This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.

ADD-n.jpg

 

 

 

मध्य प्रदेश के मैहर विद्युत वितरण क्षेत्र अंतर्गत आने वाले हरदासपुर गांव में बिजली बंद करने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक वारदात में बदल गया। आरोप है कि तीन दबंगों ने बिजली विभाग के एक लाइनमैन को पहले घर के अंदर बंधक बनाकर बुरी तरह पीटा, फिर उसे बाहर घसीटकर लात-घूंसों की बरसात कर दी। इस बर्बर मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार मैहर के हरदासपुर में बिजली लाइन बंद करने को लेकर लाइनमैन और स्थानीय लोगों के बीच बहस हुई थी। बात इतनी बढ़ी कि आरोपियों ने कर्मचारी को जबरन घर के अंदर बंद कर दिया और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद भी जब मन नहीं भरा तो उसे सड़क पर निकालकर फिर पीटा गया। इस हमले में लाइनमैन को गंभीर चोटें आई हैं, जिसे इलाज के लिए तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद बिजली कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। पीड़ित लाइनमैन की शिकायत पर मैहर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस वायरल वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि विवाद की असल वजह की पड़ताल की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

--------------------------------------------
बड़ी खबरः बाल संप्रेषण गृह से भागे 7 बाल अपचारी, सुरक्षाकर्मी से मारपीट कर तोड़ा गेट
रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम स्थित बाल संप्रेषण गृह से बीती रात एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां बंद 7 बाल अपचारी (बाल कैदी) सुरक्षाकर्मी के साथ मारपीट कर और मुख्य गेट तोड़कर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। हालांकि, मुस्तैद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 बाल अपचारियों को दबोच लिया है, जबकि 1 की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार, घटना बीती रात की है। बाल संप्रेषण गृह में तैनात सुरक्षाकर्मी के साथ मारपीट कर सभी 7 बाल अपचारी जबरन गेट तोड़कर बाहर भाग निकले। घटना के तुरंत बाद जिले भर में नाकाबंदी कर तलाश शुरू की गई। मामले की गंभीरता इसलिए भी अधिक है क्योंकि भागे गए सभी बाल अपचारी हत्या, हत्या के प्रयास और बलात्कार (पॉक्सो) जैसे संगीन और गंभीर अपराधों के मामलों में संप्रेषण गृह में निरुद्ध (बंद) थे।
घटना की सूचना मिलते ही जिले की नामली थाना पुलिस ने त्वरित घेराबंदी की और 6 बाल अपचारियों को दस्तयाब (हिरासत में) कर लिया। फरार 1 अन्य बाल अपचारी की तलाश में पुलिस की टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
बाल संप्रेषण गृह से इतनी बड़ी संख्या में बाल अपचारियों के भागने की खबर मिलते ही पुलिस अधीक्षक (SP) अमित कुमार और शहर SDM प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
--------------------------------------
विदेशी नंबर से धमकी देकर मांगे 50 लाख, पार्षद पति से पूछताछ, बेटे से भी होगी पूछताछ
इंदौर शहर में विदेशी नंबर से धमकी भरा फोन कर 50 लाख रुपए मांगने के मामले में खजराना पुलिस ने शनिवार को कांग्रेस पार्षद पति शेख अलीम से छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। मामले में पहले गिरफ्तार किए गए युवक मिकाइल शेख ने पूछताछ के दौरान पार्षद पति और उनके बेटे शेख अली के कहने पर धमकी भरे फोन करने की बात कही थी। पुलिस अब पार्षद पति के बेटे से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है।
टीआइ मनोज सिंह सेंधव के मुताबिक पीड़ित अब्दुल रहीम ने कुछ माह पहले थाने में अवैध वसूली और धमकी के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित के मुताबिक उसे विदेशी नंबर से फोन कर 50 लाख रुपए की मांग की गई थी। फोन करने वाले ने धमकी दी थी कि उसके घर और परिवार के फोटो-वीडियो उनके पास है। रकम नहीं देने पर उन्हें प्रसारित करने की धमकी दी गई थी।
पुलिस ने विदेशी नंबर से आए कॉल की तकनीकी जांच शुरू की और इसके आधार पर मिकाइल शेख को पकड़ा। पूछताछ में उसने फोन करने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक मिकाइल पहले आजाद नगर क्षेत्र में रहता था। पूछताछ के दौरान उसने दावा किया कि उसने पार्षद पति शेख अलीम और उनके बेटे शेख अली के कहने पर पीड़ित को धमकी भरे फोन किए थे। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि पीड़ित अब्दुल रहीम और शेख अलीम आपस में रिश्तेदार हैं। पुलिस अब इस संबंध में सामने आए आरोपों और मिकाइल के बयानों की अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही है।
पुलिस ने शनिवार को शेख अलीम को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। उनसे छह घंटे से अधिक समय तक मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल किए गए। पुलिस के अनुसार फिलहाल जांच जारी है और मिकाइल के बयानों की पुष्टि के लिए अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। शेख अली से पूछताछ होना अभी बाकी है। पुलिस उसे भी पूछताछ के लिए बुलाएगी।

जिले के संकुल केंद्र मिरगौती अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय अमुआ से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक समयलाल कोल अक्सर शराब के नशे में स्कूल पहुंचते हैं। इतना ही नहीं, स्कूल परिसर में ही मल त्याग कर मासूम बच्चों से उसकी सफाई कराते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक समय पर विद्यालय नहीं पहुंचते। कभी सुबह 11 बजे तो कभी दोपहर 12 बजे स्कूल आते हैं। उनके देर से आने के कारण बच्चे बिना पढ़ाई के इधर-उधर घूमते रहते हैं। आरोप है कि स्कूल में नियमित पढ़ाई नहीं होती, मध्यान्ह भोजन व्यवस्था भी प्रभावित रहती है और शिक्षक पूरे परिसर में गुटखा खाकर थूकते रहते हैं।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि शिक्षक नशे की हालत में स्कूल के अंदर ही शौच कर देते हैं और कक्षा 3 के छात्र सहित अन्य बच्चों से उसकी सफाई करवाते हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ यह गंभीर खिलवाड़ है।
------------------------------
MP में भीषण सड़क हादसा: ट्राले की टक्कर से 6 युवकों की मौत, महाकाल के दर्शन कर लौट रहे थे गुजरात
धार। मध्य प्रदेश के धार में भीषण सड़क हादसा हो गया। महाकाल के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं को ट्राले ने टक्कर मार दी। हादसे में 6 युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना बदनावर थाना क्षेत्र की है।
सभी मृतक गुजरात के बड़ोदरा निवासी थे जो महाकाल के दर्शन करके के लिए उज्जैन आए हुए थे। दर्शन करने के बाद युवक ईको वैन में सवार होकर लौट रहे थे। इसी दौरान बदनावर-उज्जैन फोरलेन पर गलत दिशा से सामने से आ रहे अनियंत्रित ट्राले ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार 6 युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अमित सिंह कुशवाहा, तहसीलदार सुरेश नागर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से गाड़ी में फंसे युवकों के शव को बाहर निकाला गया।
ग्रामीणों के अनुसार, ट्राला नंबर GJ 39 DB 9248 रॉन्ग साइड से उज्जैन की ओर जा रहा था, जिसमें लोहे का सामान भरा हुआ था। मारुति ईको वैन उज्जैन से गुजरात की ओर जा रही थी। आमने-सामने दोनों वाहनों की भिड़ंत हो गई। ट्राले का ड्राइवर भाग गया। पुलिस सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंची।
--------------------------------------
सरकारी स्कूल बना बीजेपी कार्यालय! ब्लैक बोर्ड पर ‘क ख ग’ की जगह लिखी गई रणनीति, वायरल तस्वीरों से उठे सवाल
सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में एक सरकारी स्कूल बीजेपी दफ्तर बन गया! दरअसल, सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हो रही है। जिसमें स्कूल के ब्लैक बोर्ड में ‘क ख ग’ की जगह भारतीय जनता पार्टी की रणनीति लिखी दिखाई दे रही है। फोटो वायरल होने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे है।
यह पूरा मामला जिले के छपारा विकासखंड के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बीजादेवरी का बताया जा रहा है। जहां बीजेपी की मासिक बैठक करने का मामला सामने आया है। मीटिंग की तस्वीरें बीजेपी मंडल अध्यक्ष की ओर से खुद सोशल मीडिया पर साझा की है, जो तेजी से वायरल हो रही है। खास बात यह है कि ‘क ख ग’ की जगह ब्लैक बोर्ड में भाजपा की मासिक बैठक की रणनीति लिखी हुई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी शैक्षणिक संस्थान में किसी राजनीतिक दल की बैठक आखिर किसकी अनुमति से हुई? क्या स्कूल प्रबंधन ने इसकी अनुमति दी थी? यदि हां, तो किस आधार पर? और यदि अनुमति नहीं थी, तो सरकारी परिसर का उपयोग कैसे किया गया?
इस बारे में जब स्कूल के प्राचार्य रूपराम सनोड़िया से फोन पर बात की तो वे यह कहते नजर आए कि उस दिन वह स्कूल में मौजूद नहीं थे और इसकी परमिशन उन्होंने नहीं दी। यह कहकर वह अपना पल्ला झाड़ते नजर आए। अब देखने वाली बात होगी कि स्कूल शिक्षा विभाग इस पर क्या संज्ञान लेता है।

कोलकाता. पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना के हालीशहर में रविवार को मृत तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता बिरजू केवट के परिवार से मुलाकात के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले को प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया. उनकी कार पर पत्थर, पानी की बोतलें और जूते-चप्पल फेंके. प्रदर्शनकारियों ने उन्हें चोर कहकर नारे भी लगाए तथा उनकी कार में कीचड़ पोत दिया.
ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी कार पर जूते और बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए. उन्होंने दावा किया, अगर कार की खिड़कियां खुली होती तो मेरा सिर फट जाता. हम सभी मारे जा सकते थे. उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पर्याप्त कार्रवाई नहीं की.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में ऐसी घटना पहले कभी नहीं देखी. उन्होंने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा को संरक्षण दे रही है. ममता ने कहा कि पुलिस के सामने ही उनके वाहन पर हमला किया गया, जो गंभीर चिंता का विषय है. वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि इस घटना का हम लोग कतई समर्थन नहीं करते हैं. इस घटना से भाजपा कार्यकर्ताओं का कोई संपर्क नहीं है.
-----------------------------
बारिश से देशभर में हाहाकार: असम में बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा 100 के पार पहुंचा
शनिवार को देश के कई हिस्सों में बारिश का कहर कम हुआ, लेकिन तबाही अब भी बरकरार है। असम में एक और व्यक्ति की मौत के साथ मृतकों की संख्या 100 के पार तक पहुंच गई है। हिमाचल प्रदेश में 153 सड़कें अवरुद्ध हो गईं। उधर, केरल में सैकड़ों लोग राहत शिविरों में फंसे हैं क्योंकि उनके घर और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
असम में बाढ़ से 1.55 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य के पूर्वी हिस्से के चार जिले सर्वाधिक प्रभावित हैं। सरकार रविवार से बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन शुरू करेगी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार चार दिन से हो रही बारिश के बीच शनिवार पिछले तीन साल में अगस्त का सबसे ज्यादा बारिश वाला दिन दर्ज किया, जिसमें 98.7 मिमी बारिश हुई। महीने के पहले आठ दिनों में ही कुल बारिश का आंकड़ा मासिक औसत के करीब पहुंच गया। शहरऔर स्थानीय मार्गदर्शिका
हिमाचल प्रदेश में मूसलधार बारिश के कारण 153 सड़कें बंद हो गईं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, कई हिस्सों में बिजली व पानी आपूर्ति ठप हो गई। 30 जून को मानसून शुरू होने के बाद से अब तक बारिश से संबंधित घटनाओं में राज्य में 65 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें 14 जानें भूस्खलनों में गई हैं।
अधिकारियों ने कहा कि राज्य को वजह से अबतक 834 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस बीच खराब मौसम और अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की भविष्यवाणी के चलते शनिवार को जम्मू से अमरनाथ यात्रा निलंबित कर दी गई। राजौरी जिले में एक दुखद घटना में, एक 17 वर्षीय लड़की की मौत हो गई जब उसे अस्पताल ले जाने वाला वाहन कई घंटों तक कीचड़ में फंस गया, जो हाल की भारी बारिश के कारण भूस्खलन से क्षतिग्रस्त सड़क पर था।
केरल में शनिवार को भी बारिश जारी रही। हालांकि कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे घट रहा है। सैकड़ों लोग अभी भी राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं क्यों घरों में अभी भी पानी भरा है। अलप्पुझा और कोट्टायम जिले में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। नगालैंड के दीमापुर जिले के कई निचले क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश के बाद बाढ़ आ गई। इससे सामान्य जीवन बुरी तरह बाधित हुआ जबकि बाढ़ से एक छात्रा की मौत हो गई।
राजस्थान के कई क्षेत्रों में भी भारी बारिश दर्ज की गई, क्योंकि दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय रहा। मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि अगले सप्ताह के दौरान पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून की स्थिति सक्रिय रहने की संभावना है।
इस बीच, आईएमडी ने अगले 24 घंटों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई स्थानों और राज्य के पूर्वी हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश की भविष्यवाणी की है।जम्मू और कश्मीर में आने वाले दिनों में व्यापक बारिश और गरज के साथ बारिश की संभावना है, मौसम विज्ञान विभाग ने 9 से 11 अगस्त के बीच जम्मू डिवीजन के कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।
ओडिशा में भी आईएमडी ने अगले पांच दिनों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है क्योंकि बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। हिमाचल में मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार के लिए अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
--------------------------------------
20 दिन पहले बंद हुई अमरनाथ यात्रा, बारिश-लैंडस्लाइड ने बढ़ाई मुश्किल, 4.8 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
बाबा अमरनाथ की यात्रा इस बार तय समय से करीब 20 दिन पहले रोक दी गई है। लगातार बारिश, लैंडस्लाइड और रास्तों की खराब स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने 9 अगस्त से दोनों प्रमुख रूट पर नए श्रद्धालुओं की आवाजाही बंद करने का फैसला लिया है। प्रशासन के मुताबिक, अभी जो यात्री यात्रा पर हैं, उन्हें दर्शन कराकर सुरक्षित वापस लाने की व्यवस्था की जाएगी। अब तक 4.8 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र गुफा पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।
दरअसल डिविजनल कमिश्नर कश्मीर अंशुल गर्ग के मुताबिक, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में खराब मौसम का अनुमान जताया है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है और कई जगह यात्रा मार्ग प्रभावित हुए हैं। ऐसे हालात में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आगे भेजना सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं माना गया। इसी वजह से प्रशासन ने यात्रा को आगे जारी रखने के बजाय नए जत्थों को रोकने का फैसला लिया।
इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि अमरनाथ यात्रा का धार्मिक कार्यक्रम पूरी तरह खत्म हो गया है। जो श्रद्धालु पहले से यात्रा मार्ग पर हैं, उनकी यात्रा पूरी कराने पर जोर रहेगा। वहीं, तय परंपरा के अनुसार छड़ी मुबारक के साथ यात्रा का औपचारिक समापन किया जाएगा।
दरअसल अमरनाथ यात्रा के लिए मुख्य रूप से दो रास्तों का इस्तेमाल होता है। पहला पारंपरिक नुनवान-पहलगाम रूट है, जिसकी लंबाई करीब 48 किलोमीटर है। यह रास्ता लंबा जरूर है, लेकिन बालटाल के मुकाबले अपेक्षाकृत आसान माना जाता है। दूसरा रास्ता गांदरबल जिले के बालटाल से होकर जाता है। यह करीब 14 किलोमीटर लंबा है, लेकिन इसमें चढ़ाई ज्यादा है और रास्ता कठिन माना जाता है।
वहीं बारिश के दौरान दोनों ही रास्तों पर यात्रियों के लिए मुश्किल बढ़ जाती है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश होने से मिट्टी खिसकने, पत्थर गिरने और रास्ते खराब होने का खतरा रहता है। अमरनाथ यात्रा में रोज हजारों श्रद्धालु इन रास्तों से गुजरते हैं, इसलिए किसी एक जगह रास्ता बंद होने पर पूरी यात्रा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही रहती है कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ उनकी सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जाए।
इस बार भी यात्रा रोकने का फैसला इसी सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। प्रशासन ने नए यात्रियों को आगे नहीं भेजने का फैसला किया है, ताकि खराब मौसम के दौरान रास्तों पर भीड़ न बढ़े और पहले से मौजूद यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सके।
वहीं अब 9 अगस्त से नए यात्रियों के लिए यात्रा रोक दी जाएगी। इसके बाद भी अमरनाथ यात्रा की धार्मिक परंपरा पूरी तरह खत्म नहीं होगी। 28 अगस्त को छड़ी मुबारक को पारंपरिक पहलगाम रास्ते से अमरनाथ गुफा ले जाया जाएगा। इसी धार्मिक कार्यक्रम के साथ अमरनाथ यात्रा 2026 का औपचारिक समापन माना जाएगा। इस तरह प्रशासनिक तौर पर यात्रा पहले बंद हो रही है, लेकिन धार्मिक परंपरा के मुताबिक समापन तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा।

छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाली ऐसी खबर सामने आई है, जिसे सुनकर आप भी कहेंगे- क्या यही हमारे बच्चों को पढ़ाने और संस्कार देने की जिम्मेदारी उठाने वाले शिक्षक हैं? मामला किसी दूरदराज के गांव का नहीं, बल्कि जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर कुंडाली कलां के पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का है। आरोप है कि यहां पदस्थ शिक्षिका कक्षा छठवीं के छात्र-छात्राओं से ऐसी बातें करती थीं, जिन्हें सुनकर अभिभावक भी सकते में हैं।
बच्चों की शिकायत के मुताबिक शिक्षिका कथित तौर पर कहती थीं-“चार-पांच बॉयफ्रेंड बना लो, प्रेग्नेंट हो जाओ, मैं तुम्हारे बच्चों को खिलाऊंगी।” इतना ही नहीं, “मैं डेट पर जाती हूं, तुम भी डेट पर जाओ” और “आई ने कहा यू से, यू ने कहा लव से…” जैसी बातें भी बच्चों के बीच कहे जाने का आरोप है। सबसे गंभीर आरोप उस कथित धमकी को लेकर है, जिसमें शिक्षिका ने कहा-“मैंने पांच मर्डर किए हैं, तुम्हारा भी मर्डर कर दूंगी, मेरी फ्रेंड पुलिस इंस्पेक्टर है, इसलिए मुझ पर आज तक कार्रवाई नहीं हुई।”
एक और जहां सरकार बच्चों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा दिए जाने का दावा करती है वहीं दूसरी ओर मिडिल स्कूल के बच्चों को इस तरह की शिक्षा दिया जाना शिक्षा विभाग पर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।
बच्चों से अश्लील संवाद और धमकी दिए जाने का मामला जब अभिभावकों तक पहुंचा तो पालक संघ के पदाधिकारियों और बच्चों ने प्राचार्य के सामने शिकायत रखी। प्राचार्य ने बच्चों से जानकारी ली और लिखित शिकायत भी प्राप्त की। मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा और गंभीरता को देखते हुए संयुक्त संचालक ने शिक्षिका को निलंबित कर दिया।
बताया जा रहा है कि शिक्षिका के खिलाफ पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। यहां तक कि निलंबन आदेश लेने से इनकार करने की बात भी सामने आई है। हालांकि, अब तक पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
वहीं शिक्षिका भावना शर्मा ने आरोपों को साजिश बताया है। उनका कहना है कि बच्चों को बहला-फुसलाकर उनके खिलाफ बयान दिलवाए जा रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कई अगर आरोप सही हैं तो बच्चों के सामने ऐसी भाषा और धमकी देने वाली शिक्षिका पर सिर्फ विभागीय कार्रवाई क्यों? और अगर आरोप गलत हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच कब होगी?

------------------------------------
दो बहनों की बहादुरी को SP का सलाम, किया सम्मानित, मोबाइल स्नैचर की पकड़कर लगाई थी पिटाई
ग्वालियर में ऐसा घटनाक्रम सामने आया है जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर बहुत हो रही है, घटनाक्रम दो बहादुर बेटियों से जुड़ा है जिन्होंने एक अपराधी का पीछा कर उसे न सिर्फ़ पकड़ा, उसकी जमकर पिटाई भी लगाई और पुलिस को सौंप दिया, आरोपी युवक उनका मोबाइल छीनकर भाग रहा था, बेटियों की बहादुरी पर एसपी धर्मवीर सिंह ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है।
नारी शक्तिकरण शब्द हमने नेताओं के भाषणों में बहुत सुना है, किताबों में भी ये अक्सर पढ़ने में मिल जाता है लेकिन जब इसका प्रमाण दिखाई देता है तो समझ आता है कि वाकई इस शब्द के मायने क्या है? आज इसी शब्द का अहसास कराने वाली ग्वालियर की दो बेटियों की बहादुरी की बात आपको बताते हैं।
ग्वालियर में आज शनिवार दो बहनें अपने दो पहिया वाहन पर कॉलेज जा रही थी, पड़ाव क्षेत्र में बने नए आरओबी से वे गुजर रहीं थी तभी पीछे से आये एक बाइक सवार ने पीछे बैठी बहन का मोबाइल छीन लिया और बाइक भगा दी, लड़कियों ने आवाज लगाई लेकिन सुबह करीब 7:30 का समय था तो सड़क पर ज्यादा लोग नहीं थे और जो थे उन्होंने उनकी आवाज को अनसुना कर दिया।
लड़कियों ने हिम्मत नहीं हारी बाइक के पीछे अपनी स्कूटी भी दौड़ा दी, करीब एक किलोमीटर दूर जाने पर सवारी वाहन आने पर बाइक सवार चोर ने गति धीमी की इतने में बहनों ने अपनी स्कूटी से उसमें टक्कर मार दी, दोनों बहनें गिर गई, चोट लग गई लेकिन उसकी परवाह किये बिना वो उठीं और उन्होंने बाल पकड़कर चोर की पिटाई शुरू कर दी, अपना मोबाइल वापस लिया, वहीं कुछ तमाशबीन वहां वीडियो बनाते रहे फिर पुलिस को कॉल कर उसे पुलिस थाने भिजवा दिया।
बेटियों द्वारा एक चोर को पकड़ने की कहानी एसपी धर्मवीर सिंह को मालूम चली तो उन्होंने दोनों बहनों आशिता अग्रवाल और अर्शिता अग्रवाल को एसपी ऑफिस बुलाया और वहां उनको प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया उन्होंने कहा यदि अपराध करने वालों को पकड़ने में जनता का ऐसे ही सहयोग मिला तो बदमाशों के हौसले पस्त होंगे और अपराधों में कमी आयेगी।
सीएसपी रोबिन जैन ने बताया कि आरोपी ने अपना नाम मनप्रीत सिंह बताया है वो पंजाब का रहने वाला है ग्वालियर में काम के सिलसिले में आया है, पुलिस उससे पता लगाने का प्रयास कर ही है कि क्या इसके पहले भी मोबाइल लूट जैसी घटनाएँ उसने की हैं ? सीएसपी ने कहा कि शिकायत के आधार पर आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
-----------------------------------------
बड़ा फर्जीवाड़ा: फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर CMHO दफ्तर पहुंचे दो युवक, पुलिस ने हिरासत में लिया
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आउटसोर्स भर्ती के नाम पर फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां स्वास्थ्य विभाग (CMHO कार्यालय) में दो युवक फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर नौकरी ज्वाइन करने पहुंच गए। विभाग की सतर्कता के चलते फर्जीवाड़े का तत्काल भंडाफोड़ हो गया।
जानकारी के अनुसार, श्योपुर जिले के विजयपुर निवासी संतोष अपने एक अन्य साथी के साथ ग्वालियर स्थित CMHO कार्यालय पहुंचा था। दोनों युवकों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. एम.एस. सागर से मुलाकात कर आउटसोर्स भर्ती का नियुक्ति पत्र सौंपते हुए पदस्थापना (ज्वाइनिंग) की मांग की।
नियुक्ति पत्र देखते ही CMHO डॉ. एम.एस. सागर को संदेह हुआ। जब पत्र की गहराई से जांच की गई तो उस पर दर्ज CMHO के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए। मामला सामने आते ही तत्काल थाटीपुर थाना पुलिस को सूचित किया गया।
सूचना मिलते ही थाटीपुर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को हिरासत में लेकर थाने ले आई। शुरुआती पूछताछ के दौरान दोनों युवक यह स्पष्ट नहीं कर सके कि उन्हें यह नियुक्ति पत्र किस व्यक्ति या एजेंसी के माध्यम से मिला था। फिलहाल पुलिस फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने वाले गिरोह और इसके पीछे शामिल मुख्य साजिशकर्ताओं की तलाश में जुट गई है। इस घटना के बाद सरकारी दफ्तरों में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को ठगने वाले गिरोहों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्वालियर। पुलिस ने चोरी करने वाले एक बेहद शातिर और अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग चोरी की वारदातों को अंजाम देने के लिए खासतौर पर तेज बारिश का इंतजार करता था, ताकि ताले और शटर तोड़ने की आवाज बारिश के शोर में दब जाए और किसी को भनक तक न लगे।
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने 19-20 जुलाई की दरमियानी रात करीब 2 बजे बैजाताल से चोरी की गई एक्टिवा का इस्तेमाल कर रविंद्र शर्मा की ज्वेलरी दुकान को निशाना बनाया था। वारदात से पहले कई दिनों तक रेकी की गई। बारिश शुरू होते ही चोरों ने शटर का एक हिस्सा उठाया और अंदर दाखिल होकर करीब 5 किलो 300 ग्राम चांदी के आभूषण तथा नकदी पार कर दी। पूरी वारदात CCTV कैमरे में कैद हुई थी।
CCTV फुटेज व तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों—योगेश मंडेलिया, राजेश मंडेलिया, अतुल शर्मा और श्याम सुंदर कुशवाह को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों में से दो मुख्य आरोपी सगे भाई हैं, जिन पर पहले से 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 5.3 किलो चांदी बरामद की है, जिसमें- 38 भगवान की मूर्तियां, 16 गाय, 11 मछलियां, 34 जोड़ी पायल, 150 जोड़ी बिछिया, 6 मुकुट, 5 बांसुरी, कड़े, चूड़ियां, छल्ले और अन्य आभूषण शामिल हैं।
मामले की जानकारी देते हुए एएसपी सुजावल जग्गा ने बताया कि आरोपी अन्य राज्यों में भी चोरी की वारदातें कबूल कर चुके हैं। पुलिस सभी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी, जिससे अंतरराज्यीय नेटवर्क और अन्य चोरियों का खुलासा होने की संभावना है।
------------------------------------
डीजल चोरी और तालिबानी सजा! CCTV फुटेज के बाद ट्रक ड्राइवरों को कमरे में बंद कर पीटा
शहडोल। शहडोल में ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़ा डीजल चोरी का मामला अब गंभीर मोड़ लेता नजर आ रहा है। एक तरफ जहां अमलाई थाना क्षेत्र में ट्रकों में भरने के बजाय डीजल को प्लास्टिक के डिब्बों में निकालकर बेचने का कथित खेल CCTV कैमरों में कैद होने का दावा किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर बुढ़ार थाना क्षेत्र में डीजल चोरी के शक में ट्रक चालकों को कमरे में बंद कर लाठी-डंडों से पीटने का कथित वीडियो सामने आया है। दोनों घटनाओं ने ट्रांसपोर्ट कारोबार के साथ-साथ पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
अमलाई क्षेत्र के मामले में उमरिया निवासी ट्रांसपोर्टर अब्दुल खान का आरोप है कि उनके ट्रकों के चालक पेट्रोल पंप पर वाहन की टंकी के अलावा अलग से लाए गए बड़े प्लास्टिक डिब्बों में भी डीजल भरवाते थे। आरोप है कि वाहन मालिक को पूरे डीजल का बिल दिया जाता था, जबकि कुछ डीजल निकालकर बेच दिया जाता था। कई ट्रकों के नंबर और CCTV फुटेज सामने आने के बाद पीड़ित ने 31 जुलाई को शिकायत की और 3 अगस्त को साक्ष्य के साथ पुलिस को जानकारी दी। कार्रवाई नहीं होने पर 7 अगस्त को एसपी से शिकायत की गई।
इसी बीच बुढ़ार के हिन्द ट्रांसपोर्ट कार्यालय से कथित मारपीट का वीडियो सामने आया, आरोप है कि डीजल चोरी के संदेह में कुछ ट्रक चालकों को कमरे में बंद कर उनके साथ लात-घूंसों और लाठी-डंडों से मारपीट की गई। पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे कथित कबूलनामा लिखवाने के साथ सादे कागज पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लिए गए तथा शिकायत करने पर धमकी दी गई।
दोनों मामलों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि डीजल चोरी हुई है तो जांच और कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाने के बजाय कथित तौर पर कानून हाथ में लेकर मारपीट क्यों की गई, और यदि CCTV में चोरी के पुख्ता साक्ष्य मौजूद हैं, तो पुलिस कार्रवाई में देरी क्यों।
-----------------------------------
मध्य प्रदेश में 10 हजार सरकारी शिक्षकों की बंपर भर्ती को मंजूरी, लाखों युवाओं का इंतजार खत्म
मध्य प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस अहम फैसले के बाद अब स्कूल शिक्षा विभाग जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी करेगा। इस भर्ती का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में लंबे समय से खाली पड़े शिक्षकों के पदों को भरना और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है।
मध्य प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में लंबे समय से शिक्षकों की कमी बनी हुई है। कई स्कूल ऐसे हैं जहां एक ही शिक्षक को कई कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाना पड़ता है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और सभी विषयों की नियमित पढ़ाई भी नहीं हो पाती। सरकार का मानना है कि 10 हजार नए शिक्षकों की नियुक्ति से इस समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।
कैबिनेट के इस फैसले को प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। नए शिक्षकों की भर्ती होने से स्कूलों में पढ़ाई नियमित होगी और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा। सरकार का कहना है कि अच्छी शिक्षा किसी भी राज्य के विकास की नींव होती है। इसलिए स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है।
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब स्कूल शिक्षा विभाग भर्ती प्रक्रिया का विस्तृत कार्यक्रम तैयार करेगा। इसके बाद आधिकारिक भर्ती विज्ञापन जारी किया जाएगा। इस नोटिफिकेशन में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी, जैसे-
कुल पदों की संख्या
विषयवार और वर्गवार पद
शैक्षणिक योग्यता
आयु सीमा
आरक्षण नियम
आवेदन की तारीख
परीक्षा और चयन प्रक्रिया
दस्तावेज सत्यापन
नियुक्ति प्रक्रिया
सरकार ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि भर्ती से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल स्कूल शिक्षा विभाग और संबंधित सरकारी वेबसाइट पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर फैलने वाली अफवाहों और गलत जानकारी से बचने की सलाह दी गई है। भर्ती से संबंधित हर अपडेट आधिकारिक नोटिफिकेशन के माध्यम से जारी किया जाएगा।
कैबिनेट बैठक में केवल शिक्षक भर्ती ही नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर भी चर्चा हुई। सरकार का लक्ष्य स्कूलों में नई तकनीक को बढ़ावा देना है। इसके तहत डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित शिक्षण व्यवस्था को धीरे-धीरे लागू करने की योजना बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और उन्हें भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करना है।
AI आधारित शिक्षा पर रहेगा फोकस
सरकार चाहती है कि आने वाले समय में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी आधुनिक तकनीक के साथ पढ़ाई करें। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल लर्निंग और नई शिक्षा तकनीकों के इस्तेमाल से पढ़ाई को आसान और प्रभावी बनाया जाएगा। इससे बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ेगी और उन्हें नई तकनीकों की जानकारी भी मिलेगी।
10 हजार शिक्षकों की भर्ती से प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का बड़ा अवसर खुलेगा। काफी समय से शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को इस फैसले से राहत मिलने की उम्मीद है। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे।
पारदर्शी तरीके से होगी भर्ती
सरकार ने साफ किया है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी की जाएगी। योग्य उम्मीदवारों का चयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा, ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।
फिलहाल राज्य कैबिनेट ने 10 हजार शिक्षकों की भर्ती को मंजूरी दी है। अब उम्मीदवारों को आधिकारिक भर्ती विज्ञापन का इंतजार करना होगा। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद आवेदन की तारीख, परीक्षा, चयन प्रक्रिया, मेरिट सूची और नियुक्ति से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आएगी। यदि आप इस भर्ती की तैयारी कर रहे हैं, तो अभी से अपने जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाली जानकारी पर ही भरोसा करें। जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है, जिससे हजारों युवाओं का सरकारी शिक्षक बनने का सपना साकार हो सकता है।

प्रमुख समाचार

कोलकाता. पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना के हालीशहर में रविवार को मृत तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता बिरजू केवट के परिवार से मुलाकात के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले को प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया. उनकी कार पर पत्थर, पानी की बोतलें और जूते-चप्पल फेंके. प्रदर्शनकारियों ने उन्हें चोर कहकर नारे भी लगाए तथा उनकी कार में कीचड़ पोत दिया.ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी कार पर जूते और बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए. उन्होंने दावा किया, अगर कार की...

मध्य प्रदेश

जिले के संकुल केंद्र मिरगौती अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय अमुआ से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक समयलाल कोल अक्सर शराब के नशे में स्कूल पहुंचते हैं। इतना ही नहीं, स्कूल परिसर में ही मल त्याग कर मासूम बच्चों से उसकी सफाई कराते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक समय पर विद्यालय नहीं पहुंचते। कभी सुबह 11 बजे तो कभी दोपहर 12 बजे स्कूल आते हैं। उनके देर से...

अपराध

मध्य प्रदेश के मैहर विद्युत वितरण क्षेत्र अंतर्गत आने वाले हरदासपुर गांव में बिजली बंद करने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक वारदात में बदल गया। आरोप है कि तीन दबंगों ने बिजली विभाग के एक लाइनमैन को पहले घर के अंदर बंधक बनाकर बुरी तरह पीटा, फिर उसे बाहर घसीटकर लात-घूंसों की बरसात कर दी। इस बर्बर मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।जानकारी के अनुसार मैहर के हरदासपुर में बिजली लाइन बंद करने को लेकर लाइनमैन और स्थानीय लोगों के बीच बहस हुई थी।...
More inअपराध  

गुना सिटी

गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) गुना कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा और उनकी टीम द्वारा शहर की एक नाबालिग किशोरी के अश्लील फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले आरोपी को राजस्थान के सीकर जिले से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है ।गौरतलब है कि दिनांक 29 जून 2026 को गुना कोतवाली थाने में 16 वर्षीय एक किशोरी द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । किशोरी ने बताया था कि करीब एक माह पूर्व इंस्टाग्राम पर KAIFUU_KAZII नामक आईडी के यूजर से उसकी दोस्ती हुई थी । इसके बाद दोनों...

फोटो गैलरी

35,10,0,50,1
25,600,60,1,300,200,25,800
90,150,1,50,12,30,50,1,70,12,1,50,1,1,1,5000
0,2,1,0,2,40,15,5,2,1,0,20,0,1
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
पूजा स्थल मे गरिमा
पूजा स्थल मे गरिमा
© 2017 Your Company. All Rights Reserved. Designed By WarpTheme