


राजगढ़। राजगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले बोड़ा थाना इलाके के कड़िया सांसी गांव में पुलिस टीम पर उस समय जानलेवा हमला हो गया, जब पुलिस एक आरोपी को पकड़ने गांव पहुंची थी। बताया जा रहा है कि, आरोपी पकड़ने पर भी़ इस कदर हिंसक हो गई, उसकी ओर पुलिस पर पथराव कर दिया। बताया जा रहा है कि, इस पथराव में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। वहीं, अब इस घटनाक्म के बाद गांव में जिलेभर से भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। गांव में तनावपूर्ण माहौल बताया जा रहा है।
आरोप है कि, आरोपी पक्ष के पुरुषों के साथ साथ महिलाओं ने भी पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई का विरोध करते हुए पहले गाली - गलौज की गई। इसपर भी जब पुलिस की ओर से कार्रवाई जारी रही तो आग बबूला हुई भीड़ ने पुलिस टीम पर ही पथराव कर दिया। बता दें कि, इस जानलेवा हमले के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं हैं। पथराव से पुलिसकर्मियों के बीच मची अफरा तफरी का फायदा उठाकर हिरासत में लिए गए आरोपी छुड़ाकर फरार हो गए। वहीं, इस जानलेवा हमले में आरक्षक विनोद और कपिल अटारिया घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार, कपिल को गंभीर चोटें आई हैं।
घटना मंगलवार देर रात 28 जुलाई से बुधवार तड़के 29 जुलाई के बीच की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, कड़िया सांसी गांव में कार्रवाई के दौरान लालू उर्फ हिमांशु, नमन, भगवान सिंह, रुचिता, काड़ा, शकीना सहित अन्य लोगों ने एकजुट होकर शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए आरोपी को पुलिस गिरफ्ता से फरार कराने का कार्य किया है। आरोपियों ने पुलिस दल पर पथराव किया, अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। हमले के दौरान पुलिस की गिरफ्त में मौजूद लालू उर्फ हिमांशु को छुड़ाकर सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह राजपूत की रिपोर्ट पर 6 नामजद समेत अन्य महिला - पुरुषों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं आईपीसी की गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा, सरकारी कर्मचारी पर हमला, जानलेवा हमला, बलवा, धमकी और आरोपी को छुड़ाने सहित अन्य धाराएं लगाई हैं।
पुलिस का कहना है कि, फरार आरोपियों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। मामले की जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।
-----------------------------------------
लिंग परीक्षण करने वाले डॉक्टर समेत एक नर्स पर FIR: डायग्नोस्टिक सेंटर में बताते थे ‘लड़का है या लड़की
जबलपुर। जबलपुर शहर में अवैध रूप से भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस और प्रशासन ने मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए ‘आर के डायग्नोस्टिक सेंटर’ के डॉक्टर और एक नर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। सोमवार को प्रशासन की संयुक्त टीम ने डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापामार कार्रवाई की थी, जिसके बाद अब यह बड़ा कदम उठाया गया है।
जबलपुर के नामी ‘आर के डायग्नोस्टिक सेंटर’ पर चले कानूनी हथौड़े से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले में डॉ. सतीश अग्रवाल और नर्स सुनीता उर्फ डॉली के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।। प्रशासन को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि इस सेंटर में मोटी रकम लेकर गर्भस्थ शिशु के लिंग की जांच की जाती है और ‘लड़का है या लड़की’ इसकी जानकारी दी जाती है।
सोमवार को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने जब अचानक डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापा मारा, तो मौके से लिंग परीक्षण से जुड़े कई पुख्ता सबूत बरामद हुए। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने सेंटर से कंप्यूटर और हार्ड डिस्क, सोनोग्राफी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और कई रिपोर्ट मिली है। पुलिस ने इन सभी चीजों को सील कर अपने कब्जे में ले लिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. आर. के. अग्रवाल के इस डायग्नोस्टिक सेंटर को तुरंत प्रभाव से सील कर दिया गया। इतना ही नहीं, कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए आर के अग्रवाल के अधारताल स्थित दूसरे सेंटर पर भी प्रशासन ने ताला जड़कर उसे सील कर दिया है।
प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। शहर में ऐसे अवैध कारनामों पर यह एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है। आपको बता दे कि पुलिस और जिला प्रशासन की पूरी कार्रवाई ऑपरेशन गरिमा के तहत की जारी है। इसके पहले भी पुलिस ने कुछ डायग्नोस्टिक सेंटर, स्पा सेंटर पर छापामार कार्रवाई की है।
-----------------------------------------
इश्क, इनकार और फिर कत्ल: सनकी आशिक ने रची मौत की ऐसी साजिश; पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पलट दी पूरी कहानी
इंदौर। प्यार में ठुकराए जाने की सनक किस हद तक किसी को हैवान बना सकती है, इसका खौफनाक उदाहरण इंदौर में सामने आया है। जहां एक सनकी प्रेमी ने शादी से इनकार करने पर अपनी करीबी मित्र और एसबीआई बैंक कर्मचारी युवती की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने हत्या को आत्महत्या या हादसा साबित करने के लिए ऐसा षड्यंत्र रचा कि पहली नजर में हर कोई यही मान बैठा कि युवती आग में जिंदा जल गई। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और सीसीटीवी फुटेज ने कातिल की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
26 जुलाई को खजराना थाना क्षेत्र के तपेश्वरी बाग स्थित किराए के कमरे में एसबीआई बैंक कर्मचारी युवती का जला हुआ शव मिला था। कमरे की हालत देखकर शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या या आग लगने से मौत का प्रतीत हो रहा था। लेकिन पुलिस ने बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचे घटनास्थल से हर छोटे-बड़े साक्ष्य जुटाए। एफएसएल टीम को बुलाया गया और शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
जांच की सबसे अहम कड़ी पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनी। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि युवती की मौत आग से नहीं, बल्कि गला दबाकर की गई थी। यानी हत्या पहले की गई और बाद में शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई, ताकि सबूत मिटाए जा सकें और मामला आत्महत्या या दुर्घटना जैसा लगे। यहीं से पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच का दायरा बढ़ाया और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया।
सीसीटीवी फुटेज में एक युवक पेट्रोल का डिब्बा लेकर घटनास्थल की ओर जाता दिखाई दिया। यही फुटेज जांच का सबसे बड़ा सुराग साबित हुई। तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए पुलिस आरोपी तक पहुंच गई। आरोपी की पहचान ग्वालियर जिले के डबरा निवासी मयंक शाक्य के रूप में हुई, जो पिछले करीब पांच वर्षों से मृतका का करीबी मित्र था।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह युवती से शादी करना चाहता था, लेकिन युवती ने शादी से इनकार कर दिया था। इसी बात से नाराज होकर उसने गुस्से में युवती का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी, ताकि पुलिस और परिवार को लगे कि युवती ने आत्महत्या की है या किसी हादसे में उसकी मौत हुई है।
इंदौर पुलिस ने आरोपी मयंक शाक्य को गिरफ्तार कर हत्या, साक्ष्य नष्ट करने और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी या वारदात अचानक हुई। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरी साजिश में किसी अन्य व्यक्ति की कोई भूमिका तो नहीं थी।
यह मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं, बल्कि उस खतरनाक मानसिकता का है जिसमें प्यार में इनकार को स्वीकार करने के बजाय मौत का रास्ता चुन लिया जाता है। आरोपी ने न सिर्फ युवती की बेरहमी से हत्या की, बल्कि सबूत मिटाने के लिए शव को आग के हवाले कर पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की। हालांकि, वैज्ञानिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज ने उसकी पूरी साजिश को बेनकाब कर दिया और आखिरकार सनकी आशिक कानून के शिकंजे में आ गया।
जबलपुर. मध्यप्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर मंहगाई की अब एक और मार पड़ी है. बिजली कंपनियों ने फ्यूल कास्ट एंड पावर पर्चस एडजस्टमेंट का हवाला देते हुए दाम बढ़ा दिए है ऐसे में अब प्रदेश के उपभोक्ताओं के बीच बिजली का खर्च और बढ़ जाएगा.
बिजली कंपनियों का कहना है कि ईंधन की मंहगाई के चलते यह कदम उठाना पड़ रहा है. अब जल्द ही बढ़े हुए बिजली के बिल भी उपभोक्ताओं तक पहुंचगेंए जो कि 200 से 300 यूनिट की खपत पर 35 से 87 रुपए तक अधिक होगें. खबर है कि एफसीपीपीए सरचार्ज 1.11 परसेंट से बढ़ाकर 3.77 परसेंट कर दिया गया है. यानी पिछले महीने की तुलना में उपभोक्ताओं पर 2.66 परसेंट अधिक सरचार्ज का बोझ पड़ेगा.
यह सरचार्ज बिजली बिल के एनर्जी चार्ज पर लागू होगा और प्रदेश के दो करोड़ से अधिक यूजर्स इससे प्रभावित होंगे. एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जुलाई 2026 के लिए फ्यूल और पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज 3ण्77 प्रतिशत निर्धारित किया गया है. यह निर्णय बिजली आपूर्ति और व्हीलिंग के टैरिफ से जुड़े रेगुलेशन.2021 तथा उसके संशोधित प्रावधानों के तहत लिया गया है. चीफ जनरल मैनेजर के निर्देशानुसार 24 जुलाई 2026 से यह सरचार्ज उपभोक्ताओं के एनर्जी चार्ज पर वसूला जाएगा. इसके लिए डिटेल जानकारी कंपनी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई गई है.
प्रदेश में सामान्य से कम बारिश का असर बिजली उत्पादन पर भी पडऩे लगा है. जलाशयों में पानी की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय कई जगह 8 घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है. जबलपुर और आसपास के जिलों के गांवों में भी रुक.रुककर बिजली गुल होने की शिकायतें सामने आ रही हैं. इसका असर प्रदेश के 2 करोड़ और भोपाल के 1.25 लाख घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. बिजली कंपनियों के मुताबिक बिजली की डिमांड लगातार बढ़ रही है. जबकि उत्पादन क्षमता पर दबाव है. 27 जुलाई 2025 को प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 10024 मेगावाट थी जो 27 जुलाई 2026 को बढ़कर 13757 मेगावाट पहुंच गई. यानी एक साल में बिजली की मांग करीब 37 प्रतिशत बढ़ गई है.
विभाग के अनुसार पूर्वी मध्यप्रदेश के करीब 15 जिलों में सामान्य से लगभग 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है. शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, उमरिया, कटनी, मंडला, बालाघाट और सिवनी में पानी की कमी का असर बरगी, बाणसागर, इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर जैसी जलविद्युत परियोजनाओं पर पड़ा है. जलाशयों में कम आवक के कारण बिजली उत्पादन सीमित करना पड़ रहा हैए जिससे बिजली व्यवस्था पर अधिक दबाव बना हुआ है.
-----------------------------------------
घर के कोने-कोने से निकल रहे कोबरा, दो दिन में 14 कोबरा निकलने से डरा परिवार
उज्जैन। उज्जैन जिले के बड़नगर में एक घर में लगातार कोबरा सांप निकलने से परिवार दहशत में है। घर में बार-बार सांप निकलने की घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। जिस घर में सांप निकल रहे हैं उसके आसपड़ोस में स्थित मकानों में रहने वाले लोग सतर्क हो गए हैं और बार-बार अपने घरों की जांच कर रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं कोई कोबरा सांप उनके घर में न घुस आए।
बड़नगर के बदनावर रोड स्थित गंधर्व तलाई क्षेत्र में रहने वाले नंदकिशोर चौहान का परिवार इन दिनों सांपों की दहशत में है। दहशत की वजह घर में लगातार कोबरा सांप के बच्चे निकलना है। बीते दो दिनों में घर में एक दो नहीं बल्कि 14 कोबरा सांप के बच्चे निकले हैं। राहत की बात ये है कि सांप ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है। घर में लगातार निकल रहे कोबरा सांप के बच्चों को मकान मालिक नंदकिशोर चौहान किसी तरह पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़कर आए हैं। नंदकिशोर चौहान के घर में लगातार निकल रहे कोबरा के बच्चों की घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
स्थानीय लोगों का अनुमान है कि मकान की नींव, किसी चेंबर या अन्य सुरक्षित स्थान पर कोबरा ने अंडे दिए होंगे, जिनसे अब एक-एक कर बच्चे बाहर निकल रहे हैं। लगातार सांप मिलने से परिवार भय के साये में रह रहा है, वहीं पूरे क्षेत्र के लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। घटना के बाद इलाके में घर-घर तलाशी का दौर भी शुरू हो गया है। रहवासी अपने मकानों के आसपास सफाई रखने और संभावित छिपने वाले स्थानों की जांच कर रहे हैं। लोगों ने संबंधित विभाग से क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि यदि कहीं और भी कोबरा के अंडे या घोंसले हों तो समय रहते उन्हें सुरक्षित हटाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव हो सके।
बता दें कि बारिश का सीजन शुरू हो चुका है और बारिश के साथ ही सांपों का खतरा भी बढ़ गया है। बारिश होने से सांपों के बिलों में पानी भर जाता है जिसके कारण सांप अपने बिलों से निकलकर लोगों के घरों या फिर किसी सुरक्षित स्थान में घुस जाते हैं। ऐसे में सावधानी बरतना बेहद आवश्यक होता है, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही आपकी जान ले सकती है। सांप के काटने पर कुछ बातों को याद रखने से किसी की भी जान बचाई जा सकती है। इसको लेकर जागरूक होना बेहद जरूरी है।
सांप के काटने पर क्या करें?
काटे गए अंग को जितना संभव हो स्थिर रखें।
तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचें।
झाड़-फूंक, चीरा लगाने या जहर चूसने जैसी गलत विधियों से बचें।
यदि संभव हो तो सांप की पहचान करने की कोशिश करें, लेकिन उसे पकड़ने का प्रयास न करें।
--------------------------------------
‘फर्जी प्लास्टर’ का एक और खेल? हीरानगर के बाद अब परदेसीपुरा थाने का मामला आया सामने, 2 आरोपियों के वीडियो वायरल
इंदौर। इंदौर पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। हीरानगर थाने के चर्चित कथित ‘फर्जी प्लास्टर’ विवाद के बाद अब परदेसीपुरा थाने से जुड़ा एक पुराना मामला फिर चर्चा में आ गया है। पत्रकार से मारपीट के मामले में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों के वायरल वीडियो ने पुलिस के उस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें कहा गया था कि आरोपी पुलिस को देखकर भागते समय गिर गए थे और उनके हाथ-पैर में चोट आने के कारण प्लास्टर चढ़ाया गया था।
मामला 13 अगस्त 2025 का बताया जा रहा है। आरोप है कि परदेसीपुरा क्षेत्र में लिस्टेड बदमाश शुभम चौकसे और कुणाल पवार अपने साथियों के साथ एक पत्रकार के घर के बाहर शराब पी रहे थे। पत्रकार के विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने उसके साथ मारपीट कर क्षेत्र में दहशत फैलाने की कोशिश की। घटना के बाद पुलिस ने दोनों सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के बाद परदेसीपुरा पुलिस ने बताया था कि आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगे थे। इसी दौरान गिरने से उनके हाथ-पैर में चोट आई और इलाज के दौरान प्लास्टर चढ़ाया गया। पुलिस ने इसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के तौर पर पेश किया था।
अब सामने आए वीडियो ने पूरे मामले को नई चर्चा में ला दिया है। वीडियो में 16 मामलों में दर्ज लिस्टेड बदमाश शुभम चौकसे प्लास्टर चढ़ा होने के बावजूद सामान्य तरीके से चलता हुआ दिखाई दे रहा है। वहीं दूसरे आरोपी कुणाल पवार एक वीडियो में लंगड़ाकर चलता नजर आता है, जबकि दूसरे वीडियो में वह बिना किसी परेशानी के सामान्य चाल से चलता दिखाई देता है। एक वीडियो में वह थाने के भीतर पुलिसकर्मियों के साथ हंसी-मजाक करता भी नजर आ रहा है। इन वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन वीडियो के बाद कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि क्या परदेसीपुरा थाने में भी आरोपियों को कथित तौर पर फर्जी प्लास्टर चढ़ाया गया था। यह आरोप इसलिए भी लगाए जा रहे हैं क्योंकि हीरानगर थाने के कथित फर्जी प्लास्टर मामले में वीडियो सामने आने के बाद वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने दावा किया था कि आरोपियों को फर्जी प्लास्टर चढ़ाने के लिए 20 हजार रुपये के लेनदेन की बात हुई थी। हालांकि, परदेसीपुरा मामले में इस तरह के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
गौरतलब है कि हीरानगर थाना क्षेत्र में सामने आए कथित फर्जी प्लास्टर मामले को पुलिस कमिश्नर ने गंभीरता से लिया था। मामले में डीसीपी ने थाना प्रभारी और एसीपी से करीब एक घंटे तक पूछताछ की थी और जांच के आदेश दिए गए थे। अब परदेसीपुरा थाने से जुड़ा यह पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में नजर इस बात पर रहेगी कि पुलिस कमिश्नर इस मामले में भी जांच के आदेश देते हैं या नहीं। उल्लेखनीय है कि परदेसीपुरा थाना प्रभारी आर.डी. कनवा का प्रमोशन हो चुका है और वे जल्द ही थाने से रिलीव होने वाले हैं।
भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के सुनसरी जिले में रविवार को हिंसक झड़प के बाद स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है. रविवार देर रात बोलबम यात्रा के दौरान Nepal के सुनसरी जिले में दो समुदायों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया. हिंसा में एक व्यक्ति की मौत के बाद प्रशासन ने कई इलाकों में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लागू कर दिया है. सुरक्षाकर्मियों समेत 12 से अधिक लोग घायल हो गए.
प्रदर्शनकारियों द्वारा बाजार बंद कराने और उग्र प्रदर्शन को देखते हुए नेपाल प्रशासन ने जिले में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर नेपाली सेना तैनात कर दी है.
भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज में रविवार बोलबम यात्रा के दौरान दो धार्मिक समुदायों के बीच शुरू हुआ विवाद हिंसा का रूप ले लिया. पुलिस के मुताबिक, दो धार्मिक समुदायों के जश्न के दौरान हुए विवाद के बाद आपस में भिड़े समूहों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और सुरक्षाकर्मियों समेत 12 से अधिक लोग घायल हो गए.
दो धार्मिक समुदायों के बीच शुरू हुआ विवाद हिंसक रूप लेते हुए पथराव, आगजनी और सुरक्षाबलों पर हमले के बाद स्थिति और बेकाबू हो गया. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले पुलिस को अश्रुगैस और हवाई फ़ायरिंग का सहारा लेना पड़ा. इतने पर भी भीड़ की स्थिति नहीं संभलने पर पुलिस ने फ़ायरिंग की जिसमें एक 24 साल के युवक ओम प्रकाश मेहता की मौत हो गयी.
हिंसा में 9 आम नागरिक, नेपाल पुलिस के 10 जवान और सशस्त्र पुलिस बल के 5 जवान घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि घायलों में से दो की हालत गंभीर बनी हुई है.
इन इलाकों में मंगलवार को भी सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक पाबंदियां लागू रहीं. प्रशासन ने घोषणा की कि हालात सामान्य होने तक कर्फ्यू अगले आदेश तक जारी रहेगा.
-------------------------------------
राहुल गांधी का बड़ा हमला, कहा- अमित शाह ने दिया फायरिंग का आदेश, लोकसभा में हंगामा, किरेन रिजिजू ने कहा प्रमाण दें
लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम, संशोधन विधेयक, 2026 (Public Examinations Prevention of Unfair Means Amendment Bill, 2026) पर चर्चा के दौरान आज उस समय हंगामा हो गया जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों पर गोलियां चलाने का आदेश दिया, सत्ता पक्ष ने इसपर आपत्ति जताते हुए हंगामा किया संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा राहुल गांधी जो कह रहे हैं उसका प्रमाण दे वर्ना माफ़ी मांगें।
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बहुत आक्रामक अंदाज में दिखाई दिए, उन्होंने अपने अंदाज में भाषण दिया, प्रधानमंत्री मोदी सहित उनकी पूरी सरकार को नीट पेपर लीक मुद्दे पर कठघरे में खड़ा किया इस दौरान उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेकर एक ऐसी टिप्पणी कर दी जिससे लोकसभा में हंगामा हो गया
राहुल गांधी ने कहा आज मुझे यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि इस देश के तथाकथित गृह मंत्री में यहाँ आकर बैठने की हिम्मत नहीं है। मैंने उनका काफिला देखा और गृह मंत्री को कार के अंदर बैठे, कांपते हुए देखा। गृह मंत्री आज यहाँ क्यों नहीं हैं? क्योंकि वह डरे हुए हैं। गृह मंत्री डरे हुए हैं, उन्होंने ही हमारे छात्रों पर गोली चलाने की इजाज़त दी थी। उन्होंने हमारे छात्रों के शरीर में छर्रे घुसवाए, उन्होंने ही भारत के छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया था।
राहुल गांधी के इस तरह सीधा कह देने से सत्ता पक्ष आक्रोशित हो गया, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पर आपत्ति जताते हुये कहा, आप ऐसा कैसे कह सकते हैं? आप विपक्ष के नेता हैं। आप किस आधार पर यह कह रहे हैं? आपको यह किसने बताया? आपने जो कहा, वह गलत है। मैं इस पर आपत्ति जताता हूं, इसे रिकॉर्ड से हटाया जाना चाहिए। राहुल गांधी को माफ़ी मांगनी चाहिए, यह एक गंभीर आरोप है, यह उनके अपने पद और विशेषाधिकार का उल्लंघन है।
किरेन रिजिजू ने कहा राहुल गांधी ने कहा गृह मंत्री ने आर्डर दिया तो वे बताएं कौन सा आर्डर है उसकी कॉपी दिखाएँ आप ये बताइए किसने आपको बताया कि फायरिंग का आदेश गृह मंत्री ने दिया, आर्डर नंबर बताइए, किस व्यक्ति, किस अधिकारी को कहा वो बताइए, आप कॉपी निकालकर सदन में रखिये, ऐसे चर्चा नहीं होसकती कि कुछ भी बोलकर आप सदन से भाग जायेंगे हेड लाइन बटोरने के लिए। इसको हम हल्के में नहीं ले सकते, हम ऐसे आरोप लगाने नहीं देंगे, आपको माफी मांगनी होगी ऐसे बहस नहीं हो सकती है।
राहुल गांधी को टोकते हुए स्पीकर ओम बिरला ने कहा नेता प्रतिपक्ष से आग्रह है कि आप विधेयक पर बोलें, अगर कोई भी बात बोलें तो आप जांच की बात करें किसी का नाम न लें, राहुल गांधी ने कहा कि बच्चों के खिलाफ जो फोर्स यूज हुआ, उसकी इजाजत या तो गृहमंत्री या पीएम दे सकते हैं, हंगामा देखते हुए स्पीकर ने कहा ऐसे सदन नहीं चल सकता है फिर उन्होंने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
-----------------------------------------
कॉकरोच प्रोटेस्ट में पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर एक्शन, दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की
कॉकरोच प्रोटेस्ट में पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर दिल्ली पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर FIR दर्ज किया है। अभद्र भाषा का इस्तेमाल और इन वीडियो को सर्कुलेट करने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। इसमें कुछ न्यूज पोर्टल और अलग-अलग X हैंल्डस को नोटिस भेजा गया है। भारत न्याय संहिता की धारा 351 (3) / 353 (2), / 356 (2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही लोगों को नोटिस भेजकर पुलिस ने जानकारी भी मांगी है।
आरोप है कि कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी (CJP) के प्रोटेस्ट में पीएम मोदी के खिलाफ अपमानजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था। इन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया। ‘X’ और इंस्टाग्राम से वीडियो डिलीट करने की मांग की गई है और जिन हैंडल्स से वो सर्कुलेट हुए और वो वीडियो कहां से आए इसकी भी जानकारी मांगी गई है।
मामले में अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम लगातार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक कंटेंट की निगरानी कर रही है। ऐसे पोस्ट की पहचान होती है, तो संबंधित सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज को नोटिस जारी कर कंटेंट हटाने का निर्देश दिया जाता है। ऐसे नोटिस के बाद प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा वाले कई पोस्ट और वीडियो पहले ही हटा दिए गए हैं।
इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी की 23 जुलाई की सेल्फी वीडियो पोस्ट को कुछ समय के लिए हटाने के मामले में मंगलवार को सरकार के सख्त रुख अपनाने के बाद मेटा ने तकनीकी गलती मानते हुए माफी मांगी। हालांकि, सरकार ने मेटा के स्पष्टीकरण को अपर्याप्त बताते हुए उसे मामले की विस्तृत जानकारी देने को कहा है। इस संबंध में मेटा के अधिकारी को तलब किया गया है। सरकार कंपनी के स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है और उससे अधिक विस्तृत जानकारी मांगी है।
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध लिंग परीक्षण के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। ऑपरेशन गरिमा के तहत की गई इस कार्रवाई में अधारताल स्थित डॉ. आर.के. अग्रवाल के आर.के. डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापा मारकर कई अहम सबूत बरामद किए गए। कार्रवाई के बाद सेंटर को सील कर दिया गया। इसके अलावा अधारताल स्थित डॉ. अग्रवाल के एक अन्य डायग्नोस्टिक सेंटर को भी सील कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, कार्रवाई को सफल बनाने के लिए दो महिला पुलिसकर्मियों को गर्भवती बनाकर सेंटर भेजा गया। यहां कथित तौर पर ₹15 हजार में गर्भ में पल रहे शिशु का लिंग बताने का सौदा तय हुआ। जांच के दौरान ऐसे कई सबूत मिले, जिनसे अवैध लिंग परीक्षण किए जाने की पुष्टि होने का दावा किया गया।
इतना ही नहीं, आरोप है कि यदि गर्भ में बेटी होने की जानकारी मिलती थी तो गर्भपात (अबॉर्शन) कराने के लिए अलग से रकम लेने की बात भी कही जाती थी। यह पूरा ऑपरेशन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अनु बेनीवाल के नेतृत्व में संचालित किया गया। फिलहाल पुलिस ने डायग्नोस्टिक सेंटरों को सील कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में संबंधित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे और लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
--------------------------------------
युवक-युवती का हाईवोल्टेज ड्रामा: गुस्से में लड़की ने बीच सड़क उतारे कपड़े...
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के अलकापुरी इलाके से एक असहज कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां युवक और युवती के बीच हुए विवाद का एक CCTV वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों के बीच पहले बहस और फिर हाथापाई होती दिखाई दे रही है।
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान गुस्से में युवती ने अपने कपड़े उतार दिए। इसके बाद वह रोती हुई भी दिखाई दी। वहीं, युवक उसे शांत कराने और कपड़े पहनाने की कोशिश करता नजर आया। हालांकि कुछ देर बाद युवती ने दोबारा कपड़े पहन लिए। घटना किस वजह से हुई, इसे लेकर अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि पूरे घटनाक्रम का CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में पहुंच गया है।
यूनिवर्सिटी थाना पुलिस ने वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति और विवाद की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
------------------------------------
नेताजी के ‘बधाई वाले पोस्टर’ अब ले जाएंगे जेल? अवैध होर्डिंग्स-बैनरों पर हाईकोर्ट सख्त, अफसरों पर भी होगी FIR
भोपाल। मध्य प्रदेश में जन्मदिन, स्वागत और बधाई के नाम पर अवैध होर्डिंग्स-बैनरों से शहरों को बदरंग करने वाले नेताओं और उनके समर्थकों पर इंदौर हाईकोर्ट ने चाबुक चलाया है। हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सख्त आदेश जारी किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर लगे सभी राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक अवैध पोस्टरों को 24 घंटे के भीतर हटाया जाए।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में अवैध होर्डिंग्स नहीं हटाए गए तो इसके लिए संबंधित नगर निगम के ज़िम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सीधी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अदालत का यह आदेश इंदौर के साथ-साथ राजधानी भोपाल और प्रदेश के सभी शहरों में लागू होगा।
राजधानी भोपाल और इंदौर समेत प्रदेश के लगभग सभी छोटे-बड़े शहरों के चौराहे, डिवाइडर और बिजली के खंभे स्थानीय नेताओं की पब्लिसिटी का अड्डा बने हुए हैं।
शहरों की रंगत हो रही खराब: सीनीयर नेताओं को खुश करने के लिए पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए जा रहे अवैध पोस्टरों और कटआउट्स से शहर की खूबसूरत सड़कें और चौराहे पूरी तरह बदरंग हो चुके हैं।
हाईकोर्ट ने नगर निगम और स्थानीय पुलिस प्रशासन को बेहद सख्त निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट का कहना है कि शिकायत दर्ज होते ही नगर निगम के अमले को 24 घंटे के भीतर मौके से अवैध बैनर-होर्डिंग हटाने होंगे।
यदि किसी एजेंसी या व्यक्ति के स्वीकृत होर्डिंग के ऊपर बिना अनुमति के किसी नेता या संगठन का पोस्टर चिपकाया जाता है तो ऐसा करने वालों पर सीधी एफआईआर दर्ज की जाएगी। हाईकोर्ट ने कहा कि नगर निगम का अमला ढिलाई बरतता है तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों पर कोर्ट के आदेश की अवहेलना की कार्रवाई होगी।
उज्जैन. पंचायती निर्मोही अणि अखाड़ा से जुड़े महामंडलेश्वर ज्ञान दास महाराज मुसीबत में फंस गए हैं. उन पर एक महिला ने दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने की धमकी के आरोप लगाए हैं. वहीं, ज्ञानदास महाराज ने इस मामले को ब्लैकमेलिंग व हनीट्रैप से जुड़ा बताया है. पुलिस दोनों ओर से की गई शिकायतों की जांच करने में जुटी है.
महिला ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि महामंडलेश्वर ज्ञान दास महाराज से उसकी दोस्ती फेसबुक पर हुई थी. इसके बाद दत्त अखाड़ा पर पहली मुलाकात हुई. विगत वर्ष गुरु पूर्णिमा पर वह उज्जैन पहुंची. इसके बाद वह वहीं रहने लगी. इसी दौरान ज्ञानदास महाराज ने उसके साथ दुष्कर्म किया. विरोध करने मारपीट की व जान से मारने की धमकी दी. उसके अश्लील वीडियो बनाकर प्रताडि़त किया जाने लगा. महिला ने ज्यादती की शिकायत गृह मंत्री, डीजीपी, आईजी व एसपी से भी की है.
ज्ञानदास का कहना है महिला ने उनसे 20-25 लाख रुपये व आश्रम अपने नाम करने की मांग रखी. महिला द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं. महिला पिछले एक वर्ष से ब्लैकमेल कर रही है. इसकी शिकायत मैंने महाकाल थाने पर की थी. इसके बाद महिला ने दुष्कर्म की शिकायत पुलिस से की. महिला द्वारा मेरे पर हमला भी करवाया गया था, जिस दिन मेरी गाड़ी पर हमला हुआ था, उसके पहले शाम को आश्रम पर पत्थरबाजी भी महिला और उसके प्रेमी द्वारा की गई.
महामंडलेश्वर का कहना है महिला द्वारा लगातार मोटी रकम की डिमांड की जा रही है. महिला ने मेरे ऊपर शादी का भी दबाव बनाया. उसने कहा था अगर नहीं करोगे तो दुष्कर्म के केस में जेल भिजवा दूंगी. महिला ने उन पर शादी के लिए लगातार दबाव बनाया और कहा कि इसके बाद सारा मैटर खत्म हो जाएगा. मैंने शादी भी कर ली. अब वह हिस्सा मांग रही व बदनाम कर रही है. महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत की है. महिला ने दुष्कर्म कर वीडियो बनाने मारपीट करने के साथ ही धमकी के आरोप लगाए हैं. महामंडलेश्वर ने महिला पर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए हैं. दोनों शिकायतों की जांच की जा रही है.
------------------------------------------
मंदिर में मांस रखने पर बवालः तांत्रिक के कहने पर अमीर बनने के चक्कर में..., आरोपी रज्जाक को पुलिस ने भेजा जेल
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की पंधाना तहसील अंतर्गत स्थित प्रसिद्ध शिव और हनुमान मंदिर में मांस का टुकड़ा फेंके जाने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी रज्जाक (पिता गनी खान) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उसने अमीर बनने की चाहत में एक तांत्रिक बाबा के बहकावे में आकर मंदिर में मांस रखा था। हालाँकि, पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी की मानसिक स्थिति की भी तकनीकी जाँच कराई जाएगी।
मंदिर जैसी पवित्र जगह पर इस तरह की नापाक हरकत सामने आते ही पूरे पंधाना क्षेत्र में भारी हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों व हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पंधाना थाने पहुँचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए थाने का घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारी आरोपी पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को जल्द व कड़ी कानूनी कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपी रज्जाक की पहचान की गई और उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान अपराध स्वीकार करने के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले में संलिप्त तांत्रिक के एंगल सहित सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
महेंद्र तारनेकर, ASP ने बताया-आरोपी को साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। आरोपी के बयानों और उसकी मानसिक स्थिति की भी निष्पक्ष जांच की जा रही है। शांति और सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
----------------------------------------
7 अगस्त से पूरे प्रदेश में शुरू होगा जन विश्वास अभियान, मंत्री, विधायक, कलेक्टर,अधिकारी गांव-वार्डों में पहुंचकर सुनेंगे समस्याएं
भोपाल। मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन सरकार ने जन समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए ‘जन विश्वास अभियान’ शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में यह अभियान 7 अगस्त से पूरे प्रदेश में शुरू होगा और हर शुक्रवार संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत मंत्री, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी गांवों एवं शहरी वार्डों में पहुंचकर आम जनता से सीधे संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे। इसका उद्देश्य शासन को जनता के और करीब लाना तथा प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में हुए निर्णय अनुसार अब प्रत्येक शुक्रवार मंत्रालय, जिला और संभाग स्तर पर नियमित बड़ी बैठकें नहीं होंगी। इसके बजाय मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर लोगों से सीधे संवाद करेंगे। अभियान के दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी, ताकि पात्र हितग्राहियों तक समय पर योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
जनविश्वास अभियान का मुख्य उद्देश्य जन शिकायतों के त्वरित निराकरण के साथ शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना है। अधिकारी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे तथा जहां संभव होगा, वहीं उनका समाधान करेंगे। जिन मामलों में तत्काल समाधान संभव नहीं होगा, उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि जनविश्वास अभियान सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद बढ़ेगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने बताया कि मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों से अभियान की शुरुआत करेंगे।
अभियान के दौरान यदि किसी स्तर पर भ्रष्टाचार, अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभियान का मूल मंत्र संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी रहेगा। इसके लिए किसी अतिरिक्त बजट का प्रावधान नहीं किया गया है और अनावश्यक तामझाम से भी बचा जाएगा। सरकार की प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे इस अभियान का लाभ उठाते हुए अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सीधे अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखें। सरकार का मानना है कि प्रशासन के सीधे जनता के बीच पहुंचने से शिकायतों के समाधान में तेजी आएगी, योजनाओं की प्रभावी निगरानी होगी और शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनेगी।
मध्य प्रदेश सरकार पहले भी जनकल्याण शिविरों और विभिन्न जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास करती रही है। जनविश्वास अभियान को इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का विश्वास है कि यह पहल न केवल योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करेगी, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास के रिश्ते को भी और मजबूत बनाएगी।
- नेपाल के सुनसरी में बोलबम यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा, पुलिस फायरिंग में एक की मौत, भारत-नेपाल बॉर्डर पर अलर्ट
- छात्र प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा दखल, FIR पर दंडात्मक कार्रवाई पर रोक; केंद्र और 7 राज्यों से मांगा जवाब
- सीजेपी की सरकार को कड़ी चेतावनी, कहा- छात्रों पर एफआईआर वापस लो,नहीं तो सड़क पर फिर उतरेंगे
- सीतापुर बाजार में दिनदहाड़े एक करोड़ की ज्वेलरी चोरी, स्कूटी से बैग लेकर फरार हुआ युवक
- CJP ने खत्म किया अपना आंदोलन, कहा- सरकार ने हमारी मांगे मानी ; छात्रों से की घर लौटने की अपील
- हिमाचल प्रदेश में बड़ा हादसा: पांगी-उदयपुर मार्ग पर टैक्सी पर गिरी चट्टान, 13 लोगों की मौत
- CJP प्रोटेस्ट में शामिल होने वाले प्रदर्शनकारी को पुलिसकर्मी ने ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी दी, सस्पेंड
- लाठीचार्ज को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसलाः याचिका में पुलिस पर FIR की मांग, पुलिस को नोटिस जारी
प्रमुख समाचार
30 July 2026
भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के सुनसरी जिले में रविवार को हिंसक झड़प के बाद स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है. रविवार देर रात बोलबम यात्रा के दौरान Nepal के सुनसरी जिले में दो समुदायों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया. हिंसा में एक व्यक्ति की मौत के बाद प्रशासन ने कई इलाकों में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लागू कर दिया है. सुरक्षाकर्मियों समेत 12 से अधिक लोग घायल हो गए.प्रदर्शनकारियों द्वारा बाजार बंद कराने और उग्र प्रदर्शन को देखते हुए नेपाल... मध्य प्रदेश
जबलपुर. मध्यप्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर मंहगाई की अब एक और मार पड़ी है. बिजली कंपनियों ने फ्यूल कास्ट एंड पावर पर्चस एडजस्टमेंट का हवाला देते हुए दाम बढ़ा दिए है ऐसे में अब प्रदेश के उपभोक्ताओं के बीच बिजली का खर्च और बढ़ जाएगा. बिजली कंपनियों का कहना है कि ईंधन की मंहगाई के चलते यह कदम उठाना पड़ रहा है. अब जल्द ही बढ़े हुए बिजली के बिल भी उपभोक्ताओं तक पहुंचगेंए जो कि 200 से 300 यूनिट की खपत पर 35 से 87 रुपए तक अधिक होगें. खबर है कि... अपराध
राजगढ़। राजगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले बोड़ा थाना इलाके के कड़िया सांसी गांव में पुलिस टीम पर उस समय जानलेवा हमला हो गया, जब पुलिस एक आरोपी को पकड़ने गांव पहुंची थी। बताया जा रहा है कि, आरोपी पकड़ने पर भी़ इस कदर हिंसक हो गई, उसकी ओर पुलिस पर पथराव कर दिया। बताया जा रहा है कि, इस पथराव में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। वहीं, अब इस घटनाक्म के बाद गांव में जिलेभर से भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। गांव में तनावपूर्ण माहौल बताया जा रहा है।आरोप है कि,... गुना सिटी
30 July 2026
गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) आस्था की मिसाल। बीनागंज से वैष्णो देवी की पैदल यात्रा के लिए 62 श्रद्धालुओं का जत्था बुधवार को रवाना हुआ। सन 1998 से लगातार 27 सालों से ये भक्तगण पैदल ही माता के दरबार जाते हैं। इस बार ये उनकी 15वीं पैदल यात्रा है।
हर साल की तरह इस साल भी रमेश सिंह रघुवंशी श्यामपुर पुरावालों की ओर से गुना के राजश्री भोजनालय में श्रद्धालुओं का जोरदार स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों की धुन पर माता के जयकारों के साथ भक्तों को पुष्प मालाएं... फोटो गैलरी
सड़कों पर लगाए गेट, 4 कॉलोनियों का रास्ता...
फरार बदमाशों में से 1 का हरिद्वार में...
चौकीदारी कर रहा हत्यारा राजस्थान से पकड़ाया ...
एससी-एसटी एक्ट के विरोध में मुंडन आज
पेट्रोल-डीजल: केंद्र ने साधे एक तीर से कई...
आपके शहर में पेट्रोल-डीजल कितना सस्ता
इस मोर्चे पर एयरटेल से आगे निकली जियो...
बैंकिंग रेग्युलेशन ऐक्ट है कोचर के इस्तीफे की...
पेट्रोल सरकारी खजाने-तेल कंपनियों पर असर
आपकी दवा असली है या नकली, ऐसे करें...
पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में...
चीन के खाने पर जी रहे हैं उत्तराखंड...
