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बुधनी। बुधनी के भैरूंदा में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची बिजली कंपनी की टीम के साथ मारपीट और तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि वार्ड के कुछ लोगों को उकसाकर 13 स्मार्ट मीटरों में आग लगा दी गई। घटना के बाद बिजली कंपनी के अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने भाजपा पार्षद प्रतिनिधि के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत मैसर्स अपरवा कंपनी के कर्मचारी भैरूंदा की सुभाष कॉलोनी में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान पार्षद प्रतिनिधि कैलाश धावरे पिता रामसिंह धावरे, निवासी सुभाष कॉलोनी भैरूंदा मौके पर पहुंचे और कथित रूप से वार्ड के लोगों को स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध करने के लिए उकसाया।
आरोप है कि इसके बाद कुछ लोगों ने लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को निकालकर उनमें ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी, जिससे करीब 13 स्मार्ट मीटर जलकर नष्ट हो गए। इतना ही नहीं, मीटर लगाने पहुंचे कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और झूमाझटकी भी की गई। इस पूरे मामले को लेकर मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के सहायक प्रबंधक टेकसिंह बाल्के पिता महासिंह बाल्के ने थाना भैरूंदा में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर कैलाश धावरे के खिलाफ अपराध क्रमांक 198/26 दर्ज किया है। उनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(b), 115(2), 324(5), 351(2), 326(f) तथा विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 138 और 140 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल भैरूंदा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही हैं।
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शादी के दूसरे ही दिन दूल्हा-दुल्हन के साथ मां और भाभी की भी मौत
शिवपुरी। शिवपुरी जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है यहां एक दर्दनाक हादसे में शादी के दूसरे ही दिन दूल्हा-दुल्हन की मौत हो गई। दूल्हे की मां व भाभी की भी हादसे में मौत हुई है जिसके कारण पूरा परिवार बिखर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना टोंगरा रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास की है जहां सड़क किनारे खड़े ऑटो पर मुर्गी दाने से भरा ट्रक पलट गया।
तेंदुआ थाना क्षेत्र के राजगढ़ गांव के रहने वाले 25 वर्षीय वीरेन्द्र शाक्य की एक दिन पहले शुक्रवार को शिवपुरी की संजय कॉलोनी निवासी राजेश्वरी शाक्य के साथ मंदिर में परिवार की मौजूदगी में शादी हुई थी। शादी के दूसरे दिन दूल्हा वीरेन्द्र शाक्य अपनी दुल्हन राजेश्वरी को मां अन्वेश शाक्य, भाभी राजो शाक्य व बहन भूरिया शाक्य के ऑटो से राजगढ़ गांव ला रहा था।
ऑटो जब टोंगरा रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास पहुंचा तभी दूल्हे वीरेन्द्र शाक्य की बहन ने ऑटो रुकवाया और कोई सामान लेने के लिए रोड किनारे स्थित दुकान पर चली गई। दूल्हा वीरेन्द्र दुल्हन राजेश्वरी, मां और भाभी व ऑटो ड्राइवर ऑटो में ही बैठे हुए थे तभी मुर्गी दाने से भरा एक ट्रक ऑटो के बिलकुल नजदीक से पेट्रोल पंप की तरफ मुड़ रहा था। मुड़ते वक्त ट्रक अनियंत्रित होकर ऑटो पर पलट गया। ऑटो पर ट्रक के पलटते ही चीख पुकार मच गई और लोग मदद के लिए दौड़े।
ट्रक पलटने से ऑटो पूरी तरह से उसकी चपेट में आ गया। हादसे में दूल्हे वीरेन्द्र शाक्य, दुल्हन राजेश्वरी शाक्य, दूल्हे की मां अन्वेश शाक्य और भाभी राजो शाक्य की मौत हो गई है जबकि ऑटो ड्राइवर व दुल्हन की बहन भूरिया शाक्य की जान बच गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद मुर्गी दाने की बोरियां हटाकर उनके नीचे दबे लोगों को अस्पताल पहुंचाया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।
बताया गया है कि हादसे में बाल-बाल बची दूल्हे की बहन भूरिया शाक्य की आग लगुन होने वाली थी, लगुन की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और परिवार के सभी सदस्य दुल्हन सहित इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे। हादसे में परिवार के चार सदस्यों को खोने के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और राजगढ़ गांव में मातम पसर गया है। थाना प्रभारी, सिरसौद मुकेश दुबोलिया ने बताया कि टोंगरा रोड पर पेट्रोल पंप के पास यह घटना हुई है। इसमें ट्रक ऑटो पर आकर पलट गया। हादसे में तीन महिलाओं व एक पुरूष की मौत हुई है। सभी एक ही परिवार के लोग है। हमने आरोपी वाहन चालक पर केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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पेयजल घोटाला: पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सहित 10 लोगों पर EOW ने दर्ज की FIR
बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी के अंजड़ नगर परिषद में पेयजल योजना घोटाले को लेकर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। EOW ने इस मामले में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष ओम खंडेलवाल सहित कुल 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
यह मामला साल 2016 का है, जब अंजड़ नगर परिषद में घर-घर जल पहुंचाने के लिए एक योजना तैयार की गई थी। इस योजना के तहत 2700 घरों में नल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। शासन ने इस परियोजना के लिए 12 लाख 20 हजार 8 हजार 500 रुपए (कुल 12,28,500 रुपए) स्वीकृत किए थे। परियोजना का ठेका ई-टेंडरिंग के माध्यम से सोरठिया वेल्जी रत्ना एण्ड कंपनी को दिया गया था। आरोप है कि इस योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं बरती गईं।
EOW ने मामले में तत्कालीन नेतृत्व और अधिकारियों को मुख्य आरोपी बनाया है। इनमें पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष ओम खंडेलवाल (जो ठेकेदार भी थे), भाजपा की तत्कालीन अध्यक्ष मंजुला राकेश पाटीदार, कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष पुष्पा परमार, तत्कालीन सीएमओ सुरेंद्र सिंह पवार, तत्कालीन सीएमओ अमरदास सैनानी, तत्कालीन सीएमओ मायाराम सोलंकी, तत्कालीन इंजीनियर दिनेश पटेल, तत्कालीन लेखापाल हुकुमचंद मालवीय, सोरठिया वेल्जी रत्ना एंड कंपनी के प्रोपराइटर परेश सोरठिया और ठेकेदार मिनेष मकवाना शामिल हैं।
शिकायतकर्ता दीपेश इलू ठाकुर ने आरोप लगाया है कि योजना के तहत सिर्फ पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन किसी भी घर में पानी नहीं पहुंचा। नल कनेक्शन और मीटर लगाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य अधूरे रह गए। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन ने अब कार्रवाई की है।

मुरैना। मुरैना एसपी बंगले पर तैनात एक आरक्षक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर शोषण और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में आरक्षक खुद को बीमार बताते हुए, रोते हुए इलाज के लिए छुट्टी की मांग कर रहा है। रोते हुए आरक्षक कह रहा है, कि वीडियो डालने के बाद मुझे नौकरी से भी निकाला जा सकता है।
आरक्षक रूपसिंह रावत ने गुुरुवार की देर रात अपने फेसबुक अकाउंट पर वीडियो शेयर किया है, जो बहुत तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वह कह रहा है ‘‘मुरैना एसपी समीर सौरभ के बंगले में, किचिन में काम करता हूं। मेरी तबीयत ज्यादा खराब है। मैंने जांच करवाई तो दोनों किडनी में पथरी बताई है, एक किडनी में तीन एमएम की पथरी है। मैंने यह जांच एसपी साहब और वंदना (एसपी की पत्नी) काे दिखाई एसपी साहब ने कह दिया कि तुम्हें कुछ नहीं हुआ।
मैंने जांच व इलाज करवाने के लिए 15 दिन की छुट्टी मांगी तो एसपी ने मेरा आवेदन कचरे में फेंक दिया। अब मैं क्या करूं, किसके यहां जाऊं, किससे छुट्टी मांगू। यही अधिकार है मेरा, वरिष्ठ अधिकारियों से छुट्टी मांगे तो छु्ट्टी भी नहीं मिले। अब वरिष्ठ अधिकारी मेरा वीडियो देखकर मुझे सस्पेंड से लेकर बर्खास्त तक कर सकते हैं। करो मुझे बर्खास्त-सस्पेंड। वहां मैं गिड़गिड़ा रहा हूं, बंगले में उनके झूठे बर्तन साफ कर रहा हूं। सब-कुछ कर रहा हूं। मैं बीमारी में छुट्टी मांग रहा हूं, बीमारी का इलाज करवाने के लिए भी छुट्टी नहीं है मेरे लिए।‘‘
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निकाह से पहले दुल्हन समेत पूरे परिवार के खिलाफ केस दर्ज, इमली के पेड़ पर पत्थर फेंकने से शुरू हुआ विवाद
नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच जिले के बघाना थाना क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां निकाह से महज 5 दिन पहले दुल्हन समेत पूरे परिवार पर एफआईआर दर्ज कर दी गई है। पीड़ित परिवार सूदखोरों की प्रताड़ना से त्रस्त है और शादी पर संकट मंडरा रहा है। पीड़ित फिरोज खान का आरोप है कि उन्होंने कुछ समय पहले 20 हजार रुपये उधार लिए थे। इसके बदले उन्होंने अब तक 60 हजार रुपये चुका दिए, फिर भी सूदखोर लगातार और पैसे मांग रहे हैं।
विवाद की शुरुआत इमली के पेड़ पर पत्थर फेंकने जैसी छोटी सी बात से हुई, जो देखते-ही-देखते मारपीट और जान से मारने की धमकी में बदल गई। फिरोज खान ने बताया कि सूदखोर शादी रुकवाने की धमकी दे रहे हैं। परिवार की शिकायत के बावजूद पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की, बल्कि उल्टा दुल्हन समेत घर के कई सदस्यों पर केस दर्ज कर दिया। अब 12 अप्रैल को होने वाले निकाह पर पूरे परिवार में डर का माहौल है।
परिवार ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने एसपी से अपील की कि शादी तक परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए। बघाना थाना प्रभारी ने बताया कि यह आपसी विवाद है। दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज की गई हैं और जांच चल रही है। एक पक्ष की शिकायत पर एनसीआर भी दर्ज की गई है।परिवार का कहना है कि सूदखोरों की लगातार धमकियों के कारण घर में शादी का माहौल खुशी की जगह डर से भरा हुआ है।
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ट्रक ने बोलेरो और बाइक को मारी टक्कर, 4 लोगों की मौके पर मौत, 5 गंभीर घायल
दमोह. सागर स्टेट हाइवे पर बड़ा हादसा हो गया. बांसा तारखेड़ा गांव में एक ट्रक ने बोलेरो को टक्कर मारी और फिर बाइक को रौंद दिया. एक्सीडेंट में 4 लोगों की मौके पर मौत हो गई. 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. ट्रक की टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो और बाइक के परखच्चे उड़ गए. हादसे के पास चीख-पुकार मच गई. गाडिय़ों पर खून के छींटे आए.
एक्सीडेंट में मगरोन गांव के राजू चौधरी और धर्मेंद्र की जान गई. बाइक सवार 2 सगे भाई जीवन और सूरज अहिरवार ने भी मौके पर दम तोड़ दिया. दोनों बांसा तारखेड़ा में रहते थे.
बाइक सवार जीवन और सूरज अहिरवार अपने छोटे भाई की शादी के लग्न के लिए गैस सिलेंडर लेने दमोह जा रहे थे. घर से थोड़ी ही दूरी पर उनका एक्सीडेंट हो गया. दोनों के सिर में चोट आई और घर में खुशियों का माहौल गम में बदल गया.
बोलेरो में सवार राजू चौधरी और धर्मेंद्र सिरवईया की एक्सीडेंट में मौत हो गई. हादसे के बाद बोलेरो का ड्राइवर स्टीयरिंग में फंस गया. हादसे के करीब 2 घंटे बाद मृतकों की पहचान हुई. दमोह के तहसीलदार रोबिन सिंह ने एक्सीडेंट शाम करीब 4:30 बजे गुलाब बाबा मंदिर के पास हुआ. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो और बाइक के परखच्चे उड़ गए. देहात थाना पुलिस और सागर नाका चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गाडिय़ों में फंसे लोगों को निकाला.

नई दिल्ली। राजधानी में करीब दो महीने से चल रही एक लंबी और हाई–टेक तलाश के बाद पुलिस ने कथित ‘ड्रग क्वीन’ को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई को कई स्तरों पर की गई निगरानी और लगातार छापेमारी के बाद बड़ी सफलता माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला कई हफ्तों तक पुलिस की पकड़ से बचती रही और लगातार लोकेशन बदलती रही। इस दौरान पुलिस ने लगभग 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और करीब 100 मोबाइल नंबरों की ट्रैकिंग की मदद से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। आखिरकार 9 अप्रैल को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया, जिससे उसके लगातार चल रहे फरारी अभियान का अंत हो गया। अधिकारियों के अनुसार, यह गिरफ्तारी तकनीकी निगरानी और जमीनी खुफिया इनपुट के संयुक्त प्रयास से संभव हो सकी।
दिल्ली पुलिस ने शाहदरा इलाके से कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर कुसुम को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे ‘ड्रग क्वीन’ के नाम से जाना जाता है। यह गिरफ्तारी दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में दो महीने तक चले एक संयुक्त अभियान के बाद की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर ₹50,000 का इनाम घोषित था और उसके खिलाफ मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) के तहत भी मामला दर्ज था। अधिकारियों ने बताया कि कुसुम लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रही थी। इस दौरान कई टीमें उसके नेटवर्क और संभावित ठिकानों पर नजर रख रही थीं। जांच में सामने आया है कि यह अभियान दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था, जहां पुलिस लगातार छापेमारी और निगरानी कर रही थी।
यह पूरा अभियान लगभग दो महीने पहले शुरू हुआ था, जब पुलिस को उसके मूवमेंट से जुड़ी शुरुआती जानकारी मिली थी। इसके बाद उसे पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर निगरानी और छापेमारी शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज 100 से अधिक मोबाइल नंबरों का डेटा विश्लेषण का सहारा लिया। इसके अलावा कई राज्यों में लगातार छापेमारी की गई, लेकिन हर बार आरोपी पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो जाती थी। पुलिस के अनुसार, कुसुम गिरफ्तारी से बचने के लिए बेहद सतर्क तरीका अपनाती थी स्मार्टफोन का इस्तेमाल न करना लगातार ठिकाने बदलना नए सिम कार्ड और नए ठिकानों का उपयोग इस रणनीति के कारण वह लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बचती रही। लगातार निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर आखिरकार दिल्ली पुलिस को सफलता मिली और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क एक परिवार-आधारित संगठित ढांचे की तरह काम करता था। इसमें शामिल नामों में उसकी बेटियां दीपा और चीकू (पहले से मकोका के तहत गिरफ्तार) भाई हरिओम सहयोगी रवि पुलिस के अनुसार, ये सभी लोग अलग-अलग भूमिकाओं में इस अवैध कारोबार को संचालित करने में शामिल थे। अधिकारियों का कहना है कि यह सिंडिकेट बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करता था, जहां परिवार के सदस्य ही सप्लाई, वितरण और लॉजिस्टिक्स जैसी अहम जिम्मेदारियां संभालते थे।
डीसीपी के मुताबिक, कुसुम की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कई ठिकानों पर लगातार छापेमारी की गई। एक विशेष इनपुट के आधार पर पुलिस ने आनंद विहार इलाके में जाल बिछाया, जहां उसे पकड़ लिया गया। जांच में सामने आया है कि कुसुम गिरफ्तारी से बचने के लिए लंबे समय से बेहद सतर्क तरीके अपना रही थी। वह स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करती थी बेसिक मोबाइल फोन और SIM कार्ड लगातार बदलती रहती थी ठिकाने बार-बार बदलती रहती थी इस रणनीति के कारण वह लंबे समय तक पुलिस की नजरों से दूर रही और ‘ऑफ द ग्रिड’ रहकर काम कर रही थी।
पिछले वर्ष मार्च में सुल्तानपुरी स्थित उसके घर पर छापेमारी के बाद इस पूरे ऑपरेशन के पैमाने का पता चला था। रिपोर्ट में बताया गया है कि बाहर से देखने पर वह संपत्ति चार अलग-अलग साधारण घरों जैसी प्रतीत होती थी, लेकिन अंदर का ढांचा पूरी तरह अलग था। जांच में सामने आया कि बीच की दीवारों को तोड़कर सभी हिस्सों को आपस में जोड़ दिया गया था, जिससे एक बड़ा और एकीकृत परिसर बन गया था। अंदरूनी संरचना को बेहद सुरक्षित बनाया गया था हर दरवाजे और खिड़की पर भारी स्टील की सलाखें लगी थीं परिसर को मजबूत सुरक्षा ढांचे में तब्दील किया गया था अंदर का पूरा सेटअप लगभग जेल जैसी संरचना जैसा था ।
जांच में सामने आया है कि उसके ठिकाने में मशीनों से संचालित दरवाजे लगाए गए थे 17 सीसीटीवी कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी होती थी गली और आसपास के रास्तों पर लड़कों को पहरेदारी के लिए तैनात किया गया था पुलिस का कहना है कि इन पहरेदारों का काम किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना अंदर तक पहुंचाना था।
अधिकारियों के अनुसार, हेरोइन की डिलीवरी के लिए बेहद सुनियोजित तरीका अपनाया जाता था। ड्रग्स को सीधे हाथों से देने के बजाय बालकनी से नीचे रस्सियों से बंधी टोकरियों में पैकेट उतारे जाते थे ग्रिल वाली खिड़कियों की पतली दरारों से पैकेट खिसकाए जाते थे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह तरीका देखने में सामान्य घरेलू सामान के आदान-प्रदान जैसा लगता था, लेकिन वास्तव में इसका इस्तेमाल अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई के लिए किया जाता था।
मार्च में आउटर डिस्ट्रिक्ट पुलिस की टीम ने छापेमारी के दौरान कुसुम के ठिकाने पर कार्रवाई की थी। इस दौरान वह मौके से फरार होने में कामयाब रही, जबकि उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, बेटा कथित तौर पर इस पूरे नेटवर्क के रोजमर्रा के संचालन को संभालता था। जांच के दौरान पुलिस ने लगभग ₹4 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। इसमें कुल 8 प्रॉपर्टीज शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर ड्रग तस्करी से कमाए गए पैसों से खरीदा गया था।
जांच के अनुसार, कुसुम ने अपने करियर की शुरुआत दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके में एक छोटी स्तर की ड्रग्स बेचने वाली के रूप में की थी। धीरे-धीरे उसने अपने संपर्कों का दायरा बढ़ाकर एक संगठित नेटवर्क तैयार किया। समय के साथ उसका नेटवर्क दिल्ली से बाहर निकलकर आसपास के राज्यों तक फैल गया। पुलिस के मुताबिक, हर गुजरते साल के साथ उसके प्रभाव और संचालन का दायरा लगातार बढ़ता गया। जांच में यह भी सामने आया है कि इतने बड़े नेटवर्क के बावजूद वह लंबे समय तक पुलिस की नजर से बचने में सफल रही। इसके लिए उसने लगातार ठिकाने बदलने और पहचान छिपाने की रणनीति अपनाई।
पुलिस के अनुसार, कुसुम पर 2003 से 2024 के बीच एनडीपीएस एक्ट के तहत कम से कम 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों में वांछित चल रही थी। पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय संगठित ड्रग नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई है। इससे इस अवैध कारोबार की जड़ों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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कैश कांड: जस्टिस वर्मा के इस्तीफे ने बढ़ाई सियासी हलचल! महाभियोग पर घमासान
कैश कांड में फंसे इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है. उन्‍होंने अपना त्‍यागपत्र राष्‍ट्रपति को भेज दिया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उनके आधिकार‍िक आवास पर बड़ी मात्रा में जले हुए नोट पाए गए थे. जस्टिस वर्मा ने इसे अपना मानने से इनकार कर दिया था. इसको लेकर जस्टिस वर्मा की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं भी दायर की गईं, लेकिन उन्‍हें राहत नहीं मिली.
जस्टिस यशवंत वर्मा ने ‘कैश-एट-होम’ मामले में महाभियोग की कार्यवाही से बचने के लिए राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। लेकिन अब वे आपराधिक जांच के दायरे में आ सकते हैं।
इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने इस्तीफा दे दिया है। अगर इस्तीफा मंजूर हुआ तो कथित ‘कैश-ऐट-होम’ विवाद को लेकर संसद में चल रही महाभियोग की प्रक्रिया भी खत्म हो जाएगी। राष्ट्रपति को भेजे पत्र में जस्टिस वर्मा ने लिखा, ‘मैं आपके इस गरिमामय कार्यालय पर उन कारणों का बोझ डालना उचित नहीं समझता, जिन्होंने मुझे यह पत्र लिखने के लिए विवश किया है। गहरे दुख के साथ मैं इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश के पद से तत्काल इस्तीफा देता हूं।’
संविधान के अनुच्छेद 217 के अनुसार, हाई कोर्ट का न्यायाधीश राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इस्तीफा दे सकता है। औपचारिक स्वीकृति की जरूरत नहीं होती। चूंकि अब वे संवैधानिक पद पर नहीं है, इसलिए सरकार चाहे तो उन पर आपराधिक कार्यवाही शुरू कर सकती है।
कैश कांड सामने आने के बाद जस्टिस वर्मा के खिलाफ तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश (CJI) ने तीन सदस्यीय इन-हाउस जांच समिति गठित की थी, जिसने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में जस्टिस वर्मा की भूमिका पर सवाल उठाए थे.
इस्तीफा न देने पर मामला राष्ट्रपति प्रधानमंत्री तक गया और महाभियोग प्रक्रिया शुरू हुई। 12 अगस्त को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए बहुदलीय प्रस्ताव को स्वीकार किया और तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई। संविधान के अनुच्छेद 124 और 217 के तहत किसी न्यायाधीश को ‘सिद्ध दुराचार’ या ‘असमर्थता’ के आधार पर पद से हटाया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने भी जस्टिस वर्मा की याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष द्वारा गठित जांच समिति की वैधता को चुनौती दी थी.
अब माना जा रहा है कि इस्तीफा देने से महाभियोग की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है. हालांकि, जांच और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं पर अंतिम निर्णय संबंधित प्राधिकरणों द्वारा लिया जाएगा.
SC के एडवोकेट ज्ञानत सिह के मुताबिक, इस्तीफा स्वीकार होने पर महाभियोग की प्रक्रिया खत्म होगी। इस्तीफा हाई कोर्ट जजेज (सैलिरी एड कंडीशन सर्विस एक्ट) 1954 के तहत माना जाएगा। लिहाजा स्वीकार होने पर उनको रिटायरमेंट बेनिफिट मिल सकता है।
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सरकार ने डीजल के निर्यात शुक्ल 21.5 प्रति लीटर से बढ़ाकर 55.5 रुपये किया, ATF पर भी ड्यूटी बढ़ाई गई
इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की कोशिशों के बीच सरकार ने डीजल के निर्यात पर शुल्क 21.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. इसके साथ ही एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) पर शुल्क 29.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक मध्यपूर्व एशिया में जारी अनिश्चितता की वजह से 09 अप्रैल, 2026 को कच्चे तेल (भारतीय बास्केट) की कीमत US$ 120.28/बैरल के ऊंचे स्तर पर बनी रही. सरकारी आकड़ों के मुताबिक, युद्ध शुरू होने से पहले फरवरी, 2026 में कच्चे तेल (भारतीय बास्केट) की औसत कीमत 69.01 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल थी.
प्रमुख विवरण:
डीजल पर निर्यात शुल्क: ₹21.5/L से बढ़ाकर ₹55.5/L।
एटीएफ (ATF) पर शुल्क: ₹29.5/L से बढ़ाकर ₹42/L।
उद्देश्य: घरेलू स्तर पर ईंधन की उपलब्धता बनाए रखना और निजी रिफाइनरियों द्वारा भारी मुनाफे पर लगाम लगाना।
पेट्रोल: पेट्रोल के निर्यात पर शून्य (Nil) शुल्क बरकरार है। XX +7
यह फैसला वैश्विक बाजार में तेल की अस्थिरता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच लिया गया है।
यानी, मध्यपूर्व युद्ध एशिया में जारी अनिश्चितता की वजह से कच्चा तेल फरवरी, 2026 की औसत कीमत के मुकाबले 09 अप्रैल, 2026 को 51.27 डॉलर प्रति बैरल महंगा हुआ, यानि 74.29% की बड़ी बढ़ोतरी. मार्च, 2026 महीने के दौरान भी कच्चे तेल की औसत कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रही थी. भारत अपनी जरुरत का 85% से ज़्यादा कच्चा तेल अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार से आयात करता है. ऐसे में कच्चे तेल के और महंगा होने से तेल आयात का खर्च बढ़ता जा रहा है.


विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के हैदरगढ़ गांव में तीन नकाबपोश लुटेरों ने सर्राफा व्यापारी के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया है। बासादेही गांव के रहने वाले व्यापारी मनोज सोनी हैदरगढ़ में लगने वाले बाजार से व्यापार कर लौट रहे थे, तभी देर शाम उनके साथ यह वारदात हुई। नकाबपोश लुटेरे व्यापारी को जान से मारने की धमकी देकर 10 किलो चांदी और करीब 60 ग्राम सोना लूट कर ले गए। लूटी गई कुल रकम की कीमत करीब 32 लाख रुपए बताई जा रही है। जिले के पांच थानों की पुलिस अब इन लुटेरों की तलाश में जुट गई है।
हैदरगढ़ क्षेत्र में बुधवार शाम उस समय सनसनी फैल गई जब हाट बाजार से लौट रहे एक सर्राफा व्यापारी के साथ लूट की बड़ी वारदात हो गई। जानकारी के अनुसार सर्राफा व्यापारी मनोज सोनी के साथ गुंजारी पुलिया के पास तीन नकाबपोश बदमाशों ने लूट को अंजाम दिया और लाखों रुपये के जेवरात लेकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित मनोज सोनी ने बताया कि वह हैदरगढ़ के हाट बाजार से व्यापार करके अपने गांव बासादेही जा रहे थे। शाम करीब 7 बजे जैसे ही वह गुंजारी पुलिया के पास पहुंचे, तो वहां पहले से घात लगाकर बैठे तीन बदमाशों ने उनकी मोटरसाइकिल को रोक लिया। बदमाशों के चेहरे ढके हुए थे और अचानक हमला करते हुए उनका बैग छीन लिया।
जब व्यापारी ने विरोध किया तो बदमाशों ने उनके साथ मारपीट कर दी…व्यापारी के अनुसार बैग में रखी ज्वेलरी की कुल कीमत करीब 32 लाख रुपये बताई जा रही है। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बदमाश फरार हो चुके थे।
इस संबंध में जिले के एसपी रोहित केसवानी का कहना है कि आवेदक के साथ हॉट बाजार से घर जाते समय लूट हुई है। मामले में प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया गया है हमने अपराधियों की खोजबीन के लिए चार टीम में लगाई है। साथ ही ₹10000 का इनाम भी रखा है, जल्द ही पुलिस अपराधियों को पकड़कर सामने लाएगी। आवेदक के अनुसार लगभग 32 लाख रुपए की मशरूका बताई जा रही है बाकी अपराधियों को पकड़ने के बाद जो भी मशरूका का उनके पास होगी सामने लाई जाएगी।

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नाबालिग से रेप के आरोपी बीजेपी नेता का शव रेल लाइन पर 3 टुकड़ों में मिला
दमोह. एमपी के दमोह में भाजपा समर्थित जनपद सदस्य कूदन आदिवासी का शव रेलवे ट्रैक पर मिला है. इसके तीन टुकड़े हो गए थे. कूदन आदिवासी पर 14 साल की लड़की से रेप का आरोप है. मामले में पुलिस उनकी तलाश कर रही थी. घटना के बाद मृतक के परिजनों ने रेप का झूठा मामला दर्ज कराने का पीडि़ता के परिजनों पर आरोप लगाया है. पुलिस अब डीएनए टेस्ट करायेगी.
लाश शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे देहात थाना इलाके में समन्ना रेलवे ट्रैक पर मिली. जबलपुर नाका चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा बनाया, फिर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा. पुलिस का कहना है कि लाश का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा. परिजन ने आरोप लगाया है कि कूदन आदिवासी पर झूठा आरोप लगाया गया था, जिसके कारण उन्होंने आत्महत्या कर ली. उन्होंने न्याय की मांग की है.
पीडि़ता को बुधवार दोपहर पेट में दर्द हुआ. इसके बाद परिजन उसे अस्पताल ले गए. जहां उसके 5 महीने की गर्भवती होने का पता चला. परिजन ने पूछताछ की तो नाबालिग ने बताया कि जनपद सदस्य कूदन आदिवासी से उसके साथ दुष्कर्म किया था. इस पर परिजन ने मगरोन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई. नाबालिग को मेडिकल टेस्ट के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था. बुधवार से ही पुलिस कूदन आदिवासी की तलाश कर रही थी.
जनपद सदस्य कूदन आदिवासी के बेटे गुड्डा ने आरोप लगाया कि देवकी पटेल, विशाल, राम विशाल पटेल, आलोक पटेल, प्रकाश बढग़ैयां, रिशु गुप्ता ने पापा के खिलाफ झूठा केस दर्ज कराया है. मरने से पहले पापा ने वीडियो भी बनाया, जिसमें उन्होंने इन लोगों के नाम लिए हैं. पुलिस ने मोबाइल जब्त कर लिया है. वहीं, पत्नी राधा रानी ने कहा- उनके तीन बेटे और दस नाती-पोते हैं. पति पर रेप का झूठा आरोप लगाया गया था, जिसे वह सहन नहीं कर पाए और ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली.
कूदन आदिवासी भाजपा के समर्थन से जनपद सदस्य का चुनाव जीते थे. इसके पहले उनकी पत्नी आदिवासी कोटे से फतेहपुर की सरपंच रह चुकी हैं. बटियागढ़ जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि मंगल सिंह कुशवाहा ने कहा कि कूदन आदिवासी पर झूठे आरोप लगाए गए हैं. वे इस उम्र में ऐसा काम क्यों करेंगे?
मगरोन थाना प्रभारी बीएल पटेल ने बताया- मैंने भी वीडियो देखा है. मोबाइल को जांच के लिए भेजा जा रहा है. मृतक का डीएनए कराया जाएगा. इसके लिए बाल और ब्लड सैंपल लिए जाएंगे, अगर वह पीडि़ता के डीएनए से मैच नहीं होता है तो मामले में खात्मा लगाया जाएगा. इसके बाद मृतक के परिजन आगे की कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र रहेंगे.
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2 हिंदू नेताओं को जान से मारने की धमकीः सांसद आलोक शर्मा ने पुलिस कमिश्नर से की शिकायत
भोपाल। मध्यप्रदेश में दो हिंदू नेताओं को सोशल मीडिया के जरिए धमकी का मामला सामने आया है। मामले में भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कहा- हनुमान जयंती के चल समारोह हुआ कुछ लोग सोशल मीडिया पर जान से मारने की मर्डर करने की बात लिख रहे है। वो पठान है तो हम भी बर्रू कट भोपाली, देख लेंगे सबको लेकिन अभी में मर्यादा में हूं वो भी मर्यादा में रहे तो ठीक है।
दरअसल हिंदू नेता चंद्रशेखर तिवारी और भानू हिंदू को धमकी मिली है। उनकों संरक्षण मिलना चाहिए पुलिस कमिश्नर ने भी आश्वासन दिया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कहा- नारी शक्ति वंदन अधिनियम आ रहा है 16-17-18 अप्रैल में लोकसभा सत्र चलेगा और चर्चा होगी, मंथन होगा। लोकसभा की सीट बढ़ेगी और राज्यों के विधान सभा की सीट बढ़ेगी। महिलाओं को सम्मान देने का काम नरेंद्र मोदी की सरकार कर रही हैं। सबका साथ सबका विकास हमारी सरकार कर रही है।नारी शक्ति वंदन अधिनियम से ही जनगणना होगी, परिसीमन होगा और महिलाओं को सम्मान मिलेगा।
असम चुनाव पर कहा – डेढ़ महीने से वहां पार्टी के काम में जुटा हुआ था। असम के लोगों का जो प्रेम देखा, वहां की योजना देखी उससे सब लोग खुश है। मुझे पूरा विश्वास है हेमंत विश्वा शर्मा की सरकार फिर बनने वाली है। वायरल गर्ल मोनालिसा मामले पर कहा- लव जिहाद का मामला लैंड जिहाद का मामला छोटा मोटा नहीं है। ये योजनाबद्ध तरीके से चलता है। कई जगह तो लव जिहाद के इंस्टीट्यूट्स चल रहे है जहां बताया जाता कैसे हिंदू बेटियों को फंसाना है। जाति के आधार पर रेट तक फिक्स है। केरल में जो मामला सामने आया जिसमें परिजन ने बताया वो नाबालिग है। प्रशासन ने मामला दर्ज किया है। प्रशासन अपना काम करेगा और अब किसी को नहीं छोड़ा जाएगा।

इंदौर/ महाकुंभ से सुर्खियों में आई मध्य प्रदेश की तथाकथित ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा अब गंभीर कानूनी विवादों में घिर गई है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच रिपोर्ट ने पूरे मामले में सनसनी फैला दी है। रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मोनालिसा विवाह के समय नाबालिग थी, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम पर सवालों का तूफान खड़ा हो गया है।
आयोग की जांच के मुताबिक, पारधी जनजाति से जुड़ी मोनालिसा की उम्र शादी के वक्त 18 वर्ष से कम थी। यह विवाह 11 मार्च 2026 को केरल में संपन्न हुआ था। शिकायतकर्ता अधिवक्ता प्रथम दुबे द्वारा 17 मार्च 2026 को आयोग में याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद गठित जांच दल ने केरल से लेकर महेश्वर तक दस्तावेजों की गहन पड़ताल की।
जांच में सबसे बड़ा खुलासा महेश्वर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रिकॉर्ड से हुआ, जहां मोनालिसा की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज पाई गई। इस आधार पर शादी के समय उसकी उम्र करीब 16 वर्ष बैठती है। इतना ही नहीं, केरल में विवाह पंजीयन के दौरान प्रस्तुत जन्म प्रमाण पत्र में अलग जन्मतिथि दर्ज होने का मामला भी सामने आया है। जांच टीम ने इसे गंभीर गड़बड़ी मानते हुए संबंधित दस्तावेजों को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू करने की सिफारिश की है।
आयोग की सख्त अनुशंसा के बाद महेश्वर थाने में अपहरण समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में पति फरमान खान पर कानून का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और पूरे नेटवर्क की परतें खंगालने में जुटी है। इंदौर रेंज के आईजी अनुराग ने पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।
इस पूरे विवाद ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। शादी के आयोजन और संरक्षण को लेकर कुछ संगठनों और नेताओं की भूमिका पर भी उंगलियां उठ रही हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल, आयोग और पुलिस की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन इस खुलासे ने यह साफ कर दिया है कि ‘वायरल’ चमक के पीछे एक बड़ा कानूनी और सामाजिक सवाल छिपा हुआ था, जो अब पूरे सिस्टम के सामने खड़ा है।
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बोरवेल में जिंदगी से जंग- मासूम 75 फीट गहरे खुले बोरवेल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा
उज्जैन। उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र के झालरिया गांव में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां दो साल का मासूम भागीरथ देवासी पिछले कई घंटों से 75 फीट गहरे खुले बोरवेल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। मासूम की हर सांस अब रेस्क्यू टीम के संघर्ष पर टिकी है, जबकि घटनास्थल पर अफरा-तफरी और बेचैनी का माहौल बना हुआ है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी NDRF और SDRF की संयुक्त टीम लगातार बच्चे तक पहुंचने की जद्दोजहद कर रही है। SDRF के कमांडेंट संतोष जाट ने बताया कि बच्चे की सटीक लोकेशन 75 फीट की गहराई पर ट्रेस की गई है और उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। टीम अब बच्चे के हाथों में रस्सी की रिंग पहनाकर उसे ऊपर खींचने की रणनीति पर काम कर रही है।
रेस्क्यू के लिए पांच पोकलेन मशीनों से समानांतर सुरंग खोदी जा रही है, लेकिन 40 फीट खुदाई के बाद कठोर चट्टानों ने रास्ता रोक दिया। हालात इतने जटिल हो गए कि खुदाई का काम रोकना पड़ा। अब चट्टानों को तोड़ने के लिए हैमर मशीन मंगाई गई है, जिससे ऑपरेशन और ज्यादा संवेदनशील और जोखिम भरा हो गया है। बताया जा रहा है कि बोरवेल करीब 200 फीट गहरा है और उसमें पानी भी मौजूद है, जिससे खतरा और बढ़ गया है। कैमरे के जरिए लगातार बच्चे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और उसे ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया जा रहा है ताकि उसकी सांसें बनी रहें।
यह दर्दनाक हादसा गुरुवार शाम करीब साढ़े 7 बजे हुआ। भागीरथ के पिता प्रवीण देवासी राजस्थान के पाली जिले के रहने वाले हैं और परिवार पिछले तीन दिनों से इलाके में भेड़ चराने के लिए रुका हुआ था। परिजनों के मुताबिक, मासूम घर के पास खेल रहा था। खेल-खेल में उसने पत्थर से बोरवेल का ढक्कन हटाया और बाल्टी समझकर पैर अंदर डाल दिया। देखते ही देखते वह सीधे गहराई में समा गया। मां ने उसे गिरते देखा और बचाने के लिए दौड़ी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घटनास्थल पर दो एंबुलेंस तैनात हैं और प्रशासन का पूरा अमला अलर्ट मोड पर है। भोपाल से पहुंची NDRF टीम के साथ इंदौर, उज्जैन और हरदा की SDRF टीमें लगातार रेस्क्यू में जुटी हैं। हर गुजरता पल मासूम की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है, वहीं परिजनों की आंखें उम्मीद और डर के बीच झूल रही हैं। पूरे इलाके की निगाहें अब इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं—कि कब मासूम भागीरथ मौत के कुएं से बाहर निकलेगा।
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इंदौर क्राइम ब्रांच के ASI और सिपाही को ATS ने पकड़ा- CDR बेचने का शक!
इंदौर। शहर की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने बड़ी कार्रवाई की है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) बेचने के शक में क्राइम ब्रांच के एक एएसआई और एक सिपाही को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, ATS को एक डिटेक्टिव एजेंसी के संचालक की कॉल डिटेल की जांच के दौरान इन पुलिसकर्मियों के नंबर संदिग्ध रूप से जुड़े मिले। इसके बाद ATS इंदौर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए पुलिसकर्मियों में एएसआई राम और सिपाही रविंद्र शामिल हैं। दोनों से ATS मुख्यालय में लगातार पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि रविंद्र क्राइम ब्रांच में निरीक्षक विष्णु वास्कले के अधीन कार्यरत था।
सूत्रों के अनुसार, एएसआई राम एक धोखाधड़ी के मामले में सिपाही कन्हैया के साथ महाराष्ट्र जा रहे थे, तभी ATS ने उनकी टावर लोकेशन ट्रेस कर कार्रवाई की। वहीं सिपाही रविंद्र को गुरुवार सुबह उसके घर से हिरासत में लिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि डिटेक्टिव एजेंसी के संचालक मुकेश तोमर से इन पुलिसकर्मियों का सीधा संपर्क था। आशंका जताई जा रही है कि खुफिया जानकारी जुटाने की आड़ में आम लोगों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) मोटी रकम लेकर बेची जा रही थी। इस मामले ने पुलिस विभाग के भीतर ही डेटा सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ATS फिलहाल पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

प्रमुख समाचार

नई दिल्ली। राजधानी में करीब दो महीने से चल रही एक लंबी और हाई–टेक तलाश के बाद पुलिस ने कथित ‘ड्रग क्वीन’ को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई को कई स्तरों पर की गई निगरानी और लगातार छापेमारी के बाद बड़ी सफलता माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला कई हफ्तों तक पुलिस की पकड़ से बचती रही और लगातार लोकेशन बदलती रही। इस दौरान पुलिस ने लगभग 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और करीब 100 मोबाइल नंबरों की ट्रैकिंग की मदद से उसकी गतिविधियों पर...

मध्य प्रदेश

मुरैना। मुरैना एसपी बंगले पर तैनात एक आरक्षक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर शोषण और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में आरक्षक खुद को बीमार बताते हुए, रोते हुए इलाज के लिए छुट्टी की मांग कर रहा है। रोते हुए आरक्षक कह रहा है, कि वीडियो डालने के बाद मुझे नौकरी से भी निकाला जा सकता है।आरक्षक रूपसिंह रावत ने गुुरुवार की देर रात अपने फेसबुक अकाउंट पर वीडियो शेयर किया है, जो बहुत तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वह कह रहा है...

अपराध

बुधनी। बुधनी के भैरूंदा में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची बिजली कंपनी की टीम के साथ मारपीट और तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि वार्ड के कुछ लोगों को उकसाकर 13 स्मार्ट मीटरों में आग लगा दी गई। घटना के बाद बिजली कंपनी के अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने भाजपा पार्षद प्रतिनिधि के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत मैसर्स अपरवा कंपनी के कर्मचारी भैरूंदा की...
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गुना सिटी

गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) गुना फतेहगढ थाना पुलिस द्वारा एक विवाहिता से दुष्‍कर्म के गंभीर मामले में आरोपी को महज 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया है ।फतेहगढ थाने में 35 वर्षीय एक विवाहिता द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि आरोपी गोविंद अहिरवार पुत्र रामभरोसा अहिरवार निवासी ग्राम भिंडरा पिछले लगभग दो वर्षों से उसके साथ जबरदस्ती गलत काम (बलात्कार) करता रहा तथा उसे जान से मारने एवं बदनाम करने की धमकी देता था । आरोपी द्वारा कई बार उसके घर एवं अन्य स्थानों पर भी जबरन...

फोटो गैलरी

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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