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नरसिंहपुर. एमपी के नरसिंहपुर जिले के करेली में शनिवार 17 जनवरी की रात अज्ञात चोरों ने तीन से चार दुकानों के ताले तोड़कर नकदी चोरी की. इस घटना में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि एक दुकान के अंदर चोरों द्वारा लिखी गई धमकी भरी चिट्ठी मिली.
चि_ी में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए लिखा था, भाईजान से पंगा लोगे तो अंजाम बुरा होगा और तुम हिंदू हो, हिंदू जैसे रहो. इस पत्र के सामने आने के बाद क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल बन गया है.
पीडि़त दुकानदार प्रदीप साहू ने बताया कि उनकी दुकान के ताले तोड़कर दराज में रखे करीब 10 से 15 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए गए हैं. उन्होंने कहा कि चोरी से ज्यादा चिंताजनक धमकी भरी चि_ी है. प्रदीप साहू के अनुसार, इस तरह की भाषा और संदेश न केवल उन्हें, बल्कि पूरे समाज और प्रशासन को खुली चुनौती देने जैसा है. उन्होंने प्रशासन से आरोपियों को जल्द पकड़कर कठोर सजा देने की मांग की है.
करेली थाना प्रभारी रत्नाकर हिंगवे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और सभी संभावित बिंदुओं पर जांच की जा रही है. थाना प्रभारी के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर यह प्रतीत होता है कि चोरी मुख्य उद्देश्य नहीं था, बल्कि किसी विशेष दुकान या व्यक्ति को धमकाने के इरादे से यह हरकत की गई है.

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युवक का अपहरण और बंधक बनाकर मारपीट, पुलिस जांच में जुटी
छिंदवाड़ा। शहर के स्थानीय थाना क्षेत्र में रुपए के लेन-देन के पुराने विवाद ने उस समय तूल पकड़ लिया जब रिंकी खंडूजा नामक व्यक्ति पर मारपीट और अभद्र व्यवहार करने के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक वित्तीय लेन-देन को लेकर हुई थी, जो पिछले कुछ समय से लंबित था।
पीड़ित देशराज बंसल ने पुलिस शिकायत में बताया कि आरोपी रिंकी खंडूजा से उसका 52 लाख रुपए का लेनदेन था जिसे लेकर आरोपी ने न केवल उसके साथ गाली-गलौज की, बल्कि उसका अपहरण करके अलग-अलग स्थान में ले जाकर शारीरिक रूप से हमला कर उसे चोटें भी पहुंचाईं। घटना के बाद पीड़ित तुरंत स्थानीय थाने पहुंचा और आपबीती सुनाई।
​पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित की शिकायत पर रिंकी खंडूजा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पीड़ित के शरीर में एवं पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि घटना की सत्यता की पुष्टि की जा सके। फिलहाल, पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।
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वायरस से हड़कंप: नीमच के बाद इस जिले में संक्रमित की पहचान, 2 बच्चों की हो चुकी है मौत
मंदसौर। मध्य प्रदेश में GBS वायरस अब अपने पैर पसार रहा है। नीमच के मनासा में 2 बच्चों की जान लेने के बाद अब यह संक्रमण मंदसौर तक पहुंच गया है। हाल ही में कोटड़ा गांव में संक्रमण का नया केस सामने आया है जहां 50 साल के गोपाल पाटीदार इससे संक्रमित पाए गए, जिसके बाद उन्हें इंदौर के चरक अस्पताल में भर्ती किया गया है।
अधेड़ में GBS के लक्षण मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सुबह ही ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर स्वास्थ विभाग की टीम के साथ गांव के 722 घरों का दौरा किया। 3801 लोगों की स्कैनिंग कर सभी की बीमारी की जानकारी ली गई। इस दौरान 8 लोगों को बुखार मिला, जिनके ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए।
मेडिकल कॉलेज की टीम भी को गांव पहुंची और लोगों की स्कैनिंग में जुट गई। भानपुरा से PHE टीम ने पानी के सैंपल कलेक्ट किए। जिस मरीज में जीबीएस के लक्षण पाए गए हैं, वह 20 दिन से बीमार चल रहे था। पहले गरोठ के कुरेशी अस्पताल गया और फिर कोटा पहुंचा। जहां से इंदौर के दो अलग-अलग अस्पतालों में उन्होंने इलाज कराया। चरक अस्पताल से ही स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मिला।
गौरतलब है कि शनिवार को नीमच के मनासा कस्बे में गुलियन-बेरी सिंड्रोम (GBS) से दो बच्चों की मौत हो गई। 15 लोग संक्रमित पाए गए, जिनमें 6 की पुष्टि हुई थी।

ग्वालियर। अपर सत्र न्यायालय ने बच्चे की हत्या के आरोप में उसकी मां ज्योति राठौर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर सजा का फैसला किया, क्योंकि घटना दिनांक का कोई साक्ष्य नहीं था। जबकि प्रेमी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। दरअसल घटना 28 अप्रेल 2023 की है। रश्मि राठौर अपने प्रेमी के साथ छत पर मौजूद थी। इसी बीच उसका बच्चा आ गया।
बच्चे ने मां को प्रेमी उदय इंदौरिया के साथ देख लिया। इससे नाराज होकर ज्योति ने बच्चे को दो मंजिल से नीचे फेंक दिया। बच्चा सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन वह बच्चे को उठाने व देखने के लिए नीचे नहीं आई, जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो उसका इलाज चला, लेकिन इलाज के दौरान भी बच्चे को मां देखने के लिए नहीं पहुंची। घटना के दूसरे दिन बच्चे की मौत हो गई, लेकिन अगले 15 से 20 दिनों तक घटना सामान्य लगी। पुलिस की ओर से पैरवी लोक अभियोजक विजय शर्मा ने की।
-बच्चे की घटना सामान्य लगी थी, लेकिन 15 दिन बाद पत्नी को कुछ पछतावा हुआ। उसने पति से दुखी होते हुए कहा कि मेरे से गलती हो गई। इस बात को लेकर पति को कुछ शक हुआ। पति ने पत्नी से पूरी बात पूछी। उसे भरोसे में लिया और कहा कि कोई भी गलती हो गई है तो उसे बताना था।
-पति ने पत्नी से कहा कि एक छोटे बच्चे ने उसका क्या बिगड़ा था, जिसे छत से फेंक दिया। पति के शब्दों को सुनने के बाद ज्योति टूट गई। पूरी घटना पति को बताई।
-पत्नी ने बातों-बातों में पूरी घटना बताई। पत्नी से बातचीत की पूरी रिकॉर्डिंग की। घर में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज निकलवाए। पूरा घटनाक्रम खुल गया। पति पूरे साक्ष्यों के साथ 15 दिन बाद मुरार थाने में पहुंचा। पुलिस को पूरा मामला बताया।
-पड़ोस, घर व रिश्तेदारों को ज्योति राठौर की वारदात पर शक नहीं हुआ था। बच्चे की मौते 15 दिन बात उसे पछतावा हुआ था।
-पुलिस ने ज्योति राठौर व उसके प्रेमी उदय इंदौरिया को आरोपी बनाया। जांच के बाद न्यायालय में चालान पेश किया।
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एससी-एसटी और ओबीसी संयुक्त मोर्चा का शक्ति प्रदर्शन, भेल दशहरा मैदान में जुटे लोग
भोपाल में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा का महासम्मेलन रविवार को भेल दशहरा मैदान में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेशभर से बड़ी संख्या में लोग जुटे। सम्मेलन में मंच से नेताओं ने सामाजिक न्याय, आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों को लेकर सरकार के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया।
नेताओं का कहना था कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग को आज भी शिक्षा, रोजगार, प्रशासन और न्याय व्यवस्था में बराबरी का हक नहीं मिल पा रहा है। संविधान में जो अधिकार इन वर्गों को दिए गए हैं, उनका पूरा लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच रहा है। इसी को लेकर सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम 20 सूत्रीय ज्ञापन सौंपने की बात कही गई।
संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट किया कि इस महासम्मेलन का उद्देश्य समानता, सामाजिक न्याय, सम्मान और उचित प्रतिनिधित्व की मांग को मजबूती से उठाना है। साथ ही लंबे समय से लंबित सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित कर उन्हें जल्द हल कराने की मांग भी सम्मेलन के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल रही।
संयुक्त मोर्चा की ये हैं प्रमुख मांगें-
IAS अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ जारी नोटिस और डोप्ट को भेजा गया प्रस्ताव तत्काल वापस लिया जाए।
ओबीसी को उनकी जनसंख्या के अनुपात में 52% आरक्षण दिया जाए।
ओबीसी के रोके गए 13% पद तुरंत खोले जाएं और नियुक्ति पत्र जारी हों।
ओबीसी, एससी और एसटी के खाली व बैकलॉग पदों को विशेष भर्ती अभियान चलाकर भरा जाए।
निजी और आउटसोर्स कार्यों में ओबीसी, एससी और एसटी को जनसंख्या के अनुसार आरक्षण मिले।
सरकारी सेवाओं में ओबीसी को भी एससी-एसटी की तरह पदोन्नति में आरक्षण दिया जाए।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) दोबारा लागू की जाए।
सफाई कर्मचारियों को ठेका प्रथा से मुक्त कर नियमित किया जाए।
सिविल जज भर्ती परीक्षा 2022 पर पुनर्विचार किया जाए।
आगे सिविल जजों की भर्ती एमपीपीएससी के माध्यम से कराई जाए।
जिला अदालतों के कर्मचारियों की भर्ती कर्मचारी चयन आयोग से हो।
हाईकोर्ट जजों की नियुक्ति में ओबीसी, एससी और एसटी को जनसंख्या के अनुसार प्रतिनिधित्व मिले।
कॉलेजियम व्यवस्था समाप्त कर राष्ट्रीय न्यायिक आयोग का गठन किया जाए।
ओबीसी, एससी और एसटी छात्रों की लंबित छात्रवृत्ति शीघ्र जारी की जाए।
छात्रावासों की संख्या बढ़ाई जाए।
16 दिसंबर 2025 को पारित संविदा और आउटसोर्स से जुड़ा कानून रद्द किया जाए।
वर्ग-3 और वर्ग-4 के पदों पर स्थायी भर्ती की जाए।
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कोयला लेकर जा रहे ट्रक में भीषण आग, ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान
शहडोल। जिले में एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब कोयले से लदे एक ट्रक में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना सोहागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 पर हुई। जहां बुढार से कटनी की ओर जा रहा कोयला लोड ट्रक देखते ही देखते आग का गोला बन गया। ट्रक में आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात बताया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चलती गाड़ी के दौरान ट्रक के अगले हिस्से से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया और कुछ ही पलों में आग की लपटें तेज हो गईं। हालात भांपते हुए ट्रक चालक और खलासी ने सूझबूझ दिखाते हुए चलते ट्रक से कूदकर अपनी जान बचाई। इस घटना में दोनों बाल-बाल बच गए, हालांकि ट्रक पूरी तरह आग की चपेट में आ गया।
हाईवे के बीचो बीच ट्रक में आग लगने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। आग की भयावहता और सड़क पर खड़े जलते ट्रक के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही सोहागपुर पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल यातायात को नियंत्रित करने में जुट गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड को भी मौके पर बुलाया गया,फायर कर्मियों ने पुलिस के सहयोग से घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब जाकर हाइवे पर फंसे वाहनों की आवाजाही धीरे-धीरे बहाल हो सकी।
इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। लेकिन ट्रक और उसमें लदा कोयला पूरी तरह जलकर खाक हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है।
थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडे ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, उन्होंने कहा कि यदि आग को समय पर नहीं बुझाया जाता तो ट्रक में लोड कोयले में भी आग लग सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था,फिलहाल पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और टक्कर के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

प्रयागराज. मौनी अमावस्या पर संगम स्नान करने जा रहे ज्योतिष्ठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को पुलिस प्रशासन ने संगम जाने से रोक दिया. उनके रथ और जुलूस को रास्ते में रोकने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया. रथ रोकने पर शंकराचार्य के समर्थक साधु-संतों और पुलिस में तीखी नोकझोंक हो गई. शंकराचार्य ने पुलिस और मेला प्रशासन पर मनमानी और तानाशाही करने का आरोप लगाया गया. घटना के चलते संगम पर अफरातफरी का माहौल हो गया.
पुलिस से झड़प की सूचना वायरलेस पर प्रसारित होने के बाद बड़ी संख्या में अधिकारी फोर्स के साथ संगम तट पर पहुंच गए. पुलिस ने अविमुक्तेश्वरानंद को रथ से नीचे नहीं उतरने दिया. कहा कि जुलूस के साथ संगम तट तक जाने की अनुमति नहीं है. पांच लोगों के साथ जाकर स्नान करें. इस पर शंकराचार्य ने आपत्ति जाहिर की और पुलिस प्रशासन के रवैये को मनमाना बताया. घटना के बाद देखते ही देखते पूरा संगम क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया. गृह सचिव मोहित गुप्ता, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार, मेलाधिकारी ऋषिराज आदि अधिकारी पहुंच गए. पुलिस से झड़प के बाद शंकराचार्य के समर्थक 20 से अधिक साधु हिरासत में ले लिए गए हैं. संगम के घाटों पर स्नान चल रहा है. शंकराचार्य संगम के पहले ही समर्थकों के साथ बैठ गए हैं. वहीं, शंकाराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को संगम स्नान से रोकने पर समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा है. हंगामा बढऩे की आशंका पर पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है. शंकराचार्य के समर्थकों ने पांटून पुल संख्या चार के पास हंगामा किया. इससे बैरिकेडिंग टूट गई.
पुलिस शंकराचार्य को समझाने बुझाने में जुटी है. शंकराचार्य के समर्थकों की संख्या बढ़ती जा रही है. मुख्यमंत्री से बात करने की कोशिश हो रही है. निर्देश मिलने के बाद निर्णय लिया जाएगा. मंडलायुक्त ने शासन के अधिकारियों से बात की है. शंकराचार्य रथ से नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं है.
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती माघ मेले में त्रिवेणी मार्ग पर शंकराचार्य शिविर पर धरने पर बैठ गए हैं . यह जानकारी देते हुए शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने बताया कि शंकराचार्य जी ने कहा है कि जब तक पुलिस प्रशासन ससम्मन प्रोटोकॉल के साथ नहीं ले जाएगा तब तक गंगा स्नान नहीं करूंगा.
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पूरी तरह कैशलेस होंगे टोल प्लाजा : सिर्फ FASTag या UPI से ही होगा पेमेंट
नई दिल्ली। देश के हाईवे पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। 1 अप्रैल से भारत के सभी टोल प्लाजा कैशलेस हो जाएंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि, टोल टैक्स अब केवल FASTag या UPI के माध्यम से ही भुगतान किया जा सकेगा।
इस फैसले का मकसद टोल बूथ पर लगने वाली लंबी कतारों को कम करना, सफर को तेज और सुरक्षित बनाना है। इसके साथ ही डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना भी है। फिलहाल इस सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट देश के 25 टोल प्लाजा पर टेस्टिंग के तौर पर चल रहा है।
मौजूदा समय में FASTag अनिवार्य होने के बावजूद कई टोल बूथ पर नकद लेनदेन होता है। डिजिटल पेमेंट न करने वाले वाहनों के कारण टोल बूथ पर जाम लग जाता है।
कैशलेस होने के फायदे:
वाहन टोल पर रुकेंगे नहीं, जिससे सफर तेज होगा।
बार-बार ब्रेक लगाने और चलने से होने वाली ईंधन की बर्बादी कम होगी।
डिजिटल रिकॉर्ड से पारदर्शिता बढ़ेगी और टोल कलेक्शन में हेराफेरी की गुंजाइश खत्म होगी।
नया टोल पेमेंट सिस्टम कैसे काम करेगा
FASTag और NETC सिस्टम प्रोसेस:
वाहन टोल प्लाजा की लेन से गुजरता है। टोल सिस्टम वाहन पर लगे FASTag को स्कैन करता है।
बैंक को जानकारी भेजी जाती है और NETC (National Electronic Toll Collection) द्वारा टैग ID की वैरिफिकेशन होती है।
बैंक वाहन के क्लास के हिसाब से टोल राशि डेबिट करता है और डिजिटल रसीद जारी करता है।
NETC सिस्टम को भुगतान की पुष्टि मिलते ही वाहन बिना रुके टोल एरिया से निकल जाता है।
इस पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर सिर्फ 1-5 सेकंड का समय लगता है।
सरकार के तीन मुख्य लक्ष्य
केंद्रीय मंत्रालय के अनुसार इस फैसले के पीछे तीन प्रमुख उद्देश्य हैं-
ईंधन की बचत: टोल पर बार-बार रुकने और चलने से होने वाली पेट्रोल-डीजल की बर्बादी कम होगी।
पारदर्शिता: हर लेन-देन डिजिटल होगा, जिससे गड़बड़ी और हेराफेरी की गुंजाइश खत्म होगी।
तेज सफर: नकद पैसे और रसीद लेने में लगने वाला समय बचेगा और यात्रा आसान होगी।
मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF)- भविष्य की तैयारी
सरकार इस कदम को ‘मल्टी-लेन फ्री फ्लो’ (MLFF) सिस्टम की दिशा में पहला कदम मान रही है। इस तकनीक में-
हाईवे पर कोई फिजिकल टोल बैरियर नहीं होगा।
कैमरे और सेंसर वाहन की पहचान करेंगे।
टोल राशि अपने आप कट जाएगी और गाड़ी सामान्य स्पीड से हाईवे पार कर सकेगी।
यह ‘नो-स्टॉप टोलिंग’ अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक पर आधारित है और फिलहाल 25 टोल प्लाजा पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चल रहा है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
FASTag बैलेंस चेक करें: सुनिश्चित करें कि FASTag एक्टिव और बैलेंस पर्याप्त हो।
UPI पेमेंट तैयार रखें: यदि आपके वाहन में FASTag नहीं है, तो मोबाइल में UPI पेमेंट सुविधा एक्टिव हो।
नियम पालन: 1 अप्रैल के बाद बिना डिजिटल पेमेंट टोल पर आने पर जुर्माना या वाहन को वापस भेजा जा सकता है।
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किश्तवाड़ के सिंहपोरा में मुठभेड़, जैश आतंकियों के फंसे होने की आशंका
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई है। यह मुठभेड़ तब शुरू हुई, जब सर्च ऑपरेशन के दौरान छिपे आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग कर दी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की।
मुठभेड़ किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा इलाके में चल रही है। सूत्रों के अनुसार, इस इलाके में 2 से 3 आतंकियों के छिपे होने की आशंका है।
सूत्रों का कहना है कि फंसे हुए आतंकी जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सुरक्षा बलों को पहले से आतंकियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली थी। इसी सूचना के आधार पर इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। ऑपरेशन के दौरान ही आतंकियों से संपर्क हुआ और मुठभेड़ शुरू हो गई।
यह संयुक्त ऑपरेशन सुरक्षा बलों द्वारा चलाया जा रहा है। इलाके को घेर लिया गया है और दोनों ओर से लगातार गोलीबारी की खबरें सामने आ रही हैं।

सतना। जिले के कोठी थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध मरघट नाथ स्थित अवघट नाथ महादेव मंदिर से आस्था को तार-तार कर देने वाला एक शर्मनाक मामला सामने आया है। पवित्र मंदिर परिसर का एक आपत्तिजनक वीडियो आज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवती और उसका साथी अनैतिक गतिविधि करते नजर आ रहे हैं।
धार्मिक स्थल पर की गई इस शर्मनाक हरकत ने स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है, जिसके चलते क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद मंदिर की पवित्रता को लेकर सवाल उठ रहे हैं और लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल वीडियो में दिख रही युवती और उसके साथी की पहचान नहीं हो सकी है।

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श्मशान में तांत्रिक क्रियाः चिता की राख शरीर पर लगाया और खोपड़ी की हड्डी ले गया, समाज ने आरोपी को पॉटी खिलाकर दी तालिबानी सजा
दतिया। मध्यप्रदेश के दतिया दतिया में तंत्र मंत्र और मंदिर में निर्माण से शुरू हुआ विवाद ऐसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया कि सुनकर हैरान रह जाएंगे l दोनों पक्ष ने ऐसी ऐसी हरकतें की जिसे सुनकर एक बारगी किसी को विश्वास नहीं होगाl बीते दिनों झिरका बाग के रहने वाले मूलचंद्र कुशवाहा की मौत हो गई। उनके विरोधी पक्ष के बल्ली नामक युवक श्मशान घाट पहुंचा और चिता से हड्डियां और राख उठाईं। राख को अपने शरीर पर लपेटा और खोपड़ी की हड्डी भरकर ले गयाl आरोपी बल्ली के विरुद्ध पुलिस ने मामला दर्जकर उसे जेल भेज दिया हैl
इस सनसनीखेज घटनाक्रम के बाद कुशवाह समाज की पंचायत बैठी और खाप पंचायत की तरह फैसला सुनाया। आरोपी बल्ली कुशवाहा का समाज से हुक्का पानी बंद कर दिया। फैसला सुनाया कि समाज का कोई भी व्यक्ति अपने घर नहीं बुलाएग। बल्ली पर 5100 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। समाज के मुखिया अर्थदंड की बात तो स्वीकार कर रहे हैं लेकिन कानूनी कार्रवाई के डर से समाज से निष्कासित करने की बात पर गोलमोल जवाब दिएl
स्वामी कुशवाहा, सनकुआ समिति अध्यक्ष कुशवाहा समाज दतिया ने कहा- आरोपी की करतूत पता चलने पर दूसरा पक्ष उसके घर पहुंचा और बल्ली के हाथ पैर बांध कर पहले मारपीट की और फिर गंदगी( पॉटी) खिलाई l ये गंभीर आरोप बल्ली ने खुद लगाए है l बल्ली का कहना है कि ये टोना टोटका के पहले खुद ले जाते थे। मंदिर निर्माण के लिए राशि मांग रहे थे इसलिए हमने गुस्से में ये सब किया हैl
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‘फूलसिंह बरैया जहां दिखे, वहां उसका मुंह काला कर जूतों की माला पहनाई जाए’: सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किया ऐलान
ग्वालियर। फूलसिंह बरैया नहीं वो झूठ सिंह बरैया है, वो जहां दिखेगा वहां उसका मुंह काला किया जाएगा, जूतों की माला भी पहनाई जाएगी। ये बड़ा एऐलान राष्ट्रीय सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती प्रसाद शुक्ला ने किया है।
दरअसल कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के विवादित बयान का जमकर विरोध देखने मिल रहा है, खासकर हिन्दूवादी संगठन तो अब बरैया का मुंह काला करने की फिराक में है। राष्ट्रीय सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती प्रसाद शुक्ला ने अपने बयान में कहा है कि फूल सिंह बरैया का असली नाम झूठा सिंह बरैया है, सनातन को बदनाम करने के लिए कांग्रेस का यह एक एजेंडा है। पहले भी कांग्रेस के कई बड़े नेता मंत्री बयान दे चुके हैं जिसमें वह मातृशक्ति को टंच माल कहते हुए नजर आए हैं। उनकी मानसिकता समझी जा सकती है।
बरैया ने इस तरह का जो बयान दिया है वह किसी विशेष समाज के लिए नहीं है, महात्मा फुले जिन्होंने सनातन के लिए काम किया, अहिल्याबाई होलकर ने जिन्होंने सनातन की स्थापना की शिव की स्थापना की, वे उनको टारगेट कर रहे हैं, उनको कलंकित किया है। मुझे लगता है कि इस धूर्त ने माफी नहीं मांगी तो को जल्द से जल्द राष्ट्रीय सनातन सेना काला मुंह करके जूते की माला पहनाकर सड़क पर घुमा घुमाकर जूते मारेगी। कांग्रेस को भी तत्काल प्रभाव से पार्टी से इसे बर्खास्त करना चाहिए, यदि कांग्रेस उसे पार्टी से बाहर नहीं करती है तो इसे पूर्ण कांग्रेस का बयान ही समझा जाएगा।
भगवती प्रसाद शुक्ला, राष्ट्रीय सनातन सेना

टीकमगढ़. मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के ग्राम पंचायत मनेथा के गोवा पूर्वी ग्राम में बनी पानी की टंकी में शुक्रवार 16 जनवनरी को असामाजिक तत्वों द्वारा मैला डालने का मामला सामने आया. ऐसे में गांव में हड़कंप सा मच गया और लोगों ने अपने घरों में रखे पानी को बाहर फेंक दिया. वहीं मामला सामने आने पर सतर्क हुए एसडीएम ने टंकी से पेयजल की सप्लाई रोक दी है और इसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है.
ग्राम गोवा पूर्वी में नलजल योजना के तहत पानी की टंकी का निर्माण किया गया है. इसी टंकी से पूरे गांव में पानी की सप्लाई की जाती है. शुक्रवार को इस टंकी में मैला डालने की खबर सामने आई. गांव के ही देवेन्द्र यादव ने सरपंच को फोन कर इसकी सूचना दी थी कि उन्होंने अपने साथियों के साथ पानी की टंकी में मैला डाल दिया है. कल से पानी सप्लाई मत करवाना. यह जानकारी लगते ही सरपंच ने इसकी शिकायत एसडीएम से की और इसका ऑडियो भी उन्हें भेज दिया.
यह खबर सामने आते ही एसडीएम अशोक कुमार सेन ने तत्काल ही जल निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए और पेयजल की सप्लाई बंद कराने को कहा. साथ ही इसकी शिकायत थाने में शिकायत दर्ज कराई. जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर आरोपी देवेंद्र यादव की तलाश की, लेकिन वह फरार हो गया था. वहीं सूचना मिलते ही नलजल के अधिकारियों ने टंकी से पानी का सैंपल लेकर उसे जांच के लिए लैब में भेज दिया है. यहां से रिपोर्ट आने के बाद ही गांव में पानी की सप्लाई करने के निर्देश दिए गए है.
वहीं गांव में टंकी में गैला डालने की खबर के बाद लोग अंदर ही अंदर घृणित होते दिख और उन्होंने घरों में जमा किए गए पानी को बाहर सड़कों पर फेंक दिया. इसके बाद अपने बर्तनों को अच्छे से साफा किया और बाहर से पानी लाते दिखाई दिए. इस घटना से पूरे गांव को परेशान कर दिया है. लोगों ने ऐसा कृत्य करने वाले पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
सूचना पर गांव में पानी की सप्लाई रोक दी गई है. इसकी जांच कराने के निर्देश दिए हैं. इस खबर को फैलाने वाले के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. यदि जांच में यह खबर सही पाई जाती है तो आरोपी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
- अशोक कुमार सैन, एसडीएम, पृथ्वीपुर
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50 सालों से नहीं सोया रिटायर्ड अफसर लगातार जाग रहे, शरीर में दर्द भी नहीं होता
रीवा. एमपी के रीवा जिले से एक आश्चर्यजनक मामला सामने आया है, जिसने मेडिकल साइंस के तमाम दावों को चुनौती दे दी है. यहां रहने वाले रिटायर्ड ज्वाइंट कलेक्टर मोहनलाल द्विवेदी का दावा है कि वे पिछले 50 सालों से एक पल के लिए भी नहीं सोए हैं.
आम तौर पर इंसान के लिए 24 घंटे में 6 से 8 घंटे की नींद जरूरी मानी जाती है, लेकिन 75 वर्षीय मोहनलाल का कहना है कि उन्होंने पांच दशकों से नींद नहीं ली है, इसके बावजूद उन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं है और वे पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी रहे हैं. उनकी इस अजीबोगरीब स्थिति ने डॉक्टरों को भी सोच में डाल दिया है.
रीवा की चाणक्यपुरी कॉलोनी के निवासी मोहनलाल द्विवेदी केवल अनिद्रा ही नहीं, बल्कि एक और रहस्यमयी स्थिति का सामना कर रहे हैं. उनका दावा है कि उनका शरीर पत्थर जैसा सख्त हो चुका है. स्थिति यह है कि चोट लगने पर भी उन्हें शरीर में किसी तरह के दर्द का अहसास नहीं होता. मोहनलाल बताते हैं कि साल 1973 में जब उनकी लेक्चरर की नौकरी लगी थी, उसके कुछ ही दिन बाद जुलाई महीने से उनकी नींद अचानक गायब हो गई. शुरुआत में उन्होंने यह बात किसी को नहीं बताई और पूरी रात जागकर बिताते रहे. हैरानी की बात यह थी कि पूरी रात जागने के बाद भी न तो उनकी आंखों में जलन होती थी और न ही उनकी दिनचर्या पर कोई असर पड़ता था.
जब समस्या बढ़ी तो परिजनों ने पहले झाड़-फूंक का सहारा लिया, लेकिन कोई फायदा न होने पर डॉक्टरी सलाह ली गई. मोहनलाल ने रीवा और जबलपुर से लेकर दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों के बड़े अस्पतालों में जांच कराई, लेकिन डॉक्टर उनकी इस बीमारी की वजह नहीं ढूंढ पाए. दिलचस्प बात यह है कि मोहनलाल की पत्नी नर्मदा द्विवेदी भी नींद की समस्या से जूझ रही हैं और वह भी 24 घंटे में मात्र 3 से 4 घंटे ही सो पाती हैं. 1974 में एमपीपीएससी क्वालिफाई कर नायब तहसीलदार बनने और 2001 में ज्वाइंट कलेक्टर पद से रिटायर होने तक, उन्होंने अपना पूरा कार्यकाल बिना सोए ही बिता दिया. वे अपना रात का समय किताबें पढऩे और छत पर टहलने में बिताते हैं.
इस अनोखे मामले पर रीवा के संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा का कहना है कि मेडिकल साइंस में नींद न आने के हजारों कारण हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि मानसिक रोग विभाग में स्लीप डिसऑर्डर पर पूरी स्टडी की जाती है. डॉ. मिश्रा के अनुसार, यदि पति-पत्नी या परिवार में एक जैसी समस्या है, तो यह अनुवांशिक कारणों से भी हो सकता है. हालांकि, दर्द का अहसास न होना और 50 साल तक बिल्कुल न सोना एक बेहद दुर्लभ और जटिल स्थिति है. डॉक्टरों का मानना है कि विस्तृत जांच के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठ सकेगा कि आखिर मोहनलाल बिना नींद के इतने सालों से स्वस्थ कैसे हैं.
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मुरैना में नकली शराब का बड़ा भंडाफोड़, 600 लीटर स्प्रिट और राइफल के साथ 7 गिरफ्तार
मुरैना जिले के नाका गांव में पुलिस ने नकली शराब बनाने वाले बड़े प्लांट का भंडाफोड़ किया है। माता बसैया थाना पुलिस की टीम ने बीहड़ इलाके में आसन नदी के किनारे छापेमारी कर सात आरोपितों को गिरफ्तार किया। इस छापेमारी में 1000 लीटर अवैध शराब और 600 लीटर स्प्रिट बरामद हुआ।
आरोपितों के पास से 12 बोर की राइफल और चार कारतूस भी मिले। शुरुआती जांच में पता चला है कि नकली शराब ग्रामीण क्षेत्रों में खपाई जा रही थी और इसे आबकारी विभाग की असली शराब के कार्टन में पैक करके बाजार में भेजा जाता था। इस मामले में आबकारी एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नकली शराब प्लांट बीहड़ इलाके में असली शराब जैसी पैकिंग के साथ काम कर रहा था। आरोपितों ने स्प्रिट और अन्य केमिकल का उपयोग करके शराब तैयार की और उसे ग्रामीण इलाकों में बेचने का नेटवर्क बनाया।
बरामद सामग्री
1000 लीटर अवैध शराब
600 लीटर ओपी (स्प्रिट)
12 बोर राइफल और चार कारतूस
नकली शराब पैक करने के लिए कार्टन
माता बसैया थाना पुलिस ने सात आरोपितों को मौके से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ आबकारी एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपितों से पूछताछ जारी है और जल्द ही उनके नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है। इसमें यह भी पता लगाया जा रहा है कि नकली शराब का व्यापार किस हद तक फैल चुका था।
अवैध शराब के सेवन से लोगों की स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं। नकली शराब में स्प्रिट और अन्य केमिकल मिलाने से यह अत्यंत हानिकारक बन जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे असली शराब के नाम पर बेचने से कई बार लोगों की मौतें भी हो चुकी हैं। इस छापेमारी के बाद ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यवाही की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब बाजार में नकली शराब की आपूर्ति रोकने में मदद मिलेगी और ग्रामीण सुरक्षित महसूस करेंगे।

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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