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राम मंदिर में दान और चढ़ावे की चोरी के मामले में RSS-VHP विपक्ष ने निशाने पर है, विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी आरोप लगा रहे हैं, पुलिस इस मामले में मंदिर में आने वाले दान के प्रबंधन से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है उनके खिलाफ गबन सहित अलग अलग धाराओं में ममला दर्ज कर जाँच की जा रही है।
कांग्रेस द्वारा कल शुक्रवार को इस मामले में आधिकारिक बयान जारी करने के बाद अब अन्य नेता भी मुखर हो गए हैं प्रियंका गांधी ने 8 कर्मचारियों की गिरफ़्तारी पर सवाल उठाये हैं, उन्होंने X पर लिखा- सत्य और धर्म को स्थापित करने वाले मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम और उनके करोड़ों भक्तों की आस्था के साथ जो चोरी और लूट का कपटपूर्ण कृत्य किया गया है, उसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। भगवान राम करोड़ों मन का पवित्र भाव हैं। उसी पवित्र भाव से लोग मंदिर में माथा टेकते हैं और दान करते हैं। राम मंदिर में चोरी करने वालों ने धर्म और आस्था की मूल भावना को खंडित करने का महापाप किया है।
प्रियंका गांधी ने कहा यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि क्या छोटे कर्मचारी अकेले CCTV बंद कर हजारों करोड़ के चढ़ावे में हेराफेरी कर सकते हैं, या इसके पीछे कुछ बड़े लोगों की मिलीभगत है? इस मामले में जांच के नाम पर लीपापोती करने की जगह पारदर्शी तरीके से जांच हो और जो भी लोग इस चोरी में संलिप्त हैं, उन्हें कड़ी सजा मिले।
प्रियंका गांधी के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी मंदिर चोरी दान विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने उज्जैन में मीडिया से बात करते हुए कई गंभीर आरोप लगाये, न्यूज़ एजेंसी ANI ने दिग्विजय सिंह का वीडियो पोस्ट किया है, दिग्विजय सिंह ने कहा यह मामला सोशल मीडिया के माध्यम से बाहर आया लेकिन स्थापित मीडिया जिसे गोदी मीडिया कहते हैं उसने इस मामले को नहीं उठाया।
दिग्विजय बोले मामला उजागर होने के बाद एसआईटी बनी उसकी रिपोर्ट आ गई इसी बीच आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने चंपत राय द्वारा सस्ती जमीन को कैसे महंगी कीमत पर ट्रस्ट के लिए खरीदवाया इसे 11 बिन्दुओं में समझाते हुए दस्तावेज एसआईटी को सौंपे हैं वो इसकी जाँच कर रही है।
यानि जो जमीन खरीदी उसमें भ्रष्टाचार किया, चंदे में भ्रष्टाचार, सिंधी समाज ने 200 किलो चांदी की ईंटें दी उसमें भ्रष्टाचार, एक महिला ने सोने के जेवर दिए उसमें भ्रष्टाचार, किसी को रसीद नहीं दी गई, विदेशों से मिले दान के लिए भी कोई रसीद नहीं दी गई । दिग्विजय सिंह ने कहा मतलब साफ़ है RSS और VHP का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। वे सनातन धर्म को मानने वालों और दान देने वालों को ठग रहे हैं सनातन धर्म को मानने वालों के साथ इससे बड़ी बेईमानी, गद्दारी और धोखा नहीं हो सकता।

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होम साइंस कॉलेज में 9.20 लाख का महाघोटाला! खेल सामग्री की एक गेंद नहीं आई, रिटायरमेंट से पहले फंसीं प्राचार्य डॉ. कामिनी जैन
नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के ​नर्मदापुरम जिला मुख्यालय स्थित होम साइंस कॉलेज में सब कुछ ‘ऑल इज़ वेल’ बताने वाली प्राचार्य डॉ. कामिनी जैन के दावों की हवा निकल गई है। रिटायरमेंट के मुहाने पर खड़ीं प्राचार्य के कार्यकाल का एक ऐसा ‘अनोखा’ महाघोटाला सामने आया है, जिसने उच्च शिक्षा विभाग से लेकर कलेक्ट्रेट तक हड़कंप मचा दिया है। कॉलेज में खेल सामग्री की एक गेंद तक नहीं पहुंची, लेकिन कागजों पर ₹9 लाख से अधिक का भुगतान भी हो गया! ​इस खेल का पर्दाफाश खुद क्षेत्रीय विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा की सक्रियता से हुआ। भनक लगते ही विधायक ने जब कॉलेज पहुंचकर कड़ाई से पूछताछ की, तो परतें खुलती चली गईं।
मामला बेहद शातिराना है। सरकारी मद से आवंटित राशि में से लगभग ₹9 लाख 20 हजार की खेल सामग्री का क्रय दिखाया गया। खेल का सामान भोपाल की एक फर्म से आना था, जो कभी कॉलेज पहुंचा ही नहीं। लेकिन मैडम प्राचार्य की मेहरबानी देखिए स्टॉक रजिस्टर में सामान प्राप्ति की फर्जी एंट्री भी हो गई, वाउचर भी बन गए और ट्रेजरी से भोपाल की फर्म को भुगतान भी कर दिया गया! ​विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने कहा सामान आया नहीं और रिसीव कर लिया गया। बकायदा वाउचर बनाकर रजिस्टर में एंट्री भी ठोक दी गई। हमने फिलहाल पेमेंट रुकवाया है और उच्च शिक्षा आयुक्त समेत कलेक्टर-कमिश्नर को शिकायत भेज दी है। ​
विधायक की सूचना पर जब तहसीलदार सरिता मालवीया भारी लाव-लश्कर के साथ जांच करने कॉलेज पहुंचीं, तो वहां हड़कंप मच गया। दिनभर प्राचार्य कक्ष में अधिकारियों-कर्मचारियों के चेहरे उड़े रहे। तहसीलदार ने गड़बड़ी की पुष्टि करते हुए अपनी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी है। अब जनभागीदारी फंड से हुई अन्य खरीदियों की भी कुंडली खंगाली जा रही है। ​लंबे समय से कॉलेज में अपनी एकछत्र हुकूमत चलाने वाली प्राचार्य डॉ. कामिनी जैन अब चारों तरफ से घिर चुकी हैं। हालांकि, उन्होंने अपना बचाव करते हुए कहा”नियम के अनुसार कार्य किया गया है, गड़बड़ी के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।” लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब सामान स्टोर रूम में है ही नहीं, तो वह गया कहां? क्या रिटायरमेंट से पहले विदाई का यह ‘खेल’ प्राचार्य को भारी पड़ने वाला है? जांच की आंच तेज है, और अगर लीपापोती नहीं हुई, तो कई बड़े चेहरे बेनकाब होना तय है!
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अब थाने में नहीं होगी झिझक… ‘सेतु’ बनेगा जनता और पुलिस के बीच भरोसे का नया पुल, इंदौर से शुरू हुई नई पहल
इंदौर। किसी भी थाने में कदम रखते ही अक्सर लोगों के मन में एक सवाल होता है—”अब किससे बात करें?”… “कौन अधिकारी ड्यूटी पर है?”… “बीट अधिकारी कौन है?”… और कई बार यही झिझक शिकायत दर्ज कराने या मदद मांगने में सबसे बड़ी बाधा बन जाती है। इसी झिझक को खत्म करने के लिए इंदौर पुलिस एक ऐसी पहल लेकर आई है, जो सच मायनों में जनता और पुलिस के बीच ‘सेतु’ बनने जा रही है।
इंदौर पुलिस के एसीपी पराग सैनी की परिकल्पना पर तैयार किए जा रहे ‘सेतु एप’ के जरिए अब थानों में लगी डिजिटल स्क्रीन और ऐप पर पूरी जानकारी उपलब्ध होगी। स्क्रीन पर थाना प्रभारी का नाम और मोबाइल नंबर, ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों की जानकारी, बीट अधिकारियों के नाम और संपर्क नंबर, पासपोर्ट वेरिफिकेशन के जिम्मेदार अधिकारी सहित कई महत्वपूर्ण जानकारियां दिखाई देंगी।
इतना ही नहीं, यदि कोई व्यक्ति अपने मोबाइल पर सेतु एप खोलकर किसी भी थाने की लोकेशन सर्च करेगा, तो उसे उस थाने का पता ही नहीं, बल्कि वहां उस समय ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों और बीट अधिकारियों की पूरी जानकारी भी मिल जाएगी।
एसीपी पराग सैनी का कहना है कि इस एप का सबसे बड़ा उद्देश्य पुलिस और आम नागरिक के बीच की दूरी को कम करना है। कई लोग थाने पहुंचने के बाद यह समझ नहीं पाते कि किस अधिकारी से संपर्क करें। ऐसे लोगों के लिए यह एप और डिजिटल स्क्रीन एक भरोसेमंद मार्गदर्शक का काम करेंगे।
फिलहाल इस परियोजना की टेस्टिंग इंदौर के विजयनगर थाने और एसीपी कार्यालय में की जा रही है। इसके बाद इसे शहर के सभी 36 थानों, एसीपी कार्यालय, अतिरिक्त डीसीपी कार्यालय, डीसीपी कार्यालय और पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक विस्तारित किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने सर्कल की जानकारी देखने की सुविधा भी मिलेगी।
हर दिन हजारों लोग दूसरे शहरों और राज्यों से इंदौर आते हैं। किसी हादसे, अपराध या आपात स्थिति में उन्हें पुलिस तक पहुंचने के लिए अब इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। ‘सेतु’ सिर्फ एक एप नहीं, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास, पारदर्शिता और आसान संवाद की नई शुरुआत बनने की ओर बढ़ रहा है।

छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गौरिहार थाना क्षेत्र के मनुरिया गांव निवासी रवि अहिरवार हाथ में विहार के भरत तिवारी का पोस्टर लेकर पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचा। पीड़ित युवक ने गौरिहार थाना पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर नारेबाजी की और ‘पुलिस मुर्दाबाद’ के नारे लगाए।
रवि अहिरवार का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते उसके खिलाफ गौरिहार थाने में झूठा मामला दर्ज किया गया है। उसने राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार के भाई और स्थानीय नेताओं पर साजिश के तहत फर्जी केस में फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित युवक ने एसपी से गुहार लगाते हुए निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
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राम मंदिर के चोरों को बाबा बागेश्वर ने बताया पापी, धीरेंद्र शास्त्री बोले- भगवान खुद उन्हें महादंड देंगे
छतरपुर। उत्तर प्रदेश में अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी के खुलासे से न सिर्फ दानदाताओं का विश्वास उठा है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को भी ठेस पहुंची है। चोरी, जांच और कार्रवाई के बीच बागेश्वर धाम पीठाधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भी इस पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने चोरों को पापी बताते हुए कहा है कि भगवान खुद उन्हें महादंड देंगे।
दरअसल, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इंडोनेशिया में आयोजित हनुमान कथा के दौरान चंदा चोरी की घटना पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पैसों की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों की आस्था और श्रद्धा की चोरी है।
उन्होंने रावण का उदाहरण देते हुए कहा, “माता सीता को चुराने वाले रावण के पूरे वंश का नाश हो गया था। राम मंदिर में चोरी करने वाले महापापी हैं, उन्हें भगवान खुद महादंड देंगे।” दर्ज हुई एफआईआर (FIR) का जिक्र करते हुए बागेश्वर महाराज ने कहा कि इस मामले में अभी और जांच होनी चाहिए, जिससे कई और आरोपी पकड़े जाएंगे। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ऐसे लोगों को सरकारी दंड तो मिलेगा ही, साथ ही वे ईश्वरीय न्याय से भी नहीं बच पाएंगे।
सपा के पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने 7 जून को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि 5 से 7.5 करोड़ रुपए की चोरी की है। इसके बाद 8 जून सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की अपील की। 9 जून भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को एक चिट्ठी लिखकर मामले की CBI और ED से जांच की मांग की। 9 जून को राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने ट्रस्ट के सदस्यों के साथ बैठक की। चढ़ावे की राशि, गिनती और लेखा-जोखा पर चर्चा की। 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मंदिर ट्रस्ट से मामले पर रिपोर्ट मांगी ली। दूसरी तरफ, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सभी आरोप खारिज किए। 11 जून को मंदिर के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह का बयान सामने आया। CCTV फुटेज को लेकर आरोप लगाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख और उनके निर्देश पर गठित SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के चढ़ावा चोरी प्रकरण में FIR दर्ज की गई। ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में मामला दर्ज किया गया। FIR में 8 लोगों को नामजद किया गया जिनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के नाम शामिल थे।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया है। साथ ही ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने अपना पद त्याग (Anil Mishra Resigns) दिया है। गबन के बाद से इन दोनों पदाधिकारियों पर ही सबसे ज्यादा दबाव बना हुआ था। दोनों पर इस्तीफे का दबाव था।
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रेप पीड़िताओं को लेकर HC की सख्त शर्त, मुआवजे के लिए देना होगा शपथ पत्र, बयान बदलने पर लौटानी होगी पूरी सहायता राशि
ग्वालियर। दुष्कर्म और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों में मिलने वाले मुआवजे को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा और अहम आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अब आर्थिक सहायता की अगली किस्त जारी करने से पहले पीड़िता को शपथ पत्र देना होगा कि वह आरोपी से समझौता नहीं करेगी और मुकदमे के दौरान अपनी गवाही से नहीं मुकरेंगी। अगर ट्रायल के दौरान पीड़िता बयान बदलती है या आरोपों से पीछे हटती है, तो उसे मिली पूरी सहायता राशि सरकार को वापस करनी होगी।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने यह आदेश आर्थिक सहायता के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए दिया। अदालत ने कहा कि कई मामलों में पीड़ित पक्ष मुआवजा मिलने के बाद अपने बयान बदल देता है, जिससे अभियोजन कमजोर पड़ जाता है और सरकारी धन का उद्देश्य भी विफल हो जाता है।
कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित अधिकारी सहायता राशि जारी करने से पहले पीड़िता से विधिवत हलफनामा लें। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि ट्रायल के दौरान पीड़िता गवाही से मुकरती है तो फैसला होने के 30 दिन के भीतर पूरी सहायता राशि वापस करनी होगी। राशि जमा नहीं करने पर उसकी विधिवत वसूली की जाएगी। साथ ही ट्रायल कोर्ट उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र रहेगा।

अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। दरअसल इस मामले में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक गड़बड़ी का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के नाम पर मंदिर में आने वाला दान लोगों की श्रद्धा का प्रतीक होता है और उसके साथ किसी भी तरह की गड़बड़ी बेहद गंभीर मानी जानी चाहिए।
दरअसल प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि धर्म और विश्वास के नाम पर किसी भी तरह की चोरी या हेराफेरी समाज की मूल भावना को चोट पहुंचाती है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि किसी भी स्तर पर सच्चाई छिपाई न जा सके।
वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने बयान में इस बात पर भी सवाल उठाया कि क्या इतने बड़े स्तर की हेराफेरी केवल छोटे कर्मचारियों के दम पर संभव है। उन्होंने कहा कि यह जांच का सबसे अहम विषय होना चाहिए कि यदि सीसीटीवी बंद होने और चढ़ावे में गड़बड़ी जैसी बातें सामने आई हैं, तो क्या इसमें केवल निचले स्तर के कर्मचारी शामिल हो सकते हैं या फिर किसी बड़े स्तर पर भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में केवल औपचारिक कार्रवाई या सीमित जांच से लोगों का भरोसा नहीं बनेगा। जांच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए और यदि किसी भी स्तर पर किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रियंका गांधी का कहना है कि आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सबसे जरूरी होती है, क्योंकि इससे करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास जुड़ा होता है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच ऐसी होनी चाहिए जिस पर किसी तरह का सवाल खड़ा न हो और पूरा सच सामने आए।
दरअसल राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष लगातार जांच प्रक्रिया और जिम्मेदारी तय करने को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि प्रशासनिक एजेंसियां अपनी जांच आगे बढ़ा रही हैं। इस मामले में पहले ही कई लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।
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कच्चा तेल सस्ता, फिर भी जेब पर बोझ बरकरार! आखिर सरकार उपभोक्ताओं को राहत क्यों नहीं दे रही?
ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगातार गिरकर करीब 72 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इसमें और गिरावट संभव है। इसके बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को एनर्जी की कीमतों में राहत मिलने के लिए अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है।
वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड की कीमतें घटकर 72.48 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गईं, जो ईरान संघर्ष शुरू होने से पहले का स्तर माना जा रहा है। शुक्रवार को भी कीमतें करीब 72.60 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गईं। बीते महीनों में युद्ध और तनाव के कारण कच्चे तेल के बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। अब कीमतों में आई गिरावट से बाजार में राहत का माहौल बन रहा है।
ईरान की कार्रवाई के दौरान होर्मुज स्ट्रेट प्रभावित होने से वैश्विक तेल सप्लाई पर दबाव बढ़ गया था और कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। इसके बाद 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर होने से हालात में सुधार आया। इसी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। बाजार विशेषज्ञ आगे भी नरमी की संभावना जता रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे पहले तेल महंगा होने पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 7.50 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई थी। कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में भी कटौती की थी। अब उपभोक्ता नई राहत का इंतजार कर रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां इस समय पेट्रोल की बिक्री पर बेहतर मार्केटिंग मार्जिन हासिल कर रही हैं, जबकि डीजल की बिक्री पर अभी भी मामूली घाटा बना हुआ है। उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में आई हालिया गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचने में कुछ समय लग सकता है।
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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: ट्रस्ट ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि की, 11 जुलाई को होगी अगली बैठक
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और न्यासी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा सौंप दिया है। ट्रस्ट ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि दोनों के त्यागपत्र प्राप्त हो चुके हैं और उन पर अंतिम निर्णय आगामी बैठक में लिया जाएगा।
ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों से राम मंदिर परिसर से जुड़ी घटनाओं ने पूरे न्यास को आहत और दुखी किया है। ऐसे में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे ट्रस्ट को मिल चुके हैं। इन पर अंतिम फैसला 11 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में लिया जाएगा।
ट्रस्ट की अगली बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसमें नए महासचिव की नियुक्ति के साथ-साथ ट्रस्ट सदस्य के रूप में डॉ. अनिल मिश्रा के उत्तराधिकारी के चयन पर भी विचार किया जा सकता है।
दान और चढ़ावे को लेकर फैल रही चर्चाओं के बीच ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को भरोसा दिलाया है कि मंदिर को समर्पित सभी मूल्यवान वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। ट्रस्ट के अनुसार जिन भक्तों ने सोने-चांदी के आभूषण, चांदी की ईंटें या अन्य कीमती वस्तुएं ट्रस्ट को सौंपी थीं उनका पूरा रिकॉर्ड मौजूद है और एक-एक वस्तु का पूरा हिसाब सुरक्षित रखा गया है।
ट्रस्ट ने बताया कि मंदिर के दानपात्र से धनराशि गायब होने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच दल (SIT) ने प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट के अनुरोध पर पुलिस ने आधिकारिक एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले में दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है और जांच आगे बढ़ रही है।
ट्रस्ट ने कहा कि कुछ असामाजिक और स्वार्थी तत्व इस विवाद का फायदा उठाकर सनातन धर्म और राम मंदिर की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर फैल रही अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें। ट्रस्ट ने विश्वास जताया कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आएगी और सभी भ्रम दूर हो जाएंगे।

ग्वालियर। जिले के आंतरी का एक मोहल्ला इन दिनों रहस्यमयी घटनाओं के कारण चर्चा में है। यहां बघेल परिवार के पांच घरों में बार-बार अचानक आग लगने की घटनाओं का दावा किया जा रहा है। कभी पलंग जल जाता है… कभी गद्दा… कभी कपड़े… तो कभी अलमारी और बक्से। परिवारों का कहना है कि अब तक उनकी पूरी गृहस्थी लगभग तबाह हो चुकी है। कुछ लोग इसे दैवीय प्रकोप मान रहे हैं, तो कुछ भूत-प्रेत की बात कर रहे हैं। हालांकि पुलिस और प्रशासन को अब तक आग लगने का कोई स्पष्ट कारण नहीं मिला है।
ये कोई फिल्म का सेट नहीं है…ये ग्वालियर के आंतरी का वो मोहल्ला है… जहां हर सुबह लोगों की पहली नजर इस बात पर जाती है… कि आज किस घर में आग लगी…किसी का पलंग राख हो गया…किसी के कपड़े खाक…किसी का बक्सा…तो किसी का गद्दा…जल चुका होता है। स्थानीय लोगो का दावा है कि गाय-भैंस भी आग से झुलस चुकी हैं।इन पांच घरों में रहने वाले करीब 50 लोगों की जिंदगी अब घर के कमरों में नहीं बल्कि दहलीज, आंगन और पड़ोसी की दुकानों में गुजर रही है।
डर इतना गहरा है कि हर कमरे में पानी से भरी बाल्टियां रखी गई हैं, नगर पालिका ने भी एहतियात के तौर पर पानी का टैंकर तैनात कर दिया है ताकि अगर फिर आग भड़के तो उसे तुरंत बुझाया जा सके। समय जैसे जैसे गुजर रहा है रहस्य उतना ही गहराता जा रहा है और उतनी ही बढ़ती जा रही हैं तरह-तरह की चर्चाएं। परिवार का यह भी दावा है कि जब जला हुआ सामान बचाने के लिए पड़ोसी की दुकान में रखा गया तो वहां भी अचानक आग लग गई।
परिवार के कुछ लोगों का कहना है कि उनके कुलदेवता नाराज हैं, कुछ इसे किसी अदृश्य शक्ति का असर मान रहे हैं। यही वजह है कि पूजा-पाठ भी कराया जा रहा है। नींबू, हंसिया और दूसरे पारंपरिक उपाय किए जा रहे है।तांत्रिक भी बुलाए जा चुके हैं।तांत्रिक आए जरूर लेकिन बड़ी अनहोनी की आशंका जताकर लौट गए। इसे हालात में उनका यह भी कहना है कि अगर इसी तरह आग लगती रही तो उन्हें अपना घर ही नहीं बल्कि पूरा गांव छोड़ना पड़ेगा।
पुलिस और प्रशासन ने मौके का निरीक्षण किया लेकिन अब तक आग लगने की वजह सामने नहीं आई। थाना प्रभारी का कहना है कि थाने में कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है फिर भी एहतियात के तौर पर निगरानी रखी जा रही है ताकि कोई बड़ी घटना न हो। घर में लग रही रहस्मयी आग की चर्चा के चलते आसपास के गांवों से लोग इस रहस्य को अपनी आंखों से देखने पहुंच रहे हैं।
आंतरी के वार्ड नंबर छह में रहने वाले कल्लू, कामता, महेंद्र, धर्मेंद्र और प्रमोद के परिवार आज एक ही सवाल पूछ रहे हैं, आखिर कब रुकेगा ये सिलसिला…? फिलहाल रहस्य बरकरार है…की क्या इन घटनाओं के पीछे कोई वैज्ञानिक कारण है या किसी की शरारत… या फिर कुछ और…?इस सवाल का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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खाकी फिर शर्मसारः थाने के अंदर नग्न अवस्था में सोते आरक्षक का वीडियो वायरल, एसपी ने किया लाइन अटैच
खंडवा। खंडवा जिला एक बार फिर पुलिस विभाग की कारगुजारियों को लेकर सुर्खियों में है। जिले के खालवा थाने में पदस्थ एक आरक्षक का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) ने आरक्षक को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है।
दरअसल वायरल वीडियो खालवा थाने में पदस्थ आरक्षक जयदीप का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में आरक्षक पुलिस थाने के अंदर ही पूरी तरह से नग्न (बिना कपड़ों के) अवस्था में सोता हुआ दिखाई दे रहा है। खाकी वर्दी की गरिमा को तार-तार करने वाले इस वीडियो के सामने आते ही स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
सूत्रों के मुताबिक यह आपत्तिजनक वीडियो करीब एक महीने पुराना बताया जा रहा है। हालांकि, यह वीडियो अब जाकर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हुआ है। जैसे ही यह वीडियो उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया, विभाग में खलबली मच गई और आनन-फानन में एक्शन लिया गया।
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स्वास्थ्य सुविधा बना मजाक! नहीं मिली एंबुलेंस तो गांव में हुई महिला की डिलीवरी, खटिया में लिटाकर कराया नदी पार
अमरवाड़ा। छिंदवाड़ा जिले में दशकों बाद स्वास्थ्य सुविधा लोगों को उपलब्ध नहीं हो पाई है। अमरवाड़ा विकासखंड के ग्राम हथोड़ा के लोहरी मोहल्ला से बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। सड़क और एंबुलेंस की कमी का खामियाजा एक गर्भवती महिला को भुगतना पड़ा। अस्पताल जाने की राह देख रही महिला को घर पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। बच्चे के साथ गांव के युवाओं ने महिला को खटिया में लिटाकर नदी पार करवाया।
ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 20 परिवार यहां पर निवासरत हैं। जब कोई परेशानी आती है तो मोहल्ले तक न एंबुलेंस आती है और ना ही कोई गाड़ी आती है। नदी पार करने के लिए हमेशा खटिया का उपयोग करना पड़ता है। गांव की एक महिला गर्भवती थी और उसकी डिलीवरी होने वाली थी लेकिन समय पर एंबुलेंस नहीं मिली। जिसके बाद घर पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा।
जच्चा बच्चा की स्थिति देख कर गांव के युवाओं ने खाटिया में महिला को लिटाकर नदी पार करवाया। फिर बाइक से ही अस्पताल पहुंचाया और भर्ती कराया।ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि से कई बार नदी में पुलिया बनाने और रोड बनाने की मांग की गई लेकिन कोई ध्यान नहीं देता है। स्कूली बच्चों को नदी पार करके स्कूल जाना पड़ता है। बरसात के दिनों में बड़ी दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है।
यहां ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए मोहताज हैं क्योंकि इस मोहल्ले में जाने के लिए ग्रामीणों को नदी पार करनी पड़ती है। नदी पर पुल बनाने की मांग काफी दिनों से चल रही है लेकिन अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है।

भोपाल। मध्यप्रदेश के दमोह जिले के गढ़ी मोहल्ला में मुहर्रम के दौरान होने वाली शहर गश्त में एक बड़ा हादसा हो गया। इस दौरान स्टंट करने वाले एक युवक के मुंह में लगी आग से अफरातफरी मच गई और वो गंभीर रूप से झुलस गया।
दरअसल बीती रात शहर में ताजियों को शहर गश्त कराई जा रही थी और इसी परम्परा का एक हिस्सा एक बड़ी सी मशाल का जलाना होता है। गढ़ी मोहल्ले में ऐसी ही मशाल को जलाया गया और इस पर लोग तेल डालते है तो कुछ युवा इस मशाल के साथ स्टंट कर रहे थे। मुंह में पेट्रोल भरकर मशाल की आग में फूंक मारकर उगल रहे थे। सब कुछ सामान्य चल रहा था इसी बीच एक युवक ने मुंह में पेट्रोल भरा और मशाल पर उगल रहा था। दो तीन बार तो ठीक रहा लेकिन जैसे ही वो चौथी बार मुंह में पेट्रोल लेकर आया फूंक मारने के बाद उसके मुंह में आग लग गई।
आग के गोले मुंह से निकलने लगे। अफरातफरी के बीच लोगों ने बाहरी आग बुझा दी लेकिन युवक के मुंह के अंदर और गले में जहां जहां तक पेट्रोल गया वहां उतने हिस्से में आग फैलती गई। घटना के बाद लोगों द्वारा युवक को स्थानीय डाक्टर को दिखाया और बाद में उसे जबलपुर रेफर कर दिया गया है। जहां उसका उपचार जारी है। इस बीच पास में खड़े कुछ लोगो ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया
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200 का नकली नोट पड़ा भारी: खुल गई जाली नोटों की फैक्ट्री,पुलिस पहुंची मास्टरमाइंड तक
इंदौर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में 200 रुपये का नकली नोट चलाने की कोशिश एक बड़े खुलासे का कारण बन गई। रेस्टोरेंट संचालक की सतर्कता से पहले एक युवक पकड़ा गया और उसकी निशानदेही पर पुलिस ने जाली नोट छापने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 44 हजार रुपये के नकली नोट, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन तथा अन्य सामग्री जब्त की है।गांधीनगर थाना प्रभारी अनिल यादव के अनुसार राजनगर सेक्टर-ए, चंदन नगर निवासी यशवंत यादव ने शिकायत दर्ज कराई कि 25 जून को वह रिजलाय फाटा-नावदा पंथ रोड स्थित सांवरिया रेस्टोरेंट पर मौजूद था। इसी दौरान एक युवक चाय-नाश्ता करने के बाद भुगतान के लिए 200 रुपये का नोट देने लगा।
नोट देखते ही रेस्टोरेंट संचालक यशवंत यादव को उसके नकली होने का संदेह हुआ। उन्होंने कर्मचारी आशीष चौहान की मदद से युवक को मौके पर ही रोक लिया और तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान ग्राम अटाहेड़ा, थाना देपालपुर निवासी दीपक पटेल के रूप में बताई। उसने खुद को मजदूर बताते हुए दावा किया कि यह नोट उसे मजदूरी के भुगतान में मिले थे। हालांकि तलाशी के दौरान उसके पास से 4 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए।
सख्ती से पूछताछ करने पर दीपक ने खुलासा किया कि नकली नोट उसे सिंगापुर टाउनशिप निवासी संजय पुत्र महेश वैष्णव ने दिए थे। इसके बाद पुलिस ने संजय को भी गिरफ्तार कर लिया। संजय के कब्जे से करीब 40 हजार रुपये के नकली नोट और उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल की जा रही प्रिंटिंग मशीन जब्त की गई। पुलिस के अनुसार संजय दीपक को बाजार में जाली नोट चलाने के लिए देता था।
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी संजय वैष्णव का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। उसे पूर्व में एसटीएफ खंडवा नकली नोटों के मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। उस समय भी उसके पास से जाली नोट बरामद हुए थे और जेल भेजा गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद वह फिर से नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने के अवैध कारोबार में सक्रिय हो गया। पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क, आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
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मुहर्रम के मातमी जुलूस निकले: करबला की शहादत को किया याद, पोस्टरों में पहलगाम और मणिपुर का भी जिक्र
भोपाल में शुक्रवार को मुहर्रम के अवसर पर मातमी जुलूस पूरे धार्मिक श्रद्धा और गमगीन माहौल के बीच निकाले गए। करबला की शहादत की याद में आयोजित इन जुलूसों में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। शहर के फतेहगढ़, इमामी गेट, हमीदिया रोड, करोंद सहित कई इलाकों से ताजिए, बुर्राक, सवारियां और इस्लामी परचम के साथ जुलूस निकले। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने पुराने शहर के संवेदनशील इलाकों में विशेष इंतजाम किए।
फतेहगढ़ इमामबाड़ा से निकले प्रमुख मातमी जुलूस में सैकड़ों लोग हाथों में अलम लेकर शामिल हुए। बड़ी संख्या में अकीदतमंद नंगे पैर ‘या हुसैन’ की सदाओं के बीच आगे बढ़ते रहे। रास्ते में कई जगह लोगों ने सेवा भाव दिखाते हुए नंगे पैर चल रहे श्रद्धालुओं के पैरों पर पानी डाला ताकि गर्म सड़क से उन्हें राहत मिल सके।
पोस्टरों में करबला के संदेश के साथ समकालीन घटनाओं का जिक्र
जुलूस के दौरान कुछ युवाओं की टी-शर्ट पर ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर दिखाई दी।
वहीं कई अकीदतमंद ऐसे पोस्टर लेकर चल रहे थे जिनमें करबला के संदेश के साथ फिलिस्तीन, मणिपुर, पहलगाम और ईरान से जुड़ी घटनाओं का उल्लेख किया गया था। एक पोस्टर पर कर्बला - जुल्म के खिलाफ आवाज का संदेश लिखा था। साथ ही इसमें यह संदेश भी दिया गया कि दुनिया में कहीं भी आतंकवाद, हर जगह शांति के लिए खतरा है।
सुबह से शुरू हुए सभी मातमी जुलूस दोपहर में इमामी गेट चौराहे पर पहुंचे, जहां अलग-अलग अंजुमनों ने सामूहिक मातम किया। इसके बाद सभी जुलूस वीआईपी रोड स्थित करबला मैदान की ओर रवाना हुए, जहां धार्मिक रस्में पूरी की गईं।
जुलूस के दौरान शहर के प्रमुख चौराहों पर उलेमाओं ने मजहबी तकरीरें कीं। उन्होंने हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत, करबला की जंग और अन्याय के खिलाफ उनके संघर्ष पर प्रकाश डाला। तकरीरों में इंसानियत, अमन, भाईचारे और जुल्म के विरोध का संदेश दिया गया। पूरे आयोजन के दौरान मुस्लिम समाज के लोग गम और अकीदत के साथ मातम करते नजर आए।

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राम मंदिर में दान और चढ़ावे की चोरी के मामले में RSS-VHP विपक्ष ने निशाने पर है, विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी आरोप लगा रहे हैं, पुलिस इस मामले में मंदिर में आने वाले दान के प्रबंधन से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है उनके खिलाफ गबन सहित अलग अलग धाराओं में ममला दर्ज कर जाँच की जा रही है।कांग्रेस द्वारा कल शुक्रवार को इस मामले में आधिकारिक बयान जारी करने के बाद अब अन्य नेता भी मुखर हो गए हैं प्रियंका...

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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