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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से अंधविश्वास और ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच पुलिस ने तंत्र-मंत्र, गृह शांति और पैसे दोगुने करने का लालच देकर एक परिवार से 20 लाख रुपये नकद और भारी मात्रा में सोना-चांदी ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही बैंकों में गिरवी रखे गए आभूषणों को फ्रीज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्राइम ब्रांच थाने में दर्ज मामले के अनुसार, फरियादी की पत्नी राजेश्वरी शर्मा को आरोपियों ने अपने जाल में फंसाया था। ठगी का तरीका: आरोपियों ने घर में सुख-शांति लाने, तंत्र-मंत्र करने और निवेश की गई रकम को कुछ ही समय में दोगुना करने का झांसा दिया। इस झांसे में आकर पीड़िता ने आरोपियों के खातों में 7 लाख 16 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए, जबकि 12 लाख 54 हजार रुपये नकद दिए। इसके अलावा, करीब 625 ग्राम सोना और 500 ग्राम चांदी के आभूषण भी ऐंठ लिए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी आशा यादव को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने फिलहाल 11 ग्राम सोना बरामद किया है। आशा के अलावा पुलिस ने उसके पति हरीश कुमार और एक अन्य परिचित श्यान को भी गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने ठगी के इन आभूषणों को अलग-अलग बैंकों और गोल्ड लोन कंपनियों में गिरवी रखकर कर्ज ले लिया था।
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि ठगे गए जेवरात को कैप्री बैंक, आईआईएफएल (IIFL) और मुथूट गोल्ड लोन जैसी फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रखा गया था। पुलिस ने इन संस्थानों से संपर्क कर वहां रखे गए आभूषणों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज (Freeze) कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस ठगी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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बड़ी कार्रवाई: खेतों के बीच उगाया गया 24 करोड़ का गांजा जब्त; 4 गिरफ्तार
धार। पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के निर्देशन में धार जिले की पुलिस ने गांजा पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। उमरबन चौकी के अंतर्गत ग्राम बढ़िया और ग्राम पटेलपुरा में मक्का, अरहर और कपास के खेतों के बीच अवैध रूप से गांजा की खेती की जा रही थी।
पुलिस ने लगभग 7 से 8 खेतों में दबिश देकर गांजा के पौधे जब्त किए हैं। जब्त किए गए पौधों का कुल वजन लगभग 67.29 क्विंटल है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 24 करोड़ रुपए आंकी गई है। मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद है और कार्रवाई अभी जारी है, जिससे जब्त गांजा का वजन और भी बढ़ सकता है। पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है।
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शराब के नशे में ASI की दबंगई, आदिवासियों से गाली-गलौज, 4 मुर्गी छीनी और 10 की करता रहा डिमांड
शहडोल। एक तरफ मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के जरिए सरकार आम लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने का संदेश दे रही थी, तो दूसरी तरफ इसी अभियान में ड्यूटी के लिए तैनात पुलिस विभाग के एक ASI पर शराब के नशे में ग्रामीणों के साथ अभद्रता और मारपीट करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
हैरानी की बात यह है कि पुलिसकर्मी ने जिला पंचायत सदस्य के साथ भी बदतमीजी की और हाथापाई पर उतारू हो गए। अब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एसपी तक शिकायत पहुंचने के बाद ASI को सस्पेंड कर दिया गया है।
मामला शहडोल जिले के जनपद पंचायत जयसिंहनगर अंतर्गत सीधी थाना क्षेत्र के बनसुकली का है। यहां मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीधी थाने में पदस्थ ASI दीपक सिंह परिहार की ड्यूटी लगाई गई थी।
आरोप है कि ASI अपनी निर्धारित ड्यूटी पर जाने के बजाय कहीं दूसरी जगह पहुंच गए, जहां वे शराब के नशे में धुत थे। इसी दौरान उन्होंने सार्वजनिक स्थान पर पंचायत छेकता क्षेत्र के आदिवासी ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। पुलिसकर्मी के इस व्यवहार से नाराज ग्रामीणों ने विरोध जताया और घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया।
इसी दौरान मौके पर पहुंचे जिला पंचायत सदस्य गुजरात सिंह ने भी पुलिसकर्मी के इस रवैये पर आपत्ति जताई और उन्हें ऐसा करने से रोका। आरोप है कि इस पर ASI उनसे भी अभद्रता करने लगे और हाथापाई पर उतारू हो गए। इसके बाद जिला पंचायत सदस्य गुजरात सिंह ने मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान कार्यक्रम में पहुंचे पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के सामने पूरे मामले की अमडीह के रहने वाले तौकीद ने लिखित शिकायत की ASI द्वारा उनके कर्मचारियों से जबरन 4 मुर्गा छीनी और 10 मुर्गे की डिमांड कर रहा था।
नहीं देने पर गाली गलौच कर अभद्र व्यवहार किया था। वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने भी पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की। एसपी ने मौके पर मौजूद लोगों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद शहडोल एसपी ने ASI दीपक सिंह परिहार को सस्पेंड कर दिया।
अब पुलिस विभाग के सामने अपने ही कर्मचारी के व्यवहार की जांच और कार्रवाई की चुनौती है। वर्दी में हो या सिविल ड्रेस में, कानून के रखवाले से कानून और आम नागरिकों के सम्मान की अपेक्षा की जाती है। वही इस मामले में शहडोल एसपी संजय कुमार अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि ASI को सस्पेंड कर दिया गया है।

शहडोल। जिस हाथ में कानून की रक्षा की जिम्मेदारी है, उसी हाथ में थमा डंडा अगर आम नागरिकों पर बरसने लगे तो फिर इंसाफ की उम्मीद किससे की जाए। शहडोल के बुढ़ार में खाकी पर ऐसे ही गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने एक अधिवक्ता पर इस कदर लाठियां बरसाईं कि सिर फट गया, कान जख्मी हो गया और शरीर पर डंडों के लाल-काले निशान उभर आए, बीच-बचाव करने पहुंचे साथी भी कथित पुलिसिया मारपीट का शिकार हो गए। अब सवाल है, क्या खाकी की ताकत के आगे कानून और मानवता दोनों बौने हो गए।
जानकारी के अनुसार बुढ़ार थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती के पास रहने वाले अधिवक्ता अभिनव पाठक अपने कुछ साथियों के साथ दुर्गा पंडाल में हिसाब किताब का काम निपटाकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान वे अपने साथियों के साथ फोन पर बातचीत करते हुए बुढ़ार बस स्टैंड के पास पहुंचे, तभी सामने से पुलिस वाहन में पहुंचे बुढ़ार पुलिस के कुछ कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया और फिर लाठियां बरसाना शुरू कर दिया, अधिवक्ता के साथ हुई कथित मारपीट इतनी गंभीर बताई जा रही है कि उनके सिर में चोट लगने से खून निकलने लगा और कान में भी गंभीर चोट आई। शरीर पर पड़े लाल-काले निशान कथित लाठीचार्ज की तस्वीर बयां कर रहे हैं। आरोप है कि अधिवक्ता को बचाने के लिए आगे आए उनके साथियों के साथ भी पुलिसकर्मियों ने मारपीट की, जिससे उनके शरीर पर भी चोटों के निशान आए हैं।
हालांकि इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से अलग पक्ष सामने आने की बात कही जा रही है। आरोप है कि अधिवक्ता पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता कर रहे थे और झूमाझपटी पर उतर आए थे। पुलिसकर्मियों ने इसी परिस्थिति में अपने बचाव में कार्रवाई की।
लेकिन सवाल यह है कि यदि विवाद या झूमाझपटी की स्थिति बनी थी, तो क्या उसका जवाब लाठियों से इस तरह दिया जाना उचित था, आखिर कानून का पालन कराने वाली पुलिस के व्यवहार और कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कौन करेगा। वही इस मामले में SDOP धनपुरी का कहना है कि मामला अभी आपके माध्यम से संज्ञान में आया है, पुलिस के पास अभी कोई शिकायत नहीं आई है, यदि शिकायत आती है तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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हरदीप सिंह पुरी ने भरा राज्यसभा का नामांकन, सीएम बोले- एमपी को दिवाली की सौगात
भोपाल. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य के लिए शुक्रवार को विधानसभा में नामांकन दाखिल किया. इस दौरान उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी. नामांकन से पहले पुरी करुणाधाम आश्रम पहुंचे और इसके बाद गुरुद्वारे में मत्था टेका. नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पुरी के व्यापक प्रशासनिक अनुभव का लाभ मध्यप्रदेश को मिलेगा.
28 अक्टूबर को मध्यप्रदेश की रिक्त राज्यसभा सीट के लिए भाजपा ने हरदीप सिंह पुरी के नाम की घोषणा की थी. शुक्रवार को उन्होंने विधानसभा में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, नरेंद्र शिवाजी पटेल और भाजपा नेता प्रभुराम चौधरी सहित अन्य नेता मौजूद रहे.
नामांकन के बाद पुरी ने मीडिया से बातचीत नहीं की. उन्होंने ईटीवी भारत से कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे मीडिया से चर्चा करेंगे.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दीपावली से पहले हरदीप सिंह पुरी के रूप में मध्यप्रदेश को बड़ी सौगात मिली है. उन्होंने बीना रिफाइनरी और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश को कई महत्वपूर्ण सौगातें दी हैं. उनका व्यापक प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता मध्यप्रदेश के विकास में भी उपयोगी साबित होगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरी ने केंद्र सरकार में मंत्री और कुशल प्रशासक के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है. उनके जैसे अनुभवी और वरिष्ठ नेतृत्व का साथ मिलना प्रदेश के लिए प्रसन्नता और सौभाग्य की बात है.
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जबलपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 4.35 करोड़ रुपये का गांजा जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार
जबलपुर। मध्यप्रदेश में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। विभिन्न जिलों में पुलिस मादक पदार्थ को जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार कर रही है। इसी बीच, जबलपुर जिले में भी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुये करोड़ों रुपये की गांजे की खेप पकड़ी है। इसके साथ ही पुलिस ने दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
बता दें कि जबलपुर पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुये एक कंटेनर से 871 किलो 95 ग्राम गांजा जब्त किया है। गांजे की कीमत करीब 4 करोड़ 35 लाख 55 हजार रुपये बताई गई है। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए कंटेनर में 412 पेंट के डिब्बों के बीच गांजे की 28 बोरियां छिपा रखी थीं। पुलिस ने कंटेनर चालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में जबलपुर पुलिस के साथ उत्तर प्रदेश के झांसी की नारकोटिक्स विंग भी शामिल रही।
बता दें कि गोसलपुर थाना क्षेत्र में क्राइम ब्रांच और गोसलपुर पुलिस की संयुक्त टीम नेशनल हाइवे एनएच-30 पर पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान मुस्करा मोड़ के पास तेज रफ्तार से जा रहे एक संदिग्ध कंटेनर को पुलिस ने देखा। पीछा कर मोहतरा टोल के पास घेराबंदी की गई और कंटेनर को रोक लिया गया। कंटेनर में सवार चालक और एक अन्य व्यक्ति ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने दोनों को दबोच लिया।
पुलिस ने जब कंटेनर तलाशी ली तो उसमें 412 पेंट के डिब्बों के साथ 28 बोरियां बरामद हुईं। इन बोरियों में खाकी रंग के टेप से पैक गांजे के पैकेट छिपाकर रखे गए थे। तौल में कुल 871 किलो 95 ग्राम गांजा मिला, जिसकी कीमत करीब 4 करोड़ 35 लाख 55 हजार रुपये आंकी गई। वहीं, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी 45 वर्षीय धर्मवीर सिंह और पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर निवासी 24 वर्षीय विक्रम करमाकर के रूप में हुई है।
जब पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ कि तो आरोपी कंटेनर चालक धर्मवीर सिंह ने बताया कि ओडिशा के बलांगीर निवासी प्रभात साहू के कहने पर वह गांजे की खेप मध्यप्रदेश लेकर आया था। इसके एवज में उसे एक बार के परिवहन के लिए एक लाख रुपये मिलने थे। आरोपी के अनुसार, 27 अक्टूबर को उसने प्रभात साहू के यहां से गांजे की 28 बोरियां कंटेनर में लोड की थीं। इन्हें मैहर पहुंचने से पहले एक जियो पेट्रोल पंप के पास खाली करना था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से गांजा, 412 पेंट के डिब्बे और तस्करी में इस्तेमाल कंटेनर जब्त किया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस तस्करी के नेटवर्क और गांजे की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में एक सरकारी स्कूल के क्लासरूम में एक व्यक्ति ने पेड़ काटने वाली आरी से 10वीं कक्षा की एक छात्रा पर भीषण हमला कर दिया. इस हमले में छात्रा बुरी तरह से घायल हो गई. हमले में छात्रा के चेहरे, सिर और पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं, छात्रा को बचाने के लिए आगे आई दूसरी लड़की भी हमले में घायल हो गई.
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में एक सरकारी स्कूल के क्लासरूम में दूर के रिश्तेदार ने 10वीं की छात्रा पर पेड़ काटने वाली आरी से जानलेवा हमला कर दिया. पीड़िता की पहचान गोपिका लक्ष्मी के रूप में हुई है और उसे गंभीर चोटें आई हैं. उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. इस घटना के बाद स्कूल परिसर में मौजूद छात्रों और स्टाफ के बीच दहशत का माहौल बन गया.
आरोपी की पहचान हेमंत उर्फ ​​डुम्मू के रूप में हुई है. वह धर्मावरम कस्बे का रहने वाला है. CMO सूत्रों के मुताबिक, लड़की की हालत गंभीर है. अनंतपुर सरकारी अस्पताल में उनकी एक सर्जरी चल रही है. उसे आगे के इलाज के लिए एयर एम्बुलेंस से बेंगलुरु ले जाया जाएगा.
हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि छात्रा कक्षा के अंदर खून से लथपथ पड़ी रही. हमला होते देख वहां मौजूद छात्र और शिक्षक तुरंत हरकत में आए और स्थानीय पुलिस को सूचना दी.
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 10 से 10:30 बजे के बीच स्कूल में पढ़ाई चल रही थी। इसी दौरान आरोपी हाथ में चेनसॉ यानी आरी लेकर 10वीं कक्षा के कमरे में पहुंचा और गोपिका नाम की छात्रा पर हमला कर दिया.
शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी पीड़िता का दूर का रिश्तेदार था और काफी समय से उसे परेशान कर रहा था. चेतावनी देने के बाद से ही पीड़िता से रंजिश रखने लगा. इसी के चलते उसने सरकारी स्कूल की कक्षा के अंदर छात्रा पर जानलेवा हमला कर दिया.
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उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर क्रैश, 6 की मौत, ऑरेंज अलर्ट में उड़ान पर सवाल
उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हेलीकॉप्टर हादसा हो गया। बद्रीनाथ धाम से यात्रियों को लेकर देहरादून लौट रहा हेलीकॉप्टर जोशीमठ के पास पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बावजूद हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने की अनुमति कैसे मिली? इस मामले में उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने सफाई दी है। वहीं, विमानन सुरक्षा और DGCA के नियमों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
मौसम विभाग (IMD) ने चमोली और आसपास के जिलों में खराब मौसम को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। इस दौरान ओलावृष्टि, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई थी। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी लोगों को सावधान रहने के लिए कहा था। इसके बावजूद हेलीकॉप्टर ने बद्रीनाथ से उड़ान भरी। अब सवाल उठ रहे हैं कि मौसम की चेतावनी के बीच उड़ान को सुरक्षित कैसे माना गया।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) के अधिकारियों ने बताया कि हेलीकॉप्टर VT-HCX ने दोपहर करीब 1:12 से 1:14 बजे के बीच बद्रीनाथ से उड़ान भरी थी। अधिकारियों के मुताबिक, उस समय उड़ान वाले इलाके में मौसम साफ था। लेकिन हेलीकॉप्टर जैसे ही जोशीमठ घाटी की तरफ पहुंचा, अचानक मौसम बदल गया और आसमान में घने बादल छा गए। उड़ान भरने के करीब 15 मिनट के अंदर ही हेलीकॉप्टर का कंट्रोल रूम और ट्रैकिंग सिस्टम से संपर्क टूट गया। इसके बाद हेलीकॉप्टर की तलाश शुरू की गई।
रिपोर्टों के मुताबिक, बद्रीनाथ में शुक्रवार सुबह से ही मौसम खराब था। दोपहर में कुछ समय के लिए बादल छंटे और मौसम साफ दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि इसी दौरान हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी थी। हालांकि, मौसम विभाग पहले ही खराब मौसम की चेतावनी जारी कर चुका था। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या उड़ान से पहले मौसम और सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी नियमों का पालन किया गया था? फिलहाल हादसे की असली वजह जांच के बाद ही साफ हो सकेगी।
जानकारी के मुताबिक, ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर शुक्रवार दोपहर करीब 1:14 बजे बद्रीनाथ से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट के लिए रवाना हुआ था। जोशीमठ के पास चाई-थैंग गांव के पहाड़ी इलाके में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रिपोर्टों के मुताबिक, हेलीकॉप्टर पहाड़ी से टकराया, जिसके बाद उसमें आग लग गई। हादसे की पहली सूचना भारतीय सेना ने दी। इसके बाद चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस-प्रशासन की टीमों ने हेलीकॉप्टर की लोकेशन का पता लगाया।
हेलीकॉप्टर जिस जगह दुर्घटनाग्रस्त हुआ, वह घने जंगल और पहाड़ियों से घिरा इलाका है। ऐसे में राहत और बचाव टीमों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। भारतीय सेना, NDRF, SDRF, ITBP और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने पैदल घटनास्थल तक पहुंचकर बचाव अभियान चलाया। हादसे में पायलट समेत सभी 6 लोगों की जान चली गई। बचाव दल ने शवों को घटनास्थल से निकाला। जानकारी के मुताबिक, शनिवार को सभी शवों को ज्योतिर्मठ लाया जा रहा है।
इस हेलीकॉप्टर हादसे के बाद पहाड़ी इलाकों में हवाई सेवाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर खराब मौसम और ऑरेंज अलर्ट के दौरान हेलीकॉप्टर उड़ानों की अनुमति देने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। अब यह जानना जरूरी होगा कि उड़ान से पहले मौसम की जानकारी कैसे ली गई थी और क्या सभी सुरक्षा नियमों का पालन हुआ था। हादसे की जांच से ही इसकी असली वजह सामने आएगी।
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LoC पार कर PoK में दाखिल हुई महिला, 8 बकरियां भी ले गई साथ, एजेंसियां जांच में जुटीं
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के सीमांत जिले पुंछ में एलओसी के पास से एक अजीबोगरीब वाकया सामने आया है। यहां सरहदी गांव की एक महिला अपने आठ मवेशियों (बकरियों) को साथ लेकर कथित रूप से नियंत्रण रेखा लांघते हुए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में दाखिल हो गई। सीमा पर हुई इस हलचल के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
सूत्रों से प्राप्त विवरण के मुताबिक, पीओके की सीमा में जाने वाली महिला की शिनाख्त करनी गांव निवासी मोहम्मद शफी की पत्नी रुबीना कौसर के रूप में की गई है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, महिला शाम के वक्त इलाके में बकरियां चराने के दौरान नियंत्रण रेखा पार कर उस पार चली गई।
मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस के एक उच्चाधिकारी ने बताया कि घटना की पृष्ठभूमि और वास्तविक तथ्यों की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है। महिला के सीमा पार करने की परिस्थितियों को लेकर सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां विस्तृत जानकारी जुटाने में लगी हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह अनजाने में सीमा लांघने का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है, इसकी जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

जबलपुर। जबलपुर से खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है। शहर के प्रसिद्ध ‘सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट’ पर प्रशासनिक टीम ने छापामार कार्रवाई की है, जिसमें बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रेस्टोरेंट के किचन में बाथरूम के पानी से खाना बनाया जा रहा था और उसी गंदे पानी से सब्जियां धोई जा रही थीं। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से रेस्टोरेंट को सील कर दिया है और उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट के किचन में अचानक दबिश दी। निरीक्षण के दौरान वहां की व्यवस्थाएं देखकर अधिकारी भी सन्न रह गए। किचन में खाना पकाने और सब्जियों को धोने के लिए साफ पानी की बजाय सीधे बाथरूम के पानी का इस्तेमाल किया जा रहा था। आम जनता की सेहत के साथ खुलेआम किए जा रहे इस बड़े खिलवाड़ को देखकर प्रशासनिक अमले ने कड़ी आपत्ति जताई।
जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि इस रेस्टोरेंट में तैयार होने वाला खाना केवल स्थानीय ग्राहकों तक सीमित नहीं था, बल्कि यहाँ से रेलवे में भी भोजन की सप्लाई की जाती थी। यात्रियों की सेहत को ताक पर रखकर इस तरह के अस्वच्छ माहौल में खाना परोसे जाने की बात सामने आने के बाद रेलवे महकमे में भी हड़कंप मच गया है।
अनियमितताओं और भारी गंदगी को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत सख्त कदम उठाए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। प्रशासनिक टीम ने रेस्टोरेंट को पूरी तरह से सील कर दिया है। अधिकारियों ने मौके से पनीर, दाल और चावल समेत अन्य खाद्य पदार्थों के संदेहास्पद सैंपल लेकर जांच के लिए स्टेट लेबोरेटरी भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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किसानों के लिए डॉ मोहन सरकार का बड़ा फैसला: अब अवकाश के दिनों में भी खुली रहेंगी कृषि उपज मंडियां
भोपाल। मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा और राहत भरा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि अब अवकाश (छुट्टियों) के दिनों में भी कृषि उपज मंडियां खुली रहेंगी और किसानों से सोयाबीन तथा मक्का की खरीदी की जाएगी। इस व्यवस्था से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए छुट्टियों के समाप्त होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
प्रदेश में वर्तमान में सोयाबीन और मक्का की बंपर आवक को देखते हुए किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। सरकार के इस फैसले से अन्नदाताओं को अपनी फसल बेचने में सुगमता होगी और वे बिना किसी रुकावट के मंडियों में अपनी उपज का विक्रय कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस निर्णय की जानकारी साझा करते हुए कहा-“सोयाबीन और मक्का उत्पादक किसानों की सुविधा और उनकी उपज के सुगम उपार्जन के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अब अवकाश के दिनों में भी सोयाबीन एवं मक्का की खरीदी करने और मंडियां खुली रखने का निर्णय लिया गया है। किसानों की सुविधा, उनकी मेहनत का उचित मूल्य और उनके हितों की रक्षा प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
सरकार के इस संवेदनशील निर्णय से राज्य के लाखों किसान लाभान्वित होंगे और उन्हें अपनी मेहनत का सही समय पर उचित मूल्य मिल सकेगा।
सोयाबीन और मक्का उत्पादक किसानों की सुविधा और उनकी उपज के सुगम उपार्जन के लिए मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है।
अब अवकाश के दिनों में भी सोयाबीन एवं मक्का की खरीदी करने और मंडियां खुली रखने का निर्णय लिया गया है। इससे किसान बिना किसी असुविधा के अपनी उपज का विक्रय कर सकेंगे।…
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थाने के अंदर जब्त वाहनों के पार्ट्स बेचने का वीडियो वायरल: महकमे में हड़कंप, SSP ने मांगी रिपोर्ट
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। जिले के बेलखेड़ा थाने के अंदर खड़े जब्त वाहनों के पार्ट्स और स्क्रैप को अवैध रूप से बेचने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) ने तुरंत संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मियों पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो जबलपुर जिले के बेलखेड़ा थाना परिसर का बताया जा रहा है। वीडियो में थाने के मुहाने और परिसर में लावारिस व विभिन्न मामलों में जब्त कर खड़े किए गए वाहनों (जब्ती के वाहनों) के पुर्जे और स्क्रैप को चोरी-छिपे बाहर बेचने की बात सामने आ रही है। शुरुआती चर्चाओं और वीडियो के आधार पर थाने के ही एक आरक्षक पर इस अवैध कृत्य में संलिप्त होने और मिलीभगत का गंभीर आरोप लग रहा है। थाने की अभिरक्षा में सुरक्षित रखे जाने वाले वाहनों के पार्ट्स इस तरह बिकने से पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
मामला उच्च अधिकारियों तक पहुँचने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अंजना तिवारी ने इस पूरे मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए संबंधित थाना प्रभारी (TI) से तत्काल विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। एएसपी अंजना तिवारी ने स्पष्ट किया है कि वीडियो और प्राथमिक तथ्यों की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त वैधानिक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

आगर मालवा। मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले की ग्राम पंचायत निपानिया बैजनाथ में मंदिर तोड़े जाने के बाद विरोध तेज हो गया है। अब इस मामले में शुक्रवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इंदौर-कोटा नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन करते हुये चक्काजाम कर दिया। जिसके बाद करीब आधे घंटे तक हादवे पर जाम जैसी स्थिति पैदा हो गई।
प्रदर्शन करते कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनके संगठन और कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यकर्ताओं ने पहले थाने का घेराव कर आरोपी से माफी मंगवाने की मांग की। बात नहीं बनने पर आक्रोशित कार्यकर्ता हाईवे पर पहुंच गए और चक्काजाम कर दिया।
बता दें कि बजरंब दल के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान हाईवे जाम होने से इंदौर-कोटा हाईवे से गुजरने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर मौजूद पुलिस ने समझाइश के बाद जाम खुलवाया।
मंदिर हटाने वाले व्यक्ति का कहना है कि यह जमीन उसकी निजी है, इसलिए उसने वहां से मंदिर हटाया है। वहीं, संगठन के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मंदिर शासकीय भूमि पर बना हुआ था और इसे जानबूझकर तोड़ा गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है
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पुलिस का एक्शन, कार से 75 किलो अवैध डोडाचूरा किया बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार
नीमच। मध्यप्रदेश में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस आरोपियों को दबोचकर सलाखों के बीच भेज रही है। इसी बीच, नीमच जिले में नयागांव पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुये एक फोर्ड कार से 75 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा जब्त किया है। साथ ही पुलिस ने दो आरोपियों को भी दबोचा है। जब्त किये मादक पदार्थ और वाहन की कुल अनुमानित कीमत 9 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।
बता दें कि पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन में जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत जावद थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज सिंह जादौन के नेतृत्व में चौकी नयागांव पुलिस की टीम ने यह कार्रवाई की है।
पुलिस टीम द्वारा चार खम्बा चौराहा गोठा गुठलाई रोड स्कूल के पास बैरिकेडिंग कर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान वहां आई एक फोर्ड कार (क्रमांक HR 08 Y 1201) के चालक ने पुलिस की नाकाबंदी देखकर कार को भागनेे का प्रयास करने लगे।
बता दें कि संदिग्धों ने जैसे ही भागने का प्रयास किया तब पुलिस को कुछ शक हुआ। इसके बाद पुलिस की टीम ने तत्काल ही घेराबंदी कर कार को रोका और सवार दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया। इसके बाद पुलिस ने कार की तलाशी ली। पुलिस को तलाशी के दौरान कार के भीतर 7 कट्टों में 15-15 किलोग्राम के हिसाब से कुल 75 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 1 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।
जानकारी अनुसार, पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल 8 लाख रुपये कीमत की एक फोर्ड कार को भी जब्त कर लिया है। वहीं, पूछताछ में कार चालक ने अपना नाम भंवरदास पिता बंशीदास बैरागी (45), राजस्थान तथा उसके साथी ने अपना नाम लालाराम पिता रामलाल गुर्जर (31), नीमच बताया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों से डोडाचूरा के आपूर्ति स्रोत और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
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लोकतंत्र बचाओ’ रैली में बवालः 30 हजार के बल्ब और फिनाइल का पोस्टर लेकर पहुंचे सोशल वर्कर पर भड़के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
इंदौर। शहर में बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली सजकर तैयार थी। नेताजी मंच से लोकतंत्र का पाठ पढ़ा ही रहे थे कि अचानक भीड़ में एक ‘अनबुलाए मेहमान’ आ टपका। सोशल वर्कर प्रहलाद पांडे हाथ में एक पर्चा थामे सीधे मंच के सामने पहुंचे, जिस पर नगर निगम की खरीदी का बड़ा ही अनोखा गणित लिखा था- “30 हजार का बल्ब और 33 हजार का फिनाइल!” बस फिर क्या था, फिनाइल का नाम सुनते ही कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पारा ऐसा चढ़ गया कि रैली का पूरा राजनीतिक एजेंडा ही धरा का धरा रह गया।
मंच से लोकतंत्र बचाने और अराजकता मिटाने के बड़े-बड़े दावे हो रहे थे, लेकिन जनता की नज़र प्रहलाद पांडे के उस पोस्टर पर जा अटकी। पोस्टर पर लिखा बल्ब और फिनाइल का दाम सीधे नगर निगम के बजट को चिढ़ा रहा था। जैसे ही कैलाश विजयवर्गीय की पैनी नज़र इस अनोखी पर्ची पर पड़ी, उनका कड़क मिज़ाज तुरंत बाहर आ गया। भाषण रोककर उन्होंने सीधे पुलिस को आवाज़ लगाई- “ये एक न्यूसेंस यहां पर आ गया… इधर आओ, पुलिस अधिकारी कोई आ जाए! एक पुलिस अधिकारी आ जाए!”
मंत्री जी ने मंच से ही पोस्टर वाले भाई साहब को आड़े हाथों लेते हुए चेताया कि जहां जवाब देना होगा, वहां दे देंगे, अभी तो पतली गली पकड़ो, वरना लोग फ्री-फंड में जवाब दे देंगे! लेकिन इतने से जब मन नहीं भरा, तो सीधे खाकी को एक्शन का ऑर्डर थमा दिया- “ये न्यूसेंस कर रहा है, इसका कागज लो और इसको जरा गाड़ी में बिठा दो थोड़ी देर के लिए… इसको ले जाओ जरा यहां से, इसको गाड़ी में बिठाओ! यहां दिखना नहीं चाहिए।” मंत्री जी का हुक्म मिलते ही पुलिसकर्मियों की बत्ती जली, आनन-फानन में पोस्टर ज़ब्त हुआ और प्रहलाद पांडे को सरकारी गाड़ी की सैर कराने ले जाया गया।
गुस्से के इस उफान में मंत्री जी के मुंह से कुछ ऐसे बोल भी निकल गए, जो अब इंटरनेट का सबसे चटपटा मसाला बन चुके हैं। उन्होंने भड़ास निकालते हुए कहा- “साला इतने जूते खाने के बाद में भी यहां पर आ गया जबरदस्ती में!” अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर 30 हज़ार के बल्ब और 33 हज़ार के फिनाइल में ऐसा कौन सा करंट था, जिसने मंत्री जी को इतना लाल-पीला कर दिया? अगर हिसाब गलत था तो माइक पर ही गणित समझा देते, सवाल उठाने वाले को सीधे गाड़ी में बिठाने का क्या तुक था?
इस पूरे ड्रामे ने रैली के नाम और मंत्री जी के काम के बीच का फर्क जगज़ाहिर कर दिया है। जिस मंच से ‘लोकतंत्र बचाने’ की हुंकार भरी जा रही थी, उसी मंच के सामने जब एक आम नागरिक पोस्टर लेकर पहुंचा, तो उसे ‘न्यूसेंस’ की उपाधि देकर रवाना कर दिया गया। अब मुद्दा सिर्फ महंगे बल्ब और फिनाइल का नहीं रह गया है; असली सवाल यह है कि क्या लोकतंत्र की रैली में सवाल पूछना गुनाह है? फिलहाल मंत्री जी का यह तेवर वाला वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर गर्दा उड़ा रहा है और लोग पूछ रहे हैं- “मंत्री जी, जवाब कब मिलेगा?”

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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