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देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली अपराधियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना बन गई है। बेखौफ अपराधी हर दिन दिल्ली में लॉ एंड ऑर्डर की धज्जियां उड़ा रहे हैं। दिल्ली में हर दिन किसी न किसी का खून बह रहा है। जबकि दिल्ली पुलिस इन अपराधियों के आगे बेबश नजर आ रही है। अब 14 सितंबर को जिम ट्रेनर विजय हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। आया नगर में 30 वर्षीय जिम ट्रेनर विजय की हत्या गैंगस्टर हिमांशु भाऊ ने की है। गैंगस्टर हिमांशु भाऊ अमेरिका में बैठकर दिल्ली को दहला रहा है। गैंगस्टर हिमांशु भाऊ ने एक महीने के अंदर दूसरी बार दिल्ली का दहलाया है। इससे पहले नरेला में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या मं भी गैंगस्टर हिमांशु भाऊ का नाम आया था।
दरअसल दिल्ली के आया नगर में हुए हत्याकांड के बाद अमेरिका में मौजूद गैंगस्टर हिमांशु भाऊ के नाम से सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई है। पोस्ट में उसने आया नगर हत्या की जिम्मेदारी ली है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अमेरिका में बैठा गैंगस्टर किस तरह भारत में मौजूद अपने गुर्गों और शूटर्स के जरिए वारदातों को अंजाम दिला रहा है।
पहले नरेला में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या, अब आया नगर में जिम ट्रेनर निशाने पर सितंबर के शुरुआती हफ्ते में नरेला में एक नामी प्रॉपर्टी डीलर की कई गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। अब आया नगर में जिम ट्रेनर विजय की हत्या के बाद एक बार फिर हिमांशु भाऊ का नाम सामने आया है। यानी कुछ ही हफ्तों के अंतराल में दिल्ली में दो अलग-अलग इलाकों में ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले सामने आए हैं। दोनों मामलों में कई राउंड गोलियां चलने की बात सामने आई है।
सोशल मीडिया पोस्ट में हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा आया नगर में विजय की हत्या के बाद हिमांशु भाऊ के नाम से सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई। इसमें लिखा-आया नगर में विजय की हत्या की जिम्मेदारी हिमांशु भाऊ लेता है। पोस्ट में आगे लिखा है-भागने से काम नहीं चलेगा फील्ड में आओ भागने नहीं दूंगा किसी का कोई नहीं है। पोस्ट के अंत में Bhau gang और Since-2020 लिखा गया है। यह सोशल मीडिया पर सामने आया जिम्मेदारी लेने का दावा है। दिल्ली पुलिस जांच में इस पोस्ट और हत्याकांड के बीच कनेक्शन की भी पड़ताल करेगी। आया नगर में दो आरोपियों ने किया हमला पुलिस के मुताबिक, आया नगर में विजय पर दो आरोपियों ने हमला किया. बताया जा रहा है कि बदमाशों ने करीब 10 से 12 राउंड फायरिंग की। गोली लगने से विजय की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के परिजनों के मुताबिक, विजय को 4 गोलियां लगी थीं।
दिल्ली से हरियाणा तक जहां भी इस गैंग की वारदातों की बात सामने आई है, वहां 15 से 20 राउंड तक फायरिंग हुई है। आया नगर की घटना में भी 10 से 12 राउंड फायरिंग की बात सामने आई है। पोस्ट के दावे और CCTV पर टिकी जांच आया नगर में जिम ट्रेनर विजय की हत्या के बाद अब पुलिस के सामने वारदात को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों तक पहुंचने की चुनौती है. CCTV फुटेज पुलिस के कब्जे में है और इसी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, 2025 और 2026 के दौरान दिल्ली और हरियाणा में धमकी, रंगदारी और फायरिंग की कई घटनाओं की जांच में हिमांशु भाऊ गैंग का नाम सामने आया है। आरोप है कि गैंग का मुख्य नेटवर्क विदेश से संचालित किया जा रहा है। विदेश में बैठे गैंग के मास्टरमाइंड भारत में मौजूद अपने गुर्गों को अलग-अलग टास्क देते हैं। इसके बाद स्थानीय स्तर पर शूटर्स और दूसरे सहयोगियों के जरिए वारदातों को अंजाम दिया जाता है। इस तरह के नेटवर्क में सीधे गैंगस्टर का घटनास्थल पर मौजूद होना जरूरी नहीं होता। वह विदेश में बैठकर मोबाइल फोन और दूसरे माध्यमों के जरिए अपने लोगों के संपर्क में रहता है।
हिमांशु भाऊ हरियाणा के रोहतक जिले के रिटोली गांव का रहने वाला है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसने महज 17 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। साल 2020 में उसके बाल सुधार गृह से फरार होने की बात भी सामने आई थी। इसके बाद उसके खिलाफ हरियाणा में दो दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आती रही है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, हथियार और अन्य गंभीर अपराधों के तहत मामले दर्ज हैं। धीरे-धीरे उसका नाम स्थानीय अपराध से निकलकर बड़े गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ता गया।
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दलित BJP नेता को अंधेरे कमरे में पूरी रात डंडे-बेल्ट से पीटा: पीड़ित ने अपने ही पार्टी के विधायक पर लगाया आरोप
दलित बीजेपी नेता ने अपनी ही पार्टी के विधायक पर अंधेरे कमरे में पूरी रात डंडे-बेल्ट से पीटने का आरोप लगाया है। कंझावला मंडल अध्यक्ष सुनील कुमार ने मुंडका विधायक गजेंद्र दराल पर पीटने का आरोप लगाया है। दोनों भाजपा नेताओं के बीच विवाद अनुशासन समिति पहुंच गया है। दिल्ली प्रदेश भाजपा ने दोनों नेताओं से स्पष्टीकरण मांगा है। दोनों को 16 सितंबर को दोपहर 3 बजे प्रदेश अनुशासन समिति के सामने अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, कंझावला मंडल अध्यक्ष सुनील कुमार ने मुंडका से बीजेपी विधायक गजेंद्र दराल पर उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। सुनील कुमार का आरोप है कि विधायक ने उनके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल भी किया। घटना से जुड़े आरोप सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया और मीडिया में चर्चा में आया।
कंझावला मंडल अध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि गुरुवार शाम विधायक गजेंद्र दराल ने उन्हें वोटर लिस्ट लेकर मीटिंग के लिए बीजेपी कार्यालय बुलाया था। सुनील का आरोप है कि कार्यालय पहुंचने के बाद उन्हें वहां रोक लिया गया और रातभर उनके साथ मारपीट की ग।. पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उन्हें डंडे, पाइप और बेल्ट से पीटा गया। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने शरीर पर पड़े नीले और गहरे चोट के निशान भी दिखाए।
सुनील कुमार ने आरोप लगाया कि मारपीट के समय बीजेपी कार्यालय के CCTV कैमरे बंद कर दिए गए थे। साथ ही कार्यालय को अंदर से लॉक कर दिया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ गाली-गलौज की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। सुनील ने पुलिस को लिखित शिकायत देने की बात कही है। उनका आरोप है कि पुलिस ने अभी तक उनकी शिकायत पर FIR दर्ज नहीं की है।
मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने बीजेपी पर हमला बोला है। AAP नेता और विधायक कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि बीजेपी विधायक ने अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ता सुनील कुमार के साथ बेरहमी से मारपीट की। AAP का दावा है कि सुनील कुमार दलित मंडल अध्यक्ष हैं और इसी वजह से उनके साथ इस तरह का व्यवहार किया गया।
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IPS बुशरा बानो पर एक्शनः स्पीच में धार्मिक प्रेम दिखाते हुए इंशाल्लाह और जज़ाकल्लाह बोला लेकिन जय हिंद-वंदे मातरम् नहीं
पश्चिम बंगाल के खड़गपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) और 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो का विवादित वीडियो वायरल होने के बाद तबादला कर दिया गया है। IPS बुशरा बानो को राज्य सशस्त्र पुलिस में डिप्टी कमांडेंट के पद पर भेजा गया है। उनकी जगह पार्थ घोष को खड़गपुर का एएसपी बनाया गया है। बानो का तबादला उस विवादित वीडियो पर हुआ है, जिसमें उन्होंने यूपीएससी उम्मीदवारों को प्रोत्साहित करने के दौरान स्पीच में धार्मिक प्रेम दिखाते हुए इंशाल्लाह और जज़ाकल्लाह बोला था। वहीं लेकिन जय हिंद-वंदे मातरम् नहीं बोला था। जबकि नियम के मुताबिक पुलिस अफसरों को जय हिंद-वंदे मातरम् बोलना होता है।
सार्वजिक कार्यक्रम में धार्मिक प्रेम दिखाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर इसकी आलोचना हुई थी। हिंदू लीगल फंड ने गृह सचिव से भी इसकी शिकायत की थी।
दरअसल यह विवाद बुशरा बानो के इंटरनेट पर पोस्ट किए गए वीडियो को लेकर शुरू हुआ था। बुशरा ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की रिहायशी कोचिंग अकादमी और प्रतियोगी परीक्षाओं समेत उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उसकी भूमिका के बारे में बताया था। उन्होंने बताया था कि कैसे उन्हें यूपीएससी की तैयारी में कोचिंग अकादमी ने मदद की। बुशरा बानो ने वहां से मिले सहयोग का भी जिक्र किया। अस्सलामुअलैकुम के साथ की। वहीं आखिर में उन्होंने इंशाअल्लाह और जजाकल्लाह जैसे शब्दों के इस्तेमाल किया था। इसी को लेकर विवाद खड़ा हो गया, और सवाल उठने शुरू हो गए।
हिंदू लीगल फंड नामक वेबसाइट ने वीडियो को लेकर बंगाल के गृह सचिव से शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो अस्सलाम वालेकुम से शुरुआत की, इंशाल्लाह का इस्तेमाल किया और जज़ाकल्लाह कहकर वीडियो समाप्त किया। उन्होंने वंदे मातरम या जय हिंद का इस्तेमाल नहीं किया। शिकायत में कहा गया है ‘भारत राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले एक सेवारत अधिकारी को निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए और सार्वजनिक संचार में राष्ट्रीय अभिव्यक्तियों का उपयोग करना चाहिए। हम उचित समीक्षा और कार्रवाई की मांग करते हैं।
विवाद बढ़ने पर बंगाल की शुभेंदु सरकार ने बुशरा बानो का तबादला कर दिया है। उन्हें राज्य सशस्त्र पुलिस में डिप्टी कमांडेंट के पद पर भेज दिया है। सरकार ने पार्थ घोष को खड़गपुर का अतिरिक्त एसपी और सुभेंदु मंडल को चंदननगर पुलिस आयुक्त कार्यालय का अतिरिक्त डीसी नियुक्त किया है।

जबलपुर। माढ़ोताल थाना क्षेत्र स्थित श्रीराम कॉलेज में वित्तीय अनियमितता और गबन का बड़ा मामला सामने आया है। कॉलेज के अकाउंटेंट ने ही छात्रों से नकद फीस लेकर बैंक खाते में जमा करने के बजाय अपने निजी खाते में ट्रांसफर कर ली। प्राचार्य की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कॉलेज के 14 छात्रों को ‘नो-ड्यूज’ सर्टिफिकेट मिलने में परेशानी हो रही थी, जिसके बाद उन्होंने प्रबंधन से इसकी शिकायत की। कॉलेज स्तर पर जब फीस रिकॉर्ड्स की क्रास-चेकिंग और आंतरिक जांच कराई गई, तब इस बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ।
आरोपी अकाउंटेंट चंद्रमोहन सिंह ठाकुर साल 2017 से कॉलेज में सेवाएं दे रहा था। उसने छात्रों से आधिकारिक कॉलेज खाते में ऑनलाइन या बैंक के माध्यम से फीस जमा करवाने के बजाय नकद (कैश) में फीस वसूल की। नकद राशि को कॉलेज के बैंक खाते में जमा कराने के बजाय उसने अपने निजी खाते में हेरफेर कर ट्रांसफर कर ली।
मामूली विवाद पर हत्या की वारदातः नशे में धुत बेटे ने पिता को कुल्हाड़ी से उतारा मौत के घाट, गिरफ्तार
आरोपी अकाउंटेंट चंद्रमोहन फरार
पोल खुलने के बाद से आरोपी अकाउंटेंट चंद्रमोहन सिंह ठाकुर जनवरी 2026 से ही कॉलेज से बिना बताए गायब है। कॉलेज प्राचार्य शैलेष गुप्ता की औपचारिक रिपोर्ट पर माढ़ोताल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गबन व धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
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फर्जी जाति प्रमाण के सहारे ली ‘खाकी वर्दी’: 28 साल बाद फूटा SI का भांडा, सर्टिफिकेट अमान्य घोषित
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में फर्जी सर्टिफिकेट के नाम पर पुलिस नौकरी लेने का मामला सामने आया है। सब इंस्पेक्टर (SI) अमिताभ प्रताप सिंह उर्फ अमिताभ थियोफिलस जाली प्रमाणपत्र के जरिए सरकारी नौकरी का लाभ लेता रहा। हैरानी की बात यह है कि इसकी सच्चाई पता करने में विभाग को 28 साल लग गए।
दरअसल, ​भोपाल की एक महिला ने SI अमिताभ प्रताप सिंह पर फर्जी दस्तावेज के जरिए नौकरी हासिल करने की शिकायत की थी। जिसके अनुसार आरोपी SI ने ​1998 में गोंड अनुसूचित जनजाति (ST) का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी हासिल की थी। रांझी एसडीएम की जांच रिपोर्ट के बाद राज्य की उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने कठोर कदम उठाते हुए जाति प्रमाण पत्र अमान्य घोषित कर दिया।
इस खुलासे के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वहीं कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़े हो रहे हैं। क्या नौकरी से पहले दस्तावेजों का सही से सत्यापन नहीं कराया गया था ? अगर पुलिस विभाग में ही फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी ली जाती है तो बाकी विभागों का क्या हाल होगा?
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बड़ी खबरः पूर्व DGP के बंगले से 7 लाख के जेवर चोरी, इलेक्ट्रिशियन हिरासत में
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र में चोरी की दो बड़ी घटनाएं सामने आईं हैं। एक तरफ पूर्व डीजीपी के सुरक्षित माने जाने वाले बंगले से अमेरिका से आईं बेटी के जेवरों से भरा पर्स गायब हो गया, वहीं दूसरी ओर अस्पताल गए एक अन्य परिवार के घर के ताले तोड़कर नगदी व जेवर साफ कर दिए गए। पुलिस मामलों की जांच में जुटी है।
दरअसल घटना पूर्व DGP एमएल जैन के अरेरा कॉलोनी, हबीबगंज थाना क्षेत्र की है। पूर्व DGP एमएल जैन की बेटी अमेरिका से आईं है। चोरी गए सामान में सोने की चूड़ियां, कंगन, अंगूठी समेत करीब 7 लाख रुपये के जेवर से भरा पर्स शामिल है। बताया जाता है कि घर में काम करने आए इलेक्ट्रिशियन के जाने के बाद पर्स गायब हुआ। पुलिस ने संदेही इलेक्ट्रिशियन को हिरासत में लेकर पूछताछ तेज कर दी है।
दूसरी घटना में परिवार किसी मेडिकल इमरजेंसी में अस्पताल गया हुआ था, पीछे से चोरों ने सूने घर का ताला तोड़ा और घर से जेवर, जरूरी दस्तावेज और कैश पर हाथ साफ कर दिया। हबीबगंज थाना पुलिस ने दोनों मामलों में प्रकरण दर्ज कर लिया है। पूर्व DGP के बंगले के मामले में इलेक्ट्रिशियन से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है, जबकि दूसरे मामले में आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि चोरों का सुराग मिल सके।

धार: धार शहर में मंगलवार को निकालने वाले वराह मार्च रैली से पहले प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बिना अनुमति होने वाली संयोजन से पूर्व पुलिस द्वारा हिंदू संगठनों के नेताओं की गिरफ्तारी शुरू कर दी है। सुबह धार, धामनोद और अन्य स्थानों पर पुलिस टीम द्वारा हिंदू नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। हिंदू नेताओं के घर पहुंच कर पुलिस अभिरक्षा में लिया। अभी तक करीब 15 लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी है। सभी लोगों को थाने लाया गया है।
जानकारी के अनुसार हिंदू नेता आशीष बसु, विकास जाट, लोकेश यादव ,सत्य नारायण रघुवंशी, संदीप यादव, बाला उर्फ विक्रम पिता मधुकर राव, बाला उर्फ स्वप्निल सितौले पिता हेमंत सितोले, दीपक उर्फ रोहित सांठे, सत्यम पिता सुखराम पटेल निवासी डहिवर रोड धामनोद को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।
धार में अभी तक करीब डेढ दर्जन हिंदू नेताओं की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इन सभी को धारा 172 के तहत 24 घंटे हिरासत में रखा जाएगा। पूरे शहर में जबर्दस्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों का फोर्स तैनात किया गया है।
हिंदू संगठनों के रैली निकालने की आशंका में पुलिस को अलर्ट किया गया है। इंदौर नाके पर सख्त चैकिंग की जा रही है।
धार में मंगलवार को प्रस्तावित वराह मार्च को लेकर प्रशासन और सनातन प्रहरी संस्था आमने-सामने आ गए हैं। प्रशासन द्वारा आयोजन की अनुमति पहले ही निरस्त किए जाने के बावजूद संस्था के पदाधिकारियों ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रैली निकालने की बात दोहराई है। संस्था का दावा है कि जिलेभर से 14,300 लोगों ने पंजीयन कराया है और बड़ी संख्या में लोग मार्च में शामिल होंगे।
दूसरी ओर, कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। प्रमुख स्थानों पर मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों के साथ पुलिस बल तैनात करने की तैयारी है। सोमवार को देर शाम पुरातत्व विभाग ने भी संरक्षित स्मारक को मंगलवार को अस्थायी रूप से बंद रखने का संदेश जारी कर स्थिति को और संवेदनशील बना दिया।
सनातन प्रहरी संस्था पदाधिकारी अंशुल शर्मा ने कहा कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वराह मार्च निकाला जाएगा। उनका कहना है कि मार्च का उद्देश्य विजय कीर्ति मंदिर पहुंचकर वहां प्राचीन स्तंभ पर उकेरी गई वराह देवता की प्रतिमा के दर्शन करना है। संस्था ने कहा है कि मार्च के दौरान न पूजा- अर्चना होगी और न ही कोई अनुष्ठान किया जाएगा।
संस्था के अनुसार वराह मार्च मंगलवार दोपहर 2 बजे पीजी कॉलेज ग्राउंड से शुरू होगा। प्रस्तावित रूट घोड़ा चौपाटी, नौगांव झंडा चौक, हटवाड़ा, आनंद चौपाटी, धानमंडी, भाजी बाजार और पौ-चौपाटी होते हुए विजय कीर्ति मंदिर तक रहेगा। करीब चार किलोमीटर का सफर बाइक से तय करने की योजना है। संस्था पदाधिकारियों ने लोगों से मार्च में शामिल होने का आह्वान किया है।
वराह मार्च को लेकर बन रही स्थिति के बीच देर शाम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) की ओर से एक पोस्टर जारी किया गया। इसमें गंजीखाना क्षेत्र स्थित केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन संरक्षित स्मारक को मंगलवार को अस्थायी रूप से बंद रखने की सूचना दी गई है। पोस्टर में स्मारक का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिखा गया है। एएसआइ ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति, संस्था या अन्य कोई कानून का उल्लंघन करते हुए संरक्षित इमारत में प्रवेश करता है तो संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने कहा कि प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर प्रशासन नजर बनाए हुए है। सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मद्देनजर आवश्यक कदम उठाए गए हैं। महत्वपूर्ण स्थानों पर मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों और पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार से कानून का उल्लंघन होने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
धार की भोजशाला जैसा ही यह एक और मामला है। शहर की लाट मस्जिद पर हिंदू अपना अधिकार जता रहे हैं। अभी यह पुरातत्व विभाग के अधीन संरक्षित इमारत है। इसे हिंदू समाज द्वारा विजय मंदिर बताया जा रहा है। इसके लिए वराह मार्च निकालने का आह्वान किया गया था।
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थाने में गर्भवती महिला और पति से बर्बरताः SP ने TI समेत 4 पुलिसकर्मियों को किया सस्पेंड
भोपाल। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले की किरनापुर थाना पुलिस पर एक गर्भवती महिला और उसके पति के साथ अमानवीय बर्बरता करने का गंभीर मामला सामने आया है। चोरी के संदेह में थाने लाकर बेल्ट व डंडों से मारपीट करने और धमकाने के आरोपों के बाद, एसपी आदित्य मिश्रा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी समेत 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है।
2 सितंबर को पोस्ट ऑफिस में चोरी की एक घटना हुई थी, जिसके संदेह में पुलिस पीड़ित दंपती को उनके घर से उठाकर थाने ले गई थी। पीड़ित दंपती का आरोप है कि थाने के अलग-अलग कमरों में उन्हें बैठाकर बेल्ट और डंडों से बेरहमी से मारपीट की गई। सावित्री बाई ने बताया कि वह दो माह की गर्भवती है, इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की और जबरन जुर्म कबूल कराने का दबाव बनाया।पीड़ित परिवार ने पुलिस पर घर से 20 हजार रुपये नकद, जेवर और बाइक की चाबी भी ले जाने का गंभीर आरोप लगाया है।
जमानत पर बाहर आने के बाद से महिला की तबीयत खराब है और उसका उपचार चल रहा है, जिससे परिवार को गर्भस्थ शिशु की सुरक्षा की चिंता सता रही है। घटना के बाद पीड़ित परिवार सीधे कलेक्टरेट पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी बालाघाट, आदित्य मिश्रा ने कड़ा कदम उठाया है। किरनापुर थाना प्रभारी एवं उपनिरीक्षक दामेंद्र तुरकर, प्रधान आरक्षक आशीष बघेल, आरक्षक कपिल बघेल और महिला आरक्षक मेघा टेकाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शिता के साथ जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पीड़ित परिवार के सदस्य रवि चौधरी और स्थानीय निवासी/पूर्व सैनिक तामेश राहंगडाले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर रोष जताते हुए न्याय की मांग की है। वहीं, एसपी बालाघाट आदित्य मिश्रा ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी जांच बैठाई गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
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गणपति बप्पा के स्वागत से पहले एक ही परिवार के 4 मासूम की कुएं में डूबने से मौत, एक साथ उठीं अर्थियां
अशोकनगर। मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले के चंदेरी क्षेत्र से एक बेहद दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है। विक्रमपुर गांव के चींटिया मोहल्ले में बलवीर कुशवाहा के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जहां नन्हें हाथों को गणेश उत्सव पर बप्पा का दरबार सजाना था, वहां एक साथ 4 सगे मासूम भाइयों की लाशें मिलने से पूरे इलाके में मातम पसर गया है।
जानकारी के अनुसार, स्कूल की छुट्टी होने के कारण चारों मासूम भाई—9 साल का देव, 7 साल का त्रिवेद, 6 साल का महादेव और 4 साल का प्रियांश—सुबह घर से हंसते-खेलते खेत की ओर घूमने निकले थे।
आशंका जताई जा रही है कि खेत में बने कुएं में झांकते समय किसी एक बच्चे का पैर फिसल गया और वह पानी में गिर गया। उसे डूबता देख बाकी भाइयों ने एक-एक कर बचाने की कोशिश की और इसी प्रयास में चारों मासूम गहरे पानी में समा गए।
घटना के वक्त मासूमों के पिता बलवीर मजदूरी करने गए थे, जबकि मां मायके गई हुई थी। घर पर बच्चों की गैरमौजूदगी और दोपहर तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। जब परिजन खेत की ओर पहुँचे, तो कुएं में चारों बच्चों के शव तैरते हुए मिले।
एक ही घर के चार-चार मासूम चिरागों के एक साथ बुझ जाने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। सूचना मिलने पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची और शवों को कुएं से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस दर्दनाक घटना ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं।

खंडवा । खंडवा में पुलिस ने एक स्पा सेंटर पर छापा मारकर 3 युवतियों और 5 युवकों को हिरासत में लिया है। पुलिस को स्पा सेंटर में अनैतिक गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस को कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी स्पा सेंटर में मिलने की जानकारी सामने आई है। पकड़ी गई युवतियां दिल्ली और इंदौर की रहने वाली बताई जा रही हैं। फिलहाल पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है।
खंडवा शहर के मोघट थाना क्षेत्र में संचालित द बेस्ट स्पा सेंटर में अनैतिक गतिविधियां होने की सूचना पुलिस को मिल रही थीं, इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने देर रात द बेस्ट स्पा सेंटर पर छापा मारा तो वहां हड़कंप मच गया। पुलिस की रेड पड़ते ही स्पा सेंटर में मौजूद लड़के-लड़कियां भागने लगे जिन्हें पकड़कर पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस ने स्पा सेंटर से 3 लड़कियों और 5 लड़कों को पकड़ा है, जिन्हें थाने लाकर पूछताछ की गई।
पुलिस के मुताबिक स्पा सेंटर से आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है। जो लड़के-लड़कियां पकड़े गए हैं उनसे पूछताछ की जा रही है। बताया गया है कि पकड़ी गईं लड़कियां दिल्ली-इंदौर की रहने वाली हैं। पकड़े गए लड़कों में एक स्पा सेंटर का कर्मचारी है जिसका नाम सद्दाम बताया गया है। पकड़ी गई युवतियों को पुलिस ने वन स्टॉप सेंटर भेजा है और उनके परिजनों को भी पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद सूचना भेजी गई है।
पुलिस का कहना है कि स्पा सेंटर के संचालक के बारे में पता लगाया जा रहा है। स्पा सेंटर के लाइसेंस व अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि स्पा सेंटर की आड़ में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। बताया गया है कि पुलिस अब शहर में संचालित अन्य स्पा सेंटरों की भी जांच करने की तैयारी में है और जल्द ही शहर में स्पा सेंटरों को लेकर चेकिंग अभियान चलाया जा सकता है।

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आईएएस अधिकारी विवेक पोरवाल-संदीप जीआर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट
जबलपुर। एमपी हाईकोर्ट ने राज्य प्रशासन के ढुलमुल और उदासीन रवैये पर सख्त नाराजगी जताई है। अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने तत्कालीन प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल और तत्कालीन सागर कलेक्टर संदीप जीआर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि 21 सितंबर 2026 को दोनों अधिकारियों को हर हाल में कोर्ट में पेश किया जाए। वारंट तामील करने के लिए भोपाल पुलिस कमिश्नर और सागर एसपी को जिम्मेदारी दी गई है। कोर्ट ने अपने आदेश में बताया कि सितंबर 2025 में ही दोनों अधिकारियों को अवमानना याचिका के नोटिस मिल चुके थे। इसके बाद भी अधिकारियों ने न तो किसी वकील के जरिए कोर्ट में हाजिरी लगाई और न ही आदेश पालन से जुड़ी कोई रिपोर्ट दी। सागर कलेक्टर ने दिसंबर 2025 में सिर्फ एक तहसीलदार को संपर्क अधिकारी बनाने का एक औपचारिक पत्र रजिस्ट्री को भेजा था। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के इस रवैये पर गहरी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि अवमानना के मामलों में अधिकारी पूरी तरह से निष्क्रियता दिखा रहे हैं। सिर्फ संपर्क अधिकारी नियुक्त करने का पत्र भेज देना और उसके बाद कानूनी प्रक्रिया से दूर रहना प्रशासनिक लापरवाही की बेहद खराब स्थिति को दिखाता है। कोर्ट ने साफ किया कि ऐसी हालत में अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा था।
यह पूरा मामला सागर कलेक्टर कार्यालय की अनुभाग अधिकारी शीला सेन के नियमितीकरण आदेश का समय पर पालन न करने से जुड़ा है। याचिकाकर्ता की तरफ से वकील कविता गुप्ता और विद्या प्रसाद ने पैरवी की। इस हाई-प्रोफाइल अवमानना मामले की अगली सुनवाई अब 21 सितंबर 2026 को होगी।
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जहरीली शराब कांड के आरोपी की शादी में डांस करते नजर आए PCC चीफ जीतू पटवारी? सोशल मीडिया पर फोटो वायरल
इंदौर। मध्य प्रदेश की सियासत में एक नया भूचाल आ गया है, जहां कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इन वायरल तस्वीरों में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी कथित तौर पर बहुचर्चित बंडा जहरीली शराब कांड के आरोपी मनीष लोधी की शादी समारोह में डांस करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस खुलासे के बाद प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में विरोधियों के हाथ एक बड़ा मुद्दा लग गया है।
मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में हाल ही में जहरीली और अमानक शराब पीने से कई लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी और तमाम लोग गंभीर रूप से अस्पतालों में भर्ती हुए थे। इस सनसनीखेज शराब कांड के बाद पुलिस ने जिन मुख्य आरोपियों पर शिकंजा कसा था, उनमें लाइसेंसधारी शराब ठेकेदार मनीष लोधी का नाम भी शामिल था, जिस पर अवैध और जहरीली शराब के नेटवर्क से जुड़े होने के गंभीर आरोप हैं।
घटना के सामने आने के बाद से ही कांग्रेस आक्रामक रुख अपनाए हुए थी। पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी खुद पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे और राज्य की बीजेपी सरकार व आबकारी विभाग पर तीखे हमले बोलते हुए ताबड़तोड़ राजनीतिक बयानबाजी की थी। कांग्रेस ने इस पूरी त्रासदी के लिए सरकार और शराब माफियाओं की मिलीभगत को जिम्मेदार ठहराया था।
अब उन्हीं गंभीर आरोपी मनीष लोधी की शादी समारोह में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के शामिल होने और कथित तौर पर डांस करने की तस्वीरें सामने आने के बाद बीजेपी को कांग्रेस को घेरने का मौका मिल गया है। सोशल मीडिया पर वायरल इन तस्वीरों ने विपक्षी दलों को कांग्रेस के दोहरे चरित्र पर सवाल उठाने का बड़ा अवसर दे दिया है। हालांकि, इन वायरल फोटोज की सत्यता और संदर्भ को लेकर अभी विभिन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है, लेकिन इस घटना ने सूबे की राजनीति का पारा जरूर चढ़ा दिया है।

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में साइबर क्राइम विंग ने एक बड़े ऑनलाइन फ्रॉड और सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। विंडसर हिल्स स्थित एक किराए के डुप्लेक्स में ऑफिस बनाकर ऑनलाइन सट्टा, गैम्बलिंग और बैंक खातों की खरीदफरोख्त का काम करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे नेटवर्क तक पुलिस को पहुंचाने में आम लोगों की सूचना अहम साबित हुई है। जांच में आरोपियों के दुबई और श्रीलंका से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के सुराग भी मिले हैं।
दरअसल साइबर क्राइम विंग को शहर के पॉश इलाके विंडसर हिल्स स्थित एक डुप्लेक्स में संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए डुप्लेक्स से पांच युवकों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी एक साथ किराए के मकान में रहकर उसे अपने ऑफिस के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 23 मोबाइल फोन, 37 सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, 3 लैपटॉप और 6 बैंक पासबुक सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।
एएसपी सुजावल जग्गा के मुताबिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी हर महीने करीब 7 से 8 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन करते थे। यानी सालभर में यह आंकड़ा लगभग 100 करोड़ रुपए तक पहुंचने की बात सामने आई है। आरोपी 100 पैनल नाम की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा खिलाने का काम कर रहे थे। इसके अलावा बैंक खातों की खरीद फरोख्त और ऑनलाइन गैम्बलिंग के जरिए भी नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपियों में चार ग्वालियर और एक दतिया जिले का रहने वाला है। सभी की उम्र करीब 28 साल बताई जा रही है और शुरुआती जांच में सामने आया है कि जल्दी पैसा कमाने की चाह में यह पूरा नेटवर्क खड़ा किया गया था।
आरोपियों के मोबाइल फोन में कई बैंक खातों की जानकारी भी मिली है, जिनका विवरण संबंधित बैंकों से जुटाया जा रहा है। वहीं जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच कराई जा रही है। पुलिस अब बैंकिंग डाटा और तकनीकी जांच के आधार पर साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन सट्टा और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही डुप्लेक्स किराए पर देने वाले व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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भोपाल में स्पा सेंटर पर रेड: 5 कमरों में आपत्तिजनक हालत में मिले लड़के-लड़कियां
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस ने स्पा सेंटर पर रेड करते हुए अनैतिक गतिविधियों का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने स्पा सेंटर पर शनिवार रात को रेड मारी थी और रविवार को इसका खुलासा किया। पुलिस ने स्पा सेंटर में अनैतिक गतिविधियां होने की पुष्टि करते हुए बताया है कि पकड़े गए 4 युवकों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पिपलानी थाना क्षेत्र के इंद्रपुरी स्थित पिंक वाइब्स स्पा (Pink Vibes Spa) में अनैतिक गतिविधियां होने की सूचना मिली थी। इसके बाद शनिवार रात को सूचना की पुष्टि करने के लिए एक पुलिसकर्मी को ग्राहक बनाकर स्पा सेंटर में भेजा। कस्टमर बनकर गए पुलिसकर्मी ने जैसे ही स्पा सेंटर में अनैतिक गतिविधियां होने की पुष्टि की तो पुलिस टीम ने स्पा सेंटर पर रेड की। रेड पड़ते ही स्पा सेंटर में अफरा-तफरी मच गई और मौजूद युवक-युवतियां भागने लगे।
पुलिस की रेड के दौरान स्पा सेंटर के 9 में से 5 कमरों में लड़के-लड़कियां आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए। पुलिस युवक-युवतियों को पकड़कर थाने लाई जहां उनसे पूछताछ की गई। पुलिस ने स्पा सेंटर से 8,800 रुपए नकद, मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है। पूछताछ और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने स्पा सेंटर में अनैतिक गतिविधियां संचालित होने की पुष्टि की। इसके बाद भुवन सिंह चंदेल, दीपक ठाकुर, पंकज त्रिपाठी और देवीसिंह रजक को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर स्पा के संचालन, अन्य लोगों की भूमिका और कथित देह व्यापार से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
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मौत के बाद भी सुकून नहीं! सड़क के अभाव में 2 किमी कंधे पर शव, विधायक के डेढ़ साल पुराने वादे पर सवाल
रीवा। रीवा जिले की मनगवां विधानसभा क्षेत्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो ग्रामीण सड़कों और सरकारी दावों पर सवाल खड़े करती है। करौंदहा से सटे नदना गांव में सड़क की सुविधा नहीं होने का दावा है। हालात ऐसे हैं कि मौत के बाद अंतिम यात्रा भी ग्रामीणों के लिए चुनौती बन जाती है। ग्राम पंचायत नदना उर्फ डिहिया के ग्राम करौंदहा में सड़क की बदहाली का दावा एक बार फिर सामने आया है।
स्थानीय जानकारी के मुताबिक, रिटायर्ड शिक्षिका बताई जा रही कमलेश प्रसाद ओझा की पत्नी के निधन के बाद उनके शव को करीब दो किलोमीटर तक कंधे पर लेकर जाना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। करीब पांच वर्ष पहले भी कमलेश प्रसाद ओझा के भाई की पत्नी के निधन पर शव को इसी तरह कंधे पर ले जाना पड़ा था। यानी ग्रामीणों के मुताबिक वर्षों से सड़क की समस्या बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार, करीब डेढ़ साल पहले विधायक नरेंद्र प्रजापति स्वयं सड़क का निरीक्षण करने पहुंचे थे। ग्रामीणों का दावा है कि उस दौरान विधायक ने सड़क निर्माण को लेकर भरोसा दिलाते हुए कहा था कि अगर सड़क ऐसी नहीं बनी, जिस पर मोटरसाइकिल, कार और चार पहिया वाहन निकल सकें, तो जनप्रतिनिधि होने का क्या फायदा। लेकिन आज भी सड़क की स्थिति जस की तस होने का दावा किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने आरटीआई के जरिए सड़क निर्माण से जुड़ी जानकारी हासिल की, जिसमें 57 गाड़ी मुरुम और 29 गाड़ी मिट्टी डाले जाने की जानकारी सामने आई। ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि कागजों में काम दिखाई देता है, लेकिन मौके की स्थिति अलग तस्वीर बयां कर रही है। मामले की जांच के लिए संबंधित विभाग में आवेदन दिए जाने की बात भी कही जा रही है, हालांकि ग्रामीणों का दावा है कि अब तक मौके पर जांच नहीं हुई।
ग्रामीणों के मुताबिक, जनपद पंचायत सिरमौर, जिला पंचायत रीवा और कलेक्टर कार्यालय में कई बार शिकायत की गई है। जनसुनवाई में भी आवेदन देने की बात सामने आई है। अब सवाल सीधा है कि आखिर करौंदहा से नदना तक सड़क कब बनेगी? ग्रामीणों को शव कंधे पर ले जाने की मजबूरी से कब निजात मिलेगी? और डेढ़ साल पहले दिए गए विधायक के आश्वासन का क्या हुआ? ग्रामीण अब आश्वासन नहीं, जमीन पर सड़क चाहते हैं।

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फोटो गैलरी

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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