी।
जीएसटी अधिकारियों का साफ कहना है कि “जो भी कानून से बचकर छिपकर राजस्व की चोरी करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना ही बड़ा कारोबारी क्यों न हो।” फिलहाल कारोबारी की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन विभागीय कार्रवाई से यह तय माना जा रहा है कि आगे चलकर और भी खुलासे हो सकते हैं।
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नहर में गिरी ट्रैक्टर-ट्रॉली: तीन किसानों की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम
भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले के लहार थाना क्षेत्र अंतर्गत नानपुरा गांव के पास उस समय हृदय विदारक हादसा हो गया जब धान बेचकर घर लौट रहे एक ही परिवार के तीन किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत नहर में जा गिरी। हादसे में तीनों किसानों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली बंबा की पुरानी व जर्जर पुलिया से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रैक्टर असंतुलित होकर सीधे गहरी नहर में जा गिरा। ट्रैक्टर के नीचे दबने और पानी में डूबने से तीनों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई।
रात के समय खेतों में सिंचाई कर रहे आसपास के किसानों ने नहर में ट्रैक्टर डूबा देख शोर मचाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही लहार थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जेसीबी मंगवाकर ट्रैक्टर को बाहर निकाला गया, तब तीनों शव बरामद हुए। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए लहार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। हादसे की सूचना मिलते ही पूरे नानपुरा गांव में मातम पसरा हुआ है। एक ही परिवार के तीन लोगों की अचानक मौत से परिजन बदहवास हैं।

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ग्वालियर. ग्वालियर में रिटायर्ड CMHO की 61 साल की पत्नी का शव घर में निवस्त्र मिलने पर सनसनी फैल गई. शव 5 दिन पुराना बताया जा रहा है. जब बदबू आई तब पड़ोसियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तब जाकर घटना का पता चला. वहीं पुलिस ने मृतक महिला के शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजने के बाद घटना की जांच पड़ताल शुरू कर दी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की सही वजह सामने आ पाएगी.
दअरसल, ग्वालियर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के सिटी सेंटर साइट नंबर एक स्थित आकाशदीप अपार्टमेंट के सामने रहने वाली 61 साल की अनिता शर्मा अकेली रहती थीं. उनके पति ग्वालियर में CMHO के पद पर कार्यरत रहे थे. उनकी पहले ही मौत हो चुकी है. अनीता शर्मा के दो बच्चे हैं. बेटा अनीश पुणे में रहता है जबकि बेटी निधि बेंगलुरु में नौकरी करती है.
बताया जा रहा है कि बुजुर्ग अनीता पिछले चार-पांच दिनों से घर से बाहर नहीं निकली थीं. घर में काम करने वाली बाई भी बाहर से आवाज लगाकर वापस चली जाती थी. कोई चहल-पहल न देखकर पड़ोसियों ने इसकी सूचना ग्वालियर में ही रहने वाले अनीता के भाई को दी.
भाई और उनके बेटे के ससुराल पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे तो घर के अंदर से कोई भी जवाब और न ही कोई आवाज आई तो पुलिस को बुलाया गया. जब पुलिस घर के अंदर दाखिल हुई तो पहली मंजिल पर बाथरूम के पास महिला का शव बिना कपड़ों के पड़ा हुआ मिला. जिससे तेज बदबू आ रही थी. शव के पास एक बाल्टी में कपड़े भी रखे हुए थे और महिला की नाक व मुंह से खून निकल रहा था.
आशंका जताई जा रही है कि महिला बाथरूम से नहाकर निकली थी. तभी हादसा हुआ होगा जिससे महिला की मौत हुई है. फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज मर्ग कायम कर घटना को लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है. वहीं पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही महिला की मौत की सही वजह सामने आ पाएगी.

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होटल में फूड प्वाइजनिंग से 4 की मौत, एक वेंटिलेटर पर लड़ रहा जिंदगी और मौत की जंग
खजुराहो। मध्य प्रदेश में खजुराहो में फूड प्वाइजनिंग से चार लोगों की मौत हो गई। सोमवार की शाम उल्टी दस्त की शिकायत के बाद 8 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 4 लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया था। इलाज के दौरान चार लोगों ने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि सभी ने दोपहर के खाने में आलू गोभी की सब्जी खाई थी। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
यह पूरा मामला खजुराहो थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, यह सभी खजुराहो के गौतम होटल रिसॉर्ट में काम करते है। सोमवार की शाम 8 कर्मचारियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उल्टी दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। चार लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया। लेकिन एक की रास्ते में ही मौत हो गई। जबकि तीन ने ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ा। वहीं एक कर्मचारी वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे है।
वहीं मृतकों के परिजनों ने खाने में जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया है। इस पूरे मामले में सीएमएचओ डॉ आर पी गुप्ता ने बताया कि सभी कर्मचारी खजुराहो के गौतम रिसॉर्ट होटल में काम करते है। दोपहर के खाने के बाद तबीयत बिगड़ने पर सभी को हॉस्पिटल लेकर गए थे। जिसमें कर्मचारियों की मौत हुई है। CMHO ने यह भी बताया कि होटल कर्मचारी अलग से खाना बनाकर खाते थे। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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पैसे और नौकरी का लालच देकर धर्म परिवर्तन की कोशिश, एक महिला समेत तीन गिरफ्तार
छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण करने का प्रयास किया जा रहा था। जिसकी सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया और थाने ले जाकर पूछताछ की। जानकारी मिलते ही हिंदूवादी संगठनों ने मौके पर पहुंचकर हंगामा खड़ा कर दिया और कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि लालच देकर लोगों की आस्था बदलने का प्रयास किया जा रहा है।
छिंदवाड़ा के धर्मटेकरी चौकी में कमलेश कवरेती ने आवेदन दिया था। जिसमें बताया गया कि ग्राम खापाभाट में धर्मांतरण कराया जा रहा है। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सत्‍य नारायण ठाकुर, राजेश दाढे और अराधना बावने को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने धारा 3, 5 धार्मिक स्‍वतंत्रता अधिनियम 2021 अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। पूछताछ के बाद आरोपियों को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। इस मामले में चौकी प्रभारी अविनाश पारधी ने बताया कि 7 दिसंबर को आवेदक कमलेश ने लिखित आवेदन दिया था। जिसकी तस्दीक की गई। इसके बाद तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

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ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शादी समारोह में चोरी करने वाली गैंग का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी किए गए 27 लाख के गहने बरामद कर लिए हैं। घटना 22 नवंबर की है, जहां गोला का मंदिर क्षेत्र के मैरिज गार्डन में स्कूल संचालिका के गहनों से भरा पर्स चोरी हुआ था।
दरअसल ग्वालियर के गोला का मंदिर थाना क्षेत्र में 22 नवंबर की रात दर्पण कॉलोनी निवासी स्कूल संचालिका जागृति सिंह भदौरिया अपनी मौसेरी बहन की शादी में शामिल होने राजकिशोरी मैरिज गार्डन में गई हुई थी। जागृति ने चोरी होने की आशंका और डर से अपने सोने के 27 लाख रुपए कीमत गहने को पर्स में रख लिए और नकली गहने पहन कर शादी समारोह के लिए रवाना हुई थी। सावधानी के बतौर जागृति ने घर से निकलते वक्त सोने के दो हार, मंगलसूत्र, चेन, 6 अंगूठियां, झुमके, सोने की बाली छोटे पर्स को एक डब्बे के अंदर पैक कर उसे एक बड़े पर्स में रख लिए थे। उसने सोचा था कि मैरिज गार्डन में तैयार होते समय वह यह गहने पहन लेगी। विवाह में सारी जिम्मेदारी जागृति पर थी और गहनों का बैग उसके पास था। तैयारी देखने के बाद वह तैयार होने के लिए रूम में जा रही थी कि तभी वहां पर बारात आ गई। बारात के आने पर वह वहां पर खड़ी हो गई और कुछ देर बाद जब उसकी नजर बैग पर गई तो उसके होश उड़ गए, क्योंकि बैग की चेन खुली हुई थी और उसमें रखा जेवर का डिब्बा गायब था।
डिब्बा गायब देखकर उसने शोर मचाया तो विवाह समारोह में हड़कंप मच गया, घटना की सूचना तत्काल गोला का मंदिर थाना पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने मैरिज गार्डन में लगे CCTV कैमरे खंगाले तो उसमें एक संदेही महिला और एक बच्चा नजर आया। पुलिस ने खोज बीन की तो खुलासा हुआ। तब जाकर पुलिस ने मुख्य आरोपी घनश्याम दास कोरी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने 22 नवंबर की रात गार्डन में पर्स चोरी किया था, उसके साथ घटना में रानी नाम की महिला भी शामिल थी, पुलिस ने घनश्याम की निशानदेही पर हज़ीरा स्थित घर से चोरी का 27 लाख के गहने बरामद कर लिए। फिलहाल पुलिस ने मुख्य घनश्याम को गिरफ्तार कर लिया है साथ ही, उससे पूछताछ कर उसकी महिला साथी चोर रानी की तलाश में जुट गई हैं।
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खदान में डूबने के 58 दिन बाद भी नहीं मिला शव, पत्नी ने अब हाईकोर्ट की शरण ली
जबलपुर। एमपी के साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के सोहागपुर एरिया में 11 अक्टूबर 2025 को काम करने के दौरान एक कर्मचारी ट्रिपर सहित पानी से भरी गहरी खदान में डूब गया। घटना के बाद आज तक कर्मचारी अनिल कुशवाहा का शव नहीं मिला। हालात ऐसे हो गए कि एनडीआरएफ के साथ-साथ सेना की टीम ने भी तलाश किया पर शव नहीं मिला। मृतक की पत्नी का आरोप है कि उनके पति आरकेटीसी प्राइवेट कंपनी में ठेके पर काम करते थे। जिस खदान में कंपनी के अधिकारियों ने अनिल कुशवाहा को काम पर लगा रखा था वह 15 सालों से बंद थीए इसके बाद भी काम करवाया जा रहा था।
मृतक की पत्नी आरती कुशवाहा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए पति के अंतिम संस्कार के लिए न सिर्फ शव की मांग की हैए साथ ही कहा है कि घटना में शामिल सुपरवाइजर अजय यादव और सुरक्षा अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शहडोल कलेक्टर सहित अन्य को नोटिस जारी करते हुए 4 सप्ताह में जवाब.तलब किया है। एसईसीएल की 15 साल पुरानी कोल माइंस बंद पड़ी थी। कर्मचारी अनिल कुशवाहा की डयूटी लगाई थी। भारी बारिश के बाद भी जब कर्मचारी अनिल कुशवाहा ट्रिपर लेकर खदान पहुंचे तो वहां मिट्टी धंसक गईए जिसके चलते वह वाहन सहित गहरे पानी में समा गए। घटना के बाद पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में एनडीआरएफ ने चार दिनों तक तलाश किया। इतना ही नहीं सेना की टुकड़ी बुलाकर सर्चिंग किया गया लेकिन शव नहीं मिला। मृतक अनिल कुशवाहा जो रीवा के मऊगंज से थे, उनकी तलाश के लिए जिला प्रशासन ने वाराणसी से नेशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स (एनडीआरएफ) व जबलपुर से सेना की मदद मांगी। एनडीआरएफ के 94 जवानों ने अपने प्रयास किए, लेकिन उन्हें केवल ट्रिपर खोज लिया। जो 84 फीट की गहराई में हैए जिसे निकाला नहीं जा सका। सेना ने भी वाहन और ऑपरेटर को पानी से बाहर निकालने के लिए मना कर दिया है। परिवार की सहमति से प्रशासन ने डेथ सर्टिफिकेट करते हुए 25 लाख रुपए की राशि को अंतिम रूप तय की है, जो एसईसीएल या आरकेटीसी द्वारा प्रदान की गई। याचिकाकर्ता की पत्नी आरती कुशवाहा ने कोर्ट को बताया कि जिस कंपनी में उनके पति काम कर रहे थे। वह 15 साल से बंद हैए इसके बाद भी उन्हें ट्रिपर लेकर भेजा गया। अधिवक्ता मनोज कुशवाहा ने कोर्ट को बताया कि माइंस एक्ट के नियम है कि किसी खदान से अगर कोयला खनन कर लिया जाता है। तो फौरन क्लोजर प्लान बनाकर खदान बंद कर दी जाती है। एसईसीएल ने 15 साल से खदान को चालू रखा। हालात ऐसे हो गए कि खदान 90 फीट गहरी हो गई है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मनोज कुशवाहा ने कोर्ट को बताया कि 11 अक्टूबर की भारी बारिश हुई थी। इसके बाद फैक्ट्री प्रबंधन उन्हें खदान भेजा। शाम 5 बजे अनिल कुशवाहा जब खदान पहुंचे तो मिट्टी से फिसलने के कारण वह ट्रिपर सहित गहरे पानी में डूब गए। कोर्ट को बताया गया कि सुरक्षा के कोई भी इंतजाम नहीं थे। आरोप है कि टारगेट पूरा करने के लिए कंपनी ने दबाव बनाकर काम करवाया, जिसके चलते यह हादसा हुआ। याचिका में बताया गया कि डायरेक्टर जनरल आफ माइंस की भूमिका महत्वपूर्ण है कि 15 सालों से आखिर वह खदान कैसे चल रही थी, जिसकी क्लोजर रिपोर्ट बन जाना था। याचिका में मृतक की पत्नी आरती कुशवाहा ने कोर्ट से मांग की है कि कंपनी ने 60 दिन में बाडी देने की बाद की थी, पर आज तक शव नहीं मिला। कम से कम इतना कर दिया जाए कि डिकंपोज कंकाल को तलाश कर दिया जाना चाहिए। जिससे कि हिंदू धर्म के अनुसार अंतिम क्रिया कर्म करना है, लेकिन आज तक वह भी नहीं मिला है। जस्टिस विशाल मिश्रा की कोर्ट ने आरती कुशवाहा की याचिका पर सोमवार सुनवाई करते हुए भारत सरकार खनिज मंत्रालय के डीजीएमएस शहडोल कलेक्टर, एसईसीएल, आरकेटीसी एवं थाना धनपुरी को नोटिस जारी किया है।
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बच्चों को क्रिसमस पर लंबी छुट्टी नहीं मिलेगी, अब इतने दिन का होगा अवकाश
भोपाल. मध्य प्रदेश के मिशनरी स्कूलों में बच्चों को क्रिसमस पर इस बार लंबी छुट्टी नहीं मिलेगी. क्रिसमस पर केवल दो दिन का अवकाश रहेगा. इसके बाद 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश मिलेगा. शेड्यूल कई स्कूलों ने जारी कर दिया है. गौरतलब है राजधानी में 150 सीबीएसई स्कूल है. इनमें मिशनरी की संख्या ज्यादा है.
बीते साल तक सीबीएसई स्कूल क्रिसमस से ही शीतकालीन अवकाश शुरू कर देते थे. जो 23 दिसंबर से होकर 1 या 2 जनवरी तक चलता था. इस बार अवकाश के नियमों में सख्ती हुई है. वहीं राज्य के नियमों का सीबीएसई को पालन करने के लिए कहा गया है. इसका असर छुट्टियों पर हुआ है.
सरकारी स्कूलों में स्कूल शिक्षा विभाग के शेड्यूल के मुताबिक एक दिन का क्रिसमस अवकाश है. 25 दिसंबर को छुट्टी होगी. इसके बाद कक्षाएं लगेगी. बाद में 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक छुट्टी होगी. स्कूल पांच जनवरी को खुलेंगे.