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धार। मध्यप्रदेश के धार जिले से बड़ी खबर सामने आई है यहां धार और तिरला के बीच इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई है जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हैं। हादसा चिकलिया ब्रिज के पास एक पेट्रोल पंप के सामने उस वक्त हुआ जब लोडिंग वाहन पिकअप (13 जेडटी-6776) और स्कॉर्पियो (एमपी 09 बीई-9997) स्कार्पियो की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद दोनों वाहन सड़क से नीचे उतर गए और कोहराम मच गया।
जानकारी के मुताबिक पिकअप में करीब 50 मजदूर सवार थे जो लेबड़ क्षेत्र से मजदूरी कर खुशी-खुशी अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच सामने से तेज रफ्तार में आ रही स्कार्पियो ने पिकअप को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन सड़क से नीचे उतर गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे में 12 लोगों की मौत हुई है जिनमें 9 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल बताए जा रहे हैं। मृतकों में एक बच्ची भी है, सभी मजदूर समेलिया, नयापुरा, जलोखिया और सुल्तानपुर गांव के निवासी थे।
भीषण हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीण व पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को चार अलग-अलग वाहनों से अस्पताल पहुंचा। एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। ओपीडी से लेकर वार्ड तक हर जगह खून और चीख-पुकार का दर्दनाक दृश्य नजर आया। परिजन अपनों को ढूंढते हुए बदहवास नजर आए। अस्पताल का आईसीयू वार्ड पूरी तरह घायलों से भर गया। डॉक्टरों के मुताबिक कई घायलों की हालत गंभीर है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। घटनास्थल से कई शव लाए गए, जिनमें एक बच्ची का शव देख परिजन फूट-फूटकर रो पड़े।
घायल निलेश डावर ने बताया कि सभी मजदूर सुबह लेबड़ के खेतों में काम करने गए थे, जहां 400 रुपए मजदूरी तय हुई थी। शाम को घर लौटते वक्त अचानक यह हादसा हो गया। पिकअप चालक राधेश्याम भी गंभीर रूप से घायल है और बेहोश है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्कार्पियो तेज रफ्तार में थी और नियंत्रण नहीं रख पाई। टक्कर के बाद वाहन के एयरबैग तक खुल गए, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हादसे में जान गंवाने वालों में कई एक ही परिवार के सदस्य है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि सुल्तानपुर के पूर्व सरपंच मुन्नालाल डावर का पोता, पत्नी सावित्री और 14 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई।

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बदकिस्मत चोर: कुंडी खोलने के लिए जाली में डाला हाथ, फिर जो हुआ…देखें
ग्वालियर। चोरी की नीयत से घर में घुसे एक शातिर चोर तब बेहाल हो गया जब उसका हाथ खिड़की की जाली में फंस गया और रात भर मजबूरन उसके सहारे खड़े रहना पड़ा। सुबह जब मकान मालिक ने यह वाक्या देखा तो वह भी हैरान रह गया। जिसके बाद मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी और मौके पर पहुंची टीम ने उसे हिरासत में लिया।
घटना ग्वालियर शहर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र के दीनदयाल नगर की है। जहां बीती रात शातिर चोर मनोज कुशवाहा एक निर्माणाधीन मकान में सरिया चोरी करने के नीयत से घुसा था। चोर ने जैसे ही खिड़की की जाली से हाथ डालकर दरवाजा खोलने की कोशिश की उसका हाथ जाली में फस गया। जब चोर को इस बात का अहसास हुआ तो उसने हाथ निकालने की काफी मशकक्त की लेकिन कामयाब नहीं हो सका। हाथ नहीं निकलने की स्थिति में चोर को मजबूरन रात भर वहीं खड़े रहना पड़ा।
सुबह जब मकान मालिक निर्माणाधीन मकान पर पहुंचा तो वह यह वाक्या देखकर हक्का-बक्का रह गया। मकान मालिक ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद मनोज का हाथ जाली से निकालने में कामयाब हो सकी।
पुलिस के मुताबिक मनोज इलाके में सरिया चोरी की कई वारदात कर चुका है। आरोपी निर्माणाधीन मकानों को निशाना बनाता था। पूछताछ में उसने कई चोरियों कबूल की है। पुलिस उससे चोरी का माल बरामद करने की कोशिश कर रही है।
वहीं घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। लोग कह रहे हैं- चोरी करने गया था, खुद ही जाल में फंस गया। फिलहाल पुलिस ने चोर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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बच्चे की कलाई में बंधा स्मार्ट वॉच फटा: कलाई की चमड़ियां उधड़ी, शादी समारोह में मची अफरा-तफरी
नर्मदापुरम। अगर आप भी स्मार्ट वॉच पहनने के शौकीन हैं तो जरा संभलकर, क्योंकि यह कभी-कभी बम बनकर फट भी सकता है। जी हां, मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम से ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक बच्चे की कलाई में बंधा स्मार्ट वॉच अचानक फट गया। इस हादसे में बच्चे की कलाई की चमड़ी उधड़ गई।
दरअसल, नर्मदापुरम निवासी वेदांत चौधरी अपने जुड़वां भाई सूर्यांश के साथ इटारसी रोड स्थित एक गार्डन में शादी समारोह में शामिल होने आया था। रात के समय जब दोनों भाई साथ बैठे थे, तभी वेदांत के हाथ में बंधी स्मार्ट वॉच में जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि वेदांत के हाथ की चमड़ी छिल गई और पास बैठे सूर्यांश को भी चोटें आईं।
परिजनों ने आनन-फानन में रात करीब 1:30 बजे दोनों बच्चों को निजी अस्पताल पहुँचाया। डॉक्टर रवि चढ़ार के अनुसार गनीमत रही कि चोटें अधिक गहरी नहीं थीं। प्राथमिक उपचार और मरहम-पट्टी के बाद बच्चों को घर भेज दिया गया है। ​उन्होंने कहा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और खिलौनों में इस्तेमाल होने वाली सस्ती लिथियम बैटरी अक्सर ओवरहीटिंग या शॉर्ट सर्किट के कारण खतरनाक साबित हो सकती हैं। बच्चों को ऐसी डिवाइस देते समय गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें।

सागर। मध्य प्रदेश के सागर से चौंका देने वाला मामला सामने आया है। यहां दलित समाज की बारात पर दबंगों ने देर रात सिर्फ इसलिए हमला कर दिया क्योंकि वह दूल्हे को घोड़ी पर नहीं बैठने देना चाहते थे। इन जातिवादी मानसिकता वाले लोगों लाठी-डंडों से बारात पर हमला कर लोगों को घायल कर दिया। मामले की खबर भीम आर्मी (सांसद चंद्रशेखर रावण की पार्टी) को लगी। उनके पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और उनकी देखरेख में शादी कराई गई।
मामला मंगलवार-बुधवार दरमियानी रात करीब एक बजे की है। सागर के नरयावली विधानसभा क्षेत्र के खैजरा माफी गांव से अहिरवार समाज की एक बारात निकल रही थी। तभी अचानक जातिवादी मानसिकता के दबंगों ने बारात को बीच में ही रोक दिया। दबंगों ने दूल्हे को घोड़ी पर नहीं बैठने दिया। दबंगों ने बारातियों से जमकर विवाद किया फिर मारपीट शुरू कर दी। मिली जानकारी के अनुसार, दबंगों ने दुल्हन के परिजनों को भी निशाना बनाया और उनके साथ भी मारपीट की। इस जातिवादी हमले में करीब 10 लोग घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल अस्पताल में चल रहा है।
इस घटना की जानकारी भीम आर्मी को मिली। सूचना मिलते ही भीम आर्मी के पदाधिकारी प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मेंद्र अहिरवार, सागर जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर अहिरवार और जिला प्रभारी कमलेश अहिरवार प्रमुख रात 2 बजे के आसपास खैजरा माफी गांव पहुंचे। भीम आर्मी ने पुलिस के सामने इसका विरोध किया और दबंगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उनके हस्तक्षेप के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया। भीम आर्मी के सदस्यों की मौजूदगी में दूल्हा-दुल्हन की शादी संपन्न कराई गई और जयमाला की रस्म भी पूरी हुई।
बता दें कि, दमोह के हटा थाना क्षेत्र के बिजोरी पाठक गांव में भी 1 हफ्ते पहले ऐसा ही एक मामला सामने आया था। यहां एक दिव्यांग दलित दूल्हे और पूरी बारात पर दबंगों ने लाठी-डंडे लेकर हमला कर दिया था। इस मामले में भी जातिवादी मानसिकता वाले लोगों को एक दलित दूल्हे का घोड़ी पर चढ़ना नागवार गुजरा। दबंगों ने बारात को घेरकर मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान दूल्हे के परिवार के कई लोग घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार, बारात लोधी समाज की थी। दबंगों ने घोड़ी पर बैठे दिव्यांग दूल्हे को नीचे पटक दिया था। यहीं नहीं, दूल्हे भाई को बचाने के लिए दौड़ी बहन को भी दबंगों ने नहीं छोड़ा। बताया जा रहा है कि दबंगों ने बारातियों के गहने भी लूट लिए।
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भोपाल में शर्मनाक वारदात! युवक को नग्न कर पीटा,मुंह पर की पेशाब, हैवान बने साथी
भोपाल। राजधानी से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मामूली आपसी झगड़ा इतना बढ़ गया कि कुछ युवकों ने मिलकर एक युवक के साथ बेहद अमानवीय व्यवहार किया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग इस घटना को लेकर गुस्से में हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है।
यह घटना भोपाल के हनुमानगंज थाना क्षेत्र की है। यहां शबरी नगर में रहने वाला 25 वर्षीय युवक यशवंत सोमवार शाम अपने घर के पास ही टहल रहा था। सब कुछ सामान्य था लेकिन कुछ ही देर में हालात पूरी तरह बदल गए। इलाके के ही चार युवक अचानक उसके पास पहुंचे और उसे घेर लिया। शुरुआत में बात सिर्फ बहस तक सीमित थी लेकिन जल्द ही मामला हिंसा में बदल गया।
आरोपियों को शक था कि यशवंत उनके विरोधी व्यक्ति के संपर्क में है। इसी बात को लेकर वे पहले से नाराज थे। जैसे ही उन्हें मौका मिला, उन्होंने युवक को घेर लिया और सवाल जवाब शुरू कर दिए। युवक ने अपनी सफाई देने की कोशिश की लेकिन आरोपियों ने उसकी बात नहीं सुनी। धीरे धीरे माहौल गरम होता गया और बात हाथापाई तक पहुंच गई।
कुछ ही मिनटों में आरोपियों ने युवक पर हमला कर दिया। उसे पकड़कर जमीन पर गिराया गया और डंडों, बेल्ट और हाथों से पीटना शुरू कर दिया गया। युवक लगातार उनसे छोड़ देने की गुहार लगाता रहा लेकिन किसी ने उसकी एक नहीं सुनी। आसपास के लोग यह सब देखकर सहम गए लेकिन डर की वजह से कोई तुरंत आगे नहीं आ सका।
मारपीट के दौरान दो आरोपियों ने चाकू निकाल लिया और युवक पर वार करना शुरू कर दिया। इससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके शरीर से खून बहने लगा। हालत बिगड़ती देख भी हमलावर नहीं रुके और लगातार हमला करते रहे। यह पूरा घटनाक्रम कुछ ही समय में बेहद खतरनाक रूप ले चुका था।
घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि हमलावरों ने युवक के साथ बेहद अपमानजनक व्यवहार भी किया। इस दौरान उन्होंने उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली हरकतें कीं, जिससे घटना और भी गंभीर हो गई। इस तरह की हरकत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया और लोगों में आक्रोश बढ़ गया।
जब आसपास लोगों की भीड़ बढ़ने लगी, तब आरोपी मौके से फरार हो गए। इसके बाद स्थानीय लोगों ने घायल युवक की मदद की और उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, युवक को गंभीर चोटें आई थीं लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी हालत अब स्थिर है।
घटना के बाद पीड़ित युवक ने बताया कि वह लगातार हमलावरों से छोड़ देने की विनती करता रहा लेकिन उन्होंने कोई रहम नहीं दिखाया। उसने बताया कि उसे बेल्ट, चप्पल और हाथों से मारा गया, और यहां तक कि धारदार हथियार से भी हमला किया गया। पीड़ित ने यह भी कहा कि उसे अब भी अपनी सुरक्षा को लेकर डर महसूस हो रहा है।
हनुमानगंज थाना प्रभारी अवधेश सिंह भदोरिया ने बताया कि दोनों पक्ष कमला नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अभद्र व्यवहार, जानलेवा हमला सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों का सुराग मिल चुका है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे मामला कितना भी गंभीर क्यों न हो। वहीं, एडिशनल पुलिस कमिश्नर अवधेश गोस्वामी ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सभी आरोपी आदतन अपराधी हैं। हनुमानगंज थाने में FIR दर्ज हो चुकी है और अगर जांच में अपहरण जैसे नए तथ्य सामने आते हैं तो धाराएं और बढ़ाई जाएंगी। फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं और उन पर इनाम भी घोषित कर दिया गया है।
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खंडवा में रेलवे कोर्ट का बड़ा फैसला: ट्रैकमैन को 6 साल की सुनाई सजा
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में सेना की विशेष ट्रेन को डेटोनेटर लगाकर रोकने के सनसनीखेज मामले में रेलवे कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। आरोपी रेलवे कर्मचारी (ट्रैकमेन) साबिर उर्फ शब्बीर को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने साबिर को 6 साल के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
रेलवे पुलिस के मुताबिक, यह पूरी घटना 18 सितंबर 2024 की है। जम्मू-कश्मीर से कर्नाटक जा रही सेना की विशेष ट्रेन को डोंगरगांव और सागफाटा स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक पर लगे डेटोनेटर फटने के कारण रोकना पड़ा था। घटना के बाद रेलवे टीआई संजीव कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर को जांच शुरू की थी। जांच के दौरान घटनास्थल से डेटोनेटर के अवशेष बरामद किए गए।
आरपीएफ की टीम औरं श्वान दस्ते के कुत्ते ”जेम्स’ की मदद से करीब 8 किलोमीटर तक सर्चिग की गई थी। जिससे रेलवे कर्मचारी साबिर की पहचान हुई। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईबी, एनआईए व एटीएस जैसी एजेंसियां भी जांच में शामिल रही थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर मामला रेलवे कोर्ट में पेश किया गया। जहां सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई गई।
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‘एंजियोप्लास्टी’ के बाद महिला की मौत, हार्ट ब्लाकेज में 1 की बजाय डॉक्टर ने डाले 3 स्टंट
भोपाल भोपाल में एंजियोप्लास्टी के बाद सागर की महिला की मौत हो गई। मौत के बाद परिजन ने कलेक्टर से शिकायत की। इतवारी वार्ड निवासी जतिन जैन ने अपनी माता ज्योति जैन की मृत्यु के लिए भोपाल के गायत्री सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के डॉ. मोहित जैन को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है।
जतिन जैन ने बताया कि 20 अप्रेल को ज्योति जैन सामान्य जांच व एंजियोग्राफी के लिए अस्पताल गई थीं, जहां स्थिति स्थिर थी। एंजियोग्राफी के बाद डॉ. मोहित जैन ने हृदय की नस में गंभीर ब्लॉकेज बताकर तत्काल एंजियोप्लास्टी की सलाह दी।
परिवार का आरोप है कि उन्हें हैदराबाद जैसे अन्य शहर में इलाज का विकल्प नहीं दिया गया और प्रक्रिया के लिए तुरंत दबाव बनाया गया। शिकायत में कहा गया है कि एंजियोप्लास्टी के दौरान ज्योति जैन की स्थिति अचानक बिगड़ गई। ऑपरेशन थिएटर के बाहर परिजनों ने अंदर से चीखने की आवाज सुनी, जिसके बाद अस्पताल स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। करीब दो घंटे तक परिवार को मरीज की स्थिति की कोई जानकारी नहीं दी गई। बाद में डॉक्टरों ने बताया कि प्रक्रिया के दौरान नस में गंभीर क्षति हुई, जिसके कारण एक के बजाय तीन स्टंट लगाने पड़े। परिजनों का यह भी आरोप है कि मरीज को सीपीआर दिया गया, लेकिन इसकी सूचना उन्हें समय पर नहीं दी गई।
ऑपरेशन के बाद भी ज्योति जैन लगातार दर्द, उल्टी और बेचैनी से जूझती रहीं। परिजनों के बार-बार अनुरोध के बावजूद उन्हें किसी बड़े अस्पताल में रेफर नहीं किया गया और डॉ. मोहित जैन स्थिति को सामान्य बताते रहे। परिवार ने निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड गठित करने, सभी चिकित्सा दस्तावेजों की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर डॉ. मोहित जैन का लाइसेंस निरस्त करने व सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में जब पत्रिका ने गायत्री सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की तो उनसे बात नहीं हो पाई।
एंजियोप्लास्टी (Angioplasty) एक न्यूनतम चीर-फाड़ वाली चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसका उपयोग हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज या संकुचन को ठीक करने के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया में एक पतली नली (कैथेटर) और गुब्बारे का उपयोग करके अवरुद्ध धमनी को चौड़ा किया जाता है, जिससे हृदय तक रक्त का प्रवाह सामान्य हो सके।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारण हृदय की नसों में जमा प्लाक (कोलेस्ट्रॉल और वसा) को साफ कर रक्त संचार को सुगम बनाना होता है।यह मुख्य रूप से हार्ट अटैक के दौरान या गंभीर सीने के दर्द (angina) के इलाज के लिए किया जाता है।

गुजरात के साबरकांठा जिले में बुधवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। राजमार्ग पर बुधवार को एक निजी बस द्वारा एक कार को टक्कर मार दिए जाने से सात महिलाओं समेत आठ लोगों की मौत हो गई. वहीं कई लोग घायल हो गए. घायलों को इलाज के लिए गंभोई और हिम्मतनगर सिविल में शिफ्ट किया गया. वहीं हादसे की जानकारी मिलते ही हिम्मतनगर सिविल हॉस्पिटल में घायलों के परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई. वहीं कई लोगों के अपने परिवार वालों को खोने से माहौल गमगीन हो गया.
गुजरात के साबरकांठा में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों में कोहराम मचा दिया है। प्राइवेट बस और कार की जोरदार टक्कर में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
हिम्मतनगर के पास जसवंतगढ़ पाटिया के पास मौत की चीखें गूंज उठीं। नेशनल हाईवे एक प्राइवेट बस और कार की जोरदार टक्कर में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए।
मिली जानकारी के मुताबिक, हादसा शामलाजी से हिम्मतनगर की ओर जाने वाले नेशनल हाईवे पर हुआ। तेज रफ्तार प्राइवेट बस ने आगे चल रही कार को पीछे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और 8 यात्रियों की जान चली गई।
मरने वालों में यात्रियों महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं- नायक अंजू बेन (45), भोई नीता बेन (36), नायक मीनाक्षी बेन (50), पटेल कामिनी बेन (56), नायक कंचन बेन (60), प्रजापति नीता बेन (55), गोस्वामी रेखा बेन (60), रावल अनिल कुमार (ड्राइवर) (25)
हादसे के बाद स्थानीय लोग और पैदल चलने वाले लोग मदद के लिए दौड़े। एक्सीडेंट में घायल लोगों को तुरंत 108 एम्बुलेंस से हिम्मतनगर सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
घटना की खबर मिलते ही गंभोई पुलिस का काफिला मौके पर पहुंचा। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाकर एक्सीडेंट का केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है।
पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) ए. के. पटेल ने बताया कि कार अरावली जिले के मोडासा से महिलाओं को ले जा रही थी तभी जिले में शामलाजी को हिम्मतनगर से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर एक तेज रफ्तार बस ने उसे पीछे से टक्कर मार दी. पुलिस के मुताबिक, मृत महिलाएं सामाजिक कार्यक्रमों के लिए काम करने वाली ‘कैटरिंग टीम’’ का हिस्सा थीं, जो पड़ोसी अरावली जिले के मोडासा से हिम्मतनगर के हुंज गांव में एक समारोह में शामिल होने जा रही थीं.
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मोदी सरकार का बड़ा फैसला … अब पेट्रोल में 85% एथेनॉल ! सरकार ने जारी किया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन
वैश्विक तनाव के बीच देश में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए मोदी सरकार अब बड़ा कदम उठाने जा रही है. सरकार ने एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें पेट्रोल में ज्यादा मात्रा में एथेनॉल मिलाने के नियमों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है. अगर यह लागू होता है, तो आने वाले समय में गाड़ियां पूरी तरह एथेनॉल से भी चलेंगी.
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है. ड्राफ्ट नियमों में E85 फ्यूल को शामिल करने का प्रावधान किया गया है, जिसमें पेट्रोल में 85 प्रतिशत तक एथेनॉल मिलाया जाएगा. इसके अलावा E100 का भी प्रस्ताव है, यानी गाड़ियां पूरी तरह एथेनॉल पर चल सकेंगी. यह बदलाव भारत के फ्यूल सिस्टम में बड़ा परिवर्तन ला सकता है. अब तक E20 पेट्रोल को लेकर चर्चा होती रही है, जिसमें पेट्रोल में 20% एथेनॉल की ब्लेंडिंग की जाती है.
सरकार ने इस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को फिलहाल पब्लिक कमेंट के लिए जारी किया है. यानी आम लोग और इंडस्ट्री से जुड़े लोग अपनी राय दे सकते हैं. सभी सुझाव मिलने के बाद सरकार अंतिम फैसला लेगी. गौरतलब है कि पिछले साल अप्रैल में देशभर में E20 फ्यूल लागू किया गया था, जिसमें पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया गया. अब सरकार इससे आगे बढ़ाते हुए और ज्यादा ब्लेंडिंग की दिशा में आगे बढ़ रही है. सरकार का मुख्य उद्देश्य पेट्रोलियम उत्पादों के आयात को कम करना है. ज्यादा एथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल की जरूरत घटेगी, जिससे देश को आर्थिक फायदा होगा और पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा.
ड्राफ्ट में फ्यूल की नई कैटेगरी तय करने का भी प्रस्ताव है. जैसे पेट्रोल की पहचान अब E10/E से बदलकर E10/E20 की जाएगी. साथ ही E85 और E100 को भी आधिकारिक रूप से नियमों में शामिल किया जाएगा. इसी तरह बायोडीजल को B10 से बढ़ाकर B100 तक अपडेट करने का प्रस्ताव है.
अगर ये नियम लागू होते हैं, तो आने वाले समय में लोगों को नए तरह के फ्यूल ऑप्शन मिलेंगे. हालांकि इसके लिए गाड़ियों में भी बदलाव जरूरी होगा, ताकि वे हाई एथेनॉल ब्लेंड पर सही तरीके से चल सकें. यह बदलाव धीरे-धीरे लागू होगा, लेकिन इससे देश के फ्यूल सिस्टम में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है.
केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बीते कल दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि, “आने वाले समय में इन ट्रेडिशनल फ्यूल (पेट्रोल-डीजल) पर चलने वाली गाड़ियों का कोई भविष्य नहीं है.” गडकरी ने वाहन निर्माता कंपनियों से अपील की कि, वे जल्द से जल्द बायोफ्यूल और अन्य वैकल्पिक फ्यूल की तरफ शिफ्ट करें. उनका कहना है कि पेट्रोल और डीजल न सिर्फ महंगे हैं बल्कि ये देश के लिए गंभीर समस्या भी बनते जा रहे हैं.
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पेट्रोल-डीजल कार खरीदने वालों के लिए बुरी खबर, चेतावनी देकर गडकरी ने दिखा दी पूरी पिक्‍चर
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि पेट्रोल और डीजल पर चलने वाले वाहनों का लंबे समय तक कोई भविष्य नहीं है. मंत्री का ये बयान वैकल्पिक ईंधन विकल्पों के समर्थन में आया है. उन्होंने ऑटोमोबाइल उद्योग से स्वच्छ ईंधनों की ओर बदलाव पर काम करने को कहा. उन्होंने कहा कि ये गाड़ियां हमेशा नहीं रहेंगी, ऑटो इंडस्ट्री को साफ-सुथरे ईंधन और बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की ओर तेजी से बढ़ना चाहिए.
नितिन गडकरी ने कहा कि आने वाला समय मल्टी-फ्यूल का होगा, यानी एक ही तरह के फ्यूल पर निर्भर रहने के बजाय कई तरह के ईंधन का इस्तेमाल किया जाएगा.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ऑटोमोबाइल सेक्टर को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि पेट्रोल और डीजल इंजन का भविष्य अब सीमित है. उन्होंने वाहन निर्माताओं से आग्रह किया कि वे केवल कम कीमत पर ध्यान देने के बजाय बेहतर गुणवत्ता को प्राथमिकता दें. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने Busworld India Conclave 2026 में कहा कि पेट्रोल और डीजल से चलने वाली गाड़ियों का भविष्य नहीं है.
गडकरी ने बताया कि भविष्य में इलेक्ट्रिक गाड़ियां, बायोफ्यूल, CNG, LNG और हाइड्रोजन जैसे ईंधन ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे. इलेक्ट्रिक गाड़ियां बैटरी से चलती हैं और इनमें धुआं नहीं निकलता, इसलिए ये पर्यावरण के लिए बेहतर मानी जाती हैं. वहीं बायोफ्यूल (जैसे एथेनॉल) खेती से जुड़े उत्पादों से बनाया जा सकता है, जिससे किसानों को भी फायदा होता है. इसके अलावा हाइड्रोजन को भी भविष्य का ईंधन माना जा रहा है क्योंकि इससे सिर्फ पानी बनता है, प्रदूषण नहीं होता है.
नितिन गडकरी ने यह भी कहा कि आने वाला समय मल्टी-फ्यूल का होगा, यानी एक ही तरह के फ्यूल पर निर्भर रहने के बजाय कई तरह के ईंधन का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे फायदा यह होगा कि अगर किसी एक फ्यूल की कीमत बढ़े या कमी हो, तो दूसरे विकल्प मौजूद रहेंगे.
सरकार का मानना है कि आज जो पेट्रोल और डीजल की गाड़ियां हम चला रहे हैं, वे कई समस्याएं पैदा करती हैं. सबसे बड़ी समस्या प्रदूषण है. इसके अलावा भारत को पेट्रोल और डीजल का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदना पड़ता है, जिससे देश का बहुत पैसा बाहर जाता है.
सरकार चाहती है कि ऑटो कंपनियां अभी से इन नई तकनीकों पर काम करें, ताकि भविष्य के लिए तैयार रहें. अगर कंपनियां समय रहते बदलाव नहीं करेंगी, तो उन्हें आगे चलकर नुकसान हो सकता है क्योंकि बाजार की मांग बदल जाएगी. ऐसे में कहा जा सकता है कि आने वाले सालों में पेट्रोल और डीजल गाड़ियों का इस्तेमाल धीरे-धीरे कम होता जाएगा और उनकी जगह इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और दूसरे फ्यूल से चलने वाली गाड़ियां ले लेंगी.

सतना। शहर के जवाहर नगर स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर से देर रात तीन नाबालिग खिड़की तोड़कर फरार हो गई। जिसकी जानकारी सुबह सामने आई। नाबालिगों के फरार होने की सूचना मिलने के बाद केंद्र में हड़कंप मच गया। मामले की शिकायत सिटी कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई है, पुलिस ने बालिकाओं की तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार तीनों नाबालिगों को बाल कल्याण समिति के आदेश पर वन स्टॉप सेंटर में अस्थायी आश्रय दिया गया था। इनमें से एक बालिका उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली है, जबकि अन्य दो सतना जिले के पौराणिक टोला और रामपुर बघेलान क्षेत्र की निवासी हैं।
बताया जा रहा है कि बालिकाएं जिस डोरमेट्री में रह रही थीं, उस कमरे की खिड़की को तोड़कर एक-एक कर बाहर निकलीं और परिसर से फरार हो गई। वन स्टॉप सेंटर में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के साथ मुख्य द्वार पर चौकीदार की तैनाती भी रहती है, लेकिन जिस दिशा से बालिकाएं भागीं, वहां पीछे की ओर सीएम राइज स्कूल का मैदान स्थित है। आशंका जताई जा रही है कि तीनों उसी रास्ते से भागने में सफल हुई हैं।
घटना की सूचना मिलते ही वन स्टॉप सेंटर की अधीक्षिका नीता श्रीवास्तव ने पुलिस को मामले से अवगत कराया। सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर विभिन्न टीमों का गठन किया है। पुलिस टीमें रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित संभावित स्थानों पर बालिकाओं की तलाश कर रही हैं। इसके अलावा स्मार्ट सिटी और रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। बालिकाओं के परिजनों और परिचितों से संपर्क कर संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है।
गौरतलब है कि तीनों बालिकाओं के घर से भागने के मामलें में पुलिस ने खोज कर वन स्टॉप सेंटर में रखा था। फिलहाल पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और जल्द ही बालिकाओं को सुरक्षित खोजने के प्रयास में जुटी हुई है।

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नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, स्मोकिंग रोल पेपर बेचने पर पहली FIR दर्ज
भोपाल। राजधानी में युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। इसी कड़ी में रातीबड़ थाना पुलिस ने नीलबड़ क्षेत्र में एक पान गुमठी संचालक के विरुद्ध स्मोकिंग रोल पेपर बेचने पर मामला दर्ज किया है। शासन द्वारा इस पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भोपाल में यह अपनी तरह की पहली दंडात्मक कार्रवाई है।
रातीबड़ थाना प्रभारी रासबिहारी के अनुसार, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नीलबड़ स्थित एक पान गुमठी पर प्रतिबंधित स्मोकिंग रोल पेपर धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। सूचना की तस्दीक करने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की। जांच के दौरान गुमठी संचालक रवि कुमार के पास से स्मोकिंग रोल पेपर बरामद हुए, जिन्हें तत्काल जब्त कर लिया गया।
आरोपित के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। इस मामले पर भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने स्पष्ट किया कि स्मोकिंग रोल पेपर का उपयोग मुख्य रूप से मादक पदार्थों के सेवन के लिए किया जाता है, इसके अलावा इसका अन्य कोई वैकल्पिक उपयोग नहीं है। युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य को ध्यान में रखते हुए ही इसे प्रतिबंधित किया गया है।
कमिश्नर ने चेतावनी दी है कि शहर में पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टियां लगातार सक्रिय हैं और संदिग्ध दुकानों की निगरानी कर रही हैं। यदि कोई भी दुकानदार प्रतिबंधित सामग्री का भंडारण या विक्रय करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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दरोगा के भतीजे की दबंगई: घर में घुसकर की ये हरकत, CCTV वीडियो आया सामने
ग्वालियर। माधौगंज इलाके में तब दहशत का माहौल बन गया जब दारोगा के भतीजे और उसके कुछ साथियों ने जमकर हंगामा किया और गोलियां चलाई। इतना ही नहीं बदमाशों ने घर में घुसकर मारपीट की और दूसरे पक्ष को धमकाने की कोशिश की। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है जिसमें आरोपी और उसके साथी गोली चलाकर भागते हुए दिखाई दे रहे हैं।
घटना माधौगंज थाना क्षेत्र की है। जहां अरुण पांडे और उनके पड़ोसी धर्मेंद्र चौहान के बीच पुराना विवाद था। जिसे लेकर बीते दिन एक बार फिर दोनों के बीच नोक-झोक हो गई। जिसके बाद धर्मेंद्र ने अपने रिश्तेदार पप्पू राजावत और उसके साथियों को घर बुला लिया। पप्पू ने अरुण को समझाने का प्रयास किया तो अरुण ने भी अपने रिश्तेदार कैंडी तिवारी को घर बुला लिया।
मौके पर पहुंचे कैंडी तिवारी और उसके साथियों ने दूसरे पक्ष पर धावा बोल दिया। जब दोनों पक्षों में हाथापाई शुरू हुई तो कैंडी का गुट कमजोर पड़ने लगा और उसके साथियों ने फायरिंग कर दूसरे पक्ष को डराना चाहा। लेकिन पप्पू और उसके साथी बदमाशों पर हावी हो गए। सामने वाले पक्ष को भारी पड़ता देख कैंडी तिवारी वहां से भागने लगे। बताया जा रहा है कि कैंडी तिवारी दरोगा का भतीजा है और उस पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पड़ोस में लगे CCTV में रिकॉर्ड हुई है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बदमाश मौके से भागते हुए गोलियां चला रहे हैं। पुलिस ने फरियादी पप्पू राजावत की शिकायत और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

इंदौर में एक दिल दहला देने वाली घटना में 6 माह के मासूम की जान उस वक्त खतरे में पड़ गई, जब खेलते-खेलते उसने स्टील का करीब डेढ़ इंच का ढक्कन मुंह में डाल लिया और वह सीधे गले में फंस गया। सांस रुकने जैसी स्थिति बनते ही घर में हड़कंप मच गया, लेकिन डॉक्टरों की फुर्ती और कुशलता ने इस मासूम को नई जिंदगी दे दी।
जानकारी के मुताबिक, इंदौर निवासी तनिष्क अहिरवार रविवार को घर पर खेल रहा था। इसी दौरान उसने एक छोटा स्टील का ढक्कन मुंह में डाल लिया, जो अचानक उसके गले में अटक गया। ढक्कन फंसते ही बच्चे को सांस लेने में गंभीर दिक्कत होने लगी और उसकी हालत बिगड़ने लगी। घबराए परिजन बिना देर किए उसे शहर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को भांप लिया। जांच में सामने आया कि ढक्कन बच्चे के श्वास मार्ग को बाधित कर रहा है और कुछ ही मिनटों की देरी जानलेवा साबित हो सकती थी। ऐसे में तुरंत इमरजेंसी प्रक्रिया शुरू की गई।
इस जटिल और संवेदनशील प्रक्रिया का नेतृत्व एनेस्थेटिस्ट डॉ. यश मेहता और मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. सर्वप्रिया शर्मा ने किया। उनके साथ डॉ. राजेश वाधवानी और नर्सिंग स्टाफ की टीम ने बेहतरीन समन्वय के साथ सावधानीपूर्वक ढक्कन को बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि बिना सर्जरी के ही बच्चे की जान बचा ली गई। सफल प्रक्रिया के बाद बच्चे को निगरानी में रखा गया, जहां कुछ ही समय में उसकी सांस सामान्य हो गई और स्वास्थ्य में तेजी से सुधार देखा गया। डॉक्टरों के अनुसार अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है। परिजनों ने भावुक होकर डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ का आभार जताया।
डॉक्टरों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सतर्कता बेहद जरूरी है। घर में रखे छोटे और ढीले सामान बच्चों की पहुंच से दूर रखें, क्योंकि वे इन्हें आसानी से मुंह में डाल सकते हैं। ढीले पार्ट्स वाले खिलौनों से बचें और बैटरी व मैग्नेट जैसी खतरनाक वस्तुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें। किसी भी आपात स्थिति में देरी किए बिना तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचना बच्चे की जान बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है।
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ओबीसी आरक्षण पर अब 13, 14, 15 मई को होगी सुनवाई, जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई टली
जबलपुर. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में ओबीसी आरक्षण पर फैसले की उम्मीद लगाए पक्षों को बड़ा झटका लगा है. आरक्षण पर फाइनल सुनवाई फिलहाल टाल दी गई है. साथ ही फाइनल हियरिंग के लिए नई तारीखों का भी ऐलान किया गया है. मामले पर अब 13, 14 और 15 मई से हाईकोर्ट में सुनवाई होगी.
सुप्रीम कोर्ट की याचिकाओं का रिकॉर्ड पेश नहीं होने के कारण यह सुनवाई टल गई. आज हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से रिकॉर्ड ट्रांसफर कराने के निर्देश दिए हैं. सुनवाई दस्तावेज अपलोड होने के बाद ही शुरू होगी. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट से ट्रांसफर हुई चार लंबित याचिकाओं की अब तक लिस्टिंग नहीं की गई थी.
ओबीसी आरक्षण की सुनवाई 27, 28 और 29 अप्रैल को लगातार होनी थी, लेकिन दूसरे दिन ही तकनीकी कमी के चलते यह टल गई. 28 अप्रैल, मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फिर से तीन नई तारीखें तय की हैं. सीनियर एडवोकेट रामेश्वर सिंह ठाकुर का कहना है कि जनवरी 2025 में जब हाईकोर्ट ने ओबीसी प्रकरणों की सुनवाई शुरू करनी चाही, तो सरकार ने सभी प्रकरण सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर करा दिए.
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कराने के लिए दो अधिवक्ता पी. विलशन और शशांक रतनू को नियुक्त किया गया. जब इन अधिवक्ताओं ने सरकार से रिकॉर्ड तलब किया और सुनवाई के लिए ओआईसी से शपथ पत्र मांगा, तो दोनों अधिवक्ताओं को हटा दिया गया.
सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि मध्य प्रदेश सरकार ने छत्तीसगढ़ के मामलों का हवाला देकर प्रकरणों को हाईकोर्ट, जबलपुर से गलत तरीके से ट्रांसफर कराया था. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने 19 फरवरी 2026 और 20 मार्च 2026 को आदेश पारित करते हुए सभी मामलों को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को वापस भेज दिया. साथ ही अनुरोध किया कि एक विशेष बेंच गठित कर इन मामलों का निराकरण 3 महीने की अवधि के भीतर किया जाए.
27 अप्रैल 2026 की सुनवाई में हाईकोर्ट ने सभी पक्षों से बहस के लिए आवश्यक समय की जानकारी मांगी थी. इस दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने अपना-अपना समय बताया. वहीं, हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता से भी पूछा कि सरकार की ओर से कौन पक्ष रखेगा. इस पर महाधिवक्ता ने एक दिन का समय लिया था. 28 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने हाईकोर्ट में जीएडी का 27 अप्रैल 2026 का आदेश प्रस्तुत किया.
इसमें बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज सरकार की ओर से पक्ष रखेंगे. ओबीसी वर्ग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, विनायक प्रसाद शाह, वरुण ठाकुर, शशांक रतनू, पुष्पेंद्र शाह, अखिलेश प्रजापति, उदय कुमार साहू, रमेश प्रजापति और परमानंद साहू उपस्थित रहे.
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‘तुम सब मरोगे’, धमकी भरे मैसेज से यूनिवर्सिटी में सनसनी, मेन गेट पर मिला संदिग्ध सामानउज्जैन। सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय स्थित कृषि अध्ययनशाला की नई बिल्डिंग में अज्ञात शरारती तत्वों की हरकत सामने आई है। करीब 17 करोड़ की लागत से तैयार इस इमारत के मुख्य द्वार पर धमकी भरे शब्द लिखे मिले, जिससे परिसर में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, बिल्डिंग के गेट पर लाल रंग से “तुम सब मरोगे” लिखा गया था। इसके साथ ही गेट के पास मटकी, लाल कपड़ा और अन्य सामान भी रखी मिली, जिसे देखकर तंत्र क्रिया जैसी आशंका जताई जा रही है
घटना का पता चलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया और मौके से सामान हटाकर दीवार पर लिखे शब्दों को मिटा दिया गया। विभागाध्यक्ष ने इसे असामाजिक तत्वों की करतूत बताते हुए मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी है।
इस घटना के बाद अध्ययनशाला में पढ़ने वाले करीब 1100 छात्रों और स्टाफ के बीच डर का माहौल बन गया है। खास बात यह है कि हाल ही में इस नई बिल्डिंग में कक्षाओं का संचालन शुरू हुआ है।
वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि परिसर के इस हिस्से में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगा है।

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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