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उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर में चलित भस्म आरती के लिए लगी प्रवेश कतार में एक संदिग्ध युवक मिलने पर हंगामा खड़ा हो गया। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने युवक को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी और महाकाल थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। युवक की पहचान सरफराज शेख निवासी पुणे के रूप में हुई है जो एक हिंदू युवती के साथ वहां पहुंचा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक माथे पर त्रिपुंड, तिलक और गले में रुद्राक्ष की माला पहनकर भस्म आरती की लाइन में बैठा हुआ था। संदेह होने पर लोगों ने उससे पूछताछ की, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि चलित भस्म आरती के लिए बनाई गई कतार में एक युवक संदिग्ध अवस्था में बैठा हुआ था। वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़कर थाने में पेश किया। पूछताछ में उसकी पहचान सरफराज निवासी पुणे के रूप में हुई। वह अपनी महिला मित्र के साथ उज्जैन आया था। उसकी महिला मित्र दर्शन करना चाहती थी, इसलिए वह उसके साथ कतार में मौजूद था। पुलिस के मुताबिक युवक मंदिर के अंदर प्रवेश नहीं कर पाया था।
फिलहाल महाकाल थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


इंदौर। इंदौर में 29 लाख 65 हजार रुपए की सनसनीखेज लूट का पुलिस ने खुलासा करते हुए पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले का मास्टरमाइंड एक रिटायर्ड आर्मीमैन निकला, जिसने कारोबारी के लेनदेन और कलेक्शन सिस्टम की जानकारी के आधार पर अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 22 लाख 50 हजार रुपए नकद और लूट की रकम से खरीदी गई एक कार भी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, 24 मई को पंडरीनाथ थाना क्षेत्र में स्क्रैप कारोबारी मुकुल अग्रवाल की कलेक्शन एजेंसी के कर्मचारी से 29 लाख 65 हजार रुपए की लूट हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली। जांच में सामने आया कि इस वारदात का मुख्य आरोपी चंद्रशेखर मुकाती है, जो सेना से सेवानिवृत्त हो चुका है। वह सीधे तौर पर स्क्रैप कारोबारी के यहां कार्यरत नहीं था, लेकिन दूसरे कारोबारी के यहां काम करने के दौरान उसे मुकुल अग्रवाल के कारोबार, कलेक्शन प्रक्रिया और बड़ी रकम के लेनदेन की जानकारी मिल गई थी।
पुलिस जांच में पता चला है कि चंद्रशेखर मुकाती ने अपने साथियों प्रवीण, अमर, फिरोज और कपिल भंडारी के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई थी। आरोपियों ने कारोबारी के कलेक्शन सिस्टम का अध्ययन किया और फिर मौके का फायदा उठाकर लाखों रुपए की लूट को अंजाम दिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आर्थिक परेशानियों और अपने शौक पूरे करने के लिए उन्होंने इस वारदात की साजिश रची थी। लूट के बाद सभी आरोपी अलग-अलग स्थानों पर छिप गए थे, ताकि पुलिस उनकी गिरफ्तारी न कर सके।
वारदात के बाद आरोपी लगातार ठिकाने बदलते रहे और महाराष्ट्र व राजस्थान सहित कई राज्यों में छिपे रहे। हालांकि इंदौर पुलिस ने लगातार दबिश देकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपियों से लूटी गई रकम में से 22 लाख 50 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी सांवरिया सेठ मंदिर पहुंचे थे, जहां उन्होंने 1 लाख 11 हजार रुपए दान किए थे। इसके अलावा लूट की रकम से खरीदी गई करीब ढाई लाख रुपए की कार भी पुलिस ने जब्त कर ली है।
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकदी बरामद कर ली है और शेष रकम के संबंध में भी जांच जारी है। मामले में आगे की पूछताछ और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।

गुजरात के वडोदरा में भीषण सड़क हादसा हुआ है. गुजरात के वडोदरा में कोटांबी स्टेडियम के पास बुधवार सुबह एक स्लीपर बस और ट्रक की टक्कर में 10 लोगों की मौत हो गई. 25 से अधिक लोग घायल हैं. लग्ज़री बस राजस्थान से सूरत जा रही थी और उसमें करीब 45 यात्री सवार थे. हादसे में शुरुआती तौर पर पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी. सूचना मिलते ही SDRF, NDRF और वडोदरा फायर विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया.
गुजरात के वडोदरा में कोटंबी स्टेडियम के पास एक भीषण सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक यात्री घायल हो गए. बालाजी ट्रेवल्स की एक लग्जरी बस राजस्थान के बाड़मेर से सूरत की ओर जा रही थी. वडोदरा में बस सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा गई.
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा. सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और बचाव कार्य में जुट गई. घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. सभी घायलों को एसएसजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हादसे के कारण इलाके में लंबा जाम लग गया, जिसे हटाने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें जुटी हैं.
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसके चलते मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में चालक की लापरवाही या तेज रफ्तार को संभावित कारण माना जा रहा है. मृतकों की पहचान और अन्य विवरण जुटाए जा रहे हैं.

आगर मालवा। मध्यप्रदेश की आगर पुलिस द्वारा राजस्थान की सीमा में घुसकर की गई एक बड़ी ड्रग्स कार्रवाई अब खुद पुलिस महकमे के लिए गले की हड्डी बन गई है। राजस्थान के चौमहला न्यायालय के सख्त आदेश के बाद, झालावाड़ जिले के डग थाने में आगर मालवा के दो थाना प्रभारियों (TI) सहित करीब 100 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। इस कार्रवाई के बाद मध्यप्रदेश और राजस्थान, दोनों राज्यों के पुलिस बेड़े में हड़कंप मच गया है।
दरअसल 28 जनवरी 2026 को आगर मालवा पुलिस ने राजस्थान के डग थाना क्षेत्र के ग्राम घाटाखेड़ी में बड़ी दबिश दी थी। तब पुलिस ने दावा किया था कि उन्होंने मौके से 2 किलो एमडी (MD), 1 किलो स्मैक, केटामाइन, भारी मात्रा में केमिकल, नशीले इंजेक्शन, ड्रम और 2 राइफल बरामद की है। करीब 5 करोड़ की इस अवैध ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ करने और दो आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा कर इस कार्रवाई को आगर पुलिस की ऐतिहासिक सफलता के रूप में प्रचारित किया था।
पुलिस की इस तथाकथित सफलता को गिरफ्तार आरोपियों के पिता हमीद खान ने चुनौती दी थी। उन्होंने पूरी कार्रवाई को मनगढ़ंत और फर्जी बताते हुए चौमहला न्यायालय में परिवाद दर्ज कराया था। हमीद का आरोप था कि मध्यप्रदेश पुलिस ने स्थानीय राजस्थान पुलिस को बिना कोई सूचना दिए नियमों का उल्लंघन किया। पुलिसकर्मी जबरन उनके घर में घुसे और परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार व मारपीट की। उनके बेटों को पूरी तरह बेकसूर होने के बाद भी झूठे एनडीपीएस (NDPS) एक्ट में फंसा दिया गया।
न्यायालय ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) स्तर के अधिकारी से जांच कराने के निर्देश दिए थे। जांच रिपोर्ट ने आगर पुलिस के दावों की हवा निकाल दी। जांच में सामने आया कि- पुलिस कार्रवाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, सरकारी रिकॉर्ड और दावों की आपस में पुष्टि ही नहीं हो सकी। कोर्ट में पेश किए गए सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों ने साफ कर दिया कि पुलिस ने रेड और जब्ती के दौरान निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया था। परिवादी पक्ष के वकीलों ने साबित किया कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत अनिवार्य नियमों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया था।
जांच रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों को सही पाते हुए चौमहला न्यायालय ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी किया। इसके बाद राजस्थान की डग पुलिस ने एमपी पुलिस के दो थाना प्रभारियों (TI) सहित लगभग 100 अज्ञात और नामजद पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज कर लिया है। जो अधिकारी कल तक पीठ थपथपा रहे थे, अब वही बड़ी न्यायिक और विभागीय जांच के दायरे में आ चुके हैं। दोनों राज्यों की इस कानूनी खींचतान पर अब पूरे पुलिस महकमे की निगाहें टिकी हुई हैं।

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ओबीसी 27% आरक्षण मामले में अब आर-पार की बहसः 24 जून से हाईकोर्ट में होगी ‘रेगुलर’ सुनवाई
जबलपुर। मध्यप्रदेश में लंबित और संवेदनशील 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने एक बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने अब इस मामले की सुनवाई को आगे टालने से साफ इंकार कर दिया और आगामी 24 जून से इस पर ‘रेगुलर’ (नियमित) सुनवाई करने का आदेश दिया है। चीफ जस्टिस के ट्रांसफर होने की वजह से अब इस पूरे मामले की नए सिरे से सुनवाई शुरू की जाएगी।
24 जून से शुरू होने जा रही इस अंतिम और नियमित सुनवाई के पहले दिन कोर्ट यह तय करेगा कि किस पक्ष के वकील को अपनी दलीलें रखने के लिए कितना समय दिया जाएगा। कोर्ट का उद्देश्य मामले की समयबद्ध और त्वरित सुनवाई पूरा करना है, ताकि इस पर जल्द से जल्द अंतिम फैसला आ सके।
सुनवाई के दौरान आज भी कुछ पक्षों द्वारा मामले को आगे बढ़ाने और सुनवाई टालने की मांग की जा रही थी। लेकिन ओबीसी पक्ष के सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता शशांक रत्नु ने इसका कड़ा विरोध किया। वकील रत्नु के विरोध के बाद हाईकोर्ट ने सुनवाई टालने से साफ मना कर दिया। हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि, “यह मामला पहले ही बहुत लेट हो चुका है, अब किसी भी कीमत पर सुनवाई नहीं टलेगी। खुद सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले की समय पर सुनवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं।”
बता दें कि ओबीसी आरक्षण और इसके विरोध से जुड़े हुए कुल 90 प्रकरणों (केसों) पर एक साथ सुनवाई चल रही है। इससे पहले 17 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी मामलों को वापस मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया था। देश की सर्वोच्च अदालत ने निर्देश दिए थे कि हाईकोर्ट 3 महीने के भीतर इस पूरे मामले की सुनवाई प्रक्रिया को मुकम्मल करे। चीफ जस्टिस के बदलाव के बाद अब नए सिरे से होने जा रही इस रेगुलर सुनवाई पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इस फैसले पर मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में ओबीसी आरक्षण का भविष्य तय होना है।
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होटल में हाईवोल्टेज ड्रामा: रेंजर को पत्नी ने दूसरी महिला के साथ पकड़ा, सड़क तक हंगामा, वीडियो वायरल
रीवा। मध्यप्रदेश के रीवा के एक निजी होटल से सामने आए वीडियो ने सतना और रीवा में चर्चा का माहौल बना दिया है। सतना जिले के बरौंधा सर्किल में पदस्थ वन परिक्षेत्र अधिकारी ब्रिजेंद्र पाण्डेय को उनकी पत्नी ने एक होटल के कमरे में दूसरी महिला के साथ पकड़ लिया।
जानकारी के अनुसार रीवा स्थित होटल रॉयल इन में वन परिक्षेत्र अधिकारी ब्रिजेंद्र पाण्डेय के मौजूद होने की सूचना उनकी पत्नी को मिली थी। इसके बाद पत्नी होटल पहुंची और कथित तौर पर कमरे में पति को एक अन्य महिला के साथ देख लिया। इसके बाद होटल परिसर में जमकर हंगामा हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक होटल से लेकर सड़क तक विवाद की स्थिति बनी रही। आरोप है कि इस दौरान रेंजर ने मौके पर मौजूद महिला को वहां से भगाने की कोशिश की और पत्नी के साथ मारपीट भी की। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि जिस महिला के साथ रेंजर को पकड़ा गया, वह भी विवाहित है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गई हैं। फिलहाल मामले में किसी पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वायरल वीडियो और लगाए जा रहे आरोपों की पुष्टि लल्लूराम डॉट काम नहीं करता है।

उज्जैन। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर डॉ. सुमनानंद गिरि महाराज को उत्तर प्रदेश से एक अज्ञात पत्र मिला है, जिसमें उन्हें जान से मारने और कन्हैयालाल जैसा हश्र करने की सीधी धमकी दी गई है। पत्र में अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए लिखा गया है कि ‘अब पानी सिर से ऊपर हो चुका है, तुम्हें कोई नहीं बचा पाएगा।’
महामंडलेश्वर ने बताया कि उन्हें पहले भी ऐसी धमकियां मिलती रही हैं, जिसकी सूचना वे लगातार शासन-प्रशासन को दे रहे हैं। प्रयागराज कुंभ के दौरान उन्हें सुरक्षा मिली थी, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार की ओर से फिलहाल कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है।
उन्होंने क्षेत्र की भौगोलिक संवेदनशीलता का हवाला देते हुए यहां एक पुलिस थाना या मजबूत सुरक्षा चौकी स्थापित करने की मांग की है। इस गंभीर मामले की जानकारी उन्होंने अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जिला प्रशासन को भी सौंप दी है।
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मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से: किसान और बेरोजगारी के मुद्दे पर घेरेगा विपक्ष
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति से बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश में आगामी 20 जुलाई से विधानसबा का मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है। विधानसभा सचिवालय ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह सत्र 24 जुलाई तक चलेगा, जिसमें महज 4 दिनों की अल्पावधि में कई महत्वपूर्ण विधेयकों और विधायी प्रस्तावों पर गहन मंथन किया जाएगा।
इस चार दिवसीय संक्षिप्त सत्र के बेहद हंगामेदार रहने के आसार हैं। सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार इस मानसून सत्र के दौरान प्रदेश में UCC यानि सामान नागरिक संहिता को लागू करने को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण विधेयक सदन के पटल पर रख सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह सत्र राजनीतिक रूप से बेहद सरगर्मियों भरा साबित होगा।
दूसरी ओर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सरकार को चौतरफा घेरने के लिए अपनी रणनीति तैयार कर ली है। विपक्ष इस छोटे से सत्र में जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों को उठाने के लिए पूरी तरह आक्रामक मूड में नजर आ रहा है।
विपक्ष के निशाने पर मुख्य रूप से ये मुद्दे रहेंगे:
मीनाक्षी नटराजन मामला: इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर विपक्ष सदन में हंगामा कर सकता है।
किसानों की समस्याएं: कर्जमाफी, खाद-बीज की उपलब्धता और फसलों के दामों को लेकर सरकार को घेरा जाएगा।
बेरोजगारी: प्रदेश में युवाओं की बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं के मुद्दों पर विपक्ष तीखा सियासी प्रहार करने की तैयारी में है।
छोटे सत्र में बड़े फैसलों पर नजर
विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के बाद पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। सत्ता पक्ष जहां अहम विधेयकों को पारित कराने की कोशिश करेगा, वहीं विपक्ष जनहित के मुद्दों पर सरकार की घेराबंदी करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता।
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“भीड़ देखकर रात तक खोले जा रहे मंदिर, यह ठीक नहीं” भोपाल में बोले देवकीनंदन ठाकुर
भोपाल विख्यात कथावाचक व धर्माचार्य देवकीनंदन ठाकुर ने रात्रि में हो रही शादियों को अनुचित बताया है। उन्होंने कहा कि यह दैत्य प्रणाली से होते हैं और दिन के विवाह देव प्रणाली से होते हैं। देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि आजकल रात में विवाह का चलन बढ़ गया है लेकिन यह प्रथा बंद होनी चाहिए। भोपाल के बावडिय़ा कला के रूद्राक्ष किंगस्टन परिसर में चल रही भागवत कथा में उन्होंने रात में की जा पूजा पर भी सवाल उठाया। देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि कुछ विशेष अवसरों पर ही रात्रि पूजन की जा सकती है। उन्होंने देर रात तक मंदिर खोले जाने पर भी आपत्ति जताई। कथावाचक व धर्माचार्य देवकीनंदन ठाकुर ने भीड़ देखकर यह काम किया जा रहा है। यह अनुचित है। उन्होंने बच्चों को अच्छे संस्कार देने की भी बात कही।
भागवत कथा में देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि गोविंद कभी अपने काम को पीछे नहीं छोड़ते। उन्होंने कहा कि जिस दिन मन भगवान के चरणों में लग जाए, वही सच्ची मुक्ति है। मन संसार में ही लगा हुआ है तो समझो तुम बंधे हुए हो। उन्होंने कहा कि भगवान के ऊपर अपनी मर्जी नहीं थोपनी चाहिए।
कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर ने बच्चों को अच्छे संस्कार देने की सीख देते हुए कहा कि संस्कार न मिलने से बच्चे नशा कर रहे हैं। भारत का भविष्य अगर इस तरह हो जाएगा तो भारत विश्व गुरु कैसे बनेगा। बच्चे संस्कारी न हो तो आपके करोड़ों कमाने के बाद भी वह काम नहीं आएगा। बच्चों को संस्कार देंगे तभी कल्याण होगा। उन्होंने कहा कि बिना गुरु के गोविंद नहीं मिलते। जीवन में गुरु का होना जरूरी है। उन्होंने कर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि न लाभ आपके हाथ है न हानि, न यश आपके हाथ है न अपयश, न अपना जन्म आपके हाथ है न मृत्यु। आपके हाथ बस आपका अपना कर्म ही है।
भागवत कथा में बड़ी संख्या में शामिल श्रद्धालुओं के सामने धर्माचार्य देवकीनंदन ठाकुर ने दैत्य प्रवृत्तियों से जोड़कर रात में हो रही शादियों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि रात्रि का समय दैत्यों का होता है। इसलिए हमें अपने बच्चों के विवाह कभी भी रात्रि में नहीं करना चाहिए। देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि रात्रि विवाह के कारण ही पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ रहे हैं। अधिकांश विवाह रात में ही हो रहे हैं जिससे दांपत्य जीवन में टकराव बढ़ता है।
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि कुछ लोग रात्रि में पूजा करने के लिए कहते हैं, जबकि विशेष रात्रियों को छोड़कर कभी भी रात्रि में पूजा नहीं करनी चाहिए। शिवरात्रि और नवरात्रि जैसे कुछ अवसरों पर ही रात्रि में पूजा का विधान है। देवकीनंदन ठाकुर ने देर रात तक मंदिर खोले जाने को भी अनुचित करार दिया। उन्होंने कहा कि आजकल भीड़ देखकर रात तक मंदिर खोले जा रहे हैं, जो जरा भी ठीक नहीं है।

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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