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जबलपुर. आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडबलू) ने जबलपुर के 6 प्राइवेट स्कूलों के मालिकों, नोडल अधिकारियों के विरूद्ध गरीब एवं कमजोर वर्ग के छात्रों की फीस की राशि 26.50 लाख रूपये की धोखाधडी कर गबन करने पर अपराध पंजीबद्ध किया है. ईओडबलू की कार्रवाई से निजी स्कूल प्रबंधनों में हड़कम्प की स्थिति बनी हुई है.
ईओडबलू के मुताबिक आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई जबलपुर में शिकायतकर्ता विजयकांति पटेल द्वारा शिकायत की गई कि गरीबी रेखा के नीचे एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के लिये शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश दिये जाने का प्रावधान किया गया है. प्राइवेट स्कूलों द्वारा एक छात्र को 2 से 3 बार एडमिशन दर्शाकर जिला शिक्षा केंद्र जबलपुर से इस योजना में शासन से प्रदान की जाने वाली छात्रों की फीस प्रतिपूर्ति राशि का अनियमित भुगतान किया गया.
शिकायत की जांच में यह पाया गया कि जबलपुर जिले में 466 प्राइवेट स्कूलों को गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवार के बच्चों की वर्ष 2011 से 2016 तक अवधि में कुल 3,27,83,521 रूपये की फीस प्रतिपूर्ति राशि भुगतान की गई थी. इनमें से 06 प्राइवेट स्कूलों के द्वारा कुल 628 छात्रों का फर्जी एडमिशन अपने स्कूलों में दर्शाकर 26.50 लाख रूपये की फीस प्रतिपूर्ति राशि अवैध रूप से हड़प ली गई. इन 06 स्कूलों के संचालकों ने शिक्षा विभाग द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारियों के साथ षडयंत्र कर वंचित गरीब व कमजोर वर्ग के बच्चों की फीस की राशि का गबन करके शासन को 26.50 लाख रूपये की आर्थिक क्षति कारित की. वर्ष 2011 से वर्ष 2016 में पदस्थ शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारियों द्वारा इन प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे कमजोर वर्ग के बच्चों के एडमीशनों का वास्तविक सत्यापन नहीं किया और स्कूल संचालकों से षडय़ंत्र पूर्वक सहयोग कर अपने पद का दुरूपयोग किया गया.
उपरोक्त आरोप प्रमाणित पाये जाने पर प्राइवेट स्कूलों के मालिक एवं संचालक (1) स्मिता चिल्ड्रन एकेडमी के संचालक श्री मनीष असाटी (2) आदर्श ज्ञान सागर की संचालक नसरीन बेगम (3) गुरू पब्लिक स्कूल के संचालक मो. तौसीफ (4) उस्मानिया मिडिल स्कूल के संचालक मो. शमीम (5) सेन्ट अब्राहम के शाला संचालक मोहम्मद शफीक तथा जिला शिक्षा केंद्र के तत्कालीन नोडल अधिकारी (1) श्रीमति चंदा कोष्टा, (2) श्रीमति गुलनिगार खानम, (3) श्रीमति अख्तर बेगम अंसारी, (4) श्री राजेन्द्र बुधेलिया, (5) श्री डी.के.मेहरा एवं अन्य के विरूद्ध धारा 409,420,120बी भा.द.वि. एवं धारा 7(सी.) भ्र.नि.अ. 1988 संशोधित 2018 अंतर्गत अपराध क्रमांक /2026 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है.

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इनकम टैक्स की बड़ी रेड: जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि के भाई के ठिकानों पर दबिश
विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा में इनकम टैक्स की टीम ने छापेमार कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि दिलीप बिल्डकॉन के ठिकानों पर दबिश दी गई है। किसी को भी गेट के अंदर जाने की अनुमति नहीं है। दिलीप बिल्डकॉन वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि का भाई हैं। फिलहाल जांच पड़ताल जारी है।
विदिशा में शुक्रवार को आयकर विभाग (IT) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शहर के शेरपुरा स्थित समाधान अपार्टमेंट में इनकम टैक्स की टीम ने अचानक छापा मारा। मिली जानकारी के अनुसार, यह रेड जिला पंचायत अध्यक्ष के भाई और प्रतिष्ठित ठेकेदार दिलीप रघुवंशी के कार्यालय पर की गई है। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
सूत्रों के मुताबिक, टीम ठेकेदार के वित्तीय दस्तावेजों और लेन-देन के रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। अपार्टमेंट के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है। फिलहाल, आईटी विभाग की ओर से इस छापेमारी के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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ग्वालियर NDPS कोर्ट की सख्त टिप्पणी: गांजा तस्कर समाज के लिए खतरा, दोषियों को 5 साल की सजा
ग्वालियर। ग्वालियर जिला कोर्ट के NDPS न्यायालय ने दो गांजा तस्करों को 5 साल की सजा और 20-20 हजार के जुर्माने से दंडित किया है। घटना लगभग ढाई साल पुरानी यानी 30 अप्रैल 2023 की है, बहोडापुर पुलिस को सूचना मिली थी कि मूर्ति वाली पहाड़ी पर दो संदिग्ध युवक देखे गए हैं जिनके पास कोई ड्रग आदि हो सकती है। इस सूचना पर बहोडापुर पुलिस ने चीनौर रोड डबरा के रहने वाले योगेश साहू और कंपू ग्वालियर के रहने वाले जीतू कुशवाह को घेराबंदी करके पकड़ लिया था। यह लोग मोटरसाइकिल पर सवार थे तलाशी लेने पर उनके बैग में करीब 11 किलो 600 ग्राम गांजा मिला,बहोडापुर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस के तहत विशेष न्यायालय में चालान पेश किया था।
इस पर अभियोजन की कहानी को सही ठहराते हुए योगेश और जीतू को गांजा तस्करी में संलिप्त पाया और उन्हें 5 साल की सजा और 20-20 हजार के जुर्माने से दंडित किया। कोर्ट में मौजूद दोनों आरोपियों को जेल वारंट बनाकर सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। कोर्ट ने स्पष्ठ टिप्पणी करते हुए कहा कि मादक पदार्थ की खरीदी बिक्री में संलिप्त लोग समाज के लिए खतरा है। क्योंकि इसके जरिये अपराध भी बढ़ते है,ऐसे में आरोपीयो को दोषी पाते हुए सजा देना एक सख्त सन्देश भी है।

इंदौर। कनाड़िया पुलिस ने ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो हाईप्रोफाइल पार्टियों में एमडी ड्रग्स की सप्लाई कर रहा था। गिरोह का संचालक इवेंट कंपनी संचालित करता है और पब,रेस्त्रां,बार और फार्म हाऊस में होने वाली पार्टियों में लड़कियों के माध्यम से ड्रग्स की सप्लाई करता था।
पुलिस ने सोमवार रात कोहेफिजा कालोनी(भोपाल) निवासी आबान शकील को 5 ग्राम एमडी के साथ गिरफ्तार किया था। लग्जरी कारों का शौकीन आबान पब में पार्टी करने आया था। पुलिस ने कार सहित पकड़ लिया। पूछताछ में आबान ने बताया उसने ड्रग्स महालक्ष्मीनगर(ए-सेक्टर) में रहने वाले बाबा से खरीदी थी।
गुरुवार शाम टीआई सहर्ष यादव ने बाबा उर्फ वैभव शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। बाबा सफेद रंग की ईको कार से ड्रग्स की डिलीवरी देने जा रहा था और कार में आलिशा उर्फ जैनी निवासी सुभाषनगर रतलाम और रिशूजा उर्फ नेहा निवासी अंधेरी ईस्ट मुंबई भी थी। तलाशी में दोनों युवतियों से भी ड्रग्स की पुड़िया मिली। सूत्रों के अनुसार आलिशा की 56 दुकान पर कपड़े की शाप है और ड्रग्स की सप्लाई करती है।
बाबा के साथ इवेंट और केटरिंग का काम करने वाली दोनों युवतियों का संपर्क सभ्रांत परिवार के युवक युवतियों से है। आरोपितों ने बताया वह रतलाम,मंदसौर और प्रतापगढ़ के तस्करों से एमडी ड्रग्स खरीद कर पार्टियों में सप्लाई करते थे। बाबा इवेंट आयोजित करने के साथ ड्रग्स की आपूर्ति भी करता था। हाईप्रोफाइल पार्टियों में तो उसने लड़कियां भेजना भी स्वीकारा है।
इस गिरोह के तार पूरे शहर के पैडलर और तस्करों से जुड़े है। आरोपित खजराना के गोल्डन और गुलाब बाग कालोनी से सागर उर्फ सैंडो,हेमंत जैन से भी ड्रग्स खरीद रहे थे। हेमंत की पत्नी आंटी के नाम से ड्रग्स का कारोबार कर रही है। इसके अलवा स्कीम-78,महालक्ष्मीनगर,विजयनगर,राजेंद्रनगर,खजराना,श्रीनगर कांकड़ के पैडलर भी बाबा के संपर्क में थे। आरोपित काल डिटेल से बचने के लिए इंटरनेट कालिंग का उपयोग करते थे।
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पन्ना में बड़ा भू-माफिया कांड: कांग्रेस नेता को गिरफ्तार कर भेजा जेल, ‘फर्जी भाई’ की तलाश जारी
पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महामंत्री श्रीकांत उर्फ पप्पू दीक्षित को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। कांग्रेस नेता पर आदिवासी महिलाओं की करोड़ों की पैतृक जमीन हड़पने का आरोप है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने वंदना सिंह चौहान बताया कि तहसील शाहनगर के ग्राम तखोरी में पप्पू दीक्षित और उसके साथियों ने मिलकर एक ‘फर्जी भाई’ तैयार किया। पीड़ित संतोष रानी ने आरोप लगाया कि उसके पिता की मृत्यु और मां के अंधेपन का फायदा उठाकर आरोपियों ने राजाराम नामक व्यक्ति को उनका भाई बताकर पेश किया और मात्र 35 हजार रुपये देकर करोड़ों की जमीन अपने नाम करवा ली।
एसडीएम की जांच में इस फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई कि मृतक का कोई बेटा था ही नहीं। इस रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली पुलिस ने पप्पू दीक्षित को उनके निवास से गिरफ्तार किया है। एडिशनल एसपी वंदना सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि आदिवासी समाज के साथ अन्याय करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल दो अन्य आरोपी, अनुपम त्रिपाठी और फर्जी भाई राजाराम अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
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10 करोड़ की ड्रग्स फैक्ट्री का सरगना निकला चंद्रशेखर रावण का करीबी, महिलाओं को खदेड़ने पुलिस ने निकाली रिवॉल्वर
रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम में ड्रग्स फैक्ट्री को लेकर नए-नए सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। इस बीच पुलिस ने कालूखेड़ा के चिकलाना गांव में गुरुवार देर रात करीब ढाई बजे छापामार कार्रवाई कर 10 किलो से अधिक एमडी ड्रग, भारी मात्रा में रॉ मटेरियल और कई हथियार जब्त किए। मौके से 16 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि जांच अभी जारी है। साथ ही 2 राष्ट्रीय पक्षी मोर, 12 बोर की 2 बंदूकें और 91 जिंदा कारतूस जब्त किए। वहीं यह भी खुलासा हुआ है कि यह फैक्ट्री उत्त्तर प्रदेश के नगीना सांसद चंद्रशेखर रावण के करीबी की है।
जिस मकान में यह अवैध फैक्ट्री संचालित हो रही थी, वह चिकलाना निवासी दिलावर खान पठान का बताया जा रहा है। उसका पूरा परिवार इसी परिसर में रहता है। कार्रवाई के दौरान किसी भी परिजन को बाहर नहीं आने दिया गया। सुरक्षा कारणों से मीडिया को भी अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
रतलाम पुलिस के अनुसार जब्त की गई 10 किलो एमडी ड्रग की कीमत घरेलू बाजार में 20 से 50 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 100 से 200 करोड़ रुपये तक हो सकती है। इससे बड़े ड्रग नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
पूरे चिकलाना में ‘आज हमे आजादी मिली’ के नारे लगाए गए। बताया गया कि आरोपी खान पठान के पास कब्जा की हुई 500 करोड़ की संपत्ति जमीन है। वह गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस पर बाजे नहीं बजने देता था। साथ ही ग्रामीणों का कहना है कि पूरा थाना इसके यहां गिरवी रखा था। जो इसके खिलाफ शिकायत करने जाता था, कालूखेड़ा पुलिस उसी को आरोपी बना देती थी।
आरोपी दिलावर पठान आजाद समाज पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़ चुका है। साथ ही इसके यहां 2 बार आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर रावण भी आ चुका है। जानकारी यह भी है कि इनके घर की महिलाओं ने पहले पुलिस को खदेड़ा। इसके बाद एक महिला पुलिस इंस्पेक्टर ने रिवॉल्वर निकाली और कार्यवाही की गई।
छापेमारी के दौरान पुलिस को एमडी ड्रग के साथ-साथ बड़ी मात्रा में केमिकल रॉ मटेरियल मिला, जिससे नशा तैयार किया जा रहा था। इसके अलावा मौके से 12 बोर की बंदूकें और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रतलाम एसपी अमित कुमार की विशेष टीमें पिछले तीन दिनों से फैक्ट्री और आसपास के इलाके की रेकी कर रही थीं। एसपी अमित कुमार फिलहाल भोपाल में हैं और वहीं से पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला सिलहट जिले के गोवाइंगहाट उपजिला से जुड़ा है, जहां एक हिंदू शिक्षक के घर में आग लगा दी गई। इस घटना के बाद इलाके में रहने वाले हिंदू समुदाय में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
जिस घर को निशाना बनाया गया, वह बीरेंद्र कुमार डे का बताया जा रहा है। वे स्थानीय स्कूल में शिक्षक हैं और लोग उन्हें ‘झुनू सर’ के नाम से जानते हैं। जानकारी के अनुसार, अज्ञात लोगों ने रात के समय घर में आग लगा दी, जिससे पूरा मकान जलकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
आग इतनी तेजी से फैली कि घर में मौजूद सभी परिवार के सदस्यों को तुरंत बाहर निकलना पड़ा। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन घर और उसमें रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि आग जानबूझकर लगाई गई या इसके पीछे कोई और वजह थी।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें घर में लगी आग और परिवार के लोगों को जान बचाकर भागते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोग, सामाजिक संगठन और मानवाधिकार कार्यकर्ता नाराजगी जता रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं
इस हमले ने एक बार फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय हिंदू समुदाय का कहना है कि ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन दोषियों पर कड़ी कार्रवाई न होने से हमलावरों के हौसले और बढ़ रहे हैं।
बीते कुछ हफ्तों में बांग्लादेश के अलग-अलग हिस्सों से हिंदू परिवारों को निशाना बनाए जाने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पिरोजपुर जिले में दिसंबर के अंत में एक हिंदू परिवार का घर जलाया गया था। चटगांव के राउज़ान इलाके में भी प्रवासी हिंदू परिवारों के घरों में आग लगाने की घटनाएं हुई थीं। इन मामलों ने पूरे देश में अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है। मानवाधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी और कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है।
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बीजापुर में अब तक 40 अवैध मकान ढहाए गए : DRG दंपती के घर पर भी चला बुलडोजर
छत्तीसगढ़। बीजापुर में न्यू बस स्टैंड के पीछे चल रही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। अब तक करीब 40 अवैध मकानों को तोड़ा जा चुका है। इस कार्रवाई के दौरान एक संवेदनशील मामला भी सामने आया है, जहां डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के एक जवान का घर भी ढहा दिया गया। बताया जा रहा है कि जवान उस वक्त नाइट ड्यूटी पर था और घर में उसकी पत्नी मौजूद थी। पत्नी का कहना है कि वे वर्ष 2006 से यहां रह रहे हैं और उनके गांव में अब कोई ठिकाना नहीं बचा है।
कार्रवाई के दौरान कई महिलाओं की आंखों में आंसू नजर आए। रोती-बिलखती महिलाएं प्रशासन से सवाल करती दिखीं कि अब वे अपने बच्चों और परिवार के साथ कहां जाएंगी। इन्हीं पीड़ितों में शामिल गंगा माड़वी ने बताया कि वे पिछले चार सालों से अपने परिवार के साथ यहां रह रहे हैं। नक्सली हिंसा के चलते उन्हें अपना गांव छोड़ना पड़ा था।
उनके मुताबिक, प्रशासन से चर्चा के बाद ही उन्होंने यहां घर बनाया था और वे नियमित रूप से टैक्स भी जमा कर रहे थे। इसके बावजूद अब उनके मकान को अवैध बताकर गिराया जा रहा है।
गंगा माड़वी का कहना है कि तीन महीने पहले उन्हें मकान खाली करने का नोटिस दिया गया था, जिसके बाद मामला अदालत में विचाराधीन है। उस दौरान उन्हें यह भरोसा भी दिलाया गया था कि मकान नहीं तोड़ा जाएगा, लेकिन अब बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक तोड़फोड़ शुरू कर दी गई। उन्होंने आशंका जताई कि अगर वे गांव लौटे तो नक्सली उनकी जान ले सकते हैं।
इस कार्रवाई ने प्रशासन की प्रक्रिया और पुनर्वास की व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर उन परिवारों के लिए, जो पहले ही हिंसा और विस्थापन का दंश झेल चुके हैं। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान मौके पर बीजापुर नगरपालिका के अधिकारी, तहसीलदार और पुलिस बल के जवान तैनात हैं। प्रशासनिक अमला पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त रखी गई है।
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ईरान में हिंसक प्रदर्शन : भारतीयों को एयरलिफ्ट करेगी सरकार, तेहरान से दिल्ली आएगी पहली फ्लाइट
नई दिल्ली। ईरान में जारी सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शन और अस्थिर स्थिति के बीच भारत सरकार ने वहां फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए ‘ऑपरेशन स्वदेश’ शुरू कर दिया है। पहली विशेष फ्लाइट आज तेहरान से नई दिल्ली पहुंचेगी। ईरान में इस समय लगभग 10,000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं। जिनमें छात्र, कारोबारी और पेशेवर शामिल हैं।
पिछले महीने ईरानी मुद्रा रियाल के ऐतिहासिक गिरावट के बाद देशभर में प्रदर्शन शुरू हुए थे। अब यह प्रदर्शन सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं। हिंसक झड़पों और विरोध के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव जारी है।
मृत्युदर के आंकड़े मीडिया और मानवाधिकार संस्थाओं के अनुसार भिन्न हैं। अमेरिकी संस्था ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, अब तक 2,550 से अधिक लोग मारे गए हैं। जिनमें 2,403 प्रदर्शनकारी और 147 सरकारी अधिकारी शामिल हैं। वहीं ईरान इंटरनेशनल मीडिया के अनुसार देशभर में करीब 12,000 लोगों की मौत हुई है, जिनमें ज्यादातर लोगों की जान गोलीबारी से गई है।
ईरान में रह रहे लगभग 10,000 भारतीय नागरिकों में सबसे बड़ी संख्या छात्रों की है, जिनमें से लगभग 2,500-3,000 छात्र मेडिकल पढ़ाई के लिए गए हैं। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने पुष्टि की है कि सभी छात्रों का रजिस्ट्रेशन और पासपोर्ट विवरण भारतीय दूतावास के पास जमा कर दिया गया है। पहले बैच में गोलेस्तान यूनिवर्सिटी, शाहिद बहेश्ती यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज और तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के छात्र शामिल हैं।
भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी और वहां सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऑपरेशन स्वदेश शुरू किया है। विदेश मंत्रालय ने ईरान में फंसे नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि अपने पासपोर्ट, वीजा और जरूरी दस्तावेज हमेशा साथ रखें।

भोपाल। नर्मदा स्नान के लिए विदिशा जिले के श्रद्धालुओं से भरी पिकअप की भिड़ंत हो गई। इसमें अहिरवार परिवार के 5 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 10 घायल हुए हैं, जिनमें से एक महिला को भोपाल रैफर किया गया है। वही टैÑक्टर ट्राली में सवार 8 श्रद्धालु भी घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर है। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और घायलों को बैरसिया अस्पताल में भर्ती कराने के साथ ही इलाज शुरू किया गया है।
पुलिस के अनुसार नर्मदा स्नान के लिए विदिशा जिले के लटेरी के नजदीकी गांव मसूरी और सगड़ा गांव के साथ ही सिरोंज में रहने वाले अहिरवार परिवार के श्रद्धालु एक पिकअप में सवार होकर नर्मदापुरम के पास घाट की ओर जा रहे थे। बैरसिया में आते ही विद्या विहार स्कूल के पास एक ट्रैक्ट्र से पिकअप की जबर्दस्त भिंड़त हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप के कई हिस्से टूट कर सड़क पर बिखर गए और मौके पर घायलों की चीख-पुकार मच गई। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और पुलिस को सूचित किया।
हादसे के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने 108 एंबुलेंस की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। तब तक अस्पताल के इमरजेंसी स्टाफ के साथ ही बाकी स्टाफ भी पहुंच गया। घायलों का इलाज करने के साथ ही गंभीर घायलों को आक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया।
पिकअप के घायलों श्रद्धालुओं की सूची
-सरजूबाई पत्नी मुकेश अहिरवार 35 वर्ष, हाजीपुर मोहल्ला, सिरोंज को भोपाल रैफर किया गया।
-विदिता अहिरवार पुत्री दौलत सिंह अहिरवार
-सुनील अहिरवार पिता दौलत सिंह अहिरवार
-मोनिका पिता मुकेश अहिरवार
-महक पिता मुकेश अहिरवार
-भूरी बाई पिता नेतराम अहिरवार 35 वर्ष
-लल्लू अहिरवार पिता कोमल अहिरवार 3 साल
-प्रदीप चतर सिंह विदिशा
-ज्योति पिता मुकेश अहिरवार 17 वर्ष
-विनीता पिता दौलत सिंह 18 वर्ष
इन श्रद्धालुओं की हुई है मौत
-लक्ष्मीबाई पत्नी दौलत अहिरवार 60 साल
-बबरीबाई पत्नी सुखलाल अहिरवार्र 60 साल
-हरीबाई पत्नी विपत सिंह अहिरवार 60 साल
-मुकेश पिता सुखलाल अहिरवार 40 साल
-दीपक पिता मुकेश अहिरवार 14 साल
(सभी मृतक अहिरवार परिवार के हैं, जोकि ग्राम मसूरी और सगड़ा के साथ ही सिरोंज, जिला विदिशा के निवासी हैं।)
ट्रैक्टर ट्राली के घायलों की सूची
-बाबूलाल पिता बारेलाल
-देव केवट पिता राजेश 30 वर्ष
-मोहन पिता भगवान सिंह 60 वर्ष
-बुंदेल सिंह पिता गजराज 60 वर्ष
-जितेंद्र गंभीर हालत में है
-रामस्वरुप पिता गोवर्धन 32 वर्ष
-प्रशांत पिता रंधीर सिंह 42 वर्ष
-नर्मदा पिता टीकाराम 38 साल
एसडीएम शमशाबाद पहुंचे और घायलो की देखभाल में जुटे
शमशाबाद एसडीएम अजय पटेल ने बैरसिया अस्पताल पहुंचकर घायलों के इलाज की व्यवस्थाएं देखी और उनके परिवारों से बात करवाई। एसडीएम पटेल ने पीपुल्स समाचार को बताया कि एक घायल महिला के हाथ में फ्रैक्चर होने से भोपाल रैफर किया गया है। बाकी सारे घायलों की हालत खतरे से बाहर होने से बैरसिया अस्पताल में ही इलाज हो रहा है। घायलों के परिवारों को भी बैरसिया तक पहुंचने में मदद करते हुए वाहन करवाए जा रहे हैं।
एक्सीडेंट की जानकारी बैरसिया एसडीएम से मिलने के बाद मसूरी और सगड़ा गांव के साथ ही सिरोंज में परिजनों को सूचना पहुंचाई गई। वहीं मदद के लिए तत्काल शमशाबाद एसडीएम अजय पटेल बैरसिया पहुंचे। पीएम के बाद शवों को लाने के लिए शव वाहन भेजे जा रहे हैं।
-नितिन जैन, एसडीएम, लटेरी (विदिशा)
घायलों को बैरसिया अस्पताल में रखा गया है, इलाज के लिए अस्पताल के समस्त स्टाफ को लगाया गया है। घटना के बारे में लटेरी एसडीएम से बात हो गई है, जिससे घायलों और मृतकों के परिवारों तक सूचना पहुंचाई गई है। पुलिस और प्रशासन के लोग अस्पताल में ही हैं।
-आशुतोष शर्मा, एसडीएम, बैरसिया

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'सीवरेज वाले पानी से सब्जी उगाना बंद करें', MP High Court ने दिए सख्त निर्देश, दूषित पानी को बताया जहर
जबलपुर। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष बुधवार को जबलपुर (Jabalpur High Court News) में नालों के गंदे पानी से सब्जी उगाने के मामले में संज्ञान आधारित जनहित याचिका की सुनवाई हुई।
इस दौरान मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने नालों के पानी की जांच रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। शहर के लगभग सभी नालों के पानी में भारी मात्रा में सीवरेज मिलता है, जिस कारण वे अत्यंत दूषित हैं। यह पानी पीने, निस्तार और सिंचाई के लिए पूर्णत: अनुपयोगी है।
रिपोर्ट में कहा गया कि यदि नालों का यह पानी वाटर पाइपलाइन में मिल गया तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होंगी। हाई कोर्ट ने रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए सरकार से कहा कि घरों से निकलने वाले सीवरेज को सीधे नालों में जाने से तत्काल रोकें और इसके उपयोग पर प्रतिबंध लगाएं। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए कि मप्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सुझावों पर तत्काल अमल करके रिपोर्ट पेश करें। मामले की अगली सुनवाई दो फरवरी को होगी।
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5 माह बाद छात्र की मौत का राज खुला, अधीक्षक पर FIR हुई दर्ज
जबलपुर के एक आदिवासी छात्रावास में 5 महीने पहले हुई छात्र की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि मौत की वजह बीमारी नहीं, बल्कि अधीक्षक द्वारा उपलब्ध कराया गया दूषित भोजन था। पुलिस ने आरोपी अधीक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
5 माह बाद छात्र की मौत का राज खुला, दूषित भोजन से गई थी जान, हॉस्टल अधीक्षक पर FIR हुई दर्ज
जिले के कुंडम स्थित आदिवासी छात्रावास में पांच महीने पहले हुई 14 वर्षीय छात्र राजकुमार धुर्वे की मौत की गुत्थी सुलझ गई है। एक लंबी जांच के बाद यह खुलासा हुआ है कि छात्र की मौत किसी बीमारी से नहीं, बल्कि छात्रावास अधीक्षक द्वारा लाए गए घटिया और दूषित भोजन खाने से हुई थी। इस मामले में कुंडम थाना पुलिस ने आरोपी हॉस्टल अधीक्षक गजेंद्र झारिया के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने छात्र के शव का पोस्टमार्टम कराया और बिसरा को जांच के लिए जबलपुर की रीजनल फॉरेंसिक लैब (RFSL) भेजा। कई महीनों की जांच और डॉक्टरों की विस्तृत रिपोर्ट के बाद RFSL ने स्पष्ट किया कि राजकुमार की मौत का कारण दूषित भोजन था। जांच में यह भी पता चला कि 20 अगस्त को मृतक छात्र समेत कुल 13 छात्रों ने छात्रावास में बना खाना खाया था, जिसके बाद सभी की तबीयत बिगड़ गई थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि छात्रावास का अधीक्षक गजेंद्र झारिया अक्सर अपनी ड्यूटी से नदारद रहता था और छात्रावास की देखरेख में लापरवाही बरतता था। वह खुद ही घटिया किस्म का गेहूं, आटा, चावल और दाल खरीदकर लाता था और कर्मचारियों पर दबाव डालकर उसे छात्रों के लिए बनवाता था। घटना के बाद खाद्य विभाग की टीम ने भी छात्रावास से खाद्य सामग्री के नमूने लिए थे, जिनकी रिपोर्ट में उन्हें निम्न गुणवत्ता वाला पाया गया था।
सभी सबूतों और जांच रिपोर्टों के आधार पर कुंडम पुलिस ने अधीक्षक गजेंद्र झारिया को छात्र की मौत का जिम्मेदार मानते हुए उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। इस घटना ने आदिवासी छात्रावासों में छात्रों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सिवनी. एमपी के सिवनी जिला जेल में बंद तीन विचाराधीन कैदियों के बुधवार 14 जनवरी की शाम 20 फीट ऊंची दीवार बांधकर फरार होने के बाद जेल प्रशासन ने डूंडासिवनी थाने में मामले की एफआईआर दर्ज कराई है. विचाराधीन कैदियों के फरार होने से हड़कंप मच गया. हालांकि फरार कैदियों को परिजनों ने आज गुरुवार 15 जनवरी की सुबह वापस जेल प्रशासन के सुपुर्द कर दिया है.
बताया जाता है कि जिला जेल में पाक्सो एक्ट के तीन विचाराधीन कैदी बंद थे. तीनों कैदी मौका देखकर जेल से फरार हो गए. फरार कैदियों में दो कैदी लखनवाड़ा थाना क्षेत्र के निवासी है, जबकि एक कैदी गोंदिया जिले का बताया जा रहा है. घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है.
फरार कैदियों की पहचान अंकित पुत्र श्रीवाल लखनवाड़ा, विशाल पुत्र ब्रहमानंद लखनवाड़ा तथा विशाल पुत्र चिंदीलाल गोंदिया निवासी के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि तीनों आरोपितों ने जेल परिसर की सुरक्षा के लिए बनी लगभग 20 फीट ऊंची दीवार को एक दूसरे का सहारा लेकर फांद कर पार कर सुरक्षा घेरे से बाहर निकलकर बुधवार शाम लगभग 6 बजे फरार हो गए. जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी पूरा घटनाक्रम कैद होने की बात सामने आई है.
हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी घटना के दौरान जेल में तैनात सुरक्षा कर्मियों को कोई भनक तक नहीं लगी. गिनती के दौरान तीन कैदियों की अनुपस्थिति मिलने पर पूरे जेल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन ने डुंडासिवनी थाने में एफआईआर दर्ज कराई. सूत्रों के अनुसार जेल प्रशासन ने फरार आरोपितों के परिजनों से संपर्क किया और उन्हें समझाइश दी गई. बताया जाता है कि प्रशासन की बात मानते हुए परिजनों ने खुद आरोपितों को खोजकर जेल में लाकर छोड़ दिया.
परिजनों ने गुरुवार सुबह आरोपितों को वापस जेल पहुंचा दिया, इसके बाद तीनों को पुन: जेल में दाखिल किया गया. हालांकि इस घटनाक्रम ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल तीनों आरोपित वापस जेल में हैं, लेकिन यह घटना सिवनी जेल की व्यवस्थाओं की पोल खोलने के लिए काफी है. सूत्रों के अनुसार जेल प्रशासन ने इस घटना के लिए लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई करने में जुट गया है.
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नालों में मिल रहा 99 मिलियन लीटर सीवेज, प्रदूषण बोर्ड की रिपोर्ट में खुलासा
जबलपुर. एमपी के जबलपुर में नालों के गंदे पानी से सब्जी उगाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर एमपी हाईकोर्ट में एक बार फिर सुनवाई हुई. इस दौरान मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा पेश की गई जांच रिपोर्ट ने हालात की गंभीरता उजागर कर दी. रिपोर्ट में सामने आया है कि जबलपुर शहर के लगभग सभी नालों के पानी में भारी मात्रा में सीवेज मिला हुआ हैए जिससे यह पानी अत्यंत दूषित हो चुका है और पीनेए निस्तार व सिंचाई के लिए पूरी तरह अनुपयोगी है.
जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने सरकार को कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सुझावों पर तत्काल अमल किया जाए और इसकी रिपोर्ट पेश की जाए. मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को तय की गई है. प्रदूषण नियंत्रण मंडल की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि नालों का यह दूषित पानी किसी भी स्थिति में वॉटर पाइप लाइन में मिल गयाए तो इससे गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है.
हाईकोर्ट ने रिपोर्ट की गंभीरता को देखते हुए सरकार को निर्देश दिए हैं कि घरों से निकलने वाले सीवेज को सीधे नालों में जाने से तत्काल रोका जाए और नाले के पानी के किसी भी तरह के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाए. प्रदूषण बोर्ड की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट सिद्धार्थ सेठ ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर कृषि विभागए स्वास्थ्य विभाग और प्रदूषण नियंत्रण मंडल की संयुक्त टीम ने 23 नवंबर 2025 को ओमती नालाए मोती नालाए खूनी नाला सहित अन्य प्रमुख नालों से पानी के सैंपल लेकर जांच की थी. जांच रिपोर्ट में पाया गया कि पानी में बीओडी, टोटल कॉलीफॉर्म और फीकल कॉलीफॉर्म की मात्रा निर्धारित मानकों से कहीं अधिक है. रिपोर्ट के अनुसार यह पानी पीने, नहाने, खेती या किसी भी अन्य उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं है.
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मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से, 19 दिन चलेगा सदन
मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी 2026 से शुरू होगा। यह सत्र 6 मार्च 2026 तक चलेगा। इस दौरान विधानसभा की कुल 12 बैठकें आयोजित की जाएंगी। इस साल यह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट होगा। बजट सत्र कुल 19 दिनों तक चलेगा, जिसमें सरकार अपनी आर्थिक योजनाओं और नीतियों को सदन के सामने रखेगी।
किसानों और मध्यम वर्ग को उम्मीदें
इस बजट से किसानों और मध्यम वर्ग के लोगों को काफी उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि सरकार खेती, महंगाई और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर कुछ अहम घोषणाएं कर सकती है।
सत्र में कब-कब रहेगा अवकाश
बजट सत्र के दौरान कुछ दिनों में कार्यवाही नहीं होगी।
21, 22 और 28 फरवरी को अवकाश रहेगा
1 मार्च को रविवार का अवकाश रहेगा
3 मार्च को होली के कारण छुट्टी रहेगी
मोहन सरकार का तीसरा बजट
यह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट होगा। इस बजट से किसानों और मध्यम वर्ग को काफी उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि सरकार इन वर्गों को राहत देने वाले फैसले कर सकती है।
डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा पेश करेंगे बजट
इस बार बजट डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा विधानसभा में पेश करेंगे। बजट से पहले मौजूदा वित्त वर्ष के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट, आर्थिक सर्वेक्षण 2025 पेश किया जाएगा।
अब तक पेश किए गए दो बजट
मोहन सरकार अब तक दो बजट पेश कर चुकी है-
पहला बजट (2024-25): 3 लाख 65 हजार 67 करोड़ रुपए
दूसरा बजट (2025-26): 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपए
अब तीसरा बजट 2026-27 के लिए फरवरी-मार्च में पेश किया जाएगा।
2047 तक 2 ट्रिलियन इकोनॉमी का लक्ष्य
भाजपा सरकार ने विकसित मध्य प्रदेश 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था को 2 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। यह बजट उसी दिशा में अहम माना जा रहा है।
पिछले साल मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 10 मार्च से 24 मार्च तक चला था, जिसकी अवधि 15 दिन रही थी।

प्रमुख समाचार

बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला सिलहट जिले के गोवाइंगहाट उपजिला से जुड़ा है, जहां एक हिंदू शिक्षक के घर में आग लगा दी गई। इस घटना के बाद इलाके में रहने वाले हिंदू समुदाय में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।जिस घर को निशाना बनाया गया, वह बीरेंद्र कुमार डे का बताया जा रहा है। वे स्थानीय स्कूल में शिक्षक हैं और लोग उन्हें ‘झुनू सर’ के नाम से जानते हैं। जानकारी के अनुसार, अज्ञात...

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जबलपुर. आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडबलू) ने जबलपुर के 6 प्राइवेट स्कूलों के मालिकों, नोडल अधिकारियों के विरूद्ध गरीब एवं कमजोर वर्ग के छात्रों की फीस की राशि 26.50 लाख रूपये की धोखाधडी कर गबन करने पर अपराध पंजीबद्ध किया है. ईओडबलू की कार्रवाई से निजी स्कूल प्रबंधनों में हड़कम्प की स्थिति बनी हुई है.ईओडबलू के मुताबिक आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई जबलपुर में शिकायतकर्ता विजयकांति पटेल द्वारा शिकायत की गई कि गरीबी रेखा के नीचे एवं कमजोर वर्ग के बच्चों...

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इंदौर। कनाड़िया पुलिस ने ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो हाईप्रोफाइल पार्टियों में एमडी ड्रग्स की सप्लाई कर रहा था। गिरोह का संचालक इवेंट कंपनी संचालित करता है और पब,रेस्त्रां,बार और फार्म हाऊस में होने वाली पार्टियों में लड़कियों के माध्यम से ड्रग्स की सप्लाई करता था।पुलिस ने सोमवार रात कोहेफिजा कालोनी(भोपाल) निवासी आबान शकील को 5 ग्राम एमडी के साथ गिरफ्तार किया था। लग्जरी कारों का शौकीन आबान पब में पार्टी करने आया था। पुलिस ने कार सहित पकड़...
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गुना सिटी

गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के निर्देशन में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) चांचौड़ा रवि मालवीय द्वारा आज बीनागंज एवं कुंभराज क्षेत्र में शासकीय संस्थानों का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था एवं आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली की बारीकी से समीक्षाकी गई तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों पर कार्रवाई करते हुए सुधार के निर्देश दिए गए।एसडीएम ने बीनागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर उपचार के लिए आए...

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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