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सतना। शहर के जवाहर नगर स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर से देर रात तीन नाबालिग खिड़की तोड़कर फरार हो गई। जिसकी जानकारी सुबह सामने आई। नाबालिगों के फरार होने की सूचना मिलने के बाद केंद्र में हड़कंप मच गया। मामले की शिकायत सिटी कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई है, पुलिस ने बालिकाओं की तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार तीनों नाबालिगों को बाल कल्याण समिति के आदेश पर वन स्टॉप सेंटर में अस्थायी आश्रय दिया गया था। इनमें से एक बालिका उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली है, जबकि अन्य दो सतना जिले के पौराणिक टोला और रामपुर बघेलान क्षेत्र की निवासी हैं।
बताया जा रहा है कि बालिकाएं जिस डोरमेट्री में रह रही थीं, उस कमरे की खिड़की को तोड़कर एक-एक कर बाहर निकलीं और परिसर से फरार हो गई। वन स्टॉप सेंटर में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के साथ मुख्य द्वार पर चौकीदार की तैनाती भी रहती है, लेकिन जिस दिशा से बालिकाएं भागीं, वहां पीछे की ओर सीएम राइज स्कूल का मैदान स्थित है। आशंका जताई जा रही है कि तीनों उसी रास्ते से भागने में सफल हुई हैं।
घटना की सूचना मिलते ही वन स्टॉप सेंटर की अधीक्षिका नीता श्रीवास्तव ने पुलिस को मामले से अवगत कराया। सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर विभिन्न टीमों का गठन किया है। पुलिस टीमें रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित संभावित स्थानों पर बालिकाओं की तलाश कर रही हैं। इसके अलावा स्मार्ट सिटी और रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। बालिकाओं के परिजनों और परिचितों से संपर्क कर संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है।
गौरतलब है कि तीनों बालिकाओं के घर से भागने के मामलें में पुलिस ने खोज कर वन स्टॉप सेंटर में रखा था। फिलहाल पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और जल्द ही बालिकाओं को सुरक्षित खोजने के प्रयास में जुटी हुई है।

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नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, स्मोकिंग रोल पेपर बेचने पर पहली FIR दर्ज
भोपाल। राजधानी में युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। इसी कड़ी में रातीबड़ थाना पुलिस ने नीलबड़ क्षेत्र में एक पान गुमठी संचालक के विरुद्ध स्मोकिंग रोल पेपर बेचने पर मामला दर्ज किया है। शासन द्वारा इस पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भोपाल में यह अपनी तरह की पहली दंडात्मक कार्रवाई है।
रातीबड़ थाना प्रभारी रासबिहारी के अनुसार, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नीलबड़ स्थित एक पान गुमठी पर प्रतिबंधित स्मोकिंग रोल पेपर धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। सूचना की तस्दीक करने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की। जांच के दौरान गुमठी संचालक रवि कुमार के पास से स्मोकिंग रोल पेपर बरामद हुए, जिन्हें तत्काल जब्त कर लिया गया।
आरोपित के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। इस मामले पर भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने स्पष्ट किया कि स्मोकिंग रोल पेपर का उपयोग मुख्य रूप से मादक पदार्थों के सेवन के लिए किया जाता है, इसके अलावा इसका अन्य कोई वैकल्पिक उपयोग नहीं है। युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य को ध्यान में रखते हुए ही इसे प्रतिबंधित किया गया है।
कमिश्नर ने चेतावनी दी है कि शहर में पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टियां लगातार सक्रिय हैं और संदिग्ध दुकानों की निगरानी कर रही हैं। यदि कोई भी दुकानदार प्रतिबंधित सामग्री का भंडारण या विक्रय करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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दरोगा के भतीजे की दबंगई: घर में घुसकर की ये हरकत, CCTV वीडियो आया सामने
ग्वालियर। माधौगंज इलाके में तब दहशत का माहौल बन गया जब दारोगा के भतीजे और उसके कुछ साथियों ने जमकर हंगामा किया और गोलियां चलाई। इतना ही नहीं बदमाशों ने घर में घुसकर मारपीट की और दूसरे पक्ष को धमकाने की कोशिश की। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है जिसमें आरोपी और उसके साथी गोली चलाकर भागते हुए दिखाई दे रहे हैं।
घटना माधौगंज थाना क्षेत्र की है। जहां अरुण पांडे और उनके पड़ोसी धर्मेंद्र चौहान के बीच पुराना विवाद था। जिसे लेकर बीते दिन एक बार फिर दोनों के बीच नोक-झोक हो गई। जिसके बाद धर्मेंद्र ने अपने रिश्तेदार पप्पू राजावत और उसके साथियों को घर बुला लिया। पप्पू ने अरुण को समझाने का प्रयास किया तो अरुण ने भी अपने रिश्तेदार कैंडी तिवारी को घर बुला लिया।
मौके पर पहुंचे कैंडी तिवारी और उसके साथियों ने दूसरे पक्ष पर धावा बोल दिया। जब दोनों पक्षों में हाथापाई शुरू हुई तो कैंडी का गुट कमजोर पड़ने लगा और उसके साथियों ने फायरिंग कर दूसरे पक्ष को डराना चाहा। लेकिन पप्पू और उसके साथी बदमाशों पर हावी हो गए। सामने वाले पक्ष को भारी पड़ता देख कैंडी तिवारी वहां से भागने लगे। बताया जा रहा है कि कैंडी तिवारी दरोगा का भतीजा है और उस पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पड़ोस में लगे CCTV में रिकॉर्ड हुई है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बदमाश मौके से भागते हुए गोलियां चला रहे हैं। पुलिस ने फरियादी पप्पू राजावत की शिकायत और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

इंदौर में एक दिल दहला देने वाली घटना में 6 माह के मासूम की जान उस वक्त खतरे में पड़ गई, जब खेलते-खेलते उसने स्टील का करीब डेढ़ इंच का ढक्कन मुंह में डाल लिया और वह सीधे गले में फंस गया। सांस रुकने जैसी स्थिति बनते ही घर में हड़कंप मच गया, लेकिन डॉक्टरों की फुर्ती और कुशलता ने इस मासूम को नई जिंदगी दे दी।
जानकारी के मुताबिक, इंदौर निवासी तनिष्क अहिरवार रविवार को घर पर खेल रहा था। इसी दौरान उसने एक छोटा स्टील का ढक्कन मुंह में डाल लिया, जो अचानक उसके गले में अटक गया। ढक्कन फंसते ही बच्चे को सांस लेने में गंभीर दिक्कत होने लगी और उसकी हालत बिगड़ने लगी। घबराए परिजन बिना देर किए उसे शहर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को भांप लिया। जांच में सामने आया कि ढक्कन बच्चे के श्वास मार्ग को बाधित कर रहा है और कुछ ही मिनटों की देरी जानलेवा साबित हो सकती थी। ऐसे में तुरंत इमरजेंसी प्रक्रिया शुरू की गई।
इस जटिल और संवेदनशील प्रक्रिया का नेतृत्व एनेस्थेटिस्ट डॉ. यश मेहता और मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. सर्वप्रिया शर्मा ने किया। उनके साथ डॉ. राजेश वाधवानी और नर्सिंग स्टाफ की टीम ने बेहतरीन समन्वय के साथ सावधानीपूर्वक ढक्कन को बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि बिना सर्जरी के ही बच्चे की जान बचा ली गई। सफल प्रक्रिया के बाद बच्चे को निगरानी में रखा गया, जहां कुछ ही समय में उसकी सांस सामान्य हो गई और स्वास्थ्य में तेजी से सुधार देखा गया। डॉक्टरों के अनुसार अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है। परिजनों ने भावुक होकर डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ का आभार जताया।
डॉक्टरों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सतर्कता बेहद जरूरी है। घर में रखे छोटे और ढीले सामान बच्चों की पहुंच से दूर रखें, क्योंकि वे इन्हें आसानी से मुंह में डाल सकते हैं। ढीले पार्ट्स वाले खिलौनों से बचें और बैटरी व मैग्नेट जैसी खतरनाक वस्तुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें। किसी भी आपात स्थिति में देरी किए बिना तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचना बच्चे की जान बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है।
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ओबीसी आरक्षण पर अब 13, 14, 15 मई को होगी सुनवाई, जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई टली
जबलपुर. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में ओबीसी आरक्षण पर फैसले की उम्मीद लगाए पक्षों को बड़ा झटका लगा है. आरक्षण पर फाइनल सुनवाई फिलहाल टाल दी गई है. साथ ही फाइनल हियरिंग के लिए नई तारीखों का भी ऐलान किया गया है. मामले पर अब 13, 14 और 15 मई से हाईकोर्ट में सुनवाई होगी.
सुप्रीम कोर्ट की याचिकाओं का रिकॉर्ड पेश नहीं होने के कारण यह सुनवाई टल गई. आज हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से रिकॉर्ड ट्रांसफर कराने के निर्देश दिए हैं. सुनवाई दस्तावेज अपलोड होने के बाद ही शुरू होगी. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट से ट्रांसफर हुई चार लंबित याचिकाओं की अब तक लिस्टिंग नहीं की गई थी.
ओबीसी आरक्षण की सुनवाई 27, 28 और 29 अप्रैल को लगातार होनी थी, लेकिन दूसरे दिन ही तकनीकी कमी के चलते यह टल गई. 28 अप्रैल, मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फिर से तीन नई तारीखें तय की हैं. सीनियर एडवोकेट रामेश्वर सिंह ठाकुर का कहना है कि जनवरी 2025 में जब हाईकोर्ट ने ओबीसी प्रकरणों की सुनवाई शुरू करनी चाही, तो सरकार ने सभी प्रकरण सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर करा दिए.
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कराने के लिए दो अधिवक्ता पी. विलशन और शशांक रतनू को नियुक्त किया गया. जब इन अधिवक्ताओं ने सरकार से रिकॉर्ड तलब किया और सुनवाई के लिए ओआईसी से शपथ पत्र मांगा, तो दोनों अधिवक्ताओं को हटा दिया गया.
सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि मध्य प्रदेश सरकार ने छत्तीसगढ़ के मामलों का हवाला देकर प्रकरणों को हाईकोर्ट, जबलपुर से गलत तरीके से ट्रांसफर कराया था. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने 19 फरवरी 2026 और 20 मार्च 2026 को आदेश पारित करते हुए सभी मामलों को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को वापस भेज दिया. साथ ही अनुरोध किया कि एक विशेष बेंच गठित कर इन मामलों का निराकरण 3 महीने की अवधि के भीतर किया जाए.
27 अप्रैल 2026 की सुनवाई में हाईकोर्ट ने सभी पक्षों से बहस के लिए आवश्यक समय की जानकारी मांगी थी. इस दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने अपना-अपना समय बताया. वहीं, हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता से भी पूछा कि सरकार की ओर से कौन पक्ष रखेगा. इस पर महाधिवक्ता ने एक दिन का समय लिया था. 28 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने हाईकोर्ट में जीएडी का 27 अप्रैल 2026 का आदेश प्रस्तुत किया.
इसमें बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज सरकार की ओर से पक्ष रखेंगे. ओबीसी वर्ग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, विनायक प्रसाद शाह, वरुण ठाकुर, शशांक रतनू, पुष्पेंद्र शाह, अखिलेश प्रजापति, उदय कुमार साहू, रमेश प्रजापति और परमानंद साहू उपस्थित रहे.
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‘तुम सब मरोगे’, धमकी भरे मैसेज से यूनिवर्सिटी में सनसनी, मेन गेट पर मिला संदिग्ध सामानउज्जैन। सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय स्थित कृषि अध्ययनशाला की नई बिल्डिंग में अज्ञात शरारती तत्वों की हरकत सामने आई है। करीब 17 करोड़ की लागत से तैयार इस इमारत के मुख्य द्वार पर धमकी भरे शब्द लिखे मिले, जिससे परिसर में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, बिल्डिंग के गेट पर लाल रंग से “तुम सब मरोगे” लिखा गया था। इसके साथ ही गेट के पास मटकी, लाल कपड़ा और अन्य सामान भी रखी मिली, जिसे देखकर तंत्र क्रिया जैसी आशंका जताई जा रही है
घटना का पता चलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया और मौके से सामान हटाकर दीवार पर लिखे शब्दों को मिटा दिया गया। विभागाध्यक्ष ने इसे असामाजिक तत्वों की करतूत बताते हुए मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी है।
इस घटना के बाद अध्ययनशाला में पढ़ने वाले करीब 1100 छात्रों और स्टाफ के बीच डर का माहौल बन गया है। खास बात यह है कि हाल ही में इस नई बिल्डिंग में कक्षाओं का संचालन शुरू हुआ है।
वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि परिसर के इस हिस्से में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगा है।

तुर्की से गिरफ्तार किया गया ड्रग डॉन और दाऊद इब्राहिम का राइट हैंड सलीम डोला को भारत लाया गया है। सलीम को हाल ही में तुर्की के इस्तांबुल में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसे दिल्ली टेक्निकल एयरपोर्ट पर डिपोर्ट किया गया है। खुफिया विभाग के एक ऑपरेशन के बाद इंटरनेशनल एजेंसियों के साथ मिलकर सलीम डोला को भारत डिपोर्ट कराया गया है।
बताया गया कि आज सुबह एक विशेष विमान से सलीम डोला को दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया। इस वक्त सलीम डोला से खुफिया एजेंसियों द्वारा पूछताछ की जा रही है। इसके बाद समीम डोला को मुंबई पुलिस को हैंडओवर कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि डोला ‘D Company’ की ओर से भारत में एक बड़ा ड्रग नेटवर्क चला रहा था।
डोंगरी का रहने वाला डोला, जो करीब एक दशक पहले भारत से फरार हो गया था, विदेश में बैठकर अपने आपराधिक नेटवर्क को संचालित कर रहा था। वह कई राज्यों में फैले नशीले पदार्थों के बड़े नेटवर्क को कंट्रोल करता था। भारतीय एजेंसियों ने उसके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस एक्ट (NDPS Act) के तहत प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू की थी, जिसके बाद आज उसे भारत वापस लाया गया है।
साल 2024 में डोला का नाम तब सुर्खियों में आया, जब मुंबई क्राइम ब्रांच ने 4 किलोग्राम MD ड्रग्स की बड़ी जब्ती के मामले की जांच की। जांच में खुलासा हुआ कि यह सप्लाई चेन सांगली और सूरत से शुरू होकर UAE और तुर्की तक फैली हुई थी। इन अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन्स को डोला अपने सहयोगियों के जरिए विदेश से ही संचालित करता था।
दरअसल, पिछले साल एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके बेटे ताहिर और भतीजे मुस्तफा मोहम्मद कुब्बावाला को इंटरपोल की मदद से UAE से डिपोर्ट कराया था। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से डोला के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा और उसकी गतिविधियां कमजोर पड़ गईं।
डोला नारकोटिक्स एजेंसियों के लिए कोई नया नाम नहीं है। उसे पहली बार 1998 में मुंबई एयरपोर्ट पर 40 किलोग्राम मैंड्रेक्स के साथ गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, कुख्यात अपराधी सलीम मिर्ची के बाद डोला ने ‘डी-कंपनी’ के लिए ड्रग्स से जुड़े ऑपरेशन्स की जिम्मेदारी संभाली थी।
डोला की भारत वापसी को एजेंसियां एक बड़ी सफलता मान रही हैं। माना जा रहा है कि उससे पूछताछ के जरिए अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क, सप्लाई चेन और उसके सहयोगियों के बारे में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘@narcoticsbureau ने आज तुर्की से कुख्यात ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को वापस लाने में एक बड़ी सफलता हासिल की है। ड्रग कार्टेल को पूरी तरह से खत्म करने के मोदी सरकार के मिशन के तहत, हमारी नार्कोटिक्स विरोधी एजेंसियों ने वैश्विक एजेंसियों के एक मजबूत नेटवर्क के जरिए सीमाओं के पार भी अपनी पकड़ बना ली है। अब वे कहीं भी छिप जाएं, ड्रग सरगनाओं के लिए कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है।
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गुजरात निकाय चुनाव: बीजेपी को बड़ी सफलता, सभी 15 नगर निगमों में बहुमत की ओर, अन्य पार्टियों का ये रहा हाल
अहमदाबाद. गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों के परिणाम सामने आने लगे हैं, और शुरुआती रुझानों के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक बार फिर राज्य में अपना भगवा परचम लहराती दिख रही है. सभी 15 नगर निगमों में भाजपा बहुमत की ओर अग्रसर है, जो राज्य की शहरी राजनीति में पार्टी की मजबूत पकड़ को दर्शाता है. इन चुनावों में असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, खासकर भुज में तीन सीटों पर जीत हासिल कर सबको चौंका दिया है.
राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने अधिकांश नगर निगमों में निर्णायक बढ़त बना ली है. यह प्रदर्शन पार्टी के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब विभिन्न राजनीतिक दल राज्य में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं. भाजपा के नेताओं ने इस जीत को राज्य सरकार की नीतियों और विकास कार्यों पर जनता के विश्वास का परिणाम बताया है. पार्टी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है और विभिन्न शहरों में विजय जुलूस निकाले जा रहे हैं.
इन चुनावों का एक और महत्वपूर्ण पहलू असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम का प्रदर्शन रहा है. भुज नगर निगम में एआईएमआईएम ने तीन सीटों पर जीत हासिल की है, जो गुजरात में पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण शुरुआत मानी जा रही है. यह पहली बार है जब एआईएमआईएम ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में इतनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम राज्य की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे सकता है, खासकर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में.
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) जैसे अन्य प्रमुख दलों ने भी इन चुनावों में अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन वे भाजपा के मजबूत गढ़ को भेदने में असफल रहे हैं. हालांकि, कुछ स्थानों पर उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जो उनके लिए भविष्य की रणनीति बनाने में सहायक हो सकती है. इन परिणामों से स्पष्ट होता है कि गुजरात की शहरी जनता का विश्वास अभी भी भाजपा में बरकरार है, जबकि एआईएमआईएम जैसी नई पार्टियों के लिए भी राज्य में संभावनाएं खुल रही हैं. आने वाले समय में इन परिणामों का राज्य की समग्र राजनीतिक तस्वीर पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा.
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एमपी का फेमस राजा हत्याकांड में सोनम रघुवंशी को मिली जमानत, शिलॉन्ग जेल में है बंद
इंदौर. पूरे देश के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिल गई है. सोनम को सेशन कोर्ट से जमानत मिली है. राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने सोनम की जमानत की पुष्टि की है.
राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन रघुवंशी लगातार कह रहे थे कि केस को कमजोर किया जा रहा है. इसके पीछे कोई और भी व्यक्ति हो सकता है. क्या प्रेम प्रसंग की वजह से ही हत्या हुई या फिर व्यापार की कोई रंजिश इसकी वजह थी.
राजा रघुवंशी के बड़े भाई के मुताबिक अब वे हाईकोर्ट में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं ताकि उनके भाई को न्याय मिल सके. राजा रघुवंशी, इंदौर के एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी थे. उनकी शादी 11 मई 2025 को सोनम रघुवंशी से हुई थी. शादी के कुछ ही दिन बाद, 21 मई को दोनों हनीमून मनाने मेघालय के शिलॉन्ग गए थे.
23 मई को दोनों अचानक लापता हो गए. करीब 10 दिन बाद पुलिस ने एक 30 फीट गहरी खाई से राजा का क्षत-विक्षत शव बरामद किया. शव पर धारदार हथियार से कई वार के निशान मिले थे. उस समय सोनम लापता थी, जिससे शक और गहरा गया. बाद में सोनम ने उत्तर प्रदेश में पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. पूछताछ में पुलिस ने आकाश, आनंद और विशाल नाम के आरोपियों को भी गिरफ्तार किया.
जांच में सामने आया कि सोनम के राज कुशवाहा से कथित प्रेम संबंध थे, हालांकि परिवार ने इस दावे से इनकार किया था. पुलिस के अनुसार, सोनम ने राजा को घूमने के बहाने एक सुनसान जगह पर ले जाकर हत्या की साजिश रची. पीछे-पीछे अन्य आरोपी भी पहुंचे और धारदार हथियार से हमला कर राजा की हत्या कर दी. घटना के बाद सोनम वहां से फरार हो गई थी. फिलहाल सोनम, राज कुशवाहा समेत सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं. अब कोर्ट से जमानत मिलने के बाद इस मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं.

ग्वालियर। शहर में आधी रात लूट की दो वारदातों ने कानून-व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। महज 17 मिनट के भीतर बहोड़ापुर और किलागेट के बीच महज तीन किलोमीटर के दायरे में बारातों में ही बाइक सवार बदमाशों ने लूट को अंजाम देकर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली। पहली वारदात रात 12.02 बजे राजवाड़ा पैलेस के बाहर हुई। यहां दूल्हे के चाचा से बारात से थोड़े ही आगे बैग लूट लिया। इसमें रुपये और बेंदा था। इसके बाद बहोड़ापुर में पटेल बारात घर के बाहर दूसरी बारात में दूल्हे के पिता को निशाना बना डाला। दूल्हे के पिता से 95 हजार रुपये की लूट की है।
दोनों ही वारदातों में एक ही गैंग के बदमाश हैं। काले रंग की पल्सर पर सवार बदमाशों ने ही लूट की है। दोनों ही घटनाएं सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं, लेकिन पुलिस आरोपितों तक पहुंचने में अभी सफल नहीं हो सकी है। लुटेरों की पहचान के प्रयास चल रहे हैं। बहोड़ापुर, ग्वालियर और क्राइम ब्रांच थाने की टीमें आरोपितों की तलाश में लगी हैं। रात 12.02 बजे राजवाड़ा पैलेस के पास पहली वारदात हुई। हनुमान नगर निवासी कामता प्रसाद श्रीवास के भतीजे की शादी राजवाड़ा पैलेस से थी। कामता प्रसाद बारात से थोड़े आगे चल रहे थे। उन्होंने बताया कि पहले सामने से बाइक सवार बदमाश आए और पीछे की तरफ गए। यही बदमाश लौटकर आए और पीछे से बैग पर झपट्टा मारकर लूट लिया। बैग छीनने के झटके से कामता प्रसाद सड़क पर गिर पड़े और जब तक शोर मचाया, लुटेरे भाग चुके थे।
ठीक 17 मिनट बाद रात 12.19 बजे बहोड़ापुर स्थित पटेल बारात घर के पास दूसरी वारदात हुई। रामनगर लूटपुरा के रहने वाले जोगेंद्र सिंह तोमर के बेटे की शादी थी। जोगेंद्र तोमर पटेल बारात घर के बाहर ही बैंड वालों का हिसाब कर रहे थे। उनके पास मौजूद बैग में 95 हजार रुपये, सोने का बेंदा, बैंड, साउंड सिस्टम और हलवाई के बिल थे। इसी दौरान काले रंग की बाइक पर सवार होकर दो बदमाश आए, उनके बैग पर झपट्टा मारा और लूट ले गए। वहां कई लोग मौजूद थे, लेकिन जब तक भीड़ इकट्ठा हुई, लुटेरे ओझल हो चुके थे। बहोड़ापुर थाना पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है।
दिन में भीषण गर्मी पड़ रही है, जिसके कारण दिन में भीड़ कम रहती है और शाम से लेकर रात तक बाजारों व शादी समारोहों में भारी भीड़ रहती है। ऐसे में अब रात में लुटेरे सक्रिय हो गए हैं। रात में सुरक्षा व्यवस्था ही अब पुलिस के लिए चुनौती है। इस समय पुलिस सड़कों से गायब रहती है। 15 मई तक सहालग (शादियों का सीजन) है। दिन की जगह शाम से रात तक बाजार और मैरिज गार्डनों तथा बारातों में सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

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इंदौर में ACP के पति लापता: विवाद के बाद सरकारी गाड़ी लेकर घर से निकले, राजस्थान तक पहुंची पुलिस
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में पदस्थ एक महिला ACP के पति के अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। जिससे पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद वह सरकारी गाड़ी लेकर घर से निकल गए थे। वहीं राजस्थान के कोटा में पति के होने की खबर मिली है। जिसके बाद इंदौर पुलिस राजस्थान के लिए रवाना हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, रविवार-सोमवार की दरमियानी रात घर में विवाद के बाद वे सरकारी वाहन लेकर निकल गए और उसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका। महिला अधिकारी ने अनहोनी की आशंका जताते हुए आजाद नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत तलाश शुरू कर दी।
शुरुआती जांच में उनकी लोकेशन कोटा के डूंगर-बड़ोद क्षेत्र में ट्रेस होने की बात सामने आई है। जहां एसीपी के पति सही सलामत मिले है। इसके बाद इंदौर पुलिस की टीमों को राजस्थान रवाना किया गया है। सूत्रों के अनुसार, मामले की जानकारी फिलहाल सीमित स्तर पर ही रखी गई है और वरिष्ठ अधिकारियों को औपचारिक रूप से पूरी डिटेल साझा नहीं की गई है।
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15 तोला सोना… 25 लाख कैश, एमपी में परिवार ने इतना दहेज लौटाकर पेश की मिसाल
बड़नगर। आज के दौर में जहाँ शादियां ‘लेन-देन’ का जरिया बनती जा रही हैं तो वहीं मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के ग्राम बंगरेड से एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जो समाज के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गया है। इस प्रतिष्ठित परिवार ने दहेज की भारी-भरकम राशि और सोना ससम्मान लौटाकर मानवता का परिचय दिया है।
दरअसल 26 अप्रैल को ठाकुर कमलसिंह राजावत के पौत्र और जितेंद्र सिंह राजावत के पुत्र आदर्शदीप सिंह की सगाई का कार्यक्रम था। वधु पक्ष ने अपने सामर्थ्य के अनुसार सगाई में 25 लाख रुपये नकद और 15 तोला सोना भेंट किया। लेकिन जैसे ही यह उपहार वर पक्ष के सामने आए, राजावत परिवार ने जो किया उसने सबका दिल जीत लिया। दूल्हे के पिता ने कहा ‘विवाह कोई आर्थिक सौदा नहीं है। हमें बहू के रूप मे लक्ष्मी स्वरूप बेटी चाहिए, न कि दहेज का धन।’
जितेंद्र सिंह राजावत, जो क्षत्रिय महासभा (राजपूत समाज) के जिलाध्यक्ष भी हैं, उन्होंने समाज को एक कड़ा संदेश देने के लिए नकद राशि और स्वर्ण आभूषणों को ससम्मान वधु पक्ष को वापस कर दिया। शगुन के तौर पर उन्होंने केवल एक प्रतीकात्मक अंगूठी स्वीकार की।
ऐसा पहली बार नही हुआ है जब जितेंद्र सिंह राजावत ने समाज के लिए कुछ अनूठा किया हो। उनका इतिहास ऐसे कई उदाहरणों से भरा पड़ा है। जितेंद्र सिंह राजावत ने पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करते हुए 2015 से अब तक हजारों पौधों का रोपण किया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना को चरितार्थ करते हुए उन्होंने कई असहाय बेटियों को गोद लिया है, जिनकी शिक्षा से लेकर विवाह तक का खर्च वे खुद उठाते हैं। वहीं समाज के क्षेत्र में कार्य करते हुए एक दर्जन से अधिक मुक्तिधामों का सौंदर्यीकरण करवाकर उन्होंने सेवा की नई परिभाषा लिखी है।
इस अनोखी सगाई की चर्चा सोशल मीडिया पर खूब हो रही है। लोग इस परिवार की सोच को सलाम कर रहे हैं। इस पहल ने साबित कर दिया है कि अगर समाज का नेतृत्व करने वाले लोग खुद सुधार की शुरुआत करें तो कुरीतियां खत्म होने में देर नहीं लगेगी।

मध्य प्रदेश में लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने के मामले सामने आ रहे है। इन मामलों ने फिर इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए है। ताजा मामला, कटनी जिले से सामने आया है। यहां सड़क पर चलती इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक धमाके हुआ और फिर आग लग गई। घटना में 2 छात्राएं बाल-बाल बच गई।
दरअसल, कटनी शहर के मिशन चौक फ्लाईओवर पर सोमवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चलती इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक आग लग गई। हादसे के समय वाहन पर सवार दो छात्राएं कॉलेज जा रही थीं। समय रहते वाहन से उतर जाने के कारण दोनों छात्राओं की जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार कैलवारा फाटक मोड़ निवासी श्रद्धा यादव अपनी बहन खुशबू यादव के साथ गर्ल्स कॉलेज जा रही थीं। दोनों छात्राएं एफआरएक्स कंपनी की इलेक्ट्रिक स्कूटी से मिशन चौक फ्लाईओवर से गुजर रही थीं। इसी दौरान फ्लाईओवर के बीचोंबीच स्कूटी से अचानक धुआं निकलने लगा।
राहगीरों ने धुआं उठता देख छात्राओं को आवाज लगाई, जिसके बाद श्रद्धा यादव ने तुरंत वाहन रोक दिया। जैसे ही दोनों छात्राएं स्कूटी से उतरीं, वाहन में तेज धमाके जैसी आवाज हुई और देखते ही देखते उसमें आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया और वाहन धू-धू कर जलने लगा।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर स्थानीय लोग जुट गए। तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक इलेक्ट्रिक वाहन पूरी तरह जलकर राख हो चुका था।
इस घटना के बाद मिशन चौक फ्लाईओवर पर करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से यातायात को धीरे-धीरे सामान्य कराया गया।
छात्रा श्रद्धा यादव ने बताया कि उन्होंने करीब छह माह पहले ही यह इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदी थी। अचानक आग लगने की घटना से परिवार भी दहशत में है। श्रद्धा के पिता सुरेंद्र यादव ने वाहन एजेंसी को भी मामले की सूचना दे दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि राहगीरों की नजर समय पर धुएं पर नहीं पड़ती तो दोनों छात्राएं गंभीर रूप से झुलस सकती थीं। घटना के बाद क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
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शादी से लौटते समय मातम: टवेरा-ट्रैक्टर भिड़ंत में 5 लोगों की मौत, 7 गंभीर
मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में हुए इस भीषण हादसे के बारे में जिसने भी सुना वो हैरान हो गया। शादी की खुशियां मातम में बदल गई। आंचलखेड़ा गांव के पास एक टवेरा और अनाज से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के बीच जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें एक ही परिवार के 5 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि 7 अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर रविवार और सोमवार की दरमियानी रात आंचलखेड़ा गांव के पास तेज रफ्तार टवेरा और अनाज से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना की आवाज और चीख-पुकार की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़कर आए। अंधेरे के बावजूद जैसे-तैसे घायलों को बाहर निकाला गया।
हादसा रात दो बजे के करीब हुआ। तेज रफ्तार टवेरा वाहन में सवार सभी लोग शादी समारोह में शामिल होने बुधनी गए थे। वहां से अपने गांव महेंद्रवाड़ी लौट रहे थे। तभी आंचलखेड़ा के सामने अनाज से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से क्रासिंग के दौरान वाहन की टक्कर हो गई। यह टक्कर इतनी भयानक थी कि टवेरा के परखच्चे उड़ गए।
टवेरा की टक्कर ट्रैक्टर ट्रॉली से होते ही घटनास्थल पर ही पांच लोगों ने दम तोड़ दिया था। जबकि टवेरा में फंसे बाकी लोगों को जैसे-तैसे बाहर निकाला गया। हादसे के तुरंत ही बाद ग्रामीणों ने सबसे पहले घायलों को बाहर निकाला। ग्रामीणों की सूचना पर तत्काल पुलिस और एंबुलेंस वाहन भी पहुंच गया था। जब सभी को अस्पताल ले जाया गया तो डाक्टरों ने पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया। घायलों का इलाज किया जा रहा है। इन घायलों की हालत भी गंभीर बताई जा रही है।
मृतकों के नाम- शुभम मोरप्पा पिता सुखराम (18), निवासी महेंद्रवाड़ी,. विनीत यादव पिता मोहन यादव (22), निवासी महेंद्रवाड़ी, साहिल यादव पिता हरगोविंद यादव (19), निवासी महेंद्रवाड़ी, हरि सिंह पिता गणेशराम यादव (57), निवासी महेंद्रवाड़ी और संतोष प्रजापति पिता मंगल सिंह प्रजापति निवासी ठाकुर मोहल्ला, माखननगर की मृत्यु हो गई।
घायलों के नाम- अमन यादव, पिता केशव प्रसाद यादव (20), विनोद उइके पिता भोलाराम उइके (22), भारत यादव पिता दामोदर यादव (23), आकाश इवने पिता मुन्नालाल इवने (25), देवांश इवने पिता राम गोपाल इवने (15), सुमित, पिता सुखराम मोरप्पा (20), निवासी ग्राम महेंद्रवाड़ी, थाना माखन नगर और राजेश धुर्वे पिता राम भरोस धुर्वे (35) निवासी ग्राम ताकू, थाना केसला निवासी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। सभी की हालत गंभीर बताई गई है।
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गर्मी का ‘अग्नि तांडव’: उमरिया में चलती कार बनी आग का गोला, निवाड़ी में मोबाइल दुकान जलकर खाक
निवाड़ी। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का सितम जारी है। बढ़ते तापमान के बीच प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आगजनी की बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। उमरिया जिले में जहां एक चलती कार धू-धू कर जल उठी, वहीं निवाड़ी में एक मोबाइल दुकान में आग लगने से भारी नुकसान हुआ है।
उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ग्राम मझौली के पास ताला रोड पर एक चलती कार अचानक आग के गोले में तब्दील हो गई।
जानकारी के मुताबिक कार सवार मानपुर से चिल्हारी की ओर जा रहे थे। रास्ते में ड्राइवर ने बोनट से धुआं उठता देखा और तुरंत गाड़ी रोक दी। जिसके बाद समय रहते कार में सवार 3 से 4 लोग तुरंत नीते उतर आए। उनके उतरते ही आग ने विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते कार पूरी तरह जलकर राख हो गई।
दूसरी घटना निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर बस स्टैंड की है, जहां स्थित बालाजी मोबाइल दुकान में देर रात भीषण आग लग गई।
आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान में रखे हजारों रुपये के मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान जलकर खाक हो गए। जानकारी के मुताबिक दुकान से धुआं निकलता देख स्थानीय लोगों ने तुरंत मोर्चा संभाला। दुकान का ताला तोड़कर पानी डालकर आग पर काबू पाया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट पाया है।

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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