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ग्वालियर। जिले के आंतरी का एक मोहल्ला इन दिनों रहस्यमयी घटनाओं के कारण चर्चा में है। यहां बघेल परिवार के पांच घरों में बार-बार अचानक आग लगने की घटनाओं का दावा किया जा रहा है। कभी पलंग जल जाता है… कभी गद्दा… कभी कपड़े… तो कभी अलमारी और बक्से। परिवारों का कहना है कि अब तक उनकी पूरी गृहस्थी लगभग तबाह हो चुकी है। कुछ लोग इसे दैवीय प्रकोप मान रहे हैं, तो कुछ भूत-प्रेत की बात कर रहे हैं। हालांकि पुलिस और प्रशासन को अब तक आग लगने का कोई स्पष्ट कारण नहीं मिला है।
ये कोई फिल्म का सेट नहीं है…ये ग्वालियर के आंतरी का वो मोहल्ला है… जहां हर सुबह लोगों की पहली नजर इस बात पर जाती है… कि आज किस घर में आग लगी…किसी का पलंग राख हो गया…किसी के कपड़े खाक…किसी का बक्सा…तो किसी का गद्दा…जल चुका होता है। स्थानीय लोगो का दावा है कि गाय-भैंस भी आग से झुलस चुकी हैं।इन पांच घरों में रहने वाले करीब 50 लोगों की जिंदगी अब घर के कमरों में नहीं बल्कि दहलीज, आंगन और पड़ोसी की दुकानों में गुजर रही है।
डर इतना गहरा है कि हर कमरे में पानी से भरी बाल्टियां रखी गई हैं, नगर पालिका ने भी एहतियात के तौर पर पानी का टैंकर तैनात कर दिया है ताकि अगर फिर आग भड़के तो उसे तुरंत बुझाया जा सके। समय जैसे जैसे गुजर रहा है रहस्य उतना ही गहराता जा रहा है और उतनी ही बढ़ती जा रही हैं तरह-तरह की चर्चाएं। परिवार का यह भी दावा है कि जब जला हुआ सामान बचाने के लिए पड़ोसी की दुकान में रखा गया तो वहां भी अचानक आग लग गई।
परिवार के कुछ लोगों का कहना है कि उनके कुलदेवता नाराज हैं, कुछ इसे किसी अदृश्य शक्ति का असर मान रहे हैं। यही वजह है कि पूजा-पाठ भी कराया जा रहा है। नींबू, हंसिया और दूसरे पारंपरिक उपाय किए जा रहे है।तांत्रिक भी बुलाए जा चुके हैं।तांत्रिक आए जरूर लेकिन बड़ी अनहोनी की आशंका जताकर लौट गए। इसे हालात में उनका यह भी कहना है कि अगर इसी तरह आग लगती रही तो उन्हें अपना घर ही नहीं बल्कि पूरा गांव छोड़ना पड़ेगा।
पुलिस और प्रशासन ने मौके का निरीक्षण किया लेकिन अब तक आग लगने की वजह सामने नहीं आई। थाना प्रभारी का कहना है कि थाने में कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है फिर भी एहतियात के तौर पर निगरानी रखी जा रही है ताकि कोई बड़ी घटना न हो। घर में लग रही रहस्मयी आग की चर्चा के चलते आसपास के गांवों से लोग इस रहस्य को अपनी आंखों से देखने पहुंच रहे हैं।
आंतरी के वार्ड नंबर छह में रहने वाले कल्लू, कामता, महेंद्र, धर्मेंद्र और प्रमोद के परिवार आज एक ही सवाल पूछ रहे हैं, आखिर कब रुकेगा ये सिलसिला…? फिलहाल रहस्य बरकरार है…की क्या इन घटनाओं के पीछे कोई वैज्ञानिक कारण है या किसी की शरारत… या फिर कुछ और…?इस सवाल का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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खाकी फिर शर्मसारः थाने के अंदर नग्न अवस्था में सोते आरक्षक का वीडियो वायरल, एसपी ने किया लाइन अटैच
खंडवा। खंडवा जिला एक बार फिर पुलिस विभाग की कारगुजारियों को लेकर सुर्खियों में है। जिले के खालवा थाने में पदस्थ एक आरक्षक का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) ने आरक्षक को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है।
दरअसल वायरल वीडियो खालवा थाने में पदस्थ आरक्षक जयदीप का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में आरक्षक पुलिस थाने के अंदर ही पूरी तरह से नग्न (बिना कपड़ों के) अवस्था में सोता हुआ दिखाई दे रहा है। खाकी वर्दी की गरिमा को तार-तार करने वाले इस वीडियो के सामने आते ही स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
सूत्रों के मुताबिक यह आपत्तिजनक वीडियो करीब एक महीने पुराना बताया जा रहा है। हालांकि, यह वीडियो अब जाकर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हुआ है। जैसे ही यह वीडियो उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया, विभाग में खलबली मच गई और आनन-फानन में एक्शन लिया गया।
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स्वास्थ्य सुविधा बना मजाक! नहीं मिली एंबुलेंस तो गांव में हुई महिला की डिलीवरी, खटिया में लिटाकर कराया नदी पार
अमरवाड़ा। छिंदवाड़ा जिले में दशकों बाद स्वास्थ्य सुविधा लोगों को उपलब्ध नहीं हो पाई है। अमरवाड़ा विकासखंड के ग्राम हथोड़ा के लोहरी मोहल्ला से बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। सड़क और एंबुलेंस की कमी का खामियाजा एक गर्भवती महिला को भुगतना पड़ा। अस्पताल जाने की राह देख रही महिला को घर पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। बच्चे के साथ गांव के युवाओं ने महिला को खटिया में लिटाकर नदी पार करवाया।
ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 20 परिवार यहां पर निवासरत हैं। जब कोई परेशानी आती है तो मोहल्ले तक न एंबुलेंस आती है और ना ही कोई गाड़ी आती है। नदी पार करने के लिए हमेशा खटिया का उपयोग करना पड़ता है। गांव की एक महिला गर्भवती थी और उसकी डिलीवरी होने वाली थी लेकिन समय पर एंबुलेंस नहीं मिली। जिसके बाद घर पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा।
जच्चा बच्चा की स्थिति देख कर गांव के युवाओं ने खाटिया में महिला को लिटाकर नदी पार करवाया। फिर बाइक से ही अस्पताल पहुंचाया और भर्ती कराया।ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि से कई बार नदी में पुलिया बनाने और रोड बनाने की मांग की गई लेकिन कोई ध्यान नहीं देता है। स्कूली बच्चों को नदी पार करके स्कूल जाना पड़ता है। बरसात के दिनों में बड़ी दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है।
यहां ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए मोहताज हैं क्योंकि इस मोहल्ले में जाने के लिए ग्रामीणों को नदी पार करनी पड़ती है। नदी पर पुल बनाने की मांग काफी दिनों से चल रही है लेकिन अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है।

भोपाल। मध्यप्रदेश के दमोह जिले के गढ़ी मोहल्ला में मुहर्रम के दौरान होने वाली शहर गश्त में एक बड़ा हादसा हो गया। इस दौरान स्टंट करने वाले एक युवक के मुंह में लगी आग से अफरातफरी मच गई और वो गंभीर रूप से झुलस गया।
दरअसल बीती रात शहर में ताजियों को शहर गश्त कराई जा रही थी और इसी परम्परा का एक हिस्सा एक बड़ी सी मशाल का जलाना होता है। गढ़ी मोहल्ले में ऐसी ही मशाल को जलाया गया और इस पर लोग तेल डालते है तो कुछ युवा इस मशाल के साथ स्टंट कर रहे थे। मुंह में पेट्रोल भरकर मशाल की आग में फूंक मारकर उगल रहे थे। सब कुछ सामान्य चल रहा था इसी बीच एक युवक ने मुंह में पेट्रोल भरा और मशाल पर उगल रहा था। दो तीन बार तो ठीक रहा लेकिन जैसे ही वो चौथी बार मुंह में पेट्रोल लेकर आया फूंक मारने के बाद उसके मुंह में आग लग गई।
आग के गोले मुंह से निकलने लगे। अफरातफरी के बीच लोगों ने बाहरी आग बुझा दी लेकिन युवक के मुंह के अंदर और गले में जहां जहां तक पेट्रोल गया वहां उतने हिस्से में आग फैलती गई। घटना के बाद लोगों द्वारा युवक को स्थानीय डाक्टर को दिखाया और बाद में उसे जबलपुर रेफर कर दिया गया है। जहां उसका उपचार जारी है। इस बीच पास में खड़े कुछ लोगो ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया
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200 का नकली नोट पड़ा भारी: खुल गई जाली नोटों की फैक्ट्री,पुलिस पहुंची मास्टरमाइंड तक
इंदौर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में 200 रुपये का नकली नोट चलाने की कोशिश एक बड़े खुलासे का कारण बन गई। रेस्टोरेंट संचालक की सतर्कता से पहले एक युवक पकड़ा गया और उसकी निशानदेही पर पुलिस ने जाली नोट छापने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 44 हजार रुपये के नकली नोट, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन तथा अन्य सामग्री जब्त की है।गांधीनगर थाना प्रभारी अनिल यादव के अनुसार राजनगर सेक्टर-ए, चंदन नगर निवासी यशवंत यादव ने शिकायत दर्ज कराई कि 25 जून को वह रिजलाय फाटा-नावदा पंथ रोड स्थित सांवरिया रेस्टोरेंट पर मौजूद था। इसी दौरान एक युवक चाय-नाश्ता करने के बाद भुगतान के लिए 200 रुपये का नोट देने लगा।
नोट देखते ही रेस्टोरेंट संचालक यशवंत यादव को उसके नकली होने का संदेह हुआ। उन्होंने कर्मचारी आशीष चौहान की मदद से युवक को मौके पर ही रोक लिया और तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान ग्राम अटाहेड़ा, थाना देपालपुर निवासी दीपक पटेल के रूप में बताई। उसने खुद को मजदूर बताते हुए दावा किया कि यह नोट उसे मजदूरी के भुगतान में मिले थे। हालांकि तलाशी के दौरान उसके पास से 4 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए।
सख्ती से पूछताछ करने पर दीपक ने खुलासा किया कि नकली नोट उसे सिंगापुर टाउनशिप निवासी संजय पुत्र महेश वैष्णव ने दिए थे। इसके बाद पुलिस ने संजय को भी गिरफ्तार कर लिया। संजय के कब्जे से करीब 40 हजार रुपये के नकली नोट और उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल की जा रही प्रिंटिंग मशीन जब्त की गई। पुलिस के अनुसार संजय दीपक को बाजार में जाली नोट चलाने के लिए देता था।
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी संजय वैष्णव का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। उसे पूर्व में एसटीएफ खंडवा नकली नोटों के मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। उस समय भी उसके पास से जाली नोट बरामद हुए थे और जेल भेजा गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद वह फिर से नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने के अवैध कारोबार में सक्रिय हो गया। पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क, आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
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मुहर्रम के मातमी जुलूस निकले: करबला की शहादत को किया याद, पोस्टरों में पहलगाम और मणिपुर का भी जिक्र
भोपाल में शुक्रवार को मुहर्रम के अवसर पर मातमी जुलूस पूरे धार्मिक श्रद्धा और गमगीन माहौल के बीच निकाले गए। करबला की शहादत की याद में आयोजित इन जुलूसों में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। शहर के फतेहगढ़, इमामी गेट, हमीदिया रोड, करोंद सहित कई इलाकों से ताजिए, बुर्राक, सवारियां और इस्लामी परचम के साथ जुलूस निकले। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने पुराने शहर के संवेदनशील इलाकों में विशेष इंतजाम किए।
फतेहगढ़ इमामबाड़ा से निकले प्रमुख मातमी जुलूस में सैकड़ों लोग हाथों में अलम लेकर शामिल हुए। बड़ी संख्या में अकीदतमंद नंगे पैर ‘या हुसैन’ की सदाओं के बीच आगे बढ़ते रहे। रास्ते में कई जगह लोगों ने सेवा भाव दिखाते हुए नंगे पैर चल रहे श्रद्धालुओं के पैरों पर पानी डाला ताकि गर्म सड़क से उन्हें राहत मिल सके।
पोस्टरों में करबला के संदेश के साथ समकालीन घटनाओं का जिक्र
जुलूस के दौरान कुछ युवाओं की टी-शर्ट पर ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर दिखाई दी।
वहीं कई अकीदतमंद ऐसे पोस्टर लेकर चल रहे थे जिनमें करबला के संदेश के साथ फिलिस्तीन, मणिपुर, पहलगाम और ईरान से जुड़ी घटनाओं का उल्लेख किया गया था। एक पोस्टर पर कर्बला - जुल्म के खिलाफ आवाज का संदेश लिखा था। साथ ही इसमें यह संदेश भी दिया गया कि दुनिया में कहीं भी आतंकवाद, हर जगह शांति के लिए खतरा है।
सुबह से शुरू हुए सभी मातमी जुलूस दोपहर में इमामी गेट चौराहे पर पहुंचे, जहां अलग-अलग अंजुमनों ने सामूहिक मातम किया। इसके बाद सभी जुलूस वीआईपी रोड स्थित करबला मैदान की ओर रवाना हुए, जहां धार्मिक रस्में पूरी की गईं।
जुलूस के दौरान शहर के प्रमुख चौराहों पर उलेमाओं ने मजहबी तकरीरें कीं। उन्होंने हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत, करबला की जंग और अन्याय के खिलाफ उनके संघर्ष पर प्रकाश डाला। तकरीरों में इंसानियत, अमन, भाईचारे और जुल्म के विरोध का संदेश दिया गया। पूरे आयोजन के दौरान मुस्लिम समाज के लोग गम और अकीदत के साथ मातम करते नजर आए।

कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में शुक्रवार सुबह हुए भीषण LPG टैंकर हादसे में टैंकर चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा सुबह करीब 6 बजे हुआ, जब तेज रफ्तार टैंकर बेकाबू होकर टोल प्लाजा से टकरा गया। टक्कर के तुरंत बाद जोरदार धमाका हुआ और टैंकर आग के गोले में बदल गया। आग इतनी भीषण थी कि चालक बाहर नहीं निकल सका। उसका शव पूरी तरह जल गया और मौके से केवल कंकाल का कुछ हिस्सा ही बरामद हो सका। हादसे में पांच टोल कर्मचारी भी झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक टैंकर पूरी तरह जल चुका था। आग की चपेट में आने से टोल प्लाजा के यार्ड में खड़ी 16 बाइकें और दो कारें भी जलकर राख हो गईं।
यह हादसा कौशांबी जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर कोखराज थाना क्षेत्र के सिहोरी टोल प्लाजा पर सुबह करीब 7 बजे हुआ। हादसे के बाद करीब 2 किलोमीटर दूर तक धुएं का गुबार और आग की लपटें दिखाई देती रहीं। आग की वजह से हाईवे के दोनों ओर बसों और कारों की लंबी कतार लग गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गैस टैंकर कानपुर से प्रतापगढ़ की ओर जा रहा था। रास्ते में ओवरटेक करने के दौरान टैंकर करीब 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से डिवाइडर से टकराया और पलट गया। इसके बाद टैंकर से गैस लीक होने लगी। कुछ ही क्षण बाद तेज धमाका हुआ और आग भड़क उठी कुछ ही मिनटों में आसमान काले धुएं के गुबार से भर गया।
आग इतनी तेजी से फैली कि टोल प्लाजा के यार्ड और पास बने टॉयलेट तक पहुंच गई। यार्ड में खड़ी कर्मचारियों की 16 से ज्यादा बाइकें और 2 कारें जलकर राख हो गईं। टॉयलेट में मौजूद सुपरवाइजर आलोक पांडे भी गंभीर रूप से झुलस गए। टोल कर्मचारी संजय निर्मल ने बताया कि हादसे से करीब 10 मिनट पहले हल्की बारिश हुई थी। अचानक टैंकर पलटा और गैस रिसाव के बाद आग भड़क गई। आग इतनी विकराल थी कि कोई भी उसके करीब जाने की हिम्मत नहीं कर पाया।
कौशांबी के एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि शुरुआती जांच में टक्कर के बाद गैस रिसाव होने और उसी के कारण धमाका व आग लगने की बात सामने आई है। घटना के सही कारणों की जांच के लिए डीएसओ और तकनीकी टीम को बुलाया गया है।
उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही जिले की सभी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे पर ट्रैफिक रोक दिया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया और अब यातायात धीरे-धीरे सामान्य किया जा रहा है।
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राम मंदिर चंदा चोरी केस : सामने आया राज, एसआईटी ने बताया आखिर कहां गईं दान में मिली चांदी की ईंटें
अयोध्या के राम मंदिर में दान की गई चांदी की ईंटों को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे थे। आरोप लगाए जा रहे थे कि मंदिर को दान में मिली चांदी की ईंटों का कोई रिकॉर्ड नहीं है और वे गायब हो गई हैं। हालांकि, अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में इन दावों की सच्चाई सामने आ गई है। जांच में स्पष्ट हुआ है कि दान में मिली सभी चांदी की ईंटों का पूरा रिकॉर्ड श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पास सुरक्षित है।
चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले की जांच के दौरान एसआईटी ने चांदी की ईंटों से संबंधित दस्तावेजों और अभिलेखों की भी बारीकी से जांच की। अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल किए गए कई आरोप आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते। विशेष रूप से अनुराग रस्तोगी द्वारा दान की गई चांदी की ईंटों को लेकर किए गए दावों की भी जांच की गई, लेकिन उपलब्ध दस्तावेजों में उन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।
एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रस्ट के रिकॉर्ड में चांदी के दान का पूरा विवरण दर्ज है। दस्तावेज बताते हैं कि 21 जुलाई और 28 जुलाई 2020 के दौरान कुल 38 किलोग्राम चांदी दान में प्राप्त हुई थी। इसके बाद 29 जुलाई 2020 को 25.576 किलोग्राम चांदी की ईंटें भी ट्रस्ट को सौंपी गई थीं। जांच में इन सभी दानों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से सुरक्षित पाया गया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि दान की गई चांदी का पूरा लेखा-जोखा उपलब्ध है।
जांच का सबसे अहम निष्कर्ष यह रहा कि दान में मिली चांदी की ईंटें कहीं गायब नहीं हुई हैं। एसआईटी के मुताबिक, ट्रस्ट की निर्धारित प्रक्रिया के तहत इन ईंटों को गलाकर सुरक्षित स्वरूप में बैंक के लॉकर में जमा करा दिया गया था। इस तरह सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे यह आरोप कि चांदी की ईंटें लापता हैं, जांच में निराधार और भ्रामक साबित हुए।
हालांकि चांदी की ईंटों को लेकर लगाए गए आरोप गलत पाए गए हैं, लेकिन मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जांच अभी भी जारी है। एसआईटी की सिफारिश पर इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इन पर दान राशि की चोरी, आपराधिक साजिश, अमानत में खयानत और भ्रष्टाचार जैसी गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस और एसआईटी अलग-अलग पहलुओं से पूरे मामले की जांच कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में कैश काउंटिंग व्यवस्था, कर्मचारियों की निगरानी, सीसीटीवी सिस्टम और दान राशि को मंदिर से बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया में कई खामियां सामने आई हैं। इन्हीं बिंदुओं के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस बीच, मामले के बीच राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे ने भी इस पूरे प्रकरण को चर्चा का विषय बना दिया है।
एसआईटी का कहना है कि चांदी की ईंटों को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाए गए कई दावे रिकॉर्ड के आधार पर गलत साबित हुए हैं। वहीं, चढ़ावे में कथित गड़बड़ियों की जांच पूरी गंभीरता से जारी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष पड़ताल की जाएगी और जो भी व्यक्ति तथ्य छिपाने, अफवाह फैलाने या वित्तीय अनियमितता में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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ऑपरेशन सिंदूर : शहीद 6 वीर जवानों के नाम पहली बार आए सामने
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले छह वीर सैनिकों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सामने आए हैं। इन शहीदों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के 'रोल ऑफ ऑनर' सेक्शन में दर्ज किए गए हैं। इसे ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए सैनिकों की पहली आधिकारिक पुष्टि माना जा रहा है।
इन 6 शहीदों के नाम आए सामने
नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट पर जिन छह जवानों के नाम दर्ज किए गए हैं, वे हैं-
सूबेदार मेजर पवन कुमार
रायफलमैन सुनील कुमार
लांस नायक दिनेश कुमार
एवीएम (एयरक्राफ्ट्समैन) मूद मुरलीनायक
हवलदार सुनील कुमार सिंह
सुरेंद्र कुमार
इन सभी जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई में अपनी जान न्योछावर की।
नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के रोल ऑफ ऑनर सेक्शन में देश के लिए शहीद हुए कुल 26,626 सैनिकों के नाम दर्ज हैं। इसमें 1947-48 के भारत-पाक युद्ध से लेकर हालिया सैन्य अभियानों तक में शहीद हुए जवानों को सम्मान दिया गया है। अब इस सूची में ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों के नाम भी जोड़ दिए गए हैं।
मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक चले संघर्ष के दौरान जवानों के शहीद होने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, केंद्र सरकार ने उस समय किसी भी सैनिक की पहचान सार्वजनिक नहीं की थी। अब नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट पर नाम दर्ज होने के बाद पहली बार इन शहीदों की आधिकारिक पुष्टि हुई है।
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई 2025 को हुई थी। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी। उस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे।
ऑपरेशन के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में मौजूद आतंकवादी संगठनों के नौ ठिकानों पर सटीक हमले किए। इन हमलों में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया। करीब चार दिन तक चले सैन्य तनाव के बाद 10 मई 2025 को भारत और पाकिस्तान सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए थे।

उज्जैन। उज्जैन के बड़नगर थाना पुलिस द्वारा मोहर्रम जुलूस के दौरान सार्वजनिक शांति एवं सुरक्षा को खतरे में डालने के मामले में अपराध क्रमांक 382/2026, धारा 110, 125(ए), 287, 288, 223(बी), 285, 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
23-24 जून की दरमियानी रात मोहर्रम जुलूस के दौरान जय स्तंभ चौक बड़नगर पर आरोपियों द्वारा भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में एक वाहन (क्रेन की सहायता से) हवा में लटकाकर उसमें फटाके रखकर विस्फोट किया गया। फटाकों के कारण वाहन के कांच एवं अन्य वस्तुएं आसपास गिरीं, जिससे आमजन की जान को गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ। घटना के समय क्षेत्र में भारी भीड़ मौजूद थी।
पुलिस द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन आरोपी शोएब पिता गब्बू, जाहिद पिता भूरा खा, तपसील उर्फ तस्लीम उर्फ तस्लीम पिता नेहरू खा निवासी अडान मोहल्ला को हिरासत में लिया गया है अन्य आरोपियों की तलाश जारी है । बड़नगर पुलिस ने आरोपियों को सबक सिखाने और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आरोपियों का जुलुस निकाला।

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बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता 2000 की रिश्वत लेते ट्रैप: मीटर रीडर भी गिरफ्तार, लोकायुक्त ने की कार्रवाई
दमोह। दमोह के हटा में बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता राजेश सहाय को गुरुवार दोपहर 2000 रुपए की रिश्वत लेते सागर लोकायुक्त की टीम ने उन्हें कार्यालय में ही रंगे हाथों पकड़ा है। आरओ वाटर प्लांट संचालक से मीटर लोड बढ़ाने की एवज में यह रिश्वत मांगी गई थी, लेकिन फरियादी ने सागर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत कर दी। इस मामले में मीटर रीडर पर भी मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया।
फरियादी इंद्रकुमार पटेल उपकाशी मिनरल वाटर आरो प्लांट के संचालक है। इन्ही के वाटर प्लांट में लगे मीटर का लोड बढ़ाने के एवज में राजेश सहाय के द्वारा 7 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की गई थी। जिसकी पहली किश्त 2000 में तय हुई थी। फरियादी ने मामले की शिकायत सागर लोकायुक्त में की थी। टीम ने हटा पंहुचकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे लोकायुक्त इंस्पेक्टर रंजीत सिंह ने बताया कि आवेदक के वाटर प्लांट का निरीक्षण सहायक अभियंता राजेश सहाय के द्वारा किया गया था। प्लांट पर लगे मीटर का लोड कम पाया गया था। उस पर कार्रवाई न करने के एवज में सहायक अभियंता राजेश कुमार सहाय के द्वारा 7 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही थी। रिश्वत न देने पर आवेदक के विरुद्ध कार्रवाई करने की धमकी दी जा रही थी।
इंद्र कुमार पटेल ने सागर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद गुरुवार को ट्रैप की कार्रवाई तय की गई। टीम गठित कर 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए सहायक अभियंता राजेश कुमार सहाय को गिरफ्तार किया गया है। इसमें एक ऑउट सोर्स कर्मचारी संदीप पटेरिया जो मीटर रीडर का कार्य करता है। इनकी भूमिका भी पाई गई है। जिसके संबंध में कार्रवाई की जा रही है। वही आवेदक इंद्र कुमार पटेल ने बताया उन्होंने मीटर लोड बढ़ाने की कार्रवाई भी करा ली थी इसके बाबजूद भी कनिष्ठ अभियंता राजेश सहाय के द्वारा धमकाया जा रहा था। रिश्वत की मांग की जा रही थी। पैसे न देने पर एक लाख रुपए का केस बनाकर कार्रवाई करने की धमकी दी जा रही थी।
पीड़ित 6 हजार रुपए पहले भी राजेश सहाय को दे चुका है उसके बाद 7 हजार रुपए की मांग की जा रही थी। जिसकी शिकायत उसने ने लोकायुक्त सागर से की रिकॉर्डिंग के आधार पर सागर लोकायुक्त टीम ने विधुत कार्यालय पहुचकर 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सागर लोकायुक्त टीम में रोशनी जैन इंस्पेक्टर, प्रधान आरक्षक सफीक खान, आदेश तिवारी, प्रदीप दुबे, गोल्डी पासी, नीलेश चौबे, अरविंद नायक की अहम भूमिका रही।
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गे डेटिंग एप पर ‘सेक्स चैटिंग’… 50 पुरुषों से संबंध: भोपाल मर्डर मिस्ट्री में बड़ा खुलासा, HIV पॉजिटिव निकला आरोपी
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ब्लाइंड मर्डर केस में हुए खुलासे से कई मर्द दहल उठे। पुलिस की जांच में आरोपी अजय मायना से बातचीत के बाद पुलिस भी हैरान हो गई। जांच में पता चला है कि आरोपी ‘गे डेटिंग’ एप पर लड़कों से सेक्स चेटिंग करता था और उनसे संबंध बनाने की बात करता था। इतना ही नहीं 50 पुरुषों से संबंध बनाने वाला आरोपी HIV पॉजिटिव निकला है।
रिमांड के दौरान आरोपी ने कई राज उगले। आरोपी ने बताया कि वह पुरुषों से संबंध बनाने के लिए पेसो का प्रलोभन भी देता था। मिसरोद थाने के 377 के मामले जेल में तीन साल की सजा काट चुका है। आरोपी की मिसरोद स्थित अपने घर के रास्ते में राजेश नाम के युवक से मुलाकात हुई थी। आरोपी ने उसे शराब पिलाई, खाना खिलाया फिर अपने साथ घर ले गया।
आरोपी अजय ने घर में राजेश के साथ जबरदस्ती सेक्स करने की कोशिश की थी। युवक ने इसका विरोध किया तो नाराज आरोपी ने पत्थर से उसके सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से युवक की मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी उसका मोबाइल लेकर फरार हो गया था। घटना वाले दिन वह न्यू मार्केट, VIP रोड पर काफी देर तक घूमंता रहा।
आरोपी अजय ने मृतक राजेश का मोबाइल दीपक नाम के व्यक्ति को बेच दिया। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की तो मोबाइल खरीदने वाले ने बताया कि उसने यह फोनअजय से खरीदा था। यहीं से पुलिस को सुराग मिला और जांच करते हुए हत्या की परतें खुल गई।
आरोपी अजय को पुलिस ने 5 दिन की रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान मामले में बड़े खुलासे हो सकते हैं। बता दें कि 29 मई 2016 इकोलॉजिकल पार्क, झागारिया हाइवे पर 5 दिन पुराना शव मिला था। एक महीने के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा किया है।

राजगढ़। राजगढ़ जिले के खारपरस गांव में एक आरोपित को महिला के पैरों से पायल लूटना महंगा साबित हुआ है। ग्रामीणों ने घटना के बाद सुबह आरोपित को पकड़कर ट्रैक्टर-ट्राली से बांधकर न सिर्फ मारपीट की है, बल्कि उसको लोहे का सरिया गर्म कर पैरों पर जलाया भी गया है। घटना के बाद दोनों महिला पक्ष की शिकायत पर युवक पर लूटपाट का मामला दर्ज किया है, जबकि युवक से मारपीट करने पर चार पर एफआईआर की है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक कालीपीठ थाना क्षेत्र के गांव खारपरस में 23 जून रात करीब साढ़े 11 बजे उसी गांव का गोविंद वर्मा नामक युवक गांव में ही 90 वर्षीय जतनबाई सौंधिया के घर में घुस गया। महिला परिवार से अलग अकेली रहती थी। यह देखकर युवक ने महिला के घर में घुसकर उसके पैरों में मौजूद चांदी की पायल निकाल ली और चांदी के कड़े उतारने का प्रयास करने लगा। तब ही महिला की नींद खुल गई। नींद खुलने के साथ ही बुजुर्ग महिला ने स्थिति को भांपते हुए शोर मचा दिया। शोर सुनते ही आरोपित गोविंद वर्मा वहां से भाग निकला।
इसके बाद 24 जून को लूट की जानकारी पूरे गांव में फैल गई। इसके बाद ग्रामीणों ने आरोपित की तलाश शुरू कर दी। खोजने के बाद ग्रामीणों ने आरोपित गोविंद वर्मा को पकड़ लिया। उसे गांव के अंदर लाकर मारपीट की। फिर ट्रैक्टर-ट्राली से बांधकर पीटा गया। तब ही एक युवती लोहे के तार को गर्म करके ले आई और युवक के पैरों को दाग दिया। बार-बार जब दागा गया तो युवक दर्द से कराहता हुआ जमीन पर पड़ गया। कुछ लोग हालांकि ऐसा नहीं करने का भी बोलते नजर आए।
युवक को बांधकर मारपीट करने व लोहे से दागने का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया। घटना के बाद जैसे ही पूरे घटनाक्रम का वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस भी हरकत में आ गई। इसी के साथ आरोपित युवक द्वारा बुजुर्ग महिला के घर में घुसकर चांदी की पयल लूटने व कड़े लूटने के प्रयास को लेकर महिला पक्ष की ओर से लूटपाट की धाराओ में एफआईआर दर्ज की है।
जबकि उधर युवक को ट्रैक्टर-ट्राली से बांधकर मारपीट करने पर पुलिस ने गोविंद वर्मा पक्ष की शिकायत के आधार पर आरोपित लाखन सौंधिया, देवराज सौंधिया, रामबाबू सौंधिया व एक युवती के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओ में एफआइआर दर्ज की है।इस पूरे मामले की जांच अब एसडीओपी स्तर पर की जा रही है।
इनका कहना है
युवक के साथ मारपीट करने व पूरे घटनाक्रम को लेकर हमने एफआइआर दर्ज कर ली है।साथ ही चारो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। अमित तोलानी, एसपी राजगढ़।
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नामांतरण करने के मामले में , कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन तहसीलदार, पटवारी समेत 4 पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
डिंडौरी। पैतृक संपत्ति हड़पने के लिए फर्जी वसीयत और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर नामांतरण करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन तहसीलदार, पटवारी समेत 4 लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गिरजेश कुमार सनोडिया के आदेश पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
जिला मुख्यालय के वार्ड-4 निवासी इन्द्रपाल सोनपाली ने कोर्ट में परिवाद दायर किया था। आवेदन के अनुसार उनके दादा बालमुकुन्द सोनपाली का निधन 1989 में हुआ था। उनकी डिंडौरी नगर व आसपास अचल संपत्ति है। बंटवारे को लेकर इन्द्रपाल के चाचा नंदलाल सोनपाली और उसके बेटे रोहित सोनपाली से विवाद चल रहा है। सिविल केस 28ए/2021 डिंडौरी कोर्ट में निराकृत होने के बाद हाईकोर्ट जबलपुर में अपील विचाराधीन है। हाईकोर्ट ने 7 मई 2007 को अपील निराकरण तक संपत्ति विक्रय पर रोक लगाई थी।
इन्द्रपाल का आरोप है कि नंदलाल सोनपाली ने दादी के नाम से फर्जी वसीयत बनाकर तहसीलदार के प्रकरण क्र. 0345/अ-6/2022-23 में आदेश दिनांक 4 जुलाई 2022 से वार्ड-5 की 3.245 हेक्टेयर पैतृक भूमि अपने नाम करा ली। इस जमीन पर मकान, कुआं और बगीचा है। इसके बाद 5 अगस्त 2022 को बेटे रोहित के नाम दानपत्र कर दी।
इसी तरह ग्राम सुबखार वार्ड-1 की खसरा नं. 104 की 3.5450 हेक्टेयर जमीन भी फर्जी वसीयत से प्रकरण क्र. 0346/अ-6/2022-23 में 4 जुलाई 2022 को अपने नाम कराकर 26 अक्टूबर 2022 को अनिल खनूजा को बेच दी।
आवेदन में कहा गया कि दोनों नामांतरण में इन्द्रपाल के फर्जी हस्ताक्षर से शपथ पत्र तैयार किए गए, जिसमें लिखा था कि नामांतरण पर कोई आपत्ति नहीं है। इन्द्रपाल का कहना है कि वह कभी तहसील कोर्ट में पेश नहीं हुआ। हल्का पटवारी हिरेन्द्र सूर्याम और तत्कालीन तहसीलदार गोविन्दराम सलामे ने पद का दुरुपयोग कर अवैधानिक नामांतरण किया।
बताया गया कि वार्ड-5 की जमीन पर पैतृक मकान व वृक्ष होने के बावजूद राजस्व रिकॉर्ड से ‘परिवर्तित’ श्रेणी हटाकर कृषि भूमि दर्शा दी गई, ताकि कलेक्टर की अनुमति के बिना हस्तांतरण हो सके। दानपत्र में भी झूठा उल्लेख किया कि जमीन पर मकान, कुआं, वृक्ष नहीं है।
सीजेएम कोर्ट ने दांडिक पुनरीक्षण क्र. 11/25 और सुप्रीम कोर्ट के न्याय दृष्टांत माधव विरुद्ध स्टेट ऑफ महाराष्ट्र 2013 के परिप्रेक्ष्य में थाना प्रभारी को अपराध दर्ज कर जांच के आदेश दिए थे। इस पर कोतवाली पुलिस ने नंदलाल सोनपाली, रोहित सोनपाली, पटवारी हिरेन्द्र सूर्याम और तत्कालीन तहसीलदार गोविन्दराम सलामे के खिलाफ धारा 420, 468, 471 भादवि के तहत केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
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घोड़े पर दूल्हा… पानी में बारात! पहली बारिश में ही डूब गया ‘स्मार्ट’ इंदौर
इंदौर। ये नज़ारा किसी बाढ़ प्रभावित गांव का नहीं, बल्कि देश के सबसे स्वच्छ शहर और मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर का है। पहली ही बारिश ने नगर निगम के करोड़ों रुपये के दावों को पानी में बहा दिया। रोबोट चौराहे के पास न्याय नगर की सड़कें ऐसी डूबीं कि पूरा इलाका तालाब बन गया। हालात इतने बदतर थे कि दूल्हा तो किसी तरह घोड़े पर सवार होकर निकल गया, लेकिन बारातियों को घुटनों तक भरे गंदे पानी में चलकर बारात निकालनी पड़ी।
नगर निगम स्मार्ट सिटी और बेहतर ड्रेनेज के दावे करता रहा, लेकिन पहली ही बारिश ने उन दावों की हकीकत सबके सामने ला दी। अब इस बारात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब मानसून की शुरुआत में ही शहर डूब गया, तो आने वाले दिनों में इंदौर का क्या होगा?
करोड़ों रुपये के ड्रेनेज प्रोजेक्ट, जल निकासी की योजनाएं और तैयारियों के तमाम दावों के बीच न्याय नगर की ये तस्वीरें सिस्टम की नाकामी की गवाही दे रही हैं। वीडियो इंदौर के न्याय नगर का है।

प्रमुख समाचार

कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में शुक्रवार सुबह हुए भीषण LPG टैंकर हादसे में टैंकर चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा सुबह करीब 6 बजे हुआ, जब तेज रफ्तार टैंकर बेकाबू होकर टोल प्लाजा से टकरा गया। टक्कर के तुरंत बाद जोरदार धमाका हुआ और टैंकर आग के गोले में बदल गया। आग इतनी भीषण थी कि चालक बाहर नहीं निकल सका। उसका शव पूरी तरह जल गया और मौके से केवल कंकाल का कुछ हिस्सा ही बरामद हो सका। हादसे में पांच टोल कर्मचारी भी झुलस गए, जिन्हें इलाज...

मध्य प्रदेश

ग्वालियर। जिले के आंतरी का एक मोहल्ला इन दिनों रहस्यमयी घटनाओं के कारण चर्चा में है। यहां बघेल परिवार के पांच घरों में बार-बार अचानक आग लगने की घटनाओं का दावा किया जा रहा है। कभी पलंग जल जाता है… कभी गद्दा… कभी कपड़े… तो कभी अलमारी और बक्से। परिवारों का कहना है कि अब तक उनकी पूरी गृहस्थी लगभग तबाह हो चुकी है। कुछ लोग इसे दैवीय प्रकोप मान रहे हैं, तो कुछ भूत-प्रेत की बात कर रहे हैं। हालांकि पुलिस और प्रशासन को अब तक आग लगने का कोई स्पष्ट कारण...

अपराध

भोपाल। मध्यप्रदेश के दमोह जिले के गढ़ी मोहल्ला में मुहर्रम के दौरान होने वाली शहर गश्त में एक बड़ा हादसा हो गया। इस दौरान स्टंट करने वाले एक युवक के मुंह में लगी आग से अफरातफरी मच गई और वो गंभीर रूप से झुलस गया।दरअसल बीती रात शहर में ताजियों को शहर गश्त कराई जा रही थी और इसी परम्परा का एक हिस्सा एक बड़ी सी मशाल का जलाना होता है। गढ़ी मोहल्ले में ऐसी ही मशाल को जलाया गया और इस पर लोग तेल डालते है तो कुछ युवा इस मशाल के साथ स्टंट कर रहे थे। मुंह...
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गुना सिटी

गुना। (गरिमा टीवी न्यूज़) गुना जिले में ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) में सरकारी धन की अफरा-तफरी और गंभीर वित्तीय अनियमितता का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। स्व-सहायता समूहों के लिए आई 3.74 करोड़ रुपये की राशि को असल हितग्राहियों के बजाय निजी व्यक्तियों और संस्थाओं के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। इस महाघोटाले में कैंट पुलिस ने राज्य स्तरीय जांच समिति की अनुशंसा पर तत्कालीन जिला परियोजना प्रबंधक (DPM) सहित तीन मुख्य जिम्मेदारों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मुकदमा...

फोटो गैलरी

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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