जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। रांझी थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस ट्रेनिंग सेंटर के सामने रामनगर में बदमाशों ने देर रात बमबाजी कर इलाके में दहशत फैला दी। बेखौफ बदमाशों ने रामनगर स्थित एक चाय-पान की दुकान को निशाना बनाते हुए एक के बाद एक 3 देशी बम फेंक दिए। इनमें से 1 बम फटने से क्षेत्र में जोरदार धमाका हुआ और अफरा-तफरी मच गई, हालांकि घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
घटना की सूचना मिलते ही रांझी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से 2 जिंदा सूअरमार बम बरामद किए हैं। रांझी थाना टीआई उमेश गोहलानी ने बताया कि वारदात का मुख्य मकसद इलाके में दहशत फैलाना था। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
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राशन घोटालाः 1.04 करोड़ के खाद्यान्न गबन में बाप-बेटे पर FIR के आदेश
नर्मदापुरम। जिले की दो सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों में करीब ₹1.04 करोड़ के राशन की भारी हेराफेरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच में ई-पॉस मशीन के रिकॉर्ड में दर्ज हजारों किलो गेहूं और चावल का मौके पर 10 प्रतिशत स्टॉक भी नहीं मिला।
दरअसल भौतिक सत्यापन में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ, दुकान 2601055 ई-पॉस पर 14,070 किलो गेहूं और 3,406 किलो चावल दर्ज था, पर मौके पर केवल 300 किलो गेहूं और 100 किलो चावल मिला। (₹33.17 लाख की गड़बड़ी) दुकान 2601065 रिकॉर्ड में 20,757 किलो गेहूं और 4,919 किलो चावल होना था, लेकिन मिला सिर्फ 400 किलो गेहूं व 200 किलो चावल। (₹70.82 लाख की गड़बड़ी) कागजों में मई 2025 में ही जून से अगस्त तक का राशन बांटना दिखा दिया गया, जबकि 250 से 300 परिवारों को तीन महीने से दाना-दाना नसीब नहीं हुआ।
मामले में लगभग एक साल बाद प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी सरोज सिंह परिहार ने 28 सितंबर 2026 को आदेश जारी कर दुकान प्रबंधक प्रकाश तिवारी और विक्रेता हर्ष तिवारी (पिता-पुत्र) के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी अमित साहू ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। आरोपियों से ₹1,03,99,851 की वसूली भू-राजस्व की तर्ज पर होगी। दोनों दुकानों को निलंबित कर हितग्राहियों को नजदीकी जय भोले व बालागंज उपभोक्ता भंडार से अटैच कर दिया गया है।
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सहारा इंडिया ग्रुप से जुड़ी सोसायटी का 45,719 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोपी खालिद चौधरी गिरफ्तार
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी से जुड़े एक बड़े मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ग्वालियर पुलिस की एक विशेष टीम ने चार साल से फरार चल रहे ‘साहर्यन यूनिवर्सल मल्टीपर्पस कोआपरेटिव सोसायटी’ के चेयरमैन खालिद चौधरी को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर देश भर में हजारों करोड़ की ठगी के गंभीर आरोप हैं।
यह पूरी कार्रवाई मुरैना निवासी रीतेश जैन द्वारा दर्ज कराए गए 15 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में की गई है। ग्वालियर जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, जिसके आधार पर पुलिस ने यह दबिश दी। ग्वालियर पुलिस की विशेष टीम ने पिछले चार साल से तलाश किए जा रहे आरोपी खालिद चौधरी को आखिरकार लखनऊ से दबोच लिया और ग्वालियर लाकर आयोग के समक्ष पेश किया। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान शिकायतकर्ता (रीतेश जैन) के साथ राजीनामा होने के बाद आरोपी खालिद चौधरी को आयोग के समक्ष पेश कर रिहा कर दिया गया।
जांच में यह बात सामने आई है कि ‘साहर्यन यूनिवर्सल मल्टीपर्पस कोआपरेटिव सोसायटी’ से जुड़े इस बड़े घोटाले में करीब 20 से ज्यादा मामलों में कुल 45 हजार 719 करोड़ रुपए की भारी-भरकम धोखाधड़ी का गंभीर आरोप है। अकेले ग्वालियर जिले में ही आरोपी खालिद चौधरी के खिलाफ लगभग 14 मामले दर्ज हैं, जो निवेशकों के साथ हुई ठगी की गंभीरता को दर्शाते हैं। पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर इस तरह के मामलों में लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।
राजगढ़। जिले की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. शोभा पटेल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस के हाथों रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद अब उनके कार्यकाल का एक और बड़ा वित्तीय घोटाला उजागर हुआ है। विभागीय जांच में मृत कर्मचारी के नाम पर महीनों तक सरकारी वेतन जारी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
विभागीय जांच रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत स्वीपर सुमित्रा बाई की मृत्यु 18 जनवरी 2025 को हो चुकी थी। इसके बावजूद कागजों में हेरफेर कर उनके नाम पर अक्टूबर 2025 तक लगातार 14,844 रुपये प्रतिमाह वेतन का भुगतान किया जाता रहा। यानी कर्मचारी की मौत के 9 महीने बाद तक सरकारी खजाने से पैसा निकाला गया।
जांच में इस गंभीर वित्तीय अनियमितता और पद के दुरुपयोग के लिए सीधे तौर पर तत्कालीन CMHO डॉ. शोभा पटेल को जिम्मेदार माना गया है। मामले की पुष्टि होने के बाद शासन द्वारा डॉ. शोभा पटेल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है।
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ओंकारेश्वर नर्मदा में चलती नाव के इंजन में लगी आग, 6 यात्रियों को दूसरी नाव में शिफ्ट कर बचाई जान
खंडवा। मध्य प्रदेश की तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में आज एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नर्मदा नदी में गोमुख घाट के सामने यात्रियों को लेकर जा रही एक नाव के इंजन में अचानक आग लग गई। आग की लपटें उठते ही नाव में सवार यात्रियों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।
नाविक ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत दूसरी नाव को आवाज लगाई और सभी यात्रियों को सुरक्षित दूसरी नाव में शिफ्ट कर दिया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई और सभी यात्री सुरक्षित किनारे पर पहुंच गए।
घटना की सूचना मिलते ही नगर परिषद की टीम घाट पर पहुंची। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल नाव के इंजन को जब्त करने और नाव संचालक के लाइसेंस की जांच के निर्देश दिए हैं।
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कुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा फरमान से शादी और अपहरण का केस, अदालत के आदेश से नई उम्मीद
इंदौर। महाकुंभ से चर्चित हुई मोनालिसा भोंसले के जन्म प्रमाण पत्र और उनकी शादी से जुड़े विवाद में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसके जरिए मोनालिसा के पहले जन्म प्रमाण पत्र को रद्द कर जन्मतिथि में बदलाव किया गया था। हाईकोर्ट ने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र में बदलाव या उसे रद्द करने से पहले मोनालिसा को प्रभावी रूप से सुनवाई का अवसर दिया जाना जरूरी था। वहीं, जन्मतिथि का विवाद सीधे तौर पर फरमान के खिलाफ दर्ज अपहरण के केस से भी जुड़ा हुआ है।
मामला मोनालिसा भोंसले के जन्म प्रमाण पत्र में दर्ज जन्मतिथि को लेकर है। रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2025 में जारी किए गए पहले जन्म प्रमाण पत्र में मोनालिसा की जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 दर्ज थी। इस प्रमाण पत्र के समर्थन में उनकी मां का शपथ पत्र भी लगाया गया था। कोर्ट के सामने यह भी बताया गया कि आधार कार्ड में भी 1 जनवरी 2008 की जन्मतिथि दर्ज थी। बाद में अस्पताल के रिकॉर्ड के आधार पर मोनालिसा की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज की गई और पहले जन्म प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया गया। इसी कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना कि पहले जन्म प्रमाण पत्र को रद्द करने से पहले मोनालिसा को प्रभावी सुनवाई का अवसर दिया जाना जरूरी था। इसी आधार पर कोर्ट ने वह आदेश निरस्त कर दिया, जिसके जरिए पहला जन्म प्रमाण पत्र रद्द किया गया था। हालांकि हाईकोर्ट ने यह तय नहीं किया है कि मोनालिसा की वास्तविक जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 है या 30 दिसंबर 2009। कोर्ट ने जन्मतिथि के विवाद को कानून के मुताबिक नए सिरे से तय करने के निर्देश दिए हैं। जन्मतिथि का यही विवाद मोनालिसा की फरमान से हुई शादी के मामले में भी अहम हो जाता है।
अगर 30 दिसंबर 2009 की जन्मतिथि मानी जाती है तो शादी के समय उनकी उम्र नाबालिग होने का सवाल उठता है, जबकि 1 जनवरी 2008 की जन्मतिथि के आधार पर उनकी उम्र बालिग मानी जाती है। इसी मामले में मोनालिसा के पिता की शिकायत पर फरमान के खिलाफ बीएनएस की धारा 137(2) के तहत अपहरण का केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले को अपहरण का मामला बताया था। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद जन्म प्रमाण पत्र की वैधानिक स्थिति और फरमान के खिलाफ दर्ज केस से जुड़े कानूनी पहलुओं पर भी आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। मामले में अधिवक्ता जेरी लोपेज ने मोनालिसा की ओर से कानूनी पक्ष रखा।
मुंबई से एक चौंकाने वाली घटना सामने आयी है. बोरीवली वेस्ट में गोराई-मनोरी कोस्ट पर पिछले चार महीनों से फंसे एक बड़े जहाज से 4 शव मिले हैं. अंदाजा यह लगाया जा रहा है कि चोरी के इरादे से जहाज में घुसे इन युवकों की मौत जहरीली गैस के लीक होने या ऑक्सीजन की कमी से हुई. पुलिस को शक है कि कॉपर चोरी के दौरान पाइप काटते उनकी जान चली गई. हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी.
पुलिस के मुताबिक चोरों ने इससे पहले भी दो बार जहाज को निशाना बनाया था. एक बार उन्होंने जहाज से 2.5 लाख और दूसरी बार 5 लाख रुपये का सामान चुराया था.
मुंबई के बोरीवली पश्चिम स्थित गोराई-मनोरी समुद्रकिनारे पर पिछले करीब चार महीनों से फंसे एक बड़े जहाज में चार लोगों की लाशें मिलने से सनसनी फैल गई. मुंबई के बोरीवली वेस्ट में गोराई-मनोरी तट पर पिछले चार महीनों से फंसे एक बड़े जहाज पर चार लोगों की रहस्यमयी तरीके से दम घुटने से मौत हो गई.
जानकारी के मुताबिक, करीब चार महीने पहले यह जहाज मनोरी समुद्रकिनारे पर आकर फंस गया था. जहाज के मालिक के खिलाफ पहले से ही मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है और बताया जा रहा है कि वह फिलहाल फरार है.
जानकारी के मुताबिक, 8 लोगों का एक गैंग में से चोरी के मकसद से 7 लोग जहाज के अंदर गया. एक बाहर ही स्पीडबोट पर रखवाली करता रहा. उनमें से चार लोग जहाज के निचले हिस्से में लगे लोहे के पाइप को काटने गए थे. शुरुआती अंदाज़ा है कि वहां गए चारों लोगों की अचानक जहाज के बंद हिस्से में ज़हरीली गैस के लीक होने से दम घुटने से मौत हो गई.
जहाज पर पहले भी चोरी की दो घटनाएं होने की जानकारी सामने आई है. इसके बाद तीसरी बार की चोरी में यह घटना घटी. जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण चारों की दम घुटने से मौत होने की प्राथमिक जानकारी सामने आई है. जहाज के अंदर फंसे चारों लोगों के शव को नौसेना की मदद से बाहर निकाला गया वहीं, जहाज के आसपास मौजूद अन्य संदिग्धों में से तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है.
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'3 दिन नहीं, 3 महीने जेल में डालो, लेकिन प्रदर्शन होगा', अभिजीत दिपके की चेतावनी
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 2 अक्टूबर को मुंबई में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर कहा है कि हिरासत या जेल की कार्रवाई के बावजूद उनका विरोध जारी रहेगा। मुंबई प्रेस क्लब में बातचीत के दौरान दिपके ने कहा कि सरकार उन्हें तीन दिन नहीं, बल्कि तीन महीने तक जेल में रखे, फिर भी प्रदर्शन होगा। CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है।
CJP ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की घोषणा की थी। हालांकि, मुंबई पुलिस ने वहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। इसके बाद दिपके की ओर से ‘जेल भरो आंदोलन’ की चेतावनी दी गई थी। दिपके ने कहा कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं मिलने के बावजूद संगठन पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने मुंबई पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी अपनी बात रखी और कहा कि वे जेल जाने के लिए तैयार हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस बयान के जवाब में दिपके ने यह टिप्पणी की थी, जिसमें प्रदर्शन के दौरान तीन दिन तक जमानत नहीं मिलने की बात कही गई थी।
CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। संगठन ने उनकी नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और नागरिक समाज की भागीदारी की मांग भी उठाई है। इसके अलावा CJP ने 2025 की मतदाता सूची को स्थिर रखने और आगे उसमें बदलाव नहीं करने की मांग की है। दिपके ने मतदाता सूची में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने 13 करोड़ वोट हटाए जाने से जुड़े दावे का जिक्र करते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाया। हालांकि, यह आंकड़ा CJP और विपक्ष की ओर से लगाए गए दावों से जुड़ा है। चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों को सर्वसम्मति से लिया गया फैसला बताया है।
CJP ने 2 अक्टूबर से मुंबई से प्रदर्शन शुरू करने और इसे दूसरे राज्यों तक ले जाने की बात कही है। संगठन की ओर से गोवा, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों में प्रदर्शन की बात कही गई है। CJP ने इससे पहले कहा था कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो अक्टूबर के अंत से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी आंदोलन किया जाएगा। हालांकि, जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति की स्थिति भी अलग-अलग रिपोर्टों में स्पष्ट नहीं बताई गई है। 29 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने 2 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए उस समय तक अनुमति नहीं दी थी। फिलहाल 2 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर CJP और पुलिस के बीच अनुमति का मुद्दा बना हुआ है। वहीं, दिपके ने प्रदर्शन जारी रखने की बात दोहराई है।
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LPG से SBI ATM तक बदले नियम... डीजल-ATF पर टैक्स घटा, 1 अक्टूबर से लागू हुए 10 बड़े बदलाव
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जबकि घरेलू 14 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में बदलाव नहीं किया गया है। LPG सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी किया गया है। SBI के सैलरी पैकेज खाताधारकों के लिए दूसरे बैंकों के ATM पर मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा 10 से घटाकर 5 कर दी गई है। RBI ने बल्क FD की ब्याज दरों को सार्वजनिक करने के नियम बदले हैं और NPS के PoP चार्ज में भी बदलाव हुआ है। इसके अलावा NRI से प्रॉपर्टी खरीदने, NCR में PUC और पेंशनर्स के लाइफ सर्टिफिकेट से जुड़े नियम भी ध्यान देने वाले हैं।
1 अक्टूबर से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में इसकी कीमत 62.50 रुपये बढ़कर 2,810 रुपये हो गई है, जबकि पटना में यह 3,100 रुपये से ज्यादा हो गई है। हालांकि, 14 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में बदलाव नहीं किया गया है। इसके साथ ही सब्सिडी वाले घरेलू LPG रिफिल के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी किया गया है।
SBI के सैलरी पैकेज खाताधारकों के लिए दूसरे बैंकों के ATM और ADWM पर मुफ्त मासिक ट्रांजैक्शन की सीमा अब 10 से घटाकर 5 कर दी गई है। यह नियम 1 अक्टूबर से सभी सेंटरों पर लागू हो गया है और इसमें वित्तीय व गैर-वित्तीय ट्रांजैक्शन शामिल हैं। BSBD खातों में महीने में 4 कैश निकासी मुफ्त रहेंगी, इसके बाद प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर 15 रुपये + GST का शुल्क लगेगा। डिजिटल ट्रांजैक्शन पर इस सीमा का असर नहीं है।
RBI ने कमर्शियल बैंकों की बल्क डिपॉजिट और फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों को सार्वजनिक करने के तरीके में बदलाव किया है। 1 अक्टूबर से बैंकों को बल्क डिपॉजिट की लागू ब्याज दरों की जानकारी पहले से सार्वजनिक करनी होगी और हर कारोबारी दिन सुबह 10 बजे तक संबंधित दर बतानी होगी। समान शर्तों वाले बल्क डिपॉजिट पर सामान्य तौर पर एक जैसी ब्याज दर रखनी होगी, हालांकि कुछ निर्धारित परिस्थितियों में अंतर की अनुमति है।
PFRDA ने NPS और NPS Lite के तहत Point of Presence यानी PoP से लिए जाने वाले शुल्कों में बदलाव किया है। नए ढांचे में PoP के जरिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले ग्राहक के लिए हर PRAN पर 200 रुपये का एकमुश्त ऑनबोर्डिंग चार्ज लागू हुआ है। वहीं NRI से अचल संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्ति और HUF के लिए TDS प्रक्रिया में बदलाव किया गया है, जिसमें अलग से TAN की जरूरत नहीं होगी और PAN के जरिए TDS की कटौती, जमा और रिपोर्टिंग की जा सकेगी।
सरकार ने 1 अक्टूबर से डीजल और ATF के निर्यात पर लगने वाले विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क यानी SAED में कटौती की है। डीजल पर यह शुल्क 20 रुपये से घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर और ATF पर 15 रुपये से घटाकर 10.50 रुपये प्रति लीटर किया गया है, जबकि पेट्रोल पर इसे स्थिर रखा गया है। वहीं दिल्ली-NCR में बिना वैध PUC प्रमाणपत्र वाले वाहनों को पेट्रोल और CNG देने पर रोक से जुड़ी व्यवस्था लागू हुई है।
15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर नया MDR ढांचा लागू होगा, जिसमें 2,000 रुपये से अधिक के कुछ मर्चेंट भुगतान शामिल हैं। ग्राहक से अलग से MDR नहीं लिया जाएगा और Person-to-Person UPI ट्रांजैक्शन मुफ्त रहेगा। वहीं 1 अक्टूबर से पेंशनर्स के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की अवधि शुरू हो गई है, जिसे ऑनलाइन या ऑफलाइन जमा किया जा सकता है। अक्टूबर में बैंक हॉलिडे की वजह से कई दिन बैंक शाखाएं बंद रहेंगी, हालांकि ऑनलाइन बैंकिंग और ATM सेवाएं जारी रहेंगी।
नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में खाकी और शराब माफिया के बीच इश्क परवान चढ़ चुका है और इस वाक्ये के सामने आने के बाद अब कानून व्यवस्था का हाल भगवान भरोसे ही है। मामला थाना स्टेशन रोड का है, जहां पुलिस की अपनी साख भले ही दांव पर लगी हो लेकिन शराब ठेकेदार अटल राय बीजेपी नेता के पाले हुए गुंडों की आवभगत में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही।
वायरल वीडियो 19 सितंबर का पिपरिया के कुचबंदिया मोहल्ले का बताया जा रहा है। अवैध शराब पर पड़ी रेड के दौरान ‘गब्बर’ नाम का बदमाश पुलिस की गाड़ी में आगे बैठा नजर आया। जिस बदमाश पर सरेआम एक युवक का अपहरण कर मारपीट करने का गंभीर आरोप है, वह पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में महुआ लहान नष्ट करने का हुक्म फरमाता दिखा। हद तो तब हो गई जब वर्दीधारी पुलिसकर्मी इस बदमाश के साथ बाकायदा फोटो खिंचवाते नजर आए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिपरिया में ओवर-रेटिंग के खेल के चलते शराब प्रेमी पड़ोसी इलाकों से सस्ती शराब ला रहे थे। ठेकेदार को यह रास नहीं आया, जिसके बाद ठेकेदार के गुंडों को खुली छूट दे दी गई। आरोप है कि बाहर से शराब लाने वालों का अपहरण कर मारपीट की जाती है और पुलिस उल्टे बेकसूरों पर ही आबकारी कानून के तहत मामला दर्ज कर देती है।
मामला तूल पकड़ने और महकमे की फजीहत होने के बाद पुलिस अधीक्षक (SP) ने स्टेशन रोड थाना प्रभारी (TI) मदनलाल पवार को लाइन अटैच कर दिया है, जबकि एक हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का सवाल है कि इतने गंभीर मामले के बाद भी मुख्य आरोपियों और ठेकेदार के खिलाफ जांच को ठंडे बस्ते में क्यों डाला जा रहा है?
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मुनि सुधासागर जी की टिप्पणी पर कोर्ट पहुंचा मामला, अब 12 नवंबर को होगी सुनवाई
इंदौर। जैन मुनि सुधासागर जी के एक प्रवचन के दौरान वकीलों को लेकर की गई टिप्पणी अब कानूनी प्रक्रिया तक पहुंच गई है। इंदौर की अदालत में इस मामले को लेकर परिवाद दायर किया गया है। कोर्ट ने मामले में प्रारंभिक कार्रवाई के बाद अगली सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारीख तय की है।
मामला इंदौर में हुए एक प्रवचन से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, प्रवचन के दौरान एक वकील की ओर से पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मुनि सुधासागर जी ने वकीलों के किसी समिति या कमेटी में शामिल होने को लेकर अपनी राय रखी थी। इस दौरान उन्होंने वकीलों की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि वकील कई बार समस्याओं का समाधान कराने के बजाय मामलों को बहस और विवाद की दिशा में ले जाते हैं। उन्होंने कथित तौर पर वकीलों की मानसिकता को ‘विध्वंसक’ बताते हुए समाज में विवाद बढ़ने की बात कही थी।
इन टिप्पणियों को लेकर अधिवक्ता शैलेंद्र द्विवेदी की ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय में परिवाद दायर किया गया। मामले में प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी नीरज अग्रवाल की अदालत के समक्ष परिवादी के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद कोर्ट की ओर से एमजी रोड पुलिस को समन जारी किया गया।
अदालत ने मामले में आगे की प्रक्रिया के लिए 12 नवंबर की तारीख तय की है। इसी दिन मामले से जुड़ी अगली सुनवाई होगी। फिलहाल यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है। कोर्ट में दर्ज परिवाद और आगे होने वाली सुनवाई के आधार पर ही यह तय होगा कि मामले में आगे किस तरह की कार्रवाई होती है। एक प्रवचन में कही गई टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद अब अदालत की चौखट तक पहुंच चुका है। 12 नवंबर की सुनवाई पर इस मामले में अगला कदम क्या होगा, इस पर सभी की नजर रहेगी।
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थाने से महज 300 मीटर दूर खूनी खेल: हत्या का CCTV फुटेज आया सामने
इटारसी। मध्य प्रदेश के इटारसी में युवक की चाकू मारकर हत्या के मामले में अब घटना का CCTV फुटेज सामने आया है। गुरुद्वारे के बाहर हुई वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फुटेज में हत्या से कुछ समय पहले मृतक और दोनों आरोपी एक साथ दिखाई दे रहे हैं। यह वारदात इटारसी थाने से करीब 300 मीटर की दूरी पर हुई थी।
पुलिस के अनुसार, मृतक विक्रम अपने परिचित गुलशन और सनी शर्मा के साथ बाइक पर मौजूद था। इसी दौरान तीनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। गुरुद्वारे में लगे CCTV कैमरे में पूरी घटना कैद हुई। वीडियो में तीनों के बीच मोबाइल को लेकर बातचीत और फिर बहस होती दिखाई दे रही है। इसके बाद विवाद बढ़ा और गुलशन ने विक्रम पर चाकू से हमला कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, विक्रम पर चाकू से दो बार वार किए गए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि घटना से पहले मंगलवार को विक्रम, गुलशन और सनी शर्मा स्टेशन के पास बैठे थे। पुलिस के अनुसार, वहां शराब पीने के दौरान विक्रम ने गुलशन से अपने 100 रुपये वापस मांगे थे। इसी बात को लेकर विवाद शुरू होने की जानकारी सामने आई है।
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में गुलशन और सनी शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। अब वायरल CCTV फुटेज और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
भोपाल। शक्तिनगर का वो घर, जिसके कमरे में पलंग की जगह बना सीमेंट का चबूतरा बिल्कुल सामान्य सा नजर आता है, लेकिन पुलिस को क्या पता था कि इसी चबूतरे के नीचे एक युवती का शव दबा है। 2 फरवरी-2017 में जब पुलिस ने इस चबूतरे को तोड़ा तो आकांक्षा शर्मा हत्याकांड का ऐसा राज खुला, जिसके बाद इसकी जांच ने हत्यारे उदयन दास को बेनकाब कर दिया…।
उदयन दास। यह वो नाम है जिसने अपने कारनामों से देशभर को दहला दिया था। प्रेम की तलाश में कोलकाता से भोपाल आई उस लड़की को नहीं मालूम था कि वो ऐसे जंजाल में फंस जाएगी, जिसके बाद कभी बाहर नहीं आ पाएगी। इस मामले में उदयन दास का ऐसा घिनोना चेहरा सामने आया जिसने सभी को हैरान कर दिया। जांच आगे बढ़ी तो उदयन से जुड़े तीन हत्याकांड का खुलासा हुआ। यदि बांकुड़ा पुलिस आकांक्षा को ढूंढते हुए भोपाल नहीं पहुंचती तो शायद उदयन दास खुला घूम रहा होता।
भोपाल में 24 अप्रैल 1984 को पैदा हुआ उदयन दास 10वीं तक पढ़ाई भोपाल में करने के बाद 12वीं पढ़ने के लिे रायपुर चले गया था। भिलाई के रूमता कालेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की, लेकिन थर्ड ईयर में फेल हो गया था। भोपाल का उदयन दास और कोलकाता के बांकुड़ा की आकांक्षा शर्मा की मुलाकात 2007 में Orkut के जरिए हुई थी। इसके बाद दोनों की मुलाकात जयपुर में हुई। जहां उदयन ने बताया कि वो आईआईटी पासआउट है और उसके पास अमेरिका की नागरिकता है। यह कहकर ही संभवतः उदयन ने आकांक्षा का भरोसा जीता था। आकांक्षा ब्वायफ्रेंड के प्रेम में उलझती गई। 9 साल तक दोनों का प्रसंग चला। उदयन अपनी गर्लफ्रेंड से कहता था कि उसके पास समय बहुत कम है, वो थोड़े दिन तुम्हारे साथ रहना चाहता है, उसके बाद अमेरिका चले जाउंगा। लेकिन जब आकांक्षा फ्लाइट से मिलने पहुंचती, उसके बाद अमेरिका जाने की बजाय उदयन भोपाल वापस आ जाता था। एक बार जून 2016 को कोलकाता के बांकुड़ा की लड़की सबकुछ छोड़कर अपने प्रेमी से मिलने निकल आई। दोनों दिल्ली में मिले, फिर भोपाल चले आए। दोनों लिव-एन में रहने लगे थे। उदयन ने उसे बताया था कि उसके माता-पिता नहीं हैं। भोपाल के शक्ति नगर में रहने वाले दो मंजिला मकान में उदयन अकेले ही रहता है। उसके अमेरिका जाने वाला झूठ आकांक्षा को समझ आने लगा था।
14 जुलाई 2016 को दोनों में जमकर विवाद हुआ था। आकांक्षा किसी से फोन पर बात कर रही थी, इस बात को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ था। आकांक्षा कहती थी मेरे साथ धोखा हुआ है। उदयन की हरकतें देख आकांक्षा परेशान रहने लगी थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि इसी दौरान आकांक्षा की हत्या की प्लानिंग कर ली थी। दोनों के रिश्ते इतने खराब हो गए थे कि उदयन ने घर में ही आकांक्षा की आवाज हमेशा के लिए बंद कर दी। इसके बाद टीन की बड़ी पेटी में बंद कर सीमेंट का चबूतरा घर में ही बना दिया। क्राइम सीरियल देखने के शौकीन उदयन ने बाद में जो खुलासे किए वो हैरान करने वाले थे। वो घर में बने उसी चबूतरे पर सोता था और कॉलगर्ल को भी घर लेकर आता था। उधर, कोलकाता में आकांक्षा के माता-पिता परेशान थे। उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी। कोलकाता पुलिस आकांक्षा की तलाश में जुटी थी।
कोलकाता की बांकुड़ा पुलिस काफी समय से आकांक्षा की लोकेशन ट्रैक कर रही थी। बांकुड़ा पुलिस भोपाल पहुंची, लेकिन जिस लड़की की तलाश में टीम आई थी, उसका कोई पता नहीं चला। घर में उदयन मौजूद था, लेकिन आकांक्षा कहीं नहीं थी। जांच उस समय एक ऐसे मोड़ पर खड़ी थी, जहां पुलिस के पास शक था, मगर ठोस सबूत नहीं। पुलिस ने आकांक्षा और उदयन की कॉल डिटेल भी खंगाली। उदयन पर शक गहराता गया और 2 फरवरी 2017 को भोपाल की गोविंदपुरा पुलिस के सहयोग से उदयन दास को गिरफ्तार कर लिया गया। इसी दिन शुरू हुई थी घर की तलाशी, जिसमें चबूतरे को देख पुलिस ने खुदाई कराई थी। जिसमें गुमशुदा आकांक्षा शर्मा का शव बाहर निकाला गया। इस मामले में उदयन ने आकांक्षा की हत्या किस तारीख को की थी, इसे लेकर पुलिस भी निश्चित तारीख नहीं बता पाई है।
उदयन से लगातार पूछताछ में हर दिन नए खुलासे होने लगे। उदयन का एक और कारनामा सभी के सामने था। पूछताछ के बीच पुलिस ने उदयन के पिता वीरेंद्र दास और मां इंद्राणी के बारे में पूछताछ की। वो कहता था कि मां अमेरिका में रहती थी, पिता बीमारी से गुजर गए। हत्या के बाद 7 सालों तक वो माता-पिता की पेंशन से जीवन गुजार रहा था। सख्ती हुई तो इस खुलासे ने देशभर की नींद उड़ा दी। उदयन ने बताया कि 2010 में रायपुर में उसने अपने माता-पिता की हत्या कर दी थी। बाद में मकान बेच दिया गया था। पुलिस ने रायपुर के उसी घर में गड्ढा खोदकर अवशेष निकाले थे।
इस केस में पश्चिम बंगाल की बांकुड़ा पुलिस ने 30 अप्रैल 2017 को 600 पन्नों की केस डायरी कोर्ट में पेश की थी। 19 गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने दोषी पाया था। बांकुड़ा में फास्ट ट्रैक कोर्ट में उदयन दास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसके बाद रायपुर जिला न्यायालय ने भी माता-पिता की हत्या कर शव घर में दफनाने के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस तरह एक गुमशुदगी की जांच ने तीन हत्याओं के रहस्य से पर्दा उठाया दिया। उदयन दास अब पश्चिम बंगाल की एक जेल में सजा काट रहा है।
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चलती फॉर्च्यूनर में बनाई रील … पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के बेटे ने फिर दिखाई सत्ता की हनक, पीछे चलती रही पुलिस
नरसिंहपुर। मध्यप्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति के बेटे नीर प्रजापति का एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में नीर प्रजापति चलती फॉर्च्यूनर गाड़ी का गेट खोलकर खतरनाक स्टंट करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान गाड़ी में हूटर भी लगा दिखाई दे रहा है।
हैरान करने वाली बात यह है कि कि इस खतरनाक रीलबाज़ी के दौरान नीर प्रजापति की गाड़ी के ठीक पीछे पुलिस का काफिला भी चलता हुआ नजर आ रहा है। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद इस तरह के खतरनाक स्टंट पर कोई रोक-टोक न होने से अब पुलिस की कार्यप्रणाली और भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हालांकि, यह वीडियो कब और कहाँ का है, इसकी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है। लेकिन इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में यह चर्चा तेज़ हो गई है कि आम जनता पर तुरंत कार्रवाई करने वाली पुलिस, नेता पुत्र के इस मामले में क्या रुख अपनाएगी।
गौरतलब है कि नीर प्रजापति का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले भी उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे मारपीट करते हुए “आधा भोपाल मेरे नाम से डरता है” कहते सुने गए थे।
मामले पर जानकारी देते हुए नरसिंहपुर के एएसपी संदीप भूरिया ने बताया कि वीडियो की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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डाक विभाग ने 8 लोगों को नौकरी से निकाला, जांच में फर्जी निकले दस्तावेज, सीबीआई ने शुरू की जांच
जबलपुर. ग्रामीण डाक सेवक में फर्जी 10वीं की मार्कशीट लगाकर नौकरी पाने वाले आठ अभ्यर्थियों को डाक विभाग ने नौकरी से निकाल दिया है. जनवरी 2023 और जुलाई 2024 की भर्ती में इन्हीं अंकसूचियों के आधार पर चयन हुआ था.
जांच में मार्कशीट फर्जी मिलने के बाद मामला सीबीआई तक पहुंचा. 18 सितंबर की शिकायत पर 22 सितंबर को आठ अभ्यर्थियों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ. जांच में चार राज्यों के बोर्ड के नाम पर फर्जी मार्कशीट और करीब एक हजार रुपए में इन्हें उपलब्ध कराने की बात सामने आई है.
जांच में सामने आया कि अंकसूचियां बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड, मध्य प्रदेश राज्य ओपन स्कूल, जम्मू एंड कश्मीर स्टेट ओपन और झारखंड एकेडमिक काउंसिल के नाम से तैयार की गई थीं. फर्जी अंकसूचियां करीब एक हजार रुपए में उपलब्ध कराए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है. सीबीआई को आशंका है कि फर्जी अंकसूचियां तैयार करने वाले गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हो सकता है.
फर्जी दस्तावेज के आधार पर चयनित आठों अभ्यर्थियों को जबलपुर और कटनी के अलग-अलग उप डाकघरों में पदस्थ किया गया था. मानवेंद्र सिंह को कुंडम, राजा बाबू अहिरवार और सौरभ शर्मा को पाटन, प्रदीप खरे को कुड़ारी-उमरिया बरेला और नयन कुमार को रमखिरिया-शहपुरा में पोस्टिंग मिली थी. बद्री प्रसाद यादव को कटनी के संसारपुर, देवेंद्र सिंह चौहान को उमरिया पान और रमाकांत शर्मा को मोहतरा उप डाकघर में पदस्थ किया गया था.
सीबीआई फर्जी अंकसूचियां तैयार करने वाले नेटवर्क का पता लगा रही है. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि दस्तावेज किन माध्यमों से तैयार कराए गए और भर्ती प्रक्रिया में इनके इस्तेमाल के दौरान किसी सरकारी कर्मचारी की भूमिका थी या नहीं. शिकायत में सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई गई है. सीबीआई अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है. आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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