पुंगनूर. आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले स्थित पुंगनूर कस्बे से एक ऐसा दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. यहां एक घर में सो रहे परिवार के चार लोगों की बेहद दर्दनाक मौत हो गई. हैरानी की बात यह है कि इस हंसते-खेलते परिवार की जान किसी बीमारी या हमले ने नहीं ली, बल्कि एक ऐसी साइलेंट किलर गैस ने ली है जो न तो दिखाई देती है और न ही उसकी कोई गंध होती है. जब तक परिवार को इस खतरे का अहसास होता, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं.
यह हृदय विदारक घटना पुंगनूर के त्यागराजू स्ट्रीट इलाके की है. जानकारी के अनुसार, यहां रहने वाले एक व्यक्ति ने हाल ही में अपनी बाइक के इंजन का काम (बोर) करवाया था. बाइक ठीक होने के बाद मैकेनिक ने उसे सलाह दी थी कि नए पार्ट्स को अच्छी तरह से सेट करने के लिए इंजन को कुछ समय तक लगातार चालू रखना होगा. इसी सलाह को मानते हुए उस व्यक्ति ने अनजाने में एक भयानक गलती कर दी. उसने अपनी बाइक को घर के अंदर लाकर खड़ा कर दिया और उसका इंजन चालू छोड़कर परिवार के साथ सोने चला गया.
रात के समय कड़ाके की ठंड थी, जिससे बचने के लिए परिवार ने घर के सभी दरवाजे और खिड़कियां पूरी तरह से बंद कर लिए थे. उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि घर के अंदर खड़ी बाइक का चालू इंजन धीरे-धीरे एक जानलेवा गैस छोड़ रहा है. बंद कमरा होने के कारण धुएं को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला और कुछ ही देर में पूरा घर कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी खतरनाक गैस से भर गया. यह गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, जो इंसान के शरीर में चुपचाप ऑक्सीजन खत्म कर देती है. कार्बन मोनोऑक्साइड के प्रभाव से पति-पत्नी और उनके दो मासूम बच्चे नींद में ही बेहोश हो गए और फिर कभी नहीं उठ सके.
अगली सुबह जब काफी देर तक घर का दरवाजा नहीं खुला और रोजमर्रा की तरह कोई हलचल नहीं हुई, तो पड़ोसियों को शक हुआ. उन्होंने कई बार दरवाजा खटखटाया और आवाजें दीं, लेकिन अंदर से कोई सुगबुगाहट नहीं हुई. अनहोनी की आशंका के चलते तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का खौफनाक मंजर देखकर सबके होश उड़ गए. पूरा परिवार अचेत पड़ा था और कमरे में दमघोंटू गैस भरी थी. तुरंत डॉक्टरों की मेडिकल टीम बुलाई गई, लेकिन जांच के बाद उन्होंने चारों को मृत घोषित कर दिया.
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आचार संहिता लागू होने से पहले ममता का बड़ा फैसला! पुजारियों और मुअज्जिनों का भत्ता बढ़ाया
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनाव की तारीखों का ऐलान होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दो अहम घोषणाएं की हैं। इन फैसलों में पुजारियों और मुअज्जिनों के मासिक भत्ते में बढ़ोतरी और राज्य कर्मचारियों के डीए (महंगाई भत्ता) एरियर को लेकर बड़ा ऐलान शामिल है। चुनाव आयोग आज कुछ ही समय में चार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित करने वाला है। इनमें पश्चिम बंगाल भी शामिल है। तारीखों की घोषणा के बाद आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके बाद राज्य सरकार नई योजनाओं की घोषणा नहीं कर पाएगी। इसी कारण ममता बनर्जी की इन घोषणाओं को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह घोषणा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की। उन्होंने लिखा कि राज्य सरकार ने पुरोहितों (पुजारियों) और मुअज्जिनों के मासिक भत्ते में 500 रुपये की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इन लोगों की सेवा समाज के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को मजबूत करती है। सरकार उनके योगदान को सम्मान देती है।
इस बढ़ोतरी के बाद पुजारियों और मुअज्जिनों का मासिक भत्ता बढ़कर 2,000 रुपये हो जाएगा। सरकार का कहना है कि यह कदम धार्मिक कार्यों से जुड़े लोगों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से उठाया गया है। पहले जो भत्ता दिया जा रहा था, उसमें अब 500 रुपये की वृद्धि की गई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पुजारियों और मुअज्जिनों द्वारा सम्मान के लिए किए गए सभी नए आवेदन राज्य सरकार द्वारा मंजूर कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जो आवेदन सही तरीके से जमा किए गए हैं, उन्हें स्वीकृति दे दी गई है। इससे और अधिक लोगों को इस योजना का लाभ मिल सकेगा।
पुजारियों और मुअज्जिनों के भत्ते के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने राज्य कर्मचारियों के डीए एरियर को लेकर भी बड़ा ऐलान किया है। हालांकि विस्तृत जानकारी अलग से दी गई है, लेकिन सरकार के इस कदम को कर्मचारियों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब राज्य में चुनावी माहौल बन चुका है और सभी दल अपनी तैयारियों में लगे हैं।
चुनाव आयोग की ओर से तारीखों की घोषणा के बाद आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसका मतलब है कि राज्य सरकार किसी नई योजना या बड़े वित्तीय फैसले की घोषणा नहीं कर सकेगी। इसलिए तारीखों की घोषणा से ठीक पहले किए गए इन फैसलों को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनाव से पहले की गई ऐसी घोषणाएं मतदाताओं को संदेश देने का काम करती हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि यह निर्णय समाज के विभिन्न वर्गों के हित में लिया गया है। सरकार का दावा है कि धार्मिक कर्मकांड से जुड़े लोग समाज में अहम भूमिका निभाते हैं और उनके काम को सम्मान मिलना चाहिए। ममता बनर्जी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि उनकी सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए काम करती है और यह फैसला उसी दिशा में एक कदम है।
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5 राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान: असम-केरल-पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग, बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को होगा मतदान
देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। भारतीय निर्वाचन आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव कार्यक्रम की जानकारी दी। भारतीय निर्वाचन आयोग के अनुसार असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होगा, तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। सभी राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
आयोग के अनुसार पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों में कराया जाएगा। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल और दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी।
असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव एक चरण में कराया जाएगा। असम, केरल और पुडुचेरी की सभी सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं तमिलनाडु में 23 अप्रैल का मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव आयोग ने मतदान के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की। आयोग ने बताया कि इन राज्यों में चुनाव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान कराया जाएगा।
इन पांचों राज्यों में से चार राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल मई में समाप्त हो रहा है। वहीं केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की विधानसभा का कार्यकाल जून में पूरा होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए चुनाव कार्यक्रम तय किया गया है, ताकि तय समय सीमा के भीतर नई सरकार का गठन किया जा सके।
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार सभी राज्यों के वोटों की गिनती 4 मई को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे। इसके साथ ही इन राज्यों में नई सरकारों के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा।





