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भिंड। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में दर्ज एक गंभीर आपराधिक प्रकरण में आरोपित को नाबालिग साबित करने के लिए कथित रूप से फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र तैयार करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) निधि नीलेश श्रीवास्तव भिंड के आदेश पर सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन नायब तहसीलदार सहित सात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। न्यायालय के आदेश के पालन में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार 15 जुलाई 2026 को सीजेएम न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आधार पर सिटी कोतवाली में ऊमरी वृत्त के तत्कालीन नायब तहसीलदार मोहनलाल शर्मा, कल्लू यादव पुत्र निहाल सिंह यादव निवासी यादवन का पुरा ऊमरी, आशुतोष सिंह यादव निवासी रूर ऊमरी, तत्कालीन ग्राम पंचायत बिलाव के सचिव शेरसिंह यादव पुत्र रामवीर सिंह यादव, तत्कालीन पटवारी संजीव शर्मा, बिलाव आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रजनी जादौन पत्नी लोकेंद्र सिंह जादौन निवासी बिलाव ऊमरी तथा तत्कालीन सरपंच राजकुमार दुबे के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया है।
न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद के अनुसार परिवादी गौरव शर्मा ने आरोप लगाया कि विमल यादव के विरुद्ध महाराष्ट्र के थाना खड़वली (जिला ठाणे) में वर्ष 2025 में गंभीर धाराओं और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत अपराध दर्ज हुआ था। स्कूल के अभिलेखों के अनुसार विमल यादव की जन्मतिथि 12 दिसंबर 2006 दर्ज थी, जिससे वह घटना के समय बालिग था।
आरोप है कि आरोपित के स्वजनों ने उसे नाबालिग साबित करने के उद्देश्य से अधिकारियों और पंचायत कर्मियों के साथ मिलकर 25 दिसंबर 2007 की जन्मतिथि दर्शाते हुए कथित रूप से फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र तैयार कराया। परिवाद में कहा गया है कि इस दस्तावेज का उपयोग न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने और आरोपी को कानूनी लाभ दिलाने के उद्देश्य से किया गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जन्म प्रमाण-पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में तत्कालीन नायब तहसीलदार, ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, तत्कालीन सरपंच तथा दो अन्य आरोपियों ने मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और गलत जन्मतिथि दर्ज कर प्रमाण-पत्र जारी कराया। पुलिस अब दस्तावेजों की सत्यता, रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच करेगी। सिटी कोतवाली पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, भिंड के आदेश के पालन में सात आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी गई है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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अवंतिका गैस लाइन ब्लास्ट केस में अपडेटः हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान क्षेत्रीय पार्षद को बनाया आरोपी
इंदौर। बहुचर्चित अवंतिका गैस लाइन ब्लास्ट मामले में एक नया और बड़ा मोड़ सामने आया है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (High Court) में मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से अदालत को अवगत कराया गया है कि इस पूरे मामले में क्षेत्रीय पार्षद बालमुकुंद सोनी को आरोपी बनाया गया है।
यह कार्रवाई दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने और जिम्मेदारी तय करने की मांग को लेकर दायर की गई जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान हुई। याचिकाकर्ता एडवोकेट रितेश इनाणी ने जानकारी देते हुए बताया कि हाईकोर्ट के समक्ष मामले की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) स्वयं अदालत में पेश हुए थे।
सुनवाई के दौरान एसीपी ने माननीय उच्च न्यायालय को सूचित किया कि अवंतिका गैस लाइन ब्लास्ट मामले की गहराई से जांच के बाद क्षेत्रीय पार्षद बालमुकुंद सोनी की संलिप्तता/जिम्मेदारी पाए जाने पर उन्हें मामले में आरोपी बनाया गया है। पुलिस प्रशासन ने अदालत को भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच निष्पक्षता से आगे बढ़ रही है और अन्य संबंधित पहलुओं पर वैधानिक कानूनी कार्रवाई लगातार जारी है।
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बेटी होने का ‘कसूर’, 20 दिन की नवजात की दादी ने ले ली जान
टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक दर्दनाक वारदात सामने आई है। टीकमगढ़ जिले में एक नवजात बच्ची की सिर्फ इसलिए जिंदगी नहीं बच सकी क्योंकि उसका कसूर केवल इतना था की वह बेटी थी। जन्म के महज 20 दिन बाद ही उसकी अपनी दादी ने बच्ची की गला घोंटकर हत्या कर दी। वहीं पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी दादी को गिरफ्तार कर लिया है।
दरअसल, यह पूरा मामला पलेरा थाना क्षेत्र के बन्ने बुजुर्ग गांव का है। जहां रहने वाले धनीराम आदिवासी दिल्ली में मजदूरी करते हैं, जबकि उनकी गर्भवती पत्नी पुख्खन आदिवासी गांव में अपनी सास रेखा आदिवासी के साथ रह रही थी। करीब 20 दिन पहले पुख्खन ने एक बेटी को जन्म दिया था। पुलिस के मुताबिक बेटी के जन्म के बाद से ही सास रेखा नाराज रहती थी और बहू को बेटा पैदा न होने को लेकर ताने देती थी। शहरऔर स्थानीय मार्गदर्शिका
पुलिस के अनुसार, घटना वाली रात करीब 3 बजे जब मां और नवजात बच्ची सो रही थीं, तभी आरोपी दादी चुपके से बच्ची को उठाकर घर के बाहर ले गई और उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद वह बच्ची के शव को वापस ले जाकर उसकी मां के पास सुला गई। जब मां की आंख खुली और उसने देखा की उसकी बेटी के शरीर मे कोई हलचल नहीं हो रही है तो उसने शोर मचाया। जिसके बाद परिवार के सारे लोग इकट्ठे हो गए।
इस दौरान आरोपी दादी रोने बिलखने का नाटक करती रही और झाड़ फूंक भी कराती रही। इसी बीच ग्रामीणों ने घटना की सूचना पलेरा पुलिस को दे दी। सूचना मिलते ही पलेरा थाना प्रभारी प्रीति भार्गव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। जांच के दौरान नवजात के गले पर दबाव के निशान मिले, जिसके बाद कड़ाई से बेटी की मां और दादी से पूछताछ की। तब जाकर सारी हकीकत सामने आई। इसके बाद पलेरा पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए आरोपी दादी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से आरोपी रेखा आदिवासी को जेल भेज दिया गया है।

इंदौर के भंवरकुआं चौराहे पर 30 जून से जारी छात्रों का आंदोलन अब और तेज हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के समर्थन में चल रहे इस प्रदर्शन में सोमवार को हजारों छात्र-छात्राएं शामिल हुए। संयुक्त छात्र मोर्चा, आदिवासी छात्र संगठनों सहित सात से अधिक छात्र संगठनों के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां, बैनर और पोस्टर लेकर केंद्र सरकार की शिक्षा नीति, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में सुधार तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
दरअसल आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि देश की शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सरकार को तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाने चाहिए। इसी मांग को लेकर पिछले 22 दिनों से तीन-तीन छात्र अनिश्चितकालीन धरने पर है और क्रमवार भूख हड़ताल भी करी जा रही है। धरना स्थल पर छात्र-छात्राएं गीत गाकर, ढोलक, झांझ और मंजीरे बजाकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन केवल उनके लिए नहीं, बल्कि देश के हर विद्यार्थी के भविष्य के लिए है।
इससे पहले मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पर हुए प्रदर्शन के दौरान पांच छात्रों ने मुंडन कराकर सरकार के खिलाफ अनोखा विरोध जताया था। अब आंदोलन को लगातार बढ़ते जनसमर्थन के बीच छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना और विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
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एमपी में बिजली कंपनी के इंजीनियर के 9 ठिकानों पर छापे, बेटे-बहू और दामाद के नाम करोड़ों की दौलत
इंदौर मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर में लोकायुक्त टीम ने बड़ी छापामार कार्रवाई करते हुए बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के निधीवन कॉलोनी स्थित निवास पर छापामार कार्रवाई की है। सेमिल के खिलाफ आय से कई गुना अधिक संपत्ति होने की शिकायत सामने आई थी।
वहीं, छापामार कार्रवाई के दौरान सामने आया कि, इंजीनियर ने 33 साल की नौकरी में आय से ज्यादा संपत्ति अवैध रूप से प्राप्त की है। करोड़ों रुपये की फैक्ट्री और घर के साथ सोने-चांदी के ज्वेलरी और कैश भी मिला है।
शिवराम सेमिल और उनके परिवार के लोगों के पास बड़ी संपत्ति मिली है। जिसमें सिलिकॉन सिटी में सी 44 स्थित तीन मंजिला घर की कीमत करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये है। इनके बेटे शुभम सेमिल के नाम से पीथमपुर में शुभम इलेक्ट्रिकल नाम से फैक्ट्री मिली है जहां पर ट्रांसफार्मर बनाए जाते हैं। यह फैक्ट्री 880 वर्गमीटर एरिया में बनाई गई है। यह भी करीब एक करोड़ 25 लाख रुपये की है।
शिवराम सेमिल की बहू और परिवार के सदस्यों के नाम से 'कर्निश पावरजोन' नामक फर्म रजिस्टर्ड होना पाई है जिसकी शेयर पूंजी 50 लाख रुपये है। इसके द्वारा पीथमपुर सेक्टर 3 में प्लॉट क्रमांक 732 और 749 A क्रय किए गए हैं, जिनमें 732 प्लॉट पर पुरानी फैक्ट्री स्थापित है और 749ए पर नई फैक्ट्री का निर्माण किया जा रहा है। अनुमानित व्यय एक करोड़ रुपये किया गया है। साथ ही दामाद और बेटे के नाम से उज्जैनी जिला धार स्थित औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट क्रमांक 184,185 पर, 'एसएस इलेक्ट्रिकल्स' फर्म का संचालन होना पाया गया है। इसके ही नाम से प्लॉट क्रमांक 153 भी क्रय किया गया है। इन पर अनुमानित एक करोड़ 50 लाख रुपये व्यय होना पाया है।
कृष्णा पावर नामक फर्म के नाम से उज्जैनी जिला धार में 560 वर्ग मीटर का भूखंड भी लिया गया। यहां पर भी फैक्ट्री बन रही है। इसमें भी 10 लाख रुपये इनवेस्ट किए गए हैं। समधी के नाम से भी शिवराम सेमिल ने फैक्ट्री खोली है जो जांच की जा रही है। 'ए वन इलेक्ट्रिकल' नाम से फैक्ट्री का संचालन हो रहा है। भूखंड क्रमांक 169 , उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र, धार में यह फैक्ट्री भी पाई गई है। ट्रांसफार्मर की उक्त फैक्ट्री पर भी करोड़ों रुपए इन्वेस्ट किया जाना पाया है।
सेमिल की फैक्ट्रियों के कार्यालय भी इंदौर में पाए गए हैं। सप्तश्रृंगी नगर सिलिकॉन सिटी में उनके कार्यालय का भवन पत्नी और बेटे सौरभ सेमिल के नाम होना पाया है। गाइडलाइन कीमत 60 लाख रुपये इसकी कीमत सामने आई है। एक और कार्यालय 45 अंजनी नगर, एयरपोर्ट रोड पर संचालित हो रहा है। कर्निश पावर जोन के इस कार्यालय पर भी सर्चिंग जारी है। एक और कार्यालय देवासनाका एरिया में सिद्धार्थ फार्म के पास पाया गया है।
सेमिल ने अपने बेटों के नाम से ओमेक्स सिटी में प्लॉट खरीदा है। यह प्लॉट बीस लाख रुपये में गाइडलाइन अनुसार क्रय किया है। बेटे की फर्म शुभम इलेक्ट्रिकल के नाम से 15 लाख रुपये की महिंद्रा कंपनी की इलेक्ट्रिक कार खरीदी गई है। एक मकान रविदास नगर मुरैना में भी दो मंजिला पाया गया है। ग्वालियर लोकायुक्त की टीम द्वारा वहां पर सर्च की जा रही है। इसकी कीमत 50 लाख रुपये है।
लोकायुक्त की जांच में पता चला कि, नौकरी के दौरान सेमिल की कुल आय दो करोड़ रुपए हुई है। इसकी तुलना में उन्होंने साढ़े छह करोड़ रुपये खर्च किए हैं। ऐसे में 7.16 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति इंजीनियर के पास मिली है। जो इनकी अब तक मिली आय का 258 प्रतिशत है।
बताया जा रहा है कि, शिवराम सेमिल अधीक्षण यंत्री मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर में कार्यरत है। इनके द्वारा अपने 33 साल की नौकरी में अपनी वैध आय की तुलना में बहुत अधिक संपत्ति अवैध रूप से प्राप्त हुई है, जिसका विवरण इस प्रकार है।
1-सिलिकॉन सिटी में सी-44 स्थित भूखंड पर तीन मंजिला भव्य आवास बना है, जिसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 20 लाख आंकी गई है।
2-इनके पुत्र शुभम के नाम से पीथमपुर सेक्टर-3 में प्लॉट क्रमांक 749 पर 'शुभम इलेक्ट्रिकल' नाम से फैक्ट्री मिली है। इस फैक्ट्री में ट्रांसफार्मर बनाए जाते हैं। ये फैक्ट्री 880 वर्गमीटर एरिया में बनी है, जिसकी कुल अनुमानित व्यय 1 करोड़ 25 लाख रूपए आंका गया है।
3-सेमिल की पुत्रवधु और परिवार के सदस्यों के नाम से 'कर्निश पावरजोन' नामक फर्म रजिस्टर्ड है, जिसकी शेयर पूंजी 50 लाख रुपए है। वहीं, पीथमपुर सेक्टर-3 में प्लॉट क्रमांक-732 और 749-A खरीदा है, जिनमें 732 प्लॉट पर पुरानी फैक्ट्री बनी है और 749-ए पर नई फैक्ट्री का निर्माण चल रहा है। इन दोनों संपत्तियों की अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपए आंका गया है।
4-दामाद और बेटे के नाम से उज्जैनी जिला धार स्थित औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट क्रमांक-184,185 पर, 'एस.एस.इलेक्ट्रिकल्स' फर्म का संचालन भी किया जा रहा है। इसके ही नाम से प्लॉट क्रमांक-153 भी क्रय किया गया है। इनपर अनुमानित 1 करोड़ 50 लाख रुपए व्यय होना पाया गया है।
5-'कृष्णा पावर' नामक फर्म के नाम से उज्जैनी जिला धार में 560 वर्ग मीटर का भूखंड आरोपी द्वारा लिया जाना पाया है। यहां पर भी फैक्ट्री का निर्माण चल रहा है, जिसपर अनुमानित व्यय 10 लाख रुपए अब तक किए जा चुके हैं।
6-रिश्तेदार/संबंधी के नाम से भी आरोपी शिवराम सेमिल ने फैक्ट्री खोली है, जिसकी जांच की जा रही है। 'ए-वन इलेक्ट्रिकल' नाम से उक्त फैक्ट्री का संचालन चल रहा है। भूखंड क्रमांक-169, उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र, धार में ये फैक्ट्री भी स्थित है। ट्रांसफार्मर की उक्त फैक्ट्री पर भी करोड़ों रुपए इन्वेस्ट किये गए हैं। अभी इसका व्यय आरोपी के व्यय में जोड़ा नहीं गया है।
7-आरोपी की फैक्ट्रियों के कार्यालय भी इंदौर में पाए गए हैं। सप्तश्रृंगी नगर सिलिकॉन सिटी में उनके कार्यालय का भवन पत्नी और पुत्र सौरभ सेमिल के नाम होना पाया है। मकान नंबर-59 में शुभम इलेक्ट्रिकल का कार्यालय पाया गया है। गाइडलाइन कीमत 60 लाख व्यय में ली है।
8-एक और कार्यालय 45 अंजनी नगर, एयरपोर्ट रोड पर संचालित है। कर्निश पावर जोन के इस कार्यालय पर भी सर्चिंग जारी है।
9-एक और कार्यालय देवास नाका एरिया में सिद्धार्थ फार्म के पास पाया गया है। कर्निश पावरजॉन का उक्त कार्यालय भी सर्चिंग टीम द्वारा सर्च किया जा रहा है।
10-आरोपी द्वारा अपने पुत्रों के नाम से ओमेक्स सिटी में प्लॉट भी क्रय किया गया है। ये प्लॉट 20 लाख रुपए, गाइडलाइन के अनुसार क्रय किया है।
11-आरोपी द्वारा पुत्र की फर्म शुभम इलेक्ट्रिकल के नाम महिंदा कंपनी की इलेक्ट्रिक कार भी 15 लाख रुपए लागत की क्रय की गई है।
12-आरोपी का एक दो मंजिल मकान रविदास नगर मुरैना में भी पाया गया है। ग्वालियर लोकायुक्त की टीम द्वारा वहां पर सर्चिंग की जा रही है। मकान की अनुमानित कीमत 50 लाख रुपए है।
इस तरह आरोपी को संपूर्ण सेवाकाल में 2 करोड़ रुपए नेट वेतन की तुलना में उसके द्वारा 6 करोड़ 50 लाख रूपए व्यय करना पाया गया है। जीवन यापन व्यय अगर नेट आय का 33 फीसद लिया जाए तो कुल व्यय 7 करोड़ 16 लाख से अधिक व्यय आरोपी द्वारा किया गया है, जो आय से 258 फीसदी ग़ैर अनुपात व्यय किया गया है। फिलहाल, छापामार टीम की सर्चिंग जारी है। संभावना है कि, अभी और भी कई खुलासे हो सकते हैं। टीम द्वारा कार्रवाई इंदौर के चार ठिकानों पर, पीथमपुर के 2 ठिकानों पर, उज्जैनी धार के 2 ठिकानों और मुरैना के 1 यानी कुल 9 ठिकानों पर एक साथ की जा रही है।
आरोपी के खिलाफ धारा 13(1) बी,13(2) भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 के अन्तर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। लोकायुक्त संगठन द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। वहीं, आमजन से अपील की गई है कि, कोई अधिकारी /कर्मचारी भ्रष्टाचार की शिकायत की सूचना लोकायुक्त कार्यालय इंदौर एवं दूरभाष पर भी संपर्क कर सकते हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर को रेप केस में फंसाने की धमकीः महिला ने ऐंठे ₹20 लाख, अब ₹25 लाख और मांगे, FIR
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से ब्लैकमेलिंग और ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां स्वास्थ्य विभाग के उपसंचालक (डिप्टी डायरेक्टर) डॉ. हिमांशु जायसवार को दुष्कर्म (रेप) के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया। आरोपी महिला ने झांसा देकर और धमकियां देकर डॉक्टर से 20 लाख रुपये वसूल लिए और अब 25 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग कर रही थी।
मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ब्लैकमेल करने वाली महिला स्वास्थ्य विभाग के ही एक पूर्व अधिकारी की बेटी है। पीड़ित डॉक्टर हिमांशु जायसवार के उस परिवार के साथ पिछले 13 वर्षों से पारिवारिक संबंध थे। इसी भरोसे का फायदा उठाकर महिला ने डॉक्टर को अपने जाल में फंसाया।
शुरुआत में महिला ने इमोशनल ब्लैकमेल करते हुए डॉक्टर से पैसे उधार मांगे थे। उसने बहाना बनाया था कि- उसके पिता की तबीयत खराब है और इलाज कराना है। वह खुद कैंसर की बीमारी से जूझ रही है। उसकी बेटी की पढ़ाई के लिए पैसों की सख्त जरूरत है। पारिवारिक रिश्तों की वजह से डॉ. हिमांशु ने उसकी मदद की।
जब आरोपी महिला के पास डॉक्टर की बड़ी रकम जमा हो गई और डॉ. हिमांशु ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो महिला का रवैया बदल गया। पैसे लौटाने के बजाय उसने डॉक्टर को दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाकर करियर बर्बाद करने की धमकी देना शुरू कर दिया। इस ब्लैकमेलिंग से डरकर डॉक्टर से वह अब तक 20 लाख रुपये वसूल चुकी थी, लेकिन जब उसने 25 लाख रुपये की और मांग की, तो पीड़ित ने कानून का दरवाजा खटखटाया। पीड़ित डॉक्टर की शिकायत पर हबीबगंज थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ब्लैकमेलिंग के इस पूरे खेल की गहनता से जांच कर रही है और आरोपी महिला के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

आंध्र प्रदेश की श्रीकाकुलम ग्रामीण पुलिस ने पूर्व विधानसभा स्पीकर तमिनेनी सीताराम समेत आठ लोगों को कथित जमीन धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर करीब 3 से 4 करोड़ रुपये की कीमत वाली 900 वर्ग गज जमीन पर अवैध कब्जे की साजिश रचने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए मालिकाना हक हासिल करने का आरोप है। मामले में कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
श्रीकाकुलम के पुलिस अधीक्षक (SP) के.वी. महेश्वर रेड्डी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी डेथ सर्टिफिकेट, नकली वसीयत और परिवार सदस्य प्रमाण पत्र तैयार कर जमीन पर दावा करने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आठ आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है, जबकि पांच अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
मामला बालागा के चापुरम ग्राम पंचायत स्थित सत्य साईं नगर का है, जहां सर्वे नंबर 35/13 में प्लॉट नंबर 84, 85 और 86 की कुल 900 वर्ग गज जमीन लंबे समय से खाली पड़ी थी। पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता के पिता ने यह जमीन 1988 और 1992 में कानूनी रूप से खरीदी थी। बाद में काम के सिलसिले में हैदराबाद चले जाने के कारण संपत्ति की नियमित देखरेख नहीं हो सकी।
जांच में कथित तौर पर सामने आया कि मूल मालिक अंदावरपु गोविंदराजुलु, जो अभी जीवित हैं, का फर्जी डेथ सर्टिफिकेट तैयार किया गया। इसके आधार पर आरोपी अदाबला उर्फ अंदावरपु रजनी को कथित तौर पर एकमात्र कानूनी वारिस के रूप में पेश किया गया। जमीन पर बाउंड्री वॉल बनाने की कोशिश के दौरान असली मालिक के विरोध और शिकायत के बाद मामले का खुलासा हुआ।
पुलिस ने तेलुगु सतीश कुमार को कथित मास्टरमाइंड बताया है। आरोप है कि उसने अपने साथियों त्रिनाथ और कूना पेद्दीराजू के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। पुलिस के अनुसार, पूर्व स्पीकर के बेटे तमिनेनी वेंकट श्रीरामुलु को जमीन का खरीदार दिखाया गया था। पूर्व स्पीकर और उनकी पत्नी पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप है।
पुलिस ने तत्कालीन सब-रजिस्ट्रार बोड्डेपल्ली अरुणा को भी आरोपी बनाया है। आरोप है कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया और 5 लाख रुपये से अधिक के लेनदेन के बावजूद अनिवार्य PAN सत्यापन या Form 60 की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई।
पुलिस ने फर्जी सरकारी मुहरें और कई मोबाइल फोन जब्त किए हैं। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या आरोपियों ने इसी तरह के अन्य जमीन फर्जीवाड़े भी किए हैं।
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झारखंड का 25 लाख का इनामी नक्सली अजय महतो गिरफ्तार, लेवी वसूली समेत 240 से अधिक कांड में लिप्त
गिरिडीह पुलिस और CRPF की कोबरा-209 बटालियन को जॉइन्ट ऑपरेशन में बहुत बड़ी सफलता मिली है. इस जॉइन्ट ऑपरेशन में 25 लाख रुपये के इनामी माओवादी कमांडर अजय महतो उर्फ मोछू उर्फ टाइगर को गिरफ्तार कर लिया है. उस पर हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षाबलों पर हमले और लेवी वसूली समेत 240 से अधिक मामले दर्ज हैं. वह स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) का सदस्य था.
संयुक्त अभियान में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के 25 लाख रुपये के इनामी स्पेशल एरिया कमेटी (सैक) कमांडर अजय महतो उर्फ मोछु उर्फ टाइगर को गिरफ्तार किया गया है.
अजय महतो झारखंड, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ की पुलिस के लिए बड़ी चुनौती था. सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला, ग्रामीणों को पुलिस मुखबिर बताकर उनकी हत्या, आईईडी ब्लास्ट कराना, विस्फोटक लूटना, सड़क निर्माण में लगे ठेकेदारों से लेवी वसूलना उसकी आदत में शुमार रहा है.
पुलिस के अनुसार, अजय महतो वर्ष 2005 से माओवादी संगठन से जुड़ा हुआ था। संगठन में उसकी भूमिका लगातार बढ़ती गई और वह लेवी वसूली, हथियारों के नेटवर्क, आईईडी लगाने और कई बड़ी नक्सली वारदातों की साजिश रचने में सक्रिय रहा.
उस पर पुलिस मुखबिरी और लेवी नहीं देने के आरोप में कई ग्रामीणों की गला रेतकर और गोली मारकर हत्या करने के भी आरोप हैं.
एसपी ने बताया कि महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड के निर्देश पर चलाये जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान 17 जुलाई 2026 को खुखरा थाना क्षेत्र के हरलाडीह ओपी के जंगलों में नक्सलियों की गतिविधियों की सटीक खुफिया सूचना मिली थी.
पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार और कमांडेंट सौरभ भटनागर के नेतृत्व में जॉइन्ट ऑपरेशन में निर्देश के अनुसार सुरक्षा बलों ने ग्राम पिपराडीह (खवासटांड टोला) के घने जंगलों की घेराबंदी कर दी. अजय महतो को भागने की कोशिश के क्रम में गिरफ्तार कर लिया गया.
गिरफ्तार अजय महतो उर्फ मोछु उर्फ अंजन दा उर्फ बुधराम उर्फ श्रीकांत उर्फ बासुदेव, पीरटांड़ थाना क्षेत्र के नावाडीह का निवासी है. वह वर्ष 2005 से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था.
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PM आवास के पास राहुल- प्रियंका धरने पर बैठे, कहा- PM इस्तीफा दें, पुलिस विपक्ष को हटाने में जुटी
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन मंगलवार को लगातार 32वें दिन भी जारी है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौके पर मौजूद हैं। संगठन की ओर से आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया गया है और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। जिसके बाद इस इलाके में हंगामे के आसार है, हालांकि सुरक्षाकर्मी लगातार विपक्ष को यहां से हटाने की कोशिश में जुटे हैं।
उधर, कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रधानमंत्री आवास के पास धरना शुरू कर दिया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई वरिष्ठ नेता प्रदर्शन में शामिल हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। चूंकि प्रधानमंत्री आवास का इलाका हाई सिक्योरिटी जोन है, इसलिए यहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं होती। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए अपने हाथ बांध लिए। बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शन की तैयारी कांग्रेस ने बेहद गोपनीय तरीके से की थी, ताकि इसकी भनक पहले से किसी को न लगे।
दोपहर 12 बजे तक हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंच चुके थे। सुबह कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने आंदोलनकारियों को नाश्ता वितरित किया। जब पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिए मौके पर पहुंची तो प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस हाय-हाय के नारे लगाए। सोमवार शाम दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर खाली करा दिया था, लेकिन देर रात प्रदर्शनकारी दोबारा वहां पहुंच गए और मंगलवार सुबह से फिर धरना शुरू कर दिया।
प्रधानमंत्री आवास हाई सिक्योरिटी जोन होने की वजह से वहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। ऐसे में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं पर जवाब देने से बच रही है। उनका कहना है कि संसद में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं कराई जा रही और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को नजरअंदाज किया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि प्रदर्शन के जरिए केंद्र सरकार का ध्यान छात्रों की मांगों और हाल की पुलिस कार्रवाई की ओर आकर्षित किया जा रहा है।
कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रदर्शन कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को बेरहमी से हिरासत में ले रही है। के. सुरेश ने कहा कि वे प्रधानमंत्री आवास के सामने इसलिए प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि सोमवार को छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले पर न तो प्रधानमंत्री और न ही गृह मंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की चिंताओं का जवाब देना चाहिए और पूरे घटनाक्रम पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
इस बीच, दिल्ली में जंतर-मंतर से लेकर प्रधानमंत्री आवास तक विरोध प्रदर्शन जारी है। एक ओर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर छात्र आंदोलन और उस पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासत भी तेज हो गई है।
प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के पास आम जनता को धरना देने या प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है। यह एक अति-सुरक्षित क्षेत्र है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यहां धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू रहती है। ऐसे में यहां अनशन करना एकदम न के बराबर होता है।

जबलपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में रविवार की देर शाम जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे-45 पर तेज रफ्तार हाईवा ने 6 दोस्तों को कुचल दिया. इनमें से 4 की मौके पर ही मौत हो गई, 2 ने इलाज के दौरान देर रात दम तोड़ दिया. ये सभी नरसिंहपुर-जबलपुर सीमा पर हाथीनाला वॉटरफॉल घूमने आए थे. लौटते समय इंदिरा नगर के पास हादसे का शिकार हो गए.
मृतकों के नाम राजेंद्र पटेल, वीरेंद्र लोधी (20), रामपाल सिंह लोधी (21), जयपाल सिंह लोधी (30), आकाश सिंह लोधी (24) और नीरज सिंह लोधी (25) बताए गए हैं. सभी जबलपुर के पावला निवासी थे. पुलिस के मुताबिक, सभी दोस्त हाथीनाला वॉटरफॉल में पिकनिक मनाकर लौट रहे थे. शाम करीब 6 बजे इंदिरा नगर के पास हाईवे किनारे रुककर सेल्फी लेने लगे. इसी दौरान तेज रफ्तार हाईवा ने उन्हें टक्कर मार दी.
चश्मदीदों ने बताया कि तेज रफ्तार वाहन कुछ ही सेकेंड में सड़क किनारे खड़े युवकों को टक्कर मारकर निकल गया. हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई, तब पता चला. स्थानीय दुकानदार बोले कि युवक सड़क से करीब दो फीट की दूरी पर खड़े थे. फोटो खिंचवाते वक्त हाईवा ने रौंद दिया.
एएसपी संदीप भूरिया ने कहा- हाईवा ड्राइवर गाड़ी लेकर फरार हो गया. सुआतला थाना पुलिस घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. जल्द ही आरोपी का पता लगा लिया जाएगा.

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सिंधिया राजपरिवार संपत्ति विवाद मामला: समझौते पर फिर टाला फैसला, 28 जुलाई को अगली सुनवाई
ग्वालियर। मध्य प्रदेश की ग्वालियर जिला कोर्ट में आज भी देश के सबसे चर्चित राजघरानों में शामिल सिंधिया राजपरिवार के करीब 40 हजार करोड़ रुपये के पैतृक संपत्ति विवाद पर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। उम्मीद थी कि दशकों पुराना विवाद आज आपसी समझौते के साथ समाप्त हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। क्योंकि बीती सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जिन संपत्तियों का रिकॉर्ड तलब किया था वह आज भी सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश नहीं कीया जा सका। ऐसे में कोर्ट ने मामले की सुनवाई 28 जुलाई तय करते हुए रिकॉर्ड रूम से संपत्ति विवाद के दस्तावेज कोर्ट में तलब किए है।
दरअसल सिंधिया राजपरिवार में पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद की शुरुआत साल 1988-89 में हुई थी। बाद में वर्ष 2001 में माधवराव सिंधिया के निधन के बाद यह विवाद ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी तीनों बुआओं वसुंधरा राजे,यशोधरा राजे,उषा राजे के बीच जारी रहा,सालों तक मामला जिला न्यायालय में विचाराधीन रहा।
आज जिला न्यायालय में दोनों पक्षों के समझौते पर सुनवाई हुई,माना जा रहा था कि सभी पक्ष अदालत में अपनी सहमति दर्ज कराकर दशकों पुराने विवाद का पटाक्षेप कर देंगे। लेकिन बीती सुनवाई की तरह ही आज भी संपत्ति विवाद से जुड़ा रिकॉर्ड दस्तावेज कोर्ट में पेश नहीं हो सका। ऐसे में कोर्ट ने रिकॉर्ड रूम से संपत्ति विवाद के दस्तावेज कोर्ट में 28 जुलाई को होने वाली सुनवाई के दौरान पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसके पहले की सुनवाई के दौरान चर्चा सामने आई थी कि एक पक्ष ने समझौते के कुछ बिंदुओं पर आपत्ति भी दर्ज कराई थी,जिसके चलते बीती सुनवाई की तरह ही दोनों पक्षों ने अपना पक्ष रखने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय मांगा था।
करीब 40 हजार करोड़ रुपये कीमत की इस पैतृक संपत्ति में जयविलास पैलेस, ऊषा किरण पैलेस, रानी महल, छोटी विश्रांति, शिवपुरी का माधव विलास पैलेस, दिल्ली का सिंधिया विला, ग्वालियर हाउस, वाराणसी का सिंधिया घाट समेत कई ऐतिहासिक संपत्तियां और अन्य परिसंपत्तियां शामिल हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किस वारिस को कौन-सी संपत्ति मिलेगी। अंतिम तस्वीर अदालत की मंजूरी के बाद ही सामने आएगी।
करीब चार दशक से चल रही सिंधिया राजपरिवार की संपत्ति विवाद की कानूनी लड़ाई अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। हालांकि आज समझौते पर अंतिम मुहर नहीं लग सकी,लेकिन यदि अगली सुनवाई में सभी पक्ष सहमत हो जाते हैं, तो देश के सबसे चर्चित पारिवारिक संपत्ति विवादों में से एक का पटाक्षेप हो जाएगा।
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काल बनी SDM की गाड़ी, उजाड़ा हंसता-खेलता परिवार, हमेशा के लिए चले गए 2 बच्चों के पापा
राजगढ़। राजगढ़ जिले में एक परिवार के लिए सोमवार का दिन भारी पड़ गया। 30 साल का जवान बेटा घर सूना कर गया। घटना की जानकारी परिवार को मिलते ही घर में कोहराम मच गया। खेत में खड़ी मक्का की फसल को बचाने के लिए कीटनाशक खरीदने निकला किसान कभी घर नहीं लौट सका। राजगढ़-ब्यावरा मार्ग पर लक्ष्मणपुरा जोड़ के पास सोमवार दोपहर तेज रफ्तार बोलेरो ने उसकी बाइक को टक्कर मारने के बाद कुचल दिया। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई। चालक वाहन सहित फरार हो गया।
इधर, परिजनों का दावा है कि दुर्घटना करने वाली बोलेरो के आगे 'एसडीएम' लिखा हुआ था। पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है। कोतवाली थाना क्षेत्र के बांसखेड़ी निवासी मांगीलाल तंवर (28) सोमवार सुबह बाइक से ब्यावरा कीटनाशक लेने गए थे। दोपहर करीब 12 बजे गांव लौटते समय लक्ष्मणपुरा जोड़ के पास पीछे से आई तेज रफ्तार बोलेरो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर के बाद बोलेरो का पहिया किसान के ऊपर से गुजर गया। हादसे के बाद चालक बिना रुके मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस, एसडीओपी अरविंद सिंह मौके पर पहुंच गए। एंबुलेंस की मदद से शव को जिला अस्पताल पहुंचाया। पोस्टमाॅर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मृतक के परिजनों ने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने उन्हें जानकारी दी कि हादसा करने वाली बोलेरो कार के आगे 'एसडीएम' लिखा था। इसके बाद वे ब्यावरा टोल प्लाजा पहुंचे और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी। उनका दावा है कि फुटेज में एक ऐसी बोलेरो दिखाई दी, जिस पर आगे 'एसडीएम' अंकित था। परिजनों ने संबंधित वाहन की तस्वीर भी पुलिस को उपलब्ध कराई है। उधर, पुलिस को घटनास्थल से बोलेरो की टूटी हुई हेडलाइट और नंबर प्लेट का हिस्सा भी मिला है। इन्हीं साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वाहन और चालक की तलाश की जा रही है।
मांगीलाल तंवर परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। खेती-किसानी के काम में लगे रहते थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी सात वर्ष की है, जबकि छोटी बेटी की उम्र महज ढाई माह (75 दिन) है। किसान की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी शोक का माहौल है वहीं, दो मासूम बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है। कोतवाली पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। टीआई मंजू मखेनिया ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जिस कार ने टक्कर मारी उसकी तलाश की जा रही है।
जिस जगह हादसा हुआ वहां पर रोड का घुमावदार हिस्सा है, खतरनाक टर्न होने से यह घटना हुई। बाइक सवार भी नियंत्रण नहीं कर पाया और बेकाबू वाहन ने सामने से उसे टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पहले भी उसके आसपास हादसे हो चुके हैं। जिसमें वाहनों की तेज रफ्तार और घुमावदार मार्ग ही कारण रहा है। पुलिस ने उक्त स्थान को ब्लैक स्टॉप के तौर पर चिह्नित किया है।
बीते दिन ब्यावरा के अंतर्गत आने वाले नेशनल हाईवे- 46 गुना रोड पर जोगीपुरा टोल प्लॉजा के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। जिसमें महाकालेश्वर के दर्शन करने के लिए उज्जैन जा रहे दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 6 गंभीर रूप से घायल हो गए। गंभीर घायलों में से चार को भोपाल और अन्य हायर सेंटर रेफर किया है। हादसा इतना भीषण था कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई।
सूचना मिलते ही नेशनल हाईवे समेत दो एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और घायलों को क्षतिग्रस्त वाहन से बाहर निकालकर पास के बीनागंज स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां एक ने दम तोड़ दिया, वहीं दूसरे की ब्यावरा सिविल अस्पताल में मौत हो गई। हादसे में 52 वर्षीय अजीत पांडे, निवासी चमरोली, उन्नाव और 35 वर्षीय श्यामजी प्रजापति, निवासी जालौन, उन्नाव की मौत की पुष्टि हुई है। देहात पुलिस ने मृतकों के परिजन को सूचना दे दी है, उनके आने के बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा। मामले को पुलिस ने जांच में लिया है।

धार। धार जिले से एक शर्मनाक खबर सामने आई हैं। जहां धरमपुरी में बेजुबान जानवार के साथ दरिंदगी की घटना को अंजाम दिया गया। एक श्वान को केले के खेत में ले जाकर उससे दुष्कर्म का मामला सामने आया है। वहीं PFA ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
जानकारी के अनुसार, 17 जुलाई की शाम तारापुर रोड के इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर बस चालक गुलाब वर्मा पर मादा श्वान से दुष्कर्म का आरोप लगा है। बताया गया कि गुलाब वर्मा ने केले के खेत में लेकर श्वान के साथ गलत काम किया। वहीं पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने 112 पर सूचना दी।
PFA की जिला अध्यक्ष विजया शर्मा ने थाना प्रभारी को आवेदन देकर आरोपी पर पशु क्रूरता अधिनियम और BNS की धारा में प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। विजया शर्मा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि, “मुझे सूचना मिली थी कि एक मादा श्वान के साथ दुष्कर्म हुआ है। हमने पहुंचकर देखा तो घटना सत्य थी। मैंने आवेदन दिया है और TI साहब ने आश्वासन दिया है कि FIR होगी।
इस पूरे मामले पर धरमपुरी थाना प्रभारी सरदार सिंह सोलंकी का कहना है कि आवेदन मिला हैं। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। CCTV खंगाल रही हैं। प्रत्यकदर्शियों के बयान लिए जा रहे हैं। जिसके बाद आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही हैं। वहीं इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में खासा आक्रोश हैं लोग आरोपी दरिंदे पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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सरकारी स्कूल में छात्राओं से लगवाई झाड़ू, Video वायरल होने से मचा हड़कंप
शिवपुरी। शिवपुरी जिले के बदरवास विकासखंड के संकुल केंद्र अटलपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बरखेड़ा खुर्द के प्राथमिक विद्यालय में छोटी-छोटी छात्राओं से झाड़ू लगवाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। जिन हाथों में स्कूल में किताबें होनी चाहिए वहां बच्चियों से झाड़ू लगवाया जा रहा है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां पढ़ाई का स्तर क्या होगा।
जानकारी के अनुसार, विद्यालय में पढ़ाई के दौरान छात्राओं से कक्षाओं की साफ-सफाई कराई जा रही थी।। ग्रामीणों ने इस दौरान वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। हालांकि यहां बताना होगा कि जिले के अधिकतर सरकारी प्राथमिक स्कूल में भृत्य न होने के कारण टीचर बच्चों से क्लास की सफाई करा लेते हैं। वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग बदरवास बीआरसी ने मामले की जांच शुरु कर दी है।
बड़ा सवाल यह है कि बच्चों से स्कूल की साफ़-सफाई कराना कहां तक जायज है? जब स्कूल में भृत्य नहीं हैं, तो जिम्मेदार विभाग को सफाई के लिए इसकी व्यवस्था करना चाहिए, न की छोटी बच्चियों से इस तरह पढ़ाई की जगह सफाई करवानी चाहिए। वीडियो वायरल होने के बाद अब देखना गौरतलब होगा कि शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस पर क्या कार्रवाई करते हैं।
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सरकारी गोदाम से 35 लाख की किताबें गायब! आखिर किसने किया ‘ज्ञान का घोटाला’?
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से सरकारी स्कूलों के गरीब बच्चों को बांटी जाने वाली मुफ्त किताबों में बड़ा घोटाला सामने आया है। पाठ्य पुस्तक निगम के रीवा स्थित मुख्य गोदाम से 450 से ज्यादा बंडल किताबें रहस्यमयी ढंग से गायब हो गई हैं। जानकारी के मुताबिक लापता किताबों की बाजार में कीमत करीब 35 लाख रुपये आंकी जा रही है। इस खुलासे के बाद रीवा से लेकर भोपाल तक के गलियारों में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल से उच्च स्तरीय अधिकारियों की एक स्पेशल टीम जांच के लिए रीवा पहुंच चुकी है।
इस पूरे सिंडिकेट और फर्जीवाड़े की परतें तब खुलीं जब डिपो में किताबों का स्टॉक मैच नहीं हुआ। गोदाम से इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी संपत्ति के गायब होने और अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं को देखते हुए संबंधित विभाग ने चोरहटा पुलिस थाने में आधिकारिक FIR दर्ज करा दी है।
गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था के बीच से 450 से अधिक बंडलों का गायब होना किसी एक व्यक्ति का काम नहीं हो सकता। पुलिस अब गोदाम के रिकॉर्ड, पूर्व के स्टॉक और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका की बारीकी से जांच कर रही है।
भोपाल से रीवा पहुंची स्पेशल टीम ने डिपो में डेरा डाल दिया है। जांच के दौरान केवल किताबों की कमी ही नहीं, बल्कि कई अन्य वित्तीय और प्रशासनिक गड़बड़ियां भी सामने आई हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच का दायरा जैसे-जैसे बढ़ेगा, विभाग के कई बड़े चेहरों और सप्लायर्स पर गाज गिरना तय है।
इस बड़े फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद अब पुलिस और भोपाल की जांच टीम की संयुक्त रिपोर्ट पर सबकी नजरें टिकी हैं। सवाल यही है कि गरीब बच्चों के हक पर डाका डालने वाले इस ‘किताब चोर सिंडिकेट’ का असली मास्टरमाइंड कौन है?

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आंध्र प्रदेश की श्रीकाकुलम ग्रामीण पुलिस ने पूर्व विधानसभा स्पीकर तमिनेनी सीताराम समेत आठ लोगों को कथित जमीन धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर करीब 3 से 4 करोड़ रुपये की कीमत वाली 900 वर्ग गज जमीन पर अवैध कब्जे की साजिश रचने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए मालिकाना हक हासिल करने का आरोप है। मामले में कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है।श्रीकाकुलम के पुलिस अधीक्षक (SP) के.वी. महेश्वर रेड्डी ने सोमवार को प्रेस...

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इंदौर के भंवरकुआं चौराहे पर 30 जून से जारी छात्रों का आंदोलन अब और तेज हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के समर्थन में चल रहे इस प्रदर्शन में सोमवार को हजारों छात्र-छात्राएं शामिल हुए। संयुक्त छात्र मोर्चा, आदिवासी छात्र संगठनों सहित सात से अधिक छात्र संगठनों के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां, बैनर और पोस्टर लेकर केंद्र सरकार की शिक्षा नीति, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में सुधार तथा केंद्रीय शिक्षा...

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भिंड। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में दर्ज एक गंभीर आपराधिक प्रकरण में आरोपित को नाबालिग साबित करने के लिए कथित रूप से फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र तैयार करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) निधि नीलेश श्रीवास्तव भिंड के आदेश पर सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन नायब तहसीलदार सहित सात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। न्यायालय के आदेश के पालन में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी...
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गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) गुना पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है जिसमें पुलिस ने पिछले 16 वर्षों से फरार चल रहे 68 हजार रुपये के इनामी एवं 09 स्थायी वारंटों में वांछित कुख्यात पारदी बदमाश बेचैन पुत्र रेवत पारदी उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम कनेरा थाना धरनावदा जिला गुना को गिरफ्तार कर कानून के शिकंजे में लाया गया है । आरोपी लंबे समय से पुलिस से बचकर फरार चल रहा था तथा विभिन्न जिलों में लगातार अपने ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहा था । फरार आरोपियों की...

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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