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ग्वालियर। जिले में पुलिस महकमे से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। कोर्ट में पेश दस्तावेजों और गवाहों के बयान के आधार पर विशेष न्यायालय ने तत्कालीन ग्वालियर एसपी सहित चार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में कोर्ट ने ही प्रकरण दर्ज किया है। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि जिन CCTV फुटेज में कथित लेन-देन कैद होने का दावा किया गया था, वही फुटेज बाद में डिलीट मिली।
दरअसल मामला ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र का है। जहां दीनदयाल नगर निवासी अनूप नाम के व्यक्ति के भाई के खिलाफ धोखाधड़ी यानी 420 का मामला दर्ज किया गया था। मामला पैसों के लेन-देन से जुड़ा था। शिकायतकर्ताओं और आरोपी पक्ष के बीच समझौते की बातचीत भी हो चुकी थी। कोर्ट में दिए गए परिवाद के मुताबिक, फरियादियों ने खुद जांच अधिकारी को बताया था कि समझौता हो चुका है और आरोपी का नाम एफआईआर से हटाया जाए।
आरोप है कि यहीं से शुरू हुआ वसूली का पूरा खेल। परिवाद में कहा गया है कि जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर अजय सिकरवार ने दोनों पक्षों से पैसों की मांग शुरू कर दी। दस्तावेज के मुताबिक, अनूप पक्ष से पहले करीब 4 लाख 90 हजार रुपये दिए जा चुके थे, इसके बाद 23 दिसंबर 2023 को अनूप को फोन कर थाने बुलाया गया। जहां कथित तौर पर उसे पूरी रात बैठाकर रखा गया और अगले दिन रकम का दबाव बनाया गया।
कोर्ट में दर्ज परिवाद के मुताबिक 24 दिसंबर 2023 को अनूप को कथित तौर पर पुलिसकर्मियों ने थाने में रखा और उसके घर से करीब 9 लाख 75 हजार रुपये उसके साथ दबाब बनाकर उठा लिए। आरोप है कि यह रकम आरक्षक संतोष वर्मा के जरिए उठवाई गई। इतना ही नहीं, इसी दौरान मामले में शामिल चंद्रलेखा जैन नाम की महिला को भी दबाव में लिया गया। परिवाद के अनुसार उसके घर से करीब 15 लाख रुपये पुलिसकर्मियों द्वारा उठवाए गए, यानि दोनों जगहों से कुल करीब 30 लाख रुपये लिए जाने का आरोप है।
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि रकम लाल रंग के बैग में रखकर दी गई थी और पूरी गतिविधि थाने के CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई थी। परिवाद में कई घटनाओं का विस्तार से जिक्र किया गया है। बताया गया कि पुलिसकर्मियों द्वारा लगातार फोन कॉल, घर पर दबिश और रकम के लिए दबाव बनाया जाता रहा। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जब उसने तत्कालीन एसपी राजेश चंदेल से शिकायत की, तो कार्रवाई होने के बजाय उसे ही इस प्रकरण में आरोपी बना दिया गया। बाद में जमानत मिलने के बाद अनूप राणा ने विशेष न्यायालय में परिवाद दायर किया। जिसमें तत्कालीन एसपी राजेश चंदेल, थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ यादव, सब इंस्पेक्टर अजय सिकरवार और आरक्षक संतोष वर्मा को आरोपी बनाया गया।
कोर्ट में एक अहम आवेदन भी पेश किया गया,जिसमें 24 और 25 दिसंबर 2023 की CCTV फुटेज सुरक्षित मंगाने की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता का दावा था कि फुटेज में पैसों से भरा लाल बैग, पुलिसकर्मियों की आवाजाही और पूरी कथित वसूली की घटना दिखाई दे रही है। लेकिन जब कोर्ट ने पुलिस से CCTV फुटेज पेश करने को कहा, तो जवाब दिया गया कि फुटेज उपलब्ध नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने कारण बताओ नोटिस जारी किया, कोर्ट के आदेश पर एडिशनल एसपी रेडियो की जांच में सामने आया कि 3 जनवरी 2024 से पहले की CCTV रिकॉर्डिंग डिलीट की जा चुकी थी।यहीं से मामला और ज्यादा गंभीर हो गया।
कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा कि आरोप उन लोगों पर हैं जो स्वयं कानून के रक्षक हैं और कानून की बारीकियों से पूरी तरह परिचित हैं। ऐसे में प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि पहले अपराध किया गया और बाद में सबूत मिटाने का प्रयास भी हुआ। इसी आधार पर विशेष न्यायालय डकैती ने चारों आरोपियों तत्कालीन एसपी राजेश चंदेल, तत्कालीन थाटीपुर थाना प्रभारी टीआई सुरेंद्र नाथ यादव,IO सब इंस्पेक्टर अजय सिकरवार,आरक्षक संतोष वर्मा के खिलाफ IPC की धारा 392, 201, 120-B और एमपीडीपी एक्ट की धारा 11/13 के तहत कोर्ट ने ही प्रकरण दर्ज किया। इस पूरे मामले ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। क्योंकि सवाल सिर्फ अवैध वसूली का नही, बल्कि उस भरोसे का है जो आम जनता कानून और पुलिस व्यवस्था पर करती है।
बहरहाल ग्वालियर का यह मामला इसलिए भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सीधे तौर पर पुलिस अधिकारियों पर डकैती, साजिश और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है और अब सभी की नजर अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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पीएम मोदी की अपील और चीफ जस्टिस की प्रेरणा से साइकिल चलाकर हाईकोर्ट पहुंचे जज
जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले से आई सादगी की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर छा गई है! जहां एक तरफ रसूख और वीआईपी कल्चर का शोर रहता है, वहीं हाईकोर्ट के एक माननीय जस्टिस ने ‘साइकिल’ चलाकर सबको चौंका दिया और एक बड़ा संदेश दे दिया। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तेल बचत और पर्यावरण संरक्षण की अपील का जबलपुर में बड़ा असर देखने को मिला है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल (High Court Justice D.D. Bansal) आज अपनी लग्जरी सरकारी गाड़ी छोड़कर साइकिल से कोर्ट पहुंचे। जस्टिस बंसल करीब 3 किलोमीटर का रूट तय करते हुए कोर्ट पहुंचे। रोज की तरह आज जज साहब अपनी सरकारी गाड़ी से न पहुंचते हुए ​पचपेढ़ी सिविल लाइंस स्थित आवास से हाई कोर्ट तक ​साधारण साइकिल से ही पहुंच गए।​ जस्टिस बंसल शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर किसी आम नागरिक की तरह पैडल मारते नजर आए। उनके साथ उनके स्टाफ के कर्मचारी भी थे, जो बैग और टिफिन लेकर साइकिल पर ही उनके पीछे चल रहे थे।
जस्टिस बंसल ने इस दौरान कहा कि, यह सोचना गलत है कि हाई कोर्ट का जज होने के नाते आप साइकिल नहीं चला सकते। संकट के समय में प्रधानमंत्री के आह्वान और हमारे चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की प्रेरणा से मैंने यह पहल की है। जहां तक संभव हो, हम सबको तेल की बचत करनी चाहिए।
एक उच्च पद पर आसीन व्यक्ति का आम सड़क पर साइकिल चलाना वीआईपी कल्चर पर कड़ा प्रहार है। ​पर्यावरण और बचत: पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और फिटनेस को बढ़ावा देने का सीधा संदेश। ​सामूहिक प्रयास: जस्टिस के साथ उनके स्टाफ का शामिल होना टीम वर्क और साझा संकल्प को दर्शाता है। जब न्याय के रक्षक खुद सड़क पर उतरकर देशहित की अपील पर अमल करते हैं, तो वह समाज के लिए एक नजीर बन जाता है। जस्टिस डीडी बंसल की यह ‘राइड’ सिर्फ कोर्ट तक का सफर नहीं, बल्कि जागरूक नागरिक बनने की प्रेरणा है।
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अपोलो अस्पताल ने बिना बीमारी के बना दिया हजारों का बिल, जहर खाने के ‘नाटक’ को ICU तक ले गए डॉक्टर्स
ग्वालियर। अक्षय कुमार की फिल्म ‘गब्बर इज बैक’ तो आपने देखी होगी, जिसमें अस्पताल मुर्दों का इलाज कर बिल वसूलते हैं। ऐसा ही कुछ हकीकत में देखने को मिला है ग्वालियर के नामी अपोलो अस्पताल में! जहां एक बेटी के छोटे से झूठ और अस्पताल की बड़ी ‘लूट’ ने एक पिता को बेबस कर दिया। महज 4 घंटे का बिल 38 हजार और फिर देखते ही देखते बिल पहुंचा 67 हजार के पार!
दरअसल मामला 7 तारीख का है। एक घर में पिता और बेटी के बीच मामूली झगड़ा हुआ। बेटी ने गुस्से में आकर जहर खाकर बेहोशी का नाटक किया। डरा हुआ पिता आनन-फानन में अपनी लाडली को लेकर शहर के साईं बाबा मंदिर रोड अपोलो अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचा। पिता को लगा कि डॉक्टर जान बचाएंगे, लेकिन आरोप है कि डॉक्टरों ने इस मौके को ‘कमाने’ का जरिया बना लिया।
बेटी के नाटक को डॉक्टरों ने ‘हाई रिस्क’ बताकर सीधे ICU में भर्ती कर लिया। 10 हजार रुपए एडवांस भी जमा करा लिए गए। लेकिन रात 11 बजे लगातार मेडिसिन लगने पर बेटी ने खुद पिता को सच बताया कि वह बिल्कुल ठीक है, तब पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। पिता ने तुरंत अस्पताल प्रबंधन को सच्चाई बताई, लेकिन तब तक अस्पताल अपना जाल बुन चुका था। महज 4 घंटे के अंदर पिता के हाथ में 38 हजार का बिल थमा दिया गया,लेकिंग पिता के पास तत्काल पैसे नहीं थे,तो आरोप है कि अस्पताल ने बेटी को डिस्चार्ज करने से मना कर दिया। दो दिन बीतते-बीतते बिल 68 हजार हो गया।
आरोप है कि पैसे के अभाव में अस्पताल ने बेटी को ‘बंधक’ बना लिया और पिता को मिलने तक नहीं दिया गया। अस्पताल की इस मनमानी के आगे जब पिता थक गया, तो उसने जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाई।खबर मिलते ही कांग्रेस नेता सुनील शर्मा और समाजसेवी अनंत शर्मा अस्पताल पहुँचे। भारी दबाव और मामले के तूल पकड़ते ही अस्पताल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए।आखिरकार, प्रबंधन ने अपनी गलती मानी और लगाए गए सभी अवैध चार्ज माफ कर दिए, जिसके बाद बेटी को डिस्चार्ज किया गया।
यह घटना सवाल उठाती है उन बड़े अस्पतालों पर,जो सेवा के नाम पर सिर्फ पैसा कमाना जानते हैं। अगर जनप्रतिनिधि समय पर न पहुंचते, तो शायद उस पिता को अपनी जमीन या गहने गिरवी रखने पड़ते। अस्पताल ने गलती तो मान ली, लेकिन क्या इस मानसिक प्रताड़ना का कोई हिसाब है?

बड़वानी। सरकारी अस्पताल आने वाले मरीजों को खून सहित अन्य जांचों के लिए प्राइवेट पैथालॉजी भेजने के बदले में पैथालॅजी संचालक से कमीशन लेने वाले बड़वानी जिले के राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के दो ब्लॉक मेडिकल आफीसर सहित एक संविदा डॉक्टर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
मरीज भेजने के बदले 20 प्रतिशत के बजाय 50 प्रतिशत कमीशन मांगने की शिकायत अदनान अली पिता फरहत अली, मैंनेजर, सेवा पेथेलॉजी लैब, राजपुर, निवासी-टेमला मार्ग, बड़वानी रोड़ राजपुर, जिला बड़वानी ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में की। शिकायतकर्ता ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर के बीएमओ डॉ अमित शाक्य और बीएमओ डॉ. दिव्या सांई के साथ संविदा पर कार्यरत चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोहर गोदारा कमीशन का रेट बढ़ाकर कमीशन की रिश्वत मांग रहे हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार उसकी लैब में बीते माह मरीजों की जांच की राशि की 50 प्रतिशत राशि डॉ. अमित शाक्य द्वारा 18,000 रुपए, डॉ. दिव्या सांई द्वारा 8,000 रुपए एवं डॉ. मनोहर गोदारा द्वारा 21,800 रुपए कमीशन (रिश्वत) मांगी जा रही थी। बातचीत के बाद कमीशन में कुछ कमी करके देने के लिए दबाव बनाया गया। इसके बाद आरोपी अमित शाक्य 8000 रुपए, आरोपी दिव्या 5000 रुपए और आरोपी मनोहर गोदारा 12000 रूपए लेने पर सहमत हो गए।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक इंदौर राजेश सहाय ने रिश्वत मांगने की शिकायत का सत्यापन करवाया, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद कमीशनखोरों को पकडने के लिए ट्रैप दल का गठन किया गया। ट्रैपदल में डीएसपी सुनील तालान, कार्यवाहक निरीक्षक श्रीमती रेनू अग्रवाल, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, विवेक मिश्रा, आरक्षक चंद्रमोहन बिष्ट, रामेश्वर निंगवाल, कमलेश परिहार, आशीष नायडू, श्रीकृष्णा अहिरवार, शेरसिंह, प्रभात मोरे, महिला आरक्षक जाह्नवी सेंगर, जानू वास्केल शामिल शामिल किया गया। इसके बाद ट्रैप दल को रवाना किया गया।
पैथालॉजी के मैनेजर अदनान अली से आरोपी डॉ. अमित शाक्य को 8,000 रुपए, आरोपी लेडी डॉक्टर दिव्या साईं को 5,000 हजार रुपए और आरोपी डॉक्टर मनोहर गोदारा को 12,000 रुपए की रिश्वत (कमीशन) राशि लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7 एवं बी.एन.एस. 2023 की धारा 61 (2), के अंतर्गत कार्यवाही की गई।
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मनचले ने AI से बनाए छात्रा के आपत्तिजनक फोटो, ब्लैकमेल कर तुड़वाई सगाई, केस दर्ज
इंदौर। कॉलेज छात्रा की शिकायत पर बाणगंगा पुलिस ने एक मनचले के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि उसने छात्रा का एआई से फोटो बनाया और ब्लैकमेल किया। आरोपित ने युवती की सगाई भी तुड़वा दी। आरोपित पीड़िता का परिचित है। पुलिस के अनुसार प्रथम वर्ष की छात्रा द्वारा आरोपित विशाल गुर्जर निवासी राऊ के विरुद्ध शिकायत की थी। बयान लेकर पुलिस ने विशाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली।
साल 2024 में एक कार्यक्रम के दौरान विशाल से पीड़िता का परिचय हुआ था। इस दौरान विशाल ने फोटो खींच लिए थे। बातचीत बढ़ने पर विशाल शादी का दबाव बनाने लगा। इनकार करने पर उसने एआई से फोटो बनाए और इंटरनेट मीडिया पर बदनाम करने लगा। स्वजन ने पीड़िता का अन्य जगह रिश्ता तय किया तो आरोपित ने एडिटेड फोटो भेज कर रिश्ता तुड़वा दिया।
होटल में महिला से दुष्कर्म: शादी का झांसा देकर बनाए संबंध
महिला पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर स्कीम-71 निवासी अचल प्रेम जैन के खिलाफ केस दर्ज किया है। उस पर शादी का झांसा देकर संबंध बनाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार भंवरकुआं निवासी महिला का तलाक हो चुका है। अचल ने पिछले साल शादी के संबंध में चर्चा की और भंवरकुआं स्थित होटल में शारीरिक संबंध बनाए।
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सिंधिया-दिग्विजय सिंह मानहानि केस: ‘देश विरोधी’ शब्द को लेकर MPMLA कोर्ट में हुई सुनवाई
ग्वालियर। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह के मानहानि केस को लेकर ग्वालियर जिला कोर्ट के MPMLA कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में परिवादी एडवोकेट नितिन शर्मा के बयान दर्ज किए गए।
मामला 26 अप्रैल 2023 की कथित टिप्पणियों से जुड़ा हुआ है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिग्विजय सिंह के लिए ‘देश विरोधी’ शब्द का उपयोग किया था। परिवाद में सिंधिया के अलावा मंत्री तुलसीराम सिलावट और महेंद्र सिंह सिसोदिया पर भी आपत्तिजनक बयान देने और पोस्ट को री-पोस्ट करने के आरोप लगाए गए।
मामला पहले सीजेएम कोर्ट में था। जिसे अब एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया है। जांच के दौरान पुलिस ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट पहले ही न्यायालय में पेश कर दी है। जिसमें विवादित सोशल मीडिया पोस्ट के मौजूद होने की पुष्टि हुई है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 जून की तारीख तय की गई है।

दुर्ग (खपरी): छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. कुम्हारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम खपरी में आज गैस सिलेंडर फटने से एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. मृतकों में एक चार साल का मासूम बच्चा भी शामिल है, जिससे पूरे इलाके में मातम पसर गया है.
मिली जानकारी के अनुसार, हादसा उस वक्त हुआ जब खपरी गांव के एक घर में अचानक गैस सिलेंडर जबरदस्त धमाके के साथ फट गया. विस्फोट इतना भीषण था कि आग ने पलक झपकते ही पूरे मकान को अपनी आगोश में ले लिया. घर के भीतर मौजूद सदस्यों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका.
स्थानीय ग्रामीणों ने धमाके की गूंज सुनते ही मौके की ओर दौड़ लगाई और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया. हालांकि, आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि अंदर फंसे लोगों को बचाना असंभव हो गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक सब कुछ राख हो चुका था.
घटना का संक्षिप्त विवरण:
स्थान: खपरी गांव, कुम्हारी थाना क्षेत्र (दुर्ग).
हताहत: 4 लोग (3 वयस्क और 1 चार वर्षीय बच्चा).
कारण: घरेलू गैस सिलेंडर में विस्फोट.
पुलिस ने चारों शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. कुम्हारी पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि सिलेंडर फटने का मुख्य कारण गैस लीकेज था या कोई अन्य तकनीकी खामी. इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह खत्म कर दिया है, जिससे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है.

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बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम: मंत्री हरदीप पुरी ने कहा- कंपनियां रोज झेल रहीं 1,000 करोड़ का घाटा
नई दिल्ली. वैश्विक तनाव और तेल कंपनियों के भारी वित्तीय बोझ के बीच भारत में ईंधन की कीमतों को लेकर बड़ी हलचल शुरू हो गई है. केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सीआईआई एनुअल बिजनेस समिट 2026 में देश की ऊर्जा सुरक्षा और पेट्रोल-डीजल के भविष्य पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है.
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया है कि भले ही पिछले चार वर्षों से पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखा गया हो, लेकिन भविष्य में इनमें बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि देश की तेल विपणन कंपनियां वर्तमान में प्रतिदिन 1,000 करोड़ रुपये का घाटा सह रही हैं. मंत्री ने कहा, कंपनियां उपभोक्ताओं को महंगाई से बचाने के लिए यह दबाव झेल रही हैं, लेकिन यह स्थिति लंबे समय तक बरकरार रखना एक बड़ी चुनौती है.
विपक्ष और जनता के बीच चल रही उन अटकलों को हरदीप पुरी ने सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि सरकार ने विधानसभा चुनावों की वजह से कीमतों को रोक रखा था. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, पेट्रोल-डीजल की कीमतों और चुनावों का आपस में कोई संबंध नहीं है. हमने वैश्विक चुनौतियों को अवसर में बदला है, न कि राजनीतिक लाभ के लिए दरों को नियंत्रित किया है.
हरदीप पुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान वैश्विक युद्ध की स्थिति और तनाव जारी रहता है, तो देश के राजकोषीय स्वास्थ्य को बचाने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं. सरकार की प्राथमिकता वैश्विक अस्थिरता के बीच देश की अर्थव्यवस्था और आम आदमी के हितों के बीच संतुलन बनाना है.
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क्या भारत में फिर लगेगा लॉकडाउन? पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने बताया कितना है पेट्रोल-डीजल और LPG स्टॉक
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल, गैस की कमी और संभावित लॉकडाउन को लेकर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं। सोशल मीडिया पर लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या देश में फिर से लॉकडाउन लग सकता है? क्या पेट्रोल-डीजल महंगा होने वाला है? क्या गैस की किल्लत होगी?
इन सभी सवालों पर अब केंद्र सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि देश में न तो ईंधन की कमी है और न ही किसी तरह का लॉकडाउन लगाने की योजना है।
लॉकडाउन की अफवाहों पर क्या बोले मंत्री?
CII समिट में बोलते हुए हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि कल कोई लॉकडाउन नहीं लगने जा रहा है। ये सिर्फ मिथक और अफवाहें हैं। उन्होंने लोगों से ऐसी भ्रामक खबरों पर ध्यान न देने की अपील की।
भारत के पास कितना तेल और गैस भंडार है?
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत के पास पर्याप्त मात्रा में तेल और गैस का स्टॉक मौजूद है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए बताया कि देश फिलहाल किसी बड़े संकट की स्थिति में भी सप्लाई बनाए रखने में सक्षम है।
मंत्री ने बताया कि युद्ध से पहले भारत की लगभग 60% रसोई गैस सप्लाई हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आती थी। युद्ध के कारण सप्लाई प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए भारत ने घरेलू उत्पादन बढ़ा दिया है।
LPG उत्पादन में बढ़ोतरी
पहले उत्पादन : 36,000 MT
अब उत्पादन : 54,000 MT
उन्होंने साफ कहा कि देश में कहीं भी गैस या तेल की कोई कमी नहीं है।
पेट्रोल-डीजल के दाम क्यों नहीं बढ़े?
हरदीप पुरी ने कहा कि पिछले चार साल में सरकार ने आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला। उन्होंने बताया कि 2022 के बाद कई चुनाव हुए, लेकिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की गई। हालांकि इसका असर तेल कंपनियों पर पड़ा है।
तेल कंपनियों को कितना नुकसान?
रोजाना नुकसान : करीब 1,000 करोड़ रुपये
कुल अंडर-रिकवरी : लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये
मंत्री ने कहा कि दुनिया के कई देशों में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं, लेकिन भारत ने आम जनता पर इसका पूरा बोझ नहीं डाला।
क्या सरकार ने लाइफस्टाइल बदलने के संकेत दिए?
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि अगर युद्ध लंबे समय तक चलता है, तो लोगों को अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करने पड़ सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने मुश्किल हालात को अवसर में बदला है और आज देश दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा रिफाइनर और पेट्रोलियम उत्पादों का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक बन चुका है।
आम लोगों के लिए क्या मतलब?
सरकार के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि फिलहाल देश में-
लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है
पेट्रोल-डीजल और गैस की सप्लाई सामान्य है
तेल और गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है
सरकार फिलहाल कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रही है
हालांकि मिडिल ईस्ट में हालात लंबे समय तक खराब रहने पर भविष्य में आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल सरकार का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और लोगों को अफवाहों से बचना चाहिए।

इंदौर मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर के नवलखा इलाके में खड़ी 5 बसों में एक एक करके भीषण आग लगने के बाद सनसनी फैल गई। आग इतनी भयावह थी कि, इसकी लपटें करीब 5 किलोमीटर दूर तक धिखाई दे रही थीं। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड के दो दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
मामले को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि, आग लगने के दौरान एक के बाद एक 4 धमाके भी सुनाई दिए। ये गैस सिलेंडर फटने के जैसी आवाज थी। फिलहाल, इसकी अबतक इसकी प्रशासनिक पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि, ये घटना नवलखा इलाके में तीन इमली के पास सोमवार सुबह घटी है। बताया जा रहा है कि, यहां यात्री बसें पार्क की जाती हैं।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह एक बस में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी के चलते संबंधित बस में वेल्डिंग की जा रही थी। यहीं किसी कारण से बस ने आग पकड़ ली। कुछ ही देर में लपटें एक के बाद एक पांच बसों तक पहुंच गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि, हादसे के समय मौके पर 20 से ज्यादा बसें खड़ी थीं। आनन-फानन में सभी बसों को उनके स्थान से हटाया गया। हालांकि, जबतक संबंधित बस के नजदीक खड़ी पांच बसों ने भी आग पकड़ ली थी। वहीं, आसपास रिहायशी बस्ती होने की वजह से लोगों में सनसनी फैल गई। इलाके के लोग घरों से बाहर निकलकर सड़क पर खड़े हो गए।
वहीं, मामले को लेकर क्षेत्र के पार्षद मनीष शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि, रिहायशी इलाके में निजी बसों की पार्किंग और मरम्मत को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है। सुनवाई नहीं होने से हमेशा बड़े हादसे का खतरा बना रहता है।
घटना पर विरोध जताते हुए पार्षद मनीष शर्मा मौके पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा- जब तक बसें यहां से नहीं हटाई जातीं, साथ ही पार्किंग समस्या का पूरी तरह से समाधान नहीं निकलता, तबतक वो धरने पर ही बैठे रहेंगे।
वहीं, मामले को लेकर थाना प्रभारी लोकेश सिंह भदौरिया का कहना है कि, हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। मामले में अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसपर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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आरक्षक पर साथी पुलिसकर्मी और उसके बेटे ने किया जानलेवा हमला, चाकू और डंडों से किया लहूलुहान
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के बिछिया थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस लाइन से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां कानून के रखवाले ही आपस में भिड़ गए। यहां तैनात एक पुलिसकर्मी ने अपने ही साथी आरक्षक पर चाकू और डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में आरक्षक मुकेश तिवारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक, घायल मुकेश तिवारी वर्तमान में मनगवां थाना में पदस्थ हैं और उनकी ड्यूटी कलेक्ट्रेट में लगी हुई है। बीती रात जब वे खाना लेने अपने शासकीय आवास पहुंचे, तभी पहले से घात लगाए बैठे साथी पुलिसकर्मी सुरेंद्र पांडे, उसके बेटे और दो अन्य साथियों ने उन पर हमला बोल दिया। आरोपियों ने चाकू, टांगी और डंडों से मुकेश तिवारी पर ताबड़तोड़ वार किए।
पीड़ित की पत्नी ने बताया कि आरोपी सुरेंद्र पांडे पिछले 3-4 दिनों से लगातार गाली-गलौज कर रहा था और बीती रात उसने रंजिश के चलते इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी पुलिसकर्मी अपने साथियों के साथ फरार हो गया है। घायल जवान को संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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होटल में पकड़ाई हिंदू युवती, बजरंग दल ने युवक को अर्धनग्न कर घसीटा, मुंह पर पोता गोबर
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक कपल के होटल में रुकने पर भारी हंगामा हुआ। इसकी वजह युवक का विशेष वर्ग और युवती का हिंदू वर्ग से होना था। इसके बाद बजरंग दल ने कथित लव जिहाद का आरोप लगाते हुए उसे न सिर्फ अर्धनग्न कर पीटा, बल्कि उसके मुंह पर गोबर भी लगा दिया।
घटना गोविंदपुर थाना क्षेत्र के गौतम नगर की है जहां स्थित एक होटल में युवक आरिफ खान और युवती पकड़ाए थे। युवक जहांगीराबाद का रहने वाला था जबकि युवती अयोध्या नगर की निवासी बताई जा रही है। दोनों ने करीब 2 घंटे पहले होटल में चेक इन किया था। जैसे हो हिंदूवादी संगठन को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने दल बल के साथ पहुंचकर होटल में छापामार कार्रवाई की। जैसे ही उन्होंने लड़के और लड़कियों की पृष्ठभूमि की जांच की, उनका खून और खौल उठा।
हिंदू संगठन ने आरिफ खान को होटल से बाहर निकाला और जमकर कुटाई कर दी। इतना ही नहीं, उसे अर्धनग्न कर घसीटा और मुंह पर गोबर थोप दिया और स्याही लपेट दी। हालांकि, इस दौरान युवती ने जो बताया उसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। उसने कहा कि वह आरिफ के साथ पिछले 5 सालों से लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी। जिस जगह वह रहती है वहां लड़कों के आने पर मनाही है इसलिए उन दोनों ने साथ वक्त गुजारने के लिए होटल बुक किया था।
हिंदू संगठन के लोग दोनों को लेकर थाने पहुंचे जहां युवती ने युवक पर किसी तरह की कार्रवाई करवाने से साफ मना कर दिया। उसने पुलिस बयान में कहा कि वह किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं चाहती है। हालांकि जांच में यह भी सामने आया है कि पकड़े गए आरोपी आरिफ खान का आपराधिक रिकॉर्ड है।

छतरपुर केन-बेतवा प्रोजेक्ट के तहत मध्य प्रदेश के छतरपुर और पन्ना जिलों की सीमा पर बन रहे ढोढन बांध स्थल पर आदिवासियों ने एक बार फिर से आंदोलन शुरू कर दिया है। यानी केन-बेतवा लिंक परियोजना का विरोध एक बार फिर तेज हो गया है। इस बार आंदोलनकारी अमित भटनागर की गिरफ्तारी के विरोध में एसपी ऑफिस का घेराव करने पहुंची, साथ ही दर्जनों आदिवासी महिलाओं ने 'चिता आंदोलन' के तहत अपने अपने मासूम बच्चों के साथ चिताओं पर लेटकर विरोध प्रदर्शन किया।
गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाओं ने पहले पन्ना एसपी कार्यालय का घेराव किया। इसके बाद महिलाएं परियोजना के निर्माण स्थल पर पहुंच गईं और अपने मासूम बच्चों के साथ जलने के लिए तैयार चिताओं पर लेट गईं।
आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि, जब तक समाज सेवी अमित भटनागर को रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक उनका प्रदर्शन इसी तरह जारी रहेगा। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि, वो अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाली नहीं हैं। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ - साथ प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात किया गया है।
आपको याद दिला दें कि, इससे पहले पिछले महीने यानी अप्रैल में केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में चल रहा आंदोलन निर्णायक और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया था। जहां प्रशासन द्वारा आंदोलन को दबाने की हर कोशिश के बावजूद हजारों आदिवासी किसान, विशेष रूप से महिलाएं, हिम्मत हारने के बजाय चिता आंदोलन तक पहुंच गई थी। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आदिवासी महिलाओं और जय किसान संगठन के नेता सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने सरकार के दमन के सामने आक्रामक रुख अपनाया था।
आंदोलनकारियों का कहना था कि, उन्हें दिल्ली जाकर अपनी बात रखने से रोका गया, रास्तों में कई जगह रोका गया, राशन और पानी तक रोक दिया गया साथ ही धमकियां दी गई। अब प्रशासन ने अपने ही गांव और जंगल में धारा 163 लागू कर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की है। आंदोलनकारियों ने इसे दमन की पराकाष्ठा बताया था।
फिलहाल, प्रशासन की ओर से इन आंदोलनकारियों से कोई बातचीत नहीं की गई है, जिससे आदिवासियों के गुस्सा भड़क रहा है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहीं दिव्या अहिरवार का कहना है कि, गांव-गांव से लोग पैदल चलकर बांध स्थल पर पहुंच रहे हैं। आगे आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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रिश्वत लेते पकड़ा गया आरक्षक और एफआरवी ड्राइवर , मांग रहा था 50 हजार रुपए
भोपाल में पुलिस विभाग ने अपने ही स्टाफ पर बड़ी कार्रवाई की है। कोहेफिजा थाने के आरक्षक यशपाल तोमर और एफआरवी के एक ड्राइवर को रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया। कार्रवाई एसीपी अनिल वाजपेयी के नेतृत्व में की गई। दोनों पर मकान मालिक और किराएदार के विवाद में कार्रवाई के बदले पैसे मांगने का आरोप है।
जानकारी के मुताबिक मामला मकान मालिक और किराएदार के बीच चल रहे विवाद से जुड़ा है। आरोप है कि आरक्षक यशपाल तोमर किराएदार के पक्ष में कार्रवाई करने और मामला सुलझाने के बदले 50 हजार रुपए की मांग कर रहा था। पीड़ित ने इसकी शिकायत सीधे पुलिस कमिश्नर से की थी। शिकायत के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए गए।
पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर एसीपी अनिल वाजपेयी की टीम ने ट्रैप ऑपरेशन चलाया। कार्रवाई के दौरान आरक्षक और एफआरवी ड्राइवर को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया। इसके बाद कोहेफिजा पुलिस ने आरोपी आरक्षक को हिरासत में ले लिया। वहीं एफआरवी ड्राइवर को तत्काल पद से हटा दिया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने कोहेफिजा थाने के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी केजी शुक्ला के आचरण और पूरे मामले में उनकी भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
अपने ही विभाग के कर्मचारियों के रिश्वत लेते पकड़े जाने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वरिष्ठ अधिकारी अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इसमें अन्य कर्मचारी भी शामिल तो नहीं हैं।
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रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, RailOne ऐप से टिकट बुक करने पर मिलेगी 3% की छूट, ऐसे उठाएं लाभ
शहडोल। रेलवन ऐप के माध्यम से अनारक्षित टिकट बुक कर डिजिटल भुगतान करने पर यात्रियों को तीन प्रतिशत की छूट दी जा रही है। हालांकि बतौर प्रयोग यह सुविधा अभी 14 जुलाई तक के लिए ही लागू है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल द्वारा रेलवन ऐप के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत यह छूट दी जा रही है। शहडोल सहित बिलासपुर मंडल के 81 स्टेशनों के बुकिंग कार्यालयों में रेलवन ऐप को बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्रमुख स्टेशनों पर उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से यात्रियों को ऐप की जानकारी दी जा रही है। वाणिज्य विभाग द्वारा प्रमुख स्टेशनों पर हेल्प डेस्क संचालित कर यात्रियों को ऐप डाउनलोड करने, टिकट बुकिंग एवं डिजिटल भुगतान संबंधी सहायता भी प्रदान की जा रही है। स्टेशनों के बुकिंग काउंटर में लगे रेलवन ऐप स्टिकरों पर प्रदर्शित क्यूआर कोड को स्कैन करके रेलवन ऐप डाउनलोड कर सकते हैं और टिकट भी बुक कर सकते हैं।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह ने बताया कि रेलवन ऐप भारतीय रेल की डिजिटल सेवाओं को एक मंच पर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे यात्रियों को तेज, पारदर्शी एवं सुविधाजनक सेवाएं मिल रही हैं। इसके माध्यम से यात्रियों को डिजिटल टिकटिंग एवं आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
रेलवन ऐप के माध्यम से यात्री आरक्षित, अनारक्षित एवं प्लेटफार्म टिकटों की आसानी से बुकिंग कर सकते हैं, साथ ही टिकट निरस्तीकरण एवं रिफंड की प्रक्रिया भी बेहद सरल एवं त्वरित रूप में उपलब्ध है। यात्रियों को पीएनआर स्टेटस, वेटिंग स्थिति, लाइव ट्रेन रनिंग स्टेटस, ट्रेन के आगमन एवं प्रस्थान समय, प्लेटफार्म नंबर तथा कोच पोजिशन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी रियल टाइम में प्राप्त होती हैं।
रेलवन ऐप सुरक्षित, सुविधाजनक एवं तेज डिजिटल भुगतान सुविधा उपलब्ध कराता है। रेलवन ऐप में यात्रियों को तेज, सुरक्षित एवं सुविधाजनक डिजिटल टिकटिंग सुविधा मिलने के कारण यात्रियों के समय एवं श्रम दोनों की बचत हो रही है और टिकट काउंटरों में भीड़ एवं लंबी कतारों से राहत मिल रही है।

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दुर्ग (खपरी): छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. कुम्हारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम खपरी में आज गैस सिलेंडर फटने से एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. मृतकों में एक चार साल का मासूम बच्चा भी शामिल है, जिससे पूरे इलाके में मातम पसर गया है.मिली जानकारी के अनुसार, हादसा उस वक्त हुआ जब खपरी गांव के एक घर में अचानक गैस सिलेंडर जबरदस्त धमाके के साथ फट गया. विस्फोट इतना भीषण था कि आग ने पलक...

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बड़वानी। सरकारी अस्पताल आने वाले मरीजों को खून सहित अन्य जांचों के लिए प्राइवेट पैथालॉजी भेजने के बदले में पैथालॅजी संचालक से कमीशन लेने वाले बड़वानी जिले के राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के दो ब्लॉक मेडिकल आफीसर सहित एक संविदा डॉक्टर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मरीज भेजने के बदले 20 प्रतिशत के बजाय 50 प्रतिशत कमीशन मांगने की शिकायत अदनान अली पिता फरहत अली, मैंनेजर, सेवा पेथेलॉजी लैब, राजपुर, निवासी-टेमला मार्ग, बड़वानी रोड़ राजपुर, जिला...

अपराध

ग्वालियर। जिले में पुलिस महकमे से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। कोर्ट में पेश दस्तावेजों और गवाहों के बयान के आधार पर विशेष न्यायालय ने तत्कालीन ग्वालियर एसपी सहित चार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में कोर्ट ने ही प्रकरण दर्ज किया है। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि जिन CCTV फुटेज में कथित लेन-देन कैद होने का दावा किया गया था, वही फुटेज बाद में डिलीट मिली।दरअसल मामला ग्वालियर के...
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गुना सिटी

गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) गुना सहायक मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ द्वारा बताया गया कि दिनांक 29/11/2007 को खाद्य निरीक्षक श्रीमती भावना ठाकुुर ने बोहरा मस्जिद के पास स्थित श्‍याम डेयरी पर निरीक्षण करने पर मौके पर मौजूद प्रभारी विक्रेता रूपम शर्मा से पीएफए के तहत बने लाईसेंस को दिखाने को कहा मौके पर गाय-भैंस मिक्‍स दूध, घी, बिस्किट, ब्रेड आदि खाद्य सामग्री विक्रयर्थ संग्रहित पाई। विक्रयार्थ संग्रहित गाय-भैंस दूध जो कि लगभग 40-50 लीटर की मात्रा में उपलब्‍ध था में अपमिश्रण की आशंका...

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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