सिरोंज । विदिशा जिले के सिरोंज विधानसभा क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां मुरवास में संचालित एक मदरसे की 26 वर्षीय महिला शिक्षिका ने तीन मौलवियों पर यौन उत्पीड़न, जबरन छेड़छाड़ और भाई को जान से मारने की धमकी देने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपी मौलवियों को दबोचकर कोर्ट में पेश कर दिया है। वहीं स्थानीय विधायक उमाकांत शर्मा ने इस पूरे मामले में प्रदेश स्तरीय जांच की मांग उठा दी है।
यह पूरा शर्मनाक मामला मुरवास स्थित सिराज एजुकेशन मदरसे का है। पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में पीड़िता ने बताया कि मदरसे में ही कार्यरत मौलवी नसीर, अख्तर और जावेद लंबे समय से उस पर अश्लील टिप्पणियां कर रहे थे और अभद्र व्यवहार कर रहे थे।
घटना वाले दिन मुख्य आरोपी मौलवी नसीर ने काम के बहाने शिक्षिका को ऑफिस में बुलाया। जैसे ही वह अंदर पहुंची, नसीर ने उसके हाथ पकड़ लिए और वहां मौजूद अन्य दो मौलवियों यानि अख्तर और जावेद ने उसके साथ जबरन छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न की वारदात को अंजाम दिया।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि इस घिनौनी करतूत के बाद तीनों आरोपियों ने उसे मुंह बंद रखने के लिए धमकी दी थी। आरोपियों ने कहा था कि यदि उसने इस बारे में किसी को भी बताया या पुलिस में शिकायत दर्ज कराई तो वे उसके इकलौते भाई की हत्या कर देंगे। इस धमकी के डर से पीड़िता कुछ दिनों तक खौफ के साए में चुप रही लेकिन आखिरकार हिम्मत जुटाकर उसने पुलिस की शरण ली।
शिकायत मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया और महज 24 घंटे के भीतर तीनों नामजद आरोपियों नसीर, अख्तर और जावेद को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया।
इस संवेदनशील मामले के सामने आने के बाद सिरोंज के विधायक उमाकांत शर्मा भी सख्त नजर आ रहे हैं। उन्होंने इस घटना की घोर निंदा करते हुए मध्य प्रदेश सरकार से प्रदेश स्तरीय उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जो एक मिसाल बने। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन से यह भी जांच करने को कहा है कि यदि यह मदरसा नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से संचालित पाया जाता है तो इस पर भी तत्काल वैधानिक व जमींदोज करने जैसी कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है और मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।
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दवा लेने निकला युवक दिनदहाड़े अगवा, CCTV में कैद हुई पूरी वारदात
दवा लेने घर से निकले एक युवक का दिनदहाड़े कथित अपहरण होने की घटना ने झाबुआ जिले में सनसनी फैला दी है। पूरी वारदात पास में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद परिजनों में दहशत है और स्थानीय लोग भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जता रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक यह मामला झाबुआ जिले के खयडूछोटी गांव के रहने वाले भल्लू सिंगाड़ से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि वह दवा लेने के लिए पारा गांव गए थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें जबरन अपने साथ ले लिया। घटना को देखकर उनकी पत्नी भूरी बाई घबरा गईं और पुलिस से मदद की गुहार लगाई। उन्होंने कुछ लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराते हुए पति की सुरक्षित वापसी की मांग की है।
इस पूरे मामले में सबसे अहम कड़ी CCTV फुटेज को माना जा रहा है। वायरल वीडियो में कुछ लोग कथित तौर पर युवक को जबरन ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वीडियो की जांच पुलिस कर रही है और अभी तक सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि फुटेज की मदद से घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
पीड़ित की पत्नी का आरोप है कि घटना के पर्याप्त सबूत होने के बावजूद अब तक उनके पति का कोई पता नहीं चल सका है। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले को गंभीरता से लिया गया है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस अपहृत युवक की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश भी दे रही है।
दिनदहाड़े कथित अपहरण की इस घटना के बाद इलाके के लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह किसी व्यक्ति को जबरन ले जाया जा सकता है, तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
कानून के जानकारों का कहना है कि किसी भी अपहरण के मामले में शुरुआती कुछ घंटे बेहद अहम होते हैं। ऐसे मामलों में CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मोबाइल लोकेशन जैसी तकनीकी जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि किसी व्यक्ति के अपहरण की आशंका हो तो परिजनों को तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए और उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखने चाहिए।
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बाप ने ही उजाड़ दिया बेटी का सुहाग: ससुर ने दामाद के साथ पी शराब, फिर गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी
बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बीते 14 जून को अज्ञात युवक का शव मिला था। सूचना मिलने पर पुलिस, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वाड के साथ घटनास्थल पहुंची थी और आवश्यक कार्यवाही कर शव को पीएम के लिए भिजवा दिया था। यह पूरा मामला वारासिवनी थाना क्षेत्र अंतर्गत कोपे के जंगल का है। इस केस में अब सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
मृतक की पहचान राजेंद्र शरणागत (40) ग्राम डोंगरिया निवासी के रूप में हुई है। वह एक दिन पहले से लापता था। पीएम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि युवक की मौत गला दबाने से हुई थी। इसी आधार पर पुलिस ने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ की। घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी खंगाले तो मृतक के साथ उसके ससुर राजेश चौहान और एक अन्य व्यक्ति दिखाई दिए।
पुलिस ने राजेश चौहान को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। जिसमें उसने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उनका दामाद बहुत ज्यादा शराब पीता था और उसकी बेटी से मारपीट किया करता था। शराब की लत के कारण उसने कृषि भूमि भी बेच दी थी। इन्हीं सब कारणों के चलते आरोपी राजेश चौहान ने अपने साथी प्रभुदयाल बिसेन के साथ मिलकर योजना बद्ध तरीके से पहले मिलकर शराब पी और जंगल में ले जाकर गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त गमछा, दो बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।


