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इंदौर मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर के नवलखा इलाके में खड़ी 5 बसों में एक एक करके भीषण आग लगने के बाद सनसनी फैल गई। आग इतनी भयावह थी कि, इसकी लपटें करीब 5 किलोमीटर दूर तक धिखाई दे रही थीं। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड के दो दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
मामले को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि, आग लगने के दौरान एक के बाद एक 4 धमाके भी सुनाई दिए। ये गैस सिलेंडर फटने के जैसी आवाज थी। फिलहाल, इसकी अबतक इसकी प्रशासनिक पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि, ये घटना नवलखा इलाके में तीन इमली के पास सोमवार सुबह घटी है। बताया जा रहा है कि, यहां यात्री बसें पार्क की जाती हैं।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह एक बस में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी के चलते संबंधित बस में वेल्डिंग की जा रही थी। यहीं किसी कारण से बस ने आग पकड़ ली। कुछ ही देर में लपटें एक के बाद एक पांच बसों तक पहुंच गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि, हादसे के समय मौके पर 20 से ज्यादा बसें खड़ी थीं। आनन-फानन में सभी बसों को उनके स्थान से हटाया गया। हालांकि, जबतक संबंधित बस के नजदीक खड़ी पांच बसों ने भी आग पकड़ ली थी। वहीं, आसपास रिहायशी बस्ती होने की वजह से लोगों में सनसनी फैल गई। इलाके के लोग घरों से बाहर निकलकर सड़क पर खड़े हो गए।
वहीं, मामले को लेकर क्षेत्र के पार्षद मनीष शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि, रिहायशी इलाके में निजी बसों की पार्किंग और मरम्मत को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है। सुनवाई नहीं होने से हमेशा बड़े हादसे का खतरा बना रहता है।
घटना पर विरोध जताते हुए पार्षद मनीष शर्मा मौके पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा- जब तक बसें यहां से नहीं हटाई जातीं, साथ ही पार्किंग समस्या का पूरी तरह से समाधान नहीं निकलता, तबतक वो धरने पर ही बैठे रहेंगे।
वहीं, मामले को लेकर थाना प्रभारी लोकेश सिंह भदौरिया का कहना है कि, हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। मामले में अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसपर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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आरक्षक पर साथी पुलिसकर्मी और उसके बेटे ने किया जानलेवा हमला, चाकू और डंडों से किया लहूलुहान
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के बिछिया थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस लाइन से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां कानून के रखवाले ही आपस में भिड़ गए। यहां तैनात एक पुलिसकर्मी ने अपने ही साथी आरक्षक पर चाकू और डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में आरक्षक मुकेश तिवारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक, घायल मुकेश तिवारी वर्तमान में मनगवां थाना में पदस्थ हैं और उनकी ड्यूटी कलेक्ट्रेट में लगी हुई है। बीती रात जब वे खाना लेने अपने शासकीय आवास पहुंचे, तभी पहले से घात लगाए बैठे साथी पुलिसकर्मी सुरेंद्र पांडे, उसके बेटे और दो अन्य साथियों ने उन पर हमला बोल दिया। आरोपियों ने चाकू, टांगी और डंडों से मुकेश तिवारी पर ताबड़तोड़ वार किए।
पीड़ित की पत्नी ने बताया कि आरोपी सुरेंद्र पांडे पिछले 3-4 दिनों से लगातार गाली-गलौज कर रहा था और बीती रात उसने रंजिश के चलते इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी पुलिसकर्मी अपने साथियों के साथ फरार हो गया है। घायल जवान को संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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होटल में पकड़ाई हिंदू युवती, बजरंग दल ने युवक को अर्धनग्न कर घसीटा, मुंह पर पोता गोबर
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक कपल के होटल में रुकने पर भारी हंगामा हुआ। इसकी वजह युवक का विशेष वर्ग और युवती का हिंदू वर्ग से होना था। इसके बाद बजरंग दल ने कथित लव जिहाद का आरोप लगाते हुए उसे न सिर्फ अर्धनग्न कर पीटा, बल्कि उसके मुंह पर गोबर भी लगा दिया।
घटना गोविंदपुर थाना क्षेत्र के गौतम नगर की है जहां स्थित एक होटल में युवक आरिफ खान और युवती पकड़ाए थे। युवक जहांगीराबाद का रहने वाला था जबकि युवती अयोध्या नगर की निवासी बताई जा रही है। दोनों ने करीब 2 घंटे पहले होटल में चेक इन किया था। जैसे हो हिंदूवादी संगठन को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने दल बल के साथ पहुंचकर होटल में छापामार कार्रवाई की। जैसे ही उन्होंने लड़के और लड़कियों की पृष्ठभूमि की जांच की, उनका खून और खौल उठा।
हिंदू संगठन ने आरिफ खान को होटल से बाहर निकाला और जमकर कुटाई कर दी। इतना ही नहीं, उसे अर्धनग्न कर घसीटा और मुंह पर गोबर थोप दिया और स्याही लपेट दी। हालांकि, इस दौरान युवती ने जो बताया उसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। उसने कहा कि वह आरिफ के साथ पिछले 5 सालों से लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी। जिस जगह वह रहती है वहां लड़कों के आने पर मनाही है इसलिए उन दोनों ने साथ वक्त गुजारने के लिए होटल बुक किया था।
हिंदू संगठन के लोग दोनों को लेकर थाने पहुंचे जहां युवती ने युवक पर किसी तरह की कार्रवाई करवाने से साफ मना कर दिया। उसने पुलिस बयान में कहा कि वह किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं चाहती है। हालांकि जांच में यह भी सामने आया है कि पकड़े गए आरोपी आरिफ खान का आपराधिक रिकॉर्ड है।

छतरपुर केन-बेतवा प्रोजेक्ट के तहत मध्य प्रदेश के छतरपुर और पन्ना जिलों की सीमा पर बन रहे ढोढन बांध स्थल पर आदिवासियों ने एक बार फिर से आंदोलन शुरू कर दिया है। यानी केन-बेतवा लिंक परियोजना का विरोध एक बार फिर तेज हो गया है। इस बार आंदोलनकारी अमित भटनागर की गिरफ्तारी के विरोध में एसपी ऑफिस का घेराव करने पहुंची, साथ ही दर्जनों आदिवासी महिलाओं ने 'चिता आंदोलन' के तहत अपने अपने मासूम बच्चों के साथ चिताओं पर लेटकर विरोध प्रदर्शन किया।
गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाओं ने पहले पन्ना एसपी कार्यालय का घेराव किया। इसके बाद महिलाएं परियोजना के निर्माण स्थल पर पहुंच गईं और अपने मासूम बच्चों के साथ जलने के लिए तैयार चिताओं पर लेट गईं।
आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि, जब तक समाज सेवी अमित भटनागर को रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक उनका प्रदर्शन इसी तरह जारी रहेगा। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि, वो अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाली नहीं हैं। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ - साथ प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात किया गया है।
आपको याद दिला दें कि, इससे पहले पिछले महीने यानी अप्रैल में केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में चल रहा आंदोलन निर्णायक और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया था। जहां प्रशासन द्वारा आंदोलन को दबाने की हर कोशिश के बावजूद हजारों आदिवासी किसान, विशेष रूप से महिलाएं, हिम्मत हारने के बजाय चिता आंदोलन तक पहुंच गई थी। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आदिवासी महिलाओं और जय किसान संगठन के नेता सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने सरकार के दमन के सामने आक्रामक रुख अपनाया था।
आंदोलनकारियों का कहना था कि, उन्हें दिल्ली जाकर अपनी बात रखने से रोका गया, रास्तों में कई जगह रोका गया, राशन और पानी तक रोक दिया गया साथ ही धमकियां दी गई। अब प्रशासन ने अपने ही गांव और जंगल में धारा 163 लागू कर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की है। आंदोलनकारियों ने इसे दमन की पराकाष्ठा बताया था।
फिलहाल, प्रशासन की ओर से इन आंदोलनकारियों से कोई बातचीत नहीं की गई है, जिससे आदिवासियों के गुस्सा भड़क रहा है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहीं दिव्या अहिरवार का कहना है कि, गांव-गांव से लोग पैदल चलकर बांध स्थल पर पहुंच रहे हैं। आगे आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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रिश्वत लेते पकड़ा गया आरक्षक और एफआरवी ड्राइवर , मांग रहा था 50 हजार रुपए
भोपाल में पुलिस विभाग ने अपने ही स्टाफ पर बड़ी कार्रवाई की है। कोहेफिजा थाने के आरक्षक यशपाल तोमर और एफआरवी के एक ड्राइवर को रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया। कार्रवाई एसीपी अनिल वाजपेयी के नेतृत्व में की गई। दोनों पर मकान मालिक और किराएदार के विवाद में कार्रवाई के बदले पैसे मांगने का आरोप है।
जानकारी के मुताबिक मामला मकान मालिक और किराएदार के बीच चल रहे विवाद से जुड़ा है। आरोप है कि आरक्षक यशपाल तोमर किराएदार के पक्ष में कार्रवाई करने और मामला सुलझाने के बदले 50 हजार रुपए की मांग कर रहा था। पीड़ित ने इसकी शिकायत सीधे पुलिस कमिश्नर से की थी। शिकायत के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए गए।
पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर एसीपी अनिल वाजपेयी की टीम ने ट्रैप ऑपरेशन चलाया। कार्रवाई के दौरान आरक्षक और एफआरवी ड्राइवर को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया। इसके बाद कोहेफिजा पुलिस ने आरोपी आरक्षक को हिरासत में ले लिया। वहीं एफआरवी ड्राइवर को तत्काल पद से हटा दिया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने कोहेफिजा थाने के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी केजी शुक्ला के आचरण और पूरे मामले में उनकी भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
अपने ही विभाग के कर्मचारियों के रिश्वत लेते पकड़े जाने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वरिष्ठ अधिकारी अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इसमें अन्य कर्मचारी भी शामिल तो नहीं हैं।
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रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, RailOne ऐप से टिकट बुक करने पर मिलेगी 3% की छूट, ऐसे उठाएं लाभ
शहडोल। रेलवन ऐप के माध्यम से अनारक्षित टिकट बुक कर डिजिटल भुगतान करने पर यात्रियों को तीन प्रतिशत की छूट दी जा रही है। हालांकि बतौर प्रयोग यह सुविधा अभी 14 जुलाई तक के लिए ही लागू है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल द्वारा रेलवन ऐप के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत यह छूट दी जा रही है। शहडोल सहित बिलासपुर मंडल के 81 स्टेशनों के बुकिंग कार्यालयों में रेलवन ऐप को बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्रमुख स्टेशनों पर उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से यात्रियों को ऐप की जानकारी दी जा रही है। वाणिज्य विभाग द्वारा प्रमुख स्टेशनों पर हेल्प डेस्क संचालित कर यात्रियों को ऐप डाउनलोड करने, टिकट बुकिंग एवं डिजिटल भुगतान संबंधी सहायता भी प्रदान की जा रही है। स्टेशनों के बुकिंग काउंटर में लगे रेलवन ऐप स्टिकरों पर प्रदर्शित क्यूआर कोड को स्कैन करके रेलवन ऐप डाउनलोड कर सकते हैं और टिकट भी बुक कर सकते हैं।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह ने बताया कि रेलवन ऐप भारतीय रेल की डिजिटल सेवाओं को एक मंच पर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे यात्रियों को तेज, पारदर्शी एवं सुविधाजनक सेवाएं मिल रही हैं। इसके माध्यम से यात्रियों को डिजिटल टिकटिंग एवं आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
रेलवन ऐप के माध्यम से यात्री आरक्षित, अनारक्षित एवं प्लेटफार्म टिकटों की आसानी से बुकिंग कर सकते हैं, साथ ही टिकट निरस्तीकरण एवं रिफंड की प्रक्रिया भी बेहद सरल एवं त्वरित रूप में उपलब्ध है। यात्रियों को पीएनआर स्टेटस, वेटिंग स्थिति, लाइव ट्रेन रनिंग स्टेटस, ट्रेन के आगमन एवं प्रस्थान समय, प्लेटफार्म नंबर तथा कोच पोजिशन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी रियल टाइम में प्राप्त होती हैं।
रेलवन ऐप सुरक्षित, सुविधाजनक एवं तेज डिजिटल भुगतान सुविधा उपलब्ध कराता है। रेलवन ऐप में यात्रियों को तेज, सुरक्षित एवं सुविधाजनक डिजिटल टिकटिंग सुविधा मिलने के कारण यात्रियों के समय एवं श्रम दोनों की बचत हो रही है और टिकट काउंटरों में भीड़ एवं लंबी कतारों से राहत मिल रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार से दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। सोमवार को उन्होंने गिर सोमनाथ में भव्य रोड शो किया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर पहुंचे और वहां कुंभाभिषेक तथा विशेष पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री आज शाम वडोदरा में सरदारधाम छात्रावास का उद्घाटन भी करेंगे। इसके साथ ही वे विभिन्न कार्यक्रमों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे।
सोमनाथ अमृत महोत्सव के दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत की सांस्कृतिक विरासत, आत्मविश्वास और राष्ट्र की ताकत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इतिहास में कई आक्रांताओं ने सोमनाथ मंदिर को तोड़ने और उसके वैभव को मिटाने की कोशिश की, लेकिन वे कभी सफल नहीं हो सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती और न ही किसी दबाव में ला सकती है।
पीएम मोदी ने 11 मई 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण को याद करते हुए कहा कि उस समय पूरी दुनिया भारत के खिलाफ खड़ी हो गई थी। परमाणु परीक्षण के बाद भारत पर कई प्रकार के प्रतिबंध लगाए गए थे, लेकिन भारत अपने फैसले पर मजबूती से कायम रहा। उन्होंने कहा कि दुनिया की नाराजगी और दबाव के बावजूद भारत पीछे नहीं हटा और अपने आत्मसम्मान की रक्षा की।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सरदार वल्लभभाई पटेल को भी याद किया। उन्होंने कहा कि आजादी के समय सरदार पटेल ने 500 से अधिक रियासतों को जोड़कर देश को एकजुट किया और सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प भी पूरा किया। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें कई बार सोमनाथ आने का अवसर मिला है और इस पवित्र धाम से उनका विशेष जुड़ाव रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आक्रमणकारी सोमनाथ को केवल एक भौतिक ढांचा मानते रहे, इसलिए इसे बार-बार तोड़ा गया। लेकिन हर बार सोमनाथ फिर से खड़ा हो गया, क्योंकि भारत की वैचारिक और आध्यात्मिक शक्ति को कोई खत्म नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति शरीर को नश्वर मानती है, लेकिन आत्मा को अविनाशी मानती है। पीएम मोदी ने कहा कि भगवान शिव केवल देव नहीं, बल्कि सर्वात्मा हैं और यही भारत की सनातन चेतना की सबसे बड़ी ताकत है।
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और लोग कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं। सोमनाथ अमृत महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
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सुप्रीम कोर्ट में SIR पर बहस : बंगाल में 31 सीटों पर जीत का अंतर हटाए गए वोटों की संख्या से कम
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सोमवार को शीर्ष अदालत में हुई सुनवाई के दौरान टीएमसी ने दावा किया कि राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत जितने वोट काटे गए, कई सीटों पर जीत का अंतर उससे भी कम था। पार्टी का कहना है कि हटाए गए वोटरों का असर सीधे चुनाव परिणामों पर पड़ा है।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी की ओर से अदालत में कहा गया कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए और इसका असर कई विधानसभा सीटों पर देखने को मिला। टीएमसी नेता कल्याण बंद्योपाध्याय ने अदालत को बताया कि एक उम्मीदवार सिर्फ 862 वोटों से चुनाव हार गया, जबकि उसी क्षेत्र में 5,432 से ज्यादा लोगों के नाम रोल से हटाए गए थे।है
उन्होंने यह भी दावा किया कि टीएमसी और बीजेपी के बीच कुल वोटों का अंतर करीब 32 लाख था, जबकि अपीलेट ट्रिब्यूनल के सामने लगभग 35 लाख अपीलें लंबित थीं। इस दौरान उन्होंने जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पुरानी टिप्पणी का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि यदि जीत का अंतर हटाए गए वोटरों की संख्या से कम हो, तो मामले की न्यायिक जांच जरूरी हो सकती है।
मामले की सुनवाई कर रही बेंच में सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची शामिल थे। अदालत ने कहा कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य लोग इस मुद्दे पर नई याचिकाएं दाखिल कर सकते हैं। जस्टिस बागची ने स्पष्ट कहा, आप नतीजों के बारे में जो कुछ भी कहना चाहते हैं, जिस पर फैसले के तहत हटाए गए वोटर्स की वजह से काफी असर पड़ा हो। उसके लिए एक इंडिपेंडेंट इंटरलोक्यूटरी एप्लीकेशन की जरूरत है। इसके बाद बेंच ने टीएमसी को जरूरी तथ्यों के साथ इंटरलोक्यूटरी एप्लीकेशन दाखिल करने की अनुमति दे दी।
कोर्ट में चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ वकील दामा शेषाद्रि नायडू ने टीएमसी की दलीलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के विवाद का सही रास्ता चुनाव याचिका दाखिल करना है। इस पर कल्याण बंद्योपाध्याय ने अदालत से अनुरोध किया कि SIR के तहत वोट हटाना भी चुनाव याचिका का आधार माना जाए। उन्होंने कहा, क्या यह इलेक्शन पिटीशन का आधार है? एक ऑर्डर पास करें कि यह भी इलेक्शन पिटीशन का आधार होगा। इस पर सीजेआई ने पूछा, हम ऐसा ऑर्डर कैसे पास कर सकते हैं? अदालत ने साफ किया कि उचित आवेदन दाखिल होने पर मामले की जांच की जाएगी।
सुनवाई के दौरान यह मुद्दा भी उठा कि अपीलेट ट्रिब्यूनल में बड़ी संख्या में अपीलें लंबित हैं। वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने अदालत को बताया कि मौजूदा रफ्तार से मामलों के निपटारे में कम से कम चार साल लग सकते हैं। वहीं कल्याण बंद्योपाध्याय ने यह भी बताया कि पूर्व हाईकोर्ट चीफ जस्टिस टीएस शिवगणनम ने अपीलेट ट्रिब्यूनल के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा, हम क्या कर सकते हैं? हम किसी को मजबूर नहीं कर सकते। जस्टिस बागची ने कहा, हमने आपको बताया था, आप इंटरलोक्यूटरी एप्लीकेशन फाइल करने के लिए आजाद हैं। नायडू का ऑब्जेक्शन एक काउंटर के तौर पर आएगा। हम इसे देखेंगे और ऑर्डर पास करेंगे। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तक कार्यवाही स्थगित कर दी।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मध्यप्रदेश के तीन युवकों को गिरफ्तार कर एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे और दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर, दिल्ली-सोनीपत हाईवे के एक प्रसिद्ध ढाबे तथा हरियाणा के सैन्य कैंप को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टीकमगढ़ जिले के नेगुवां गांव निवासी अनमोल राय (24), ग्वालियर के डबरा निवासी राजवीर (21) और विवेक बंजारा (19) के रूप में हुई है। दिल्ली पुलिस की टीम ने तीनों को उनके गांवों से गिरफ्तार कर दिल्ली ले गई।
स्पेशल सेल के एसीपी पीएस कुशवाहा के अनुसार शुरुआती जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध ई-मेल और विदेशी नंबरों से संपर्क के सबूत मिले हैं। ऑडियो और वीडियो कॉल रिकॉर्ड्स से भी संदिग्ध बातचीत की पुष्टि हुई है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए दिल्ली और हरियाणा के संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक भेजे गए थे। अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों को इस काम के बदले क्या आर्थिक या अन्य मदद मिली थी।
जांच एजेंसियों के मुताबिक गिरफ्तार युवकों में से एक ने दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर की रेकी की थी। मंदिर परिसर और वहां तैनात पुलिस व अर्धसैनिक बलों की तस्वीरें पाकिस्तान भेजी गई थीं। पुलिस का दावा है कि मॉड्यूल की योजना मंदिर परिसर में हमला कर दहशत फैलाने की थी। इसके लिए फायरिंग और अन्य हमलों की रणनीति तैयार की जा रही थी।
स्पेशल सेल की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को दिल्ली-सोनीपत हाईवे स्थित एक बड़े ढाबे पर ग्रेनेड हमला करने का टास्क दिया गया था। यह ढाबा रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही वाला स्थान माना जाता है। जांच एजेंसियों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले इलाके को निशाना बनाकर बड़े स्तर पर नुकसान और जनहानि की साजिश थी।
पुलिस के अनुसार हरियाणा के हिसार स्थित एक सैन्य कैंप की भी रेकी की गई थी। आरोपियों ने कैंप और आसपास के इलाकों के वीडियो रिकॉर्ड कर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि उत्तर प्रदेश के कुछ थाने भी मॉड्यूल के निशाने पर थे।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ‘गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0’ के तहत अलग-अलग राज्यों से शाहजाद भट्टी मॉड्यूल से जुड़े 9 संदिग्ध ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया था। इन्हीं से पूछताछ के दौरान मध्यप्रदेश के तीन युवकों की भूमिका सामने आई। अब जांच एजेंसियां मॉड्यूल की फंडिंग, सीमा पार कनेक्शन और अन्य नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।

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‘जेंटलमैन’ चोरों का भंडाफोड़ः ट्रेन में मेहंदी रचाकर सफर करने वाली महिलाएं होती थी टारगेट
ग्वालियर। एमपी के ग्वालियर में रेल यात्रियों के लिए सफर करना अब जोखिम भरा होता जा रहा है। खासकर उन महिलाओं के लिए जो अच्छे कपड़े पहनकर और हाथों में मेहंदी रचाकर सफर कर रही हैं। ग्वालियर GRP पुलिस ने एक ऐसे ही अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो ‘जेंटलमैन’ बनकर ट्रेनों में चढ़ते थे और पलक झपकते ही गहनों पर हाथ साफ कर देते थे। पुलिस ने इस गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार कर लाखों का माल बरामद किया है।
दरअसल, ट्रेनों में चोरी की बढ़ती वारदातों ने रेलवे पुलिस की नींद उड़ा रखी थी। ग्वालियर से गुजरने वाली ट्रेनों में लगातार हो रही वारदातों को देखते हुए GRP के वरिष्ठ अधिकारियों ने विशेष टीमें गठित की थीं। जब पुलिस ने CCTV फुटेज खंगाले और मुखबिरों का जाल बिछाया, तो उत्तर प्रदेश के एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का नाम सामने आया।
पुलिस की गिरफ्त में आए इन चार चोरों ने पूछताछ में जो खुलासे किए, वो चौंकाने वाले हैं। यह गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम देता था।इनके निशाने पर ऐसी महिला यात्री रहती थी जिनके हाथों में मेहंदी लगी हो या जिन्होंने महंगे कपड़े और जेवर पहने हों। चोर खुद भी अच्छे और महंगे कपड़े पहनकर ‘जेंटलमैन’ की तरह ट्रेन में सवार होते थे ताकि किसी को शक न हो।
जैसे ही किसी का बैग या जेवर पार करते, अगले ही स्टेशन पर उतरकर रफूचक्कर हो जाते थे।पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने लाखों रुपये कीमत के सोने के जेवर और नकदी बरामद की है। जांच में पता चला है कि इस गैंग के दो सदस्यों पर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में चोरी, NDPS और आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं।
फिलहाल पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने सदस्य शामिल हैं और उन्होंने अब तक कुल कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
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शराब दुकान पर बवाल, कर्मचारियों की पिटाई से दो युवकों की मौत; गुस्साई भीड़ ने लगाई आग
सागर जिले के शाहपुर में शराब दुकान के कर्मचारियों की कथित मारपीट से दो युवकों की मौत के बाद रविवार को जमकर हंगामा हो गया। गुस्साए लोगों ने शराब दुकान में आग लगा दी और सड़क पर जाम लगाकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। हालात बिगड़ने पर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक शाहपुर स्थित शराब दुकान पर नीरज प्रजापति और उसके एक साथी का कर्मचारियों से विवाद हो गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कहासुनी के बाद मामला इतना बढ़ गया कि कर्मचारियों ने दोनों युवकों के साथ जमकर मारपीट कर दी। मारपीट में नीरज प्रजापति गंभीर रूप से घायल हो गया जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसका साथी भी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
दूसरे युवक की मौत की खबर फैलते ही इलाके में तनाव बढ़ गया। परिजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए और मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की।
विरोध प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित भीड़ ने शराब दुकान को आग के हवाले कर दिया। देखते ही देखते दुकान से ऊंची लपटें उठने लगीं। सूचना मिलने पर नगर पालिका की दमकल टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
हालात को देखते हुए शाहपुर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद काफी देर बाद सड़क जाम खुलवाया जा सका। पुलिस ने शराब दुकान के कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

अशोकनगर। मध्यप्रदेश में प्यार में धोखा, फिर ब्लैकमेलिंग और उसके बाद डर का ऐसा खौफनाक व्यापार हुआ जिसने एक युवती की जिंदगी को नरक बना दिया। मामला अशोकनगर का है जहां पुलिस ने एक ऐसे हाई-प्रोफाइल और शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म को भी पीछे छोड़ दे। सोशल मीडिया के जरिए एक नाबालिग को प्रेमजाल में फंसाने से शुरू हुआ यह खेल, फर्जी क्राइम ब्रांच अफसर की धमकियों और तांत्रिक विद्या के मायाजाल तक जा पहुंचा। इस खौफनाक साजिश में पीड़िता से न सिर्फ दुष्कर्म किया गया, बल्कि उसे डरा-धमकाकर 1.30 करोड़ रुपए की भारी-भरकम रकम भी ऐंठ ली गई।
मामले की शुरुआत करीब 5 साल पहले हुई, जब 21 वर्षीय पीड़िता नाबालिग थी और 12वीं कक्षा में पढ़ती थी। इंस्टाग्राम के जरिए उसकी पहचान आदित्यसिंह तोमर से हुई। आदित्य ने उसे शादी और सुनहरे भविष्य का झांसा देकर अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। धीरे-धीरे आदित्य उसे अपने दोस्त आर्यन सोनी के आर्यन टैटू स्टूडियो इंदिरा पार्क पर बुलाने लगा। यहीं पर आदित्य और आर्यन ने मिलकर चोरी-छिपे पीड़िता के कुछ आपत्तिजनक वीडियो और फोटो बना लिए। इसके बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग और शारीरिक शोषण का घिनौना खेल। पिता के निधन के बाद आदित्य ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता से 5 लाख की मांग की और डर के मारे पीड़िता ने उसे 2 लाख रुपये दे भी दिए।
लगातार ब्लैकमेलिंग से टूट चुकी पीड़िता ने अपनी एक परिचित आयुषी चौहान से मदद मांगी। आयुषी खुद को भविष्य देखने वाली एस्ट्रोलॉजर व तांत्रिक बताती थी। उसने पीड़िता का दुख दूर करने के बजाय उसकी दौलत देखकर एक खौफनाक साजिश रच डाली। आयुषी ने डराया कि पीड़िता के जीवन में बड़ा संकट आने वाला है, लेकिन वो उस संकट को दूर कर सकती है। इतना ही नहीं आयुषी ने ये भी भरोसा दिलाया कि वह अपने रसूख और पुलिस अधिकारियों से पहचान के जरिए आदित्य के फोन से वीडियो डिलीट करवा सकती है। इसके एवज में उसने डेढ़ लाख रुपए ऐंठ लिए।
इसके बाद आयुषी, उसका पति आकाश और आदित्य तोमर ने मिलकर एक क्राइम सिंडिकेट की तरह काम शुरू किया। पीड़िता को अलग-अलग नंबरों से फोन आने लगे। फोन करने वाले खुद को क्राइम ब्रांच और सीआईडी का अधिकारी बताते थे। गंदी गालियां, झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी और शारीरिक संबंध बनाने के फर्जी केस का डर दिखाकर पीड़िता से कभी 10 लाख तो कभी 25-25 लाख रुपये वसूले गए। आयुषी लगातार उसे डराती रही कि पुलिस के पास मत जाना, वरना बदनामी होगी और शादी नहीं हो पाएगी।
अक्टूबर 2025 में खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का बड़ा अफसर बताकर आरोपियों ने पीड़िता से 60 लाख रुपए की डिमांड कर दी। इस बार आयुषी ने पीड़िता को उसके माता-पिता का सोना गिरवी रखने पर मजबूर किया। आयुषी उसे एक गोल्ड फाइनेंस कंपनी ले गई और 450 ग्राम सोने पर 35 लाख रुपए का लोन निकलवा कर पूरी रकम अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली।
लगातार हो रही इस खौफनाक प्रताड़ना और घर में घुसकर दी गई धमकियों के बाद, पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और परिजनों के साथ एसपी राजीव कुमार मिश्रा के पास पहुंची। मामले की गंभीरता और करोड़ों की ठगी को देखते हुए एसपी ने तत्काल टीआई कोतवाली रविप्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में एक विशेष साइबर और फिजिकल टीम का गठन किया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की बारीकी से जांच की और चंद दिनों के भीतर इस शातिर गैंग का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट के चारों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी व प्रेमी आदित्यसिंह तोमर, तांत्रिक महिला आयुषी चौहान, आकाश चौहान (आयुषी का पति) और आर्यन सोनी टैटू आर्टिस्ट शामिल हैं।
एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी ठगी के करोड़ों रुपयों से बेहद लग्जरी जीवन जी रहे थे। महंगी थार रॉक्स एसयूवी खरीदी गई। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए पश्चिम बंगाल के तांत्रिक स्थलों पर जाते थे, वहां तंत्र-मंत्र और बलियां देते थे ताकि वे पकड़े न जाएं। खुद को पाक-साफ दिखाने के लिए आयुषी ठगी के पैसों का कुछ हिस्सा दान-पुण्य में भी उड़ाती थी। आरोपियों के पास से ठगी की रकम से खरीदी गई चमचमाती थार रॉक्स कार, करीब 40 लाख रुपए का सोना, डेढ़ लाख रुपए नकद, स्कूटी और लेपटॉप बरामद किया है।
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नौकरी का झांसा देकर महिला से 4 साल तक दरिंदगी, नाबालिग बेटी पर भी डाली बुरी नजर, कर्मचारी पर FIR
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से हैवानियत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां एक शख्स ने नौकरी के नाम पर महिला को अपनी हवस का शिकार बनाया। इतना ही नहीं, उसकी नाबालिग बेटी से भी छेड़छाड़ की। इस घटना के बाद महिला ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है।
आरोपी नगर पालिका का कर्मचारी है। झांसी रोड थाना क्षेत्र के भैरो बाबा मंदिर के पास नाका चन्द्रवदनी निवासी महिला ने पुलिस को शिकायत कर बताया कि वह 4 साल पहले पति से अलग होने के बाद डबरा से ग्वालियर बेटी के साथ आई थी। यहां वह आर्थिक स्थिति से परेशान हो रही थी। तभी उसका परिचय डबरा निवासी नगर पालिका में पदस्थ दीपांशु बाथम से हुआ। दीपांशु नौकरी का झांसा देकर 4 साल से दुष्कर्म करता आ रहा है। जब नौकरी दिलाने की बात की तो टाल दिया।
कुछ दिनों पहले दीपांशु ने महिला की नाबालिग बेटी को अकेला पाकर उसके साथ ज्यादती कर छेड़छाड़ की घटना को अंजाम दिया। जब बेटी ने बताया तो महिला से रहा नहीं गया और दीपांशु के खिलाफ बेटी के साथ शिकायत करने थाने पहुंची।
झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव ने बताया कि महिला और नाबालिग बच्ची के बयानों के आधार पर आरोपी नगर पालिका कर्मचारी के खिलाफ महिला से नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म और नाबालिग बच्ची के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में दुष्कर्म और छेड़छाड़ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही आरोपी दीपांशु बाथम की तलाश शुरू कर दी हैं।
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21 लाख का ‘दान’ बना विवाद की जड़: प्रसिद्ध बगीचा सरकार मंदिर में महंत और पुजारी के बीच खूनी जंग
शिवपुरी। धर्म और आस्था की नगरी शिवपुरी के करेरा से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। प्रसिद्ध बगीचा सरकार हनुमान मंदिर में शनिवार की रात भक्ति नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन और लाठियों की गूंज सुनाई दी। विवाद की मुख्य वजह 21 लाख रुपये का दान और मंदिर की आय को बताया जा रहा है। इस हिंसक संघर्ष में पुजारी और महंत पक्ष के बीच जमकर लाठियां चलीं है, जिसमें 5 लोग घायल हुए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार बगीचा सरकार मंदिर के महंत और राम जानकी मंदिर के पुजारी भोला पंडित के बीच पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि भोला पंडित ने मंदिर के एक कार्यक्रम के लिए 21 लाख रुपये दान दिए थे। इस दान के बाद से ही पुजारी ने राम जानकी मंदिर पर अपना नियंत्रण बढ़ा दिया और वहां से होने वाली आय को कथित तौर पर अपने पास रखना शुरू कर दिया।
मंदिर की आय और कब्जे की इसी बात को सुलझाने के लिए शनिवार रात एक बैठक बुलाई गई थी। चर्चा के दौरान दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंदिर परिसर में ही लाठियां चलने लगीं जिससे वहां मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई।

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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