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पश्चिम बंगाल के कोलकाता में फूड सेफ्टी की दृष्टि से पहली बार बड़ी कार्रवाई की गयी है. सबसे बड़ा ताज्जुब की बात यह है कि यहां कोलकाता में 40 नामचीन रेस्टारेंट पर कोलकाता नगर निगम की टीम ने महाराष्ट्र के FDA कमिश्नर तुकराम मुंढे की स्टाइल में कार्रवाई की है. विभाग ने मंगलवार को 592 जगहों का निरीक्षण किया, जहां कई तरह की अनियमितताएं मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई.
KMC कमिश्नर स्मिता पांडे के मुताबिक अभियान के तहत शहर में खाद्य कारोबार से जुड़े लगभग सभी क्षेत्रों को कवर किया गया. इनमें होटल, क्लब, रेस्टोरेंट, बाजार और बाजारों के अन्य खाद्य प्रतिष्ठान शामिल थे.
दुर्गा पूजा से पहले फूड डिपार्टमेंट की कोलकाता में कार्रवाई के दौरान म्यूनिसिपल एडमिनिस्ट्रेटर स्मिता पांडेय ने बताया कि ये निरीक्षण ‘फूड सेफ्टी वीक’ के तहत किए गए. इस दौरान 40 रेस्टोरेंट और स्वीट शॉप के लाइसेंस रद्द कर दिए गए, जबकि कई प्रतिष्ठानों से खराब खाना जब्त किया गया.
मंगलवार को 592 जगहों में हुए निरीक्षण के दौरान 1,224 किलो खाद्य सामग्री नष्ट की गई. 40 लाइसेंस सस्पेंड किए गए. अगर सस्पेंड किए गए प्रतिष्ठान नियमों का पालन करते हैं, तो उनके स्टेटस की समीक्षा की जाएगी.
जांच के दौरान कुछ ऐसे प्रतिष्ठान भी मिले, जिनके पास रिटेल लाइसेंस तो था, लेकिन जरूरी मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस नहीं था. यानी वे खाद्य सामग्री बेचने के लिए अधिकृत थे, लेकिन उसके निर्माण से जुड़े जरूरी लाइसेंस उनके पास नहीं थे.
कोलकाता नगर निगम की म्यूनिसिपल एडमिनिस्ट्रेटर स्मिता पांडे ने मंगलवार शाम पत्रकार वार्ता में कार्रवाई की जानकारी दी. बताया कि जांच के दौरान कहीं भंडारित छेना में फफूंद मिली तो कहीं बड़ी मात्रा में खराब मांस बरामद हुआ. स्मिता पांडेय ने बताया कि पहले लाइसेंस सस्पेंड करने की कार्रवाई नहीं की जाती थी, लेकिन अब कार्रवाई करने की पूरी छूट है.
इतनी बड़ी कारवाई होने के बाद विभाग को उम्मीद है कि वे अधिक सावधानी बरतेंगे. एक बड़े स्वीट शॉप में रेफ्रिजरेटर के अंदर कॉकरोच पाए गए. अधिकारियों ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और रसोई की स्वच्छता समेत कई पहलुओं की जांच की.
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मजिस्ट्रेट के नोटिस पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, सीजेआई बोले- छात्र को नोटिस भेजने की हिम्मत कैसे हुई
नई दिल्ली. दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) के एक छात्र को नोटिस जारी करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. शीर्ष अदालत ने सख्त नाराजगी जताते हुए बुधवार को कहा कि वह ग्रेटर नोएडा की मजिस्ट्रेट से इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगेगी. चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अगुवाई वाली तीन जजों की पीठ ने दो टूक सवाल किया कि जब कोर्ट ने पहले ही छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा रखी थी, तो एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने ऐसा नोटिस जारी करने की हिम्मत कैसे की?
यह मामला वरिष्ठ वकील विश्वजीत भट्टाचार्य ने बेंच के समक्ष उठाते हुए दलील दी कि प्रशासन छात्रों के मन में डर का माहौल पैदा कर रहा है. उन्होंने बताया कि शीर्ष अदालत ने 1 सितंबर को साफ निर्देश दिया था कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाएगा. इसके बावजूद ग्रेटर नोएडा आयुक्तालय के तृतीय कार्यकारी मजिस्ट्रेट कार्यालय ने सेकेंड ईयर के छात्र अक्षत त्रिपाठी को शांति व्यवस्था के नाम पर 5 लाख रुपये का मुचलका (बॉन्ड) भरने का नोटिस थमा दिया. हालांकि विवाद बढऩे और मीडिया में खबरें आने के बाद पुलिस ने इस नोटिस को वापस ले लिया, लेकिन वकील ने इसे सीधे तौर पर अदालत की अवमानना करार दिया.
याचिकाकर्ता की दलीलों पर सहमति जताते हुए सीजेआई सूर्य कांत ने कड़े शब्दों में कहा कि देश के युवाओं के खिलाफ इस तरह की मनमानी कार्रवाई का कोई सवाल ही नहीं उठता. कोर्ट का आदेश पूरी तरह से स्पष्ट था और उसका उल्लंघन हैरान करने वाला है. उन्होंने वकील को तमाम तथ्य रिकॉर्ड पर रखने के निर्देश देते हुए कहा कि अदालत संबंधित मजिस्ट्रेट से जवाब तलब करेगी और उन्हें अपनी बात रखने का मौका देगी. पीठ के सदस्य जस्टिस बागची द्वारा नोटिस वापसी पर पूछे गए सवाल पर वकील ने कहा कि उन्हें इसकी औपचारिक जानकारी नहीं मिली है, केवल मीडिया के जरिए पता चला है.
पूरा विवाद जीबीयू के छात्र अक्षत त्रिपाठी को मिले नोटिस से जुड़ा है. पुलिस का आरोप था कि छात्र ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अन्य विद्यार्थियों को उकसाया था. हालांकि छात्र ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया था कि उसने केवल शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन में हिस्सा लिया था और उस वक्त उसकी कोई क्लास भी नहीं चल रही थी. पुलिस के मुताबिक यह कोई सजा नहीं बल्कि शांति बनाए रखने के लिए एक एहतियाती बॉन्ड नोटिस था, जिसे अब वापस ले लिया गया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे अदालत के आदेशों की खुली अनदेखी मानते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया है.
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गरबा पर BJP में दो फाड़! मुस्लिम एंट्री बैन को राणे का समर्थन, CM फडणवीस की पत्नी बोली- आए तो गलत नहीं
महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर विवाद एक बार फिर तेज हो गई है. भाजपा नेता और मंत्री नितेश राणे ने विश्व हिंदू परिषद का समर्थन करते हुए मुस्लिमों को इन आयोजनों में प्रवेश नहीं देने की अपील की है. विवाद के बीच CM फडणवीस की पत्नी अमृता ने BJP नेताओं से अलग स्टैंड लिया है. उन्होंने कहा कि अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति गरबा में आता है और उत्सव का आनंद लेता है, तो उन्हें इसमें कुछ गलत नहीं लगता.
महाराष्ट्र में नवरात्रि से पहले गरबा और दांडिया को लेकर विवाद बढ़ गया है. नवरात्रि से पहले महाराष्ट्र में गरबा पंडालों में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है. गरबा में प्रवेश को लेकर कुछ भाजपा नेताओं और हिंदुत्ववादी संगठनों की ओर से सख्त नियम लागू करने की मांग की जा रही है.
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने सोमवार को VHP की अपील का समर्थन करते हुए कहा था कि ऐसे त्योहारों के दौरान ‘लव जिहाद’ के मामले बढ़ते हैं. नवरात्र के दौरान पूरे राज्य में ‘गरबा’ और ‘डांडिया’ कार्यक्रमों में मुसलमानों के शामिल होने पर रोक लगाने की बात कही गई है. VHP द्वारा नवरात्र के दौरान पूरे राज्य में ‘गरबा’ और ‘डांडिया’ कार्यक्रमों में मुसलमानों के शामिल होने पर रोक लगाने की बात कही गई है.
इसी बीच अमृता फडणवीस ने कहा कि भारतीय पर्व सभी को साथ लेकर चलने वाली परंपरा का हिस्सा हैं. उनके मुताबिक, यदि कोई मुस्लिम व्यक्ति आयोजन के नियमों का पालन करता है और उत्सव का आनंद लेता है, तो इसमें कोई गलत बात नहीं है.
उनका बयान ऐसे समय आया है, जब गरबा और दांडिया में प्रवेश को लेकर वीएचपी की अपील चर्चा में है. उनके इस बयान के बाद गरबा में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर चल रही राजनीतिक बहस ने नया मोड़ ले लिया है.

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कोलकाता के सुप्रस‍िद्ध कालीघाट मंदिर के गहनों की चाबी 1980 से गायब है. CM शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हमने कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन से इस मामले की जांच करने को कहा है. कोलकाता के कालीघाट मंदिर से जुड़ी एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें 1000 करोड़ रुपए से अधिक के भ्रष्टाचार की बात की जा रही है. वहीं इस मामले को लेकर कोलकाता के पुराने जमींदार सबर्ण रॉय चौधरी परिवार ने दक्षिण 24 परगना के जिला जज से संपर्क किया है.
कोलकाता का पुराना जमींदार परिवार ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. सबर्ण रॉयचौधरी परिवार ने मंद‍िर के खजाने की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कोर्ट में अर्जी दी है.
कोलकाता के ऐतिहासिक कालीघाट मंदिर को लेकर हाल ही में एक बड़े विवाद में 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के संभावित घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है. कोलकाता के पुराने जमींदार सबर्ण रॉय चौधरी परिवार ने दक्षिण 24 परगना के जिला जज से संपर्क किया है. दक्षिण 24 परगना के जिला जज कालीघाट मंदिर समिति के पदेन अध्यक्ष भी होते हैं.
परिवार के सदस्य सचिव देबर्षी रॉय चौधरी का दावा है कि मंदिर से संबंधित लंबे समय से चले आ रहे सवालों का जवाब अभी तक नहीं मिला है, क्योंकि मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता की कमी है. सबर्ना रॉय चौधरी परिवार ने कालीघाट मंदिर से संबंधित विभिन्न मुद्दों को लेकर अलीपुर जिला न्यायाधीश से संपर्क किया है, जिनमें 1980 से लापता तिजोरी की चाबी भी शामिल है. जबकि यह तिजोरी एक सरकारी बैंक में रखी है.
परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि मंदिर की संपत्ति का हिसाब रखने वाली समिति का कार्यकाल खत्म हो चुका है, जिसके चलते वहाँ लूट मची हुई है. इससे भक्तों का मंदिर पर से भरोसा कम हो रहा है.
भ्रष्टाचार के आरोप कालीघाट मंदिर में नए नहीं हैं. 2006 में भी ऐसे ही आरोप हाईकोर्ट में लगाए गए थे, जब तत्कालीन चेयरमैन ने स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा था कि मंदिर को मिलने वाला चढ़ावा जमा नहीं किया जा रहा और पूजा के स्लॉट बाहरी लोगों को बेचे जा रहे हैं.
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बड़ी खबर : मुंबई में PM मोदी के कार्यक्रम से पहले पकड़े गए दो संदिग्ध, बंदूक और PMO का फर्जी ID बरामद
BKC स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर से दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, एक संदिग्ध व्यक्ति ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का अधिकारी बताया था। जांच के दौरान उसके पास PMO कार्यालय का फर्जी पहचान पत्र मिलने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा जांच में पहचान पत्र फर्जी पाए जाने के बाद मुंबई पुलिस ने कार्रवाई की। वहीं, उसके साथ मौजूद बॉडीगार्ड के पास बंदूक मिलने की भी जानकारी है।
मामले की आगे की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है। फर्जी पहचान पत्र और हथियार के साथ कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने के पीछे क्या मकसद था, इसकी जांच की जा रही है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी BKC के जियो वर्ल्ड सेंटर में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन करेंगे और सभा को संबोधित करेंगे।
मुंबई पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार शख्स कल (7 सितम्बर) को फर्जी पहचान पत्र लेकर वेन्यू के अंदर जाने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान मुंबई पुलिस की उस पर नजर पड़ी और जब उसकी चेकिंग हुई तो उसके पास से जो पहचान पत्र मिले वह फर्जी थे। जिसके बाद बीकेसी पुलिस थाने में उसके और उसके बॉडीगार्ड के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। आगे की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपी का नाम रोहन पारेख बताया जा रहा है।
मुंबई पुलिस का कहना है, “मुंबई में उस जगह से दो लोगों को हिरासत में लिया गया है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक कार्यक्रम में शामिल होना था। उनमें से एक व्यक्ति के पास से बंदूक बरामद हुई। मुंबई पुलिस ने BKC स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया, जो खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकारी बता रहा था। हिरासत में लिए गए व्यक्ति की उम्र 24 साल बताई जा रही है। उसके साथ एक बॉडीगार्ड भी था, जिसके पास बंदूक थी। मुंबई क्राइम ब्रांच अब इस मामले की आगे जांच कर रही है।”
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दुर्गा पूजा में नॉनवेज न खाने की धीरेंद्र शास्त्री के अपील पर बंगाल BJP बोली- कोई बाहरी नहीं तय करेगा
पश्चिम बंगाल दुर्गा पूजा के आगाज से पहले ही नॉन वेज फूड को लेकर विवाद खड़ा हो गया. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कोलकाता में कथा वाचन के दौरान पश्चिम बंगाल के लोगों से अपील की कि वे दुर्गा पूजा के दौरान नॉनवेज ना खाएं. वहीं, बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने उनके इस बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि कोई बाहरी यह तय नहीं करेगा कि बंगाली क्या खाएं या क्या पहनें.
समिक भट्टाचार्य ने कहा कि बंगाल के बाहर से आना वाला कोई भी व्यक्ति ये तय नहीं कर सकता कि राज्य के लोग क्या खाएं, या क्या पहनें.
बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के दुर्गा पूजा में नॉन-वेज फूड को लेकर की गई अपील पर बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कोलकाता में कथा वाचन के दौरान पश्चिम बंगाल के लोगों से अपील की कि वे दुर्गा पूजा के दौरान नॉनवेज ना खाएं.
समिक भट्टाचार्य ने धीरेंद्र शास्त्री के बातों पर पलटवार करते हुए कहा कि हमारा जो भी मन करेगा हम वो खाएंगे. भट्‌टाचार्य ने कहा है कि दुर्गा पूजा के दौरान 100% बंगाली लोग नॉन-वेज खाते हैं. मटन और देवी काली का अटूट संबंध है. किसी भी बाबा को खुद को स्वामी विवेकानंद से ऊपर नहीं समझना चाहिए.
पश्चिम बंगाल बीजेपी प्रमुख समिक भट्टाचार्य का कहना है कि किसी बाहरी व्यक्ति के कहने पर बंगालियों के खान-पान की आदतों और परंपराओं को बदला नहीं जा सकता. बंगाल में मां काली को बकरे के मांस का भोग भी लगाया जाता है.
उन्होंने कहा कि अष्टमी के दिन लुची (पूरी) और नवनी के दिन बकरे का मांस खाने की बंगाल में पुरानी सांस्कृतिक परंपरा है. बंगाली वहीं खाएंगे जो वे खाते आए हैं. कोई भी बंगाल के लोगों को ये नहीं बता सकता कि उन्हें क्या खाना चाहिए.
समिक भट्टाचार्य ने सोमवार को कहा कि बाहर से आने वाला कोई भी धर्म गुरु यह तय नहीं कर सकता कि राज्य के लोग क्या खाएं या क्या पहनें. शास्त्री को शाकाहार अपनाने की अपील करने का अधिकार है, लेकिन उनकी बात बंगाली समाज पर थोपी नहीं जा सकती.

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असम की राजधानी गुवाहाटी से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुवाहाटी के हाटीगांव इलाके में पहले तो पति ने पत्नी की बेरहमी से हत्या की। इससे भी मन नहीं भरा को पत्नी का सिर काटकर फ्रिज में रखे रखा। महिला की उंगलियां भी काटे जाने की बात सामने आई है। असम पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।
फिलहाल हत्या की सटीक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। असम पुलिस पति की भूमिका समेत मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात के पीछे आखिर क्या वजह थी।
पूरा मामला गुवाहाटी के हाटीगांव इलाके के बसिष्ठपुर बाइलेन का है। मृतका की पहचान नूनमती की रहने वाली रिया तालुकदार के रूप में हुई है। रामानुजन गोस्वामी ने पहले तो पत्नी की बेरहमी से हत्या की। उसके बाद सभी सीमा का लांघते हुए पत्नी का सिर काटकर काले पॉलीथीन में फ्रिज में छिपा दिया था। पुलिस का शुरुआती अनुमान है कि हत्या शव बरामद होने से करीब 24 से 48 घंटे पहले की गई है। फिलहाल हत्या की सटीक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) भेज दिया गया है। पुलिस संदिग्ध पति की तलाश और घटना की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद हत्या को लेकर और भी अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
पुलिस के मुताबिक मृतिका रिया फैंसी बाजार के एसी मार्केट इलाके में स्थित एक बुटीक में काम करती थी। उसके माता-पिता नहीं थे। परिवार में उसका केवल एक भाई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सोमवार को रिया और उसके पति के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई थी। इसके बाद रामानुजन रात करीब 8 बजे घर से निकल गया था।
मामला तब सामने आया जब पड़ोसियों को घर से तेज दुर्गंध आने लगी। शक होने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर की तलाशी ली तो महिला की हत्या की भयावह जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार महिला की हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई थी। हत्या के बाद उसका सिर धड़ से अलग कर दिया गया और उसे काले पॉलीथीन बैग में रखकर फ्रिज के अंदर छिपा दिया गया। महिला की उंगलियां भी काटे जाने की बात सामने आई है।
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गैस सिलेंडर बुकिंग को लेकर बड़ी राहत, अब 45 नहीं सिर्फ इतने दिन में कर सकेंगे दोबारा बुकिंग
नई दिल्ली। उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर सामने आ रही है कि केंद्र सरकार ने गैस सिलेंडर की उपलब्धता और बुकिंग को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर बुक करने के बाद दूसरा सिलेंडर बुक करने के लिए 45 दिनों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने यह अवधि घटाकर 25 दिन कर दी है। नई व्यवस्था 7 सितंबर 2026 से लागू कर दी गई है।
केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस एवं पर्यटन मंत्री सुरेश गोपी ने सोमवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस बदलाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को बुकिंग से जुड़े नए नियम को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, बीते दिनों देश में गैस की उपलब्धता को लेकर दबाव की स्थिति बनी थी। मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष और होर्मुज क्षेत्र से जुड़े घटनाक्रम के बीच तेल के साथ गैस कंपनियों पर दबाव बढ़ गया था। इसके चलते LPG रिफिल की दोबारा बुकिंग के लिए अंतर बढ़ाया गया था। भौगोलिकसंदर्भ
सरकार की ओर से शहरी क्षेत्रों में रिफिल बुकिंग का अंतर 25 दिन, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन रखा गया था। इस व्यवस्था के कारण विशेष तौर से अधिक LPG खपत वाले परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
अब केंद्र सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में LPG सिलेंडर की अगली बुकिंग के लिए 25 दिन का अंतर तय किया है। यानी एक सिलेंडर बुक करने के 25 दिन बाद उपभोक्ता दोबारा गैस सिलेंडर बुक कर सकेंगे।+
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पुणे में Gen-Z प्रोटेस्टः MPSC भर्ती परीक्षा गड़बड़ी को लेकर हजारों जेन-जी छात्र सड़कों पर उतरे, जंतर-मंतर जैसा नजारा
दिल्ली-रांची के बाद अब पुणे में जेन-जी प्रोटेस्ट शुरू हो गया है। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग यानी एमपीएससी (MPSC) भर्ती परीक्षा गड़बड़ी को लेकर हजारों जेन-जी छात्र सड़कों पर उतर गए हैं। महाराष्ट्र में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में बढ़ रही धांधली के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्रों के शामिल हैं। छात्र न केवल परीक्षा सही से करवाने की मांग कर रहे हैं बल्कि चेयरमैन के इस्तीफे की भी डिमांड कर रहे हैं। इससे पुणे की सड़कों पर इस वक्त जंतर-मंतर जैसा नजारा दिख रहा है।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का मुख्य आरोप है कि सरकारी भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और घोटालों ने अभ्यर्थियों के बीच असंतोष पैदा किया है। उन्होंने आगे कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं के लिए सरकारी नौकरी हासिल करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। बेस्टस्टाफ चुनें
अभ्यर्थी MPSC से भर्ती प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि परीक्षा से जुड़े फैसले, रिजल्ट और भर्ती प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों को लेकर उम्मीदवारों को स्पष्ट और विश्वसनीय जानकारी मिलनी चाहिए। इसके साथ ही कथित अनियमितताओं की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग भी की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी MPSC की जवाबदेही को लेकर भी आवाज उठाएंगे। आंदोलनकारियों की ओर से आयोग के अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग किए जाने की बात कह रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं तो आयोग को अभ्यर्थियों की चिंताओं का जवाब देना चाहिए।
प्रदर्शन में महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के शामिल होने की संभावना है। अभ्यर्थी पुणे की सड़कों पर मार्च निकालकर अपनी मांगों को सरकार और आयोग तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे। छात्रों का कहना है कि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवा सालों तक दिन-रात मेहनत करते हैं और परीक्षआ की तैयरी करते हैं और छात्रों को क्या मिलता है पेपर लीक, घोटाला, पेपर में गड़बड़ी।

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तमिलनाडु के चेन्नई में एक शख्स की हत्या का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक मृतक ने हाल ही में सत्ताधारी TVK पार्टी पार्टी ज्वाइन की थी। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि छह लोगों के गैंग ने कन्नन पर हमला कर दिया। पूरी घटना चेन्नई के वन्ननदुरई इलाके की है। वहीं कन्नन की हत्या के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और उसके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पांच संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। कन्नन का भी आपराधिक इतिहास रहा है। आगे की जांच जारी है।
दरअसल, चेन्नई के बेसंत नगर इलाके में शनिवार रात को एक गैंग ने कन्नन नाम के एक व्यक्ति की बर्बरता से हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक कन्नन हाल ही में TVK पार्टी में शामिल हुए थे। कल रात वन्ननदुरई इलाके में उनकी हत्या कर दी गई। जानकारी के मुताबिक गैंग में शामिल 6 लोगों ने कन्नन पर उस वक्त हमला किया, जब वे अपने घर से निकलकर रामास्वामी एवेन्यू में मौजूद अपने दफ्तर की ओर जा रहे थे। इस गैंग ने धारदार हथियारों से कन्नन पर कई वार किए, जिसके चलते उनकी मौके पर ही मौत हो गई। ये क्रूर वारदात वहां लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई।
सूचना मिलने पर शास्त्री नगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कन्नन का शव कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल घटना को लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच चल रही है। हत्यारों को पकड़ने के लिए पांच विशेष टीमें बनाई गई हैं। घटनास्थल के आस-पास लगे CCTV कैमरों की फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान करने की कोशिशें तुरंत शुरू कर दी गईं। खबरों के अनुसार,पांच लोगों से फिलहाल पुलिस पूछताछ कर रही है। कन्नन की पृष्ठभूमि आपराधिक रही है। 8 साल पहले इसी इलाके के शिवा और वेलु की हत्या का एक मामला कन्नन के खिलाफ चल रहा है।
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नेपाल बाढ़ के बाद नया संकट: बहकर आई नकदी-सोना रखने पर पुलिस की सख्त चेतावनी, 29 गिरफ्तार
नेपाल में विनाशकारी अचानक आई बाढ़ के बाद अब कीमती सामानों की बरामदगी और चोरी को लेकर नया संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ के पानी में बहकर आए सोने-चांदी, नकदी, दस्तावेज और अन्य कीमती वस्तुओं को अपने पास रखने या बेचने की घटनाओं के बीच नेपाल पुलिस ने रविवार को देशव्यापी चेतावनी जारी की है।
नेपाल पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बाढ़ या आपदा के दौरान मिली किसी भी नकदी, आभूषण, दस्तावेज या अन्य कीमती सामान को तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में जमा कराया जाए। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसी वस्तुओं को अपने पास रखना, छिपाना या बेचने की कोशिश करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
पुलिस की यह चेतावनी धादिंग जिले में सामने आए एक गंभीर मामले के बाद जारी की गई है। बाढ़ के तेज बहाव में एक बैंक की सुरक्षित तिजोरी बहकर बेल्खुखोला में त्रिशूली नदी के किनारे पहुंच गई थी।
ग्रामीणों ने कथित तौर पर तिजोरी को कटर समेत अन्य उपकरणों की मदद से तोड़ दिया और उसमें रखी नकदी निकालकर अपने पास रख ली। मामले में नेपाल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 29 लोगों को गिरफ्तार किया है।
नेपाल पुलिस ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के दौरान सुरक्षा बल और राहत एजेंसियां बचाव एवं खोज अभियान में व्यस्त रहती हैं। ऐसे हालात में चोरी, लूटपाट और धोखाधड़ी जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। पुलिस ने लोगों से कानून हाथ में न लेने और बरामद सामान उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाने में सहयोग करने की अपील की है।
26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया था। इससे उत्तरी और मध्य नेपाल के कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए। इस भीषण आपदा में 1,300 से अधिक लोगों की मौत और 5,000 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। लापता लोगों में सैकड़ों भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं।
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अब पुराने डीजल वाहन को स्क्रैप में देने की जरुरत नहीं, IIT दिल्ली की बनाई मशीन को हरी झंडी; मात्र इतनी होगी कीमत
राजधानी दिल्ली समेत अन्य शहरो में पुरानी डीजल गाड़ियों से होने वाला प्रदूषण चिंता का कारण बना हुआ है। हालांकि अब हो सकता है कि सरकार जल्द ही पुरानी डीजल गाड़ियों को भी चलाने की इजाजत दे दे। इसके पीछे वजह है आईआईटी दिल्ली द्वारा विकसित खास डिवाइस जो कि पुरानी डीजल गाड़ियों का प्रदूषण 90 फीसदी तक नियंत्रित कर सकती है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस तकनीक को हरी झंडी दे दी है। भौगोलिकसंदर्भ
IIT दिल्ली द्वारा विकसित इस डिवाइस का नाम रेट्रोफिट एमिशन कंट्रोल डिवाइस (RECD) है। यह डिवाइस धुएं के साथ निकलने वाले पार्टिकुलेट मैटर को 90 फीसदी तक नियंत्रित कर लेती है। इसके अलावा नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा भी 60 फीसदी तक कम कर देती है। इसकी जानकारी देते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि अगर बीएस-III या फिर बीएस-IV में इस डिवाइस को लगा दिया जाए तो यह बीएस-VI की तरह काम करने लगेगी। भौगोलिकसंदर्भ
सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि यह टेस्ट पूरी तरह कामयाब हो गया है। अब पुरानी गाड़ियों को लेकर बड़ी राहत दी जा सकेगी और हर गाड़ी को कबाड़ में देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि कमर्शल गाड़ी बेचकर नई गाड़ी खरीदने से लोगों की जेब पर भारी बोझ पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह डिवाइस ज्यादा महंगी नहीं होने वाली है। इसकी कीमत 4000 से 5000 रुपये के बीच ही रह सकती है।
जल्द ही ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड 228 के तहत ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल डीजल से चलने वाले जनरेटर में भी किया जा सकता है। अगर यह डिवाइस प्रायोगिक तौर पर भी सफल रहती है तो लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है।
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स्क्रैपिंग पर क्या बोले थे गडकरी
बीते दिनों नितिन गडकरी ने वाहन निर्माता कंपनियों से स्क्रैपिंग के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की अपील करते हुए कहा था कि इससे उनकी बिक्री बढ़ेगी और लागत कम होगी। गडकरी ने यहां वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम के 66वें वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि स्क्रैपिंग से वाहन निर्माता कंपनियों को ही फायदा होगा। उन्होंने कहा, “इससे आपकी बिक्री बढ़ेगी, उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और लागत कम होगी।”

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केरल के त्रिशूर जिले में शुक्रवार देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में तमिलनाडु के एक ही कॉलेज के आठ युवाओं की जान चली गई. कार एक खड़ी लॉरी से जा टकराई. सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक घायल अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ गया. कार में सवार लोग तमिलनाडु के डिंडीगुल के एक इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र थे. पुलिस के मुताबिक, हादसा रात करीब 11:40 बजे कैपामंगलम के पनंबिकुन्नू में हुआ.
हादसा इतना भीषण था कि कार सवार सभी आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. दुर्घटनाग्रस्त वाहन तमिलनाडु में पंजीकृत था. केरल पुलिस के अनुसार, अभी और जानकारी का इंतजार है.
केरलम के त्रिशूर जिले में शुक्रवार देर रात एक कार हाईवे पर खड़ी लॉरी से टकरा गई. हादसा शुक्रवार रात 11 बजकर 40 मिनट पर हुआ. कार गुरुवायूर की ओर से आ रही थी और कोडुंगल्लूर की तरफ जा रही थी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस के अनुसार मृतक तमिलनाडु के रहने वाले और संभवतः छात्र थे.
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर एंड रेस्क्यू टीम और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया. पुलिस ने बताया कि सड़क पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण उसी दिशा में खड़ी लॉरी से कार जोरदार टक्कर खा गई. इस जोरदार टक्कर में दो घायलों को निकालने के लिए अग्निशमन कर्मियों को कार को काटना पड़ा.
वहीं, स्थानीय लोगों ने बताया कि लॉरी उसी दिशा में खड़ी थी, जहां सड़क का काम चल रहा था. स्थानीय लोगों, फायर और रेस्क्यू सर्विस के कर्मचारियों और पुलिस ने बुरी तरह टूटी गाड़ी से पीड़ितों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया. ये हादसा त्रिशूर में NH 66 पर हुआ. फिलहाल, पुलिस ने छात्रों के पहचान और उनके घरवालों का पता लगाने की कोशिश कर रही है.
सभी शवों को त्रिशूर मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में भेज दिया गया है. पुलिस मृतकों की पहचान और हादसे की वजह की जांच कर रही है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सभी मृतक तमिलनाडु के रहने वाले हो सकते हैं और उनके छात्र होने की आशंका है.
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महाराष्ट्र में गरबा-डांडिया में मुस्लिम एंट्री बैन, VHP ने जारी किये प्रवेश के नियम
विश्व हिंदू परिषद ने महाराष्ट्र भर में आयोजित होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिम समुदाय के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाने की घोषणा की है. इस उत्सव का आयोजन 10 दिनों तक चलेगा. विश्व हिंदू परिषद ने आयोजकों के लिए नियम तय किए हैं साथ ही आने वालों के आधार कार्ड की जांच और हिंदू पहचान की पुष्टि के लिए माथे पर तिलक लगाने को कहा गया है. विहिप के इस फैसले के बाद राज्य में एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस छिड़ गई है.
विश्व हिंदू परिषद ने महाराष्ट्र में नवरात्रि गरबा-डांडिया कार्यक्रमों में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगा दी है. संगठन ने आयोजकों के लिए क्या करें और क्या न करें की लिस्ट भी जारी की है.
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने आगामी 10 दिवसीय नवरात्रि उत्सव को लेकर एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है. विश्व हिंदू परिषद ने महाराष्ट्र में नवरात्रि उत्सव के दौरान मुसलमानों को गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में भाग लेने से रोकने और उपस्थित लोगों पर सख्त नियम लागू करने का फैसला किया है.
महाराष्ट्र में 25 से 30 हजार सार्वजनिक गरबा मंडल हैं. विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता और संयुक्त सचिव श्रीराज नायर ने कहा- नवरात्रि सिर्फ नाच-गाने का आयोजन नहीं, बल्कि देवी की आराधना का पर्व है. उन्होंने ने कहा है कि हमने नवरात्रि उत्सव के दौरान गरबा-डांडिया नृत्य में मुसलमानों की भागीदारी की अनुमति न देने का फैसला लिया है.
उन्होंने आगे कहा है कि जो मुसलमान मूर्ति पूजा के खिलाफ हैं, वे इस उत्सव में क्यों शामिल हों? हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नवरात्रि कार्यक्रमों में मुसलमानों को शामिल न होने देने का मतलब यह नहीं है कि VHP किसी समुदाय के खिलाफ है. विहिप इन्हें एहतियाती कदम के तौर पर देखता है.
विहिप द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, गरबा और डांडिया पंडालों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान की कड़ी जांच की जाएगी. प्रवेश करने के लिए कुछ नियमों से होकर गुजरना पड़ेगा- पहचान पत्र की जांच, तिलक और रक्षा सूत्र, गोमूत्र का छिड़काव.
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सुभाष चंद्रा पर CBI का शिकंजा, ₹1,322 करोड़ की धोखाधड़ी का केस दर्ज
एसेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। LIC Housing Finance की शिकायत पर CBI ने सुभाष चंद्रा और एसेल ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ ₹1,322 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में FIR दर्ज की है। CBI की बैंकिंग एंड सिक्योरिटी फ्रॉड डिविजन ने 31 अगस्त को यह मामला दर्ज किया।
यह कार्रवाई 27 अगस्त के NCLT फैसले के चार दिन बाद हुई। LIC Housing Finance ने 31 अगस्त को शिकायत दर्ज कराई और उसी दिन CBI ने FIR दर्ज कर ली। शिकायत में सुभाष चंद्रा के अलावा एसेल ग्रुप से जुड़ी कई कंपनियों, उनके निदेशकों और अज्ञात सरकारी अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।
LIC Housing Finance के मुताबिक, ₹500 करोड़ और ₹480 करोड़ के लोन के लिए सुभाष चंद्रा ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी। इसके लिए जमा किए गए दो नेटवर्थ सर्टिफिकेट में उनकी संपत्ति क्रमशः ₹59,113 करोड़ और ₹40,562 करोड़ बताई गई थी।
हालांकि, व्यक्तिगत दिवालिया कार्यवाही के दौरान चंद्रा ने इन आंकड़ों से इनकार करते हुए 2024 में अपनी नेटवर्थ केवल ₹31.79 करोड़ बताई। शिकायत में आरोप है कि गलत दस्तावेजों और बढ़ी हुई नेटवर्थ के आधार पर लोन मंजूर और वितरित कराया गया।
FIR में सुभाष चंद्रा के साथ वसंत सागर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड, पैन इंडिया इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, डिजिटल सब्सक्राइबर मैनेजमेंट एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और स्पिरिट इंफ्रापावर एंड मल्टीवेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड समेत संबंधित निदेशकों के नाम शामिल हैं।
यह मामला उस विवाद के बीच सामने आया है, जिसमें NCLT ने करीब ₹22,006 करोड़ की देनदारी के बदले ₹6.5 करोड़ में दिवालिया मामला निपटाने का फैसला दिया था। विवाद बढ़ने के बाद पांच सदस्यीय NCLT ने इस फैसले पर रोक लगा दी।

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