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ग्वालियर. एमपी के भिंड में नेशनल हाईवे-719 पर गोहद इलाके में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी देर रात करीब 1 बजे तेज रफ्तार पिकअप सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई. इससे 8 लोगों की मौत हो गई. 23 घायल हैं. इनमें ट्रक ड्राइवर भी शामिल है.
पिकअप में कुल 29 मजदूर सवार थे. सभी अलग-अलग गांव के थे. ये लोग ग्वालियर से धान की रोपाई का काम पूरा कर घर लौट रहे थे. पहले चार मजदूरों की मौत और 25 के घायल होने की जानकारी आई थी. हादसे के बाद गोहद चौराहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया. पांच शव गोहद और तीन शव ग्वालियर में रखे गए हैं. शवों की पहचान की जा रही है.
थाना प्रभारी रामनरेश यादव के मुताबिक पिकअप की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा होने का अनुमान है. छीमका गांव के पास हाईवे पर कुछ गायें सड़क पर बैठी थीं. अचानक सामने आए मवेशियों को बचाने के प्रयास में ड्राइवर ने पिकअप मोड़ी और सामने से आ रहे ट्रक से टक्कर हो गई. टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. मजदूरों को गंभीर चोटें आईं. पुलिस और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को वाहन से बाहर निकालने में मदद की.
थाना प्रभारी रामनरेश यादव ने बताया कि पिकअप में सवार मजदूर ग्वालियर क्षेत्र में धान की रोपाई के लिए आए थे. काम पूरा होने के बाद सभी यूपी के लखीमपुर खीरी स्थित अपने गांव लौट रहे थे.
शुरुआती जांच में सड़क पर बैठी गायों को बचाने की कोशिश को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है. रात में तेज गति से चलने वाले वाहनों के सामने अचानक मवेशी आने से हादसे का खतरा बढ़ जाता है. हादसे के बाद कुछ समय तक हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा. पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सामान्य कराया.

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12 करोड़ के ऑनलाइन गेमिंग स्कैम में रसूखदारों को बचाने पर भड़की अदालत, DGP को जांच के निर्देश
जबलपुर। मध्य प्रदेश के कटनी जिले से जुड़े चर्चित ऑनलाइन गेमिंग और 12 करोड़ रुपये के मनी ट्रेल मामले में हाईकोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। जांच में पक्षपात और बड़े रसूखदार लोगों को बचाने के आरोपों पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पूरे मामले की निष्पक्ष और निष्पक्षता से जांच कराने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि 12 करोड़ रुपये के भारी-भरकम मनी ट्रेल में कई बड़े और प्रभावशालियों के नाम सामने आए थे लेकिन पुलिस जांच में उन्हें जानबूझकर बाहर रखा गया।
कोर्ट के समक्ष यह बात लाई गई कि मामले में चार्जशीट दाखिल करने से पहले कटनी कंप्यूटर के मालिक समेत अन्य प्रमुख संदिग्धों से आवश्यक पूछताछ तक नहीं की गई। इस सट्टेबाज़ी और ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड मामले में योगेश बजाज और अन्य को आरोपी बनाया गया है।
जांच में हुई इस गंभीर लापरवाही और लीपापोती को आधार बनाकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने डीजीपी को निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
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2 साल के मासूम का अपहरण कर हत्या, घर के पास मिला शव, गांव में तनाव
नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत काचरकोना गांव से एक दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां सोते समय महज 2 साल के मासूम बच्चे को अगवा कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना के बाद घर के कुछ ही दूरी पर बच्चे का शव मिलने से परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में भारी तनाव व आक्रोश का माहौल व्याप्त है।
मिली जानकारी के मुताबिक, वारदात बीती रात की है। रात करीब 11 बजे जब मासूम की मां की नींद खुली, तो बच्चा बिस्तर से गायब था। परिजनों ने तुरंत आसपास उसकी खोजबीन शुरू की, लेकिन कुछ ही देर में घर के पास ही मासूम का शव बरामद हुआ। परिजनों ने गांव की ही एक महिला पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है।
घटना की सूचना मिलते ही तेंदूखेड़ा पुलिस भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए तत्काल फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वॉड की टीम को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया है।
संदीप भूरिया, एडिशनल एसपी (ASP), नरसिंहपुर ने कहा-“मामले की हर एंगल से गहनता से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई जारी है। जल्द ही आरोपी को चिन्हित कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”

इंदौर। गोराकुंड की यह सड़क करीब तीन साल पहले स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 40 करोड़ रुपए की लागत से बनाई गई थी। पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान अचानक पानी का तेज बहाव शुरू हुआ, जिससे डामर और पेवर ब्लॉक उखड़ गए। घटना के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता और नई पाइपलाइन की टेस्टिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सोमवार को गोराकुंड क्षेत्र में सड़क पर सामान्य आवाजाही चल रही थी, तभी अचानक नीचे से पानी का तेज बहाव आने लगा। देखते ही देखते सड़क का हिस्सा टूट गया और वहां बड़ा गड्ढा बन गया। पानी के दबाव से डामर और पेवर ब्लॉक उखड़कर दूर जा गिरे। सड़क से गुजर रहे कार, ऑटो और बाइक सवार अचानक हुई घटना से घबरा गए और कई लोग अपनी गाड़ियां छोड़कर सुरक्षित जगह की ओर भागने लगे। घटना का वीडियो मंगलवार को सामने आया है।
जानकारी के मुताबिक, गोराकुंड इलाके में 24 घंटे पानी सप्लाई के लिए नई पाइपलाइन पहले ही बिछाई जा चुकी है। इंजीनियर कनेक्शन जोड़ने के बाद पाइपलाइन की टेस्टिंग कर रहे थे। इसी दौरान पाइप में पानी का दबाव बढ़ा और सड़क का हिस्सा अचानक टूट गया। पानी सड़क पर फैलने से आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई।
गोराकुंड की सड़क करीब तीन साल पहले स्मार्ट सिटी के एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के तहत विकसित की गई थी। एमजी रोड और आसपास के इलाकों में सड़क समेत कई सुविधाओं के विकास पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं। ऐसे में सड़क का इस तरह टूटना निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी सड़क पानी के दबाव को क्यों नहीं झेल सकी, इसकी जांच होनी चाहिए।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पाइपलाइन बिछाने और सड़क निर्माण से जुड़े कामों की गुणवत्ता की जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि नई पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान सड़क का टूटना गंभीर विषय है। इससे यह भी सवाल उठ रहा है कि पाइपलाइन और सड़क के काम के बीच सही समन्वय हुआ था या नहीं। अब पूरे मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सड़क पानी के दबाव से क्यों धंसी और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।
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लाड़ली लक्ष्मी-बहनों को 5 साल तक मिलते रहेंगे रुपये, इस बार रक्षाबंधन पर 250 अतिरिक्त मिलेंगे
भोपाल. मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मियों को सरकारी सहायता मिलती रहेगी. मंगलवार को कैबिनेट बैठक में इन दोनों योजनाओं को अगले 5 साल तक जारी रखने का फैसला लिया गया है. सरकार लाड़ली बहना योजना पर 1,14,365 करोड़ और लाड़ली लक्ष्मी योजना पर 16,326 करोड़ रुपए खर्च करेगी.
कैबिनेट ने मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम में 35 नए पदों समेत 18 प्रस्तावों को मंजूरी भी दी है. निगम में पहले से स्वीकृत 7 पद 19 सितंबर 2026 के बाद अगले पांच साल तक बने रहेंगे. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है. इसमें 60त्न केंद्र जबकि 40त्न राज्य का हिस्सा रहेगा.
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में इस बार रक्षाबंधन पर लाभार्थियों को 250 रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे. हर महीने मिलने वाली 1500 रुपए की किस्त के साथ यह राशि जुडऩे से 19 अगस्त को लाड़ली बहनों के खातों में कुल 1750 रुपए पहुंचेंगे. उज्ज्वला योजना का लाभ लेने वाली पात्र महिलाओं को भी इस बार 250 रुपए की अतिरिक्त राशि दी जाएगी.
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा- लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की मौजूदा योजनाओं को भी अगले पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है. इनमें नए उप स्वास्थ्य केंद्र बनाने, अस्पतालों और डिस्पेंसरी के लिए बिल्डिंग निर्माण की योजनाएं शामिल हैं. उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाला अतिरिक्त प्रोत्साहन और कृषि विकास विभाग की 500 करोड़ रुपए से कम वित्तीय आकार वाली तीन योजनाएं भी अगले पांच साल तक जारी रहेंगी. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन यानी नमन मिशन को कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है. इसका उद्देश्य नर्मदा से जुड़े संरक्षण और विकास कार्यों को संस्थागत रूप से आगे बढ़ाना है.
मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की 'अनुसंधान, योजना तथा विकासीय गतिविधियां, निर्देशन एवं प्रशासन और 'विज्ञान को लोकप्रिय करना, विज्ञान के प्रसार हेतु सहायताÓ योजनाओं को भी जारी रखने की मंजूरी मिली है. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में पांच साल के लिए 492 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाएं प्रस्तावित हैं.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक से पहले कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले से 5 से 15 साल के बच्चों में प्रतिभाओं की खोज के लिए टैलेंट हंट अभियान चलाने की बात कही है. युवाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग का बड़ा नेटवर्क तैयार किया जाएगा. देश के एक करोड़ युवाओं को एआई स्किल की ट्रेनिंग दी जाएगी. दुनिया का सबसे लोकतांत्रिक युवा देश होने के नाते एआई के विस्तार और विकास में भारत की अहम भूमिका होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त भारत के लिए देश में 100 सप्ताह का बड़ा अभियान चलाया जाएगा. इसमें प्रमुख हस्तियों, समाजसेवी संस्थाओं और हर वर्ग के लोगों को जोड़ा जाएगा. उन्होंने सिविल डिफेंस नेटवर्क तैयार करने की आवश्यकता भी बताई.
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जनसुनवाई में युवक को डॉग की वेशभूषा पहनाकर पहुंचे निगम नेता प्रतिपक्ष, कुत्तों की नसबंदी पर उठे सवाल
खंडवा। खंडवा नगर निगम में आवारा कुत्तों की नसबंदी और उनके नियंत्रण को लेकर नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर कलेक्टर की जनसुनवाई में ज्ञापन सौंपकर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया है कि, पिछले चार वर्षों में आवरों कुत्तों की नसबंदी के नाम पर करीब 40 लाख रुपये खर्च किए जाने के बावजूद संख्या में कमी नहीं आई है। इसके विरोध में नेता प्रतिपक्ष ने युवक को डॉग की वेशभूषा में लेकर जनसुनवाई में पहुंचे ।
खंडवा नगर निगम में विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर ने आरोप लगाते हुए कहा कि, पिछले चार वर्षों में करीब 13,225 लोग डॉग बाइट का शिकार हुए हैं। इससे शहर के बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों में भय का वातावरण बना हुआ है। नसबंदी कार्य में खर्च हुई राशि की वित्तीय एवं तकनीकी जांच कराने, संबंधित टेंडर की पूरी प्रक्रिया, कंपनी की पात्रता, दस्तावेज की जांच की जाए।
साथ ही नसबंदी किए गए कुत्तों की वास्तविक संख्या, उनकी पहचान, भुगतान और कार्य की गुणवत्ता का मौके पर भौतिक सत्यापन भी होना चाहिए। इसके अलावा यदि किसी अपात्र कंपनी को नियमों के विरुद्ध टेंडर दिया गया है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार कंपनी के खिलाफ एफआईआर एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। इस मामले को लेकर अपर कलेक्टर काशीराम बडोले ने कहा कि, जो शिकायत मिली है उसकी जांच कराएंगे। अगर कोई दोषी होता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।

देश के बड़े और नामचीन इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले का सपना देखने वाले छात्रों और उनके परिजनों को अपना शिकार बनाने वाले एक बेहद शातिर और हाईटेक गिरोह का मुंबई पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. फर्जी एडमिशन दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए पवई पुलिस ने पुणे से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया. कार्रवाई में 22 मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य सामान जब्त किये है जिनकी कीमत कुल कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है.
मामले का खुलासा एक महिला की शिकायत के बाद हुआ. पुलिस के अनुसार आरोपी इंस्टाग्राम पर विज्ञापन के जरिए छात्रों और अभिभावकों से संपर्क करते थे.
मुंबई की पवई पुलिस ने इंस्टाग्राम के जरिए देश के नामी इंजीनियरिंग कॉलेजों में फर्जी एडमिशन दिलाने वाले एक बड़े अंतर-राज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है. आरोपियों का यह गिरोह इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देश भर के प्रसिद्ध संस्थानों में मैनेजमेंट या NRI कोटे से एडमिशन दिलाने के लुभावने विज्ञापन पोस्ट करता था.
तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस को पता चला कि यह पूरा नेक्सस पुणे से संचालित हो रहा था. गिरोह ने पुणे में दो बकायदा कॉल सेंटर खोल रखे थे. फर्जी सिम और व्हाट्सऐप नंबरों के जरिए बातचीत कर नामी कॉलेजों में एडमिशन दिलाने का भरोसा दिया जाता था. एडमिशन पक्का कराने के नाम पर आरोपियों द्वारा टोकन मनी, एडवांस या पहले साल की फीस के तौर पर लाखों रुपये वसूले जाते थे.
मामले का खुलासा एक महिला की शिकायत के बाद हुआ जब उसने पुलिस को बताया कि इंस्टाग्राम पर techorbit1111 नाम के अकाउंट के जरिए उससे संपर्क किया गया था. आरोपियों ने IIIT हैदराबाद में एडमिशन दिलाने के नाम पर करीब 16 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए.
फर्जी एडमिशन दिलाने की सूचना पक्की होने पर पवई पुलिस ने पुणे के दोनों कॉल सेंटरों पर एक साथ छापेमारी की और वहां से 10 आरोपियों को धर दबोचा. उनमें से 5 आरोपी बीटेक (B.Tech) ग्रेजुएट इंजीनियर हैं. छापेमारी के दौरान पुलिस ने 22 मोबाइल फोन, 23 सिम कार्ड, एक HP लैपटॉप, दो हार्ड डिस्क, सात डेबिट कार्ड, एक जियोबुक और दो कारें बरामद कीं.
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सुप्रीम कोर्ट, चुनाव में गलत हथकंडे अपनाने वाले उम्मीदवारों पर सख्त, सत्ता बदलते ही केस वापस लेने के खेल पर रोक
नई दिल्ली. भारतीय चुनावी राजनीति में काले धन और अनुचित साधनों के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद कड़ा फैसला सुनाया है। अक्सर देखा जाता है कि चुनाव के दौरान गड़बड़ी या काले धन के इस्तेमाल के आरोपी नेताओं पर सरकार बदलते ही राजनीतिक रसूख के चलते दर्ज मुकदमे वापस ले लिए जाते हैं। इस मनमानी पर कड़ा प्रहार करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि अब चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने के लिए संबंधित उच्च न्यायालय (हाई कोर्ट) की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। सांसदों-विधायकों की तरह उम्मीदवारों पर भी लागू होगा नियम जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन.के. सिंह की पीठ ने मौजूदा सांसदों और विधायकों से जुड़े पुराने नियम का हवाला देते हुए यह बड़ा आदेश दिया। पीठ ने कहा कि जिस तरह मौजूदा सांसदों और विधायकों के मुकदमे केवल हाई कोर्ट की मंजूरी के बाद ही वापस हो सकते हैं, ठीक वही नियम अब चुनाव लडऩे वाले सामान्य उम्मीदवारों पर भी समान रूप से लागू होगा। अदालत ने टिप्पणी की कि यह कदम चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता लाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। इससे संभावित उम्मीदवारों को कड़ा संदेश जाएगा कि गलत काम करके कोई भी नेता सिर्फ सत्ता परिवर्तन के दम पर बच नहीं सकता। राजनीतिक लाभ के लिए केस वापस लेना न्याय प्रणाली के खिलाफ अदालत ने राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद मुकदमों को वापस लेने की परिपाटी पर गंभीर चिंता जताई। पीठ ने कहा कि यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि राजनीतिक बदलाव के बाद अक्सर ऐसे अनुचित फैसले लिए जाते हैं, जो निष्पक्ष आपराधिक न्याय प्रणाली की मूल भावना के पूरी तरह खिलाफ हैं। अदालत ने जोर देकर कहा कि एक जीवंत संवैधानिक लोकतंत्र अपने प्रतिनिधियों से नैतिक ईमानदारी और निष्पक्षता की पूरी उम्मीद रखता है। लोकतंत्र, कानून का शासन और पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया एक-दूसरे से पूरी तरह जुड़े हुए हैं और इनमें से किसी से भी समझौता व्यवस्था को कमजोर करता है। 10 लाख से ज्यादा कैश मिलने पर शिकंजा, 1 साल में जांच पूरी करने का निर्देश काले धन के बेलगाम इस्तेमाल पर लगाम कसने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि चुनाव के दौरान चेकिंग में यदि स्टैटिक सर्विलांस टीम को 10 लाख रुपये से अधिक की नकदी मिलती है, तो तुरंत इनकम टैक्स विभाग को सक्रिय कर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, अदालत ने जांच अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि केस दर्ज होने की तारीख से एक साल के भीतर जांच हर हाल में पूरी की जाए, ताकि चुनावी भ्रष्टाचार में लिप्त नेताओं को समय पर सजा दिलाई जा सके। 
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विरोध की आवाज दबाने सोशल मीडिया पर सेंसरशिप, 5 महीने में ब्लॉक किए 1.95 लाख अकाउंट… खरगे का सरकार पर हमला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार (18 अगस्त) को मोदी सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला किया है. खरगे ने मोदी सरकार पर विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि मार्च और जुलाई 2026 के बीच सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को 1.95 लाख ब्लॉकिंग आदेश जारी किए. उन्होंने इसे सरकार के खिलाफ बोलने, सवाल करने और असहमति जताने के लोकतांत्रिक अधिकार पर सुनियोजित हमला बताया. उन्होंने कहा कि सरकार की सोशल मीडिया रोक लगाने की कार्रवाई उतनी ही निंदनीय है, जितना युवाओं पर किया गया लाठीचार्ज और पैलेट गन का इस्तेमाल करना है.
खरगे ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कहा ‘मोदी सरकार ने बोलने, सवाल करने और असहमति व्यक्त करने के प्रत्येक भारतीय के लोकतांत्रिक अधिकार पर अपना सबसे दुस्साहसी और सुनियोजित हमला किया है. सोशल मीडिया पर उसकी सेंसरशिप उतनी ही निंदनीय है जितनी कि हमारे युवाओं पर लाठीचार्ज और पेलेट गन का इस्तेमाल!’.
खरगे के मुताबिक, केंद्र सरकार ने पांच महीनों में करीब 1.95 लाख ब्लॉकिंग आदेश जारी किए गए. उन्होंने कहा ‘आज हम जो देख रहे हैं वह तो बस हिमबर्ग का एक छोटा सा हिस्सा है. महज 5 महीनों में 1.95 लाख ब्लॉकिंग ऑर्डर. हर 68 सेकंड में एक. ये अपराधियों के खिलाफ नहीं, बल्कि छात्रों, उन युवा भारतीयों के खिलाफ हैं जो अपने भविष्य और धांधली वाली परीक्षाओं के लिए जवाबदेही की मांग करते हुए सड़कों पर उतरे थे. दिन दहाड़े हड्डियां तोड़ी गईं. और ठीक उसी समय, एक-एक पोस्ट और एक-एक वीडियो के जरिए, उनका समर्थन करने वाली हर आवाज को सरकार के सीधे आदेश से इंटरनेट से व्यवस्थित रूप से मिटाया जा रहा था’.
इसके साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष ने सत्तारूढ़ पार्टी के समर्थकों पर ऑनलाइन उत्पीड़न का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि महिलाओं की निजी जानकारी सार्वजनिक की जा रही है और उन्हें बलात्कार की धमकी दी जा रही है. उन्होंने कहा ‘आजकल इस सरकार की आलोचना करने वाला कोई भी रचनाकार, पत्रकार या आम नागरिक, तुरंत हटाए जाने, धमकी भरे एफआईआर नोटिस और सुनियोजित धमकियों का सामना करता है. वहीं दूसरी ओर, सत्ताधारी पार्टी के अंधभक्त बेखौफ होकर महिलाओं की निजी जानकारी लीक करते हैं, बलात्कार की धमकियां देते हैं और संगठित उत्पीड़न अभियान चलाते हैं. उन पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होती, क्योंकि प्रधानमंत्री खुद ऐसे कई ट्रोल्स को फॉलो करते हैं!. मोदी सरकार ने पोस्ट हटाने का समय घटाकर 3 घंटे कर दिया है और सेंसरशिप को इतना स्वचालित कर दिया है कि आवाज दबाने से पहले कोई इंसान आदेश पढ़ता तक नहीं है’.
जंतर-मंतर पर कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा है. पुलिस ने अपने हलफनामे में कहा कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए उसके जवानों ने अधिकतम संयम बरता और केवल उतने ही बल का इस्तेमाल किया, जितना जरूरी था. हलफनामे में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों के हिंसक होने और संसद की ओर मार्च करने के प्रयास में कई बैरिकेड तोड़ देने के बाद स्थिति बिगड़ गई.
यह हलफनामा उन याचिकाओं के जवाब में दाखिल किया गया है, जिनमें प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया गया है. दिल्ली के पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने हलफनामे में नुकीली कीलों वाली लाठियों के इस्तेमाल के आरोपों का भी जवाब दिया. उन्होंने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि इसके समर्थन में पेश किया गया वीडियो केवल एक अकेली रिकॉर्डिंग है.

भोपाल। राजधानी के श्यामला हिल्स थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 17 वर्षीय नाबालिग किशोर की हत्या के मामले में पुलिस की जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि करीब 2 करोड़ रुपये के लालच में किशोर की नृशंस हत्या की गई और उसके अंगों (प्राइवेट पार्ट) को काटकर विदेश में बेचने की अंतरराष्ट्रीय साजिश रची गई थी।
मृतक किशोर अपने परिवार का इकलौता बेटा था और मोती मस्जिद, इकबाल मैदान व आसपास के इलाकों में घूम-घूमकर पेन-कॉपी बेचता था। उसकी इस छोटी सी कमाई से ही पूरे परिवार का गुजर-बसर होता था। 6 अगस्त को वह संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक लापता हो गया था, जिसके बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी।
लापता होने के 5 दिन बाद, यानी 11 अगस्त को छोटे तालाब के पास किशोर का शव बरामद हुआ। शव की हालत देखकर परिजनों ने चप्पल और कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान की। शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तुरंत हत्या (मर्डर) का मामला दर्ज किया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए श्यामला हिल्स थाना पुलिस ने करीब 13 संदिग्धों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस अंतरराष्ट्रीय सौदेबाजी के पीछे कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं। फिलहाल, मृतक का गायब अंग अभी तक बरामद नहीं हो सका है, जिसके लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

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ग्वालियर एसपी ऑफिस में बवाल, कांग्रेस जिला महामंत्री ने किया सुसाइड, अस्पताल में डॉक्टर ने मृत घोषित किया
ग्वालियर. ग्वालियर पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां पहुंचे कांग्रेस के जिला महामंत्री ने अचानक आत्महत्या कर ली. आनन-फानन में पुलिसकर्मी उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने जिला महामंत्री को मृत घोषित कर दिया.
ग्वालियर एसपी ऑफिस में सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे अचानक हंगामा हो गया. कांग्रेस नेता राजेश किरार किसी काम से कार्यालय पहुंचे थे. कुछ देर परिसर में बैठे रहे, वे एसपी के पास अपनी एक परेशानी लेकर पहुंचे थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो पायी. इसी दौरान उन्होंने एसपी ऑफिस परिसर में आत्मघाती कदम उठा लिया. ऐसा करने के चंद मिनटों में उनकी तबीयत बिगड़ गई और एसपी कार्यालय के बाहर ही बेहोश होकर गिर पड़े.
अचानक शख्स को गिरते देख आसपास मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन उनके मुंह से झाग निकल रहा था. वहीं ग्वालियर एसपी को भी इस घटना की जानकारी बाहर खड़े पुलिसकर्मियों ने दी. ऐसे में तुरंत एसपी ने शासकीय वाहन से राजेश किरार को जयारोग्य अस्पताल के हजार बिस्तर बिल्डिंग पहुंचाया. जहां डॉक्टर ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. जिसके बाद उनका शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे कांग्रेस नेता रवीन्द्र सिंह ने बताया कि, राजेश किरार बीते 25 सालों से कांग्रेस से जुड़े हुए थे और वर्तमान में जिला महामंत्री थे. सुनने में आया है और उनके पास से एक सुसाइड नोट मिला है. जिससे पता चला है, कुछ लोग उन्हें लेन देन को लेकर प्रताडि़त कर रहे थे. वे कौन लोग थे, इसका जिक्र सुसाइड नोट में है. उन्होंने मुख्यमंत्री से भी अपील की है कि, ग्वालियर में ऐसा कोई महीना नहीं जाता, जब सूदखोरों की वजह से किसी की जान नहीं जाती, ऐसे में इस मामले में जो भी दोषी हैं, उन पर सख्त कार्रवाई कराई जाए.
सीएसपी रोबिन जैन ने बताया, राजेश किरार कोई जहरीला पदार्थ खा कर आए थे और एसपी ऑफिस में उनकी तबीयत बिगड़ गई. इसलिए तुरंत अस्पताल भिजवाया गया था. उनकी मौत की सूचना परिजन को भी दे दी गई. जिनसे पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि, उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया. हालांकि यह बात सामने आ रही है कि वह किसी जमीन के कब्जे को लेकर परेशान थे. पूरे मामले में पुलिस जांच कर रही है, साथ ही यह भी पता लगा रही है कि, उन्होंने जहरीला पदार्थ कहां और क्यों खाया था. हालांकि सीएसपी का कहना था की, मौत से पहले राजेश की किसी पुलिस कर्मी से कोई चर्चा नहीं हुई है. इसलिए मामला अभी जांच का विषय है.
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घर से एक साथ उठीं 2 अर्थियां , अंतिम सांस तक नहीं छूटा गोपाल-रेखा का साथ
उज्जैन। छुट्टी के दिन बेटे से मिलने जा रहे दंपति के साथ बड़ी अनहोनी हो गई। गोपाल और रेखा के घर उस समय कोहराम मच गया जब एक साथ दोनो की अर्थियां निकली। इस दौरान पूरे इलाके में गम का माहौल छा गया। जिसने भी ये नाजार देखा वो अपने आंसुओं को रोक नहीं पाया। सोमवार को भी मिलने वाले लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि इतना बड़ा हादसा हो गया।
बता दें कि एमपी में उज्जैन-इंदौर रोड पर टोल के आगे सुबह भीषण सड़क हादसे में आगर के सराफा कारोबारी दंपती की मौत हो गई। उज्जैन से इंदौर बेटे से मिलने जा रहे गोपाल सोनी (60) और उनकी पत्नी रेखा सोनी (53) की कार एमपी 42 सी-2786 आगे चल रहे ट्रक एमपी 15 एचए-0683 में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि कार का अगला हिस्सा और बोनट ट्रक के पिछले हिस्से में काफी अंदर तक धंस गया। हादसे में कार में सवार एक बालिका भी घायल हुई है। बीते दिन घटना के बाद पत्नी-पत्नी की अर्थी एक साथ उठी।
परिजनों के मुताबिक गोपाल सोनी और रेखा सोनी रविवार को छुट्टी के दिन इंदौर में अपने बेटे से मिलने जा रहे थे। उनका एक बेटा इंदौर में फिजिक्स वाला में शिक्षक है, जबकि दूसरा बेटा आगर में परिवार का चांदी का कारोबार संभालता है। गोपाल सोनी मूल रूप से आगर के सराफा कारोबारी परिवार से थे और परिवार का चांदी का कारोबार है। स्थानीय सराफा व्यापारी संगठन से भी उनके जुड़ाव की जानकारी सामने आई है।
हादसा सुबह 11.30 से 12.30 बजे के बीच हुआ। तस्वीरों में कार का अगला हिस्सा ट्रक के पिछले हिस्से में बुरी तरह फंसा दिखाई दे रहा है। कार के चारों तरफ के कांच भी टूट गए। टक्कर कितनी तेज थी इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार में दंपती के साथ पड़ोसी व किराना व्यावसायी मुकेश गर्ग की बेटी ईशिका गर्ग थी। हादसे में उसे भी चोट आई है और उसका भी इलाज इंदौर में चल रहा है।
परिजनों के अनुसार हादसे के बाद संभवतः गोपाल सोनी की कुछ देर तक सांस चल रही थी। बेहतर उपचार की उम्मीद में उन्हें इंदौर के अरविंदो अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। रेखा सोनी का पोस्टमार्टम उज्जैन में कराया गया, जबकि गोपाल का पोस्टमार्टम अरविंदो अस्पताल में हुआ।
गोपाल सोनी के बड़े भाई का करीब 20 वर्ष पहले निधन हो चुका है। इसके बाद परिवार की कई जिम्मेदारियां गोपाल ही संभाल रहे थे। उनकी 85 वर्ष से अधिक उम्र की मां अभी जीवित है। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में मातम पसरा है। हादसे की सूचना पर परिजन मौके और अस्पताल पहुंच गए थे। पीएम के बाद शव उन्हें सौंप दिए गए।
हादसे में दंपती की मौत के बावजूद फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि उज्जैन-इंदौर रोड पर चल रहे ट्रक में कार इतनी तेज या किस परिस्थिति में जा घुसी। नानाखेड़ा पुलिस का कहना है कि घटनास्थल की तस्वीरें टक्कर की भयावहता बताती है, लेकिन दुर्घटना का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों और दोनों वाहनों की स्थिति के आधार पर जांच कर रही है।

शाजापुर। जब कानून के रखवाले ही भक्षक बन जाएं, तो आम जनता इंसाफ की गुहार किससे लगाए? मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ग्राम इकलेरा से खाकी को दागदार करने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ पट्टे की जमीन पर प्लॉट के विवाद को लेकर शाजापुर जिला मुख्यालय में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (ASI) दिलीप कुंभकार ने सरेआम अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस गोलीकांड में गोली लगने से एक बेकसूर युवक की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद राजगढ़ जिले के इकलेरा गाँव में पट्टे की जमीन पर प्लॉट को लेकर हुआ था। गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल इकलेरा निवासी दीपक मोहबे को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि मृतक दीपक का इस जमीन विवाद से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था। वारदात में घायल संतोष और अन्य लोगों को शाजापुर जिले के शुजालपुर सिविल अस्पताल लाया गया, जहां गंभीर हालत को देखते हुए एक घायल को ICU में रखा गया है।
घायल संतोष का कहना है कि उन्होंने पट्टे के प्लॉट विवाद को लेकर पहले ही पुलिस चौकी में आवेदन दिया था, लेकिन समय रहते पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। रविवार को जब वे प्लॉट पर पहुंचे, तो विवाद और झूमाझटकी के बीच आरोपी ASI दिलीप कुंभकार ने अपनी पिस्टल निकालकर गोलियां चला दीं।
घटना की सूचना मिलते ही राजगढ़ जिले की पुलिस टीम शुजालपुर पहुँची और आरोपी ASI दिलीप कुंभकार को हिरासत में ले लिया है। मृतक दीपक के शव को पोस्टमार्टम के लिए शुजालपुर मंडी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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नागपंचमी पर मुंह सिले 20 से ज्यादा कोबरा रेस्क्यू, 12 कथित बाबा और सपेरे गिरफ्तार
जबलपुर। नागपंचमी के पावन पर्व पर आस्था के नाम पर बेजुबान सांपों के साथ होने वाली क्रूरता के खिलाफ वन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जबलपुर वन विभाग की टीम ने ‘ऑपरेशन स्नेक’ चलाकर घर-घर जाकर नुमाइश करने वाले 12 से अधिक सपेरों और कथित बाबाओं को गिरफ्तार किया है।
खुद के चंद रुपयों के फायदे के लिए ये आरोपी कोबरा जैसे विषैले सांपों का मुंह धागे से सिल देते थे और घर-घर जाकर दूध पिलाने के नाम पर अंधविश्वास फैलाते थे। वन विभाग ने मौके से 20 से अधिक कोबरा सांपों को मुक्त कराया है। मुंह सिले होने और चोटिल होने के कारण सभी रेस्क्यू किए गए सांपों को तुरंत इलाज के लिए वेटनरी अस्पताल भेजा गया है।
वन विभाग की टीमों की शहर भर में ताबड़तोड़ छापेमारी और धरपकड़ जारी है। गौरतलब है कि पिछले साल भी वन विभाग ने नागपंचमी के मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए 50 से ज्यादा सांपों को ढोंगी बाबाओं के चंगुल से छुड़ाया था। विभाग ने साफ किया है कि वन्यजीवों के साथ क्रूरता करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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छात्रावास की बदहाली से तंग आकर रात में खिड़की से कूदीं 40 छात्राएं, थाने पहुंचकर बयां किया दर्द
धार। मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित निसरपुर के माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर में छात्रावास की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर हड़कंप मच गया। बीती रात करीब 10 बजे छात्रावास की 91 में से लगभग 40 छात्राएं अव्यवस्थाओं से तंग आकर कमरे की खिड़की से नीचे कूदीं और रात के अंधेरे में ही पैदल कुक्षी थाने की ओर निकल पड़ीं। छात्राओं को अचानक सड़क पर पैदल जाते देख स्थानीय लोगों में चिंता फैल गई और वे सुरक्षा के लिहाज से उनके साथ चलने लगे।
थाने पहुंचीं छात्राओं ने छात्रावास प्रशासन की पोल खोलकर रख दी। छात्राओं का आरोप है कि 50 बेड की क्षमता वाले इस छात्रावास में 140 छात्राओं को ठूंस-ठूंस कर रखा गया है। उन्हें मेन्यू के अनुसार खाना और नाश्ता नहीं दिया जाता। जब वे भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत करती हैं, तो उन्हें यह कहकर चुप करा दिया जाता है कि “खाना पसंद नहीं है तो मत खाओ।” छात्राओं ने यह भी खुलासा किया कि अधिकारियों के निरीक्षण वाले दिन तो व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाती हैं, लेकिन उनके जाते ही स्थिति फिर वैसी ही हो जाती है।
निसरपुर से खंडवा-बड़ौदा मार्ग पर पैदल चलने के दौरान एक छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसे तुरंत कुक्षी के कैलाश हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। निसरपुर पुलिस के काफी समझाने के बावजूद छात्राएं अपनी शिकायतों को लेकर थाने जाने पर अड़ी रहीं। इसके बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने वाहनों का प्रबंध कर सभी छात्राओं को सुरक्षित कुक्षी थाने पहुँचाया।
घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार प्रवीण पाटीदार, एसडीओपी सुनील गुप्ता, टीआई दीपक चौहान और चौकी प्रभारी भुवानसिंह चौहान सहित भारी प्रशासनिक अमला थाने पहुंचा। वहीं जयस (JAYAS) के रविराज बघेल भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं का समर्थन किया। अधिकारियों ने छात्राओं को आश्वासन दिया है कि सुबह एसडीएम के साथ छात्रावास का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से छात्राओं को वापस छात्रावास छोड़ दिया गया। जयस नेता ने चेतावनी दी है कि यदि व्यवस्थाओं में तुरंत सुधार नहीं हुआ और वार्डन ने छात्राओं पर किसी तरह का दबाव बनाने की कोशिश की, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

प्रमुख समाचार

देश के बड़े और नामचीन इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले का सपना देखने वाले छात्रों और उनके परिजनों को अपना शिकार बनाने वाले एक बेहद शातिर और हाईटेक गिरोह का मुंबई पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. फर्जी एडमिशन दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए पवई पुलिस ने पुणे से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया. कार्रवाई में 22 मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य सामान जब्त किये है जिनकी कीमत कुल कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है.मामले...

मध्य प्रदेश

इंदौर। गोराकुंड की यह सड़क करीब तीन साल पहले स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 40 करोड़ रुपए की लागत से बनाई गई थी। पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान अचानक पानी का तेज बहाव शुरू हुआ, जिससे डामर और पेवर ब्लॉक उखड़ गए। घटना के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता और नई पाइपलाइन की टेस्टिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं।सोमवार को गोराकुंड क्षेत्र में सड़क पर सामान्य आवाजाही चल रही थी, तभी अचानक नीचे से पानी का तेज बहाव आने लगा। देखते ही देखते सड़क का हिस्सा टूट गया और...

अपराध

ग्वालियर. एमपी के भिंड में नेशनल हाईवे-719 पर गोहद इलाके में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी देर रात करीब 1 बजे तेज रफ्तार पिकअप सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई. इससे 8 लोगों की मौत हो गई. 23 घायल हैं. इनमें ट्रक ड्राइवर भी शामिल है.पिकअप में कुल 29 मजदूर सवार थे. सभी अलग-अलग गांव के थे. ये लोग ग्वालियर से धान की रोपाई का काम पूरा कर घर लौट रहे थे. पहले चार मजदूरों की मौत और 25 के घायल होने की जानकारी आई थी. हादसे के बाद गोहद चौराहा थाना पुलिस मौके...
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गुना। (गरिमा टीवी न्यूज़) गुना शहर के सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत दिन दहाड़े फिल्मी स्टाइल में आये 10 लोगों ने गुरुद्वारे के सामने एक दुकान के ताले तोड़कर उस पर कब्जा करने की कोशिश की और लोगों के साथ मारपीट की। इस मामले में दुकान मालिक की पत्नी ने पुलिस में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मामले में सात नामजद लोगों को आरोपी बनाया जिसमें 4 अज्ञात लोगों भी शामिल हैं।पुलिस में दर्ज FIR के अनुसार...आवेदिका वीना लाम्वा पत्नी स्व. अशोक लाम्बा उम्र 73 साल निवासी गुरुद्वारा के सामने...

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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