सागर। सुरखी थाना पुलिस ने बहेरिया थाना क्षेत्र में कार्रवाई कर हड़ंकप मचा दिया। रविवार की देर रात बहेरिया थाना क्षेत्र के ग्राम रुसल्ला के जंगल में संचालित हो रहे जुआ फड़ पर पुलिस टीम ने दबिश दी। कार्रवाई में फड़ से 21 जुआरियों को पकड़ा गया, जिनके पास से 22 बाइक, 11 कार, 21 मोबाइल और एक पिस्टल व चाकू जब्त किया गया है। इसकी कुल कीमत करीब 45 लाख आंकी गई है, वहीं जुआरियों के पास से नकद 6 लाख 45 हजार रुपए भी बरामद किए गए हैं। कुल बरामदगी 51 लाख 45 हजार की है। कार्रवाई में पांच थानों का पुलिस बल शामिल था। इस टीम को प्रशिक्षु आइपीएस दीपांशु ने तैयार किया था। सूत्रों के अनुसार जुआ फड़ संचालित होने की जानकारी मिलने पर एसपी विकास विकाश कुमार शाहवाल ने प्रशिक्षु आइपीएस के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मामले में जुआरियों को थाने ले जाकर जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ग्राम रुसल्ला के जंगल में लंबे समय से जुआ फड़ संचालित हो रहा था। चूंकि यह बड़े स्तर पर फड़ संचालित होता था, तो जुआरियों ने भी अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया हुआ था ताकि पुलिस की कार्रवाई से बचा जा सके। पुलिस ने जुआरियों की धरपकड़ के लिए प्लानिंग की। रविवार रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली। सूचना मिलते ही सुरखी, बिलहरा, बहेरिया कर्रापुर, ढाना की 22 सदस्य की स्पेशल टीम गठित कर कार्रवाई के लिए रवाना की गई। टीम जंगल में पहुंचकर घेराबंदी की और जुआ फड़ पर दबिश दी यहां करीब 30 से 40 लोग जुआ खेल रहे थे। पुलिस को देख जुआरी भागने लगे, जिस पर पुलिस जवानों ने पीछा कर 21 आरोपियों के लिए पकड़ लिया।
बड़े स्तर पर संचालित जुआ फड़ में लग्जरी कार सहित शहर और आसपास के इलाकों के नामी लोग पहुंचते थे। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि उक्त जुआ फड़ का संचालक आरोपी अमित टिम्मा कर रहा था। कार्रवाई में उसे भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के पास से पिस्टल, जिंदा कारतूस और चाकू बरामद किया गया है।
रुसल्ला के जंगल जुआ फड़ पर कार्रवाई की गई है। फड़ का संचालन अमित टिम्मा नाम का व्यक्ति कर रहा था। उसके पास से हथियार भी बरामद हुए है। आरोपी के खिलाफ जुआ एक्ट के साथ ऑर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। मामला दर्ज कर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
डॉ. संजीव उईके, एडिशनल एसपी
--------------------------
पोहा जलेबी बेचती नजर आईं पूर्व सीएम उमा भारती, गरीबों के लिए अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई से नाराज
टीकमगढ़. मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती मंगलवार को सड़क किनारे लगे एक ठेले पर पोहा बेचती नजर आई हैं. हालांकि, वो ऐसा प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के विरोध में रही हैं. लेकिन, कुछ ही देर में उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा है.
आपको बता दें कि, पूर्व सीएम उमा भारती मंगलवार को टीकमगढ़ शहर के सिविल लाइन इलाके में सड़क किनारे लगे ठेले पर पोहा बेच रही हैं. उन्होंने प्रशासन द्वारा एक दिन पहले की गई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को गलत ठहराया था. आज वो उन्हीं हटाए गए ठेलो को फिर से लगाकर उनमें से एक ठेले पर पोहा बेचने पहुंची हैं.
बता दें कि, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने एक दिन पहले प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को गलत ठहराया था. यही नहीं, वो खुद कार्रवाई रुकवाने सिविल लाइन इलाके पहुंच गई थीं. प्रशासन ने सोमवार की दोपहर सिविल लाइन से अतिक्रमण हटाया तो देर शाम पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने उस पर सवाल उठते हुए इसे गरीबों के खिलाफ की गई अनुचित कार्रवाई बताया था. उनका कहना था कि, प्रशासन सबसे पहले पैसे वालों का अतिक्रमण हटाएं. ठेले वाले सबसे बाद में आते है. सोमवार की रात 8.45 बजे पूर्व मुख्यमंत्री ईदगाह के सामने पहुंची. यहां पर उन्होंने प्रशासन द्वारा हटाए गए अतिक्रमण की जानकारी ली थी.
पूर्व सीएम ने प्रशासन पर ठेलों से नारियल तक उठा ले जाने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा कि, मुझे पता चला है यहां से कई लोगों की दुकानों को तोड़ा गया है, नारियल तक उठाकर ले गए. ये बात गलत है, मैं उनका नारियल उन्हें वापस दिलाकर रहूंगी. उन्होंने आगे कहा कि, दुकानों में लोगों की चार पांच साल की कमाई लगी थी. उनका कहना था कि, प्रशासन को पहले पैसे वालों के अतिक्रमण हटाने चाहिए. प्रशासन को कटरा बाजार से अभियान शुरू कर सिविल लाइन आना चाहिए. ये तो बेचारे गरीब हैं. उन्होंने सड़क निर्माण के समय सिविल लाइन स्थित अपने निवास का अतिक्रमण खुद हटाने का उदाहरण देते हुए कहा कि, बड़े लोगों को इसके लिए खुद आगे आना चाहिए.
उमा भारती ने ये भी कहा कि, मेरी भाजपा पार्षद और पार्षद दल से ये बात हुई थी कि, पहले लोगों को कोई दूसरी जगह दी जाएगी. पार्षदों ने पहले स्थान चिह्नित करने को कहा था. तीन - चार स्थान बताए भी थे. प्रशासन पहले इन्हें दुकानों लगाने के स्थान दे, बाद में हटाए. पहले बंगले वाले और अन्य पैसे वालों के अतिक्रमण हटेंगे इसके बाद गरीबों को हटाया जाएगा. उमा भारती ने यहां से हटाए गए दुकानदारों से अपील की थी कि, वो वापस आए और यही पर अपनी दुकानें लगाए, मैं उनके साथ हूं. उनके ठेलो को यहां से नहीं हटने दूंगी और इसी वादे पर अमल करते हुए आज वो मौके पर पहुंची और ठेलों को दोबारा लगवाकर अपने हाथ से ग्राहकों को पोहा जलेबी बेचती नजर आंई.
---------------------------------------------------------
15 बेरोजगार युवाओं से लाखों की ठगी, CMHO के फर्जी सील-साइन कर थमा दिया ज्वाइनिंग लेटर, वार्ड बॉय निकला मास्टरमाइंड
शहडोल। कहते हैं कि मजबूरी का फायदा उठाना सबसे बड़ा गुनाह है, और जब यह मजबूरी बेरोजगारी हो, तो घाव और गहरा हो जाता है। शहडोल जिले में एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक शातिर जालसाज ने स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर सुनहरा जाल बुनकर 15 युवाओं के भविष्य और उनके परिवार की जमापूंजी के साथ खिलवाड़ किया। इस पूरे खेल की पटकथा इतनी बारीकी से लिखी गई थी कि किसी को शक तक नहीं हुआ। आरोपी ने खुद को रसूखदार बताते हुए युवाओं को स्वास्थ्य विभाग में वार्ड बॉय की पक्की नौकरी का झांसा दिया, हद तो तब हो गई जब उसने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के फर्जी हस्ताक्षर और जाली सील का इस्तेमाल कर बाकायदा नियुक्ति पत्र तक थमा दिए। इन कागजों के बदले उसने उन युवाओं से 6 लाख से अधिक रुपये ऐंठ लिए, जिसके खिलाफ कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
शहडोल जिला मुख्यालय से लगे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटासी में आउटसोर्स में वार्ड बॉय के पद में पदस्थ ज्ञानेंद्र सिंह द्वारा शहडोल एवं उमरिया जिले के 15 से अधिक बेरोजगार युवाओं को स्वास्थ्य विभाग में वार्ड बॉय की पक्की नौकरी दिलाने के नाम पर 15 लोगो से लगभग 7 लाख रु ऐठ लिए। इतना ही नहीं शास्त्री तेजी ने स्वास्थ्य विभाग के मुखिया मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के फर्जी हस्ताक्षर एवं फर्जी शील युक्त ज्वाइनिंग लेटर तक थमा दिया। इस बात का खुलासा तब हुआ जब ज्वानिंग लेटर लेकर बताए गए विभाग में ज्वाइन करने पहचे तब उन्हें पता लगा कि उनके साथ ठगी हुई है , उनके साथ स्कैम हो गया। ठगी का शिकार हुए बेरोजगार युवकों ने इसकी शिकायत शहडोल एसपी की ,जिस पर कोतवाली पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग में रोजगार दिलाने के नापर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले कथित स्वास्थ्य विभाग का आउटसोर्स कर्मचारी वार्डबॉय के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। लेकिन वह अभी पुलिस की गिरफ्त से कोसों दूर और बेरोजगार युवाओं के साथ ठगी करने का पालन बना रहा है।
पीड़ित युवाओं की शिकायत पर शहडोल एसपी के निर्देशानुसार कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। डीएसपी मुख्यालय राजेंद्र मोहन दुबे ने पुष्टि की है कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे बेरोजगारी और सिस्टम पर भरोसे का फायदा उठाकर ठग मासूम युवाओं को निशाना बना रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और क्या इन युवाओं को उनका हक और न्याय मिल पाता है या नहीं।