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बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सावंगा में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। यहां एक 25 वर्षीय युवक ने अपनी मां, पिता और छोटे भाई की निर्मम हत्या कर दी। आरोपी युवक को मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक घटना बुधवार-गुरुवार की रात की बताई जा रही है। युवक ने लाठी और लोहे की रॉड से अपने माता-पिता और छोटे भाई पर बेरहमी से हमला किया। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी शवों के साथ ही घर के अंदर बंद हो गया और पूरी रात वहीं बैठा रहा। सुबह गांव वालों को घर से कुछ संदिग्ध आवाजें सुनाई दीं। जब कुछ ग्रामीणों ने झांककर देखा तो उनके होश उड़ गए – घर के अंदर तीन शव पड़े थे और युवक उनके पास बैठा था।
ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि मौत लाठी-रॉड से सिर और शरीर पर गंभीर चोटों के कारण हुई है। पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ में उसने अपराध कबूल किया है, लेकिन वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। कुछ परिजन और ग्रामीणों का कहना है कि युवक लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान था और इलाज भी चल रहा था।

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वरमाला के बाद पिता संग भागा दूल्हा, सजे मंडप में हड़कंप मच गया
नर्मदापुरम कितनी हैरानी की बात है कि इतनी सख्त सजा के वावजूद लोग आज भी दहेज मांगने और युवतियों और उनके परिवारों की बदनामी करने से नहीं चूक रहे हैं। नर्मदापुरम के इस मामले में भी दहेज का विवाद इतना बढ़ा कि दूल्हा अपने पिता के साथ बारात लेकर लौट गया। उसके बाद दुल्हन बनीं युवती को कुछ नहीं सूझा शादी का बंधन बंधने से पहले ही टूटा तो उसकी आंखें भर जरूर आईं, लेकिन उसने साहस दिखाते हुए थाने की ओर कदम बढ़ा दिए। इधर बारात लौटी तो शादी के लिए सजे मंडप में हड़कंप मच गया। लोग दुल्हन के परिवार के साथ ही दुल्हे के परिवार की हरकतों पर भी बातें बनाते नजर आए।
मामले में सामने आया है कि शादी से पहले वर पक्ष ने वधु पक्ष से 3 लाख रुपए कैश और बाइक की डिमांड की थी। लेकिन वधु पक्ष ये डिमांड पूरी नहीं कर पाया। शादी समारोह के दिन भी वर पक्ष ने कहा बाइक और कैश नहीं दिया तो शादी नहीं करेंगे।
नर्मदापुरममें इस युवती का परिवार लालच की भेंट चढ़ गया। युवती का कहना है कि अपने घर में भाई-बहनों में वह सबसे बड़ी है। उसकी शादी भोपाल के गौतम नगर के मनीष डोडिया से 30 जनवरी 2026 को तय हुई थी। 2 फरवरी को मनीष ने फोन कर शादी के इंतजामों की जानकारी ली। परिवार ने साफ कह दिया था कि वे अपनी क्षमता अनुसार ही विवाह कर पाएंगे।
पिता के साथ हुई बातचीत के बावजूद 6 फरवरी को मनीष के पिता देवनारायण डोडिया पीड़िता के घर पहुंचे और शादी धूमधाम से करने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो शादी नहीं करेंगे। शादी की पत्रिकाएं बंट चुकी थीं, इसलिए मजबूरी में पीड़िता के परिवार ने रिश्तेदारों से पैसे उधार लेकर धर्मशाला बुक की और सामान खरीदा। 12 फरवरी को बारात पहुंची, दोपहर में सगाई हुई, जिसमें दूल्हे को सोने की अंगूठी और 5100 रुपए नगद दिए गए। शाम को बारात के दौरान सोने की चेन भी दी गई, लेकिन वरमाला के बाद दूल्हा मनीष और उसके पिता देवनारायण ने दहेज में 3 लाख रुपए नगद और बाइक की मांग रख दी।
पीड़िता के भाई मां और रिश्तेदारों ने समझाने की कोशिश की लेकिन मेहमानों की मौजूदगी में और इतनी जल्दी रकम व बाइक की व्यवस्था संभव नहीं हो पाने के कारण बाद में देने की विनती भी की। लेकिन दूल्हा और उसके पिता नहीं माने। उन्होंने वधु पक्ष से मिली सोने की चेन और अंगूठी वापस कर दी और बिना शादी किए बारात लेकर लौट गए।
शादी टूटने के बाद से युवती मानसिक तनाव में है। दूल्हे और उसके पिता पर FIR के बाद पीड़िता हाथों और पैरों में लगी मेहंदी के साथ कोतवाली थाने पहुंची। जहां उसने एसआई दीपिका लोखंडे के सामने अपने बयान दर्ज कराए। बयान देते समय युवती भावुक हो गई और वह फूट-फूट कर रो पड़ी। एसआई दीपिका ने उसे समझाया और कार्रवाई के लिए आश्वस्त करते हुए उसे घर भेजा।
मामले में एक हफ्ते बाद पुलिस ने दूल्हे और उसके पिता के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत केस दर्ज किया है।
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डॉक्टर ने महिला मरीज से किया रेप: दवा में नशीला पदार्थ खिलाकर वारदात को दिया अंजाम
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर की गंदी करतूत सामने आई है। यहां के एक डॉक्टर ने महिला मरीज से रेप किया है। पीड़िता की शिकायत पर FIR के बाद आरोपी डॉक्टर फरार हो गया है।
दरअसल डॉक्टर ने दवा में नशीला पदार्थ देकर महिला के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया है। शादीशुदा पीड़ित महिला ग्वालियर की रहने वाली है। आरोपी डॉक्टर बेहतर इलाज करने का बहाना देकर पीड़ित को भोपाल लाया था।
भोपाल में एक होटल में रुके और खाने में नशीली दवा खिलाकर दुष्कर्म किया। डॉक्टर अमरीश सेंगर से पिछले 7 महीने से महिला का चर्म रोग का इलाज चल रहा था। पीड़िता ने एमपी नगर थाने में शिकायत की है। घटना के बाद आरोपी डॉक्टर फरार है। पुलिस डॉक्टर की तलाश और मामले की जांच में जुटी है।

शहडोल। जिले के अमझोर वन परिक्षेत्र के सीधी सर्किल अंतर्गत महादेवा क्षेत्र में लकड़ी की अवैध कटाई और तस्करी रोकने पहुंचे वन विभाग के अमले पर माफिया ने हमला कर दिया। हमले में रेंजर तरुणेंद्र सिंह और डिप्टी रेंजर दुर्गा प्रसाद अहिरवार सहित कई बीट गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ कर्मचारियों के सिर फूट गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद घायल वन अमले ने डायल 112 पर संपर्क कर मदद मांगी। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और बंधक बने वन कर्मियों को छुड़ाकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरअसल अमझोर वन परिक्षेत्र के रेंजर तरुणेंद्र सिंह, डिप्टी रेंजर दुर्गा प्रसाद अहिरवार को अवैध कटाई एवं परिवहन की सूचना मिली। कार्यवाही करने पहुंची टीम ने मौके पर महेंद्र यादव और सुरेन्द्र यादव को पकड़ा। आरोपियों ने पहले वन अमले को कार्यवाही न करने दबाव बनाया और फिर दूसरे स्थान पर ले जाने का बहाना बनाकर टीम को अंदरूनी क्षेत्र में ले गए। जहां पहले से मौजूद लोगों के साथ मिलकर लाठी-डंडों, पत्थरों से हमला कर दिया।
गौरतलब है कि हाल ही में शहडोल मुख्यालय से लगे क्षेत्र में भी कोल माफियाओं द्वारा गश्त कर रही फॉरेस्ट टीम पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें रेंजर सहित कई वनकर्मी घायल हुए थे। इन हमलों ने जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। DFO तरुणा वर्मा ने बताया कि लड़की तस्करी की सूचना पर वन अमला पहुंचा था, तभी कुछ लोगों ने उन्हें बंधक बनाकर हमला कर दिया। थाना प्रभारी अजय बैगा का कहना है कि वन कर्मियों पर हमले की शिकायत पर मामला दर्ज किया है।
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इंदौर भागीरथपुरा केस : विधानसभा में सरकार ने माना दूषित पानी से हुईं 20 मौतें , CM ने 1-1 लाख मुआवजा बढ़ाया
भोपाल। मप्र विधानसभा में गुरुवार को इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा छाया रहा। प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस विषय पर पूछा कि क्या जलजनित बीमारी के प्रकोप की जानकारी थी? दूषित जल से कितनी मौतें हुई हैं? साथ ही उन्होंने जांच, रिपोर्ट और विषय के बारे में जानना चाहा। सिंघार के सवाल का उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने लिखित उत्तर में बताया कि क्षेत्र में दूषित पानी की बीमारी के कारण अब तक 20 लोगों की जान जा चुकी है, 459 लोग अस्पताल में भर्ती किया गया और चार का इलजा चल रहा है। शुक्ल ने बताया कि 29 दिसंबर 2025 को पहली बार इस बीमारी की सूचना मिली थी। सरकार ने आधिकारिक तौर पर माना कि अब तक कॉलरा (हैजा) और ई कोलाई संक्रमण के कारण 20 लोगों की मौत हुई है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मौतों का आंकड़ा ज्यादा होने और मुआवजा कम मिलने की बात कही, तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह विषय राजनीति से ऊपर है और इसमें पक्ष-विपक्ष नहीं होना चाहिए। उन्होंने ऐलान किया कि सरकार अब मृतकों के परिजनों को 4 लाख के बजाय 5 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले आईएएस अधिकारी तक को सस्पेंड कर सख्त कार्रवाई की गई है।
सदन में विपक्ष ने भागीरथपुरा की घटना के लिए नगर निगम और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूछा कि क्या इस लापरवाही के लिए विभागीय मंत्री और महापौर जिम्मेदार नहीं हैं? उन्होंने नैतिक आधार पर मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की। हालांकि, सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल प्रभाव से उचित कदम उठाए गए और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन किया है।
सवाल के जवाब में मंत्री शुक्ल ने बताया कि मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए कोलकाता और इंदौर की लैब में मरीजों के स्टूल और पानी के सैंपल भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में हैजा और ई.कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल यह मामला मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में जनहित याचिका के रूप में विचाराधीन है।
विपक्ष के हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि भागीरथपुरा मामले पर चर्चा का आश्वासन दिया जा चुका है और कार्यवाही प्रभावित होने के बावजूद इस पर मौका दिया जाएगा। अध्यक्ष के इस आश्वासन के बाद कांग्रेसियों का गुस्सा कुछ कम हुआ। इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस विधायक महेश परमार, कैलाश कुशवाह, नारायण सिंह पट्टा, फूल सिंह बरैया, विक्रांत भूरिया, सिद्धार्थ कुशवाह, अभिजीत शाह, दिनेश जैन बॉस गर्भगृह में धरने पर बैठ गए थे।
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कुख्यात इनामी तस्कर भय्यू लाला की संदिग्ध परिस्थिति में मौत, MD ड्रग्स मामले में था फरार
मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर में कुख्यात तस्कर भय्यू लाला की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। उसकी लाश घर पर बरामद हुई है। वह 10 किलो एमडी ड्रग्स मामले में फरार थे।
भय्यू लाला की पत्नी ने पुलिस पर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि मारपीट की वजह से पति की मौत हुई है। बता दें कि बीते दिनों मुंबई और रतलाम पुलिस ने 10 किलो एमडी ड्रग्स केस में बड़ी कार्रवाई की थी जिसमें वह फरार था।
भय्यू लाला पर राजस्थान, महाराष्ट्र और एमपी में करीब 19 अपराध दर्ज थे। वह 5 अपराधों में फरार चल रहा था। उस पर 5 हजार रुपए का इनाम भी था।

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने आज मुफ्त की रेवडिय़ां बांटने पर कहा कि अगर सरकार लोगों को सुबह से शाम तक फ्री खाना, गैस व बिजली देती रहेगी तो लोग काम क्यों करेंगे. ऐसे तो काम करने की आदत खत्म हो जाएगी. सरकार को रोजगार देने पर फोकस करना चाहिए.
कोर्ट ने कहा कि गरीबों की मदद करना समझ में आता है. लेकिन बिना फर्क किए सबको मुफ्त सुविधा देना सही नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई करते हुए की. इसमें कंज्यूमर्स की फाइनेंशियल हालत की परवाह किए बिना सभी को फ्री बिजली देने का प्रस्ताव था. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉय माल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि देश के ज्यादातर राज्य राजस्व घाटे में हैं और फिर भी वे विकास को नजरअंदाज करते हुए मुफ्त की घोषणाएं कर रहे हैं. आपको लोगों के लिए रोजगार के रास्ते बनाने चाहिए ताकि वे कमा सकें और अपनी इज्जत और आत्म सम्मान बनाए रख सकें. जब उन्हें एक ही जगह से सबकुछ मुफ्त मिल जाएगा तो लोग काम क्यों करेंगे. क्या हम ऐसा ही देश बनाना चाहते हैं.
अचानक चुनाव के आसपास स्कीम क्यों अनाउंस की जाती हैं, अब समय आ गया है कि सभी पॉलिटिकल पार्टियां, नेता फिर से सोचें. अगर हम इस तरह से उदारता दिखाते रहे तो हम देश के डेवलपमेंट में रुकावट डालेंगे. एक बैलेंस होना चाहिए. ऐसा कब तक चलेगा. हम भारत में कैसी संस्कृति विकसित कर रहे हैं, यह समझ में आता है कि कल्याणकारी योजना के तहत आप उन लोगों को राहत दें. जो बिजली का बिल नहीं चुका सकते. जो लोग भुगतान करने में सक्षम हैं और जो नहीं हैं, उनके बीच कोई फर्क किए बिना मुफ्त सुविधा देना क्या तुष्टीकरण की नीति नहीं है. सुप्रीम कोर्ट तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन की याचिका पर सुनवाई कर रहा था.
कंपनी ने 2024 के विद्युत संशोधन नियमों के नियम 23 को चुनौती दी है. इसमें उपभोक्ताओं की आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना सभी को मुफ्त बिजली देने का प्रस्ताव है. राज्य सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को हर दो महीने में लगभग 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली देती है, बिना किसी शर्त के यानी उपभोक्ता चाहे कितना भी खर्च करे, पहली 100 यूनिट के लिए बिल नहीं देना होता. कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने यह भी पूछा कि बिजली दरों की घोषणा के बाद तमिलनाडु की कंपनी ने अचानक मुफ्त बिजली देने का फैसला क्यों किया.
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‘घूसखोर पंडित’ विवाद खत्म, नीरज पांडे ने वापस लिया टाइटल
मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के नाम को लेकर विवाद के बीच निर्माता नीरज पांडे ने सुप्रीम कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि फिल्म का नया शीर्षक अभी तय नहीं हुआ है और पुराने विवादित शीर्षक व प्रचार सामग्री को वापस ले लिया गया है।
नीरज पांडे ने हलफनामे में कहा कि फिल्म किसी धर्म, समुदाय या नागरिक की धार्मिक भावनाओं का अपमान नहीं करती। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका और उनके प्रोडक्शन हाउस का ऐसा कोई इरादा नहीं था। फिल्म किसी भी माध्यम से किसी जाति, धर्म या समुदाय को निशाना नहीं बनाती।
फिल्म के टीजर के बाद विवाद शुरू हुआ था। निर्माता ने हलफनामे में बताया कि जनता की चिंताओं को देखते हुए 6 फरवरी को सभी प्रचार सामग्री वापस ले ली गई थी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि विवादित शीर्षक अब इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। नया शीर्षक पुराने शीर्षक से मिलता-जुलता भी नहीं होगा।
हलफनामे में बताया गया कि फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है। कहानी एक आपराधिक जांच के इर्द-गिर्द घूमती है और इसमें किसी जाति, धर्म या समुदाय को भ्रष्ट दिखाने का प्रयास नहीं किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 12 फरवरी को फिल्म के निर्माताओं को सख्त फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल किसी वर्ग को बदनाम करने के लिए नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और उज्ज्वल भुयान की पीठ ने केंद्र सरकार, सीबीएफसी और निर्माता को नोटिस जारी किया था और कहा कि शीर्षक बदले बिना फिल्म रिलीज नहीं की जा सकती।
ब्राह्मण समाज ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय संगठन सचिव अतुल मिश्रा ने अपने वकील डॉ. विनोद कुमार तिवारी के जरिए फिल्म के खिलाफ याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि फिल्म का शीर्षक और कहानी जाति-धर्म आधारित रूढ़िवादिता को बढ़ावा देती है और ब्राह्मण समुदाय की गरिमा और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है।
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कर्रेगुट्टा में नक्सली मुठभेड़ : ऑपरेशन कगार में 5 नक्सली ढेर, हथियार और गोला-बारूद बरामद
गुरुवार को सुरक्षाबलों ने कर्रेगुट्टा इलाके में ऑपरेशन कगार के तहत मुठभेड़ में 5 नक्सलियों को ढेर कर दिया। यह कार्रवाई इलाके में चल रही एंटी-नक्सल सर्चिंग और नियंत्रण अभियान का हिस्सा थी।
सुरक्षाबलों के अनुसार, खुफिया जानकारी के आधार पर जंगली इलाके में सर्च ऑपरेशन चल रहा था। इसी दौरान नक्सलियों ने गोलीबारी की, जिस पर सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई कर 5 नक्सलियों को मार गिराया। इनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया।
सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट-2 शुरू किया है, जो कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर केंद्रित है। इस अभियान में 2000 से अधिक जवान शामिल हैं, जिनमें CRPF, छत्तीसगढ़ पुलिस, DRG और कोबरा यूनिट के कमांडो शामिल हैं।
अभियान में लगभग 300 नक्सलियों को घेरा गया है। इसमें चार वरिष्ठ नक्सली कमांडर विशेष निशाने पर हैं। सरकार ने 31 मार्च 2026 तक राज्य से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा है।
अभी इलाके में सर्च और सैनिटाइजेशन ऑपरेशन जारी है। वरिष्ठ अधिकारियों को घटनाक्रम की जानकारी दे दी गई है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है।

रीवा। पोर्न स्टार बनने की चाहत ने एक पति को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। आरोपी ने अपनी ही पत्नी के साथ सेक्स का पोर्न वीडियो बनाया और उसे वायरल कर दिया। बताया गया आरोपी ने अपनी नवविवाहिता पत्नी के साथ संबंध बनाते हुए वीडियो रिकॉर्ड किया था। इसके बाद इन अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। 13 मिनट की क्लिप देखकर इंटरनेट पर सनसनी मच गई थी। वहीं पीड़िता ने इसकी शिकायत थाने में की थी। जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया है।
यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के रीवा जिले का है। जहां दहेज लोभी पति शिवम साहू ने इंसानियत की सारी सीमाएं पार कर दी। उसने अपनी पत्नी को पहले दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। बात नहीं बनी तो उसने अपनी पत्नी का दिल जीता और भरोसे में लेकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। सेक्स के दौरान के पलों को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद इस अश्लील क्लिप को फेसबुक, इंस्टाग्राम पर वायरल कर दिया था।
सोशल मीडिया पर 13 मिनट का वीडियो वायरल होते ही सनसनी मच गई। जब पीड़िता और उसे घर वालों ने यह वीडियो देखा तो उनके भी पैरों तले जमीन खिस गई। कुछ समझ नहीं आ रहा था। इसके बाद उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के मुताबिक, शादी से पहले ही उसके ससुराल वाले दहेज के लिए दबाव बना रहे थे। परिवार ने असमर्थता जताई थी। जिसके बाद विवाह सम्पन्न हुआ और उसे ससुराल विदा कर दिया गया।
ससुराल पहुंचने के बाद पति शिवम साहू दहेज के लिए लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। पीड़िता ने शिकायत में बताया था कि जब शिवम को सफलता नहीं मिली तो उसने बहला फुसला कर संबंध बनाए और निजी पलों का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके कुछ समय बाद एक बार फिर दहेज की मांग की। जब डिमांड पूरी नहीं हुई तो उसने वीडियो को वायरल कर दिया। आरोपी शिवम साहू ट्रक ड्राइवर है। फिलहाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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8वीं तक के छात्रों को टेट्रा पैक में फ्री दूध बांटेगी सरकार, 15 हजार शिक्षकों की होगी भर्ती
भोपाल. मध्यप्रदेश विधानसभा में बुधवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया गया. राज्य के उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कुल 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया. उन्होंने करीब डेढ़ घंटे के बजट भाषण में महिलाओं, बच्चों और युवाओं के लिए अनेक घोषणाएं कीं.
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने किसान कल्याण, ग्रामीण विकास पर भी खासा ध्यान दिया है. प्रदेश में सीएम डॉ. मोहन यादव की सरकार का यह तीसरा बजट है. इसमें कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है. बजट में कई अहम घोषणाओं के साथ 8वीं कक्षा तक के छात्रों को फ्री दूध बांटने का प्रावधान किया गया है.
विधानसभा में बजट प्रस्तुत करने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई.विधानसभा समिति कक्ष में वंदे मातरम गान के साथ प्रारंभ हुई इस बैठक में विधानसभा में प्रस्तुत किए जाने वाले वर्ष 2026- 27 के बजट के लिए उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा सहित वित्त विभाग की टीम को बधाई और शुभकामनाएं दी गईं.
मंत्रि-परिषद को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2026- 27 का बजट ऐतिहासिक साबित होगा. यह बजट सभी को साथ लेकर कदम दर कदम आगे बढ़ते जाने के संकल्प का प्रमाण है. प्रदेश में केंद्र सरकार के मूल मंत्र ज्ञान के अंतर्गत गरीब-युवा-अन्नदाता और महिलाओं के कल्याण के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार को समर्पित है.
राज्य के नए बजट में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने महिला कल्याण के लिए 1 लाख 27 हजार 555 करोड़ रुपए का प्रावधान किया. लाड़ली बहना योजना के लिए बजट में 23882 करोड़ रुपए रखे गए. पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए 40062 करोड़ रुपए की घोषणा की.
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने राज्य के स्कूली बच्चों के लिए बजट में बड़ा प्रावधान किया. उन्होंने 8वीं तक के बच्चों को फ्री दूध देने की घोषणा की. यह दूध विद्यार्थियों को टेट्रा पैक में उपलब्ध कराया जाएगा. वित्त मंत्री ने प्रदेश के युवाओं के लिए 15 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान भी किया. बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि अलग-अलग महिला कल्याण योजनाओं के लिए कुल 127555 करोड़ रुपए रखे गए हैं. प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कुल 23747 करोड़ दिए गए हैं.
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सीमेंट फैक्ट्री को लेकर हिंसक बवाल, ग्रामीणों ने पलटीं गाड़ियां, पुलिस पर किया पथराव
धार। मध्य प्रदेश के धार जिले के कुक्षी क्षेत्र के ग्राम टकारी में सीमेंट फैक्ट्री को लेकर बुधवार को माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। फैक्ट्री निर्माण के लिए सैंपलिंग लेने पहुंची टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। आक्रोशित लोगों ने टीम के वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की और एक चार पहिया वाहन को पलट दिया।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि जैसे ही सैंपलिंग की प्रक्रिया शुरू की गई, ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र हो गए और विरोध जताने लगे। देखते ही देखते विरोध उग्र हो गया और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें तोड़फोड़ करते ग्रामीण दिखाई दे रहे हैं। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। टीम पर भी गुस्साए ग्रामीणों ने हमला कर दिया और विरोध किया। साथ ही पुलिस के वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई है
ऐसे में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से चर्चा कर रहे हैं। फिलहाल क्षेत्र में तनाव बना हुआ है, लेकिन पुलिस हालात सामान्य करने का प्रयास कर रही है।
बता दें कि ग्राम टकारी में सीमेंट फैक्ट्री का ग्रामीण पिछले कई दिनों से विरोध कर रहे हैं। इससे पहले भी ग्रामीण धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। उनका कहना है कि फैक्ट्री से गांव में नुकसान हो सकता है। इतना ही नहीं इस कारण फसलों पर भी इसका असर पड़ सकता है। इसको लेकर वे विरोध कर रहे है।

छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय को चांदामेटा पुलिस ने देर रात गिरफ्तार किया है। पालिका अध्यक्ष पर एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस ने बुधवार को दोपहर मुलाहिजा कराकर नगर पालिका अध्यक्ष को छिंदवाडा कोर्ट में पेश किया, जहां न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया।
बता दें कि पिछले दिनों चांदामेटा थाना क्षेत्र की एक महिला ने नगर पालिका अध्यक्ष पर संबंध बनाने के लिए दबाव डालने, पति की नौकरी स्थाई करने का लालच देने संबंधी कई गंभीर आरोप लगाए थे। घर की बाउंड्रीवाल भी तोडने के आरोप लगाए गए थे।
इस मामले का ऑडियो वायरल होने के बाद विनोद मालवीय को बीजेपी ने पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी से निष्कासन के बाद उनके विरुद्ध दो मामले कायम किए गए। महिला की शिकायत पर बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत प्रकरण परासिया थाने में कायम किया गया था। चांदामेटा थाने में भी महिला की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ है। न्ययालय ने उन्हें जेल भेज दिया है।
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जनसुनवाई में भारी बवालः ग्रामीणों ने अफसरों की गाड़ियों पर किया पथराव, स्थिति तनावपूर्ण, गांव में पुलिस बल तैनात
धार। मध्यप्रदेश के धार जिले में लाइम स्टोन खदान और ड्रिलिंग के लिए जनसुनवाई के दौरान भारी बवाल हो गया। बात बिगड़ने पर ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के गाड़ियों पर पथराव कर दिया। इस अप्रत्याशित घटना के बाद अफसर गांव से उलटे पांव लौट गए। वहां की स्थिति नियंत्रण में किंतु तनावपूर्ण बताया जाता है। मामले का वीडियो भी सामने आया है।
वायरल वीडियो में धार जिले के कुक्षी थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम तलावड़ी और टकारी, बामन्दा बायड़ी, मोगरा, भीमपुरा, खेड़ली में लाइमस्टोन फैक्ट्री के सर्वे व ड्रिलिंग के लिए प्रशासन एवं पुलिस के साथ मशीन एवं अमला गांव में पहुंचा था। इस दौरान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्राम तलावड़ी, टकारी में गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ी पर पथराव कर दिया।
बता दें कि लाइमस्टोन की खोज के लिए मशीन गांव में पहुंची और जांच की जा रही थी। इसके लिए कई थानों का बल एहतियात के तौर पर पहुंचा था। ग्रामीणों द्वारा इस सर्वे का विरोध किया गया। पुलिस और प्रशासन के विरुद्ध जमकर आक्रोश देखने को मिला। आक्रोशित लोगों ने वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों के आक्रोश का सामना किया लेकिन लाठियां नहीं भांजी। फिलहाल प्रशासन के अफसर और पुलिस ग्रामीणों से बात करने का प्रयास कर रहे है, उन्हें समझाइश दी जा रही है।
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रिश्वतखोर पटवारी : किसान से रिश्वत लेते हुए पटवारी को लोकायुक्त ने पकड़ा
भोपाल। दत्तक पुत्र के नाम पर पुश्तैनी भूमि का नामांतरण करने के बदले 40 हजार रुपए की रिश्वत की बात करके 30 हजार रुपए नगद ले रहे पटवारी को मंदसौर जिले की सुवासरा तहसील कार्यालय में ही लोकायुक्त उज्जैन पुलिस टीम ने रंगे हाथों धर-दबोचा। इसके बाद अब रिश्वतखोर पटवारी के पास अटके हुए कामों की जांच शुरू हो गई है। साथ ही पटवारी के रिश्वत के हिस्सेदार अधिकारी और कर्मचारियों के बारे में भी पता किया जा रहा है।
इस बारे में लोकायुक्त उज्जैन पुलिस अधीक्षक ने पीपुल्स समाचार को बताया कि शिकायतकर्ता दिनेश चंद्र जोशी निवासी ग्राम धलपत तहसील सुवासरा जिला मंदसौर ने लिखित शिकायत की थी। इसमें बताया गया था कि उसके बड़े भाई स्व. भगवती प्रसाद को कोई संतान नहीं थी। ऐसे में बड़े भाई ने अपने छोटे भाई यानि शिकायतकर्ता दिनेश चंद्र जोशी के लड़के आनंद जोशी को गोद लेकर दत्तक पुत्र बनाया था। भाई भगवती प्रसाद के नाम पर दर्ज कृषि भूमि का नामांतरण उनके दत्तक पुत्र आनन्द के नाम से करवाने के कार्य के लिए वह हल्का पटवारी हरीश पाटीदार से मिला तो पटवारी ने नामांतरण कार्य के बदले 40 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
जांच में साबित हुआ कि पटवारी हरीश पाटीदार ने 40 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी, जिसकी पहली किश्त 10 हजार रुपए पहले ही ले चुका था। इसके बाद बाकी 30 हजार रुपए रिश्वत देने के बाद ही काम करने पर अड़ा था। इसके बारे में पटवारी और शिकायतकर्ता के बीच हुई बातचीत का रिकार्ड भी लोकायुक्त जांच टीम के पास है।
रिश्वत मांगने की शिकायत का सत्यापन किया गया तो सही साबित होने के बाद उज्जैन लोकायुक्त पुलिस की ट्रैप टीम बनाई गई। इसके बाद टीम ने तहसील सुवासरा की घेराबंदी की, जिसके बाद शिकायतकर्ता को रिश्वत देने के लिए भेजा किया गया। आवेदक से जैसे ही पटवारी ने 30 हजार रुपए की नगद रिश्वत ली, वैसे ही पटवारी हरीश पाटीदार को तहसील कार्यालय सुवासरा में ही रंगे ट्रैप टीम ने रंगे हाथों धर पकड़ा।
लोकायुक्त की ट्रैप टीम में शामिल निरीक्षक राजेंद्र वर्मा, आरक्षक उमेश जाटव, आरक्षक विशाल रेशमिया, आरक्षक नेहा मिश्रा, आरक्षक हितेश ललावत, आरक्षक इसरार ने पटवारी को रिश्वत लेते ही पकड़ लिया। इसके बाद पटवारी के हाथ धुलवाते ही गुलाबी हो गए। पटवारी के पास से नंबर लिखे नोट भी बरामद किए गए। इसके बाद आगे की जांच की गई।
सूत्रों के अनुसार शिकायतकर्ता किसान चार दिन पहले एसडीएम सीतामऊ के यहां गुहार लगाई थी। तब जांच करवाकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन पटवारी के खिलाफ कोई एक्शन नहीं हुआ। यह भी बताया जाता है कि शिकायतकर्ता किसान ने इस मामले की शिकायत तहसील से लेकर कई जगह की थी, लेकिन सुनवाई नहीं होने के बाद ही लोकायुक्त पहुंचा।
सुवासरा तहसील मे पदस्थ राजस्व निरीक्षक (गिरदावर) भारतसिंह देवड़ा पर पर भी शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इसमें किसान ने बताया है कि राजस्व निरीक्षक द्वारा आए दिन मुझे परेशान किया जाता है और पैसे की मांग करता है। उल्लेखनीय होगा कि राजस्व निरीक्षक भारतसिंह देवड़ा आए दिन विवादों में रहते हैं। पूर्व में सीतामऊ में विवादित वीडियो वायरल होने के बाद निलंबित भी हो चुके हैं।
रोके गए कामों के साथ ही शामिल रहने वालों की जांच होगी
पटवारी को रिश्वत लेते पकडे जाने के बाद उसके पास लंबे समय से लंबित कामों की जांच करने के साथ ही उसके कामों में शामिल रहने वालों की भी जांच होगी। इसके नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
-आनंद यादव, पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त उज्जैन

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