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मऊगंज। शनिवार रात उस वक्त सियासी माहौल पूरी तरह गर्मा गया, जब भाजपा विधायक प्रदीप पटेल को ग्रामीणों के तीखे आक्रोश का सामना करना पड़ा। नेशनल हाईवे 135 स्थित बराओ मोड़ पर एक विवादित जमीन के मामले में हस्तक्षेप करना विधायक को भारी पड़ गया और हालात ऐसे बने कि उन्हें मौके से जान बचाकर निकलना पड़ा। यह पूरी घटना इलाके में चर्चा का विषय बन गई है।
दरअसल, विधायक प्रदीप पटेल एक कांग्रेस नेता के समर्थन में धरने पर बैठे थे। विधायक विनोद खोडवानी के पक्ष में धरना देने पहुंचे थे। तब गांव वालों ने विधायक पर सीधा आरोप लगाया कि वे किसी जनसेवा के लिए नहीं, बल्कि भू-माफियाओं के पक्ष में खड़े हैं और जमीन विवाद में एकतरफा भूमिका निभा रहे हैं।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई, जब दूसरे पक्ष के व्यक्ति लल्लू पाण्डेय को पुलिस ने थाने भेज दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कार्रवाई विधायक के दबाव में की गई। इस कदम से गुस्साए परिजनों और समर्थकों का आक्रोश फूट पड़ा। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि कुछ लोगों ने आत्मदाह की कोशिश तक कर डाली। इसके बाद मऊगंज के हालात बिगड़ गए। गुस्साए लोगों ने कहा आप यहां से जाइए।
ग्रामीणों ने विधायक को चारों ओर से घेर लिया और तीखे सवाल पूछने लगे। भीड़ का कहना था कि जब मामला अदालत में है, तो एक जनप्रतिनिधि को बीच में आकर नेतागिरी करने का अधिकार किसने दिया। नारेबाजी तेज होती चली गई और मुर्दाबाद के नारों से माहौल और उग्र हो गया। तब पुलिसकर्मियों ने बेकाबू भीड़ से विधायक को किसी तरह बचाकर बाहर निकाला। अगर उस दौरान पुलिसकर्मी सूझबूझ का परिचय नहीं देते तो किसी अप्रिय घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता था।

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AI से महिला के शव की शिनाख्त: नग्न हालत में झाड़ियों के बीच मिली थी लाश
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बीते दिनों नग्न अवस्था में मिली महिला के शव की पहचान एआई (AI) से की गई है। पुलिस ने AI से फोटो बनाकर आसपास के लोगों को दिखाया और जानकारी देने वाले को 10 हजार इनाम देने की बात कही। वहीं एक शख्स ने महिला की शिनाख्त की है। पुलिस अब मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। आइए जानते है आखिर पूरा मामला क्या है…
दरअसल, पुलिस को 29 दिसंबर 2025 सोमवार के दिन ग्वालियर के गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के कटारे फॉर्म के जंगल में झाड़ियां के पीछे नग्न अवस्था में महिला की लाश मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। शव को निगरानी में लेकर जांच पड़ताल शुरू की। प्रथम दृश्य ज्ञात हुआ कि महिला के शरीर पर चोट के निशान के साथ कई गंभीर घाव भी है। पास में ही रखें पत्थर पर खून के निशान भी पाए गए, जिससे स्पष्ट हुआ कि महिला की पत्थर से कुचलकर हत्या की गई है।
महिला की पहचान न हो सकें इसके लिए बदमाशों ने चेहरे पर भी हमला किया था। पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और AI की मदद से महिला का फोटो बनाया, जिसे आसपास के लोगों को दिखाया गया। पास में ही रहने वाले एक युवक ने महिला की पहचान कालीबाई के रूप में की और बताया कि मृतिका कई महीनों से ग्वालियर में ही रह रही थी, वह आसपास ही घुमती-फिरती रहती थी। पुलिस ने शॉर्ट पीएम रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। वहीं एएसपी अनु बेनीवाल ने कहा कि जल्द ही बदमाशों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
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डॉ अंबेडकर की प्रतिमा तोड़ने पर दिग्विजय ने उठाए सवालः X पर लिखा- क्या यह घटनाएं सुनियोजित है ?
भोपाल। डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को मध्यप्रदेश में अलग-अलग जगह तोड़ने वाली घटना पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाये हैं। क्या यह घटनाएं सुनियोजित है ? करने वाले कौन लोग हैं? तोड़ने वाले भारतीय संविधान के खिलाफ, इसकी जांच पुलिस को करना चाहिए। दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर सागर जिले में पिछले कुछ दिनों में हुई प्रतिमा तोड़ने की घटना का जिक्र किया है।
दिग्विजय सिंह ने शोसल मीडिया पर पोस्ट पर लिखा- क्या ये घटनाएं सुनियोजित हैं? करने वाले कौन लोग हैं? क्या वे लोग हैं जो बाबा साहब की विचारधारा के ख़िलाफ़ हैं? वो लोग जो भारतीय संविधान के खिलाफ हैं? इसकी जांच पुलिस को करना चाहिए। सागर जिलें में बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाएं तोड़ने की घटनाएं हुई है
हाथ की उंगली तोड़ने की घटना
(1) विगत 27 – 28 दिसम्बर की दरमियानी रात सागर जिलें के मालथौन विकास खंड के ग्राम मड़ैया माफी में संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तोड़ने की घटना घटित हुई है।
(2) दिनांक 04 अक्टूबर 2025 को खुरई विधानसभा क्षेत्र के नगर परिषद बांदरी में बाबा साहेब की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त ( हाथ की उंगली तोड़ने ) करने की घटना घटित हुई हैं और यह कोई पहली घटना नहीं है इस के पूर्व में भी बांदरी के इसी स्थान पर ही बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने की घटना को अन्जाम दिया जा चुका हैं।
ग्राम करहद में प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने की घटना
(3) दिनांक 25 सितम्बर 2025 को जिलें की सुरखी विधानसभा के थाना जैसीनगर अन्तर्गत ग्राम करहद में डॉ.अम्बेडकर साहब की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने की घटना हुई हैं।
(4) दिनांक 17 अगस्त 2025 को सानौधा थाना क्षेत्र के गिरवर स्टेशन के पास रंगोली कालोनी के पास स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा के पंजे को तोड़ने की घटना कारित कर लगातार बाबा साहब डॉ अंबेडकर की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त करने की घटनाएं घटित की जा रही है।

सतना। मध्य प्रदेश के सतना के नजीराबाद इलाके में बिना लाइसेंस के स्लाटर हाउस संचालित किया जा रहा है। सूचना पर एसडीएम राहुल सिलड़िया और सिटी कोतवाली थाना प्रभारी रावेंद्र द्विवेदी नगर निगम अमले के साथ मौके पर पहुंचे थे। तभी एक मीट कारोबारी ने गंभीर आरोप लगाया, जिस पर एसडीएम भड़क उठे और सख्त लहजे में चेतावनी दी। हालांकि प्रशासन की टीम दुकान सील नहीं कर सकी, क्यों कि कोर्ट ने स्टे दे रखा था।
जानकारी के अनुसार, सतना में एक मीट दुकान को नियमों के उल्लंघन के आरोप में सील करने के लिए एसडीएम राहुल सिलड़िया प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचे थे। कार्रवाई के दौरान स्थानीय कारणों और अवरोधों के चलते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसी दौरान दुकान संचालक यूनिस कुरैसी और एसडीएम राहुल सिलड़िया के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों के बीच जमकर तू-तड़ाक हुई, जिससे माहौल और ज्यादा गर्मा गया।
बताया जा रहा है कि संबंधित मीट दुकान के पक्ष में न्यायालय से स्टे (स्थगन आदेश) प्राप्त है। कोर्ट के इसी स्टे का हवाला देते हुए दुकान सील करने की कार्रवाई पर रोक लग गई। कानूनी अड़चन के चलते प्रशासन को पीछे हटना पड़ा और बिना दुकान सील किए एसडीएम को वापस लौटना पड़ा। इस संबंध में बताया जाता है कि यूनिस कुरैसी और हाजी मुन्ना के बीच मीट मार्केट को लेकर प्रतिस्पर्धा है।
यूनिस का आरोप है कि हाजी मुन्ना के पास पाकिस्तान से पैसा आता है और उसी पैसे को वह अधिकारियों को देकर उसके ऊपर कार्रवाई का दबाव बनाता है। दोनों के बीच चल रहे विवाद में शुक्रवार को अधिकारियों को अपमान का घूंट पीना पड़ गया। टीम ने स्टे की वजह से कोई एक्शन नहीं लिया। अब देखना होगा कि क्या प्रशासन इस मामले में जारी स्टे के संबंध में कब तक अपना जवाब देते हुए स्टे बैकेट की प्रक्रिया करता है।
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14 महीने की मृत बच्ची का शव ले जाने एम्बुलेंस संचालक ने की 10 हजार की मांग, 2 घंटे भटकता रहा मजदूर परिवार
भोपाल। राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल से संचालित निजी एम्बुलेंस संचालकों का अमानवीय और घिनौना चेहरा सामने आया है। एक मासूम बच्ची की मौत के बाद भी इनका दिल नहीं पसीजा और परिजनों से पैसे कमाने की कोशिश की गई।
बैतूल निवासी एक मजदूर परिवार अपनी 14 महीने की बेटी का इलाज कराने हमीदिया अस्पताल आया था। दुर्भाग्यवश बच्ची की मौत हो गई। शव को घर ले जाने के लिए परिजनों ने अस्पताल परिसर में खड़ी निजी एम्बुलेंस से संपर्क किया। एम्बुलेंस संचालकों ने बैतूल तक शव ले जाने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की।
मेहनत-मजदूरी करने वाले परिवार ने मिन्नतें कीं और 6000 रुपये देने पर राजी हुआ, लेकिन इसके बावजूद संचालक शव ले जाने को तैयार नहीं हुए। परिजन करीब दो घंटे तक इधर-उधर भटकते रहे। आखिरकार मजबूरन उन्हें न्यू मार्केट जाकर ऑटो रिक्शा से बच्ची का शव घर ले जाना पड़ा। इस घटना से अस्पताल प्रशासन और निजी एम्बुलेंस संचालकों की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
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इंदौर दूषित पानी से मौत मामलाः कांग्रेस का मंत्री-विधायकों के बंगले के बाहर प्रदर्शन
भोपाल। इंदौर दूषित पानी से मौत मामले को लेकर एमपी कांग्रेस ने आज जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने मंत्री, विधायकों और बीजेपी कार्यालयों के सामने घंटा बजाकर प्रदर्शन किया। इसी कड़ी में राजधानी भोपाल में भाजपा विधायक भगवान दास सबनानी और विधायक रामेश्वर शर्मा के बंगले के बाहर धरना दिया।
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की तरफ से ऐलान किया गया था की 4 जनवरी को कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा विधायक और बीजेपी के 2023 के प्रत्याशी रहे नेताओं के बंगलों का घेराव करें। कांग्रेस के कार्यकर्ता घंटा लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे और इंदौर की घटना पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अब तक जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई है
सांसद के बंगले का घेराव किया
भिंड। कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष पिंकी भदौरिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सांसद के बंगले का घेराव किया और घंटा बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता इंदिरा गांधी चौराहा से रैली निकालकर सांसद बंगला पहुंचे थे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफा की मांग की। पुलिस ने सांसद बंगला के बाहर बेरिकेड लगाकर कांग्रेसियों को रोक दिया।
सीधी। जिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सीधी सांसद राजेश मिश्रा व विधायक रीति पाठक के बंगले के सामने घंटा बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। इंदौर में हुई घटना पर भाजपा के सीनियर मंत्री कैलाश विजयवर्गी के पत्रकार के पूछे गए बयान पर भी विरोध प्रदर्शन जताया। मौके पर ज्ञान सिंह जिला कांग्रेस अध्यक्ष व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
घंटा शब्द वाले बयान पर विरोध में बजाया घंटा
शिवपुरी। इंदौर दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने भाजपा विधायक देवेंद्र जैन के घर के सामने घन्टा बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान विधायक घर में ही रहे। पुलिस दलबल के साथ मौके पर मौजूद रही।
प्रभाकर सोमवंशी, कटनी। जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल के निवास के बाहर प्रदर्शन किया गया। इंदौर में हुई मौत और मंत्री विजयवर्गीय के घंटा शब्द वाले बयान पर विरोध किया गया। प्रदेश में साफ पानी व पर्याप्त बिजली नहीं देने पर प्रर्दशन किया।
दतिया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान के विरोध में कांग्रेस नेता घंटा लेकर सड़क पर निकले। विजयवर्गीय और भाजपा के विरोध में जमकर नारेबाजी की। सिविल लाइन रोड पर पुलिस ने आगे जाने के पहले रोक दिया। सिविल लाइन क्षेत्र के आगे पूर्व मन्त्री नरोत्तम मिश्रा व कलेक्टर के निवास है।
सामूहिक रूप से घंटा बजाकर जताया रोष
हरदा। जिला कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर हरदा में “घंटा बजाओ” विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसमें कांग्रेस के सभी मोर्चा-प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की कथित अशोभनीय टिप्पणी के विरोध में सामूहिक रूप से घंटा बजाकर रोष प्रकट किया गया। मोहन साईं बिश्नोई ने कहा कि इंदौर जैसी बड़ी घटना के बावजूद भाजपा के मंत्री संवेदनहीन बयान दे रहे हैं, जो पीड़ित परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। गंभीर मुद्दों पर सरकार की चुप्पी और गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भाजपा कार्यालय कमल कुंज के सामने, टिमरनी में पूर्व विधायक संजय शाह के बृजधाम स्थित निवास के सामने भी विरोध प्रदर्शन किया गया।
हाथों में घंटा लेकर शंखनाद
टीकमगढ़। इंदौर दूषित पानी से मौत मामले को लेकर कांग्रेस ने हल्ला बोला। गांधी चौराहे से कोतवाली तक हाथों में घंटा लेकर शंखनाद किया। जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला, जिला अध्यक्ष नवीन साहू सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।

मुंबई। वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद भारत की राजनीति में भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा सवाल खड़ा किया है। ओवैसी ने कहा कि, जब अमेरिका किसी दूसरे देश में सैन्य कार्रवाई कर वहां के राष्ट्रपति को पकड़कर अपने देश ले जा सकता है, तो भारत भी 26/11 आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड को पाकिस्तान से भारत ला सकता है।
मुंबई में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, हमने देखा कि वेनेजुएला में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी फौज भेजकर वहां के राष्ट्रपति को उठाकर अमेरिका ले गए। अगर ट्रंप ऐसा कर सकते हैं, तो भारत भी ऐसा कर सकता है।”
ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए कहा, मोदी जी, हम आपसे कह रहे हैं कि 26/11 आतंकी हमले करने वाले, चाहे वह मसूद अजहर हो या लश्कर-ए-तैयबा का कोई और आतंकी, अगर आपका 56 इंच का सीना है तो उन्हें उठाकर भारत ले आइए।
उन्होंने आगे कहा कि, जब ट्रंप ऐसा कर सकते हैं तो भारत क्यों नहीं। ओवैसी ने तंज कसते हुए यह भी जोड़ा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कभी ‘अबकी बार ट्रंप सरकार’ का नारा दिया था, ऐसे में अब उन्हें भी उसी तरह की कार्रवाई दिखानी चाहिए।
AIMIM प्रमुख ने अपने बयान में वेनेजुएला का जिक्र इसलिए किया क्योंकि 3 जनवरी की रात अमेरिका ने वहां सैन्य कार्रवाई की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सैनिकों ने ऑपरेशन के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया। इसके बाद दोनों को अमेरिका ले जाया गया।
इस कार्रवाई के बाद वेनेजुएला में राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति पैदा हो गई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस कदम को लेकर बहस शुरू हो गई।
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने किसी देश में सैन्य कार्रवाई कर वहां के राष्ट्रपति या तानाशाह को पकड़ने का दावा किया हो। इससे पहले भी ऐसे दो बड़े उदाहरण सामने आ चुके हैं।
1989 में अमेरिका ने लैटिन अमेरिकी देश पनामा पर हमला किया था। इस कार्रवाई का मकसद पनामा के तानाशाह मैनुअल नोरिएगा को सत्ता से हटाना था। नोरिएगा पर ड्रग तस्करी और अमेरिका विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप थे।
अमेरिकी सेना ने पनामा सिटी समेत कई इलाकों में बमबारी की, जिसमें करीब 2 हजार लोगों की मौत हुई थी। बाद में नोरिएगा को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया।
2003 में अमेरिका ने इराक पर हमला किया। इस युद्ध का उद्देश्य तत्कालीन राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाना था। अमेरिका ने सद्दाम पर अल-कायदा का समर्थन करने, अपने ही नागरिकों पर हिंसा करने और परमाणु हथियार रखने जैसे आरोप लगाए थे।
अमेरिकी सेना ने बगदाद समेत कई शहरों पर बमबारी की, सद्दाम की सरकार गिरा दी गई और कुछ महीनों बाद उन्हें पकड़ लिया गया। इसके बाद सद्दाम हुसैन पर इराक की अदालत में मुकदमा चला। उस समय इराक पर अमेरिकी सेना का नियंत्रण था।
ओवैसी के इस बयान के बाद भारत में एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर बहस तेज हो गई है। विपक्षी दल जहां सरकार से सख्त रुख अपनाने की मांग कर रहे हैं, वहीं सत्तापक्ष की ओर से भी इस बयान पर प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।
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फिर जेल से बाहर आएगा राम रहीम : इस बार मिली 40 दिन की पैरोल, रेप केस में 20 साल की काट रहा सजा
चंडीगढ़। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को रोहतक की सुनारिया जेल से 15वीं बार पैरोल मिली है। इस बार उन्हें 40 दिन की पैरोल दी गई है, जिसमें वह डेरा सच्चा सौदा हेडक्वार्टर, सिरसा में रहेंगे। वर्तमान में राम रहीम अपने दो चेलों के साथ 20 साल की जेल की सजा काट रहे हैं, जो उन्हें 2017 में दो साध्वियों के यौन शोषण मामले में सुनाई गई थी।
गुरमीत राम रहीम पर कुल तीन क्रिमिनल केस चल रहे हैं। 25 अगस्त 2017 को साध्वी यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा मिली। इसके बाद 17 जनवरी 2019 को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई। वहीं डेरा मैनेजर रणजीत सिंह की हत्या के मामले में अक्टूबर 2021 में CBI कोर्ट ने उम्रकैद दी, लेकिन हाईकोर्ट ने तीन साल बाद उन्हें बरी कर दिया।
राम रहीम 2017 से जेल में हैं और पैरोल या फरलो लेकर अब तक 14 बार जेल से बाहर आ चुके हैं। उनका पहला पैरोल 24 अक्टूबर 2020 को एक दिन के लिए हुआ था। इसके बाद वह अपनी बीमार मां से मिलने, जन्मदिन मनाने और अन्य विशेष परिस्थितियों में पैरोल पर बाहर आए। पिछले पैरोल का रिकॉर्ड इस प्रकार है:
21 मई 2021 - 12 घंटे (बीमार मां से मिलने के लिए)
7 फरवरी 2022 - 21 दिन
जून 2022 - 30 दिन
14 अक्टूबर 2022 - 40 दिन
21 जनवरी 2023 - 40 दिन
20 जुलाई 2023 - 30 दिन
21 नवंबर 2023 - 21 दिन
19 जनवरी 2024 - 50 दिन
13 अगस्त 2024 - 21 दिन
2 अक्टूबर 2024 - 20 दिन
28 जनवरी 2025 - 30 दिन
9 अप्रैल 2025 - 21 दिन
5 अगस्त 2025 - 40 दिन
पैरोल और फरलो क्या हैं?
पैरोल एक विशेष अनुमति है, जो कैदी को सजा का कुछ हिस्सा काटने के बाद मिलती है। इसे सामान्यत: खास परिस्थितियों में दिया जाता है, जैसे परिवार में मृत्यु, बीमारी, शादी या अन्य जरूरी कारण। पैरोल दो तरह की होती है:
रेगुलर पैरोल: कैदी आजाद रहता है।
कस्टडी पैरोल: कैदी पुलिस की निगरानी में रहता है।
वहीं, फरलो कैदी का कानूनी अधिकार है, जिसके लिए किसी विशेष परिस्थिति की जरूरत नहीं होती। फरलो के नियम और गाइडलाइन हर राज्य में अलग हैं, लेकिन प्रक्रियात्मक रूप से ज्यादातर राज्यों में समान ही हैं।
इस बार गुरमीत राम रहीम सिंह की 15वीं पैरोल से डेरा सिरसा में फिर से हलचल की उम्मीद है। जेल प्रशासन का कहना है कि पैरोल के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
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Grok AI पर X की सख्ती : अश्लील कंटेंट बनाने पर अकाउंट होगा बैन, भारत सरकार के अल्टीमेटम के बाद फैसला
नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) ने अपने AI चैटबोट Grok के जरिए बनाए जा रहे अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट पर बड़ी कार्रवाई की है। भारत सरकार की सख्त आपत्ति और नोटिस के बाद कंपनी ने नए नियम लागू कर दिए हैं। कंपनी ने साफ कर दिया है कि, Grok से अवैध कंटेंट बनाने वाले यूजर्स का अकाउंट हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा।
X ने स्पष्ट किया है कि, Grok AI से बनाया गया कोई भी अश्लील, फूहड़ या अवैध कंटेंट तुरंत हटाया जाएगा। यदि कोई यूजर AI की मदद से ऐसा कंटेंट बनाता या फैलाता है, तो उसके खिलाफ वही कार्रवाई होगी जो सीधे अवैध सामग्री अपलोड करने पर होती है। इसमें अकाउंट का स्थायी निलंबन भी शामिल है।
केंद्र सरकार ने 2 जनवरी को X को नोटिस जारी कर कहा था कि, Grok AI के जरिए तैयार हो रहे आपत्तिजनक कंटेंट को तुरंत हटाया जाए, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने 72 घंटे में एक्शन रिपोर्ट भी मांगी थी। इसके तीन दिन बाद X ने अपने नियमों को और सख्त कर दिया।
शिवसेना (UBT) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने IT मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर Grok के गलत इस्तेमाल पर चिंता जताई थी। उन्होंने बताया कि कुछ लोग फर्जी अकाउंट बनाकर महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं और AI से कपड़े बदलने या फोटो को आपत्तिजनक रूप में पेश करने जैसी मांग कर रहे हैं। उनका कहना था कि, यह महिलाओं की निजता का उल्लंघन है और गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई मामलों में महिलाओं की अनुमति के बिना उनकी तस्वीरों को सेक्शुअल या अश्लील रूप में बदला गया। कई पीड़ित महिलाओं को इस बात की जानकारी तक नहीं होती कि उनकी तस्वीरों का इस तरह इस्तेमाल हो रहा है। आरोप है कि, Grok AI इस तरह के गलत प्रॉम्प्ट्स को रोकने में नाकाम रहा।
X के मालिक एलन मस्क ने कहा था कि Grok को दोष देना वैसा ही है जैसे गलत लिखने के लिए कलम को दोष देना। उन्होंने स्पष्ट किया कि टूल की नहीं, बल्कि उसे इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी होती है। हालांकि, इसके बावजूद कंपनी ने नियमों को सख्त कर दिया है।
IT एक्ट 2021 के तहत X की जिम्मेदारी
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और IT रूल्स 2021 के अनुसार:
यूजर की शिकायत पर 24 घंटे में आपत्तिजनक कंटेंट हटाना अनिवार्य।
अन्य मामलों में 72 घंटे के भीतर कार्रवाई जरूरी।
महिलाओं से जुड़ा AI या डीपफेक कंटेंट तुरंत हटाना होगा।
दोबारा अपलोड रोकने और फेक अकाउंट्स पर सख्त एक्शन जरूरी।

खरगोन। खरगोन जिले के सनावद से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां छह वर्षीय मासूम का अपहरण कर 22 दिनों तक उसे तांत्रिक क्रियाओं का शिकार बनाया गया। पुलिस ने इस मामले में 'धनवर्षा' का लालच देने वाले पाखंडी तांत्रिक समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना सनावद के खंगवाड़ा फाटे गांव की है। टीआई धर्मेंद्र यादव के अनुसार, 10 दिसंबर को छह वर्षीय बालक अपने घर के बाहर खेल रहा था। तभी आरोपितों ने उसे गेंद दिलाने का लालच दिया और उसका अपहरण कर लिया। अपहरण के बाद आरोपित शुभम यादव खंडवा जिले के पुनासा में एक किराए का कमरा लेकर छिप गया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि शुभम रात के समय एक बच्चे को साथ ले जाते हुए देखा गया है, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
एसडीओपी अर्चना रावत ने बताया कि इस पूरे मामले का मुख्य सूत्रधार सुरेंद्र उर्फ पिंटू बघेल है, जो खुद को तंत्र विद्या में सिद्धि प्राप्त बाबा बताता था। उसने आरोपित रामपाल नरवरे को यह झांसा दिया था कि वह अपनी तांत्रिक शक्तियों से धनवर्षा करा सकता है और जमीन में गड़े हुए धन का पता लगा सकता है। लालच में आकर रामपाल और शुभम ने धनसिंह बडोले से संपर्क किया, जिसने इस पूरी किडनैपिंग की साजिश रची।
पकड़े गए आरोपितों ने पुलिस के सामने दिल दहला देने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि गड़े धन को निकालने की प्रक्रिया के तहत बच्चे को 22 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान मासूम को नग्न कर उसे सिंदूर लगाया जाता था और नींबू की माला पहनाई जाती थी। उसे काला कपड़ा ओढ़ाकर तांत्रिक अनुष्ठान किए जाते थे। आरोपित बच्चे को भरपेट खाना भी नहीं देते थे, जिसके कारण मासूम काफी बीमार हो गया है।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है:
शुभम यादव: निवासी ग्राम अटूट खास (खंडवा)।
सुरेंद्र उर्फ पिंटू बघेल (तांत्रिक): निवासी ग्राम बीजापुर (खंडवा)।
रामपाल नरवरे: निवासी डोंगरगांव (खंडवा)।
धनसिंह बड़ोले: निवासी अंजरूद।
पुलिस फिलहाल आरोपितों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने पहले भी इस तरह की किसी वारदात को अंजाम दिया है या नहीं।

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बवाल... मुआवजे की मांग को लेकरचक्काजाम, यात्री बस और दुकान पर पथराव, पुलिस ने भांजी लाठियां
खरगोन। खरगोन के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत बिष्टान नाके पर शनिवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब आदिवासी समाज के लोगों ने चित्तौड़गढ़-भुसावल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित भीड़ ने एक यात्री बस और शासकीय शराब दुकान पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
यह पूरा विवाद 15 दिन पुरानी एक सड़क दुर्घटना से जुड़ा है। परिजनों का आरोप है कि 15 दिन पूर्व शराब ठेकेदार के कर्मचारियों के वाहन ने एक युवक को टक्कर मार दी थी। युवक की हालत गंभीर है और उसके उपचार में अब तक करीब 15 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। इसी उपचार राशि (मुआवजे) की मांग को लेकर समाज के लोग हाईवे पर उतरे थे।
चक्काजाम के दौरान भीड़ हिंसक हो गई। प्रदर्शनकारियों ने वहां से गुजर रही एक यात्री बस को निशाना बनाते हुए उस पर पथराव कर दिया। इतना ही नहीं, भीड़ पास ही स्थित शासकीय शराब दुकान की ओर भी बढ़ी और वहां भी पत्थरबाजी की। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) किया और भीड़ को तितर-बितर किया। पुलिस ने इस मामले में तीन से चार संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है।
घटना की सूचना मिलते ही डिप्टी कलेक्टर अनिल जैन, एसडीओपी रोहित लखारे और टीआई बीएल मंडलोई पुलिस बल के साथ बिष्टान नाके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी और कड़ी मशक्कत के बाद चक्काजाम समाप्त कराकर यातायात बहाल करवाया। फिलहाल क्षेत्र में शांति है, लेकिन एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।
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‘प्रधानमंत्री से शिकायत कर लो, जांच हम ही करेंगे…’, पुलिसकर्मी का सरपंच पति को धमकाते वीडियो वायरल
सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के रामपुर बाघेलान क्षेत्र अंतर्गत कोटर पुलिस चौकी में पदस्थ पुलिसकर्मी नरेश सिंह बघेल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी ग्राम पंचायत अकौना के सरपंच पति अनुराग सिंह को कथित तौर पर धमकाते हुए नजर आ रहे हैं।
वीडियो में पुलिसकर्मी यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि “प्रधानमंत्री से भी शिकायत कर लो, जांच हम ही करेंगे।” इस कथन को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले ग्राम पंचायत अकौना की सरपंच द्वारा संबंधित पुलिसकर्मी के विरुद्ध सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के बाद अब पुलिसकर्मी का यह नया रूप सामने आने की बात कही जा रही है।
सरपंच पक्ष का आरोप है कि बीट प्रभारी द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है और शिकायत वापस लेने की धमकी दी जा रही है। वहीं वायरल वीडियो के सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने वायरल वीडियो को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और संबंधित पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस तरह के बयान पुलिस की गरिमा और कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाते हैं।

ग्वालियर। पैसों के लेनदेन को लेकर दो मौसेरे भाइयों के बीच गैंगवार हो गया। न्यू ईयर पर शुरू हुआ झगड़ा इतना बढ़ गया कि बीती रात दोनों भाई अपने-अपने गुर्गों के साथ आमने-सामने आ गए और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र के सातऊ गांव की है। करीब 10 राउंड गोलियां चलीं, जिसमें दोनों पक्षों के एक एक लोग घायल हो गए। एक को पैर में तो दूसरे के सीने में गोली लगी है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। वहीं पुलिस घटना को लेकर कार्रवाई में जुट गई है।
दरअसल ग्वालियर चीनौर गांव निवासी सत्यपाल सिंह और गुरुपाल सिंह मौसेरे भाई हैं। दोनों आपस में गहरे दोस्त और साथ रहते थे। न्यू ईयर के दिन पैसों को लेकर दोनों में कहासुनी हुई थी। उस वक्त मामला शांत हो गया था। लेकिन मन में रंजिश रह गई थी। इसलिए कल शुक्रवार शाम दोनों की फोन पर बात हुई जो बहस में बदल गई। इसी दौरान एक-दूसरे को देख लेने की बात कह दी गई। सत्यपाल अपने साथी सुमित जाट और अन्य तीन साथियों के साथ कार से सातऊ गांव पहुंचे।
उधर गुरुपाल भी अपने पांच साथियों के साथ मौके पर आ गया। दोनों के बीच फिर से विवाद शुरू हो गया और देखते ही देखते फायरिंग होने लगी। गुरुपाल की बंदूक से चली गोली सत्यपाल के दोस्त सुमित जाट के पैर में जा लगी जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद सत्यपाल ने भी फायरिंग की। जिसमें गोली गुरुपाल के सीने में जा लगी। गोली लगते ही गुरुपाल भी मौके पर गिर पड़ा। गोलियों की आवाज से गांव में अफरा-तफरी और दहशत फैल गई।
सुमित को उसके दोस्त और गुरुपाल को उसके साथी तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। सूचना पर झांसी रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों से पूछताछ की। बताया जा रहा है कि दुबई में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 10 लाख रुपए ऐंठने पर ठनी दुश्मनी एक साल से चली आ रही है। फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों के घायलों से पूछताछ के बाद गुरुपाल की तरफ से 7 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर घायल सुमित जाट की तरफ से घटना को लेकर जांच शुरू कर दी है।
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दूषित पानी के मुद्दे पर भाजपाई-कांग्रेसी की एक दूसरे पर चली चप्पल, कांग्रेस नेताओं को किया गिरफ्तार
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर सियासत सड़क पर आ गई। कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए, जिसके बाद इलाके में जमकर हंगामा हुआ। हालात इतने बिगड़े कि पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। बाद में पुलिस ने दो विधायकों सहित 20 नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस नेता दूषित पानी पीने से मृत लोगों के परिजनों से मिलने बस्ती पहुंचे थे। इसी दौरान भाजपा कार्यकर्ता और कुछ स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं को काले झंडे दिखाए और “वापस जाओ-वापस जाओ” के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आपस में गुत्थम गुत्था हो गए। और दोनों तरफ से चप्पल भी चलने लगी । हालात बेकाबू होते देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। करीब एक घंटे तक भागीरथपुरा में हंगामे की स्थिति बनी रही। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। हंगामे के बीच महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी, कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने विरोध के माहौल में ही कुछ पीड़ित परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को बस्ती से बाहर निकाला।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तीन थानों का पुलिस बल मौके पर तैनात करना पड़ा। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कांग्रेस की जांच समिति में शामिल विधायक महेश परमार, विधायक प्रताप ग्रेवाल, पूर्व विधायक सज्जन सिंह वर्मा सहित दो विधायकों समेत 20 से ज्यादा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दूषित पानी से हुई मौतों का दर्द अभी थमा भी नहीं था कि भागीरथपुरा सियासी अखाड़ा बन गया। सवाल यह है कि लोगों की जान जाने के बाद भी क्या जिम्मेदारी तय होगी या फिर यह मामला सिर्फ राजनीतिक हंगामे तक ही सिमट कर रह जाएगा।
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अंबेडकर का कथित चित्र जलाने का मामला: हाईकोर्ट ने केस डायरी किया तलब, राज्य सरकार ने जवाब पेश करने का मांगा समय
ग्वालियर। डॉ. भीमराव अंबेडकर के कथित चित्र जलाने के मामले में हाईकोर्ट की स्पेशल DB बेंच में अहम सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने केस डायरी को तलब किया है। वहीं राज्य शासन ने जवाब पेश करने का समय मांगा है। रविवार को फिर स्पेशल बेंच में सुनवाई होगी।
एडवोकेट अनिल मिश्रा के वकील और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन पाठक ने कोर्ट में कहा कि पुलिस ने विधि प्रक्रिया का पालन नहीं किया। पहले गिरफ्तार किया, बाद में FIR दर्ज की गई। परिवार को भी समय पर सूचना नहीं दी गई। एट्रोसिटी एक्ट सहित लगाई अन्य धाराओं में नोटिस देकर छोड़ने का प्रावधान है। लेकिन ग्वालियर पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए नोटिस देकर नही छोड़ा।
बता दें कि अनिल मिश्रा समेत 7 लोगों पर डॉ. भीमराव अंबेडकर के कतिथ चित्र को जलाने और अपमानजनक नारे लगाने का आरोप है। एडवोकेट अनिल मिश्रा समेत सात लोगों के खिलाफ साइबर सेल थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। कल जिला न्यायालय की JMFC मधुलिका खत्री की कोर्ट ने जमानत याचिका को खारिज किया था। जिसके बाद चारों को कल जेल भेजा गया था।
गुरुवार को एडवोकेट अनिल मिश्रा, अमित दुबे, मोहित ऋषीश्वर, गौरव व्यास को गिरफ्तार किया था। कुलदीप कांकोरिया, अमित भदौरिया और ध्यानेन्द्र शर्मा फरार चल रहे हैं।

प्रमुख समाचार

मुंबई। वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद भारत की राजनीति में भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा सवाल खड़ा किया है। ओवैसी ने कहा कि, जब अमेरिका किसी दूसरे देश में सैन्य कार्रवाई कर वहां के राष्ट्रपति को पकड़कर अपने देश ले जा सकता है, तो भारत भी 26/11 आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड को...

मध्य प्रदेश

सतना। मध्य प्रदेश के सतना के नजीराबाद इलाके में बिना लाइसेंस के स्लाटर हाउस संचालित किया जा रहा है। सूचना पर एसडीएम राहुल सिलड़िया और सिटी कोतवाली थाना प्रभारी रावेंद्र द्विवेदी नगर निगम अमले के साथ मौके पर पहुंचे थे। तभी एक मीट कारोबारी ने गंभीर आरोप लगाया, जिस पर एसडीएम भड़क उठे और सख्त लहजे में चेतावनी दी। हालांकि प्रशासन की टीम दुकान सील नहीं कर सकी, क्यों कि कोर्ट ने स्टे दे रखा था।जानकारी के अनुसार, सतना में एक मीट दुकान को नियमों के...

अपराध

मऊगंज। शनिवार रात उस वक्त सियासी माहौल पूरी तरह गर्मा गया, जब भाजपा विधायक प्रदीप पटेल को ग्रामीणों के तीखे आक्रोश का सामना करना पड़ा। नेशनल हाईवे 135 स्थित बराओ मोड़ पर एक विवादित जमीन के मामले में हस्तक्षेप करना विधायक को भारी पड़ गया और हालात ऐसे बने कि उन्हें मौके से जान बचाकर निकलना पड़ा। यह पूरी घटना इलाके में चर्चा का विषय बन गई है।दरअसल, विधायक प्रदीप पटेल एक कांग्रेस नेता के समर्थन में धरने पर बैठे थे। विधायक विनोद खोडवानी के पक्ष में धरना देने पहुंचे थे। तब गांव वालों...
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गुना सिटी

गुना। (गरिमा टीवी न्यूज़) गुना शहर के अंदर चोरों ने एक रात में चोरी की बड़ी वारदातें करके पुलिस की नींद हराम कर दी। चोरों ने बीच शहर में चोरी की कई बारदात करके पुलिस की रात्रि गश्त करने की पोल खोल दी है।प्रार्थी अतुल शर्मा पुत्र भगवती प्रसाद शर्मा निवासी हीराबांग शिव कॉलोनी गुना ने पुलिस को बताया कि दिंनाक 3/1/ 2026 को रात के समय मेरी दुकान शर्मा रेस्टोरेन्ट टी आई टी कॉम्पलेक्श में है कुछ व्यक्तियों द्वारा मेरी दुकान का ताला तोडनें का प्रयास किया गया जिससें ताले तोड दिये...

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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