


जबलपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में रविवार की देर शाम जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे-45 पर तेज रफ्तार हाईवा ने 6 दोस्तों को कुचल दिया. इनमें से 4 की मौके पर ही मौत हो गई, 2 ने इलाज के दौरान देर रात दम तोड़ दिया. ये सभी नरसिंहपुर-जबलपुर सीमा पर हाथीनाला वॉटरफॉल घूमने आए थे. लौटते समय इंदिरा नगर के पास हादसे का शिकार हो गए.
मृतकों के नाम राजेंद्र पटेल, वीरेंद्र लोधी (20), रामपाल सिंह लोधी (21), जयपाल सिंह लोधी (30), आकाश सिंह लोधी (24) और नीरज सिंह लोधी (25) बताए गए हैं. सभी जबलपुर के पावला निवासी थे. पुलिस के मुताबिक, सभी दोस्त हाथीनाला वॉटरफॉल में पिकनिक मनाकर लौट रहे थे. शाम करीब 6 बजे इंदिरा नगर के पास हाईवे किनारे रुककर सेल्फी लेने लगे. इसी दौरान तेज रफ्तार हाईवा ने उन्हें टक्कर मार दी.
चश्मदीदों ने बताया कि तेज रफ्तार वाहन कुछ ही सेकेंड में सड़क किनारे खड़े युवकों को टक्कर मारकर निकल गया. हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई, तब पता चला. स्थानीय दुकानदार बोले कि युवक सड़क से करीब दो फीट की दूरी पर खड़े थे. फोटो खिंचवाते वक्त हाईवा ने रौंद दिया.
एएसपी संदीप भूरिया ने कहा- हाईवा ड्राइवर गाड़ी लेकर फरार हो गया. सुआतला थाना पुलिस घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. जल्द ही आरोपी का पता लगा लिया जाएगा.
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सिंधिया राजपरिवार संपत्ति विवाद मामला: समझौते पर फिर टाला फैसला, 28 जुलाई को अगली सुनवाई
ग्वालियर। मध्य प्रदेश की ग्वालियर जिला कोर्ट में आज भी देश के सबसे चर्चित राजघरानों में शामिल सिंधिया राजपरिवार के करीब 40 हजार करोड़ रुपये के पैतृक संपत्ति विवाद पर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। उम्मीद थी कि दशकों पुराना विवाद आज आपसी समझौते के साथ समाप्त हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। क्योंकि बीती सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जिन संपत्तियों का रिकॉर्ड तलब किया था वह आज भी सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश नहीं कीया जा सका। ऐसे में कोर्ट ने मामले की सुनवाई 28 जुलाई तय करते हुए रिकॉर्ड रूम से संपत्ति विवाद के दस्तावेज कोर्ट में तलब किए है।
दरअसल सिंधिया राजपरिवार में पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद की शुरुआत साल 1988-89 में हुई थी। बाद में वर्ष 2001 में माधवराव सिंधिया के निधन के बाद यह विवाद ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी तीनों बुआओं वसुंधरा राजे,यशोधरा राजे,उषा राजे के बीच जारी रहा,सालों तक मामला जिला न्यायालय में विचाराधीन रहा।
आज जिला न्यायालय में दोनों पक्षों के समझौते पर सुनवाई हुई,माना जा रहा था कि सभी पक्ष अदालत में अपनी सहमति दर्ज कराकर दशकों पुराने विवाद का पटाक्षेप कर देंगे। लेकिन बीती सुनवाई की तरह ही आज भी संपत्ति विवाद से जुड़ा रिकॉर्ड दस्तावेज कोर्ट में पेश नहीं हो सका। ऐसे में कोर्ट ने रिकॉर्ड रूम से संपत्ति विवाद के दस्तावेज कोर्ट में 28 जुलाई को होने वाली सुनवाई के दौरान पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसके पहले की सुनवाई के दौरान चर्चा सामने आई थी कि एक पक्ष ने समझौते के कुछ बिंदुओं पर आपत्ति भी दर्ज कराई थी,जिसके चलते बीती सुनवाई की तरह ही दोनों पक्षों ने अपना पक्ष रखने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय मांगा था।
करीब 40 हजार करोड़ रुपये कीमत की इस पैतृक संपत्ति में जयविलास पैलेस, ऊषा किरण पैलेस, रानी महल, छोटी विश्रांति, शिवपुरी का माधव विलास पैलेस, दिल्ली का सिंधिया विला, ग्वालियर हाउस, वाराणसी का सिंधिया घाट समेत कई ऐतिहासिक संपत्तियां और अन्य परिसंपत्तियां शामिल हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किस वारिस को कौन-सी संपत्ति मिलेगी। अंतिम तस्वीर अदालत की मंजूरी के बाद ही सामने आएगी।
करीब चार दशक से चल रही सिंधिया राजपरिवार की संपत्ति विवाद की कानूनी लड़ाई अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। हालांकि आज समझौते पर अंतिम मुहर नहीं लग सकी,लेकिन यदि अगली सुनवाई में सभी पक्ष सहमत हो जाते हैं, तो देश के सबसे चर्चित पारिवारिक संपत्ति विवादों में से एक का पटाक्षेप हो जाएगा।
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काल बनी SDM की गाड़ी, उजाड़ा हंसता-खेलता परिवार, हमेशा के लिए चले गए 2 बच्चों के पापा
राजगढ़। राजगढ़ जिले में एक परिवार के लिए सोमवार का दिन भारी पड़ गया। 30 साल का जवान बेटा घर सूना कर गया। घटना की जानकारी परिवार को मिलते ही घर में कोहराम मच गया। खेत में खड़ी मक्का की फसल को बचाने के लिए कीटनाशक खरीदने निकला किसान कभी घर नहीं लौट सका। राजगढ़-ब्यावरा मार्ग पर लक्ष्मणपुरा जोड़ के पास सोमवार दोपहर तेज रफ्तार बोलेरो ने उसकी बाइक को टक्कर मारने के बाद कुचल दिया। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई। चालक वाहन सहित फरार हो गया।
इधर, परिजनों का दावा है कि दुर्घटना करने वाली बोलेरो के आगे 'एसडीएम' लिखा हुआ था। पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है। कोतवाली थाना क्षेत्र के बांसखेड़ी निवासी मांगीलाल तंवर (28) सोमवार सुबह बाइक से ब्यावरा कीटनाशक लेने गए थे। दोपहर करीब 12 बजे गांव लौटते समय लक्ष्मणपुरा जोड़ के पास पीछे से आई तेज रफ्तार बोलेरो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर के बाद बोलेरो का पहिया किसान के ऊपर से गुजर गया। हादसे के बाद चालक बिना रुके मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस, एसडीओपी अरविंद सिंह मौके पर पहुंच गए। एंबुलेंस की मदद से शव को जिला अस्पताल पहुंचाया। पोस्टमाॅर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मृतक के परिजनों ने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने उन्हें जानकारी दी कि हादसा करने वाली बोलेरो कार के आगे 'एसडीएम' लिखा था। इसके बाद वे ब्यावरा टोल प्लाजा पहुंचे और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी। उनका दावा है कि फुटेज में एक ऐसी बोलेरो दिखाई दी, जिस पर आगे 'एसडीएम' अंकित था। परिजनों ने संबंधित वाहन की तस्वीर भी पुलिस को उपलब्ध कराई है। उधर, पुलिस को घटनास्थल से बोलेरो की टूटी हुई हेडलाइट और नंबर प्लेट का हिस्सा भी मिला है। इन्हीं साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वाहन और चालक की तलाश की जा रही है।
मांगीलाल तंवर परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। खेती-किसानी के काम में लगे रहते थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी सात वर्ष की है, जबकि छोटी बेटी की उम्र महज ढाई माह (75 दिन) है। किसान की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी शोक का माहौल है वहीं, दो मासूम बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है। कोतवाली पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। टीआई मंजू मखेनिया ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जिस कार ने टक्कर मारी उसकी तलाश की जा रही है।
जिस जगह हादसा हुआ वहां पर रोड का घुमावदार हिस्सा है, खतरनाक टर्न होने से यह घटना हुई। बाइक सवार भी नियंत्रण नहीं कर पाया और बेकाबू वाहन ने सामने से उसे टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पहले भी उसके आसपास हादसे हो चुके हैं। जिसमें वाहनों की तेज रफ्तार और घुमावदार मार्ग ही कारण रहा है। पुलिस ने उक्त स्थान को ब्लैक स्टॉप के तौर पर चिह्नित किया है।
बीते दिन ब्यावरा के अंतर्गत आने वाले नेशनल हाईवे- 46 गुना रोड पर जोगीपुरा टोल प्लॉजा के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। जिसमें महाकालेश्वर के दर्शन करने के लिए उज्जैन जा रहे दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 6 गंभीर रूप से घायल हो गए। गंभीर घायलों में से चार को भोपाल और अन्य हायर सेंटर रेफर किया है। हादसा इतना भीषण था कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई।
सूचना मिलते ही नेशनल हाईवे समेत दो एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और घायलों को क्षतिग्रस्त वाहन से बाहर निकालकर पास के बीनागंज स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां एक ने दम तोड़ दिया, वहीं दूसरे की ब्यावरा सिविल अस्पताल में मौत हो गई। हादसे में 52 वर्षीय अजीत पांडे, निवासी चमरोली, उन्नाव और 35 वर्षीय श्यामजी प्रजापति, निवासी जालौन, उन्नाव की मौत की पुष्टि हुई है। देहात पुलिस ने मृतकों के परिजन को सूचना दे दी है, उनके आने के बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा। मामले को पुलिस ने जांच में लिया है।
धार। धार जिले से एक शर्मनाक खबर सामने आई हैं। जहां धरमपुरी में बेजुबान जानवार के साथ दरिंदगी की घटना को अंजाम दिया गया। एक श्वान को केले के खेत में ले जाकर उससे दुष्कर्म का मामला सामने आया है। वहीं PFA ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
जानकारी के अनुसार, 17 जुलाई की शाम तारापुर रोड के इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर बस चालक गुलाब वर्मा पर मादा श्वान से दुष्कर्म का आरोप लगा है। बताया गया कि गुलाब वर्मा ने केले के खेत में लेकर श्वान के साथ गलत काम किया। वहीं पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने 112 पर सूचना दी।
PFA की जिला अध्यक्ष विजया शर्मा ने थाना प्रभारी को आवेदन देकर आरोपी पर पशु क्रूरता अधिनियम और BNS की धारा में प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। विजया शर्मा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि, “मुझे सूचना मिली थी कि एक मादा श्वान के साथ दुष्कर्म हुआ है। हमने पहुंचकर देखा तो घटना सत्य थी। मैंने आवेदन दिया है और TI साहब ने आश्वासन दिया है कि FIR होगी।
इस पूरे मामले पर धरमपुरी थाना प्रभारी सरदार सिंह सोलंकी का कहना है कि आवेदन मिला हैं। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। CCTV खंगाल रही हैं। प्रत्यकदर्शियों के बयान लिए जा रहे हैं। जिसके बाद आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही हैं। वहीं इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में खासा आक्रोश हैं लोग आरोपी दरिंदे पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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सरकारी स्कूल में छात्राओं से लगवाई झाड़ू, Video वायरल होने से मचा हड़कंप
शिवपुरी। शिवपुरी जिले के बदरवास विकासखंड के संकुल केंद्र अटलपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बरखेड़ा खुर्द के प्राथमिक विद्यालय में छोटी-छोटी छात्राओं से झाड़ू लगवाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। जिन हाथों में स्कूल में किताबें होनी चाहिए वहां बच्चियों से झाड़ू लगवाया जा रहा है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां पढ़ाई का स्तर क्या होगा।
जानकारी के अनुसार, विद्यालय में पढ़ाई के दौरान छात्राओं से कक्षाओं की साफ-सफाई कराई जा रही थी।। ग्रामीणों ने इस दौरान वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। हालांकि यहां बताना होगा कि जिले के अधिकतर सरकारी प्राथमिक स्कूल में भृत्य न होने के कारण टीचर बच्चों से क्लास की सफाई करा लेते हैं। वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग बदरवास बीआरसी ने मामले की जांच शुरु कर दी है।
बड़ा सवाल यह है कि बच्चों से स्कूल की साफ़-सफाई कराना कहां तक जायज है? जब स्कूल में भृत्य नहीं हैं, तो जिम्मेदार विभाग को सफाई के लिए इसकी व्यवस्था करना चाहिए, न की छोटी बच्चियों से इस तरह पढ़ाई की जगह सफाई करवानी चाहिए। वीडियो वायरल होने के बाद अब देखना गौरतलब होगा कि शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस पर क्या कार्रवाई करते हैं।
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सरकारी गोदाम से 35 लाख की किताबें गायब! आखिर किसने किया ‘ज्ञान का घोटाला’?
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से सरकारी स्कूलों के गरीब बच्चों को बांटी जाने वाली मुफ्त किताबों में बड़ा घोटाला सामने आया है। पाठ्य पुस्तक निगम के रीवा स्थित मुख्य गोदाम से 450 से ज्यादा बंडल किताबें रहस्यमयी ढंग से गायब हो गई हैं। जानकारी के मुताबिक लापता किताबों की बाजार में कीमत करीब 35 लाख रुपये आंकी जा रही है। इस खुलासे के बाद रीवा से लेकर भोपाल तक के गलियारों में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल से उच्च स्तरीय अधिकारियों की एक स्पेशल टीम जांच के लिए रीवा पहुंच चुकी है।
इस पूरे सिंडिकेट और फर्जीवाड़े की परतें तब खुलीं जब डिपो में किताबों का स्टॉक मैच नहीं हुआ। गोदाम से इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी संपत्ति के गायब होने और अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं को देखते हुए संबंधित विभाग ने चोरहटा पुलिस थाने में आधिकारिक FIR दर्ज करा दी है।
गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था के बीच से 450 से अधिक बंडलों का गायब होना किसी एक व्यक्ति का काम नहीं हो सकता। पुलिस अब गोदाम के रिकॉर्ड, पूर्व के स्टॉक और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका की बारीकी से जांच कर रही है।
भोपाल से रीवा पहुंची स्पेशल टीम ने डिपो में डेरा डाल दिया है। जांच के दौरान केवल किताबों की कमी ही नहीं, बल्कि कई अन्य वित्तीय और प्रशासनिक गड़बड़ियां भी सामने आई हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच का दायरा जैसे-जैसे बढ़ेगा, विभाग के कई बड़े चेहरों और सप्लायर्स पर गाज गिरना तय है।
इस बड़े फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद अब पुलिस और भोपाल की जांच टीम की संयुक्त रिपोर्ट पर सबकी नजरें टिकी हैं। सवाल यही है कि गरीब बच्चों के हक पर डाका डालने वाले इस ‘किताब चोर सिंडिकेट’ का असली मास्टरमाइंड कौन है?
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को जांच के लिए नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जांच टीम की अगुवाई एक वरिष्ठ IPS अधिकारी करें और उसमें अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया जाए ताकि मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच हो सके। मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने यह भी कहा कि मामले का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए और जांच को तार्किक व निर्णायक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाना चाहिए।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार जांच की स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और मामले की जांच जारी है। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने पूछा कि क्या मौजूदा जांच किसी SIT के जरिए हो रही है। जवाब में सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि फिलहाल पुलिस जांच कर रही है। इसके बाद कोर्ट ने नई SIT के गठन पर जोर देते हुए कहा कि जांच की जिम्मेदारी वरिष्ठ स्तर पर दी जानी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह दाखिल की गई स्टेटस रिपोर्ट का अध्ययन करेगा और 3-4 दिन बाद मामले पर दोबारा सुनवाई करेगा। अदालत ने संकेत दिए कि जांच की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाएगी।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में चार अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इनमें चोरी की जांच CBI से कराने, मंदिर के दान प्रबंधन की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने और वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की गई है।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों रुपये की चोरी हुई है और असली दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
मामले के मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसके भतीजे मनीष से पूछताछ के दौरान पुलिस ने एक अर्टिगा कार, बुलेट मोटरसाइकिल, नकदी और जमीन से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस ने टिन्नू के घर से 1 लाख रुपये और मनीष के घर से 2 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। 39 घंटे की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद रविवार रात दोनों आरोपियों को दोबारा न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जांच के अनुसार रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का करीबी माना जाता था और मंदिर के दानपात्रों की देखरेख करता था। वहीं मनीष चढ़ावे की गिनती से जुड़े कार्य में शामिल था। इसी भूमिका के चलते दोनों पर चढ़ावे में गड़बड़ी करने के आरोप लगे हैं।
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भारत में डेंगू से बचाव को बड़ी राहत: CDSCO ने पहली डेंगू वैक्सीन ‘क्यूडेंगा’ (QDENGA) को दी मंजूरी
भारत ने डेंगू के खिलाफ लड़ाई में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने देश की पहली डेंगू वैक्सीन ‘क्यूडेंगा’ (QDENGA/TAK-003) को मंजूरी दे दी है। जापानी दवा कंपनी टाकेडा (Takeda) द्वारा विकसित यह वैक्सीन डेंगू वायरस के चारों प्रमुख सीरोटाइप (DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4) से सुरक्षा देने के लिए तैयार की गई है। भारत में डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।
क्यूडेंगा एक लाइव-अटेनुएटेड टेट्रावैलेंट वैक्सीन है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे लगवाने से पहले यह जांचने के लिए ब्लड टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होती कि व्यक्ति को पहले डेंगू हुआ है या नहीं। यही इसे पहले उपलब्ध डेंगू वैक्सीन विकल्पों से अलग बनाता है।
इस वैक्सीन को यूरोपीय संघ (EU), यूनाइटेड किंगडम (UK), ब्राजील, इंडोनेशिया और अर्जेंटीना समेत 40 से अधिक देशों में पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। अब भारत भी इस सूची में शामिल हो गया है, जिससे डेंगू के गंभीर मामलों और मौतों में कमी आने की उम्मीद बढ़ी है।
‘TIDES फेज-III’ क्लिनिकल ट्रायल में 8 डेंगू-प्रभावित देशों के 20,000 से अधिक बच्चों और किशोरों को शामिल किया गया। लगभग साढ़े चार साल तक चले अध्ययन में वैक्सीन ने डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को 84% तक घटाया, जबकि पुष्ट डेंगू संक्रमण से 61% तक सुरक्षा प्रदान की। यह उन लोगों में भी प्रभावी पाई गई जिन्हें पहले कभी डेंगू नहीं हुआ था।
वैश्विक डेंगू मामलों का बड़ा हिस्सा भारत में दर्ज होता है और पिछले दो दशकों में संक्रमण के मामलों में 11 गुना से अधिक वृद्धि हुई है। ऐसे में वैक्सीन मच्छर नियंत्रण, साफ-सफाई, व्यक्तिगत बचाव और समय पर उपचार जैसी मौजूदा रणनीतियों को मजबूत करेगी। इतिहास
क्यूडेंगा की दो खुराकें दी जाती हैं, जिनके बीच तीन महीने का अंतर रखा जाता है। टाकेडा ने हैदराबाद स्थित बायोलॉजिकल ई के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत भारत में हर साल लगभग 5 करोड़ डोज तैयार की जाएंगी। हालांकि, इसकी आधिकारिक कीमत अभी घोषित नहीं की गई है। इतिहास
विशेषज्ञों के अनुसार, केवल वैक्सीन से डेंगू का पूरी तरह उन्मूलन संभव नहीं है। मच्छर नियंत्रण, जलभराव रोकना, स्वच्छता और व्यक्तिगत सुरक्षा उपायों के साथ टीकाकरण को अपनाने पर ही डेंगू के प्रभाव को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है।
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जंतर-मंतर पर भारी बवाल के बाद बड़ी बैठक, CJP प्रतिनिधिमंडल ने जेपी नड्डा से की मुलाकात, रखी ये तीन शर्तें
जंतर-मंतर पर सोमवार को हुए भारी हंगामे और प्रदर्शन के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जंतर-मंतर से संसद भवन की तरफ मार्च करने का प्रयास किया, जिसके दौरान सुरक्षाबलों के साथ उनका तीखा टकराव हुआ। इस बवाल के बीच सीजेपी के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की।
इस मुलाकात के बाद सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार की ओर से उन्हें आगे की सकारात्मक बातचीत का भरोसा दिया गया है।
केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के तुरंत बाद सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने लिखा:
मैंने और आशुतोष रांका ने लगभग दो घंटे के लंबे इंतजार के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। यह बैठक करीब 10 मिनट तक चली, जिसमें हमने अपनी मांगों का लिखित पत्र उन्हें सौंप दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस विषय पर आगे चर्चा की जाएगी और हम इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं। इसी बीच, हमारे कार्यकर्ताओं को बड़े पैमाने पर हिरासत में लिए जाने की खबरें भी आ रही हैं।
इन तीन प्रमुख मांगों पर अड़ा प्रतिनिधिमंडल
सौरव दास के नेतृत्व में पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष मुख्य रूप से तीन ज्वलंत मुद्दे उठाए और उन पर तुरंत कदम उठाने की मांग की:
पहली मांग: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को तत्काल प्रभाव से रिहा किया जाए।
दूसरी मांग: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से तुरंत इस्तीफा दें।
तीसरी मांग: नीट (NEET) परीक्षा के तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले सभी परीक्षार्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
सीजेपी नेताओं का दावा है कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उनकी इन संवेदनशील मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वस्त किया कि वे इन विषयों को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष रखेंगे। इसके साथ ही सरकार की ओर से इन मुद्दों पर विचार करने के लिए कुछ समय भी मांगा गया है। फिलहाल दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
सिरोंज । विदिशा जिले के सिरोंज विधानसभा क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां मुरवास में संचालित एक मदरसे की 26 वर्षीय महिला शिक्षिका ने तीन मौलवियों पर यौन उत्पीड़न, जबरन छेड़छाड़ और भाई को जान से मारने की धमकी देने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपी मौलवियों को दबोचकर कोर्ट में पेश कर दिया है। वहीं स्थानीय विधायक उमाकांत शर्मा ने इस पूरे मामले में प्रदेश स्तरीय जांच की मांग उठा दी है।
यह पूरा शर्मनाक मामला मुरवास स्थित सिराज एजुकेशन मदरसे का है। पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में पीड़िता ने बताया कि मदरसे में ही कार्यरत मौलवी नसीर, अख्तर और जावेद लंबे समय से उस पर अश्लील टिप्पणियां कर रहे थे और अभद्र व्यवहार कर रहे थे।
घटना वाले दिन मुख्य आरोपी मौलवी नसीर ने काम के बहाने शिक्षिका को ऑफिस में बुलाया। जैसे ही वह अंदर पहुंची, नसीर ने उसके हाथ पकड़ लिए और वहां मौजूद अन्य दो मौलवियों यानि अख्तर और जावेद ने उसके साथ जबरन छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न की वारदात को अंजाम दिया।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि इस घिनौनी करतूत के बाद तीनों आरोपियों ने उसे मुंह बंद रखने के लिए धमकी दी थी। आरोपियों ने कहा था कि यदि उसने इस बारे में किसी को भी बताया या पुलिस में शिकायत दर्ज कराई तो वे उसके इकलौते भाई की हत्या कर देंगे। इस धमकी के डर से पीड़िता कुछ दिनों तक खौफ के साए में चुप रही लेकिन आखिरकार हिम्मत जुटाकर उसने पुलिस की शरण ली।
शिकायत मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया और महज 24 घंटे के भीतर तीनों नामजद आरोपियों नसीर, अख्तर और जावेद को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया।
इस संवेदनशील मामले के सामने आने के बाद सिरोंज के विधायक उमाकांत शर्मा भी सख्त नजर आ रहे हैं। उन्होंने इस घटना की घोर निंदा करते हुए मध्य प्रदेश सरकार से प्रदेश स्तरीय उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जो एक मिसाल बने। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन से यह भी जांच करने को कहा है कि यदि यह मदरसा नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से संचालित पाया जाता है तो इस पर भी तत्काल वैधानिक व जमींदोज करने जैसी कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है और मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।
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दवा लेने निकला युवक दिनदहाड़े अगवा, CCTV में कैद हुई पूरी वारदात
दवा लेने घर से निकले एक युवक का दिनदहाड़े कथित अपहरण होने की घटना ने झाबुआ जिले में सनसनी फैला दी है। पूरी वारदात पास में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद परिजनों में दहशत है और स्थानीय लोग भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जता रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक यह मामला झाबुआ जिले के खयडूछोटी गांव के रहने वाले भल्लू सिंगाड़ से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि वह दवा लेने के लिए पारा गांव गए थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें जबरन अपने साथ ले लिया। घटना को देखकर उनकी पत्नी भूरी बाई घबरा गईं और पुलिस से मदद की गुहार लगाई। उन्होंने कुछ लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराते हुए पति की सुरक्षित वापसी की मांग की है।
इस पूरे मामले में सबसे अहम कड़ी CCTV फुटेज को माना जा रहा है। वायरल वीडियो में कुछ लोग कथित तौर पर युवक को जबरन ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वीडियो की जांच पुलिस कर रही है और अभी तक सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि फुटेज की मदद से घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
पीड़ित की पत्नी का आरोप है कि घटना के पर्याप्त सबूत होने के बावजूद अब तक उनके पति का कोई पता नहीं चल सका है। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले को गंभीरता से लिया गया है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस अपहृत युवक की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश भी दे रही है।
दिनदहाड़े कथित अपहरण की इस घटना के बाद इलाके के लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह किसी व्यक्ति को जबरन ले जाया जा सकता है, तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
कानून के जानकारों का कहना है कि किसी भी अपहरण के मामले में शुरुआती कुछ घंटे बेहद अहम होते हैं। ऐसे मामलों में CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मोबाइल लोकेशन जैसी तकनीकी जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि किसी व्यक्ति के अपहरण की आशंका हो तो परिजनों को तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए और उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखने चाहिए।
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बाप ने ही उजाड़ दिया बेटी का सुहाग: ससुर ने दामाद के साथ पी शराब, फिर गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी
बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बीते 14 जून को अज्ञात युवक का शव मिला था। सूचना मिलने पर पुलिस, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वाड के साथ घटनास्थल पहुंची थी और आवश्यक कार्यवाही कर शव को पीएम के लिए भिजवा दिया था। यह पूरा मामला वारासिवनी थाना क्षेत्र अंतर्गत कोपे के जंगल का है। इस केस में अब सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
मृतक की पहचान राजेंद्र शरणागत (40) ग्राम डोंगरिया निवासी के रूप में हुई है। वह एक दिन पहले से लापता था। पीएम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि युवक की मौत गला दबाने से हुई थी। इसी आधार पर पुलिस ने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ की। घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी खंगाले तो मृतक के साथ उसके ससुर राजेश चौहान और एक अन्य व्यक्ति दिखाई दिए।
पुलिस ने राजेश चौहान को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। जिसमें उसने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उनका दामाद बहुत ज्यादा शराब पीता था और उसकी बेटी से मारपीट किया करता था। शराब की लत के कारण उसने कृषि भूमि भी बेच दी थी। इन्हीं सब कारणों के चलते आरोपी राजेश चौहान ने अपने साथी प्रभुदयाल बिसेन के साथ मिलकर योजना बद्ध तरीके से पहले मिलकर शराब पी और जंगल में ले जाकर गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त गमछा, दो बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
रतलाम से रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां कैंसर से जूझ रहे एक युवक ने अपनी पत्नी पर कानूनी रूप से तलाक लिए बिना दूसरी शादी करने का आरोप लगाया है। मामले में कोर्ट ने प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी महिला के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। राजस्व कॉलोनी निवासी आकाश जाट की मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए साक्षी नकुम से हुई थी। करीब छह महीने की दोस्ती के बाद दोनों ने 20 नवंबर 2022 को इंदौर के आर्य समाज मंदिर में विवाह किया। परिवार की सहमति मिलने के बाद 13 दिसंबर 2022 को रतलाम में सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ दोबारा शादी हुई।
शादी के कुछ ही महीनों बाद आकाश की तबीयत बिगड़ने लगी। गुजरात के वडोदरा में जांच के दौरान 10 अप्रैल 2023 को उन्हें श्वासनली (Trachea) का कैंसर होने की पुष्टि हुई। आकाश का आरोप है कि बीमारी का पता चलते ही पत्नी का व्यवहार बदल गया। उसने साथ देने के बजाय दूरी बना ली और कहा, "तुम तो कल मर जाओगे, मेरा क्या होगा?"
आकाश के इलाज के दौरान साक्षी ने महिला थाने में उनके खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई लेकिन मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद साक्षी ने फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर कर दी। इसी बीच जबकि तलाक का मामला अदालत में लंबित था और दोनों कानूनी रूप से पति-पत्नी थे, साक्षी ने 10 जून 2024 को छतरपुर निवासी एक युवक से दूसरी शादी कर ली। इस विवाह से एक बेटी भी हुई। जब आकाश को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने सबूत जुटाकर अदालत का दरवाजा खटखटाया।
18 अप्रैल 2026 को फैमिली कोर्ट ने साक्षी की तलाक याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पत्नी ने अप्रैल 2023 में घर से निकाले जाने का दावा किया था जबकि रिकॉर्ड के अनुसार नवंबर 2023 में वह अपने पिता के साथ विवाह पंजीकरण संबंधी प्रक्रिया में शामिल हुई थी। अदालत ने माना कि उपलब्ध साक्ष्य पत्नी के आरोपों का समर्थन नहीं करते।
इसके बाद आकाश ने अपने अधिवक्ता रजनीश शर्मा के माध्यम से JMFC कोर्ट में आपराधिक परिवाद दायर किया। अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 82(1) के तहत बिना वैध तलाक दूसरी शादी करने के आरोप में मामला दर्ज किया। बार-बार समन जारी होने के बावजूद साक्षी अदालत में पेश नहीं हुई। लगातार अनुपस्थिति को देखते हुए कोर्ट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है और 25 जुलाई 2026 को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है।
आकाश की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। कैंसर के इलाज के दौरान 19 जून 2023 को उनके पिता बंशीलाल जाट का निधन हो गया। कुछ समय बाद उनकी मां सुशीला जाट भी चल बसीं। फिलहाल आकाश अकेले रह रहे हैं और इलाज व दैनिक जरूरतों के लिए दोस्तों के सहयोग पर निर्भर हैं। उनके अधिवक्ता रजनीश शर्मा बिना किसी फीस के यह कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
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मंदिर निर्माण रोकने पहुंची पुलिस से झूमाझटकीः वाहनों में पथराव, 2 दर्जन से अधिक पर केस दर्ज
सतना। जिले के कोटर थाना क्षेत्र के कैमरी पहाड़ स्थित खनन लीज क्षेत्र में मंदिर निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। पुलिस के अनुसार, लीज क्षेत्र में निर्माण कार्य रोकने पहुंची पुलिस टीम के साथ ग्रामीणों ने अभद्रता की। इस दौरान शासकीय वाहनों में पथराव किए जाने का भी आरोप है। घटना शुक्रवार की शाम की है। इस मामले का एक वीडियो भी शनिवार की देर शाम सामने आया है। मामले में कोटर थाना पुलिस ने सात नामजद सहित दो दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, पथराव, गाली-गलौज और अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
दरअसल कैमरी पहाड़ स्थित 56 एकड़ की खदान का 50 वर्ष का खनन पट्टा गैवीनाथ माइंस एंड मिनरल्स के नाम स्वीकृत है। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार को कुछ ग्रामीण लीज क्षेत्र के अंदर एक टीले पर मंदिर निर्माण के लिए पहुंचे थे। इसकी सूचना मिलने पर डायल-112 के साथ आरक्षक अभय सिंह मौके पर पहुंचे। मगर ग्रामीण उनसे अभद्रता करने लगे। स्थिति बेकाबू होते देख कांस्टेबल ने थाने को सूचना दी। लिहाजा अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा। पुलिस का आरोप है कि समझाइश के दौरान कुछ लोगों ने गाली गलौच करते हुए पुलिसकर्मियों से झुमाझटकी की, जिसके बाद पुलिस दल को वहां से हटना पड़ा।
लौटने के दौरान वाहनों में पथराव किया गया। जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। उधर, शनिवार को खनिज विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और स्वीकृत लीज क्षेत्र का सीमांकन कर ग्रामीणों से मंदिर निर्माण के लिए वैकल्पिक स्थान चुनने का आग्रह किया। हालांकि ग्रामीण उसी स्थान पर मंदिर निर्माण की मांग पर अड़े रहे। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है।
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है। वहीं कुछ स्थानीय लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोग आदिवासियों को आगे कर इस तरह का विवाद आए दिन करवा रहे है जिससे खनन कारोबारियों के सामने समस्याएं खड़ी हो रही है। पता चला है कि ये वही लोग है जो लीज स्वीकृत होने से पहले अवैध उत्खनन कर सरकारी खजाने को चोट पहुंचा रहे थे।
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एमपी कैबिनेट में यूसीसी को मंजूरी, लिव-इन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, आदिवासियों को रखा बाहर
भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल जिले के जगदीशपुर में रविवार 19 जुलाई को आयोजित मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक के प्रारूप को मंजूरी दे दी गई. सरकार अब इस विधेयक को 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में पेश करेगी. बैठक में यूसीसी के अलावा श्रम संहिता, निजी विश्वविद्यालय संशोधन, नागरिक सुरक्षा और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े विधेयकों को भी स्वीकृति दी गई.
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करना है. उन्होंने कहा कि राम और रहीम सबके लिए एक जैसा कानून होगा. हालांकि, इस कानून के दायरे से आदिवासी समुदाय को बाहर रखा गया है.
प्रस्तावित विधेयक के तहत एक माह के भीतर लिव-इन संबंधों का पंजीयन अनिवार्य किया जाएगा. ऐसे संबंधों से जन्म लेने वाली संतान को उत्तराधिकार के सभी अधिकार प्राप्त होंगे. यदि कोई व्यक्ति बिना सूचना दिए लिव-इन संबंध में रहता है, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी रखा गया है.
यूसीसी के तहत विवाह से जुड़े प्रावधान सभी नागरिकों के लिए समान होंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि विवाह विच्छेद केवल मौखिक घोषणा से मान्य नहीं होगा, बल्कि उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत ही मान्यता मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने बताया कि कांग्रेस को छोड़कर अन्य सभी राजनीतिक दलों ने समान नागरिक संहिता को लेकर अपने सुझाव दिए हैं. उन्होंने कांग्रेस से भी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस विधेयक का समर्थन करने की अपील की.
कैबिनेट ने प्रदेश में 71 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी. साथ ही प्रदेश की एकमात्र मेडिकल यूनिवर्सिटी का विभाजन कर दूसरी मेडिकल यूनिवर्सिटी का मुख्यालय उज्जैन में स्थापित करने का निर्णय लिया गया. वर्तमान में जबलपुर स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी सभी मेडिकल कॉलेजों को संबद्धता प्रदान करती है.
विधेयक के अनुसार यदि विवाह का पंजीकरण नहीं कराया जाता है, तो केवल इसी आधार पर विवाह अमान्य नहीं माना जाएगा. हालांकि, यदि रजिस्ट्रार बिना किसी ठोस लिखित कारण के आवेदन खारिज करता है, तो उसके खिलाफ दंड का प्रावधान किया गया है.
प्रस्तावित कानून में तलाक के बाद पूर्व जीवनसाथी से दोबारा विवाह के लिए निकाह हलाला जैसी अपमानजनक या नीचा दिखाने वाली शर्तों को मानने, बढ़ावा देने या किसी को इसके लिए मजबूर करने को दंडनीय आपराधिक अपराध माना गया है.
यूसीसी के तहत विवाहित या अविवाहित माता-पिता से जन्मे बच्चों, जैविक संतान, गोद लिए गए बच्चों और सरोगेसी से जन्मे बच्चों को समान कानूनी दर्जा दिया जाएगा. सभी बच्चों को कानून के तहत बराबर अधिकार प्राप्त होंगे.
विधेयक में पुत्र और पुत्री दोनों को संपत्ति के उत्तराधिकार में समान अधिकार देने का प्रावधान किया गया है. उत्तराधिकार के मामले में वैवाहिक स्थिति के आधार पर किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा.
प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार जीवित माता और पिता दोनों को क्लास-1 उत्तराधिकारी माना जाएगा. यदि किसी संतान की मृत्यु होती है, तो उसकी संपत्ति में माता-पिता को जीवनसाथी और बच्चों के साथ बराबर का हिस्सा मिलेगा. इसके अलावा, उत्तराधिकार के मामलों में विधवा और विधुर के साथ भी समान व्यवहार सुनिश्चित किया जाएगा.
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