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इंदौर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह अपने इंदौर दौरे के दौरान एक बार फिर आक्रामक अंदाज में नजर आए। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने नीट परीक्षा (NEET EXAM), राम मंदिर की दान राशि और योग दिवस समेत कई मुद्दों पर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार को आड़े हाथो लिया।

नीट परीक्षा को लेकर देश भर में चल रहे घटनाक्रमों के बीच दिग्विजय सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह अच्छा है कि परीक्षा किसी तरह अच्छें से पूरी हो गई लेकिन उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा निशाना साधा। दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय मंत्री की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए सरकार को घेरा।

अयोध्या के श्री राम मंदिर की दान राशि चोरी होने के मामले को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री बोले। उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा तंज कसा और पारदर्शिता पर सवाल उठाए। इसके अलावा, योग दिवस के आयोजन को लेकर भी उन्होंने अपनी बात रखी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जुबानी हमला बोला।

 

जबलपुर. मध्य प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जबलपुर और रीवा जिले के कई ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की है. जांच के दौरान एजेंसी ने 23.50 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं, जबकि 2.93 करोड़ रुपये की बैंक जमा राशि और सावधि जमा खातों को फ्रीज कर दिया गया है. ईडी की इस कार्रवाई के बाद सड़क निर्माण परियोजनाओं में हुए कथित वित्तीय घोटाले को लेकर प्रदेश में हलचल तेज हो गई है.

प्रवर्तन निदेशालय की यह कार्रवाई मध्य प्रदेश पुलिस के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा दर्ज विभिन्न प्रकरणों के आधार पर की गई है. एजेंसी धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत मामले की जांच कर रही है. प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों ने संकेत दिया है कि सड़क निर्माण कार्यों में डामर की आपूर्ति और उपयोग के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया तथा सरकारी धन का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई.

जांच एजेंसियों के अनुसार कुछ निजी ठेकेदारों ने मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की परियोजना क्रियान्वयन इकाई के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर कथित रूप से सुनियोजित तरीके से सरकारी धन का दुरुपयोग किया. आरोप है कि सड़क निर्माण में प्रयुक्त होने वाले बिटुमेन की खरीद और उपयोग दर्शाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल कंपनियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर सरकारी भुगतान हासिल किया गया.

जांच में यह तथ्य सामने आया है कि इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियों के नाम पर लगभग 55.60 करोड़ रुपये मूल्य के कथित फर्जी और जाली इनवॉइस प्रस्तुत किए गए. इन दस्तावेजों को वास्तविक दर्शाकर भुगतान प्राप्त किया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचा. एजेंसियों का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और विभिन्न स्तरों पर मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता संभव नहीं थी.

ईडी द्वारा की गई तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, संपत्तियों से संबंधित अभिलेख, डिजिटल उपकरण और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं. जांच अधिकारियों का मानना है कि इन दस्तावेजों से धन के प्रवाह, फर्जी बिलों की श्रृंखला और कथित लाभार्थियों की भूमिका को समझने में मदद मिलेगी. जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी कराई जाएगी ताकि लेनदेन और संचार से जुड़े अतिरिक्त साक्ष्य जुटाए जा सकें.

छापेमारी के दौरान ईडी ने 23.50 लाख रुपये नकद बरामद किए. इसके अलावा विभिन्न बैंक खातों और सावधि जमा में मौजूद 2.93 करोड़ रुपये की राशि का पता लगाया गया, जिसे तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया. एजेंसी का मानना है कि यह धन कथित अवैध गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है और इसकी विस्तृत वित्तीय जांच की जा रही है.

मामले की जांच के दौरान मेहता पेट्रोल पंप और उससे संबंधित दस्तावेज भी एजेंसी के रडार पर आए हैं. बताया जा रहा है कि मेसर्स विश्वकुसुम इन्फ्राटेक नामक फर्म के कार्यालय की भी हाल ही में जांच की गई थी. इस फर्म का संचालन अखिलेश मेहता द्वारा किया जाता है. जांच एजेंसियों ने फर्म के वित्तीय रिकॉर्ड, बिलिंग दस्तावेजों और आपूर्ति से संबंधित कागजात की विस्तार से पड़ताल की है.

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने इससे पहले अखिलेश मेहता को भी जांच के दायरे में लिया था. उन पर 12 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के कथित फर्जी इनवॉइस प्रस्तुत करने के आरोप लगाए गए थे. अब इसी मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और धन के स्रोतों की जांच ईडी कर रही है. एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी बिलों के माध्यम से प्राप्त राशि का उपयोग कहां और किस प्रकार किया गया.

जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अब तक सामने आए दस्तावेज कई नए पहलुओं की ओर संकेत कर रहे हैं. संभावना व्यक्त की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी लोगों की भूमिका सामने आ सकती है. वित्तीय लेनदेन, ठेकेदारों, आपूर्तिकर्ताओं और सरकारी अधिकारियों के बीच संबंधों की भी गहन जांच की जा रही है.

इस कार्रवाई ने एक बार फिर सार्वजनिक निर्माण परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. करोड़ों रुपये की लागत वाली ग्रामीण सड़क परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा मजबूत करना था, लेकिन यदि जांच में लगे आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का बड़ा मामला साबित हो सकता है.

ईडी ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और बरामद दस्तावेजों तथा वित्तीय रिकॉर्ड का विश्लेषण जारी है. एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे और पूछताछ, तलाशी तथा कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. फिलहाल जबलपुर और रीवा में हुई इस कार्रवाई ने प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा छेड़ दी है तथा सभी की नजर अब जांच के अगले चरण और संभावित खुलासों पर टिकी हुई है.

 

गुजरात पुलिस की स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी और साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह फर्जी एवं म्यूल बैंक खातों के जरिए ₹324.58 करोड़ से अधिक के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन को अंजाम दे चुका है। मामले में अब तक 10 प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पूरे मामले का खुलासा मई 2026 में हुआ, जब SMC ने गुप्त सूचना के आधार पर अहमदाबाद के निकोल क्षेत्र में छापेमारी कर विजय करडानी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से टैबलेट, तीन मोबाइल फोन, टीवी सेट, सेटअप बॉक्स, कार सहित करीब ₹15.73 लाख का सामान बरामद किया गया। मोबाइल और व्हाट्सएप डेटा की जांच के दौरान आईपीएल सीजन में सक्रिय देशव्यापी सट्टेबाजी नेटवर्क का खुलासा हुआ।

जांच में सामने आया कि आरोपी अवैध धन के लेन-देन के लिए हजारों बैंक खातों का उपयोग कर रहे थे। विजय करडानी के मोबाइल से 281 बैंक खातों का विवरण मिला, जिनमें से 50 खाते पहले ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) द्वारा फ्रीज किए जा चुके थे।

वहीं, आरोपी अनिल गोकलदास के डिवाइस से 1,907 बैंक खातों की जानकारी मिली, जिनमें 304 खाते ब्लॉक पाए गए। पुलिस को कुल 354 ऐसे खाते मिले हैं जिनके खिलाफ देशभर में साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज हैं।

पुलिस जांच में दुबई कनेक्शन भी सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, दुबई में बैठे कथित हैंडलर ‘युआन’ ने आरोपी आकाश नायक को नेटवर्क के वित्तीय संचालन की फ्रेंचाइजी सौंप रखी थी। इसके बदले उसे कुल मुनाफे का 40 प्रतिशत कमीशन मिलता था। आकाश ने आगे अन्य एजेंटों को 20 से 25 प्रतिशत कमीशन पर सब-फ्रेंचाइजी दे रखी थी।

SMC ने मुख्य आरोपी राजवीरसिंह समेत 47 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों पर गुजरात जुआ अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस की विशेष टीम फिलहाल पूरे नेटवर्क की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रेल, हवाला कनेक्शन तथा बैंक खातों की फॉरेंसिक जांच में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

अब तक गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों के नाम:

आकाश नायक (मुख्य फ्रेंचाइजी होल्डर)

अनिल कोटक

प्रतीक मराडिया

विजय करडानी

अश्विन मेंडापारा

जय उर्फ शंभु कनेरिया

हिरेन कथारिया

नवनीत खांभला

जय उर्फ राजा अघेरा

मीत कलारिया

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लखनऊ अग्निकांड : केंद्र से 2 लाख, राज्य से 5 लाख; पीड़ित परिवारों के लिए मदद का ऐलान

लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार दोनों पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी नजर आ रही हैं। हादसे के बाद जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल लखनऊ पहुंचकर घायलों का हाल जाना और आर्थिक सहायता की घोषणा की, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मुआवजे का ऐलान किया है। घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना निर्धारित कार्यक्रम बीच में छोड़ा और सीधे लखनऊ पहुंचे। इसके बाद उन्होंने केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर भर्ती घायलों का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से इलाज की जानकारी ली और सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अस्पताल में मौजूद परिजनों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है और किसी भी पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके अलावा गंभीर रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार रुपए की अनुग्रह राशि देने का भी फैसला किया गया है। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सहायता राशि जल्द से जल्द प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस किसी की भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को हर हाल में जवाबदेह बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही फायर सेफ्टी व्यवस्था और अन्य सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है।

लखनऊ की इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हादसा बेहद पीड़ादायक है और केंद्र सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।

सरकारी घोषणाओं के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 5 लाख रुपये और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपए मिलेंगे। यानी मृतकों के परिजनों को 7 लाख रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं गंभीर रूप से घायल लोगों को राज्य सरकार की ओर से 50 हजार रुपए और केंद्र सरकार की ओर से 50 हजार रुपए की सहायता मिलेगी। इस तरह घायलों को कुल 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।

 

CBN (केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो) की मध्य प्रदेश इकाई ने नशे के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर 115.160 किलोग्राम अफीम से भरी एक हुंडई क्रेटा कार को जब्त किया है। यह कार्रवाई 20 जून 2026 को आगरा-जयपुर हाईवे स्थित सिकंदरा टोल प्लाजा पर की गई, जहां लंबे पीछा और निगरानी के बाद वाहन को रोका गया। इस मामले में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है और उससे पूछताछ जारी है।

जानकारी के मुताबिक, यह खेप गुवाहाटी से राजस्थान के जोधपुर तक पहुंचाई जा रही थी। सूचना मिलते ही CBN नीमच की टीम ने तुरंत रणनीति बनाकर पूरे रूट पर नजर रखनी शुरू कर दी थी। करीब 2000 किलोमीटर तक संदिग्ध वाहन की लगातार ट्रैकिंग की गई, ताकि सही समय पर उसे पकड़ा जा सके। जांच में यह भी सामने आया कि तस्करों ने गंध छिपाने के लिए कार में भारी मात्रा में परफ्यूम का इस्तेमाल किया था।

CBN की यह कार्रवाई काफी सुनियोजित और तकनीकी निगरानी पर आधारित थी। जैसे ही झारखंड नंबर की संदिग्ध हुंडई क्रेटा की पहचान हुई, टीम ने पूरे मार्ग पर अलर्ट जारी कर दिया। आगरा-जयपुर हाईवे पर सिकंदरा टोल प्लाजा को मुख्य पॉइंट बनाया गया, जहां वाहन को रोककर तलाशी ली गई। कार की डिक्की में रखी तीन बोरियों से कुल 109 पैकेट बरामद हुए, जिनमें भारी मात्रा में अफीम भरी हुई थी।

अधिकारियों के अनुसार, यह खेप बहुत संगठित तरीके से ट्रांसपोर्ट की जा रही थी और इसके पीछे एक बड़ा तस्करी नेटवर्क काम कर रहा हो सकता है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि तस्कर लगातार रूट बदलकर पुलिस और एजेंसियों को चकमा देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन CBN की निगरानी के आगे उनकी योजना सफल नहीं हो सकी। फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

इस केस के बाद CBN अब पूरे तस्करी नेटवर्क को उजागर करने में जुटी है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अफीम की यह बड़ी खेप असल में कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। साथ ही इस रूट पर सक्रिय अन्य सहयोगियों की भी पहचान की जा रही है, ताकि पूरे गिरोह को खत्म किया जा सके।

CBN अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट केस नहीं, बल्कि एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। वर्ष 2026 में अब तक मध्य प्रदेश इकाई ने 69 मामले दर्ज किए हैं और 98 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। विभाग का फोकस अब डिजिटल निगरानी, खुफिया इनपुट और रूट मैपिंग के जरिए ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने पर है, ताकि नशे के कारोबार पर सख्त रोक लगाई जा सके।

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MP में आएगा तूफान, इतने जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 1 सप्ताह देर हुआ मानसून

भोपाल। मध्य प्रदेश में गर्मी की तपिश से पूरी तरह राहत नहीं मिली है। कुछ जगहों पर प्री मानसून की हल्की फुहारों ने माहौल खुशनुमा बना दिया है। लेकिन मानसून की देरी ने लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। इस बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। 

मौसम विभाग के अनुसार रविवार को इंदौर, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर समेत 37 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं भोपाल, उज्जैन, सागर, नर्मदापुरम, विदिशा, रायसेन और आसपास के जिलों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है।

जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में सामान्य से करीब 65 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में आंकड़ा औसत से लगभग 30 प्रतिशत नीचे पहुंच गया है।

55 में से 45 जिले सामान्य से कम बारिश की श्रेणी में पहुंच गए हैं। अलीराजपुर ऐसा जिला है जहां अब तक बारिश का खाता भी नहीं खुला है, जबकि भोपाल में सबसे अधिक करीब 4 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 35 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, धार, भिंड, बैतूल, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, मंडला, अलीराजपुर, झाबुआ, शिवपुरी, बुरहानपुर, डिंडौरी, सिवनी, दतिया, अनूपपुर, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, उमरिया, कटनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, मैहर और पांढुर्णा शामिल हैं। इन जिलों में 40 से 50 किमी की रफ्तार से हवा चल सकती है।  

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‘चड्डी-बनियान’ गैंग का आतंक: दो सूने मकानों से 28 लाख की चोरी, कई घरों में सेंधमारी की कोशिश

इछावर। सीहोर जिले की इछावर तहसील में कानून व्यवस्था और पुलिस गश्त के बड़े-बड़े दावों की धज्जियां उड़ाते हुए बेखौफ ‘चड्डीधारी चोर गैंग’ ने जमकर उत्पात मचाया। बदमाशों ने पटेल कॉलोनी और बढ़ियाखेड़ी इलाके को निशाना बनाते हुए दो सूने मकानों से करीब 4 लाख रुपये नकद और 24 लाख रुपये मूल्य के जेवरात सहित कुल 28 लाख रुपये की बड़ी चोरी को अंजाम दिया। इसके अलावा गैंग ने कई अन्य घरों में भी सेंधमारी की कोशिश की।

बढ़ियाखेड़ी स्कूल के पीछे रहने वाले उमंग विनोदा अपने माता-पिता के साथ गुरुवार को पुराने बस स्टैंड स्थित अपने पुराने मकान पर रहने गए थे। शनिवार सुबह जब वे वापस लौटे तो घर के ताले टूटे मिले। भीतर जाकर देखा तो कमरों की अलमारियां टूटी पड़ी थीं। चोर वहां से 2 लाख रुपये नगद और लगभग 24 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात समेट ले गए।

दूसरी वारदात भी बढ़ियाखेड़ी निवासी विकास राय के मकान में हुई। विकास ससुराल में शादी होने के कारण पत्नी के साथ इंदौर गए हुए थे। बीती रात करीब 9 बजे उनके पिता घर की लाइट चालू करके गए थे लेकिन सुबह पड़ोसियों ने उन्हें फोन पर ताले टूटने की सूचना दी। विकास के मुताबिक चोर उनके घर से 2 लाख रुपये नगद और चांदी के आभूषण चुरा ले गए हैं।

चोरों ने विजासन धाम कॉलोनी में भी दो प्रमुख लोगों के घरों में घुसने का प्रयास किया लेकिन मकान मालिकों की सजगता से वारदात टल गई। देर रात बदमाश खिड़की की ग्रिल उखाड़ रहे थे, तभी आहट पाकर अमित की नींद खुल गई। उनके लाइट चालू करते ही चोर भाग खड़े हुए।

सुरेंद्र सिंह अरोरा उर्फ अप्पी जो पूर्व नपाध्यक्ष के भाई है उनके मकान की खिड़की की जाली उखाड़ते समय सुरेंद्र की नींद खुल गई। लाइट जलती देख चोर बाउंड्रीवाल फांदकर भाग निकले।

कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों में करीब 5 संदिग्ध चोर भागते दिखाई दे रहे हैं। सभी ने चड्डी-बनियान पहन रखी थी, चेहरे नकाब से ढके थे और उनके हाथों में धारदार हथियार नजर आ रहे हैं। इससे साफ है कि यह खतरनाक गैंग पूरी तैयारी के साथ वारदातों को अंजाम दे रहा है।

इछावर शहर में बीते 15 दिन के भीतर आधा दर्जन से अधिक मकानों में चोरियां हो चुकी हैं। यहां तक कि बदमाशों ने करौली माता मंदिर को भी नहीं छोड़ा। बावजूद इसके थाना कोतवाली पुलिस अब तक एक भी मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात के समय पुलिस की मौजूदगी सिर्फ कागजों और बैठकों तक सीमित रह गई है। यदि जल्द ही इस चड्डीधारी गैंग को नहीं दबोचा गया, तो लोगों का पुलिस व्यवस्था से भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा।

 

भोपाल। राजधानी भोपाल के मिसरोज थाना पुलिस द्वारा चाय-समोसे बेचने वाले, ढाबा संचालक, मजदूर और अन्य मामलों में गवाह बनाने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा पुलिस के ही क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग एंड नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) से हुआ है। सीसीटीएनएस के मुताबिक, थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार के ज्वाइन करने की तारीख 2 दिसंबर 2025 से 16 अप्रैल 2026 तक महज चार महीने में कुल 146 मामले दर्ज किए गए। यह जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत आरटीआई द्वारा मांगी गई जानकारी में सामने आई है।

इनमें 109 मामले सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने, 15 मामले दोपहिया वाहन चोरी, 14 मामले घरों में चोरी और 8 मामले अवैध शराब बेचने से संबंधित हैं। दिसंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच दर्ज 103 एफआईआर के विश्लेषण में सामने आया कि थाने का ड्राइवर सुरेश अहिरवार, जो रात में थाने की गाड़ी चलाता है, उसे 22 मामलों में गवाह बनाया गया। वहीं ढाबा संचालक विष्णु पाटिल उर्फ देवा पाटिल को 36 मामलों में गवाह बनाया गया। मजदूर राघवेंद्र मैना 12 मामलों में गवाह बना, जबकि थाने के पास चाय-समोसे की दुकान चलाने वाले धर्मेंद्र कुशवाहा को तीन अलग-अलग मामलों में गवाह बनाया गया।

हैरानी की बात यह है कि जिन लोगों को पहले सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने के आरोप में पकड़ा गया, उन्हें बाद में दूसरे मामलों में गवाह बना दिया गया। वहीं 28 मामलों में पुलिसकर्मी खुद ही गवाह बन गए। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि थाना प्रभारी परिहार के आने के बाद सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने के 109 मामले तेजी से दर्ज किए गए। हालांकि अगले महीनों जनवरी और फरवरी में ऐसे मामलों की संख्या कम हो गई। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना बंद कर दिया या फिर पुलिस ने कार्रवाई करना कम कर दिया।

13 दिसंबर 2025 को अपराध क्रमांक 606 में भगवान दास पिता मिश्रिलाल अहिरवार, निवासी मंडीदीप को गवाह बनाया गया। बाद में उसी दिन अपराध क्रमांक 608 में उसे आरोपी बना दिया गया। इसी तरह दिलीप कुमार पिता अनार सिंह, जिसे अपराध क्रमांक 607 में आरोपी बनाया गया था, उसे बाद में गवाह बना दिया गया। इसी प्रकार 15 दिसंबर 2025 को अपराध क्रमांक 614 में सतीश शर्मा पिता किशन शर्मा निवासी बरेली, रायसेन को आरोपी बनाया गया और संतोष मोरे पिता सीताराम मोरे निवासी बाबई, नर्मदापुरम को गवाह बनाया गया। बाद में उसी दिन अपराध क्रमांक 615 में संतोष मोरे को आरोपी और सतीश शर्मा को गवाह बना दिया गया।

विष्णु पाटिल उर्फ देवा पाटिल पिता राम पाटिल निवासी मल्टी नंबर-3, इंद्रा नगर, जाटखेड़ी, मिसरोद थाना क्षेत्र के 11 मील पर देवराज ढाबा का संचालन करता है। मिसरोद पुलिस ने उसे 36 मामलों में गवाह बनाया है। एफआईआर के विश्लेषण में सामने आया कि जहां-जहां अपराध हुआ, वहां-वहां यह गवाह पुलिस को मिल गया।

सुरेश अहिरवार पिता मुन्नालाल, ग्राम मक्सी, 11 मील बायपास का रहने वाला है। वह सुबह मिसरोद थाने में पेड़-पौधों को पानी देता है और रात में पुलिस की बोलेरो गाड़ी चलाता है। यानी वह थाने का ड्राइवर है। उसे 22 मामलों में गवाह बनाया गया। एक ही दिन में अलग-अलग एफआईआर में 10 मामलों में उसकी गवाही दर्ज की गई, जबकि एक महीने में कुल 15 एफआईआर में वह गवाह बना।

मिसरोद पुलिस ने अपने आरक्षक, प्रधान आरक्षक, सहायक उपनिरीक्षक और उपनिरीक्षक स्तर के कर्मचारियों को 28 मामलों में गवाह बना दिया। सवाल यह उठ रहा है कि क्या पुलिस को स्वतंत्र गवाह नहीं मिले या फिर पुलिसकर्मी ही गवाही देने के लिए आगे आए।

राघवेंद्र मैना पिता स्वर्गीय उदेश मैना, मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित एक्सल स्टेट की झुग्गी में रहता है और मजदूरी करता है। उसे 12 मामलों में गवाह बनाया गया है। धर्मेंद्र कुशवाह पिता जीतमल कुशवाह, मिसरोद पुराने गांव का रहने वाला है। उसकी थाने के पास शासकीय स्कूल के गेट पर चाय-समोसे की दुकान है। उसे भी विष्णु पाटिल के साथ एक ही दिन में तीन अलग-अलग मामलों में अलग-अलग समय पर गवाह बनाया गया। दुर्गेश गिरी पिता राकेश गिरी और राहुल अहिरवार पिता बृजेश अहिरवार, दोनों अरेरा हिल्स स्थित भीमनगर की झुग्गी के रहने वाले हैं और मजदूरी करते हैं। इन्हें भी एक ही दिन में अलग-अलग समय पर चार अलग-अलग अपराधों में मिसरोद पुलिस ने गवाह बनाया।

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सराफा व्यापारी के घर फायरिंग मामले का खुलासाः शेयर मार्केट के विवाद में दी गई थी सुपारी, 5 शूटर गिरफ्तार

रतलाम। दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र के सैफी नगर में सराफा व्यापारी के घर पर हुई जानलेवा फायरिंग की सनसनीखेज वारदात का रतलाम पुलिस ने महज कुछ ही घंटों में पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि शेयर मार्केट और पैसों के लेनदेन के विवाद को लेकर दबाव बनाने के उद्देश्य से सुपारी देकर यह फायरिंग करवाई गई थी। मामले का मुख्य साजिशकर्ता फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

शनिवार देर शाम पुलिस कंट्रोल रूम में पत्रकार वार्ता में एसपी अमित कुमार और एएसपी राकेश पंद्रो ने इस अंधेकत्ल की कोशिश का खुलासा किया। एसपी ने बताया कि पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और मुखबिर से मिली सटीक सूचनाओं के आधार पर कड़ियों को जोड़ते हुए इस गुत्थी को सुलझाने में सफलता हासिल की है। वारदात 19 जून को दोपहर लगभग 3.16 बजे सैफी नगर स्थित मकान नंबर 80 पर हुई थी। यह घर चांदनी चौक स्थित ‘श्री गणेश ज्वेलर्स’ के संचालक कमल सोनी का है। घटना के समय कमल सोनी अपने पुत्र के साथ जावरा गए हुए थे, जबकि घर पर उनकी पत्नी मनीषा सोनी, पुत्र अमित व दिव्यांश और पुत्रवधू मौजूद थे।

इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर चार नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे। मनीषा सोनी उस वक्त खिड़की के पास खड़ी थीं। उन्हें देखते ही एक आरोपी ने जान से मारने की नीयत से पिस्टल से सीधे फायर कर दिया। गनीमत रही कि मनीषा सोनी ने तुरंत नीचे झुककर खुद को बचा लिया। गोली उनके सिर के ऊपर से निकलकर खिड़की के कांच को चीरती हुई अंदर जा घुसी। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था।

गिरफ्तार आरोपियों में भोला पाटीदार, विनीत उर्फ चुचू बड़गोतिया, अजय उर्फ गट्टू चौहान, रविन्द्र राजन, कन्हैया नायक, फरार आरोपी विनोद उर्फ वीनू (पिता प्यारेलाल शर्मा) एवं अन्य सहयोगी। पुलिस ने दावा किया है कि मुख्य साजिशकर्ता विनोद उर्फ वीनू और उसके अन्य साथियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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वेयरहाउस को नोटिस मिलने पर बिफरे जीतू पटवारी: बोले- ‘किराया टाइम पर देते नहीं, बेइज्जती सहने के लिए नहीं हैं हम, हमारा वेयरहाउस खाली कर दो’

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के वेयरहाउस को नोटिस मिलने के बाद राजधानी भोपाल से लेकर सियासी गलियारों तक हलचल तेज हो गई है। नोटिस मिलने से नाराज जीतू पटवारी ने वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के आला अधिकारी को फोन लगाकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। पटवारी ने दो-टूक शब्दों में अधिकारी से कहा कि सरकार भले ही बदले की भावना से कार्रवाई करे, लेकिन वे किसी का दबाव बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कॉरपोरेशन को अपना पूरा माल हटाने और वेयरहाउस खाली करने का अल्टीमेटम भी दे दिया है।

अधिकारी से बातचीत के दौरान जीतू पटवारी ने वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय नगाइच पर निशाना साधा। पटवारी ने कहा, “अभी कोई नए-नए अध्यक्ष संजय नगाइच बने हैं, वे हमारे वेयरहाउस पर गए थे और वहां कह रहे हैं कि बाहर जाले क्यों लगे हैं, अंदर जाले क्यों लगे हैं? अगर बीजेपी के नेता बदले की भावना से इस तरह का व्यवहार करेंगे, तो यह बर्दाश्त नहीं होगा। हम किसी के कर्जदार नहीं हैं।”

जीतू पटवारी ने कॉरपोरेशन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ तो सरकार समय पर वेयरहाउस का किराया नहीं देती है, और दूसरी तरफ परेशान करने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारी से बेहद तल्ख लहजे में कहा, “पहले तो किराया नहीं देते टाइम पे… फिर बेइज्जती करने के लिए नहीं हैं हम। हटाओ इसको (माल को)।”

पटवारी ने अधिकारी से बेहद विनम्र लेकिन सख्त लहजे में आग्रह किया कि वे अपना अनाज वहां से तत्काल खाली कर लें। उन्होंने कहा- मैंने इंदौर को भी पहले लिख कर दिया था और आज आपको भी चिट्ठी दे दी है। आप हमारे यहां से अपना माल खाली कर सकते हैं, तो मेहरबानी करके खाली कर दीजिए, हम पूरी तरह एग्री हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, “जब तक आपका माल हमारे पास है, वह पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित है। उसमें एक नए पैसे की भी कमी नहीं आएगी। आपके अधिकारी जब चाहें आकर निरीक्षण (Inspection) कर सकते हैं।

पटवारी ने साफ कर दिया कि वे सरकार के किसी भी प्रकार के दबाव में कोई रूल नहीं तोड़ेंगे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जीतू पटवारी द्वारा अधिकारी को लिखी गई चिट्ठी और यह बातचीत अब सियासी गलियारों में चर्चा का मुख्य केंद्र बन गई है। कांग्रेस इसे विपक्ष के नेताओं को टारगेट करने वाली कार्रवाई बता रही है, वहीं कॉरपोरेशन इसे रूटीन निरीक्षण का हिस्सा मान रहा है।

 

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गुजरात पुलिस की स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी और साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह फर्जी एवं म्यूल बैंक खातों के जरिए ₹324.58 करोड़ से अधिक के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन को अंजाम दे चुका है। मामले में अब तक 10 प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूरे मामले का खुलासा मई 2026 में हुआ, जब SMC ने गुप्त सूचना के आधार पर अहमदाबाद के निकोल क्षेत्र में...

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इंदौर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह अपने इंदौर दौरे के दौरान एक बार फिर आक्रामक अंदाज में नजर आए। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने नीट परीक्षा (NEET EXAM), राम मंदिर की दान राशि और योग दिवस समेत कई मुद्दों पर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार को आड़े हाथो लिया। नीट परीक्षा को लेकर देश भर में चल रहे घटनाक्रमों के बीच दिग्विजय सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह अच्छा है कि परीक्षा किसी तरह अच्छें...

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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