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मुरैना। अफसर ने झगड़े के बाद एक हवलदार की वर्दी उतरवाई और फिर नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। ढाई दशक तक मंदिरों पर संत बनकर रहे। परिवार की जिम्मेदारियां भी निभाईं और नौकरी के लिए कोर्ट में केस भी लड़ते रहे। पूरे 26 साल बाद हाईकोर्ट में केस जीते और अब संत का चोला उतारकर फिर से सीआरपीएफ की वर्दी पहन ली। संघर्ष, आस्था और हक की लड़ाई की यह कहानी है, मुरैना के छिछावली गांव निवासी 50 साल के गिरवरसिंह तोमर की।
छिछावली गांव के गिरवर सिंह पुत्र दामोदार सिंह तोमर को सेना में भर्ती होने का जुनुन था। किशोर अवस्था से ही सेना भर्ती की तैयारी में जुट गए। कड़ी मेहनत के बाद साल 1991 में वह सीआरपीएफ में हवलदार के पद पर चयनित हुए। 8 साल तक नौकरी अच्छे से चलती रही, प्रमोशन की लिस्ट में नाम आने वाला था, लेकिन साल 1999 की शुरुआत में सीआरपीएफ के एक बड़े अफसर के साथ मुंहवाद हो गया।
अफसर ने इसे इतना तूल दिया कि पहले गिरवरसिंह को निलंबित करवाया, फिर विभागीय जांच बैठाकर 21 अक्टूबर 1999 को सीआरपीएफ से गिरवरसिंह को बर्खास्त कर दिया गया। कुछ समय वह घर पर रहे, लेकिन परेशान रहने लगे। इसके बाद वह छिछावली गांव से एक किलोमीटर दूर बारहद्वारी मंदिर पर चार-पांच साल रहे। यहां भी मन नहीं लगा तो 20 साल पहले मुरैना के गुफा मंदिर पर आ गए। यहां संत बनकर मंदिर में पूजा-पाठ, मंदिर के पुजारी के सेवा करने लगे। मंदिर के मुख्य पुजारी ने उन्हें गिरवरदास महाराज नाम दिया।
बर्खास्तगी की कार्रवाई के विरोध में गिरवरसिंह ने इलाहबाद हाईकोर्ट में साल 1999 में केस किया। साल 2007 में कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया, लेकिन सीआरपीएफ ने इस फैसले के खिलाफ स्टे ले लिया। इसके बाद गिरवरसिंह ने हाईकोर्ट की डबल बैंच में अपील की, जहां कोर्ट ने 28 अगस्त 2025 को सीआरपीएफ को आदेश पारित किया, कि तीन महीने में गिरवरसिंह को दोबारा जॉइनिंग दी जाए।
हाईकोर्ट के इस आदेश के छह महीने बाद ज्वाइनिंग नहीं मिली, फिर कोर्ट व वकीलों से नोटिस जारी करवाए गए। सीआरपीएफ ने 26 साल पुराने मामले की फाइलें ढूंढ़ने में समय लगने का तर्क देकर राहत मांगी। अंत में बीते 26 अगस्त को सीआरपीएफ ने गिरवरसिंह को फिर से नौकरी पर रखने का आदेश जारी करते हुए उन्हे छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पोस्टिंग दे दी। गिरवरसिंह बताते हैं, कि वह अब आगे अपने प्रमोशन के लिए भी कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
गिरवरसिंह की बर्खास्ती एक अफसर की सनक के कारण हुई, जो गलत थी। इस कार्रवाई को उन्होंने इलाहबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी। मंदिर पर रहने के साथ-साथ गिरवरसिंह ने अपने परिवार की जिम्मेदारी भी अच्छे से संभाली। गिरवरसिंह के परिवार में पत्नी मंजू देवी, दो बेटी शिवानी, राधा और दो बेटे अभिषेक व कृष्णा है। बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाई। दोनों बेटियों की शादी कर दी। अभिषेक एयरफोर्स का जवान है और कृष्णा अभी पढ़ रहा है।
गुफा मंदिर पर गिरवरदास करीब 20 साल सेवा करते रहे। वह अपने पूजा-पाठ और भक्ति में ही मस्त रहते थे। बताते भी थे कि पहले वह सीआरपीएफ में थे, किसी बात पर एक अफसर ने नौकरी से निकलवा दिया, केस चल रहा है। वह केस की तारीखों पर भी समय पर जाते। जब वह केस जीते और ज्वाइनिंग के लिए बुलाया गया, तब मंदिर छोड़ते समय भावुक थे। हम सभी को प्रसन्नता है कि उनका 26 साल का संघर्ष व तपस्या सफल रही। - महामंडलेश्वर शिवशरण महाराज महंत, गुफा मंदिर मुरैना।

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कब्र से निकालकर घर के दरवाजे पर फेंका बच्ची का शव! दबंगों की हैवानियत, गुस्साए लोगों ने लगाया जाम
डबरा। इंसानियत को तार-तार कर देने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। ग्वालियर जिले के डबरा के करहिया थाना क्षेत्र के चैतगांव स्थित मुंशी के पुरा में 3 माह की मासूम बच्ची के शव के साथ अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी गईं। बीमारी से दम तोड़ने वाली बच्ची को जब परिजनों ने सुपुर्द-ए-खाक किया, तो दबंगों ने जमीन के विवाद में कब्र खोदकर मासूम का शव निकाला और परिजनों के दरवाजे पर लाकर पटक दिया!
जानकारी के अनुसार, कृष्णा बाई और बीरबल सिंह बंजारे की 3 माह की मासूम बच्ची की रविवार सुबह बीमारी के कारण मौत हो गई थी। दुखी परिवार बच्ची का अंतिम संस्कार करने भीमवाड़ा नदी किनारे स्थित श्मशान क्षेत्र के पास पहुंचा। बच्ची के दादा चिमन सिंह बंजारा का परिवार नदी के पास ही डेरा बनाकर रहता है। परिजनों ने नदी किनारे एक खेत के पास बच्ची को दफना दिया।
जब बंजारा परिवार बच्ची को दफना रहा था, तभी वहां खेती करने वाले स्थानीय गुर्जर समुदाय के कुछ लोगों ने उस जमीन को अपनी बताते हुए दफनाने का विरोध किया। हालांकि, परिजन बच्ची को दफनाकर वापस अपने घर लौट आए।
आरोप है कि परिजनों के जाते ही गांव के दबंग पप्पू गुर्जर, राजेंद्र सिंह गुर्जर, रामनिवास गुर्जर मौके पर पहुंचे। उन्होंने दरिंदगी दिखाते हुए कब्र से मासूम का शव बाहर निकाला और सीधे बंजारा परिवार के घर के दरवाजे पर लाकर फेंक दिया।
मासूम के शव के साथ हुए इस खौफनाक व्यवहार को देखकर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिवार ने बच्ची के शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि नौबत मारपीट और हिंसक झड़प तक पहुंच गई।
सड़क जाम और हंगामे की खबर मिलते ही करहिया थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने जैसे-तैसे आक्रोशित लोगों को शांत कराकर जाम खुलवाया और बच्ची के शव को सुरक्षित दूसरी जगह दफन करवाया।
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हैरिटेज होटल ग्रुप से 1 करोड़ की साइबर ठगी: खातों में भेजे पैसे, पुलिस ने होल्ड कराए 95 लाख रुपये
भोपाल। राजधानी भोपाल में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। मशहूर हैरिटेज होटल ‘नूर-उस-सबाह पैलेस’ से जुड़े रिलायबल ग्रुप को शातिर साइबर ठगों ने 1 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया।
जानकारी के अनुसार, साइबर ठगों ने ग्रुप को एक फर्जी ईमेल आईडी बनाकर बैंक खाते से जुड़ी गलत जानकारी भेजी थी। रिलायबल ग्रुप के कर्मचारियों ने जैसे ही उस फर्जी खाते में रकम ट्रांसफर की, ठगी को अंजाम दे दिया गया।
पुलिस की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि साइबर अपराधियों ने पैसे मिलते ही बेहद तेजी से काम किया। ठगों ने महज तीन घंटे के भीतर 1 करोड़ रुपये की बड़ी रकम को देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित लगभग 200 बैंक खातों में ट्रान्सफर कर दिया।
मामला सामने आते ही साइबर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न खातों में भेजे गए 95 लाख रुपये होल्ड करा लिए हैं। हालांकि, ठग करीब 5 लाख रुपये कैश निकालने में कामयाब रहे। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच कर रही है और गिरोह का सुराग लगाने में जुटी है।

भोपाल। राजधानी भोपाल के गांधी भवन में रविवार को सरकारी स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑडिट को लेकर बुलाई गई एक बैठक में जमकर हंगामा हो गया। आरोप है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा आयोजित इस बैठक के लिए पुलिस और प्रशासन से कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी।
बैठक के दौरान मौजूद यूथ लीडर गौतम जायसवाल ने जब आयोजकों से सवाल किया कि “दिल्ली में जो असामाजिक तत्व पनपे, वे भोपाल में न पनपे इसके लिए क्या एक्शन लिया जाएगा?” तो CJP के कार्यकर्ता भड़क गए। आरोप है कि सवाल सुनते ही CJP के लोगों ने गौतम जायसवाल के साथ धक्का-मुक्की की और हाथ से माइक छीन लिया।
गौतम जायसवाल का कहना है कि वे सरकारी स्कूलों में सुधार के खिलाफ बिल्कुल नहीं हैं, लेकिन कोई भी गतिविधि सही तरीके और पुलिस प्रशासन की विधिवत अनुमति के साथ होनी चाहिए
थाना प्रभारी ने गांधी भवन सचिव को दी सख्त चेतावनी
घटना के बाद गौतम जायसवाल ने थाना प्रभारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और कार्यक्रम में शामिल असामाजिक तत्वों पर पुलिस निगरानी की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी ने बताया कि गांधी भवन के सचिव को औपचारिक पत्राचार कर सख्त चेतावनी दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में यदि बिना पूर्व सूचना व अनुमति के ऐसी किसी बैठक या कार्यक्रम का आयोजन होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी गांधी भवन प्रबंधन की होगी।
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डुमना विमानतल पर टपक रहा पानी, मेन गेट किया बंद, दो साल पहले 450 करोड़ में बनी टर्मिनल बिल्डिंग
जबलपुर। एमपी के जबलपुर में डुमना एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग से पानी टपक रहा है, जिसके चलते गेट के पास का रास्ता गीता व फिसलन भरा हो गया है। जिसके चलते प्रबंधन को मेन गेट बंद करना पड़ा है, दूसरे गेट से आवाजाही कराई जा रही है। गौरतलब है कि करीब दो साल पहले ही एयरपोर्ट की 450 करोड़ रुपए की लागत से टर्मिनल बिल्डिंग बनी थी।
डुमना एयरपोर्ट की बिल्डिंग की छत से पानी टपकने के कारण यात्रियों को फिसलन से बचाने के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन ने मुख्य गेट पर 'फर्श गीला है, संभलकर चलेंÓ की चेतावनी वाला बोर्ड लगाया। बारिश के दौरान यात्रियों को टर्मिनल में आने-जाने में परेशानी हुई। प्रबंधन का कहना है कि बारिश के कारण कैनोपी में पानी भर गया था। कैनोपी की रिपेयरिंग चल रही है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए गेट नम्बर वन बंद कर गेट नम्बर टू से आवाजाही कराई जा रही है। नई टर्मिनल बिल्डिंग के निर्माण और एयरपोर्ट की मौजूदा व्यवस्थाओं पर वायु सेवा संघर्ष समिति ने सवाल उठाए हैं। समिति अध्यक्ष हिमांशु खरे ने एयरपोर्ट के निर्माण और वर्तमान व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय जांच और ऑडिट की मांग की है। हिमांशु खरे का कहना है कि किसी भी शहर के लिए एयरपोर्ट उसकी पहली छवि बनाता है। ऐसे में करीब 450 करोड़ रुपए खर्च होने के बावजूद यात्रियों को प्रवेश करते ही गीले फर्श और टपकते पानी का सामना करना पडऩा गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने एयरपोर्ट की सुविधाओं और रैंकिंग पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, हालिया कस्टमर सेटिस्फेक्शन इंडेक्स में जबलपुर एयरपोर्ट को देशभर में 22वां स्थान मिला है। डुमना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन, एटीसी टावर और फायर स्टेशन समेत आधुनिकीकरण का काम दिल्ली की मेसर्स एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को दिया गया था। परियोजना के तहत करीब 1.15 लाख वर्गफुट क्षेत्र में टर्मिनल भवन बनाया गया। इसमें तीन एयरोब्रिज, आधुनिक बैगेज स्क्रीनिंग सिस्टम, फूड कोर्ट और 250 से अधिक कारों एवं बसों की पार्किंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। -
एयरपोर्ट प्रभारी डायरेक्टर नीरज कुमार के मुताबिक, जून 2024 में फैब्रिक कैनोपी गिरने की घटना की जांच चल रही है। एनकेजी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई भी मुख्यालय स्तर पर चल रही है। वर्तमान में कैनोपी की रिपेयरिंग दूसरी कंपनी को दी गई है। इसी कैनोपी में बारिश के दौरान पानी भरने और टपकने की समस्या सामने आई है।
डुमना एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग की निर्माण गुणवत्ता पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। 27 जून 2024 को भारी बारिश के दौरान ड्रॉप एंड गो एरिया की फैब्रिक कैनोपी का एक हिस्सा गिर गया था। कैनोपी का हिस्सा वहां खड़ी आयकर विभाग के एक अधिकारी को लेने आई कार पर गिरा था, जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई थी। हादसे से कुछ मिनट पहले ही अधिकारी और ड्राइवर कार से उतरकर टर्मिनल के अंदर चले गए थे। इससे वे हादसे की चपेट में आने से बच गए और बड़ा हादसा टल गया।
डुमना एयरपोर्ट के विस्तार के बाद यहां से उड़ानों की संख्या बढऩे का दावा किया गया था। हालांकि, फिलहाल एयरपोर्ट से सात फ्लाइट संचालित हो रही हैं। इनमें इंदौर, हैदराबाद, दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु की उड़ानें शामिल हैं। बिलासपुर और जगदलपुर की फ्लाइट फिलहाल बंद हो चुकी हैं।
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थाने की फर्जी सील लगाकर 500 में बांट रहा था ‘कैरेक्टर सर्टिफिकेट’: संचालक गिरफ्तार
धार। मध्य प्रदेश के धार जिले की मनावर पुलिस ने फर्जी चरित्र प्रमाण पत्र बनाने वाले एक शातिर जालसाज का पर्दाफाश किया है। आरोपी अपनी फोटो कॉपी की दुकान से ही फर्जी रबर सील और दस्तखत के जरिए महज 500 रुपये लेकर सरकारी व प्राइवेट नौकरी के लिए फर्जी चरित्र प्रमाण पत्र जारी कर रहा था।
मनावर पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि ‘आदित्य फोटो कॉपी सेंटर’ का संचालक अपनी दुकान से थाना मनावर की फर्जी सील का इस्तेमाल कर अवैध रूप से चरित्र प्रमाण पत्र तैयार कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत दुकान पर दबिश दी।
मौके पर दुकान संचालक आदित्य सोलंकी जिसकी उम्र 32 वर्ष, निवासी पटेल कॉलोनी मनावर मौजूद मिला। पुलिस ने जब दुकान और उसके सिस्टम की जांच की, तो पूरा फर्जीवाड़ा बेनकाब हो गया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), और 340(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। विवेचना के दौरान आरोपी के लैपटॉप को खंगाला गया, जिसमें 27 और फर्जी चरित्र प्रमाण पत्र व शपथ पत्र बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने अब तक कितने लोगों को फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए हैं।

MNS प्रमुख राज ठाकरे के बेटे और मनसे विद्यार्थी सेना अध्यक्ष अमित ठाकरे ने रविवार को पुणे के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज में एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया. MNS नेता अमित ठाकरे ने सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रिंसिपल के दफ्तर में लगी पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर को जबरन हटवा दी है. यह घटना उस समय हुई जब अमित ठाकरे कॉलेज में छात्रों की समस्याओं और सुविधाओं का जायजा लेने पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि ऑफिस में पीएम की फोटो पर एक छात्र ने आपत्ति जताई थी. शिवाजी महाराज की तस्वीर के पास लगी फोटो हटाए जाने का VIDEO सोशल मीडिया पर वायरल है.
महाराष्ट्र के पुणे में शिवाजीनगर के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में पहुंचे अमित ठाकरे ने प्रिंसिपल के कार्यालय में लगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को लेकर सवाल उठाया. कॉलेज के हॉस्टल सुपरिटेंडेंट और प्रिंसिपल के दफ्तर का दौरा करते समय अमित ठाकरे की नजर दीवार पर लगी तस्वीरों पर पड़ी.
उन्होंने कॉलेज प्रशासन से छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीर के ठीक बगल में लगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो पर अमित ठाकरे ने तुरंत कड़ी आपत्ति जताते हुए हटवा दी.
बताया जा रहा है कि अमित ठाकरे कॉलेज में छात्रों की समस्याएं जानने और वहां की सुविधाओं का जायजा लेने पहुंचे थे. उन्होंने हॉस्टल और मेस का निरीक्षण किया और छात्रों से बातचीत भी की.
इस पूरे मामले में कॉलेज प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. इसलिए यह साफ नहीं है कि तस्वीर किसके निर्देश पर लगाई गई थी. आरोप है कि तस्वीर तुरंत नहीं हटाई गई, जिसके बाद मनसे कार्यकर्ताओं ने उसे कार्यालय से निकाल दिया.
अमित ठाकरे कॉलेज के प्रिंसिपल के पास अलग-अलग मामलों के बारे में पूछने गए थे. इस दौरान यह पूरी घटना वहीं घटी है. एक स्टूडेंट पूछता है कि प्रोफेसर के ऑफिस में पीएम मोदी की फोटो क्यों है? पीएम मोदी की तस्वीर हटाए जाने की घटना पर अमित ठाकरे ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बताया कि एक छात्र द्वारा मुझे इस बारे में जानकारी दी गई.
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सोना-चांदी सस्ता होगा! त्योहारी सीजन में मोदी सरकार ले सकती है बड़ा निर्णय, इंपोर्ट ड्यूटी घटाने पर कर रही विचार
सोना-चांदी सस्ता हो सकता है। त्योहारी सीजन में मोदी सरकार सोना-चांदी पर से इंपोर्ट ड्यूटी यानी कस्टम ड्यूटी घटाने पर विचार कर रही है। जेम्स एंड ज्वेलरी काउंसिल इस अहम बदलाव की तरफ इशारा किया है। जेम्स एंड ज्वेलरी काउंसिल के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने ईटी ऑनलाइन को बताया कि ऊंचे टैक्स रेट अपने मकसद में नाकाम रहे हैं, जिसके बाद सरकार इस नीति पर पुनर्विचार कर रही है।
जेम्स एंड ज्वेलरी काउंसिल के मुताबिक सोने-चांदी पर बढ़ाई गई इंपोर्ट ड्यूटी का असर बेअसर साबित हो रहा है। आयात पर लगाम लगाने के लिए बढ़ाई गई ड्यूटी के बावजूद देश में सोने की मांग में कोई खास कमी नहीं आई. इसके विपरीत तस्करी बढ़ गई है। लिहाजा अब सरकार टैक्स कटौती पर विचार कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने जब सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई थी, तो ज्वेलरी बॉडी ने पहले ही चेतावनी दी थी। उनका कहना था कि भारी भरकम टैक्स से अवैध कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। रोकड़े के मुताबिक, बिल्कुल ऐसा ही हुआ। सरकार को उम्मीद थी कि ड्यूटी बढ़ने से सोने का आयात गिरेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आयात तो कम नहीं हुआ, लेकिन देश में ग्रे मार्केट का दायरा काफी तेजी से फैल गया। सरकार काफी समय से सोना-चांदी पर से इंपोर्ट ड्यूटी घटाने पर विचार कर रही है। फिलहाल ड्यूटी कटौती पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। हालांकि उम्मीद है कि सरकार इंपोर्ट ड्यूटी कम कर सकती है।
बता दें कि इसी साल मई के महीने में केंद्र सरकार ने सोने तथा चांदी पर कस्टम ड्यूटी को 6 फीसदी से बढ़ाकर सीधे 15 फीसदी कर दिया था। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने के लिए ये कदम उठाया गया था।
बता दें कि पूरी दुनिया में चीन के बाद भारत सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। देश में हर साल करीब 700 से 900 टन सोने का आयात होता है। सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 26 में सोने का आयात 24 फीसदी बढ़कर 71.9 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, मात्रा के हिसाब से देखें तो आयात घटकर 721 टन रह गया। फिर भी बिल का बोझ कम नहीं हुआ है।
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सुप्रीम कोर्ट ने सीजेपी के 5 सितंबर मार्च पर रोक लगाने से किया इनकार, कहा- कानून व्यवस्था बनाएं रखे
नई दिल्ली. कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली में 5 सितंबर को मार्च का ऐलान किया है. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है. कोर्ट ने सीजेपी के मार्च पर रोक लगाने या फिर कोई विशेष प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया है. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अभी कोई ऐसा आधार सत्यापित नहीं हो पाया है जिससे यह लगे की इस दौरान कुछ हिंसक हो सकता है.
हालांकि, कोर्ट ने अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सभी पक्षों से शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम करने की उम्मीद जताई. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की गई थी कि 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च पर ब्रिक्सि समिट के बाद तक रोक लगाई जाए. ब्रिक्स समिट 12 और 13 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित है.
याचिका में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताई गई थी. याचिका में कहा गया है कि इतने बड़े कार्यक्रम से राजधानी में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी परेशानी हो सकती है. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मार्च पर रोक लगाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं माना.
सीजेपी ने 5 सितंबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च निकालने का ऐलान किया है. यह मार्च इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक प्रस्तावित है. संगठन का कहना है कि केंद्र सरकार ने 25 जुलाई को युवाओं से किए गए कुछ वादों को अब तक पूरा नहीं किया है. सीजेपी के मुताबिक, मार्च में छात्रों और युवाओं के साथ उन परिवारों के लोग भी शामिल होंगे, जिनके बच्चों की हृश्वश्वञ्ज से जुड़े विवादों के दौरान मौत हुई. इसके अलावा जुलाई के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई से प्रभावित लोग भी मार्च में शामिल होंगे.
कोर्ट ने साफ किया कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि कानून-व्यवस्था बनी रहे. मार्च में शामिल लोगों और आयोजकों को भी शांतिपूर्ण और जिम्मेदारी के साथ कानून का पालन करते हुए कार्यक्रम करना होगा.

मैहर. जबलपुर रेल मंडल के मैहर रेलवे स्टेशन परिसर में रविवार सुबह आरपीएफ थाने के पीछे बने पानी के टैंक में एक अज्ञात बुजुर्ग का शव मिला. इस घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी.बताया जाता है कि रविवार सुबह करीब 8 बजे रेलवे कर्मचारी आरपीएफ थाने के पीछे स्थित पानी के टैंक का निरीक्षण करने पहुंचे थे. इसी दौरान उनकी नजर पानी में तैर रहे शव पर पड़ी. कर्मचारी ने तत्काल इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी. सूचना मिलने पर आरपीएफ पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद कोतवाली पुलिस को घटना की जानकारी दी गई. कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पानी की टंकी से बाहर निकलवाया. शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल मैहर की मर्चुरी में रखवा दिया गया है.
फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है. पुलिस आसपास के क्षेत्र में जानकारी जुटाने के साथ ही मृतक की शिनाख्त के प्रयास कर रही है. बताया गया है कि मृतक की दोनों चप्पलें भी टैंक के पास मिली हैं, जिनमें से एक पानी में और दूसरी टैंक की बाउंड्री पर थी. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बुजुर्ग व्यक्ति पानी की टंकी तक कैसे पहुंचे और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई. शव का पोस्टमार्टम और पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही घटना के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
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महाकाल लोक में सुरक्षाकर्मी और महिला श्रद्धालुओं के बीच चले लात-घूंसे
उज्जैन। उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल महालोक में एक बार फिर श्रद्धालुओं और मंदिर समिति के सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि वायरल हो रहे इस वीडियो की तारीख और समय की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
वायरल वीडियो में महाकाल महालोक स्थित सप्त ऋषि की मूर्तियों के पास एक महिला सुरक्षाकर्मी और कुछ महिला श्रद्धालुओं के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस होती दिखाई दे रही है। देखते ही देखते दोनों पक्षों में गाली-गलौज शुरू हो गई। इस दौरान अन्य महिला श्रद्धालु भी वहां पहुंच गईं और उन्होंने सुरक्षाकर्मी को घेर लिया। इसी बीच एक अन्य सुरक्षाकर्मी भी विवाद में कूद पड़ा जिसके बाद मामला और बिगड़ गया और दोनों पक्षों में हाथापाई शुरू हो गई।
महाकाल परिसर में लगातार सामने आ रही इस तरह की घटनाओं से मंदिर प्रबंधन और शहर की छवि पर असर पड़ रहा है। हालांकि, विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था, इसकी वजह साफ नहीं हो पाई है और मंदिर प्रशासन की ओर से भी अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इस वायरल वीडियो का media पुष्टि नहीं करता है।
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पूर्व CSP को कोर्ट से भी झटका! नेहा पच्चीसिया और क्षितिज राज की अग्रिम जमानत निरस्त
कटनी। चर्चित और बेशकीमती जमीन खरीदी फर्जीवाड़ा मामले में फरार चल रही कटनी की पूर्व सीएसपी नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज और महरूख अहमद की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक तरफ जहां SIT ने तीनों फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ जिला न्यायालय कटनी से आरोपियों को करारा झटका लगा है। कोर्ट ने पूर्व सीएसपी नेहा पच्चीसिया और क्षितिज राज की अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया है।
कटनी एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि कुठला थाने में दर्ज बेशकीमती जमीन की अवैध खरीदी-बिक्री के मामले में FIR दर्ज होने के बाद से ही तीनों आरोपी लगातार फरार चल रहे हैं। SIT की सिफारिश पर तीनों आरोपियों पर 10 हजार रुपए की राशि का इनाम घोषित किया गया है।
आरोपियों की तरफ से 22 अगस्त 2026 को जिला न्यायालय कटनी में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी। अधिवक्ताओं ने बचाव में महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश किए, लेकिन जिला न्यायालय के विशेष न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई के बाद पूर्व सीएसपी नेहा पच्चीसिया और क्षितिज राज की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
नेहा पच्चीसिया राज्य पुलिस सेवा (SPS) की अधिकारी हैं और पूर्व में कटनी में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) के पद पर पदस्थ रह चुकी हैं। कटनी में अपनी पदस्थापना के दौरान वे कई प्रशासनिक और विवादित मामलों को लेकर चर्चा में रही थीं। वर्तमान में कुठला थाना क्षेत्र के एक अरबों-करोड़ों की बेशकीमती जमीन के फर्जीवाड़े में नाम सामने आने और आपराधिक मामला दर्ज होने के बाद से वे फरार चल रही हैं, जिनकी तलाश में पुलिस और एसआईटी लगातार छापेमारी कर रही है।

शिवपुरी। फिजिकल थाना क्षेत्र में एक ठेकेदार के सूने मकान में अज्ञात चोरों ने धावा बोलकर चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। चोर 3 कमरों के ताले तोड़कर 28 तोला सोना, साढ़े तीन किलो चांदी और 4 लाख रुपये नकद चोरी कर ले गए। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार फिजिकल पर दौलत सिंह के होटल के पीछे रहने वाले ठेकेदार मातादीन अग्रवाल अपनी पत्नी रश्मी अग्रवाल और बच्चों के साथ 28 अगस्त की दोपहर रक्षाबंधन का त्यौहार मनाने के लिए अपनी ससुराल कानपुर गए थे। जाने से पहले वह अपने मकान में ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले किराएदार और पड़ौसियों को यह बताकर गए थे कि वे कानपुर जा रहे हैं, मकान को देखे रहें।
किराएदार को गेट बंद करने और चौकन्ना रहने की हिदायत दी गई। किराएदार ने भी उन्हें आश्वस्त किया कि, वह मकान की देखरेख करता रहेगा। इसी क्रम में 29-30 अगस्त की दरम्यानी रात एक बजे जब उक्त दंपत्ति लौटकर वापस घर आए तो घर में घुसते ही उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं। मकान के गेट टूटे हुए थे। इसके बाद अंदर अलमारी को भी चोरों ने तोड़ा व उसके अंदर रखे 28 तौले सोने के जेवर, साढ़े तीन किलो चांदी व चार लाख रुपये नगद चोरी कर लिए। रात को ही मामले की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
मातादीन के मकान में तीसरी मंजिल का निर्माण कार्य चल रहा है। इसी के चलते सामान लाने, मजदूरों को पेमेंट करने सहित अन्य कामों के लिए नगद पैसे की आवश्यकता पड़ती थी। यही कारण है कि मातादीन ने इतनी बड़ी मात्रा में नगद पैसा अपने घर में रखा हुआ था। बताया जा रहा है कि मकान का करने वाले मजदूरों को भी इस बात की जानकारी थी कि मातादीन अग्रवाल पूरे परिवार के साथ दो दिन के लिए घर से बाहर गए हुए हैं। मातादीन के अनुसार उन्हें किसी पर संदेह नहीं है, परंतु गेट का खुला छूटना, मजदूरों को घर में पैसा होने की जानकारी होना आदि ऐसे बिंदु हैं, जिनसे जांच इन्हीं के आसपास सिमट गई है।
सूचना के बाद 30 अगस्त की सुबह पुलिस के फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वायड टीम मौके पर पहुंची। उक्त टीम ने घटना स्थल से साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया है। इसके अलावा पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में लगी है। इसके अलावा अन्य वैज्ञानिक तरीकों से भी मामले की पड़ताल की जा रही है। इतना ही नहीं पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ करने में लगी है।
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पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बिना नंबर की कार से मिला नोटों से भरा बोरा, गिनने के लिए मंगानी पड़ी मशीनें
रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले अंतर्गत नामली थाना पुलिस ने शनिवार शाम एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना नंबर की संदिग्ध क्रेटा कार से नोटों से भरा बोरा बरामद किया है। बोरे में 100, 200 और 500 रुपये के नोटों की गड्डियां भरी हुई थीं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक कार से बरामद रकम करीब 70 से 75 लाख रुपये के आसपास बताई जा रही है। पुलिस ने नकदी और कार दोनों को जब्त कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने शनिवार शाम पंचेड़ फंटे पर चेकिंग के दौरान बिना नंबर प्लेट की क्रेटा कार को रोककर तलाशी ली। कार की तलाशी लेने पर उसमें रखा एक बोरा मिला, जिसे खोलने पर पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। बोरा खोलते ही उसमें बड़ी मात्रा में करेंसी नोटों की गड्डियां मिलीं।
इसके बाद पुलिस तत्काल कार और नकदी से भरे बोरे को नामली थाने ले आई। रकम की विशाल मात्रा को देखते हुए सही गिनती के लिए नामली के सराफा व्यापारियों से दो नोट गिनने वाली मशीनें मंगवाई गईं। थाना प्रभारी के चैंबर में पुलिसकर्मियों की कड़ी मौजूदगी में नोटों की गिनती की जा रही है। सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए बाहरी लोगों का चैंबर में प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एएसपी राकेश पंद्रो खुद जांच के लिए नामली थाने पहुंचे। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि इतनी बड़ी रकम किसकी है और इसे कार के जरिए कहां ले जाया जा रहा था। एएसपी राकेश पंद्रो ने बताया कि फिलहाल मशीनों से नोटों की गिनती जारी है। गिनती की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बरामद कुल रकम और मामले से जुड़ी अन्य आधिकारिक जानकारियों का खुलासा किया जाएगा।
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इंदौर में नाइजीरियन महिला 57.18 ग्राम कोकीन के साथ गिरफ्तार, बिजनेस वीजा पर आई थी भारत
इंदौर। शहर में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच चंदन नगर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 57.18 ग्राम अवैध कोकीन के साथ एक नाइजीरियन महिला को गिरफ्तार किया है। बरामद कोकीन की कीमत करीब 29 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला नाइजीरिया से बिजनेस वीजा पर भारत आई थी और मुंबई में रह रही थी। अब पुलिस मुंबई-इंदौर ड्रग सप्लाई चेन से लेकर इंटरनेशनल सोर्स और स्थानीय नेटवर्क तक की कड़ियां खंगाल रही है।
29 अगस्त को रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के चलते भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान चंदन नगर थाना पुलिस की टीम को आईटी पार्क सिंहासा में एक विदेशी महिला काले रंग का बैग लेकर संदिग्ध हालत में दिखाई दी।महिला सुनसान स्थान पर खड़ी थी। पुलिस ने उससे वहां खड़े होने का कारण पूछा तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी और घबराकर अंग्रेजी में कुछ बोलने लगी।संदेह बढ़ने पर पुलिस ने महिला से पूछताछ की। उसने अपना नाम इम्यूनल जॉय, निवासी लेगोस, नाइजीरिया और हाल मुकाम बांद्रा ईस्ट, मुंबई बताया।
पुलिस ने नियमानुसार महिला की तलाशी ली तो उसके बैग से एक पारदर्शी प्लास्टिक थैली बरामद हुई। जांच में उसमें 57.18 ग्राम कोकीन मिली।पुलिस के मुताबिक महिला के पास कोकीन रखने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या लाइसेंस नहीं था। इसके बाद NDPS एक्ट की धारा 8/21 के तहत चंदन नगर थाने में प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 29 लाख रुपये कीमत की 57.18 ग्राम कोकीन और एक मोबाइल फोन जब्त किया है।पूछताछ में पुलिस के मुताबिक महिला ने बताया कि वह कोकीन को कम कीमत में खरीदकर महंगे दामों पर बेचने और जल्दी पैसा कमाने के इरादे से इस अवैध कारोबार में शामिल हुई थी।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि इम्यूनल जॉय 14 अगस्त 2026 को नाइजीरिया से भारत आई थी। उसका बिजनेस वीजा 10 फरवरी 2027 तक बताया गया है।महिला ने मुंबई के बांद्रा में अपनी बहन के साथ हेयर सैलून में काम करने की बात भी पुलिस को बताई है।अब पुलिस उसके भारत आने, मुंबई में रहने और इंदौर तक पहुंचने के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
मुंबई से इंदौर तक फैली ड्रग सप्लाई चेन? पुलिस खंगाल रही इंटरनेशनल कनेक्शनचंदन नगर पुलिस की जांच अब सिर्फ गिरफ्तार महिला तक सीमित नहीं है। पुलिस उसके पासपोर्ट, वीजा, इमिग्रेशन रिकॉर्ड, भारत में एंट्री-एग्जिट और विदेशी यात्राओं की जानकारी का सत्यापन करा रही है।इसके साथ ही पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कोकीन उसे मुंबई में किसने उपलब्ध कराई, इंदौर में वह किसे सप्लाई करने वाली थी और उसके स्थानीय संपर्क कौन-कौन हैं।
पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन से मिले डिजिटल एविडेंस और कम्युनिकेशन डेटा का भी विश्लेषण कर रही है। जांच में बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रग की सप्लाई कहां से शुरू हुई और आगे किन लोगों तक पहुंचनी थी। पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के जरिए इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सकेगा।
आरोपी महिला को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का फोकस कोकीन के स्रोत, सप्लायर, स्थानीय संपर्क और संभावित खरीदारों तक पहुंचने पर है।जांच में यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।विदेशी महिला के बैग में 29 लाख की कोकीन, अब बड़े नेटवर्क की तलाशचंदन नगर पुलिस की कार्रवाई ने एक बार फिर इंदौर में ड्रग्स की सप्लाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
नाइजीरिया से भारत आई महिला, मुंबई में ठिकाना और फिर इंदौर में 29 लाख की कोकीन, इन कड़ियों के पीछे आखिर कौन सा नेटवर्क काम कर रहा था?फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया है, लेकिन जांच का असली लक्ष्य उस पूरे अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क तक पहुंचना है, जिसने कोकीन को इंदौर तक पहुंचाया। अब मोबाइल डेटा, इमिग्रेशन रिकॉर्ड और पूछताछ से खुलासा होगा कि यह सिर्फ एक महिला की ड्रग तस्करी थी या इसके पीछे मुंबई से इंदौर और विदेश तक फैला कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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