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शहडोल। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर शहडोल का ऐतिहासिक बाणगंगा मेला आस्था और संस्कृति का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इस बार यही मेला फूहड़ता और अश्लीलता का मंच बन गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर अश्लील बॉलीवुड और भोजपुरी गानों पर लगे ठुमकों ने न सिर्फ मर्यादा तोड़ी, बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए।
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आयोजित होने वाला शहडोल का ऐतिहासिक बाणगंगा मेला इस बार धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के बजाय फूहड़ता और अश्लीलता को लेकर विवादों में आ गया है। सात दिवसीय इस मेले का आयोजन नगर पालिका प्रशासन द्वारा सोहागपुर थाना क्षेत्र के बाणगंगा मैदान में किया गया था, जहां रात के समय सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर खुलेआम अश्लील और फूहड़ डांस कराया गया। कार्यक्रम के दौरान पैसा फेंक तमाशा देख, नाचेगी पिंकी फुल टू लेट और आज टूटेगा कांवरिया, कान की टूट जाए राजा जी बलम जैसे अश्लील भोजपुरी गानों पर महिला डांसरों द्वारा आपत्तिजनक ठुमके लगाए गए। मंच पर चल रहे इस फूहड़ प्रदर्शन को देखकर मेले में मौजूद कई वृद्धजनों और जागरूक नागरिकों ने कड़ी आपत्ति जताई। लोगों का कहना है कि जिस मेले की पहचान धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी रही है, वहां इस तरह का प्रदर्शन समाज को गलत संदेश देता है।
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इस अश्लील डांस के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जिनमें छोटी बच्चियां भी शामिल थीं। वहीं मंच पर कार्यक्रम के दौरान कुछ अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय नेता भी मौजूद रहे, लेकिन किसी ने भी कार्यक्रम को रोकने की जहमत नहीं उठाई। इससे प्रशासनिक जिम्मेदारी और नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस पूरे मामले के वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसके बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कड़ाके की ठंड के बावजूद जिस तरह भारी भीड़ अश्लील डांस देखने के लिए जुटी, उसने सामाजिक सोच को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर इस तरह की अश्लीलता ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

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करोड़पति निकला भिखारीः रेस्क्यू में 3 मंजिला मकान, 2 वन-बीएचके घर, 1 कार व ड्राइवर और 3 ऑटो
इंदौर। शहर की सड़कों पर भिक्षावृत्ति की एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है। सराफा क्षेत्र में वर्षों से भीख मांगने वाला भिक्षुक मांगीलाल असल में करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के तहत जब मांगीलाल का रेस्क्यू किया गया, तो उसकी हकीकत जानकर अधिकारी ही नहीं, आम लोग भी हैरान रह गए।
सराफा की गलियों में लकड़ी की फिसलने वाली गाड़ी, पीठ पर बैग और हाथ में जूते के सहारे लोगों की सहानुभूति बटोरने वाला मांगीलाल रोजाना 500 से 1000 रुपये तक कमा रहा था। वह बिना कुछ कहे लोगों के पास जाकर खड़ा हो जाता था और लोग स्वयं उसे पैसे दे देते थे। पूछताछ में मांगीलाल ने स्वीकार किया कि भीख से मिले पैसों का उपयोग वह सराफा क्षेत्र के कुछ व्यापारियों को ब्याज पर कर्ज देने में करता था। वह एक दिन और एक सप्ताह के हिसाब से ब्याज पर रुपये देता था और रोजाना ब्याज वसूलने के लिए सराफा आता था। रेस्क्यू दल के नोडल अधिकारी दिनेश मिश्रा के अनुसार, मांगीलाल के पास शहर के अलग-अलग इलाकों में तीन पक्के मकान हैं।
भगत सिंह नगर में उसका 16 बाय 45 फीट का तीन मंजिला मकान है। इसके अलावा शिवनगर में 600 स्क्वायर फीट का दूसरा पक्का मकान और अलवास में 10 बाय 20 फीट का एक बीएचके मकान भी उसके नाम पर है। अलवास का मकान शासन द्वारा रेड क्रॉस की मदद से विकलांगता के आधार पर दिया गया था। इतना ही नहीं, मांगीलाल के पास तीन ऑटो हैं, जिन्हें वह किराए पर चलाता है। साथ ही उसके पास एक डिजायर कार भी है, जिसे चलाने के लिए उसने ड्राइवर तक रखा हुआ है। वह अलवास में अपने माता-पिता के साथ रहता है, जबकि उसके दो भाई अलग रहते हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा ने बताया कि इंदौर में फरवरी 2024 से भिक्षावृत्ति मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। प्रारंभिक सर्वे में 6500 भिक्षुक सामने आए थे, जिनमें से 4500 की काउंसलिंग कर भिक्षावृत्ति छुड़ाई गई। 1600 भिक्षुकों को रेस्क्यू कर उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेजा गया, जबकि 172 बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भिक्षावृत्ति करने वालों और इसे बढ़ावा देने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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करोडों की ड्रग्स मामले में वहां मिली सस्पेंड SI रऊफ की आईडी, बड़े बेटे का सेना का कार्ड बरामद
रतलाम। जिले के चिकलाना गांव में पकड़ी गई एमडी ड्रग फैक्ट्री के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। वैसे-वैसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। जिस मकान में अवैध रूप से एमडी ड्रग तैयार की जा रही थी, वहां से दो साल पहले सस्पेंड किए गए सब-इंस्पेक्टर रऊफ खान का पुलिस आईडी कार्ड और दो स्टार लगी वर्दी बरामद हुई है। इससे पूरे मामले में पुलिस-ड्रग माफिया गठजोड़ की आशंका और गहरा गई है।
सब-इंस्पेक्टर (SI) रऊफ खान पर पहले भी तस्करों से सांठगांठ के गंभीर आरोप लग चुके हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद 5 जनवरी 2024 को तत्कालीन प्रभारी एसपी राकेश खाखा ने उन्हें सस्पेंड किया था। मामला डीजीपी स्तर तक पहुंचा और विभागीय जांच शुरू हुई। अब ड्रग बनाने वाले मकान से उनकी आईडी और वर्दी मिलने के बाद रऊफ खान और दिलावर खान के संबंधों की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रऊफ खान ने रतलाम, मंदसौर और नीमच तक अवैध मादक पदार्थों के नेटवर्क को संरक्षण दिया। हालांकि जांच जारी होने के कारण अधिकारी फिलहाल खुलकर बयान देने से बच रहे हैं, लेकिन इस दिशा में जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
छापे के दौरान दिलावर खान के परिवार ने रतलाम पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। आरोप है कि दिलावर के दामाद याकूब खान ने पहले 50 लाख और फिर 1 करोड़ रुपये देने का ऑफर देकर छोड़ने की कोशिश की। हालांकि रतलाम पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई जारी रखी। घर से नकदी तो नहीं मिली, लेकिन बड़ी संख्या में जमीनों के दस्तावेज बरामद हुए।
रतलाम पुलिस को तलाशी के दौरान 300 से अधिक जमीनों की रजिस्ट्रियां और अनुबंध पत्र मिले हैं। जांच में सामने आया है कि दिलावर खान पिपलौदा क्षेत्र में करीब 1000 बीघा जमीन का मालिक या साझेदार है। गांव में जमीन हड़पने और ब्याज पर रकम देकर कई गुना वसूली के आरोप भी उसके परिवार पर पहले से लगे हैं।
जांच में यह भी सवाल उठ रहा है कि 65 वर्षीय दिलावर खान ने 25 साल की युवती से दूसरी शादी क्यों की। पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे भी कोई आपराधिक या आर्थिक कारण हो सकता है। वर्तमान में दिलावर की दोनों पत्नियां, बहन और बहू न्यायिक हिरासत में हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रतलाम एसपी अमित कुमार ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। SIT में एएसपी विवेक कुमार लाल, जावरा एसडीओपी संदीप मालवीय, विभिन्न थानों के प्रभारी और साइबर सेल के अधिकारी शामिल हैं। टीम ड्रग नेटवर्क, पुलिस संरक्षण, फर्जी दस्तावेज और जमीन घोटाले हर पहलू की जांच करेगी।
रतलाम ड्रग फैक्ट्री केस अब सिर्फ नशे तक सीमित नहीं रहा। इसमें पुलिसकर्मी, फर्जी आर्मी आईडी, जमीन माफिया और राजनीतिक रसूख जैसे कई पहलू जुड़ते जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

झाबुआ। झाबुआ में चल रहे वार्षिक महाराज के मेले में सोमवार को दोपहर बाद एक बड़ा हादसा हो गया। मेले में लगा एक विशालकाय नाव शेप वाला झूला अचानक चलते समय टूटकर गिर गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। हादसे में पीएम श्री स्कूल की तीन बालिकाएं घायल हो गईं। वही करीब डेढ़ दर्जन सामान्य घायल बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिजली से चलने वाले झूले में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई गई थीं। इसी कारण झूला का संतुलन बिगड़ने के बाद बीच से एक्सल आदि टूटने से नीचे आ गिरा। यह घटना देख रहे और झूला झूलने वाले बच्चों के परिवारों में चीख-पुकार मच गई।
हादसे के बाद तत्काल घायलों को लेकर उनके परिजन और मेले के आयोजक आदि अस्पताल भागे। जहां तत्काल डॉक्टरो और स्टाफ ने इलाज शुरू किया। इसी बीच सूचना मिलते ही एसपी शिवदयाल सिंह गुर्जर और एसडीएम अस्पताल पहुंचे। मेला क्षेत्र में पुलिस ने मोर्चा संभाला और हालात काबू में किए।
ज्ञात हो कि गो रक्षा आंदोलन से जुड़े रहे आदिवासियों के बड़े संत स्व. खूम सिंह महाराज की स्मृति में लगे मेले का कल मंगलवार को समापन होना है। इसी कारण आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में परिवार के साथ आदिवासियों की भीड़ मेले में आई है।
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कार का कोहराम, अब तक 5 की मौत, गुस्साए लोगों ने किया चकाजाम, गाड़ी मालिक हिरासत में
जबलपुर। एमपी के जबलपुर स्थित बरेला रोड पर कार चालक द्वारा मचाए गए कोहराम में अब तक पांच लोगों की मौत हो गई है। इस घटना को लेकर आज गुस्साए लोगों ने चकाजाम कर प्रदर्शन शुरु कर दिया। जाम के चलते करीब 5 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लगी रही। ग्रामीणजन मुआवजा बढ़ाने और सरकारी नौकरी की मांग को लेकर लगातार नारेबाजी कर रहे थे।
हादसे में अब तक चैनवती बाई उम्र 40 वर्ष, लच्छो बाई 40 वर्ष, गोमता बाई पति नवाबी लाल 40 वर्ष, वर्षा कुशराम पति कमलेश 45 वर्ष व कृष्णा बाई पति संजू 40 वर्ष की मौत हो चुकी है। घटना को लेकर आक्रोशित परिजनों, स्थानीय लोगों ने आज घटनास्थल पर धरना देकर प्रदर्शन शुरु कर दिया। जिससे इस रोड पर जाम के हालात निर्मित हो गए। दोनों ओर वाहनों की लम्बी लाइन लगी रही। लोगों को जाम के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। गौरतलब है कि हादसा रविवार को दोपहर के वक्त हुआ है, जब बरेला से जबलपुर की ओर आ रही सफेद रंग की तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे बैठे 13 मजदूरों को टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दुर्घटनाग्रस्त कार बिना नंबर की थी। आरोपी कार चालक अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। एएसपी जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। घटनास्थल से लेकर टोल नाकों तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। कार चालक की पहचान मझौली निवासी लखन सोनी के रूप में हुई है। कार दीपक सोनी के नाम पर रजिस्टर्ड है, जिसे पुलिस ने हिरासत में लिया है। पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट भाई लखन सोनी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है। चकाजाम प्रदर्शन की जानकारी लगते ही पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे, जिन्होने आक्रोशित लोगों को जानकारी दी कि कार मालिक को हिरासत में ले लिया गया है। कार चालक को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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दयोदय एक्सप्रेस के एसी कोच में सांप से मचा रहा हड़कम्प, स्नेक कैचर पहुंचा तो यह मिला
जबलपुर. अजमेर से जबलपुर आ रही दयोदय एक्सप्रेस के एसी कोच में रविवार 18 जनवरी की देर रात सांप होने की सूचना पर यात्रियों में हड़कंप मच गया. यात्री करीब 2 घंटे दहशत में रहे. ट्रेन के कोटा स्टेशन पर पहुंचने पर स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने कोच में तलाश किया तो प्लास्टिक (रबर) का नकली सांप निकला. जिसके बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली.
स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने बताया कि घटना रविवार रात 10 बजे के करीब कोटा स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 4 की है. दयोदय एक्सप्रेस अजमेर से जबलपुर ( मध्यप्रदेश) जा रही थी, शाम 7 बजे के करीब ट्रेन के कोच में सांप होने की सूचना मिली थी. जिसके बाद वे सीधे स्टेशन पहुंच गए और ट्रेन का इंतजार किया. मौके पर आरपीएफ के जवान भी मौजूद थे.
जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंची, एसी कोच में सांप को तलाश किया गया. करीब 10 मिनट तक एसी कोच 1 और 2 में तलाश करने पर भी सांप नहीं मिला. यात्रियों से पूछताछ करने पर पता चला कि एक बच्चे के पास डेढ़ फीट लम्बा रबर का सांप था. बच्चे के परिजनों ने बताया कि खेलते समय वह उसके हाथ से गिर गया था और सीट के नीचे चला गया था. किसी यात्री ने उसे असली सांप समझ लिया और सूचना कर दी. यात्रियों की सुविधा के लिए रेल प्रशासन ने कोटा में एक्स्ट्रा कोच का इंतजाम कर रखा था. दोनों कोच की तलाशी में कोई सांप नहीं मिला, जिसके बाद ट्रेन आगे के लिए रवाना हो गई.

पटना. बिहार के गया जिले के बोधगया थाना क्षेत्र के अमवां गांव में सिर्फ एक इंच जमीन के विवाद ने परिवारिक कलह को भयानक रूप ले लिया और एक ही परिवार के तीन सदस्यों पति, पत्नी और उनके ढाई साल के मासूम बेटे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई.
घायलों को तुरंत मगध मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. पीडि़त परिवार की पहचान राणाफुलेश्वर (35), उनकी पत्नी नीलू कुमारी (28) और पुत्र विष्णु कुमार (2.5) के रूप में हुई है.
नीलू कुमारी ने बताया कि संपत्ति के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भसुर और जेठानी ने जानबूझकर यह वारदात अंजाम दी. नीलू ने कहा, सिर्फ एक इंच जमीन के लिए मेरे पति, मेरा बच्चा और मैं गंभीर रूप से झुलस गए. हमें जान से मारने की धमकी भी दी गई थी.
पीडि़ता ने बताया कि उनके कमरे में जेठ और जेठानी आए और पेट्रोल डालकर आग लगा दी. आग लगते ही उन्होंने जोर-जोर से चिल्लाया, जिससे आस-पास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और तीनों को किसी तरह बचाया.
घायल राणाफुलेश्वर के पिता, रामसेवक शाह ने कहा कि उनके दोनों बेटे सरकारी शिक्षक हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि संपत्ति विवाद में उनके बड़े बेटे मुकेश कुमार, उसकी पत्नी कुसुम देवी और साले पंकज कुमार की भूमिका थी. बोधगया थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का बयान दर्ज किया है. थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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चांदी ने इतिहास रचा, एक किलो की कीमत 3 लाख के पार
मुंबई। चांदी की कीमतें इस समय अभूतपूर्व तेजी के दौर से गुजर रही हैं। तमाम अनुमान और बाजार की उम्मीदें पीछे छूट चुकी हैं, क्योंकि चांदी लगभग रोजाना नया रिकॉर्ड बना रही है। आज चांदी के दाम में करीब 13,000 रुपये की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके साथ ही MCX पर इसकी कीमत 3,01,315 रुपए के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई। दिसंबर 2025 से अब तक चांदी की कीमतों में कुल मिलाकर लगभग 50,000 रुपए का उछाल आ चुका है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी यहीं थमने वाली नहीं है और आने वाले समय में चांदी और ऊंचे स्तर छू सकती है। चांदी की कीमतों में आई इस तेज उछाल के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक और व्यापारिक तनाव एक बड़ी वजह माना जा रहा है। खास तौर पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नए टैरिफ की घोषणा के बाद बाजार में हलचल तेज हो गई है। ट्रंप ने ऐलान किया है कि अगले महीने से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड से आयात होने वाले सामानों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा, जिसे 1 जून से बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया जाएगा। इस फैसले के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है, जिसका सीधा फायदा सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली चांदी को मिला है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 93 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर ट्रेड कर रही है। उनका मानना है कि आने वाले समय में चांदी 100 डॉलर प्रति औंस का स्तर छूने की कोशिश कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो भारतीय बाजार में चांदी की कीमत जल्द ही 3.30 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है।
निवेश के नजरिए से देखें तो चांदी ने बीते कुछ महीनों में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने शेयर और प्रॉपर्टी जैसे पारंपरिक निवेश विकल्पों को भी पीछे छोड़ दिया है। अगर किसी निवेशक ने पिछले 9 महीनों में शेयर या जमीन के बजाय चांदी में निवेश किया होता, तो आज उसका पैसा लगभग तीन गुना हो चुका होता। अप्रैल से अब तक चांदी ने निवेशकों को 200 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सिर्फ जनवरी महीने में ही चांदी की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है।
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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद 24 घंटे से अनशन पर! 23 घंटे से कुछ नहीं खाया, कहा प्रण लेता हूं कभी भी शिविर में नहीं रहूंगा
प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का धरना लगातार जारी है। पालकी, यानी रथ यात्रा रोके जाने के विरोध में शंकराचार्य उसी स्थान पर धरने पर बैठे हैं, जहां पुलिस उन्हें छोड़कर चली गई थी। कड़ाके की ठंड के बीच उन्होंने पूरी रात अपने पंडाल में बिताई और बीते 23 घंटे से अन्न का एक दाना भी ग्रहण नहीं किया है। उन्होंने पानी तक लेना बंद कर दिया है।
सोमवार दोपहर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासन पर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि जब तक प्रशासन स्वयं आकर माफी नहीं मांगता, तब तक वे अपने आश्रम में प्रवेश नहीं करेंगे और फुटपाथ पर ही रहेंगे। शंकराचार्य ने परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि इतिहास में जब भी शंकराचार्य स्नान के लिए गए हैं, वे पालकी में ही गए हैं और हर वर्ष इसी परंपरा का पालन किया जाता रहा है। उन्होंने इसे सनातन परंपराओं के सम्मान से जुड़ा विषय बताया।
प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी रोके जाने का मामला और गहराता जा रहा है। आरोप है कि शंकराचार्य की सवारी जब वहां से लौट रही थी, तभी हंगामे को देखकर उसे दोबारा रोक दिया गया। स्थिति बिगड़ती देख जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और मेलाधिकारी ऋषिराज मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने शंकराचार्य से पैदल संगम स्नान के लिए जाने का आग्रह किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
इसके बाद पुलिस बल और शंकराचार्य के अनुयायियों के बीच कई बार धक्कामुक्की हुई। काफी देर तक चले विवाद के बाद पुलिस ने एक-एक कर सभी अनुयायियों को घसीटते हुए चौकी पहुंचाया। आरोप लगाया जा रहा है कि इस दौरान पुलिस ने शंकराचार्य के शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरि समेत कई संतों के साथ मारपीट की और कुछ संतों को बाल पकड़कर खींचा गया। हालात ऐसे बन गए कि दोपहर करीब 12:15 बजे शंकराचार्य पालकी पर अकेले रह गए, जिसके बाद कुछ लोगों ने पालकी को वहां से खींचकर हटा दिया।
दूसरी ओर, मंडलायुक्त ने पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन का पक्ष रखा। उनका कहना है कि अमावस्या स्नान के मद्देनजर भारी भीड़ को देखते हुए संगम क्षेत्र को ‘नो व्हीकल जोन’ घोषित किया गया था। इसके बावजूद शंकराचार्य बिना अनुमति अपने रथ या पालकी पर सवार होकर करीब 200 अनुयायियों के साथ वहां पहुंचे। मंडलायुक्त के अनुसार, संगम क्षेत्र में उस समय करोड़ों श्रद्धालु मौजूद थे और बैरियर तोड़कर आने से करीब तीन घंटे तक वापसी मार्ग अवरुद्ध रहा, जिससे आम लोगों को भारी असुविधा हुई और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी रही।

 

नरसिंहपुर. एमपी के नरसिंहपुर जिले के करेली में शनिवार 17 जनवरी की रात अज्ञात चोरों ने तीन से चार दुकानों के ताले तोड़कर नकदी चोरी की. इस घटना में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि एक दुकान के अंदर चोरों द्वारा लिखी गई धमकी भरी चिट्ठी मिली.
चि_ी में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए लिखा था, भाईजान से पंगा लोगे तो अंजाम बुरा होगा और तुम हिंदू हो, हिंदू जैसे रहो. इस पत्र के सामने आने के बाद क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल बन गया है.
पीडि़त दुकानदार प्रदीप साहू ने बताया कि उनकी दुकान के ताले तोड़कर दराज में रखे करीब 10 से 15 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए गए हैं. उन्होंने कहा कि चोरी से ज्यादा चिंताजनक धमकी भरी चि_ी है. प्रदीप साहू के अनुसार, इस तरह की भाषा और संदेश न केवल उन्हें, बल्कि पूरे समाज और प्रशासन को खुली चुनौती देने जैसा है. उन्होंने प्रशासन से आरोपियों को जल्द पकड़कर कठोर सजा देने की मांग की है.
करेली थाना प्रभारी रत्नाकर हिंगवे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और सभी संभावित बिंदुओं पर जांच की जा रही है. थाना प्रभारी के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर यह प्रतीत होता है कि चोरी मुख्य उद्देश्य नहीं था, बल्कि किसी विशेष दुकान या व्यक्ति को धमकाने के इरादे से यह हरकत की गई है.

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युवक का अपहरण और बंधक बनाकर मारपीट, पुलिस जांच में जुटी
छिंदवाड़ा। शहर के स्थानीय थाना क्षेत्र में रुपए के लेन-देन के पुराने विवाद ने उस समय तूल पकड़ लिया जब रिंकी खंडूजा नामक व्यक्ति पर मारपीट और अभद्र व्यवहार करने के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक वित्तीय लेन-देन को लेकर हुई थी, जो पिछले कुछ समय से लंबित था।
पीड़ित देशराज बंसल ने पुलिस शिकायत में बताया कि आरोपी रिंकी खंडूजा से उसका 52 लाख रुपए का लेनदेन था जिसे लेकर आरोपी ने न केवल उसके साथ गाली-गलौज की, बल्कि उसका अपहरण करके अलग-अलग स्थान में ले जाकर शारीरिक रूप से हमला कर उसे चोटें भी पहुंचाईं। घटना के बाद पीड़ित तुरंत स्थानीय थाने पहुंचा और आपबीती सुनाई।
​पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित की शिकायत पर रिंकी खंडूजा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पीड़ित के शरीर में एवं पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि घटना की सत्यता की पुष्टि की जा सके। फिलहाल, पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।
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वायरस से हड़कंप: नीमच के बाद इस जिले में संक्रमित की पहचान, 2 बच्चों की हो चुकी है मौत
मंदसौर। मध्य प्रदेश में GBS वायरस अब अपने पैर पसार रहा है। नीमच के मनासा में 2 बच्चों की जान लेने के बाद अब यह संक्रमण मंदसौर तक पहुंच गया है। हाल ही में कोटड़ा गांव में संक्रमण का नया केस सामने आया है जहां 50 साल के गोपाल पाटीदार इससे संक्रमित पाए गए, जिसके बाद उन्हें इंदौर के चरक अस्पताल में भर्ती किया गया है।
अधेड़ में GBS के लक्षण मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सुबह ही ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर स्वास्थ विभाग की टीम के साथ गांव के 722 घरों का दौरा किया। 3801 लोगों की स्कैनिंग कर सभी की बीमारी की जानकारी ली गई। इस दौरान 8 लोगों को बुखार मिला, जिनके ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए।
मेडिकल कॉलेज की टीम भी को गांव पहुंची और लोगों की स्कैनिंग में जुट गई। भानपुरा से PHE टीम ने पानी के सैंपल कलेक्ट किए। जिस मरीज में जीबीएस के लक्षण पाए गए हैं, वह 20 दिन से बीमार चल रहे था। पहले गरोठ के कुरेशी अस्पताल गया और फिर कोटा पहुंचा। जहां से इंदौर के दो अलग-अलग अस्पतालों में उन्होंने इलाज कराया। चरक अस्पताल से ही स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मिला।
गौरतलब है कि शनिवार को नीमच के मनासा कस्बे में गुलियन-बेरी सिंड्रोम (GBS) से दो बच्चों की मौत हो गई। 15 लोग संक्रमित पाए गए, जिनमें 6 की पुष्टि हुई थी।

ग्वालियर। अपर सत्र न्यायालय ने बच्चे की हत्या के आरोप में उसकी मां ज्योति राठौर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर सजा का फैसला किया, क्योंकि घटना दिनांक का कोई साक्ष्य नहीं था। जबकि प्रेमी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। दरअसल घटना 28 अप्रेल 2023 की है। रश्मि राठौर अपने प्रेमी के साथ छत पर मौजूद थी। इसी बीच उसका बच्चा आ गया।
बच्चे ने मां को प्रेमी उदय इंदौरिया के साथ देख लिया। इससे नाराज होकर ज्योति ने बच्चे को दो मंजिल से नीचे फेंक दिया। बच्चा सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन वह बच्चे को उठाने व देखने के लिए नीचे नहीं आई, जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो उसका इलाज चला, लेकिन इलाज के दौरान भी बच्चे को मां देखने के लिए नहीं पहुंची। घटना के दूसरे दिन बच्चे की मौत हो गई, लेकिन अगले 15 से 20 दिनों तक घटना सामान्य लगी। पुलिस की ओर से पैरवी लोक अभियोजक विजय शर्मा ने की।
-बच्चे की घटना सामान्य लगी थी, लेकिन 15 दिन बाद पत्नी को कुछ पछतावा हुआ। उसने पति से दुखी होते हुए कहा कि मेरे से गलती हो गई। इस बात को लेकर पति को कुछ शक हुआ। पति ने पत्नी से पूरी बात पूछी। उसे भरोसे में लिया और कहा कि कोई भी गलती हो गई है तो उसे बताना था।
-पति ने पत्नी से कहा कि एक छोटे बच्चे ने उसका क्या बिगड़ा था, जिसे छत से फेंक दिया। पति के शब्दों को सुनने के बाद ज्योति टूट गई। पूरी घटना पति को बताई।
-पत्नी ने बातों-बातों में पूरी घटना बताई। पत्नी से बातचीत की पूरी रिकॉर्डिंग की। घर में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज निकलवाए। पूरा घटनाक्रम खुल गया। पति पूरे साक्ष्यों के साथ 15 दिन बाद मुरार थाने में पहुंचा। पुलिस को पूरा मामला बताया।
-पड़ोस, घर व रिश्तेदारों को ज्योति राठौर की वारदात पर शक नहीं हुआ था। बच्चे की मौते 15 दिन बात उसे पछतावा हुआ था।
-पुलिस ने ज्योति राठौर व उसके प्रेमी उदय इंदौरिया को आरोपी बनाया। जांच के बाद न्यायालय में चालान पेश किया।
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एससी-एसटी और ओबीसी संयुक्त मोर्चा का शक्ति प्रदर्शन, भेल दशहरा मैदान में जुटे लोग
भोपाल में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा का महासम्मेलन रविवार को भेल दशहरा मैदान में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेशभर से बड़ी संख्या में लोग जुटे। सम्मेलन में मंच से नेताओं ने सामाजिक न्याय, आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों को लेकर सरकार के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया।
नेताओं का कहना था कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग को आज भी शिक्षा, रोजगार, प्रशासन और न्याय व्यवस्था में बराबरी का हक नहीं मिल पा रहा है। संविधान में जो अधिकार इन वर्गों को दिए गए हैं, उनका पूरा लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच रहा है। इसी को लेकर सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम 20 सूत्रीय ज्ञापन सौंपने की बात कही गई।
संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट किया कि इस महासम्मेलन का उद्देश्य समानता, सामाजिक न्याय, सम्मान और उचित प्रतिनिधित्व की मांग को मजबूती से उठाना है। साथ ही लंबे समय से लंबित सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित कर उन्हें जल्द हल कराने की मांग भी सम्मेलन के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल रही।
संयुक्त मोर्चा की ये हैं प्रमुख मांगें-
IAS अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ जारी नोटिस और डोप्ट को भेजा गया प्रस्ताव तत्काल वापस लिया जाए।
ओबीसी को उनकी जनसंख्या के अनुपात में 52% आरक्षण दिया जाए।
ओबीसी के रोके गए 13% पद तुरंत खोले जाएं और नियुक्ति पत्र जारी हों।
ओबीसी, एससी और एसटी के खाली व बैकलॉग पदों को विशेष भर्ती अभियान चलाकर भरा जाए।
निजी और आउटसोर्स कार्यों में ओबीसी, एससी और एसटी को जनसंख्या के अनुसार आरक्षण मिले।
सरकारी सेवाओं में ओबीसी को भी एससी-एसटी की तरह पदोन्नति में आरक्षण दिया जाए।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) दोबारा लागू की जाए।
सफाई कर्मचारियों को ठेका प्रथा से मुक्त कर नियमित किया जाए।
सिविल जज भर्ती परीक्षा 2022 पर पुनर्विचार किया जाए।
आगे सिविल जजों की भर्ती एमपीपीएससी के माध्यम से कराई जाए।
जिला अदालतों के कर्मचारियों की भर्ती कर्मचारी चयन आयोग से हो।
हाईकोर्ट जजों की नियुक्ति में ओबीसी, एससी और एसटी को जनसंख्या के अनुसार प्रतिनिधित्व मिले।
कॉलेजियम व्यवस्था समाप्त कर राष्ट्रीय न्यायिक आयोग का गठन किया जाए।
ओबीसी, एससी और एसटी छात्रों की लंबित छात्रवृत्ति शीघ्र जारी की जाए।
छात्रावासों की संख्या बढ़ाई जाए।
16 दिसंबर 2025 को पारित संविदा और आउटसोर्स से जुड़ा कानून रद्द किया जाए।
वर्ग-3 और वर्ग-4 के पदों पर स्थायी भर्ती की जाए।
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कोयला लेकर जा रहे ट्रक में भीषण आग, ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान
शहडोल। जिले में एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब कोयले से लदे एक ट्रक में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना सोहागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 पर हुई। जहां बुढार से कटनी की ओर जा रहा कोयला लोड ट्रक देखते ही देखते आग का गोला बन गया। ट्रक में आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात बताया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चलती गाड़ी के दौरान ट्रक के अगले हिस्से से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया और कुछ ही पलों में आग की लपटें तेज हो गईं। हालात भांपते हुए ट्रक चालक और खलासी ने सूझबूझ दिखाते हुए चलते ट्रक से कूदकर अपनी जान बचाई। इस घटना में दोनों बाल-बाल बच गए, हालांकि ट्रक पूरी तरह आग की चपेट में आ गया।
हाईवे के बीचो बीच ट्रक में आग लगने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। आग की भयावहता और सड़क पर खड़े जलते ट्रक के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही सोहागपुर पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल यातायात को नियंत्रित करने में जुट गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड को भी मौके पर बुलाया गया,फायर कर्मियों ने पुलिस के सहयोग से घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब जाकर हाइवे पर फंसे वाहनों की आवाजाही धीरे-धीरे बहाल हो सकी।
इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। लेकिन ट्रक और उसमें लदा कोयला पूरी तरह जलकर खाक हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है।
थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडे ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, उन्होंने कहा कि यदि आग को समय पर नहीं बुझाया जाता तो ट्रक में लोड कोयले में भी आग लग सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था,फिलहाल पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और टक्कर के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

प्रमुख समाचार

पटना. बिहार के गया जिले के बोधगया थाना क्षेत्र के अमवां गांव में सिर्फ एक इंच जमीन के विवाद ने परिवारिक कलह को भयानक रूप ले लिया और एक ही परिवार के तीन सदस्यों पति, पत्नी और उनके ढाई साल के मासूम बेटे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई.घायलों को तुरंत मगध मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. पीडि़त परिवार की पहचान राणाफुलेश्वर (35), उनकी पत्नी नीलू कुमारी (28) और पुत्र विष्णु कुमार (2.5) के रूप में हुई है.नीलू कुमारी...

मध्य प्रदेश

झाबुआ। झाबुआ में चल रहे वार्षिक महाराज के मेले में सोमवार को दोपहर बाद एक बड़ा हादसा हो गया। मेले में लगा एक विशालकाय नाव शेप वाला झूला अचानक चलते समय टूटकर गिर गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। हादसे में पीएम श्री स्कूल की तीन बालिकाएं घायल हो गईं। वही करीब डेढ़ दर्जन सामान्य घायल बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिजली से चलने वाले झूले में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई गई थीं। इसी कारण झूला का संतुलन बिगड़ने के बाद बीच से एक्सल आदि...

अपराध

शहडोल। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर शहडोल का ऐतिहासिक बाणगंगा मेला आस्था और संस्कृति का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इस बार यही मेला फूहड़ता और अश्लीलता का मंच बन गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर अश्लील बॉलीवुड और भोजपुरी गानों पर लगे ठुमकों ने न सिर्फ मर्यादा तोड़ी, बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आयोजित होने वाला शहडोल का ऐतिहासिक बाणगंगा मेला इस बार धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के बजाय फूहड़ता और अश्लीलता को लेकर...
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गुना सिटी

गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) गुना बमौरी थाना पुलिस द्वारा एक महिला से दुष्‍कर्म के गंभीर मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया है ।विगत दिनांक 15 जनवरी 2026 को 36 वर्षीय एक महिला फरियादिया द्वारा सागर जिले के बहेरिया थाने में आरोपी मुकेश पुत्र सरदार सिंह धाकड़, निवासी ग्राम बेरखेड़ी, थाना शमशाबाद, जिला विदिशा के विरुद्ध गंभीर आरोपों के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई गई । फरियादिया के अनुसार आरोपी द्वारा वर्ष 2015 में उसे गुना जिले के केंट थाना क्षेत्र में...

फोटो गैलरी

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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