This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.

ADD-n.jpg

 

 

 


विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के हैदरगढ़ गांव में तीन नकाबपोश लुटेरों ने सर्राफा व्यापारी के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया है। बासादेही गांव के रहने वाले व्यापारी मनोज सोनी हैदरगढ़ में लगने वाले बाजार से व्यापार कर लौट रहे थे, तभी देर शाम उनके साथ यह वारदात हुई। नकाबपोश लुटेरे व्यापारी को जान से मारने की धमकी देकर 10 किलो चांदी और करीब 60 ग्राम सोना लूट कर ले गए। लूटी गई कुल रकम की कीमत करीब 32 लाख रुपए बताई जा रही है। जिले के पांच थानों की पुलिस अब इन लुटेरों की तलाश में जुट गई है।
हैदरगढ़ क्षेत्र में बुधवार शाम उस समय सनसनी फैल गई जब हाट बाजार से लौट रहे एक सर्राफा व्यापारी के साथ लूट की बड़ी वारदात हो गई। जानकारी के अनुसार सर्राफा व्यापारी मनोज सोनी के साथ गुंजारी पुलिया के पास तीन नकाबपोश बदमाशों ने लूट को अंजाम दिया और लाखों रुपये के जेवरात लेकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित मनोज सोनी ने बताया कि वह हैदरगढ़ के हाट बाजार से व्यापार करके अपने गांव बासादेही जा रहे थे। शाम करीब 7 बजे जैसे ही वह गुंजारी पुलिया के पास पहुंचे, तो वहां पहले से घात लगाकर बैठे तीन बदमाशों ने उनकी मोटरसाइकिल को रोक लिया। बदमाशों के चेहरे ढके हुए थे और अचानक हमला करते हुए उनका बैग छीन लिया।
जब व्यापारी ने विरोध किया तो बदमाशों ने उनके साथ मारपीट कर दी…व्यापारी के अनुसार बैग में रखी ज्वेलरी की कुल कीमत करीब 32 लाख रुपये बताई जा रही है। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बदमाश फरार हो चुके थे।
इस संबंध में जिले के एसपी रोहित केसवानी का कहना है कि आवेदक के साथ हॉट बाजार से घर जाते समय लूट हुई है। मामले में प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया गया है हमने अपराधियों की खोजबीन के लिए चार टीम में लगाई है। साथ ही ₹10000 का इनाम भी रखा है, जल्द ही पुलिस अपराधियों को पकड़कर सामने लाएगी। आवेदक के अनुसार लगभग 32 लाख रुपए की मशरूका बताई जा रही है बाकी अपराधियों को पकड़ने के बाद जो भी मशरूका का उनके पास होगी सामने लाई जाएगी।

----------------------------------
नाबालिग से रेप के आरोपी बीजेपी नेता का शव रेल लाइन पर 3 टुकड़ों में मिला
दमोह. एमपी के दमोह में भाजपा समर्थित जनपद सदस्य कूदन आदिवासी का शव रेलवे ट्रैक पर मिला है. इसके तीन टुकड़े हो गए थे. कूदन आदिवासी पर 14 साल की लड़की से रेप का आरोप है. मामले में पुलिस उनकी तलाश कर रही थी. घटना के बाद मृतक के परिजनों ने रेप का झूठा मामला दर्ज कराने का पीडि़ता के परिजनों पर आरोप लगाया है. पुलिस अब डीएनए टेस्ट करायेगी.
लाश शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे देहात थाना इलाके में समन्ना रेलवे ट्रैक पर मिली. जबलपुर नाका चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा बनाया, फिर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा. पुलिस का कहना है कि लाश का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा. परिजन ने आरोप लगाया है कि कूदन आदिवासी पर झूठा आरोप लगाया गया था, जिसके कारण उन्होंने आत्महत्या कर ली. उन्होंने न्याय की मांग की है.
पीडि़ता को बुधवार दोपहर पेट में दर्द हुआ. इसके बाद परिजन उसे अस्पताल ले गए. जहां उसके 5 महीने की गर्भवती होने का पता चला. परिजन ने पूछताछ की तो नाबालिग ने बताया कि जनपद सदस्य कूदन आदिवासी से उसके साथ दुष्कर्म किया था. इस पर परिजन ने मगरोन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई. नाबालिग को मेडिकल टेस्ट के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था. बुधवार से ही पुलिस कूदन आदिवासी की तलाश कर रही थी.
जनपद सदस्य कूदन आदिवासी के बेटे गुड्डा ने आरोप लगाया कि देवकी पटेल, विशाल, राम विशाल पटेल, आलोक पटेल, प्रकाश बढग़ैयां, रिशु गुप्ता ने पापा के खिलाफ झूठा केस दर्ज कराया है. मरने से पहले पापा ने वीडियो भी बनाया, जिसमें उन्होंने इन लोगों के नाम लिए हैं. पुलिस ने मोबाइल जब्त कर लिया है. वहीं, पत्नी राधा रानी ने कहा- उनके तीन बेटे और दस नाती-पोते हैं. पति पर रेप का झूठा आरोप लगाया गया था, जिसे वह सहन नहीं कर पाए और ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली.
कूदन आदिवासी भाजपा के समर्थन से जनपद सदस्य का चुनाव जीते थे. इसके पहले उनकी पत्नी आदिवासी कोटे से फतेहपुर की सरपंच रह चुकी हैं. बटियागढ़ जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि मंगल सिंह कुशवाहा ने कहा कि कूदन आदिवासी पर झूठे आरोप लगाए गए हैं. वे इस उम्र में ऐसा काम क्यों करेंगे?
मगरोन थाना प्रभारी बीएल पटेल ने बताया- मैंने भी वीडियो देखा है. मोबाइल को जांच के लिए भेजा जा रहा है. मृतक का डीएनए कराया जाएगा. इसके लिए बाल और ब्लड सैंपल लिए जाएंगे, अगर वह पीडि़ता के डीएनए से मैच नहीं होता है तो मामले में खात्मा लगाया जाएगा. इसके बाद मृतक के परिजन आगे की कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र रहेंगे.
-------------------------
2 हिंदू नेताओं को जान से मारने की धमकीः सांसद आलोक शर्मा ने पुलिस कमिश्नर से की शिकायत
भोपाल। मध्यप्रदेश में दो हिंदू नेताओं को सोशल मीडिया के जरिए धमकी का मामला सामने आया है। मामले में भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कहा- हनुमान जयंती के चल समारोह हुआ कुछ लोग सोशल मीडिया पर जान से मारने की मर्डर करने की बात लिख रहे है। वो पठान है तो हम भी बर्रू कट भोपाली, देख लेंगे सबको लेकिन अभी में मर्यादा में हूं वो भी मर्यादा में रहे तो ठीक है।
दरअसल हिंदू नेता चंद्रशेखर तिवारी और भानू हिंदू को धमकी मिली है। उनकों संरक्षण मिलना चाहिए पुलिस कमिश्नर ने भी आश्वासन दिया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कहा- नारी शक्ति वंदन अधिनियम आ रहा है 16-17-18 अप्रैल में लोकसभा सत्र चलेगा और चर्चा होगी, मंथन होगा। लोकसभा की सीट बढ़ेगी और राज्यों के विधान सभा की सीट बढ़ेगी। महिलाओं को सम्मान देने का काम नरेंद्र मोदी की सरकार कर रही हैं। सबका साथ सबका विकास हमारी सरकार कर रही है।नारी शक्ति वंदन अधिनियम से ही जनगणना होगी, परिसीमन होगा और महिलाओं को सम्मान मिलेगा।
असम चुनाव पर कहा – डेढ़ महीने से वहां पार्टी के काम में जुटा हुआ था। असम के लोगों का जो प्रेम देखा, वहां की योजना देखी उससे सब लोग खुश है। मुझे पूरा विश्वास है हेमंत विश्वा शर्मा की सरकार फिर बनने वाली है। वायरल गर्ल मोनालिसा मामले पर कहा- लव जिहाद का मामला लैंड जिहाद का मामला छोटा मोटा नहीं है। ये योजनाबद्ध तरीके से चलता है। कई जगह तो लव जिहाद के इंस्टीट्यूट्स चल रहे है जहां बताया जाता कैसे हिंदू बेटियों को फंसाना है। जाति के आधार पर रेट तक फिक्स है। केरल में जो मामला सामने आया जिसमें परिजन ने बताया वो नाबालिग है। प्रशासन ने मामला दर्ज किया है। प्रशासन अपना काम करेगा और अब किसी को नहीं छोड़ा जाएगा।

इंदौर/ महाकुंभ से सुर्खियों में आई मध्य प्रदेश की तथाकथित ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा अब गंभीर कानूनी विवादों में घिर गई है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच रिपोर्ट ने पूरे मामले में सनसनी फैला दी है। रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मोनालिसा विवाह के समय नाबालिग थी, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम पर सवालों का तूफान खड़ा हो गया है।
आयोग की जांच के मुताबिक, पारधी जनजाति से जुड़ी मोनालिसा की उम्र शादी के वक्त 18 वर्ष से कम थी। यह विवाह 11 मार्च 2026 को केरल में संपन्न हुआ था। शिकायतकर्ता अधिवक्ता प्रथम दुबे द्वारा 17 मार्च 2026 को आयोग में याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद गठित जांच दल ने केरल से लेकर महेश्वर तक दस्तावेजों की गहन पड़ताल की।
जांच में सबसे बड़ा खुलासा महेश्वर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रिकॉर्ड से हुआ, जहां मोनालिसा की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज पाई गई। इस आधार पर शादी के समय उसकी उम्र करीब 16 वर्ष बैठती है। इतना ही नहीं, केरल में विवाह पंजीयन के दौरान प्रस्तुत जन्म प्रमाण पत्र में अलग जन्मतिथि दर्ज होने का मामला भी सामने आया है। जांच टीम ने इसे गंभीर गड़बड़ी मानते हुए संबंधित दस्तावेजों को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू करने की सिफारिश की है।
आयोग की सख्त अनुशंसा के बाद महेश्वर थाने में अपहरण समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में पति फरमान खान पर कानून का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और पूरे नेटवर्क की परतें खंगालने में जुटी है। इंदौर रेंज के आईजी अनुराग ने पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।
इस पूरे विवाद ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। शादी के आयोजन और संरक्षण को लेकर कुछ संगठनों और नेताओं की भूमिका पर भी उंगलियां उठ रही हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल, आयोग और पुलिस की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन इस खुलासे ने यह साफ कर दिया है कि ‘वायरल’ चमक के पीछे एक बड़ा कानूनी और सामाजिक सवाल छिपा हुआ था, जो अब पूरे सिस्टम के सामने खड़ा है।
---------------------------------
बोरवेल में जिंदगी से जंग- मासूम 75 फीट गहरे खुले बोरवेल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा
उज्जैन। उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र के झालरिया गांव में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां दो साल का मासूम भागीरथ देवासी पिछले कई घंटों से 75 फीट गहरे खुले बोरवेल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। मासूम की हर सांस अब रेस्क्यू टीम के संघर्ष पर टिकी है, जबकि घटनास्थल पर अफरा-तफरी और बेचैनी का माहौल बना हुआ है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी NDRF और SDRF की संयुक्त टीम लगातार बच्चे तक पहुंचने की जद्दोजहद कर रही है। SDRF के कमांडेंट संतोष जाट ने बताया कि बच्चे की सटीक लोकेशन 75 फीट की गहराई पर ट्रेस की गई है और उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। टीम अब बच्चे के हाथों में रस्सी की रिंग पहनाकर उसे ऊपर खींचने की रणनीति पर काम कर रही है।
रेस्क्यू के लिए पांच पोकलेन मशीनों से समानांतर सुरंग खोदी जा रही है, लेकिन 40 फीट खुदाई के बाद कठोर चट्टानों ने रास्ता रोक दिया। हालात इतने जटिल हो गए कि खुदाई का काम रोकना पड़ा। अब चट्टानों को तोड़ने के लिए हैमर मशीन मंगाई गई है, जिससे ऑपरेशन और ज्यादा संवेदनशील और जोखिम भरा हो गया है। बताया जा रहा है कि बोरवेल करीब 200 फीट गहरा है और उसमें पानी भी मौजूद है, जिससे खतरा और बढ़ गया है। कैमरे के जरिए लगातार बच्चे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और उसे ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया जा रहा है ताकि उसकी सांसें बनी रहें।
यह दर्दनाक हादसा गुरुवार शाम करीब साढ़े 7 बजे हुआ। भागीरथ के पिता प्रवीण देवासी राजस्थान के पाली जिले के रहने वाले हैं और परिवार पिछले तीन दिनों से इलाके में भेड़ चराने के लिए रुका हुआ था। परिजनों के मुताबिक, मासूम घर के पास खेल रहा था। खेल-खेल में उसने पत्थर से बोरवेल का ढक्कन हटाया और बाल्टी समझकर पैर अंदर डाल दिया। देखते ही देखते वह सीधे गहराई में समा गया। मां ने उसे गिरते देखा और बचाने के लिए दौड़ी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घटनास्थल पर दो एंबुलेंस तैनात हैं और प्रशासन का पूरा अमला अलर्ट मोड पर है। भोपाल से पहुंची NDRF टीम के साथ इंदौर, उज्जैन और हरदा की SDRF टीमें लगातार रेस्क्यू में जुटी हैं। हर गुजरता पल मासूम की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है, वहीं परिजनों की आंखें उम्मीद और डर के बीच झूल रही हैं। पूरे इलाके की निगाहें अब इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं—कि कब मासूम भागीरथ मौत के कुएं से बाहर निकलेगा।
------------------------------------------
इंदौर क्राइम ब्रांच के ASI और सिपाही को ATS ने पकड़ा- CDR बेचने का शक!
इंदौर। शहर की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने बड़ी कार्रवाई की है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) बेचने के शक में क्राइम ब्रांच के एक एएसआई और एक सिपाही को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, ATS को एक डिटेक्टिव एजेंसी के संचालक की कॉल डिटेल की जांच के दौरान इन पुलिसकर्मियों के नंबर संदिग्ध रूप से जुड़े मिले। इसके बाद ATS इंदौर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए पुलिसकर्मियों में एएसआई राम और सिपाही रविंद्र शामिल हैं। दोनों से ATS मुख्यालय में लगातार पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि रविंद्र क्राइम ब्रांच में निरीक्षक विष्णु वास्कले के अधीन कार्यरत था।
सूत्रों के अनुसार, एएसआई राम एक धोखाधड़ी के मामले में सिपाही कन्हैया के साथ महाराष्ट्र जा रहे थे, तभी ATS ने उनकी टावर लोकेशन ट्रेस कर कार्रवाई की। वहीं सिपाही रविंद्र को गुरुवार सुबह उसके घर से हिरासत में लिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि डिटेक्टिव एजेंसी के संचालक मुकेश तोमर से इन पुलिसकर्मियों का सीधा संपर्क था। आशंका जताई जा रही है कि खुफिया जानकारी जुटाने की आड़ में आम लोगों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) मोटी रकम लेकर बेची जा रही थी। इस मामले ने पुलिस विभाग के भीतर ही डेटा सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ATS फिलहाल पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी में बड़ा हादसा हो गया। केशी घाट के पास एक स्टीमर (नाव) पलट गई, जिससे वहां हड़कंप मच गया। इस नाव में करीब 25 लोग सवार थे, जो अचानक हादसे का शिकार हो गए। इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। वहीं, करीब एक दर्जन लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। कई लोगों के डूबने की आशंका जताई जा रही है।
डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि यह घटना दोपहर करीब 2:45 बजे हुई। उन्होंने कहा कि लुधियाना से लगभग 30 लोग यमुना नदी घूमने आए थे और इसी दौरान यह हादसा हुआ। डीएम ने कहा कि सभी लोगों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। आर्मी से भी मदद मांगी गई है।
प्रशासन ने सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है। रामकृष्ण मिशन अस्पताल को विशेष रूप से तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि घायलों का तुरंत इलाज हो सके।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। गोताखोरों की मदद से तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अब तक 13 लोगों को बाहर निकाला गया है, जिनमें 8 की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि 5 लोग सुरक्षित हैं।
एसपी (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि अब तक 22 लोगों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि घायलों को एंबुलेंस और PRV गाड़ियों के जरिए अस्पताल भेजा गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वहां एक पीपा पुल खराब हालत में था और उसकी मरम्मत चल रही थी। आशंका है कि इसी वजह से यह हादसा हुआ हो।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मृतकों के परिवार को मुआवजा देने के भी निर्देश दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा- उत्तर प्रदेश के मथुरा में नाव पलटने से हुई दुर्घटना से मैं अत्यंत दुखी हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है।
--------------------------------------
बस्तर में नक्सल ढांचा ढहा : अंतिम कमांडर सोड़ी केशा ने अपने 42 साथियों के साथ भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद सौंपे
बस्तर। छत्तीसगढ़ से लगे राज्य तेलंगाना से आई एक बड़ी खबर ने दक्षिण बस्तर में नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। नक्सलियों की बटालियन के अंतिम कमांडर सोड़ी केशा ने अपने 42 साथियों के साथ हैदराबाद में पुलिस के सामने समर्पण कर दिया है। इस दौरान उन्होंने पुलिस को भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी सौंपे हैं।
बताया जा रहा है कि सोड़ी केशा लंबे समय से दक्षिण बस्तर में सक्रिय नक्सलियों की आखिरी मजबूत कड़ी था, जिसने कर्रेगुट्टा की दुर्गम पहाड़ियों को अपना ठिकाना बना रखा था। हिड़मा के एनकाउंटर और बारसे देवा के सरेंडर के बाद संगठन की कमान पूरी तरह सोड़ी केशा के हाथों में आ गई थी, लेकिन लगातार दबाव और सुरक्षा बलों के ऑपरेशन के चलते अब उसने भी हथियार डाल दिए। इस बड़े समर्पण के साथ ही दक्षिण बस्तर में सक्रिय नक्सलियों की आखिरी संगठित टुकड़ी भी खत्म मानी जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक 42 माओवादियों के सरेंडर के बाद इलाके में नक्सल संगठन अब लगभग पूरी तरह निष्क्रिय हो चुका है। लगातार ऑपरेशन, रणनीतिक दबाव और सरेंडर पॉलिसी के असर से अब बस्तर में नक्सलवाद अपने अंतिम दौर में पहुंचता नजर आ रहा है।
कैडर के हिसाब से सरेंडर करने वाले नक्सली
DVCM (डिवीजनल कमेटी मेंबर)
ACM (एरिया कमेटी मेंबर)
PM (पार्टी मेंबर)
अन्य निचले स्तर के कैडर
आत्मसमर्पण के साथ डाले हथियार और गोला-बारूद
सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी सौंपा, जिनमें शामिल हैं—
AK-47 राइफल – 5
SLR और INSAS राइफल – कई
303 राइफल, 8mm और 9mm पिस्टल
38 रिवॉल्वर
देशी हथियार और शॉटगन
कुल हथियार – 36
कुल गोलियां – 1007
ग्रेनेड – 2
इसके अलावा नक्सलियों ने करीब 800 ग्राम सोना भी सुरक्षा बलों को सौंपा है।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों पर घोषित इनाम की राशि
सरेंडर करने वाले इन नक्सलियों पर सरकार ने अलग-अलग कैडर के हिसाब से इनाम घोषित कर रखा था।
राज्य समिति सदस्य – ₹20 लाख
डीवीसीएम – ₹8 लाख
एसीएम – ₹5 लाख
क्षेत्रीय समिति सदस्य – ₹4 लाख
पार्टी सदस्य – ₹1 लाख
इन सभी को मिलाकर कुल इनामी राशि करीब ₹1 करोड़ 93 लाख थी, जिसे छोड़कर ये सभी मुख्यधारा में लौटे हैं।


उज्जैन। रतलाम में एक शादी समारोह उस वक्त हंगामे और सन्नाटे में बदल गया, जब बारात लेकर पहुंचे दूल्हे के खिलाफ पुलिस में दुष्कर्म का गंभीर मामला दर्ज होने की सूचना मिली। आरोपी पर उज्जैन की एक 15 वर्षीय नाबालिग ने डरा-धमकाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। सबसे चौंकाने वाला खुलासा शादी वाले दिन ही हुआ, जब पता चला कि पीड़िता गर्भवती है।
पुलिस के अनुसार, घटना जनवरी 2026 की है, जब अभिषेक सेन ने पीड़िता के घर में घुसकर उसके साथ गलत काम किया था और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। आरोपी की शादी तय होने के बाद, पीड़िता ने मानसिक तनाव में आकर 6 अप्रैल को एसिड पीकर आत्महत्या की कोशिश की। 8 अप्रैल को इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसके गर्भवती होने की पुष्टि की, जिसके बाद पीड़िता ने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई।
सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और दुल्हन पक्ष को वस्तुस्थिति से अवगत कराकर शादी रुकवाई। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तारी के डर से आरोपी अभिषेक रतलाम पहुंचने से पहले ही फरार हो गया।
पुलिस की टीमें उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही हैं और जल्द ही उसे हिरासत में लेने का दावा किया है। आरोपी अभिषेक सेन बड़नगर थाना क्षेत्र की शिक्षक कॉलोनी का रहने वाला है। जिसकी शादी रतलाम की एक युवती से होने वाली थी, लेकिन उसके पहले ही रैप का कारनामा उजागर हो गया।


जबलपुर. एमपी के बहुचर्चित नर्सिंग घोटाले मामले में आज मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट विशाल बघेल की मुख्य जनहित याचिका सहित सभी नर्सिंग मामलों की सुनवाई की.
सुनवाई के दौरान एमपी नर्सिंग काउंसिल ने आवेदन पेश कर सत्र 2022-23 के जीएनएम प्रथम वर्ष की परीक्षा के लगभग 30 हजार छात्रों के परीक्षा परिणाम जारी करने की अनुमति मांगी. जिसके जबाब में याचिकाकर्ता की ओर से नर्सिंग मामले की सिलसिलेवार तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत कर कोर्ट को बताया गया कि बगैर भवन, लैब, लायब्रेरी, फैकल्टी के सैंकड़ों कॉलेजों को मान्यता दी गई. जब जांच में कॉलेज अपात्र पाए गए तो हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी उनके छात्रों को पात्र संस्थाओं में ट्रांसफर नहीं किया गया है. कॉलेजों को मान्यता देने वालों पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है.
युगलपीठ ने काउंसिल के रवैये पर मौखिक रूप से नाराजगी व्यक्त करते हुए पूछा कि जिन छात्रों का परीक्षा परिणाम जारी किया जा रहा है वे आखिर किन कॉलेजों में पढ़े हैं. क्या उन कॉलेजों के पास सभी संसाधन भवन, लैब, लाइब्रेरी, अस्पताल, फैकल्टी आदि मौजूद थे, क्या जांच में अपात्र पाए गए कॉलेजों के छात्रों को ट्रांसफर करने की बजाय उनके परीक्षा परिणाम जारी किए जा रहे हैं.
काउंसिल के आवेदन पर हाईकोर्ट ने टिप्पणी की है कि जब तक काउंसिल के द्वारा ये सभी जानकारी विस्तार से हाईकोर्ट में पेश नहीं की जाएगी तब तक किसी भी प्रकार की परीक्षा परिणाम जारी करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है. हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मापदण्डों की पूर्ति नहीं करने वाले संस्थाओं के छात्रों को सर्वप्रथम पात्र कॉलेजों में स्थानांतरित करने की कार्यवाही की जानी चाहिए . कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 24 अप्रैल को नियत की है.

प्रमुख समाचार

मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी में बड़ा हादसा हो गया। केशी घाट के पास एक स्टीमर (नाव) पलट गई, जिससे वहां हड़कंप मच गया। इस नाव में करीब 25 लोग सवार थे, जो अचानक हादसे का शिकार हो गए। इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। वहीं, करीब एक दर्जन लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। कई लोगों के डूबने की आशंका जताई जा रही है।डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि यह घटना दोपहर करीब 2:45 बजे हुई। उन्होंने कहा कि लुधियाना से लगभग 30 लोग यमुना नदी...

मध्य प्रदेश

विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के हैदरगढ़ गांव में तीन नकाबपोश लुटेरों ने सर्राफा व्यापारी के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया है। बासादेही गांव के रहने वाले व्यापारी मनोज सोनी हैदरगढ़ में लगने वाले बाजार से व्यापार कर लौट रहे थे, तभी देर शाम उनके साथ यह वारदात हुई। नकाबपोश लुटेरे व्यापारी को जान से मारने की धमकी देकर 10 किलो चांदी और करीब 60 ग्राम सोना लूट कर ले गए। लूटी गई कुल रकम की कीमत करीब 32 लाख रुपए बताई जा रही है। जिले के पांच थानों की पुलिस अब इन...

अपराध

इंदौर/ महाकुंभ से सुर्खियों में आई मध्य प्रदेश की तथाकथित ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा अब गंभीर कानूनी विवादों में घिर गई है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच रिपोर्ट ने पूरे मामले में सनसनी फैला दी है। रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मोनालिसा विवाह के समय नाबालिग थी, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम पर सवालों का तूफान खड़ा हो गया है।आयोग की जांच के मुताबिक, पारधी जनजाति से जुड़ी मोनालिसा की उम्र शादी के वक्त 18 वर्ष से कम थी। यह विवाह...
More inअपराध  

गुना सिटी

गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) गुना जिले में आदिवासियों को बरगलाकर धर्मांतरण कराने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। मोहनपुर खुर्द गांव में 'चंगाई सभा' के नाम पर चल रहे इस पाखंड पर म्याना पुलिस ने मुख्य आरोपी पास्टर उत्तम बारेला और विकास बारेला सहित उनके साथियों पर एफआईआर दर्ज की है। ये लोगों को मटन—मुर्गा पार्टी से लेकर नरक तक का भय दिखाकर धर्मांतरण कराते थे। आदिवासियों के बीच चंगाई सभा, सिर पर हाथ रखे पास्टर और कैंसर ठीक करने का झांसा, मटन-मुर्गे की दावत और...

फोटो गैलरी

35,10,0,50,1
25,600,60,1,300,200,25,800
90,150,1,50,12,30,50,1,70,12,1,50,1,1,1,5000
0,2,1,0,2,40,15,5,2,1,0,20,0,1
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
पूजा स्थल मे गरिमा
पूजा स्थल मे गरिमा