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अशोकनगर। मध्यप्रदेश में प्यार में धोखा, फिर ब्लैकमेलिंग और उसके बाद डर का ऐसा खौफनाक व्यापार हुआ जिसने एक युवती की जिंदगी को नरक बना दिया। मामला अशोकनगर का है जहां पुलिस ने एक ऐसे हाई-प्रोफाइल और शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म को भी पीछे छोड़ दे। सोशल मीडिया के जरिए एक नाबालिग को प्रेमजाल में फंसाने से शुरू हुआ यह खेल, फर्जी क्राइम ब्रांच अफसर की धमकियों और तांत्रिक विद्या के मायाजाल तक जा पहुंचा। इस खौफनाक साजिश में पीड़िता से न सिर्फ दुष्कर्म किया गया, बल्कि उसे डरा-धमकाकर 1.30 करोड़ रुपए की भारी-भरकम रकम भी ऐंठ ली गई।
मामले की शुरुआत करीब 5 साल पहले हुई, जब 21 वर्षीय पीड़िता नाबालिग थी और 12वीं कक्षा में पढ़ती थी। इंस्टाग्राम के जरिए उसकी पहचान आदित्यसिंह तोमर से हुई। आदित्य ने उसे शादी और सुनहरे भविष्य का झांसा देकर अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। धीरे-धीरे आदित्य उसे अपने दोस्त आर्यन सोनी के आर्यन टैटू स्टूडियो इंदिरा पार्क पर बुलाने लगा। यहीं पर आदित्य और आर्यन ने मिलकर चोरी-छिपे पीड़िता के कुछ आपत्तिजनक वीडियो और फोटो बना लिए। इसके बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग और शारीरिक शोषण का घिनौना खेल। पिता के निधन के बाद आदित्य ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता से 5 लाख की मांग की और डर के मारे पीड़िता ने उसे 2 लाख रुपये दे भी दिए।
लगातार ब्लैकमेलिंग से टूट चुकी पीड़िता ने अपनी एक परिचित आयुषी चौहान से मदद मांगी। आयुषी खुद को भविष्य देखने वाली एस्ट्रोलॉजर व तांत्रिक बताती थी। उसने पीड़िता का दुख दूर करने के बजाय उसकी दौलत देखकर एक खौफनाक साजिश रच डाली। आयुषी ने डराया कि पीड़िता के जीवन में बड़ा संकट आने वाला है, लेकिन वो उस संकट को दूर कर सकती है। इतना ही नहीं आयुषी ने ये भी भरोसा दिलाया कि वह अपने रसूख और पुलिस अधिकारियों से पहचान के जरिए आदित्य के फोन से वीडियो डिलीट करवा सकती है। इसके एवज में उसने डेढ़ लाख रुपए ऐंठ लिए।
इसके बाद आयुषी, उसका पति आकाश और आदित्य तोमर ने मिलकर एक क्राइम सिंडिकेट की तरह काम शुरू किया। पीड़िता को अलग-अलग नंबरों से फोन आने लगे। फोन करने वाले खुद को क्राइम ब्रांच और सीआईडी का अधिकारी बताते थे। गंदी गालियां, झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी और शारीरिक संबंध बनाने के फर्जी केस का डर दिखाकर पीड़िता से कभी 10 लाख तो कभी 25-25 लाख रुपये वसूले गए। आयुषी लगातार उसे डराती रही कि पुलिस के पास मत जाना, वरना बदनामी होगी और शादी नहीं हो पाएगी।
अक्टूबर 2025 में खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का बड़ा अफसर बताकर आरोपियों ने पीड़िता से 60 लाख रुपए की डिमांड कर दी। इस बार आयुषी ने पीड़िता को उसके माता-पिता का सोना गिरवी रखने पर मजबूर किया। आयुषी उसे एक गोल्ड फाइनेंस कंपनी ले गई और 450 ग्राम सोने पर 35 लाख रुपए का लोन निकलवा कर पूरी रकम अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली।
लगातार हो रही इस खौफनाक प्रताड़ना और घर में घुसकर दी गई धमकियों के बाद, पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और परिजनों के साथ एसपी राजीव कुमार मिश्रा के पास पहुंची। मामले की गंभीरता और करोड़ों की ठगी को देखते हुए एसपी ने तत्काल टीआई कोतवाली रविप्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में एक विशेष साइबर और फिजिकल टीम का गठन किया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की बारीकी से जांच की और चंद दिनों के भीतर इस शातिर गैंग का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट के चारों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी व प्रेमी आदित्यसिंह तोमर, तांत्रिक महिला आयुषी चौहान, आकाश चौहान (आयुषी का पति) और आर्यन सोनी टैटू आर्टिस्ट शामिल हैं।
एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी ठगी के करोड़ों रुपयों से बेहद लग्जरी जीवन जी रहे थे। महंगी थार रॉक्स एसयूवी खरीदी गई। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए पश्चिम बंगाल के तांत्रिक स्थलों पर जाते थे, वहां तंत्र-मंत्र और बलियां देते थे ताकि वे पकड़े न जाएं। खुद को पाक-साफ दिखाने के लिए आयुषी ठगी के पैसों का कुछ हिस्सा दान-पुण्य में भी उड़ाती थी। आरोपियों के पास से ठगी की रकम से खरीदी गई चमचमाती थार रॉक्स कार, करीब 40 लाख रुपए का सोना, डेढ़ लाख रुपए नकद, स्कूटी और लेपटॉप बरामद किया है।
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नौकरी का झांसा देकर महिला से 4 साल तक दरिंदगी, नाबालिग बेटी पर भी डाली बुरी नजर, कर्मचारी पर FIR
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से हैवानियत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां एक शख्स ने नौकरी के नाम पर महिला को अपनी हवस का शिकार बनाया। इतना ही नहीं, उसकी नाबालिग बेटी से भी छेड़छाड़ की। इस घटना के बाद महिला ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है।
आरोपी नगर पालिका का कर्मचारी है। झांसी रोड थाना क्षेत्र के भैरो बाबा मंदिर के पास नाका चन्द्रवदनी निवासी महिला ने पुलिस को शिकायत कर बताया कि वह 4 साल पहले पति से अलग होने के बाद डबरा से ग्वालियर बेटी के साथ आई थी। यहां वह आर्थिक स्थिति से परेशान हो रही थी। तभी उसका परिचय डबरा निवासी नगर पालिका में पदस्थ दीपांशु बाथम से हुआ। दीपांशु नौकरी का झांसा देकर 4 साल से दुष्कर्म करता आ रहा है। जब नौकरी दिलाने की बात की तो टाल दिया।
कुछ दिनों पहले दीपांशु ने महिला की नाबालिग बेटी को अकेला पाकर उसके साथ ज्यादती कर छेड़छाड़ की घटना को अंजाम दिया। जब बेटी ने बताया तो महिला से रहा नहीं गया और दीपांशु के खिलाफ बेटी के साथ शिकायत करने थाने पहुंची।
झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव ने बताया कि महिला और नाबालिग बच्ची के बयानों के आधार पर आरोपी नगर पालिका कर्मचारी के खिलाफ महिला से नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म और नाबालिग बच्ची के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में दुष्कर्म और छेड़छाड़ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही आरोपी दीपांशु बाथम की तलाश शुरू कर दी हैं।
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21 लाख का ‘दान’ बना विवाद की जड़: प्रसिद्ध बगीचा सरकार मंदिर में महंत और पुजारी के बीच खूनी जंग
शिवपुरी। धर्म और आस्था की नगरी शिवपुरी के करेरा से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। प्रसिद्ध बगीचा सरकार हनुमान मंदिर में शनिवार की रात भक्ति नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन और लाठियों की गूंज सुनाई दी। विवाद की मुख्य वजह 21 लाख रुपये का दान और मंदिर की आय को बताया जा रहा है। इस हिंसक संघर्ष में पुजारी और महंत पक्ष के बीच जमकर लाठियां चलीं है, जिसमें 5 लोग घायल हुए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार बगीचा सरकार मंदिर के महंत और राम जानकी मंदिर के पुजारी भोला पंडित के बीच पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि भोला पंडित ने मंदिर के एक कार्यक्रम के लिए 21 लाख रुपये दान दिए थे। इस दान के बाद से ही पुजारी ने राम जानकी मंदिर पर अपना नियंत्रण बढ़ा दिया और वहां से होने वाली आय को कथित तौर पर अपने पास रखना शुरू कर दिया।
मंदिर की आय और कब्जे की इसी बात को सुलझाने के लिए शनिवार रात एक बैठक बुलाई गई थी। चर्चा के दौरान दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंदिर परिसर में ही लाठियां चलने लगीं जिससे वहां मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई।

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शिवपुरी। शहर के फतेहपुर इलाके में शुक्रवार देर रात हुए सनसनीखेज अपहरण मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुख्य आरोपी पुष्पेंद्र चौहान को पुलिस ने पडोरा के पास से गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ अपहृत युवती महक और उसकी तीन माह की बच्ची को भी सकुशल बरामद कर लिया गया है।
पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भुटिया ने इसकी पुष्टि करते हुए जानकारी दी और वीडियो जारी किया। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार देर रात आरोपी पुष्पेंद्र चौहान अपने प्रेमी होने के नाते युवती महक के घर में घुसा और तमंचे की नोक पर युवती तथा उसकी नाबालिग बच्ची को अगवा कर ले गया था। घटना के CCTV फुटेज भी सामने आए थे, जिसमें अपहरण का साफ नजारा दिख रहा था।
युवती महक ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि आरोपी पुष्पेंद्र उसे डरा-धमकाकर जबरन वीडियो बनवा रहा था। बाद में वायरल हुए वीडियो में वह आरोपी को अपना पति बताते हुए अपनी मर्जी से उसके साथ जाने की बात कह रही थी, जिस पर अब उसने आरोप लगाया है कि यह वीडियो धमकी के बाद बनवाया गया था।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया। युवती और बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य पहलुओं पर भी छानबीन की जा रही है। एसपी यांगचेन डोलकर भुटिया ने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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सतना लापता महिला की तलाश को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीडि़त पति ने आरोप लगाया है कि पत्नी की खोज के नाम पर उसे आर्थिक बोझ उठाने के लिए मजबूर किया गया, जबकि नतीजा शून्य रहा। मामला सिविल लाइन थाना का है, जहां 11 मार्च से लापता महिला की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। महिला का पति रेलकर्मी है।
पीडि़त के मुताबिक, शुरुआती दिनों में पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कुछ समय बाद एक पुलिसकर्मी ने महिला की लोकेशन गोवा में होने की बात कहकर उसे वहां चलने के लिए राजी किया। आरोप है कि इस यात्रा का पूरा खर्च टिकट, होटल और भोजन पति से ही कराया गया, जिसमें करीब 65 हजार रुपए खर्च हो गए, लेकिन महिला का कोई सुराग नहीं मिला। मामला सामने आने पर एसपी हंसराज ने दो प्रधान आरक्षकों को रविवार देर शाम लाइन अटैच कर मामले की जांच सीएसपी को सौंपी है।
जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना के प्रधान आरक्षक निरंजन मेहरा औरप्रधान आरक्षक अमर ङ्क्षसह दो फरियादियों के साथ गोवा गए थे। एक अन्य मामले में अमौधा की एक नाबालिग लडक़ी की लोकेशन भी गोवा में मिली थी। बताया गया कि 10 अप्रेल की रात जबलपुर से ट्रेन के जरिए यात्रा शुरू हुई और वहां एक नाबालिग बालिका को तलाशकर निरंजन मेहरा अगले दिन वापस लौट आए लेकिन रंजीत वहीं रुके रहे। पांच दिन गोवा में रुकने के बाद भी पत्नी का कोई पता नहीं चला। इस दौरान पुलिसकर्मी पत्नी को तलाशने की बजाय महंगा खाना नाश्ता व शौक पूरा करते रहे।
पीडि़त का आरोप है कि पहली यात्रा बेनतीजा रहने के बावजूद अब दोबारा गोवा जाने के लिए दबाव बनाया गया और टिकट बुक कराने को कहा गया। उसे कहा गया कि पत्नी को ढूंढना है तो खर्च उठाना पड़ेगा। इस पूरे घटनाक्रम ने जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के रवैये से आहत होकर पीडि़त ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है। 28 अप्रेल को दर्ज इस शिकायत में लापरवाही और विवेचना में देरी के आरोप लगाए गए हैं। लोकलाज के चलते पीडि़त ने अपनी पहचान उजागर नहीं की है। तीन बच्चों के पिता रेलकर्मी ने बताया कि गोवा खर्चे के बिल वह जल्द ही वरिष्ठ अधिकारियों के सामने पेश करेगा।
मामले में सिविल लाइन थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि रेलकर्मी की पत्नी की गुमशुदगी में उसके पति के साथ प्रधान आरक्षक को भेजा गया था। अगले दिन वह सतना आ गया था। उन्होंने कहा कि वापसी का टिकट थाना में जमा है। वहीं संबंधित पुलिसकर्मी का कहना है कि फरियादी ने स्वयं टिकट कराने की बात कही थी, जिसकी राशि बाद में नकद दे दी गई। अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले की जांच जारी है और शिकायतकर्ता को बुलाया गया है।
फरियादी ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी पत्नी को तलाशने में लापरवाही बरती जा रही है। मामले में प्रधान आरक्षकों निरंजन मेहरा व रंजीत सिंह को लाइन अटैच कर गोवा में खर्च कराने वाले आरोप की जांच कराई जा रही है।- शिवेश सिंह बघेल, एएसपी सिटी

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रिश्ते शर्मसार: 7 साल की मासूम को घर ले जाकर किया गंदा काम, 50 साल का आरोपी गिरफ्तार
विदिशा। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। एक अधेड़ ने 7 साल की बच्ची से आपत्तिजनक कार्य किया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और शहर में उसका जुलूस निकाला है।
मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। जहां आरोपी मलखान सिंह ने अपने ही रिश्तेदार की बच्ची को एकांत में ले जाकर उसके साथ गलत हरकत की है। इस बात की जानकारी बच्ची ने अपने मां को दी। मां ने तुरंत सिविल लाइन थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उसे घटना स्थल लेकर पहुंची और वहां का मुआयना की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी मलखान का घर के आसपास जुलूस भी निकाला है। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई करने में जुटी हुई है।
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30 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, इन जगहों पर ओले गिरने की संभावना
मध्य प्रदेश में मई महीने में आंधी बारिश का सिलसिला जारी है। आज 30 से ज्यादा जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। 6 जिलों में ओले गिरने की संभावना है। IMD की मानें तो 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली। 7 मई तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा। आइए एक नजर डालते है मौसम के ताजा हाल पर…
मौसम विभाग के मुताबिक, एमपी में ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की एक्टिविटी है। जिसकी वजह से तेज आंधी-बारिश का दौर जारी है। अगले 4 दिन यानी 7 मई तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा। आज सोमवार को 34 जिलों में आंधी-बारिश और 6 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। छतरपुर, टीकमगढ़, भिंड, निवाड़ी, रीवा और दतिया में ओले गिर सकते हैं।
वहीं भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, विदिशा, सीहोर, रायसेन, राजगढ़, शिवपुरी, श्योपुर, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, सतना, सागर, सिवनी, मुरैना, मैहर, मऊगंज, अनूपपुर, अशोकनगर, आगर-मालवा, नर्मदापुरम, बैतूल, गुना, कटनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, उमरिया, पन्ना और दमोह में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। आंधी की रफ्तार 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।

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भोपाल। शहर में पुलिस व्यवस्था को ज्यादा आसान और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। अब लोगों को छोटी-बड़ी शिकायतों के लिए थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। शहर की बीट और माइक्रो बीट स्तर तक क्यू आर कोड सिस्टम लागू किया जा रहा है जिससे आम नागरिक अपने घर के पास से ही सीधे पुलिस तक पहुंच बना सकेंगे।
280 बीट और 1222 माइक्रो बीट में लगेगा QR सिस्टम
पुलिस प्रशासन शहर की 280 बीट और 1222 माइक्रो बीट में QR Code लगाने की तैयारी कर रहा है। इस पहल का मकसद पुलिस और जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत करना और अपराध नियंत्रण को ज्यादा प्रभावी बनाना है।
क्या है QR Code सुविधा और कैसे करेगा काम
मोहल्लों में लगाए गए क्यू आर कोड को स्कैन करते ही नागरिक एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पहुंचेंगे जहां वे आसानी से:
शिकायत दर्ज कर सकेंगे
ट्रैफिक या स्थानीय समस्याएं बता सकेंगे
किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना दे सकेंगे
सबसे खास बात यह है कि शिकायत सीधे पुलिस कमिश्नर ऑफिस तक पहुंचेगी।
पहचान रहेगी पूरी तरह गोपनीय
इस सिस्टम में शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी। यानी कोई भी व्यक्ति बिना डर के अपनी बात पुलिस तक पहुंचा सकेगा।
माइक्रो बीट सिस्टम से हर गली पर नजर
शहर को छोटे-छोटे हिस्सों यानी बीट और माइक्रो बीट में बांटा गया है। हर क्षेत्र में तैनात बीट प्रभारी को:
संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखनी होगी
वारंटियों और असामाजिक तत्वों का रिकॉर्ड रखना होगा
इलाके की हर गतिविधि की जानकारी अपडेट करनी होगी
इससे पुलिस की निगरानी जमीनी स्तर तक मजबूत होगी।
हर सोमवार होगी काम की समीक्षा
हर बीट प्रभारी को अपनी ‘माइक्रो बीट डायरी’ हर सोमवार थाना प्रभारी को सौंपनी होगी। इसके बाद यह रिपोर्ट ASP स्तर तक जाएगी। इससे पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय होगी और कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी
लोगों को मिलेंगी ये बड़ी सुविधाएं
कुछ मिनटों में शिकायत दर्ज करने की सुविधा
सीधे कमिश्नर तक पहुंच
पूरी गोपनीयता
पुलिस व्यवहार या देरी पर भी शिकायत का विकल्प
हर स्तर पर मॉनिटरिंग और जवाबदेही
पुलिस कमिश्नर ने क्या कहा
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के मुताबिक क्यू आर कोड सिस्टम पहले भी कारगर साबित हुआ है। अब इसे बीट और माइक्रो बीट स्तर तक बढ़ाया जा रहा है ताकि हर नागरिक अपने घर के पास से ही शिकायत या सुझाव दे सके। उन्होंने कहा कि इस पहल से न सिर्फ समस्याओं का तेजी से समाधान होगा बल्कि पुलिस और जनता के बीच भरोसा भी मजबूत होगा।
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पति ने पत्नी के संवेदनशील अंग में डाली मिर्ची, अस्पताल में भर्ती
इंदौर मध्यप्रदेश के इंदौर से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक महिला के साथ उसके पति ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। आरोपी पति महिला के चरित्र पर संदेह करता है और उसे शक है महिला का शादी से पहले किसी से प्रेम संबंध था। आरोपी पति ने शराब के नशे में पहले तो पत्नी के साथ मारपीट की और फिर उसके संवेदनशील अंग (प्राइवेट पार्ट) में मिर्ची डाल दी। महिला दर्द से तड़प कर चीख उठी जिसके बाद आरोपी पति उसे मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। महिला की चीखें सुनकर बेटा व ननद मौके पर पहुंचे तो महिला को अस्पताल पहुंचाया जहां उसका इलाज चल रहा है।
अस्पताल में भर्ती पीड़िता किरन (बदला हुआ नाम) ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि वो सिलाई का काम करती है। शनिवार रात को जब वो घर पर थी तब पति शराब के नशे में घर आया और विवाद करने लगा। पीड़िता के मुताबिक पति को शक है उसके शादी से पहले किसी मर्द के साथ संबंध थे। इसी बात को लेकर पति उससे विवाद करने लगा और अपशब्द कहने लगा। पति शराब के नशे में था इसलिए उसने पति को कोई जवाब नहीं दिया और चुपचाप सबकुछ सुनती रही, लेकिन उसकी खामोशी से पति की हिम्मत और बढ़ गई और पति ने उसके साथ जानवरों की तरह बर्ताव करते हुए हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं।
पीड़िता किरन (बदला हुआ नाम) ने पति की हैवानियत के बारे में रोते हुए बताया कि पति ने पहले तो उसके साथ पानी भरने वाले पाइप से मारपीट की और जब वो जमीन पर गई तो मिर्च पाउडर लाकर उसके संवेदनशील अंग में डाल दिया। संवेदनशील अंग में मिर्ची डाले जाने से वो दर्द से तड़प उठी और जोर जोर से चीखी। आवाज सुनकर घर में मौजूद किरन का बेटा व ननद तुरंत उसके कमरे में आए लेकिन तब तक पति भाग चुका था। इसके बाद उसे अस्पताल लाया गया। परिजन पहले महिला को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां से हालत बिगड़ने पर एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल महिला किरन एमवाय अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है। वारदात के बाद आरोपी पति फरार है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने की बात कह रही है।
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पांढुर्णा में आग ने मचाई तबाही: 20 घर जलकर राख, दर्जनों पशुओं ने तोड़ा दम
छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के पांढुर्णा जिले में उस वक्त अफरा तफरी मच गई, जब एक गांव में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 20 घर को अपनी चपेट में ले लिया। आग की चिंगारी ने दर्जनों पशुओं की भी जान ले ली। गनीमत रही कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन लाखों के नुकसान की आशंका है। वहीं प्रशासन ने प्रभावितों को हर संभव सहायता देने की बात कही है।
यह पूरा मामला सौसर क्षेत्र के दवामी गांव का है। जानकारी के मुताबिक, रविवार को भीषण आगजनी की घटना में करीब 20 घर जलकर खाक हो गए। घटना से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकलकर जान बचाने में जुट गए। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते कई मकान इसकी चपेट में आ गए। आग में एक दर्जन पशुओं की जलकर मौत हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, हालांकि ग्रामीणों का अनुमान है कि पशुओं के लिए रखे हुए चारे या चूल्हे की चिंगारी से आग भड़की हो सकती है। आग लगने के बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बुझाने की कोशिश की। वहीं सूचना मिलने पर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
इस हादसे में कई परिवारों का सामान जलकर नष्ट हो गया है। राहत की बात यह रही कि किसी जनहानि की खबर नहीं है। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।

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कटनी। कहते हैं कि भक्त जहां भी अपने आराध्य को सच्चे मन से पुकारता है, भगवान वहां किसी न किसी रूप में दर्शन जरूर देते हैं। आस्था और विश्वास की एक ऐसी ही अलौकिक तस्वीर मध्यप्रदेश के कटनी जिले से सामने आई है, जहां बहोरीबंद के एक खेत में खुदाई के दौरान साक्षात पवनपुत्र हनुमान की भव्य प्रतिमा जमीन के भीतर से प्रगट हुई है। इस दिव्य दृश्य को देख न केवल ग्रामीणों की आंखे नम हो गई, बल्कि पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्ति और उल्लास से भर उठा है।
बहोरीबंद से लगभग 7 किलोमीटर दूर रूपनाथ क्षेत्र में यह प्रतिमा प्रगट हुई है। यहां ग्राम सजहरी मोहनिया के किसान गोपाल राजपूत और लवकुश केतन राजपूत के खेत में मंगलवार को खुदाई का कार्य चल रहा था। इस खेत को स्थानीय रूप से सदावर्ती खेत कहा जाता है।
श्रद्धा का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु यह है कि जिस स्थान से प्रतिमा निकली है वहां पहले से ही एक गऊ समाधि है। जिससे इस स्थान की धार्मिक मान्यता और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह कोई साधरण घटना नहीं बल्कि साक्षात ईश्वरीय विधान है।
प्रतिमा के प्रगट होने की खबर जैसे ही फैली, आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण दर्शन करने उस ओर पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने इसे चमत्कार मानते हुए प्रतिमा की पूजा अर्चना भी शुरू कर दी। प्रतिमा मिलने के बाद से ही पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल है।
स्थानीय किसान ने भावुक होते हुए बताया कि हम लोग खुदाई कर रहे थे, तभी अचानक यह प्रतिमा दिखाई दी। हमें लगा जैसे भगवान खुद प्रगट हुए हों। फिलहाल यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन स्थानीय लोगों की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है।
दूर-दूर से लोग बजरंगबली के इस प्राकट्य के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। हालांकि पुरातत्व विभाग या प्रशासन की ओर से इस प्रतिमा की प्राचीनता को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

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बम की तरह फटी कंप्रेसर टंकी: पंचर दुकान संचालक के उड़े चीथड़े
सतना। जिले के चित्रकूट थाना क्षेत्र के रजौला स्थित एक पंचर बनाने की दुकान में दर्दनाक हादसा हो गया। बाइक में हवा भरते समय कंप्रेसर टंकी फटने से रामकिशोर प्रजापति की मौके पर ही मौत हो गई जबकि बाइक चालक बाल बाल बच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रजौला वार्ड नंबर 12 हनुमान मंदिर के पास रामकिशोर मड़ैया में कंप्रेशर मशीन लगाकर कई साल से वाहनों का पंचर बनाने का काम करता था। एक बाइक का पंचर बनाने के पहले टायर में हवा भरकर चेक करना था। इसी दौरान वह टायर में हवा भरकर अंदर कंप्रेसर मशीन की नॉब बंद करने गया ही था कि अचानक टंकी में ब्लास्ट हो गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
तेज धमाके की आवाज सुनकर आस पास के लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कंप्रेसर मशीन के चीथड़े उड़ गए और रामकिशोर मृत हालत में पड़ा था। हादसे में बाइक चालक बाल बाल बच गया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और बाइक चालक के बयान के आधार पर घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया कंप्रेसर टंकी में हवा का दबाव अधिक हो जाने से घटना होने का आशंका जताई जा रही है।
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ताज एक्सप्रेस पर हमलाः ढाई फीट लंबी रॉड लगने से दंपती घायल, कांच के टुकड़ों से कई यात्री चोटिल
ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में चलती ट्रेन में हमला का मामला सामने आया है। इस हमले में ट्रेन में यात्रा कर रहे दंपती घायल हुए है। दंपती को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
दरअसल ताज एक्सप्रेस पर बदमाशों ने लोहे की रॉड फेंकी है। इस घटना में कोच D6 की खिड़की का शीशा टूट गया। हमले से सीट नम्बर 29 पर यात्रा कर रहे दंपती घायल हुए है। लगभग ढाई फीट लंबी लोहे की रॉड दंपती को लगी है। दिल्ली के शक्ति विहार निवासी राजेश अग्रवाल के मुंह और पत्नी खुशबू को भी चोट लगी है। राजेश परिवार के साथ नई दिल्ली से ग्वालियर की यात्रा कर रहे थे। आसपास बैठे यात्रियों को भी कांच के टुकड़े लगे है।
बताया जाता है कि होडल स्टेशन के पास रॉड फेंकी गई थी। जीआरपी (GRP) मथुरा ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरु कर दी है। ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर राजेश अपने रिश्तेदार अमित गुप्ता के साथ निजी अस्पताल के लिए रवाना हुए। वारदात से ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा पर गम्भीर सवाल उठे है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।