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सिरोंज । विदिशा जिले के सिरोंज विधानसभा क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां मुरवास में संचालित एक मदरसे की 26 वर्षीय महिला शिक्षिका ने तीन मौलवियों पर यौन उत्पीड़न, जबरन छेड़छाड़ और भाई को जान से मारने की धमकी देने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपी मौलवियों को दबोचकर कोर्ट में पेश कर दिया है। वहीं स्थानीय विधायक उमाकांत शर्मा ने इस पूरे मामले में प्रदेश स्तरीय जांच की मांग उठा दी है।
यह पूरा शर्मनाक मामला मुरवास स्थित सिराज एजुकेशन मदरसे का है। पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में पीड़िता ने बताया कि मदरसे में ही कार्यरत मौलवी नसीर, अख्तर और जावेद लंबे समय से उस पर अश्लील टिप्पणियां कर रहे थे और अभद्र व्यवहार कर रहे थे।
घटना वाले दिन मुख्य आरोपी मौलवी नसीर ने काम के बहाने शिक्षिका को ऑफिस में बुलाया। जैसे ही वह अंदर पहुंची, नसीर ने उसके हाथ पकड़ लिए और वहां मौजूद अन्य दो मौलवियों यानि अख्तर और जावेद ने उसके साथ जबरन छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न की वारदात को अंजाम दिया।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि इस घिनौनी करतूत के बाद तीनों आरोपियों ने उसे मुंह बंद रखने के लिए धमकी दी थी। आरोपियों ने कहा था कि यदि उसने इस बारे में किसी को भी बताया या पुलिस में शिकायत दर्ज कराई तो वे उसके इकलौते भाई की हत्या कर देंगे। इस धमकी के डर से पीड़िता कुछ दिनों तक खौफ के साए में चुप रही लेकिन आखिरकार हिम्मत जुटाकर उसने पुलिस की शरण ली।
शिकायत मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया और महज 24 घंटे के भीतर तीनों नामजद आरोपियों नसीर, अख्तर और जावेद को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया।
इस संवेदनशील मामले के सामने आने के बाद सिरोंज के विधायक उमाकांत शर्मा भी सख्त नजर आ रहे हैं। उन्होंने इस घटना की घोर निंदा करते हुए मध्य प्रदेश सरकार से प्रदेश स्तरीय उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जो एक मिसाल बने। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन से यह भी जांच करने को कहा है कि यदि यह मदरसा नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से संचालित पाया जाता है तो इस पर भी तत्काल वैधानिक व जमींदोज करने जैसी कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है और मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।

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दवा लेने निकला युवक दिनदहाड़े अगवा, CCTV में कैद हुई पूरी वारदात
दवा लेने घर से निकले एक युवक का दिनदहाड़े कथित अपहरण होने की घटना ने झाबुआ जिले में सनसनी फैला दी है। पूरी वारदात पास में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद परिजनों में दहशत है और स्थानीय लोग भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जता रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक यह मामला झाबुआ जिले के खयडूछोटी गांव के रहने वाले भल्लू सिंगाड़ से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि वह दवा लेने के लिए पारा गांव गए थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें जबरन अपने साथ ले लिया। घटना को देखकर उनकी पत्नी भूरी बाई घबरा गईं और पुलिस से मदद की गुहार लगाई। उन्होंने कुछ लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराते हुए पति की सुरक्षित वापसी की मांग की है।
इस पूरे मामले में सबसे अहम कड़ी CCTV फुटेज को माना जा रहा है। वायरल वीडियो में कुछ लोग कथित तौर पर युवक को जबरन ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वीडियो की जांच पुलिस कर रही है और अभी तक सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि फुटेज की मदद से घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
पीड़ित की पत्नी का आरोप है कि घटना के पर्याप्त सबूत होने के बावजूद अब तक उनके पति का कोई पता नहीं चल सका है। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले को गंभीरता से लिया गया है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस अपहृत युवक की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश भी दे रही है।
दिनदहाड़े कथित अपहरण की इस घटना के बाद इलाके के लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह किसी व्यक्ति को जबरन ले जाया जा सकता है, तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
कानून के जानकारों का कहना है कि किसी भी अपहरण के मामले में शुरुआती कुछ घंटे बेहद अहम होते हैं। ऐसे मामलों में CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मोबाइल लोकेशन जैसी तकनीकी जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि किसी व्यक्ति के अपहरण की आशंका हो तो परिजनों को तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए और उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखने चाहिए।
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बाप ने ही उजाड़ दिया बेटी का सुहाग: ससुर ने दामाद के साथ पी शराब, फिर गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी
बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बीते 14 जून को अज्ञात युवक का शव मिला था। सूचना मिलने पर पुलिस, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वाड के साथ घटनास्थल पहुंची थी और आवश्यक कार्यवाही कर शव को पीएम के लिए भिजवा दिया था। यह पूरा मामला वारासिवनी थाना क्षेत्र अंतर्गत कोपे के जंगल का है। इस केस में अब सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
मृतक की पहचान राजेंद्र शरणागत (40) ग्राम डोंगरिया निवासी के रूप में हुई है। वह एक दिन पहले से लापता था। पीएम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि युवक की मौत गला दबाने से हुई थी। इसी आधार पर पुलिस ने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ की। घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी खंगाले तो मृतक के साथ उसके ससुर राजेश चौहान और एक अन्य व्यक्ति दिखाई दिए।
पुलिस ने राजेश चौहान को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। जिसमें उसने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उनका दामाद बहुत ज्यादा शराब पीता था और उसकी बेटी से मारपीट किया करता था। शराब की लत के कारण उसने कृषि भूमि भी बेच दी थी। इन्हीं सब कारणों के चलते आरोपी राजेश चौहान ने अपने साथी प्रभुदयाल बिसेन के साथ मिलकर योजना बद्ध तरीके से पहले मिलकर शराब पी और जंगल में ले जाकर गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त गमछा, दो बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। रतलाम की रहने वाली आदिवासी छात्राओं को नौकरी का झांसा देकर बंधक बनाने, धोखाधड़ी करने और उनके मोबाइल छीनने के आरोप में आखिरकार पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित युवतियों को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए दर-दर भटकना पड़ा और पुलिस कमिश्नर व डीसीपी के हस्तक्षेप के बाद ही राजेंद्र नगर थाना पुलिस हरकत में आई।
पीड़ित आदिवासी छात्राओं का आरोप है कि उन्हें इंदौर में ‘महादेव इंटरप्राइजेज’ नाम की संस्था द्वारा अच्छी नौकरी का झांसा दिया गया था। इसके बाद उनसे नौकरी के नाम पर हजारों रुपये वसूल लिए गए। पीड़िताओं ने शिकायत में बताया कि 9 जुलाई को आरोपियों ने उनके मोबाइल फोन छीन लिए और 13 जुलाई तक उन्हें एक कमरे में जबरन बंद (बंधक) बनाकर रखा गया। इस दौरान आरोपियों की कड़ी निगरानी में ही उनकी परिजनों से बात कराई जाती थी, जिसके कारण वे अपनी आपबीती और परेशानी घर वालों को नहीं बता पा रही थीं
पीड़ितों का दावा है कि आरोपी उन्हें गुजरात के अहमदाबाद भेजने की तैयारी में थे। लेकिन किसी तरह चार युवतियां उनके चंगुल से भागकर अपने गांव पहुंचने में कामयाब रहीं, जिसके बाद इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश हुआ। इस मामले में पुलिस का अमानवीय चेहरा भी सामने आया है। पीड़ितों का आरोप है कि जब वे शिकायत लेकर स्थानीय थाने पहुंचीं, तो उन्हें वहां से धक्के देकर भगा दिया गया। करीब 27 घंटे तक पुलिस इस गंभीर मामले को दबाए बैठी रही। इसके बाद जब मामला पुलिस कमिश्नर और डीसीपी तक पहुंचा और उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई, तब जाकर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने महादेव इंटरप्राइजेज की संचालिका उर्मिला गुर्जर समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इस घटना ने इंदौर पुलिस की संवेदनशीलता और सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है।एक तरफ जहां प्रदेश में आदिवासियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश हैं, वहीं पीड़ितों को FIR दर्ज कराने के लिए आला अधिकारियों के चक्कर काटने पड़े।
पीड़ितों को थाने से भगाने वाले पुलिसकर्मियों पर क्या एक्शन लिया जाएगा? ये कुछ ऐसे गंभीर प्रश्न हैं जो इस समय पुलिस प्रशासन के सामने खड़े हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच और फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
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जवानी की चोरी, बुढ़ापे में गिरफ्तारी: 36 साल फरार आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे, ‘किसान’ बन पहुंची पुलिस ने खेत से दबोचा
खंडवा। कानून के हाथ कितने लंबे होते हैं, इसका एक अनूठा उदाहरण सामने आया है। जवानी के दिनों में चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हुआ एक शातिर आरोपी अपने बुढ़ापे (61 साल की उम्र) में जाकर पुलिस के हत्थे चढ़ा है। आरोपी पिछले 36 साल से अपनी पहचान छिपाकर फरारी काट रहा था, लेकिन आखिरकार पुलिस की सूझबूझ और फिल्मी जाल के आगे उसकी चालाकी धरी की धरी रह गई।
दरअसल मामला वर्ष 1989 का है, जब कोतवाली क्षेत्र में कालू नाम के एक युवक ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। तब उसकी उम्र महज 25 वर्ष थी। वारदात के बाद कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे जमानत मिल गई थी। जमानत पर बाहर आते ही कालू ऐसा गायब हुआ कि फिर कभी कोर्ट या थाने नहीं पहुंचा। इस हाई-प्रोफाइल लापरवाही के कारण इस केस की फाइल पर पिछले 36 सालों से धूल जमी हुई थी।
कालू ने पुलिस से बचने के लिए अपना मूल गांव ‘बेड़ियाव’ पूरी तरह से छोड़ दिया और रुस्तमपुर इलाके में जाकर रहने लगा, ताकि कोई उसे पहचान न सके। लंबे समय बाद जब कोर्ट ने इस पेंडिंग फाइल को खोला, तो इसी साल जनवरी में आरोपी के खिलाफ दोबारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने मुखबिरों का जाल बिछाया और पता चला कि आरोपी रुस्तमपुर में छुपा हुआ है।
आरोपी कालू को पकड़ने के लिए पुलिस ने फिल्मी योजना बनाई। हेडकांस्टेबल रफीक खान ने कांस्टेबल अनुराग और पंकज साहू के साथ मिलकर ऑपरेशन शुरू किया। चूंकि आरोपी खेतों में काम कर रहा था, इसलिए पुलिसकर्मी खुद ‘किसान’ का भेष बनाकर रुस्तमपुर के खेतों में पहुंच गए। वहां कालू निंदाई (खरपतवार हटाने) कर रहा था। पुलिसकर्मियों ने उससे निंदाई काम कराने के बहाने बातचीत शुरू की और जैसे ही भरोसा हुआ कि यही कालू है, उसे मौके पर ही दबोच लिया। 36 साल बाद हुई इस गिरफ्तारी से पुलिस महकमे में भी राहत है। आरोपी को दोबारा सलाखों के पीछे भेज दिया।
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80 हजार की रिश्वत मांगी: बिजली कंपनी का जूनियर इंजीनियर 40 हजार लेते लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा
इंदौर। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (एमपीपीकेवीवीसीएल) के सुखलिया जोन में पदस्थ एक कनिष्ठ यंत्री (जेई) को लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने होटल की इमारत पर लगाए जाने वाले सोलर पैनल की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने शनिवार को ट्रैप कार्रवाई कर उसे 40 हजार रुपये की पहली किश्त लेते हुए दबोच लिया।
लोकायुक्त के अनुसार शिकायतकर्ता शिवप्रकाश बसवाल, निवासी कुलकर्णी नगर, इंदौर ने 17 जुलाई को लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अंबे नगर स्थित जीआर-7 होटल की इमारत पर सोलर पैनल लगाने की फाइल मंजूर करने के लिए कनिष्ठ यंत्री नमेश कुमार भोंडेकर द्वारा 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देश पर शिकायत का सत्यापन कराया गया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। शनिवार को टीम ने एमपीपीकेवीवीसीएल के सुखलिया जोन कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी नमेश कुमार भोंडेकर को शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम-2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

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पथरिया । पथरिया थाना अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15 में शासकीय कन्या स्कूल के पास स्थित एक ज्वेलरी शॉप में शुक्रवार तड़के चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। अज्ञात चोर ने दुकान की पिछली दीवार में छेद कर लाखों के चांदी के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, मिट्ठू सराफ उर्फ प्रकाश चंद्र सराफ की ज्वेलरी दुकान में शुक्रवार सुबह करीब 3:30 बजे यह वारदात हुई। आरोपी ने दीवार में महज 7 से 8 इंच का छेद किया और उसी के रास्ते दुकान के अंदर प्रवेश किया। दुकानदार का कहना है कि आरोपी शारीरिक रूप से काफी दुबला-पतला रहा होगा, जो इतने छोटे छेद से अंदर घुसने में कामयाब रहा।
दुकानदार मिट्ठू सराफ के मुताबिक, चोरों ने दुकान से करीब 8 किलो चांदी की झुमकी पार कर दी है। हालांकि पुलिस को दी गई शुरुआती शिकायत में 4 लाख रुपए की चोरी का उल्लेख है, लेकिन पीड़ित का दावा है कि वास्तव में उनकी दुकान से 8 से 10 लाख रुपए के कीमती जेवरात चोरी हुए हैं। उन्होंने यह भी दुख जताया कि उनकी दुकान में यह छठी बार चोरी हुई है और पूर्व की वारदातों में आज तक आरोपी पकड़ में नहीं आए हैं।
सुबह स्थानीय लोगों ने दीवार में छेद देखा तो तत्काल दुकानदार और पुलिस को सूचित किया। पथरिया थाना प्रभारी नेहा गोस्वामी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचीं और दमोह से फॉरेंसिक व फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए।
दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति चोरी की वारदात को अंजाम देते हुए स्पष्ट दिखाई दे रहा है। पुलिस के अनुसार, फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल, पुलिस की टीमें आरोपी की तलाश में जुट गई हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा कर रही हैं।
प्रकाश चंद्र जैन जो कि पथरिया के रहने वाले हैं के द्वारा स्थानीय थाने पर रिपोर्ट की गई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनकी सोने-चांदी की दुकान की दीवार तोड़कर अंदर घुसकर चांदी के जेवरात चोरी कर लिए गए हैं, जो करीबन 2.5-3 किलो कमर्शियल का बताया जा रहा है। थाने पर अपराध पंजीबद्ध किया गया है और अज्ञात व्यक्ति एवं माल मुसरूका की तलाश पतासाजी की जा रही है।
नेहा गोस्वामी, थाना प्रभारी, पथरिया
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महिला मजदूर से ठेकेदार ने किया दुष्कर्म, कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा
पन्ना। एमपी के पन्ना जिले में कानून ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराधियों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है। पन्ना की विशेष अदालत ने शासकीय बिल्डिंग निर्माण के दौरान एक बेबस महिला मजदूर के साथ दुष्कर्म करने वाले ठेकेदार को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
​यह घिनौना मामला पवई कस्बा क्षेत्र का है, जहां आरोपी राजगीर उर्फ राजू महतो काम की देखरेख करता था। घटना वाले दिन आरोपी ने रस्सा लाने के बहाने पीड़िता को स्टोर रूम में बुलाया और दरवाजा बंद कर उसके साथ दुष्कर्म किया। लेकिन पीड़िता ने हिम्मत नहीं हारी और उसी दिन पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
​पुलिस की मुस्तैद जांच और अदालत में गवाहों की गवाही के दम पर आज माननीय विशेष न्यायाधीश प्रदीप कुशवाहा के न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) के तहत 10 वर्ष की सश्रम कैद और धारा 127(2) के तहत 3 महीने के कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में शासकीय अभियोजक श्रीराम यादव की मजबूत पैरवी ने पीड़िता को न्याय दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई। यह फैसला उन सभी के लिए एक कड़ा सबक है जो कार्यस्थल पर महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।
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मध्य प्रदेश में बारिश की वापसी, 19 जुलाई से भारी वर्षा का दौर; 31 जिलों में अलर्ट
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। करीब 9 दिन की सुस्ती के बाद मौसम विभाग ने प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से प्रदेश में तेज बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बालाघाट और डिंडौरी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं 31 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने के कारण गर्मी और उमस भी बढ़ सकती है।
बीते 24 घंटे के दौरान भी प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, लेकिन मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया और तीन सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से मध्य प्रदेश में मानसून को नई ताकत मिलेगी, जिससे आगामी दिनों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। बारिश के आंकड़ों की बात करें तो प्रदेश में अब तक सामान्य से 13 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। सबसे अधिक असर पूर्वी मध्य प्रदेश में देखने को मिला है, जहां 26 प्रतिशत बारिश की कमी रिकॉर्ड की गई है।
वहीं राजधानी भोपाल के बारिश के इतिहास पर नजर डालें तो जुलाई महीने में सर्वाधिक 41 इंच बारिश दर्ज होने का रिकॉर्ड है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी सिस्टम मजबूत बना रहता है तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, आकाशीय बिजली से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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ग्वालियर। क्या एक झूठे आरोप से किसी की जिंदगी बर्बाद हो सकती है? ग्वालियर में सामने आए एक मामले ने न सिर्फ POCSO जैसे सख्त कानून के कथित दुरुपयोग पर बहस छेड़ दी है, बल्कि पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अदालत ने CCTV फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों को बरी करते हुए तत्कालीन पुलिस जांच अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इस फैसले ने कानून के सही इस्तेमाल और निष्पक्ष जांच की जरूरत को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
दरअसल, मामला जून 2023 का है, जहां थाटीपुर थाने में एक 13 साल की मासूम ने शिकायत कर आरोप लगाया था कि, 10 जून 2023 को उसके चाचा ने घर पर अकेला पाकर गलत काम करने का प्रयास किया। साथ ही चाचा के दोस्त एड संकेत साहू पर जबरन संबंध बनाने समेत अन्य गंभीर आरोप लगाये थे। पुलिस ने 15 अगस्त 2023 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दोनों को लंबे समय तक जेल में भी रहना पड़ा। लेकिन कोर्ट सुनवाई के दौरान असली वजह सामने आई। जहां यह मामला पुराने पारिवारिक संपत्ति विवाद से जुड़ा हुआ पाया। इस दौरान पुलिस ने चार्जशीट भी पेश कर दी। लेकिन सुनवाई के दौरान अदालत में पेश CCTV फुटेज ने पूरी कहानी बदल दी।
फुटेज के मुताबिक जिस समय घटना होना बताई गई, उस दौरान नाबालिग घर से बाहर ही नहीं निकली, जबकि आरोपी चाचा भी अपने कमरे से बाहर नहीं आए। अदालत ने माना कि अभियोजन की कहानी उपलब्ध सबूतों से मेल नहीं खाती। विशेष POCSO अदालत ने दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ नहीं, बल्कि सबूतों के अभाव में बरी करते हुए तत्कालीन जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर बलराम मांझी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने यह भी माना कि दोनों भाइयों के बीच पहले से मकान और पैसों का विवाद चल रहा था और आरोपी पहले ही पुलिस अधिकारियों को लिखित में फंसाए जाने की आशंका जता चुका था। बहरहाल यह मामला केवल एक परिवार के विवाद तक सीमित नहीं है। यह सवाल भी खड़ा करता है कि यदि जांच निष्पक्ष और प्रॉपर जांच नहीं होगी तो सख्त कानूनों की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ सकता है।

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अंधविश्वास में पार की क्रूरता की हदेंः गड़े धन के लालच में पिता ने की नाबालिग बेटी की हत्या
भोपाल। राजधानी भोपाल के देहात क्षेत्र से अंधविश्वास और लालच की एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। यहां एक कलयुगी पिता ने गड़े हुए धन (खजाने) को पाने के लालच में अपनी ही नाबालिग बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी। सूखीसेवनिया थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाकर मुख्य आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस खुलासे के अनुसार, आरोपी पिता ने गड़े धन को हासिल करने के अंधविश्वास के चलते अपनी नाबालिग बेटी की बलि देने की साजिश रची। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के लिए उसने अपने दो अन्य साथियों को भी शामिल किया। आरोपियों ने पहले मासूम बच्ची पर डंडे से ताबड़तोड़ हमला किया और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से बच्ची के शव को एक खेत में ले जाकर मिट्टी के नीचे दफना दिया था। घटना के कई दिनों बाद पुलिस ने दबिश देकर खेत से मृतिका का कंकाल बरामद किया, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।
हत्या की इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी पिता लगातार फरार चल रहा था। पुलिस और साइबर सेल की टीम लगातार उसकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी, जिसके बाद घेराबंदी कर आरोपी को विदिशा जिले के गंजबासौदा से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी पिता ने अंधविश्वास और गड़े धन के लालच में अपनी बेटी की हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया डंडा भी बरामद कर लिया है।
पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में मुख्य आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ हत्या सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर व प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
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स्कूल बैग में छिपी थी नागिन, क्लासरूम में बच्चे ने देखा तो मची अफरा-तफरी
सागर मध्यप्रदेश में बारिश का मौसम आते ही सांप निकलने और सर्पदंश के मामले बढ़ गए हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के सागर जिले के रहली ब्लॉक का है। यहां एक गांव में स्कूल में बच्चे के बैग से नागिन निकलने से स्कूल में हड़कंप मच गया। करीब डेढ़ फीट की नागिन बच्चे के स्कूल बैग में छिपी हुई थी। स्कूल के एक शिक्षक ने वक्त रहते बैग से नागिन को निकाला और सुरक्षित रेस्क्यू कर डिब्बे में बंद कर जंगल में ले जाकर छोड़ दिया। स्कूल बैग से नागिन निकलने का वीडियो भी सामने आया है जो तेजी से वायरल हो रहा है।
रहली ब्लाक अंतर्गत चांदपुर प्राथमिक स्कूल में एक बच्चे के बैग में नागिन निकलने से हड़कंप मच गया। यह घटना उस वक्त सामने आई जब बच्चे स्कूल में थे और रोज की तरह क्लास जारी थी। अचानक से एक बच्चे के बैग में कुछ बच्चों ने सांप देखा और बैग छोड़कर दूर हो गए। जैसे ही इसकी सूचना स्कूल में पदस्थ शिक्षक अभय यादव को लगी वो तुरंत ही कक्षा में पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
शिक्षक अभय यादव की सूझ बूझ और सतर्कता ने स्थिति को काबू में किया और बैग से नागिन निकाल कर बड़ी ही सतर्कता और सावधानी से नागिन को बिना कोई नुकसान पहुंचाए डिब्बे में बंद कर जंगल में छोड़ा। मौके पर मौजूद लोगों में से किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया है जो तेजी से वायरल हो रहा है। स्कूल के शिक्षक अभय यादव के द्वारा बैग से नागिन का रेस्क्यू करने के साहसी कार्य की हर कोई तारीफ कर रहा है और उनकी पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है।
बारिश का सीजन शुरू हो चुका है और बारिश के साथ ही सांपों का खतरा भी बढ़ गया है। बारिश होने से सांपों के बिलों में पानी भर जाता है जिसके कारण सांप अपने बिलों से निकलकर लोगों के घरों या फिर किसी सुरक्षित स्थान में घुस जाते हैं। ऐसे में सावधानी बरतना बेहद आवश्यक होता है, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही आपकी जान ले सकती है। सांप के काटने पर कुछ बातों को याद रखने से किसी की भी जान बचाई जा सकती है। इसको लेकर जागरूक होना बेहद जरूरी है।
सांप काटने पर क्या करें?
काटे गए अंग को जितना संभव हो स्थिर रखें।
तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचें।
झाड़-फूंक, चीरा लगाने या जहर चूसने जैसी गलत विधियों से बचें।
यदि संभव हो तो सांप की पहचान करने की कोशिश करें, लेकिन उसे पकड़ने का प्रयास न करें।
स्कूटी की डिग्गी खोलते ही फन फैलाकर निकला

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रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में अंधविश्वास और लालच की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। गैरतगंज से 7 जुलाई से लापता साहूकार और प्रतिष्ठित व्यापारी विजय जैन की दफीना (गड़ा हुआ धन) निकालने के चक्कर में कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर नरबलि दे दी गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज छह दिनों के भीतर इस अंधे कत्ल का सनसनीखेज खुलासा कर तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कुछ अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। समयऔर कैलेंडर
मृतक विजय जैन (42) नगर के एक अत्यंत प्रतिष्ठित और रसूखदार परिवार से ताल्लुक रखते थे। गौरतलब है कि वर्ष 2013 में उनके घर पर 3 करोड़ रुपये की एक बेहद चर्चित डकैती हुई थी, जिसने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया था। इस बड़ी वारदात के बाद से ही विजय जैन अपने परिवार का लेन-देन और साहूकारी का मुख्य कारोबार संभाल रहे थे।
9 जुलाई को विजय जैन की गुमशुदगी दर्ज होने के बाद थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम जांच में जुटी थी। 13 जुलाई को ग्राम परासिया के पास नदी किनारे मिट्टी में दबा एक शव मिला, जिसके हाथ-पैर बाहर दिख रहे थे। आरोपियों ने गला रेतकर हत्या करने के बाद सबूत मिटाने की नीयत से शव को गड्ढे में दफना दिया था। घटनास्थल पर मिले कपड़ों, मोबाइल और उनकी एक कृत्रिम (पत्थर की) आंख के आधार पर परिजनों ने शव की पहचान विजय जैन के रूप में की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी आशुतोष गुप्ता, एएसपी दीपक नायक, एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
एसडीओपी बेगमगंज सोनाली गुप्ता और थाना प्रभारी निरीक्षक डी.पी. लोहिया की टीम ने जब संदेही प्रहलाद साहू को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो रूह कंपाने वाली साजिश सामने आई। आरोपी प्रहलाद साहू स्वयं तांत्रिक क्रियाएं करता था और मृतक का परिचित था। दोनों के बीच अक्सर गड़ा धन (दफीना) निकालने को लेकर बात होती थी। आरोपियों को शक था कि परासिया नदी के चबूतरे के पास भारी धन गड़ा है।
​योजना के तहत 7 जुलाई को प्रहलाद, उसके साथी करीम खान और बेटे टीकम साहू ने विजय को मोटरसाइकिल पर बैठाया और नदी किनारे ले गए। वहां तांत्रिक अनुष्ठान के दौरान प्रहलाद चिल्लाया, “धरती गर्म हो रही है, दफीना बलि मांग रहा है।” इसके बाद तीनों ने विजय को दबोचा और कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, फावड़ा, बाइक और मोबाइल जब्त कर लिए हैं और मामले की हर एंगल से विस्तृत विवेचना की जा रही है।
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5 घंटे की जटिल सर्जरी: सिर में आरपार धंसा त्रिशूल निकाला, ठीक होने के बाद शिवम बोला- अब मैं भी डॉक्टर बनूंगा
ग्वालियर। ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 14 साल के मासूम बच्चे की जान बचा ली। छतरपुर के रहने वाले शिवम के सिर और पैर में आरपार धंसा त्रिशूल करीब पांच घंटे की सर्जरी के बाद निकाला गया। सबसे बड़ी बात यह रही कि डॉक्टरों ने बच्चे की आंख और दिमाग को सुरक्षित बचा लिया। सफल ऑपरेशन के बाद बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से घर लौट चुका है। प्रदेश में इस तरह की यह पहली सफल सर्जरी बताई जा रही है।
दरअसल, छतरपुर जिले का रहने वाले 14 साल का शिवम बीती 25 जून को अपने घर की छत पर खेल रहा था। इसी दौरान उसका बैलेंस बिगड़ा और वह नीचे गिर गया। चुकी नीचे मंदिर था, ऐसे में वह त्रिशूल पर जा गिरा। त्रिशूल का एक सिरा बाईं आंख के पास से सिर के अंदर चला गया, जबकि दूसरा सिरा उसके बाएं पैर में आर-पार धंस गया। परिजन बच्चे को पहले स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से उसे गंभीर हालत में ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल रेफर किया गया। खेल
जयारोग्य अस्पताल में न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉअविनाश शर्मा के नेतृत्व में न्यूरो सर्जरी, एनेस्थीसिया और ट्रॉमा विशेषज्ञों की टीम ने करीब पांच घंटे तक ऑपरेशन किया। डॉक्टरों ने बेहद सावधानी से त्रिशूल को दो अलग-अलग फेज में निकाला ताकि आंख, दिमाग और खून की नशो को कोई नुकसान न पहुंचे। ऑपरेशन के दौरान इंफेक्शन रोकने के भी विशेष इंतजाम किए गए।
न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉक्टर अविनाश शर्मा ने बताया कि यह ऑपरेशन इसलिए बहुत ज्यादा चुनौतीपूर्ण था क्योंकि त्रिशूल आंख और दिमाग के बेहद संवेदनशील हिस्से से होकर गुजरा था। थोड़ी सी भी चूक बच्चे की जान या उसकी आंख की रोशनी के लिए खतरा बन सकती थी। लेकिन डॉक्टरों की सतर्कता और टीमवर्क से ऑपरेशन सफल रहा और अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट गया है। बच्चे ने स्वस्थ्य होने के बाद कहा कि उसे नई जिंदगी डॉक्टर्स ने दी है, वह भी अब बड़ा होकर डॉक्टर बनेगा।
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आस्था का सौदा: खैरुआ सरकार मंदिर में मन्नत के नारियलों को गुपचुप बेचने वाले पुजारी भाइयों पर FIR
सतना। अयोध्या के सुप्रसिद्ध राम लला मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला अभी ठंडा हुआ नहीं कि अब उनके भक्त हनुमान के मंदिर में मन्नत के लिए बाँधे गए नारियल का सौदा करने के का मामला सामने आया है। जी हां सतना जिले के नागौद में स्थित खेरूआ सरकार मंदिर में आस्था अटूट बंधन में बंधे नारियल का मंदिर के पुजारी द्वारा चोरी छिपे सौदा कर दिया गया है, नागौद क्षेत्र के सुप्रसिद्ध खैरुआ सरकार मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अपनी इच्छापूर्ति और मन्नत के लिए बांधे गए नारियलों को चोरी-छिपे बेचने जैसे सनसनीखेज मामले से पूरे क्षेत्र के भक्तों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। वही मामले का खुलासा होते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी पुजारी और उसके भाई के खिलाफ बी एन एस की विभिन्न धाराओं के तहत अमानत में ख़यानत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नागौद के खेरूआ सरकार मंदिर में बीते कुछ दशकों लोगों की आस्था प्रगाढ़ हुई है, जहां आम जनमानस से लेकर मध्य प्रदेश के कई मंत्रियों की आस्था का केंद्र रहा है। जहां लोगों की आस्था का इतना अटूट बंधन था वहां स्थित पुजारी परिवार ने उसका सौदा कर डाला पूरे मामले पर अब अकौना-साठिया गांव के निवासी बृजराज सिंह परिहार द्वारा नागौद पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई कि मंदिर के पुजारी प्रशांत तिवारी और उनके भाई मोहित तिवारी ने दूर-दूर से आने वाले भक्तों की आस्था के प्रतीक इन नारियलों का गुपचुप तरीके से सौदा कर दिया है।
आरोप है कि दोनों भाइयों ने मन्नत के इन नारियलों को महज 7 हजार रुपये में बेच दिया है ,जब भक्तों को इस बात की भनक लगी, तो उन्होंने बेचे गए लाल कपड़ों में बंधे मन्नत के नारियलों से लोड एक यूपी पासिंग गाड़ी (UP93DT0759) को रंगे हाथों पकड़ लिया। आक्रोशित श्रद्धालुओं ने गाड़ी को तुरंत नागौद कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस ने शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद आरोपी प्रशांत तिवारी और मोहित तिवारी के खिलाफ अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि खैरुआ सरकार मंदिर की देखरेख और संचालन का जिम्मा वर्तमान में न्यायालय के आदेशानुसार नागौद के एसडीएम (SDM) संभाल रहे हैं, जिन्हें कोर्ट ने रिसीवर नियुक्त किया है। नियम के मुताबिक, मंदिर परिसर में किसी भी तरह की खरीदी, बिक्री या अन्य निर्माण कार्यों के लिए एसडीएम की पूर्व अनुमति अनिवार्य है। मंदिर के पुजारियों को सीधे तौर पर कोई भी सामग्री बेचने या खरीदने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। इसके बावजूद पुजारी बंधुओं द्वारा नियमों का उल्लंघन कर भक्तों की आस्था का सौदा करना अपने आप में आस्था पर गहरी चोट है देखना कबीले गौर होगा कि इस मामले पर जिला प्रशासन का आगे क्या सख्त रवैया होगा।

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