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सीहोर। ​सीहोर नगर पालिका ने संपत्तिकर और अन्य करों की वसूली के लिए अब सख्त और अनूठा रुख अख्तियार कर लिया है। ​लंबे समय से टैक्स न भरने वाले बकायादारों को जगाने के लिए सोमवार को अधिकारी और कर्मचारी ढोल-नगाड़ों के साथ सड़कों पर निकले।
​नगर पालिका की टीम ने उन चिन्हित बकायादारों के घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर ढोल बजाया, जिन्होंने बार-बार चेतावनी के बाद भी भुगतान नहीं किया। ​अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों ने एक महीने पहले नोटिस मिलने के बावजूद टैक्स जमा नहीं किया, उनके खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है। ​ढोल बजाने का मुख्य उद्देश्य बकायादारों को सार्वजनिक रूप से उनके कर्तव्यों की याद दिलाना और शर्मिंदगी के जरिए वसूली करना है।
​अभियान के दौरान टीम ने मोहल्लों में घूम-घूम कर मुनादी की और लोगों से अपना बकाया शुल्क तुरंत जमा करने की अपील की। ​प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल उन लोगों के लिए है जो जानबूझकर टैक्स चोरी कर रहे हैं या टालमटोल कर रहे हैं। ​साथ ही नए बकायादारों को भी एक महीने का अंतिम नोटिस दिया जा रहा है, ताकि वे समय सीमा के अंदर भुगतान कर सकें।
​नगर पालिका ने चेतावनी दी है कि अगर नोटिस के बाद भी राशि जमा नहीं हुई, तो संपत्ति की कुर्की या जब्ती जैसी कार्रवाई की जाएगी। ​इस दौरान शहर के विभिन्न वार्डों में हड़कंप की स्थिति रही और कई लोग मौके पर ही राशि जमा करने की जानकारी लेते दिखे। ​नगर पालिका की इस “ढोल बजाओ” मुहिम की चर्चा पूरे शहर में हो रही है, जिससे अन्य डिफॉल्टरों में भी हड़कंप है।
बताया जा रहा है कि यह अभियान आने वाले दिनों में और भी तेजी से जारी रहेगा। वहीं ​अधिकारियों ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि शहर के विकास के लिए टैक्स का समय पर भुगतान अनिवार्य है।​ ​नगर पालिका का लक्ष्य इस वित्तीय वर्ष के अंत तक शत-प्रतिशत वसूली के लक्ष्य को प्राप्त करना है।
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शादी का झांसा:- लॉ स्टूडेंट से दुष्कर्म के आरोप में वकील गिरफ्तार
इंदौर। आज़ाद नगर थाना क्षेत्र में शादी का वादा कर लॉ की छात्रा से दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के बाद कार्रवाई करते हुए आरोपी वकील को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
थाना प्रभारी लोकेशसिंह भदौरिया के अनुसार पीड़िता कानून की छात्रा है, जो मूल रूप से सेंधवा की रहने वाली है और वर्तमान में मूसाखेड़ी क्षेत्र में किराए से रह रही है। युवती ने पुलिस को बताया कि करीब तीन वर्ष पहले एक शादी समारोह के दौरान उसकी मुलाकात आरोपी परवेज पिता अजीज कुरैशी से हुई थी। परिचय के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे संपर्क बढ़ता गया।
आरोप है कि आरोपी ने युवती को शादी का भरोसा दिलाकर अपने विश्वास में लिया और इसी आधार पर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। कुछ समय बाद जब युवती ने विवाह की बात कही तो आरोपी टालने लगा और अंततः शादी से साफ इनकार कर दिया। खुद को ठगा महसूस करने पर युवती ने आज़ाद नगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। रविवार को न्यायालय में पेशी के बाद कोर्ट ने आरोपी को जेल भेजने के आदेश दिए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच जारी है और अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
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मध्यप्रदेश विधानसभा बजट सत्र की हंगामेदार शुरुआत : नारेबाजी की भेंट चढ़ा पहला दिन
मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हुआ, लेकिन पहले ही दिन सदन में भारी हंगामा देखने को मिला। सत्र की शुरुआत संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् के गायन से हुई। इसके बाद मंगु भाई पटेल ने सदन को संबोधित किया।
राज्यपाल जैसे ही अपना अभिभाषण पढ़ने लगे, विपक्ष ने बीच-बीच में आपत्ति जतानी शुरू कर दी। हंगामे के कारण सदन का माहौल गरमा गया, लेकिन इसके बावजूद राज्यपाल ने अपना भाषण जारी रखा। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही अंततः अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि देश उस दौर में प्रवेश कर चुका है, जिसे नरेंद्र मोदी ने अमृत काल कहा है। उन्होंने सरकार की कई उपलब्धियों और योजनाओं का जिक्र किया, जिनमें शामिल हैं-
उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण
भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट
वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य
वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा
पीएम जनमन योजना के तहत 1.35 लाख आवासों का निर्माण
उज्जैन में शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के प्रयास
नई शिक्षा नीति के तहत किए गए सुधार
नल-जल योजना और दूषित पानी पर विपक्ष का आरोप
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए आरोप लगाया कि नल-जल योजना की खामियों, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का जिक्र राज्यपाल के भाषण में नहीं किया गया। इसके बाद विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी।
राज्यपाल के सदन से जाने के बाद कार्यवाही फिर शुरू हुई। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जो हिस्सा अभिभाषण में पढ़ा नहीं जा सका, उसे पढ़ा हुआ माना जाएगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।
बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। सत्र के दौरान कुल 3478 प्रश्न लगाए गए हैं, 236 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प पेश किए जाएंगे, शून्य काल में 83 प्रश्न रखे जाएंगे।
सत्र से पहले विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यपाल का स्वागत किया।
मंत्री एदल सिंह कंसाना ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से किसी भी किसान को बाहर नहीं किया गया है। वहीं, कांग्रेस विधायक सुजीत सिंह चौधरी ने आरोप लगाया कि 1.60 लाख किसानों को योजना से बाहर कर दिया गया है और किसानों को मिलने वाली राशि “ऊंट के मुंह में जीरा” जैसी है।

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छतरपुर। जिले के राजनगर में थाने में युवक की आत्महत्या के बाद मामला बिगड़ गया। गुस्साए परिजनों ने सड़क पर जाम लगा दिया। चक्काजाम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची लोगों को समझाइश दी। पुलिस की समझाइश का गुस्साए लोगों पर कोई असर नहीं हुआ। लोग सड़क पर बैठे हुए है। इधर लोगों के गुस्से को देखते हुए आसपास के थानों से बल मंगाकर घटनास्थल पर तैनात कर दिया है। वहां की स्थिति तनावपूर्ण किंतु नियंत्रण में है।
कल छतरपुर जिले में राज नगर थाने में घटी घटना के बाद आज सुबह से माहौल फिर गर्म रहा है और परिजनों ने अब सड़क पर बैठकर चक्का जाम कर दिया है और आसपास के कई थानों की पुलिस के द्वारा भी इस एरिया को छावनी में तब्दील किया जा रहा है लेकिन परिजन मानने को तैयार ही नहीं है। मामले में कल रात से 2 मजिस्ट्रेट न्यायिक जांच कर रहे है।
बता दें कि थाने में 23 वर्षीय युवक ने आत्महत्या कर ली थी। परिजनों का आरोप है कि जो दो आरक्षक सिविल ड्रेस में मृतक को लेकर आए थे। वह 15 सालों से यहां पर पदस्य थे और उनका ही राज चलता है। वे लोग 50 हजार की मांग कर रहे थे।

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एमपी में पहली किन्नर शंकराचार्य का बड़ा कार्यक्रम, 4 जगद्गुरु और 5 महामंडलेश्वर बनाए
भोपाल एमपी में महाशिवरात्रि पर भव्य किन्नर सम्मेलन आयोजित किया गया है। प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित इस कार्यक्रम में देश की पहली किन्नर शंकराचार्य हिमांगी सखी का पट्टाभिषेक किया गया। पट्टाभिषेक में बड़ा निर्णय लेते हुए पहली किन्नर शंकराचार्य पीठ के रूप में राजस्थान के पुष्कर पीठ की घोषणा की गई।​ किन्नर धर्म सम्मेलन में 4 जगद्गुरु और 5 महामंडलेश्वर बनाने की घोषणा भी की गई।​ यहां 60 धर्मांतरित किन्नरों की घर वापसी भी हुई।
भोपाल में रविवार को देशभर के किन्नर, संत महात्माओं का जमावड़ा लगा। यहां किन्नर धर्म सम्मेलन में कई अहम मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। कार्यक्रम में किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास विशेष रूप से उपस्थित थे।
कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच देश की पहली किन्नर शंकराचार्य हिमांगी सखी Himangi Sakhi का पट्टाभिषेक किया गया। सम्मेलन में शंकराचार्य पीठ के लिए राजस्थान के पुष्कर पीठ का चयन किया गया। किन्नर परंपरा के अंतर्गत यहां 4 जगद्गुरुओं और 5 महामंडलेश्वरों की घोषणा की गई।
सम्मेलन में बताया गया कि कुछ मुस्लिम किन्नर पुनः हिंदू बन गए हैं। पूर्ण शुद्धिकरण प्रक्रिया के साथ इनकी ‘घर वापसी’ कराई गई। बताया गया कि करीब 60 किन्नरों ने धर्म परिवर्तन कर दोबारा सनातनी संस्कारों को स्वीकार किया।
किन्नर धर्म सम्मेलन में भोपाल की काजल ठाकुर और संजना, राजस्थान की तनीषा, महाराष्ट्र की संचिता को जगद्गुरु घोषित किया गया। सरिता भार्गव, मंजू, पलपल, रानी ठाकुर और सागर को कार्यक्रम में महामंडलेश्वर घोषित किया गया।
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जंगलों में विदेशी महिला से गैंगरेप: पति को बंधक बनाकर की घिनौनी हरकत, HC ने आरोपियों को राहत देने से किया इनकार
ग्वालियर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने विदेशी महिला पर्यटक से दतिया के जंगलों में गैंगरेप करने वाले आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया है। सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी उम्र कैद की सजा काट रहे है। उन्होंने अपनी सजा को निरस्त करने के लिए हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि यह मामला गंभीर प्रकृति का है। यह पीड़िता के शरीर पर नहीं बल्कि उसके मन मस्तिष्क और उसकी आत्मा पर गहरा आघात है। यह अपराध उस समय और भी ज्यादा घिनौना हो जाता है, जब एक विदेशी महिला यहां की संस्कृति को जानने समझने के लिए भारत आई हो। दरअसल, मार्च 2013 में स्विस दंपति साइकिल से भारत यात्रा पर निकले थे। 15 मार्च को वो दतिया पहुंचे, जहां झारिया गांव के जंगल में टेंट लगाकर रात्रि विश्राम करने लगे।
इस दौरान रात में सात आठ बदमाश वहां जा धमके और उन्होंने पति को बंधक बनाकर विदेशी महिला से दुष्कर्म किया। उनका कीमती सामान भी लूट ले गए। बाद में इस सिलसिले में आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। सभी के खिलाफ गैंगरेप लूट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। अधीनस्थ न्यायालय ने छह आरोपियों रामप्रीत, ऋषि, भूरा, बृजेश और विष्णु को उम्र कैद की सजा से दंडित किया था। फिलहाल अभी सभी आरोपी सजा काट रहे है।

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मध्य प्रदेश में बिजली के ज्यादा कीमत वाले बिलों की शिकायतें आती रहती है लेकिन ना तो सरकार ने और ना ही बिजली कंपनी ने इसका अभी तक कोई तोड़ निकाला है अब हालात ये हो गए हैं कि लोगों का सब्र का बाँध टूट रहा है और नौबत मारपीट तक आ चुकी है ताजा मामला मुरैना जिले का है जहाँ एक महिला ने मीटर रीडर को चप्पलों से पीट दिया , घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा हैं।
दरअसल मामला मुरैना जिले के रामपुर थाना क्षेत्र का है, बताया जा रहा है कि क्षेत्र में रहने वाले जयप्रकाश सिंघल और उनकी पत्नी शिल्पी सिंघल बिजली कंपनी के ऑफिस पहुंचे यहाँ उन्होंने उनके यहाँ पहुंचे अधिक रीडिंग के बिल पर सवाल जवाब किये, इसी बात को लेकर वहां कहासुनी शुरू हो गई।
कुछ देर में ही सिंघल दंपत्ति मीटर रीडर (आउट सोर्स कर्मचारी ) विनोद कुशवाह से तेज आवाज में बहस होने लगी, इसी बीच महिला शिल्पी अपना आप खो बैठी और उसने अपनी चप्पल उतारकर ऑफिस में पूरे स्टाफ के सामने मीटर रीडर विनोद कुशवाह की पिटाई शुरू कर दी, महिला इतनी आक्रोशित थी कि लोगों के रोकने पर भी वो नहीं रुकी।
वायरल वीडियो में महिला का पति मीटर रीडर से ये कहता सुनाई दे रहा है कि 62 यूनिट का बिल 900 रुपये कैसे आया मुझे ये बता। लोगों ने बीचबचाव कर बड़ी मुश्किल से महिला के हाथ से चप्पल छीनी, मीटर रीडर का कॉलर छुड़वाया, फिर दोनों थाने पहुंच गये।
थाना प्रभारी राम गुप्ता ने बताया कि दोनों पक्षों ने अपनी अपनी शिकायत दर्ज कराई है, मामला कल शुक्रवार दोपहर का बताया जा रहा है, घटना का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसकी जाँच की जा रही है। बता दें वीडियो में बहुत गालियाँ है, महिला बहुत अभद्र भाषा का प्रयोग करती हुई सुनाई दे रही है इसलिए हम यहाँ वीडियो म्यूट कर लगा रहे है।
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आदिवासी युवक की हत्याः जूते पहनकर गुजरने के विवाद में 2 बदमाशों ने पीट पीटकर उतारा मौत के घाट
सिंगरौली। जिले के बरगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत कन्नई गांव में एक आदिवासी युवक की पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया है। मामूली विवाद के बाद दो युवकों ने बेरहमी से पिटाई की, जिससे इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और मामले की जांच जारी है।
मृतक की पहचान विष्णु बैगा के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, विष्णु अपने गांव गुल्ली डांड से कन्नई पाही में आयोजित छठी बरही कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा था। रास्ते में वह रवि ढाबे के पास सामान खरीदने रुका, जहां पहले से विक्रम बैस और केशव बैस मौजूद थे। मृतक के चाचा मोतीलाल बैगा के अनुसार, जूते पहनकर गुजरने की बात पर कहासुनी हुई, जो मारपीट में बदल गई।
आरोपियों ने लाठी, डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर विष्णु को गंभीर रूप से घायल कर दिया। परिजन उसे बैढ़न के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां शुक्रवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बरगवा एसडीओपी गौरव पाण्डेय ने बताया कि रात करीब 11 बजे मारपीट की सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पहले हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन पीड़ित की मौत के बाद अब हत्या की धारा जोड़ी गई है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।

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महाशिवरात्रि पर उमड़ती है भीड़, ऋणमुक्तेश्वर महादेव के दर पर मिलता है कर्ज से छुटकारे का आशीर्वाद
कर्ज केवल पैसों का बोझ नहीं होता, यह इंसान के मन पर भी भारी पड़ता है। कई परिवार ऐसे होते हैं जो सालों तक कर्ज और आर्थिक तनाव में जीते रहते हैं। ऐसे में जब लोग उम्मीद खोने लगते हैं, तब वे भगवान के दर पर पहुंचते हैं, नई शुरुआत की आस लेकर।
मध्य प्रदेश का धार्मिक शहर उज्जैन भारत के सबसे प्राचीन और पवित्र शहरों में गिना जाता है। यहां हर कदम पर इतिहास, परंपरा और आस्था की गहरी छाप दिखाई देती है। यह शहर भगवान शिव की नगरी माना जाता है। यहां सालभर श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है, लेकिन शिवरात्रि, सावन और अन्य पर्वों पर लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं। उज्जैन की खास बात यह है कि यहां आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ जीवन की परेशानियों का समाधान खोजने की आस्था भी जुड़ी हुई है। ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर भी इसी आस्था की मजबूत कड़ी है, जहां लोग आर्थिक संकट से राहत की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं।
यह प्राचीन शिव मंदिर पवित्र शिप्रा नदी के किनारे स्थित है। सुबह के समय जब नदी के घाटों पर आरती होती है और मंदिर की घंटियों की आवाज गूंजती है, तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है।
हमने देखा कि कई श्रद्धालु पहले शिप्रा में स्नान करते हैं, फिर मंदिर में जाकर पूजा करते हैं। उनका मानना है कि स्नान और पूजा दोनों मिलकर जीवन के दुख और बाधाओं को दूर करने का मार्ग खोलते हैं। नदी किनारे की शांति, मंदिर का वातावरण और भक्तों का विश्वास इस स्थान को और भी खास बना देता है।
स्थानीय पुजारियों और श्रद्धालुओं के अनुसार, यहां वर्षों से यह मान्यता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से पूजा करता है, उसे कर्ज से राहत मिलने लगती है। इसलिए भगवान शिव को यहां “ऋणमुक्तेश्वर” कहा जाने लगा। कई श्रद्धालुओं के अनुभव बताते हैं कि पूजा के बाद उन्हें काम में सफलता मिलने लगी, आय के नए रास्ते खुले और धीरे-धीरे कर्ज चुकाने की स्थिति बन गई।
ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर की पहचान यहां होने वाली “पीली पूजा” से है। यह पूजा कर्ज से छुटकारा पाने की विशेष प्रार्थना मानी जाती है। इस पूजा में भक्त एक पीले कपड़े में चने की दाल, हल्दी और गुड़ बांधकर पोटली बनाते हैं। फिर इसे भगवान शिव के चरणों में अर्पित किया जाता है। मंदिर परिसर में जगह-जगह पीली पोटलियां दिखाई देती हैं, जो भक्तों के विश्वास की निशानी हैं। पुजारी मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराते हैं। भक्त मानते हैं कि इससे आर्थिक रुकावटें धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं।
महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। दूर-दराज के राज्यों से लोग उज्जैन पहुंचते हैं और पूरी रात शिव भक्ति में लीन रहते हैं। हमने स्थानीय लोगों से बातचीत में जाना कि इस दिन की गई पूजा को विशेष फलदायी माना जाता है। लोग परिवार के साथ आकर पूजा करते हैं और जीवन की परेशानियों से राहत की कामना करते हैं। मंदिर परिसर और घाटों पर भक्ति का अलग ही माहौल देखने को मिलता है।

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ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 9 फरवरी की शाम मुरार क्षेत्र के त्यागी नगर में हुई घटना ने शहर को हिला दिया। यहां 6 वर्षीय मासूम गोविंद लक्षकार पर अचानक एक आवारा सांड ने हमला कर दिया। मासूम को कई बार जमीन पर पटकते हुए सांड ने जानलेवा हमला किया। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
गोविंद अपनी बड़ी बहन नंदिनी लक्षकार के साथ रोज की तरह कोचिंग से घर लौट रहा था। गली नंबर-2 में अचानक सामने से एक काला आवारा सांड आया और बच्चे पर हमला कर दिया। गोविंद डर के मारे गिर गया और सांड ने उसे कई बार सींगों से उठाकर जमीन पर पटक दिया।
नंदिनी ने तुरंत शोर मचाया और आसपास के लोगों को बुलाया। स्थानीय लोगों ने पहुंचकर सांड को भगाया, तभी बच्चे की जान बच सकी। घटना कुछ ही सेकेंड में हुई और अगर मदद थोड़ी देर से आती, तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।
घटना के तुरंत बाद गोविंद को जिला अस्पताल में बाल एवं शिशु रोग विभाग के पीआईसीयू में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने बताया कि, बच्चे के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। सिर में 9 और चेहरे पर 16 टांके लगे हैं। फिलहाल मासूम की हालत स्थिर है, लेकिन हादसे का मानसिक सदमा अभी भी परिवार पर भारी है।
घटना स्थल के आसपास लगे CCTV कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में देखा जा सकता है कि सांड मासूम को उठाकर कई बार जमीन पर पटक रहा है। सोशल मीडिया पर यह फुटेज वायरल हो गया है और लोगों की चिंता और आक्रोश बढ़ा दिया है।
ग्वालियर में आवारा मवेशियों की संख्या लगभग 25,000 बताई जाती है। मुरार, एबी रोड, मुरार-कुम्हरपुरा, लक्कड़खाना पुल, राजमाता चौराहा, हजीरा, राम मंदिर चौराहा, किला गेट और अन्य मुख्य सड़कों पर रोजाना मवेशियों का जमावड़ा रहता है।
स्थानीय लोगों और बच्चों के लिए यह खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। नगर निगम के पास इन मवेशियों को पकड़ने के लिए केवल 2 ट्रैक्टर-टॉली, 2 एंबुलेंस और 21 कर्मचारी हैं।
स्थानीय नागरिक और परिजन बार-बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहा। नियमित अभियान नहीं चलाए जा रहे, केवल सूचना मिलने पर खानापूर्ति की जा रही है। नगर निगम की सीमित संसाधन और बेतरतीब तरीके से मवेशियों को नियंत्रित करने की व्यवस्था बच्चों और आम लोगों के लिए खतरा बन चुकी है।
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ईडी ने आदिम जाति कल्याण विभाग के पूर्व उपायुक्त की 11.81 करोड़ की संपत्तियां अटैच की
जबलपुर. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल जोनल ऑफिस ने जबलपुर स्थित आदिम जाति कल्याण विभाग के पूर्व उप निदेशक जगदीश प्रसाद सरवटे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत उनकी 11.81 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है.
यह कार्रवाई आर्थिक अपराध शाखा जबलपुर द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले के आधार पर की गई है. जांच में सामने आया कि सरवटे ने अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध धन अर्जित किया और उसे मनी लॉन्ड्रिंग के माध्यम से अचल संपत्तियों में निवेश किया.
ईओडब्ल्यू की शुरुआती छापेमारी में पता चला था कि सरवटे ने करोड़ों की काली कमाई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में खपाई थी. इसमें कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के पास स्थित मराठा रिसॉर्ट और मंडला रोड पर जायका रेस्टोरेंट शामिल हैं. इसके अलावा, जबलपुर के अधारताल स्थित उनके पैतृक आवास से बाघ की खाल और भारी मात्रा में महंगी शराब भी बरामद हुई थी, जिसके बाद उनकी मां सावित्री सरवटे पर वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी.
ईडी की जांच के अनुसार, आरोपी ने मध्य प्रदेश के भोपाल, मंडला, उमरिया और सिवनी जिलों में संपत्तियां बना रखी थीं. इन संपत्तियों में आवासीय मकान, कृषि भूमि, व्यावसायिक भूखंड और रेस्टोरेंट शामिल हैं. जांच में यह भी पाया गया कि कई संपत्तियां नकद भुगतान के माध्यम से खरीदी गईं, जबकि कुछ के लिए लिए गए ऋणों को अज्ञात नकद जमा राशि से चुकाया गया था.
आरोपी जगदीश प्रसाद सरवटे ने आदिम जाति कल्याण विभाग में सेवा के दौरान भ्रष्टाचार के जरिए आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की. ईडी ने पाया कि सरवटे ने अपराध की इस आय को प्लेसमेंट, लेयरिंग और इंटीग्रेशन के जरिए अचल संपत्तियों में बदला, ताकि दागी धन को बेदाग संपत्ति के रूप में प्रदर्शित किया जा सके. फिलहाल, ईडी इन संपत्तियों के हस्तांतरण को रोकने के लिए जब्ती की कार्रवाई कर चुकी है.
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फिल्मी कहानी की तरह रियल जिंदगी में खरीदा प्रेमीः पत्नी को डेढ़ करोड़ चुकाकर महिला अधिकारी ने खरीदा पति
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अजब-गजब मामला सामने आया है। किसी फिल्मी कहानी की तरह रियल जिंदगी में भी प्रेमी को खरीदने का मामला सामने आया है। प्रेमी की पत्नी को डेढ़ करोड़ चुकाकर महिला अधिकारी ने पति को खरीद लिया।
दरअसल भोपाल के कुटुंब न्यायालय में प्यार की कीमत लगी है। एक्टर अनिल कूपर, श्रीदेवी और उर्मिता मातोंडकर अभिनीत मशहूर हिंदी फिल्म “जुदाई” की कहानी की तरह असल जिंदगी में भी हकीकत सामने आई है। भोपाल का ऐसा पहला मामला है जहां तलाक के बदले डेढ़ करोड़ रुपए की बड़ी डील हुई है। मामला केंद्रीय सरकारी विभाग के अधिकारी का है।
42 वर्षीय पति का दिल दफ्तर में साथ काम करने वाली 54 वर्षीय (10 साल बड़ी) महिला अधिकारी पर आ गया। मामले को लेकर कई बार पति-पत्नी के बीच काउंसलिंग भी हुई। फिर पत्नी ने व्यावहारिक फैसला लिया कि पति वापस नहीं आएगा। पति को छोड़ने के वजह अपनी और बेटियां के भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा की शर्त रख दी। पत्नी ने शर्त रखी कि 27 लाख रुपए कैश चाहिए। पति की प्रेमिका ने तुरंत इस बात को स्वीकार कर लिया। प्रेमिका नहीं चाहती थी प्रेमी परिवार सड़क पर आ जाए। प्रेमिका ने अपनी गाढ़ी कमाई से यह कीमत चुकाना मंजूर किया। करीब डेढ़ करोड़ रुपए (मकान + कैश ) में बात (सौदा) तय हुई और दोनों पक्ष सहमति से अलग हो गए है

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दतिया। मध्यप्रदेश के दतिया जिले में नाबालिग से शादी रचाने के बाद उसे अपने घर ले जाने का सपना एक दूल्हे को भारी पड़ गया। जैसे ही प्रशासन की टीम को इस शादी की खबर लगी तो टीम गांव पहुंची लेकिन शादी हो चुकी थी। टीम ने विदा हो चुकी बारात का पीछा कर बीच रास्ते में बारात को रोका और दस्तावेज की जांच की तो दुल्हन नाबालिग पाई गई। पुलिस ने दूल्हा, उसके पिता, दुल्हन के माता-पिता सहित टेंट, डीजे व बैंड वालों पर मामला दर्ज किया है।
बुधवार सुबह जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद उपाध्याय को गुप्त सूचना मिली थी कि खटोला गांव में नाबालिग की शादी कराई जा रही है। उन्होंने तुरंत कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े को इसकी सूचना दी। कलेक्टर के निर्देश पर पर प्रशासनिक अमला जनपद सीईओ विनीत त्रिपाठी और पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचा लेकिन तब तक शादी हो चुकी थी और दूल्हा अपनी दुल्हन को विदा कर अपने साथ ले जा चुका था। प्रशासन अमले ने तुरंत बारात का पीछा किया और रास्ते में ही घेराबंदी कर बारात को रोक लिया। दस्तावेजों की जांच में बालिका नाबालिग पाई गई, जिसके बाद उसे तत्काल रेस्क्यू कर थाना उनाव लाया गया ।
थाना प्रभारी यतेंद्र भदौरिया के अनुसार इस बार कार्रवाई केवल परिजन तक सीमित नहीं रही। बाल विवाह में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से सहयोग करने वाले टेंट संचालक, डीजे मालिक और हलवाई के खिलाफ भी बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना वर-वधू के आयु प्रमाण पत्र देखे कोई भी सेवा देने पर जेल जाना तय है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बाल विवाह पर अब जीरो टॉलरेंस नीति लागू की है।
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बड़ी खबर: पानी की टंकी में बक्से में बंद मिला महिला का शव
भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से बड़ी खबर सामने आ रही है यहां एक महिला की बक्से में बंद लाश पानी की टंकी में मिली है। लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शव दो-तीन दिन पुराना बताया जा रहा है। फिलहाल महिला की शिनाख्त नहीं हुई है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भोपाल शहर के निशातपुरा थाना क्षेत्र की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास स्थित पानी के टैंक से बक्से में महिला की लाश बरामद हुई है। बताया गया है कि पानी के टैंक से तेज दुर्गंध आ रही थी और जब लोगों ने टैंक के पास जाकर देखा तो उन्हें एक बक्सा पानी में नजर आया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बक्से को पानी से बाहर निकाला तो उसमें महिला की लाश थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरु कर दी है।
पानी के टैंक में बक्से में महिला की लाश मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से जाच की। शव फूला हुआ है जिससे अंदेशा है कि शव दो से तीन दिन पुराना हो सकता है। महिला की शिनाख्त नहीं हो पाई है, पुलिस आसपास के इलाकों में हाल ही में गुमशुदा हुई महिलाओं की जानकारी जुटा रही है जिससे की महिला की पहचान हो सके। जिस तरह से शव को बक्से में बंद कर पानी के टैंक में ठिकाने लगाया गया, उससे अंदेशा है कि महिला की हत्या कहीं और की गई और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को यहां लाकर फेंका गया है।
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शहडोल में रेंजर सहित वन अमले पर हमला, 30 से अधिक लोगों ने किया अटैक
शहडोल। शहडोल में कानून को खुली चुनौती, जंगल की हिफाजत करने निकली फॉरेस्ट टीम पर कोल माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया। रेंजर सहित वन अमले को बंधक बनाकर मारपीट की गई। इस दौरान 30 से ज्यादा लोगों की भीड़ ने अपनी दबंगई दिखाई। अब सवाल यह है कि आखिर कब तक खनन माफियाओं के हौसले यूं ही बुलंद रहेंगे? क्या अब जंगल बचाने वाले ही असुरक्षित हो गए हैं?
दरअसल जिले में अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई करना वन विभाग के लिए अब जानलेवा साबित होता जा रहा है। ताजा मामला सोहागपुर थाना क्षेत्र के बडखेरा अंतर्गत खितौली बीट सीमा स्थित सोन नदी का है, जहां अवैध कोयला उत्खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई कर लौट रही वन टीम पर दबंगों ने हमला कर दिया, हमले में शहडोल रेंजर राम नरेश विश्वकर्मा सहित वन अमले के कर्मचारियों को घेरकर बंधक बनाया गया और मारपीट की गई।
बताया जा रहा है कि सोन नदी के किनारे कोल माफिया लंबे समय से अवैध उत्खनन कर कोयले का परिवहन कर रहे थे। वन विभाग को इसकी सूचना मिलने पर टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। कार्रवाई के बाद जब अमला वापस लौट रहा था, तभी करीब 30 से अधिक लोगों ने संगठित होकर रास्ता रोक लिया और हमला बोल दिया। सूत्रों के अनुसार दो दिन पूर्व भी माफियाओं ने रेंजर के साथ बदतमीजी करते हुए धमकी दी थी। घटना की शिकायत वन विभाग द्वारा सोहागपुर थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी जिले में अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान हमले हो चुके हैं। ब्यौहारी क्षेत्र में रेत माफियाओं द्वारा एक पटवारी और एएसआई पर ट्रैक्टर चढ़ाकर हत्या कर दी गई थी। लगातार बढ़ते हमलों ने प्रशासन और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि कोल माफिया पर कब तक सख्त शिकंजा कसा जाता है।
वन मंडलाधिकारी दक्षिण, श्रद्धा पंद्रे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वन कर्मियों पर हमला बेहद गंभीर विषय है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस पूरे मामले में सोहागपुर थाना प्रभारी अरुण पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि वन विभाग की तरफ से एक शिकायत आई है , जिस पर मामलें की जांच करा उचित कार्रवाई की जाएगी।