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कटनी। मध्यप्रदेश में एक बार फिर स्पा सेंटर पर रेड करते हुए पुलिस ने युवक-युवतियों को पकड़ा है। मामला कटनी के रंगनाथ थाना क्षेत्र के बरगवां का है। जहां रविवार को पुलिस ने दो स्पा सेंटरों पर बड़ी रेड कार्रवाई की है। पुलिस को इन सेंटरों में संदिग्ध गतिविधियों को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने दोनों स्पा सेंटर से 5 युवकों और 10 युवतियों को हिरासत में लिया है।
शहर के बरगवां में संचालित स्पा सेंटरों में अनैतिक गतिविधियां होने की सूचनाएं पुलिस की मिली थीं। इनके आधार पर पुलिस ने रविवार शाम को दो स्पा सेंटरों पर छापे मारे। नेचुरल थाई स्पा सेंटर पर जब पुलिस ने रेड मारी तो वहां अफरातफरी मच गई। स्पा सेंटर में मौजूद युवक-युवतियां भागने लगे, लेकिन पुलिस ने सभी को पकड़ लिया। पुलिस ने यहां से पांच युवक और पांच युवतियों को पकड़ा है। वहीं दूसरे आवा स्पा सेंटर पर छापे के दौरान 5 युवतियां पकड़ी गई हैं। पकड़े गए युवक-युवतियों को पुलिस थाने लेकर पहुंची है और उनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस को मौके से कुछ आपत्तिजनक सामग्री मिलने की बात भी सामने आई है।
स्पा सेंटर से पकड़ाए 5 युवकों और 10 युवतियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। युवतियां मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों के साथ ही नार्थ ईस्ट और हरियाणा की रहने वाली हैं। पुलिस इन युवक-युवतियों से ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि स्पा सेंटर में किस तरह की गतिविधियां संचालित हो रहीं थीं। इसके साथ ही इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसके बारे में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य ने बताया कि स्पा सेंटर को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिसके बाद पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। फिलहाल पूछताछ की जा रही है।

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महिला का हाई-वोल्टेज ड्रामा: डायल-112 वाहन की छत पर चढ़कर किया हंगामा, बस का कांच भी फोड़ा
भोपाल। रायसेन जिले के औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप में नेशनल हाईवे पर उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक महिला ने बीच सड़क जमकर हाई-वोल्टेज ड्रामा किया। महिला का यह हंगामा देखकर मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के दौरान महिला पुलिस की डायल-112 गाड़ी की छत पर चढ़ गई और काफी देर तक हंगामा करती रही। इतना ही नहीं, बताया जा रहा है कि महिला ने इस दौरान वहां से गुजर रही एक बस के कांच भी फोड़ दिए। सड़क पर अचानक हुए इस घटनाक्रम से आने-जाने वाले राहगीर ठिठक गए और तमाशबीन बने लोगों ने अपने मोबाइल में इस पूरे वाकये का वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया।
महिला के हंगामे का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मौके पर मौजूद पुलिस बल की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि महिला को समय रहते नियंत्रित क्यों नहीं किया गया और क्या मौके पर महिला पुलिसकर्मियों को बुलाया गया था? फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर घटना की वास्तविक वजहों और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि होनी बाकी है। पुलिस विभाग की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
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महिला इंस्पेक्टर की हथौड़े से मारकर हत्याः आरोपी दोस्त ने पेड़ से फांसी लगाकर की खुदकुशी
भोपाल। राजधानी भोपाल के खजूरी थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां दतिया में पदस्थ परिवहन विभाग की महिला इंस्पेक्टर मीनाक्षी गोखले की देर रात हथौड़े से वार कर बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे शख्स ने भी घर से कुछ ही दूरी पर पेड़ से लटककर फांसी लगा ली।
जानकारी के अनुसार, मृतिका मीनाक्षी गोखले का तलाक हो चुका था और उनकी एक तीन साल की मासूम बच्ची भी है। बताया जा रहा है कि उनकी पवन नाम के व्यक्ति से दोस्ती थी। देर रात किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद आरोपी पवन ने हथौड़े से हमला कर महिला इंस्पेक्टर की जान ले ली।
महिला इंस्पेक्टर की हत्या करने के बाद आरोपी पवन मौके से फरार हो गया और उसने घर से कुछ दूरी पर एक पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर खजूरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और हत्या की मुख्य वजहों का पता लगाने में जुटी है।

कटनी। जिले में सीएसपी रही निलंबित पुलिस अधिकारी नेहा पच्चीसिया की सुनवाई अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की बेंच में होगी। सरकार की ओर से उठाई गई मांग को स्वीकार करते हुए और केस डायरी देखने के बाद हाई कोर्ट ने यह निर्णय लिया है। अब 22 सितंबर को पूर्व सीएसपी के मामले में नई बेंच सुनवाई करेगी।
बता दे कि नेहा पच्चीसिया ने अपने ऊपर दर्ज हुई एफआईआर को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। 21 सितंबर को जस्टिस हिमांशु जोशी को बेंच में सुनवाई होनी थी। सरकार ने मामले को दूसरी उपयुक्त बेंच में भेजने की मांग की थी।
सरकार की और से कहा गया कि एफआईआर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम लगा है। इस वजह से मामले की सुनवाई संबंधित बेंच को करनी चाहिए। हालांकि नेहा के वकीलों ने इसका विरोध भीभ किया था। उनका कहना था कि ये धाराएं पिछली सुनवाई के बाद जोड़ी गई है, इसलिए सुनवाई पहली बेंच में ही होनी चाहिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद केस डायरी देखी और दूसरी बेंच में ही सुनवाई के लिए उपयुक्त माना।
बता दें भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के लिए अलग बेंच तय है। जस्टिस संदीप एस कलगांवकर की सिंगल बेंच ऐसे मामलों को सुनती है। इसके सात ही जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस रामकुमार चौबे की डिवीजन बेंच भी सुनवाई करती है। प्रिवेंशन आफ करप्शन एक्ट यानी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम को चैलेंज किए जाने की प्रकृति के आधार पर यह तय होगा कि यह मामला सिंगल बेंच जाएगा या डिविजनल बेंच।
उल्लेखनीय है कि पूर्व सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने एफआईआर रद्द करने के लिए हाई कोर्ट में याचिका लगाई है। इससे पहले उन्होंने अंतरिम राहत की भी मांग की थी। नेहा की ओर से एफआईआऱ में अपनी भूमिका से इनकार किया गया है। नेहा के वकील का कहना है कि उनके खिलाफ सीधे सबूत नहीं है। राज्य सरकार की और से इसका विरोध किया गया है। सरकार ने जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है।
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राहुल गांधी के छात्रों की गूंज का जबलपुर में भी होगा आयोजन, शीघ्र तारीख का ऐलान
जबलपुर. इंदौर में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम को मिली जबर्दस्त सफलता के बाद अब कांग्रेस पार्टी प्रदेश के लगभग सभी बड़े शहरों में राहुल गांधी का युवाओं से संवाद कार्यक्रम कराने की तैयारी कर रही है। इसी कड़ी में खबर सामने आई है कि, कांग्रेस अगला कार्यक्रम संस्कारधानी जबलपुर में कराने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मुकेश नायक ने जबलपुर में होने वाले कार्यक्रम को लेकर ताजा अपडेट साझा किया है।
कांग्रेस के प्रवक्ता मुकेश नायक ने अपडेट देते हुए कहा कि, इंदौर में कार्यक्रम की सफलता के बाद अब जल्द ही राहुल गांधी कार्यक्रम के तहत जबलपुर आएंगे और यहां भी छात्रों के साथ वो सीधे संवाद करेंगे। कांग्रेस पार्टी की ओर से छात्रों की गूंज कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कांग्रेस प्रवक्ता के अनुसार, पार्टी जबलपुर में इंदौर से बड़ा कार्यक्रम करेगी। इसकी तैयारियां की जा रही हैं। जल्दी ही कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और तारीख का ऐलान किया जाएगा।
इंदौर में 19 सितंबर को छात्रों की गूंज कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें राहुल गांधी ने छात्रों से शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे मुद्दों पर संवाद किया था। कांग्रेस ने इंदौर के साथ साथ आसपास के क्षेत्रों से करीब 2 लाख से अधिक युवाओं के कार्यक्रम में आने का दावा किया था। इंदौर में कार्यक्रम को मिली सफलता के बाद अब इसे प्रदेश के लगभग सभी बड़े शहरों में कराने की तैयारी की जा रही है। इसी के चलते अब कांग्रेस इस कार्यक्रम को जबलपुर में करने जा रही है।
हालांकि, इंदौर में आयोजित 19 सितंबर वाले कार्यक्रम का देशभर के सभी शहरों में अलग अलग स्थानों पर लाइव स्ट्रीम भी किया गया था। जबलपुर में भी कार्यक्रम काअलग-अलग इलाकों में सीधा प्रसारण हुआ था। जिला कांग्रेस कमेटी ने जबलपुर में शाम 5 बजे से बिग बाजार, गुलौआ चौक, शास्त्री नगर, छोटी लाइन चौक, कोतवाली, मदन महल थाना इलाके, दमोह नाका, बिलहरी, पनहरा पेट्रोल पंप, व्हीकल मोड़, रद्दी चौकी और घमापुर समेत कई स्थानों पर प्रसारण की व्यवस्था की थी। कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ युवा, छात्र और स्थानीय लोग शामिल हुए थे।
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गरबा में एंट्री के लिए तिलक अनिवार्य: गैर हिंदुओं को प्रवेश नहीं, हिंदू संगठनों का बड़ा फैसला
भोपाल। नवरात्रि में होने वाले गरबा आयोजनों को लेकर महाराष्ट्र से शुरू हुआ विवाद अब मध्यप्रदेश पहुंच गया है। महाराष्ट्र के भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने मांग उठाई है कि बिना तिलक और बिना पूजन के मुस्लिम या गैर हिंदू समुदाय के लोगों को गरबा आयोजनों में प्रवेश नहीं दिया जाए। उनकी पहल के बाद एमपी में भी इसी तरह की मांग तेज हो गई है। मामले को लेकर साधू सन्यासियों और हिंदूवादी संगठनों ने बैठक की है।
हिंदूवादी संगठनों का साफ तौर पर कहना है कि जो व्यक्ति मूर्ति पूजा को नहीं मानते उन्हें गरबा आयोजन में नहीं आना चाहिए। यदि गरबा आयोजन में मुस्लिम या गैर हिंदू आते हैं तो उन्हें तिलक लगाना अनिवार्य किया जाएगा। इसके अलावा दुर्गा पूजन के साथ-साथ पंचद्रव्य से अभिषेक भी होगा। साधु संत सन्यासियों ने निर्णय लिया है कि गरबा पंडाल में विजिलेंस की टीम के समान ही औचक निरीक्षण किया जाएगा, यदि किसी भी प्रकार की कोई अश्लीलता के साथ विधर्मियों की आमद दिखाई दी तो पुलिस प्रशासन को बुलाकर मौके पर ही कार्यवाही की जाएगी।
मामले पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि हिंदू धर्म से इतना ही लगाव और प्यार हो गया है तो जिस तरह रहीम के मन में रसखान के मन में कान्हा बस गए थे वैसे ही रामकृष्ण, महावीर गौतमबुद्ध को अपने मन में बसाओ। सनातन धर्म को स्वीकार करो। डीएनए तुम्हारा वही तो है। गरबा को तमाशा बनाओगे, गरबा में आकर लव जिहाद की नौटंकी करोगे, तो ध्यान रखना भारत का नौजवान प्रतिकार के लिए तैयार है, अपने मां-बाप की सेवा भी करेगा, अपनी बहनों की सुरक्षा भी करेगा और जगदंबा से आशीर्वाद लेकर राक्षसों का अंत भी करेगा।
मामले पर कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अब्बास हाफिज ने कहा कि सबको अपने-अपने आयोजन में ही भाग लेना चाहिए। जहां विवाद की स्थिति बने वहां नहीं जाना चाहिए। लेकिन बीजेपी और हिंदूवादी संगठनों समिति आरएसएस सिर्फ धर्म के नाम सियासत करती है। घटिया मानसिकता का उदाहरण है रामेश्वर शर्मा का बयान। बैठक में महंत अनिलानंद महाराज, अध्यक्ष, साधु संत सन्यासी परिषद, चंद्रशेखर तिवारी, अध्यक्ष, हिंदू उत्सव समिति उपस्थित थे।

नई दिल्ली. देश में बढ़ते साइबर अपराध और फर्जी मोबाइल कनेक्शनों पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने नागरिकों और सिम विक्रेताओं के लिए बेहद सख्त चेतावनी जारी की है. विभाग ने साफ किया है कि सिम कार्ड, टेलीकॉम पहचानकर्ताओं और मोबाइल फोन के आईएमईआई (IMEI) नंबर से छेड़छाड़ या दुरुपयोग करने वालों को दूरसंचार अधिनियम, 2023 (Telecommunications Act, 2023) के तहत 3 साल तक की जेल की सजा काटनी पड़ सकती है. इसके साथ ही दोषियों पर 50 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा.
दूरसंचार विभाग की यह कड़ी चेतावनी छत्तीसगढ़ में सामने आए एक गंभीर फर्जीवाड़े की जांच के बाद आई है. जांच में खुलासा हुआ कि एक पॉइंट ऑफ सेल (PoS) एजेंट ने आम नागरिकों के पहचान दस्तावेजों का दुरुपयोग किया और उनकी जानकारी व सहमति के बिना ही 25 मोबाइल सिम कार्ड अवैध तरीके से एक्टिवेट कर दिए. दूरसंचार विभाग ने डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) के जरिए इन संदिग्ध नंबरों की गहनता से पड़ताल की और टेलीकॉम ऑपरेटरों के साथ मिलकर आरोपी एजेंट को तुरंत प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया, जिससे वह भविष्य में कोई नया सिम कार्ड जारी नहीं कर सकेगा.
संचार मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि साइबर ठगी, डिजिटल अपराध और गैरकानूनी गतिविधियों के लिए टेलीकॉम नेटवर्क का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. विभाग ने अपनी एडवाइजरी में दोहराया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम जारी करना, किसी अन्य व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल कर कनेक्शन चालू करना और फोन के IMEI नंबर को बदलना कानूनी तौर पर संगीन जुर्म हैं. नए दूरसंचार कानून के सख्त प्रावधानों के तहत ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. डिजिटल कनेक्टिविटी के तेजी से बढ़ते दायरे के बीच सरकार ने नागरिकों की सुरक्षा और सुरक्षा एजेंसियों के नेटवर्क को मजबूत रखने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

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नड्डा के काफिले पर हमले के मामले में 6 साल बाद दो TMC नेता गिरफ्तार, हथियार भी बरामद
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस ने भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर दिसंबर 2020 में हुए हमले के मामले में दो TMC नेताओं को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रिपन शेख और संजीव मंडल के रूप में हुई है। दोनों को उस्ती थाना पुलिस ने मोगराहाट पश्चिम इलाके से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक दोनों के पास से आग्नेयास्त्र भी बरामद किए गए हैं। शुरुआत में दोनों की गिरफ्तारी हथियार रखने के मामले में की गई थी। पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस को उनके करीब छह साल पुराने नड्डा के काफिले पर हमले से जुड़े होने की जानकारी मिली। मामले में अब पुलिस दोनों की कथित भूमिका की जांच कर रही है।
जेपी नड्डा के काफिले पर 10 दिसंबर 2020 को दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर इलाके में उस समय हमला हुआ था, जब वे भाजपा की एक कार्यकर्ता सभा में शामिल होने जा रहे थे। पुलिस और विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक काफिले को शिराकोल के पास निशाना बनाया गया था। इसके बाद फाल्टा के दोस्तीपुर इलाके में भी काफिले पर हमले की घटना सामने आई थी। उस समय काफिले में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इनमें पश्चिम बंगाल के तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष, पार्टी नेता सुकांत मजूमदार और तत्कालीन पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल थे। घटना के दौरान कई वाहनों को नुकसान पहुंचा और कुछ नेताओं के घायल होने की खबर सामने आई थी।
2020 की घटना के दौरान काफिले पर पत्थर और ईंटें फेंके जाने के आरोप लगे थे। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में काफिले के वाहनों के आसपास भीड़ और पथराव के दृश्य दिखाई दिए थे। एक वाहन की विंडशील्ड भी क्षतिग्रस्त हुई थी। इस घटना के बाद भाजपा और TMC के बीच तीखा राजनीतिक विवाद हुआ था। मामले में उस समय भी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था।
अब करीब 6 साल बाद पुलिस ने रिपन शेख और संजीव मंडल को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक जांच के दौरान दोनों के 10 दिसंबर 2020 को शिराकोल में नड्डा के काफिले पर हुए हमले से कथित संबंध की जानकारी सामने आई। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हमले के दौरान दोनों की भूमिका क्या थी और घटना में उनके साथ और कौन लोग शामिल थे। साथ ही बरामद किए गए आग्नेयास्त्रों के स्रोत की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि 2020 की घटना और अब बरामद हुए हथियारों के बीच कोई संबंध है या नहीं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नड्डा के काफिले पर हुए हमले में दोनों की भूमिका क्या थी। फिलहाल उनके खिलाफ लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं और अदालत में इनका साबित होना बाकी है। 6 साल पुराने इस मामले में दो गिरफ्तारियों के बाद पुलिस की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। अब मामले में अन्य लोगों की भूमिका और घटना से जुड़े बाकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
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‘दोबारा गिरफ्तारी’ पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसलाः मजिस्ट्रेट की मंजूरी जरूरी, पुलिस को कारण बताना होगा
दोबारा गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोबारा गिरफ्तारी के लिए पुलिस को मजिस्ट्रेट की मंजूरी जरूरी होगी। जबकि पुलिस को वाजिब कारण बताना होगा। जस्टिस उज्ज्वल भुयान और जस्टिस अतुल चंदुरकर की बेंच ने यह तय किया कि आर्टिकल 22(1) के उल्लंघन के कारण रिहा किए गए व्यक्ति को दोबारा गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को संबंधित ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने एक अर्जी देनी होगी। साथ ही मजिस्ट्रेट की मंजूरी लेनी होगी।
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 22(1) के उल्लंघन के कारण अवैध घोषित हुई पिछली गिरफ्तारी के बाद नई गिरफ्तारी पर प्रक्रिया स्पष्ट की है। देश का शीर्ष न्यायालय ने साफ किया कि यह अर्जी तभी दी जा सकती है जब आरोपी को गिरफ्तारी के आधार लिखित रूप में दे दिए जाएं। साथ ही अर्जी पर उस पुलिस अधिकारी के तुरंत ऊपर के अधिकारी की मंजूरी भी होनी चाहिए जिसने पहली बार गिरफ्तारी की थी।
जस्टिस भुइयां ने कहा कि क बार जब अनुच्छेद 22(1) का उल्लंघन हो जाता है तो दोबारा गिरफ्तारी का अधिकार उसी अधिकारी की मर्जी पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए जिसने संविधान के प्रावधान का उल्लंघन किया है। इसे न्यायिक तरीके से लागू किया जाना चाहिए। इसलिए कोर्ट ने निर्देश दिया कि मजिस्ट्रेट को इस अर्जी पर जल्द से जल्द फैसला लेना चाहिए और एजेंसी को जांच किसी दूसरे अधिकारी को सौंप देनी चाहिए। जस्टिस भुयन ने कहा कि जब मजिस्ट्रेट इस बात से संतुष्ट हो जाए कि सही वजहों से गिरफ्तारी के आधार शुरू में गिरफ्तार व्यक्ति को नहीं बताए जा सके थे लेकिन बाद में बताए गए और साथ ही इस बात से भी संतुष्ट हो कि आरोपी को दोबारा गिरफ्तार करने की जरूरत है, तभी वह जांच एजेंसी को दोबारा गिरफ्तारी की इजाजत देने का आदेश दे सकता है।
बेंच ने मिहिर राजेश शाह बनाम महाराष्ट्र राज्य (2025) मामले के फैसले में तय किए गए सिद्धांतों को विस्तार से समझाया और कहा कि वे दोबारा गिरफ्तारी के मामले में दुरुपयोग को रोकने के लिए और प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपाय तय कर रहे हैं।कोर्ट ने साफ किया कि अनुच्छेद 22(1) किसी खास कानून तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर तरह की गिरफ्तारी पर लागू होता है, यहां तक कि विशेष कानूनों के तहत होने वाली गिरफ्तारी पर भी। साथ ही आरोपी को यह साबित करने की जरूरत नहीं है कि इस प्रावधान के उल्लंघन से उसे कोई नुकसान हुआ है, क्योंकि यह एक मौलिक अधिकार है।

दमोह: मध्यप्रदेश के दमोह जिले में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। जिले के अलग-अलग इलाकों से आए दिन चोरी, हत्या और मारपीट जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं जिससे लोगों में चिंता का माहौल है। इस बीच, जिले की पटेरा तहसील में एक चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। जहां चोरों ने एक ज्वेलर्स की दुकान से सोने-चांदी के आभूषण एवं नकदी उड़ाकर ले गये।
बता दें कि पटेरा तहसील में हटा रोड पर लछन सेठ नाम की ज्वेलर्स की दुकान है। जहां पर रात को अचानक कुछ अज्ञात चोरों ने दुकान के शटर का ताला तोड़ा और अंदर घुसकर वारदात को अंजाम दिया। दुकान संचालक के अनुसार अज्ञात चोर 15 किलो चांदी, करीब 100 से 150 ग्राम सोना और नगदी और साथ मेंं 70 से 80 रुपये की नगदी लेकर फरार हो गये। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
सीसीटीवी में स्पष्ट नजर आ रहा है कि पहले एक चोरी दुकान के अंदर आता है और तिजोरी खोलने का प्रयास करता है। जब तिजोरी नहीं खुलती तो वह अपने दूसरे साथ को बुलाता है। इसके बाद दो और साथी दुकान के अंदर आ जाते हैं। इसके बाद सामने रखे एक आभूषण सोकेस को अलग करके तिजोरी को खिसकर दुकान के बाद ले जाते हैं। हालांकि हालांकि बाहर भी तिजोरी नहीं तोड़ पाने पर वे उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए। दुकानदार जितेंद्र साहू के मुताबिक, चोर दुकान के काउंटर से करीब 120 ग्राम सोना, 15 किलो चांदी और करीब 80 हजार रुपये नकद ले गए। सभी चोरो का चेहरा मास्क से ढका होता है।
जैसे ही दुकान संचालक सुबह उठा तो वह दुकान का नजारा देखकर चौंक गया। इसके बाद उन्होंने सीसीटीवी में पूरी घटना देखी। जिसके बाद दुकान संचालक ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने वारदात स्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
हैरान कर देने वाली बात यह है कि पटेरा के वार्ड नंबर 01 में 17 सितंबर की रात चोरी की घटना हुई थी, जिसका खुलासा अभी तक नहीं हुआ है। इसके बाद 19 सितंबर की रात को भी उसी मोहल्ले में चोरी हुई। लगातार हो रही चोरियों के बाद अब सवाल पुलिस प्रशासन पर उठ रहा है। गरवासियों में पुलिस व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी दिखाई दे रही है। स्थानीय युवाओं ने थाना प्रभारी के नाम ज्ञापन देकर पटेरा नगर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह भदौरिया मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की तलाश की जा रही है।

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गर्लफ्रेंड से पिटाई करवाई, VIDEO किया वायरल! छात्रा से प्रताड़ना का मुख्य आरोपी श्रवण भेजा गया जेल
सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले में कॉलेज छात्रा को अनुचित संबंध बनाने के लिए लंबे समय से प्रताड़ित करने और विरोध करने पर उसकी सहेलियों से पिटाई कराने के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोलगवां थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी 19 वर्षीय छात्र श्रवण श्रीवास उर्फ श्रवण सेन को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे ज्यूडिशियल रिमांड पर सेंट्रल जेल भेज दिया गया है।
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी श्रवण पिछले करीब 10 महीनों से पीड़िता पर अनैतिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। जब छात्रा ने साफ इंकार कर दिया, तो आरोपी ने अपनी कथित गर्लफ्रेंड के जरिए उस पर दबाव बनवाया। इसके बाद भी बात न बनने पर गर्लफ्रेंड और उसकी सहेलियों के जरिए छात्रा को कोलगवां क्षेत्र के ‘नगर वन’ के सुनसान इलाके में बुलवाया गया।
सुनसान जगह पर पहले से मौजूद चार लड़कियों ने पीड़िता को घेरकर बेरहमी से पीटा और इस पूरी हैवानियत का वीडियो बना लिया। बाद में दबंगई दिखाने के लिए यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। पुलिस ने पीड़िता के बयानों के आधार पर चारों आरोपी लड़कियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 140(3) समेत अन्य गंभीर धाराएं बढ़ाई हैं। पुलिस ने सभी के मोबाइल जब्त कर लिए हैं।
मामले की तह में जाने पर ‘जीसी ग्रुप’ नाम के एक इंस्टाग्राम ग्रुप का सच सामने आया है। शहर के अलग-अलग कॉलेजों VITS इंजीनियरिंग, गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज और AKS यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राएं इस ग्रुप से जुड़े थे। इसी ग्रुप के जरिए पीड़िता का संपर्क आरोपी श्रवण से हुआ था। जब श्रवण अश्लील और पर्सनल मैसेज भेजने लगा तो छात्रा ने विरोध किया, जिसके बाद यह पूरी खौफनाक साजिश रची गई। घटना के बाद इस ग्रुप को डिलीट कर दिया गया है।
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18 करोड़ के रेलवे ओवरब्रिज में भ्रष्टाचार का मामला: भोपाल से पहुंची जांच टीम, ठेकेदार को 15 दिन का अल्टीमेटम
नरसिंहपुर। नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में 18 करोड़ रुपये की लागत से बने रेलवे ओवरब्रिज के महज 6 महीने में ही खस्ताहाल होने के मामले में बड़ा असर देखने को मिला है। खबर प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया है। भोपाल से लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता अपनी विशेष टीम के साथ मौके पर पहुंचे और ओवरब्रिज का बारीकी से निरीक्षण किया।
भोपाल से आई जांच टीम ने निरीक्षण के दौरान ओवरब्रिज के निर्माण में कई गंभीर अनियमितताएं और कमियां पाईं। इसके बाद अधिकारियों ने ठेकेदार को सख्त दिशा-निर्देश देते हुए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। विभाग ने साफ किया है कि ब्रिज में पाई गई सभी खामियों और निर्माण से जुड़ी समस्याओं को तय सीमा के भीतर जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सेतु विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ब्रिज की गुणवत्ता और सुरक्षा जांच के लिए कई तकनीकी विशेषज्ञों से भी निरीक्षण कराया जा रहा है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट में जो भी कमियां बताई जाएंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक करवाया जाएगा। 15 दिन में कार्य पूरा करने का दावा वहीं, निर्माण कंपनी के इंजीनियर का कहना है कि विभाग द्वारा दिए गए 15 दिन के अल्टीमेटम के भीतर सभी सुधारात्मक कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे।

इंदौर। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान DCP नरेंद्र रावत और राहुल गांधी की टीम के बीच नोकझोंक पर सज्जन सिंह वर्मा का तीखा हमला, बोले- कई सिंघम आए और चले गए, ये इंदौर है प्यारे इंदौर। राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारी और राहुल गांधी की टीम के बीच हुई कथित नोकझोंक अब सियासी बयानबाजी का मुद्दा बन गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर तीखे शब्दों में प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अधिकारी के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक अदना सा अधिकारी खुद को सिंघम समझ रहा है, लेकिन उसे यह पता होना चाहिए कि सरकारें बदलती रहती हैं।
सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान अधिकारी मंच पर चढ़ गए और वहां मौजूद लोगों की संख्या को लेकर सवाल करने लगे। उन्होंने राहुल गांधी की टीम के साथ अधिकारी की कथित नोकझोंक को लेकर नाराजगी जताई और अपने बयान में अधिकारी के रवैये पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, ‘तेरे बाप का कार्यक्रम नहीं है, राहुल गांधी का कार्यक्रम है।’ सज्जन सिंह वर्मा के इस बयान ने कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस अधिकारियों के व्यवहार को लेकर राजनीतिक विवाद को और तीखा कर दिया है।
सज्जन सिंह वर्मा ने अपने बयान में अधिकारी को लेकर कहा कि कई सिंघम आए और चले गए, लेकिन इंदौर अपनी जगह कायम है। उन्होंने सरकारों के बदलने का जिक्र करते हुए अधिकारियों को सत्ता के स्थायित्व को लेकर अप्रत्यक्ष संदेश दिया।उनके बयान में पुलिस प्रशासन के रवैये को लेकर नाराजगी साफ दिखाई दी। हालांकि, अधिकारी और राहुल गांधी की टीम के बीच हुई नोकझोंक की पूरी वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई थी
राहुल गांधी के इंदौर दौरे के दौरान ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम के दौरान सामने आए कथित विवाद पर कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने पुलिस अधिकारी को निशाने पर लिया। उनका बयान अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। एक तरफ कार्यक्रम में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस नेता का आक्रामक बयान प्रशासनिक रवैये पर सीधे हमले के तौर पर देखा जा रहा है।
राहुल गांधी के कार्यक्रम में हुई कथित नोकझोंक के बाद सज्जन सिंह वर्मा का बयान प्रशासन और कांग्रेस के बीच टकराव को लेकर सियासी चर्चा को हवा दे रहा है। ‘सिंघम’ वाले तंज से लेकर सरकार बदलने की चेतावनी तक, वर्मा ने अपने बयान में अधिकारी के रवैये पर सवाल उठाए हैं। अब सवाल यह है कि कार्यक्रम के दौरान आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी और पुलिस अधिकारी तथा राहुल गांधी की टीम के बीच हुई नोकझोंक की वास्तविक वजह क्या थी?
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हैंडपंप लगाने को लेकर कॉलोनी में बवालः नगर पालिका कर्मचारियों और पार्षद से मारपीट, 2 पर FIR दर्ज
ग्वालियर। विवेकानंद कॉलोनी में पानी की खराब मोटर हटाकर हैंडपंप लगाने की बात को लेकर विवाद गहरा गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दबंगों ने नगर पालिका के कर्मचारियों के साथ हाथापाई और मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचे स्थानीय पार्षद हीरा सिंह के साथ भी दबंगों ने धक्का-मुक्की और हमला करने का प्रयास किया।
घटना के विरोध में नगर पालिका के उपाध्यक्ष सतेंद्र दुबे, पीड़ित पार्षद और निकाय कर्मचारी एकजुट होकर सिटी थाने पहुंचे। पुलिस अधिकारियों से आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग को लेकर थाने में धरना दे दिया। इस दौरान पुलिस और आक्रोशित पार्षदों के बीच तीखी बहस (हॉट टॉक) की स्थिति भी बन गई।
मामले की गंभीरता और पार्षदों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) जयराज कुबेर मौके पर सिटी थाने पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित पार्षदों और कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सभी आरोपी पक्ष पर एफआईआर की मांग पर अड़े रहे। आखिरकार शनिवार देर रात नगर पालिका कर्मचारी श्री लाल कडेरे की शिकायत पर आरोपी सतविंदर सिंह और अमृत सिंह के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने (IPC की संबंधित धाराओं) सहित अन्य मामलों में प्रकरण दर्ज कर लिया गया।
पीड़ित पालिका कर्मचारी श्रीलाल कडेरे ने बताया कि वह टीम के साथ कॉलोनी में खराब पड़ी मोटर निकालकर नया हैंडपंप स्थापित करने गए थे। तभी सतविंदर सिंह, अमृत सिंह और अन्य लोगों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। पार्षद हीरा सिंह ने जब उन्हें बचाने की कोशिश की तो आरोपियों ने उन पर भी हमला करने का प्रयास किया। एएसपी जयराज कुबेर ने बताया कि यह विवाद पार्षद और आरोपी पक्ष के बीच आपसी रंजिश का लग रहा था, जिसे कर्मचारी से मारपीट के मुद्दे से जोड़ा जा रहा था। कर्मचारी की लिखित शिकायत पर दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
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जीतू पटवारी बोले- छात्रों की गूंज को हर जिले तक ले जाएगी कांग्रेस
इंदौर। राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्यक्रम को लेकर अपनी बात रखी। पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों से जुड़े जिन मुद्दों को उठाया है, उन्हें जनता अपना मुद्दा मान रही है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग के लिए इंदौर की जनता, मीडिया, सिख समाज, आईडीए, पुलिस और जिला प्रशासन का साधुवाद किया। वहीं उन्होंने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ की आवाज अब रुकने वाली नहीं है और इसे प्रदेश के हर जिले तक ले जाया जाएगा।
इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के बाद जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार का दायित्व है कि विद्यार्थियों को अधिकार संपन्न और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने मध्यप्रदेश में क्वालिटी एजुकेशन को लेकर पहल किए जाने की बात कही। पटवारी ने भाजपा नेताओं के बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी और सत्ताधारी दल को सकारात्मक सोच के साथ मुद्दों पर बात करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यकाल के करीब दो साल यानी लगभग 800 दिन अभी बाकी हैं। उन्होंने एक बार फिर 28 में सरकार बनने की बात दोहराई।
जीतू पटवारी ने यह भी कहा कि “छात्रों की गूंज का कार्यक्रम समाप्त हो जाए, ऐसा नहीं है। अब मध्यप्रदेश के हर जिले में छात्रों की गूंज का कार्यक्रम किया जाएगा। हमारा उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं, बल्कि छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को सामने रखना है।” उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी में चुनावी नतीजों को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि यह लड़ाई बच्चों और अभिभावकों की है। पटवारी ने आईडीए, पुलिस और जिला प्रशासन, मीडिया और सभी लोगों का साधुवाद किया।
साथ ही सरकारी विभागों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह इंदौर की परंपरा नहीं रही है कि विपक्ष का नेता शहर में आए तो उसके कार्यक्रम में किसी तरह की बाधा पहुंचाई जाए। उन्होंने राहुल गांधी के मंच पर कांग्रेस पदाधिकारी द्वारा उठाए गए सवालों को लेकर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि चेहरों को देखने के बजाय मुद्दों पर बात की जानी चाहिए। रोजगार के मुद्दे पर पटवारी ने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक घंटे में हजारों लोगों को रोजगार मिलने की बात कही जाती है। उन्होंने आंकड़ों को लेकर भी सरकार से सवाल किए और कहा कि युवाओं के लिए रोजगार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर गंभीरता से काम होना।

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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