


सतना के उचेहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती एक मरीज ने शराब पीने से रोकने पर डॉक्टर पर कट्टे से फायर कर दिया और फरार हो गया। घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
सतना जिले के उचेहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक भर्ती मरीज द्वारा कट्टे से फायर किए जाने की घटना से हड़कंप मच गया। कोठी रमपुरवा निवासी 23 वर्षीय शिवम द्विवेदी ने अस्पताल के मेडिकल वार्ड में बेड पर शराब पीने से रोकने पर ड्यूटी डॉक्टर दीपक पांडेय से गाली-गलौज की। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी अस्पताल परिसर के बाहर पहुंचा और कट्टे से फायर कर दिया। फायरिंग में डॉक्टर बाल-बाल बच गए और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार शिवम कमजोरी के चलते दो दिनों से अस्पताल में भर्ती था और वार्ड स्टाफ ने उसे बेड पर शराब पीते देखा। स्टाफ ने तुरंत डॉक्टर को सूचना दी और डॉक्टर ने उसे शराब पीने से मना किया। इस बात पर आरोपी भड़क गया और डॉक्टर से विवाद करने लगा। इसके बाद वह अस्पताल के बाहर पहुंचा, बाइक स्टार्ट की और कट्टे से फायर कर मौके से भाग निकला। इस घटना से अस्पताल में भर्ती मरीजों और स्टाफ में दहशत फैल गई और सभी लोग डर के माहौल में आ गए।
घटना के बाद डॉक्टर ने डायल 112 पर सूचना दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो गया। बीएमओ डॉ. ए.के. राय की शिकायत पर उचेहरा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश में जुट गई है। डॉ. ए.के. राय ने बताया कि शिवम को दो दिन पहले भर्ती किया गया था और वह बोतल चढ़वाने के बाद घर चला जाता था। शुक्रवार को भी वह रात में आया और वार्ड में बोतल चढ़वाने के बाद बेड पर बैठकर शराब पीने लगा। पुलिस अब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
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पूर्व जनपद उपाध्यक्ष का अश्लील वीडियो वायरल, भाजपा-कांग्रेस में छिड़ा वार-पलटवार
रीवा। रीवा के एक नेता के दो अश्लील वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो पूर्व जनपद उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा के बताए जा रहे हैं। वीडियो रीवा में ही शूट हुआ। वीडियो में नेता अपने कपड़े उतारते हैं, फिर एक युवती के साथ आपत्तिजनक हालत में हैं। पूरे घटनाक्रम को हनी ट्रैप से जोड़कर देखा जा रहा है। उनके साथ मौजूद युवती की उम्र काफी कम लग रही है। इस संबंध में जब पूर्व उपाध्यक्ष से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने यह कहते हुए फोन कट कर दिया कि उन्हें इस संबंध में किसी तरह की बात नहीं करनी है।
वीडियो पर चर्चा तेज होने के बाद मऊगंज के भाजपा विधायक प्रदीप पटेल ने कहा कि विनोद मिश्रा कांग्रेस नेता हैं। वहीं प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया कि नेताजी भाजपा विधायक के करीबी हैं। नेता की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस संबंध में मऊगंज एसपी दिलीप सोनी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस तरह की कोई भी रिपोर्ट या मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है, अगर इस तरह की रिपोर्ट सामने आती है तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो में नेता के साथ जो लड़की है, उसने अपनी इंस्टा आईडी से एक स्क्रीनशॉट पोस्ट शेयर किया था। इसमें उसने फनी बैकग्राउंड म्यूजिक लगाया था। यह स्क्रीनशॉट इस वीडियो से संबंधित है, जिसमें नेता आपत्तिजनक हालत में दिख रहे हैं। स्क्रीनशॉट में नेता कपड़े उतारते हुए नजर आए। इसी आईडी से युवती के द्वारा अन्य कई वीडियो भी पोस्ट किए गए हैं, जो उसके निजी जीवन से संबंधित हैं और ब्लॉग के फॉर्मेट में हैं। जिससे मामले में हनी ट्रैप की आशंका और गहरा गई है।
मऊगंज से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल ने कहा कि विनोद मिश्रा, श्रीनिवास तिवारी के परिवार से जुड़े रहे हैं, कांग्रेस के नेता हैं। सिद्धार्थ तिवारी बीजेपी में आ गए हैं। जमीन विवाद के एक मामले में विनोद मिश्रा के पास स्टे था, उन्होंने मुझसे मदद मांगी थी। मैंने वैध दस्तावेज और स्टे ऑर्डर होने के कारण उनका सहयोग किया था। जहां तक मुझे जानकारी है कि विनोद मिश्रा ने अभी तक भाजपा जॉइन नहीं की है, लेकिन इस मामले में कहीं न कहीं षड्यंत्र हो सकता है। इसकी प्रशासन को गहन जांच करनी चाहिए।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विनोद शर्मा ने कहा कि भाजपा विधायक के करीबी का जिस तरह का वीडियो सामने आया है, यही बीजेपी का असली चाल चरित्र है। सभी जानते हैं कि संबंधित नेता भाजपा विधायक प्रदीप पटेल का खास है, वह भाजपा से ही ताल्लुक रखता है। यह किस तरह का महिला सशक्तिकरण किया जा रहा है? इस तरह के नेता संत के वेश में कालनेमि हैं। धर्म की बात तो केवल कैमरे के सामने करते हैं, बाकी आसाराम को भी फेल कर दिया है।
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सहकारी समिति में 41 लाख गबन के 4 आरोपी गिरफ्तार
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल सहकारी समिति में 41 लाख के गबन करने के 4 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने गबन की राशि 35 लाख रुपए जमीन में दबाकर लोहे की पेटी में रखे थे। आरोपियों की निशानदेही पर 33 लाख 46 हजार 430 नगद बरामद कर लिया है। पुलिस वारदात में शामिल अन्य आरोपी की तलाश में जुटी है।
दरअसल मामला ईटखेड़ी थाना इलाके का है। वारदात 2 अप्रैल की है। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति रायपुर के प्रशासक रामचरण सिलावट ने इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। 26 और 27 मार्च को किसानों से 41 लाख 94 हजार रुपए की ऋण वसूली हुई थी।
वारदात का खुलासा करने के लिए विशेष टीम बनाई थी। पुलिस की विशेष टीम ने 100 से ज्यादा सीसीटीवी (CCTV) फुटेज चेक किए थे। चारों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, पुलिस ने चारों को रिमांड पर लिया है। नरेश नागर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है।
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में हुई सनसनीखेज बैंक डकैती के मामले में पुलिस को अहम सफलता हाथ लगी है। शुक्रवार को दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी, लेकिन अब पुलिस ने तेजी दिखाते हुए इस केस के मास्टरमाइंड को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी को पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इसी आरोपी ने पूरी डकैती की साजिश रची थी। घटना के बाद से ही पुलिस लगातार दबाव में थी और मामले को सुलझाने के लिए कई टीमें बनाई गई थीं। तकनीकी जांच और लगातार छापेमारी के बाद आखिरकार मुख्य आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
सिंगरौली के पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी ही पूरे गिरोह का सरगना है। उन्होंने कहा कि इसी ने अपने साथियों के साथ मिलकर बैंक लूट की योजना तैयार की थी और उसे अंजाम तक पहुंचाया। एसपी ने कहा कि हमारी टीम ने लगातार काम किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है, जिससे बाकी आरोपियों और लूट के पूरे माल के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही लूट का कुछ हिस्सा भी बरामद कर लिया है। अब तक करीब 14 लाख रुपए नकद और लगभग 70 लाख रुपए कीमत का सोना पुलिस के हाथ लगा है। हालांकि पूरी लूट की रिकवरी अभी बाकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बाकी रकम और जेवर भी जल्द बरामद किए जाएंगे। इसके लिए गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर अन्य साथियों की लोकेशन और छिपाए गए माल की जानकारी ली जा रही है।
इस मामले में अभी गिरोह के अन्य सदस्य फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार छानबीन कर रही है। बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग राज्यों में टीमें भेजी गई हैं ताकि जल्द से जल्द पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। पुलिस को शक है कि यह गिरोह पहले भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुका हो सकता है। इसलिए जांच का दायरा बढ़ाया गया है और पुराने मामलों से भी कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि डकैती से पहले आरोपियों ने बैंक की अच्छी तरह रेकी की थी। उन्होंने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की संख्या और आने-जाने के समय का पूरा अध्ययन किया था। घटना वाले दिन पांच हथियार लिए हुए बदमाश अचानक बैंक में घुस आए और करीब 15 से 20 मिनट तक पूरे बैंक को अपने कब्जे में रखा। इस दौरान ग्राहकों और कर्मचारियों में दहशत का माहौल बन गया।
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बड़ा हादसा, तालाब में डूबी 3 बच्चियां, एक को बचाया, दूसरी की मौत, तीसरी लापता
मैहर. मध्य प्रदेश के मैहर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पटेहरा तालाब में आज शनिवार 18 अप्रैल को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां तीन बच्चियां नहाने के दौरान पानी में डूब गईं. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और तत्काल पुलिस एवं स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया गया.
बताया जा रहा है कि बीड़ी कॉलोनी पटेहरा निवासी पूनम चौधरी (उम्र 10 वर्ष) और शालू चौधरी (उम्र 17 वर्ष) सहित तीन बच्चियां तालाब में नहा रही थीं. इसी दौरान अचानक गहराई में जाने से तीनों डूबने लगीं. मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव का प्रयास किया, जिसमें एक बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि दूसरी बच्ची पूनम चौधरी को भी बाहर निकाल लिया गया.
हालांकि, शालू चौधरी को गंभीर हालत में बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैहर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. वहीं तीसरी बच्ची की तलाश अभी भी जारी है. पुलिस और गोताखोरों की टीम तालाब में सर्च ऑपरेशन चला रही है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है.
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मुरैना वन रक्षक हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्तः चंबल में अवैध खनन नहीं रुका तो बैन लगा देंगे
ग्वालियर। सुप्रीम कोर्ट में चंबल नदी में अवैध खनन और मुरैना वन रक्षक हत्या मामले पर अहम सुनवाई की। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख दिखाया है कि चंबल में अवैध खनन नहीं रुका तो रेत खनन पर ही बैन लगा देंगे, जरूरत पड़ने पर CRPF उतारेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश, राजस्थान और UP शासन से इस मामले पर पूरी प्लानिंग रिपोर्ट मांगी है। यह भी कहा है कि यदि प्लानिंग रिपोर्ट सन्तोषजनक नहीं हुई तो कोर्ट एकतरफा सख्त आदेश जारी करेगा। अगली सुनवाई 11 मई को होगी।
दरअसल चंबल नेशनल सेंचुरी में बैंक का अवैध खनन और मुरैना वनरक्षक की हत्या के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश और राजस्थान सरकारों को सख्त अल्टीमेटम दिया है। सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश है कि तुरंत हालत नहीं सुधरे तो कोर्ट अपनी असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल करेगा जिसके बाद मध्यप्रदेश और राजस्थान में रेत खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। जरूरत महसूस होने पर पूरे चंबल क्षेत्र में सीआरपीएफ तैनात कर दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट 11 मई तक इसकी स्थिति को देखेगा। जिसके बाद वह इससे जुड़े आदेश देगा।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा….
राज्यों की कार्यशैली पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कानून पूरी तरह सक्षम है पर नौकरशाही जानबूझकर सुस्ती दिखा रही है जो अवैध कारोबार में मूक सहमति का संकेत है
जिन अफसरो को कानून लागू करना है वह अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से पीछे हट गए हैं खनन माफिया आधुनिक हथियारों और संसाधनों से लैस है वहीं वन और फील्ड स्टाफ लगभग निहत्था है
चंबल और उसके पारिस्थितिक तंत्र को नुकसान पहुंचाने वालों से पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति वसूलेंगे,आदेशों के पालन में लापरवाही बरतने वाले अफसर को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने कुछ सलाह भी दी है।
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि
खनन माफिया से निपटने के लिए पुलिस और वन विभाग के संयुक्त गश्ती दल बनाए उन्हें आधुनिक हथियार और सुरक्षात्मक गियर, संचार उपकरण उपलब्ध कराये जाए
तीनों राज्य को सुप्रीम कोर्ट में ऐसी रिपोर्ट देनी होगी जिसमें यह साफ हो कि अवैध खनन रोकने के लिए किस जिले में कंट्रोल रूम बनेगा कहां सीसीटीवी लगेंगे लाइव फीड कौन देखेगा इंटर स्टेट समन्वय कैसे होगा और फील्ड में कार्रवाई कौनसी एजेंसी किस तरह करेगी
चंबल से जुड़े संवेदनशील हिस्से, खनन के रास्तों और नदी किनारे उन सभी इलाकों पर हाई रेजोल्यूशन वाई-फाई सक्षम सीसीटीवी लगाए जाए
मुरैना और धौलपुर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर खनन में इस्तेमाल होने वाले हर ट्रैक्टर डंपर लोडर और ड्रेजर में जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस लगाना अनिवार्य होगा,इससे उनकी रियल टाइम लोकेशन ट्रैक होगी और अवैध रूट पकड़ना आसान होगा
बहरहाल 11 मई को सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई होगी। इस दौरान तीनों राज्यों की ओर से जो रिपोर्ट पेश होगी जो बहुत महत्वपूर्ण होगी। जिसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट आगे रुख अख्तियार करेगी।
तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के वेलपराई पहाड़ी इलाके में यह हादसा हुआ। केरल के मलप्पुरम जिले से 13 लोग एक टूरिस्ट वैन में सवार होकर घूमने आए थे और वापस लौट रहे थे। पुलिस के अनुसार, वैन वेलपराई-पोल्लाची हिल रोड के एक खतरनाक मोड़ पर अचानक नियंत्रण खो बैठी। तमिलनाडु के वालपराई में एक पर्यटक वैन के खाई में गिरने से 9 शिक्षकों की मौत हो गई.
केरल के एक स्कूल का शिक्षकों समेत अन्य कर्मचारियों का ग्रुप और उनके परिजन छुट्टियों में घूमने तमिलनाडु के इस इलाके में गए थे. उन्होंने पहले अथिरापल्ली वॉटरफॉल का दौरा किया और फिर वालपराई की ओर रवाना हुए थे. इसी दौरान उनका वैन हादसे का शिकार हो गई.
हादसे के बाद स्कूल में अभिभावकों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई. बताया गया कि कुल 16 लोग इस यात्रा पर गए थे. केरलम पुलिस ने कहा कि वह तमिलनाडु पुलिस के संपर्क में है. स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वे मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं.
वहीं, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि यह त्रासदी बेहद पीड़ादायक है. उन्होंने घायलों को बेहतर इलाज देने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हादसा 13वें हेयरपिन मोड़ पर हुआ, जहां वाहन चालक संतुलन नहीं बना सका। वैन सीधे खाई में जा गिरी। घायलों में चालक भी शामिल है, जिसकी हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतकों में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं। बताया जा रहा है कि कुछ यात्री मलप्पुरम के एक स्कूल से जुड़े शिक्षक थे, जो घूमने आए थे।
पुलिस का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि वाहन का नियंत्रण कैसे बिगड़ा। हादसे के बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। खाई से शवों को बाहर निकाला गया और घायलों को पोल्लाची सरकारी अस्पताल भेजा गया।
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15 लाख के इनामी नक्सली और उसकी पत्नी सहित 4 ढेर
झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता मिली है. झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ की 209 कोबरा बटालियन और झारखंड जगुआर की संयुक्त टीम ने चतरा और हजारीबाग जिले की सीमा पर स्थित केरेडारी थाना क्षेत्र के कोतिझरना-खपिया के घने जंगलों में ऑपरेशन चलाकर चार कुख्यात नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया है, जिनमें 15 लाख का इनामी सहदेव महतो भी शामिल है. ऑपरेशन में अत्याधुनिक हथियार बरामद हुए हैं.
झारखंड को नक्सलमुक्त बनाने के उद्देश्य से सुरक्षा बलों की ओर से चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. चतरा-हजारीबाग सीमा पर हुई मुठभेड़ में 15 लाख के इनामी सब-ज़ोनल कमांडर सहदेव महतो समेत चार कुख्यात माओवादी ढेर हो गए.
झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है. चतरा और हजारीबाग जिले की सीमा पर शुक्रवार (17 अप्रैल) दोपहर कोबरा बटालियन और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में 15 लाख रुपये के इनामी माओवादी सब-जोनल कमांडर सहित चार कुख्यात नक्सली मारे गए हैं. मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा भी बरामद किया है.
गुप्त सूचना के आधार पर शुक्रवार 17 अप्रैल को शुरू किए गए इस ऑपरेशन के दौरान दोपहर करीब एक बजे सुरक्षा बलों का सामना नक्सलियों के दस्ते से हुआ. भीषण मुठभेड़ के बाद सर्च अभियान चलाया गया, जिसमें चार नक्सलियों के शव बरामद किए गए. मारे गए नक्सलियों में 15 लाख का इनामी और 2014 के चाईबासा जेल ब्रेक कांड का मास्टरमाइंड सहदेव महतो शामिल है, जो 41 मामलों में वांछित था. उसके साथ उसकी पत्नी नताशा, जो सब-जोनल कमेटी सदस्य थी, भी मारी गई. अन्य मारे गए नक्सलियों में 10 लाख का इनामी जोनल कमेटी सदस्य रंजीत गंझु और एरिया कमांडर बुधन करमाली शामिल हैं.
जानकारी के अनुसार, मारे गए नक्सलियों में केरेडारी थाना क्षेत्र के कुठान गांव का रहने वाला कुख्यात नक्सली सहदेव (उर्फ शाहदेव) महतो और उसकी पत्नी नताशा शामिल है. नताशा मूल रूप से छत्तीसगढ़ की रहने वाली थी और संगठन में रहते हुए ही उसने सहदेव से विवाह किया था. नताशा हाल के दिनों में छत्तीसगढ़ से झारखंड आकर माओवादी संगठन को मजबूत करने की साजिश में जुटी थी. दोनों लंबे समय से खूंखार गतिविधियों में संलिप्त थे.
चतरा आरक्षी अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और सघन सर्च अभियान जारी है. अन्य दो मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है।
पुलिस ने सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के साथ मिलकर बुंडू पंचायत के खपिया कोतीझरना (बटुका जंगल) में घेराबंदी की. खुद को घिरता देख नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी. सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के बाद मौके से दो एके-47 राइफल, एक कोल्ट एआर-15 राइफल, एक इंसास राइफल समेत अन्य सामग्री बरामद की है. बताया गया है कि इन चारों नक्सलियों के खिलाफ कुल 77 मामले दर्ज थे.
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भोंदू बाबा के ‘राजदार’ की सड़क हादसे में मौत के बाद उसकी पत्नी ने भी तोड़ा दम, बेटा मौत से लड़ रहा जंग
महाराष्ट्र के समृद्धि महामार्ग पर एक सड़क हादसे में भोंदू बाबा उर्फ अशोक खरात के करीबी माने जाने वाले जितेंद्र शेलके और उसकी पत्नी की मौत हो गई, जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल है. यह हादसा उस वक्त हुआ, जब शेलके अपने परिवार के साथ संभाजीनगर से शिर्डी की ओर जा रहे थे. धोत्रे गांव के पास उनकी कार एक खड़े कंटेनर से पीछे से टकरा गई, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर कंटेनर के नीचे जा घुसी. हादसे के सभी एंगल की जांच जारी है.
हादसे में जितेंद्र शेलके ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उसकी पत्नी अनुराधा (50) की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. हादसे में उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
महाराष्ट्र के समृद्धि महामार्ग पर हुए एक सड़क हादसे में भोंदू बाबा उर्फ अशोक खरात के करीबी जितेंद्र शेलके और उसकी पत्नी अनुराधा की मौत हो गई. हादसा शुक्रवार को उस समय हुआ, जब शेलके अपने परिवार के साथ संभाजीनगर से शिर्डी जा रहा था. धोत्रे गांव के पास उसकी कार आगे खड़े एक कंटेनर से पीछे से टकरा गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर कंटेनर के नीचे जा घुसी.
कार में फंसी अनुराधा को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी. लंबे समय तक चले ऑपरेशन के बाद उसे बाहर निकाला गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका.
जितेंद्र शेलके, अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा के करीबी के रूप में जाना जाता था. वह शिवनिका ट्रस्ट में उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत था. इसके अलावा, उसके कुछ व्यवसायिक संबंध भी खरात से जुड़े बताए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि कुछ कारोबार में दोनों के बीच साझेदारी की बात भी सामने आई है. सूत्रों के अनुसार, शेलके को खरात से जुड़े कई अहम बातों की जानकारी थी.
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद से शेलके तनाव में था. ऐसे में इस हादसे को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं. हालांकि, जांच एजेंसियों ने अब तक किसी साजिश की पुष्टि नहीं की है और मामले को फिलहाल सामान्य सड़क दुर्घटना के तौर पर देखा जा रहा है.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. इसके साथ ही कंटेनर चालक और आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है.
पुलिस ने चालक जमाल वारिस जोकि अमेठी का निवासी है, उससे पूछताछ शुरू कर दी है. सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान चालक जमाल वारिस ने बताया कि कंटेनर के रेडिएटर का पाइप लीक के कारण कंटेनर धीमी गति से चल रहा था. इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रही कार ने कंटेनर को टक्कर मार दी.
पुलिस अब चालक के बयान के आधार पर हादसे के कारणों की जांच कर रही है. इस मामले में कंटेनर के ड्राइवर को पूछताछ के लिए कोपरगांव तालुका पुलिस थाने में पेश किया गया है.
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला लापरवाही से हुए सड़क हादसे का लग रहा है, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, पूरी जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा. फिलहाल घायल बेटे का इलाज जारी है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है.
खरगोन। महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा की मुस्लिम युवक से शादी की चर्चा पूरे देश में सुर्खियां बटोर रही है। इस बीच दोनों के अचानक गायब होने के बाद खरगोन में रहने वाले मोनालिसा के माता-पिता चिंता में हैं। मामले में जिले की एक टीम केरल पहुंची है और दोनों की तलाश कर रही है।
मोनालिसा और फरमान के मामले में खरगोन एसपी के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया था। यही टीम आज जांच के लिए केरल पहुंच चुकी है। इस टीम में एक थाना प्रभारी, एक सब-इंस्पेक्टर, एक महिला सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल शामिल हैं, जो मौके पर सबूत जुटा रहे हैं। केरल के स्थानीय थाने की पुलिस के साथ मिलकर मध्यप्रदेश पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है।
बता दें कि शादी के बाद मोनालिसा के नाबालिग होने की पुष्टि हुई थी। जिसके बाद ही खरगोन के महेश्वर थाने में फरमान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। FIR होते ही पुलिस पूरी तरह सक्रिय हो गई और आरोपी की तलाश व पीड़िता की बरामदगी के लिए हर स्तर पर प्रयास तेज कर दिए गए।
बता दें कि मोनालिसा केरल में एक फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। इसी दौरान वह फरमान खान से मिली थीं। इस बीच दोनों की मुलाकात हुई और प्यार हो गया। जिसके बाद उन्होंने शादी करने का सपना देखा। मोनालिसा के पिता इस प्रेम संबंध से नाराज थे और शादी के खिलाफ थे। जिसके बाद दोनों ने केरल के एक मंदिर में जाकर शादी रचा ली।
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स्टेट बैंक से डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी में बैंक मैनेजर और सिंधई परिवार समेत नौ दोषियों को तीन-तीन साल की जेल
जबलपुर. सीबीआई की विशेष अदालत ने बैंकिंग धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तत्कालीन बैंक मैनेजर सहित नौ आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है. मामला भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की तेंदूखेड़ा शाखा से जुड़ा है, जहां आरोपियों ने मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक को 1 करोड़ 66 लाख रुपये की भारी-भरकम आर्थिक चपत लगाई थी. विशेष न्यायाधीश रूपेश कुमार गुप्ता की अदालत ने इस जालसाजी को बैंकिंग प्रणाली के साथ गंभीर खिलवाड़ माना और सभी दोषियों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने दोषियों पर सामूहिक रूप से 11 लाख 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. इस सजा के बाद बैंकिंग गलियारों और दमोह-जबलपुर क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, क्योंकि इसमें एक ही परिवार की तीन महिलाओं सहित नौ प्रभावशाली लोगों के नाम शामिल हैं.
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक संजय उपाध्याय ने अदालत के समक्ष मामले की विस्तृत परतें खोलते हुए बताया कि यह पूरा फर्जीवाड़ा फरवरी से मई 2020 के बीच अंजाम दिया गया था. जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मेसर्स आशीष दाल मिल, मेसर्स अविनाश ट्रेडिंग कंपनी और मेसर्स एमके इंटरप्राइजेज नामक संस्थाओं के जरिए आरोपियों ने लोन के लिए आवेदन किया था. लोन प्राप्त करने के लिए सबसे बड़ा आधार वेयर हाउस में दाल का भारी स्टॉक रखा होना बताया गया था. इसके समर्थन में आरोपियों ने वेयर हाउस की फर्जी रसीदें बैंक में जमा की थीं. तत्कालीन बैंक प्रबंधक और फील्ड ऑफिसर ने इन रसीदों का भौतिक सत्यापन किए बिना ही लोन की फाइल को मंजूरी दे दी. सीबीआई को जब इस संदिग्ध लेनदेन की शिकायत मिली, तो जांच की कमान संभाली गई और जो सच सामने आया वह चौंकाने वाला था. वास्तव में वेयर हाउस में दाल का एक दाना भी मौजूद नहीं था और वेयर हाउस संचालक के साथ मिलकर केवल कागजों पर स्टॉक दिखाकर करोड़ों रुपये का ऋण हासिल कर लिया गया था.
सीबीआई की जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन बैंक मैनेजर के.एस. राउत, फील्ड ऑफिसर विजय कुमार मालवीय और सिंधई परिवार के सदस्यों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र रचने और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था. सजा पाने वालों में आशीष सिंधई, योगेन्द्र सिंधई, मणि सिंधई, प्रियंका योगेन्द्र सिंधई, संतोष सिंधई, संगीता जैन और विष्णु बहादुर सिंह शामिल हैं. सीबीआई ने अदालत में पुख्ता चालान पेश किया, जिसमें डिजिटल साक्ष्य और गवाहों के बयानों के जरिए यह साबित किया गया कि आरोपियों ने सोची-समझी रणनीति के तहत सरकारी धन का गबन किया है. बचाव पक्ष ने कई दलीलें दीं, लेकिन अदालत ने साक्ष्यों की प्रबलता को देखते हुए स्पष्ट किया कि बैंक के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी राशि का गबन संभव नहीं था. यह फैसला उन बैंक अधिकारियों के लिए भी एक बड़ी चेतावनी है जो अपने पद का दुरुपयोग कर निजी लाभ के लिए जनता की गाढ़ी कमाई को जोखिम में डालते हैं.
जबलपुर की विशेष सीबीआई अदालत ने अपने निर्णय में इस बात पर जोर दिया कि बैंकिंग धोखाधड़ी न केवल वित्तीय संस्थानों को कमजोर करती है, बल्कि आम नागरिकों के भरोसे को भी तोड़ती है. लोन के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले इस सिंडिकेट ने जिस तरह से वेयर हाउस संचालक के साथ सांठगांठ की, वह जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती थी. हालांकि, सीबीआई के वकीलों ने कोर्ट में यह साबित कर दिया कि दाल मिल के संचालकों ने कभी वह स्टॉक खरीदा ही नहीं था जिसकी रसीदें बैंक में गिरवी रखी गई थीं. तीन साल की जेल और भारी जुर्माने के इस फैसले को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है. अब दोषियों को जेल की सजा काटने के साथ-साथ जुर्माने की राशि भी जमा करनी होगी. इस फैसले ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि आर्थिक अपराधों में संलिप्तता चाहे कितनी भी रसूखदार क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से बचना नामुमकिन है. फिलहाल, सभी दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है और इस कार्रवाई की चर्चा पूरे प्रदेश के व्यापारिक और बैंकिंग हलकों में हो रही है.
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बीजेपी नेता के भतीजे की दरिंदगी: घर में घुसकर महिला से रेप की कोशिश, नाकाम होने पर काटा स्तन
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में महिला के साथ दुष्कर्म के प्रयास में नाकाम युवक द्वारा चाकू से हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी देर रात घर में घुसा और विरोध करने पर महिला के स्तन काटा और पेट पर वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। महिला की हालत नाजुक है वह जिला अस्पताल में भर्ती है।
घटना 11 अप्रैल की देर रात पंधाना थाना क्षेत्र की है। पीड़िता के पति के मुताबिक, आरोपी आकाश पटेल नशे की हालत में घर में घुसा और दुष्कर्म की कोशिश की। शोर मचाने पर पति मौके पर पहुंचा तो आरोपी ने महिला पर चाकू से हमला कर दिया और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उनका कहना है कि घटना के बाद बोरगांव चौकी में शिकायत देने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने पहले इलाज कराने की बात कहकर रिपोर्ट दर्ज नहीं की। साथ ही आरोपी के भाजपा मंडल अध्यक्ष का भतीजा होने के चलते दबाव बनाने और राजीनामा कराने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है। मामला मीडिया में आने के बाद हरकत में आई पुलिस ने घटना के 6 दिन बाद शुक्रवार रात एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल पीड़िता जिला अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज जारी है।
सिंगरौली। जिले के बैढ़न में शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे जो हुआ, उसने कानून-व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। हथियारबंद 5 बदमाश दिनदहाड़े बैंक ऑफ महाराष्ट्र में घुसते हैं, फायरिंग करते हैं, कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बनाते हैं, मैनेजर को पीटते हैं और करीब 35 लाख रुपए लेकर आराम से फरार हो जाते हैं।
दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुआ यह खौफनाक खेल पूरे 20 मिनट तक चलता रहा। बदमाशों ने बैंक के अंदर मौजूद हर शख्स पर बंदूक तान दी। चीख-पुकार के बीच लोग जान बचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन बाहर न पुलिस पहुंची, न कोई सुरक्षा इंतजाम नजर आया।
कैश की जानकारी मांगने पर मैनेजर ने जैसे ही आनाकानी की, बदमाशों ने बेरहमी दिखा दी। बंदूक की बट से सिर पर वार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान हो गए। इसके बाद बदमाश कैश की पेटी उठाकर फरार हो गए।
सबसे चौंकाने वाली बात-घटना के वक्त बैंक में कोई गार्ड नहीं था। यानी सुरक्षा भगवान भरोसे थी। बदमाशों ने एक राउंड फायर कर पूरे इलाके में दहशत फैला दी और सिस्टम की लापरवाही उजागर कर दी।
सामने आए सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि तीन आरोपी बैंक से निकलकर एक ही बाइक पर सवार होकर फरार हो जाते हैं। चेहरों पर डर नहीं, बल्कि बेखौफ अंदाज, मानो उन्हें पता हो कि रास्ते में कोई रोकने वाला नहीं।
घटना दोपहर करीब 1 बजे की है। 5 बदमाशों द्वारा वारदात को अंजाम दिया गया है। एक फायरिंग की पुष्टि हुई है। बैंक में गार्ड मौजूद नहीं था। करीब 14-15 लाख रुपए पहले से रखे थे, बाकी दिन का कलेक्शन था। कुल लूट का आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं है। पूरे जिले में नाकेबंदी कर दी गई है, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी है।
मनीष खत्री, एसपी, सिंगरौली
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MP में अब गिरफ्तारी से पहले पुलिस को बताने होंगे कारण: पुलिस मुख्यालय ने जारी किए निर्देश
भोपाल। मध्यप्रदेश में अब गिरफ्तारी से पहले पुलिस को कारण बताने होंगे। पुलिस मुख्यालय ने यह निर्देश जारी किए है। गिरफ्तार के 2 घंटे पहले पुलिस गिरफ्तारी के कारण लिखित में बताएगी। ऐसा नहीं करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। निर्देश में नवंबर 2025 में एक अपराधिक अपील बनाम स्टेट ऑफ महाराष्ट्र और अन्य के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग का हवाला दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) के अंतर्गत किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तारी के कारणों को जानने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है, इस अधिकार के संरक्षण के लिए न्यायालय ने पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। इसी को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सर्कुलर जारी किया है।
पुलिस मुख्यालय के जारी निर्देश के अनुसार के अनुसार, पुलिस द्वारा किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करते समय गिरफ्तारी के ठोस कारणों को लिखित रूप में गिरफ्तार व्यक्ति को देना अनिवार्य किया गया है, केवल मौखिक जानकारी को पर्याप्त नहीं माना जाएगा। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि गिरफ्तारी के आधार स्थानीय भाषा अथवा ऐसी भाषा में लिखे जाएं, जिसे गिरफ्तार व्यक्ति भली-भांति समझ सके।
निर्देशों में यह भी कहा गया है की लिखित जानकारी गिरफ्तारी के समय अथवा अभियुक्त को मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करने से कम से कम दो घंटे पूर्व उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही, अभियुक्त को लिखित आधार प्रदान किए जाने की जानकारी को गिरफ्तारी पंचनामा अथवा संबंधित अभिलेख में विधिवत दर्ज किया जाना भी अनिवार्य होगा। इस संबंध में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 47 के प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है।
परिपत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि उक्त निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है, तो गिरफ्तारी को अवैध घोषित किया जा सकता है। साथ ही संबंधित अधिकारी के विरुद्ध न्यायालय की अवमानना अथवा विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है और अभियुक्त को तत्काल रिहाई का अधिकार प्राप्त हो सकता है। पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों एवं संबंधित इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि वे इन दिशा-निर्देशों का पालन अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सख्ती से सुनिश्चित कराएं।
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अमरनाथ यात्रा रजिस्ट्रेशन के लिए पहुंचे युवक को बर्बरतापूर्ण तरीके से पीटा, चौकी में बिठाए रहे चार घंटे
जबलपुर. एमपी के जबलपुर में अमरनाथ यात्रा का रजिस्ट्रेशन कराने गए युवक ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है. उसने शरीर पर चोटों के निशान दिखाते हुए कहा कि दो आरक्षकों ने उसे डंडे-बेल्ट से पीटा. एसपी संपत उपाध्याय ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
बताया गया है कि कांचघर निवासी गौरव महरोलिया (33) अमरनाथ यात्रा का रजिस्ट्रेशन कराने गोरखुपर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की लाइन में लगा था, बैंक खुलने पर भीड़ के बीच धक्का-मुक्की होने लगी. गौरव ने इस पर आपत्ति जताई तो ड्यूटी पर मौजूद रामपुर पुलिस चौकी के कॉन्स्टेबल योगेंद्र कुमार और तरुण मिश्रा मौजूद थे. तरुण ने मुझे पीछे की तरफ धकेल दिया. विरोध किया तो गला पकड़कर थप्पड़ मारे. फिर दोनों मुझे चौकी ले गए. यहां करीब आधे घंटे तक बेल्ट और डंडों से पिटाई की.
दोपहर करीब 3 बजे धमकी देकर छोड़ा कि किसी से शिकायत की तो अच्छा नहीं होगा. गौरव के मुताबिक, वह शाम करीब साढ़े 4 बजे गोरखपुर थाने पहुंचा. यहां शिकायती आवेदन दिया. स्टाफ ने इसमें आनाकानी की. शिकायत वापस नहीं लेने पर अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहने को कहा. झूठी एफआईआर दर्ज कराने की भी बात कही. दूसरी तरफ, गोरखपुर थाना प्रभारी नितिन कमल ने कहा कि गौरव बैंक में उपद्रव कर रहा था. समझाने पर नहीं माना तो पुलिसकर्मियों ने हल्का बल प्रयोग किया था.
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