


CBN (केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो) की मध्य प्रदेश इकाई ने नशे के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर 115.160 किलोग्राम अफीम से भरी एक हुंडई क्रेटा कार को जब्त किया है। यह कार्रवाई 20 जून 2026 को आगरा-जयपुर हाईवे स्थित सिकंदरा टोल प्लाजा पर की गई, जहां लंबे पीछा और निगरानी के बाद वाहन को रोका गया। इस मामले में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है और उससे पूछताछ जारी है।
जानकारी के मुताबिक, यह खेप गुवाहाटी से राजस्थान के जोधपुर तक पहुंचाई जा रही थी। सूचना मिलते ही CBN नीमच की टीम ने तुरंत रणनीति बनाकर पूरे रूट पर नजर रखनी शुरू कर दी थी। करीब 2000 किलोमीटर तक संदिग्ध वाहन की लगातार ट्रैकिंग की गई, ताकि सही समय पर उसे पकड़ा जा सके। जांच में यह भी सामने आया कि तस्करों ने गंध छिपाने के लिए कार में भारी मात्रा में परफ्यूम का इस्तेमाल किया था।
CBN की यह कार्रवाई काफी सुनियोजित और तकनीकी निगरानी पर आधारित थी। जैसे ही झारखंड नंबर की संदिग्ध हुंडई क्रेटा की पहचान हुई, टीम ने पूरे मार्ग पर अलर्ट जारी कर दिया। आगरा-जयपुर हाईवे पर सिकंदरा टोल प्लाजा को मुख्य पॉइंट बनाया गया, जहां वाहन को रोककर तलाशी ली गई। कार की डिक्की में रखी तीन बोरियों से कुल 109 पैकेट बरामद हुए, जिनमें भारी मात्रा में अफीम भरी हुई थी।
अधिकारियों के अनुसार, यह खेप बहुत संगठित तरीके से ट्रांसपोर्ट की जा रही थी और इसके पीछे एक बड़ा तस्करी नेटवर्क काम कर रहा हो सकता है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि तस्कर लगातार रूट बदलकर पुलिस और एजेंसियों को चकमा देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन CBN की निगरानी के आगे उनकी योजना सफल नहीं हो सकी। फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
इस केस के बाद CBN अब पूरे तस्करी नेटवर्क को उजागर करने में जुटी है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अफीम की यह बड़ी खेप असल में कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। साथ ही इस रूट पर सक्रिय अन्य सहयोगियों की भी पहचान की जा रही है, ताकि पूरे गिरोह को खत्म किया जा सके।
CBN अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट केस नहीं, बल्कि एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। वर्ष 2026 में अब तक मध्य प्रदेश इकाई ने 69 मामले दर्ज किए हैं और 98 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। विभाग का फोकस अब डिजिटल निगरानी, खुफिया इनपुट और रूट मैपिंग के जरिए ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने पर है, ताकि नशे के कारोबार पर सख्त रोक लगाई जा सके।
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MP में आएगा तूफान, इतने जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 1 सप्ताह देर हुआ मानसून
भोपाल। मध्य प्रदेश में गर्मी की तपिश से पूरी तरह राहत नहीं मिली है। कुछ जगहों पर प्री मानसून की हल्की फुहारों ने माहौल खुशनुमा बना दिया है। लेकिन मानसून की देरी ने लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। इस बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को इंदौर, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर समेत 37 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं भोपाल, उज्जैन, सागर, नर्मदापुरम, विदिशा, रायसेन और आसपास के जिलों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है।
जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में सामान्य से करीब 65 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में आंकड़ा औसत से लगभग 30 प्रतिशत नीचे पहुंच गया है।
55 में से 45 जिले सामान्य से कम बारिश की श्रेणी में पहुंच गए हैं। अलीराजपुर ऐसा जिला है जहां अब तक बारिश का खाता भी नहीं खुला है, जबकि भोपाल में सबसे अधिक करीब 4 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 35 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, धार, भिंड, बैतूल, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, मंडला, अलीराजपुर, झाबुआ, शिवपुरी, बुरहानपुर, डिंडौरी, सिवनी, दतिया, अनूपपुर, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, उमरिया, कटनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, मैहर और पांढुर्णा शामिल हैं। इन जिलों में 40 से 50 किमी की रफ्तार से हवा चल सकती है।
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‘चड्डी-बनियान’ गैंग का आतंक: दो सूने मकानों से 28 लाख की चोरी, कई घरों में सेंधमारी की कोशिश
इछावर। सीहोर जिले की इछावर तहसील में कानून व्यवस्था और पुलिस गश्त के बड़े-बड़े दावों की धज्जियां उड़ाते हुए बेखौफ ‘चड्डीधारी चोर गैंग’ ने जमकर उत्पात मचाया। बदमाशों ने पटेल कॉलोनी और बढ़ियाखेड़ी इलाके को निशाना बनाते हुए दो सूने मकानों से करीब 4 लाख रुपये नकद और 24 लाख रुपये मूल्य के जेवरात सहित कुल 28 लाख रुपये की बड़ी चोरी को अंजाम दिया। इसके अलावा गैंग ने कई अन्य घरों में भी सेंधमारी की कोशिश की।
बढ़ियाखेड़ी स्कूल के पीछे रहने वाले उमंग विनोदा अपने माता-पिता के साथ गुरुवार को पुराने बस स्टैंड स्थित अपने पुराने मकान पर रहने गए थे। शनिवार सुबह जब वे वापस लौटे तो घर के ताले टूटे मिले। भीतर जाकर देखा तो कमरों की अलमारियां टूटी पड़ी थीं। चोर वहां से 2 लाख रुपये नगद और लगभग 24 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात समेट ले गए।
दूसरी वारदात भी बढ़ियाखेड़ी निवासी विकास राय के मकान में हुई। विकास ससुराल में शादी होने के कारण पत्नी के साथ इंदौर गए हुए थे। बीती रात करीब 9 बजे उनके पिता घर की लाइट चालू करके गए थे लेकिन सुबह पड़ोसियों ने उन्हें फोन पर ताले टूटने की सूचना दी। विकास के मुताबिक चोर उनके घर से 2 लाख रुपये नगद और चांदी के आभूषण चुरा ले गए हैं।
चोरों ने विजासन धाम कॉलोनी में भी दो प्रमुख लोगों के घरों में घुसने का प्रयास किया लेकिन मकान मालिकों की सजगता से वारदात टल गई। देर रात बदमाश खिड़की की ग्रिल उखाड़ रहे थे, तभी आहट पाकर अमित की नींद खुल गई। उनके लाइट चालू करते ही चोर भाग खड़े हुए।
सुरेंद्र सिंह अरोरा उर्फ अप्पी जो पूर्व नपाध्यक्ष के भाई है उनके मकान की खिड़की की जाली उखाड़ते समय सुरेंद्र की नींद खुल गई। लाइट जलती देख चोर बाउंड्रीवाल फांदकर भाग निकले।
कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों में करीब 5 संदिग्ध चोर भागते दिखाई दे रहे हैं। सभी ने चड्डी-बनियान पहन रखी थी, चेहरे नकाब से ढके थे और उनके हाथों में धारदार हथियार नजर आ रहे हैं। इससे साफ है कि यह खतरनाक गैंग पूरी तैयारी के साथ वारदातों को अंजाम दे रहा है।
इछावर शहर में बीते 15 दिन के भीतर आधा दर्जन से अधिक मकानों में चोरियां हो चुकी हैं। यहां तक कि बदमाशों ने करौली माता मंदिर को भी नहीं छोड़ा। बावजूद इसके थाना कोतवाली पुलिस अब तक एक भी मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात के समय पुलिस की मौजूदगी सिर्फ कागजों और बैठकों तक सीमित रह गई है। यदि जल्द ही इस चड्डीधारी गैंग को नहीं दबोचा गया, तो लोगों का पुलिस व्यवस्था से भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा।
भोपाल। राजधानी भोपाल के मिसरोज थाना पुलिस द्वारा चाय-समोसे बेचने वाले, ढाबा संचालक, मजदूर और अन्य मामलों में गवाह बनाने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा पुलिस के ही क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग एंड नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) से हुआ है। सीसीटीएनएस के मुताबिक, थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार के ज्वाइन करने की तारीख 2 दिसंबर 2025 से 16 अप्रैल 2026 तक महज चार महीने में कुल 146 मामले दर्ज किए गए। यह जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत आरटीआई द्वारा मांगी गई जानकारी में सामने आई है।
इनमें 109 मामले सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने, 15 मामले दोपहिया वाहन चोरी, 14 मामले घरों में चोरी और 8 मामले अवैध शराब बेचने से संबंधित हैं। दिसंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच दर्ज 103 एफआईआर के विश्लेषण में सामने आया कि थाने का ड्राइवर सुरेश अहिरवार, जो रात में थाने की गाड़ी चलाता है, उसे 22 मामलों में गवाह बनाया गया। वहीं ढाबा संचालक विष्णु पाटिल उर्फ देवा पाटिल को 36 मामलों में गवाह बनाया गया। मजदूर राघवेंद्र मैना 12 मामलों में गवाह बना, जबकि थाने के पास चाय-समोसे की दुकान चलाने वाले धर्मेंद्र कुशवाहा को तीन अलग-अलग मामलों में गवाह बनाया गया।
हैरानी की बात यह है कि जिन लोगों को पहले सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने के आरोप में पकड़ा गया, उन्हें बाद में दूसरे मामलों में गवाह बना दिया गया। वहीं 28 मामलों में पुलिसकर्मी खुद ही गवाह बन गए। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि थाना प्रभारी परिहार के आने के बाद सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने के 109 मामले तेजी से दर्ज किए गए। हालांकि अगले महीनों जनवरी और फरवरी में ऐसे मामलों की संख्या कम हो गई। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना बंद कर दिया या फिर पुलिस ने कार्रवाई करना कम कर दिया।
13 दिसंबर 2025 को अपराध क्रमांक 606 में भगवान दास पिता मिश्रिलाल अहिरवार, निवासी मंडीदीप को गवाह बनाया गया। बाद में उसी दिन अपराध क्रमांक 608 में उसे आरोपी बना दिया गया। इसी तरह दिलीप कुमार पिता अनार सिंह, जिसे अपराध क्रमांक 607 में आरोपी बनाया गया था, उसे बाद में गवाह बना दिया गया। इसी प्रकार 15 दिसंबर 2025 को अपराध क्रमांक 614 में सतीश शर्मा पिता किशन शर्मा निवासी बरेली, रायसेन को आरोपी बनाया गया और संतोष मोरे पिता सीताराम मोरे निवासी बाबई, नर्मदापुरम को गवाह बनाया गया। बाद में उसी दिन अपराध क्रमांक 615 में संतोष मोरे को आरोपी और सतीश शर्मा को गवाह बना दिया गया।
विष्णु पाटिल उर्फ देवा पाटिल पिता राम पाटिल निवासी मल्टी नंबर-3, इंद्रा नगर, जाटखेड़ी, मिसरोद थाना क्षेत्र के 11 मील पर देवराज ढाबा का संचालन करता है। मिसरोद पुलिस ने उसे 36 मामलों में गवाह बनाया है। एफआईआर के विश्लेषण में सामने आया कि जहां-जहां अपराध हुआ, वहां-वहां यह गवाह पुलिस को मिल गया।
सुरेश अहिरवार पिता मुन्नालाल, ग्राम मक्सी, 11 मील बायपास का रहने वाला है। वह सुबह मिसरोद थाने में पेड़-पौधों को पानी देता है और रात में पुलिस की बोलेरो गाड़ी चलाता है। यानी वह थाने का ड्राइवर है। उसे 22 मामलों में गवाह बनाया गया। एक ही दिन में अलग-अलग एफआईआर में 10 मामलों में उसकी गवाही दर्ज की गई, जबकि एक महीने में कुल 15 एफआईआर में वह गवाह बना।
मिसरोद पुलिस ने अपने आरक्षक, प्रधान आरक्षक, सहायक उपनिरीक्षक और उपनिरीक्षक स्तर के कर्मचारियों को 28 मामलों में गवाह बना दिया। सवाल यह उठ रहा है कि क्या पुलिस को स्वतंत्र गवाह नहीं मिले या फिर पुलिसकर्मी ही गवाही देने के लिए आगे आए।
राघवेंद्र मैना पिता स्वर्गीय उदेश मैना, मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित एक्सल स्टेट की झुग्गी में रहता है और मजदूरी करता है। उसे 12 मामलों में गवाह बनाया गया है। धर्मेंद्र कुशवाह पिता जीतमल कुशवाह, मिसरोद पुराने गांव का रहने वाला है। उसकी थाने के पास शासकीय स्कूल के गेट पर चाय-समोसे की दुकान है। उसे भी विष्णु पाटिल के साथ एक ही दिन में तीन अलग-अलग मामलों में अलग-अलग समय पर गवाह बनाया गया। दुर्गेश गिरी पिता राकेश गिरी और राहुल अहिरवार पिता बृजेश अहिरवार, दोनों अरेरा हिल्स स्थित भीमनगर की झुग्गी के रहने वाले हैं और मजदूरी करते हैं। इन्हें भी एक ही दिन में अलग-अलग समय पर चार अलग-अलग अपराधों में मिसरोद पुलिस ने गवाह बनाया।
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सराफा व्यापारी के घर फायरिंग मामले का खुलासाः शेयर मार्केट के विवाद में दी गई थी सुपारी, 5 शूटर गिरफ्तार
रतलाम। दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र के सैफी नगर में सराफा व्यापारी के घर पर हुई जानलेवा फायरिंग की सनसनीखेज वारदात का रतलाम पुलिस ने महज कुछ ही घंटों में पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि शेयर मार्केट और पैसों के लेनदेन के विवाद को लेकर दबाव बनाने के उद्देश्य से सुपारी देकर यह फायरिंग करवाई गई थी। मामले का मुख्य साजिशकर्ता फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
शनिवार देर शाम पुलिस कंट्रोल रूम में पत्रकार वार्ता में एसपी अमित कुमार और एएसपी राकेश पंद्रो ने इस अंधेकत्ल की कोशिश का खुलासा किया। एसपी ने बताया कि पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और मुखबिर से मिली सटीक सूचनाओं के आधार पर कड़ियों को जोड़ते हुए इस गुत्थी को सुलझाने में सफलता हासिल की है। वारदात 19 जून को दोपहर लगभग 3.16 बजे सैफी नगर स्थित मकान नंबर 80 पर हुई थी। यह घर चांदनी चौक स्थित ‘श्री गणेश ज्वेलर्स’ के संचालक कमल सोनी का है। घटना के समय कमल सोनी अपने पुत्र के साथ जावरा गए हुए थे, जबकि घर पर उनकी पत्नी मनीषा सोनी, पुत्र अमित व दिव्यांश और पुत्रवधू मौजूद थे।
इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर चार नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे। मनीषा सोनी उस वक्त खिड़की के पास खड़ी थीं। उन्हें देखते ही एक आरोपी ने जान से मारने की नीयत से पिस्टल से सीधे फायर कर दिया। गनीमत रही कि मनीषा सोनी ने तुरंत नीचे झुककर खुद को बचा लिया। गोली उनके सिर के ऊपर से निकलकर खिड़की के कांच को चीरती हुई अंदर जा घुसी। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था।
गिरफ्तार आरोपियों में भोला पाटीदार, विनीत उर्फ चुचू बड़गोतिया, अजय उर्फ गट्टू चौहान, रविन्द्र राजन, कन्हैया नायक, फरार आरोपी विनोद उर्फ वीनू (पिता प्यारेलाल शर्मा) एवं अन्य सहयोगी। पुलिस ने दावा किया है कि मुख्य साजिशकर्ता विनोद उर्फ वीनू और उसके अन्य साथियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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वेयरहाउस को नोटिस मिलने पर बिफरे जीतू पटवारी: बोले- ‘किराया टाइम पर देते नहीं, बेइज्जती सहने के लिए नहीं हैं हम, हमारा वेयरहाउस खाली कर दो’
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के वेयरहाउस को नोटिस मिलने के बाद राजधानी भोपाल से लेकर सियासी गलियारों तक हलचल तेज हो गई है। नोटिस मिलने से नाराज जीतू पटवारी ने वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के आला अधिकारी को फोन लगाकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। पटवारी ने दो-टूक शब्दों में अधिकारी से कहा कि सरकार भले ही बदले की भावना से कार्रवाई करे, लेकिन वे किसी का दबाव बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कॉरपोरेशन को अपना पूरा माल हटाने और वेयरहाउस खाली करने का अल्टीमेटम भी दे दिया है।
अधिकारी से बातचीत के दौरान जीतू पटवारी ने वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय नगाइच पर निशाना साधा। पटवारी ने कहा, “अभी कोई नए-नए अध्यक्ष संजय नगाइच बने हैं, वे हमारे वेयरहाउस पर गए थे और वहां कह रहे हैं कि बाहर जाले क्यों लगे हैं, अंदर जाले क्यों लगे हैं? अगर बीजेपी के नेता बदले की भावना से इस तरह का व्यवहार करेंगे, तो यह बर्दाश्त नहीं होगा। हम किसी के कर्जदार नहीं हैं।”
जीतू पटवारी ने कॉरपोरेशन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ तो सरकार समय पर वेयरहाउस का किराया नहीं देती है, और दूसरी तरफ परेशान करने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारी से बेहद तल्ख लहजे में कहा, “पहले तो किराया नहीं देते टाइम पे… फिर बेइज्जती करने के लिए नहीं हैं हम। हटाओ इसको (माल को)।”
पटवारी ने अधिकारी से बेहद विनम्र लेकिन सख्त लहजे में आग्रह किया कि वे अपना अनाज वहां से तत्काल खाली कर लें। उन्होंने कहा- मैंने इंदौर को भी पहले लिख कर दिया था और आज आपको भी चिट्ठी दे दी है। आप हमारे यहां से अपना माल खाली कर सकते हैं, तो मेहरबानी करके खाली कर दीजिए, हम पूरी तरह एग्री हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, “जब तक आपका माल हमारे पास है, वह पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित है। उसमें एक नए पैसे की भी कमी नहीं आएगी। आपके अधिकारी जब चाहें आकर निरीक्षण (Inspection) कर सकते हैं।
पटवारी ने साफ कर दिया कि वे सरकार के किसी भी प्रकार के दबाव में कोई रूल नहीं तोड़ेंगे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जीतू पटवारी द्वारा अधिकारी को लिखी गई चिट्ठी और यह बातचीत अब सियासी गलियारों में चर्चा का मुख्य केंद्र बन गई है। कांग्रेस इसे विपक्ष के नेताओं को टारगेट करने वाली कार्रवाई बता रही है, वहीं कॉरपोरेशन इसे रूटीन निरीक्षण का हिस्सा मान रहा है।
चेन्नई. तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में रविवार को एक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाई में संदिग्ध अमोनिया गैस रिसाव की घटना ने बड़ा औद्योगिक हादसा खड़ा कर दिया. इस दर्दनाक घटना में अब तक सात महिलाओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य श्रमिकों को गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल सहित विभिन्न एजेंसियों को तत्काल सक्रिय किया गया.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह घटना तिरुवल्लूर जिले के पेरियापालयम के निकट कन्निगापैर क्षेत्र स्थित एक समुद्री खाद्य निर्यात इकाई में हुई. दोपहर के समय अचानक अमोनिया गैस के रिसाव की सूचना सामने आई, जिसके बाद कारखाने में काम कर रहे श्रमिकों में भगदड़ मच गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गैस फैलते ही कई कर्मचारियों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, चक्कर और घबराहट जैसी समस्याएं होने लगीं. कुछ लोग मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े.
घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ ही समय में बड़ी संख्या में कर्मचारियों को अस्पताल पहुंचाना पड़ा. अधिकारियों के अनुसार प्रभावित लोगों में अधिकांश महिलाएं थीं, जो कारखाने में नियमित रूप से कार्यरत थीं. अस्पताल पहुंचाए गए कई श्रमिकों की हालत गंभीर बताई गई, जबकि सात महिलाओं को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया.
जिला प्रशासन को घटना की सूचना मिलते ही आपातकालीन प्रबंधन तंत्र सक्रिय कर दिया गया. तिरुवल्लूर जिला कलेक्टर कार्यालय ने तत्काल राहत एजेंसियों को सतर्क किया और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की सहायता मांगी. इसके बाद अरक्कोनम स्थित चौथी बटालियन मुख्यालय से विशेष दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया.
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की लगभग 30 सदस्यीय टीम विशेष सुरक्षा उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंची. टीम के पास व्यक्तिगत सुरक्षा किट, गैस पहचान उपकरण तथा रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु आपदाओं से निपटने के लिए विशेष उपकरण उपलब्ध थे. विशेषज्ञ दल ने कारखाने के प्रभावित हिस्से का निरीक्षण कर गैस के स्रोत का पता लगाने और रिसाव को नियंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की.
अधिकारियों का कहना है कि अमोनिया गैस का उपयोग समुद्री खाद्य प्रसंस्करण और कोल्ड स्टोरेज इकाइयों में शीतलन प्रणाली के लिए किया जाता है. यदि किसी तकनीकी खराबी या रखरखाव में कमी के कारण गैस का रिसाव हो जाए तो यह मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक साबित हो सकती है. अधिक मात्रा में संपर्क होने पर यह श्वसन तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है और कुछ मामलों में जानलेवा भी साबित हो सकती है.
हादसे के बाद आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों में भी चिंता का माहौल देखा गया. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के इलाकों की निगरानी शुरू कर दी और लोगों से प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की अपील की. राहत दलों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि गैस का प्रभाव कारखाने की सीमा से बाहर न फैले.
चिकित्सकों के अनुसार अमोनिया गैस के संपर्क में आने वाले लोगों को तत्काल ताजी हवा, चिकित्सकीय सहायता और आवश्यक उपचार की जरूरत होती है. अस्पतालों में भर्ती श्रमिकों का लगातार स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है. कुछ मरीजों को सांस लेने में गंभीर परेशानी होने के कारण विशेष निगरानी में रखा गया है. स्वास्थ्य विभाग ने आसपास के अस्पतालों को भी सतर्क कर दिया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके.
घटना के बाद श्रमिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने कारखाने की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि ऐसे उद्योगों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए, क्योंकि किसी भी प्रकार की लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है. कई लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यदि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.
औद्योगिक सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि रासायनिक पदार्थों का उपयोग करने वाली इकाइयों में नियमित निरीक्षण, गैस रिसाव अलार्म प्रणाली, आपातकालीन निकासी योजना और कर्मचारियों को समय-समय पर प्रशिक्षण देना अनिवार्य होना चाहिए. ऐसे उपाय दुर्घटनाओं के प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
राज्य सरकार ने घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही मृतकों के स्वजन और घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है. प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं.
फिलहाल राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं. गैस रिसाव को पूरी तरह नियंत्रित करने और प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित घोषित करने तक राहत अभियान जारी रहेगा. इस दुखद हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों और रासायनिक इकाइयों में सतर्कता की आवश्यकता को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है. सात महिलाओं की मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है, जबकि प्रभावित परिवारों के लिए यह त्रासदी लंबे समय तक याद रहने वाली है.
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Weather Update : 20 राज्यों में मौसम का बड़ा अलर्ट, आंधी-तूफान और बारिश के लिए रहें तैयार, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी बदलेगा मौसम
देशभर में मौसम तेजी से बदल रहा है। पिछले कई दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है, लेकिन इसके साथ ही मौसम विभाग ने एक बड़ी चेतावनी भी जारी की है । भारतीय मौसम विभाग(आईएमडी) के अनुसार अगले कुछ घंटों में देश के कई हिस्सों में तेज बारिश, आंधी और तूफान का असर देखने को मिल सकता है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान समेत 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए वि शेष मौसम अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि कई इलाकों में हवाओ की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की जरूरत है। मौसम में यह बदलाव मानसूनी गतिविधियों के तेज होने की वजह से देखने को मिल रहा है।
IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, केरल, असम, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, मेघालय और सिक्किम में मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। इन राज्यों में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा तेज हवाएं और कुछ क्षेत्रों में वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से खुले स्थानों पर जाने से बचने और सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। राजधानी लखनऊ में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, लेकिन राज्य के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। आगरा, मथुरा, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, बिजनौर, फिरोजाबाद, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, एटा और अलीगढ़ में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बिहार में भी मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। राजधानी पटना में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि राज्य के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो सकता है। भोजपुर, सिवान, बक्सर, गया, नवादा, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, कटिहार, पूर्णिया, समस्तीपुर, खगड़िया, अररिया, भागलपुर, मुंगेर और किशनगंज समेत कई जिलों में 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है।
मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। राजधानी भोपाल में तापमान सामान्य से कम रहने की उम्मीद है। वहीं नर्मदापुरम, विदिशा, खरगोन, छतरपुर, बालाघाट, मंडला, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी, आगर मालवा, राजगढ़ और शाजापुर में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान में भी कई जिलों में मौसम बदलने वाला है। जयपुर में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, अलवर, सीकर, चूरू, झुंझुनूं, श्रीगंगानगर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, नागौर और अजमेर में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम चुनौतीपूर्ण बना रह सकता है। देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली और पौड़ी गढ़वाल में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली, कुल्लू, सोलन, कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और किन्नौर में भी तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। कई इलाकों में हवाओं की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
असम, मेघालय और सिक्किम में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। गुवाहाटी और आसपास के क्षेत्रों में अगले दो से तीन दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने बिजली गिरने की आशंका भी जताई है। दक्षिण भारत में तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। तमिलनाडु के नीलगिरि, कोयंबटूर, कन्याकुमारी, इरोड, सलेम, धर्मपुरी और कृष्णागिरि जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने कहा है कि जिन इलाकों में तेज हवाओं और वज्रपात की संभावना है, वहां लोग अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आने वाले 24 से 48 घंटे कई राज्यों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन की सलाह पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
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राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर भड़के अरविंद केजरीवाल, FIR न होने पर सवाल खड़े किए, बोले- कार्रवाई हुई तो योगी सरकार गिर जाएगी
उत्तर प्रदेश के अयोध्या राम मंदिर में दान और चढ़ावा चोरी को लेकर पूरे देश में घमासान मचा हुआ है। विपक्षी पार्टियां इसे लेकर योगी सरकार को निशाने पर लिए हुए है। अब आम आदमी पार्टी यानी आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर भड़क गए हैं। अरविंद केजरीवाल ने FIR न होने पर सवाल खड़े करते हुए दावा किया कि इस घोटाले में बड़े-बड़े लोगों के नाम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई हुई तो योगी सरकार गिर जाएगी। लिहाजा सरकार आरोपियों को बचा रही है।
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि राम मंदिर से करोड़ों रुपए के चंदे की चोरी के बावजूद अब तक एक भी FIR क्यों नहीं दर्ज की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि मामले में अभी तक कोई FIR दर्ज क्यों नहीं की गई है।
दिल्ली की पूर्व सीएम ने कहा कि ‘राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। उसी राम मंदिर से करोड़ों रुपए का दान चोरी हो गया, फिर भी एक भी FIR दर्ज नहीं की गई। सरकार किसे बचा रही है? इस पाप में शामिल लोग चाहे कितने भी बड़े क्यों न हों, उन्हें सीधे जेल में डाल देना चाहिए। करोड़ों लोगों की आस्था की रक्षा करना ज़रूरी है। AAP नेता ने कहा कि बताया जा रहा है कि करीब 200 करोड़ का तो कैश ही चोरी हुआ है। सात ही कई हीरे जवाहरात के बक्से भी चोरी हुए है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों जगह पर इनकी सरकारें हैं। न तो कोई रेड हुई और न ही किसी को गिरफ्तार किया गया।
आप के राष्ट्रीय संयोजक ने आगे कहा कि चोरी के इस इस घोटाले में बहुत बड़े-बड़े नाम शामिल हैं। ऐसे में अगर कार्रवाई होती है तो योगी सरकार भी गिर सकती है। उन्होंने जनता से सवाल किया कि आपके हिसाब से किसे बचाना जरूरी है सरकार को या देश के करोड़ों लोगों की आस्था को। वहीं AAP ने कहा है कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।
बता दें कि सपा सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय ने 7 जून को दावा किया था कि राम मंदिर से 5 से साढ़े 7 करोड़ रुपए तक की चोरी की गई है। इसके बाद अखिलेश यादव ने भी कहा था कि मामले पर सरकार की चुप्पी संदिग्ध है। कोर्ट को मामला देखना चाहिए। विवाद बढ़ा तो भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने 9 जून को प्रधानमंत्री को लेटर लिखकर CBI जांच की मांग की। अगले दिन यानी 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मंदिर ट्रस्ट से मामले की रिपोर्ट मांगी। चढ़ावा चोरी मामले में 5 लोगों लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपए की रिकवरी की गई है। ये सभी मंदिर में दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े थे। मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी टिन्नू के घर से 13 जून को सोना मिला था। हालांकि, सोना कितना है, यह अभी कन्फर्म नहीं है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है। जांच में 150 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। इनमें से 25 लोगों पर कार्रवाई के आसार हैं। जिन लोगों से SIT पूछताछ कर चुकी है, उन्हें अगले आदेश तक कहीं बाहर न जाने की चेतावनी दी गई है। सोमवार को सीएम योगी को जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा पर कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है। दोनों को पद से हटाया जा सकता है।
दमोह। मध्यप्रदेश के दमोह जिले के आनु गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। गेहूं को कीड़ों से बचाने के लिए रखी गई जहरीली दवा की दुर्गंध से चार बच्चे बीमार हो गए। इनमें से 5 वर्षीय धर्मेंद्र प्रजापति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है। सभी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
हिंडोरिया थाना पुलिस के मुताबिक, परिवार ने तीन दिन पहले घर के एक कमरे में 10 बोरी गेहूं रखी थी। अनाज को कीड़ों से बचाने के लिए उसमें जहरीली दवा डाली गई थी।
बताया जा रहा है कि गेहूं वाले कमरे से लगातार तेज दुर्गंध उठ रही थी। परिवार के सदस्य उसी घर में रह रहे थे, जिससे जहरीली गैस और दुर्गंध का असर बच्चों पर पड़ने लगा।
शुक्रवार रात अचानक बच्चों को उल्टियां शुरू हो गईं। शुरुआत में परिजनों को लगा कि यह सामान्य स्वास्थ्य समस्या होगी, लेकिन कुछ ही घंटों में उनकी हालत लगातार बिगड़ने लगी। बीमार बच्चों में धर्मेंद्र प्रजापति (5), रीना (3), दिनेश (7) और दीपक (9) शामिल हैं। बच्चों की तबीयत ज्यादा खराब होने पर परिजन घबरा गए और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने का फैसला किया।
शनिवार सुबह चारों बच्चों को बांदकपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने 5 वर्षीय धर्मेंद्र को मृत घोषित कर दिया। वहीं अन्य तीन बच्चों को पीआईसीयू वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। डॉक्टर लगातार उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं।
परिजनों के अनुसार जहरीली दवा की दुर्गंध का असर बच्चों की मां पर भी पड़ा है। उन्हें भी उल्टियां और तबीयत खराब होने की शिकायत के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि परिवार के सभी सदस्यों की स्वास्थ्य स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है और आवश्यक इलाज दिया जा रहा है।
जिला अस्पताल के डॉक्टर मधुर चौधरी ने बताया कि परिजनों ने गेहूं में जहरीली दवा डाले जाने की जानकारी दी है। शुरुआती जांच में बच्चों की तबीयत बिगड़ने का कारण उसी दवा की दुर्गंध और उसके प्रभाव को माना जा रहा है।
फिलहाल अस्पताल में भर्ती बच्चों का उपचार जारी है, जबकि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिवार सदमे में है।
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लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर व्यापारी से मांगी 2 करोड़ की फिरौती, जांच के लिए सिवनी पहुंची दिल्ली पुलिस
सिवनी। राजधानी दिल्ली के एक व्यापारी से कथित तौर पर 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले की जांच करते हुए दिल्ली पुलिस की टीम सिवनी पहुंची। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फिरौती मांगने के लिए जिस मोबाइल नंबर का उपयोग किया गया था, वह सिवनी निवासी एक युवक के नाम पर पंजीकृत है। हालांकि पुलिस जांच में अब तक युवक की प्रत्यक्ष संलिप्तता सामने नहीं आई है।
जानकारी के अनुसार दिल्ली के एक व्यापारी को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से धमकी देकर 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी। कॉल करने वाले आरोपियों ने स्वयं को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की, जिसमें उपयोग किए गए मोबाइल नंबर की लोकेशन और पंजीयन संबंधी जानकारी सिवनी जिले से जुड़ी मिली।
जांच के सिलसिले में दिल्ली पुलिस की टीम सिवनी पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से संबंधित युवक से पूछताछ की। पुलिस ने सुनील सतनामी नामक युवक के नाम पर दर्ज पाया गया, लेकिन अब तक की जांच में युवक की किसी भी आपराधिक गतिविधि या फिरौती मांगने की घटना में संलिप्तता के प्रमाण नहीं मिले हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तकनीकी जांच को आगे बढ़ाने के लिए युवक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। प्रारंभिक तौर पर यह संभावना जताई जा रही है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग या उससे जुड़े अपराधियों द्वारा किसी अनाधिकृत माध्यम से युवक के मोबाइल नंबर का उपयोग किया गया हो। मामले की विस्तृत जांच जारी है और साइबर विशेषज्ञ भी कॉल डिटेल्स तथा डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रहे हैं।
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डिजिटल इंडिया की खुली पोल! BSNL ने दिव्यांग को दिया धोखा, सालों से जमीन का किराया और मानदेय दबाए बैठे अधिकारी
इछावर। सीहोर जिले की इछावर तहसील के ग्राम बृजेश नगर में सरकारी दूरसंचार कंपनी BSNL का एक बेहद असंवेदनशील और हैरान करने वाला कारनामा सामने आया है। यहां सरकारी तंत्र की कंगाली और अधिकारियों की लापरवाही का शिकार एक दिव्यांग परिवार पाई-पाई को मोहताज हो गया है। सालों से बंद पड़े BSNL के कबाड़ टावर का न तो किराया दिया जा रहा है और न ही उसकी रखवाली करने वाले दिव्यांग के परिवार को मानदेय मिला है। अब स्थिति यह है कि जंग खा चुका यह भारी भरकम टावर कभी भी गिरकर किसी बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे सकता है।
दोनों पैरों से दिव्यांग भरत वर्मा आज अपनी ही जमीन पर लगे BSNL के टावर को देखकर खून के आंसू रोने को मजबूर हैं। पीड़ित के अनुसार, जब विभाग को यहाँ टावर लगाना था, तब अधिकारियों ने बड़े-बड़े वादे किए थे। भरोसा दिलाया गया था कि जमीन का मोटा किराया मिलेगा और परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार (मानदेय) दिया जाएगा। शुरुआत में कुछ समय सब ठीक रहा, लेकिन जैसे ही टावर खड़ा हुआ, विभाग कुंभकर्णी नींद सो गया।
सालों से यह टावर बंद पड़ा है और कबाड़ में तब्दील हो चुका है। BSNL ने न तो जमीन का लंबित किराया चुकाया है और न ही रखवाली करने वाले दिव्यांग के परिवार का मानदेय दिया है। अपनी ही जमीन होने के बावजूद पीड़ित परिवार वहाँ न तो खेती कर पा रहा है और न ही रहने के लिए मकान बना पा रहा है। आर्थिक तंगी के चलते पूरा परिवार दाने-दाने को मोहताज हो चुका है।
सालों से इस भारी-भरकम लोहे के ढांचे का कोई मेंटेनेंस (रखरखाव) नहीं किया गया है। पूरे टावर में जंग लग चुकी है और यह बेहद जर्जर स्थिति में है। ग्रामीणों का कहना है कि यह टावर कभी भी गिर सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि यह ढांचा किसी के घर या राहगीर पर गिरा और कोई जनहानि हुई, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? क्या प्रशासन किसी की मौत का इंतजार कर रहा है?
पीड़ित दिव्यांग भरत वर्मा न्याय के लिए अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। दर्जनों आवेदन देने के बाद भी साहब लोगों की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ा है। एक तरफ सरकार दिव्यांगों के कल्याण और ‘डिजिटल इंडिया’ के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं जमीनी हकीकत में एक दिव्यांग के अधिकारों का सरेआम हनन किया जा रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस खतरनाक ढांचे को हटाकर पीड़ित परिवार का बकाया भुगतान कब करता है, या फिर यह मामला फाइलों में ही दबा रहेगा।
खंडवा। इंटरनेट मीडिया पर बहु-प्रसारित होने और अधिक व्यूज पाने की होड़ में बनाई गई एक रील दो युवकों के लिए परेशानी का कारण बन गई। जिला अस्पताल परिसर में कथित तंत्र-मंत्र और काले जादू का दृश्य फिल्माकर इंस्टाग्राम पर अपलोड करने वाले दो युवकों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वीडियो पूरी तरह से स्क्रिप्टेड था और उसे केवल इंटरनेट मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था।
जानकारी के अनुसार बहूप्रसारित वीडियो में एक युवक तांत्रिक के वेश में नजर आता है। वह दूसरे युवक से भोजन के लिए पैसे मांगता है और मना करने पर उस पर भस्म फेंक देता है। इसके तुरंत बाद दूसरा युवक जमीन पर गिर जाता है। वीडियो को विशेष एडिटिंग और डरावने वॉयस ओवर के साथ प्रस्तुत किया गया था, जिससे यह किसी रहस्यमयी या अलौकिक घटना जैसा प्रतीत हो रहा था। रील इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और कुछ ही घंटों में हजारों लोगों तक पहुंच गई। वीडियो देखने के बाद कई लोगों ने इसे वास्तविक घटना मान लिया, जबकि कुछ लोगों ने इसे अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाला बताया। मामला चर्चा में आने के बाद इसकी जानकारी पुलिस तक पहुंची, जिसके बाद संबंधित युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
पुलिस पूछताछ में दोनों युवकों ने स्वीकार किया कि वीडियो केवल मनोरंजन और इंटरनेट मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के लिए बनाया गया था। उन्होंने बताया कि वीडियो में दिखाई गई घटना पूरी तरह काल्पनिक थी और उसे प्रभावशाली बनाने के लिए बाद में विशेष ऑडियो एवं एडिटिंग का सहारा लिया गया था। युवकों ने भविष्य में इस प्रकार की भ्रामक सामग्री साझा नहीं करने का आश्वासन भी दिया।
पुलिस के अनुसार दोनों युवक छात्र हैं। इनमें एक आइटीआई तथा दूसरा पालिटेक्निक कॉलेज में अध्ययनरत है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर नियमित रूप से रील बनाते हैं और अधिक फॉलोअर्स व पहचान हासिल करने की कोशिश कर रहे थे। इसी उद्देश्य से उन्होंने ऐसा विषय चुना, जो लोगों का ध्यान तेजी से आकर्षित कर सके।
सूत्रों के मुताबिक संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट पर लगभग 35 हजार फॉलोअर्स हैं। मामले की जानकारी मिलने पर युवकों के कुछ मित्र भी थाने पहुंचे और पुलिस से उन्हें छोड़ने का अनुरोध किया। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर अंधविश्वास या भ्रम फैलाने वाली सामग्री बनाना उचित नहीं है। ऐसे वीडियो लोगों को गुमराह कर सकते हैं और अनावश्यक अफवाहों को जन्म दे सकते हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है तथा आगे की कार्रवाई तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
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बिन मां बाप की बेटी नहीं जुटा पाई दहेज, वरमाला के बाद बारात लेकर लौट गया दूल्हा
खुरई। खुरई में बेगमगंज से आई बारात दहेज की मांग पूरी नहीं होने के कारण वापस लौट गई। वरमाला के बाद तीन बहनों में सबसे बड़ी निशा रात भर फेरों का इंतजार करती रही, लेकिन वर पक्ष मारपीट कर भाग गया था। अब निशा बंसल इंसाफ चाहती है, उसे उस लड़के से शादी नहीं करनी है।
पूरा मामला सागर जिले की खुरई तहसील का है। जहां लंबी तैयारियों के बाद शहरी थाना क्षेत्र के पॉलिटेक्निक कॉलेज रोड स्थित भगवान दास चंदेल वार्ड में एक परिवार में शादी की शहनाई सुनाई दे रही थी। वरमाला की रस्म पूरी होने के बाद शादी की अन्य तैयारियां चल रही थीं। डीजे पर लोग नाच रहे थे और विवाह की मुख्य रस्म शुरू होने वाली थी। इसी दौरान विवाद की स्थिति निर्मित हो गई, विवाद में दूल्हा तक पगड़ी उतारकर झगड़े में शामिल हो गया।
आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हुआ था। वर पक्ष ने वधू पक्ष के साथ मारपीट भी की। इसके बाद वर पक्ष बिना शादी पूरी किए ही बारात लेकर वापस लौट गया।
हातों में मेहंदी लगाए दुल्हन पूरी रात इंतजार करती रही कि उसके फेरे होंगे, शादी होगी और विदाई के बाद वह ससुराल जाएगी। सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं और दहेज के लोभियों ने धन को प्राथमिकता दी और बारात लेकर लौट गए।
दुल्हन के स्वजनों ने पूरी रात फोन के जरिए दूल्हे और उसके परिवार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने भी फोन नहीं उठाया। परिजनों का आरोप है कि दहेज के कारण ही बारात लौटकर चली गई। इस मामले में लड़की पक्ष ने शनिवार को खुरई शहरी थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग की है।
रायसेन जिले के बेगमगंज ग्राम गोपालपुरा से दूल्हा बना सुरेंद्र बंसल दहेज के चक्कर में विवाद करने लगा और मारपीट करना शुरू कर दी। दुल्हन निशा बंसल का कहना है कि उसके माता-पिता नहीं हैं। वह तीन बहनों में सबसे बड़ी है। दादी और चाचा हम तीनों बहनों का पालन-पोषण कर रहे हैं।
शादी पक्की होने के बाद अभी तक मेरी लड़के से बात नहीं हुई है। लड़के पक्ष वालों ने दहेज की मांग को लेकर जमकर विवाद किया। यहां तक कि मारपीट भी की। अब वह उस लड़के से शादी नहीं करना चाहती है, अब केवल इंसाफ चाहिए।
लड़की के चाचा नारायण बंसल ने कहा कि लड़के पक्ष के लोग दो लाख रुपये नकद और एक बाइक की मांग कर रहे थे। हम लोगों ने कहा कि लड़की के माता-पिता नहीं हैं, फिर भी हम लोगों ने उचित दहेज दिया है। इसके बाद भी वे मानने को तैयार नहीं हुए और विवाद करना शुरू कर दिया।
खुरई शहरी थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि लड़की पक्ष की रिपोर्ट पर दूल्हा, दूल्हे के पिता और दूल्हे के भाई पर दहेज एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।
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मां पहले ही छोड़ गई, अब चोरी के शक में 8 साल की मासूम की पीट-पीटकर हत्या
ग्वालियर। शहर से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने हर किसी के दिल को झकझोर कर रख दिया है। यहां पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के बरा गांव में महज 8 साल की एक बेकसूर मासूम बच्ची को चोरी के शक में तालिबानी सजा दे दी गई। बच्ची को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया जिससे उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस क्रूरता की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने पड़ोसी दंपत्ति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है, जबकि आरोपी की पत्नी अभी भी फरार है।
ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के बरा गांव की यह दर्दनाक घटना हर किसी की आंखें नम कर रही है। 8 साल की मासूम अलीना खान के सिर पर मां का साया नही था। उसके पिता सलमान खान दिनभर मजदूरी कर किसी तरह अपनी लाड़ली का पालन पोषण कर रहे थे। बीते गुरुवार को अलीना खेलते-खेलते पड़ोसी अमीन खान के घर पहुंच गई।
आरोप है कि अमीन को शक था कि बच्ची ने उसके घर से रुपए और जेवर चुराए हैं। इसी शक में अमीन खान और उसकी पत्नी रेशमा खान ने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं। दोनों ने मासूम बच्ची को बांधकर डंडों से बेरहमी से पीटा। पिटाई इतनी निर्मम थी कि बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई और दिमागी सदमे में चली गई।
शाम को जब मजदूरी से लौटे पिता सलमान खान बेटी को लेने पहुंचे तो अलीना डरी-सहमी हालत में मिली। आरोपी ने चोरी का आरोप लगाते हुए बच्ची और उसके पिता को ऑटो से घर छोड़ दिया।
घर पहुंचते ही सहमी हुई अलीना पलंग पर लेट गई। पिता ने सोचा कि बच्ची थकी हुई है और सुबह डॉक्टर के पास ले जाएंगे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था, शुक्रवार सुबह जब पिता ने बेटी को जगाने की कोशिश की तो वह हमेशा के लिए खामोश हो चुकी थी। अस्पताल ले जाने पर डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मासूम की मौत के बाद जब पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो डॉक्टर ने मौत की वजह शरीर पर आई गंभीर चोटें और गहरा दिमागी सदमा बताया। रिपोर्ट आते ही पुरानी छावनी थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई और पिता की शिकायत पर आरोपी अमीन खान और उसकी पत्नी रेशमा खान के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी अमीन को सलाकों के पीछे भेज दिया है, जबकि उसकी फरार पत्नी की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय वहां और कौन-कौन मौजूद था और इस घटना में किसकी क्या भूमिका रही।
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भोपाल। राजधानी भोपाल के मिसरोज थाना पुलिस द्वारा चाय-समोसे बेचने वाले, ढाबा संचालक, मजदूर और अन्य मामलों में गवाह बनाने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा पुलिस के ही क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग एंड नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) से हुआ है। सीसीटीएनएस के मुताबिक, थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार के ज्वाइन करने की तारीख 2 दिसंबर 2025 से 16 अप्रैल 2026 तक महज चार महीने में कुल 146 मामले दर्ज किए गए। यह जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत आरटीआई... अपराध
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बैंकिंग रेग्युलेशन ऐक्ट है कोचर के इस्तीफे की...
पेट्रोल सरकारी खजाने-तेल कंपनियों पर असर
आपकी दवा असली है या नकली, ऐसे करें...
पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में...
चीन के खाने पर जी रहे हैं उत्तराखंड...


