ग्वालियर। एक महिला ने STF भोपाल में पदस्थ इंस्पेक्टर पर शादी का झांसा देकर करीब ढाई साल तक शारीरिक शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने इंस्पेक्टर आनंद कुमार के खिलाफ दुष्कर्म और धमकाने की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी इंस्पेक्टर वर्तमान में STF भोपाल में पदस्थ है और इससे पहले ग्वालियर के थाटीपुर थाने में SI के पद पर तैनात था।
पीड़ित महिला के मुताबिक वर्ष 2022 में पति से पारिवारिक विवाद के चलते वह थाटीपुर थाने पहुंची थी,जहां उसकी मुलाकात तत्कालीन SI आनंद कुमार से हुई। आरोप है कि केस में मदद का भरोसा देकर आनंद ने उसका मोबाइल नंबर लिया और बातचीत शुरू कर दी। महिला का आरोप है कि 10 अक्टूबर 2022 की रात आनंद उसके थाटीपुर स्थित किराए के कमरे पर पहुंचा। यहां उसने अपनी पत्नी के कैंसर से पीड़ित होने और जल्द मौत हो जाने की बात कही और इसके बाद महिला से शादी करने का भरोसा दिया। आरोप है कि इसी झांसे में लेकर उसने दुष्कर्म किया।
पीड़िता के मुताबिक इसके बाद भी आनंद लगातार उससे मिलता रहा और शादी का वादा कर उसका शोषण करता रहा। आरोप है कि उसने एक परिचित के मकान में महिला के लिए कमरा भी दिलाया और उसका किराया खुद देता रहा। महिला का आरोप है कि जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने इनकार कर दिया। शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। महिला ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई। महिला थाना पुलिस ने STF इंस्पेक्टर आनंद कुमार के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। पुलिस महिला के बयान, मोबाइल चैट और अन्य सबूतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
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शिक्षिका पर सनसनीखेज आरोप: मासूम ने स्कूल जाने से किया इनकार, बैग में छिपा रिकॉर्डर बना सच का गवाह!
इंदौर। इंदौर के एक प्री-प्राइमरी स्कूल से तीन साल की मासूम बच्ची के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल में शिक्षिका बच्ची के साथ अपशब्दों का इस्तेमाल करती थी और उसे मारपीट की धमकी भी दी जाती थी। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने शिक्षिका के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह पूरा केस विजय नगर थाना क्षेत्र का है।
बताया जा रहा है कि बच्ची अचानक स्कूल जाने से इनकार करने लगी। उसके व्यवहार में बदलाव देखकर पिता को शक हुआ कि आखिर स्कूल में ऐसा क्या हो रहा है, जिससे उनकी छोटी बेटी वहां जाने से घबरा रही है। बच्ची की बातों और उसके व्यवहार को समझने के लिए पिता ने उसके स्कूल बैग में एक वॉइस रिकॉर्डर रखकर भेजा। इसके बाद जो रिकॉर्डिंग सामने आई, उसने परिवार की चिंता बढ़ा दी।
परिजनों का आरोप है कि रिकॉर्डिंग में शिक्षिका की आवाज में बच्ची के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल सुनाई दिया। इतना ही नहीं, बच्ची को मारपीट की धमकी दिए जाने का भी आरोप है। एक छोटी बच्ची, जो अभी स्कूल की दुनिया को समझना शुरू ही कर रही है, उसके साथ इस तरह के व्यवहार के आरोप ने स्कूल की व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वॉइस रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद बच्ची के पिता स्कूल पहुंचे और पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए CCTV फुटेज मांगा। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने उन्हें CCTV फुटेज देने से इनकार कर दिया। इसके बाद पिता ने विजय नगर थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की।
शिकायत मिलने के बाद विजय नगर पुलिस ने शिक्षिका के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से CCTV फुटेज भी मांगा है। फिलहाल वॉइस रिकॉर्डिंग को जांच का अहम आधार माना जा रहा है।
मामला सिर्फ एक बच्ची के साथ कथित अभद्र व्यवहार तक सीमित नहीं है। सवाल यह भी है कि अगर आरोप सही हैं तो स्कूल में छोटे बच्चों की सुरक्षा और व्यवहार को लेकर निगरानी व्यवस्था कितनी गंभीर है? अब पुलिस की जांच, CCTV फुटेज और वॉइस रिकॉर्डिंग से यह साफ होगा कि बच्ची के साथ वास्तव में क्या हुआ था और शिक्षिका पर लगाए गए आरोप कितने सही हैं। मासूम की आवाज ने सवाल खड़े कर दिए हैं, अब जांच से सच सामने आने का इंतजार है।
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हथियारबंद बदमाशों ने घर में घुसकर परिवार को बनाया बंधक, फिर की लाखों की डकैती
धार। कुक्षी नगर के सुतार मोहल्ले में देर रात हथियारबंद बदमाशों ने एक मकान में घुसकर परिवार को बंधक बनाकर लाखों की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। वारदात के दौरान घर के एक सदस्य ने जब विरोध किया तो बदमाशों ने उस पर जानलेवा हमला कर घायल कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही कुक्षी थाना प्रभारी दीपक सिंह चौहान टीम सहित मौके पर पहुंचे और परिजनों से चर्चा की। हथियारों की नोक पर हुई वारदात के बाद क्षेत्र में दहश्त का माहौल है।
मकान मालिक कैलाश मनावरिया के अनुसार, देर रात करीब 2 बजे 6-7 अज्ञात हथियारबंद बदमाश पीछे की ओर से घर में दाखिल हुए। घर में घुसते ही बदमाशों ने परिवार के सदस्यों पर फलिया, तीर-कमान सहित अन्य हथियार तानकर उन्हें बंधक बना लिया और चोरी करने लगे। इसी दौरान परिवार के पुत्र प्रकाश मनावरिया ने हिम्मत दिखाते हुए बदमाशों का विरोध किया और उन पर पलटवार किया। इस दौरान प्रकाश और एक बदमाश के बीच संघर्ष हुआ जिसमें प्रकाश गंभीर रुप से घायल हो गया, उसे सिर और अन्य हिस्सों में चोटो आई है।
परिवार के मुताबिक बदमाश घर से सोने के आभूषण और नगदी सहित करीब डेढ लाख रुपये से अधिक का समाान चोरी कर फरार हो गए है, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बदलते मौसम के साथ वायरल और रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन के मामलों ने विकराल रूप ले लिया है। शहर में स्वाइन फ्लू (H1N1) के 6 नए मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आज एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है, जिसके बाद शहर में स्वाइन फ्लू का आधिकारिक अलर्ट जारी हो सकता है।
हाल ही में इंदौर और उज्जैन में स्वाइन फ्लू से हुई मौतों के बाद अब भोपाल में केस सामने आने से डॉक्टरों और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। मौसमी बीमारियों, वायरल बुखार और सांस की तकलीफ वाले मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। भोपाल के प्रमुख सरकारी अस्पतालों की OPD रोजाना 10,000 के आंकड़े को पार कर रही है।
क्या है स्वाइन फ्लू और इसके लक्षण
यह एक तीव्र श्वसन संक्रमण है, जो H1N1 इंफ्लुएंजा वायरस के कारण फैलता है। यह संक्रमित व्यक्ति के छींकने, खांसने या दूषित सतहों को छूने से एक-दूसरे में तेजी से फैलता है।
प्रमुख लक्षण: तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ, शरीर व सिर में तेज दर्द, अत्यधिक थकान और कुछ मामलों में उल्टी व दस्त।
बचाव व सावधानी: भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का प्रयोग करें, हाथों को बार-बार साबुन से धोएं, लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें और खुद से दवाइयां लेने से बचें।
स्वास्थ्य विभाग की आज होने वाली बैठक में अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड, टेस्टिंग किट और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए जा सकते हैं।
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गुना सहित मध्य प्रदेश के 15 जिलों में आज मूसलाधार बारिश, 8 इंच बारिश की संभावना
भोपाल । मध्य प्रदेश के अधिकतर इलाकों में इन दिनों मानसूनी बारिश पूरी तरह से सक्रीय है। हालात ये हैं कि, पूर्वी राज्य के सभी जिलों के निचले इलाकों में जल भराव के हालात हैं, जबकि सभी नदी - नाले उफान पर हैं। सुबह से भी कहीं तेज, कहीं मध्यम, कहीं हल्की बारिश तो कहीं बूंदाबांदी का दौर जारी है, जिससे प्रदेश का मौसम सुहाना बना हुआ है। वहीं, राजधानी भोपाल स्थित राज्य मौसम विभाग ने 21 अगस्त यानी आज प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मानसून ट्रफ और डिप्रेशन की वजह से बारिश का सिस्टम मजबूत बना हुआ है। फिलहाल, इसका सबसे ज्यादा असर मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में देखने को मिल रहा है। विशेष रूप से सागर संभाग के जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग ने सागर संभाग के अंतर्गत आने वाले टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर और दमोह में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। संबंधित जिलों में आगामी 24 घंटों के दौरान करीब 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा दतिया, भिंड, निवाड़ी, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, कटनी, मैहर और सतना में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां भी करीब 4 इंच तक बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा प्रदेश के पन्ना, सतना, कटनी, दमोह, छतरपुर और मैहर जिले में भारी बारिश की संभावना है। इन इलाकों में करीब 64.5 से 204.4 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। लगातार तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिल सकती है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
वहीं, प्रदेश के भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, उज्जैन, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर समेत कई जिलों में तेज से लेकर हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।
बात करें भोपाल की तो आगामी 24 घंटों के दौरानशहर में दिनभर बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। हालांकि, शहर के कुछ इलाकों में गरज - चमक के साथ बारिश या बौछारें पड़ने की भी संभावना है। साथ ही, तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
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बिजली के तार चुराने वाला गिरोह बेनकाब, पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार, लाखों का माल बरामद
सीहोर: मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में मंडी थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने बिजली के तार चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये का चोरी का सामान भी बरामद किया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की जांच जारी है।
बता दें कि पुलिस ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें से तीन आरोपी तार चोरी करते थे जबकि एक चोरी का माल खरीदने वाला कबाड़ी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 2.5 क्विंटल बिजली के तार, एक मोटरसाइकिल, रस्सा और कटर समेत करीब 2.50 लाख रुपये कीमत का सामान बरामद किया है।
जानकारी अनुसार, पुलिस को 15 अगस्त को जिले के भटोनी, जताखेड़ा और लालाखेड़ी सहित ग्रामीण क्षेत्रों से बिजली के तार चोरी होने की कई शिकायतें मिली थीं। मामले को गंभीरत से लेते हुए पुलिस ने भारतीय विद्युत अधिनियम की धारा 136 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें गिरोह का खुलासा हुआ।
पुलिस ने जब आरोपी से पूछताछ कि तो आरोपियों ने बताया कि तीन आरोपी बाइक से गांवों में घूमकर बिजली लाइनों की रेकी करते थे। इसके में बाद रात के अंधेरे में रस्सी के सहारे बिजली के तार नीचे खींचकर आरी और कटर से काट लेते थे। बाद में चोरी किए गए तार कबाड़ी सलमान कुरैशी को बेच देते थे।
बता दें कि पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कबाड़ी सलमान कुरैशी को भी गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में सीहोर निवासी मुकेश शाक्य (38), उत्तम शाक्य (54), रंजीत ठाकुर (60) और मछली बाजार, सीहोर निवासी सलमान कुरैशी (36) शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है। पुलिस अब क्षेत्र में हुई अन्य बिजली तार चोरी की घटनाओं और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है।
तेलंगाना के चर्चित स्कूल प्रिंसिपल हत्याकांड से पुलिस ने पर्दा हत्या दिया है। प्राइवेट स्कूल प्रिंसिपल को 10वीं के छात्रों ने चाकू से गोदकर मार डाला था। हत्याकांड को अंजाम दो छात्रों ने दिया था। दोनों छात्रों ने अपने स्कूल प्रिंसिपल को 27 बार चाकू घोंपकर हत्या की थी। इसके बाद वहां से फरार हो गए थे। हत्या के बाद नाबालिग ने सबूत मिटाने के लिए अपने पहने हुए कपड़े कथित तौर पर एक नाले में फेंक दिए थे। हालांकि ‘बाबू’ शब्द ने मर्डर मिस्ट्री का राज खोलकर रख दिया और दोनों आरोपी छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है।
दरअसल ये पूरा मामला तेलंगाना के नलगोंडा जिले का है। रूपा रेड्डी (मृतिका) प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल और डायरेक्टर थीं। आरोप है कि दोनों छात्रों ने रूपा की हत्या तब की जब उन्होंने उनमें से एक को अपने घर से चोरी करते हुए पकड़ लिया था।
पुलिस के मुताबिक 11 अगस्त को रूपा अपने घर में अकेली थीं और मृत पाई गईं। पुलिस ने बताया कि उन्हें 27 बार चाकू मारा गया था। रूपा की अपनी मौसी के साथ हुई आखिरी फोन बातचीत से एक अहम सुराग मिला। पुलिस ने बताया कि फोन बंद होने से कुछ देर पहले अपनी मौसी से बात करते हुए रूपा ने ‘बाबू’ शब्द कहा था। तेलंगाना में बाबू शब्द का इस्तेमाल अक्सर छात्रों को संबोधित करने के लिए भी किया जाता है। लिहाजा पुलिस ने उनके स्कूल के छात्रों की संभावित भूमिका की जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की।
नलगोंडा के पुलिस अधीक्षक शरत चंद्र पवार ने बताया कि जांच में पुलिस को पता चला कि हत्या के बाद 10वीं क्लास के दो छात्र अचानक बहुत ज्यादा पैसे खर्च कर रहे हैं। दोस्तों के साथ पार्टी कर रहे हैं। इससे शक पैदा हुआ और हमने बुधवार सुबह दोनों नाबालिगों को हिरासत में ले लिया। जांच में एक नाबालिग छात्र के पास से 1.51 लाख रुपये नकद और आईफोन बरामद हुआ। पूछताछ में बच्चे ने दावा किया कि पैसे उसे उसके माता-पिता ने दिए थे। हालांकि एसपी ने बताया कि नकदी की फोरेंसिक जांच में इंसानी खून के निशान मिले। पारिवारिककानून
पुलिस के अनुसार, दोनों लड़कों को शराब पीने की आदत थी। एक को बाइक और कार चलाने का बहुत शौक है। वह जल्दी पैसे कमाना चाहता था। पुलिस के मुताबिक हत्या से लगभग 15 दिन पहले वह नाबालिग रूपा की नजर में आ गया था। प्रिंसिपल और स्कूल के कुछ स्टाफ सदस्यों ने कथित तौर पर उसे एक बैग में मोबाइलऔर नकदी ले जाते हुए पकड़ा था। उसे डांटा गया और बाद में रूपा ने उसे हॉस्टल से हटाने और केवल रेगुलर क्लास में शामिल होने की अनुमति देने का फैसला किया। पुलिस ने बताया कि उसके माता-पिता को भी उसके व्यवहार के बारे में सूचित किया गया था।
पुलिस के मुताबिक घटना से पहले स्कूल में फीस जमा हो रही थी। छात्रों को लगा कि स्कूल प्रिंसिपल रूपा रेड्डी के घर पर काफी पैसे होंगे। लिहाजा दोनों ने प्रिंसिपल की हत्या और चोरी की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, दोनों नाबालिगों ने पकड़े जाने से बचने के लिए दस्ताने और चाकू का इंतजाम किया। इलाके की रेकी की, जिसमें सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन का पता लगाना भी शामिल था।
11 अगस्त को कथित तौर पर एक लड़का कंपाउंड की दीवार फांदकर रूपा के घर में घुसा। जबकि दूसरा बाहर इंतजार करता रहा। घर के अंदर गए नाबालिग ने कथित तौर पर नकद रकम ढूंढना शुरू कर दिया। रूपा उस दौरान फोन अपनी मौसी से बात कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने छात्र को घर के अंदर देखा। छात्र को देखते ही रूपा ने बाबू शब्द का इस्तेमाल किया। इसके बाद कॉल को कट कर दिया। प्रिंसिपल को देखते ही छात्र को लगा कि उसे पहचान लेगी और चोरी की रिपोर्ट पुलिस को कर देगी। लिहाजा नाबालिग छात्र ने अपने स्कूल प्रिंसिपल पर चाकू से हमला कर दिया। उसने रूपा को 27 बार चाकू मारा और फिर करीब 2.5 लाख रुपये नकद लेकर भाग गया। हत्या के बाद नाबालिग ने सबूत मिटाने के लिए अपने पहने हुए कपड़े कथित तौर पर एक नाले में फेंक दिए।
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लिव-इन रिलेशनशिप पर दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, प्रेमी जोड़े को सुरक्षा देने पुलिस को आदेश दिया
लिव-इन रिलेशनशिप पर दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप को शादी जैसा ही मानते हुए प्रेमी जोड़े को सुरक्षा देने पुलिस को आदेश दिया है। जस्टिस सौरभ बनर्जी ने कहा है कि आपसी सहमति से बालिगों का लिव-इन रिलेशनशिप शादी के जैसा ही है।
दरअसल दिल्ली हाईकोर्ट ने यह अहम फैसला लिव-इन रिलेशनशिप के एक मामले में लड़की के घरवालों की तफर से मिल रही धमकियों पर दिया है। साथ ही प्रेमी जोड़े को पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाने के निर्देश जारी किया।
दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस सौरभ बनर्जी ने सुनवाई के दौरान कहा है कि आपसी सहमति से बालिगों का लिव-इन रिलेशनशिप शादी के जैसा ही है। इस लिव-इन रिलेशनशिप में न ही माता-पिता और न ही दोस्त उनकी पसंद में दखलअंदाजी कर सकते हैं या उनकी जान को खतरा पहुंचा सकते हैं।साथ ही उन्होंने कहा कि सहमति से साथ रह रहे जोड़े को किसी की भी दखलअंदाजी के बिना अपनी पसंद के साथी को चुनने उसके साथ रहने का पूरा अधिकार है। जस्टिस सौरभ बनर्जी नेलड़की के घरवालों की तफर से मिल रही धमकियों पर ध्यान देते हुए प्रेमी जोड़े को पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाने के निर्देश जारी किए हैं।
कोर्ट ने आगे कहा ‘याचिकाकर्ता लिव-इन रिलेशनशिप में हैं और कानूनी तौर पर शादीशुदा नहीं हैं मगर फिर भी आपसी सहमति से साथ रह रहे बालिगों का लिव-इन रिलेशनशिप शादी जैसा ही है। कोर्ट ने कहा याचिकाकर्ताओं ने अपनी मर्जी, आपसी सहमति और पूरी जिम्मेदारी के साथ एक-दूसरे के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का फैसला लिया है तो ऐसे में कोई भी चाहे वह माता-पिता, रिश्तेदार या दोस्त को यह अधिकार नहीं कि वे किसी तरह की रुकावट डालें दखलअंदाजी करें और उनकी जिंदगी या आजादी को खतरे में डालने का तो बिल्कुल भी नहीं।
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वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ावे की मैन्युअल गिनती अब होगी बंद, कैश रीसाइक्लर मशीनें लगाई गईं
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड मंदिर के चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए मैन्युअल गिनती आने वाले दिनों में बंद करने जा रहा है. श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन की व्यवस्था अब तकनीकी रूप से सुदृढ़ होगी. LG मनोज सिन्हा के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में मैन्युअल गिनती पूरी तरह समाप्त कर कैश रीसाइक्लर मशीनों के माध्यम से प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाएगा.
मंदिर के चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता और दक्षता के मुद्दे पर बात करते हुए सिन्हा ने कहा कि हाथ से गिनती बंद करने का सुझाव बोर्ड के एक सदस्य ने एक बैठक के दौरान दिया था.
देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में चढ़ावे की सुरक्षा, चोरी और नकदी की गिनती को लेकर उठते सवालों के बीच श्री माता वैष्णो देवी मंदिर प्रबंधन ने एक बेहद अहम और बड़ा फैसला लिया है. J&K के श्राइन बोर्ड के चेयरमैन मनोज सिन्हा ने कहा कि अगले लगभग 15 दिनों के भीतर मंदिर में नकद चढ़ावे की हाथों से होने वाली काउंटिंग बंद कर दी जाएगी.
नई व्यवस्था को लागू करने के लिए कैश रीसाइक्लर मशीनों की स्थापना शुरू कर दी गई है. LG मनोज सिन्हा के अनुसार, दो मशीनें पहले ही स्थापित की जा चुकी हैं और शेष मशीनों को भी लगभग पंद्रह दिनों के भीतर स्थापित करने की योजना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था के पूरी तरह से लागू होने के बाद, चढ़ावे को संभालने और उसकी काउंटिंग करने में श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों या बैंक अधिकारियों की कोई सीधी भूमिका नहीं होगी.
उन्होंने कहा कि इसमें इंसानी दखल को ही खत्म कर दिया गया है. श्राइन बोर्ड या बैंक के किसी भी कर्मचारी की इसमें कोई सीधी भूमिका नहीं होगी. उन्होंने यह भी कहा कि श्राइन बोर्ड की नई पहल का प्रमुख उद्देश्य केवल मशीनों से नोट गिनना नहीं, बल्कि चढ़ावा प्रबंधन की पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है.
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में एक बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। कॉलेज के 5 कर्मचारियों ने मिलकर करीब पौने दो करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया है। मामला छात्रों की फीस, ओपीडी या ओपीडी में जमा होने वाली राशि से जुड़ा है।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी कर्मचारी छात्रों से पूरी फीस वसूलते थे और उन्हें बाकायदा पूरी फीस जमा होने की रसीद भी थमा देते थे। लेकिन खेल इसके बाद शुरू होता था…वसूल की गई राशि का एक बड़ा हिस्सा कॉलेज के आधिकारिक बैंक खाते में जमा ही नहीं किया जाता था। मामला सिर्फ फीस तक ही नहीं था बल्कि ओपीडी में जमा की जाने वाली राशियों में भी यह गोलमाल करते थे। यह पूरा फर्जीवाड़ा साल 2020 से 2025 के बीच, यानी पिछले 5 सालों से लगातार चल रहा था।
अकाउंट्स के ऑडिट के दौरान जब आंकड़ों का मिलान नहीं हुआ, तब इस गोलमाल का खुलासा हुआ। फिलहाल पुलिस ने पांचों आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और गबन की गहराई तक जाने के लिए जांच तेजी से शुरू कर दी गई है। एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की ओर से गढ़ा थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, जिसमें वर्ष 2020 से 2025 तक मेडिकल, नर्सिंग के बच्चे से पैसे लेते थे, जिसे बैंक में जमा किया जाता था।
एएसपी ने बताया कि जब 2020 से 2025 यानी छह साल के आंकड़ों का अध्ययन किया गया तो इसमें लगभग 1 करोड़ 63 लाख की कमी पाई गई, घोटाला पाया गया। पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जिन कर्मचारियों ने ये गलती थी उनमें तीन लोग अरविंद धुर्वे, भानु सिंह और विशाल राठे को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड लिया गया है, तीनों से पूछताछ की जा रही है।
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पति ने पाई-पाई जोड़कर जिस पत्नी को पढ़ाया, नौकरी लगते ही साथ रहने से किया इनकार
छतरपुर। एमपी के छतरपुर में उत्तर प्रदेश की ज्योति मौर्य जैसा मामला सामने आया है। पति का आरोप है कि जिस पत्नी को पढ़ाने के लिए उसने अपनी दुकान तक बंद कर दी, बच्चों की देखभाल की और पाई-पाई जोड़कर पत्नी को पढ़ाया, नौकरी लगते ही वही पत्नी अब उसके साथ रहने से इनकार कर रही है। ज्योग्राफिकमैप्स और जीपीएस गाइड एक्सप्लोर करना
मामला छतरपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। यहां करीब 9 साल की शादी, दो बेटियां और एक बेटे के बाद दंपति के रिश्ते में ऐसा विवाद खड़ा हुआ कि मामला मारपीट और अस्पताल तक जा पहुंचा। दरअसल, महोबा में कपड़ों का शोरूम चलाने वाले पति का कहना है कि कोरोना काल में शोरूम को भारी नुकसान हुआ। इसके बाद पत्नी के कहने पर उसने शोरूम बंद कर दिया और घर पर रहकर बच्चों की देखरेख करने लगा। साथ ही घर में जमा पैसे और अपनी मेहनत की कमाई से पत्नी की पढ़ाई पूरी करवाई।
पति का दावा है कि पत्नी की मेहनत में उसका भी पूरा सहयोग रहा और आखिरकार पत्नी की नौकरी शिक्षिका के पद पर लग गई।लेकिन पति के मुताबिक नौकरी लगते ही पत्नी के तेवर बदल गए और अब वह उसके साथ रहने को तैयार नहीं है। पति का आरोप है कि जब उसने पत्नी से साथ रहने की बात कही तो पत्नी और उसके भाई ने उसके साथ मारपीट कर दी। मारपीट के बाद पति इलाज के लिए छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचा, जहां उसका उपचार कराया जा रहा है।फिलहाल पति-पत्नी के बीच शुरू हुआ यह विवाद अब थाने और अस्पताल तक पहुंच चुका है। पति के आरोपों में कितनी सच्चाई है और विवाद की असली वजह क्या है, यह जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।
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पानी से भरे गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों की मौत: एक साथ उठेगी अर्थी, गांव में छाया मातम
सीहोर। जिले के इछावर थाना क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ वार्ड नंबर 12 के रहने वाले तीन मासूम बच्चों की मोगरा रोड पर बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक बच्चों की जानकारी
प्रशांत (उम्र 12 वर्ष), पिता: शुभाल
पृथ्वीराज (उम्र 10 वर्ष), पिता: शुभाल,
दीक्षांत (उम्र 11 वर्ष), पिता: अखिलेश
तीनों बच्चे खेलते-खेलते मोगरा रोड की ओर चले गए थे, जहाँ हाल ही में हुई बारिश के कारण सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे में काफी पानी भर गया था। नहाने या खेलने के दौरान बच्चे पानी के गहरे हिस्से में चले गए और डूब गए। जब तक आसपास के लोगों को भनक लगी और उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक देर हो चुकी थी।
एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि इछावर के वार्ड नंबर 12 में मोगरा रोड पर स्थित पानी से भरे गड्ढे में तीन बच्चों की डूबने की दुखद सूचना मिली थी। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शवों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया गया है। मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और गड्ढे के निर्माण व लापरवाही के सभी पहलुओं की वैधानिक जांच की जा रही है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर निर्माण कार्यों के दौरान छोड़े जाने वाले खुले और गहरे गड्ढों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि यदि समय रहते रोड किनारे बने इस गड्ढे को भरा गया होता या सुरक्षा के इंतजाम किए गए होते, तो आज तीन मासूमों की जान न जाती।
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भरण-पोषण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में छतरपुर फैमिली कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया है। हाई कोर्ट ने कहा कि यदि पति की ओर से पत्नी के कथित अवैध संबंधों को लेकर पर्याप्त सबूत पेश किए गए हैं, तो अदालत उन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकती। ऐसे मामलों में अंतिम फैसला लेने से पहले उपलब्ध साक्ष्यों की गहनता से जांच और अध्ययन जरूरी है। मामला छतरपुर फैमिली कोर्ट से जुड़ा है, जहां वर्ष 2018 में पत्नी को पति से हर महीने 6 हजार रुपये भरण-पोषण देने का आदेश दिया गया था। इस आदेश के खिलाफ पति ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
याचिकाकर्ता पति दिल्ली का निवासी है, जबकि उसकी शादी छतरपुर निवासी महिला से हुई थी। पति ने हाई कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया कि उसकी पत्नी के कई लोगों से अवैध संबंध हैं। अपने आरोपों के समर्थन में उसने सीडी, ट्रांसक्रिप्शन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी फैमिली कोर्ट के सामने पेश किए थे।
पति का आरोप था कि फैमिली कोर्ट ने उसके द्वारा पेश किए गए इन महत्वपूर्ण साक्ष्यों पर उचित तरीके से विचार नहीं किया और उन्हें नजरअंदाज करते हुए पत्नी के पक्ष में भरण-पोषण का आदेश पारित कर दिया। मामले की सुनवाई जस्टिस द्वारकाधीश बंसल की बेंच ने की। हाई कोर्ट ने माना कि मामले में पेश किए गए साक्ष्यों की उचित जांच और मूल्यांकन आवश्यक है। अदालत ने फैमिली कोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए मामले को दोबारा सुनवाई के लिए निचली अदालत में भेज दिया।
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भरण-पोषण से जुड़े मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों को नजरअंदाज करके फैसला नहीं किया जा सकता। खासतौर पर जब पति की ओर से पत्नी के आचरण को लेकर दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पेश किए गए हों, तो अदालत को उनकी विश्वसनीयता और प्रासंगिकता का गहन परीक्षण करना चाहिए। अब फैमिली कोर्ट को उपलब्ध साक्ष्यों का दोबारा परीक्षण करते हुए मामले में नए सिरे से फैसला करना होगा।
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सुअर पकड़ने पहुंची नगर पालिका की टीम का महिलाओं ने किया विरोध, पुलिस से हुई तीखी नोकझोंक
हरदा। नगर पालिका और इंदौर से आई टीम पुलिस बल के साथ श्रीधाम कालोनी में सुअर पकड़ने पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान महिलाओं ने नगर पालिका अमले का विरोध किया और लाठियां तान दीं। जिसके बाद नोंकझोंक हुई।
नपा कर्मियों ने महिलाओं को नगर पालिका के आदेश का हवाला देते हुए समझाने की कोशिश की, लेकिन महिलाओं ने एक ना सुनी और आगे बढ़ते हुए सुअरों को पिकअप से बाहर कर फिर से खुल्ला छोड़ दिया। सुअरों को छोड़ने की बात पर महिलाओं और नपा कर्मियों के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई। घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस बल मौके पर मौजूद होने के बावजूद नगर पालिका कर्मचारियों और महिलाओं के बीच हुए विवाद में प्रभावी तरीके से बीच-बचाव नहीं कर पाया। उधर, नगर पालिका प्रशासन अब घटना को गंभीरता से लेते हुए शासकीय कार्य में बाधा डालने के मामले में कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इसके लिए नगर पालिका ने पुलिस प्रशासन से सहयोग मांगा है
नगर पालिका कर्मियों के साथ इंदौर से आई टीम थाना कोतवाली पहुंची, जहां पूरे मामले की शिकायत की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार महिला होने की वजह से पुलिस जवान उन पर जवाबी कार्रवाई नहीं कर सके। शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर बाधा उत्पन्न करने वालों की पहचान की जा रही है। जिनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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बालाघाट में मीजल्स और मलेरिया से हुई 19 बच्चों की मौत, आईसीएमआर की रिपोर्ट से खुलासा
बालाघाट. मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के आदिवासी बैगा बाहुल्य ग्रामों में बच्चों में फैली बीमारी और लगातार हुई मौतों को लेकर अब खुलासा हो गया है. आईसीएमआर सहित अन्य संस्थानों की जांच में नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों में मीजल्स संक्रमण पाया गया है. आईसीएमआर रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर कुमार सत्यम ने बच्चों की मौत के मामले में मीजल्स संक्रमण की पुष्टि कर दी है. आईसीएमआर सहित अन्य संस्थानों की जांच में नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों में मीजल्स संक्रमण पाया गया है.
प्रभावित ग्रामों में मीजल्स और मलेरिया के प्रकरणों की आयुक्त स्वास्थ्य धनराजू एस की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय दल ने 13 से 15 अगस्त तक जिले के प्रभावित ग्रामों का भ्रमण किया एवं जांच की. इस दौरान बच्चों की मृत्यु के कारणों की विस्तृत समीक्षा की गई. जिसके बाद रिपोर्ट और सेंपल को एनआईवी पुणे भेजे गए थे. जहां जांच में चांदीपुरा वायरस, वेस्ट नाईल फीवर वायरस और जापानीज एनसेफेलाइटिस वायरस सहित विभिन्न वायरस की जांच निगेटिव पाई गई. जांच एवं उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर बच्चों में मृत्यु का कारण मीजल्स और मलेरिया संक्रमण पाया गया है.
आईसीएमआर रिपोर्ट के आधार पर बच्चों की मौतों के प्रमुख कारणों में मलेरिया और मीजल्स संक्रमण सामने आया है. कलेक्टर कुमार सत्यम ने रिपोर्ट के आधार पर मौतों की पुष्टि की है. उन्होंने बताया, जिन गांव से ज्यादा केस आ रहे थे. वहां स्थिति अब सामान्य है. प्रभावित क्षेत्रों और गांवों में 20 हेल्थ टीम लगाई हैं जो घर घर जा रही हैं और बच्चों का चेकअप कर रही हैं. जिन बच्चों में कुछ लक्षण नजर आ रहे हैं वहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर करवा रहे हैं. अभी तक ऐसे 135 बच्चों को इलाज के बाद वापस उनके घर भेजा गया है. प्रभावित क्षेत्रों में मौसमी बीमारियों के साथ मलेरिया और मीजल्स की शिकायत मिली है. कुछ बच्चों में स्किन में बीमारी की शिकायत मिली है यानि मौत की वजह में कई बीमारियां शामिल हैं.
कलेक्टर कुमार सत्यम ने बताया, अब सभी प्रभावित क्षेत्रों में मीजल्स रूबेला के वैक्सीनेशन की 20 अगस्त से शुरुआत कर रहे हैं और इसकी शुरुआत बिरसा से होगी. इसमें 9 माह से 10 साल तक के बच्चों को मीजल्स रूबेला वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक दी जाएगी. जिले के आदिवासी बाहुल्य बैहर, बिरसा और परसवाड़ा विकासखण्डों में 20 से 25 अगस्त तक एमआर कैचअप राउंड संचालित किया जाएगा.
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गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) गुना जिले में जल-जनित एवं संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका को देखते हुए कलेक्टर द्वारा जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा को अधिसूचित क्षेत्र घोषित किया गया है। यह कार्रवाई आपत्तिजनक हैजा विनियम, 1983 के नियम 03 के तहत की गई है। इसके साथ ही हैजा, आंत्रशोध, पेचिस, पीलिया, मस्तिष्क ज्वर सहित अन्य जल-जनित एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षासुनिश्चित करने के लिए संयुक्त दल का गठन किया गया है।गठित दल द्वारा जिले में रोगों के संभावित... फोटो गैलरी
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