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जबलपुर। जबलपुर से खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है। शहर के प्रसिद्ध ‘सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट’ पर प्रशासनिक टीम ने छापामार कार्रवाई की है, जिसमें बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रेस्टोरेंट के किचन में बाथरूम के पानी से खाना बनाया जा रहा था और उसी गंदे पानी से सब्जियां धोई जा रही थीं। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से रेस्टोरेंट को सील कर दिया है और उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट के किचन में अचानक दबिश दी। निरीक्षण के दौरान वहां की व्यवस्थाएं देखकर अधिकारी भी सन्न रह गए। किचन में खाना पकाने और सब्जियों को धोने के लिए साफ पानी की बजाय सीधे बाथरूम के पानी का इस्तेमाल किया जा रहा था। आम जनता की सेहत के साथ खुलेआम किए जा रहे इस बड़े खिलवाड़ को देखकर प्रशासनिक अमले ने कड़ी आपत्ति जताई।
जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि इस रेस्टोरेंट में तैयार होने वाला खाना केवल स्थानीय ग्राहकों तक सीमित नहीं था, बल्कि यहाँ से रेलवे में भी भोजन की सप्लाई की जाती थी। यात्रियों की सेहत को ताक पर रखकर इस तरह के अस्वच्छ माहौल में खाना परोसे जाने की बात सामने आने के बाद रेलवे महकमे में भी हड़कंप मच गया है।
अनियमितताओं और भारी गंदगी को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत सख्त कदम उठाए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। प्रशासनिक टीम ने रेस्टोरेंट को पूरी तरह से सील कर दिया है। अधिकारियों ने मौके से पनीर, दाल और चावल समेत अन्य खाद्य पदार्थों के संदेहास्पद सैंपल लेकर जांच के लिए स्टेट लेबोरेटरी भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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किसानों के लिए डॉ मोहन सरकार का बड़ा फैसला: अब अवकाश के दिनों में भी खुली रहेंगी कृषि उपज मंडियां
भोपाल। मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा और राहत भरा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि अब अवकाश (छुट्टियों) के दिनों में भी कृषि उपज मंडियां खुली रहेंगी और किसानों से सोयाबीन तथा मक्का की खरीदी की जाएगी। इस व्यवस्था से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए छुट्टियों के समाप्त होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
प्रदेश में वर्तमान में सोयाबीन और मक्का की बंपर आवक को देखते हुए किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। सरकार के इस फैसले से अन्नदाताओं को अपनी फसल बेचने में सुगमता होगी और वे बिना किसी रुकावट के मंडियों में अपनी उपज का विक्रय कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस निर्णय की जानकारी साझा करते हुए कहा-“सोयाबीन और मक्का उत्पादक किसानों की सुविधा और उनकी उपज के सुगम उपार्जन के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अब अवकाश के दिनों में भी सोयाबीन एवं मक्का की खरीदी करने और मंडियां खुली रखने का निर्णय लिया गया है। किसानों की सुविधा, उनकी मेहनत का उचित मूल्य और उनके हितों की रक्षा प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
सरकार के इस संवेदनशील निर्णय से राज्य के लाखों किसान लाभान्वित होंगे और उन्हें अपनी मेहनत का सही समय पर उचित मूल्य मिल सकेगा।
सोयाबीन और मक्का उत्पादक किसानों की सुविधा और उनकी उपज के सुगम उपार्जन के लिए मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है।
अब अवकाश के दिनों में भी सोयाबीन एवं मक्का की खरीदी करने और मंडियां खुली रखने का निर्णय लिया गया है। इससे किसान बिना किसी असुविधा के अपनी उपज का विक्रय कर सकेंगे।…
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थाने के अंदर जब्त वाहनों के पार्ट्स बेचने का वीडियो वायरल: महकमे में हड़कंप, SSP ने मांगी रिपोर्ट
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। जिले के बेलखेड़ा थाने के अंदर खड़े जब्त वाहनों के पार्ट्स और स्क्रैप को अवैध रूप से बेचने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) ने तुरंत संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मियों पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो जबलपुर जिले के बेलखेड़ा थाना परिसर का बताया जा रहा है। वीडियो में थाने के मुहाने और परिसर में लावारिस व विभिन्न मामलों में जब्त कर खड़े किए गए वाहनों (जब्ती के वाहनों) के पुर्जे और स्क्रैप को चोरी-छिपे बाहर बेचने की बात सामने आ रही है। शुरुआती चर्चाओं और वीडियो के आधार पर थाने के ही एक आरक्षक पर इस अवैध कृत्य में संलिप्त होने और मिलीभगत का गंभीर आरोप लग रहा है। थाने की अभिरक्षा में सुरक्षित रखे जाने वाले वाहनों के पार्ट्स इस तरह बिकने से पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
मामला उच्च अधिकारियों तक पहुँचने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अंजना तिवारी ने इस पूरे मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए संबंधित थाना प्रभारी (TI) से तत्काल विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। एएसपी अंजना तिवारी ने स्पष्ट किया है कि वीडियो और प्राथमिक तथ्यों की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त वैधानिक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

आगर मालवा। मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले की ग्राम पंचायत निपानिया बैजनाथ में मंदिर तोड़े जाने के बाद विरोध तेज हो गया है। अब इस मामले में शुक्रवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इंदौर-कोटा नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन करते हुये चक्काजाम कर दिया। जिसके बाद करीब आधे घंटे तक हादवे पर जाम जैसी स्थिति पैदा हो गई।
प्रदर्शन करते कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनके संगठन और कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यकर्ताओं ने पहले थाने का घेराव कर आरोपी से माफी मंगवाने की मांग की। बात नहीं बनने पर आक्रोशित कार्यकर्ता हाईवे पर पहुंच गए और चक्काजाम कर दिया।
बता दें कि बजरंब दल के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान हाईवे जाम होने से इंदौर-कोटा हाईवे से गुजरने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर मौजूद पुलिस ने समझाइश के बाद जाम खुलवाया।
मंदिर हटाने वाले व्यक्ति का कहना है कि यह जमीन उसकी निजी है, इसलिए उसने वहां से मंदिर हटाया है। वहीं, संगठन के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मंदिर शासकीय भूमि पर बना हुआ था और इसे जानबूझकर तोड़ा गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है
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पुलिस का एक्शन, कार से 75 किलो अवैध डोडाचूरा किया बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार
नीमच। मध्यप्रदेश में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस आरोपियों को दबोचकर सलाखों के बीच भेज रही है। इसी बीच, नीमच जिले में नयागांव पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुये एक फोर्ड कार से 75 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा जब्त किया है। साथ ही पुलिस ने दो आरोपियों को भी दबोचा है। जब्त किये मादक पदार्थ और वाहन की कुल अनुमानित कीमत 9 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।
बता दें कि पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन में जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत जावद थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज सिंह जादौन के नेतृत्व में चौकी नयागांव पुलिस की टीम ने यह कार्रवाई की है।
पुलिस टीम द्वारा चार खम्बा चौराहा गोठा गुठलाई रोड स्कूल के पास बैरिकेडिंग कर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान वहां आई एक फोर्ड कार (क्रमांक HR 08 Y 1201) के चालक ने पुलिस की नाकाबंदी देखकर कार को भागनेे का प्रयास करने लगे।
बता दें कि संदिग्धों ने जैसे ही भागने का प्रयास किया तब पुलिस को कुछ शक हुआ। इसके बाद पुलिस की टीम ने तत्काल ही घेराबंदी कर कार को रोका और सवार दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया। इसके बाद पुलिस ने कार की तलाशी ली। पुलिस को तलाशी के दौरान कार के भीतर 7 कट्टों में 15-15 किलोग्राम के हिसाब से कुल 75 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 1 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।
जानकारी अनुसार, पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल 8 लाख रुपये कीमत की एक फोर्ड कार को भी जब्त कर लिया है। वहीं, पूछताछ में कार चालक ने अपना नाम भंवरदास पिता बंशीदास बैरागी (45), राजस्थान तथा उसके साथी ने अपना नाम लालाराम पिता रामलाल गुर्जर (31), नीमच बताया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों से डोडाचूरा के आपूर्ति स्रोत और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
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लोकतंत्र बचाओ’ रैली में बवालः 30 हजार के बल्ब और फिनाइल का पोस्टर लेकर पहुंचे सोशल वर्कर पर भड़के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
इंदौर। शहर में बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली सजकर तैयार थी। नेताजी मंच से लोकतंत्र का पाठ पढ़ा ही रहे थे कि अचानक भीड़ में एक ‘अनबुलाए मेहमान’ आ टपका। सोशल वर्कर प्रहलाद पांडे हाथ में एक पर्चा थामे सीधे मंच के सामने पहुंचे, जिस पर नगर निगम की खरीदी का बड़ा ही अनोखा गणित लिखा था- “30 हजार का बल्ब और 33 हजार का फिनाइल!” बस फिर क्या था, फिनाइल का नाम सुनते ही कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पारा ऐसा चढ़ गया कि रैली का पूरा राजनीतिक एजेंडा ही धरा का धरा रह गया।
मंच से लोकतंत्र बचाने और अराजकता मिटाने के बड़े-बड़े दावे हो रहे थे, लेकिन जनता की नज़र प्रहलाद पांडे के उस पोस्टर पर जा अटकी। पोस्टर पर लिखा बल्ब और फिनाइल का दाम सीधे नगर निगम के बजट को चिढ़ा रहा था। जैसे ही कैलाश विजयवर्गीय की पैनी नज़र इस अनोखी पर्ची पर पड़ी, उनका कड़क मिज़ाज तुरंत बाहर आ गया। भाषण रोककर उन्होंने सीधे पुलिस को आवाज़ लगाई- “ये एक न्यूसेंस यहां पर आ गया… इधर आओ, पुलिस अधिकारी कोई आ जाए! एक पुलिस अधिकारी आ जाए!”
मंत्री जी ने मंच से ही पोस्टर वाले भाई साहब को आड़े हाथों लेते हुए चेताया कि जहां जवाब देना होगा, वहां दे देंगे, अभी तो पतली गली पकड़ो, वरना लोग फ्री-फंड में जवाब दे देंगे! लेकिन इतने से जब मन नहीं भरा, तो सीधे खाकी को एक्शन का ऑर्डर थमा दिया- “ये न्यूसेंस कर रहा है, इसका कागज लो और इसको जरा गाड़ी में बिठा दो थोड़ी देर के लिए… इसको ले जाओ जरा यहां से, इसको गाड़ी में बिठाओ! यहां दिखना नहीं चाहिए।” मंत्री जी का हुक्म मिलते ही पुलिसकर्मियों की बत्ती जली, आनन-फानन में पोस्टर ज़ब्त हुआ और प्रहलाद पांडे को सरकारी गाड़ी की सैर कराने ले जाया गया।
गुस्से के इस उफान में मंत्री जी के मुंह से कुछ ऐसे बोल भी निकल गए, जो अब इंटरनेट का सबसे चटपटा मसाला बन चुके हैं। उन्होंने भड़ास निकालते हुए कहा- “साला इतने जूते खाने के बाद में भी यहां पर आ गया जबरदस्ती में!” अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर 30 हज़ार के बल्ब और 33 हज़ार के फिनाइल में ऐसा कौन सा करंट था, जिसने मंत्री जी को इतना लाल-पीला कर दिया? अगर हिसाब गलत था तो माइक पर ही गणित समझा देते, सवाल उठाने वाले को सीधे गाड़ी में बिठाने का क्या तुक था?
इस पूरे ड्रामे ने रैली के नाम और मंत्री जी के काम के बीच का फर्क जगज़ाहिर कर दिया है। जिस मंच से ‘लोकतंत्र बचाने’ की हुंकार भरी जा रही थी, उसी मंच के सामने जब एक आम नागरिक पोस्टर लेकर पहुंचा, तो उसे ‘न्यूसेंस’ की उपाधि देकर रवाना कर दिया गया। अब मुद्दा सिर्फ महंगे बल्ब और फिनाइल का नहीं रह गया है; असली सवाल यह है कि क्या लोकतंत्र की रैली में सवाल पूछना गुनाह है? फिलहाल मंत्री जी का यह तेवर वाला वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर गर्दा उड़ा रहा है और लोग पूछ रहे हैं- “मंत्री जी, जवाब कब मिलेगा?”

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसले में स्पष्ट किया कि वयस्क युवक-युवती के बीच आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंधों को केवल रिश्ता टूटने के बाद दुष्कर्म का मामला नहीं माना जा सकता. शादी का वादा कर संबंध बनाने के आरोप से जुड़े एक मामले में अदालत ने आरोपी व्यक्ति को राहत देते हुए आरोपों से मुक्त कर दिया.
जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि प्रेम संबंधों में आपसी सहमति से बने शारीरिक रिश्तों को ब्रेकअप के बाद आपराधिक रंग देना उचित नहीं है. हर टूटे हुए रिश्ते को दुष्कर्म के मामले में बदलना कानून का उद्देश्य नहीं हो सकता.
हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि शुरुआत से ही शादी का झूठा वादा करके या धोखे से शारीरिक संबंध बनाए गए हों, तो मामला अलग होगा. ऐसे मामलों में यह जांचना जरूरी है कि सहमति वास्तव में स्वतंत्र थी या धोखे के आधार पर हासिल की गई थी.
सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणियां
1. रिश्ता खत्म करना अपराध नहीं: अदालत ने कहा कि केवल रिश्ता तोड़ने या शादी से इनकार करने के आधार पर किसी पुरुष के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज करना उचित नहीं है. किसी व्यक्ति को रेप केस की धमकी देकर जबरन रिश्ते में बने रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता.
2. कानून का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए: किसी को परेशान करने या बदला लेने के लिए दुष्कर्म कानून का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. अदालत के मुताबिक, आपसी सहमति से बने संबंधों और शुरुआत से ही धोखे या जबरदस्ती से बनाए गए संबंधों के बीच अंतर समझना जरूरी है.
3. सबूतों के आधार पर हो फैसला: किसी भी मामले में आरोपों की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है. यौन हिंसा, जबरदस्ती या धोखाधड़ी के प्रमाण मिलने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.
4. महिलाओं की पीड़ा को भी समझना जरूरी: अदालत ने महिलाओं की सामाजिक परिस्थितियों और परेशानियों पर भी ध्यान दिलाया. कई महिलाएं परिवार की प्रतिष्ठा और सामाजिक बदनामी के डर से यौन हिंसा की शिकायत दर्ज कराने से हिचकती हैं. ऐसे मामलों में उनकी मुश्किलों और परिस्थितियों को भी संवेदनशीलता से समझना जरूरी है.
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बंगाल-असम में महासैलाब आ रहा! भूटान में ग्लेशियर झील फटी, कई इलाकों में मचाई तबाही, भारत में हाईअलर्ट
भूटान की ग्लेशियर शिंताफू झील फटने की खबर है। गुरुवार देर रात जोरदार ब्लास्ट के साथ भूटान की शिंताफू झील के फट गई। इसके बाद पानी का तेज सैलाब सबकुछ बहा ले गया। भूटान में ग्लेशियर झील फटने के बाद बना सैलाब भारत की ओर बढ़ रहा है। ये महासैलाब बंगाल-असम की ओर बढ़ रहा है। इसके कारण नॉर्थ बंगाल और असम में हाईअलर्ट जारी किया गया है।
चेतावनी दी गई है कि संकोश नदी के जलस्तर में अचानक भारी बढ़ोतरी हो सकती है। असम के धुबरी जिले के अलावा, उत्तरी बंगाल के कुछ हिस्सों – जिसमें दार्जिलिंग की पहाड़ियां और अलीपुरद्वार तथा जलपाईगुड़ी जिले शामिल हैं, में भी अलर्ट जारी किया गया है।
शिंताफू झील से ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के खतरे को देखते हुए पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार में अलर्ट जारी है। करीब 10 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। NDRF-SDRF की टीमों को तैनात कर दिया गया है। ल से बाहर निकला पानी मोफू नदी के रास्ते सोनकोश नदी की ओर बढ़ रहा है। इस वजह से एक तरफ भूटान के लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ बंगाल और असम में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। बता दें कि शिंताफू झील, भूटान की उन 17 झीलों में से एक है, जिन्हें संभावित रूप से खतरनाक माना जाता है। संकोश नदी भूटान से भारत में प्रवेश करती है और उत्तरी पश्चिम बंगाल तथा उससे सटे असम के कई इलाकों में रहने वाले लोगों के जीवन का आधार है।
भारत की ओर से जारी विशेष एडवाइजरी में कहा गया है कि पुनात्सांगछू नदी के ऊपरी क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ के कारण पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार और असम के धुबरी जिले में जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। एडवाइजरी के मुताबिक, बाढ़ का पानी घटना के बाद 8 से 10 घंटे के भीतर भारत-भूटान सीमा तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। दोनों जिलों के अधिकारियों से स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने को कहा गया है।
हालांकि, बाद में कुमारग्राम इलाके में फ्लैश फ्लड के पानी का असर खत्म होने और सभी लोगों के सुरक्षित होने की भी जानकारी सामने आई है। इसके बाद भी बंगाल और असम सरकार अलर्ट मोड पर हैं। पश्चिम बंगाल के वन मंत्री और कुमारग्राम के विधायक मनोज कुमार उरांव ने अलीपुरद्वार जिले में संकोश नदी के किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की अपील की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में, उरांव ने चेतावनी दी कि अगले 1 से 1.5 घंटे के भीतर कुमारग्राम में नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि हो सकती है। उन्होंने लोगों से एहतियात के तौर पर वहां से हटने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
जब ग्लेशियरों के पिघलने से बनी झील में जमा पानी अचानक बाहर निकल आता है – अक्सर किसी प्राकृतिक रुकावट (बाध) के टूटने या कमजोर पड़ने के कारण – तो उसे GLOF कहा जाता है। इसके कारण पानी का एक तेज बहाव पहाड़ी घाटियों से होकर गुजरता है, जो अपने साथ मलबा बहाकर लाता है और बस्तियों, सड़कों, पुलों और खेतों को नुकसान पहुंचाता है। शिंताफू झील, भूटान के पुनात्सांगचू नदी बेसिन में स्थित है। भारत में प्रवेश करने के बाद इस नदी को संकोश नदी के नाम से जाना जाता है।
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कश्मीरियों से चंदा वसूली, फिर आतंकियों की मदद : जम्मू-कश्मीर में लश्कर-TRF से जुड़े 10 सदस्य गिरफ्तार
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शोपियां में आतंकियों की फंडिंग के जरिए मदद करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जुड़े 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के संबंध जम्मू-कश्मीर की अलग-अलग जेलों में बंद आतंकियों और उनके सहयोगियों से थे। मामले में और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
जांच में पता चला है कि आरोपी कश्मीर के आम लोगों से चुपके से जिहाद के नाम पर पैसे जुटाते थे। इसके बाद इन पैसों को खास वित्तीय नेटवर्क के जरिए आतंकियों तक पहुंचाया जाता था, ताकि उनकी गतिविधियों में मदद की जा सके। जम्मू-कश्मीर में पिछले 68 दिनों में 28 आतंकी सहयोगी गिरफ्तार किए गए। पहलगाम हमला इसी तरह के नेटवर्क के जरिए अंजाम दिया गया था।
गिरफ्तार आरोपियों में शोपियां के सैदपोरा बाला के ओवैस शफी नाइकू, रावलपोरा के तजामुल अहमद शाह, चित्रगाम कलां के मोज इरबाल और इमदाद यूसुफ गनई शामिल हैं। इसके अलावा पुलवामा के मुर्रन के साकिब जहूर वानी और लियाकत नजीर लोन, अरमोह के आमिर अहमद गनई, शोपियां के ट्रेंज स्थित नादिगुंड के फिरदौस ठोकर और कठुआ के चेक हरिया के मोहम्मद हनीफ और काजू को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान अलग-अलग पेमेंट प्लेटफॉर्म से किए गए कई संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन का पता चला। इनकी जांच में आतंकी फंडिंग से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। इस मामले में शोपियां पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों से लिए पैसे से आतंकियों को स्मार्टफोन और दूसरी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराते थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने कहा कि इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
जम्मू-कश्मीर के आतंकी संगठनों में ‘द रजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) नया नाम है। 2019 में जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल-370 हटाए जाने के बाद यह अस्तित्व में आया। भारत सरकार भी मानती है कि ये लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी आतंकी संगठन है।
ये आतंकी संगठन जवानों और आम नागरिकों की हत्या के अलावा सीमा पार से ड्रग्स और हथियार की तस्करी में शामिल रहा है। सुरक्षा मामलों के जानकार बताते हैं कि सीमा पार से ISI हैंडलर्स ने ही लश्कर-ए-तैयबा की मदद से TRF को खड़ा किया।

शिवपुरी मध्य प्रदेश के जिले से करवा चौथ को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पत्नी ने पति के लिए करवा चौथ का व्रत नहीं रखा तो नाराज पति सीधे थाने पहुंच गया। पति ने बदरवास थाने में आवेदन देकर पत्नी पर बेवफाई करने का आरोप लगाया। उसने शिकायत में लिखा कि उसकी पत्नी न तो उसके लिए करवा चौथ का व्रत रख रही है और न ही उसकी पूजा कर रही है। पति ने पुलिस से मामले में कार्रवाई करने की मांग की है। आवेदन सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में है।
बदरवास थाने में दिए गए आवेदन के मुताबिक, शिकायतकर्ता का नाम बोरेलाल आदिवासी है। उन्होंने खुद को लालू आदिवासी का पुत्र और शिवपुरी जिले के बिजरावन गांव का निवासी बताया है। आवेदन में उन्होंने अपनी पत्नी का नाम मिथलेश आदिवासी लिखा है। बोरेलाल ने शिकायत में आरोप लगाया कि उनकी पत्नी उनके लिए करवा चौथ का व्रत नहीं रख रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पत्नी उनके साथ बेवफाई कर रही हैं और उन्हें मारना चाहती हैं। आवेदन में पति ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए पुलिस से कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, ये सभी बातें शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप हैं।
शिकायत में बोरेलाल ने करवा चौथ के व्रत और पूजा को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। आवेदन के अनुसार, उन्होंने पत्नी से कहा कि वह चांद देखकर व्रत पूरा करें, ताकि उनकी उम्र लंबी हो सके। पति का आरोप है कि पत्नी उनकी बात नहीं मान रही हैं। इसी बात को लेकर उन्होंने आवेदन में लिखा कि अगर इस बार पत्नी ने उनकी पूजा नहीं की तो वह उन्हें तलाक दे देंगे। इस बयान ने मामले को और चर्चा में ला दिया है।
करवा चौथ एक पारंपरिक त्योहार है, जिसमें कई महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। लेकिन व्रत रखना या न रखना व्यक्तिगत आस्था और पसंद का विषय है।

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करवाचौथ की खुशियां मातम में बदलीं: पार्लर जाने की जिद पर पति से हुआ विवाद, महिला ने लगाई फांसी
भोपाल। राजधानी भोपाल से करवाचौथ के पावन पर्व पर एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। राजधानी के अवधपुरी थाना क्षेत्र में करवाचौथ के मौके पर पार्लर न जाने देने के विवाद के चलते एक 44 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और घर में करवाचौथ की तैयारियों की जगह मातम पसर गया है।
मृतका की पहचान 44 वर्षीय आरती कुर्रे के रूप में हुई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, करवाचौथ के व्रत और पूजा के लिए आरती ब्यूटी पार्लर जाना चाहती थीं, लेकिन पति द्वारा पार्लर ले जाने से मना करने पर दोनों के बीच विवाद हो गया था। इस बात से आहत होकर महिला ने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें लिखा है— “थैंक्यू हसबैंड, जा रही हूं, खुश रहो…”। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय घर में ससुर सो रहे थे और 14 साल का बेटा स्कूल गया हुआ था। महिला ने दोपहर के वक्त यह आत्मघाती कदम उठाया। जब खिड़की का कांच तोड़कर देखा गया, तो वह नीचे गिरी हुई मिलीं।
आशंका जताई जा रही है कि फंदे पर लटकने के दौरान दुपट्टा टूटने से वह नीचे आ गिरीं। इस दर्दनाक हादसे के बाद 14 साल के इकलौते बेटे के सिर से मां का साया उठ गया है। अवधपुरी थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मौके से मिले सुसाइड नोट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत के सही कारणों की बारीकी से जांच की जा रही है।
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पूर्व IAS रमेश थेटे नागपुर से गिरफ्तार: भोपाल पुलिस ने कोर्ट के वारंट पर की बड़ी कार्रवाई; घोषित किए गए थे फरार
भोपाल। मध्य प्रदेश कैडर के चर्चित पूर्व आईएएस अधिकारी रमेश थेटे को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। भोपाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड आईएएस रमेश थेटे को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। अदालत द्वारा लगातार जारी किए जा रहे नोटिस और सम्मन के बावजूद पेश न होने पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था और उन्हें फरार घोषित कर दिया गया था।
जानकारी के अनुसार, रमेश थेटे अदालत की कानूनी प्रक्रियाओं और नोटिसों का लगातार जवाब नहीं दे रहे थे, जिसके चलते न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। कोर्ट के आदेश को तामील कराते हुए भोपाल पुलिस की टीम ने नागपुर पहुंचकर उन्हें धर दबोचा।
रमेश थेटे अपने सेवाकाल के दौरान और रिटायरमेंट के बाद भी कई बार अपने बयानों और विभिन्न मामलों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। फिलहाल, पुलिस उन्हें नागपुर से भोपाल लेकर आ रही है, और आगे की वैधानिक प्रक्रिया के तहत उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक दिन में छह लोगों की मौत हो गई। दो सगी बहनों ने अलग-अलग जगह अपने बच्चों के साथ जान दे दी। मृतकों में दो महिलाएं और चार बच्चे हैं। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम किया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
घटना बुधवार की है। शिवपुरी की घटना दो अलग थाना क्षेत्रों में हुई। पहली घटना बैराड़ थाना क्षेत्र में दोपहर को हुई। दूसरी घटना कोलारस थाना क्षेत्र में शाम को सामने आई। पहली घटना में 35 साल की महिला ने बेटे के साथ जान दे दी। वह आठ महीने की गर्भवती थीं। गर्भ में पल रहे शिशु की भी जान चली गई। शाम को उसकी बड़ी बहन ने भी तीन बच्चों के साथ जान दे दी। इसकी उम्र 40 साल थी। इस तरह शिवपुरी में दो बहनों ने अपने चार बच्चों के साथ जिंदगी खत्म कर ली।
परिवार का कहना है कि छोटी बहन गहरे सदमे में थीं। उनके पति की करीब एक महीने पहले सड़क दुर्घटना में मौत हुई थी। पति की मौत के बाद मानसिक अवसाद की बात परिवार ने बताई है। पुलिस यह पता लगा रही है कि वजह सिर्फ अवसाद थी या नहीं। कोई और पारिवारिक कारण भी हो सकता है, यह जांच का हिस्सा है।
पहली घटना के बारे में गांव में एक चर्चा भी है। कहा जा रहा है कि परिवार की एक बेटी समय रहते घर पहुंची। उसने परिजनों को खबर दी। परिजन तुरंत पहुंचे, पर तब तक देर हो चुकी थी। यह जानकारी अभी आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है। इस हादसे में महिला, उनके बेटे और गर्भस्थ शिशु की मौत हुई। परिवार एक महीने में दूसरा बड़ा सदमा झेल रहा है। पहला सदमा पति की मौत का था।
बड़ी बहन कोलारस थाना क्षेत्र में रहती थीं। बुधवार दोपहर वह अपने तीन बच्चों के साथ घर से निकली थीं। शाम करीब 6 बजे तक कोई घर नहीं लौटा। परिजनों ने तलाश शुरू की। तलाश के दौरान उन्हें पूरे मामले का पता चला। महिला और तीनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस बल ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचा। घटना की गंभीरता देखकर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे। कार्रवाई पूरी होने के बाद सभी शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। एक ही दिन दो बहनों और उनके बच्चों की अर्थी उठी। दोनों गांवों में सन्नाटा पसरा रहा। शोक में डूबे ग्रामीणों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
"हम मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस घटनाओं से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई कर रही है। दोनों बहनों के जान देने के कारणों की बारीकी से जांच हो रही है।"
-जितेंद्र चंदेलिया, थाना प्रभारी, कोलारस थाना, पुलिस विभाग
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करवा चौथ का साथ खरीदा सामान, सुबह खलबट्टे से पत्नी की हत्या; ग्वालियर में सनसनीखेज वारदात
ग्वालियर। जिस पत्नी के साथ करवा चौथ की तैयारियों के लिए बाजार जाकर त्योहार का सामान खरीदा, जिसने रात को हाथों में मेहंदी लगाई, उसी की गुरुवार सुबह पति ने बेरहमी से हत्या कर दी। ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र स्थित त्यागी नगर में पति ने खलबट्टे से पत्नी के सिर और चेहरे पर कई वार किए। हत्या के बाद आरोपी आनंद श्रीवास्तव ने खुद पुलिस को फोन कर वारदात की जानकारी दी और अपना जुर्म कबूल किया। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो बेडरूम में मधु श्रीवास्तव का शव कंबल में लिपटा मिला। उसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान थे। आनंद और मधु ने 16 साल पहले प्रेम विवाह किया था। दोनों के दो बच्चे हैं। फिलहाल हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
आनंद और मधु ने वर्ष 2010 में प्रेम विवाह किया था। बुधवार को करवा चौथ की तैयारियों के बीच घर में त्योहार का माहौल था। मधु ने हाथों में मेहंदी लगाई थी। आनंद भी उसके साथ बाजार गया था, जहां दोनों ने त्योहार के लिए जरूरी सामान खरीदा। परिवार रात करीब 12 बजे तक जाग रहा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि अगली सुबह घर में ऐसी वारदात हो जाएगी।
गुरुवार सुबह घर में सबकुछ सामान्य नजर आ रहा था। आनंद ने बच्चे को पोहे बनाकर खिलाए, जबकि मधु घर की साफ-सफाई कर रही थी। इसी दौरान आनंद ने खलबट्टे से मधु के सिर और चेहरे पर एक के बाद एक कई वार कर दिए। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। सुबह करीब 9 से 9:30 बजे के बीच आनंद के चिल्लाने की बात सामने आई। वह कह रहा था कि उसने अपनी पत्नी को मार दिया है। इसके बाद उसने खुद पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी और हत्या की बात स्वीकार की।
सूचना मिलने पर मुरार थाना पुलिस त्यागी नगर स्थित घर पहुंची। बेडरूम में मधु का शव कंबल में लिपटा हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में सिर और चेहरे पर खलबट्टे से किए गए वार के निशान मिले। पुलिस ने आरोपी आनंद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आनंद पिछले कुछ समय से बेरोजगार था और काम की तलाश कर रहा था। हालांकि, बेरोजगारी को हत्या की वजह मानने की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात से पहले पति-पत्नी के बीच कोई विवाद हुआ था या नहीं और हत्या के पीछे असल वजह क्या थी।
बताया गया है कि आनंद की मानसिक स्थिति पिछले साल मई-जून के दौरान बिगड़ गई थी। उस समय उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसका इलाज चला था। इसके बाद से वह घर पर रह रहा था और कोई नियमित काम नहीं कर रहा था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। हालांकि, उसकी मानसिक स्थिति और हत्या के बीच किसी संबंध की फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
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सराफा व्यापारियों से नकाबपोश बदमाशों ने की लूट, 6 किलो चांदी, 300 ग्राम सोना, 5 लाख रुपए नगद लूटकर भागे
जबलपुर. एमपी के जबलपुर में खजरी खिरिया बायपास पनागर रोड पर देर रात तीन बदमाशों ने चाकू की नोक पर दो सराफा व्यापारियों से उनकी कार लूट ली. कार में 6 किलो चांदी, 300 ग्राम सोना और 5 लाख रुपए नकद रखे थे. वारदात के बाद पुलिस ने नाकाबंदी कर तलाश शुरू की. आज सुबह कार कटंगी बायपास के पास मिल गई. पुलिस के मुताबिक कार में जेवरात सुरक्षित रखे मिले. आरोपियों की तलाश जारी है.
जानकारी के मुताबिक जबलपुर के नुनहाई निवासी दीपक जैन और आकाश सोनी रात करीब 2 बजे के बीच कार क्रमांक रूक्क 2र्0 ंरू 8311 से कटनी से लौट रहे थे. खजरी-खिरिया बायपास के पास उन्होंने सड़क किनारे कार रोकी और बाथरूम जाने के लिए बाहर निकले. इसी दौरान एक्टिवा से आए तीन बदमाशों ने चाकू दिखाकर उनके साथ मारपीट की और कार लेकर फरार हो गए. वारदात के बाद व्यापारियों ने पुलिस को सूचना दी.
इसके बाद जबलपुर और आसपास के इलाकों में नाकाबंदी की गई. आधारताल थाना पुलिस के साथ कटंगी, पाटन सहित कई थानों की पुलिस ने भी तलाश शुरू की. पुलिस के अनुसार आज सुबह कटंगी बायपास के पास एक काली कार खड़ी होने की सूचना मिली. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार की तलाशी ली तो उसमें जेवरात मिले. तीनों आरोपी अज्ञात हैं. उनकी तलाश की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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