


जबलपुर. एमपी के जबलपुर में गोसलपुर पुलिस ने क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है. जिनके कब्जे से एक पिस्टल व 170 जिंदा कारतूस बरामद किए गए है. पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 25ए 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस के अनुसार आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में शहर आ रहे थे.
क्राइम ब्रांच के एएसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि आजसुबह सूचना मिली थी कि कटनी से जबलपुर की ओर एक सफेद रंग की होंडा सेंट्रो कार क्रमांक एमपी 20 सीके 6302 में दो युवक भारी मात्रा में हथियार और कारतूस लेकर आ रहे हैं. सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच और गोसलपुर थाना पुलिस की टीम ने मोहतरा टोल प्लाजा के पास घेराबंदी की. कुछ देर बाद बताए गए नंबर की कार पहुंची जिसे रोककर तलाशी ली गई.
कार में सवार युवकों ने पूछताछ में अपने नाम दरोगा उर्फ विशाल पांडे उम्र 25 वर्ष निवासी पटेल नगर महाराजपुर अधारताल व आदर्श बेन 22 वर्ष निवासी टीआई बंगला के पास सुहागी थाना अधारताल बताए. तलाशी के दौरान विशाल पांडे की कमर से एक देशी पिस्टल बरामद हुई. कार के डैशबोर्ड से 160 नग 32 बोर के जिंदा कारतूस तथा आदर्श बेन के पास से 10 नग 315 बोर के जिंदा कारतूस बरामद किए गए.
पूछताछ में विशाल पांडे ने बताया कि दोनों ने उत्तर प्रदेश के अतर्रा बांदा क्षेत्र से भोला मामा नामक व्यक्ति से 80 हजार रुपए में कारतूस खरीदे थे. इनमें से 72 हजार रुपए के 32 बोर कारतूस उसने और 8 हजार रुपए के 315 बोर कारतूस आदर्श बेन ने खरीदे थे.
एएसपी जितेन्द्र सिंह ने बताया कि आरोपी विशाल पांडे उर्फ दरोगा अपराधी प्रवृत्ति का है. उसके खिलाफ अधारताल, पनागर, कुंडम व माढ़ोताल थानों में एक दर्जन से अधिक मामले पहले से दर्ज हैं. पुलिस अब आरोपियों के गैंग और उनके नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है.
मंडला,निवास। अपर सत्र न्यायालय निवास ने बहुचर्चित मनेरी हत्याकांड में छह लोगों की हत्या के आरोपित हरी उर्फ हरीश सोनी को विरल से विरलतम श्रेणी का अपराध मानते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
यह निर्णय गुरुवार को न्यायाधीश प्रवीण कुमार सिन्हा द्वारा सुनाया गया,मामला थाना बीजाडांडी अंतर्गत मनेरी गांव का है,जिसमें दो आरोपितों ने मिलकर धारदार हथियारों से हमला कर भाजपा नेता राजेंद्र सोनी सहित 6 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। इस वीभत्स हत्याकांड से पूरा जिला हिल गया था।
अभियोजन के अनुसार 15 जुलाई 2020 को ग्राम मनेरी में पारिवारिक रंजिश के चलते हरी उर्फ हरीश सोनी और उसके भाई संतोष सोनी ने तलवार एवं कुल्हाड़ी से हमला कर राजेन्द्र (रज्जन) सोनी, उनकी पुत्री रानू, विनोद सोनी तथा विनोद के दो मासूम बच्चों ओम (8 वर्ष) और श्रीयांस (6 वर्ष) सहित दिनेश सोनी की हत्या कर दी थी। घटना में नितिन सोनी, प्रमोद सोनी, रिकी सोनी, सानू तिवारी एवं सुनील तिवारी घायल हुए थे।
सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। आरोपितों ने पुलिस पर भी हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में एक आरोपित संतोष सोनी की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि हरी उर्फ हरीश सोनी को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया गया। प्रकरण को सनसनीखेज श्रेणी में चिन्हित कर विवेचना उपरांत न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों एवं अभियोजन पक्ष के तर्कों के आधार पर न्यायालय ने आरोपित को धारा 302 भादंवि के तहत मृत्युदंड एवं छह काउंट में कुल 3000 रुपये अर्थदंड, धारा 307 भादंवि के पांच काउंट में क्रमिक आजीवन कारावास एवं 2500 रुपये अर्थदंड, धारा 449 भादंवि में 10 वर्ष सश्रम कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड तथा धारा 25(1-बी) आर्म्स एक्ट के तहत दो वर्ष कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। कुल अर्थदंड 7000 रुपये निर्धारित किया गया।
प्रकरण में अभियोजन का संचालन सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी उज्ज्वला उईके द्वारा किया गया। विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी सुदर्शन टोप्पो एवं मर्ग जांच चौकी प्रभारी एसएस उसराठे ने की। विचारण के दौरान साक्षियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने में उप निरीक्षक पंकज विश्वकर्मा, उप निरीक्षक शशांक शुक्ला, आरक्षक रोशनलाल सिंगरौरे तथा सहायक ग्रेड-3 नंद किशोर साहू का सहयोग रहा।
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सीएम मोहन का स्पष्ट निर्देश, 10 से 6 ऑफिस में रहना होगा; अब नहीं चलेगी मनमानी
भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सरकारी दफ्तरों में समय से न आने वाले अफसर-कर्मचारियों को लेकर कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए हैं। राजधानी भोपाल में वल्लभ भवन, सतपुड़ा भवन और विंध्याचल भवन में सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने सुबह 10 बजे से सभी प्रमुख विभागों की कार्यालय में जाकर उपस्थिति रजिस्टर की जांच की।
इन तीनों कार्यालयों में कौन-सा अधिकारी-कर्मचारी कब पहुंच और कब वापस गया। इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है। जिसमें सीएम के निर्देश पर कर्मचारियों की आवाजाही पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक विशेष निगरानी रखी जा रही है। बता दें कि, अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति की जानकारी सुबह 10 से शाम 6 बजे तक मॉनिटर की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन भोपाल के बाहर दौरे पर हैं। बावजूद इसके सीएम के निर्देश पर मुख्यमंत्री सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा सभी संबंधित दफ्तरों में अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति की जानकारी एकत्रित की जाएगी। सीएम का स्पष्ट निर्देश है कि सरकारी कार्यालयों में लापारवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बावजूद यदि कोई अधिकारी और कर्मचारी लापारवाही बरता है तो उस पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
वल्लभ भवन, सतपुड़ा भवन और विंध्याचल भवन में आने वाले आधिकारियों और कर्मचारियों की मॉनिरटरिंग मुख्यमंत्री सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों द्वारा की जाएगी। खासकर, अधिकारियों-कर्मचारियों की आवाजाही पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक विशेष निगरानी रखी जा रही है।
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4.37 करोड़ के स्कूल घोटाले में बड़ा एक्शनः BEO, 17 प्राचार्यों, समेत 22 के खिलाफ FIR
मैहर। जिले में स्कूलों के नाम पर हुए कथित लघु निर्माण घोटाले ने अब कानूनी रूप ले लिया है. करीब 4.37 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बीईओ, 17 प्राचार्यों, तीन निजी फर्मों के संचालकों और अन्य कर्मचारियों सहित कुल 22 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. यह कार्रवाई एसडीएम रामनगर की विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद की गई है.
जानकारी के अनुसार रामनगर विकासखंड के कई हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों को भवन मरम्मत, पार्किंग शेड और साइकिल स्टैंड जैसे लघु निर्माण कार्यों के लिए शासन से राशि स्वीकृत हुई थी. लेकिन जांच में सामने आया कि कई स्कूलों में बिना काम कराए ही भुगतान कर दिया गया और पूर्णता प्रमाण पत्र भी जारी कर दिए गए. इस मामले की शुरुआत एक शिकायत से हुई, जिसमें सुलखमा स्कूल में बिना निर्माण कार्य के भुगतान का मुद्दा उठाया गया था. जांच का दायरा बढ़ने पर यह मामला कई अन्य स्कूलों तक पहुंच गया.
वाणी इंफ्रा इंफ्रास्ट्रक्चर एंड मटेरियल सप्लायर (भोपाल) महाकाल ट्रेडर्स (सतना) रुद्र इंटरप्राइजेज (मैहर). आरोप है कि संबंधित अधिकारियों और प्राचार्यों की मिलीभगत से इन कंपनियों को बिना कार्य पूर्ण हुए ही भुगतान कर दिया गया.
पुलिस ने प्रभारी बीईओ की शिकायत पर नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है. पुलिस अब संबंधित कंपनियों के संचालकों और कर्मचारियों की तलाश में जुटी है. मामले में कई अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है.
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके से बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। य़हां कुछ ऐसा हुआ कि पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। यहां नौकरानी ने ‘स्पेशल 26’ मूवी की तर्ज पर अपने मालिक के घर फर्जी ईडी की रेड की साजिश रची। नकली ED अधिकारी बनकर लाखों की नकदी और घड़ियां लूटकर फरार हो गए। इस पूरे मामले का खुलासा होने के बाद दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मामले में तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी वर्दी और आईडी कार्ड भी बरामद किया है।
दरअसल दिल्ली पुलिस ने न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके में बुजुर्ग आर्किटेक्ट के घर के घर पड़ी कथित ED रेड का सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि रेड पूरी तरह से फर्जी थी और इसे लूट के लिया प्लान किया गया था। पुलिस के अनुसार घर की नौकरानी ने यह पूरी साजिश रची थी।
पुलिस के अनुसार, नौकरानी ने इस वारदात की योजना काफी सोच-समझकर बनाई थी। उसने अपने एक करीबी साथी के साथ मिलकर नकली रेड को अंजाम देने की प्लानिंग की। बताया जा रहा है कि नौकरानी ने अपने मालिक के घर से जुड़ी हर जरूरू जानकारी अपने साथी को पहले ही दे दी थी। इसमें घर में रहने वाले लोगों की संख्या, उनके दैनिक कार्यक्रम और घर की अंदरूनी व्यवस्था तक की जानकारी शामिल थी। इस जानकारी के आधार पर उसका साथी खुद को ED अधिकारी बताकर घर में दाखिल होने और विश्वास जीतने की कोशिश कर सकता था।
पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए बड़े स्तर पर तकनीकी जांच की। करीब 350 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई. डी-ब्लॉक के निजी कैमरे, दिल्ली पुलिस के कैमरे और ट्रैफिक कैमरों की रिकॉर्डिंग को जोड़कर आरोपियों की गाड़ी का पूरा रूट तैयार किया गया। फुटेज में कार को सराय काले खां से गाजियाबाद बॉर्डर पार करते और फिर वैशाली के सेक्टर-4 में पार्क होते देखा गया।
इसके बाद मोबाइल टावर डंप डेटा और IMEI ट्रैकिंग के जरिए उन मोबाइल नंबरों की पहचान की गई, जो घटना स्थल और वैशाली पार्किंग दोनों जगह एक्टिव थे। जांच का तार सीधे गाजियाबाद स्थित पूजा राजपूत के घर तक पहुंचा। स्थानीय जानकारी से यह भी सामने आया कि पीड़ित परिवार की नौकरानी रेखा देवी अक्सर उसी पते पर जाती थी। यहीं से पूरी साजिश की पुष्टि हुई।
25 फरवरी को पुलिस ने पूजा राजपूत के घर छापा मारा। वहां से ITBP के डिप्टी कमांडेंट की पूरी वर्दी, फर्जी आईडी कार्ड, वायरलेस सेट बॉक्स (ताकि असली रेड जैसा माहौल बनाया जा सके), चोरी की गई 7 लग्जरी घड़ियां और जेवरात बरामद किए गए। इन बरामदगी से साफ हो गया कि पूरी वारदात सोची-समझी साजिश थी। पुलिस ने नौकरानी 40 वर्षीय रेखा देवी और उसकी भाभी 45 वर्षीय पूजा राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है।
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SIM निकालते ही बंद हो जाएगा WhatsApp : 1 मार्च से SIM-Binding Rule लागू
भारत में डिजिटल सुरक्षा और साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए सरकार ने SIM-Binding नियम लागू किया है। जिसका असर 1 मार्च 2026 से WhatsApp, Telegram, Signal, Snapchat जैसे इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स पर होगा। इस नए नियम के अनुसार अब ये ऐप्स सिर्फ उसी फोन में काम करेंगे जिसमें रजिस्टर्ड SIM कार्ड मौजूद और एक्टिव हो।
इसका मतलब यह है कि, अगर आप अपने फोन से SIM निकालते हैं या कोई दूसरा SIM डालते हैं, तो आपका WhatsApp, Telegram या Signal काम करना बंद कर देगा। पहले तक यूजर्स सिर्फ OTP या 6-डिजिट कोड डालकर किसी भी डिवाइस पर लॉगिन कर सकते थे और SIM एक्टिव या मौजूद न होने पर भी ऐप चलता रहता था। लेकिन नए नियम के बाद यह सब बदल जाएगा।
SIM-Binding क्या है और कैसे काम करेगा?
SIM-Binding असल में एक सुरक्षा फीचर है, जिसे पहले UPI ऐप्स में देखा गया था। यह आपके इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप को आपके फिजिकल SIM कार्ड के साथ लॉक कर देता है। मतलब, ऐप सिर्फ उसी फोन में चलेगा जिसमें आपका रजिस्टर्ड नंबर वाला SIM मौजूद है।
इस फीचर के आने के बाद-
अगर SIM निकाल दी या बदली गई, तो ऐप काम करना बंद कर देगा।
WhatsApp Web में भी लॉगिन हर 6 घंटे में ऑटो-लॉगआउट होगा।
ऐप में दोबारा लॉगिन करने के लिए QR कोड स्कैन करना पड़ेगा।
सरकार का उद्देश्य साफ है- साइबर फ्रॉड और SIM स्वैप धोखाधड़ी पर लगाम लगाना। हाल के वर्षों में फाइनेंशियल फ्रॉड और SIM स्वैप से जुड़े केस बढ़े हैं। SIM-Binding के आने से हैकर्स अब किसी दूसरे फोन पर आपके नंबर का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
WhatsApp Beta में बदलाव
Wabetainfo ने बताया कि, WhatsApp ने अपने Android Beta 2.26.8.6 अपडेट में SIM-Binding फीचर की टेस्टिंग शुरू कर दी है। इसका मतलब है कि, WhatsApp भारत के नए नियमों के अनुरूप काम करना शुरू कर चुका है।
इस अपडेट में देखा गया-
ऐप अब सिर्फ एक्टिव SIM कार्ड के साथ काम करेगा।
अगर SIM नहीं है, तो ऐप चलना बंद कर देगा।
WhatsApp Web अब हर 6 घंटे में ऑटो-लॉगआउट होगा।
इस बदलाव से यूजर्स को सुरक्षा तो मिलेगी, लेकिन कुछ नई आदतें डालनी होंगी। उदाहरण के लिए, अगर आप किसी डिवाइस पर लंबे समय तक WhatsApp Web इस्तेमाल करते हैं, तो हर 6 घंटे में QR कोड स्कैन करना पड़ेगा।
1 मार्च 2026 से नए नियमों का प्रभाव
1 मार्च 2026 से SIM-Binding नियम पूरे भारत में लागू हो जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि, इस पर कोई एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा।
नियम लागू होने के बाद-
मोबाइल ऐप्स: WhatsApp, Telegram, Signal, Snapchat सिर्फ उसी फोन में काम करेंगे जिसमें रजिस्टर्ड SIM मौजूद और एक्टिव हो।
WhatsApp Web: हर 6 घंटे में अकाउंट अपने आप लॉगआउट होगा। दोबारा QR कोड स्कैन करना अनिवार्य होगा।
सुरक्षा: OTP से कहीं भी लॉगिन करना अब पर्याप्त नहीं होगा। SIM-Binding के बिना ऐप काम नहीं करेगा।
कंपनियों पर असर: कंपनियों को 120 दिन में नियम पालन की रिपोर्ट देनी होगी। नियम न मानने पर टेलीकॉम एक्ट 2023 और साइबर सिक्योरिटी नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है।
सरकार ने यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर फ्रॉड रोकने के लिए उठाया है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह नियम सुरक्षा की दृष्टि से बेहद जरूरी है और इसमें कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
यूजर्स को क्या करना होगा?
नए नियम के आने के बाद यूजर्स को ध्यान रखने की जरूरत है-
अपना रजिस्टर्ड SIM हमेशा उसी फोन में रखें जिसमें WhatsApp या अन्य मैसेजिंग ऐप्स चल रहे हैं।
अगर SIM निकाल दी गई, तो ऐप टेम्परेरी इनएक्टिव हो सकता है।
WhatsApp Web पर काम करने के लिए हर 6 घंटे में QR कोड स्कैन करना होगा।
प्रोफेशनल यूजर्स या परिवार जो एक ही अकाउंट शेयर करते हैं, उन्हें इस बदलाव के कारण थोड़ी परेशानी हो सकती है।
सरकार और टेक कंपनियों का रुख
इंडस्ट्री एसोसिएशन IAMAI ने सरकार को चेतावनी दी है कि हर 6 घंटे में ऑटो-लॉगआउट नियम प्रोफेशनल यूजर्स के लिए परेशानी भरा हो सकता है। सरकार ने साफ किया कि, नियम सुरक्षा और धोखाधड़ी रोकने के लिए जरूरी हैं। कंपनियों को नियम पालन की रिपोर्ट 120 दिन के भीतर देनी होगी। नियम न मानने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोई भी हैकर आपके नंबर का इस्तेमाल किसी दूसरे फोन पर नहीं कर पाएगा।
SMS और कॉल फ्रॉड, SIM स्वैप धोखाधड़ी और फाइनेंशियल फ्रॉड पर लगाम लगेगी।
यूजर्स का डेटा और अकाउंट सुरक्षित रहेगा।
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अब नहीं रिलीज होगी The Kerala Story 2! हाईकोर्ट ने लगाई रोक
फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ की रिलीज से ठीक पहले मेकर्स को बड़ा झटका लगा है। केरल हाईकोर्ट ने रिलीज के ठीक एक दिन पहले इस फिल्म की रिलीज पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह फिल्म 27 फरवरी को सिनेमाघरों में आने वाली थी, लेकिन अब दर्शकों को इसे देखने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। अदालत ने अगली सुनवाई तक फिल्म की रिलीज टालने का आदेश दिया है।
फिल्म के खिलाफ कोर्ट में तीन अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई थीं। इन याचिकाओं में फिल्म के कंटेंट और इसके संभावित असर को लेकर सवाल उठाए गए थे। इन्हीं याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह अंतरिम रोक लगाई है।
इस मामले की सुनवाई जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस की पीठ ने की। याचिकाकर्ताओं ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) द्वारा दिए गए सर्टिफिकेट को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि फिल्म को प्रमाणपत्र देते समय जरूरी सावधानी नहीं बरती गई।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि पहली नजर में ऐसा लगता है कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म को प्रमाणपत्र देते समय पूरी गंभीरता नहीं दिखाई। अदालत ने साफ कहा कि CBFC को फिल्म पर दोबारा विचार करना चाहिए।
कोर्ट ने निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सेंसर बोर्ड दो हफ्ते के अंदर निर्णय ले। जब तक नया आदेश जारी नहीं होता, तब तक फिल्म रिलीज नहीं की जाएगी।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि फिल्म में केरल राज्य को गलत तरीके से दिखाया गया है। उनके अनुसार, अगर फिल्म रिलीज होती है तो इससे राज्य की छवि पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। साथ ही, उन्होंने यह भी आशंका जताई कि फिल्म से सांप्रदायिक माहौल बिगड़ सकता है।
याचिकाओं में यह भी कहा गया कि फिल्म का विषय संवेदनशील है और इसे दिखाने का तरीका समाज में गलत संदेश दे सकता है। इसी आधार पर उन्होंने कोर्ट से फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी।
फिल्म का ट्रेलर जारी होने के बाद से ही यह चर्चा में थी। ट्रेलर देखते ही कुछ लोगों ने फिल्म को प्रोपेगेंडा बताया और इसके विषय पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि फिल्म एक खास नजरिए को बढ़ावा देती है।
हालांकि, दूसरी ओर कई लोग फिल्म के समर्थन में भी सामने आए। उनका कहना था कि फिल्म एक कहानी पेश कर रही है और इसे देखने के बाद ही राय बनानी चाहिए। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई थी। इसी बढ़ते विवाद के बीच फिल्म के खिलाफ याचिकाएं दायर की गईं, जिसके बाद मामला कोर्ट तक पहुंचा।
अब इस मामले की अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी। तब तक CBFC को फिल्म की दोबारा समीक्षा करनी है और अपना नया निर्णय कोर्ट के सामने रखना है।
अगर सेंसर बोर्ड दोबारा जांच के बाद फिल्म को मंजूरी देता है और कोर्ट संतुष्ट होता है, तो फिल्म को नई रिलीज तारीख मिल सकती है। लेकिन अगर कोर्ट को याचिकाकर्ताओं की आपत्तियां सही लगती हैं, तो फिल्म की रिलीज में और देरी हो सकती है या कुछ बदलाव करने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं।
फिलहाल इतना तय है कि ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ अब 27 फरवरी को रिलीज नहीं होगी। दर्शकों को कोर्ट के अंतिम फैसले का इंतजार करना होगा।
धार. एमपी के धार जिले के पीथमपुर के सेक्टर-1 थाना क्षेत्र अंतर्गत दसवीं की छात्रा ने स्कूल के बाथरूम में एक बच्चे को जन्म दिया. सूचना के बाद स्कूल प्रशासन ने 108 एंबुलेंस बुलाकर छात्रा व बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. वहीं कुछ ही देर में पुलिस भी मौके पर पहुंची. मामला बेटमा थाना क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण पीथमपुर पुलिस ने जीरो पर कायमी कर डायरी बेटमा थाने पहुंचाई है.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार छात्रा शासकीय स्कूल में दसवीं की पढ़ाई करती है. मंगलवार को छात्रा पीथमपुर सेक्टर-1 स्थित निजी स्कूल में बोर्ड परीक्षा हेतु बनाए गए परीक्षा केंद्र पर गणित की परीक्षा देने गई थी. परीक्षा के दौरान छात्रा को पेट दर्द होने लगा. छात्रा बाथरूम गई तो वहां उसकी प्रसूति हो गई और उसने बालक को जन्म दिया. बच्चे के रोने की आवाज सुनी तो स्कूल प्रबंधन को मामले की जानकारी मिली और 108 एंबुलेंस बुलाकर छात्रा व नवजात बालक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया.
इसी बीच जानकारी मिलने के बाद पुलिस अस्पताल पहुंची और बालिका के बयान लिए. छात्रा की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद उसकी मां भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची. छात्रा की मां ने चिकित्सकों को बताया कि छात्रा के गर्भ के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी. छात्रा की सगाई हो चुकी है. वहीं, मंगेतर भी घर पर आता रहता है. स्वजन ने अपने बयान में नवजात मंगेतर के होने की संभावना जताई. परंतु पुलिस की पूछताछ में छात्रा ने बच्चा प्रेमी का होने की बात कही.
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150 से ज्यादा गाडर-बकरियों की मौत, क्षेत्र में हड़कंप, हल्दी घोल में मिलावट की आशंका
सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां ग्राम मैना और खामखेडा के बीच रुके गाडर-बकरी चराने वाले परिवारों के डेरे में अचानक बड़ी संख्या में पशुओं की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, अब तक लगभग 150 से 200 गाडर-बकरियां मर चुकी हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
पशुपालकों के अनुसार, 22 फरवरी को ग्राम मैना के साप्ताहिक बाजार से खरीदी गई पीसी (पिसी हुई) हल्दी को पानी में घोलकर जानवरों को पिलाया गया था। हल्दी पिलाने के कुछ ही देर बाद पशुओं में उल्टी, अत्यधिक कमजोरी, अचानक गिरना जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने लगे। स्थिति बेकाबू हो गई और देखते ही देखते एक के बाद एक बड़ी संख्या में बकरियां और गाडर मर गए।
पशुपालकों ने आशंका जताई है कि बाजार से खरीदी गई हल्दी में मिलावट या किसी जहरीले तत्व की मौजूदगी हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की अचानक मौत कोई सामान्य घटना नहीं है। इस मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके और आगे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इस घटना से प्रभावित परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भी गहरा असर पड़ा है, क्योंकि गाडर-बकरी उनके मुख्य आजीविका का साधन हैं। स्थानीय प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग को सूचना दी गई है।
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शराब कारोबारी के बेटे ने पुलिसकर्मी को मारी टक्कर, CSP को दी धमकी, कार में लाल-नीली बत्ती लगाकर मचाया उत्पात
ग्वालियर। मध्य प्रदेश में ग्वालियर में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वे पुलिस अधिकारियों को भी अपना शिकार बनाने से नहीं चूक रहे हैं। हाल ही में कार पर लाल, नीली बत्ती लगाने पर रोक-टोक करने पर शराब कारोबारी के बेटे ने सीएसपी को धमकी दी। इसके बाद उनके वाहन ड्राइवर को टक्कर मारकर भाग गया। हालांकि, पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जब उसने पुलिसकर्मी को टक्कर मारी और हनक दिखाई तो पुलिस ने चलानी कार्रवाई कर मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।
दरअसल, न्यू राम बिहार कॉलोनी में रहने वाले पुलिसकर्मी रामस्नेही लोधी ने बताया कि वह रविवार रात 9 बजे विश्वविद्यालय सर्किल सीएसपी हिना खान के साथ पड़ाव थाना क्षेत्र के फूलबाग के पास विक्टोरिया मार्केट में आए हुए थे। वहां सफेद रंग की कार भी आकर रुकी। कार की प्लेट पर नंबर नहीं थी। बोनट पर ‘डेथ इज डासिंग ऑन माय व्हील्स’ (मौत मेरे पहियों पर नाचती है) लिखा था। बोनट के पास लाल-नीली बत्ती लगी थी। उससे इसकी वजह पूछी तो कार चालक ने तेजी से कार दौड़ा दी। उसकी टक्कर से उनका हाथ और कंधे में चोट आई। रोकने की कोशिश पर कार चालक सीएसपी हिना खान को भी धमकी देकर भाग गया।
उसकी हरकत पडाव थाना और कंट्रोल रुम को बताई गई लेकिन कार चालक गायव हो गया था। चालक ने कार पर लिखी इबारत साफ और लाल नीली बत्ती गायब कर दी। लेकिन उसकी हरकत नहीं छिपी और 24 घंटे के अंदर गोला का मंदिर यातायात थाना पुलिस ने आरोपी रजत सिकरवार को कार सहित पकड़ लिया। उसके पिता रामकुमार सिंह शराब कारोबारी और मैरिज गार्डन संचालक हैं। पुलिस ने उस पर खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर 15 हजार रुपए का जुर्माना किया और पड़ाव थाना पुलिस ने आरोपी पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में एक महिला की दिनदहाड़े फिल्मी स्टाइल में किडनैपिंग का मामला सामने आया है। महिला अपने दोनों बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए गई थी। बताया जा रहा कि महिला का अपहरण किसी और ने नहीं बल्कि उसके ही पति ने किया है। पति समेत अन्य लोग कार से आए और महिला को जबरदस्ती कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। महिला की किडनैपिंग की खबर लगते ही पुलिस ने शहर में नाकेबंदी कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
डबरा के देहात थाना क्षेत्र में एक महिला के दिनदहाड़े अपहरण की घटना से हड़कंप मच गया। महिला का नाम प्रीति परिहार है। बताया जा रहा है कि प्रीति अपने दोनों बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए गई थी इसी दौरान कार से आए लोग उसे जबरदस्ती कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। प्रीति पति से चल रहे विवाद के कारण करीब 9 महीनों से अपने मायके में ही बच्चों के साथ रह रही थी। घटना के बाद प्रीति के माता-पिता दोनों देहात थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जगह-जगह हाईवे समेत अन्य स्थानों पर नाकाबंदी की है। महिला को सुरक्षित लाने की कोशिश की जा रही है।
परिजन के मुताबिक प्रीति की शादी 12 साल पहले घाटीगांव निवासी भरत के साथ हुई थी। शादी के बाद से लगातार विवाद के कारण प्रीति पति से अलग डबरा में अपने मायके में माता-पिता के घर पर अपने बच्चों के साथ रह रही थी। बुधवार सुबह वो नीले रंग का सूट पहनकर दोनों बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए गई थी। परिजन ने ये भी बताया कि प्रीति ने पति के डर से पहले भी देहात थाना पुलिस में आवेदन दिए थे। परिजन का आरोप है कि पति भरत ही अपने साथियों के साथ मिलकर प्रीति का अपहरण कर ले गया है
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ब्यूटी पार्लर वाली महिला के घर पर हमला, थार कार क्षतिग्रस्त, की हवाई फायरिंग
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रास्ते से गाड़ी निकालने को लेकर ब्यूटी पार्लर संचालक संचारिका से हुए विवाद के बाद बदमाश ने अपने साथियों के साथ मिलकर महिला के घर के बाहर कार की तोड़फोड़ कर फायरिंग कर दी। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने जब आरोपियों को पकड़ने के लिए उनके घर दबिश दी तो वहां अवैध हथियारों का जखीरा मिला। पुलिस ने मौके से भाई बहन को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि एक पिता और उसके दो बेटे सहित तीन लोग अभी फरार हो गए हैं। वहीं पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ दो अलग अलग FIR दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी हैं।
दअरसल ग्वालियर के सिरोल थाना क्षेत्र के मॉडल टाउन निवासी अनु शर्मा का लेजर ट्रीटमेंट बॉडी सॉल्यूशन का काम है। वह कल रात अपनी गाड़ी थार से घर लौट रही थीं। तभी रास्ते में बंटी यादव का घर पड़ता है वहां सड़क पर सीढ़ी खड़ी थी। जब अनु ने रास्ते से निकलने के लिए सीढ़ी हटाने के लिए कहा तो बंटी यादव ने उससे गाली गलौज करना शुरू कर दी। साथ ही मारने पीटने का प्रयास किया। जिस पर अनु साइड से अपनी कार निकालकर घर चली गई। घर पर मेहमान संस्कार शर्मा व विकास यादव बैठे हुए थे। उसी समय बदमाश बंटी यादव, उसके दो बेटे अंशुल यादव, दम्मो उर्फ अनिकेत यादव व सूर्या यादव लाठी-डंडे लेकर आए और हमला कर दिया। उनके मेहमान संस्कार व विकास से मारपीट की। अनु शर्मा व उनकी बेटियों को बाहर खींचकर मारने का प्रयास किया। इससे मन नहीं भरा तो बदमाशों ने बाहर रखी अनु शर्मा की थार कार में तोड़फोड़ कर दी। आखिर में दहशत फैलाने के लिए बंटी यादव ने पिस्टल व कट्टे से गोलियां चला दीं। जिसका घर में मौजूद लोगों ने वीडियो बना लिया और उसकी सूचना पुलिस को दी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फरियादिया अनु शर्मा की शिकायत पर घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों की तलाश शुरू की गई। जब वहां बदमाश नहीं मिले पुलिस ने बंटी यादव के पुश्तैनी मकान हुरावली पर दबिश दी। जहां पर मुख्य आरोपी बंटी यादव के भाई मनीष यादव और बहन सपना यादव मिले गए लेकिन घर की तलाशी में अवैध हथियारों का जखीरा पुलिस को मिला गया। बदमाश की बहन के घर से अवैध हथियारों का जखीरा मिलने पर पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस ने सभी अवैध हथियार जब्त कर आरोपी बंटी की बहन सपना व भाई मनीष यादव को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में दोनों ने बताया कि आरोपी बंटी यादव और उसके दोनों बेटे अवैध वसूली और लोगो डराने धमकाने का काम करते है इसलिए यहां अवैध हथियार रखते हैं। पुलिस को घर की तलाशी पर 315 बोर की तीन राइफल, 32 बोर की दो पिस्टल, 315 बोर का एक कट्टा, 315 बोर के 52 जिंदा कारतूस, 32 बोर के 17 जिंदा कारतूस, 306 बोर के छह कारतूस, 22 गोलियां अलग-अलग बोर की और 9 मैग्जीन भी मिली हैं। फिलहाल पुलिस ने फरियादी अनु शर्मा की शिकायत पर मुख्य आरोपी बंटी यादव और उसके दोनों बेटे अंशुल और अनिकेत पर गाली गलौज, मारपीट, तोड़फोड़, फायरिंग की धाराओं में मामला दर्ज कर दूसरी FIR मुख्य आरोपी बंटी यादव उसके दोनों बेटे अंशुल और अनिकेत के साथ-साथ बंटी के भाई मनीष यादव और बहन सपना यादव के खिलाफ अवैध हथियार रखने के संबंध में आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया है और फरार मुख्य आरोपी बंटी और उसके दोनों बेटों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है मुख्य आरोपी बंटी के गिरफ्तार हो जाने के बाद अवैध हथियारों के संबंध में पूछताछ की जाएगी।
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हॉस्पिटल के डॉक्टर पर महिला से दुष्कर्म और नवजात के अपहरण का गंभीर आरोप, कमिश्नर ने दिए जांच के आदेश
इंदौर। शहर के एक नामी डॉक्टर पर IVF और सरोगेसी के नाम पर प्रेम विवाहिता को झांसे में लेकर दुष्कर्म करने और जन्मे बच्चे का अपहरण करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। पीड़ित दंपति ने सबूतों के साथ पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है, जिसके बाद महिला थाना टीआई को जांच के आदेश दिए गए हैं। आरोप है कि शहर के एक बड़े अस्पताल से जुड़े डॉक्टर ने अन्य साथियों के साथ मिलकर लव मैरिड कपल को कर्ज एडजस्ट करने का लालच दिया। खुद को Sri Aurobindo Hospital का बड़ा डॉक्टर बताकर IVF के जरिए बच्चा दिलाने की बात कही। दंपति को 18 सितंबर 2023 को होटल में बुलाकर पूरी साजिश रची गई।
शिकायत के अनुसार, पति ने कुछ रुपए उधार लिए थे, जिन्हें न चुका पाने पर उसे एक व्यक्ति के जरिए कथित डॉक्टर से मिलवाया गया। बाद में महिला को DNS Hospital और एक अन्य IVF सेंटर में भर्ती कराया गया। दो बार IVF फेल होने के बाद आरोपित डॉक्टर ने पीड़िता पर दबाव बनाना शुरू किया। पीड़िता का आरोप है कि फरवरी 2024 में उसे होटल में बुलाकर नशीला पदार्थ पिलाया गया और जबरन दुष्कर्म किया गया। होश आने पर पति को झूठे ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी दी गई।
दंपति का आरोप है कि गर्भ ठहरने के बाद उन्हें श्री अरबिंदो हॉस्पिटल के सामने एक कॉलोनी के फ्लैट में रखा गया, जहां कमरों में कैमरे लगाए गए थे। कहा गया कि बच्चा पैदा होने तक बाहर नहीं जा सकते। 15 सितंबर 2024 को तबीयत बिगड़ने पर महिला को Motherhood Hospital में भर्ती कराया गया। जहां 4 अक्टूबर 2024 को आठ माह के गर्भ के बाद पुत्र का जन्म हुआ।
9 अक्टूबर 2024 को अस्पताल से छुट्टी के दौरान आरोपित डॉक्टर और उसके साथी कथित रूप से नवजात को छीनकर ले गए। पति का मोबाइल फॉर्मेट कर सिम तोड़ दी गई और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। दंपति का दावा है कि बाद में दशहरा मैदान पर एक-दो बार बच्चे से मिलवाया गया, जहां पिस्टल दिखाकर चुप रहने की चेतावनी दी गई।
26 नवंबर 2024 को फिर होटल में बुलाकर एक क्षतिपूर्ति समझौता पत्र पर दबाव में हस्ताक्षर करवाने का आरोप है। पीड़िता ने कथित फर्जी दस्तावेजों की फोटो अपने पास सुरक्षित रखी है। आरोप है कि डॉक्टर के साथियों ने बच्चे का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की भी धमकी दी।
हाईकोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे और एडवोकेट डॉ. रूपाली राठौर के माध्यम से पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना को तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। एडवोकेट डॉ. रूपाली राठौर ने कहा कि भारत में कमर्शियल सरोगेसी प्रतिबंधित है, केवल अल्ट्रोस्टिक सरोगेसी मान्य है। इसके बावजूद महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर शोषण के मामले सामने आ रहे हैं।
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