भोपाल। राजधानी के हनुमानगंज थाना क्षेत्र में काजू व्यापारी की दुकान से 3 लाख 78 हजार रुपये चोरी करने के मामले में पुलिस ने एक हम्माल को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने दुकान का ताला तोड़े बिना पास की निर्माणाधीन बिल्डिंग के रास्ते तीसरी मंजिल तक पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया था। वह दुकान के काउंटर में रखी पूरी नकदी लेकर फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की पूरी रकम बरामद कर ली है।
पुलिस के मुताबिक पुष्पानगर ऐशबाग निवासी रोहतास चौहान (42) की हनुमानगंज क्षेत्र में मां नर्मदा ट्रेडर्स के नाम से काजू की दुकान है। 25 अक्टूबर को उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि दुकान से 3 लाख 78 हजार रुपये नकद गायब हैं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दुकान का ताला सुरक्षित था और उसे तोड़े जाने के कोई निशान भी नहीं मिले थे। शुरुआत में घटनास्थल पर चोरी के स्पष्ट संकेत नहीं मिलने के कारण पुलिस के सामने चुनौती थी। हालांकि, व्यापारी की शिकायत पर कायम रहने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने दुकान और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने दुकान के पास स्थित निर्माणाधीन बिल्डिंग में काम करने वाले मजदूरों और वहां आने-जाने वाले हम्मालों की जानकारी जुटाई। पुलिस ने हम्मालों की सूची तैयार कर उनके मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया। इसी दौरान एक हम्माल का मोबाइल फोन लगातार बंद मिला। उसके भोपाल से बाहर होने की जानकारी मिलने पर पुलिस का शक गहरा गया और उसकी तलाश शुरू की गई।
पुलिस टीम आरोपी की तलाश में विदिशा जिले के सिरोंज स्थित उसके घर पहुंची लेकिन वह वहां नहीं मिला। बाद में उसके घर लौटने की सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी की। हालांकि आरोपी पुलिस को देखकर वहां से भाग निकला। इसके बाद पुलिस ने भोपाल में उसके संभावित ठिकानों पर तलाश की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद उमर (40), पिता चुन्नी, निवासी टोरी मोहल्ला, सिरोंज, जिला विदिशा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पेशे से हम्माल है। उसने पास की निर्माणाधीन बिल्डिंग के रास्ते दुकान की तीसरी मंजिल तक पहुंचकर काउंटर में रखी नकदी चुराई थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए पूरे 3 लाख 78 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं।
--------------------------------
जिस थाने में तैनात था आरक्षक, वहीं दर्ज हुई FIR, शिकायत के बाद वकील पर भी केस दर्ज
शहडोल। कानून की रक्षा करने की जिम्मेदारी जिन कंधों पर है, जब उन्हीं पर कानून तोड़ने के आरोप लगें तो सवाल उठना लाजिमी है। शहडोल जिले के बुढ़ार थाना क्षेत्र में पुलिस और अधिवक्ता के बीच मारपीट का मामला अब FIR तक पहुंच गया है। खास बात यह है कि जिस बुढ़ार थाने में आरक्षक पदस्थ था, उसी थाने में उसके खिलाफ अधिवक्ता के साथ मारपीट करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। वहीं आरक्षक की शिकायत पर अधिवक्ता के खिलाफ भी पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, बीती रात अधिवक्ता अभिनाश पाठक और आरक्षक रोहित यादव के बीच किसी बात को लेकर वाद विवाद हुआ था। आरोप है कि इस दौरान आरक्षक ने अधिवक्ता के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। मारपीट में अधिवक्ता के शरीर पर लाठी के निशान आए हैं, जबकि चोट के चलते उन्हें 10 से अधिक टांके भी लगवाने पड़े।
घटना के बाद अधिवक्ता अभिनाश पाठक ने बुढ़ार थाने पहुंचकर आरक्षक रोहित यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, उनकी शिकायत पर पुलिस ने आरक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरक्षक रोहित यादव को लाइन हाजिर भी कर दिया गया है। दूसरी तरफ, आरक्षक रोहित यादव ने भी अधिवक्ता अभिनाश पाठक के खिलाफ शिकायत की, जिसके आधार पर पुलिस ने अधिवक्ता के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।
इस पूरे घटनाक्रम में अब एक ही थाने के पुलिसकर्मी और अधिवक्ता दोनों के खिलाफ मामले दर्ज होने से पुलिस की कार्यप्रणाली और निष्पक्ष जांच को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर विवाद की असली वजह क्या थी और मारपीट की घटना में किसकी क्या भूमिका रही।
फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायत पर मामले दर्ज है। अब निष्पक्ष जांच और पुलिस की कार्रवाई से ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आएगी। वहीं इस पूरे मामले में बुढार थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों की शिकायत पर एक दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
----------------------------------
होटल श्री गंगा के वेस्टेज चैंबर में उतरे 4 कर्मचारियों की दम घुटने से दर्दनाक मौत
उज्जैन। मध्य प्रदेश के धार्मिक नगर उज्जैन के देवास रोड स्थित प्रतिष्ठित होटल श्री गंगा में शनिवार देर रात एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। होटल के वेस्टेज (कचरा) चैंबर की सफाई करने उतरे चार कर्मचारियों की जहरीली गैस की चपेट में आने और चैंबर में फंसने से मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, होटल श्री गंगा के दाईं ओर मिष्ठान, डेयरी उत्पाद और खाद्य सामग्री का वेस्टेज चैंबर बना हुआ है। शनिवार रात करीब 10:30 बजे कुछ कर्मचारी इस चैंबर की सफाई करने के लिए अंदर उतरे थे। बताया जा रहा है कि चैंबर की अधिक गहराई और वहां जमा वेस्टेज से निर्मित जहरीली गैस (Toxic Gas) की चपेट में आने से कर्मचारी अचेत हो गए और बाहर नहीं निकल पाए। चैंबर में कर्मचारियों के फंसने की खबर मिलते ही होटल के अन्य लोग उन्हें बचाने के लिए दौड़े। इस दौरान गैस के प्रभाव से कुछ अन्य कर्मचारी भी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एम्बुलेंस और बचाव दल मौके पर पहुँचा। चैंबर संकरा होने और रेस्क्यू करने में भारी दिक्कतें आने के कारण प्रशासन ने तुरंत कड़े कदम उठाए। इलेक्ट्रिक कटर से चैंबर का हिस्सा काटा गया, जिसके बाद अंदर फंसे कर्मचारियों को बाहर निकाला जा सका। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने तुरंत अचेत कर्मचारियों को सीपीआर (CPR) देकर बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारी
इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले चारों कर्मचारियों की पहचान कर ली गई है।
कमलेश पिता सोहनलाल (निवासी- वाल्मीकि नगर, उज्जैन)
नितिन पिता ताराचंद (निवासी- वाल्मीकि नगर, उज्जैन)
वाहिद (निवासी- सोमवरिया, उज्जैन)
मनोज मीणा (निवासी- झालावाड़, राजस्थान)
घटना की गंभीरता को देखते हुए उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा ने घटनास्थल का जायजा लिया और राहत व बचाव कार्य की निगरानी की। पुलिस और प्रशासन की टीम ने वेस्टेज चैंबर के आसपास के पूरे क्षेत्र को सील कर दिया है। प्रशासन अब इस बात की बारीकी से जांच कर रहा है कि यह महज एक हादसा था या होटल प्रबंधन की ओर से सुरक्षा मानकों में कोई भारी लापरवाही बरती गई थी। इस तरह के चैंबर निर्माण इकाइयों से निकलने वाले कचरे, चाशनी, घी-तेल और गंदे पानी को ड्रेनेज तक पहुँचाने का काम करते हैं। इनके जाम होने पर सफाई की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन बिना सुरक्षा उपकरणों के कर्मचारियों को उतारना इस बड़े हादसे का कारण बना।
भोपाल में कार शोरूम के एक कर्मचारी ने ग्राहक के नाम पर बुक करीब 23 लाख रुपए की Volkswagen Virtus GT कार चोरी कर ली। आरोपी 28 सितंबर की रात कार लेकर फरार हो गया। शोरूम के CCTV फुटेज में उसका चेहरा साफ नहीं दिखा, लेकिन कार में लगे GPS की मदद से पुलिस ने उसे ट्रेस कर लिया। कार आशिमा मॉल के पास मिली, जहां आरोपी की पत्नी उसे चला रही थी। पुलिस को देखकर आरोपी मौके से फरार हो गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान गजेंद्र उर्फ ऋषि आनंद के रूप में हुई है। वह मूल रूप से होशंगाबाद का रहने वाला है और भोपाल के अशोका गार्डन इलाके में किराए से रहता है। आरोपी जेके रोड स्थित फॉक्सवैगन कार शोरूम में करीब एक साल से काम कर रहा था। शोरूम में नौकरी करने के कारण उसे गाड़ियों की आवाजाही और वहां की व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर उसने ग्राहक के नाम पर बुक Volkswagen Virtus GT कार चोरी करने की योजना बनाई। विवेचक ओंकार सिंह के मुताबिक, 28 सितंबर की रात आरोपी कार लेकर शोरूम से निकल गया। शुरुआत में प्रबंधन को इसकी जानकारी नहीं हुई। बाद में कंपनी ने जब गाड़ियों का स्टॉक मिलाया तो करीब 23 लाख रुपये कीमत की कार गायब मिली। इसके बाद शोरूम प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने जांच शुरू की तो शोरूम के CCTV फुटेज में आरोपी का चेहरा साफ नजर नहीं आया। इससे उसकी पहचान करने में परेशानी हुई। हालांकि, कार में लगे GPS सिस्टम की मदद से पुलिस को अहम सुराग मिल गया। शुक्रवार रात कार की लोकेशन नर्मदापुरम रोड स्थित आशिमा मॉल के पास मिली। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो वहां चोरी की कार खड़ी मिली। उस समय आरोपी की पत्नी कार चला रही थी। पुलिस को देखकर आरोपी कार छोड़कर फरार हो गया। जांच आगे बढ़ने पर शोरूम कर्मचारी गजेंद्र उर्फ ऋषि आनंद की भूमिका सामने आई। पूछताछ में पत्नी को महंगी गाड़ियों का शौक होने और उसे पूरा करने के लिए कार चोरी करने की बात सामने आई है।
---------------------------------
एमपी में धनतेरस पर नहीं मिलेगी छुट्टी, 6 नवंबर को भी होगा कामकाज
इंदौर। मध्यप्रदेश में इस बार हाईकोर्ट और जिला कोर्ट में धनतेरस पर भी सामान्य कामकाज होगा। इस दिन कोई अवकाश नहीं रहेगा। 6 नवंबर को धनतेरस पर अवकाश घोषित करने की मांग हाईकोर्ट ने अस्वीकार कर दी है। वकीलों ने इसके लिए हाईकोर्ट को पत्र लिखा था। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इंदौर के तत्वावधान में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को यह पत्र लिखा गया था। इसमें न्यायिक अधिकारियों-कर्मचारियों, अधिवक्ताओं की भावनाओं से अवगत कराते हुए धार्मिक आस्था व सांस्कृतिक परंपराओं का उल्लेख भी किया गया था। इसे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के माध्यम से भेजा गया।
इससे पहले हाईकोर्ट द्वारा प्रदेश में 19 सितंबर की छुट्टी रद्द कर दी गई थी। कोर्ट ने ईद मिलादुन्नबी और रक्षाबंधन के बीच 27 अगस्त को एक दिन की छुट्टी घोषित की थी। इसके बदले 19 सितंबर को कोर्ट को सामान्य दिनों की तरह कामकाज के लिए बढ़ा दिया था। इसी आदेश के परिपालन में शनिवार होने के बाद भी हाईकोर्ट इंदौर खंडपीठ और जिला कोर्ट में सामान्य दिनों की तरह ही कामकाज चलता रहा था।
हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्यपीठ के साथ ही इंदौर और ग्वालियर स्थित खंडपीठों और संबंधित रजिस्ट्री कार्यालयों पर भी यह निर्णय लागू हुआ था।
धनतेरस के संबंध में इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष यादव और सचिव मनीष गड़कर द्वारा हस्ताक्षरित पत्र 23 अक्टूबर को जारी किया गया था। मुख्य न्यायाधीश के नाम संबोधित पत्र में शुक्रवार, 6 नवंबर को धनतेरस के अवसर पर अवकाश घोषित करने का आग्रह किया था।
हालांकि वकीलों द्वारा पत्र लिखकर छुट्टी की मांग को अस्वीकार कर दिया गया है। हाईकोर्ट के प्रिंसिपल रजिस्ट्रार ने धनतेरस पर अवकाश घोषित करने की मांग नहीं मानी है। ऐसे में 6 नवंबर को प्रदेशभर में अदालतों में सामान्य रूप से कामकाज किया जाएगा।
जबलपुर हाईकोर्ट, अन्य दोनों खंडपीठों और जिला न्यायालयों में पूर्व में अधिवक्ताओं की अवकाश की मांग मानी भी जा चुकी है। वकीलों के आग्रह पर कोर्ट ने प्रदेशभर में 27 अगस्त को छुट्टी घोषित कर दी थी। ईद मिलादुन्नबी और रक्षाबंधन की छुट्टियों के बीच यह अवकाश घोषित किया गया था। अवकाश में किए गए इस बदलाव के बाद प्रदेश के सभी कोर्ट में लगातार तीन दिन तक अवकाश रहा। कुछ कोर्ट में तो पूरे 5 दिनों का अवकाश मिल गया था। न्यायिक कर्मचारियों को 3 दिनों की घोषित छुट्टी के साथ ही शनिवार और रविवार का नियमित साप्ताहिक अवकाश भी मिल था।
-------------------------------
MP स्थापना दिवस पर कन्या छात्रावास में घुसीं CDPO; अधीक्षिका व छात्राओं के साथ मारपीट
धार। मध्य प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के जश्न के बीच धार जिले के धरमपुरी से एक बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक खबर सामने आई है। धरमपुरी के आदिम जाति जूनियर कन्या छात्रावास में उस वक्त भारी हंगामा मच गया, जब वहां रंगोली बना रही अधीक्षिका और छात्राओं के साथ महिला बाल विकास विभाग की प्रभारी CDPO ने कथित तौर पर मारपीट कर दी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर छात्रावास की नन्हीं बालिकाएं और अधीक्षिका परिसर में रंगोली बनाकर उत्सव मना रही थीं। इसी दौरान महिला बाल विकास विभाग की प्रभारी CDPO राजकुमारी ठाकुर अचानक छात्रावास परिसर में आ धमकीं। प्रत्यक्षदर्शियों और अधीक्षिका के अनुसार, उनका किसी बात को लेकर अधीक्षिका कला चौहान से विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते यह बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच जमकर मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान छात्रावास में मौजूद बालिकाओं के साथ भी मारपीट किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
इस हंगामे और मारपीट की घटना के बाद छात्रावास अधीक्षिका कला चौहान और हॉस्टल की तमाम बालिकाएं बेहद डरी और सहमी हुई हालत में सीधे धरमपुरी थाने पहुंच गईं। पुलिस थाने में रो-रोकर आपबीती बताते हुए उन्होंने प्रभारी CDPO के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल, पुलिस ने अधीक्षिका की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच व आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
महाराष्ट्र के जलगांव जिले में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में शनिवार दोपहर 4 सशस्त्र डकैत लुटेरे बैंक के 16 लॉकर तोड़कर लगभग 27 से 35 किलो सोना (करीब 30-38 करोड़ रुपये मूल्य) और 15 लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए. हालांकि, ग्रामीणों की बहादुरी और जलगांव पुलिस की त्वरित नाकाबंदी के चलते महज कुछ ही घंटों के भीतर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
उनके पास से करीब 15 लाख रुपये की नकदी और सोने से भरे बैग बरामद होने की प्राथमिक जानकारी है. पुलिस पूछताछ में शंकर जासक और गजानन पवार ने जेल की पहचान से लेकर डकैती की योजना तक का पूरा घटनाक्रम बता दिया है.
महाराष्ट्र के जलगांव जिले में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा से दिनदहाड़े करोड़ों रुपये की डकैती का सनसनीखेज मामला सामने आया है. शनिवार दोपहर हेलमेट और मास्क पहनकर पहुंचे 4 हथियारबंद डकैतों ने बैंक कर्मचारियों को बंधक बनाकर 16 लॉकर तोड़ दिए. फिर 27 किलो सोना तथा 15 लाख कैश लूटकर फरार हो गए.
महाराष्ट्र के जलगांव तालुका में स्टेट बैंक की भोकर शाखा में हुई डकैती से हड़कंप मच गया है. इस डकैती के मामले में पुलिस ने शंकर जासक और गजानन पवार के साथ-साथ दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है. उनके पास से करीब 15 लाख रुपये की नकदी और सोने से भरे बैग बरामद होने की प्राथमिक जानकारी है. चौंकाने वाली बात यह है कि इस डकैती में एक बर्खास्त पुलिस सब-इंस्पेक्टर के होने की बात सामने आई है.
बर्खास्त पुलिस सब-इंस्पेक्टर ने जेल में रहते हुए इस पूरी वारदात की साजिश रची थी. डकैतों ने बंदूक की नोक पर बैंक मैनेजर और कैशियर को अपने कब्जे में लिया. विरोध करने पर मारपीट की और दोनों को कुर्सी से बांध दिया.
दहशत फैलाने के लिए आरोपियों ने बैंक के भीतर 2 राउंड फायरिंग की (गनीमत रही कि गोली किसी को नहीं लगी). शंकर जासक ने 2023 में जलगांव शहर के शनिपेठ पुलिस स्टेशन की सीमा के अंतर्गत आने वाली स्टेट बैंक में अपने साले की मदद से तब्बल 3.17 करोड़ रुपये की डकैती डाली थी. इस अपराध के बाद वह जेल में था.
-------------------------------
रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की महारैली, राहुल गांधी की चेतावनी- ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे
नई दिल्ली. दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA ब्लॉक ने 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली आयोजित की. रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित विपक्षी दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा. नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे उठाए.
रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे. राहुल ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक सहित कई राज्यों में चुनाव के दौरान वोट चोरी हुई. उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से नाम हटाकर लोगों के मतदान के अधिकार को प्रभावित किया गया है. उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग भी की.
राहुल गांधी ने आर्थिक असमानता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश का धन कुछ बड़े उद्योगपतियों के हाथों में केंद्रित हो रहा है. बड़े पूंजीपतियों के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज माफ कर दिए जाते हैं, जबकि गरीब और मजदूर परिवारों को कर्ज लेने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि विपक्ष की लड़ाई लोकतंत्र और गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए है.
इस बीच, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया कि आने वाला राजनीतिक तूफान ज्ञानेश कुमार को पद से हटा देगा. शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने रैली में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का दावा करते हुए इसे किसी एक दल के बजाय जनता की ताकत का प्रदर्शन बताया.
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जो लोग उत्तर प्रदेश के रास्ते दिल्ली की सत्ता तक पहुंचे हैं, उन्हें सत्ता से बाहर करने का रास्ता भी यूपी की जनता ही दिखाएगी.
अखिलेश ने कहा, 'यूपी वाले स्वागत और विदाई बहुत अच्छी तरह से करते हैं.' उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए भाजपा की विदाई का दावा किया. उन्होंने रामलीला मैदान को लोकतंत्र की 'हल्दीघाटी' बताते हुए कहा कि बदलाव के लिए लोगों की भागीदारी जरूरी है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं, महिलाओं और दलितों के वोट छीनने की कोशिश की गई है. खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए कहा कि जब तक ऐसा नहीं होता, विपक्ष की लड़ाई जारी रहेगी.
उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों के जरिए मतदाता सूची में गड़बड़ी की जा रही है और वोटों को प्रभावित किया जा रहा है.
राजद नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए सरकार को 'दो नंबरी' बताया. उन्होंने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ आज कुरुक्षेत्र जैसी लड़ाई शुरू हुई है.
तेजस्वी ने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि उसकी शुरुआत जुए से हुई थी और आज लोकतंत्र के साथ भी जुआ खेला जा रहा है. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने और उन्हें जेल भेजने की मांग की.
आरएसएस पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में जिनका योगदान नहीं था, वे आज दूसरों को देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांट रहे हैं.
दूसरी ओर, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर पलटवार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि रैली के जरिए दिल्ली में अराजकता फैलाने और व्यापारियों का कारोबार प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. नड्डा ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस पर सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप भी लगाया.
इस तरह रामलीला मैदान में विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर अपनी बात रखी, वहीं भाजपा ने रैली और कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाए. इससे केंद्र सरकार, विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक टकराव का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया.
---------------------------
INDIA गठबंधन की महारैली में फारूक अब्दुल्ला का केंद्र पर हमला, बोले- 1 करोड़ हिंदुओं के वोट क्यों काटे?
INDIA गठबंधन की महारैली में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। दोनों नेताओं ने वोट के अधिकार, कथित वोट चोरी और देश में सांप्रदायिक भेदभाव के मुद्दे पर सरकार को घेरा। फारूक अब्दुल्ला ने मुसलमानों को बार-बार पाकिस्तानी बताए जाने पर सवाल उठाए, जबकि महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि सरकार जनता से मतदान का अधिकार छीनना चाहती है।
महारैली को संबोधित करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि देश में मुसलमानों को बार-बार पाकिस्तानी कहा जाता है, जबकि भारत की आजादी की लड़ाई में मुस्लिम समुदाय ने भी अपना खून बहाया है। उन्होंने वोट चोरी का आरोप लगाते हुए दावा किया कि करीब एक करोड़ हिंदुओं के नाम भी मतदाता सूची से काटे गए हैं। उन्होंने सवाल किया, ”क्या वे भी पाकिस्तानी थे?”
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भारत में रहने वाले हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी भारतीय हैं और प्रत्येक नागरिक को वोट देने का समान अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने लोकतंत्र में मतदान की ताकत मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार का समर्थन करने वालों को भी गलत के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
जम्मू-कश्मीर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह कल भी भारत का हिस्सा था और आगे भी रहेगा। उन्होंने जोर दिया कि देश का कोई भी राज्य विकास के मामले में पीछे नहीं रहना चाहिए।
वहीं, महबूबा मुफ्ती ने महारैली में शामिल लोगों का आभार जताते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी इस बात का संकेत है कि लोग देश की मौजूदा समस्याओं को समझते हैं और बदलाव चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 तक देश में बनाई गई संपत्तियों और व्यवस्थाओं को नुकसान पहुंचाया गया है। महबूबा ने दावा किया कि सरकार लोगों से उनका वोट देने का अधिकार छीनना चाहती है।
उन्होंने राम मंदिर का जिक्र करते हुए भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और चेतावनी दी कि देश को जम्मू-कश्मीर जैसी परिस्थितियों की ओर नहीं धकेला जाना चाहिए। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वह जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगी।
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से अंधविश्वास और ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच पुलिस ने तंत्र-मंत्र, गृह शांति और पैसे दोगुने करने का लालच देकर एक परिवार से 20 लाख रुपये नकद और भारी मात्रा में सोना-चांदी ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही बैंकों में गिरवी रखे गए आभूषणों को फ्रीज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्राइम ब्रांच थाने में दर्ज मामले के अनुसार, फरियादी की पत्नी राजेश्वरी शर्मा को आरोपियों ने अपने जाल में फंसाया था। ठगी का तरीका: आरोपियों ने घर में सुख-शांति लाने, तंत्र-मंत्र करने और निवेश की गई रकम को कुछ ही समय में दोगुना करने का झांसा दिया। इस झांसे में आकर पीड़िता ने आरोपियों के खातों में 7 लाख 16 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए, जबकि 12 लाख 54 हजार रुपये नकद दिए। इसके अलावा, करीब 625 ग्राम सोना और 500 ग्राम चांदी के आभूषण भी ऐंठ लिए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी आशा यादव को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने फिलहाल 11 ग्राम सोना बरामद किया है। आशा के अलावा पुलिस ने उसके पति हरीश कुमार और एक अन्य परिचित श्यान को भी गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने ठगी के इन आभूषणों को अलग-अलग बैंकों और गोल्ड लोन कंपनियों में गिरवी रखकर कर्ज ले लिया था।
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि ठगे गए जेवरात को कैप्री बैंक, आईआईएफएल (IIFL) और मुथूट गोल्ड लोन जैसी फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रखा गया था। पुलिस ने इन संस्थानों से संपर्क कर वहां रखे गए आभूषणों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज (Freeze) कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस ठगी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
---------------------------------
बड़ी कार्रवाई: खेतों के बीच उगाया गया 24 करोड़ का गांजा जब्त; 4 गिरफ्तार
धार। पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के निर्देशन में धार जिले की पुलिस ने गांजा पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। उमरबन चौकी के अंतर्गत ग्राम बढ़िया और ग्राम पटेलपुरा में मक्का, अरहर और कपास के खेतों के बीच अवैध रूप से गांजा की खेती की जा रही थी।
पुलिस ने लगभग 7 से 8 खेतों में दबिश देकर गांजा के पौधे जब्त किए हैं। जब्त किए गए पौधों का कुल वजन लगभग 67.29 क्विंटल है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 24 करोड़ रुपए आंकी गई है। मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद है और कार्रवाई अभी जारी है, जिससे जब्त गांजा का वजन और भी बढ़ सकता है। पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है।
-----------------------------------
शराब के नशे में ASI की दबंगई, आदिवासियों से गाली-गलौज, 4 मुर्गी छीनी और 10 की करता रहा डिमांड
शहडोल। एक तरफ मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के जरिए सरकार आम लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने का संदेश दे रही थी, तो दूसरी तरफ इसी अभियान में ड्यूटी के लिए तैनात पुलिस विभाग के एक ASI पर शराब के नशे में ग्रामीणों के साथ अभद्रता और मारपीट करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
हैरानी की बात यह है कि पुलिसकर्मी ने जिला पंचायत सदस्य के साथ भी बदतमीजी की और हाथापाई पर उतारू हो गए। अब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एसपी तक शिकायत पहुंचने के बाद ASI को सस्पेंड कर दिया गया है।
मामला शहडोल जिले के जनपद पंचायत जयसिंहनगर अंतर्गत सीधी थाना क्षेत्र के बनसुकली का है। यहां मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीधी थाने में पदस्थ ASI दीपक सिंह परिहार की ड्यूटी लगाई गई थी।
आरोप है कि ASI अपनी निर्धारित ड्यूटी पर जाने के बजाय कहीं दूसरी जगह पहुंच गए, जहां वे शराब के नशे में धुत थे। इसी दौरान उन्होंने सार्वजनिक स्थान पर पंचायत छेकता क्षेत्र के आदिवासी ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। पुलिसकर्मी के इस व्यवहार से नाराज ग्रामीणों ने विरोध जताया और घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया।
इसी दौरान मौके पर पहुंचे जिला पंचायत सदस्य गुजरात सिंह ने भी पुलिसकर्मी के इस रवैये पर आपत्ति जताई और उन्हें ऐसा करने से रोका। आरोप है कि इस पर ASI उनसे भी अभद्रता करने लगे और हाथापाई पर उतारू हो गए। इसके बाद जिला पंचायत सदस्य गुजरात सिंह ने मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान कार्यक्रम में पहुंचे पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के सामने पूरे मामले की अमडीह के रहने वाले तौकीद ने लिखित शिकायत की ASI द्वारा उनके कर्मचारियों से जबरन 4 मुर्गा छीनी और 10 मुर्गे की डिमांड कर रहा था।
नहीं देने पर गाली गलौच कर अभद्र व्यवहार किया था। वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने भी पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की। एसपी ने मौके पर मौजूद लोगों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद शहडोल एसपी ने ASI दीपक सिंह परिहार को सस्पेंड कर दिया।
अब पुलिस विभाग के सामने अपने ही कर्मचारी के व्यवहार की जांच और कार्रवाई की चुनौती है। वर्दी में हो या सिविल ड्रेस में, कानून के रखवाले से कानून और आम नागरिकों के सम्मान की अपेक्षा की जाती है। वही इस मामले में शहडोल एसपी संजय कुमार अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि ASI को सस्पेंड कर दिया गया है।
शहडोल। जिस हाथ में कानून की रक्षा की जिम्मेदारी है, उसी हाथ में थमा डंडा अगर आम नागरिकों पर बरसने लगे तो फिर इंसाफ की उम्मीद किससे की जाए। शहडोल के बुढ़ार में खाकी पर ऐसे ही गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने एक अधिवक्ता पर इस कदर लाठियां बरसाईं कि सिर फट गया, कान जख्मी हो गया और शरीर पर डंडों के लाल-काले निशान उभर आए, बीच-बचाव करने पहुंचे साथी भी कथित पुलिसिया मारपीट का शिकार हो गए। अब सवाल है, क्या खाकी की ताकत के आगे कानून और मानवता दोनों बौने हो गए।
जानकारी के अनुसार बुढ़ार थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती के पास रहने वाले अधिवक्ता अभिनव पाठक अपने कुछ साथियों के साथ दुर्गा पंडाल में हिसाब किताब का काम निपटाकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान वे अपने साथियों के साथ फोन पर बातचीत करते हुए बुढ़ार बस स्टैंड के पास पहुंचे, तभी सामने से पुलिस वाहन में पहुंचे बुढ़ार पुलिस के कुछ कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया और फिर लाठियां बरसाना शुरू कर दिया, अधिवक्ता के साथ हुई कथित मारपीट इतनी गंभीर बताई जा रही है कि उनके सिर में चोट लगने से खून निकलने लगा और कान में भी गंभीर चोट आई। शरीर पर पड़े लाल-काले निशान कथित लाठीचार्ज की तस्वीर बयां कर रहे हैं। आरोप है कि अधिवक्ता को बचाने के लिए आगे आए उनके साथियों के साथ भी पुलिसकर्मियों ने मारपीट की, जिससे उनके शरीर पर भी चोटों के निशान आए हैं।
हालांकि इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से अलग पक्ष सामने आने की बात कही जा रही है। आरोप है कि अधिवक्ता पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता कर रहे थे और झूमाझपटी पर उतर आए थे। पुलिसकर्मियों ने इसी परिस्थिति में अपने बचाव में कार्रवाई की।
लेकिन सवाल यह है कि यदि विवाद या झूमाझपटी की स्थिति बनी थी, तो क्या उसका जवाब लाठियों से इस तरह दिया जाना उचित था, आखिर कानून का पालन कराने वाली पुलिस के व्यवहार और कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कौन करेगा। वही इस मामले में SDOP धनपुरी का कहना है कि मामला अभी आपके माध्यम से संज्ञान में आया है, पुलिस के पास अभी कोई शिकायत नहीं आई है, यदि शिकायत आती है तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
-------------------------------
हरदीप सिंह पुरी ने भरा राज्यसभा का नामांकन, सीएम बोले- एमपी को दिवाली की सौगात
भोपाल. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य के लिए शुक्रवार को विधानसभा में नामांकन दाखिल किया. इस दौरान उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी. नामांकन से पहले पुरी करुणाधाम आश्रम पहुंचे और इसके बाद गुरुद्वारे में मत्था टेका. नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पुरी के व्यापक प्रशासनिक अनुभव का लाभ मध्यप्रदेश को मिलेगा.
28 अक्टूबर को मध्यप्रदेश की रिक्त राज्यसभा सीट के लिए भाजपा ने हरदीप सिंह पुरी के नाम की घोषणा की थी. शुक्रवार को उन्होंने विधानसभा में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, नरेंद्र शिवाजी पटेल और भाजपा नेता प्रभुराम चौधरी सहित अन्य नेता मौजूद रहे.
नामांकन के बाद पुरी ने मीडिया से बातचीत नहीं की. उन्होंने ईटीवी भारत से कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे मीडिया से चर्चा करेंगे.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दीपावली से पहले हरदीप सिंह पुरी के रूप में मध्यप्रदेश को बड़ी सौगात मिली है. उन्होंने बीना रिफाइनरी और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश को कई महत्वपूर्ण सौगातें दी हैं. उनका व्यापक प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता मध्यप्रदेश के विकास में भी उपयोगी साबित होगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरी ने केंद्र सरकार में मंत्री और कुशल प्रशासक के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है. उनके जैसे अनुभवी और वरिष्ठ नेतृत्व का साथ मिलना प्रदेश के लिए प्रसन्नता और सौभाग्य की बात है.
-----------------------------------
जबलपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 4.35 करोड़ रुपये का गांजा जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार
जबलपुर। मध्यप्रदेश में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। विभिन्न जिलों में पुलिस मादक पदार्थ को जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार कर रही है। इसी बीच, जबलपुर जिले में भी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुये करोड़ों रुपये की गांजे की खेप पकड़ी है। इसके साथ ही पुलिस ने दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
बता दें कि जबलपुर पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुये एक कंटेनर से 871 किलो 95 ग्राम गांजा जब्त किया है। गांजे की कीमत करीब 4 करोड़ 35 लाख 55 हजार रुपये बताई गई है। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए कंटेनर में 412 पेंट के डिब्बों के बीच गांजे की 28 बोरियां छिपा रखी थीं। पुलिस ने कंटेनर चालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में जबलपुर पुलिस के साथ उत्तर प्रदेश के झांसी की नारकोटिक्स विंग भी शामिल रही।
बता दें कि गोसलपुर थाना क्षेत्र में क्राइम ब्रांच और गोसलपुर पुलिस की संयुक्त टीम नेशनल हाइवे एनएच-30 पर पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान मुस्करा मोड़ के पास तेज रफ्तार से जा रहे एक संदिग्ध कंटेनर को पुलिस ने देखा। पीछा कर मोहतरा टोल के पास घेराबंदी की गई और कंटेनर को रोक लिया गया। कंटेनर में सवार चालक और एक अन्य व्यक्ति ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने दोनों को दबोच लिया।
पुलिस ने जब कंटेनर तलाशी ली तो उसमें 412 पेंट के डिब्बों के साथ 28 बोरियां बरामद हुईं। इन बोरियों में खाकी रंग के टेप से पैक गांजे के पैकेट छिपाकर रखे गए थे। तौल में कुल 871 किलो 95 ग्राम गांजा मिला, जिसकी कीमत करीब 4 करोड़ 35 लाख 55 हजार रुपये आंकी गई। वहीं, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी 45 वर्षीय धर्मवीर सिंह और पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर निवासी 24 वर्षीय विक्रम करमाकर के रूप में हुई है।
जब पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ कि तो आरोपी कंटेनर चालक धर्मवीर सिंह ने बताया कि ओडिशा के बलांगीर निवासी प्रभात साहू के कहने पर वह गांजे की खेप मध्यप्रदेश लेकर आया था। इसके एवज में उसे एक बार के परिवहन के लिए एक लाख रुपये मिलने थे। आरोपी के अनुसार, 27 अक्टूबर को उसने प्रभात साहू के यहां से गांजे की 28 बोरियां कंटेनर में लोड की थीं। इन्हें मैहर पहुंचने से पहले एक जियो पेट्रोल पंप के पास खाली करना था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से गांजा, 412 पेंट के डिब्बे और तस्करी में इस्तेमाल कंटेनर जब्त किया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस तस्करी के नेटवर्क और गांजे की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
- जलगांव में SBI में दिनदहाड़े 30 करोड़ के सोना की लूट, मास्टरमाइंड बर्खास्त PSI निकला
- चलती क्लास में आरी लेकर स्कूल पहुंचा शख्स, छात्रा पर किया कई बार हमला, बचाने आई सहेली भी हुई घायल
- ब्रेकअप के बाद सहमति से बने संबंध रेप नहीं, हर टूटे रिश्ते को अपराध बनाना गलत : सुप्रीम कोर्ट
- जेल से 17 कैदी फिल्मी अंदाज में फरार, जेल से फरार हुए 17 कैदी फिर दबोचे गए, प्लान जानकर पुलिस के उड़े होश
- जनगणना-2027 में OBC जातियों की अलग सूची की मांग: सुप्रीम कोर्ट बोला- सरकार ही फैसला करेगी
- ‘तालिबानी’ सजा! गर्लफ्रेंड को चूमने पर लड़के एवं उसके परिजनों को निर्वस्त्र कर घुमाया, तीन गिरफ्तार
- रेल यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा: 45 पैसे में ₹10 लाख का बीमा, 27 अक्टूबर से काउंटरों पर भी शुरुआत
- RSS के पथसंचालन रास्ते पर टकराव: जलगांव में पथराव के बाद पुलिस ने किया लाठीचार्ज, कई थानों की फोर्स तैनात
प्रमुख समाचार
02 November 2026
महाराष्ट्र के जलगांव जिले में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में शनिवार दोपहर 4 सशस्त्र डकैत लुटेरे बैंक के 16 लॉकर तोड़कर लगभग 27 से 35 किलो सोना (करीब 30-38 करोड़ रुपये मूल्य) और 15 लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए. हालांकि, ग्रामीणों की बहादुरी और जलगांव पुलिस की त्वरित नाकाबंदी के चलते महज कुछ ही घंटों के भीतर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.उनके पास से करीब 15 लाख रुपये की नकदी और सोने से भरे बैग बरामद होने की प्राथमिक जानकारी है. पुलिस पूछताछ में शंकर... मध्य प्रदेश
02 November 2026
भोपाल। राजधानी के हनुमानगंज थाना क्षेत्र में काजू व्यापारी की दुकान से 3 लाख 78 हजार रुपये चोरी करने के मामले में पुलिस ने एक हम्माल को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने दुकान का ताला तोड़े बिना पास की निर्माणाधीन बिल्डिंग के रास्ते तीसरी मंजिल तक पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया था। वह दुकान के काउंटर में रखी पूरी नकदी लेकर फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की पूरी रकम बरामद कर ली है।पुलिस के मुताबिक पुष्पानगर ऐशबाग निवासी रोहतास चौहान (42) की... अपराध
भोपाल में कार शोरूम के एक कर्मचारी ने ग्राहक के नाम पर बुक करीब 23 लाख रुपए की Volkswagen Virtus GT कार चोरी कर ली। आरोपी 28 सितंबर की रात कार लेकर फरार हो गया। शोरूम के CCTV फुटेज में उसका चेहरा साफ नहीं दिखा, लेकिन कार में लगे GPS की मदद से पुलिस ने उसे ट्रेस कर लिया। कार आशिमा मॉल के पास मिली, जहां आरोपी की पत्नी उसे चला रही थी। पुलिस को देखकर आरोपी मौके से फरार हो गया।पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान गजेंद्र उर्फ ऋषि आनंद के रूप में हुई है। वह मूल... गुना सिटी
गुना। (गरिमा टीवी न्यूज़) थाना प्रभारी चांचौड़ा निरीक्षक दिलीप राजौरिया एवं उनकी टीम द्वारा जुए के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुए जुआ खेल रहे 06 दबोच कर उनके कब्जे से 11,700/- रुपये नगद एवं ताश की गड्डी बरामद की गई है ।उल्लेखनीय है कि शाम चांचौड़ा थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि थाना क्षेत्र अंतर्गत पैंची रोड स्थित भाटीजी के बाग में कुछ व्यक्तियों द्वारा ताश के पत्तों पर हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेला जा रहा है । सूचना पर पहुंचकर... फोटो गैलरी
सड़कों पर लगाए गेट, 4 कॉलोनियों का रास्ता...
फरार बदमाशों में से 1 का हरिद्वार में...
चौकीदारी कर रहा हत्यारा राजस्थान से पकड़ाया ...
एससी-एसटी एक्ट के विरोध में मुंडन आज
पेट्रोल-डीजल: केंद्र ने साधे एक तीर से कई...
आपके शहर में पेट्रोल-डीजल कितना सस्ता
इस मोर्चे पर एयरटेल से आगे निकली जियो...
बैंकिंग रेग्युलेशन ऐक्ट है कोचर के इस्तीफे की...
पेट्रोल सरकारी खजाने-तेल कंपनियों पर असर
आपकी दवा असली है या नकली, ऐसे करें...
पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में...
चीन के खाने पर जी रहे हैं उत्तराखंड...



