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आलीराजपुर. एमपी के आलीराजपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है. बैंक की एक शाखा से 24 लाख 12 हजार 326 रुपये की नकद राशि गायब मिलने के बाद बैंक प्रबंधन और प्रशासन में हड़कंप मच गया.
प्रारंभिक जांच में कैशियर पर गबन का आरोप सामने आया है, जो घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित कैशियर और शाखा प्रबंधक को निलंबित कर दिया है. अब पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
बैंक के महाप्रबंधक आरजू इकबाल खान ने बताया कि संबंधित शाखा ने अतिरिक्त फंड जारी करने की मांग की थी. जबकि फंड मैनेजर के पास पहले से यह जानकारी थी कि शाखा में पर्याप्त नकदी उपलब्ध है. इस विरोधाभास के बाद बैंक प्रबंधन को संदेह हुआ और विशेष जांच दल को मौके पर भेजा गया. जांच के दौरान कैश का मिलान किया गया तो 24 लाख 12 हजार 326 रुपये की कमी सामने आई. इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ.
प्रारंभिक जांच में लेखापाल सह कैशियर वेलसिंह पलासिया पर गबन का आरोप लगा है. घटना सामने आने के बाद से वह फरार है. वहीं, शाखा के प्रभारी प्रबंधक जामसिंह भाभर को भी गंभीर लापरवाही और प्रभावी निगरानी नहीं रखने का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. बैंक सेवा नियमों के तहत जारी आदेश में कहा गया है कि शाखा प्रबंधक अपने प्रशासनिक दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन करने में विफल रहे. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पेटलावद शाखा निर्धारित किया गया है.
बैंक प्रबंधन ने आरोपित कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी सामने लाई जाएगी. गौरतलब है कि करीब दो वर्ष पहले भी इसी बैंक में खाताधारकों की गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग कर खातों से अवैध निकासी का मामला सामने आया था. लगातार दूसरी बार वित्तीय अनियमितता उजागर होने से बैंक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
ताजा गबन के खुलासे के बाद बैंक के खाताधारकों में चिंता और नाराजगी बढ़ गई है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अनियमितताओं पर सख्ती नहीं की गई तो सहकारी बैंकिंग व्यवस्था पर भरोसा कमजोर पड़ सकता है. अब सभी की नजर पुलिस जांच और बैंक प्रबंधन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है.
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पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ड्रग सिंडिकेट का भंडाभोड़, लाखों का मादक पदार्थ और हथियार जब्त
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के तहत नीमच पुलिस ने नशे के कारोबारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। बघाना थाना पुलिस ने एमडी ड्रग्स, डोडाचूरा और अवैध हथियारों की तस्करी करते हुए दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस अहम कार्रवाई में पुलिस ने 9 लोगों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। जिसमें 7 अन्य तस्करों को सह-आरोपी बनाया गया है।
पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल और नगर पुलिस अधीक्षक किरण चौहान के मार्गदर्शन में बघाना थाना प्रभारी राधेश्याम दांगी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि बघाना के दो युवक बाइक पर एमडी ड्रग्स और डोडाचूरा लेकर धनेरिया की ओर से छोटीसादड़ी रोड की तरफ आने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल धनेरिया कलां-आरनिया फंटा पर नाकाबंदी कर दी। कुछ ही देर में मुखबिर द्वारा बताई गई बाइक आती दिखी, जिसे रोककर सघन तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान पुलिस ने लाखों का मादक पदार्थ जब्त किया है। जिसमें 54.6 ग्राम एमडी ड्रग्स, 5 किलो डोडाचूरा, एक देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस
तस्करी, और एक मोटरसाइकिल (हीरो सीडी डीलक्स क्रमांक MP44MR2346) शामिल हैं। जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम फिरोज (पिता शब्बीर (35) निवासी नाका नंबर-4 बघाना) और अमन उर्फ सादिक (पिता अब्दुल सत्तार (20) निवासी जाकिर गली बघाना) हैं।
गिरफ्तार आरोपियों से हुई सघन पूछताछ में जिले में सक्रिय नशे के एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा हुआ। आरोपियों ने अपने 7 अन्य साथियों के नाम उगले हैं। जिन्हें पुलिस ने सह-आरोपी बनाया है। इनमें हमीद उर्फ चन्नू, इल्लू उर्फ इमरान, कासम कुरेशी, रिहान पठान, बाबू उर्फ समीर, और सलाम उर्फ गागू (सभी निवासी बघाना) शामिल हैं। इसके अलावा सोहेल निवासी प्रतापगढ़ (राजस्थान) का नाम सामने आने से इस ड्रग सिंडिकेट के अंतरराज्यीय तार जुड़े होने की पुष्टि हुई है।
बघाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 15, 22, 29 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध क्रमांक 235/2026 दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है। आगे कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
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कोर्ट ने अक्षया हत्याकांड में चार दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा, एकतरफा प्यार थी वजह
ग्वालियर। ग्वालियर के चर्चित बेटी बचाओ चौराहा गोलीकांड में जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। करीब दो वर्ष पहले हुई इस सनसनीखेज वारदात में कॉलेज छात्रा अक्षया यादव की गोली लगने से मौत हो गई थी, जबकि असल निशाना उसकी सहेली सोनाक्षी शर्मा थी।
अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सभी आरोपियों को हत्या और हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में दोषी ठहराया। अभियोजन पक्ष ने इसे समाज के लिए अहम फैसला बताते हुए कहा कि इससे अपराधियों को कड़ा संदेश जाएगा।
अभियोजन के अनुसार 10 जुलाई 2023 को सोनाक्षी शर्मा अपनी सहेली अक्षया यादव के साथ स्कूटी से कोचिंग से घर लौट रही थीं। बेटी बचाओ चौराहे के पास मेस्काट अस्पताल के सामने तिलक नगर कॉलोनी की गली में पीछे से बाइक पर सवार तीन-चार युवक पहुंचे। इनमें शामिल सुमित रावत ने अपने भाई उपदेश रावत उर्फ मोन्टी और अन्य साथियों के साथ ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
गोली अक्षया यादव के हाथ और सीने में लगी, जिससे वह स्कूटी से गिर गई। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस हमले में सोनाक्षी शर्मा भी घायल हुई थीं।
जांच और गवाही के दौरान सामने आया कि आरोपियों का वास्तविक निशाना अक्षया नहीं थी, उसकी सहेली सोनाक्षी शर्मा थी। सोनाक्षी ने पुलिस को बताया था कि मुख्य आरोपी सुमित रावत पिछले करीब एक वर्ष से उसे लगातार परेशान कर रहा था।
वह घर के बाहर आकर पत्थर फेंकता, बाजार में पीछा करता और एकतरफा प्रेम के चलते लगातार उसे डराने-धमकाने की कोशिश करता था। घटना वाले दिन भी वह सोनाक्षी को निशाना बनाने आया था, लेकिन गोली गलती से अक्षया को लग गई।
मामले की सुनवाई के बाद जिला अदालत ने सुमित रावत, उपदेश रावत उर्फ मोन्टी, राहुल उर्फ बाला सुर्वे और पृथ्वीराज चौहान को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
विशेष लोक अभियोजक प्रजादीप राहुल ने कहा कि यह बेहद जघन्य और संवेदनशील मामला था। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों पर विचार करने के बाद कठोर सजा सुनाई है। उनका कहना है कि यह फैसला समाज में कानून का डर कायम करने और महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को कड़ा संदेश देने वाला साबित होगा।

बालाघाट। मध्य प्रदेश में एथनाल उत्पादन के नाम पर हुए चावल घोटाले के तार तीन राज्यों से जुड़ चुके हैं। एसआईटी की अब तक की जांच में मप्र, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के 14 राइस मिल संचालक संलिप्त पाए गए हैं। इधर कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देश पर एफसीआई और नागरिक आपूर्ति निगम ने भारतीय खाद्य निगम के क्षेत्रीय महाप्रबंधक को पत्र लिखकर 14 राइस मिलरों को धान वितरण न करने को कहा है।
इनमें बालाघाट जिले की सात राइस मिल, सिवनी जिले की तीन, महाराष्ट्र के गोंदिया की तीन और छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की एक राइस मिल शामिल है। खास बात है कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के इन 14 राइस मिलरों में मप्र के पूर्व मंत्री और वर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशोर कावरे के बड़े भाई कुमार कावरे की हर्ष राइस मिल भी शामिल है। एसआईटी ने हर्ष राइस मिल से जुड़े बिजनेस पार्टनर विनोद शर्मा सहित कावरे परिवार के सदस्यों से लंबी पूछताछ की है।
जांच में जिन मिलों की संलिप्तता के साक्ष्य मिले हैं, उनमें गुरुदेव (लक्ष्मी) राइस मिल, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़), खंडेलवाल राइस मिल, गोंदिया (महाराष्ट्र), श्रीनाथ राइस मिल (खंडेलवाल ग्रुप), गोंदिया(महाराष्ट्र), सीडी सोर्टेक्स गोदाम (खंडेलवाल ग्रुप), गोंदिया(महाराष्ट्र), संचेती राइस मिल, वारासिवनी(बालाघाट), हर्ष राइस मिल, टेकाड़ी(बालाघाट),श्री सिद्धी विनायक राइस इंडस्ट्री, लालबर्रा(बालाघाट), बिहारी राइस इंडस्ट्री, नैतरा
वारासिवनी(बालाघाट), शांति राइस मिल, नेवरगांव, वारासिवनी(बालाघाट),नवीन सुराना गोदाम, मेहंदीवाड़ा, वारासिवनी(बालाघाट), विराज राइस मिल, गर्रा(बालाघाट), नंदगोपाल राइस इंडस्ट्री, सिवनी, बोपचे राइस मिल, अरी, सिवनी व शुभम राइस मिल, अरी, सिवनी शामिल हैं।
बता दें कि मध्य प्रदेश के बालाघाट व सिवनी जिलों में एथनाल के नाम पर करोड़ों के फोर्टिफाइड चावल की हेराफेरी का मामला तीन जून को पकड़ में आया था।
यह मामला बालाघाट में 242 क्विंटल सरकारी चावल से भरे ट्रक के पकड़े जाने से खुला था। तब से अभी तक 10 लोगों की इस मामले में गिरफ्तारी भी हो चुकी है। एसआईटी की टीमें अभी भी महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ में दबिश दे रही हैं।
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बाबा रामदेव और रिलायंस की पीथमपुर में 419 एकड़ जमीन छीनने की कार्रवाई शुरू
इंदौर। मध्य प्रदेश के औद्योगिक हब पीथमपुर में बड़े-बड़े दावों और वादों के साथ जमीनें हासिल करने वाले महा-निवेशकों की मनमानी पर प्रदेश सरकार ने अब एक्शन लिया है। पिछले 10 सालों में पंतजलि, रिलायंस, एडीएजी और जापानी निवेशकों को आवंटित की गई 419 एकड़ की कीमती औद्योगिक जमीन सरकार वापस लेने जा रही है।
करोड़ों के निवेश और हजारों नौकरियों का ढिंढोरा पीटकर जमीन दबाने वाली इन कंपनियों से अब मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम जमीन वापस लेकर नए और गंभीर निवेशकों को सौंपने की तैयारी में जुट गया है।
पंतजलि को साल 2017 में 25 लाख रुपये प्रति एकड़ की कीमत से करीब 40 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी। दावा किया गया था कि 500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। जिससे 5 हजार स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग और पास्ता प्लांट का निर्माण किया जाएगा।
वहीं 9 साल बीत जाने के बाद भी जमीन पर एक ईंट नहीं रखी गई। अब उद्योग विभाग ने बाबा रामदेव की पंतजलि कंपनी को अंतिम नोटिस जारी कर जमीन वापसी की कार्रवाई शुरू कर दी है।
रिलायंस को पीथमपुर में लगभग 200 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई थी। जिसको लेकर दावा किया गया था कि देश का बड़ा रक्षा उत्पादन संयंत्र, डेटा सेंटर और हथियार निर्माण की इकाई लगाई जाएगी। यह दावा किया गया था कि 46,000 करोड़ का बड़ा निवेश आएगा।
आवंटन के समय 3 साल के भीतर उत्पादन शुरू करने की सख्त शर्ती थी लेकिन वर्षों बीतने के बाद भी एक संयंत्र शुरु नहीं हुआ। अब इस आरक्षित जमीन का बड़ा हिस्सा निरस्त कर अन्य कंपनियों को आवंटित किया जा रहा है।
पीथमपुर में जापानी और दक्षिण-पूर्व एशियाई ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए 178 एकड़ जमीन आरक्षित रखी गई थी। साल 2019 में जापानी संगठन JETRO की टीम ने दौरा भी किया था लेकिन सालों बाद भी कोई ठोस प्रोजेक्ट धरातल पर नहीं उतरा। अब इस जमीन को भी फ्र कर नए प्रस्तावों के लिए खोला जा रहा है।
मध्य प्रदेश उद्योग विभाग अब ऐसी किसी भी कंपनी को बख्शने के मूड में नहीं है जो केवल जमीन रोककर बैठी है। इससे पहले इंफोसिस को इंदौर सुपर कॉरिडोर पर दी गई 130 एकड़ में से 50 एकड़ जमीन वापस ली जा चुकी है। एशियन पेंट्स और अन्य 32 एकड़ वाली कंपनियों को भी नोटिस जारी किया गया है।
आगामी इन्वेस्टर समिट्स से पहले सरकार पीथमपुर और प्रदेश भर में खाली पड़े औद्योगिक प्लॉटों का पुनरावलोकन कर रही है जिससे वास्तविक निवेशकों को जमीन दी जा सके और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा हो।
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छात्रों पर लाठीचार्ज से भड़का गुस्सा, 4 जिलों में चक्काजाम, पुतला दहन व प्रदर्शन
मध्य प्रदेश । दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की खबर सामने आते ही मध्य प्रदेश में सियासी भूचाल आ गया है। इस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार देर रात उज्जैन, विदिशा, खंडवा और मंडला जिले के नैनपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। कांग्रेसी नेताओं ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तो कहीं कलेक्टर दफ्तर और थानों का घेराव कर लिया और इसी के साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
उज्जैन के टॉवर चौक पर उग्र प्रदर्शन, फूंका पुतला
उज्जैन। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी के नेतृत्व में कार्यकर्ता टॉवर चौक स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास जमा हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई में राहुल गांधी को चोट लगने की खबर से स्थानीय कांग्रेसी भड़क गए। कांग्रेसी दो घंटे से अधिक समय तक चौराहे पर डटे रहे।
शहर अध्यक्ष मुकेश भाटी, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष अर्पित यादव और ललित मीणा ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है और सोनम वांकचुक को अनशन से जबरन उठाया गया। इसके विरोध में कांग्रेस ने पैदल मार्च निकालकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका।
विदिशा के विवेकानंद चौराहे पर देर रात तक धरना
विदिशा(शमशाबाद)। विदिशा में जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने विवेकानंद चौराहे पर देर रात तक धरना प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार हो रहे पेपर लीक पर पर्दा डाल रही है। प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी की तत्काल रिहाई, पेपर लीक के दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
कलेक्टर कार्यालय का घेराव, ‘हमें भी हिरासत में लो’ के लगे नारे
खंडवा। खंडवा में जिलाध्यक्ष उत्तमपाल सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देर रात अचानक कलेक्टर कार्यालय परिसर में पहुंचकर घेराव कर दिया। कार्यकर्ताओं ने परिसर में बैठकर नारेबाजी की और कहा कि जिस तरह हमारे नेता राहुल गांधी को बिना वजह हिरासत में लिया गया है उसी तरह पुलिस हमें भी गिरफ्तार करो।
करीब एक घंटे तक चले इस घेराव के बाद युवा कांग्रेस ने बुधवार को पूरे जिले में उग्र आंदोलन और पुतला दहन की चेतावनी दी है।
पवन राय, मंडला। मंडला जिले के नैनपुर में रात 9 बजे नगर व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और NSUI के सयुंक्त तत्वाधान में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने थाना परिसर के सामने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया।
नैनपुर कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेश तिवारी और मिंटू शर्मा ने कहा कि जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे मासूम छात्रों पर लाठियां भांजना और आवाज उठाने वाले जननेता को गिरफ्तार करना तानाशाही की हद है।

सीजेपी प्रोटेस्ट में लाठीचार्ज को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। मामले की सुनवाई हुआ। याचिका में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ होने का आरोप लगाते हुए पुलिस पर FIR की मांग की गई है। जबकि केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में CJP के विरोध प्रदर्शन को शांतिपूर्ण नहीं माना और प्रदर्शन में हिंसा के आरोप लगाए। केंद्र सरकार ने याचिका को सिर्फ पब्लिक स्टंट करार दिया है।
दोनों पक्ष की सुनवाई के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। चार हफ्ते में जवाब मांगा है। 11 सितंबर को अगली सुनवाई होगी। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को बॉडी कैमरा फुटेज और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने का आदेश दिया। चीफ जस्टिस देवेन्द्र उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने सुनवाई की।
बता दें कि 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और 18 जुलाई को जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को जबरन हटाए जाने से संबंधित जनहित याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।केंद्र सरकार ने CJP के विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा। सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) ने अदालत से कहा कि CJP का प्रदर्शन शांतिपूर्ण नहीं था और प्रदर्शन में शामिल कुछ तत्वों ने हिंसा का सहारा लिया था। सरकार ने हाईकोर्ट में यह भी कहा कि इस मामले में दायर याचिकाएं सिर्फ प्रचार हासिल करने (Publicity Seeking Petitions) के लिए दाखिल की गई हैं। एएसजी ने अदालत को बताया कि जिन लोगों के साथ कथित तौर पर मारपीट होने का आरोप लगाया जा रहा है, उनमें से किसी ने भी अब तक न तो FIR दर्ज कराई है और न ही अदालत में कोई याचिका दायर की है।
याचिकाकर्ता की तरफ से वकील एन हरिहरन घटना के बारे में कोर्ट को अवगत कराया। हरिहरन ने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण चल रहा था। कोई वॉर्निंग नहीं दी गई और लाठीचार्ज कर दिया गया। ऐसा तो कोलोनियल टाइम मे भी नहीं हुआ था। राज्य की कोई भी कार्रवाई, यदि होती है तो उसे आर्टिकल 14 के तहत मनमानी की कसौटी पर परखा जाएगा। यह ऐसी स्थिति है जहां सबसे बड़े स्तर पर क्रूरता का प्रयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि छात्राओं के साथ छेड़छाड़ हुई. जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
एडवोकेड हरिहरन ने आगे कहा कि वहां लाठियां हैं, उनमें कीलें लगी हैं जिनसे बच्चों को पीटा गया। कम से कम पहचाने जा सकने वाले पुलिसवालों के खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए। यह सब वीडियो में है. पूरी घटना की इंक्वायरी होनी चाहिए। 90 से ज़्यादा स्टूडेंट घायल हुए हैं।
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स्लीपर सेल अलर्ट के बाद पुलिस का बड़ा एक्शन, अब बिना वेरिफिकेशन किराएदार रखने पर होगी कार्रवाई
चांपा । अकलतरा में पाकिस्तान से जुड़े कथित स्लीपर सेल नेटवर्क के लिए काम करने के आरोप में एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांजगीर-चांपा पुलिस ने पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी अभियान तेज कर दिया है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मकान मालिकों, होटल संचालकों, उद्योगों और ठेकेदारों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि अब बिना पुलिस सत्यापन किसी भी बाहरी व्यक्ति को किराए पर रखने या नौकरी देने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अकलतरा में कथित स्लीपर सेल नेटवर्क से जुड़े आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांजगीर-चांपा पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। जिले में अवैध रूप से रह रहे बाहरी व्यक्तियों और अप्रवासियों की पहचान और सत्यापन के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि जिले में रहने वाले सभी बाहरी व्यक्तियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा। मकान मालिक, होटल-लॉज संचालक, राइस मिलर्स और निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदारों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
एसपी ने कहा कि अब बिना पुलिस सत्यापन किसी भी किराएदार या बाहरी कर्मचारी को रखने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मकान मालिकों को किराएदार का पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखना होगा।
राइस मिल, स्पंज आयरन फैक्ट्री और अन्य संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि बाहरी मजदूरों और कर्मचारियों का सत्यापन कराने के बाद ही उन्हें काम पर रखा जाए। होटल, लॉज और धर्मशालाओं में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान दर्ज करना और सीसीटीवी कैमरे चालू रखना भी अनिवार्य किया गया है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत साझा करें। इसके लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905, पुलिस कंट्रोल रूम 9479193199 और आपातकालीन सेवा 112 जारी की गई है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि यह अभियान किसी को परेशान करने के लिए नहीं बल्कि जिले में शांति, सुरक्षा और भाईचारा बनाए रखने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले की सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
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...मैं खत्म कर दूंगा अनशन : सोनम वांगचुक ने अस्पताल से सरकार को लिखी चिट्ठी, रखी ये शर्त
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा है कि यदि केंद्र सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट और बिना शर्त आश्वासन देती है तो वह अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर देंगे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर अस्पताल आकर मुलाकात करने और अनशन खत्म करने की अपील के लिए धन्यवाद भी दिया।
वांगचुक ने बताया कि मंत्रियों के साथ बातचीत के दौरान सरकार ने उनकी कुछ मांगों पर सकारात्मक विचार करने का भरोसा दिया है। इसी के आधार पर उन्होंने अपनी आगे की शर्तें सरकार के सामने रखी हैं।
ये हैं वांगचुक की प्रमुख मांगें
वांगचुक ने सरकार से कई अहम मांगें की हैं। इनमें शामिल हैं-
पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए।
पूरे मामले पर संसद में गंभीर और सार्थक चर्चा हो।
जवाबदेही तय की जाए और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर भी विचार किया जाए।
वांगचुक ने कहा कि आंदोलन में शामिल किसी भी छात्र या युवा प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई कानूनी, दंडात्मक या बदले की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उनका कहना है कि इन युवाओं ने सिर्फ निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग उठाई है।
उन्होंने 20 जुलाई को हुए 'चलो संसद' मार्च का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस की कथित सख्ती और बल प्रयोग के बावजूद प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी तरह की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं करेगी।
वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों की मुलाकात के बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने उन्हें पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने की अपील की है। कुछ सांसद उनसे अस्पताल में मिल चुके हैं, जबकि कुछ अन्य जल्द मिलने वाले हैं। सांसदों ने उनसे कहा कि देश को आगे भी उनके योगदान की जरूरत है।
वांगचुक ने कहा कि वह अपने छात्रों, शिक्षा और सामाजिक कार्यों के बीच लौटना चाहते हैं। लेकिन ऐसा उन युवाओं के हितों की कीमत पर नहीं कर सकते, जिनके लिए यह आंदोलन शुरू किया गया था।
वांगचुक ने साफ कहा कि यदि सरकार प्रदर्शनकारी युवाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का स्पष्ट आश्वासन देती है तो वह भरोसे के साथ अपना अनशन समाप्त कर देंगे। लेकिन ऐसा नहीं होने पर उनका अनशन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।
अपने पत्र के अंत में वांगचुक ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती इस बात से तय होती है कि वह अपनी बात रखने वाले युवा नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध का सम्मान होना चाहिए।

भिंड। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में दर्ज एक गंभीर आपराधिक प्रकरण में आरोपित को नाबालिग साबित करने के लिए कथित रूप से फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र तैयार करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) निधि नीलेश श्रीवास्तव भिंड के आदेश पर सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन नायब तहसीलदार सहित सात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। न्यायालय के आदेश के पालन में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार 15 जुलाई 2026 को सीजेएम न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आधार पर सिटी कोतवाली में ऊमरी वृत्त के तत्कालीन नायब तहसीलदार मोहनलाल शर्मा, कल्लू यादव पुत्र निहाल सिंह यादव निवासी यादवन का पुरा ऊमरी, आशुतोष सिंह यादव निवासी रूर ऊमरी, तत्कालीन ग्राम पंचायत बिलाव के सचिव शेरसिंह यादव पुत्र रामवीर सिंह यादव, तत्कालीन पटवारी संजीव शर्मा, बिलाव आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रजनी जादौन पत्नी लोकेंद्र सिंह जादौन निवासी बिलाव ऊमरी तथा तत्कालीन सरपंच राजकुमार दुबे के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया है।
न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद के अनुसार परिवादी गौरव शर्मा ने आरोप लगाया कि विमल यादव के विरुद्ध महाराष्ट्र के थाना खड़वली (जिला ठाणे) में वर्ष 2025 में गंभीर धाराओं और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत अपराध दर्ज हुआ था। स्कूल के अभिलेखों के अनुसार विमल यादव की जन्मतिथि 12 दिसंबर 2006 दर्ज थी, जिससे वह घटना के समय बालिग था।
आरोप है कि आरोपित के स्वजनों ने उसे नाबालिग साबित करने के उद्देश्य से अधिकारियों और पंचायत कर्मियों के साथ मिलकर 25 दिसंबर 2007 की जन्मतिथि दर्शाते हुए कथित रूप से फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र तैयार कराया। परिवाद में कहा गया है कि इस दस्तावेज का उपयोग न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने और आरोपी को कानूनी लाभ दिलाने के उद्देश्य से किया गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जन्म प्रमाण-पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में तत्कालीन नायब तहसीलदार, ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, तत्कालीन सरपंच तथा दो अन्य आरोपियों ने मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और गलत जन्मतिथि दर्ज कर प्रमाण-पत्र जारी कराया। पुलिस अब दस्तावेजों की सत्यता, रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच करेगी। सिटी कोतवाली पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, भिंड के आदेश के पालन में सात आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी गई है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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अवंतिका गैस लाइन ब्लास्ट केस में अपडेटः हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान क्षेत्रीय पार्षद को बनाया आरोपी
इंदौर। बहुचर्चित अवंतिका गैस लाइन ब्लास्ट मामले में एक नया और बड़ा मोड़ सामने आया है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (High Court) में मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से अदालत को अवगत कराया गया है कि इस पूरे मामले में क्षेत्रीय पार्षद बालमुकुंद सोनी को आरोपी बनाया गया है।
यह कार्रवाई दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने और जिम्मेदारी तय करने की मांग को लेकर दायर की गई जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान हुई। याचिकाकर्ता एडवोकेट रितेश इनाणी ने जानकारी देते हुए बताया कि हाईकोर्ट के समक्ष मामले की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) स्वयं अदालत में पेश हुए थे।
सुनवाई के दौरान एसीपी ने माननीय उच्च न्यायालय को सूचित किया कि अवंतिका गैस लाइन ब्लास्ट मामले की गहराई से जांच के बाद क्षेत्रीय पार्षद बालमुकुंद सोनी की संलिप्तता/जिम्मेदारी पाए जाने पर उन्हें मामले में आरोपी बनाया गया है। पुलिस प्रशासन ने अदालत को भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच निष्पक्षता से आगे बढ़ रही है और अन्य संबंधित पहलुओं पर वैधानिक कानूनी कार्रवाई लगातार जारी है।
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बेटी होने का ‘कसूर’, 20 दिन की नवजात की दादी ने ले ली जान
टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक दर्दनाक वारदात सामने आई है। टीकमगढ़ जिले में एक नवजात बच्ची की सिर्फ इसलिए जिंदगी नहीं बच सकी क्योंकि उसका कसूर केवल इतना था की वह बेटी थी। जन्म के महज 20 दिन बाद ही उसकी अपनी दादी ने बच्ची की गला घोंटकर हत्या कर दी। वहीं पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी दादी को गिरफ्तार कर लिया है।
दरअसल, यह पूरा मामला पलेरा थाना क्षेत्र के बन्ने बुजुर्ग गांव का है। जहां रहने वाले धनीराम आदिवासी दिल्ली में मजदूरी करते हैं, जबकि उनकी गर्भवती पत्नी पुख्खन आदिवासी गांव में अपनी सास रेखा आदिवासी के साथ रह रही थी। करीब 20 दिन पहले पुख्खन ने एक बेटी को जन्म दिया था। पुलिस के मुताबिक बेटी के जन्म के बाद से ही सास रेखा नाराज रहती थी और बहू को बेटा पैदा न होने को लेकर ताने देती थी। शहरऔर स्थानीय मार्गदर्शिका
पुलिस के अनुसार, घटना वाली रात करीब 3 बजे जब मां और नवजात बच्ची सो रही थीं, तभी आरोपी दादी चुपके से बच्ची को उठाकर घर के बाहर ले गई और उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद वह बच्ची के शव को वापस ले जाकर उसकी मां के पास सुला गई। जब मां की आंख खुली और उसने देखा की उसकी बेटी के शरीर मे कोई हलचल नहीं हो रही है तो उसने शोर मचाया। जिसके बाद परिवार के सारे लोग इकट्ठे हो गए।
इस दौरान आरोपी दादी रोने बिलखने का नाटक करती रही और झाड़ फूंक भी कराती रही। इसी बीच ग्रामीणों ने घटना की सूचना पलेरा पुलिस को दे दी। सूचना मिलते ही पलेरा थाना प्रभारी प्रीति भार्गव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। जांच के दौरान नवजात के गले पर दबाव के निशान मिले, जिसके बाद कड़ाई से बेटी की मां और दादी से पूछताछ की। तब जाकर सारी हकीकत सामने आई। इसके बाद पलेरा पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए आरोपी दादी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से आरोपी रेखा आदिवासी को जेल भेज दिया गया है।

इंदौर के भंवरकुआं चौराहे पर 30 जून से जारी छात्रों का आंदोलन अब और तेज हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के समर्थन में चल रहे इस प्रदर्शन में सोमवार को हजारों छात्र-छात्राएं शामिल हुए। संयुक्त छात्र मोर्चा, आदिवासी छात्र संगठनों सहित सात से अधिक छात्र संगठनों के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां, बैनर और पोस्टर लेकर केंद्र सरकार की शिक्षा नीति, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में सुधार तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
दरअसल आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि देश की शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सरकार को तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाने चाहिए। इसी मांग को लेकर पिछले 22 दिनों से तीन-तीन छात्र अनिश्चितकालीन धरने पर है और क्रमवार भूख हड़ताल भी करी जा रही है। धरना स्थल पर छात्र-छात्राएं गीत गाकर, ढोलक, झांझ और मंजीरे बजाकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन केवल उनके लिए नहीं, बल्कि देश के हर विद्यार्थी के भविष्य के लिए है।
इससे पहले मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पर हुए प्रदर्शन के दौरान पांच छात्रों ने मुंडन कराकर सरकार के खिलाफ अनोखा विरोध जताया था। अब आंदोलन को लगातार बढ़ते जनसमर्थन के बीच छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना और विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
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एमपी में बिजली कंपनी के इंजीनियर के 9 ठिकानों पर छापे, बेटे-बहू और दामाद के नाम करोड़ों की दौलत
इंदौर मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर में लोकायुक्त टीम ने बड़ी छापामार कार्रवाई करते हुए बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के निधीवन कॉलोनी स्थित निवास पर छापामार कार्रवाई की है। सेमिल के खिलाफ आय से कई गुना अधिक संपत्ति होने की शिकायत सामने आई थी।
वहीं, छापामार कार्रवाई के दौरान सामने आया कि, इंजीनियर ने 33 साल की नौकरी में आय से ज्यादा संपत्ति अवैध रूप से प्राप्त की है। करोड़ों रुपये की फैक्ट्री और घर के साथ सोने-चांदी के ज्वेलरी और कैश भी मिला है।
शिवराम सेमिल और उनके परिवार के लोगों के पास बड़ी संपत्ति मिली है। जिसमें सिलिकॉन सिटी में सी 44 स्थित तीन मंजिला घर की कीमत करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये है। इनके बेटे शुभम सेमिल के नाम से पीथमपुर में शुभम इलेक्ट्रिकल नाम से फैक्ट्री मिली है जहां पर ट्रांसफार्मर बनाए जाते हैं। यह फैक्ट्री 880 वर्गमीटर एरिया में बनाई गई है। यह भी करीब एक करोड़ 25 लाख रुपये की है।
शिवराम सेमिल की बहू और परिवार के सदस्यों के नाम से 'कर्निश पावरजोन' नामक फर्म रजिस्टर्ड होना पाई है जिसकी शेयर पूंजी 50 लाख रुपये है। इसके द्वारा पीथमपुर सेक्टर 3 में प्लॉट क्रमांक 732 और 749 A क्रय किए गए हैं, जिनमें 732 प्लॉट पर पुरानी फैक्ट्री स्थापित है और 749ए पर नई फैक्ट्री का निर्माण किया जा रहा है। अनुमानित व्यय एक करोड़ रुपये किया गया है। साथ ही दामाद और बेटे के नाम से उज्जैनी जिला धार स्थित औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट क्रमांक 184,185 पर, 'एसएस इलेक्ट्रिकल्स' फर्म का संचालन होना पाया गया है। इसके ही नाम से प्लॉट क्रमांक 153 भी क्रय किया गया है। इन पर अनुमानित एक करोड़ 50 लाख रुपये व्यय होना पाया है।
कृष्णा पावर नामक फर्म के नाम से उज्जैनी जिला धार में 560 वर्ग मीटर का भूखंड भी लिया गया। यहां पर भी फैक्ट्री बन रही है। इसमें भी 10 लाख रुपये इनवेस्ट किए गए हैं। समधी के नाम से भी शिवराम सेमिल ने फैक्ट्री खोली है जो जांच की जा रही है। 'ए वन इलेक्ट्रिकल' नाम से फैक्ट्री का संचालन हो रहा है। भूखंड क्रमांक 169 , उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र, धार में यह फैक्ट्री भी पाई गई है। ट्रांसफार्मर की उक्त फैक्ट्री पर भी करोड़ों रुपए इन्वेस्ट किया जाना पाया है।
सेमिल की फैक्ट्रियों के कार्यालय भी इंदौर में पाए गए हैं। सप्तश्रृंगी नगर सिलिकॉन सिटी में उनके कार्यालय का भवन पत्नी और बेटे सौरभ सेमिल के नाम होना पाया है। गाइडलाइन कीमत 60 लाख रुपये इसकी कीमत सामने आई है। एक और कार्यालय 45 अंजनी नगर, एयरपोर्ट रोड पर संचालित हो रहा है। कर्निश पावर जोन के इस कार्यालय पर भी सर्चिंग जारी है। एक और कार्यालय देवासनाका एरिया में सिद्धार्थ फार्म के पास पाया गया है।
सेमिल ने अपने बेटों के नाम से ओमेक्स सिटी में प्लॉट खरीदा है। यह प्लॉट बीस लाख रुपये में गाइडलाइन अनुसार क्रय किया है। बेटे की फर्म शुभम इलेक्ट्रिकल के नाम से 15 लाख रुपये की महिंद्रा कंपनी की इलेक्ट्रिक कार खरीदी गई है। एक मकान रविदास नगर मुरैना में भी दो मंजिला पाया गया है। ग्वालियर लोकायुक्त की टीम द्वारा वहां पर सर्च की जा रही है। इसकी कीमत 50 लाख रुपये है।
लोकायुक्त की जांच में पता चला कि, नौकरी के दौरान सेमिल की कुल आय दो करोड़ रुपए हुई है। इसकी तुलना में उन्होंने साढ़े छह करोड़ रुपये खर्च किए हैं। ऐसे में 7.16 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति इंजीनियर के पास मिली है। जो इनकी अब तक मिली आय का 258 प्रतिशत है।
बताया जा रहा है कि, शिवराम सेमिल अधीक्षण यंत्री मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर में कार्यरत है। इनके द्वारा अपने 33 साल की नौकरी में अपनी वैध आय की तुलना में बहुत अधिक संपत्ति अवैध रूप से प्राप्त हुई है, जिसका विवरण इस प्रकार है।
1-सिलिकॉन सिटी में सी-44 स्थित भूखंड पर तीन मंजिला भव्य आवास बना है, जिसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 20 लाख आंकी गई है।
2-इनके पुत्र शुभम के नाम से पीथमपुर सेक्टर-3 में प्लॉट क्रमांक 749 पर 'शुभम इलेक्ट्रिकल' नाम से फैक्ट्री मिली है। इस फैक्ट्री में ट्रांसफार्मर बनाए जाते हैं। ये फैक्ट्री 880 वर्गमीटर एरिया में बनी है, जिसकी कुल अनुमानित व्यय 1 करोड़ 25 लाख रूपए आंका गया है।
3-सेमिल की पुत्रवधु और परिवार के सदस्यों के नाम से 'कर्निश पावरजोन' नामक फर्म रजिस्टर्ड है, जिसकी शेयर पूंजी 50 लाख रुपए है। वहीं, पीथमपुर सेक्टर-3 में प्लॉट क्रमांक-732 और 749-A खरीदा है, जिनमें 732 प्लॉट पर पुरानी फैक्ट्री बनी है और 749-ए पर नई फैक्ट्री का निर्माण चल रहा है। इन दोनों संपत्तियों की अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपए आंका गया है।
4-दामाद और बेटे के नाम से उज्जैनी जिला धार स्थित औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट क्रमांक-184,185 पर, 'एस.एस.इलेक्ट्रिकल्स' फर्म का संचालन भी किया जा रहा है। इसके ही नाम से प्लॉट क्रमांक-153 भी क्रय किया गया है। इनपर अनुमानित 1 करोड़ 50 लाख रुपए व्यय होना पाया गया है।
5-'कृष्णा पावर' नामक फर्म के नाम से उज्जैनी जिला धार में 560 वर्ग मीटर का भूखंड आरोपी द्वारा लिया जाना पाया है। यहां पर भी फैक्ट्री का निर्माण चल रहा है, जिसपर अनुमानित व्यय 10 लाख रुपए अब तक किए जा चुके हैं।
6-रिश्तेदार/संबंधी के नाम से भी आरोपी शिवराम सेमिल ने फैक्ट्री खोली है, जिसकी जांच की जा रही है। 'ए-वन इलेक्ट्रिकल' नाम से उक्त फैक्ट्री का संचालन चल रहा है। भूखंड क्रमांक-169, उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र, धार में ये फैक्ट्री भी स्थित है। ट्रांसफार्मर की उक्त फैक्ट्री पर भी करोड़ों रुपए इन्वेस्ट किये गए हैं। अभी इसका व्यय आरोपी के व्यय में जोड़ा नहीं गया है।
7-आरोपी की फैक्ट्रियों के कार्यालय भी इंदौर में पाए गए हैं। सप्तश्रृंगी नगर सिलिकॉन सिटी में उनके कार्यालय का भवन पत्नी और पुत्र सौरभ सेमिल के नाम होना पाया है। मकान नंबर-59 में शुभम इलेक्ट्रिकल का कार्यालय पाया गया है। गाइडलाइन कीमत 60 लाख व्यय में ली है।
8-एक और कार्यालय 45 अंजनी नगर, एयरपोर्ट रोड पर संचालित है। कर्निश पावर जोन के इस कार्यालय पर भी सर्चिंग जारी है।
9-एक और कार्यालय देवास नाका एरिया में सिद्धार्थ फार्म के पास पाया गया है। कर्निश पावरजॉन का उक्त कार्यालय भी सर्चिंग टीम द्वारा सर्च किया जा रहा है।
10-आरोपी द्वारा अपने पुत्रों के नाम से ओमेक्स सिटी में प्लॉट भी क्रय किया गया है। ये प्लॉट 20 लाख रुपए, गाइडलाइन के अनुसार क्रय किया है।
11-आरोपी द्वारा पुत्र की फर्म शुभम इलेक्ट्रिकल के नाम महिंदा कंपनी की इलेक्ट्रिक कार भी 15 लाख रुपए लागत की क्रय की गई है।
12-आरोपी का एक दो मंजिल मकान रविदास नगर मुरैना में भी पाया गया है। ग्वालियर लोकायुक्त की टीम द्वारा वहां पर सर्चिंग की जा रही है। मकान की अनुमानित कीमत 50 लाख रुपए है।
इस तरह आरोपी को संपूर्ण सेवाकाल में 2 करोड़ रुपए नेट वेतन की तुलना में उसके द्वारा 6 करोड़ 50 लाख रूपए व्यय करना पाया गया है। जीवन यापन व्यय अगर नेट आय का 33 फीसद लिया जाए तो कुल व्यय 7 करोड़ 16 लाख से अधिक व्यय आरोपी द्वारा किया गया है, जो आय से 258 फीसदी ग़ैर अनुपात व्यय किया गया है। फिलहाल, छापामार टीम की सर्चिंग जारी है। संभावना है कि, अभी और भी कई खुलासे हो सकते हैं। टीम द्वारा कार्रवाई इंदौर के चार ठिकानों पर, पीथमपुर के 2 ठिकानों पर, उज्जैनी धार के 2 ठिकानों और मुरैना के 1 यानी कुल 9 ठिकानों पर एक साथ की जा रही है।
आरोपी के खिलाफ धारा 13(1) बी,13(2) भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 के अन्तर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। लोकायुक्त संगठन द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। वहीं, आमजन से अपील की गई है कि, कोई अधिकारी /कर्मचारी भ्रष्टाचार की शिकायत की सूचना लोकायुक्त कार्यालय इंदौर एवं दूरभाष पर भी संपर्क कर सकते हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर को रेप केस में फंसाने की धमकीः महिला ने ऐंठे ₹20 लाख, अब ₹25 लाख और मांगे, FIR
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से ब्लैकमेलिंग और ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां स्वास्थ्य विभाग के उपसंचालक (डिप्टी डायरेक्टर) डॉ. हिमांशु जायसवार को दुष्कर्म (रेप) के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया। आरोपी महिला ने झांसा देकर और धमकियां देकर डॉक्टर से 20 लाख रुपये वसूल लिए और अब 25 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग कर रही थी।
मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ब्लैकमेल करने वाली महिला स्वास्थ्य विभाग के ही एक पूर्व अधिकारी की बेटी है। पीड़ित डॉक्टर हिमांशु जायसवार के उस परिवार के साथ पिछले 13 वर्षों से पारिवारिक संबंध थे। इसी भरोसे का फायदा उठाकर महिला ने डॉक्टर को अपने जाल में फंसाया।
शुरुआत में महिला ने इमोशनल ब्लैकमेल करते हुए डॉक्टर से पैसे उधार मांगे थे। उसने बहाना बनाया था कि- उसके पिता की तबीयत खराब है और इलाज कराना है। वह खुद कैंसर की बीमारी से जूझ रही है। उसकी बेटी की पढ़ाई के लिए पैसों की सख्त जरूरत है। पारिवारिक रिश्तों की वजह से डॉ. हिमांशु ने उसकी मदद की।
जब आरोपी महिला के पास डॉक्टर की बड़ी रकम जमा हो गई और डॉ. हिमांशु ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो महिला का रवैया बदल गया। पैसे लौटाने के बजाय उसने डॉक्टर को दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाकर करियर बर्बाद करने की धमकी देना शुरू कर दिया। इस ब्लैकमेलिंग से डरकर डॉक्टर से वह अब तक 20 लाख रुपये वसूल चुकी थी, लेकिन जब उसने 25 लाख रुपये की और मांग की, तो पीड़ित ने कानून का दरवाजा खटखटाया। पीड़ित डॉक्टर की शिकायत पर हबीबगंज थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ब्लैकमेलिंग के इस पूरे खेल की गहनता से जांच कर रही है और आरोपी महिला के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

प्रमुख समाचार

सीजेपी प्रोटेस्ट में लाठीचार्ज को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। मामले की सुनवाई हुआ। याचिका में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ होने का आरोप लगाते हुए पुलिस पर FIR की मांग की गई है। जबकि केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में CJP के विरोध प्रदर्शन को शांतिपूर्ण नहीं माना और प्रदर्शन में हिंसा के आरोप लगाए। केंद्र सरकार ने याचिका को सिर्फ पब्लिक स्टंट करार दिया है।दोनों पक्ष की सुनवाई के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी...

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आलीराजपुर. एमपी के आलीराजपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है. बैंक की एक शाखा से 24 लाख 12 हजार 326 रुपये की नकद राशि गायब मिलने के बाद बैंक प्रबंधन और प्रशासन में हड़कंप मच गया.प्रारंभिक जांच में कैशियर पर गबन का आरोप सामने आया है, जो घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित कैशियर और शाखा प्रबंधक को निलंबित कर दिया है. अब...

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बालाघाट। मध्य प्रदेश में एथनाल उत्पादन के नाम पर हुए चावल घोटाले के तार तीन राज्यों से जुड़ चुके हैं। एसआईटी की अब तक की जांच में मप्र, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के 14 राइस मिल संचालक संलिप्त पाए गए हैं। इधर कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देश पर एफसीआई और नागरिक आपूर्ति निगम ने भारतीय खाद्य निगम के क्षेत्रीय महाप्रबंधक को पत्र लिखकर 14 राइस मिलरों को धान वितरण न करने को कहा है।इनमें बालाघाट जिले की सात राइस मिल, सिवनी जिले की तीन, महाराष्ट्र के गोंदिया की तीन और छत्तीसगढ़...
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गुना। (गरिमा टीवी न्यूज़) न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, गुना ने चेक बाउंस (धारा 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम) के एक प्रकरण में आरोपी प्रकाश अहिरवार को दोषी ठहराते हुए 3 माह के साधारण कारावास एवं ₹1,14,500 प्रतिकर राशि अदा करने का आदेश दिया है।प्रकरण के अनुसार परिवादी सुरेश शर्मा ने आरोपी प्रकाश अहिरवार को ₹1,00,000 उधार दिए थे। राशि वापस मांगने पर आरोपी ने भुगतान के लिए ₹1,00,000 का चेक दिया। परिवादी द्वारा चेक बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि न होने...

फोटो गैलरी

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
पूजा स्थल मे गरिमा
पूजा स्थल मे गरिमा
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