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राजगढ़। मध्य प्रदेश की राजगढ़ पुलिस ने ब्यावरा सिटी थाना क्षेत्र में हुई 2 करोड़ रुपये की सनसनीखेज ठगी के मामले का खुलासा करते हुए एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। ‘ऑपरेशन मनी ट्रैप’ के तहत पुलिस ने 10 राज्यों में दबिश देकर गिरोह के 14 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.73 करोड़ रुपये नकद, 4 वाहन और 19 एंड्रॉइड मोबाइल सहित कुल 2.92 करोड़ रुपये से अधिक का मशरूका बरामद करने में सफलता हासिल की है।
राजगढ़ एसपी अमित तोलानी के निर्देशन में चली इस कार्रवाई में पुलिस टीम ने 35 दिनों तक लगातार अभियान चलाया। आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस ने लगभग 30 हजार किलोमीटर तक पीछा किया और 3 हजार से अधिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले, तब जाकर गिरोह के तार अलग-अलग राज्यों से जुड़े मिले।
जांच में सामने आया कि गिरोह ने पैसे दोगुने करने का लालच देकर पीड़ित से 2 करोड़ रुपये ठगे थे। आरोपियों ने पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए फर्जी कंपनी, फर्जी ई-मेल, कूटरचित दस्तावेज और 4 करोड़ रुपये के आरटीजीएस (RTGS) का फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाया था। इसके बाद गिरोह के सदस्य भोपाल में पीड़ित से 2 करोड़ रुपये कैश लेकर चंपत हो गए।
ठगी की रकम को आरोपियों ने हवाला और आंगड़िया नेटवर्क के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों में ट्रांसफर कर दिया था। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने पश्चिम बंगाल और दिल्ली में भी 50-50 लाख रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस के शिकंजे में आने से पहले यह गिरोह इंदौर में भी एक अगली बड़ी ठगी की योजना बना रहा था। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है।

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वर्चस्व की जंग में खूनी संघर्ष: करणी सेना के दो गुट आपस में भिड़े, 2 की मौत, 2 गंभीर घायल
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में वर्चस्व को लेकर दो पक्षों के बीच भीषण खूनी संघर्ष का मामला सामने आया है। कनीपुरा रोड स्थित लकी ढाबे पर करणी सेना से जुड़े दो गुटों के बीच एक दर्जन से अधिक लोग आपस में भिड़ गए। इस दौरान अचानक तेज हथियारों से किए गए हमले के चलते ढाबे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस हिंसक हमले में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही चिमनगंज थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची, हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गए।
दोहरे हत्याकांड में जान गंवाने वालों की पहचान निमनवासा निवासी राहुल उर्फ विजय प्रताप (पिता दिलीप सिंह) और उंडासा निवासी जितेंद्र पंवार (पिता निर्भय सिंह) के रूप में हुई है। वहीं, इस हमले में पंवासा निवासी शक्ति सिंह और पप्पू जाट गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत उपचार के लिए चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विवाद के दौरान हमलावरों ने मौके पर खड़ी कई गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ भी की। पुलिस घटना स्थल की जांच के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों को चिन्हित कर जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई जारी है।
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घूसखोर पटवारी पर शिकंजा: लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा, किसान से मांगी थी 30 हजार रिश्वत
भिंड। मध्य प्रदेश के करप्शन के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है। ताजा मामला भिंड जिले से सामने आया है। जहां एक पटवारी को पांच हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि पटवारी ने नामांतरण के नाम पर 30 हजार की घूस मांगी थी। लोकायुक्त पुलिस ने घूसखोर पटवारी को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई में जुटी हुई है।
दरअसल, 3 महीना पहले अपने सीमार गांव में अपनी पत्नी के नाम से खरीदी जमीन का शिकायतकर्ता राघवेंद्र बघेल नामांतरण कराना चाहता था। नामांतरण के एवज पटवारी संजय बघेल ने 30 हजार रुपये की डिमांड की। जिसकी शिकायत पीड़ित किसान राघवेंद्र बघेल ने ग्वालियर लोकायुक्त में की थी। शिकायत के बाद 10 हजार रिश्वत मांगने का सौदा ट्रैप हुआ। दो किस्तों में रुपए देने थे।
लोकायुक्त पुलिस ने भिंड के भारौली रोड पर स्थित ऑनलाइन दुकान पर पटवारी संजय बघेल को धर दबोचा है। पटवारी अपने निवास के नजदीक ऑनलाइन सेंटर की दुकान पर बुलाकर पहली किस्त पांच हजार रुपए ले रहा था। पटवारी संजय बघेल मेहगांव के सीमार गांव के हल्के में पदस्थ है। फिलहाल लोकायुक्त की टीम मेहगांव रेस्ट हाउस पर कार्रवाई कर रही है।

भोपाल। राजधानी के कोलार थाना क्षेत्र से साइबर अपराध का अब तक का सबसे हैरान करने वाला और सबसे लंबी अवधि का मामला सामने आया है। शातिर साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग दंपत्ति को डरा-धमकाकर लगातार 97 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट बनाकर रखा और उनसे 22 लाख रुपये से अधिक की मोटी रकम ऐंठ ली।
पीड़ित दंपत्ति के पास आए फर्जी कॉल में ठगों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED), दिल्ली पुलिस और सुप्रीम कोर्ट के अधिकारी बताकर बात की। ठगों ने दंपत्ति को करोड़ों रुपये के कथित अवैध मनी ट्रांजेक्शन और ‘जेट एयरवेज के नरेश गोयल’ से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाने का खौफ दिखाया। गिरफ्तारी और जेल भेजने की धमकी देकर उन्हें घर से बाहर निकलने या किसी को भी इस बात की भनक न देने के लिए मजबूर कर दिया।
लगातार 97 दिनों तक मानसिक तनाव और डर के साये में जीने के बाद जब पीड़ित दंपत्ति की बेटी को उनके व्यवहार में बदलाव और असामान्य गतिविधियों का संदेह हुआ, तो उसने पूरे मामले की तहकीकात की। बेटी की सूझबूझ और समझदारी की वजह से बुजुर्ग दंपत्ति ठगों के इस जाल से बाहर निकल सके। परिजनों ने तत्काल कोलार थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर ठगों की तलाश शुरू कर दी है।
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फर्जी सिम से 12 राज्यों में 14 करोड़ की साइबर ठगी... ग्वालियर की 110 सिम का हुआ इस्तेमाल, वेंडरों पर FIR दर्ज
ग्वालियर। ग्वालियर से अलग-अलग समय में जारी की गई 110 सिम के जरिये देश के 12 राज्यों में करीब 14 करोड़ रुपये की ठगी का राजफाश हुआ है। यह ठगी इन राज्यों के 179 लोगों से हुई है। यह सभी सिम ग्वालियर के ही अलग-अलग वेंडर द्वारा जारी की गई। जिन लोगों के नाम यह सिम जारी हुईं, उन्हें तो पता ही नहीं था कि उनके नाम की सिम का इस्तेमाल लोगों को ठगने के लिए किया जा रहा है।
नेशनल क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर आई शिकायतों के बाद जब ठगी के मामलों की तकनीकि पड़ताल हुई, तब यह मोबाइल नंबर चिन्हित हुए। इसमें सामने आया कि लोगों को फ्री में सिम पोर्ट कराने और एक महीने का रीचार्ज मुफ्त में कराने का लालच देकर उनके फिंगरप्रिंट, फोटो, डिजिटल हस्ताक्षर लिए गए। इसके बाद उनके नाम की सिम वेंडरों द्वारा जारी कर ठग गिरोह को बेच दी गईं।
साइबर ठगी का पूरा नेटवर्क फर्जी सिम के जरिये ही ऑपरेट हो रहा है। फर्जी सिम यानि इसमें फोटो, फिंगरप्रिंट, आधार कार्ड, डिजिटल हस्ताक्षर असली होते हैं, लेकिन इन्हें हासिल फर्जी तरीके से किया जाता है। इस नेटवर्क की जड़ सिम बेचने वाले वेंडर हैं। फ्री में सिम दूसरे नेटवर्क में पोर्ट करने और मुफ्त रीचार्ज के नाम पर कम पढ़े-लिखे, मजदूर, ग्रामीण महिला-बुजुर्ग, बेरोजगारों के नाम सिम जारी की जाती है। इसके बाद इन्हें ठगों तक पहुंचा दिया जाता है। इन्हीं सिम का इस्तेमाल साइकी साइबर ठगीबर ठगी में होता है, जब नंबर पुलिस ट्रैक करती है तो उन लोगों तक पहुंचती है, जिनके नाम सिम है। ऐसे लोग लालच में फंस जाते हैं। इसलिए ऑपरेशन फास्ट चलाया गया। इसमें जिनके नाम सिम है, उन्हें नहीं बल्कि सिम जारी करने वाले वेंडर को टारगेट किया जा रहा है।
मोहना: वेंडर- लाखन धाकड़ निवासी नसरुल्ला कालोनी, सोनू धाकड़ निवासी मिंटो कालोनी। इन लोगों ने नीलम गुर्जर, अनीता सिंह राजावत, सन्नी भदौरिया के नाम सिम जारी कीं।
महाराजपुरा: वेंडर- संदीप राजावत निवासी डीडी नगर। इसने सुनील सिंह, महेंद्र सिंह, सीमा देवी, छोटेलाल, गुरदीप, विनोद, विकास कटारे, धर्मेंद्र अहिवरण, अभिषेक शर्मा, हरिओम किरार, के फिंगरप्रिंट, फोटो, हस्ताक्षर लेकर सिम जारी की। इसी पर दूसरी एफआइआर भी दर्ज हुई, जिसमें कलावती, सोनू कुशवाह, समीर पुत्र रामवरण, भूपेंद्र कुशवाह के नाम सिम जारी की।
सिरोल: संदीप राजावत निवासी डीडी नगर ने सिरोल के रहने वाले राजेश गुर्जर, मोहर गुर्जर, अशोक गुर्जर, रविंद्र गुर्जर के नाम सिम जारी कीं।
बिजौली: प्रदीप राजावत और अमन राजावत वेंडर हैं। इन दोनों ने आशीष धानुक, राजकुमार, विनोद लटूरी, संदीप पाल, मानवेंद्र, पातीराम, मीना बाई, मोहिनी कुशवाह, कृष्णा सिंह के नाम सिम जारी की।
सबसे ज्यादा ग्रामीणों के नाम सिम: सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के नाम फर्जीवाड़ा कर सिम जारी की गई। फिर इन सिम को ठग गिरोह को बेचा गया।
पूछताछ में सामने आया है कि 200 से 500 रुपये में एक सिम का सौदा करते थे। इतने अधिक रुपये मिलते थे, इसलिए यह फर्जीवाड़ा कर सिम जारी करते गए और ठग गिरोह को बेचते गए। इनसे सिम लेने के लिए बिचौलिया आता था। वही सिम खरीदता था और रुपये देता था। इसके बाद सिम ठगों तक पहुंचती है।
ऑपरेशन फास्ट ऐसे वेंडरों पर कार्रवाई के लिए शुरू किया गया है, जिन्होंने फर्जीवाड़ा कर सिम जारी कीं। अब तक ऐसी पांच एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। अलग-अलग राज्यों में इन सिमकार्ड के जरिये ठगी हुई हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई है। - धर्मवीर सिंह, एसएसपी ग्वालियर
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कांग्रेस MLA आरिफ मसूद ने रक्षाबंधन पर बहनों को बांटे शक्कर के पैकेट , कहा- 100 कब पहुंच जाए भरोसा नहीं
भोपाल। रक्षाबंधन का पावन पर्व भाई बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। लेकिन इस बार शक्कर के बढ़ते दामों के बीच त्योहार की मिठास पर महंगाई का असर भी नजर आ रहा है। ऐसे में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने अपनी बहनों को रक्षाबंधन के मौके पर उपहार स्वरूप शक्कर के पैकेट वितरित किए।
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद का कहना है कि बहनें खुश रहें और पूरे उत्साह के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाएं यही उनका प्रयास है। बहनों को मिठाई की जगह शक्कर के पैकेट उपहार में देकर उन्होंने बढ़ती महंगाई को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना भी साधा। प्रदेश की बीजेपी सरकार पर महंगाई को लेकर उन्होंने बड़ा हमला बोला।
आरिफ मसूद ने कहा कि हर त्योहार से पहले बीजेपी सरकार महंगाई बढ़ाकर लोगों की खुशियों में कमी कर देती है। आज शक्कर के दाम 70 रुपये तक पहुंच गए हैं और कोई भरोसा नहीं कि कब 100 रुपये हो जाएं। ऊपर से मंत्री का बयान है कि शक्कर और महंगी होनी चाहिए। यही प्रदेश सरकार और उसके गंभीर मंत्रियों का हाल है।

ठाणे। आदिवासी आश्रम में 21 छात्राओं से दरिंदगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सभी पीड़िता नाबालिग हैं। सरकारी आदिवासी आश्रमशाला में नाबालिग 21 छात्राओं के यौन शोषण मे सनसनी मचाकर रख दी है। मामले में पुलिस ने आरोपी गणपत गवली के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब छात्राओं के बयानों की कड़ियां जोड़ रही हैं। ये पूरा मामला महाराष्ट्र के ठाणे जिले के शहापूर आदिवासी आश्रमशाला का है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित घटनाएं कब और किन परिस्थितियों में हुईं।
दरअसल सरकारी आदिवासी आश्रमशाला में रहने वाली 21 नाबालिग छात्राओं ने अपने साथ यौन शोषण (छेड़छाड़) किए जाने की शिकायत की है। शिकायत मिलने के बाद शहापूर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करते हुए आश्रमशाला के रसोइए के सहायक के तौर पर काम करने वाले गणपत गवली को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, गणपत गवली आश्रमशाला में रसोइए के सहायक के रूप में काम करता था। छात्राओं ने उसके खिलाफ कथित तौर पर अशोभनीय व्यवहार और छेड़छाड़ की शिकायत की है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी की भूमिका केवल शिकायत में सामने आए घटनाक्रम तक सीमित है या मामले में अन्य पहलू भी जुड़े हैं।
अभिभावकों के बीच भी घटना को लेकर नाराजगी है। उनका सवाल है कि यदि छात्राओं के साथ कथित तौर पर इस तरह का व्यवहार हुआ, तो इसकी जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों तक पहले क्यों नहीं पहुंची। जबकि घटना के सामने आने के बाद सरकारी आदिवासी आश्रमशाला में छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। आवासीय आश्रमशाला में छात्राएं पढ़ाई के साथ परिसर में ही रहती हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, कर्मचारियों की निगरानी और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जिम्मेदारी प्रबंधन और संबंधित प्रशासन की होती है।
बता दें कि कुछ दिन पहले राहुल गांधी ने आदिवासी छात्राओं के प्रेग्नेंसी टेस्ट का दावा किय़ा था। राहुल गांधी ने दावा किया था कि लंबी छुट्टी के बाद लौटने वाली छात्राओं को अपनी ‘फिटनेस’ साबित करने के लिए प्रेगनेंसी टेस्ट और कई दूसरे मेडिकल टेस्ट से गुजरना पड़ता है। बकायदा इसके लिए राहुल गांधी ने सीएम देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने महाराष्ट्र के कई हिस्सों से आए आदिवासी छात्र सरकारी हॉस्टलों के मुद्दे उठाए थे।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपना पत्र और छात्रों का ज्ञापन शेयर की है। इसके साथ उन्होंने लिखा कि उन्होंने पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान इन छात्रों से मुलाकात की थी। राहुल गांधी ने पोस्ट में लिखा- महाराष्ट्र के कई आदिवासी छात्र अपने अधिकारों की मांग को लेकर 10 से ज्यादा दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।हॉस्टलों में 30 साल की गैर-जरूरी उम्र सीमा लागू की जा रही है। चिट्ठी में उन्होंने हॉस्टलों की खराब स्थिति, असुरक्षा, और महिलाओं के प्रेग्नेंसी टेस्ट जैसे मुद्दे उठाए हैं।
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नेपाल में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं, चीन ने जारी किया बड़ा अलर्ट; भारत ने भेजी 37.5 टन राहत सामग्री
नेपाल में भोटेकोसी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं। चीन की ओर से एक और बड़े खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। बताया गया है कि छोछेन खोला और पुरेपू त्सांगपो नदियों के संगम के पास एक बड़ी बैरियर झील बन गई है। इसके टूटने पर नेपाल में फिर भारी तबाही हो सकती है।
चीन के जल संसाधन मंत्रालय के मुताबिक, गुरुवार सुबह तक इस झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था और झील ओवरफ्लो भी कर रही थी। अगले तीन दिनों में करीब 30 लाख घन मीटर अतिरिक्त पानी झील में पहुंचने का अनुमान है। इससे झील के टूटने का खतरा काफी बढ़ गया है। अगर बैरियर टूटता है तो बड़ी मात्रा में पानी अचानक नीचे की ओर बह सकता है।
नेपाल में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इसमें विदेश सचिव, विदेश मंत्रालय की टीम और काठमांडू व बीजिंग में भारत के राजदूत शामिल हुए। बैठक में नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, राहत और बचाव कार्यों की स्थिति पर चर्चा हुई। जयशंकर ने कहा कि प्रभावित इलाकों में मौजूद भारतीयों की जानकारी जुटाने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय नेपाल की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। भारत सरकार विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटरों और परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है। इसके साथ ही नेपाल सरकार और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में रहकर राहत और बचाव कार्यों में सहयोग किया जा रहा है।
नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई थी। बताया गया कि भोटेकोसी नदी की सहायक नदी ल्हेन्डे का प्रवाह हिमस्खलन के कारण रुक गया था। इसके बाद पानी का दबाव बढ़ने से अचानक बाढ़ की स्थिति बनी। सबसे पहले नेपाल-चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी क्षेत्र का तिमुरे गांव प्रभावित हुआ। खास बात यह रही कि उस समय इलाके में बारिश नहीं हो रही थी। ऐसे में लोगों को अचानक आने वाली बाढ़ का अंदाजा नहीं था और वे सामान्य रूप से अपने काम में लगे हुए थे।
नेपाल में आई आपदा के बाद भारत लगातार राहत सामग्री भेज रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के मुताबिक, बुधवार को 10 टन मानवीय सहायता भेजने के बाद गुरुवार को भारत ने 37.5 टन राहत सामग्री की दूसरी खेप भी रवाना की। पहली खेप नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल को सौंपी थी। राहत सामग्री में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के लिए जरूरी सामान शामिल है।
नेपाल में फंसे मध्य प्रदेश के नागरिकों की मदद के लिए राज्य सरकार ने नई दिल्ली में कंट्रोल रूम बनाया है। प्रभावित लोग या उनके परिजन सहायता और जानकारी के लिए इन माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं।
हेल्पलाइन: 011-26772005
व्हाट्सऐप: 9818963273
ईमेल: recp1mpbhawan@mp.gov.in
नेपाल में बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। बैरियर झील को लेकर चीन के अलर्ट के बाद भारत और नेपाल की एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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सीजेआई सूर्यकांत की मौजूदगी के विवाद में एनएलएसआईयू का बड़ा फैसला, 34वां दीक्षांत समारोह रद्द
बेंगलुरु. देश के प्रतिष्ठित विधि संस्थानों में शामिल नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी ने 2026 में स्नातक होने वाले विद्यार्थियों का 34वां वार्षिक दीक्षांत समारोह रद्द कर दिया है. विश्वविद्यालय ने 27 अगस्त को जारी नोटिस में समारोह रद्द करने के पीछे केवल “अपरिहार्य परिस्थितियों” का हवाला दिया है. यह फैसला ऐसे समय आया है, जब विद्यार्थियों और पूर्व विद्यार्थियों के एक बड़े समूह ने प्रस्तावित दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा की मौजूदगी पर आपत्ति जताई थी. समारोह पहले 12 सितंबर को प्रस्तावित था और विश्वविद्यालय ने 3 अगस्त को विद्यार्थियों को इसकी जानकारी दी थी.
विश्वविद्यालय के नए नोटिस के अनुसार अब 2026 के सभी स्नातक विद्यार्थियों को संबंधित शासी निकायों की मंजूरी के बाद बिना समारोह के ही डिग्री प्रदान की जाएगी. विद्यार्थियों को अपनी प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए दो विकल्प दिए जाएंगे. वे प्रमाण-पत्र डाक के माध्यम से मंगवा सकेंगे या फिर विश्वविद्यालय परिसर से स्वयं प्राप्त कर सकेंगे. इसके लिए विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को अलग से एक प्रपत्र और पूरी प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराएगा. इस तरह विद्यार्थियों की डिग्री पर असर नहीं पड़ेगा, लेकिन जिस औपचारिक दीक्षांत समारोह में वे अपने परिवार और शिक्षकों के बीच डिग्री प्राप्त करने वाले थे, वह अब आयोजित नहीं होगा.
दीक्षांत समारोह रद्द किए जाने का फैसला अचानक सामने आया है. 3 अगस्त को विश्वविद्यालय के अकादमिक प्रशासन ने विद्यार्थियों को ईमेल के जरिए बताया था कि 34वां वार्षिक दीक्षांत समारोह 12 सितंबर को आयोजित किया जाएगा. इसके बाद सीजेआई सूर्यकांत और बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा की प्रस्तावित मौजूदगी को लेकर विद्यार्थियों और पूर्व विद्यार्थियों के बीच असहमति सामने आई. विरोध करने वाले समूह ने दोनों के समारोह में शामिल होने पर सवाल उठाए और विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्तियां रखीं.
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि हैदराबाद के नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च यानी नालसर विश्वविद्यालय से जुड़े घटनाक्रम से भी जुड़ती है. नालसर के 2026 बैच के विद्यार्थियों ने अपने दीक्षांत समारोह में सीजेआई सूर्यकांत की प्रस्तावित मौजूदगी पर आपत्ति जताई थी. इसके बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने 13 अगस्त को राज्य बार काउंसिलों को इस बैच के विद्यार्थियों के नामांकन पर रोक लगाने का निर्देश दिया था. हालांकि कुछ ही समय बाद बीसीआई ने अपने आदेश को संशोधित कर सभी विद्यार्थियों को राज्य बार काउंसिल में नामांकन का अधिकार दे दिया. बाद में बीसीआई ने 2026 बैच के विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई से संबंधित कार्यवाही बंद करने की बात भी कही.
नालसर प्रकरण के बाद देश के अन्य विधि संस्थानों में भी सीजेआई की दीक्षांत समारोहों में प्रस्तावित मौजूदगी को लेकर विद्यार्थियों की आपत्तियां चर्चा का विषय बनीं. एनएलएसआईयू के विद्यार्थियों और पूर्व विद्यार्थियों के एक समूह ने भी इस मुद्दे पर अपनी स्थिति सार्वजनिक की. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 700 से अधिक विद्यार्थियों और पूर्व विद्यार्थियों ने बीसीआई अध्यक्ष और सीजेआई की प्रस्तावित मौजूदगी पर आपत्ति जताई थी. उनका कहना था कि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में आमंत्रित किए जाने वाले अतिथियों को लेकर विद्यार्थियों की चिंताओं पर भी विचार किया जाना चाहिए.
विवाद के बीच एनएलएसआईयू के विद्यार्थियों की ओर से नालसर के छात्र और शिक्षक समुदाय के प्रति बीसीआई से बिना शर्त माफी की मांग भी की गई थी. विद्यार्थियों और पूर्व विद्यार्थियों के एक बयान में बीसीआई की ओर से नालसर के 2026 बैच के नामांकन को रोकने के प्रयास को लेकर सवाल उठाए गए थे. इस समूह ने कार्रवाई को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विश्वविद्यालय परिसर में असहमति के अधिकार से जोड़ते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी. रिपोर्टों के मुताबिक इस बयान पर 165 स्नातक विद्यार्थियों, 409 मौजूदा विद्यार्थियों और 128 पूर्व विद्यार्थियों के हस्ताक्षर थे.
नालसर विवाद में बीसीआई का रुख पहले काफी सख्त दिखाई दिया था. परिषद ने संबंधित विश्वविद्यालय से उन लोगों के बारे में रिपोर्ट मांगी थी, जिनके बारे में आरोप था कि उन्होंने सीजेआई की प्रस्तावित मौजूदगी के खिलाफ अभियान शुरू करने या उसे संगठित करने में भूमिका निभाई. इसी के बाद 2026 बैच के सभी विद्यार्थियों के नामांकन पर रोक लगाने का निर्देश सामने आया. हालांकि बाद में बीसीआई ने माना कि अधिकांश विद्यार्थी इस विवाद में शामिल नहीं थे और उनके खिलाफ सामूहिक कार्रवाई उचित नहीं होगी. इसके बाद नामांकन पर रोक संबंधी आदेश संशोधित कर दिया गया.
एनएलएसआईयू में भी बढ़ते तनाव के बीच सीजेआई सूर्यकांत और विद्यार्थियों के बीच बातचीत होने की जानकारी सामने आई है. रिपोर्टों के अनुसार सीजेआई ने विद्यार्थियों के साथ करीब 90 मिनट तक बातचीत की, ताकि उनकी आपत्तियों और चिंताओं को समझा जा सके. हालांकि इस बातचीत के बावजूद दीक्षांत समारोह को लेकर विवाद समाप्त नहीं हुआ और अंततः विश्वविद्यालय ने समारोह ही रद्द करने का फैसला किया.
विश्वविद्यालय ने अपने 27 अगस्त के नोटिस में समारोह रद्द करने का कारण विस्तार से नहीं बताया है. इसलिए यह कहना कि केवल सीजेआई की प्रस्तावित मौजूदगी के कारण ही समारोह रद्द किया गया, विश्वविद्यालय की ओर से आधिकारिक रूप से कही गई बात नहीं है. हालांकि घटनाक्रम का क्रम यही दिखाता है कि फैसला उस विवाद के बीच आया है, जिसमें सीजेआई और बीसीआई अध्यक्ष की प्रस्तावित उपस्थिति को लेकर विद्यार्थियों की ओर से विरोध सामने आया था. यही वजह है कि समारोह रद्द किए जाने के फैसले को इसी विवाद की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है.
इस फैसले से 2026 बैच के विद्यार्थियों के लिए स्थिति कुछ अलग जरूर हो गई है. सामान्य तौर पर दीक्षांत समारोह किसी भी विद्यार्थी के शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण अवसर होता है. इसी समारोह में विद्यार्थी औपचारिक रूप से अपनी डिग्री प्राप्त करते हैं और परिवार, शिक्षक तथा विश्वविद्यालय समुदाय के साथ उपलब्धि का जश्न मनाते हैं. लेकिन एनएलएसआईयू के विद्यार्थियों को इस बार बिना औपचारिक समारोह के डिग्री मिलेगी. विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि डिग्री प्रदान करने की प्रक्रिया शासी निकायों की आवश्यक मंजूरी के बाद पूरी की जाएगी.
इस पूरे घटनाक्रम ने देश के प्रमुख विधि संस्थानों, विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विश्वविद्यालय प्रशासन और नियामक संस्थाओं के बीच संबंधों को लेकर भी बहस तेज कर दी है. एक तरफ दीक्षांत समारोह जैसे अकादमिक अवसर पर देश के मुख्य न्यायाधीश और बीसीआई अध्यक्ष जैसे प्रमुख विधि पदाधिकारियों की मौजूदगी को संस्थागत महत्व से जोड़कर देखा जाता है, वहीं दूसरी तरफ विद्यार्थियों द्वारा अपनी असहमति दर्ज कराने का अधिकार भी इस विवाद के केंद्र में है.
एनएलएसआईयू का फैसला ऐसे समय आया है जब सीजेआई की विभिन्न विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों में प्रस्तावित मौजूदगी को लेकर अलग-अलग संस्थानों में विद्यार्थियों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कुछ मामलों में अतिथि को बदलने या कार्यक्रम की रूपरेखा में बदलाव की स्थिति बनी, जबकि एनएलएसआईयू ने अपने 2026 बैच का पूरा दीक्षांत समारोह ही रद्द कर दिया.
फिलहाल एनएलएसआईयू के 2026 बैच के विद्यार्थियों को अब विश्वविद्यालय की ओर से आगे की प्रक्रिया का इंतजार रहेगा. उन्हें प्रमाण-पत्र डाक से प्राप्त करने या परिसर से लेने के लिए विकल्प दिया जाएगा. दूसरी ओर, दीक्षांत समारोह रद्द होने के फैसले ने उस विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है, जिसकी शुरुआत दूसरे विधि विश्वविद्यालय में सीजेआई की प्रस्तावित मौजूदगी को लेकर विद्यार्थियों की आपत्ति से हुई थी. विश्वविद्यालय ने भले ही अपने आधिकारिक नोटिस में केवल “अपरिहार्य परिस्थितियों” का उल्लेख किया हो, लेकिन घटनाक्रम ने देश के विधि शिक्षा जगत में विद्यार्थी असहमति, संस्थागत अधिकार और नियामक हस्तक्षेप को लेकर एक महत्वपूर्ण बहस जरूर खड़ी कर दी है.

कटनी । कटनी जिले के ढीमरखेड़ा से फर्जीवाड़े का बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर दो युवकों ने क्षेत्र 9 किसानों से पट्टा बनवाने के नाम पर 2 लाख 17 की राशि वसूल कर लिए। शिकायत मिलने पर तहसीलदार नितिन पटेल ने दोनों युवकों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है।
थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी ने बताया कि ढीमरखेड़ा तहसीलदार नितिन पटेल की शिकायत पर कछार गांव बड़ा निवासी दीपक लोधी और गौरा गौरी निवासी लक्ष्मण गोंड के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई हैं। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
आपको बता दें कि तहसील क्षेत्र में शासकीय कार्यों को करवाने के लिए तरह-तरह के फर्जीवाड़े के मामले सामने आ रहे हैं। जिन्हें लेकर पुलिस और प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्षेत्र में चर्चा का विषय है कि अगर पुलिस मामले में सफलता से जांच करेगी तो अभी और भी गंभीर मामले खुलने की संभावना है।

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जयस्तंभ चौक पर किन्नरों का 2 घंटे हंगामा; दो ने खाई चूहामार दवाई, पुलिस बनी तमाशबीन
गंजबासौदा। जिले के गंजबासौदा स्थित शहर के सबसे व्यस्त जयस्तंभ चौक पर रविवार शाम किन्नरों के दो गुटों के आपसी विवाद ने भारी बवाल खड़ा कर दिया। क्षेत्र और बधाई वसूली के वर्चस्व को लेकर शुरू हुई जंग के बाद सड़क पर करीब 2 घंटे तक जमकर हंगामा हुआ, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लंबा जाम लग गया। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। कूरियरऔर लॉजिस्टिक्स सर्विसेज बुक करना
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बधाई मांगने के क्षेत्र को लेकर किन्नरों के दो पक्षों में लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते एक पक्ष की किन्नर पूजा मिश्रा ने अपने साथियों के साथ जयस्तंभ चौक पर घेराबंदी कर दी और हंगामा शुरू कर दिया। बीच सड़क पर चले इस ड्रामे के कारण चौक के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सड़क पर चल रहे इस ड्रामे के बीच स्थिति तब बेहद गंभीर हो गई, जब विवाद के दौरान दो किन्नरों ने कथित तौर पर चूहा मारने की दवाई गटक ली। दवाई खाते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में दोनों को इलाज के लिए तत्काल शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने पुलिस प्रशासन की ढुलमुल कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि मुख्य चौराहे पर 2 घंटे तक उपद्रव और जाम की स्थिति बनी रही, लेकिन सूचना देने के बाद भी कोई जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी या थाना प्रभारी मौके पर नहीं पहुंचा। यदि पुलिस समय रहते सख्त कार्रवाई करती या समझाइश देती, तो आत्मघाती कदम उठाने जैसी नौबत न आती।
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कलयुगी मां ने 50 हजार में किया बेटी का सौदा: दो महीने तक होता रहा दुष्कर्म, मौका मिलते ही...
धार। मध्य प्रदेश के धार जिले के धामनोद थाना क्षेत्र की एक कलयुगी मां ने, अपनी ही नाबालिग बेटी का सौदा कर, उसे एक व्यक्ति के हाथों बेच दिया। पीड़िता की शिकायत और दस्तयाबी के बाद , धामनोद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मां और खरीदार के खिलाफ बीएनएस और पोक्सो एक्ट की संगीन धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना 26 अप्रैल 2026 की दोपहर लगभग 2 बजे की है। आरोपी मां सुनिताबाई पति दयाराम शिंदे, निवासी करोंदिया बुजुर्ग, खरगोन , अपनी नाबालिग बेटी को झांसा देकर , धामनोद में पुरुषोत्तम पिता भागीरथ पाटीदार के घर ले गई थी । वहां उसने महज 50 हजार रुपये के लालच में , अपनी बेटी को पुरुषोत्तम के सुपुर्द कर दिया और खुद वहां से चली गई थी।
पीड़िता को, आरोपी पुरुषोत्तम पाटीदार के घर पर , जबरन रोककर रखा गया। पीड़िता के बयानों के अनुसार, आरोपी पुरुषोत्तम , पिछले दो महीनों से उसके साथ रोजाना बार-बार जबरदस्ती गलत काम(बलात्कार) कर रहा था। दिनांक 26 जून 2026 की सुबह करीब 11 बजे पीड़िता मौका पाकर , आरोपी के घर से छुपकर निकलने में कामयाब रही। वह भागकर सीधे बस स्टैंड पहुंची, जहां उसे संदीप नाम का व्यक्ति मिला। पीड़िता, संदीप के साथ बस में बैठकर , गुजरात के चोटिला गांव चली गई, जहां से दिनांक 23 अगस्त को उसकी दस्तयाबी हुई।
थाने पर दस्तयाबी और पीड़िता के बयान दर्ज करने के बाद, धामनोद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों , कलयुगी माँ सुनीता बाई पति दयाराम शिंदे, उम्र 30 वर्ष, और खरीददार पुरुषोत्तम पिता भागीरथ पाटीदार, निवासी धामनोद के ख‍िलाफ प्रकरण दर्ज कर , विवेचना में लिया गया। फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

भोपाल। राजधानी भोपाल में आज शिक्षक भर्ती परीक्षा में पद वृद्धि को लेकर अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। भूख हड़ताल पर बैठे नरेंद्र राजपूत को हटाने के बाद अभ्यर्थियों का गुस्सा और बढ़ गया। आज से 3 अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर बैठ गए। वहीं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और पीसी शर्मा नीलम पार्क पहुंचे। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों की पुकार सरकार क्यों नहीं सुन रही? 2 महिला अभ्यर्थी राखी लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गई। उन्होंने कहा कि वे रक्षा बंधन यहीं मनाएंगे।
शिक्षक भर्ती 2025 के वर्ग-2 और वर्ग-3 में पद वृद्धि की मांग को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में चल रहा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। यह आंदोलन बीते 21 अगस्त से जारी है। कर्मचारी नेता नरेंद्र राजपूत को पद वृद्धि की मांग पर भूख हड़ताल के दौरान कल पुलिस ने जबरन हिरासत में ले लिया था। उनके समर्थन में आज 3 नए अभ्यर्थियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
आंदोलनकारी नीलम पार्क में डटे हुए हैं और सरकार से वर्ग-2 और वर्ग-3 में खाली पदों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि हजारों योग्य अभ्यर्थी भर्ती का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन पद कम होने से कई अभ्यर्थी बाहर हो जाएंगे। जब तक सरकार लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उधर, वर्ग 01 में पद्मावती की मांग कर रहे वेटिंग शिक्षकों का आंदोलन जारी है। आमरण अनशन पर बैठी कीर्ति की तबीयत खराब है।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह दिग्विजय सिंह ने अभ्यर्थियों के समर्थन में हड़ताल का ऐलान किया। उन्होंने नीलम पार्क पहुंचकर चेतावनी दी कि अगर शिक्षक दिवस तक पदवृद्धि नहीं होती तो हड़ताल करेंगे। उन्होंने आंदोलनकारियों के साथ 24 घंटे के लिए भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी।
मामले पर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सरकार पर अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षक सही मांग कर रहे हैं। शिक्षकों के तमाम वर्गों की संख्या देखी जाए तो 2 लाख के पार कमी का आंकड़ा निकलेगा। खाली पदों पर गड़बड़ी कर बीजेपी के कार्यकर्ता भरना चाहते हैं। प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी है, मांग पूरी होनी चाहिए।
मामले पर बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता बीएल लोया ने कहा कि आंदोलन से नहीं बातचीत से रास्ता निकलेगा। बीजेपी सरकार संवेदनशील है। सरकार किसी की भी जान किसी भी तरीके से मुश्किल में नहीं डालती। धरना प्रदर्शन खत्म कर सरकार से बातचीत करें। लगातार भर्ती की जा रही है, आगे भी की जाएगी। नीतिगत निर्णय जल्द समाधान होगा। कांग्रेस सरकार में 500 रुपए का कल्चर लागू किया था।
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एमपी में 27 अगस्त की भी छुट्टी घोषित, लगातार 5 दिन मिलेगा अवकाश
जबलपुर। एमपी में जबलपुर हाईकोर्ट, अन्य दोनों खंडपीठों और जिला न्यायालयों में 27 अगस्त को भी छुट्टी घोषित कर दी गई है। बुधवार को ईद मिलादुन्नबी और शुक्रवार को रक्षाबंधन की छुट्टियों के बीच यह अवकाश घोषित किया गया है इसकी जगह 19 सितंबर को आने वाले शनिवार को जिला कोर्ट नियमित तौर पर खुलेगी। अवकाश में इस बदलाव से सभी कोर्ट में अगले तीन दिन तक काम बंद रहेगा। कुछ कोर्ट में तो 5 दिनों का अवकाश रहेगा। यहां के न्यायिक कर्मचारियों को बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार की घोषित छुट्टी के साथ ही शनिवार और रविवार को नियमित साप्ताहिक अवकाश भी मिलेगा।
अवकाश में बदलाव से अधिवक्ताओं और न्यायालयों से जुड़े पक्षकारों के लिए 27 अगस्त की तारीख को विशेष रूप से ध्यान में रखना जरूरी होगा। इधर 19 सितंबर को सामान्य कार्य दिवस के रूप में न्यायालयीन गतिविधियां संचालित होंगी।
इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष मनीष यादव ने बताया, हाईकोर्ट की जबलपुर स्थित प्रिसिंपल बेंच ने 21 अगस्त को छुट्टियों को लेकर जारी आदेश में मंगलवार को संशोधन किया है। इस आदेश के बाद अब हाईकोर्ट में सोमवार से और जिला कोर्ट में शनिवार से नियमित सुनवाई होगी।
मध्यप्रदेश हाइकोर्ट ने 27 अगस्त 2026 के अवकाश को लेकर प्रशासनिक अधिसूचना जारी की गई है। इसके अंतर्गत पूर्व में जारी रजिस्ट्री अधिसूचना में आंशिक संशोधन किया गया है। . हाइकोर्ट की रजिस्ट्री की ओर से 21 अगस्त को यह महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की गई इसके अनुसार 27 अगस्त यानि गुरुवार को हाईकोर्ट मध्यप्रदेश की मुख्य पीठ जबलपुर तथा खंडपीठ इंदौर और ग्वालियर के न्यायालयों एवं रजिस्ट्री के लिए अवकाश घोषित किया गया है।
अवकाश घोषित किए जाने के साथ ही न्यायिक कामकाज के कैलेंडर में अहम बदलाव भी किया
अधिसूचना में अवकाश घोषित किए जाने के साथ ही न्यायिक कामकाज के कैलेंडर में अहम बदलाव भी किया गया है। इसके अनुसार 27 अगस्त के अवकाश के बदले में शनिवार 19 सितंबर 2026 को कार्य दिवस घोषित कर दिया गया है। हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्यपीठ के साथ ही इंदौर और ग्वालियर स्थित खंडपीठों और संबंधित रजिस्ट्री कार्यालयों पर भी यह निर्णय लागू होगा।
रजिस्ट्री ने बार एसोसिएशनों तथा संबंधित कार्यालयों को इस अधिसूचना की प्रतियां भेज दी
प्रदेश के सभी न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों, जिला एवं सत्र न्यायालयों, बार एसोसिएशनों तथा अन्य संबंधित कार्यालयों को रजिस्ट्री ने इस अधिसूचना की प्रतियां भेज दी हैं।
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महाकाल मंदिर में हंगामा: कांवड़िए, श्रद्धालु और सुरक्षा गार्डो में मारपीट, गर्भगह के सामने जमकर चले लात-घूंसे
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर में मारपीट से बवाल मच गया। गर्भगह के सामने नंदी और कार्तिक मंडपम में कांवड़िए, श्रद्धालु और सुरक्षा गार्डो में जमकर लात-घूंसे चल गए। मंदिर समिति ने बताया कि कुछ आसामजिक तत्वों ने कार्तिक मंडपम के बेरीकेड्स फांदकर नंदी मंडपम में प्रवेश करने की कोशिश की। हंगामा होने पर दर्शन व्यवस्था में लगे सुरक्षा कार्मियों से मारपीट की। इस दौरान कुछ गार्ड चोटिल हो गए।
मंदिर समिति ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि आज दोपहर महाकालेश्वर मंदिर में आए कुछ उपद्रवी और असामाजिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों ने मंदिर की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को गंभीर रूप से प्रभावित करने की कोशिश की। उन व्यक्तियों ने नंदी हॉल में लगी बैरिकेडिंग को तोड़ा, व्यवस्थात्मक अवरोधों को क्षतिग्रस्त किया और दान पेटियों को इधर-उधर फेंकते हुए गर्भगृह में प्रवेश करने की कोशिश की। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात सुरक्षाकर्मियों के साथ हाथापाई और मारपीट की गई, जिसमें सुरक्षाकर्मियों को गंभीर चोटें आईं हैं।
इस प्रकार की घटनाएं न केवल मंदिर की संपत्ति और व्यवस्थाओं को नुकसान पहुंचाने वाली हैं, बल्कि मंदिर में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने घटना को गंभीरता से लिया है। संबंधित व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
मंदिर प्रबंध समिति ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक आस्था की आड़ में मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से छेड़छाड़, बैरिकेडिंग तोड़ना, मंदिर संपत्ति को क्षति पहुंचाना, सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट करना या निर्धारित दर्शन व्यवस्था का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे कृत्यों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील है कि वे मंदिर की सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और निर्धारित मार्ग और नियमों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण रूप से दर्शन लाभ प्राप्त करें।

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ठाणे। आदिवासी आश्रम में 21 छात्राओं से दरिंदगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सभी पीड़िता नाबालिग हैं। सरकारी आदिवासी आश्रमशाला में नाबालिग 21 छात्राओं के यौन शोषण मे सनसनी मचाकर रख दी है। मामले में पुलिस ने आरोपी गणपत गवली के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब छात्राओं के बयानों की कड़ियां जोड़ रही हैं। ये पूरा मामला महाराष्ट्र के ठाणे जिले के शहापूर आदिवासी आश्रमशाला का है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित...

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भोपाल। राजधानी के कोलार थाना क्षेत्र से साइबर अपराध का अब तक का सबसे हैरान करने वाला और सबसे लंबी अवधि का मामला सामने आया है। शातिर साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग दंपत्ति को डरा-धमकाकर लगातार 97 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट बनाकर रखा और उनसे 22 लाख रुपये से अधिक की मोटी रकम ऐंठ ली।पीड़ित दंपत्ति के पास आए फर्जी कॉल में ठगों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED), दिल्ली पुलिस और सुप्रीम कोर्ट के अधिकारी बताकर बात की। ठगों ने दंपत्ति को करोड़ों रुपये के कथित अवैध मनी...

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राजगढ़। मध्य प्रदेश की राजगढ़ पुलिस ने ब्यावरा सिटी थाना क्षेत्र में हुई 2 करोड़ रुपये की सनसनीखेज ठगी के मामले का खुलासा करते हुए एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। ‘ऑपरेशन मनी ट्रैप’ के तहत पुलिस ने 10 राज्यों में दबिश देकर गिरोह के 14 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.73 करोड़ रुपये नकद, 4 वाहन और 19 एंड्रॉइड मोबाइल सहित कुल 2.92 करोड़ रुपये से अधिक का मशरूका बरामद करने में सफलता हासिल की...
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गुना। (गरिमा टीवी न्यूज़) गुना कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा और उनकी टीम द्वारा वीरेन्द्र नगर में रात्रि के समय सूने मकान का ताडा तोडकर की गई चोरी का खुलासा करते हुए तीन आरोपी गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी हुए चांदी के जेवर, नकदी एवं घटना में प्रयुक्त ब्रीजा कार बरामद करने सफलता प्राप्त की है ।दिनांक 19 अगस्त 2026 को फरियादी चंद्रमोहन ओझा निवासी श्रीराम कालोनी गुना के द्वारा गुना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि गुना के वीरेन्द्र नगर...

फोटो गैलरी

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
पूजा स्थल मे गरिमा
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