


दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह में तीन एमबीबीएस फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि ये डॉक्टर सरकारी नौकरी में सेवाएं दे रहे थे। एक जबलपुर और दूसरा डॉक्टर दमोह में नौकरी कर रहे थे। फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार कर तीनों से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच के बाद बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।
दमोह जिले के सरकारी संजीवनी क्लिनिक में फर्जी MBBS की डिग्री लगाकर दो फर्जी डॉक्टर्स अपनी सेवाएं दे रहे थे। एक ने जबलपुर में नौकरी हासिल की थी। कोतवाली पुलिस ने CMHO दमोह की निशानदेही पर जैसे ही जांच शुरू की तो एक के बाद एक तीन फर्जी डॉक्टर्स गिरफ्त में आए। दमोह पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने इसका खुलासा कर ये संभावना जताई है कि मामले में कई और फर्जी डॉक्टर रडार में आ सकते है।
दमोह में पकड़े गए आरोपियों के नाम कुमार सचिन यादव, राजपाल गौर जबलपुर से अजय मौर्य को है। एसपी ने बताया कि तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। CMHO की ओर से जांच प्रतिवेदन मिला था, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई है। फर्जी डिग्री कहां से मिली, इस पर एसपी ने कहा कि फिलहाल तीनों से पूछताछ जारी है।
एसपी आनंद कलादगी ने बताया कि संजीवनी क्लिनिक में फर्जी डिग्री पेश कर नियुक्त होकर आए थे, जब CMHO को संदेह हुआ तो कमेटी गठित की। जिसमें फर्जी होने की बात सामने आई। इसके बाद सीएमएचओ ने जांच प्रतिवेदन कर पुलिस में शिकायत की। जिसके बाद विभिन्न मामले में केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की। अन्य लोगों के नाम सामने आ रहे है, जिनकी तलाश की जा रही है।
--------------------------------------
बड़ी खबरः गढ़कालिका मंदिर में हंगामा, साध्वी ने किया आत्मदाह का प्रयास
उज्जैन। काल भैरव क्षेत्र स्थित गढ़कालिका मंदिर में रविवार दोपहर 12 बजे आरती के दौरान विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। विवाद महामंडलेश्वर साध्वी श्री श्री 1008 काली नंद गिरी, किन्नर अखाड़ा तेलंगाना एवं मंदिर के पुजारी गार्ड के बीच हुआ। घटना के बाद मंदिर परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
दरअसल महामंडलेश्वर साध्वी दोपहर 12 बजे की आरती में शामिल होने मंदिर पहुंची थीं। आरोप है कि आरती के दौरान उन्हें वहां से हटाते हुए बाहर जाने के लिए कहा गया, जिससे वे आक्रोशित हो गई। इस दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि विरोध स्वरूप उन्होंने अपने ऊपर कार से पेट्रोल लाकर मंदिर परिसर में डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें रोक लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इस बीच मंदिर का एक गेट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया और दूसरे गेट से दर्शन करवाए गए।
घटना की सूचना मिलते ही जीवाजीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। साध्वी को समझाइश देकर थाने ले जाया गया। वहीं मंदिर प्रभारी मूलचंद जाटवा का कहना है कि आरती के दौरान श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ थी। साध्वी से केवल इतना कहा गया था कि वे थोड़ा साइड में हो जाएं ताकि श्रद्धालु दर्शन कर आसानी से निकल सकें। इसी बात को लेकर वे नाराज हो गई और विवाद की स्थिति बन गई।
जीवाजीगंज थाना पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई। समझाइश के बाद आपसी सहमति से विवाद समाप्त हुआ, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को थाने से रवाना कर दिया। इस दौरान सीएसपी पुष्पा प्रजापति ने बताया कि दर्शन को लेकर हल्का विवाद हुआ था, लेकिन अब दोनों पक्षों के बीच आपसी राजीनामा हो गया है।
------------------------------------
एसपी-टीआई को धमकी देने वाला हेड कॉन्स्टेबल के बहाल होते ही सोशल मीडिया पर हुई विवादित पोस्ट
राजगढ़ मध्यप्रदेश के राजगढ़ में थाने के तत्कालीन टीआई वीरेंद्र धाकड़ व तत्कालीन एसपी को धमकी भरे मैसेज भेजने के मामले में बर्खास्त हुए हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र मीणा को हाईकोर्ट के आदेश पर बहाल कर दिया गया है। हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के फैसले के बाद हेड कॉन्स्टेबल ने कोर्ट के ऑर्डर के साथ पुलिस लाइन राजगढ़ में आमद दर्ज करा दी है। हेड कॉन्स्टेबल के बहाल होते ही सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है जिसमेें टाइगर अभी जिंदा है लिखा हुआ है। बताया जा रहा है कि हेड कॉन्स्टेबल के किसी परिचित ने ये पोस्ट किया है जो चर्चाओं का विषय बनी हुई है।
दिसंबर 2024 में तत्कालीन टीआई वीरेंद्र धाकड़ व तत्कालीन एसपी को धमकी भरे मैसेज भेजने को लेकर विवादों में आए हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र मीणा को हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर बहाल कर दिया गया है। कोर्ट के आदेश के बाद हेड कॉन्स्टेबल ने पुलिस लाइन राजगढ़ में अपनी आमद दर्ज कराई है और इसके ठीक बाद एक विवादित पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। वायरल पोस्ट में पहले तो कोर्ट के फैसले का आदेश लिखा है और फिर इसके नीचे एक शेर का मोनो लगाकर लिखा है-टाइगर अभी जिंदा है…। इस पोस्ट के कई मायने निकाले जा रहे हैं। ये पोस्ट किसी दिनेश मीना के द्वारा की गई है।
दरअसल शहर थाने में पदस्थ रहे प्रधान आरक्षक देवेंद्र मीणा ने दिसंबर 2024 में शहर थाने के तत्कालीन टीआइ धाकड़ को धमकी भरे मैसेज भेज दिए थे। इसके साथ ही उनका एक धमकी भरा ऑडियो भी वायरल हुआ था। इसके बाद हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र मीणा ने 17 पन्नों का एक माफीनामा भी लिखकर दिया था, लेकिन इसके बावजूद हेड कॉन्स्टेबल ने टीआई को धमकी देना जारी रखा।
पूरे विवाद की शुरूआत उस वक्त हुई थी जब हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र मीणा का ट्रांसफर शहर थाने से एसडीओपी कार्यालय में किया गया था। ये ट्रांसफर हेड कॉन्स्टेबल को नागवार गुजरा और उन्होंने एसडीओपी कार्यालय में पदभार ही ग्रहण नहीं किया, उलटे टीआई को धमकी भरे मैसेज भेजने लगे। नई नियुक्ति पर हेड कॉन्सटेबल के पदभार ग्रहण नहीं करने पर टीआई वीरेंद्र धाकड़ ने उनकी गैरहाजिरी लगाई थी।
गैरहाजिरी लगाए जाने से विवाद और बढ़ा और हेड कॉन्स्टेबल ने अधिकारियों को धमकी देना शुरू कर दिया था। इस मामले में तत्कालीन एसपी आदित्य मिश्रा ने हेड कांस्टेबल मीणा को सस्पेंड कर उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठाई थी। 43 दिन बाद आई जांच रिपोर्ट के आधार पर हेड कॉन्स्टेबल को बर्खास्त कर दिया गया था। बर्खास्तगी के खिलाफ मीणा ने हाईकोर्ट में रिट पिटीशन दायर की थी। जिस पर हाईकोर्ट ने बहाली के आदेश दिए हैं।
जबलपुर। घरेलू गैस सिलेंडर रिफिल कराने को लेकर बनाए गए नियमों में शहरी और ग्रामीण इलाकों को दो श्रेणियों में बांटे जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। एक मामले में शहरी इलाकों के लिए 25 और गांवों के लिए 45 दिनों के नियम को असंवैधानिक बताया गया है। मामले पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने केंद्र सरकार को इस बारे में शपथपत्र पर जवाब देने कहा है।
अखिल भारतीय उपभोक्ता कांग्रेस भोपाल के सचिव विजय श्रीवास्तव की ओर से दाखिल की गई इस अपील में कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के वितरण को लेकर नए नियम बनाए गए हैं। इस बारे में केंद्र सरकार ने गजट नोटिफिकेशन और प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई।
याचिका में आरोप है कि सरकार ने न केवल आम उपभोक्ताओं के बुनियादी अधिकारों का हनन किया है, बल्कि देश के शहरी और ग्रामीण नागरिकों के बीच एक भेदभावपूर्ण खाई पैदा कर दी है। याचिकाकर्ता का कहना है कि ग्रामीण उपभोक्ताओं को अगले सिलेंडर के लिए पूरे 45 दिनों का लंबा इंतजार करना उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। मामले पर हुई प्रारंभिक सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज शर्मा ने दलीलें रखीं। सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने केन्द्र सरकार को शपथ-पत्र पर जवाब देने के निर्देश दिए।
------------------------------------
MP में तरबूज खाने से मौत के मामले में बड़ा खुलसा, डॉक्टर भी हुए हैरान
श्योपुर मध्य प्रदेश के श्योपुर शहर के खातौली तिराहे के पास रहने वाले इंद्र सिंह परिहार और उनके पुत्र विनोद की संदिग्ध परिस्थितियों में तबियत बिगडने और फिर रैफर के दौरान इंद्र सिंह की मौत होने के मामले में अब कोतवाली पुलिस ने भी मर्ग दर्ज कर जांच प्रारंभकर दी है। मामले में जांच के बाद डॉक्टरों ने अब इस मामले में इंद्र की मौत को लेकर नई आशंका जताई है जिससे मामला पूरा पलट सकता है।
उल्लेखनीय है कि सुसनेर (आगर-मालवा) के निवासी इंद्रसिंह परिहार पुत्र कर्म सिंह अपने परिवार के साथ खातौली तिराहे के पास वसीम कुरैशी के फार्म हाउस पर रहते थे। शुक्रवार की सुबह 6 बजे के आसपास इंद्र सिंह (43) और उनके पुत्र विनोद (21) के सीने में जलन होने लगी। परिजनों के अनुसार जलन को कम करने के उद्देश्य से दोनों से तरबूज खा लिया और उसके बाद ज्यादा तबितय बिगड़ गई तो परिजन अस्पताल ले गए। इंद्र सिंह की गंभीर हालत देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें कोटा रैफर कर दिया। लेकिन कोटा जाते समय रास्ते में ईटावा के पास उनकी मौत हो गई।
हालांकि इंद्र सिंह की मौत और विनोद की गंभीर हालत का वास्तविक कारण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन आशंक व्यक्त की जा रही है कि कोई बर्ड संक्रमण भी हो सकता है, क्योंकि ये दोनों पोल्ट्री फार्म पर काम करते थे। वहीं दूसरी ओ किसी केमिकल का भी दुष्प्रभाव होने की आशंका व्यक्ति की जा रही है, लेकिन चिकित्सक साफ तौर पर रहे है कि तरबूज खाने से मौत होने जैसी स्थितियां कहीं से नजर नहीं आ रही है। वहीं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में प्रारंभिक रूप से पाया गया है कि गला चोक होने से इंद्र सिंह की मौत हुई है।
मृतक इंद्रसिंह के पुत्र विनोद का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है और आईसीयू में वेंटीलेटर पर है। दो दिन बाद भी हालत अभी स्थिर है। चिकित्सकों का कहना है कि विनोद की हालत पहले जैसी ही है।
दोनों पिता-पुत्र की ये स्थिति कैसे हुई, इसके बारे में स्पष्ट कुछ नहीं कह सकते। पोस्टमॉर्टम के बाद बिसरा सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा, इस रिपोर्ट के बाद ही स्थिति साफ होगी।-डॉ. आरबी गोयल, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल श्योपुर
हमने इंद्रसिंह ही मौत के मामले में पुत्र की सूचना पर मर्ग कायम कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि ये पोल्ट्री फार्म पर काम करते थे। मामले की जांच की जा रही है और बिसरा जांच भी भेजी जा रही है।- सत्यम सिंह गुर्जर, टीआई,कोतवाली श्योपुर
-----------------------------------------
नाबालिग से गैंगरेप का खुलासा: मामा ने दो भांजों के साथ मिलकर किया था अपहरण, 24 घंटे में तीनों गिरफ्तार
छतरपुर। छतरपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में आदिवासी नाबालिग लड़की से गैंगरेप मामले का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से मामा और उसके दो भांजों को गिरफ्तार किया गया है। एसपी रजत सखलेचा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी जानकारी दी।
दरअसल मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के बस स्टैंड का है। आरोपी दो भांजों के साथ मामा ने गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर दो आरोपी नाबालिग को जबरदस्ती अपहरण करके स्कूटी से जाते कैमरे में कैद हुये थे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कार से नाबालिग युवती को छोड़कर फरार हो गए थे।
आरोपियों की गिरफ्तारी पर आईजी सागर ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आरोपियों पर गैंगरेप, अपहरण सहित पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। एसपी रजत सखलेचा ने ने प्रेस कांफ्रेंस में मामले का खुलासा किया है।
झारखंड के वासेपुर के कुख्यात प्रिंस खान के करीबी सैफ अब्बास नकवी उर्फ सैफी से साथ छूटने के बाद उसे दोहरा झटका लगा है। प्रिंस से अलग गोपी खान अपना गिरोह खड़ा कर रहा है। पुलिस को सैफी से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार प्रिंस खान का अपने भाई गोपी खान से खटपट चल रहा है. धनबाद पुलिस ने अब प्रिंस खान के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एनआईए और सीबीआई से मदद लेने की योजना बनाई है। झारखंड के कोयलांचल इलाके में कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के बाद से लंबे समय से फरार चल रहे गैंगस्टर प्रिंस खान के अब दुबई से पाकिस्तान में शरण लेने की खबर है।
वासेपुर के कुख्यात भगोड़े गैंगस्टर प्रिंस खान के सबसे बड़े राजदार मेजर उर्फ सैफी की गिरफ्तारी के बाद धनबाद पुलिस अब पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने की तैयारी में है। पूछताछ में सैफी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि प्रिंस खान अब दुबई छोड़कर पाकिस्तान भाग चुका है, जबकि उसका भाई गोपी खान दुबई से ही बैठकर इस पूरे गैंग को ऑपरेट कर रहा है। प्रिंस का साला रितिक और आदिल भी इस समय दुबई में ही मौजूद हैं।
इस नए इनपुट के बाद पुलिस अब प्रिंस खान के परिवार और उसके करीबियों पर शिकंजा कसने जा रही है। सैफी ने कबूला है कि रंगदारी से वसूली गई करोड़ों रुपये की रकम को प्रिंस ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर चल-अचल संपत्तियों में निवेश किया है। इस खुलासे के बाद गैंग को आर्थिक रूप से मदद करने वाले तमाम रिश्तेदार अब जांच के दायरे में आ गए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रिंस खान के इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों (जैसे एनआईए या सीबीआई) की मदद ली जा रही है। पुलिस का मानना है कि दुबई में बैठा गोपी खान नेटवर्क को फिर से जीवित करने की कोशिश कर रहा है। गोपी के खिलाफ हत्या, रंगदारी, फायरिंग और धमकी देने के 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। गोपी के खिलाफ सख्त इंटरनेशनल एक्शन के लिए धनबाद पुलिस जल्द ही पुलिस मुख्यालय को एक पत्र सौंपेगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बीते दिनों प्रिंस के माता-पिता से करीब 5 घंटे तक कड़ी पूछताछ की थी। हालांकि, उन्होंने दावा किया है कि उनका अपने बेटों से कोई संबंध नहीं है, लेकिन पुलिस को उनके इस बयान पर भरोसा नहीं है। पुलिस कमिश्नर और संबंधित एजेंसियां सैफी से मिले इनपुट्स के आधार पर शहर में सक्रिय गैंग के स्लीपर सेल और अपराधियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी और कड़ियों का सत्यापन कर रही हैं।
हाल के दिनों में कई नए मुकदमों में नामजद होने के बावजूद प्रिंस का भाई बंटी फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर है। पुलिस को अंदेशा है कि वह भी अपने भाइयों की तरह देश छोड़कर भागने की फिराक में हो सकता है। वहीं, चाईबासा जेल में बंद गॉडविन पर भी कड़ी नजर है, क्योंकि पुलिस को शक है कि वह जेल के भीतर से ही नए अपराधियों को प्रिंस के गैंग में शामिल करने का खेल रच रहा है।
------------------------------------
यमुना नदी में नहा रहे 4 दोस्तों की डूबकर मौत, वहीं प्रयागराज संगम में भी 2 की मौत
फतेहपुर. यूपी के फतेहपुर में यमुना नदी में रविवार 17 मई की दोपहर एक बजे नहा रहे छह दोस्त गहरे बहाव में चले गये. चीख पुकार सुनकर गोताखोर नदी में कूदे और दो युवकों को बचाकर बाहर ले आय, जबकि चार युवकों को गोताखोर ढूंढते रहे. दो घंटे बाद चारों दोस्त थोड़ी-थोड़ी दूर में मिले जिन्हें गोताखोर बाहर निकालकर लाए तो चारों की मौत हो चुकी थी. वहीं एक अन्य घटना प्रयागराज में गंगा नदी के संगम पर घटी, जहां 2 युवकों की डूबने से मौत हो गई.
बताया जाता है कि ललौली थाने के तपनी निवासी 20 वर्षीय हसीबुद्दीन अपने दोस्त 19 वर्षीय शाहिद, 20 वर्षीय शान, 22 वर्षीय अंश प्रजापति, निजाम व मोनू रैदास के साथ घर से दोपहर पास के कुनुवाडेरा गांव स्थित यमुना नदी में नहाने गये थे. नहाते समय सभी छह दोस्त गहरे बहाव में चले गये.चीख पुकार सुनकर गोताखोर नाजिम व मोनू रैदास को बचाकर बाहर ले आये लेकिन अन्य चार डूब गये. दो घंटे बाद तीन बजे उक्त चारों दोस्तों के शव मिल गये. एसओ प्रमोद राव ने बताया कि नहाते समय चारों युवकों की पानी में डूबने से मौत हुई है, शव बरामद कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
गंगापार के नवाबगंज थाना क्षेत्र के डांडी गांव के सामने गंगा नदी में रविवार सुबह नहाने गए दो सगे भाई डूब गए. घटना के बाद घरवालों में कोहराम मच गया. गंगा घाट पर भारी भीड़ जुट गई. स्थानीय गोताखोरों ने काफी देर तक नदी में उन्हें तलाश लेकिन पता नहीं चल सका. वहीं ग्रामीणों ने ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया. बाद में एसडीआरएफ की टीम ने मशक्कत के बाद शवों को बरामद किया.
बताया जाता है कि डांडी गांव निवासी अल्ताफउद्दीन के 24 वर्षीय बेटे मोहम्मद काश और 18 वर्षीय मोहम्मद कैश रविवार सुबह करीब नौ बजे मोटरसाइकिल से गांव के सामने गंगा नदी में नहाने गए थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नहाते समय छोटा भाई मोहम्मद कैश गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा. भाई को बचाने के लिए बड़ा भाई मोहम्मद काश भी नदी में कूद पड़ा, लेकिन तेज बहाव में दोनों भाई डूब गए.
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग और परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए. देखते ही देखते गंगा घाट पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. स्थानीय गोताखोरों ने करीब तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत कर दोनों युवकों की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली. बाद में एसडीआरएफ की टीम ने दोनों के शव को बरामद कर लिया.
------------------------------------
डंके की चोट पर हत्या करनेवाला सुपारी किलर कोलकाता से गिरफ्तार, BJP नेता की हत्या और सीमेंट कारोबारी को भी मारी थी गोली
पुलिस ने लंबी तलाश के बाद कुख्यात सुपारी किलर अभिषेक सिन्हा उर्फ सूरज को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है. इस गिरफ्तारी से न सिर्फ भाजपा नेता अनिल टाइगर हत्याकांड का मुख्य आरोपी पकड़ा गया है, बल्कि एक अन्य बड़े हमले का भी खुलासा हुआ है. सुपारी किलर अभिषेक उर्फ सूरज सिन्हा को 14 महीने बाद कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस को खुली चुनौती देने वाला यह आरोपी मोबाइल का इस्तेमाल न कर प्रतिबंधित ऐप्स के जरिए सुपारी लेता था.
रांची पुलिस ने बीजेपी नेता अनिल टाइगर की हत्या और कारोबारी राधेश्याम साहू गोलीकांड के मुख्य सरगना व कुख्यात अभिषेक उर्फ सूरज सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया है.
झारखंड की राजधानी रांची की पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पिछले 14 महीनों से फरार चल रहे कुख्यात अपराधी और सुपारी किलर (कॉन्ट्रैक्ट किलर) अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ सूरज सिन्हा को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी इतना शातिर था कि वारदातों को अंजाम देने के बाद विभिन्न माध्यमों से रांची पुलिस को “हिम्मत है तो पकड़ के दिखाओ” जैसी खुली चुनौतियां देता था. पुलिस से बचने के लिए उसने मोबाइल फोन का पूरी तरह त्याग कर दिया था, जिससे उसे ट्रेस करना एक बड़ी चुनौती बन गया था.
रांची पुलिस की विशेष टीम ने कोलकाता में छापेमारी कर अभिषेक सिन्हा उर्फ सूरज को गिरफ्तार किया. रांची के ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने इसकी पुष्टि की. सूरज पुलिस की नजरों से बचने के लिए लगातार शहर बदल रहा था. रांची के ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने प्रेस वार्ता कर बताया कि गिरफ्तार किया गया 32 वर्षीय कुख्यात अपराधी अभिषेक सिन्हा उर्फ सूरज सिन्हा मूल रूप से रांची के कोतवाली थाना क्षेत्र के किशोरगंज का रहने वाला है. उसने महज 22 वर्ष की उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था.
ग्रामीण एसपी के अनुसार, अभिषेक ने स्वीकार किया है कि 26 मार्च 2025 को कांके चौक के पास स्थित एक होटल में बैठे बीजेपी नेता और पूर्व जिला परिषद सदस्य अनिल महतो उर्फ अनिल टाइगर की हत्या उसी ने शूटरों के जरिए करवाई थी. इस हत्याकांड के लिए उसे 5 लाख की सुपारी मिली थी.
इसके अलावा, 15 अक्टूबर 2025 को नगड़ी थाना क्षेत्र के कटहल मोड़ के पास ‘शांभवी इंटरप्राइजेज’ के मालिक और कारोबारी राधेश्याम साहू पर हुए ताबड़तोड़ गोलीकांड के पीछे भी इसी का हाथ था. अभिषेक ने इस काम के लिए 20 लाख की भारी-भरकम सुपारी ली थी.
रांची पुलिस अब दोनों मामलों में सूरज से विस्तृत पूछताछ कर आगे की साजिशों का पता लगाने में जुटी है. इस गिरफ्तारी को रांची पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. गिरफ्तारी के बाद पता चला कि 15 अक्टूबर 2025 को रांची के कटहल मोड़ के पास सीमेंट और छड़ के कारोबारी राधेश्याम साहू पर गोलीबारी का मुख्य शूटर भी यही सूरज था. हमले में राधेश्याम गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
देवास मध्य प्रदेश के देवास जिले में गुरूवार सुबह टोंककला के पास एबी रोड पर स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में गुरुवार को एक भीषण विस्फोट (Dewas factory blast case) हुआ था। हादसे में अबतक 6 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। मामले में अब प्रदेश शासन और उज्जैन संभाग आयुक्त ने बड़ा एक्शन लिया है। पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले मे टोंकखुर्द एसडीएम संजीव सक्सेना और तहसीलदार रवि शर्मा को संभाग आयुक्त ने किया निलंबित कर दिया है। वहीं, राज्य शासन ने एसडीओ दीपा मांडवे और एसपी ऑफिस ने चौकी प्रभारी रमनदीप हुंडल को भी निलंबित कर दिया है।
मध्य प्रदेश गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पटाखा फैक्ट्री विस्फोट घटना की जांच रिपोर्ट में सामना आया है कि सोनकच्छ एसडीओपी दीपा मांडवे ने सरकार के आदेश और गाइडलाइन्स के अनुसार फैक्ट्री का निरीक्षण नहीं किया था। इसके अलावा उनके द्वारा फैक्ट्री के संचालन से जुड़ी रिपोर्ट भी वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं भेजी गई। सरकार ने इसे बड़ी लापरवाही मानते हुए एसडीओपी दीपा मांडवे को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा एसपी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, टोंककलां चौकी प्रभारी रमनदीप हुंडल निलंबित कर दिया गया है।
कार्यालय ने चौकी प्रभारी के निलंबन को लेकर बताया कि जांच रिपोर्ट में पाया गया कि कारखाना में बडी संख्या में अन्य राज्यों के निवासी कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे जो चौकी टॉककला क्षेत्र में ही निवासरत थे। कारखाना में सुरक्षा के समुचित प्रबंध नहीं थे एवं विस्फोटक सामग्री लाइसेंस में उल्लेखित मात्रा से कई गुना अधिक थी। इसकी जानकारी चौकी प्रभारी टोंककला रमनदीप हुंडल द्वारा किसी प्रकार की जानकारी वरिष्ठ कार्यालय प्रेषित नहीं की गई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर उज्जैन संभाग आयुक्त कार्यालय द्वारा टोंकखुर्द एसडीएम संजीव सक्सेना और तहसीलदार रवि शर्मा को निलंबित कर दिया है। एसडीएम पर आरोप है कि उन्होंने अपने सरकारी कर्तव्यों का सही तरीके से पालन नहीं किया।
--------------------------------------
दिग्विजय सिंह का केंद्र सरकार पर हमला:बोले- पेट्रोल-डीजल और आर्थिक संकट की बड़ी वजह मोदी सरकार में लीडरशिप का अभाव
भोपाल मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने देश में बढ़ते आर्थिक संकट और महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भारत में मौजूदा आर्थिक संकट की बड़ी वजह मोदी सरकार में लीडरशिप क्राइसिस, दूरदर्शी सोच का अभाव और अक्षमता है।
दिग्विजय ने इसे मोदी सरकार द्वारा निर्मित संकट बताते हुए कहा कि इसका खामियाजा देश की जनता पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के बढ़ते दामों के रूप में भुगत रही है।
सोशल मीडिया पर शनिवार सुबह किए गए पोस्ट में दिग्विजय सिंह ने लिखा कि देश की जनता को यह समझना होगा कि अंतरराष्ट्रीय ईंधन क्राइसिस के साथ-साथ भारत में आर्थिक संकट की वजह केंद्र सरकार की नीतियां भी हैं।
उन्होंने कहा कि डीजल के दाम बढ़ने से पूरे देश में महंगाई का असर पड़ता है, जिसका असर उद्योगों, किसानों और घरेलू बजट पर आता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि जब संकट शुरू हुआ तब देश को “सब चंगा सी” बताया गया और कांग्रेस के सवालों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए। दिग्विजय ने कहा कि अमेरिकी अनुमति के चलते भारत की संप्रभुता को गिरवी रखने जैसी स्थिति पैदा हो गई है।
दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार से दो सवाल भी पूछे। उन्होंने कहा कि मार्च में रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन का समय दिया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री देश को ऐसी स्थिति में क्यों ले आए जहां भारत को अनुमति मांगनी पड़ रही है।
उन्होंने दूसरा सवाल पूछते हुए कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑइल के दाम कम थे, तब मोदी सरकार ने जनता को राहत देने के बजाय करों के जरिए 10 साल में ₹43 लाख करोड़ कमाए। अब जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ क्यों डाला जा रहा है?
--------------------------------------
8 लाख की कार से 140 किमी दूर आकर चुराए सिर्फ 3 गैस सिलिंडर, दो आरोपी गिरफ्तार
खरगोन। गत महीनों से चल रही गैस सिलिंडर की किल्लत को देखते हुए बदमाशों ने भी अपना तरीका बदला है। ऐसे ही एक मामले में मेनगांव पुलिस ने गैस सिलिंडर चोरी के इंदौर निवासी दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यह आरोपित इंदौर से कार से यहां आकर गैस सिलिंडर चुराने का काम करते थे। आरोपितों ने मेनगांव थाना क्षेत्र से एक और शहर कोतवाली क्षेत्र से दो सिलिंडर चुराई थीं। गिरफ्तार आरोपितों में एक नाबालिग है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार भी जब्त की है।
इस मामले में सबसे रोचक यह है कि आरोपित 8 लाख की कार से इंदौर से 140 किमी की दूरी तय कर गैस सिलिंडर चुराने खरगोन आए थे। अभी आरोपितों से महज 5 हजार कीमती एक गैस सिलिंडर सहित 8 लाख रुपए की कार जब्त की गई है। मेनगांव थाना प्रभारी एमआर रोमड़े ने बताया कि थाना क्षेत्र के सुखपुरी से आरोपितों ने गत सात मई को एक घर में घुसकर एक गैस टंकी चुराई थी।
मामले में सीसीटीवी फुटेज व संदिग्धों को चिह्नित कर विवेचना शुरू की थी। इसमें सामने आया कि आरोपित यश पिता राजेश कमले निवासी लोकनायक नगर छतरीपुरा इंदौर व एक विधि विरुद्ध बालक ने टंकी चोरी की घटना को अंजाम दिया है। दोनों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने पर उन्होंने उक्त चोरी को कारित करना स्वीकार किया।
आरोपितों की निशानदेही पर गैस सिलिंडर के साथ घटना में प्रयुक्त कार भी जब्त की गई है। उधर, कोतवाली प्रभारी बीएल मंडलोई ने बताया कि उक्त घटना दिनांक को ही कोतवाली क्षेत्र से भी आरोपितों ने दो गैस सिलिंडर चुराए हैं।
मध्यप्रदेश के दमोह जिले से एक बेहद भावुक और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां 9 साल के एक मासूम छात्र की मौत के बाद परिवार में गुस्सा और दुख दोनों देखने को मिले। परिजन रातभर बच्चे का शव लेकर एसपी ऑफिस के बाहर बैठे रहे और स्कूल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की मांग करते रहे।
दरअसल, मृतक छात्र काव्य नामदेव तेंदूखेड़ा के एक निजी स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ता था। परिवार का आरोप है कि स्कूल में टीचर द्वारा की गई पिटाई के बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और आखिरकार इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों के मुताबिक 19 फरवरी 2026 को काव्य स्कूल गया था, लेकिन वह अपनी किताब घर पर भूल गया था। इसी बात पर टीचर ने उसकी पिटाई कर दी।
दरअसल, परिवार का कहना है कि उसी दिन से काव्य की तबीयत खराब रहने लगी। पहले उसका इलाज तेंदूखेड़ा के सिविल अस्पताल में कराया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर उसे भोपाल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
काव्य की हालत लगातार बिगड़ती गई। बाद में उसे भोपाल एम्स ले जाया गया, जहां वह वेंटिलेटर पर भर्ती था। इलाज के दौरान बीती रात उसकी मौत हो गई।
दरअसल, बच्चे की मौत के बाद परिजन सीधे दमोह एसपी ऑफिस पहुंच गए। रातभर शव लेकर बैठे परिवार ने स्कूल प्रबंधन और संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
परिवार का आरोप है कि उन्होंने पहले भी पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन उनकी बात गंभीरता से नहीं सुनी गई। परिजनों का कहना है कि जैसी रिपोर्ट वे लिखवाना चाहते थे, वैसी FIR दर्ज नहीं की गई। दरअसल, मामले ने अब बड़ा रूप ले लिया है। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाइश दी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। इसके बाद परिवार शव लेकर वहां से रवाना हुआ।
-----------------------------------
ऑपरेशन में लापरवाही पर बड़ा एक्शन: 4 डॉक्टरों पर लगा जुर्माना, रुकेंगी वेतनवृद्धियां
मंदसौर। मध्यप्रदेश के मंदसौर जिला अस्पताल में लापरवाही मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला अस्पताल में पदस्थ 4 सीनियर डॉक्टरों पर न सिर्फ 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है बल्कि चारों डॉक्टरों की वेतनवृद्धि रोकने के भी आदेश दिए है।
दरअसल डिलीवरी के दौरान अपरेशन में लापरवाही के चलते चारों डॉक्टरों पर जुर्माना लगाया गया है। इनमें डॉक्टर संगीता पाटीदार, डॉक्टर रजत पाटीदार, डॉक्टर मीना वर्मा और डॉक्टर सिद्धार्थ शिंदे शामिल है। चारों डॉक्टरों की वेतनवृद्धि रोकने के भी आदेश दिए हैं।
बताया जाता है कि सिजेरियन डिलीवरी के दौरान नवजात शिशु को कट लग जाने के बाद यह कार्रवाई हुई है। बाल संरक्षण आयोग के मामला संज्ञान में लेने के बाद स्वास्थ विभाग ने घटना के दो साल बाद की कार्रवाई की है।
-------------------------------
पीएम की अपील हवा में! 10 गाड़ियों के काफिले के साथ चले बीजेपी पिछड़ा वर्ग मोर्चा के नए अध्यक्ष, JCB से हुई पुष्पवर्षा
भिंड। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने और फिजूल खर्ची रोकने की अपील के बावजूद भिंड जिले में बीजेपी नेताओं के काफिलों का दौर थमता नजर नहीं आ रहा है। किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सज्जन सिंह यादव पर कार्रवाई के बाद अब बीजेपी पिछड़ा वर्ग मोर्चा के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार का काफिला भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
पवन पाटीदार लहार विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ 8 से 10 गाड़ियों का लंबा काफिला चलता दिखाई दिया। प्रदेश अध्यक्ष समर्थकों के साथ शक्ति प्रदर्शन करते नजर आए। काफिले में पुलिस सुरक्षा के दो और वाहन भी शामिल रहे, जो पूरे दौरे के दौरान आगे-पीछे दौड़ते दिखाई दिए।
आलमपुर में कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष का भव्य स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच समर्थकों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया, वहीं दो जेसीबी का डीजल बर्बाद कर मशीनों से फूलों की वर्षा कर शक्ति प्रदर्शन को और भव्य बनाने की कोशिश की गई। स्वागत कार्यक्रम के वीडियो और फोटो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल इसलिए खड़ा हो रहा है क्योंकि कल ही किसान मोर्चा के नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष सज्जन सिंह यादव अपने प्रथम नगर आगमन पर करीब एक सैकड़ा गाड़ियों के काफिले के साथ भिंड पहुंचे थे। उस मामले ने तूल पकड़ा तो पार्टी संगठन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उनसे किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष का पद वापस ले लिया था।
अब राजनीतिक चर्चाएं इस बात को लेकर तेज हैं कि क्या बीजेपी संगठन पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के मामले में भी उसी तरह सख्ती दिखाएगा या फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। विपक्ष भी इस मुद्दे को हाथों हाथ लेते हुए बीजेपी को घेरने में जुट गया है। विपक्ष का आरोप है कि एक ओर आम जनता को पेट्रोल-डीजल बचाने की सीख दी जा रही है।
वहीं दूसरी ओर सत्ता और संगठन से जुड़े नेता लगातार बड़े-बड़े काफिलों के जरिए शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर भाजपा संगठन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह मामला जमकर सुर्खियां बटोर रहा है।
- कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान का नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए NIA और CBI की मदद लेगी धनबाद पुलिस
- झारखंड में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, बुध बाजार से 6 महिलाएं और 6 पुरुष गिरफ्तार
- आरजी कर रेप और मर्डर केस में बड़ा एक्शन, पूर्व पुलिस कमिश्नर समेत तीन IPS अधिकारी सस्पेंड
- यूपी में आंधी-तूफान का कहर : 94 लोगों की मौत, आंधी में युवक उड़ा, राजस्थान में गर्मी का रेड अलर्ट
- पेपर लीक आरोपी खैरनार को किला कोर्ट से दो दिन की ट्रांजिट रिमांड, CBI दिल्ली ले जाकर पूछताछ करेगी
- भीषण हादसा: सिलेंडर फटने से एक ही परिवार के 4 सदस्य जिंदा जले, मासूम भी शामिल
- 'सोमनाथ बार-बार टूटा, फिर भी खड़ा रहा'... पीएम मोदी ने बताई सनातन की ताकत
- जमीन विवाद में नुकीले तीरों की हुई बौछार, पीड़ित के हाथ में कई तीर धंसे, हालत नाजुक
प्रमुख समाचार
18 May 2026
झारखंड के वासेपुर के कुख्यात प्रिंस खान के करीबी सैफ अब्बास नकवी उर्फ सैफी से साथ छूटने के बाद उसे दोहरा झटका लगा है। प्रिंस से अलग गोपी खान अपना गिरोह खड़ा कर रहा है। पुलिस को सैफी से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार प्रिंस खान का अपने भाई गोपी खान से खटपट चल रहा है. धनबाद पुलिस ने अब प्रिंस खान के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एनआईए और सीबीआई से मदद लेने की योजना बनाई है। झारखंड के कोयलांचल इलाके में कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के बाद से... मध्य प्रदेश
18 May 2026
जबलपुर। घरेलू गैस सिलेंडर रिफिल कराने को लेकर बनाए गए नियमों में शहरी और ग्रामीण इलाकों को दो श्रेणियों में बांटे जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। एक मामले में शहरी इलाकों के लिए 25 और गांवों के लिए 45 दिनों के नियम को असंवैधानिक बताया गया है। मामले पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने केंद्र सरकार को इस बारे में शपथपत्र पर जवाब देने कहा है।अखिल भारतीय उपभोक्ता कांग्रेस भोपाल के सचिव विजय... अपराध
18 May 2026
दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह में तीन एमबीबीएस फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि ये डॉक्टर सरकारी नौकरी में सेवाएं दे रहे थे। एक जबलपुर और दूसरा डॉक्टर दमोह में नौकरी कर रहे थे। फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार कर तीनों से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच के बाद बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।दमोह जिले के सरकारी संजीवनी क्लिनिक में फर्जी MBBS की डिग्री लगाकर दो फर्जी डॉक्टर्स अपनी सेवाएं दे रहे थे। एक ने जबलपुर में नौकरी हासिल की थी। कोतवाली... गुना सिटी
गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) केंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव और उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र से दो युवकों का फिरोती के लिए अपहरण के गंभीर प्रकरण में त्वरित एवं सूझबूझपूर्ण कार्यवाही करते हुए अपहृत दोंनो युवकों को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से सकुशल मुक्त कराकर कर चार आरोपी गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है । दिनांक 16-17 की दरम्यानी रात्रि में कैंट थाना पुलिस को फरियादी रविन्द्र रघुवंशी निवासी ग्राम सैजी थाना शाढौरा जिला अशोकनगर द्वारा सूचना दी गई कि... फोटो गैलरी
सड़कों पर लगाए गेट, 4 कॉलोनियों का रास्ता...
फरार बदमाशों में से 1 का हरिद्वार में...
चौकीदारी कर रहा हत्यारा राजस्थान से पकड़ाया ...
एससी-एसटी एक्ट के विरोध में मुंडन आज
पेट्रोल-डीजल: केंद्र ने साधे एक तीर से कई...
आपके शहर में पेट्रोल-डीजल कितना सस्ता
इस मोर्चे पर एयरटेल से आगे निकली जियो...
बैंकिंग रेग्युलेशन ऐक्ट है कोचर के इस्तीफे की...
पेट्रोल सरकारी खजाने-तेल कंपनियों पर असर
आपकी दवा असली है या नकली, ऐसे करें...
पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में...
चीन के खाने पर जी रहे हैं उत्तराखंड...


