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भोपाल. एमपी की राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज करा रहे तीन वर्षीय कैंसर पीडि़त बच्चे की नर्सिंग स्टाफ की बड़ी लापरवाही के कारण मौत हो गई। पिता और परिजन के मना करने के वाबजूद नर्स ने शव को सुरक्षित रखने वाला फॉर्मेलिन इंजेक्शन जबरन बच्चे को लगा दिया। परिजन की शिकायत के बाद दो नर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। मामले ने तूल पकड़ लिया और पूरा एम्स प्रबंधन कटघरे में आ गया है। एम्स में लापरवाही के मामले अब लगातार बढ़ते जा रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, सागर जिले की बीना तहसील के ग्राम कौरजा निवासी सार्थक यादव (3 वर्ष) ब्लड कैंसर से पीडि़त था। गंभीर हालत में उसे 15 दिसंबर 2025 को एम्स भोपाल के पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां उसका उपचार चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान अस्पताल स्टाफ ने बच्चे को निर्धारित दवा की बजाय फॉर्मेलिन इंजेक्ट कर दिया। फॉर्मेलिन एक खतरनाक रसायन है, जिसका उपयोग मेडिकल संस्थानों में बायोप्सी सैंपल और शवों के संरक्षण के लिए किया जाता है।
बच्चे के पिता ने दावा किया कि इंजेक्शन लगाए जाने के दौरान उन्होंने तीन बार नर्सिंग स्टाफ को चेतावनी दी थी कि सिरिंज में सही दवा नहीं है, लेकिन उनकी बात को अनसुना कर दिया गया। इसके बाद बच्चे की हालत बिगड़ती चली गई और उसकी मौत हो गई। मामले की जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने के बाद दो नर्सिंग ऑफिसर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं। वहीं, इस घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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आरक्षक सुसाइड केस में बड़ा खुलासा: दो नर्स और उनका भाई गिरफ्तार, निजी तस्वीरों के दम पर कर रहे थे ब्लैकमेल
मंडला। बम्हनी थाना परिसर में आरक्षक सुनील सरयाम द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने के मामले में मंडला पुलिस ने एक बड़ा और सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में आरक्षक को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और ब्लैकमेल करने के आरोप में दो नर्सों और उनके भाई को गिरफ्तार कर लिया है।
बीते सोमवार सुबह बम्हनी थाना परिसर स्थित पुलिस क्वार्टर में आरक्षक सुनील सरयाम ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था। जिसमें मृतक आरक्षक ने कुछ लोगों के नाम और उनके द्वारा की जा रही प्रताड़ना का जिक्र किया था।
सुसाइड नोट मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी। टीम सुसाइड नोट में लिखे नामों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी ने बताया कि कोविड काल के दौरान आरक्षक सुनील सरयाम का संपर्क आरोपी नर्सों से हुआ था।
उन्होंने आगे बताया कि जांच में यह बात भी सामने आई है कि दोनों नर्स और उनके भाई कथित तौर पर आरक्षक को ब्लैकमेल करने लगे थे। उनके द्वारा लगातार तस्वीरों और वीडियो को वायरल करने की धमकी और पैसों की डिमांड की जाने लगी।
पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी ने बताया कि लगातार हो रही ब्लैकमेलिंग और मानसिक दबाव के चलते आरक्षक बेहद परेशान रहने लगा था। इसी अवसाद के कारण उसने तनाव में आकर आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया।
फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच अभी भी जारी है और पुलिस अन्य पहलुओँ की भी पड़ताल कर रही है।
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शिक्षक की शर्मनाक करतूत: 9वीं की छात्रा से की छेड़छाड़, कमर से पकड़कर अपनी ओर खींचा, CCTV में कैद हुई अश्लील हरकत
सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी से शर्मसार करने वाला गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक शासकीय स्कूल के शिक्षक पर कक्षा नौंवी की छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने का संगीन आरोप लगा है। इस पूरी घटना का एक CCTV वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह घटना 29 मई की बताई जा रही है। बखारी गांव के हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाली कक्षा 9वीं की एक छात्रा स्कूल में अपनी पूरक परीक्षा का प्रवेश पत्र (Admit Card) लेने के लिए आई थी। तभी स्कूल के शिक्षक कृष्ण कुमार नायक ने उसे अकेला पाकर पहले कमर से पकड़कर अपनी ओर खींचा। आरोपी शिक्षक यही नहीं रूका उसने छात्रा को अंदर कमरे में बुलाया और प्रश्नपत्र बताने का लालच देते हुए उसके साथ अश्लील हरकतें व छेड़छाड़ की।
घटना का CCTV फुटेड सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। वीडियो में शिक्षक की करतूत साफ नजर आ रही है, जिसके बाद पीड़ित छात्रा ने परिजनों के साथ जाकर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिवनी पुलिस ने तत्काल प्रभाव से एक्शन लिया है। पुलिस ने आरोपी शिक्षक कृष्ण कुमार नायक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

देवास जिले के कमलापुर क्षेत्र में जिनवानी रेंज के अंतर्गत आने वाले गांव भीलआमला में वन भूमि पर हुए अतिक्रमण के मामले में शनिवार को बड़ा बवाल हो गया। स्थानीय लोगों ने वन भूमि पर अतिक्रमण कर रखा था, जिसे हटाने के लिए वन विभाग का अमला शनिवार को गांव पहुंचा था।
शनिवार को सुबह वन विभाग की टीम कमलापुर क्षेत्र में पहुंची थी। प्रशासन और फारेस्ट विभाग की टीम ने बुलडोजर की मदद से जैसे ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की, उसके कुछ देर बाद बड़ी सख्या में आए लोगों ने चारों ओर से अमले को घेर लिया और पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में 6 वनकर्मी घायल हो गए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
चारों ओर से अचानक हुए पथराव में वन कर्मचारी कुछ समझ नहीं पाए और उन्हें भागने की जगह भी नहीं मिल सकी। इस दौरान काफी देर तक वन कर्मचारियों में अफरा-तफरी मची रही। कर्मचारी इधर-उधर भागने लगे, लेकिन पत्थर लगने से करीब आधा दर्जन अधिकारी व कर्मचारी घायल हो गए। कार्रवाई के दौरान पुलिस भी पास ही मौजूद थी, जैसे-तैसे घायलों को वहां से निकालकर अमरपुरा क्षेत्र के निजी अस्पताल पहुंचाया गया जहां उपचार किया जा रहा है।
हमारे देवास संवाददाता के मुताबिक शनिवार को सुबह 11 बजे के आसपास पुलिस प्रशासन के साथ फारेस्ट की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। जब यह टीम बुल्डोजर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर रही थी, तभी आसपास से आए 100 से अधिक ग्रामीणों ने सभी को घेर लिया। और, अचानक चारों तरफ से पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव में कई वनकर्मी और पुलिसकर्मियों को अंदरूनी चोटें लगी है,जबकि कई वनकर्मियों के सिर में चोट लगने से खून बहने लगा। इस पथराव में वन विभाग की महिला कर्मचारी भी घायल हो गई हैं। गुस्साए ग्रामीणों ने बुलडोजर सहित कई अन्य वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई। कई सरकारी वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।
फिलहाल जो जानकारी मिली है उसमें फारेस्ट विभाग के मोहन पंचोनिया, ज्योति जाट, कमल परमार, कमल राणा, देवकरण मालवीय, सूरज ढाढे घायल हो गए। इनमें से एक-दो को गंभीर चोट आई है। घटना के बाद से क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
इससे पहले देवास जिले के ही सतवास में बुल्डोजर एक्शन के दौरान बवाल हो चुका है। पिछले साल 24 दिसंबर को यह बवाल हुआ था। तब गुस्साए लोगों ने चक्काजाम कर पथराव कर दिया था। एक दंपती ने खुद को आग लगाने की भी कोशिश की थी। खातेगांव के सतवास में जिला प्रशासन निर्माण हटाने गई थी। तहसीलदार अरविंद दिवाकर के नेतृत्व में जब नगर परिषद और पुलिस की संयुक्त टीम जेसीबी लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंची तो वहां रहने वाले संतोष व्यास और उनकी पत्नी जयश्री व्यास ने इस कार्रवाई का विरोध किया। यह विवाद इतना बढ़ा कि दंपती ने खुद के ऊपर पेट्रोल डाल कर आग लगा ली थी। कर्मचारियों की सक्रियता से आग बुझा दी और दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अतिक्रमण हटाने आई टीम पर चक्काजाम करते हुए पथराव कर दिया। व्यास परिवार का दावा था कि उनके पास निर्माण की सभी वैध अनुमतियां थीं। जबकि तहसीलदार का कहना है कि पड़ोसी की शिकायत पर नाली से अतिक्रमण हटाने के लिए एसडीएम के आदेश पर यह कानूनी कार्रवाई की जा रही थी।
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Weather Update : कई जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, 50-60 Kmph की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; श्योपुर में 4 की मौत
भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री अब ज्यादा दूर नहीं है। मौसम विभाग के ताजा संकेतों के मुताबिक मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है और इसके 15 से 18 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना है। मानसून आने से पहले ही प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि ने मौसम का मिजाज बदल दिया है।
शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। श्योपुर में तेज आंधी ने तबाही मचाई, जबकि सागर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। इसके चलते कई शहरों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून महीने में अब तक प्रदेश में औसत से 23 प्रतिशत कम बारिश हुई है। संभागवार बारिश की स्थिति
श्योपुर जिले में शुक्रवार को आई तेज आंधी कई परिवारों पर भारी पड़ गई। रजपुरा गांव में तेज हवाओं के कारण एक मकान की दीवार गिर गई, जिसके नीचे एक ही परिवार के चार लोग दब गए। हादसे में भीमा आदिवासी (40), उनकी पत्नी सीमा (38) और बहू राजवती (21) की मौत हो गई। परिवार का एक बच्चा घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए राजस्थान रेफर किया गया।
इसी जिले में तेज आंधी के दौरान एक ऑटो पलटने से एक महिला की भी मौत हो गई। डिंडौरी में कई घरों के टीन शेड उड़ गए, जबकि गुना में तेज बारिश और आंधी दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और बारिश होने की संभावना जताई है। इसके अलावा निम्न जिलों में गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रह सकता है-
भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ से गति पकड़ ली है। वर्तमान परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो 15 से 18 जून के बीच मध्य प्रदेश में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो सकती है। मानसून के प्रवेश के बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी और भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में प्री-मानसून आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
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इंदौर के हॉस्टल में शराब पार्टी पर छापा, पुलिस से भिड़े 5 युवक हिरासत में, इनामी तस्कर भी गिरफ्तार
इंदौर। तुलसीनगर में एक होस्टल की छत पर चल रही शराब पार्टी से हंगामा हो गया। रहवासियों की शिकायत पर पुलिसकर्मी पहुंचे तो नशे में धुत युवक उनसे हुज्जत करने लगे। पुलिस को पांच लोगों को हिरासत में लेना पड़ा। होस्टल संचालक को भी नोटिस देने की तैयारी की जा रही है।
घटना बी-सेक्टर की है। नीरज के होस्टल में युवक-युवतियां पार्टी कर रहे थे। रातभर हंगामा होता रहा। रहवासियों ने काल कर पुलिस को सूचना दी। कंट्रोल रूम को बताया कि आए दिन यहां हंगामा होता है। नशे में तेज आवाज में गाने बजाए जाते हैं।
शिकायत पर पुलिसकर्मी पहुंचे और डीजे बंद करने के लिए कहा। पार्टी में सात युवक बताए गए थे। नशे की हालत में वे पुलिसकर्मियों से उलझने लगे। जवानों ने वायरलेस सेट से प्रसारण कर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया और युवकों को हिरासत में ले लिया।
रहवासियों का आरोप है कि होस्टल संचालक का नियंत्रण नहीं है। बाहरी युवक-युवतियां यहां नशा पार्टी करते हैं। पुलिस के सामने ही शराब की बोतलें नीचे फेंकी गई थीं।
क्राइम ब्रांच ने मादक पदार्थों की सप्लाई करने वाले तस्कर इमरान को प्रतापगढ़ (राजस्थान) से गिरफ्तार किया है। आरोपित की दो साल से तलाश थी। उसकी गिरफ्तारी पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था।
डीसीपी (अपराध) राजेश त्रिपाठी के अनुसार वर्ष 2024 में पुलिस ने शादाब खान को 10 लाख रुपये की ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया था। इमरान पुत्र शमशेर निवासी ग्राम साकरिया, प्रतापगढ़ फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
इमरान के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट और मारपीट के चार मामले दर्ज हैं। पुलिस ने शुक्रवार को उसे पटेल प्रतिमा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। वहीं विजय नगर पुलिस ने आरोपित अक्षय गुप्ता निवासी एचआइजी कालोनी को 10 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ पकड़ा है। आरोपित विजय नगर थाना के सामने स्थित माल के समीप खड़ा था। पुलिस ने अक्षय की कार और मोबाइल भी जब्त कर लिया है।

शादी का झांसा देकर अपने आप को अविवाहित होने का नाटक करके 25 से अधिक महिलाओं से एक शख्स ने करोड़ों रुपये की ठगी की. महाराष्ट्र पुलिस ने उत्तर प्रदेश के नोएडा से करोड़ों की ठगी के आरोपी को गिरफ्तार किया है. उस पर आरोप है कि उसने बड़ी मात्रा में धन की हेराफेरी करने से पहले लोगों का विश्वास जीतने के लिए कई फर्जी नामों और पहचानों का इस्तेमाल किया.
आरोपी ने फर्जी पहचान और कई नामों का इस्तेमाल कर वैवाहिक विज्ञापनों के जरिए 25 से अधिक महिलाओं, जिनमें शारीरिक रूप से विकलांग, तलाकशुदा और असहाय महिलाओं से करोड़ों रुपये की ठगी की.
महाराष्ट्र पुलिस ने एक बड़े वैवाहिक धोखाधड़ी मामले में उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से अनुजकुमार चंद्रप्रकाश त्रिवेदी नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. वह फर्जी पहचान के तहत ग्रेटर नोएडा में रह रहा था. आरोपी व्यक्ति को मीरा भायंदर क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस की जांच में पता चला कि वह जानबूझकर भावनात्मक रूप से कमजोर महिलाओं को निशाना बनाता था. अधिकारी के अनुसार, आरोपी कई नामों का इस्तेमाल करता था, जिनमें अजय अग्रवाल, अजय संतोष सिंह और जयप्रकाश रमेशचंद्र गुप्ता शामिल हैं.
75 वर्षीय एक महिला ने 4 मार्च 2022 को ठाणे जिले के नयानगर पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत कराई कि आरोपी ने अजय अग्रवाल बनकर अखबार में प्रकाशित विज्ञापन के माध्यम से 1 मार्च 2019 को उनकी 45 वर्षीय बेटी से शादी कर ली.
अधिकारी के अनुसार, आरोपी कई नामों का इस्तेमाल करता था, जिनमें अजय अग्रवाल, अजय संतोष सिंह और जयप्रकाश रमेशचंद्र गुप्ता शामिल हैं.
चार मार्च 2022 को 75 वर्षीय एक महिला ने नयानगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी ने अखबार के विवाह विज्ञापन के जरिए उसकी 45 वर्षीय बेटी से संपर्क किया और 1 मार्च 2019 को उससे शादी की.आरोपी ने बाद में महिला के परिवार को फ्लैट बेचने के लिए मजबूर किया और नया मकान बनाने का वादा कर कुल 82 लाख रुपये नकद अलग-अलग किश्तों में ले लिए. फिर 33 तोला सोने के आभूषण चुरा लिए. उसके बाद फरार हो गया.
आरोपी ने इसी तरह की ठगी के जरिए 25 से अधिक महिलाओं को निशाना बनाया, जिनमें दिव्यांग, मानसिक रूप से कमजोर, तलाकशुदा और असहाय महिलाएं शामिल थीं.
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2 लाख के कर्ज के लिए युवक का किडनैप, बेल्ट से पीटा, नग्न घुमाया, 5 गिरफ्तार
मुंबई. महाराष्ट्र के मुंबई के डोंगरी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें सचिन रानपिसे ने कुछ दिन पहले एक व्यक्ति से 2 लाख रुपए उधार लिए थे. लेकिन कुछ परेशानी की वजह से समय पर वापस नहीं लौटा पाया और कुछ दिनों की मोहलत मांगी, लेकिन आरोपी ने ऐसा नहीं किया और तुंरत पैसे वापस देने की बात कहने लगा. इसके बाद आरोपी सचिन को डराने-धमकाने और किडनैप करने की साजिश रच डाला.
जानकारी के मुताबिक, 8 से 10 जून के बीच सचिन को डोंगरी के एमएम रेजीडेंसी लॉज के कमरा नंबर 104 में जबरन बंद रखा गया. इस दौरान उसे करीब 48 घंटे तक खाने पीने के लिए कुछ नहीं दिया गया था. आरोपियों ने उसे चमड़े के बेल्ट से बुरी तरह पीटा, जिससे उसके सिर, हाथ और पीठ पर गंभीर चोटें आईं. हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने उसे नग्न करके लॉज के कॉरिडोर में घूमने पर मजबूर किया.
11 जून को सचिन किसी तरह आरोपियों के चंगुल से भागा और सीधे डोंगरी पुलिस स्टेशन पहुंचा. पुलिस ने मामला दर्ज कर तुरंत जांच शुरू की. हालांकि सीसीटीवी से कोई खास सुराग नहीं मिला, लेकिन लोकल मुखबिरों की मदद से पुलिस ने मजगांव इलाके में जाल बिछाकर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम अब्दुल्ला शौकत भुसारी 21, जुनैद कयमुद्दीन खान 26, मोहम्मद साद पठान 26, अराफात हशम खनानी 24 और साहिल शेख 25 हैं. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल सामान भी बरामद कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है. डोंगरी पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज होने के बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. मामले की विस्तृत जांच की जा रही है.
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चार वर्षीय भांजे की हत्या करने वाले मामा को फांसी की सजा, अदालत ने सुनाया फैसला
गाजीपुर। वर्ष 2021 में गहमर थाना क्षेत्र के बारा गांव में चार वर्षीय मासूम की उसके ही मामा ने हत्या कर दी थी। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने कहा कि इस अपराध ने सामाजिक संवेदनाओं को झकझोर दिया है, इसलिए कठोरतम सजा आवश्यक है।
गहमर थाना क्षेत्र के बारा गांव में वर्ष 2021 में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया था। चार वर्षीय दानियाल अपने मामा अमजद खान के साथ खेल रहा था। इसी दौरान आरोपी ने अचानक धारदार हथियार से बच्चे का गला रेत दिया। मासूम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य न्यायालय के सामने पेश किए। खास बात यह रही कि आरोपी के भाई-बहनों सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने भी अदालत में सच्चाई के पक्ष में गवाही दी। गवाहों के बयानों और उपलब्ध सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में पूरी तरह सफल रहा है।
सजा सुनाए जाने से पहले अदालत ने आरोपी से उसके घिनौने कृत्य को लेकर सवाल किया। इस दौरान आरोपी ने अपने किए पर किसी प्रकार का पछतावा व्यक्त नहीं किया। इतना ही नहीं, उसने आक्रामक रुख अपनाते हुए भविष्य में भी हिंसक व्यवहार की बात कही। अदालत ने आरोपी के इस रवैये को गंभीरता से लिया और माना कि उसके सुधार की संभावना बेहद कम दिखाई देती है।
अपर सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह ने अपने फैसले में कहा कि एक मां के सामने उसके ही भाई द्वारा मासूम बेटे की हत्या किया जाना बहुत ज्यादा पीड़ादायक और अमानवीय घटना है। अदालत ने माना कि इस अपराध ने सामाजिक संवेदनाओं को गहरा आघात पहुंचाया है। इसी आधार पर मामले को दुर्लभतम श्रेणी में रखते हुए आरोपी को मृत्यु दंड और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराधों के प्रति कठोर संदेश देना आवश्यक है।

सतना। मध्य प्रदेश के सतना के नागौद राजघराने की परसमनिया गढ़ी बीती रात गोलियों की आवाज से दहल उठी। लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक विवाद ने उस समय हिंसक रूप ले लिया। जब राजपरिवार के सदस्य रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा की पहली पत्नी योगिता सिंह पर कथित रूप से उनकी दूसरी पत्नी सुनीता सिंह ने लाइसेंसी 22 बोर की बंदूक से फायरिंग कर दी। गोली योगिता सिंह के पेट में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद रीवा के विंध्या अस्पताल रेफर किया गया जहां ऑपरेशन के बाद उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
राजघराने और वर्तमान विधायक नागेंद्र सिंह के परिवार से जुड़ा होने के कारण पूरे विंध्य क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। नागेंद्र सिंह मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। जानकारी के अनुसार बाबा राजा और उनकी पहली पत्नी योगिता सिंह के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी विवाद के समाधान और बातचीत के उद्देश्य से योगिता सिंह दो दिन पहले अपने भाइयों और अन्य परिजनों के साथ परसमनिया गढ़ी पहुंची थीं।
बातचीत के दौरान विवाद अचानक इतना बढ़ गया कि कथित तौर पर सुनीता सिंह ने कई राउंड फायरिंग कर दी, जिसमें एक गोली योगिता सिंह को जा लगी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सुनीता सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए परसमनिया गढ़ी और आसपास के इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस फायरिंग के कारणों, घटनास्थल की परिस्थितियों और इस्तेमाल किए गए हथियार समेत सभी पहलुओं की जांच में जुटी है।
घायल योगिता सिंह की मां नरेंद्र कुमारी ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि जब उनकी बेटी घर के अंदर जाने लगी तो उसके पति रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा ने उसे धक्का दिया और कथित रूप से “मारो-मारो” कहकर उकसाया। उनका कहना है कि जान बचाने के लिए छिपने के बावजूद खिड़की से गोली चलाई गई, जो योगिता सिंह के पेट में लगी।
पीड़िता की मां ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने केवल सुनीता सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जबकि बाबा राजा की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। राजघराने के भीतर हुए इस गोलीकांड ने पूरे सतना और नागौद क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में आरोपी सुनीता को गिरफ्तार कर किया गया है सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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पूर्व IAS नियाज खान का बड़ा बयान: देश में ‘जबरन नसबंदी’ की उठाई मांग, मुस्लिमों को लेकर कही यह बात
भोपाल। अपने बयानों और किताबों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले मध्य प्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस (IAS) अधिकारी नियाज खान ने देश की बढ़ती जनसंख्या को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने देश में बढ़ती आबादी को ‘नासूर’ बताते हुए कड़ाई से जबरन नसबंदी (Sterilization) लागू करने की वकालत की है।
पूर्व आईएएस नियाज खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर अपनी बात रखते हुए लिखा कि देश की बढ़ती जनसंख्या अब एक गंभीर संकट बन चुकी है। उन्होंने पोस्ट में लिखा- देश की डेढ़ अरब आबादी नासूर बन गई है। अब समय आ गया है कि लोगों की जबरदस्ती नसबंदी करने पर विचार किया जाए। लोग या तो खुद आगे आकर नसबंदी कराएं, या फिर सरकार को इसके लिए जबरिया (forcefully) कदम उठाने चाहिए। अगर हम ऐसा नहीं करते हैं, तो देश का भविष्य अंधकारमय है।
नियाज खान ने जनसंख्या नियंत्रण के दायरे में मुस्लिम समुदाय को विशेष रूप से शामिल करने की बात कही है। उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि मुस्लिम परिवारों में बच्चों की संख्या ज्यादा होती है, इसलिए कड़ाई के साथ उनकी भी नसबंदी की जानी चाहिए। उनका मानना है कि जनसंख्या नियंत्रण का यह नियम बिना किसी भेदभाव के सभी पर सख्ती से लागू होना चाहिए।
पूर्व प्रशासनिक अधिकारी के इस बेहद कड़े और संवेदनशील बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल तेज हो गई है। बढ़ती आबादी और ‘जबरन नसबंदी’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल को लेकर इंटरनेट पर लोग दो पक्षों में बंट गए हैं और इस पर तीखी बहस शुरू हो गई है।
देश की डेढ़ अरब आबादी नासूर बन गई है। अब समय आ गया है कि लोगों की जबरदस्ती नसबंदी करने पर विचार किया जाय। या लोग खुद नसबंदी कराएं या सरकार जबरिया नसबंदी करे। मुस्लिम के यहां ज्यादा बच्चे होते हैं इसलिए कड़ाई से उनकी भी नसबंदी हो। अगर हम यह नहीं करते तो भविष्य अंधकारमय है।
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तीसरी संतान का मामला पड़ा भारी, सिंगरौली के उप पंजीयक अशोक सिंह परिहार सेवा से बर्खास्त
लंबे समय से विवादों और शिकायतों के केंद्र में रहे सिंगरौली के उप पंजीयक अशोक सिंह परिहार को आखिरकार मध्यप्रदेश शासन ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा 11 जून 2026 को जारी आदेश में विभागीय जांच में आरोप सिद्ध पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार अशोक सिंह परिहार के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई गई थी कि शासकीय सेवा में रहते हुए उनकी तीसरी संतान का जन्म निर्धारित कटऑफ तिथि के बाद हुआ है। मामले की विभागीय जांच कराई गई, जिसमें कलेक्टर सिंगरौली द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट में उनके तीन संतान होने की पुष्टि हुई। जांच में यह भी सामने आया कि उनकी तीसरी संतान का जन्म वर्ष 2003 में हुआ था।
विभागीय जांच अधिकारी ने आरोप को प्रमाणित माना, जिसके बाद शासन ने सख्त कदम उठाते हुए उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं। मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के अनुसार 26 जनवरी 2001 के बाद तीसरी संतान होने पर शासकीय सेवा के लिए अपात्रता का प्रावधान है। इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
अशोक सिंह परिहार का नाम इससे पहले भी विवादों में रहा है। उन पर एक करोड़ दस लाख रुपये से अधिक के कथित स्टाम्प घोटाले के मामले में निलंबन की कार्रवाई हो चुकी थी। हालांकि बाद में उनकी पुनः पदस्थापना सिंगरौली में ही कर दी गई थी, जिस पर भी सवाल उठे थे। जिले में लंबे समय से उनके कार्यकाल को लेकर शिकायतें और असंतोष की चर्चा होती रही है।
बर्खास्तगी के बाद पंजीयन विभाग सहित प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि शासन की यह कार्रवाई सेवा नियमों के उल्लंघन के मामलों में सख्त संदेश देने वाली है। वहीं जिले में यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है कि वर्षों तक चले विवादों और शिकायतों के बाद आखिरकार प्रशासन ने निर्णायक कदम उठाया है।

जबलपुर। होटल विवाद के बाद कुछ युवकों ने देर रात एक घर के बाहर बम फेंककर दहशत फैलाने की कोशिश की। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम सिविल लाइन स्थित एक होटल में कुछ युवक कमरा लेकर रुके थे। आरोप है कि वे नशे की हालत में हंगामा और गाली-गलौज कर रहे थे। जब होटल कर्मचारी ने उन्हें समझाने का प्रयास किया तो उसके साथ मारपीट की।
होटल से बाहर निकाले जाने के बाद आरोपियों ने कर्मचारी को जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद होटल प्रबंधन ने मामले की शिकायत पुलिस से की। कर्मचारी भी अपने घर लौट गया, लेकिन विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ।
रात करीब साढ़े 11 बजे स्कूटर पर सवार चार युवक कर्मचारी के घर के पास पहुंचे और एक के बाद एक कई बम फेंक दिए। हालांकि बम से कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन एक अन्य मकान परिसर में जाकर गिरे।
बम फटने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। सड़क पर धुआं फैल गया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज के आधार पर कुछ संदिग्ध युवकों की पहचान की गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे मामले की जांच कर रही है।
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रतलाम में भारी बवाल, पुलिस पर पथराव, दागने पड़े आंसू गैस के गोले; सरपंच सहित 20 हिरासत में
रतलाम। जिले के पलसोड़ी क्षेत्र में शुक्रवार को प्रस्तावित निवेश क्षेत्र के लिए अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन और पुलिस की टीम पर ग्रामीणों द्वारा पथराव किए जाने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा तथा भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में रखा गया है।
जानकारी के अनुसार पलसोड़ी सहित आसपास के चार से पांच गांवों की करीब 1700 हेक्टेयर भूमि निवेश क्षेत्र में शामिल की जा रही है। इसके विरोध में ग्रामीण लंबे समय से आंदोलनरत हैं। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे प्रशासनिक अधिकारी, भारी पुलिस बल तथा अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी और बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे थे। कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे।
दोपहर करीब 2 बजे अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बनने पर पुलिस ने जुलवानिया सरपंच छोटू मईडा सहित 20 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक अमले पर पथराव कर दिया। अचानक हुई पत्थरबाजी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया तथा आंसू गैस के गोले छोड़े।
जुलवानिया सरपंच छोटू भाभर ने बताया कि ग्रामीण शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन से कार्रवाई रोकने और सात दिन का समय मांगने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि मामले में हाईकोर्ट में स्थगन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है। इसके बावजूद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने पथराव की घटना की जानकारी होने से इनकार करते हुए कहा कि यह कृत्य असामाजिक तत्वों द्वारा किया गया होगा। सरपंच का आरोप है कि हिरासत में लेने के बाद उन्हें और अन्य लोगों को दो वज्र वाहनों में बैठाकर करीब दो घंटे तक रिंग रोड और आसपास के क्षेत्रों में घुमाया गया।
मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) द्वारा जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से मेगा इंडस्ट्रियल पार्क निवेश क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत ग्राम जामथुन, बिबड़ोद, जुलवानिया, पलसोड़ी, रामपुरिया और सरवनी खुर्द की करीब 1370.532 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर निवेश क्षेत्र बनाया जा रहा है। यहां कई बड़ी कंपनियों ने भूमि लेने के साथ प्लांट स्थापना की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
दूसरी ओर शासकीय भूमि पर वर्षों से खेती कर रहे ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं। पलसोड़ी के हल्का नंबर-7 के सर्वे नंबर-135 की 2.360 हेक्टेयर शासकीय भूमि को निवेश क्षेत्र में शामिल करने के लिए तहसीलदार कार्यालय से सार्वजनिक सूचना जारी की गई थी। इस पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 10 जून तक का समय निर्धारित किया गया था।
गुरुवार को एसडीएम शहर आर्ची हरित और तहसीलदार ऋषभ ठाकुर पलसोड़ी पहुंचे थे। ग्राम पंचायत भवन में आयोजित बैठक में पंचायत की ओर से भूमि लिए जाने पर आपत्ति पत्र सौंपा गया। ग्रामीणों ने तर्क दिया कि अधिग्रहण प्रक्रिया में देरी होने के कारण अधिसूचना निरस्त हो चुकी है और ग्रामवासी भूमि अधिग्रहण की अनुमति नहीं देते। अधिकारियों द्वारा अन्यत्र भूखंड आवंटन और रोजगार सृजन की जानकारी दिए जाने पर ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें खेती करनी है, रोजगार और प्लाट नहीं चाहिए।
एमपीआईडीसी के राजेश राठौर ने बताया कि निवेश क्षेत्र के लिए ली जा रही भूमि शासकीय है तथा प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। फिलहाल घटना के बाद प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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एलिवेटेड रोड के लिए टूटेंगे ‘289 मकान-दुकान’, ग्वालियर में लगाए गए लाल निशान, मिलेगा मुआवजा
ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में स्वर्णरखा एलिवेटेड रोड परियोजना के दूसरे चरण में अब तेजी से काम दिखाई देने लगा है। सबसे बड़ी बाधा बने बिजली के खंभों को हटाने का काम शुरू हो चुका है, ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनों की शिफ्टिंग भी अंतिम दौर में है। प्रशासन का दावा है कि भू-अर्जन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, जिसके बाद अब अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू की जाएगी। करीब 926.21 करोड़ रुपए की लागत की यह प्रदेश की पहली एलिवेटेड रोड है।
इसका निर्माण कार्य 26 जून 2024 से शुरू हुआ था और इसे नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। परियोजना का जिम्मा पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को सौंपा गया है। शहरवासियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि वर्षों से ट्रैफिक दबाव झेल रहे इस मार्ग पर आखिर कब एलिवेटेड रोड का सपना हकीकत में बदलेगा।
सात भाई की गोठ, टापू वाले मोहल्ले, रतन कॉलोनी के पीछे, नई सड़क, कमानी पुल और जीवाजीगंज क्षेत्र में नए बिजली खंभे लगाने तथा ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने का काम तेजी से चल रहा है। वहीं जिन मकानों और दुकानों पर परियोजना का असर पड़ना है, वहां सीमांकन कर लाल निशान लगाए जा चुके हैं। इससे प्रभावित क्षेत्रों में हलचल तेज हो गई है।
भू-अर्जन शाखा के परियोजना की जद में आने अनुसार। वाले 289 कब्जे हटेंगे। इसके लिए लगभग 63 करोड़ मुआवजा निर्धारित किया है। 1.7 हेक्टेयर तेजी, 24 हेक्टेयर सरकारी भूमि के निजी मामलों का निराकरण अंतिम चरण में है।
गिरवाई पुलिस चौकी से फूलबाग तक करीब 7.42 किलोमीटर लंबे हिस्से में जगह-जगह अतिक्रमण है। कई स्थानों पर जलभराव की समस्या भी निर्माण कार्य में बाधा बन रही है। हालांकि प्रशासन का मानना है कि भू-अर्जन प्रक्रिया पूरी होते ही इन चुनौतियों को दूर किया जाएगा।
अधिकांश गांवों में प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। केवल 4 का कार्य शेष है। इसके पूरा होते ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी। भू-अर्जन कार्य अंतिम चरण में है।- अतुल सिंह, प्रभारी भू-अर्जन शाखा
शहर के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए इस एलिवेटेड रोड में 14 लूप (एंट्री-एग्जिट पॉइंट) बनाए जा रहे हैं, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों से वाहन सीधे इस कॉरिडोर पर चढ़ सकेंगे।
बता दें कि एलिवेटेड रोड बनने के बादमुरैना से शिवपुरी या झांसी की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के भीतरी हिस्सों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। वाहन जलालपुर तिराहा से सीधे एलिवेटेड रोड पर चढ़कर गिरवाई के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इससे शहर में लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और यात्रियों का करीब एक घंटे तक का समय बच सकता है।

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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