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जबलपुर। शहर के अधारताल थाना क्षेत्र स्थित सुहागी पन्नी मोहल्ले में पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर एक मकान में छापामार कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान पांच पुरुषों और दो महिलाओं को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल सभी से महिला थाना में पूछताछ की जा रही है, जबकि पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच में जुटी हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इलाके में काफी समय से संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। ताजा सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पहले गोपनीय तरीके से जानकारी जुटाई और उसके बाद योजनाबद्ध कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच के लिए एक डिकॉय ग्राहक को मौके पर भेजा गया। सूचना सही पाए जाने पर पुलिस टीम ने तुरंत दबिश देकर मौके से सात लोगों को हिरासत में लिया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कुछ अहम साक्ष्य भी जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इसके बाद सभी हिरासत में लिए गए लोगों को महिला थाना लाया गया, जहां उनसे अलग-अलग पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित गतिविधि कब से संचालित हो रही थी और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित गिरोह या बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा पुलिस आसपास के रहवासियों से भी जानकारी जुटा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित मकान में कब से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं और क्या पहले भी इस संबंध में शिकायतें मिली थीं। जांच टीम आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामला जांच के प्रारंभिक चरण में है। पूछताछ, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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नाबालिगों का खूनी खेल : विधायक प्रतिनिधि के भतीजे समेत 4 पर चाकू से हमला
इटारसी। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के इटारसी में शनिवार रात चाकूबाजी की सनसनीखेज घटना सामने आई। पुरानी इटारसी क्षेत्र में 15 से 16 साल के पांच नाबालिगों ने चार युवकों पर चाकुओं से हमला कर दिया। इस हमले में सिवनी मालवा के विधायक प्रतिनिधि दिनेश मेहतो के भतीजे समेत चार युवक घायल हो गए। एक युवक की हालत गंभीर होने पर उसे भोपाल रेफर किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, वारदात शनिवार रात करीब 10 से 11 बजे के बीच पुरानी इटारसी इलाके में हुई। आरोप है कि पांच नाबालिगों ने चार युवकों को घेरकर उन पर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हमले में घायल सुधांशु मेहतो के पैर, पेट और कमर पर कई गहरे घाव आए हैं। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल के बंसल अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। इसके अलावा भूपेश रैकवार के जांघ पर, आकाश के जांघ और कमर पर चाकू से वार किए गए। अन्य घायलों में दुर्गेश कहार और पुरानी इटारसी का एक 16 वर्षीय नाबालिग भी शामिल है।
इटारसी थाना प्रभारी सौरभ पांडे के अनुसार, हमले में शामिल सभी आरोपी 15 से 16 वर्ष की उम्र के हैं और पुरानी इटारसी के रहने वाले हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि चाकूबाजी की वजह की जांच की जा रही है। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें रवाना की गई हैं और जल्द ही उन्हें हिरासत में लिया जाएगा।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि कम उम्र के किशोरों के हाथों में घातक हथियार पहुंचना और रात में इस तरह की वारदात होना कानून व्यवस्था और पुलिस गश्त पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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सलकनपुर मंदिर के नाम पर ट्रस्ट की चेतावनी- जाली रसीद से चंदा लेने वालों से रहें सावधान
सीहोर। देशभर के प्रमुख मंदिरों में चंदा और चढ़ावे को लेकर उठ रहे विवादों के बीच सीहोर जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां विजयासन धाम सलकनपुर मंदिर का नाम भी चर्चा में है। मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को फर्जी रसीदों के जरिए चंदा वसूली करने वाले लोगों से सावधान रहने की अपील की है। वहीं दूसरी ओर, मंदिर में आने वाली करोड़ों रुपये की दानराशि और चढ़ावे के सार्वजनिक लेखे-जोखे को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवाल एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
सलकनपुर देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष महेश उपाध्याय ने पत्र जारी कर बताया कि कुछ लोग आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में वाहनों से घूम-घूमकर मां विजयासन धाम और भंडारा कराने के नाम पर नकली रसीदें देकर नकद राशि और अन्नदान एकत्रित कर रहे हैं। इस संबंध में ट्रस्ट को लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट ने किसी भी व्यक्ति या संस्था को गांव-गांव जाकर चंदा या अन्नदान एकत्रित करने के लिए अधिकृत नहीं किया है।
ट्रस्ट अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को माताजी के नाम पर नकद राशि या अन्नदान न दें। यदि कोई दान करना चाहता है तो वह मंदिर परिसर के अधिकृत दान काउंटर पर रसीद प्राप्त कर राशि जमा करे या ट्रस्ट के अधिकृत बैंक खाते में ऑनलाइन दान करे। उन्होंने कहा कि फर्जी वसूली करने वालों की सूचना तत्काल मंदिर प्रबंधन या पुलिस को दी जाए।
सलकनपुर मंदिर में हर वर्ष करोड़ों रुपये का नकद चढ़ावा, सोना-चांदी के आभूषण और कीमती वस्त्र श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए जाते हैं। इसी को लेकर कांग्रेस नेता विक्रम मस्ताल शर्मा सहित कई लोगों ने पहले भी मंदिर की आय-व्यय और चढ़ावे का सार्वजनिक विवरण जारी करने तथा स्वतंत्र जांच की मांग उठाई थी। उनका कहना है कि इससे श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा।
ट्रस्ट अध्यक्ष महेश उपाध्याय ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मंदिर का पूरा वित्तीय रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से सुरक्षित है और एक-एक रुपए का हिसाब रखा जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सूचना के अधिकार (RTI) के तहत निर्धारित प्रक्रिया और शुल्क के अनुसार कोई भी व्यक्ति जानकारी प्राप्त कर सकता है। उनके अनुसार कुछ लोग तथ्यों के बजाय भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि ट्रस्ट पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है।
मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल अधिकृत माध्यम से ही दान करें और किसी भी फर्जी रसीद या संदिग्ध व्यक्ति के झांसे में न आएं। ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था और दान की पवित्रता बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा फर्जी चंदा वसूली करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दानराशि और चढ़ावे की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों ने इस पूरे मामले को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

आलीराजपुर। मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले के बोरी थाना क्षेत्र में एक विधवा महिला के साथ डकैती और सामूहिक दुष्कर्म की सनसनीखेज घटना सामने आई है। वारदात रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
जानकारी के अनुसार, करीब 6 हथियारबंद बदमाश विधवा महिला के घर दरवाजा तोड़कर घर में घुस गए। आरोपियों ने महिला को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की और उस पर 8 किलोग्राम चांदी छिपाने का आरोप लगाया, भय के कारण महिला ने अपने पास रखी करीब 1 किलोग्राम चांदी बदमाशों को सौंप दी, लेकिन आरोपी 8 किलोग्राम चांदी की मांग पर अड़े रहे,इसके बाद उन्होंने पूरे घर का सामान अस्त-व्यस्त कर दिया और चांदी की तलाश में घर के भीतर कई स्थानों पर खुदाई भी की।
पीड़िता के आरोप के अनुसार, मनचाही चांदी नहीं मिलने पर 6 आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के दौरान महिला को गंभीर शारीरिक चोटें आईं, जिनमें गुप्तांग पर गंभीर चोट भी शामिल है। घटना के बाद महिला को बोरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए इंदौर रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदोरिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से जानकारी लेकर जांच के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदोरिया ने बताया कि मामले में डकैती, सामूहिक दुष्कर्म तथा अन्य संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है और 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉक्टरों ने जांच के बाद पुष्टि की है कि महिला के निजी अंगों में गंभीर चोटें हैं। वहीं पीड़िता ने अपने बयान में बताया है कि आरोपियों ने उसके प्राइवेट पार्ट में लकड़ी डाली थी। घटना के बाद महिला को पहले बोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए इंदौर रेफर किया गया। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
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महाघोटाला: नगर पालिका के दो कर्मचारियों पर 7.78 करोड़ रुपये के गबन का आरोप, देर रात FIR दर्ज
नर्मदापुरम। नगर पालिका में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। नगर पालिका के ही दो कर्मचारियों पर ₹7 करोड़ 78 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि के गबन का गंभीर आरोप लगा है। इस बड़े खुलासे के बाद नगर पालिका उपाध्यक्ष की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने देर रात दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज (FIR) कर लिया है।
करोड़ों रुपये की हेराफेरी के इस बड़े मामले में पुलिस ने नगर पालिका के दो प्रमुख कर्मचारियों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें हरीश गोस्वामी- सहायक राजस्व निरीक्षक (ARI), भुवन मेहता- कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल है।
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने अपने पदों का दुरुपयोग करते हुए नगर पालिका के राजस्व को बड़ा चूना लगाया है। आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने टैक्स रसीदों और नगर पालिका के ऑनलाइन रिकॉर्ड्स में बड़े स्तर पर कूटरचना और हेरफेर किया। जनता से टैक्स के रूप में वसूली गई करोड़ों रुपये की राशि को सरकारी खजाने में जमा करने के बजाय मिलीभगत कर खुद डकार लिया।
इस महाघोटाले का खुलासा तब हुआ जब नगर पालिका उपाध्यक्ष अभय वर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस में लिखित आवेदन दिया। उपाध्यक्ष के आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कोतवाली थाना पुलिस ने देर रात विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच और ऑडिट के बाद इस मामले में कुछ और बड़े चेहरों के नाम भी सामने आ सकते हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों की धरपकड़ की तैयारी में जुट गई है।
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31 मार्च 2027 से बंद होगा स्वच्छ भारत मिशन, 450 संविदा कर्मचारियों का दूसरे विभागों में होगा समायोजन
मध्यप्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) 31 मार्च 2027 को समाप्त होने जा रहा है। मिशन की अवधि खत्म होने से पहले राज्य सरकार ने इसमें कार्यरत संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी राहत देने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मिशन बंद होने के बाद कर्मचारियों को सेवा मुक्त करने के बजाय उनकी सेवाओं का उपयोग अन्य विभागों और योजनाओं में किया जाएगा। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने विभिन्न विभागों से रिक्त संविदा पदों की जानकारी मांगी है ताकि समय रहते कर्मचारियों का समायोजन किया जा सके।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में वर्तमान में राज्य, जिला और जनपद स्तर पर करीब 450 अधिकारी और कर्मचारी संविदा पर कार्यरत हैं। सरकार की योजना है कि मिशन समाप्त होने के बाद इन सभी योग्य कर्मचारियों को अन्य विभागों में समायोजित किया जाए जिससे उनकी नौकरी सुरक्षित रहे। सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव को अगले सप्ताह होने वाली एजीएम (AGM) की बैठक में मंजूरी मिलने की संभावना है। बैठक में विभागीय मंत्री और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) भी मौजूद रहेंगे।
इन विभागों से मांगी गई रिक्त पदों की जानकारी
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने कई विभागों और योजनाओं से खाली संविदा पदों का विवरण मांगा है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं-
मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (MPRRDA)
ग्रामीण यांत्रिकी सेवा
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM)
पंचायत राज संचालनालय
विकास आयुक्त कार्यालय
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना
विकसित भारत अभियान
राजीव गांधी जलग्रहण मिशन
वाल्मी (WALMI)
राज्य ग्रामीण विकास संस्थान (SIRD), जबलपुर
इन विभागों में उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर कर्मचारियों का समायोजन किया जाएगा।
किन पदों के कर्मचारियों का होगा समायोजन?
सरकार ने राज्य, जिला और जनपद स्तर पर कार्यरत विभिन्न श्रेणी के संविदा कर्मचारियों के समायोजन की योजना बनाई है।
राज्य स्तर पर
प्रोग्रामर
उपयंत्री
मानचित्रकार
लेखापाल
सहायक ग्रेड-1 एवं ग्रेड-3
डाटा एंट्री ऑपरेटर
भृत्य
जिला स्तर पर
जिला समन्वयक
परियोजना अधिकारी (तकनीकी)
मानचित्रकार
लेखापाल
डाटा एंट्री ऑपरेटर
जनपद (ब्लॉक) स्तर पर
ब्लॉक समन्वयक (Block Coordinator)
इस फैसले से संविदा कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित रहेगी और सरकार को भी प्रशिक्षित एवं अनुभवी मानव संसाधन का लाभ मिलेगा।
सरकार को होने वाले प्रमुख लाभ:
रिक्त पदों पर अनुभवी कर्मचारियों की नियुक्ति होगी।
नई भर्ती की आवश्यकता कम होगी।
विभिन्न योजनाओं के संचालन में तेजी आएगी।
प्रशिक्षण पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा।
कर्मचारियों को होने वाले लाभ:
मिशन बंद होने के बाद भी रोजगार सुरक्षित रहेगा।
सेवा में निरंतरता बनी रहेगी।
लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों के अनुभव का बेहतर उपयोग होगा।
रिक्त पदों की सूची मिलते ही शुरू होगी प्रक्रिया
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जैसे ही संबंधित विभागों से रिक्त संविदा पदों का पूरा विवरण प्राप्त होगा, कर्मचारियों के समायोजन की अंतिम प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सरकार की कोशिश है कि 31 मार्च 2027 से पहले ही सभी कर्मचारियों को नए विभागों में पदस्थ कर दिया जाए ताकि किसी को भी बेरोजगार न होना पड़े।
वहीं Swachh Bharat Mission (शहरी) के मामले में स्थिति अलग है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस मिशन के लिए अलग से बड़ा संविदा अमला नियुक्त नहीं किया गया था। भारत सरकार की यह योजना मार्च 2026 में समाप्त हो चुकी थी जिसे 31 मार्च 2027 तक बढ़ाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि शहरी मिशन मुख्य रूप से आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों पर केंद्रित रहा है। इसलिए वहां कार्यरत संविदा कर्मचारियों के समायोजन को लेकर फिलहाल ग्रामीण मिशन जैसी कोई व्यापक योजना नहीं बनाई गई है।

हैदराबाद. तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के शबाद मंडल में शुक्रवार, 10 जुलाई की देर रात एक खौफनाक वारदात ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है. यौन उत्पीडऩ के एक मामले में हाल ही में अग्रिम जमानत पर बाहर आए 35 वर्षीय एक शख्स ने कथित तौर पर प्रतिशोध की आग में अपनी पत्नी और दो बेहद छोटे बच्चों की हत्या कर दी.
इसके तुरंत बाद उसने छह किलोमीटर दूर जाकर उस 17 वर्षीय नाबालिग लड़की, उसकी मां और नानी को भी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया, जिसने उसके खिलाफ पोक्सो अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज कराई थी. एक ही रात में कुल छह लोगों की निर्मम हत्या करने के बाद आरोपी ने अपने पिता को फोन पर जुर्म कबूला और तब से वह फरार है.
आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी की पहचान बी. राजकुमार (35) के रूप में हुई है, जो शबाद इलाके का निवासी है. पुलिस कमिश्नर तरुण जोशी ने बताया कि शुक्रवार देर रात करीब 11:30 बजे राजकुमार ने शबाद स्थित अपने आवास पर सबसे पहले अपनी 30 वर्षीय पत्नी पार्वती सरिता, अपने 4 वर्षीय बेटे और महज 18 महीने (डेढ़ साल) के दूसरे मासूम बेटे पर चाकू से जानलेवा हमला किया.
घटनास्थल का निरीक्षण करने वाले रिश्तेदारों और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों मासूम बच्चों की हत्या उस समय की गई जब वे गहरी नींद में सो रहे थे, जबकि जिस कमरे में पत्नी सरिता का शव मिला वहां गंभीर संघर्ष के निशान दिखाई दिए. वारदात को अंजाम देने के बाद राजकुमार ने कमरे के दरवाजे को अंदर से बंद कर दिया और पंखा, एयर कंडीशनर व कूलर चालू छोड़कर खिड़की के रास्ते बाहर निकल गया.
पारिवारिक सूत्रों और सह-आरोपियों की कडिय़ों को जोड़ते हुए पुलिस ने बताया कि अपनी पत्नी और बच्चों को खत्म करने के बाद राजकुमार कार लेकर सीधे उस 17 वर्षीय किशोरी के घर की तरफ बढ़ा, जिसने उस पर यौन उत्पीडऩ के आरोप लगाए थे. रात करीब 10:45 से 11:00 बजे के बीच वह लड़की के घर पहुंचा और उसे जबरन कार में खींचकर एक सुनसान इलाके में स्थित तालाब के पास ले गया, जहां उसने चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद उसने किशोरी की 45 वर्षीय मां और 65 वर्षीय नानी की भी गला रेतकर नृशंस हत्या कर दी. हालांकि, घर में मौजूद मृतका की 20 वर्षीय दिव्यांग (विकलांग) बहन को आरोपी ने कोई नुकसान नहीं पहुंचाया.
इस भयावह सामूहिक हत्याकांड को अंजाम देने के ठीक बाद, करीब 11:50 बजे राजकुमार ने अपने पिता को फोन किया और स्वीकार किया कि उसने सभी छह लोगों को मार डाला है. आरोपी ने फोन बंद करने से पहले अपने पिता से यह भी कहा कि वह अब खुदकुशी (सुसाइड) करने जा रहा है, हालांकि पुलिस ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है. फोन कॉल से घबराए पिता ने तुरंत शबाद पुलिस स्टेशन पहुंचकर पुलिस को पूरी बात बताई.
जांचकर्ताओं के मुताबिक, राजकुमार और सरिता ने साल 2018 में प्रेम विवाह (लव मैरिज) किया था. उनके तीन बच्चे थे, जिनमें से पहली बेटी की शिशु अवस्था में ही मौत हो गई थी. राजकुमार का जुआ खेलने (गैंबलिंग) का आदी होना और उस पर भारी कर्ज होना भी सामने आया है. इसके अतिरिक्त, उसका मानसिक संतुलन भी अस्थिर बताया गया है जिसके लिए पूर्व में उसकी दो-तीन बार काउंसलिंग भी कराई गई थी.
इसी साल मई 2026 में राजकुमार को पड़ोस की रहने वाली एक नाबालिग लड़की का पीछा करने और उसे जबरन प्रपोजल स्वीकार करने के लिए दबाव बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. पीडि़त परिवार की शिकायत पर उसके खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था. चूंकि धाराएं सात साल से कम की सजा वाली थीं, इसलिए उसे करीब एक सप्ताह पहले ही 20,000 रुपये के निजी मुचलके पर अदालत से अग्रिम जमानत मिली थी. जमानत पर बाहर आते ही उसने कानूनी शिकायत का बदला लेने के लिए इस खौफनाक नरसंहार को अंजाम दे डाला. पुलिस ने हत्या का मुख्य हथियार बरामद कर लिया है और कानूनी कार्रवाई जारी है
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24 भारतीय पर्यटकों से भरी नाव वियतनाम के समुद्र में पलटी, 15 की मौत, दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
हनोई. छुट्टियां मनाने वियतनाम गए भारतीय पर्यटकों के लिए उनका यह सफर एक बड़े और खौफनाक हादसे में तब्दील हो गया है. वियतनाम के मशहूर फु क्वोक द्वीप के पास दर्जनों पर्यटकों को ले जा रही एक नाव अचानक समुद्र में पलट गई. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस भयानक हादसे में अब तक 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जान गंवाने वालों में कितने भारतीय नागरिक शामिल हैं. घटना के तुरंत बाद स्थानीय अधिकारियों और आसपास के लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक, इस दुर्भाग्यपूर्ण नाव में कुल 24 भारतीय नागरिक सवार थे. एक पर्यटक श्रीनिवास ने बताया कि भारत के आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु से कुल 105 पर्यटकों का एक बड़ा ग्रुप वियतनाम घूमने गया था. हादसे का शिकार हुई नाव में आंध्र प्रदेश के 5 और तमिलनाडु के 17 लोग मौजूद थे. फिलहाल आंध्र प्रदेश के 2 लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं, जबकि 3 को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
इसके अलावा तमिलनाडु के भी कई पर्यटकों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद बोट वालों ने बताया कि हादसे के महज पांच मिनट के भीतर ही कई दूसरी नावें बचाव के लिए पहुंच गई थीं. लेकिन नाव के उल्टे होने के कारण ज्यादातर यात्री अंदर ही बुरी तरह फंस गए थे, जिससे बचाव कार्य बेहद मुश्किल हो गया और केवल कुछ ही लोगों को होश की हालत में बाहर निकाला जा सका.
इस बड़े हादसे के बाद वियतनाम में स्थित भारतीय दूतावास पूरी तरह से अलर्ट हो गया है. दूतावास ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया है कि स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है और घटना की सटीक जानकारी जुटाई जा रही है. अपनों की जानकारी और मदद के लिए भारतीय दूतावास ने हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं. प्रभावित परिवार जानकारी प्राप्त करने के लिए हो ची मिन्ह सिटी के हेल्पलाइन नंबरों +84-362817930, +84-915523714 और +84-334520414 पर सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, हनोई में बनाए गए कंट्रोल रूम के नंबर +84-913089165 पर भी कॉल करके पूरी मदद ली जा सकती है.
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थार से बांधी रस्सी: उखाड़ ले गए ATM, CCTV में कैद हुई वारदात
ओडिशा। महिंद्रा थार से एटीएम मशीन को रस्सी के सहारे बांधकर कई मीटर तक घसीटा गया। सुनसान जगह पर मशीन तोड़कर उसमें रखा कैश निकाल लिया गया और आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
ओडिशा के बालासोर जिले के खैरा थाना क्षेत्र स्थित तुदीगड़िया बाजार में यह वारदात हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पांच से ज्यादा बदमाश काले रंग की महिंद्रा थार SUV में मौके पर पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने ATM कियोस्क का दरवाजा तोड़ा और फिर रस्सी की मदद से पूरी एटीएम मशीन को वाहन से बांध दिया। इसके बाद उन्होंने वारदात को अंजाम देने की तैयारी पूरी कर ली। पूरी वारदात को कुछ ही मिनटों में अंजाम दिया गया।
बदमाशों ने थार को आगे बढ़ाया तो एटीएम मशीन अपनी जगह से उखड़ गई। इसके बाद मशीन को सड़क पर घसीटते हुए काफी दूर एक सुनसान स्थान तक ले जाया गया। वहां पहुंचकर आरोपियों ने मशीन को तोड़ा और उसके अंदर रखा कैश निकाल लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। बाद में क्षतिग्रस्त एटीएम मशीन सड़क किनारे छोड़ दी।
पूरी घटना आसपास लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में कथित तौर पर एटीएम मशीन महिंद्रा थार के पीछे बंधी हुई सड़क पर घिसटती हुई दिखाई दे रही है। पुलिस अब इसी वीडियो के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जांच एजेंसियां वाहन और उसमें सवार लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि एटीएम मशीन में कितनी नकदी मौजूद थी और बदमाश कितनी रकम लेकर फरार हुए। पुलिस बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर मशीन में मौजूद कैश का पूरा हिसाब जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही लूटी गई राशि का सही आंकड़ा सामने आ सकेगा। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है।
घटना के बाद इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में चोरी और लूट की कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन रात के समय पुलिस गश्त पर्याप्त नहीं होने से अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं। लोगों ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और रात में गश्त बढ़ाने की मांग की है। वहीं खैरा थाना पुलिस ने क्षतिग्रस्त एटीएम मशीन बरामद कर मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी है।

दमोह। मध्यप्रदेश के दमोह जिले के सिटी कोतवाली थाना अंतर्गत तीन गुल्ली चौराहा स्थित एक स्पा सेंटर पर अनैतिक गतिविधियों की सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली टीआई मनीष कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने छापामार कार्रवाई की। छापे में पुलिस ने मौके से तीन युवक और तीन युवतियों को संदिग्ध परिस्थितियों में पाते हुए हिरासत में लिया। इस दौरान पुलिस ने स्पा सेंटर से आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की है। हिरासत में लिए गए सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है।
जानकारी अनुसार शहर में संचालित रेड डोर स्पा सेंटर में अनैतिक गतिविधियों की सूचना के आधार पर गठित टीम ने दबिश देकर स्पा सेंटर से ग्राहक के रूप में मौजूद तीन युवक भगवानदास, अंकुर और पप्पू को संदिग्ध स्थिति में पकड़ा। वहीं तीन युवतियों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
प्रारंभिक जांच में स्पा सेंटर का संचालक मुहम्मद आफताब अली निवासी रीवा का होना सामने आया है। मामले में अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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बड़ी खबरः BJP विधायक प्रीतम लोधी के बेटे को कोर्ट ने घोषित किया फरार, स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी
ग्वालियर। SC-ST विशेष अदालत ने भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी के बेटे दिनेश लोधी को आधिकारिक तौर पर फरार घोषित कर दिया है। कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए केस रिकॉर्ड को विशेष सुरक्षा में रखने के निर्देश दिए हैं। दिनेश लोधी पर ग्वालियर के पुरानी छावनी में SC ST का मामला दर्ज हुआ था।इसके अलावा पिछोर में थार गाड़ी से एक व्यक्ति को कुचलने की कोशिश के मामले में भी दिनेश चर्चाओ में आया था।
दरअसल ग्वालियर की एससी-एसटी विशेष अदालत के न्यायाधीश ने पुरानी छावनी थाने में दर्ज मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। कोर्ट में पुरानी छावनी थाना के प्रधान आरक्षक संजय द्विवेदी ने आरोपी के खिलाफ अदम तामील वारंट और तस्दीक पंचनामा पेश किया। पुलिस के बयान और रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद अदालत ने दिनेश लोधी को फरार घोषित कर स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।
दिनेश के खिलाफ साल 2023 में जलालपुर निवासी द्वारा एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज हुआ था। कोर्ट ने आदेश में यह भी कहा है कि केस की मुख्य फाइल पर लाल स्याही से यह लिखा जाए कि “अभियुक्त फरार है”, ताकि रिकॉर्ड सुरक्षित रहे। साथ ही केस फाइल को रिकॉर्ड रूम में सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।फिलहाल दिनेश लोधी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। अब पुलिस पर अदालत के स्थायी गिरफ्तारी वारंट का पालन कर आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने की जिम्मेदारी होगी।
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नरक में भी जगह नहीं मिलेगीः गौवंश से अप्राकृतिक कृत्य, वीडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप
कटनी। मध्यप्रदेश के कटनी जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक व्यक्ति ने गौवंश के साथ अप्राकृतिक कृत्य किया है, घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया है। पूरे मामले पर समाजसेवी की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल FIR दर्जकर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
दरअसल पूरा मामला कटनी जिले के माधवनगर थाना क्षेत्र स्थित हॉस्पिटल लाइन की बताई गई है। जहां देर रात सड़क किनारे खड़े एक गौवंश के साथ आरोपी अमृतलाल कोटवानी द्वारा अप्राकृतिक कृत्य किया गया। इसी दौरान किसी स्थानीय व्यक्ति ने पूरी घटना अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर ली। वीडियो सामने आने के बाद यह तेजी से वायरल हुआ और मामला पुलिस तक जा पहुंचा।
माधवनगर थाना प्रभारी संजय दुबे ने बताया कि बजरंग दल ने करण मिश्रा ने वायरल वीडियो के आधार पर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।प्रारंभिक जांच में वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान हॉस्पिटल लाइन निवासी अमृतलाल कोटवानी के रूप में होने पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(A) तथा पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11(1)(A) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और वीडियो की सत्यता सहित पूरे मामले की जांच जारी है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है।

भोपाल एमपी में भोपाल के ऐशबाग थाना इलाके की आंबेडकर कॉलोनी (सुदामा नगर) में हुए सनसनीखेज बुजुर्ग दंपती हत्याकांड में पुलिस ने दो मुख्य संदेहियों के फुटेज जारी किए है। पुलिस ने आरोपियों पर 50 हजार रुपए के नकद इनाम की घोषणा की है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि आरोपियों की पहचान उजागर करने वाले का नाम और पता पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।
इस दोहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस अब तक 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल सीडीआर खंगाल चुकी है। बता दें, 26 जून की रात ऐशबाग पुलिस को हेमंत फिलेमोन (70) और उनकी पत्नी शकुंतला (70) के शव उनके घर में मिले थे। कमरे से बदबू आने पर इस खौफनाक वारदात का खुलासा हुआ था। फॉरेंसिक जांच के मुताबिक, दोनों की हत्या 24 जून की रात 8 से 8.30 बजे के बीच दो-दो गोलियां मारकर की गई थी।
पुलिस को अंदेशा है, वारदात कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का हिस्सा है। हत्यारे प्रोफेशनल थे, जिन्होंने मौके पर फिंगर प्रिंट जैसे कोई सबूत नहीं छोड़े। दोनों रेनकोट व ग्लब्स पहने नजर आ रहे हैं, जिनकी उम्र 30 से 38 वर्ष के बीच आंकी गई है। पुलिस ने दिल्ली की एक निजी विंग से फुटेज साफ करवाए हैं। बता दें कि फुटेज में दोनों युवक पहले साथ चल रहे है कुछ दूर जाकर अलग-अलग रास्तों पर निकल जाते हैं। फिर सुभाष नगर अंडरब्रिज के पास दोबारा मिलते हैं। इसके बाद दोनों कैमरों से ओझल हो जाते हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने तेज बारिश और रेनकोट का इस्तेमाल अपनी पहचान छिपाने के लिए किया।
तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल डेटा की जांच जारी है। पुलिस जांच में एक और तथ्य सामने आया है। दंपती के मकान में रहने वाला एक किराएदार वारदात से करीब चार दिन पहले अचानक लापता हो गया था। उसका सामान अभी भी मकान में है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और मान रही है कि उससे गुत्थी सुलझाने में मदद मिल सकती है। इसी दौरान एक शराब दुकान की फुटेज मिली, जिसमें संदिग्ध हुलिए का युवक शराब खरीदता दिखा। इसी आधार पर पुलिस ने एक एक की पहचान की है और उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
पुलिस को मृतक दंपती के कमरे की छानबीन के दौरान एक दो नहीं बल्कि 10 डैमेज स्मार्ट फोन और मिले हैं। साथ ही, ये भी पता चला है कि, हेमंत हर 3 महीने में फोन और सिम बदल देता है। आखिर इसके पीछे क्या कारण था? और हत्या करने वाला शख्स सिर्फ दंपती के फोन ही क्यों लेकर फरार हुआ है? पुलिस की एक टीम फोन मिस्ट्री को ही केंद्र मानकर तफ्तीश कर रही है।
पुलिस के अनुसार, हेमंत स्मार्टफोन और शकुंतला की-पैड मोबाइल इस्तेमाल किया करती थीं। आशंका है कि, आरोपी मोबाइल फोन ले जाने के इरादे से ही उन्हें साथ ले गया। दोनों फोन घटना के बाद घर के अंदर ही बंद किए गए थे और उनकी आखिरी लोकेशन भी घर ही पाई गई है।
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कुंभकरण के भेष में नगर परिषद को जगाने पहुंची कांग्रेस, भ्रष्टाचार और बदहाली पर घेरा
बैतूल। भैंसदेही नगर की विभिन्न समस्याओं और नगर परिषद की कार्यप्रणाली के विरोध में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को नगर परिषद कार्यालय के सामने अनोखे अंदाज में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान एक कार्यकर्ता को कुंभकरण का रूप दिया गया, जो नगर परिषद कार्यालय के सामने प्रतीकात्मक रूप से सोता रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे नगर परिषद की कुंभकरणी नींद बताते हुए जमकर नारेबाजी की और जनसमस्याओं के समाधान की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पंकज सिंह चौहान और रानू ठाकुर ने किया। प्रदर्शन के दौरान कुंभकरण के वेश में एक कार्यकर्ता नगर परिषद कार्यालय के सामने सोने का अभिनय करता रहा, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी कर नगर परिषद को जनता की समस्याओं के प्रति जागने का संदेश देते रहे। इस अनूठे प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम ने कहा कि जिस तरह पौराणिक कथाओं में कुंभकरण गहरी नींद में सोया रहता था, उसी तरह भैंसदेही नगर परिषद भी जनता की समस्याओं के प्रति पूरी तरह बेखबर है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगरवासियों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा, पाइपलाइन बिछाने के नाम पर पूरे नगर की सड़कें खोद दी गई हैं लेकिन आज तक उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। बारिश के कारण जगह-जगह कीचड़ फैल गया है, जिससे बुजुर्ग, महिलाएं और स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है।
रामू टेकाम ने कहा कि नगर परिषद में लगातार भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं, सफाई व्यवस्था बदहाल है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई केवल गरीबों तक सीमित है, जबकि प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि यदि अतिक्रमण हटाना है तो बिना भेदभाव सभी के विरुद्ध समान कार्रवाई की जाए और प्रभावशाली लोगों को संरक्षण देना बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि नगर परिषद का दायित्व आम नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन वर्तमान में लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए भी परेशान हैं।
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर के नाम मुख्य नगर परिषद अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री भू-अधिकार योजना के तहत स्वीकृति प्रमाण-पत्र प्राप्त करीब 95 से 100 हितग्राहियों को अब तक पट्टे नहीं मिलने और इसके कारण प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। साथ ही पाइपलाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत, शनिवार बाजार में पार्किंग व्यवस्था किए बिना वाहनों से कथित अवैध वसूली बंद करने, शिव मंदिर तालाब और सिटी ग्राउंड के पास पार्किंग विकसित करने, पेयजल पाइपलाइन के वाल्व चैंबर पर ढक्कन लगाने, नगर की पानी की टंकियों की नियमित सफाई कराने, बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों को चालू करने, सड़कों पर निकले घरेलू पानी के पाइप हटाने, गरीब और प्रभावशाली लोगों के विरुद्ध अतिक्रमण कार्रवाई में समानता बरतने, नगर परिषद में कथित नियमविरुद्ध नियुक्तियों एवं भ्रष्टाचार की जांच कराने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के 35 हितग्राहियों को लंबित दूसरी किस्त शीघ्र जारी करने की मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि नगर की मूलभूत समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया और जनता की मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने नगर परिषद अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर नगरवासियों की समस्याओं के तत्काल निराकरण और विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
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बैंक कियोस्क में लाखों का गबन: 40 लाख से ज्यादा की अनियमितता, संचालक फरार
रायसेन। आरोप है कि कियोस्क संचालक गोपाल सिंह राजपूत कई दिनों से फरार है। पीड़ितों का कहना है कि बैंक की सील लगी रसीद और दस्तावेज होने के बावजूद उनकी जमा राशि बैंक रिकॉर्ड में दिखाई नहीं दे रही है। SBI प्रबंधन ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि कोतवाली पुलिस भी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद एफआईआर दर्ज करने की बात कही गई है।
टिपटा बाजार निवासी नुसरत बी ने बताया कि पति के निधन के बाद बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उन्होंने 3.70 लाख रुपये की FD कियोस्क के माध्यम से कराई थी। उन्हें बैंक की सील लगी रसीद और दस्तावेज भी दिए गए थे, लेकिन अब बैंक रिकॉर्ड में यह एफडी फर्जी बताई जा रही है। पीड़िता का कहना है कि जब तक उनकी जमा राशि वापस नहीं मिलती, तब तक वह न्याय के लिए संघर्ष जारी रखेंगी। इस मामले ने अन्य खाताधारकों की चिंता भी बढ़ा दी है।
एक अन्य पीड़िता गुलस्ता बी ने बताया कि मकान बेचने से मिली रकम में से 1.70 लाख रुपये कियोस्क में जमा किए थे। पासबुक अपडेट कराने पर खाते में मात्र 10 हजार रुपये ही दिखाई दिए। इससे परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़िता का कहना है कि उनकी जीवनभर की जमा पूंजी अचानक गायब हो गई और अब उन्हें अपनी ही रकम के लिए बैंक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
वार्ड-3 निवासी रचना यादव ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई के लिए मेहनत-मजदूरी कर 37 हजार रुपये जमा किए थे। आरोप है कि संचालक ने अंगूठा लगवाकर 25 हजार रुपये निकाल लिए, लेकिन उन्हें पैसे नहीं दिए। बाद में पासबुक अपडेट कराने पर खाते में केवल 12 हजार रुपये ही बाकी मिले। वहीं जमना प्रसाद ने भी शिकायत की कि भीख मांगकर वर्षों में बचाए 31 हजार रुपये कियोस्क में जमा किए थे, लेकिन अब खाते में वह राशि नहीं है।
घोटाले से प्रभावित लोगों में ज्यादातर गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवार हैं। किसी ने बच्चों की पढ़ाई के लिए बचत की थी तो किसी ने पति की मौत के बाद भविष्य सुरक्षित करने के लिए एफडी कराई थी। अब अपनी ही जमा पूंजी पाने के लिए लोग दर-दर भटक रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि उनकी पूरी जिंदगी की मेहनत की कमाई दांव पर लग गई है और उन्हें जल्द न्याय मिलना चाहिए।
SBI के शाखा प्रबंधक अविनाश कुमार ने बताया कि शिकायतों के आधार पर सभी संबंधित खातों के लेन-देन की जांच की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद कियोस्क संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। कोतवाली थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल ने बताया कि शिकायतों का परीक्षण किया जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया जाएगा। पूरे मामले में यह सवाल भी उठ रहे हैं कि बैंक की सील लगी रसीद और दस्तावेज होने के बावजूद फर्जी एफडी कैसे जारी हुई, कियोस्क के लेन-देन की समय-समय पर निगरानी क्यों नहीं हुई, गरीबों की जमा पूंजी की सुरक्षा के लिए बैंक की जवाबदेही क्या होगी और यदि गड़बड़ी पहले पकड़ ली जाती तो क्या करोड़ों की बचत सुरक्षित रह सकती थी।

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फोटो गैलरी

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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