This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.

User Rating: 5 / 5

Star ActiveStar ActiveStar ActiveStar ActiveStar Active


उज्जैन। रतलाम में एक शादी समारोह उस वक्त हंगामे और सन्नाटे में बदल गया, जब बारात लेकर पहुंचे दूल्हे के खिलाफ पुलिस में दुष्कर्म का गंभीर मामला दर्ज होने की सूचना मिली। आरोपी पर उज्जैन की एक 15 वर्षीय नाबालिग ने डरा-धमकाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। सबसे चौंकाने वाला खुलासा शादी वाले दिन ही हुआ, जब पता चला कि पीड़िता गर्भवती है।
पुलिस के अनुसार, घटना जनवरी 2026 की है, जब अभिषेक सेन ने पीड़िता के घर में घुसकर उसके साथ गलत काम किया था और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। आरोपी की शादी तय होने के बाद, पीड़िता ने मानसिक तनाव में आकर 6 अप्रैल को एसिड पीकर आत्महत्या की कोशिश की। 8 अप्रैल को इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसके गर्भवती होने की पुष्टि की, जिसके बाद पीड़िता ने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई।
सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और दुल्हन पक्ष को वस्तुस्थिति से अवगत कराकर शादी रुकवाई। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तारी के डर से आरोपी अभिषेक रतलाम पहुंचने से पहले ही फरार हो गया।
पुलिस की टीमें उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही हैं और जल्द ही उसे हिरासत में लेने का दावा किया है। आरोपी अभिषेक सेन बड़नगर थाना क्षेत्र की शिक्षक कॉलोनी का रहने वाला है। जिसकी शादी रतलाम की एक युवती से होने वाली थी, लेकिन उसके पहले ही रैप का कारनामा उजागर हो गया।

User Rating: 5 / 5

Star ActiveStar ActiveStar ActiveStar ActiveStar Active

आलीराजपुर। मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक शादी समारोह के दौरान पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान काका ने अपने भतीजे पर तीर चला दिया, जो उसके पेट के अंदर घुस गया। जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गया है। फिलहाल उसे इलाज के लिए गुजरात रेफर किया गया है।
यह पूरा मामला ग्राम सूखी बावड़ी का है। बताया जा रहा है कि समारोह के दौरान परिवार के दो पक्षों में कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते बढ़ गई। इसी दौरान बीच-बचाव करने आए युवक रवि सस्तीया पर उसके ही काका कमल सस्तीया ने तीर चला दिया। तीर सीधे रवि के पेट में जा लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजन घायल रवि को तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां वह पेट में तीर लगे होने की स्थिति में ही भर्ती हुआ। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे गुजरात के दाहोद रेफर किया। जहां उसका इलाज जारी है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी काका को गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

------------------------------------
बेखौफ रेत माफिया: मुरैना में ट्रैक्टर ट्रॉली से वनकर्मी का सिर कुचला, मौके पर मौत
मुरैना। मध्य प्रदेश के चंबल अंचल में रेत का अवैध कारोबार बेखौफ चल रहा है। इसी के चलते मुरैना में अवैध रेत परिवहन कर रहे ट्रैक्टर चालक विनोद कोरी ने वन रक्षक हरिकेश गुर्जर की कुचलकर हत्या कर दी। घटना बुधवार की अलसुबह हुई।
आरोपित विनोद कोरी इतना दुस्साहसी निकला कि उसने हत्या के बाद आधा किलोमीटर दूर पेट्रोल पंप पर ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी की। कपड़े बदले और वहां के कर्मचारी को औने-पौने दाम पर रेत बेचकर ट्रैक्टर-ट्राली भी ले गया। पुलिस ने विनोद कोरी के विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है।
उसने पुलिस को बताया है कि ट्रैक्टर का संचालन कुथियाना गांव के पवन तोमर व सोनू चौहान कर रहे हैं। पवन तोमर दिमनी भाजपा मंडल का उपाध्यक्ष है। सोनू भी भाजपा से ही जुड़ा है। मृतक के स्वजन की मांग है कि अवैध कारोबार में शामिल ट्रैक्टर मालिक को भी आरोपित बनाया जाए। पुलिस असली मालिकों की पहचान सुनिश्चित कर रही है।
पुलिस के अनुसार अंबाह वन रेंज के डिप्टी रेंजर वीरकुमार तिर्की के नेतृत्व में हरिकेश गुर्जर सहित चार लोगों की टीम बुधवार को दिमनी थाना क्षेत्र के अंबाह-मुरैना रोड पर गश्त कर रहे थे। सुबह साढ़े पांच बजे रानपुर चौराहा पर टीम विनोद कोरी को रुकने का इशारा किया, लेकिन वह नहीं रुका।
तभी हरिकेश गुर्जर ट्रैक्टर पर चढ़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विनोद कोरी ने हरिकेश गुर्जर को लात मारकर धकेल दिया और उन्हें कुचलते हुए ट्रैक्टर-ट्राली ले भागा। हरिकेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। विनोद कोरी ट्रैक्टर-ट्राली के साथ आधा किमी दूर एक पेट्रोल पंप पर पहुंचा।
वहां के सीसीटीवी कैमरे में उसके फुटेज रिकार्ड हो गए। घटना के कुछ घंटे बाद ही पूर्व निर्धारित दौरे पर मुरैना पहुंचे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने रेत कारोबार की ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा का आश्वासन दिया है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अब भाजपा का नहीं, माफिया का राज चल रहा है।
अंचल में रेत माफिया इतने बेखौफ हैं कि वे अधिकारियों पर हमला करने से बाज नहीं आते। प्रदेश में रेत माफिया के हाथों अब तक सात अधिकारी और कर्मचारी जान गंवा चुके हैं। आठ मार्च, 2012 को प्रशिक्षु आईपीएस नरेंद्र सिंह को भी कुचल दिया गया था।
चंबल नदी में केवल मुरैना में ही 25 से 30 छोटे-बड़े घाट हैं। बड़े घाटों से 1500 ट्राली और अन्य छोटे घाटों से प्रतिदिन 500 से 700 ट्राली रेत निकाली जाती है। मुरैना में एक ट्राली रेत ढाई से पौने तीन हजार रुपये में बिकती है। एक आकलन के अनुसार करीब 50 लाख रुपये की रेत प्रतिदिन चंबल नदी से निकाली जाती है।
---------------------------------------------
3 महीने बाद बंद हो सकती है LPG सप्लाई, 10 दिन में शुरू होगी पाइपलाइन से गैस
भोपाल। प्रदेश में सरकार का जोर अब पीएनजी के नेटवर्क को विस्तार देने पर है। इसके लिए भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित अन्य जिलों में पीएनजी लाइन के विस्तार के साथ कनेक्शन देने का काम किया जा रहा है। बुधवार को अपर मुख्य सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति रश्मि अरुण शमी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों के अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी और नगरीय निकायों के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि जहां पीएनजी की लाइन जोड़ी जा चुकी है, वहां 10 दिन के भीतर आपूर्ति प्रारंभ करें।
बैठक में निर्देश दिए गए कि जिन एलपीजी के उपभोक्ताओं ने कनेक्शन नहीं लिए हैं, उन्हें बताया जाए कि तीन माह बाद उनकी एलपीजी की आपूर्ति बंद की जा सकती है। रश्मि अरुण शमी ने कहा कि गृह विभाग के अधीन आने वाली संस्थाएं, सुधार गृहों के साथ-साथ पुलिस, सीएपीएफ, डिफेंस इस्टेब्लिशमेंट, ऑफिसर्स कॉलोनी, सामान्य प्रशासन पूल के घरों, पुलिस मुख्यालय, पुलिस कॉलोनी के आसपास पाइप लाइन बिछी हुई हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पीएनजी कनेक्शन दिए जाएं।
इस दौरान बताया गया कि ऐसे क्षेत्र, जहां पाइपलाइन बिछी है, वहां के रहवासियों एवं व्यवसायियों की सूची तैयार कर कॉलोनियों में शिविर लगाए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया में स्थानीय निकायों के अधिकारियों, वार्ड पार्षद के साथ अन्य जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। इसी तरह औद्योगिक क्षेत्रों में उन औद्योगिक इकाइयों की पहचान की जाए, जिन्हें पीएनजी पर शिफ्ट किया जा सकता है।
ऑयल कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि जिले के दूसरे स्थान से काम करने आए मजदूर, कर्मचारी और विद्यार्थियों को खाना पकाने के लिए पांच किलोग्राम का सिलिंडर 1,529 रुपये प्रति कनेक्शन के मान से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके लिए एड्रेस प्रूफ की आवश्यकता भी नहीं है। इन सिलिंडर को 585 रुपये में रिफिल किया जा सकता है।

User Rating: 4 / 5

Star ActiveStar ActiveStar ActiveStar ActiveStar Inactive

सागर। सुरखी थाना पुलिस ने बहेरिया थाना क्षेत्र में कार्रवाई कर हड़ंकप मचा दिया। रविवार की देर रात बहेरिया थाना क्षेत्र के ग्राम रुसल्ला के जंगल में संचालित हो रहे जुआ फड़ पर पुलिस टीम ने दबिश दी। कार्रवाई में फड़ से 21 जुआरियों को पकड़ा गया, जिनके पास से 22 बाइक, 11 कार, 21 मोबाइल और एक पिस्टल व चाकू जब्त किया गया है। इसकी कुल कीमत करीब 45 लाख आंकी गई है, वहीं जुआरियों के पास से नकद 6 लाख 45 हजार रुपए भी बरामद किए गए हैं। कुल बरामदगी 51 लाख 45 हजार की है। कार्रवाई में पांच थानों का पुलिस बल शामिल था। इस टीम को प्रशिक्षु आइपीएस दीपांशु ने तैयार किया था। सूत्रों के अनुसार जुआ फड़ संचालित होने की जानकारी मिलने पर एसपी विकास विकाश कुमार शाहवाल ने प्रशिक्षु आइपीएस के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मामले में जुआरियों को थाने ले जाकर जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ग्राम रुसल्ला के जंगल में लंबे समय से जुआ फड़ संचालित हो रहा था। चूंकि यह बड़े स्तर पर फड़ संचालित होता था, तो जुआरियों ने भी अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया हुआ था ताकि पुलिस की कार्रवाई से बचा जा सके। पुलिस ने जुआरियों की धरपकड़ के लिए प्लानिंग की। रविवार रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली। सूचना मिलते ही सुरखी, बिलहरा, बहेरिया कर्रापुर, ढाना की 22 सदस्य की स्पेशल टीम गठित कर कार्रवाई के लिए रवाना की गई। टीम जंगल में पहुंचकर घेराबंदी की और जुआ फड़ पर दबिश दी यहां करीब 30 से 40 लोग जुआ खेल रहे थे। पुलिस को देख जुआरी भागने लगे, जिस पर पुलिस जवानों ने पीछा कर 21 आरोपियों के लिए पकड़ लिया।
बड़े स्तर पर संचालित जुआ फड़ में लग्जरी कार सहित शहर और आसपास के इलाकों के नामी लोग पहुंचते थे। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि उक्त जुआ फड़ का संचालक आरोपी अमित टिम्मा कर रहा था। कार्रवाई में उसे भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के पास से पिस्टल, जिंदा कारतूस और चाकू बरामद किया गया है।
रुसल्ला के जंगल जुआ फड़ पर कार्रवाई की गई है। फड़ का संचालन अमित टिम्मा नाम का व्यक्ति कर रहा था। उसके पास से हथियार भी बरामद हुए है। आरोपी के खिलाफ जुआ एक्ट के साथ ऑर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। मामला दर्ज कर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
डॉ. संजीव उईके, एडिशनल एसपी
--------------------------
पोहा जलेबी बेचती नजर आईं पूर्व सीएम उमा भारती, गरीबों के लिए अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई से नाराज
टीकमगढ़. मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती मंगलवार को सड़क किनारे लगे एक ठेले पर पोहा बेचती नजर आई हैं. हालांकि, वो ऐसा प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के विरोध में रही हैं. लेकिन, कुछ ही देर में उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा है.
आपको बता दें कि, पूर्व सीएम उमा भारती मंगलवार को टीकमगढ़ शहर के सिविल लाइन इलाके में सड़क किनारे लगे ठेले पर पोहा बेच रही हैं. उन्होंने प्रशासन द्वारा एक दिन पहले की गई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को गलत ठहराया था. आज वो उन्हीं हटाए गए ठेलो को फिर से लगाकर उनमें से एक ठेले पर पोहा बेचने पहुंची हैं.
बता दें कि, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने एक दिन पहले प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को गलत ठहराया था. यही नहीं, वो खुद कार्रवाई रुकवाने सिविल लाइन इलाके पहुंच गई थीं. प्रशासन ने सोमवार की दोपहर सिविल लाइन से अतिक्रमण हटाया तो देर शाम पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने उस पर सवाल उठते हुए इसे गरीबों के खिलाफ की गई अनुचित कार्रवाई बताया था. उनका कहना था कि, प्रशासन सबसे पहले पैसे वालों का अतिक्रमण हटाएं. ठेले वाले सबसे बाद में आते है. सोमवार की रात 8.45 बजे पूर्व मुख्यमंत्री ईदगाह के सामने पहुंची. यहां पर उन्होंने प्रशासन द्वारा हटाए गए अतिक्रमण की जानकारी ली थी.
पूर्व सीएम ने प्रशासन पर ठेलों से नारियल तक उठा ले जाने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा कि, मुझे पता चला है यहां से कई लोगों की दुकानों को तोड़ा गया है, नारियल तक उठाकर ले गए. ये बात गलत है, मैं उनका नारियल उन्हें वापस दिलाकर रहूंगी. उन्होंने आगे कहा कि, दुकानों में लोगों की चार पांच साल की कमाई लगी थी. उनका कहना था कि, प्रशासन को पहले पैसे वालों के अतिक्रमण हटाने चाहिए. प्रशासन को कटरा बाजार से अभियान शुरू कर सिविल लाइन आना चाहिए. ये तो बेचारे गरीब हैं. उन्होंने सड़क निर्माण के समय सिविल लाइन स्थित अपने निवास का अतिक्रमण खुद हटाने का उदाहरण देते हुए कहा कि, बड़े लोगों को इसके लिए खुद आगे आना चाहिए.
उमा भारती ने ये भी कहा कि, मेरी भाजपा पार्षद और पार्षद दल से ये बात हुई थी कि, पहले लोगों को कोई दूसरी जगह दी जाएगी. पार्षदों ने पहले स्थान चिह्नित करने को कहा था. तीन - चार स्थान बताए भी थे. प्रशासन पहले इन्हें दुकानों लगाने के स्थान दे, बाद में हटाए. पहले बंगले वाले और अन्य पैसे वालों के अतिक्रमण हटेंगे इसके बाद गरीबों को हटाया जाएगा. उमा भारती ने यहां से हटाए गए दुकानदारों से अपील की थी कि, वो वापस आए और यही पर अपनी दुकानें लगाए, मैं उनके साथ हूं. उनके ठेलो को यहां से नहीं हटने दूंगी और इसी वादे पर अमल करते हुए आज वो मौके पर पहुंची और ठेलों को दोबारा लगवाकर अपने हाथ से ग्राहकों को पोहा जलेबी बेचती नजर आंई.
---------------------------------------------------------
15 बेरोजगार युवाओं से लाखों की ठगी, CMHO के फर्जी सील-साइन कर थमा दिया ज्वाइनिंग लेटर, वार्ड बॉय निकला मास्टरमाइंड
शहडोल। कहते हैं कि मजबूरी का फायदा उठाना सबसे बड़ा गुनाह है, और जब यह मजबूरी बेरोजगारी हो, तो घाव और गहरा हो जाता है। शहडोल जिले में एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक शातिर जालसाज ने स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर सुनहरा जाल बुनकर 15 युवाओं के भविष्य और उनके परिवार की जमापूंजी के साथ खिलवाड़ किया। इस पूरे खेल की पटकथा इतनी बारीकी से लिखी गई थी कि किसी को शक तक नहीं हुआ। आरोपी ने खुद को रसूखदार बताते हुए युवाओं को स्वास्थ्य विभाग में वार्ड बॉय की पक्की नौकरी का झांसा दिया, हद तो तब हो गई जब उसने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के फर्जी हस्ताक्षर और जाली सील का इस्तेमाल कर बाकायदा नियुक्ति पत्र तक थमा दिए। इन कागजों के बदले उसने उन युवाओं से 6 लाख से अधिक रुपये ऐंठ लिए, जिसके खिलाफ कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
शहडोल जिला मुख्यालय से लगे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटासी में आउटसोर्स में वार्ड बॉय के पद में पदस्थ ज्ञानेंद्र सिंह द्वारा शहडोल एवं उमरिया जिले के 15 से अधिक बेरोजगार युवाओं को स्वास्थ्य विभाग में वार्ड बॉय की पक्की नौकरी दिलाने के नाम पर 15 लोगो से लगभग 7 लाख रु ऐठ लिए। इतना ही नहीं शास्त्री तेजी ने स्वास्थ्य विभाग के मुखिया मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के फर्जी हस्ताक्षर एवं फर्जी शील युक्त ज्वाइनिंग लेटर तक थमा दिया। इस बात का खुलासा तब हुआ जब ज्वानिंग लेटर लेकर बताए गए विभाग में ज्वाइन करने पहचे तब उन्हें पता लगा कि उनके साथ ठगी हुई है , उनके साथ स्कैम हो गया। ठगी का शिकार हुए बेरोजगार युवकों ने इसकी शिकायत शहडोल एसपी की ,जिस पर कोतवाली पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग में रोजगार दिलाने के नापर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले कथित स्वास्थ्य विभाग का आउटसोर्स कर्मचारी वार्डबॉय के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। लेकिन वह अभी पुलिस की गिरफ्त से कोसों दूर और बेरोजगार युवाओं के साथ ठगी करने का पालन बना रहा है।
पीड़ित युवाओं की शिकायत पर शहडोल एसपी के निर्देशानुसार कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। डीएसपी मुख्यालय राजेंद्र मोहन दुबे ने पुष्टि की है कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे बेरोजगारी और सिस्टम पर भरोसे का फायदा उठाकर ठग मासूम युवाओं को निशाना बना रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और क्या इन युवाओं को उनका हक और न्याय मिल पाता है या नहीं।

User Rating: 5 / 5

Star ActiveStar ActiveStar ActiveStar ActiveStar Active

सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के कोठी थाना क्षेत्र अंतर्गत शासकीय माध्यमिक विद्यालय कठवरिया में उस समय हड़कंप मच गया, जब स्कूल के नोटिस बोर्ड पर बम से उड़ाने की धमकी भरा पोस्टर चिपका हुआ मिला। इस घटना से स्कूल प्रबंधन, शिक्षक और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। बोर्ड पर लिखा है अतीक मारा गया है, उसके गैंग नहीं।
जानकारी के अनुसार आज जब शिक्षक विद्यालय पहुंचे तो उनकी नजर नोटिस बोर्ड पर लगे एक संदिग्ध पोस्टर पर पड़ी। पोस्टर में स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी और शिक्षकों से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। पोस्टर में धमकी देने वाले ने खुद को मृतक गैंगस्टर अतीक अहमद का गुर्गा बताया है और लिखा है कि “अतीक मारा गया है, उसके गुर्गे नहीं।” यह लाइन पढ़कर शिक्षकों के होश उड़ गए। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद कोठी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने पोस्टर को कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में इसे किसी शरारती तत्व की हरकत माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है। गौरतलब है कि इससे पहले भी सतना में जिला न्यायालय और पोस्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं, जिनकी जांच अभी जारी है। लगातार मिल रही धमकियों से पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेमलाल कुर्वे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्कूल परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और छात्रों व अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की गई है। इस घटना के बाद क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। हेडमास्टर ने कहा कि इस मामले में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस प्रकरण की जांच करेगी। इस घटना के बाद सब दहशत में हैं।
--------------------------------
मंत्री विश्वास सारंग के बंगले में चोरी, भोपाल की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में चोरी की वारदात हुई है।
जानकारी के मुताबिक, अज्ञात चोरों ने 2 और 3 अप्रैल की दरमियानी रात को बंगले के स्टोर रूम का ताला तोड़ दिया। इसके बाद वहां रखी ट्रॉफियां, मेडल, मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र चोरी कर लिए। इस घटना का खुलासा 6 अप्रैल की सुबह हुआ, जब सिक्योरिटी गार्ड ने स्टोर का टूटा ताला देखा।
मामले की जांच टीटी नगर थाना पुलिस कर रही है। थाना प्रभारी के अनुसार, चोरी हुआ सामान मंत्री को अलग-अलग कार्यक्रमों में सम्मान के तौर पर मिला था। फिलहाल इनकी कीमत का आकलन किया जा रहा है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि जिस स्टोर रूम में चोरी हुई, वहां CCTV कैमरे ही नहीं लगे थे। यही वजह है कि पुलिस को आरोपियों की पहचान करने में मुश्किल हो रही है।
पुलिस अब आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है जब मंत्री का बंगला ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा? भोपाल के VIP इलाकों में भी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है।
--------------------------------
अंडरगारमेंट चोर का आतंक: सोना-चांदी छोड़ घर से चुराए चड्डी
इटारसी। जिले से एक बेहद हैरान कर देने वाली और अजीबोगरीब चोरी की घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। आमतौर पर आपने सोना-चांदी,नकदी या कीमती सामान की चोरी के मामले सुने होंगे, लेकिन इस बार चोर ने जो किया, वह सबको चौंका रहा है। इटारसी के राज टॉकीज के पास स्थित एक घर के बाहर सूख रहे कपड़ों में से अज्ञात चोर ने सिर्फ अंडरगारमेंट चोरी कर लिए।
घटना सुबह करीब 4 बजे की बताई जा रही है। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि एक युवक तेजी से घर के पास आता है, पहले आसपास नजर दौड़ाता है, फिर मौका पाकर घर के बाहर बाउंड्री वॉल पर चढ़ जाता है। इसके बाद वह बेहद सावधानी से रस्सी पर सूख रहे कपड़ों में से केवल अंडरगारमेंट चुनकर चोरी करता है और मौके से फरार हो जाता है। जब तक घर के लोग बाहर निकलते,चोर भाग चुका था। यह पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसे देखकर परिवार और आसपास के लोग भी हैरान रह गए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर चोर ने बाकी कपड़ों या किसी अन्य सामान को हाथ तक नहीं लगाया और सिर्फ अंडरगारमेंट ही क्यों चुराए। पीड़ित परिवार ने इस मामले की शिकायत थाना प्रभारी को मोबाइल के जरिए दी है और लिखित आवेदन देने की तैयारी कर रहा है। इस अनोखी चोरी की घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है, वहीं पुलिस भी अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश में जुट गई है।

User Rating: 5 / 5

Star ActiveStar ActiveStar ActiveStar ActiveStar Active

जबलपुर। एमपी के जबलपुर के समीपस्थ ग्राम सहरी तेंदूखेड़ा में सनसनीखेज घटनाक्रम सामने आया है. यहां पर महिला हल्लीबाई के क्लच वायर से हाथ व मुंह बांधकर जिंदा जला दिया गया. महिला के शरीर पर लगी आग से पूरा घर भी चपेट में आकर खाक हो गया. आगजनी की खबर किसी और नहीं बल्कि बेटे संतोष ने ही लोगों को दी, ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की, इसके बाद मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड ने आग पर काबू पाया. इस घटनाक्रम में पुलिस को बेटे संतोष पर ही संदेह है, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ग्राम सहरी तेंदूखेड़ा में हल्लीबाई उम्र 60 वर्ष अपने बेटे संतोष के साथ घर में अकेले रहती है. बीती रात 12 बजे के लगभग घर में अचानक आग लग गई, जिसकी लपटें देख आसपास के लोग घरों से बाहर आ गए, जिन्हे बेटे संतोष ने बताया कि घर में अचानक आग लग गई है, मां अंदर ही है. गांव के लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की लेकिन कच्चे मकान में लगी आग विकराल रुप धारण कर चुकी थी. आग की खबर मिलते फायर बिग्रेड की गाडिय़ां मौके पर पहुंच गई और आग पर काबू पा लिया.
आज सुबह मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों मदद से मलबा हटवाया तो महिला जली हुई मृत हालत में मिली, जिनका मुंह व हाथ क्लच वायर से बंधे थे. पुलिस का कहना है कि महिला को बांधकर जिंदा आग के हवाले किया गया है. घटना के वक्त उनका बेटा संतोष भी घर में था जो सकुशल बाहर आ गया. पुलिस को घटनाक्रम में बेटे पर ही संदेह है जिसे हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ शुरु कर दी है. वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल पहुंचा दिया गया है. पुलिस को पूछताछ में यह भी पता चला है कि हल्लीबाई की गांव में खेती है जिससे परिवार का भरण पोषण होता रहा.
-------------------------------
एमपी में गेहूं खरीदी 10 अप्रैल से शुरूः सीएम डॉ मोहन ने बैठक में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने पर दिया जोर
भोपाल। मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अधिकारियों की बैठक बुलाई और गेहूं उपार्जन को लेकर खाद्य विभाग के साथ बैठक में समीक्षा की। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक में बताया गया कि एमपी में गेहूं उपार्जन 10 अप्रैल और 15 अप्रैल से शुरू हो रही है। इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से गेंहू उपार्जन और बाकी बचे हुए जिलों में 15 अप्रैल से गेहूं खरीदी होगी। गेहूं उपार्जन की तारीख दो बार बढ़ चुकी है। बैठक में बारदाना की पर्याप्त उपलब्धता और भंडारण को लेकर चर्चा हुई है।
खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए पर्याप्त इंतजाम रखने भी निर्देश दिए। इस बार 78 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का लक्ष्य है। सरकार ने व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने पर जोर दिया। किसानों को ना हो परेशानी इस बात का भी अधिकारी ध्यान रखें। खरीदी व्यवस्था, भंडारण और वितरण पर अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में की समीक्षा बैठक।
---------------------------------
मास्टरमाइंड दिलावर खान समेत 4 की 16 करोड़ की संपत्ति फ्रीज, नशे के कारोबार से की थी कमाई
रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम में बीते दिनों हुए चिकलाना ड्रग्स फैक्ट्री कांड के बाद इससे जुड़े कई सनसनीखेज खुलासे हुए। इस बीच मास्टरमाइंड दिलावर खान समेत 4 आरोपियों की 16 करोड़ रुपए की संपत्ति फ्रीज कर दी गई है। यह सारी कमाई उन्होंने नशे के अवैध कारोबार से की थी।
16 जनवरी को MDMA की फैक्ट्री का भंडाफोड़ करने के बाद रतलाम SP अमित कुमार ने फैक्ट्री के मास्टरमाइंड दिलावर खान पठान, उनकी पत्नी और भांजे इरफान समेत अन्य लोगों पर कार्रवाई की।
उनकी संपत्ति को SAFSMA के अंतर्गत 55 करोड़ की अचल संपत्ति फ्रीज करने के लिए सफेमा न्यायालय में भेजा था। जिसमें न्यायालय ने 16 करोड़ 16 लाख रुपए की संपत्ति फ्रीज करने के आदेश दिए हैं।
इन आरोपियों ने जो अचल संपत्ति बनाई थी, उसे बनाने के लिए उनके पास वैद्य आय का कोई साधन नहीं था। यह सब अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से कमाए गए थे। 16 गिरफ्तार आरोपियों में से पुलिस ने दिलावर खान पठान, अजहर खान, मुमताज बी और इमरान खान की 16 करोड़ 16 लाख रुपए की संपत्ति को फ्रीज करने के आदेश दिए। अवैध मादक पदार्थों में लिप्त लोगों की पुलिस के द्वारा अब तक 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति फ्रीज करवाई गई है।