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जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर के गोहलपुर थाना क्षेत्र से शादी के नाम पर धोखाधड़ी और प्रताड़ना की एक गंभीर वारदात सामने आई है। दुबई में एक नामी आईटी कंपनी में सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत महिला के साथ उसके ही पति ने करीब 14 लाख रुपये के सोने-डायमंड के जेवर और नकदी हड़प ली। इतना ही नहीं, अब आरोपी पति महिला को अपने साथ रखने से इंकार करते हुए तलाक देने की धमकी दे रहा है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता अशविंदर कौर दुबई में आईटी सॉफ्टवेयर कंपनी में सेल्स मैनेजर हैं। उनकी पहचान फेसबुक के माध्यम से जबलपुर के त्रिमूर्ति नगर निवासी सुनील ठाकुर से हुई थी। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदली और साल 2020 में दुबई में सुनील से मुलाकात के बाद दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इसके बाद दोनों ने 23 फरवरी 2025 को जबलपुर के एक गुरुद्वारे में पूरे रीति-रिवाज के साथ सिख परंपरा से शादी कर ली थी।
पीड़िता अशविंदर कौर ने पुलिस को बताया कि शादी के दौरान उन्होंने अपने पति सुनील ठाकुर को लगभग 9.32 लाख रुपये मूल्य के सोने और डायमंड के कीमती जेवर दिए थे, साथ ही 5 लाख रुपये नकद भी सौंपे थे। शादी के कुछ समय बाद ही आरोपी पति का व्यवहार बदल गया और उसने पीड़िता को अपने साथ रखने से साफ मना कर दिया। जब महिला ने अपने जेवर और नकदी वापस मांगी, तो आरोपी उसके साथ विवाद करने लगा और जबरन तलाक देने की धमकियां देने लगा।
पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए गोहलपुर पुलिस ने आरोपी पति सुनील ठाकुर के खिलाफ संबंधित धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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एक फोटो, अलग-अलग नाम और 2222 से ज्यादा शादी ! करोड़ों के फर्जीवाड़े का खुला राज
टीकमगढ़ मध्यप्रदेश के सिरोंज में विवाह सहायता योजना के कथित करोड़ों फर्जीवाड़े में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बाद एक बार फिर से निवाड़ी जनपद पंचायत में हुए फर्जीवाड़े का जिन्न निकल कर सामने आ गया है। यहां पर कोरोना शादियां कराकर विवाह सहायता काल में तीन साल के भीतर 2222 राशि बांटने का फर्जीवाड़ा सामने आया था।
अब जिम्मेदार इसकी जांच लोकायुक्त द्वारा किए जाने की बात कह रहे है।दरअसल निवाड़ी जनपद पंचायत में 2019 से 2021 के बीच में तीन वर्षों के दौरान 2222 से अधिक विवाह सहायता प्रकरण स्वीकृत किए किए गए थे, जबकि निर्धारित सीमा के अनुसार एक जनपद में वर्ष में करीब 85 प्रकरणों की स्वीकृति का प्रावधान बताया गया है। इस आधार पर स्वीकृत प्रकरणों की संख्या को लेकर सवाल खड़े हुए थे। कोरोना काल के दौरान भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल की विवाह सहायता योजना में नियमों को दरकिनार कर यह गोलमाल किया गया था।
जांच में कुछ ऐसे प्रकरण सामने आने थे, जिनमें एक ही फोटो पर नाम व जाति बदलकर अलग-अलग प्रकरण तैयार किए गए। आरोप है कि कुछ ऐसे लोगों के नाम पर भी राशि निकाली गई, जिनकी शादी पहले ही हो चुकी थी। इतना ही नहीं, कुछ प्रकरणों में सहायता राशि हितग्राही के बजाय अन्य व्यक्ति के खातों में पहुंचाए जाने के आरोप भी हैं।
तत्कालीन कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देशन में कुछ विवाह सहायता प्रकरणों की जांच कराई गई थी। जांच के दौरान करीब 85 प्रकरणों में फर्जीवाड़े और अनियमितताओं की बात सामने आई थी। आरोप है कि इनमें एक ही फोटो को अलग-अलग नामों से लगाकर विवाह सहायता राशि स्वीकृत कराई गई। जांच के बाद जनपद पंचायत में रखे विवाह सहायता से संबंधित फार्म एवं रिकॉर्ड जलने और तत्कालीन जनपद पंचायत सीईओ द्वारा इसकी सूचना थाना कोतवाली निवाड़ी को दिए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
जिला पंचायत के निर्देश पर पांच सदस्यीय जांच समिति ने जनपद पंचायत कार्यालय से थाना कोतवाली निवाड़ी को संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने पत्र भेजा गया था, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ा और कार्रवाई फाइलों तक ही सीमित रह गई।
बारवाहा की रूपाली मिश्रा का कहना है कि सूची में उनका नाम 61वें नंबर पर था, इसके बावजूद राशि खाते में नहीं पहुंची। पिता शोभाराम मिश्रा का आरोप है कि रुपए नहीं देने पर नाम योजना से हटा दिया गया।
सिरोंज मामले के बाद निवाड़ी के मामले में भी ईडी से जांच पर लोगों का कहना है कि इतना बड़ा फर्जीवाड़ा होने, जांच से बचने रेकार्ड जलाने, एफआईआर के लिए पत्र लिखे जाने के बाद भी कार्रवाई न होना बताता है कि मामले में आरोपियों को प्रश्रय दिया जा रहा है।
विवाह सहायता मामले में लोकायुक्त जांच कर रही है। जिला पंचायत सीईओ उसके प्रभारी हैं। लोकायुक्त की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।- जमुना भिडे, कलेक्टर, निवाड़ी।
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अपनी जगह से टस से मस नहीं हुए हनुमान जी... मंदिर टूटा, लेकिन बजरंगबली की प्रतिमा हटाने में मशीनें भी फेल
उज्जैन। सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए करीब 170 साल पुराने हनुमान मंदिर का भवन तो तोड़ दिया गया, लेकिन मंदिर में विराजमान हनुमान जी की प्रतिमा को हटाने की कोशिश सफल नहीं हो सकी। आधुनिक मशीनों और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से कई प्रयास किए गए, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली। मामला कंठाल चौराहे से छत्री चौक यानी बड़ा सराफा मार्ग का है। सिंहस्थ कुंभ 2028 से पहले शहर के पुराने हिस्से में सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था सुधारने का काम चल रहा है। इसी काम की जद में करीब 170 साल पुराने खड़े हनुमान मंदिर का भवन आया था।
प्रशासन ने मंदिर की चाहरदीवारी और भवन का हिस्सा हटा दिया। इसके बाद हनुमान प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह ले जाने की कोशिश की गई। प्रतिमा को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली गई। इंदौर से इंजीनियरों और विशेषज्ञों की टीम भी बुलाई गई। विशेषज्ञों ने दो दिन तक प्रतिमा के आधार और आसपास की संरचना को समझा और उसे हटाने का प्रयास किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली। अब प्रतिमा को टेंट लगाकर सुरक्षित रखा गया है। प्रशासन जल्दबाजी में कोई कदम उठाने के बजाय विशेषज्ञों की राय के आधार पर आगे की तकनीक तय करने की तैयारी कर रहा है।
प्रतिमा के आधार की स्थिति जानने के लिए प्रशासन की ओर से करीब डेढ़ फीट गहरा गड्ढा भी खोदा गया है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रतिमा किस तरह स्थापित है और उसके नीचे की संरचना कैसी है। प्रशासन के मुताबिक प्रतिमा को किसी तरह का नुकसान पहुंचाए बिना सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह स्थापित करना प्राथमिकता है। प्रस्तावित तौर पर प्रतिमा को टंकी चौक पर स्थापित करने की योजना बताई जा रही है।
प्रतिमा को हटाने की कोशिश की जानकारी स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों तक पहुंचने के बाद विरोध शुरू हो गया। मंगलवार शाम मंदिर परिसर में सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। यहां महाआरती की गई, ढोल-ताशे बजाए गए और हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। श्रद्धालुओं और हिंदू संगठनों का कहना है कि कई कोशिशों के बाद भी जब प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली तो प्रशासन को इसे हटाने का फैसला दोबारा देखना चाहिए। उनका कहना है कि सड़क चौड़ीकरण जरूरी है, लेकिन प्रतिमा को हटाना ही एकमात्र रास्ता नहीं होना चाहिए।
मंदिर के पुजारी सुलभ शांतनु शर्मा और मंदिर समिति के सदस्यों ने भी प्रतिमा हटाने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि मंदिर के दोनों तरफ सड़क मौजूद है, इसलिए प्रशासन को सड़क की योजना पर दोबारा विचार करना चाहिए। पुजारी की मांग है कि अगर प्रतिमा को दूसरी जगह स्थापित करना है तो पहले लिखित में गारंटी दी जाए कि प्रतिमा को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित तरीके से टंकी चौक पर स्थापित किया जाएगा। इसके बाद ही प्रतिमा को हटाने की अनुमति दी जाएगी।
उज्जैन के इतिहास और धार्मिक स्थलों के जानकार भगवती लाल राजपुरोहित के मुताबिक मंदिर की उम्र करीब 170 वर्ष बताई जा रही है। प्रतिमा पर लंबे समय से सिंदूर चढ़ाए जाने के कारण उसकी मूल आकृति और भाव-भंगिमा पूरी तरह स्पष्ट नहीं दिखाई देती। प्रतिमा के न हटने के बाद स्थानीय श्रद्धालु इसे भगवान हनुमान की इच्छा मान रहे हैं। वहीं प्रशासन और तकनीकी विशेषज्ञ इसे धार्मिक मान्यता के बजाय तकनीकी और संरचनात्मक चुनौती के रूप में देख रहे हैं। अब प्रशासन के सामने सड़क चौड़ीकरण और श्रद्धालुओं की भावनाओं, दोनों के बीच रास्ता निकालने की चुनौती है।

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डबरा। डबरा के पिछोर थाना क्षेत्र से पुलिस की छेड़छाड़ पीड़िता के प्रति लापरवाही और तानाशाही का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम गढ़ी में महिला के साथ हुई छेड़खानी और मारपीट की घटना में 4 दिनों तक FIR दर्ज न होने से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने पिछोर थाने का घेराव कर दिया। दिनभर चले हंगामे और एडिशनल एसपी जयराज कुबेर के सख्त हस्तक्षेप के बाद आखिरकार पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज किया जा सका।
पीड़िता के अनुसार 3 सितंबर को गांव गढ़ी में आरोपियों ने जबरन घर में घुसकर उसके साथ छेड़खानी की और विरोध करने पर मारपीट की। महिला के चिल्लाने पर जब उसका पति और देवर बचाने पहुंचे, तो आरोपियों ने उनके साथ भी जमकर मारपीट की। घटना के तुरंत बाद पीड़िता शिकायत दर्ज कराने पिछोर थाने पहुंची, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने बिना कोई कार्रवाई किए उसे वापस लौटा दिया।
लगातार 4 दिनों तक कार्रवाई न होने से आक्रोशित होकर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पिछोर थाने पहुंचे और थाने का घेराव कर दिया। थाना प्रभारी शिवम राजावत के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। मामले को बढ़ता देख शाम को एडिशनल एसपी जयराज कुबेर ने हस्तक्षेप किया और उनके निर्देश पर पीड़िता को ग्वालियर महिला थाने भेजा गया। महिला थाने में आरोपी रमेश करन और लक्ष्मी नारायण करन के खिलाफ छेड़छाड़ व मारपीट की धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है।
मामले में पिछोर थाना पुलिस ने अपनी सफाई देते हुए तर्क दिया कि थाने में महिला पुलिस अधिकारी उपलब्ध न होने के कारण पीड़िता की एफआईआर दर्ज करने में तकनीकी समस्या आ रही थी। पुलिस का दावा है कि फरियादी पक्ष को पहले ही ग्वालियर महिला थाने जाने की सलाह दी गई थी, लेकिन वे महिला थाने जाने के बजाय पिछोर थाने में हंगामा करने लगे।
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इंदौर में तेज बारिश से बड़ा हादसा : कार पर गिरा सालों पुराना पेड़, डिप्टी कलेक्टर की मां की मौत
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में तेज बारिश के कारण बड़ा हादसा हो गया। एमजी रोड थाना क्षेत्र के जेल रोड पर सालों पुराना पेड़ चलती हुई कार पर जा गिरा। हादसे में नर्मदा विकास प्राधिकरण में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी की मां राधा देवी की मौत हो गई।
दरअसल, हादसे के वक्त डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी की मां राधा देवी मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराकर लौट रहीं थीं। ऊके साथ उनके 25 वर्षीय पोते प्रखर सिंगी और पारिवारिक मित्र 55 वर्षीय वैशाली जायसवाल भी साथ में थे। इसी दौरान तेज बारिश की वजह से बड़ा पेड़ उनकी कार में गिर गया और वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराए गया जहां महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
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MP में ‘लापता सांसद’: जनपद कार्यालय के मेन गेट पर लगे पोस्ट से मचा बवाल, कांग्रेस ने साधा निशाना
नटेरन (विदिशा)। क्षेत्र की राजनीति में उस समय हलचल देखने को मिली, जब ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शरद शर्मा के नेतृत्व में जनपद कार्यालय के मेन गेट पर सांसद लता वानखेड़े को लेकर ‘लापता सांसद’ लिखे पोस्टर लगाए गए। पोस्टर लगाए जाने के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
कांग्रेस पदाधिकारियों का आरोप है कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से अपनी समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर जनप्रतिनिधि का ध्यान आकर्षित करना चाहती है, लेकिन उन्हें अपेक्षित सक्रियता नजर नहीं आ रही है। इसी नाराजगी को लेकर कांग्रेस द्वारा अनोखे विरोध के रूप में जनपद कार्यालय के मुख्य गेट पर पोस्टर लगाए गए।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शरद शर्मा ने कहा कि जनता के बीच जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी और क्षेत्र की समस्याओं के समाधान को लेकर जवाबदेही तय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, रोजगार और अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर जनता लगातार परेशान है।

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ग्वालियर। पुलिस ने शहर में स्पा और सैलून की आड़ में चल रही संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र के गोविंदपुरी इलाके में पुलिस ने एलमेक्स स्पा एंड सैलून पर अचानक छापामार कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान स्पा संचालक समेत 07 युवक जो ग्राहक थे और 05 युवतियों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया गया, जहां सभी से पूछताछ की जा रही है।
दरअसल, गोविंदपुरी इलाके में स्थित एलमेक्स स्पा एंड सैलून को लेकर पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। इसी के आधार पर चल रहे चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस टीम ने स्पा पर अचानक दबिश दी। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के निर्देशन में और एडिशनल एसपी सुजावल जग्गा के नेतृत्व में की गई। छापामार टीम में महिला डीएसपी अपराध शाखा शिखा सोनी, महिला थाना प्रभारी रश्मि भदौरिया सहित पुलिस अधिकारी और जवान शामिल रहपुलिस ने मौके पर मौजूद।
स्पा संचालक और कई युवक-युवतियों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया है। अब सभी से पूछताछ की जा रही है और पुलिस सबूतों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई करेगी। गौरतलब है कि ग्वालियर पुलिस शहर में स्पा और सैलून की आड़ में संचालित संदिग्ध और अवैध गतिविधियों पर लगातार शिकंजा कस रही है। एक दिन पहले भी कंपू थाना क्षेत्र में पुलिस ने इसी तरह की छापामार कार्रवाई की थी। पुलिस का कहना है कि शहर में ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच और कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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ढाबे पर मिला 50 लाख कीमत का जहरीला स्प्रिट, 3 गिरफ्तार
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों की त्रासदी के बाद प्रदेशभर में आबकारी विभाग सख्त अलर्ट मोड पर आ गया है। आबकारी आयुक्त के निर्देश और कलेक्टर रुचिका चौहान के आदेश पर चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के तहत आबकारी टीम ने ग्वालियर-शिवपुरी हाईवे पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस और आबकारी की टीम ने हाईवे पर स्थित ‘महाकाल पंडित ढाबे’ पर अचानक छापेमारी कर करीब 2300 लीटर स्प्रिट यानि इथेनॉल और भारी मात्रा में अवैध देशी-विदेशी शराब का जखीरा बरामद किया है। मौके से 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है।
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आबकारी टीम ने जब महाकाल पंडित ढाबे की तलाशी ली तो वहां छिपाकर रखे गए 12 प्लास्टिक ड्रमों से 2300 लीटर जहरीला स्प्रिट बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में यह स्प्रिट मानव सेवन के लिए बेहद असुरक्षित पाया गया है। कार्रवाई के दौरान आबकारी टीम ने मोहना निवासी अनिल शर्मा, श्योपुर निवासी सौरभ गुर्जर और मोहना निवासी अरवाज खान को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। तीनों के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
आबकारी अधिकारियों के अनुसार, यदि इस 2300 लीटर स्प्रिट का इस्तेमाल शराब बनाने में होता तो इससे करीब 32 लाख रुपये मूल्य की खतरनाक और अमानक शराब तैयार की जा सकती थी। छापेमारी के दौरान मौके से बड़ी मात्रा में पेट्रोल और थिनर भी बरामद हुआ है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि आरोपी इस स्प्रिट का उपयोग पेट्रोल में मिलावट करने के लिए भी कर रहे थे। मामले में आगे की जांच के लिए सामग्री को संबंधित पुलिस अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया गया है। विभाग का साफ कहना है कि अवैध और जहरीली शराब के सिंडिकेट के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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कुत्ते ने काटा तो लगा दिया सांप का इंजेक्शन! संजय गांधी अस्पताल में फिर लापरवाही के आरोप
रीवा। संजय गांधी अस्पताल में लापरवाही की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में जच्चा और बच्चा की मौत और जिंदा मरीज को मृत बताए जाने के बाद अब बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि कुत्ते के काटने पर अस्पताल पहुंचे एक युवक को अस्पताल ने सांप काटने वाला इंजेक्शन लगा दिया। सरिसृपदेखभाल खोजें
युवक के मुताबिक, उसे कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद वह एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए संजय गांधी अस्पताल पहुंचा। युवक का आरोप है कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टर ने उसे कुत्ते के काटने के इलाज के बजाय सर्पदंश का इंजेक्शन लगा दिया। मामला सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों को दिए जा रहे उपचार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वहीं युवक ने इस पूरे मामले की सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने की बात कही है। अब सवाल यह है कि अगर आरोप सही हैं, तो मरीज को गलत इंजेक्शन लगाने की जिम्मेदारी किसकी है? क्या अस्पताल प्रबंधन इस मामले की जांच कराएगा और दोषी पाए जाने पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी ? फिलहाल युवक के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

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सिवनी मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के बंडोल थाना क्षेत्र में 3 सितंबर को नेशनल हाइवे-44 पर सर्राफा कारोबारी की आंखों में मिर्ची डालकर हुई 1 करोड़ 8 लाख रुपये की डकैती का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। शनिवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एसपी ने खुलासा करते हुए बताया कि डकैती को अंजाम देने वाले 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और आरोपियों से पूरा मशरूका बरामद किया गया है। एसपी ने बताया कि पुलिस की 10 अलग-अलग टीमें आरोपियों की तलाश में लगाई गईं थीं।
लखनवाड़ा निवासी सर्राफा कारोबारी योगेन्द्र बघेल 3 सितंबर को बंडोल बाजार से सोना-चांदी का व्यापार कर बाइक से घर लौट रहे थे। शाम करीब 6 बजे ग्राम भोंगाखेड़ा वेयर हाउस के पास नेशनल हाइवे-44 पर दो बाइक पर सवार सात अज्ञात आरोपियों ने उनकी बाइक को ओवरटेक कर रोक लिया। इसके बाद एक ने आंख में मिर्ची का पाउडर फेंका और अन्य ने चाकू दिखाकर प्रार्थी का सोना-चांदी एवं रुपए से भरा बैग लूट लिया और फरार हो गए।
बैग में करीब 26 किलो चांदी, 320 ग्राम सोना एवं नकदी मिलाकर कुल 1 करोड़ 8 लाख रुपये थे, जिसे बदमाश लूट कर ले गए थे। घटना के बाद प्रार्थी सर्राफा कारोबारी योगेन्द्र बघेल बंडोल थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और एसपी ने पुलिस की 10 विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस की टीमों ने नागपुर, जबलपुर, कुरई, छपारा, लखनादौन सहित 200 से अधिक स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले एवं संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी। जिसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की गई और पूरा मशरूका बरामद हुआ। पकड़े गए सभी आरोपी आदतन अपराधी हैं जिन पर पहले से मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
जितेन्द्र उर्फ जित्तू, पिता माधव बंजारा, उम्र 26 वर्ष, निवासी बंजारा मोहल्ला, बंडोल (हत्या सहित 03 अपराध)
भूपेन्द्र पिता गौतम जंघेला, उम्र 20 वर्ष, निवासी बंधा, थाना बंडोल (04 अपराध)
योगेश पिता राजकुमार साहू, उम्र 19 वर्ष, निवासी वार्ड नं. 07 समनापुर, थाना लखनवाड़ा (04 अपराध)
राज उर्फ आरव पिता राजू उइके, उम्र 20 वर्ष, निवासी संजय कॉलोनी, छपारा (01 अपराध)
दुर्गेश पिता धनीराम नागोत्रा, उम्र 23 वर्ष, निवासी भैरोगंज, कोतवाली (03 अपराध)
आकाश पिता विजय डेहरिया, उम्र 19 वर्ष, निवासी संजय कॉलोनी, छपारा (02 अपराध)
आदित्य उर्फ सिद्धू पिता रविन्द्र लाहोरिया, उम्र 24 वर्ष, निवासी भैरोगंज, कोतवाली (09 अपराध)

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जोखिमभरा रास्ता! जुन्नारदेव में डोली के सहारे 6 KM दूर अस्पताल पहुंची बीमार नवविवाहिता
छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले अंतर्गत जुन्नारदेव विकासखंड के दूरस्थ पील्हावाड़ी गांव से प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत की पोल खोलती दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। गांव तक पक्की सड़क न होने के कारण शनिवार सुबह पेट दर्द से तड़प रही 22 वर्षीया नवविवाहिता कड्डे ढ़ीकू को परिजनों ने लाठी और साड़ी के सहारे बनी डोली पर लादकर इलाज के लिए ले जाने को मजबूर होना पड़ा। तीन-तीन उफनती नदियों और कीचड़ भरी पथरीली पगडंडियों को पार करते हुए ग्रामीणों ने करीब 6 घंटे की मशक्कत के बाद महिला को अस्पताल पहुंचाया।
घटना के अनुसार, नवविवाहिता की अचानक तबीयत बिगड़ने पर ससुर मन्नू ढ़ीकू ने ग्रामीणों की मदद से डोली तैयार की और सुबह 10 बजे दमुआ के लिए पैदल सफर शुरू किया। रास्ते में डोबरी डोह और दानी घाट नदियों को पार करने के बाद झालमऊ के समीप रिंदों नदी उफान पर मिली। रास्ता बंद होने पर ग्रामीणों ने पहाड़ के किनारे बनी बेहद जोखिमभरी पगडंडियों से लंबा चक्कर काटा और 6 किलोमीटर का उबड़-खाबड़ पैदल रास्ता पार कर कट्टा (बिचबेहरी) पहुंचे। इसके बाद निजी वाहन से 13 किलोमीटर दूर दमुआ के एक क्लिनिक में महिला को भर्ती कराया गया।
इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्रीय राजनीति भी गर्मा गई है। जुन्नारदेव से कांग्रेस विधायक सुनील उइके ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे क्षेत्र में सड़कों के निर्माण के लिए लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन सरकार का सौतेला रवैया ग्रामीणों के विकास और इलाज की राह में रोड़ा बना हुआ है। आजादी के दशकों बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित ग्रामीण आज भी अपनी जान जोखिम में डालकर अस्पताल पहुंचने को विवश हैं।
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दतिया पीतांबरा पीठ में सुरक्षा सख्त! गर्भगृह में साधना बैन, दानपेटी की होगी वीडियो रिकॉर्डिंग
दतिया। प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री पीतांबरा पीठ एवं श्री वनखंडेश्वर महादेव मंदिर की व्यवस्थाओं को सुचारू, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने बड़े फैसले लिए हैं। कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर स्वपनिल वानखड़े की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में मंदिर प्रबंधन, विश्व हिंदू परिषद, पुजारीगण, पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में कई कड़े नियम तय किए गए। नए निर्णयों के तहत मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास की अलग-अलग और व्यवस्थित मार्ग योजना लागू की जाएगी, ताकि दर्शन के दौरान भीड़ का दबाव न बने।
प्रशासन के नए निर्देशों के अनुसार, गर्भगृह, परिक्रमा पथ और प्रवेश-निकास द्वारों पर पूजा अथवा अभिषेक के समय को छोड़कर किसी भी व्यक्ति द्वारा बैठकर साधना, मंत्रोच्चार या अन्य गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, दानपेटी खोलने और दानराशि की गणना की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। दानपेटी खोलते समय न्यूनतम पांच अधिकृत व्यक्तियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी और पूरी गिनती CCTV की निगरानी व वीडियो रिकॉर्डिंग में होगी। दानराशि के संधारण के लिए पुजारी व राजस्व अधिकारी के संयुक्त नाम से बैंक खाता खोला जाएगा।
श्री वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में अभिषेक व्यवस्था को नियंत्रित करते हुए निर्णय लिया गया है कि सामान्य दिनों में प्रतिदिन अधिकतम एक अभिषेक और सावन या विशेष पर्वों पर अधिकतम तीन अभिषेक ही हो सकेंगे। इससे अधिक अभिषेक के लिए एसडीएम की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी, जिसकी रसीद QR कोड के माध्यम से जारी होगी। सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए पूरे मंदिर परिसर में नए CCTV कैमरे स्थापित किए जाएंगे और लगातार मॉनिटरिंग के लिए एक समर्पित कंट्रोल रूम बनाया जाएगा।

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इंदौर फोटो-वीडियो से लोगों को फंसाने वाले हनी ट्रैप 2 कांड में पकड़ाई रेशु चौधरी और श्वेता जैन दोनों ही भाजपा की सक्रिय सदस्य हैं। उनके नेताओं से अच्छे संबंध थे। यह खुलासा रेशु के भाई अभिलाष और श्वेता के बेटे शालीन ने पुलिस को दिए बयान में किया है।
पुलिस ने श्वेता की अरेस्टिंग के बाद उसके बेटे शालीन को 25 जून को तलब किया था। बेटे ने पुलिस से कहा मां ने 2008 में बच्चों के कपड़ों की दुकान शालीन कलेक्शन के नाम से शुरू की थी, जो 2009 में बंद हो गई। इसके बाद मां ने महिला जाग्रति कला मंच नाम का एनजीओ सागर में शुरू किया। साथ ही भाजपा की सदस्य के रूप में काम कर रही है। राजनीति के लिए कई बार दिल्ली और भोपाल जाती थी। 2014 में पढ़ाई के लिए श्वेता और उसके पति भोपाल आकर रहने लगे। रेशु के भाई अभिलाष ने भी पुलिस को बताया कि रेशु स्टेशनरी की दुकान के साथ प्रॉपर्टी का काम करती थी।
पुलिस की विवेचना रिपोर्ट और चालान के साथ दिए बयानों में यह उल्लेख नहीं है कि रेशु और श्वेता कब और कैसे मिली थीं। रेशु के पुलिस को दिए बयानों में केवल इतना कहा गया है कि वे दोनों 3-4 साल पहले मिली थीं और दोस्त बन गई थीं।
पुलिस जांच और चालान को लेकर सवाल उठ रहे हैं। 22 मई को पुलिस ने श्वेता और रेशु के बयान लिए थे। श्वेता के बयान के मुताबिक, उसने चिंटू ठाकूर को ब्लैकमेल करने की साजिश में रेशु को शामिल करने की बात कही है। दोनों के बयान में यह बात साफ है कि श्वेता 2022 में जेल से छूटने के बाद रेशु से मिली थी। दोनों ने किन लोगों को ब्लैकमेल किया, यह बात चालान में नहीं है।
मध्यप्रदेश के चर्चित 'हनी ट्रैप 2.0' (Honey Trap 2.0) ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी थी। ब्लैकमेलिंग के इस हाई-प्रोफाइल मामले में श्वेता जैन और रेशु उर्फ अभिलाषा चौधरी मुख्य आरोपी हैं। पुलिस ने मामले में हाल ही में 600 पन्नों का पूरक चालान (चार्जशीट) कोर्ट में पेश किया है।

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मूर्तिकार की पंडाल में गोली मारकर हत्या, वारदात से फैली सनसनी
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर के हनुमानताल थाना क्षेत्र में आधी रात हुई मूर्तिकार बब्बा सोनकर उर्फ मनोज सोनकर की हत्या ने सनसनी फैला दी। मथुरा सेठ के पास पंडाल में भगवान गणेश की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे करीब 48 से 50 वर्षीय बब्बा सोनकर पर अज्ञात बदमाशों ने पीछे से गोली चला दी। गोली लगने के बाद बब्बा सोनकर को तत्काल थाने ले जाया गया। वहां से उन्हें इलाज के लिए अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए प्रयास किए, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
पुलिस के अनुसार, मृतक के शरीर में एक गोली लगी है। वारदात के बाद हनुमानताल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी में मृतक के मराठा समुदाय के कुछ लोगों से पुराना विवाद होने की बात सामने आई है, हालांकि पुलिस अभी इस एंगल की पुष्टि कर रही है। हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और गोली चलाने वाले कौन थे, इसका पता लगाने के लिए पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस ने जल्द आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया है।
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पुलिस ने महिला तस्कर को गिरफ्तार किया, 58.50 लाख रुपए की अवैध अफीम बरामद
अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत नीमच सिटी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने एक कार्रवाई में 11 किलो 700 ग्राम अवैध अफीम बरामद कर एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। बरामद अफीम की अनुमानित कीमत करीब 58 लाख 50 हजार रुपए बताई गई है।
पुलिस के अनुसार 5 सितंबर 2026 को अपराध विवेचना के दौरान नीमच सिटी थाना पुलिस टीम को सूचना एवं संदेह के आधार पर आमरोड़ दरक वेयर हाउस के सामने यूनिक वेल्डिंग वर्क्स की बंद पड़ी गुमटी के आगे गिरदौड़ा क्षेत्र में एक संदिग्ध महिला दिखाई दी। पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए महिला को रोककर उसकी तलाशी ली।
तलाशी के दौरान महिला के कब्जे से कुल 11 किलो 700 ग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम बरामद हुआ। पुलिस ने मादक पदार्थ को जब्त किया और महिला को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान ममता उर्फ बंटी, पति मुकेश, जाति नायक, उम्र 40 वर्ष, निवासी बोरखेड़ी पानड़ी के रूप में हुई है।
पुलिस ने मामले में थाना नीमच सिटी पर धारा 8/18 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पूछताछ के दौरान अवैध अफीम उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की जानकारी सामने आने पर शांतिलाल पिता नारूलाल मीणा, निवासी रावण रूंडी, नीमच सिटी को धारा 8/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत सहआरोपी बनाया गया है। पुलिस द्वारा उसकी तलाश जारी है।

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