


खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में एक ऐसी दुनिया भी है, जहां आज भी लोग भूत प्रेत और अंधविश्वास में भरोसा रखते हैं। बात खंडवा के उस सैलानी दरगाह की जहां पर बुरी आत्माओं से लोगों को निजात मिलती है। ऐसा माना जाता है कि यहां पर बुरी आत्माओं की बाबा सैलानी के इस मेले में आते है।
अपने-अपने जीवन में तरह-तरह के मेले देखे होंगे। झूला के माध्यम से गोलगप्पे खाते हुए अपने इन मेलों का आनंद भी लिया होगा, लेकिन कभी अपने भूतों के मेले के बारे में सुना है। आप कहेंगे नहीं तो चलिए आज हम आपको एक ऐसे मेले में ले चलते हैं जहां एक नहीं दो नहीं बल्कि हजारों की संख्या में भूतों का मेला लगता है। आज हम जिस मेले की बात करने जा रहे हैं, वहां पर ना तो कोई मस्ती होती है ना कोई झूला लगते हैं, बल्कि यहां लगता है भूतों का मेला।
हम बात कर रहे है खंडवा के एक ऐसे मेले की जहां पर बुरी आत्माओं की पेशी लगवाई जाती है और यहां पर सजा के तौर पर बुरी आत्माओं को शरीर छोड़कर जाने का फैसला सुनाया जाता है। खंडवा से 25 किलोमीटर दूर जावर गांव के पास सैलानी गांव में सैलानी बाबा की एक अद्भुत मजार है। इस मजार पर यूं तो सालभर लोगों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन होली के बाद से लेकर रंग पंचमी तक यहां देश के अलग-अलग हिस्से से भूत, प्रेत, बुरी आत्माओं से पीड़ित बाधित लोग पहुंचते हैं। ऐसे ऐसे परेशान लोग यहां पहुंचते हैं जिसे देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि लोग यहां आते तो दुख में हैं, लेकिन यहां से वापस लौटने वाले खुशी-खुशी वापस लौटते हैं।
सैलानी बाबा की इस दरगाह पर कोई जंजीर में बांधकर लाया गया है तो कोई महीनों से प्रेत बाधा से पीड़ित। ऐसे लोगों को परिजन देश के कोने कोने से यहां लेकर पहुंचे हैं। ऐसा माना जाता है कि दरगाह की लोहे की इस चारदीवारी में इतनी शक्ति है कि इसे छूते हीं बाहरी शक्तियां तांडव करने लगती है और गुनाहों को कुबूल कर सैलानी से पनाह मांगती है। बाबा की चौखट पढ़ते ही बड़े से बड़ा भूत तांडव करने लगता है। बाबा सैलानी की दरगाह पर पहुंचने के बाद न्याय मांगने के लिए बुरी आत्माएं यहां अपना गुनाह कुबूल कर बाबा सैलानी से पनाह मांगती है। शरीर से अलग होने के लिए आत्माओं को बाबा सजा देते हैं। सजा भी ऐसी जो खुली आंखों से नहीं दिखती है। सिर्फ शैतानी आत्माएं ही इस सजा को महसूस करती है। ऐसी में इन बुरी आत्माओं को शरीर छोड़कर जाने के लिए मजबूर होना पड़ता हैं।
वर्ष 1939 में स्थापित बाबा की इस दरगाह में होली से लेकर रंग पंचमी तक देशभर से हजारों लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरु हो जाता है। गांव का नाम भी बाबा के नाम पर ही सैलानी रखा गया है। देशभर से आए लोग यहां तंबू बना कर कई दिनों तक रहते हैं। मान्यता है कि 5 गुरुवार को नियमित यहां आने से पीड़ितों को फायदा होता है। यहां मुर्गे और बकरे की बलि दी जाती है। लोग मुर्गे और बकरे को लाते हैं और बाबा के नाम पर यहीं छोड़ जाते हैं।
सैलानी बाबा की दरगाह करीब 87 साल पुरानी है, जो महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के फकीर मकदूम शाह सैलानी की है। हालांकि इस दरगाह की एक खास बात ये भी है कि यहां सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल भी देखने को मिलती है। यहां हिंदू कैलेंडर की तारीख के अनुसार होली से रंग पंचमी तक मेला लगता है, जिसमें सभी धर्मों के लोग आते हैं। बहरहाल आस्था और अंधविश्वास के इस खेल में कोई भी तर्क काम नहीं करता। लोग सिर्फ अपनी समस्याओं को लेकर आते हैं और खुशी–खुशी लौट जाते हैं।
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किले से तोप चलाते हुए वीडियो वायरल करने वाले चारों बदमाश गिरफ्तार
रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन में इंस्टाग्राम पोस्ट से धार्मिक भावनाएं आहत करने और तो चलाने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस खबर को प्रमुख्ता के साथ प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशन के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आया और कार्रवाई की।
फरियादी द्वारा बताया गया कि इंस्टाग्राम पर एक रील में शादाब कुरैशी एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा रायसेन किले से तोप चलाते हुए धर्म विरोधी नारे लगाते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है। वीडियो में ऐसे आपत्तिजनक नारे लगाए गए, जिससे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। नगर में सामाजिक सौहार्द्र बिगड़ने एवं तनावपूर्ण स्थिति निर्मित होने की आशंका उत्पन्न हो गई। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में प्रकरण पंजीबद्ध कर मुख्य आरोपी शादाब कुरैशी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। प्रकरण में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भी तलाश की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में शादाब कुरैशी पिता शाहीर कुरैशी निवासी कसाई मोहल्ला रायसेन, युसूफ शेख पिता महफूज शेख निवासी चटाईपुरा, भोपाल, वसीम मोहम्मद पिता इब्राहिम खान निवासी ऐशबाग, भोपाल, पप्पू उर्फ सलमान कुरैशी पिता सलीम कुरैशी निवासी तलैया, भोपाल शामिल है।
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कोर्ट के आदेश पर कब्जा हटाने गई टीम पर हमला: ग्रामीणों ने किया पथराव
धार। मध्य प्रदेश के धार के सिरसोदा गांव में कब्जा हटाने गई पुलिस और प्रशासन की टीम पर हमला हो गया। कोर्ट के आदेश पर पहुंची टीम पर कब्जाधारियों ने पथराव कर भगाने की कोशिश की। इस दौरान एक महिला ने खुद पर घासलेट डालकर आत्महत्या करने की कोशिश भी की।
एसपी विजय डाबर ने बताया कि टीम कब्जा हटाने के लिए पहुंची थी। तभी वहां मौजूद महिलाओं ने पुलिस के साथ जबरदस्ती की और खुद पर घासलेट डालकर आत्महत्या की कोशिश की। इस पर महिला को पुलिस अभिरक्षा में लेकर धामनोद के सिविल अस्पताल में पहुंचाया गया। वर्तमान में शांति कायम है और जिन्होंने पथराव किया है उनकी पहचान कर मामला दर्ज किया जाएगा। जिस व्यक्ति का मकान पर कब्जा है, उसने दो दिन का समय मांगा है। मांग पर दो दिन का समय दिया है। अगर दिए गए समय पर घर खाली नहीं किया जाता है तो प्रशासन कार्रवाई करेगी।
इस घटना के दौरान थाना प्रभारी का पांव मुड़ गया और फैक्चर हो गया। संतोष नामक व्यक्ति ने कहा कि वे पिछले 80 सालों से यहां पर रह रहे हैं। जब से कालू सिंह ठाकुर विधायक ने जमीन खरीदी है, तब से रोज विवाद हो रहे हैं।
ASP विजय डाबर ने बताया कि एक मकान बना हुआ था। निजी शिकायत पर न्यायालय के फैसला पर कब्जा दिलाने के लिए राजस्व विभाग के साथ में एसडीएम, एसडीओपी, पुलिस का अमला यहां पर मौजूद था। बातचीत चल ही रही थी कि इस दौरान घर की महिलाओं ने पुलिस और प्रशासन के साथ जबरदस्ती की और घासलेट डालकर आत्महत्या करने की कोशिश की। पुलिस अभिरक्षा में लेकर में सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया है।
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वर्षों से पढ़ा रहे हजारों शिक्षकों के सामने अब बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक नया आदेश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि पुराने शिक्षकों को भी अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करनी होगी। यदि वे निर्धारित समय सीमा में यह परीक्षा पास नहीं कर पाते हैं, तो उनकी नौकरी पर संकट आ सकता है।
यह फैसला शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर लिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी शिक्षकों का पात्रता परीक्षा पास होना जरूरी है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, ऐसे शिक्षक जिनकी नियुक्ति RTE लागू होने से पहले हुई थी और जिनकी सेवानिवृत्ति में अभी 5 साल से ज्यादा समय बाकी है, उन्हें अनिवार्य रूप से TET परीक्षा देनी होगी।
सरकार ने इन शिक्षकों को अपनी योग्यता साबित करने के लिए दो साल का समय दिया है। विभाग की योजना के अनुसार, इन शिक्षकों के लिए जुलाई-अगस्त 2026 में विशेष TET परीक्षा आयोजित की जा सकती है। यदि कोई शिक्षक तय समय सीमा के भीतर यह परीक्षा पास नहीं कर पाता है, तो उसे या तो इस्तीफा देना होगा या फिर विभाग उसे सेवा से मुक्त कर सकता है।
नए नियम के अनुसार अब सिर्फ नई भर्ती ही नहीं, बल्कि पदोन्नति (प्रमोशन) के लिए भी TET पास होना अनिवार्य होगा। बिना पात्रता परीक्षा के न तो नई नियुक्ति मिलेगी और न ही किसी शिक्षक को पदोन्नति दी जाएगी।
शिक्षा विभाग ने जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार करें जिन्होंने अभी तक TET पास नहीं किया है। इन शिक्षकों को समय रहते परीक्षा के बारे में सूचना देने को कहा गया है।
सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश के कई शिक्षक संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। संगठनों का कहना है कि जो शिक्षक 20–25 साल से स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, उन्हें अब इस उम्र में परीक्षा के नाम पर नौकरी से निकालना अन्यायपूर्ण है। शिक्षक संगठनों का आरोप है कि राज्य में CM Rise School योजना के तहत छोटे सरकारी स्कूलों के विलय के कारण पहले ही बड़ी संख्या में शिक्षक अतिरिक्त हो रहे हैं। ऐसे में TET को अनिवार्य बनाकर कई शिक्षकों को नौकरी से बाहर करने की आशंका जताई जा रही है।
सरकार के इस फैसले के बाद शिक्षकों और कर्मचारी संगठनों के बीच विरोध तेज होने की संभावना है। यदि इस आदेश में बदलाव नहीं किया गया, तो आने वाले समय में इसे लेकर आंदोलन भी हो सकता है। फिलहाल शिक्षा विभाग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए इस फैसले को लागू करने की तैयारी में है।
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जिला अस्पताल में लापरवाही की हद पार, डिलीवरी के दौरान टेबल टूटने से गिरी गर्भवती, नवजात की हुई मौत
शहडोल. एमपी के शहडोल जिला अस्पताल के लेबर रूम से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने स्वास्थ्य विभाग के सुरक्षित प्रसव के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है. जयसिंहनगर के ग्राम सेमरा निवासी उमा साकेत के साथ हुई इस घटना ने न केवल एक परिवार की खुशियां छीन ली, बल्कि अस्पताल के भीतर मरीजों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है.
इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ का तर्क सवालों के घेरे में है. उन्होंने टेबल टूटने की बात को सिरे से नकारते हुए कहा कि महिला का वजन अधिक होने के कारण संतुलन बिगड़ा और बच्चा आड़ा होने के कारण उसकी मौत हुई.
प्रबंधन की इस दलील पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि महिला का वजन अधिक था, तो मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत अतिरिक्त सुरक्षा क्यों नहीं बरती गई. क्या टेबल इतनी कमजोर थी कि मरीज का भार भी नहीं सह सकी.
पीड़ित उमा साकेत को प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पति मुकेश साकेत का आरोप है कि जब उमा को लेबर रूम में टेबल पर लिटाया गया, तो वह जर्जर टेबल अचानक टूट गई. इस झटके से उमा और गर्भस्थ शिशु सीधे जमीन पर जा गिरे. परिजनों का कहना है कि इसी हादसे के कारण नवजात की मौत हुई है. पीएनसी वार्ड में उपचाररत उमा साकेत ने स्वयं इस भयावह अनुभव की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि वह टेबल टूटने की वजह से नीचे गिरी थीं. गंभीर बात यह है कि घटना के बाद स्टाफ ने संवेदनहीनता दिखाते हुए परिजनों को मिलने तक नहीं दिया और सीधे मृत बच्चा पैदा हुआ है कहकर मामला दबाने की कोशिश की.
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महिला कर्मचारी ने किया ₹60 लाख का गबन, ग्राहकों को दिखाने के बहाने आभूषण लेकर हुई फरार, FIR दर्ज
इंदौर। इंदौर के एक ज्वैलरी शोरूम में लाखों रुपये कीमती आभूषणों की हेराफेरी का मामला सामने आया है। तुकोगंज पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर की शिकायत पर महिला कर्मचारी के खिलाफ गबन की एफआईआर दर्ज कर ली है। महिला ग्राहकों को आभूषण दिखाने और बेचने के बहाने आभूषण लेकर गायब हो गई है। हेराफेरी में महिला के साथ अन्य लोगों के शामिल होने का अंदेशा है।
टीआइ जितेंद्र यादव के अनुसार रजत जेम्स एंड ज्वेलरीज प्रा.लि. का तुकोगंज थाना के समीप स्थित सिटी सेंटर में ज्वैलरी शोरूम है। डायरेक्टर रजत पुत्र कल्याण माहेश्वरी निवासी स्कीम-74 ने सेल्स एग्जीक्यूटिव मेघा आशीष राठौर निवासी भक्त प्रहलाद नगर के खिलाफ शिकायत की है। रजत के अनुसार मेघा सात साल से शोरूम में काम कर रही थी। ग्राहकों की मांग पर शोरूम से आभूषण ले जाकर घर दिखाने जाती थी।
रजत की कंपनी ग्राहकों की सुविधा के लिए स्वर्ण आभूषण योजना भी संचालित करती है। इसके तहत ग्राहक किस्तों में रुपये जमाकर आभूषण खरीदते हैं। मेघा ने 21 जनवरी से 9 फरवरी के मध्य सात अलग-अलग पार्टियों के नाम से गोल्ड अप्रूवल वाउचर से कुल 357.66 ग्राम वजनी 60 लाख 97 हजार के आभूषण लिए और वापस नहीं किए। मेघा ने आभूषणों के रुपये भी कंपनी में जमा नहीं किए।
12 फरवरी से मेघा ने नौकरी पर आना बंद कर दिया। फोन पर जवाब न देने पर रजत ने थाने में शिकायत कर शनिवार को एफआईआर दर्ज करवा दी। टीआइ के अनुसार मेघा के खिलाफ बीएनएस की धारा 316 के तहत एफआईआर दर्ज की है। जमानती धारा होने के कारण मेघा को नोटिस भेजा जाएगा।
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति व्यवस्था में बदलाव करते हुए अब उपभोक्ताओं को दो गैस सिलिंडर लेने के बीच कम से कम 21 दिनों का अंतर रखना अनिवार्य कर दिया गया है. इससे पहले यह अवधि 15 दिन निर्धारित थी. उल्लेखनीय है कि एक ही दिन पहले केद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस की कीमतों में 60 रुपये की बड़ी वृद्धि की है.
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब उपभोक्ता 21 दिन पूरे होने के बाद ही अगला सिलिंडर बुक करा सकेंगे. गैस एजेंसियों का कहना है कि तेल कंपनियों के निर्देश के अनुसार यह नया नियम लागू किया गया है. इसका उद्देश्य गैस वितरण प्रणाली को अधिक व्यवस्थित बनाना और सभी उपभोक्ताओं तक समय पर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करना है.
उन्होंने बताया कि कई बार कम समय के अंतराल में बार-बार सिलिंडर लेने की वजह से वितरण व्यवस्था पर दबाव बढ़ जाता है. ऐसे में 21 दिनों का अंतर तय किए जाने से आपूर्ति प्रक्रिया को संतुलित रखने में मदद मिलेगी.
गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार, उपभोक्ता पहले की तरह ही मोबाइल ऐप, ऑनलाइन पोर्टल या फोन कॉल के माध्यम से सिलिंडर बुक करा सकते हैं, लेकिन सिस्टम में 21 दिन पूरे होने से पहले बुकिंग स्वीकार नहीं होगी. एजेंसी संचालकों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपनी गैस खपत की योजना उसी अनुसार बनाएं, ताकि रसोई गैस की उपलब्धता में किसी तरह की परेशानी न हो. नई व्यवस्था लागू होने के बाद शहर के उपभोक्ताओं को गैस वितरण प्रणाली में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
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एक्ट्रेस खुशी मुखर्जी को दुबई में शख्स ने जड़ा थप्पड़: सड़क में रोते-बिलखते सुनाई आपबीती
अपने बोल्ड कपड़ों के कारण हमेशा ही विवादों में रहने वालीं खुशी मुखर्जी ने अब रोते हुए एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें बता रही हैं कि दुबई की सड़कों पर कोई उन्हें थप्पड़ मारकर निकल गया। हाल ही रैपर सैंटी शर्मा ने खुशी मुखर्जी का एक वीडियो देख कह दिया था कि ऐसी लड़कियों की वजह से ही भारत में रेप ज्यादा होते हैं। उन्होंने खुशी मुखर्जी के बेहद रिवीलिंग और अतरंगी कपड़े पब्लिक के बीच पहनने पर सवाल उठाए थे। और अब कोई खुशी मुखर्जी को थप्पड़ मार गया, जिससे एक्ट्रेस बुरी तरह रोने लगीं।
खुशी मुखर्जी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह सड़क पर रोते हुए नजर आ रही हैं। वह बोल रही हैं, ‘रात के 9 बज रहे हैं और एक आदमी बाइक पर जा रहा था और मुझे थप्पड़ मारकर चला गया। मैं सड़क पर थी। पुलिस स्टेशन में जाकर भी क्या होगा। सड़कों पर कैमरे तो लगे नहीं हैं।’ वीडियो में खुशी मुखर्जी बता रही हैं कि सड़क पर कोई लगातार उनका पीछा भी कर रहा है। वीडियो में खुशी बार-बार पीछे मुड़कर देखती हैं और फिर तेजी से चलने लगती हैं।
इस वीडियो को शेयर कर खुशी मुखर्जी ने इंस्टाग्राम पर लिखा है, ‘कुछ लोग बेवजह ही मुझसे पुराना बदला ले रहे हैं। इस बार तो ऐसा लग रहा है जैसे मैं अकेली ही पूरी दुनिया से लड़ रही हूं। पुलिस भी कोई मदद नहीं कर रही। पुलिस स्टेशन खाली पड़ा है। यहां तक कि महिला अधिकारी भी इस मामले में कोई कार्रवाई करने से कतरा रही हैं। खैर, दुबई भी कोई अलग नहीं है। लगता है पूरी दुनिया ने हमें शरिया कानून फॉलो करने के लिए दबाना शुरू कर दिया है।’
खुशी मुखर्जी के इस वीडियो पर यूजर्स के काफी रिएक्शन आ रहे हैं। वो खुशी से पूछने लगे कि क्या वह ठीक हैं। उनके साथ क्या हुआ है। हालांकि, कुछ ऐसे भी थे, जिन्होंने यह कहकर खुशी का मजाक उड़ाना शुरू कर दिया कि वह सब पब्लिसिटी के लिए कर रही हैं।
खुशी मुखर्जी पेशे से एक टीवी एक्ट्रेस हैं और उन्होंने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी। वह ‘स्प्लिट्सविला’ जैसा रियलिटी शो भी कर चुकी हैं। उन्होंने कुछ टीवी शोज और सीरीज भी की हैं, जिनमें ‘बालवीर’, ‘रीति रिवाज’, ‘नादान’ और ‘देविका’ जैसे नाम शामिल हैं। खुशी मुखर्जी ने साउथ की फिल्मों में भी काम किया है। वह साल 2013 में तमिल फिल्म ‘अंजल थुरई’ में नजर आईं। इसके अलावा वह तेलुगु और हिंदी फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं। उनकी हिंदी फिल्म का नाम ‘श्रृंगार’ था, जो 2013 में आई।
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अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ीं ! सामने आया ₹1,085 करोड़ की धोखाधड़ी का नया केस, CBI ने दर्ज की नई FIR
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने कारोबारी अनिल अंबानी के खिलाफ आईपीसी की धारा-420 और 120बी के तहत एक नया मामला दर्ज किया है. यह एफआईआर पंजाब नेशनल बैंक के चीफ मैनेजर संतोषकृष्ण अन्नावरपू की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है. इस एफआईआर के मुताबिक, 2013 से 2017 के बीच अनिल अंबानी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के अन्य तत्कालीन अधिकारियों के साथ मिलकर पीएनबी के साथ 1085 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की.
पंजाब नेशनल बैंक का आरोप है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस ने 1085 करोड़ रुपये का लोन इस मंशा से लिया कि उसे वापस नहीं किया जाएगा. पीएनबी ने यह भी आरोप लगाया है कि कंपनी ने बैंक से लिए गए फंड को जानबूझकर दूसरी जगह डायवर्ट कर दिया. आरोप है कि अनिल कंपनी ने बैंक के पैसों का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट) किया. एफआईआर में रिलायंस कम्युनिकेशंस, अनिल अंबानी और मझारी काकर समेत कुछ अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. FIR में कहा गया है कि आरोपियों ने PNB को 621.39 करोड़ रुपए और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (जिसका अब PNB में विलय हो चुका है) को 463.80 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया है.
बता दें कि, इससे पहले शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल अंबानी की रिलायंस पावर कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी की. ये छापेमारी रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) से जुड़े बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े लोगों के खिलाफ की गई. गौरतलब है कि इससे पहले 25 फरवरी ईडी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) से जुड़े बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल अंबानी की मुंबई के पाली हिल स्थित आवासीय संपत्ति ‘अबोड’ को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया था, जिसकी अनुमानित कीमत 3,716.83 करोड़ रुपये है. इसके साथ ही इस समूह से जुड़ी अब तक कुर्क की गई कुल संपत्तियों का मूल्य 15,700 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है.
मध्य प्रदेश में बाइक टैक्सी सेवाएं चलाने वाली कंपनियां ओला, उबर और रेपिडो अब कानूनी घेरे में आ गई हैं। इंदौर हाईकोर्ट ने इन सेवाओं के संचालन और यात्री सुरक्षा से जुड़े गंभीर आरोपों पर सख्त रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और संबंधित कंपनियों सहित कुल 10 पक्षों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सभी से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।
यह मामला एक जनहित याचिका (PIL) के जरिए हाईकोर्ट के सामने आया। याचिका में आरोप लगाया गया कि इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में बाइक टैक्सी सेवाएं बिना उचित परमिट और नियमों का पालन किए संचालित की जा रही हैं। इससे न केवल मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। याचिका में यह भी कहा गया कि इन कंपनियों के प्लेटफॉर्म के जरिए निजी दोपहिया वाहनों को व्यावसायिक रूप से उपयोग में लाया जा रहा है, जबकि इसके लिए जरूरी परमिट और नियमों का पालन कई मामलों में नहीं किया जा रहा।
मामले की सुनवाई के दौरान इंदौर हाईकोर्ट ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि यदि यात्री परिवहन से जुड़ी सेवाएं बिना स्पष्ट नियमों और सुरक्षा प्रावधानों के संचालित हो रही हैं, तो यह कानून और आम लोगों की सुरक्षा दोनों के लिए चिंता का विषय है। कोर्ट ने केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश सरकार, परिवहन विभाग और बाइक टैक्सी सेवाएं संचालित करने वाली कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि आखिर इन सेवाओं को किस आधार पर संचालित किया जा रहा है और क्या इनके पास आवश्यक अनुमति है या नहीं।
याचिका में यह भी मुद्दा उठाया गया कि बाइक टैक्सी सेवाओं में यात्रियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। कई मामलों में हेलमेट की व्यवस्था नहीं होती, ड्राइवरों का सत्यापन स्पष्ट नहीं होता और दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय करना भी मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा यह भी कहा गया कि बिना उचित नियमों के ऐसे प्लेटफॉर्म चलने से सड़क सुरक्षा और बीमा से जुड़े कई सवाल भी खड़े होते हैं।
हाईकोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट यह जानना चाहता है कि इन सेवाओं के संचालन को लेकर सरकार की क्या नीति है और क्या कंपनियां मोटर व्हीकल एक्ट और अन्य नियमों का पालन कर रही हैं या नहीं।
मध्य प्रदेश के रायसेन में स्थित ऐतिहासिक रायसेन किला से तोप चलाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक किले की पहाड़ी पर खड़े दिखाई दे रहे हैं और कथित तौर पर ईरान के समर्थन में नारे लगाते हुए तोप चलाते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
इस वीडियो को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि रायसेन के संरक्षित किले से आबादी वाले इलाके की ओर देसी तोप चलाना लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि यदि यह अवैध तरीके से किया गया है तो संबंधित लोगों के खिलाफ गैरकानूनी हथियार बनाने, दहशत फैलाने और ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान पहुंचाने जैसे मामलों में कार्रवाई की जानी चाहिए।
वायरल वीडियो में चार युवक रायसेन किले की ऊंचाई पर खड़े दिखाई देते हैं। नारे लगाने के बाद उनमें से एक युवक तोप के पास जाता है और माचिस से उसमें आग लगा देता है। कुछ ही पल बाद जोरदार धमाके के साथ तोप चलती है और आसपास का इलाका धुएं से भर जाता है। वीडियो में किले की पहाड़ी से नीचे पूरा शहर दिखाई दे रहा है।
मामले को लेकर रायसेन के तहसीलदार भरत मांडरे ने बताया कि उन्हें वायरल वीडियो की जानकारी मिली है। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को सूचित कर दिया है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि वीडियो कब का है और किन परिस्थितियों में तोप चलाई गई थी।
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बाइक टैक्सी पर हाईकोर्ट सख्त: Ola, Uber और Rapido को नोटिस, मांगा जवाब
मध्य प्रदेश में बाइक टैक्सी सेवाएं चलाने वाली कंपनियां ओला, उबर और रेपिडो अब कानूनी घेरे में आ गई हैं। इंदौर हाईकोर्ट ने इन सेवाओं के संचालन और यात्री सुरक्षा से जुड़े गंभीर आरोपों पर सख्त रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और संबंधित कंपनियों सहित कुल 10 पक्षों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सभी से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।
यह मामला एक जनहित याचिका (PIL) के जरिए हाईकोर्ट के सामने आया। याचिका में आरोप लगाया गया कि इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में बाइक टैक्सी सेवाएं बिना उचित परमिट और नियमों का पालन किए संचालित की जा रही हैं। इससे न केवल मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। याचिका में यह भी कहा गया कि इन कंपनियों के प्लेटफॉर्म के जरिए निजी दोपहिया वाहनों को व्यावसायिक रूप से उपयोग में लाया जा रहा है, जबकि इसके लिए जरूरी परमिट और नियमों का पालन कई मामलों में नहीं किया जा रहा।
मामले की सुनवाई के दौरान इंदौर हाईकोर्ट ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि यदि यात्री परिवहन से जुड़ी सेवाएं बिना स्पष्ट नियमों और सुरक्षा प्रावधानों के संचालित हो रही हैं, तो यह कानून और आम लोगों की सुरक्षा दोनों के लिए चिंता का विषय है। कोर्ट ने केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश सरकार, परिवहन विभाग और बाइक टैक्सी सेवाएं संचालित करने वाली कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि आखिर इन सेवाओं को किस आधार पर संचालित किया जा रहा है और क्या इनके पास आवश्यक अनुमति है या नहीं।
याचिका में यह भी मुद्दा उठाया गया कि बाइक टैक्सी सेवाओं में यात्रियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। कई मामलों में हेलमेट की व्यवस्था नहीं होती, ड्राइवरों का सत्यापन स्पष्ट नहीं होता और दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय करना भी मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा यह भी कहा गया कि बिना उचित नियमों के ऐसे प्लेटफॉर्म चलने से सड़क सुरक्षा और बीमा से जुड़े कई सवाल भी खड़े होते हैं।
हाईकोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट यह जानना चाहता है कि इन सेवाओं के संचालन को लेकर सरकार की क्या नीति है और क्या कंपनियां मोटर व्हीकल एक्ट और अन्य नियमों का पालन कर रही हैं या नहीं।
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प्रमुख समाचार
09 March 2026
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति व्यवस्था में बदलाव करते हुए अब उपभोक्ताओं को दो गैस सिलिंडर लेने के बीच कम से कम 21 दिनों का अंतर रखना अनिवार्य कर दिया गया है. इससे पहले यह अवधि 15 दिन निर्धारित थी. उल्लेखनीय है कि एक ही दिन पहले केद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस की कीमतों में 60 रुपये की बड़ी वृद्धि की है.नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब उपभोक्ता 21 दिन पूरे होने के बाद ही अगला सिलिंडर बुक करा सकेंगे. गैस एजेंसियों का कहना है... मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वर्षों से पढ़ा रहे हजारों शिक्षकों के सामने अब बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक नया आदेश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि पुराने शिक्षकों को भी अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करनी होगी। यदि वे निर्धारित समय सीमा में यह परीक्षा पास नहीं कर पाते हैं, तो उनकी नौकरी पर संकट आ सकता है।यह फैसला शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर लिया गया है। स्कूल... अपराध
09 March 2026
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में एक ऐसी दुनिया भी है, जहां आज भी लोग भूत प्रेत और अंधविश्वास में भरोसा रखते हैं। बात खंडवा के उस सैलानी दरगाह की जहां पर बुरी आत्माओं से लोगों को निजात मिलती है। ऐसा माना जाता है कि यहां पर बुरी आत्माओं की बाबा सैलानी के इस मेले में आते है।अपने-अपने जीवन में तरह-तरह के मेले देखे होंगे। झूला के माध्यम से गोलगप्पे खाते हुए अपने इन मेलों का आनंद भी लिया होगा, लेकिन कभी अपने भूतों के मेले के बारे में सुना है। आप... गुना सिटी
गुना। (गरिमा टीवी न्यूज़) गुना से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां एक पिता की बेटे की शादी से ठीक दो दिन पहले मौत हो गई। बेटे की शादी के माता पूजन कार्यक्रम के दौरान पिता चक्कर खाकर गिरे और उनकी सांसें थम गईं। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर भी पहुंचे लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिता के आकस्मिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।गुना शहर के पठार मोहल्ला /जानकीपुरम में रहने वाले 50 वर्षीय पप्पू... फोटो गैलरी
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फरार बदमाशों में से 1 का हरिद्वार में...
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पेट्रोल-डीजल: केंद्र ने साधे एक तीर से कई...
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इस मोर्चे पर एयरटेल से आगे निकली जियो...
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