खंडवा। जिले के छैगांवमाखन ब्लाक के ग्राम कोंडावत में गणगौर पर्व का उत्साह उस समय मातम में बदल गया। करीब 150 साल पुराने सार्वजनिक कुएं में जवारे विसर्जन के लिए सफाई के लिए कूदे ग्रामीण मौत का शिकार हो गए। मौत के इस कुएं ने एक-एक कर 8 लोगों को आगोश में ले लिया। कुएं में मौजूद जहरीली गैस के कारण लाेगों का दम घुट गया।
सूचना मिलते ही मौके पर कलेक्टर ऋषव गुप्ता, एसपी मनोज राय सहित पूरा प्रशासनिक व पुलिस अमला मौके पर पहुंचा। कुएं में गैस का प्रभाव कम करने के लिए पानी निकाले जाने के बाद रेस्क्यू टीम एसडीआरएफ के जवानों ने कूदकर लोगों के शव बाहर निकाले। शवों के बाहर निकलते ही गांव में चीख.पुकार मच गई।
गुरुवार को ग्रामीण अंचल में गणगौर पर्व के अंतिम दिन रणुबाई को विदाई देने के लिए उत्साह का वातावरण रहा। ग्राम कोंडावत में भी ग्रामीणों द्वारा माता के रथ बौड़ाए गए थे। इन रथों के विसर्जन से पूर्व गांव में गणगौर माता की पूजा के साथ भंडारे भी हुए। शाम को जवारे विसर्जन की तैयारियां चल रही थीं।
गांव के ही सार्वजनिक कुएं में जवारों का विसर्जन हर साल किया जाता है। जवारे विसर्जित करने से पूर्व सफाई व्यवस्था के लिए गांव के कुनबी समाज के लोग इस कुएं में उतरे, लेकिन वे वापस नहीं आए। अचेत होने लगे, तो इन्हें बचाने के लिए कुछ लोग और कुएं में उतर गए। एक के बाद एक आठ लोग कुएं में कूदे, लेकिन ये वापस नहीं लौट पाए। इसके बाद कोई भी कुएं में उतरने की हिम्मत नहीं दिखा पाया।
कुएं के आसपास ग्रामीणाें की भीड़ लग गई। कुएं में अचेत हो चुके लोगों के परिजन आवाज देते रहे, लेकिन कोई आवाज नहीं आई। चीख पुकार मचने लगी। कुएं के आसपास भारी भीड़ जमा हो गई।
घटना की जानकारी लगने पर मौके पर पंधाना विधायक छाया मोरे, एसडीएम बजरंग बहादुर, तहसीलदार महेंद्र सिंह, छैगांव माखन थाना प्रभारी सिद्दिया दलबल के साथ पहुंचे। होमगार्ड के जवानों को बुलाया गया। कुंए में मौजूद जहरीली गैस का असर कम करने के लिए, इसमें पाइप से पानी छोड़ा गया।
मौके पर क्रेन और एंबुलेंस वाहन भी तैनात किए गए। इसके बाद बचाव के साधनों के साथ होमगार्ड के जवान कुएं में उतरे। एक एक कर लोगों को बाहर निकाला गया। इन्हें तुरंत एंबुलेंस से पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
विधायक मोरे ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से प्राकृतिक आपदा में मरने वालों को 4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। शासन और आरबीसी के प्रावधान के अनुसार आवश्यक मदद की बात कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कही है।
इस हृदयविदारक हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है। मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के बुजुर्गों और सरपंच बल्लु तिरतड़े के अनुसार यह कुआं सालों से त्योहारों पर मूर्ति और जवारे विसर्जन के लिए इस्तेमाल होता है। इस बार यह एक बड़ी दुर्घटना का कारण बन गया।
प्रारंभिक जांच में कुएं में मीथेन गैस से हादसा होने की संभावना है, जिसके संपर्क में आने से दम घुटने से इन लोगों की जान गई। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। मर्ग कायम कर जांच की जाएगी। एसपी मनोज कुमार राय, खंडवा
इस हृदयविदारक हादसे में आठ लोगों की जान चली गई। 1 मोहन पुत्र मंसाराम ;पूर्व सरपंच (55 वर्ष)2 अनिल पुत्र आत्माराम पटेल (30 वर्ष)3 शरण पुत्र सुखराम (30 वर्ष)4 अर्जुन पुत्र गोविन्द (35 वर्ष)5 गजानंद पुत्र गोपाल (25 वर्ष)6 बलिराम पुत्र आशाराम (36 वर्ष)7 राकेश पुत्र हरी (22 वर्ष)8 अजय पुत्र मोहन (25 वर्ष)
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कोर्ट ने 8 दरिंदों को सुनाई उम्रकैद की सजा, पति को बंधक बनाकर पत्नी से मिटाई थी जिस्म की भूख
रीवा.गैंगरेप मामले में कोर्ट ने 8 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही प्रत्येक आरोपी को दो लाख तीस हजार रुपये का अर्थदंड से दंडित किया है. अक्टूबर माह में आरोपियों ने दंपति को बंधक बनाकर महिला के साथ गैंगरेप की थी.
दरअसल, 21 अक्टूबर 2024 को एक दंपति, भैरव बाबा के दर्शन करने गुढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत भैरव बाबा मंदिर पहुंचे थे. जहां मंदिर के पीछे की ओर पार्टी कर रहे बदमाशों ने पति को बंधक बनाकर मारपीट करते हुए, महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था.
इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे. पीड़िता के शिकायत पर गुढ़ थाना पुलिस ने रामकिशन, गरुड़ कोरी, राकेश गुप्ता, सुशील कोरी, रजनीश कोरी, दीपक कोरी, राजेंद्र कोरी, सहित लवकुश कोरी के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था.
गुढ़ में हुई इस घटना को फास्ट ट्रैक में चलाया गया और 6 महीने बाद बुधवार की शाम चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश, पदमा जाटव की अदालत ने तथ्य प्रमाणित पाए जाने के बाद गैंगरेप के सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
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GRMC में न्यूरो में DM कर रही डॉ. रेखा की मौत बनी रहस्य, चार दिन बाद भी परिजनों को नहीं दिखाई पीएम रिपोर्ट
ग्वालियर। गजराराजा मेडिकल कॉलेज में न्यूरो में DM कर रही डॉ. रेखा रघुवंशी की मौत रहस्य बनी हुई है। कॉलेज प्रबंधन सुसाइड केस बता रहा है तो परिवार वालों ने हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुटी है। मृतिका की पीएम रिपोर्ट, मोबाइल चैटिंग, CDR के आधार पर कार्रवाई की बात कह रही है।
दरअसल GRMC यानी गजराराजा मेडिकल कॉलेज से DM मेडिसन की छात्रा रेखा रघुवंशी का कथित सुसाइड मामला सवालों में उलझता जा रहा है। शनिवार की रात GRMC के गर्ल्स हॉस्टल में डॉ रेखा की मौत हुई थी। GRMC प्रबंधन ने इसे सुसाइड बताया था। वार्डन से सूचना मिलने के बाद कंपू पुलिस GRMC हॉस्टल पहुंची थी, लेकिन तब तक डॉ रेखा को फंदे से उतार कर बेड पर लिटा दिया गया। रेखा की मौत के चार दिन बाद भी परिजन को PM रिपोर्ट नहीं दिखाई जा रही है। रेखा के परिजन कंपू थाने में FIR दर्ज कराने पहुंचे, रेखा के पिता भानु रघुवंशी ने बेटी की मौत को हत्या बताया है।
डॉ रेखा रघुवंशी मूलतः अशोकनगर जिले की रहने वाली थी। रेखा ने MBBS और MD किया था। वे GRMC (गजराराजा मेडिकल कॉलेज से DM( डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन) कर रही थी। सबका कहना है कि रेखा खुशमिजाज थी किसी तरह की कोई परेशानी नहीं थी, ऐसे में वह खुदकुशी कैसे कर सकती है। यही बात उसके परिवार वाले भी कह रहे हैं।
ये है अहम सवाल
-5 फ़ीट हाइट की डॉक्टर 4 फ़ीट ऊंची रेलिंग पर कैसे फांसी लगा सकती है ?
-पुलिस के पहुंचने से पहले शव को नीचे किसने और क्यों उतारा?
-अस्पताल प्रबंधन ने घटनास्थल की वीडियोग्राफी क्यों नही कराई?
-फोरेंसिक एक्सपर्ट से क्यों नहीं कराई घटनास्थल की जांच?
रेखा के बगल वाली होस्टलर क्यों हो गई थी गायब?
ऐसे कई सवालों ने महिला डॉक्टर की डेथ को मिस्ट्री में बदला है?
रॉबिन जैन-CSP ने बताया कि कंपू पुलिस ने रेखा की कथित सुसाइड के बाद मर्ग कायम किया है। मौत की जांच के लिए डॉक्टर रेखा के शव का डॉक्टर के पैनल से पीएम कराया गया है। पुलिस ने रेखा के कमरे से उसका मोबाइल बरामद किया था, मोबाइल की चैटिंग और कॉल डिटेल जांच के लिए भोपाल से एक्सपर्ट की सहायता ली जा रही है। पुलिस के मुताबिक पीएम रिपोर्ट मोबाइल की कॉल डिटेल से मामले में तस्वीर साफ होगी।
GRMC के हॉस्टल में डॉ रेखा की मौत का रहस्य बरकरार है। घटनास्थल की परिस्थितियां कथित सुसाइड को संदिग्ध बनाती है। वहीं रेखा की मौत के चार दिन बाद भी उसकी पीएम रिपोर्ट नहीं आई है और ना ही मोबाइल की जांच हो पाई है। ऐसे में देखना होगा कि इस डेथ मिस्ट्री में सामने क्या निकाल कर आता है और डेथ की आखिर सच्चाई क्या है।
बुन्देखंड सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्र के लिए वरदान साबित होने वाली केव बेतवा लिंक परियोजना फिलहाल उसी क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गई है, पीड़ित और परेशान ग्रामीणों ने आज इसके खिलाफ आक्रोश जताया और बांध का काम रोककर प्रदर्शन किया।
छतरपुर जिले में केन बेतवा लिंक परियोजना के तहत बांध का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन आज अचानक बहुत से ग्रामीण विरोध जताते हुए साइट पर पहुंच गए और काम कर रही कंपनी के कर्मचारियों का काम बंद करवा दिया , ग्रामीणों ने कहा कि हमारे साथ जबतक न्याय नहीं होता हम काम नहीं होने देंगे।
ढ़ोडन, पलकोहा ,खरयानी मैनारी ,सुकवहा सहित आधा दर्जन गाँव के विस्तापित लोगो ने आज ढ़ोडन बांध का निर्माण काम रोककर विरोध किया और काम में लगे मजदूरों को धमका कर भगा दिया , ग्रामीणों ने कहा कि हमारी जमीनों का अधिग्रहण कर लिया और हमें मुआवजा भी नहीं दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि हमें मुआवजा चाहिए और अब पैकेज भी चाहिए, उन्होंने कहा कि जब तक मुआवजा नहीं मिल जाता हम बांध का काम शुरू नहीं होने देंगे, उन्होंने कहा कि यदि हमारे साथ धोखा किया तो हम सहन नहीं करेंगे अब आर पार की लड़ाई लड़ेंगे।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि पहले मुआवजा राशि दी जाये इसके बाद निर्माण कार्य चालू करे नाराज ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में लगी मशीनों मजदूरों एव कर्मचारियों को पन्ना टाइगर रिजर्व पंन्ना भुसोर बेरियर के बाहर खदेड़ दिया , ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि बिना मुआवजा दिए निर्माण कार्य चालू किया तो उग्र आंदोलन होगा।
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नवोदय विद्यालय में दर्जनों छात्रों से की छेड़छाड़, पॉक्सों एक्ट में मामला दर्ज, आरोपी शिक्षक फरार
भिंड। मध्यप्रदेश से एक बार फिर शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने का मामला सामने आया है। यह ताजा मामला भिंड से सामने आया है, जहां स्कूल में शिक्षक की काली करतूत ने हर किसी को हैरान कर दिया है। जिसे लेकर प्रिंसिपल ने पुलिस से शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज का विवेचना शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, मामला भिंड के रौन थाना अंतर्गत आने वाले विरखडी स्थित शासकीय आवासीय जवाहर नवोदय विद्यालय का है। जहां पदस्थ शिक्षक विनोद सोनी द्वारा आधा दर्जन से अधिक छात्रों के साथ बैड टच की हरकत की गई। आए दिन होने वाले इस शर्मशार हरकतों से परेशान छात्रों ने अपने परिजनों और स्कूल प्रबंधन से शिकायत की। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने तीन सदस्य कमेटी गठित कर मामले की जांच कराई।
जिसमें मामला सही पाए जाने पर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य बृजेश कुमार ने रौन थाना में लिखित आवेदन देकर शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर शिक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3)4,5,6,9,10 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि आरोपीय शिक्षक स्कूल से फरार बताया जा रहा ।जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
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महिला तहसीलदार के विवादित पोस्ट पर बवाल जारी, कांग्रेस MLA ने समर्थकों के साथ घेरा कलेक्ट्रेट
श्योपुर. महिला तहसीलदार के ‘ईद’ वाले पोस्ट को लेकर एक फिर बवाल मच गया है. इस मामले में कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव किया और जमकर हंगामा किया. इसके बाद उन्होंने कलेक्टर अर्पित वर्मा को ज्ञापन सौंपा.
कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने कहा कि महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर का इस प्रकार बयान देना, गलत है. बतौर अधिकारी सोशल मीडिया पर ऐसा पोस्ट करना, यह गलत है. ऐसे अधिकारी को तत्काल सस्पेंड करना चाहिए. हमने कलेक्टर को आवेदन किया है. पहले भी महिला तहसीलदार को हटाया गया था. फिर कहीं से उन्होंने जुगाड़ लगाकर श्योपुर में आ गईं.
विधायक ने आगे कहा कि जहां-जहां तहसीलदार अमिता सिंह तोमर रहीं हैं. वहां उन्होंने शासकीय जमीनों पर कब्जा किया. भ्रष्टाचारी में तहसीलदार सुर्खियों में रहती हैं. शासन-प्रशासन को ऐसे अधिकारी पर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि जिले में भाईचारा बना रहे.
बता दें कि वीरपुर तहसील में पदस्थ महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर अपने फेसबुक पर लिखा था- “ईद के त्यौहार को मातम का त्योहार बना दिया, कितने के अब्बा मर गए जो काली पट्टी बांधकर त्यौहार मनाया, सादर श्रद्धांजलि.” इस विवादित पोस्ट को लेकर मुस्लिम समुदाय नाराजगी है.
महिला तहसीलदार ने कई बार विवादित पोस्ट शेयर किया. पहले भी वह जिले में पदस्थ रही हैं, तब भी उन्होंने नेताओं को लेकर कई विवादित पोस्ट किए थे. पूर्व में उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर विवादित पोस्ट शेयर की थी. तब उन्हें वहां से हटाया गया था, अब उन्होंने फिर से यह पोस्ट शेयर की है. जिसे लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताई है. पोस्ट को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों ने वीरपुर तहसील मुख्यालय पर आयोजित कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर कलेक्टर शिकायत की थी.
साथ ही महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को भी मौके पर ही घेर लिया था. इसके बाद तहसीलदार ने फेसबुक से पोस्ट हटाने की बात कहते हुए सॉरी बोलकर माफी भी मांगी थी. इधर, एसडीएम ने महिला तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस दिया है, जिसका जवाब तीन दिनों में उन्हें देना होगा. वहीं अब कांग्रेस विधायक महिला अधिकारी पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है. बता दें कि अमिता सिंह तोमर कौन बनेगा करोड़पति (KBC) में लाख जीतकर सुर्खियों में रह चुकी हैं.
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने छत्रपति संभाजीनगर में एक अनूठा अभियान छेड़ा है, जिसमें औरंगजेब की कब्र को लेकर जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इस अभियान के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में बैनर लगाए गए हैं, जिनमें खुल्दाबाद स्थित औरंगजेब की कब्र तक की दूरी को किलोमीटर में दर्शाया गया है। मनसे का कहना है कि यह अभियान लोगों को उनके इतिहास से जोड़ने के लिए शुरू किया गया है। पार्टी का मानना है कि मराठों के कट्टर शत्रु माने जाने वाले औरंगजेब की कब्र महाराष्ट्र की धरती पर है और यह तथ्य हर किसी को पता होना चाहिए।
शहर के प्रमुख स्थानों पर लगे इन बैनरों में कब्र तक की दूरी को स्पष्ट रूप से दिखाया गया है। उदाहरण के लिए क्रांतिचौक से 27 किमी, जिला न्यायालय से 26 किमी, बाबा पेट्रोल पंप से 25 किमी, होली क्रॉस स्कूल से 24 किमी और शरनापुर से 14 किमी। इन बैनरों को देखकर लोग हैरान भी हो रहे हैं और इस पर चर्चाएं भी कर रहे हैं। मनसे का उद्देश्य है कि लोग यह जानें कि मराठा इतिहास के इस क्रूर शासक को यहीं दफनाया गया था।
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने हाल ही में गुड़ी पाडवा के अवसर पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था, “औरंगजेब मराठों को खत्म करने आया था, लेकिन उसे यहीं दफना दिया गया। यह इतिहास हमारी नई पीढ़ी को जरूर जानना चाहिए।” इस बयान को आधार बनाकर मनसे ने इस अभियान को आगे बढ़ाया है। पार्टी चाहती है कि स्कूली बच्चे और युवा अपने इतिहास को समझें और इससे जुड़ें।
छत्रपति संभाजीनगर के मनसे जिला अध्यक्ष सुमित खम्बेकर ने इस अभियान को लेकर कहा, “हम चाहते हैं कि लोग अपने गौरव और पहचान को याद रखें। ये बैनर इसलिए लगाए गए हैं ताकि सबको पता चले कि हमारा दुश्मन कहां दफन है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह अभियान इतिहास को जीवंत बनाए रखने की कोशिश है।
यह पहली बार नहीं है जब औरंगजेब की कब्र चर्चा का विषय बनी है। इससे पहले भी कई संगठनों ने इसे हटाने की मांग की थी, लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में होने के कारण यह अब भी सुरक्षित है। मनसे के इस अभियान ने एक बार फिर इस मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है। हाल ही में रिलीज हुई मराठी फिल्म ‘छावा’ के बाद औरंगजेब से जुड़ी बहस और तेज हो गई है।
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वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पास, अब राज्यसभा में चर्चा जारी, रिजिजू बोले बिल में ट्रांसपेरेंसी, एक्यूरेसी
नई दिल्ली. आज अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल राज्यसभा में पेश किया. उन्होंने कहा कि व्यापक चर्चा के बाद तैयार किए गए बिल को जेपीसी के पास भेज दिया गया था. वक्फ को लेकर जेपीसी ने जितना काम किया, उतना काम किसी कमेटी ने नहीं किया. देर रात तक चर्चा के बाद आज सुबह इस बिल को लोकसभा से पारित कर दिया गया. देर रात दो बजे वोटिंग में ें 520 सांसदों ने भाग लिया, 288 ने पक्ष में और 232 ने विपक्ष में वोट डाले.
केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि कांग्रेस की सरकार के समय गठित कमेटियों व सच्चर कमेटी की सिफारिशों का भी जिक्र सदन में किया. रिजिजू ने कहा कि आप जो नहीं कर सके, वह करने की हिम्मत हमने दिखाई है और ये बिल लेकर आए हैं. आप इसका समर्थन करेंगे, ऐसी उम्मीद है. हम कोई नया काम नहीं कर रहे इतिहास गवाह है कि पहले भी ऐसा हुआ है और संशोधनों का इतिहास भी गिनाया. इससे पहले लोकसभा में 12 घंटे की चर्चा के बाद वक्फ संशोधन बिल पास हो गया.
रात 2 बजे हुई वोटिंग में 520 सांसदों ने भाग लिया. 288 ने पक्ष में और 232 ने विपक्ष में वोट डाले. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे उम्मीद (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया है. चर्चा के दौरान सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिल फाड़ दिया. उन्होंने कहा कि इस बिल का मकसद मुसलमानों को जलील करना है. मैं गांधी की तरह वक्फ बिल को फाड़ता हूं. बिल पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वक्फ में गैर इस्लामिक नहीं आएगा. ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. वोट बैंक के लिए माइनॉरिटीज को डराया जा रहा है.
इससे पहले राज्यसभा में सुबह भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर के कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े पर दिए बयान पर विपक्ष के सांसदों ने हंगामा किया. श्री ठाकुर ने कहा था कि कर्नाटक में वक्फ की जमीन का भ्रष्टाचार हुआ है. इसमें कांग्रेस अध्यक्ष खडग़े भी शामिल हैं. इस पर खडग़े ने कहा कि आरोप सिद्ध करें या इस्तीफा दें. खडग़े ने कहा कि अनुराग ठाकुर उनके या उनके परिवार के किसी भी सदस्य के वक्फ बोर्ड की 1 इंच भी जमीन पर कब्जे को साबित कर देते हैं, तो मैं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दे दूंगा.
श्री रिजिजू ने कहा कि अब जो ट्रिब्यूनल बनेगा, उसका फिक्स टेन्योर (नियत कार्यकाल) होगा. यदि ट्रिब्यूनल में आपको हक नहीं मिला तो सिविल मामले में किसी और अदालत में अपील कर सकते हैं. पहले ऐसा नहीं था, हमने ये बदलाव किया है.
रिजिजू बोले कि हमने ये सुनिश्चित किया है कि जो डिवोर्सी महिलाएं हैं, अनाथ बच्चे हैं, उनके लिए प्रावधान होना चाहिए. कोई वक्फ क्रिएट कर सकता है, लेकिन महिला के अधिकारों में छेड़छाड़ नहीं कर सकते. 21वीं सदी में इतनी प्रगतिशील सोच तो रखनी होगी.
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मुसलमानों के लिए भाजपा की चिंता मोहम्मद अली जिन्ना को भी शर्मिंदा कर देगी, उद्धव ठाकरे ने सरकार पर किया कटाक्ष
मुम्बई. शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि संसद में वक्फ बिल पर अपने भाषणों के दौरान केंद्रीय मंत्री अमित शाह और भाजपा सांसदों द्वारा मुसलमानों के बारे में दिखाई गई चिंता पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना को शर्मिंदा कर देगी. भाजपा पर बेबाक हमला करते हुए ठाकरे ने कहा कि तीसरा कार्यकाल हासिल करने के बावजूद भगवा पार्टी राजनीति के लिए हिंदू-मुस्लिम मुद्दों को उठा रही है. ठाकरे ने अपने पूर्व सहयोगी को चुनौती दी कि अगर वह मुसलमानों को नापसंद करते हैं तो अपनी पार्टी के झंडे से हरा रंग हटा दें. भाजपा के झंडे में हरा और केसरिया रंग है और सफेद रंग में कमल बना हुआ है.
ठाकरे ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा व उसके सहयोगियों द्वारा मुसलमानों के प्रति दिखाई गई चिंता मुहम्मद अली जिन्ना को शर्मिंदा कर देगी. यह एक संयोग है कि किरेन रिजिजू, जिन्होंने कभी गौमांस खाने का समर्थन किया था. उन्होने वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया है. वक्फ विधेयक दूसरा बड़ा बदलाव है जिसे भाजपा ने 2019 में ट्रिपल तलाक की प्रथा को गैरकानूनी बनाने के बाद मुस्लिम समुदाय में लागू करने का प्रयास किया है.
वक्फ विधेयक पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए जिसे 12 घंटे की मैराथन बहस के बाद लोकसभा में पारित किया गया. श्री ठाकरे ने कहा कि वह विधेयक का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि भाजपा के दोहरे मानदंडों का विरोध कर रहे हैं. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह विधेयक भाजपा की जमीन छीनकर अपने उद्योगपति मित्रों को देने की चाल है. शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने कहा कि मैंने यह नहीं कहा कि मैं विधेयक का समर्थन करता हूं. मैंने विधेयक का विरोध नहीं किया है] लेकिन मैंने भाजपा के दोहरे मानदंडों का विरोध किया है. विधेयक में निश्चित रूप से कुछ अच्छी बातें हैं] लेकिन उन्हें इसका इस्तेमाल राजनीति के लिए नहीं करना चाहिए. इसका हिंदुत्व से कोई लेना&देना नहीं है. वक्फ विधेयक जो वक्फ अधिनियम 1995 में संशोधन करता है. सरकार को वक्फ संपत्तियों को विनियमित करने और ऐसी संपत्तियों से संबंधित विवादों को निपटाने में एक कदम आगे ले जाएगा.
राजगढ़। जिंदगी का कोई भरोसा नहीं कब किसका साथ छोड़ दे..ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले से सामने आया है जहां दिन में कथा के दौरान भक्तों से कथावाचक ने कहा कि एक दिन सभी को जाना है और उसी रात जब कथावाचक पंडित जी रात में सुबह सोए तो सुबह जागे ही नहीं। कथावाचक की सोते वक्त ही साइलेंट अटैक आने से मौत हो गई। कथावाचक की मौत के बाद उनके शव को उनक गृहग्राम ले जाया गया जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।
राजगढ़ जिले के ब्यावरा में राधा-कृष्ण मंदिर में शिव पुराण कथा का आयोजन किया जा रहा था। 31 मार्च से शुरू हुई कथा 6 अप्रैल तक होने वाली थी। दो दिन से इंदौर वाले पंडित राकेश व्यास भक्तों को भक्तों को शिव महिमा सुना रहे थे। आयोजक समिति के कालूराम गुर्जर ने बताया कि मंगलवार को शिव महापुराण कथा के दौरान कथावाचक ने विभिन्न प्रसंग पर कथा सुनाई थी। उन्होंने कहा था कि जिंदगी रंज-ओ-गम का मेला है। कल मैं रहूं या ना रहूं, तुम रहो या ना रहो, कथा का श्रवण कर लीजिए, एक दिन राजा हो या रंक या फकीर सबको जाना ही है। कथावाचक की अचानक मौत से कथा स्थल पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि मंगलवार को कथा खत्म होने के बाद पंडित राकेश व्यास रात करीब दो बजे तक बातचीत करते रहे। इसके बाद सोए तो फिर सुबह नहीं उठे। सुबह जब आयोजनकर्ता चाय लेकर उन्हें उठाने पहुंचा तो वो नहीं जागे उनका शरीर ठंडा पड़ा हुआ था। जिसके बाद तुरंत उन्हें ब्यावरा के निजी नर्सिंग होम ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि नींद में ही उन्हें अटैक आ गया था। कथा वाचक पंडित राकेश व्यास का अंतिम संस्कार इंदौर के पास उनके गृह गांव बावल्या खुर्द में हुआ।
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नगर पालिका के सामने पुलिस और कांग्रेसियों में झड़प, हिरासत में 25 से अधिक नेता
नर्मदापुरम. दुकान किराए में वृद्धि और अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस इटारसी नगर पालिका का घेराव करने निकली. पुलिस ने सभी को बैरिकेडिंग कर रोकने की कोशिश की. लेकिन कांग्रेसी बैरिकेड्स तोड़कर कार्यालय की ओर बढ़ने लगे. इस दौरान कांग्रेसियों और पुलिस में झड़प हो गई. कई जगह पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा. प्रदर्शन बढ़ता देख पुलिस ने 25 से ज्यादा कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में लिया है.
जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवाकांत पांडेय ने बताया कि नगर पालिका निरंतर कांग्रेस पार्षदों की बात को नकारा जा रही है. बाजार की दुकानों के किराए में वृद्धि से जनता खुलकर विरोध कर रही है. हमने नगर कांग्रेसी कमेटी के साथ जयतंभ चौक से एक रैली निकालकर नगर पालिका कार्यालय में अधिकारियों को ज्ञापन के माध्यम से जनता की समस्या से अवगत कराना चाहा. लेकिन पुलिस और प्रशासन ने हमें बैरिकेडिंग कर रोका लिया.
उन्होंने कहा कि हमारी और पुलिस की हिंसक झड़प हुई, जिसमें पुलिस ने 25 से ज्यादा कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में लिया है. पुलिस ने आठ प्रमुख कांग्रेस पदाधिकारियों पर 151 सीआरपीसी की धारा के तहत मामला दर्ज किया है.गिरफ्तार 8 काग्रेसियों को एसडीएम कोर्ट में पेश भी किया गया है.
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तलाक के पैसे दिए बिना प्रेमी संग भागी पत्नी, गुस्साए पति ने फसल में लगाई आग
राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ में उस वक्त हड़कंप मच गया जब खेत में रखी गेहूं की फसल में अचानक आग लग गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने तुरंत मामले की सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। स्थानीय ग्रामीणों ने गांव में शादी के झगड़े के चलते आगजनी की आशंका जताई है।
पूरा मामला खिलचीपुर थाना क्षेत्र का है। जहां कुछ दिनों पहले ही युवक और युवती ने घर से भाग कर शादी की। जानकारी के अनुसार, युवती की बचपन में ही शादी कर दी गई थी। लेकिन युवती को एक युवक से प्रेम हो गया। इसके चलते उसने अब घर से भाग कर प्रेमी युवक से कोर्ट मैरिज कर ली। वहीं अब झगड़ा नाथरा कुप्रथा के चलते किसान की 8 से 10 बीघा की फसल में आरोपी पति ने आग लगा दी।
घटना में किसान को लाखों का नुकसान हुआ है। मेहनत से लगाई गई फसल मिनटों में राख हो गई। जिससे परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। आरोपी ने घटना को रात के अंधेरे में अंजाम दिया। पुलिस ने एफआईआर के लिए थाने बुलाया लेकिन कोई थाने नहीं पहुंचा।
झगड़ा नाथरा प्रथा में नारी का बाल विवाह कराया जाता है। इसके बाद लड़की का शारीरिक शोषण कर उसे छोड़ दिया जाता है। लेकिन फिर भी पति लड़की को तलाक नहीं देता है। इसके लिए लड़की के पिता को ससुराल वालों को मोटी रकम देनी होती है। फिर ही तलक मिलता है।
इतना ही नहीं नारी को बेचने के लिए पंचायत बैठती है। इस पंचायत में उसकी बोली लगती है। जिसमें जो सबसे ज्यादा बोली लगाता है, नारी उसके हवाले कर दी जागी है। चौंकाने वाली बात तो ये है कि इस बोली में लड़की के पिता और पति दोनों मौजूद होते हैं।
नीमच । एमपी के एक बड़े पुलिस अफसर को सीबीआई CBI ने पकड़ा है। 16 साल पुराने एक एनकाउंटर केस में यह गिरफ्तारी की गई है। इसी के साथ फर्जी एनकाउंटर केस का भंडाफोड़ भी कर दिया है। सीबीआई ने नीमच के इस केस में तत्कालीन टीआई (वर्तमान एसडीओपी पन्ना) ग्लैडविन एडवर्ड कर और तत्कालीन आरक्षक (वर्तमान में प्रधान आरक्षक नीमच) नीरज प्रधान को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर तस्कर बंशी गुर्जर को एनकाउंटर में मारने का झूठा दावा करने का आरोप है। डीएसपी ग्लैडविन एडवर्ड कार और प्रधान आरक्षक नीरज प्रधान ने 2009 में एनकाउंटर में तस्कर बंशी की मौत का दावा किया जबकि वह 2012 में उज्जैन के दानीगेट से जिंदा पकड़ा गया था।
नीमच के 16 साल पुराने एनकाउंटर केस की सीबीआई जांच कर रही थी। हाईकोर्ट के आदेश पर की जा रही जांच में तथ्य सामने आने के बाद डीएसपी ग्लैडविन एडवर्ड कार और प्रधान आरक्षक नीरज प्रधान को गिरफ्तार किया गया। ग्लैडविन इस समय पन्ना के गुनौर के एसडीओपी हैं। नीमच में पदस्थ रहे नीरज प्रधान का एक माह पहले ही उज्जैन ट्रांसफर किया गया हालांकि उन्होंने ज्वाइन नहीं किया।
हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई दिल्ली की क्राइम यूनिट-1 मामले की जांच कर रही है। मंगलवार को तीन घंटे की पूछताछ के बाद डीएसपी ग्लैडविन एडवर्ड कार और प्रधान आरक्षक नीरज प्रधान को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए हैं। जांच अधिकारी ने डीएसपी ग्लैडविन एडवर्ड कार और प्रधान आरक्षक नीरज प्रधान को बयान के लिए बुलाया था।
एडिशनल सीपी नगर (कानून) अमितसिंह ने डीएसपी ग्लैडविन एडवर्ड कार और प्रधान आरक्षक नीरज प्रधान की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दोनों को सीबीआई ने गिरफ्तार किया।
नीमच की मनासा तहसील के नलवा का बंशी गुर्जर कुख्यात तस्कर है। उसने 4 फरवरी 2009 को राजस्थान पुलिस से अपने साथी रतनलाल मीणा को छुड़ाया था। 7 फरवरी को नीमच पुलिस ने उसके एनकाउंटर का दावा किया। डीएसपी ग्लैडविन एडवर्ड कार और प्रधान आरक्षक नीरज प्रधान एनकाउंटर टीम के अहम सदस्य थे।
बाद में बंशी गुर्जर जिंदा मिला, 20 दिसंबर 2012 को उज्जैन पुलिस ने दानीगेट से उसे पकड़ा। इसके बाद उज्जैन के गोवर्धन पंड्या ने हाईकोर्ट में लगाकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि पुलिस ने निर्दोष को मारने की साजिश रची थी।
सीबीआई ने मामले एक एएसपी और अन्य पुलिसकर्मियों को भी नोटिस भेजा था। एएसपी ने बयान देने से इनकार कर छुट्टी ले ली।
पत्नी के प्रेगनेंट होने पर बंशी के जीवित होने की बात सामने आई
वर्ष 2009 में रामपुरा के बेसला घाट पर बंशी का फर्जी एनकाउंटर किया गया था। आइजी स्क्वायड उज्जैन टीम ने 20 नवंबर 2012 बंशी गुर्जर को जिंदा पकड़ा था। घटना के 16 साल बाद भी न तो सीआइडी और न ही सीबीआइ एनकाउंटर में मारे गए व्यक्ति का पता नहीं लगा पाई।
कुख्यात तस्कर बंशी पिता रामलाल गुर्जर के जीवित होने की बात तब सामने आई जब उसकी पत्नी प्रेग्नेंट हुई, यह चर्चा जोरों पर चलने पर वर्ष 2012 में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक टी आमोग्ला अईय्यर ने एनकाउंटर की फाइल पुन: खुलवाई थी। मामले ने तूल तब पकड़ा जब उज्जैन आइजी की स्क्वायड टीम ने बंशी को जीवित पकड़ लिया था। इसके बाद प्रकरण सीआइडी को सौंप दिया गया था।
सीआइडी ने भी फर्जी एनकाउंटर की जांच की, लेकिन कोई तथ्य सामने नहीं आए। इसके बाद हाई कोर्ट के आदेश पर जांच सीबीआइ को सौंपी गई।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 13 अप्रेल को नीमच में प्रस्तावित दौरे के बीच अचानक सीबीआइ ने 16 साल पुराने फर्जी एनकाउंटर प्रकरण में सक्रियता दिखाते हुए तत्कालीन रामपुरा टीआइ और वर्तमान गुनौर (पन्ना) एसडीओपी कर तथा एनकाउंटर के समय आरक्षक (वर्तमान में भी नीमच में प्रधान आरक्षक) नीरज प्रधान को पूछताछ के लिए इंदौर बुलाया था। करीब 3 घंटे तक चली पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया। फर्जी एनकाउंटर में शामिल एक-दो पुलिस अधिकारियों से भी सीबाआइ पूछताछ करेगी।
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100 से अधिक कौओं की मौत से मचा हड़कंप, जांच में जुटा प्रशासन
शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अचानक 100 से अधिक कौओं की मौत हो गई। हैरानी की बात तो यह है कि, ये घटना लगातार तीन दिन से हो रही है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। मामले की सूचना पर टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
जिले के बिजुरी के मैरटोला करौदी के आसपास के गांवों में तीन दिनों से लगातार कौए की मौत हो रही है। अब तक 100 से अधिक कौए की जान जा चुकी है। इतनी बड़ी संख्या में अचानक हो रही मौत से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। अनहोनी की आशंका से ग्रामीण सहमे हुए हैं। घटना को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से कौए की मौत हो रही है। कौए अचानक जमीन पर गिरकर छटपटाने लगते हैं। दो-तीन घंटे के बाद दम तोड़ देते हैं।
कई ग्रामीणों ने बताया कि, गांव में अब तक 50 से अधिक कौओं की मौत हो चुकी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन मौतों के पीछे पर्यावरण प्रदूषण, ठंड या कीटनाशक दवाओं के उपयोग का संदेह है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत की है, जिसके बाद मृत कौओं के अवशेषों को जांच के लिए भेज दिया गया है।
शहडोल जिले के पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक पी.के. पाठक ने कहा कि, कौओं की अचानक हो रही मौतों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, लगभग 50 से अधिक कौओं की मौत की जानकारी मिली है। मौके पर विभाग से एक दल रवाना किया गया है, जो इस घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच कर रहा है। विभागीय दल मामले की गहराई से जांच कर रहा है ताकि मौत के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके।
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सभी इमरजेंसी सेवा के लिए सिर्फ एक नंबर- डायल 112, कॉल करते ही मिलेगी मदद
भोपाल। मध्य प्रदेश में 12 अलग-अलग इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबरों को अब एक ही नंबर 112 से जोड़ा जाएगा। यह काम केंद्र सरकार के निर्देश पर किया जा रहा है। इसके लिए एक कॉमन डैशबोर्ड बनाया जायेगा। इसमें सभी 12 हेल्पलाइन से जुड़ी इमरजेंसी कॉल आएंगी। हालांकि कॉल उसी विभाग को भेजी जाएगी, जो मदद करेगा।
बता दें कि मंगलवार को इस विषय को लेकर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मंत्रालय में बैठक हुई। बैठक में यह भी तय हुआ कि मई में भोपाल में एक बड़ा सेमिनार होगा। इसमें 112 हेल्पलाइन को अंतिम रूप दिया जाएगा। वहीं प्रदेश में चल रही चार तरह की एम्बुलेंस सेवाएं भी 112 नंबर से जोड़ी जाएंगी। वहीं डायल 100 , एम्बुलेंस, महिला हेल्पलाइन, चाइल्डलाइन सहित तमाम हेल्पलाइन 112 में मर्ज होंगी।
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04 April 2025

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