नागपुर। भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी की पत्नी के साथ नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, आर्थिक शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोपों ने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में पुलिस को उस समय बड़ी सफलता मिली जब फरार चल रहा तीसरा और मुख्य आरोपी मौलाना मजरत महमूद मकसूद ने बुधवार देर रात नागपुर के सोनेगांव पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में अय्याज मदारे और उसका सहयोगी अमीन शेख पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अब मौलाना मजरत महमूद मकसूद की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है। जांचकर्ताओं का मानना है कि मौलाना की भूमिका केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं थी, बल्कि कथित धर्म परिवर्तन और जबरन निकाह की प्रक्रिया में उसकी अहम भागीदारी रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
एफआईआर के मुताबिक, पीड़िता और मुख्य आरोपी अय्याज मदारे एक-दूसरे को पहले से जानते थे। दोनों कभी एक ही स्कूल में पढ़ते थे, जिसके कारण उनके बीच पुरानी पहचान थी। आरोप है कि 8 फरवरी 2025 को नागपुर के एक होटल में मुलाकात के दौरान अय्याज ने महिला के पेय पदार्थ में कोई नशीला पदार्थ मिला दिया। महिला के अचेत होने के बाद आरोपी ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। यही सामग्री बाद में ब्लैकमेलिंग का आधार बनी।
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने रिकॉर्ड किए गए वीडियो और तस्वीरों को सार्वजनिक करने तथा महिला के पति तक पहुंचाने की धमकी देकर लगातार दबाव बनाया। इसी डर का फायदा उठाकर उसने कथित तौर पर कई बार दुष्कर्म किया। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के साथ-साथ लगभग चार लाख रुपये भी जबरन वसूल लिए। पुलिस आर्थिक लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
मामले का एक वीडियो भी जांच एजेंसियों के हाथ लगा है, जिसमें पीड़िता रोती हुई दिखाई दे रही है और आरोपी से उसे छोड़ देने की गुहार लगा रही है। महिला का आरोप है कि अय्याज अक्सर किसी बोतल में संदिग्ध तरल पदार्थ लाता था और उसे पीने के लिए मजबूर करता था। इसके बाद वह कुछ धार्मिक मंत्र या शब्द पढ़ता था और इसे सम्मोहन तथा काला जादू बताकर मानसिक दबाव बनाता था। हालांकि इन दावों की वैज्ञानिक और कानूनी जांच अभी जारी है, लेकिन पुलिस ने वीडियो को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में अपने कब्जे में लिया है।
पीड़िता के अनुसार, 31 मई को अय्याज मदारे और अमीन शेख उसे जबरन नागपुर के निकट कलमेस्वर ले गए। वहां मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया क्षेत्र से बुलाए गए मौलाना मजरत महमूद मकसूद ने कुछ धार्मिक प्रक्रियाएं कराईं। महिला का आरोप है कि उसे डराकर और दबाव बनाकर उसकी इच्छा के विरुद्ध ‘कुबूल है’ कहलवाया गया। इसके बाद उसे बताया गया कि उसका धर्म परिवर्तन हो चुका है और अब वह आरोपी की पत्नी है।
जांच एजेंसियां अब कथित निकाहनामा और उससे जुड़े अन्य दस्तावेजों की तलाश कर रही हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया था। मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी संगठित गिरोह या नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो मामले में और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
लंबे समय तक प्रताड़ना झेलने के बाद पीड़िता ने साहस दिखाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक-एक कर तीनों प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब जांच का फोकस साक्ष्यों को मजबूत करने, कथित धर्म परिवर्तन और निकाह से जुड़े दस्तावेजों की पुष्टि करने तथा पूरे मामले के पीछे मौजूद संभावित नेटवर्क का खुलासा करने पर है। इस हाई-प्रोफाइल मामले पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं और पुलिस का दावा है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।
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अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म: पेरिस के वर्साय पैलेस में शांति समझौते पर दोनों देशों ने साइन किया, डोनाल्ड ट्रंप चिल्लाकर बोले- It’s signed
अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म हो गया है। बुधवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक के दौरान पेरिस के वर्साय पैलेस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने युद्ध खत्म करने के समझौते पर डिजिटल साइन किया। दोनों नेताओं के दस्तखत के तुरंत बाद यह समझौता लागू हो गया। इसी के साथ ही पिछले चार महीने से चल रहा अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म हो गया है। ने युद्ध खत्म करने के समझौते पर डिजिटल दस्तखत होने के बाद ट्रंप ने चिल्लाकर कहा- It’s signed.
अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक साइन किए गए एग्रीमेंट की कॉपी ईरान और मध्यस्थ करा रहे देशों को भेज दी गई है। इससे पहले रविवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने एमओयू पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से साइन किए थे।
युद्ध खत्म करने के समझौते पर साइन होने के बाद ईरान ने कहा कि अगले 60 दिनों तक दोनों देशों को संयम बरतना होगा और ऐसे किसी भी राजनीतिक, आर्थिक या सैन्य कदम से बचना होगा जिससे समझौते के क्रियान्वयन और आपसी विश्वास पर नकारात्मक प्रभाव पड़े। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान को अपने तेल की बिक्री बिना किसी परिवहन या बीमा संबंधी प्रतिबंध के करने की अनुमति मिलनी चाहिए। उस बिक्री से होने वाली आय तक उसकी पूरी पहुंच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों तक उसकी पहुंच में मौजूद बाधाओं को हटाने की प्रतिबद्धता जताई है।
डील साइन होने के बावजूद शुक्रवार को अमेरिका-ईरान के अधिकारियों का जिनेवा में मिलने का कार्यक्रम तय है। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाली बैठक का उद्देश्य समझौते पर हस्ताक्षर करना नहीं है। साथ ही, यह बैठक वास्तव में होगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय अगले कुछ घंटों में लिए जाने की उम्मीद है। बता दें कि इससे पहले स्विट्जरलैंड के लूजर्न शहर के पास बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में शुक्रवार को होने वाले हस्ताक्षर समारोह की तैयारी के बीच अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि यह समझौता केवल एक प्रारंभिक ढांचा है। दोनों पक्ष किसी भी समय अंतिम समझौते से पीछे हट सकते हैं।
अमेरिकी सीनेट में डेमोक्रेट सांसदों ने पीस डील की कड़ी आलोचना की है। CBS की रिपोर्ट के मुताबिक, सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शूमर ने कहा कि यह समझौता ‘अमेरिकी की सबसे बड़ी राजनीतिक गलतियों में से एक’ के रूप में याद की जाएगी। शूमर ने आरोप लगाया कि युद्ध से पहले की तुलना में अमेरिका अब अधिक कमजोर स्थिति में है और ट्रंप ने ईरान के सामने सरेंडर कर दिया है।
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NEET-UG री-एग्जाम: मिशन मोड में भारतीय वायुसेना, चार दिनों में 200 से अधिक उड़ानों से पहुंचाए प्रश्नपत्र
21 जून को आयोजित होने वाली NEET-UG री-एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और लीक-प्रूफ बनाने के लिए केंद्र सरकार ने इस बार अभूतपूर्व कदम उठाया है। परीक्षा के प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई की जिम्मेदारी सीधे भारतीय वायुसेना (IAF) को सौंपी गई है। जो पिछले चार दिनों से देशभर में निर्धारित 18 जोन्स तक प्रश्नपत्र पहुंचाने के विशेष अभियान में जुटी हुई है।
पिछले साल पेपर लीक विवाद के बाद सरकार इस बार किसी भी तरह की चूक नहीं चाहती। यही वजह है कि प्रश्नपत्रों के सीलबंद बक्सों को सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के लिए वायुसेना के Mi-17 हेलीकॉप्टरों और बड़े मालवाहक विमानों की तैनाती की गई है। पूरे ऑपरेशन की निगरानी उच्च स्तर पर की जा रही है ताकि सुरक्षा में कोई सेंध न लग सके।
सूत्रों के मुताबिक, 13 जून से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत अब तक वायुसेना 200 से अधिक उड़ानें पूरी कर चुकी है। प्रश्नपत्रों को पहले प्रमुख वितरण केंद्रों तक पहुंचाया गया, जहां से उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विभिन्न परीक्षा केंद्रों तक भेजा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वायुसेना की मदद से प्रश्नपत्रों की ढुलाई तेज, सुरक्षित और पूरी तरह गोपनीय तरीके से संभव हो सकी है।
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों ने देशभर में विवाद खड़ा कर दिया था। 22 लाख से अधिक छात्रों से जुड़ी इस परीक्षा पर सवाल उठने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और परीक्षा को रद्द करना पड़ा।
बता दें कि, NEET पेपर लीक मामला सामने आने के बाद से अबतक 12 छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या की है। सभी मृतक एग्जाम कैंसल होने के बाद से बेहद तनाव में थे। ताजा मामला तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले से सामने आया है जहाँ एक 19 वर्षीय नीट अभ्यर्थी अनुनकीर्तन ने आत्महत्या कर ली है. वह पहले दो बार नीट परीक्षा दे चुकी थी और इस साल एक बार फिर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। इसके अलावा अहमदाबाद के न्यू रानीप इलाके में बुधवार रात करीब 2:30 बजे 17 साल के छात्र ने आनंदम फ्लैट्स के ब्लॉक बी की छठी मंजिल से छलांग लगा दी। पुलिस जांच में पता चला कि छात्र NEET परीक्षा की तैयारी कर रहा था।