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इंदौर। शहर के जूनी इंदौर थाना क्षेत्र में मोबाइल शोरूम में चोरी की वारदात को पुलिस ने महज डेढ़ घंटे के भीतर सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए चार कीमती मोबाइल फोन और ताले तोड़ने में इस्तेमाल किया गया औजार बरामद किया है।
जानकारी के अनुसार खातीवाला टैंक निवासी अशोक भाटिया की स्नेह नगर मुख्य मार्ग स्थित मोबाइल शोरूम में मंगलवार सुबह करीब 5 बजे चोरी की वारदात हुई थी। आरोपी ने दुकान के शटर का ताला तोड़कर मोबाइल फोन चोरी कर लिए थे। घटना की सूचना मिलते ही जूनी इंदौर, भंवरकुआं और रावजी बाजार थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से घटना के करीब डेढ़ घंटे के भीतर 21 वर्षीय पवन पटेल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से खंडवा का रहने वाला है। उसके बैग से चोरी किए गए चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। साथ ही चोरी में इस्तेमाल किया गया औजार भी जब्त कर लिया गया है।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी गर्लफ्रेंड को मोबाइल गिफ्ट करने के लिए चोरी की योजना बनाई थी। इसी उद्देश्य से उसने मोबाइल शोरूम को निशाना बनाया। फिलहाल पुलिस आरोपी से अन्य चोरी की घटनाओं के संबंध में भी पूछताछ कर रही है। जूनी इंदौर थाना प्रभारी अनिल गुप्ता ने बताया कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते आरोपी को कम समय में गिरफ्तार कर चोरी का माल बरामद कर लिया गया। मामले की जांच जारी है।

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अशोकनगर के 271 मंदिरों में पुजारी नहीं, 2164 एकड़ भगवान की जमीन नीलाम करेगा प्रशासन
अशोकनगर मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में शासन संधारित मंदिरों को लेकर प्रशासन अब एक्शन मोड में आ गया है। आय बढ़ाने जहां 10 एकड़ से अधिक कृषि भूमि वाले 98 मंदिरों की 2164 एकड़ जमीन को नीलाम करने की तैयारी कर ली गई है। लेकिन, जिले के 271 मंदिरों में भगवान की सेवा करने वाला कोई पुजारी ही नहीं है। इससे वहां भी पुजारियों की नियुक्ति की तैयारी है।
बता दें कि, जिले में कुल 443 शासकीय मंदिर हैं, जिनके नाम पर 3161.422 एकड़ कृषि भूमि है। जिनमें 10 एकड़ से ज्यादा कृषिभूमि वाले 98 ऐसे मंदिर हैं, जिनके पास 2164.949 एकड़ कृषि भूमि है। इससे धर्मस्व विभाग साल 2026-27 के लिए खरीफ व रबी सीजन की कृषि के लिए इस भूमि की कृषि के लिए नीलामी करेगा। ताकि इससे आय बढ़ाई जा सके। जिसमें सबसे ज्यादा जमीन ईसागढ़ तहसील के 29 मंदिरों की 615.281 एकड़ नीलाम होगी। लेकिन, इस पर संत समाज नाराजगी जता रहा है, जिनका कहना है कि, मंदिर की जमीन मंदिर की व्यवस्थाओं के लिए है, इससे सरकारी खजाना भरना गलत है।
शासन संधारित इन मंदिरों की संपटिा के साथ सरकारी आंकड़ों से मंदिरों के प्रबंधन की एक और बड़ी खामी उजागर हुई है। जिले के 443 मंदिरों में से मात्र 172 मंदिरों में ही पुजारी पदस्थ हैं। शेष 271 मंदिरों में भगवान की आरती और भोग के लिए पुजारियों के पद ही रि…त पड़े हैं। सबसे खराब स्थिति बहादुरपुर और पिपरई की है। बहादुरपुर के 44 मंदिरों में से केवल 2 में पुजारी और 42 रि…त, जबकि पिपरई के 17 मंदिरों में महज एक में पुजारी और 16 रि…त बताए गए हैं। मुंगावली और शाढ़ौरा की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। हालांकि, अब प्रशासन ने इन रि…त पड़े 271 पदों पर पुजारियों की नियु…ित की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
55 एकड़ पर अतिक्रमण आय बढ़ाने की कवायद के बीच अतिक्रमण का एक खौफनाक सच भी सरकारी दस्तावेजों में दर्ज है। शहर के मध्य स्थित श्री गोपाल मंदिर और धनुषधारी मंदिर के नाम पर कुल 340.372 एकड़ जमीन है। लेकिन इसमें से 55.59 एकड़ पर अतिक्रमण है। धनुषधारी मंदिर के पुजारी कमलदास ने ही फर्जी नोटरी से शासकीय भूमि बेच दी थी और इस जमीन पर करीब एक हजार प…के मकान बन चुके है। इस बड़े फर्जीवाड़े को लेकर पुजारी के खिलाफ पुलिस थाने में दो बार एफआइआर दर्ज हो चुकी है। हालांकि इस अतिक्रमण को हटाना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
संयुक्त कलेक्टर सोनम जैन का कहना है कि, 10 एकड़ से ज्यादा जमीन वाले मंदिरों की जमीन कृषि के लिए एक साल के लिए नीलाम की जाएगी। वहीं, जिन मंदिरों पर पुजारी नहीं हैं, वहां पर एसडीएम पुजारी नियुक्त कर रहे हैं।
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बजरंग दल के कारण 29 लाख रुपए का घाटा, महाकाल मंदिर के प्रबंधन का बड़ा दावा
उज्जैन मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है। महाकाल मंदिर में वीआईपी कल्चर को लेकर लगातार सवाल उठ रहे है। अब महाकालेश्वर मंदिर की वीआईपी दर्शन व्यवस्था को लेकर मंगलवार को एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई। एक ओर बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर में प्रदर्शन कर वीआईपी कल्चर खत्म करने और सभी श्रद्धालुओं के लिए समान दर्शन व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई, वहीं दूसरी ओर मंदिर प्रशासन से जुड़े सूत्रों ने दावा किया कि विरोध करने वाले संगठन के नाम पर ही पिछले छह महीनों में हजारों निःशुल्क दर्शन कराए गए, जिससे मंदिर को करीब 29 लाख रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ।
वीआईपी दर्शन व्यवस्था को लेकर मंगलवार को विवाद गहरा गया। बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता मंदिर के निर्माल्य द्वार पर पहुंचे और वीआइपी कल्चर के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि आम श्रद्धालुओ को घंटों लंबी कतारो और तेज धूप में इंतजार करना पड़ता है, जबकि प्रभावशाली लोगों को सीधे और तत्काल प्रवेश देकर दर्शन कराए जाते है। इसे धार्मिक असमानता बताते हुए कार्यकर्ताओं ने मंदिर प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर श्रद्धालुओ के लिए समान और निष्पक्ष दर्शन व्यवस्था की मांग की। विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री जसवंत सिंह ठाकुर ने कहा मंदिर की व्यवस्था चरमरा चुकी है और वीआईपी संस्कृति समाप्त किए बिना आम श्रद्धालुओ को न्याय नहीं मिल सकता।
प्रदर्शन के बीच मंदिर प्रशासन से जुड़े सूत्रों ने छह माह के रिकॉर्ड के आधार पर अलग ही तस्वीर सामने रखी। सूत्रों के अनुसार, वीआईपी व्यवस्था का विरोध करने वाले संगठन के नाम अब कई सवाल उठ रहे है। मंदिर सूत्रो का कहना है कि एक ओर वीआईपी संस्कृति समाप्त करने की मांग उठाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर मुफ्त दर्शन सुविधा का बड़े पैमाने पर लाभ भी लिया गया। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि क्या विरोध और व्यवहार में विरोधाभास है, या फिर एफओसी पास जारी करने की प्रक्रिया पर ही पारदर्शिता और जवाबदेही तय किए जाने की जरूरत है।
सूत्रों के अनुसार छह माह का रिकॉर्ड
विवरण (6 महीने का रिकॉर्ड) आंकड़े/प्रभाव।
निःशुल्क दर्शन (एफओसी पास) 11,568 श्रद्धालुओं को कराए गए।
भस्म आरती प्रवेश 2,068 लोगों को फ्री एंट्री दिलाई गई।
मंदिर के खजाने को नुकसान 29,00,000 (29 लाख रुपए) की राजस्व हानि

बालाघाट। बालाघाट में वन विभाग बैहर की टीम द्वारा विशेष कार्रवाई करते हुए वन्य प्राणी बाघ के संदिग्ध अवयवों की अवैध खरीद-फरोख्त की योजना को विफल करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने खरीददार बनकर योजनाबद्ध तरीके से यह कार्रवाई की।
जानकारी के मुताबिक मुखबिर की सूचना पर वन अधिकारी कर्मचारी ग्राहक बनकर पहुंचे थे। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उनके कब्जे से बरामद दो अलग-अलग हड्डियां/कंकाल है वह बाघ की बताई गई है। जिनमें से एक बाघ की हड्डी बम्हनी बंजर, जिला मंडला से लाया जाना बताया गया। द्वितीय बाघ का कंकाल कहा से लाया गया इस बात की पुष्टि होना शेष है। प्रथम दृष्टया दोनों कंकाल बाघ के ही प्रतीत हो रहे हैं। बरामद अवयवों की वास्तविक पहचान एवं पुष्टि हेतु उन्हें विधिवत वैज्ञानिक परीक्षण (फॉरेंसिक जांच) के लिए भेजा जा रहा है।
आगे की पूछताछ हेतु वन विभाग द्वारा आरोपियों को अभिरक्षा में लिया गया है। जिसमें रामलाल टेकाम, उम्र 52 वर्ष निवासी ग्राम कुरवाही, दशरथ परते, उम्र 45 वर्ष, निवासी बिछिया, भीम सिंह परते निवासी हर्राभाट, रविन्द्र सोनकुसरे निवासी छपारा, राजकुमार सोनकुसरे निवासी छपारा, देवीदयाल ढोढरे निवासी छपारा है। मामले में अन्य भी आरोपी हो सकते हैं। जिसमें देवीदयाल का नाम सामने आया है। मामले में सभी के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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लखनऊ अग्निकांड के बाद भी ग्वालियर के कोचिंग संस्थान लापरवाह, बिल्डिंग सील
ग्वालियर। लखनऊ में कोचिंग सेंटर के दर्दनाक हादसे के बाद भी ग्वालियर के कोचिंग संस्थानों ने कोई सबक नहीं लिया। शहर की लक्ष्मीबाई कॉलोनी, जिसे कोचिंग हब कहा जाता है, वहां नगर निगम की फायर ब्रिगेड टीम जब फायर सेफ्टी नॉर्म्स की जांच करने पहुंची तो एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। आरोप है कि कार्रवाई से बचने के लिए कोचिंग, लाइब्रेरी और जिम में मौजूद छात्रों को अलग-अलग फ्लोर पर रोक दिया गया और मुख्य चैनल गेट पर अंदर और बाहर से ताला लगा दिया गया।
दरअसल, लखनऊ हादसे के बाद नगर निगम की टीम जब लक्ष्मीबाई कॉलोनी में फायर सेफ्टी जांच के लिए पहुंची तो चार मंजिला बिल्डिंग के मुख्य चैनल गेट पर अंदर और बाहर दोनों तरफ ताला लगा मिला। ताला बंद होने के कारण टीम को शुरुआती जांच किए बिना ही लौटना पड़ा।
कुछ देर बाद फायर ब्रिगेड की टीम नोडल ऑफिसर रजनीश गुप्ता के नेतृत्व में दोबारा मौके पर पहुंची। अनाउंसमेंट कर कोचिंग संचालकों को ताला खोलने की सख्त चेतावनी दी गई, जिसके बाद वर्धानी कोचिंग संचालक डॉ. करण वर्धानी बेसमेंट के रास्ते बाहर आए और टीम को अंदर ले गए।
अंदर जांच शुरू हुई तो वर्धानी कोचिंग में बड़ी संख्या में छात्रों के बीच सिर्फ दो फायर एक्सटिंग्विशर मिले। टीम ने जब छात्रों की संख्या के बारे में पूछा तो कोचिंग संचालक ने दावा किया कि सभी छात्र घर जा चुके हैं और कोचिंग खाली है। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, तस्वीर बदलती चली गई।
टीम जब ऊपर स्थित धाकड़ लाइब्रेरी पहुंची तो उसका दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक दरवाजा नहीं खोला गया। सख्ती के बाद जब गेट खुला तो अंदर करीब 70 से 80 छात्र-छात्राएं मौजूद मिले। कार्रवाई के दौरान कुछ छात्रों और फायर अमले के बीच हल्की बहस भी देखने को मिली।
इसके बाद टीम चौथी मंजिल पर संचालित जिम पहुंची। वहां भी दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक कोई बाहर नहीं आया। कार्रवाई की चेतावनी देने के बाद जब दरवाजा खुला तो अंदर आधा दर्जन से ज्यादा लोग मिले। इनमें ग्राउंड फ्लोर पर चल रही वर्धानी कोचिंग के कुछ छात्र-छात्राएं भी मौजूद थे।
छात्रों ने दावा किया कि कार्रवाई की सूचना मिलने पर कोचिंग की मैडम ने उन्हें ऊपर जिम में भेज दिया था। कुछ छात्रों ने यह भी बताया कि कार्रवाई से बचने के लिए कुछ बच्चे पास की बिल्डिंग की छत पर कूदकर वहां से नीचे सीढ़ियों के जरिए उतर गए।
जब इस बारे में कोचिंग संचालक डॉ. करण वर्धानी से सवाल किया गया तो उन्होंने जिम में मिले छात्र-छात्राओं को अपना स्टूडेंट मानने से ही इनकार कर दिया। इसके बाद ऐसा बहाना सुनाया, जिसके बाद अब हैरान रह गए। उनका कहना था कि हो सकता हे कि छात्र लाइब्रेरी में पढ़ने गए हों या जिम में मौजूद गए हों, क्योंकि उनकी कोचिंग टाइम पूरी हो चुकी थी।
हालांकि लाइब्रेरी संचालक अवधेश धाकड़ ने कोचिंग संचालक के दावे का खंडन किया। उनका कहना था कि उनकी लाइब्रेरी में आमतौर पर 12वीं के बाद के विद्यार्थी आते हैं और उन्होंने कभी छोटे छात्रों को भी जिम में आते जाते नहीं देखा। उनके अनुसार कोचिंग संचालक का दावा सही नहीं है।
पूरी चार मंजिला बिल्डिंग की जांच में सिर्फ दो फायर एक्सटिंग्विशर मिले। फायर ब्रिगेड के अनुसार प्राथमिक जांच में फायर सेफ्टी से जुड़े जरूरी इंतजाम नहीं पाए गए। ऐसे में जहां कुछ देर पहले स्टूडेंट ताला लगा होने के चलते बाहर नहीं निकल पा रहे थे वही कुछ देर बाद ऐसी तस्वीर भी देखने के लिए मिली जहां भारी संख्या में चैनल गेट से ही बाहर स्टूडेंट निकलते हुए नजर आए।
इसके बाद पूरी बिल्डिंग को सील कर दिया गया। फायर नोडल ऑफिसर रजनीश गुप्ता ने बताया कि यह भी जांच की जाएगी कि भवन आवासीय है या व्यावसायिक। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर सहित सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
बहरहाल लखनऊ हादसे के बाद भी अगर कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी होती रही और छात्रों की सुरक्षा से समझौता किया गया, तो यह किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। फिलहाल नगर निगम की कार्रवाई के बाद शहर के कई कोचिंग संस्थानों में हड़कंप का माहौल है।
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शादी में अवैध देशी पिस्‍टल लेकर कर रहा था डांस, वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने धर लिया
डेहरी। शादी समारोह में अवैध देशी पिस्टल लेकर डांस करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपित के कब्जे से एक अवैध देशी पिस्टल बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार चौकी डेहरी अंतर्गत ग्राम झडदी में आयोजित शादी समारोह के दौरान एक युवक देशी पिस्टल लेकर डांस करता दिखाई दिया था।
इस घटना का वीडियो मोबाइल पर रिकार्ड होकर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो पुलिस तक पहुंचने पर पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर तथा एसडीओपी कुक्षी सुनील गुप्ता के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। टीम में थाना प्रभारी बाग कैलाश चौहान तथा चौकी प्रभारी डेहरी एसआइ भूपेंद्र खरतिया सहित पुलिसकर्मी शामिल थे।
जांच के दौरान पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे युवक की पहचान सुमित पुत्र दिनेश चौहान निवासी खलघाट के रूप में की। 23 जून को मुखबिर की सूचना पर डेहरी-मनावर रोड पर वाहन चेकिंग के दौरान आरोपित को मोटरसाइकिल सहित पकड़ा।
तलाशी लेने पर आरोपित के कब्जे से एक अवैध देशी पिस्टल बरामद हुई, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। इसके बाद आरोपित को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई।
पुलिस आरोपित से बरामद पिस्टल के संबंध में पूछताछ कर रही है। आरोपित को न्यायालय कुक्षी में पेश किया जाएगा।

संविधान और ईश्वर की जगह देवी-देवताओं और नेताओं के नाम पर शपथ लेने के मामले में केरल हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। केरल हाईकोर्ट ने देवी-देवताओं और नेताओं के नाम पर शपथ लेने वाले 20 बीजेपी पार्षदों की शपथ को ‘अवैध’ ठहराया है। हाईकोर्ट ने कहा कि शपथ केवल कानूनी प्रारूप में ही होनी चाहिए। केरल हाईकोर्ट ने अब इन भाजपा पार्षदों को चार हफ्ते के भीतर दोबारा शपथ लेने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि शपथ लेने की प्रक्रिया में त्रुटि होने के बावजूद उनका निर्वाचन वैध बना रहेगा।
तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 20 भाजपा पार्षदों ने संविधान और ईश्वर की जगह देवी-देवताओं और नेताओं के नाम पर शपथ ली थी। इसे लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई थी। मामला केरल हाईकोर्ट तक पहुंच गया। अब कोर्ट ने फैसला सुना दिया है।
जस्टिस पीवी कुन्हीकृष्णन ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 20 भाजपा पार्षदों की शपथ को अवैध घोषित करार दिया। स्टिस पीवी कुन्हीकृष्णन ने फैसले में कहा कि कानून के मुताबिक, शपथ केवल दो तरीके से ली जा सकती है। ‘ईश्वर के नाम पर’ या ‘सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान’। कोर्ट ने कहा शपथ लेते समय किसी खास देवता, भारत माता, किसी नेता या शहीद का नाम जोड़ने की इजाजत नहीं है। जस्टिस कुन्हीकृष्णन ने कहा कि नागरिकों को किसी भी देवी-देवता की पूजा करने या किसी भी धर्म का पालन करने की पूरी स्वतंत्रता है, लेकिन कानून में शपथ के प्रारूप में किसी प्रकार का जोड़ या बदलाव स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने निर्देश दिया कि इन पार्षदों और ग्राम पंचायत सदस्य के लिए चार हफ्ते के भीतर कानून के तहत दोबारा शपथ दिलाने की व्यवस्था की जाए।
दरअसल, तिरुवनंतपुरम में 20 पार्षदों ने अलग-अलग हिंदू देवताओं, भारत माता और शहीदों के नाम पर शपथ ली थी। वहीं, एक दूसरे मामले में पलक्कड़ जिले की एक ग्राम पंचायत सदस्य ने ‘ईश्वर की कृपा से ओमन चांडी के नाम पर’ शपथ ली थी। केरल हाई कोर्ट ने कहा कि इसमें एक्स्ट्रा कुछ भी नहीं जोड़ा जा सकता।
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बड़ा हादसाः निर्माणाधीन गोदाम गिरा, 5 की मौत, 50 लोगों के दबे होने की आशंका, सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से आई है। कोलकाता गोदाम गिरने का बड़ा हादसा हुआ है। कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक भरभराकर गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में 50 से अधिक मजदूर गोदाम के मलबे में दब गए हैं। हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई है। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय सेना की भी मदद ली जा रही है। राज्य सरकार ने लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 1070, 8697981070 और 033-22143526/22535185 जारी किया है।
जानकारी के मुताबिक हादसे के वक्त गोदाम में कंक्रीट ढलाई का काम चल रहा था। इसी दौरान निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक भरभराकर गिर गई। इससे काम कर रहे सभी श्रमिक गोदाम के मलबे में दब गए। चीख-पुकार सुनकर दौड़े स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया।
सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबे से अब तक 6-7 मजदूरों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया जा चुका है। वहीं हादसे में 5 लोगों की मौत की खबर है। लोहे के भारी-भरकम बीम को काटने के लिए गैस कटर और मलबे को हटाने के लिए क्रेन की मदद ली जा रही है। रेस्क्यू में कोलकाता पुलिस, डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप, सिविल डिफेंस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज और सेना भी जुटी है।
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‘पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं’, MEA ने कहा- यह सिर्फ एक ट्रेवल डॉक्यूमेंट
भारतीय नागरिकों के लिए वीजा फ्री एंट्री देने वाले देशों की संख्या बढ़ी है. विदेश मंत्रालय के अनुसार पहले 2019 में 16 थी जो अब बढ़कर यह सख्यां 27 हो गई है. विदेश मंत्रालय ने बताया कि साल 2025 में हमने जहां 1.5 करोड़ पासपोर्ट और संबंधित सेवाएं प्रदान कीं है उनमें सिर्फ अकेले पासपोर्टों की संख्या 1.39 करोड़ रही है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने जरूरी अपडेट जारी करते हुए साफ किया कि पासपोर्ट नागरिकता का सबूत नहीं, सिर्फ ट्रैवल डॉक्यूमेंट है.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि अवैध प्रवासन से भारतीय पासपोर्ट की साख गिरती है. इस पर रोक लगनी चाह‍िए. मंत्रालय ने कहा कि पासपोर्ट को कभी भी नागर‍िकता के सबूत के तौर पर नहीं पेश क‍िया जा सकता.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट बताया कि पासपोर्ट केवल विदेश यात्रा के दौरान स‍िर्फ राष्‍ट्रीयता द‍िखाता है, लेकिन इसे नागरिकता के दस्तावेज़ के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट मुख्य रूप से यात्रा का दस्तावेज है.
विदेश मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार 47 देश भारतीयों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा देते हैं और 66 देश भारतीयों के लिए ई-वीजा उपलब्ध कराते हैं. एकेडमिक्स, छात्रों, अप्रेंटिस, आम पर्यटकों और कारोबारियों की आसान आवाजाही के लिए यूरोप के साथ मोबिलिटी एग्रीमेंट (आवाजाही से जुड़े समझौते) किए गए हैं.
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार का फोकस अब पासपोर्ट प्रक्रियाओं को बेहद आसान और पारदर्शी बनाने पर है. भारत एक तरफ लोगों के लिए विदेश जाने के कानूनी और सुरक्षित रास्ते बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी तरफ अवैध प्रवासन को हतोत्साहित करने पर भी जोर दे रहा है.

भोपाल। विज्ञान और तकनीक के इस दौर में भी समाज के भीतर बैठा अंधविश्वास का जिन्न मासूमों की जिंदगी निगल रहा है। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला वाकया सामने आया है जिसने यह साबित कर दिया है कि अज्ञानता और तंत्र-मंत्र का नशा इंसान को हैवान बना देता है। मुलताई थाना क्षेत्र के ग्राम ताईखेड़ा में महज एक अंधविश्वास और सनक के चलते दो लोगों ने 12 साल के मासूम बच्चे अंकुश आहके की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 48 घंटे के भीतर इस सनसनीखेज और खौफनाक हत्याकांड का पर्दाफाश कर दोनों ओझा-तांत्रिक प्रवृत्ति के हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया है।

मुलताई पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों सुदामा इनवाती और राकेश उइके ने पूछताछ में जो खुलासा किया, उसने अंधविश्वास के भयानक चेहरे को सामने ला दिया है। आरोपियों ने बताया कि उन्हें मृतक बच्चे की मां पर शक था कि वह ‘जादू-टोना’ करती है। आरोपियों के मन में यह अंधविश्वास बैठ चुका था कि इसी कथित जादू-टोने के कारण उनके परिवार में वर्षों से कोई संतान पैदा नहीं हो रही है।

वारदात की शुरुआत 20 जून को हुई, जब गांव का ही सुदामा इनवाती 12 वर्षीय अंकुश को खेलने के बहाने अपने साथ बुलाकर ले गया। मासूम बच्चा बिना यह जाने कि वह अपने ही मौत के सौदागर के साथ जा रहा है, उसके साथ चला गया। आरोपी उसे सालईढाना के घने जंगल में ले गए। वहां दोनों ने मिलकर पहले बच्चे पर लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ हमला किया और फिर रस्सी से गला घोंटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी।

हैवानियत की हद पार करते हुए आरोपियों ने हत्या के बाद मासूम अंकुश के शव को एक बोरी में ठूंसकर बांधा और साक्ष्य छुपाने के लिए जंगल के एक गहरे नाले में फेंक दिया। जब बच्चा घर नहीं लौटा, तो मां संगीता आहके ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। एसपी वीरेंद्र जैन के निर्देशन में बनी स्पेशल टीम ने जब संदेही सुदामा को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो अंधविश्वास की यह खूनी कहानी सामने आ गई। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नाले से शव बरामद कर लिया है।

इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद बैतूल एसपी वीरेंद्र जैन ने समाज से अपील की है कि समाज में फैली जादू-टोना, डायन या अंधविश्वास जैसी कुरीतियों और अफवाहों से लोग पूरी तरह दूर रहें। यह अज्ञानता सिर्फ और सिर्फ विनाश की ओर ले जाती है। यदि किसी को कोई शंका या विवाद है, तो पुलिस और कानून की मदद लें। इस मामले के आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।

 

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गौरक्षकों की रिहाई को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापनः सर्व हिंदू समाज ने की उम्रकैद की सजा पाए 14 लोगों को रिहा करने की मांग

भोपाल/नीमच। मध्यप्रदेश के नीमच जिले के सर्व हिंदू समाज ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर सिवनी मालवा प्रकरण में आजीवन कारावास की सजा पाए 14 गौरक्षकों को रिहा करने की मांग की है।

दरअसल सर्व हिंदू समाज जिला नीमच ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर शिवनी मालवा मामले में आजीवन कारावास की सजा पाए 14 गौरक्षकों को रिहा करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया कि गौरक्षा का कार्य करने वाले लोग गौसेवा और समाजहित की भावना से काम करते हैं। सजा के बाद उनके परिवारों को आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

समाज के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति से मानवीय आधार पर मामले पर विचार करने और प्रभावित परिवारों को राहत देने का आग्रह किया। ज्ञापन में न्यायपालिका और संविधान के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा गया कि यदि संवैधानिक प्रावधानों के तहत कोई राहत संभव हो तो उस पर विचार किया जाए। इस दौरान बड़ी संख्या में समाजजन और गौसेवक मौजूद रहे। सर्व हिंदू समाज के निर्मल देवड़ा ने कहा कि समाज राष्ट्रपति से 14 गौरक्षकों की रिहाई की मांग कर रहा है।

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चंदे पर सियासत: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का RSS पर सीधा वार- ‘मंदिरों से पहले RSS करे चंदे की जानकारी सार्वजनिक’

 भोपाल। मध्य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर मंदिर, चंदा और पारदर्शिता को लेकर जोरदार घमासान छिड़ गया है। इस बार निशाने पर सीधे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंदिरों के चंदे और उनकी व्यवस्थाओं को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक बड़ा और बेहद तीखा बयान जारी किया है। सिंघार ने सीधे तौर पर चुनौती देते हुए पूछा है कि मंदिरों के चंदे पर नजर रखने वाले लोग खुद अपने चंदें का हिसाब जनता को कब देंगे? वहीं नेता प्रतिपक्ष के इस बयान के बाद प्रदेश का सियासी पारा अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है।

उमंग सिंघार ने मंदिरों की व्यवस्थाओं और चंदे को लेकर हो रही राजनीति पर ऐतराज जताया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मंदिरों के चंदे पर बात करने से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को मिलने वाले चंदे की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। जनता को यह जानने का पूरा हक है कि संघ के पास कितना चंदा आता है और वह कहां जाता है? आखिर इस पर चुप्पी क्यों है?

सिंघार ने देश और प्रदेश के मौजूदा हालातों पर चिंता जताते हुए भारतीय जनता पार्टी और उससे जुड़े संगठनों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश के अंदर जो हालात बन चुके हैं उसमें अब मंदिरों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। हर तरफ बस घोटाले ही घोटाले सामने आ रहे हैं। ऐसे में डर इस बात का है कि कहीं इन्हीं लोगों के हाथों में मंदिरों की पूरी जिम्मेदारी न सौंप दी जाए।

नेता प्रतिपक्ष ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज सबसे बड़ा मुद्दा यह होना चाहिए कि धार्मिक स्थलों और सरकारी व्यवस्थाओं में हो रहे घोटालों को कैसे रोका जाए। उन्होंने मांग की कि असली पारदर्शिता तब आएगी जब नियंत्रण जनता के हाथ में होगा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवाल दागते हुए कहा कि पारदर्शिता जनता के हाथ में कब आएगी? सिर्फ विपक्ष या आम लोगों से हिसाब मांगने वाले खुद के चंदे को लेकर इतने अपारदर्शी क्यों बने हुए हैं?

 

इंदौर। बेटमा थाना क्षेत्र के पंथ बड़ोदिया गांव में एक किसान के कथित अपहरण और 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले ने सनसनी फैला दी। किसान के स्वजन को उसके गले पर चाकू रखे हुए फोटो भेजकर फिरौती की मांग की गई। सूचना मिलते ही पुलिस और ग्रामीण पूरी रात किसान की तलाश में जुटे रहे। आखिरकार सोमवार अलसुबह किसान गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एक खेत में शराब के नशे में बेसुध अवस्था में मिला।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंथ बड़ोदिया निवासी हुकुम सिंह सोलंकी रविवार रात करीब 8.30 बजे घर से खेत में मुरम डलवाने की बात कहकर निकले थे। देर रात तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। रात करीब 12.30 बजे हुकुम सिंह के मोबाइल से उनके बड़े भाई चैन सिंह के फोन पर एक फोटो भेजी गई। फोटो में हुकुम सिंह जमीन पर लेटे दिखाई दे रहे थे और उनके गले पर चाकू रखा हुआ था। तस्वीर में चाकू पकड़ने वाले व्यक्ति का केवल हाथ नजर आ रहा था। इसके बाद हुकुम सिंह के मोबाइल से ही व्हाट्सएप कॉल कर अज्ञात व्यक्ति ने 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी और धमकी दी कि निर्धारित स्थान पर रकम नहीं पहुंचाई गई तो किसान की हत्या कर दी जाएगी।

कुछ देर बाद किसान की बेटी प्राची ने पिता के मोबाइल पर कॉल किया तो एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन उठाकर कहा कि “तुम्हारे घर के सदस्य का हमने अपहरण कर लिया है” और कॉल काट दी। घटना की सूचना मिलते ही बेटमा पुलिस सक्रिय हुई और गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। ग्रामीणों ने भी पूरी रात पुलिस का सहयोग करते हुए खेतों और सुनसान इलाकों में तलाश अभियान चलाया।

सोमवार सुबह किसान हुकुम सिंह गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एक खेत में नशे की हालत में मिले। उन्हें सुरक्षित घर लाया गया। हालांकि पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं और पुलिस मामले को संदेहास्पद मानकर हर पहलू की जांच कर रही है। परिजनों ने बताया कि हाल ही में पश्चिमी रिंग रोड परियोजना के लिए अधिग्रहित हुई पैतृक कृषि भूमि के बदले परिवार को कुल 1 करोड़ 72 लाख रुपये का मुआवजा मिला था। इसमें 1 करोड़ 32 लाख रुपये हुकुम सिंह और 40 लाख रुपये उनकी पत्नी के खाते में जमा हुए थे। इसी वजह से परिवार ने आशंका जताई है कि मुआवजे की राशि के लालच में अपहरण और फिरौती की साजिश रची गई हो सकती है।

एडिशनल एसपी राजकृष्णा ने बताया कि पुलिस की पहली प्राथमिकता किसान को सुरक्षित तलाशना थी, जिसमें सफलता मिली है। अब पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। किसान से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसके साथ वास्तव में क्या हुआ था तथा फिरौती मांगने वालों की भूमिका क्या है।

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लखनऊ अग्निकांड के बाद इंदौर में एक्शन: फायर सेफ्टी में मिली खामियां, 12 से ज्यादा कोचिंग सेंटर सील

इंदौर। लखनऊ में बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत के बाद इंदौर जिला प्रशासन और नगर निगम अलर्ट मोड पर हैं। शहरभर में फायर सेफ्टी मानकों की जांच शुरू कर दी गई है। इसी कड़ी में प्रशासन ने फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं करने वाले 12 से ज्यादा संस्थानों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया।

प्रशासनिक टीम ने जांच के दौरान पाया कि कई संस्थानों में आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक उपकरण मौजूद नहीं थे। वहीं कुछ स्थानों पर आपातकालीन निकास और सुरक्षा संबंधी अन्य व्यवस्थाएं भी अधूरी मिलीं। इसके बाद एसडीएम धनश्याम धनगर के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए कई संस्थानों को सील किया गया। नगर निगम और फायर सेफ्टी विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान माखनवाला रसोई रेस्टोरेंट और रामानुजन कोचिंग सेंटर को सील कर दिया गया।

वहीं फायर सेफ्टी विभाग की टीम कैटेलाइजर कोचिंग क्लास में भी जांच के लिए पहुंची। जहां सुरक्षा मानकों को लेकर शिकायतें मिली थीं। कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों में फायर सेफ्टी को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच में कई जगह अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म और अन्य सुरक्षा संसाधनों की कमी सामने आई।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम ने भवन संचालकों को फायर सेफ्टी मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम धनश्याम धनगर का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

 

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गैस पाइपलाइन ब्लास्ट : सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर समेत 4 लोग झुलसे, इलाके में फैली दहशत

इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में मंगलवार को अवंतिका गैस पाइपलाइन में विस्फोट होने से हड़कंप मच गया। यह हादसा विजय नगर थाना क्षेत्र के सुमन नगर जैन मंदिर के पास हुआ। विस्फोट में विजय पटेल समेत चार लोग झुलस गए। घायलों में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर राजकुमारी झाला भी शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के अनुसार जिस जगह हादसा हुआ, वहां स्थानीय पार्षद बालमुकुंद सोनी की ओर से बोरिंग का काम कराया जा रहा था। इसी दौरान अवंतिका गैस की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें से गैस का रिसाव शुरू हो गया। कुछ देर बाद गैस ने आग पकड़ ली, जिससे जोरदार धमाका हो गया।

विस्फोट की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घबरा गए और अपने घरों से बाहर निकल आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाका इतना तेज था कि पूरे इलाके में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

हादसे में झुलसे चारों लोगों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने फिलहाल अन्य घायलों की पहचान और उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी जारी नहीं की है।

घटना की सूचना मिलते ही विजय नगर थाना पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई और हालात को नियंत्रित करने के लिए राहत कार्य शुरू किया गया।

हादसे के बाद संबंधित विभागों ने गैस सप्लाई और पाइपलाइन की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि पाइपलाइन किस वजह से क्षतिग्रस्त हुई और विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ। फिलहाल धमाके के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

 

प्रमुख समाचार

संविधान और ईश्वर की जगह देवी-देवताओं और नेताओं के नाम पर शपथ लेने के मामले में केरल हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। केरल हाईकोर्ट ने देवी-देवताओं और नेताओं के नाम पर शपथ लेने वाले 20 बीजेपी पार्षदों की शपथ को ‘अवैध’ ठहराया है। हाईकोर्ट ने कहा कि शपथ केवल कानूनी प्रारूप में ही होनी चाहिए। केरल हाईकोर्ट ने अब इन भाजपा पार्षदों को चार हफ्ते के भीतर दोबारा शपथ लेने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि शपथ लेने की प्रक्रिया में त्रुटि होने के बावजूद...

मध्य प्रदेश

इंदौर। शहर के जूनी इंदौर थाना क्षेत्र में मोबाइल शोरूम में चोरी की वारदात को पुलिस ने महज डेढ़ घंटे के भीतर सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए चार कीमती मोबाइल फोन और ताले तोड़ने में इस्तेमाल किया गया औजार बरामद किया है।जानकारी के अनुसार खातीवाला टैंक निवासी अशोक भाटिया की स्नेह नगर मुख्य मार्ग स्थित मोबाइल शोरूम में मंगलवार सुबह करीब 5 बजे चोरी की वारदात हुई थी। आरोपी ने दुकान के शटर का ताला तोड़कर...

अपराध

बालाघाट। बालाघाट में वन विभाग बैहर की टीम द्वारा विशेष कार्रवाई करते हुए वन्य प्राणी बाघ के संदिग्ध अवयवों की अवैध खरीद-फरोख्त की योजना को विफल करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने खरीददार बनकर योजनाबद्ध तरीके से यह कार्रवाई की।जानकारी के मुताबिक मुखबिर की सूचना पर वन अधिकारी कर्मचारी ग्राहक बनकर पहुंचे थे। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उनके कब्जे से बरामद दो अलग-अलग हड्डियां/कंकाल है वह बाघ की बताई...
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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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