This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.

राजगढ़। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में एक ही रात में दो बार पुलिस टीम पर बेखौफ बदमाशों ने हमला कर दिया। बदमाशों के द्वारा किए गए हमले में एएसआई समेत 3 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले में पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हुआ है। इधर घटना के बाद पुलिस ने कुछ ही घंटों में घेराबंदी कर हमला करने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें एक महिला व एक नाबालिग लड़की भी शामिल है।
जानकारी के अनुसार खुजनेर में डायल-112 के इवेंट पर पहुंची एफआरवी के साथ आरोपियों द्वारा पथराव और तोड़फोड़ किया गया। पुलिस के अनुसार घोड़ाखेड़ा गांव में घरेलू हिंसा की शिकायत हुई थी। जिसमें उक्त आरोपी अपनी बहू के साथ मारपीट कर रहे थे। इस पर खुजनेर की टीम से सैनिक राहुल भिलाला पहुंचे, उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। उन्हें शासकीय कार्य करने से रोकने, जान से मारने की धमकी देने और मोबाइल लूटने का भी आरोप है। इसके बाद पांचों आरोपी मौके से भाग गए थे। इसके बाद उनकी तलाश शुरू हुई और खैरासी में पुलिस टीम से विवाद हुआ।
भाग रहे बदमाशों के बारे में खुजनेर थाने से डीसीबी शाखा में पदस्थ एएसआई को सूचना दी गई कि पुलिसकर्मी से मारपीट कर भागे बदमाश मोटर साइकिलों से उनके थाना क्षेत्र की तरफ आ रहे हैं। सूचना पर एएसआई, प्रआर पुरुषोत्तम भील, आरक्षक ललित तोमर और श्याम रघुवंशी के साथ आरोपियों की तलाश में रवाना हुए। टॉवर लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम करेडी से खैरासी की तरफ पहुंची। गांव के पास दो मोटरसाइकिल सवारों को रोका और राकेश वर्मा और महेंद्र उर्फ विनोद वर्मा को पकड़ लिया। इसी दौरान पीछे से विजय सिंह वर्मा मोटरसाइकिल से कांताबाई और एक नाबालिग लड़की के साथ वहां पहुंचा। पुलिस के अनुसार तीनों ने दोनों आरोपियों को छुड़ाने का प्रयास किया और पुलिस टीम से मारपीट शुरू कर दी।
आरोपी विजय ने एएसआइ पर पत्थर से हमला किया, जिससे दाहिनी कनपटी और गाल पर चोट लगी। प्रियंका ने एएसआइ की भुजा पर काट लिया। इसके बाद कांताबाई ने ललित तोमर की कनपटी पर पत्थर मारा, जबकि नाबालिग लड़की ने डंडे से हमला किया। वहीं, राकेश और महेंद्र ने पुलिस अभिरक्षा से छूटकर पत्थर मारे, जिससे श्याम रघुवंशी की पीठ में चोट आई। हमले के बाद पांचों आरोपी अंधेरे में भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर घेराबंदी की। इसी दौरान टीआई रवि ठाकुर और उनके स्टाफ ने गांव वालों की मदद से पांचों को पकड़ लिया। मामले में राजगढ़ कोतवाली में पुलिसकर्मी की रिपोर्ट पर विभिन्न धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई है।

----------------------------------------
पुलिसकर्मियों पर हिस्ट्रीशीटर का हमलाः सब इंस्पेक्टर समेत 3 से मारपीट, वर्दी फाड़ी, आरोपी गिरफ्तार
भोपाल। राजधानी के कमला नगर थाना क्षेत्र में गणेश उत्सव की ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर नशे में धुत एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश ने हमला कर दिया। SI समेत तीन पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की गई और उनकी वर्दी फाड़ दी गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निगरानीशुदा बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है।
दरअसल घटना कमला नगर थाना क्षेत्र (भोपाल) की है जहां गणेश उत्सव ड्यूटी के दौरान आरोपी हेमंत ठाकुर (कमला नगर- टीटी नगर इलाके का निगरानीशुदा/हिस्ट्रीशीटर बदमाश, आपराधिक पुराना रिकॉर्ड) नशे में धुत होकर पुलिसकर्मियों से उलझा, झूमाझटकी की और वर्दी फाड़ दी।
मारपीट, गाली-गलौज, शासकीय कार्य में बाधा (सरकारी काम में रुकावट) और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज। आरोपी हेमंत ठाकुर शातिर किस्म का है और पहले भी पुलिसकर्मियों पर हमले/विवाद की वारदातों में शामिल रहा है। पुलिस ने मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को दबोच लिया। सुरक्षा और कानून व्यवस्था: त्योहारी सीजन (गणेश उत्सव) के दौरान शहर में पुलिस मुस्तैद है, ऐसे में पुलिस बल पर इस तरह का दुर्व्यवहार गंभीर अपराध है। आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।
-------------------------------------
UPI शुल्क के विरोध में व्यापारियों का दुकानों पर पोस्टर, अब सोशल मीडिया से 10 लाख उपभोक्ताओं तक पहुंचने की तैयारी
इंदौर। 2000 रुपए से अधिक के UPI भुगतान पर प्रस्तावित अतिरिक्त शुल्क को लेकर इंदौर के व्यापारियों ने विरोध अभियान तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन से जुड़े व्यापारियों ने दुकानों पर विरोध संबंधी पोस्टर लगाए हैं। व्यापारियों का कहना है कि अतिरिक्त शुल्क लागू होने की स्थिति में डिजिटल भुगतान करने वाले ग्राहकों और व्यापारियों पर लागत का असर पड़ सकता है।
इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन के मुताबिक, अभियान के अगले चरण में सोशल मीडिया के जरिए इस मुद्दे को आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा। संगठन ने चार दिनों के भीतर करीब 10 लाख उपभोक्ताओं को अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इस अभियान के माध्यम से व्यापारियों की आपत्ति, संभावित आर्थिक प्रभाव और शुल्क को लेकर उनकी मांग को व्यापक स्तर पर सामने रखने की कोशिश की जाएगी। व्यापारियों का कहना है कि UPI भुगतान का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है, इसलिए अतिरिक्त शुल्क का असर केवल दुकानदारों तक सीमित नहीं रह सकता।
अहिल्या चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज से जुड़े 125 व्यापारिक संगठनों की सामूहिक बैठक आज शाम आयोजित होगी। बैठक में UPI शुल्क के मुद्दे पर चर्चा के साथ अभियान के अगले चरण की रणनीति तय की जा सकती है। बैठक में सोशल मीडिया अभियान, जनसंपर्क कार्यक्रम और उपभोक्ताओं तक व्यापारियों की मांग पहुंचाने जैसे मुद्दों पर विचार होने की संभावना है। बैठक के बाद विरोध अभियान को लेकर आगे के फैसले सामने आ सकते हैं।
व्यापारी संगठनों का कहना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने व्यापार को आसान बनाया है। ऐसे में किसी भी अतिरिक्त शुल्क की संभावना को लेकर व्यापारियों और ग्राहकों के बीच चिंता है। इसी मुद्दे को लेकर संगठन अब बाजारों से आगे बढ़कर सोशल मीडिया और जनजागरूकता अभियान के जरिए अपनी बात रखने की तैयारी में हैं। अब देखना होगा कि 125 व्यापारिक संगठनों की बैठक में क्या रणनीति तय होती है और सोशल मीडिया अभियान के जरिए व्यापारियों की यह मुहिम कितने उपभोक्ताओं तक पहुंच पाती है।

सिंगरौली। मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के जयंत (शहर मार्केट) स्थित कंचन ज्वेलर्स में हुई सनसनीखेज डकैती का पुलिस ने महज 6 घंटे के भीतर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ा खुलासा किया है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बदमाशों को धर दबोचा गया, मुठभेड़ (शॉर्ट एनकाउंटर) में एक आरोपी घायल हुआ है।
शिकायतकर्ता अखिलेश कुमार वर्मा (48 वर्ष) के अनुसार, शाम करीब 6:45 बजे 6 अज्ञात नकाबपोश बदमाश पिस्तौल और कट्टा लेकर दुकान में घुसे। मोबाइल छीने, विरोध करने पर संचालक अखिलेश के सिर पर पिस्तौल की बट से हमला कर घायल किया। स्टाफ राहुल कुमार विश्वकर्मा ने पकड़ने की कोशिश की तो हथेली में गोली मार दी। 3-4 राउंड हवाई फायरिंग कर लगभग 300 ग्राम सोना, 235 ग्राम चांदी और ₹2,60,000 नकद लूटकर फरार हो गए।
इंटर-स्टेट अलर्ट: यूपी, छत्तीसगढ़ और झारखंड सीमा पर तुरंत नाकाबंदी व अलर्ट। इंटेलिजेंस व पीछा: मुखबिर की सूचना पर अनपरा-अम्बारा रोड पर घेराबंदी। हड़बड़ी में बाइक गिरने से दो बदमाश पकड़े गए, अनपरा पुलिस ने एक और दबोचा। यूपी पुलिस ने मुठभेड़ (शॉर्ट एनकाउंटर) में एक अन्य को पकड़ा।
गिरफ्तार आरोपियों में लकी कुमार पासवान, अनुरंजन कुमार चंद्रवंशी, रोशन कुमार शामिल है। एनकाउंटर वाले आरोपी की विधिवत कार्रवाई जारी है। आरोपियों से पुलिस ने सोना 230.7 ग्राम, चांदी: 235.410 ग्राम, नकद राशि: ₹1,04,200/ समेत डकैती में प्रयुक्त 2 मोटरसाइकिलें, 1 पिस्तौल और 2 कट्टा जब्त किया है। गौरव राजपूत, आईजी रीवा ने बताया- “यह मप्र और उप्र पुलिस की संयुक्त व त्वरित रणनीतिक कार्रवाई का परिणाम रहा, जिसमें अंतरराज्यीय डकैत गिरोह के सदस्यों को कम समय में दबोच लिया गया। शेष फरार आरोपियों की भी सरगर्मी से तलाश जारी है।”
---------------------------------
पेट्रोल पंपों पर 2000 रुपये से ज्यादा का यूपीआई पेमेंट नहीं होगा मंजूर, 16 अक्टूबर से एमपी में बदलेगी व्यवस्था
भोपाल. एमपी में पेट्रोल-डीजल भरवाने के बाद अगर आपका बिल 2000 रुपये से ज्यादा हुआ तो 16 अक्टूबर से पेट्रोल पंप पर यूपीआई से भुगतान नहीं हो सकेगा. मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान को स्वीकार नहीं करने का फैसला किया है. हालांकि 2000 रुपये तक यूपीआई से भुगतान पहले की तरह किया जा सकेगा.
इस फैसले के पीछे पेट्रोल पंप संचालकों ने यूपीआई ट्रांजेक्शन पर लगने वाले एमडीआर को वजह बताया है. एसोसिएशन का कहना है कि 2000 रुपये से अधिक के प्रत्येक यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगने वाला शुल्क आखिरकार पंप संचालकों को ही वहन करना पड़ रहा है.
एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह के मुताबिक 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर 5 रुपये एमडीआर और उस पर 18 प्रतिशत जीएसटी मिलाकर करीब 5.90 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन का खर्च आ रहा है. एसोसिएशन का दावा है कि प्रदेश में करीब 4700 पेट्रोल पंप हैं. यदि एक पंप पर रोज औसतन 100 ऐसे ट्रांजेक्शन माने जाएं तो एक पंप पर महीने में करीब 17,400 रुपये का अतिरिक्त खर्च आता है. प्रदेशभर में यह आंकड़ा करीब 8.17 करोड़ रुपये प्रतिमाह पहुंचने का दावा किया गया है.
फैसले का असर सभी यूपीआई भुगतान पर नहीं पड़ेगा. एसोसिएशन ने केवल 2000 रुपये से ज्यादा के बिल पर यूपीआई भुगतान नहीं लेने की बात कही है. यानी छोटी राशि के डिजिटल भुगतान पहले की तरह चलते रहेंगे. नकद भुगतान पर भी किसी तरह की रोक नहीं होगी. एसोसिएशन की आपत्ति उस अतिरिक्त खर्च को लेकर है, जो उसके मुताबिक 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई ट्रांजेक्शन पर पंप संचालकों को उठाना पड़ रहा है.
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बृजेंद्र सिंह रघुवंशी का कहना है कि पेट्रोल पंप कारोबार में पहले ही सीमित मार्जिन मिलता है. कर्मचारियों की सैलरी, बिजली और दूसरे खर्चों के साथ डिजिटल ट्रांजेक्शन का यह अतिरिक्त खर्च भी संचालकों पर पड़ रहा है. पेट्रोल पंप डीलर्स की मांग है कि एमडीआर का खर्च पंप संचालकों पर डालने के बजाय संबंधित कंपनियां वहन करें. इसी मांग के बीच एसोसिएशन ने 16 अक्टूबर से 2000 रुपये से अधिक का यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं करने का फैसला किया है.
-----------------------------------
आस्था के साथ खिलवाड़: जूते पहनकर आरती करते दिखे नगरीय प्रशासन आयुक्त
श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर में धार्मिक आस्था से जुड़े एक कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। वीडियो में नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे मां गंगा की आरती करते हुए नजर आ रहे हैं, लेकिन इस दौरान उनके पैरों में जूते दिखाई दे रहे हैं। धार्मिक परंपराओं में देवी-देवताओं और पवित्र नदियों की आरती के दौरान जूते-चप्पल उतारने की परंपरा को महत्व दिया जाता है। ऐसे में आयुक्त का जूते पहनकर आरती करते हुए वीडियो सामने आने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर यह कैसी आस्था है, जहां मां गंगा की आरती जूते पहनकर की जा रही है?
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक मर्यादा से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ इसे एक प्रशासनिक अधिकारी से अपेक्षित संवेदनशीलता के नजरिए से देख रहे हैं। क्या पद का प्रभाव धार्मिक मर्यादा से ऊपर…अब सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या धार्मिक स्थल पर जाने वाले हर व्यक्ति को वहां की परंपराओं और मर्यादाओं का पालन नहीं करना चाहिए?
क्या इतना बड़ा प्रशासनिक पद होने के बावजूद धार्मिक परंपराओं का ध्यान नहीं रखा गया? क्या यह महज एक चूक थी या फिर पद के प्रभाव में धार्मिक मर्यादा नजरअंदाज हुई। मां गंगा की आरती के समय जूते पहनने की आखिर क्या वजह थी। फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित नेटवर्क को लेकर एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। CBC News के मुताबिक, एबॉट्सफोर्ड पुलिस को पिछले साल भेजे गए एक कथित धमकी भरे पत्र में ‘Lawrence gang from India’ के नाम से दावा किया गया कि कनाडा में गैंग के 5 हजार से ज्यादा सदस्य हैं और उसके पास कनाडाई पुलिस से भी अधिक हथियार हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि पत्र वास्तव में बिश्नोई गैंग ने भेजा था।
कथित पत्र कनाडा के रक्षा मंत्री, सेना और पुलिस को संबोधित बताया गया है। इसमें कनाडा में 5 हजार से अधिक सदस्यों और पैसे लेकर गोलीबारी कराने की क्षमता का दावा किया गया। पत्र में कनाडा पर कब्जे जैसी धमकी का भी उल्लेख बताया गया है।
हालांकि, FINTRAC की अप्रैल 2026 की रिपोर्ट एक अलग तस्वीर पेश करती है। एजेंसी के मुताबिक, दक्षिण एशियाई समुदाय को निशाना बनाने वाली जबरन वसूली में स्थानीय अपराधी, विदेशी नेटवर्क से जुड़े लोग और बिचौलिए शामिल हो सकते हैं। कुछ मामलों में अपराधी लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क का नाम लेकर धमकी दे सकते हैं। FINTRAC ने ऐसे ‘कॉपीकैट’ अपराधियों की संभावना भी बताई है।
29 सितंबर 2025 को कनाडा सरकार ने Bishnoi Gang को Criminal Code के तहत आतंकवादी इकाई के रूप में सूचीबद्ध किया था। सरकार के अनुसार, यह भारत से मुख्य रूप से संचालित ट्रांसनेशनल क्रिमिनल ऑर्गनाइजेशन है, जिसकी कनाडा में भी मौजूदगी है।
इस बीच Canada Border Services Agency (CBSA) ने जबरन वसूली से संभावित संबंधों वाले मामलों में कार्रवाई तेज की है। 3 सितंबर 2026 तक 188 रिमूवल ऑर्डर जारी किए गए और 111 लोगों को कनाडा से हटाया गया। इनमें Pacific Region में 58, Prairie Region में 30 और Greater Toronto Area में 23 लोग शामिल हैं।
CBSA ने पलविंदर सिंह, जसमेर सिंह, अमितोज बाजवा और साहिबजोत सिंह के मामलों का भी उल्लेख किया है। एजेंसी के मुताबिक, इन मामलों में संगठित अपराध, हिंसा, हथियार या जबरन वसूली से जुड़े तथ्य सामने आए थे।
उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेज कनाडा में 5 हजार लॉरेंस बिश्नोई गैंग सदस्यों के दावे की पुष्टि नहीं करते। दस्तावेजों से इतना जरूर स्पष्ट है कि कनाडा में दक्षिण एशियाई समुदाय को निशाना बनाकर जबरन वसूली और उससे जुड़े नेटवर्क सुरक्षा एजेंसियों की गंभीर चिंता बने हुए हैं। FINTRAC के अनुसार, ये नेटवर्क कई छोटे स्थानीय समूहों और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के जरिए काम कर सकते हैं।

------------------------------------
निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में की खुदकुशी, दुकान में फंदे पर लटका मिला शव
नोएडा के चर्चित निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत हो गई। शुक्रवार को उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में लालमाता मंदिर के सामने एक चाय के खोखे में उसका शव फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि सुरेंद्र कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में रह रहा था और भूपतवाला क्षेत्र में एक चाय के खोखे पर काम कर रहा था। इसी चाय की दुकान के अंदर उसका शव फंदे पर मिला। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे यह घटना हुई।
पुलिस के अनुसार, स्थानीय लोगों से घटना की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। मृतक की पहचान करीब 50 वर्षीय सुरेंद्र कोली पुत्र शंकु राम, निवासी ग्राम मंगरुखाल, भिकियासैंण, अल्मोड़ा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सुरेंद्र कोली अपने परिवार से अलग रह रहा था। वह कुछ दिन पहले ही हरिद्वार आया था और किसी अन्य व्यक्ति की चाय की दुकान पर काम कर रहा था। घटना की जानकारी उसके परिवार को भी दे दी गई है। परिवार के लोग अल्मोड़ा से हरिद्वार आ रहे हैं।
सुरेंद्र कोली जिस चाय के खोखे पर काम करता था, उसी के भीतर उसका शव फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। फिलहाल मौत की असल वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस की शुरुआती जांच में पारिवारिक क्लेश की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, यह अभी जांच का हिस्सा है और पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। चाय की दुकान से पुलिस को कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है।
सुरेंद्र कोली का नाम नोएडा के चर्चित निठारी कांड से जुड़े मामलों में सामने आया था। इस मामले के चलते वह लंबे समय तक चर्चा में रहा। हालांकि, बाद की न्यायिक प्रक्रिया में उसे बरी किया जा चुका था। स्रोत के मुताबिक, नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने निठारी हत्याकांड से जुड़े आखिरी मामले में उसकी दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली पुनर्विचार याचिका स्वीकार की थी। इसके बाद उसकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ था। अब हरिद्वार में उसकी मौत के बाद पुलिस घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत से जुड़े अन्य तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल हरिद्वार पुलिस मामले की जांच में जुटी है और परिवार के हरिद्वार पहुंचने के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
------------------------------------
पंजाब में पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू के काफिले पर हमला, बोले- मुझे कुछ हुआ तो पंजाब के CM जिम्मेदार होंगे
पठानकोट। पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के शुरू होने से पहले ही सियासत गरमा गई है। यात्रा में शामिल होने पठानकोट जा रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर हमले का गंभीर मामला सामने आया है। बिट्टू ने आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं पर हमले का सीधा आरोप लगाया है।
रवनीत बिट्टू का दावा है कि पठानकोट जाते समय लगभग 100 से अधिक आप कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को घेर लिया। हमलावरों ने गाड़ियों पर अंडे फेंके और तोड़फोड़ की, जिससे उनकी जैमर वाली गाड़ी और दो एस्कॉर्ट वाहनों के शीशे टूट गए।
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि स्थानीय आप विधायक शेरी के इशारे पर इस हमले को अंजाम दिया गया ताकि उन्हें यात्रा में शामिल होने से रोका जा सके। उनकी सुरक्षा टीम ने मौके से तीन हमलावरों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया है। जेड-प्लस सुरक्षा प्राप्त नेता ने कहा कि अगर उन्हें कुछ होता है तो इसके लिए पंजाब के मुख्यमंत्री और राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) सीधे जिम्मेदार होंगे। उन्होंने मामले की तत्काल जांच की मांग की है।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन पठानकोट से इस यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। यह यात्रा राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों से गुजरते हुए 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इसका समापन 30 सितंबर को जालंधर में होगा, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक बड़ी रैली को संबोधित करेंगे।
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने आरोप लगाया कि पंजाब में सत्ता में आई पार्टियों ने नशे के कारोबार को राजनीतिक संरक्षण देकर कमाई का जरिया बना लिया है। बीजेपी अब नशे से प्रभावित परिवारों को साथ लेकर इसके खिलाफ जनांदोलन चला रही है।

टीकमगढ़। मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत मवई गांव में बुधवार रात गणेश प्रतिमा खंडित किए जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में तीन सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह पूरा विवाद डीजे की आवाज कम करने को लेकर सामने आया है।
दरअसल बुधवार की रात मवई गांव में गणेशोत्सव के दौरान डीजे बज रहा था। इसी दौरान आवाज कम करने को लेकर पक्ष-विपक्ष में कहासुनी और विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर आरोप है कि आरोपियों ने गणेश प्रतिमा को खंडित कर दिया, जिससे स्थानीय श्रद्धालुओं और आयोजन समिति में रोष फैल गया।
आयोजन समिति के सदस्य अनिल अहिरवार की शिकायत पर देहात थाने में तुरंत एफआईआर दर्ज की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में गठित पुलिस टीम ने दबिश देकर देर रात तीनों आरोपी भाइयों प्रकाश, मनोज और भागचंद अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है तथा क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।

------------------------------------
पत्नी, भाई और साले ने की हत्या, शव को ठिकाने लगाने जाते समय बाइक से गिरा तो वहीं छोड़कर भागे
मंदसौर। नई आबादी पुलिस ने मदारपुरा निवासी ईस्माईल उर्फ भूरा की हत्या के मामले में 24 घंटे में आरोपितों को पकड़ लिया है। मकान बेचकर मिलने वाले रुपये के लालच में भाई, पारिवारिक कलह के चलते पत्नी ने ही साले के साथ मिलकर गला घोंटकर हत्या कर दी थी।
हत्या के बाद शव को खिलचीपुरा रोड पर ठिकाने लगाने जाते समय गिर गया तो वहीं छोड़कर भाग गए। बाद में हत्यारा भाई ही फरियादी बनकर थाने में रिपोर्ट लिखवाने पहुंच गया था। पुलिस ने आरोपित भाई व पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। अभी फरार साले की तलाश है।
एसपी विनोद कुमार मीना ने बताया कि मंगलवार को 30 वर्षीय मो. ईशाक पुत्र अलीमुद्दीन मेव निवासी मदारपुरा ने नई आबादी थाने पर सूचना दी थी कि मेरा भाई 32 वर्षीय ईस्माईल उर्फ भूरा मेव खिलचीपुरा से नालछा माता मंदिर जाने वाले मार्ग पर अचेत अवस्था में पड़ा है। डायल 112 से उसे जिला चिकित्सालय ले जाया गया। वहां परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मामले में पुलिस ने जांच शुरू की।
पुलिस इस मामले में पड़ताल ही कर रही थी कि सीसीटीवी के फुटेज से इस पूरे मामले का अहम सुराग मिल गया। एक फुटेज में खिलचिपुरा क्षेत्र में मृतक की पत्नी 24 वर्षीय मुस्कान मेवाती निवासी मदारपुरा व साला शाकिर पुत्र बब्बु खां मेव निवासी नई फतेहगढ़ बाइक पर बीच में अचेत अवस्था में इस्माइल को ले जाते दिखे। इसके बाद आसपास के लोगों से पता किया तो उन्होंने भी कहा बाइक गड्ढे में कूदने से इस्माइल नीचे गिर पड़ा था। जब लोगों ने मुस्कान व शाकिर से पूछताछ की तो वह इस्माइल को अचेत अवस्था में छोड़कर भाग गए। इधर पुलिस ने इस्माइल के भाई मो. इशाक से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की तो उसने भी गला घोंटकर हत्या करना कबूल लिया। इसमे इस्माइल की पत्नी मुस्कान व साला शाकिर भी शामिल था।
इस हत्याकांड के दो मुख्य किरदार है मृतक का भाई मो.इशाक व पत्नी मुस्कान। दोनों की ही हत्या करने की अपनी अपनी वजह है।
आरोपी भाई इशाक मकान बेचना चाहता था जिससे उसे मोटी रकम मिल सके। किंतु मृतक ईस्माईल अपनी सहमति नहीं दे रहा था और लगातार अड़चन बन रहा था।
मृतक ईस्माईल आए दिन शराब पीकर घर आता था। वह मुस्कान से झगड़ा करने के साथ ही मारपीट करता था। इससे मुस्कान भी काफी परेशान थी।
मकान बेचकर मिलने वाले रुपयों का लालच व पारिवारिक विवाद से परेशान होने के चलते इशाक, मुस्कान ने इस्माइल की हत्या करने की योजना बना ली। इसमे मुस्कान ने शाकिर को भी शामिल कर लिया। तीनों ने मिलकर मृतक के सिर पर डंडे से वार किया। इसके बाद गला घोंटकर हत्या भी कर दी।
हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को मोटरसायकल पर बीच मे लेकर शाकिर व मुस्कान खिलचिपुरा क्षेत्र में पहुंचे। वहा नालछा माता मंदिर रोड पर शव नीचे गिर गया तो छोड़कर भाग गया। इसके बाद मामले को सामान्य नशे या दुर्घटना में मौत का रुप देने तथा पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपित भाई फरियादी बनकर थाने पहुंच गया और झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मोहम्मद इशाक व मुस्कान को गिरफ्तार कर लिया है। अभी शाकिर घटना के बाद से ही फरार है उसकी तलाश की जा रही है।
---------------------------------------
पार्किंग की जगह बिल्डर ने बनाई 18 दुकानें, नगर निगम ने चलाया बुलडोजर, सड़क पर खड़ी की दीवार भी तोड़ी
ग्वालियर। नगर निगम के नए कमिश्नर अभिषेक चौधरी के तेवर बहुत कड़े हैं, ऑफिस में अधिकारियों के साथ काम की समीक्षा, विभागों की बैठकों के अलावा फील्ड में निरीक्षण उनका रुटीन बन गया है, निगम में आंख बंद करे बैठे अफसरों की उन्होंने नींद उड़ा दी है यही वजह है कि अब अवैध अतिक्रमणों पर कार्रवाई की जा रही है।
नगर निगम के मुताबिक यहाँ बिल्डर मोहन बांदिल और ऋषभ जैन मिलकर एक बिल्डिंग बना रहे हैं, जिसमें सबसे नीचे वाहन पार्किंग के लिए उन्होंने नगर निगम से अनुमति ली थी मगर उन्होंने वे इस्तेमाल कमर्शियल रूप में करने के लिए वहां 18 दुकानों का निर्माण कर रहे थे , शिकायत के बाद नर निगम ने बिल्डर को नोटिस थमाया लेकिन बिल्डर एन दुकाने नहीं तोड़ी।
जब बिल्डर ने दुकाने नहीं हटाई तो ग्वालियर नगर निगम का मदाखलत अमला आज वार्ड क्रमांक 21 की बैंक कॉलोनी पहुंच गया, यहाँ उसे दुकानों में कंस्ट्रक्शन दिखाई दिया जिसपर नगर निगम ने बुलडोजर चला दिया और अनुमति के विपरीत पार्किंग की जगह बनाई गई सभी 18 दुकानों को गिरा दिया।
इसी तरह नगर निगम को ग्वालियर पूर्व विधानसभा में माधव प्लाजा के सामने थौराट की गोठ में रोड़ पर एक दीवार बनाये जाने की शिकायत मिली थी, मदाखलत की टीम वहां पहुंची और दीवार को हथौड़ा मारकर गिरा दिया। मदाखलत टीम ने मुरार बारादरी से सदर बाजार अग्रसेन चौराहा गणेश मंदिर गर्म सड़क गर्ल्स कॉलेज तक यातायात में बाधक बन रहे हाथ ठेले, फुटपाथियों, दुकानदारों के सामान को हटवाया और जब्त सामान को मदाखलत कार्यालय पर जमा किया।

बालाघाट. एमपी के बालाघाट में लांजी स्थित नीमटोला में आज जबलपुर से पहुंची आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की टीम ने विलास चौरे के घर पर छापा मारा है. विलास चौरे मनेरी सेवा सहकारी समिति में प्रभारी प्रबंधक के पद पर काम कर रहा है. जांच में ईओडब्ल्यू की टीम को विलास की आय से 500 गुना ज्यादा संपत्ति व निवेश के दस्तावेज मिले है.
ईओडब्ल्यू के डीएसपी मंजीत सिंह ने बताया कि कुल वाहनों की कीमत करीब दो करोड़ रुपए है. विलास चौरे पत्नी के नाम से टूर एंड ट्रैवल्स का काम भी कर रहे थे. उनके पास पांच बसों में चार 50 सीटर बस और एक ट्रैवलर बस, दो बोलेरो, एक ग्रैंड विटारा, एक स्कॉर्पियो और दो ट्रैक्टर शामिल हैं. दोनों ट्रैक्टर खेती के लिए किराए पर चलाते थे. साल 2016 में लांजी में मकान बनाया था, जिसमें 50 लाख रुपए का निर्माण कराया था. करीब छह महीने पहले पास के गांव में 10 लाख रुपए की कृषि भूमि खरीदी थी. घर में जिम खोलने वाले थे. इसके लिए 10 लाख रुपए के इक्विपमेंट्स भी खरीद रखे थे. पत्नी, बेटे और ट्रैवल्स के नाम से जिला सहकारी बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र में खाते मिले हैं. इन खातों पर रोक लगा दी है. एलआईसी की चार पॉलिसी और पांच लाख रुपए का सोना मिला है.
डीएसपी मंजीत सिंह ने बताया कि विलास चौरे वर्ष 2014 में सेवा सहकारी समिति में दैनिक वेतन भोगी के रूप में पदस्थ हुआ था. वर्तमान में वह प्रभारी प्रबंधक के रूप में कार्यरत था. करीब 12 साल की नौकरी में उसकी आय लगभग 25 लाख रुपए बताई गई है. जांच में सामने आई संपत्तियां उसकी ज्ञात आय की तुलना में करीब 500 गुना अधिक हैं. ईओडब्ल्यू द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है. बैंक खातों में जमा राशि और अन्य वित्तीय जानकारी जुटाने के लिए संबंधित बैंकों को पत्र भेजे गए हैं. अधिकारियों के अनुसार, संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है.
विलास चौरे वर्तमान में सेवा सहकारी समिति मनेरी में प्रभारी प्रबंधक के पद पर हैं. उनके परिवार के नाम कृषि यंत्र बेचने का व्यवसाय भी बताया गया है. इसके अलावा 'मातोश्री' नाम से बालाघाट से हैदराबाद रूट पर तीन बसों के संचालन की जानकारी सामने आई है.
ईओडब्ल्यू द्वारा जांच जारी है, जिसमें संपत्ति और आय से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है. विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि चौरे के पास आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक कितनी संपत्ति मिली है.
बालाघाट जिले में करीब एक पखवाड़े के भीतर ईओडब्ल्यू की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है. इससे पहले 3 सितंबर को ईओडब्ल्यू ने बालाघाट के पीआईयू-ई कमलकिशोर सिंगारे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की थी. जांच में उनकी आय से 378 प्रतिशत अधिक, करीब 11 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति मिलने की बात सामने आई थी. इसमें नकदी के साथ पत्नी और बेटों के नाम पर संपत्तियां मिलने की जानकारी दी गई थी.
----------------------------------
यूट्यूब चैनल का ‘संपादक’ निकला महाठग! फर्जी पत्रकार बन युवाओं को लगाया 25 लाख का चूना
जबलपुर। मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में खुद को पत्रकार और यूट्यूब चैनल का संपादक बताकर बेरोजगार युवाओं को ठगने वाले एक शातिर जालसाज का पर्दाफाश हुआ है। आरोपी ने सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 11 युवाओं से करीब 25 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़ितों की शिकायत पर विजय नगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, विजय नगर निवासी आरोपी अंकित श्रीवास्तव खुद को एक यूट्यूब चैनल का संपादक बताता था। उसने इलाके के बेरोजगार युवाओं को अपनी बातों के जाल में फंसाया और सरकारी नौकरी लगवाने का दावा किया। आरोपी की कारस्तानी यहीं नहीं थमी, उसने पीड़ितों का विश्वास जीतने के लिए ‘कृषि विस्तार मंत्रालय’ का फर्जी नियुक्ति पत्र भी युवाओं को भेज दिया।
ठगी का शिकार हुए कुल 11 युवाओं ने जब आरोपी को पैसे दिए, तो उनसे 1 लाख रुपये से लेकर 6.50 लाख रुपये तक की रकम ऐंठी गई। जब लंबा समय बीत जाने के बाद भी नौकरी नहीं मिली और फर्जी मेल का सच सामने आया, तो पीड़ितों को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद सभी पीड़ितों ने एकजुट होकर पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने आरोपी अंकित श्रीवास्तव के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी का केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
----------------------------------------
मानवता हुई शर्मशार: जिस मां ने चार बेटे पाले, वही अंतिम संस्कार में हुई अकेली
हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। जिस मां ने चार बेटों को जन्म दिया, उसी मां की मौत के बाद चारों बेटों ने अंतिम संस्कार से किनारा कर लिया। मौत के बाद तीन दिन तक बेटों का इंतजार किया गया, लेकिन न कोई बेटा आया और न ही किसी ने मुखाग्नि देने की जिम्मेदारी उठाई।
दरअसल, सिलिकॉन सिटी की गणेश रेसिडेंसी में रहने वाली लता बाई की 13 सितंबर को मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि लता बाई ने अपनी जिंदगी की जमा पूंजी और जेवर बेचकर फ्लैट खरीदा था। आरोप है कि बाद में फ्लैट बेटों के नाम करवा लिया गया और मां को घर से बाहर कर दिया गया। सड़क पर भटकती लता बाई की जानकारी समाजसेवी संगठन प्रीयु फाउंडेशन के अजय नागदा को मिली।
इसके बाद उन्हें जानकी वृद्धाश्रम में आश्रय दिलाया गया। करीब आठ महीने तक लता बाई वृद्धाश्रम में रहीं। तबीयत बिगड़ने पर एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना चारों बेटों को दी गई, लेकिन परिजनों की तरफ से अंतिम संस्कार के लिए कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद जानकी वृद्धाश्रम और प्रीयु फाउंडेशन के सदस्य आगे आए और उन्होंने बेटे का फर्ज निभाते हुए लता बाई का अंतिम संस्कार कराया। ये मामला सिर्फ एक मां की मौत का नहीं बल्कि उस रिश्ते पर बड़ा सवाल है, जिसे दुनिया का सबसे मजबूत रिश्ता माना जाता है।

प्रमुख समाचार

कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित नेटवर्क को लेकर एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। CBC News के मुताबिक, एबॉट्सफोर्ड पुलिस को पिछले साल भेजे गए एक कथित धमकी भरे पत्र में ‘Lawrence gang from India’ के नाम से दावा किया गया कि कनाडा में गैंग के 5 हजार से ज्यादा सदस्य हैं और उसके पास कनाडाई पुलिस से भी अधिक हथियार हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि पत्र वास्तव में बिश्नोई गैंग ने भेजा था।कथित पत्र...

मध्य प्रदेश

राजगढ़। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में एक ही रात में दो बार पुलिस टीम पर बेखौफ बदमाशों ने हमला कर दिया। बदमाशों के द्वारा किए गए हमले में एएसआई समेत 3 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले में पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हुआ है। इधर घटना के बाद पुलिस ने कुछ ही घंटों में घेराबंदी कर हमला करने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें एक महिला व एक नाबालिग लड़की भी शामिल है।जानकारी के अनुसार खुजनेर में डायल-112...

अपराध

सिंगरौली। मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के जयंत (शहर मार्केट) स्थित कंचन ज्वेलर्स में हुई सनसनीखेज डकैती का पुलिस ने महज 6 घंटे के भीतर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ा खुलासा किया है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बदमाशों को धर दबोचा गया, मुठभेड़ (शॉर्ट एनकाउंटर) में एक आरोपी घायल हुआ है।शिकायतकर्ता अखिलेश कुमार वर्मा (48 वर्ष) के अनुसार, शाम करीब 6:45 बजे 6 अज्ञात नकाबपोश बदमाश पिस्तौल और कट्टा लेकर दुकान...
More inअपराध  

गुना सिटी

गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षा में अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग का अभ्यर्थी बनकर आरक्षण का लाभ लेने के आरोप में पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा ने सेवानिवृत्त IPS अधिकारी रघुवीर सिंह मीणा और अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। यह कार्रवाई गुना निवासी हरवीर सिंह रघुवंशी की शिकायत के आधार पर की गई है।पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी सहित भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की...

फोटो गैलरी

35,10,0,50,1
25,600,60,1,300,200,25,800
90,150,1,50,12,30,50,1,70,12,1,50,1,1,1,5000
0,2,1,0,2,40,15,5,2,1,0,20,0,1
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
पूजा स्थल मे गरिमा
पूजा स्थल मे गरिमा
© 2017 Your Company. All Rights Reserved. Designed By WarpTheme