This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.

ADD-n.jpg

 

 

 

रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के पंचेड़-नामली मार्ग पर स्थित ‘तुलसी वाटर पार्क’ में स्विमिंग पूल की आड़ में अवैध स्पा सेंटर और देह व्यापार के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। एसपी अमित कुमार के निर्देशन में पुलिस टीम ने खुद ग्राहक बनकर इस काले कारोबार का पर्दाफाश किया। छापेमार कार्रवाई के दौरान पुलिस को मौके से थाईलैंड की तीन युवतियां, तीन संदिग्ध युवक और वाटर पार्क का मैनेजर मिला है, जिन्हें हिरासत में ले लिया गया है।
एसपी अमित कुमार को लंबे समय से तुलसी वाटर पार्क में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। सूचना लीक न हो, इसलिए एसपी ने इसे पूरी तरह गोपनीय रखा और एएसपी विवेक कुमार लाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की। टीम ने सबसे पहले कुछ पुलिसकर्मियों को फर्जी ग्राहक बनाकर वाटर पार्क भेजा। वहां जैसे ही अवैध स्पा और अनैतिक गतिविधियों की पुष्टि हुई, वैसे ही विशेष टीम ने पूरे परिसर को घेरकर दबिश दे दी।
पुलिस की जांच में सामने आया कि वाटर पार्क परिसर के पिछले हिस्से में छह विशेष कमरे बनाए गए थे, जहां स्पा सेंटर की आड़ में यह खेल चल रहा था। तीन अलग-अलग कमरों में थाईलैंड की तीन युवतियां और उनके साथ संदिग्ध परिस्थितियों में तीन युवक मिले। तलाशी के दौरान स्पा के कमरों के डस्टबिन से बड़ी संख्या में उपयोग किए हुए कंडोम और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली है। पुलिस ने वाटर पार्क के मैनेजर दिलीप ठाकुर को भी हिरासत में लिया है।
इस कार्रवाई की सबसे खास बात यह रही कि घटनास्थल से महज कुछ किलोमीटर दूर स्थित नामली थाने की पुलिस को इसकी कानों-कान भनक तक नहीं लगने दी गई। सूचना लीक होने के डर से एसपी ने कार्रवाई में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन तक बंद करवा दिए थे। स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध मानते हुए अब उनकी भी जांच की जा रही है। फिलहाल, पुलिस मामले से जुड़े सभी व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है और वाटर पार्क के दस्तावेजों को खंगाल रही है।

----------------------------------
कुत्तों का खूनी आतंक! युवक के गुप्तांग पर हमला , 10 घंटे में 42 लोगों को काटा
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में आवारा कुत्तों का आतंक अब खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। शहर के प्रतिष्ठित अरविंदो अस्पताल परिसर में एक कुत्ते ने ऐसा आतंक मचाया कि महज 10 घंटे के भीतर 42 लोगों को अपना शिकार बना लिया। सबसे चौंकाने वाला मामला एक युवक का सामने आया, जिसके गुप्तांग पर कुत्ते ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना ने एक बार फिर नगर निगम के दावों और व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट द्वारा खूंखार और आक्रामक कुत्तों को चिन्हित कर उन्हें शेल्टर होम भेजने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बिल्कुल अलग नजर आ रहे हैं। शहर में लगातार डॉग बाइट के मामले बढ़ रहे हैं और लोग डर के साए में जीने को मजबूर हैं।
हुकुमचंद अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर आर.के. पटेल ने बताया कि अरविंदो अस्पताल से कई पीड़ित वैक्सीनेशन के लिए पहुंचे थे। सभी का उपचार कर एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन 200 से 250 डॉग बाइट पीड़ित इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
डॉक्टर पटेल के अनुसार एक युवक ऐसा भी आया था जिसके गुप्तांग पर कुत्ते ने काट लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे सर्जन से परामर्श लेने की सलाह दी गई है। इस घटना ने लोगों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। इंदौर में लगातार बढ़ते डॉग बाइट के मामलों के बावजूद नगर निगम की ओर से कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही। शहर के अस्पतालों में रोजाना सैकड़ों लोग कुत्तों के हमलों का शिकार होकर पहुंच रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। अरविंदो अस्पताल में 10 घंटे के भीतर 42 लोगों को काटने की घटना ने साफ कर दिया है कि आवारा और खूंखार कुत्तों का मुद्दा अब केवल पशु नियंत्रण का नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा का बड़ा संकट बन चुका है।
-------------------------------------
‘सतना ढाबा’ पर खूनी संघर्षः खाना खाने के बाद बिल मांगना पड़ा भारी, बदमाशों ने मचाया जमकर उत्पात
जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के गोसलपुर थाना अंतर्गत गांधीग्राम इलाके में स्थित ‘सतना ढाबा’ पर कुछ बदमाशों ने खूनी संघर्ष को अंजाम दिया। ढाबा संचालक का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने खाना खाने के बाद आए बदमाशों से बिल की मांग कर ली थी। इसी बात से नाराज होकर बदमाशों ने ढाबा संचालक और वहां के कर्मचारियों पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया।
बिल मांगने पर आगबबूला हुए बदमाशों ने आव देखा न ताव और ढाबा संचालक व कर्मियों को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इस हमले में कई कर्मचारियों को गंभीर चोटें आई हैं। मारपीट करने के बाद भी जब बदमाशों का मन नहीं भरा, तो उन्होंने पूरे ढाबे को अपना निशाना बनाया। बदमाशों ने ढाबे के भीतर घूम-घूमकर आतंक मचाया और वहां रखे काउंटर, टेबल तथा कुर्सियों को लाठी-डंडे मार-मारकर चकनाचूर कर दिया।
इस पूरी वारदात का एक बेहद डरावना सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है। इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह से बेखौफ बदमाश ढाबे के अंदर तांडव मचा रहे हैं। वे हाथों में लाठी-डंडे लहराते हुए काउंटर और फर्नीचर को तोड़ते नजर आ रहे हैं। इस फुटेज के सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
वारदात को अंजाम देने के बाद जाते-जाते बदमाशों ने ढाबा संचालक को खुलेआम धमकी दी। बदमाशों ने कहा “अगर दोबारा कभी हमसे बिल मांगा, तो सीधे जान से मार देंगे।” यह धमकी देते हुए सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही गोसलपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी राज यादव, जीत रैकवार और उनके अन्य साथियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना क

जबलपुर. एमपी के जबलपुर में क्राइम ब्रांच व थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नशीले इंजेक्शनों का बड़ा जखीरा बरामद किया है. इस मामले में दो मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. सभी आरोपी जबलपुर के रहने वाले हैं और कम कीमत पर इंजेक्शन खरीदकर नशा करने वालों को ऊंचे दामों पर बेचते थे. पुलिस इस कारोबार के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है. आज आरोपियों के कब्जे से करीब 6,600 इंजेक्शन, एक ऑटो और पांच मोबाइल फोन जब्त किए गए.
बेलबाग थाना प्रभारी जितेंद्र पाटकर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नशीले इंजेक्शनों की बड़ी खेप उत्तर प्रदेश से रीवा, सतना और कटनी होते हुए बस के जरिए जबलपुर लाई गई है. यहां से इसे शहर के विभिन्न इलाकों में सप्लाई किया जाना था. सूचना मिलने पर एसपी संपत उपाध्याय को अवगत कराया गया. इसके बाद एएसपी क्राइम जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई की गई. पुलिस ने रामलीला मैदान के पास ई-रिक्शा क्रमांक रूक्क-20र्-ंङ्ग-7302 के साथ एक संदिग्ध युवक को देखा. पूछताछ के लिए रोकने पर वह भागने लगा, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया. पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम दुर्गा पटेल (46) निवासी समता कॉलोनी, थाना गोहलपुर बताया. तलाशी के दौरान ई-रिक्शा से तीन कार्टन और एक सफेद बोरी बरामद हुई. तीनों कार्टनों में 16-16 बॉक्स रखे थे. प्रत्येक बॉक्स में 25-25 शीशियांमिलीं. कुल 1,200 शीशियों की कीमत लगभग 26,400 रुपए आंकी गई. सफेद बोरी में 80 डिब्बे मिले. इनमें कुल 2,000 इंजेक्शन थे, जिनकी कीमत करीब 54,400 रुपए बताई गई. इस तरह दोनों प्रकार के कुल 3,200 नशीले इंजेक्शन बरामद हुए, जिन्हें ई-रिक्शा समेत जब्त कर लिया गया.
दुर्गा पटेल से नशीले इंजेक्शनों के संबंध में पूछताछ की गई तो उसने बताया कि गोहलपुर निवासी अमजद खान के कहने पर उसे खेप मोहम्मद आरिफ तक पहुंचानी थी. इसके बदले उसे पैसे मिलते थे. दुर्गा की निशानदेही पर पुलिस ने भानतलैया बढ़ई मोहल्ला रोड में दबिश देकर मोहम्मद आरिफ (32) निवासी ठक्कर ग्राम पचकुइया, हनुमानताल और अमजद खान (48) निवासी गाजी नगर झुग्गी-झोपड़ी, 10 नल को गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों से पूछताछ में सैय्यद अशरफ अली और मदनमहल के गुलाटी पेट्रोल पंप क्षेत्र निवासी सौरभ नामदेव का नाम सामने आया. पुलिस के अनुसार, सौरभ नामदेव उत्तर प्रदेश से नशीले इंजेक्शन मंगवाकर अमजद खान और अन्य लोगों के माध्यम से उनकी सप्लाई करवाता था. मामले में सौरभ सोनकर अभी फरार है. आरोपियों के खिलाफ धारा 5/13 मप्र ड्रग्स कंट्रोल एक्ट तथा 8/21, 22 और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है.-
आज बेलबाग पुलिस के साथ अधारताल थाना पुलिस ने भी नशीले इंजेक्शन बेचने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया. मुखबिर की सूचना पर मिल्क स्कीम क्षेत्र में चार बोरियों के साथ खड़े एक युवक को पकड़ा गया. उसने अपना नाम गीतांशु साहू (25) निवासी बजरंग बाड़ा, आधारताल बताया. बोरियों की तलाशी लेने पर 3,400 नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए. पूछताछ में गीतांशु ने बताया कि भानतलैया निवासी कल्लू दद्दा ने उसे ये इंजेक्शन बेचने के लिए रखवाए थे. पुलिस ने सभी इंजेक्शन जब्त कर आरोपी के खिलाफ मप्र ड्रग्स कंट्रोल एक्ट और एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है.
एएसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. आरोपी एविल और बुप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन का कॉम्बो तैयार कर सिरिंज के जरिए नशेडिय़ों को 300 से 500 रुपए में बेचते थे. पुलिस अब तक इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है.
पुलिस गिरफ्त में आरोपी-
-दुर्गा पिता बेनीप्रसाद पटेल, उम्र 46 वर्ष, निवासी समता कॉलोनी, गोहलपुर
-मोहम्मद आरिफ पिता निसार अहमद, उम्र 32 वर्ष, निवासी ठक्कर ग्राम, पचकुइया, हनुमानताल.
-अमजद पिता गफ्फार खान, उम्र 48 वर्ष, निवासी गाजी नगर झुग्गी-झोपड़ी, 10 नल, गोहलपुर.
-सैय्यद अशरफ अली उर्फ जीजा उम्र 39 वर्ष, निवासी बंद कुआं, ओमती.
-सौरभ नामदेव पिता रमेश नामदेव, उम्र 45 वर्ष, निवासी गुलाटी पेट्रोल पंप के पास, मदनमहल.
-गीतांशु साहू पिता संतोष साहू, उम्र 26 वर्ष, निवासी बजरंग बाड़ा, आधारताल.
------------------------------------
49.50 लाख के फर्जी लूटकांड का 24 घंटे में खुलासा: खुद पीड़िता ही निकली मास्टरमाइंड
ग्वालियर। डबरा में बीते दो दिनों से चर्चा का विषय बने कथित लाखों रुपये की लूटकांड का ग्वालियर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। जिस महिला को पूरे मामले में पीड़िता माना जा रहा था, वही अपने पति और उसके साथियों के साथ मिलकर इस पूरी साजिश की मुख्य किरदार निकली। पुलिस ने न केवल फर्जी लूटकांड का खुलासा किया बल्कि लगभग 49.50 लाख रुपये का पूरा मशरूका भी बरामद कर लिया। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने प्रेसवार्ता में मामले की जानकारी दी है।
घटना 4 जून 2026 की है, जब डबरा सिटी थाना क्षेत्र के संस्कृति नगर स्थित सचदेवा फार्म के पास रहने वाली मोनिका उर्फ रानू श्रीवास्तव ने पुलिस को सूचना दी कि उसकी भाभी पिंकी श्रीवास्तव घर पर अकेली थी। इसी दौरान एसी सर्विसिंग के बहाने दो युवक घर में घुसे, मारपीट कर उसे बंधक बनाया और अलमारी का लॉक तोड़कर 2.50 लाख रुपये नगद तथा लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात लूटकर फरार हो गए।
डबरा अनुभाग, क्राइम ब्रांच और साइबर टीम ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से पड़ताल की गई। तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए, मोबाइल लोकेशन और संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले जिन्होंने कथित लूट की कहानी पर सवाल खड़े कर दिए।
सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे संदिग्धों की पहचान शुभम श्रीवास्तव और सोनू जाटव के रूप में हुई। पुलिस ने जब शुभम श्रीवास्तव को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं। पूछताछ में सामने आया कि शुभम अपनी पत्नी पिंकी के साथ पिछले तीन महीनों से अपनी बहन मोनिका के घर रह रहा था। इसी दौरान पिंकी ने मोनिका को अलमारी में बड़ी मात्रा में नगदी और जेवर रखते हुए देख लिया था। तभी से दोनों ने संपत्ति हड़पने की योजना बनानी शुरू कर दी।
योजना के तहत शुभम ने अपने दोस्त सोनू जाटव को साथ लिया। तय हुआ कि घर में लूट की झूठी कहानी तैयार कर नगदी और जेवरात गायब कर दिए जाएंगे। घटना वाले दिन जब मोनिका अपने बच्चों के साथ घर से बाहर गई हुई थी, तब शुभम और सोनू घर पहुंचे। पिंकी ने खुद दरवाजा खोला और सीसीटीवी कैमरे के सामने सामान्य बातचीत का अभिनय किया ताकि किसी को शक न हो।
इसके बाद घर के अंदर जाकर लोहे की रॉड से अलमारी तोड़ी गई और उसमें रखे 2.50 लाख रुपये नगद तथा लाखों के जेवर निकाल लिए गए। साजिश को असली लूट जैसा दिखाने के लिए ड्रेसिंग टेबल का कांच तोड़ा गया और पिंकी के माथे पर हल्की चोट भी पहुंचाई गई। फिर उसके हाथ-पैर बांध दिए गए ताकि वह खुद को पीड़िता साबित कर सके।
लूट की रकम में से एक लाख रुपये पिंकी के बैग में छिपाकर रख दिए गए, जबकि डेढ़ लाख रुपये सोनू जाटव को दे दिए गए। वहीं करोड़ों के बराबर महत्व रखने वाले जेवरातों को एक बैग में भरकर ग्वालियर निवासी आशिफ खान के घर छिपा दिया गया।
पुलिस की तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और लगातार पूछताछ के दबाव में आखिरकार आरोपियों की कहानी टूट गई। पुलिस ने शुभम की निशानदेही पर सोनू जाटव को गिरफ्तार किया और उसके घर से 1.50 लाख रुपये बरामद किए। इसके बाद आशिफ खान के घर छापा मारकर सोने-चांदी के सभी जेवरात बरामद कर लिए गए। जांच के दौरान पिंकी के बैग से भी एक लाख रुपये बरामद हुए।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 252.82 ग्राम सोने के जेवर, लगभग 1.9 किलोग्राम चांदी के आभूषण, 2.50 लाख रुपये नगद और घटना में प्रयुक्त डिस्कवर मोटरसाइकिल जब्त की है। बरामद संपत्ति की कुल कीमत लगभग 49 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है।
पूरे मामले को ट्रेस करने में डबरा सिटी थाना प्रभारी निरीक्षक संजय शर्मा, एसडीओपी डबरा सौरभ कुमार, डीएसपी अपराध नागेंद्र सिंह सिकरवार, डीएसपी मनीष यादव, क्राइम ब्रांच, साइबर सेल तथा डबरा, पिछोर और गिजौरा थाना पुलिस की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और वैज्ञानिक जांच के दम पर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर इस हाई-प्रोफाइल मामले का खुलासा कर दिया।
----------------------------------
स्कूल शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: बंद होगी यूनिफॉर्म की नकद राशि, सीधे बांटी जाएगी गणवेश
भोपाल। मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब छात्रों के खातों में ड्रेस की राशि भेजने के बजाय सीधे सिली हुई यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाएगी जिसे प्रदेश की गारमेंट्स इंडस्ट्री तैयार करेगी,हालांकि इस फैसले को लेकर बच्चों और अभिभावकों की राय अलग-अलग है। वहीं कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता स्वदेश शर्मा ने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों के खातों में यूनिफॉर्म की राशि भेजने की व्यवस्था बंद कर गणवेश वितरण के नाम पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का नया रास्ता खोला गया है।
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों को अब यूनिफॉर्म के लिए राशि नहीं मिलेगी। मध्य प्रदेश में स्कूल यूनिफॉर्म को लेकर बड़ा नियम बदल गया हैअब कक्षा 1 से 8वीं तक के छात्रों के बैंक खातों में 600 रुपए नहीं भेजे जाएंगे। इसकी जगह बच्चों को सीधे रेडीमेड यूनिफॉर्म दी जाएगी, जिसे प्रदेश की गारमेंट्स इंडस्ट्री तैयार करेगी।
बता दें कि मध्यप्रदेश में 2024-25 से कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के खातों में यूनिफॉर्म के लिए 600 रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जा रही थी। इससे पहले गणवेश स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सिलवाकर वितरित की जाती थी।
हालांकि कई विद्यार्थियों का मानना है कि ड्रेस की जगह राशि मिलना अधिक सुविधाजनक था। छात्राओं का कहना है कि तैयार यूनिफॉर्म में साइज की समस्या हो सकती है, जबकि नकद राशि मिलने पर वे अपनी पसंद और सही नाप की ड्रेस खरीद सकती थी। कुछ छात्राओं ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर परिवार की ओर से अतिरिक्त राशि जोड़कर अच्छी यूनिफॉर्म खरीदी जा सकती थी। अभिभावकों का कहना है कि पहले यूनिफॉर्म की राशि विद्यार्थियों के खातों में जाती थी, लेकिन कई बार यह अन्य जरूरतों में खर्च हो जाती थी, जिससे कुछ बच्चे नई ड्रेस नहीं बनवा पाते थे. इसे देखते हुए सरकार ने व्यवस्था बदलकर सीधी यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

नई दिल्ली. पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन जारी है. इस प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के भी शामिल होने की संभावना है. प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है. यह प्रदर्शन सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके की अगुआई में हो रहा है. अभिजीत शनिवार सुबह अमेरिका से दिल्ली लौटे. वे एयरपोर्ट से सीधे प्रदर्शन करने पहुंचे.
दीपके नीट पेपर लीक विवाद और सीबीएसई से जुड़े कथित मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने इन मामलों में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई है. प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. जंतर-मंतर से लेकर दिल्ली एयरपोर्ट तक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अनुमति प्रदान की गई.
दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन में शामिल होने वाले छात्रों और अन्य प्रतिभागियों से आवश्यक अंडरटेकिंग लेने के बाद अनुमति देने का फैसला किया गया. सभी जिलों, विशेषकर नॉर्थ, सेंट्रल, साउथ-ईस्ट और साउथ-वेस्ट दिल्ली के अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों के आवागमन में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं.
नई दिल्ली जिले में सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए करीब 2,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों के साथ किसी भी तरह के टकराव से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं. इसके लिए जिले को 12 जोन में विभाजित किया गया है, जिनकी निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी. बता दें पुलिस ने शाम 5 बजे तक धरना देने की अनुमति दी है. दिल्ली पुलिस ने सभी जिला और यूनिट डीसीपी को आंतरिक अलर्ट जारी करते हुए राजधानी के कुछ हिस्सों में भारी भीड़, यातायात बाधित होने और कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों की आशंका से सतर्क रहने को कहा है.
------------------------------------
'सरेंडर नहीं करेंगे खान सर, कानूनी लड़ाई लड़ेंगे'... वकील बोले- साजिश के तहत फंसाया जा रहा
पटना। खान ग्लोबल स्टडीज इंस्टीट्यूट में हुई तोड़फोड़ और फायरिंग के मामले में खान सर (फैसल खान) के सरेंडर करने की खबरों को उनके वकील ने खारिज कर दिया है। खान सर के कानूनी सलाहकार और अधिवक्ता अरविंद कुमार ने कहा कि फैसल खान आत्मसमर्पण नहीं करेंगे, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखेंगे।
मीडिया से बातचीत में अधिवक्ता अरविंद कुमार ने कहा कि खान सर कोर्ट में सरेंडर करने नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि फैसल खान आत्मसमर्पण नहीं करेंगे और इस मामले में अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख करेंगे।
पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में खान सर के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और जल्द पूछताछ भी कर सकती है।
खान सर के वकील का दावा है कि उनके मुवक्किल को जानबूझकर इस मामले में फंसाया जा रहा है। उनका कहना है कि 2 जून को खान सर के स्टाफ ने एक अन्य कोचिंग संस्थान के निदेशक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उसी के जवाब में बदले की भावना से खान सर का नाम इस मामले में जोड़ा गया है।
वायरल वीडियो में दिखाई गई फायरिंग पर सफाई देते हुए वकील ने कहा कि कोचिंग संस्थान पर हमला और तोड़फोड़ होने के दौरान वहां मौजूद गार्ड्स ने सुरक्षा के लिए हवा में गोलियां चलाई थीं। उन्होंने दावा किया कि इस फायरिंग में किसी को चोट नहीं लगी थी।
2 जून की रात करीब 15-20 लोगों का एक समूह पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज इंस्टीट्यूट पहुंचा था। आरोप है कि उन्होंने संस्थान में तोड़फोड़ और पथराव किया। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें कोचिंग के दो गार्ड हवाई फायरिंग करते दिखाई दिए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों गार्डों को हिरासत में ले लिया था और मामले की जांच शुरू कर दी थी।
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय शर्मा ने पुष्टि की थी कि इस मामले में फैसल खान उर्फ खान सर को नामजद करते हुए FIR दर्ज की गई है। उन्होंने बताया था कि पुलिस जल्द ही खान सर से पूछताछ करेगी।
घटना के बाद पटना के कोचिंग जगत में भी विवाद बढ़ गया है। खान सर ने आरोप लगाया था कि इस हमले के पीछे उनके प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान के लोगों का हाथ है। वहीं दूसरी ओर, प्रतिद्वंद्वी संस्थान के प्रतिनिधियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि यह पूरा मामला खुद खान सर द्वारा प्रायोजित कराया गया हो सकता है। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
-----------------------------------------
पंजाब के फिरोजपुर में मच गई चीख-पुकार, पिकअप और ट्रॉली की भीषण टक्कर में 9 की मौत, 15 घायल
फिरोजपुर। पंजाब के फिरोजपुर में फाजिल्का रोड पर शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह भीषण दुर्घटना जंगा वाले मोड़ के पास एक पिकअप गाड़ी और घोड़ा ट्रॉला के बीच आमने-सामने की टक्कर के कारण हुई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पिकअप गाड़ी में सवार करीब 30 लोग अपने एक परिजन की अस्थियां विसर्जित करने के लिए सुबह 3:30 बजे घर से रवाना हुए थे। रास्ते में पेट्रोल डलवाने के बाद, जैसे ही उनका वाहन जनगांव वाला मोड़ के पास पहुंचा, सड़क के बीच खड़ी एक ट्रॉली से उनकी पिकअप की जोरदार टक्कर हो गई और गाड़ी पलट गई।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से सभी को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि अन्य घायलों का इलाज अस्पताल में शुरू किया गया।
सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. निखिल गुप्ता ने बताया कि कई मरीजों की स्थिति बेहद नाजुक थी, जिसके चलते उन्हें बेहतर इलाज के लिए गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया गया है। बाकी घायलों का उपचार स्थानीय सिविल अस्पताल में चल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाया और यातायात बहाल कराया। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और हताहतों की पहचान की जा रही है।

 

उज्जैन. सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) ने उज्जैन रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए शिप्रा एक्सप्रेस से पश्चिम बंगाल ले जाई जा रही 1.067 किलोग्राम हेरोइन जब्त की है. मामले में राजस्थान के प्रतापगढ़ के रहने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.
कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अधिकारी ट्रेन में घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ते और तलाशी लेते नजर आ रहे हैं. सीबीएन को सूचना मिली थी कि शिप्रा एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22911) के जरिए बड़ी मात्रा में हेरोइन की तस्करी की जा रही है.
सूचना के आधार पर गुरुवार-शुक्रवार दरमियानी रात करीब एक बजे उज्जैन रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और नारकोटिक्स अधिकारियों ने संयुक्त कार्रवाई की. ट्रेन के पहुंचते ही जनरल कोच में सघन तलाशी अभियान चलाया गया. इस दौरान एक संदिग्ध युवक की पहचान होने पर उसके हैंडबैग की जांच की गई.
तलाशी के दौरान बैग में छिपाकर रखे गए दो पैकेटों से 1.067 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई. बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब सवा करोड़ रुपए आंकी जा रही है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजस्थान के प्रतापगढ़ निवासी रमेश चंद्र के रूप में हुई है.
शुरुआती जांच में सामने आया है कि हेरोइन की यह खेप राजस्थान के प्रतापगढ़ क्षेत्र से पश्चिम बंगाल के हावड़ा भेजी जा रही थी. उज्जैन इस सप्लाई रूट का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था. हेरोइन मिलने की पुष्टि होते ही आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की जाती है.
सीबीएन ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है. अब एजेंसी ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पूरी सप्लाई चेन की जांच कर रही है.

-----------------------------------------
EV शोरूम में भीषण आग ने मचाया तांडव, 20 लोग फंसे, सीढ़ियों से बची जान
इंदौर देश में लगातार इमारतों में आग लगने की खबरें सामने आ रही है। दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में विदेशी नागरिकों सहित 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। ऐसी ही स्थिति शुक्रवार सुबह मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर की स्कीम-136 में बन गई। यहां इलेक्ट्रिक वाहनों के शोरूम (EV Showroom) में भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग लगने के बाद शोरूम के ऊपर बने होमस्टे में ठहरे करीब 20 लोग धुएं के बीच फंस गए। उन्हे दूसरी बिल्डिंग से सीढ़ी लगाकार रेस्क्यू किया गया। आग लगने के कारण की जांच में पुलिस जुट चुकी है।
जानकारी के अनुसार सुबह रहवासियों ने बिल्डिंग से घना धुआं निकलते देखा। धुआं लगातार ऊपर की ओर फैल रहा था और होमस्टे में मौजूद लोग बाहर नहीं निकल पा रहे थे। स्थिति गंभीर होती देख स्थानीय लोग खुद ही रेस्क्यू में जुट गए। उन्होंने आसपास से सीढ़ियां और रस्सियां जुटाई और बिल्डिंग के कांच तोड़ना शुरू कर दिए ताकि धुआं बाहर निकल सके। कांच टूटते ही अंदर भरा धुआं बाहर निकलने लगा और फंसे लोगों को कुछ राहत मिली। इसके बाद रहवासियों ने सीढ़ियों के सहारे लोगों को नीचे उतारना शुरू किया। शुरुआती प्रयास में कई लोग सुरक्षित बाहर आ गए। घटना के दौरान पास की मल्टी में रहने वाले लोग भी मदद के लिए आगे आए। रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते बचाव शुरू नहीं किया जाता तो हालात गंभीर हो सकते थे। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी नरेंद्र ने भी बचाव अभियान में भूमिका निभाई।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। आग शांत होने के बाद ऊपर फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। दमकल अधिकारियों के अनुसार आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि ईवी शोरूम में मौजूद सभी वाहन जलकर खाक हो गए। वाहनों के जलने से उठे धुएं से रहवासियों को सांस लेने में दिक्कत हुई। मामले को एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह का कहना है।
बता दें कि, पिछले महीने 14 मई को देवास जिले में भी ऐसी घटना ने लोगों को हिला दिया था। जिले के टोंक कलां क्षेत्र स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट होने से भीषण आग लग गई थी। इस घटना में 3 मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। वहीं, पांच मजदूरों की मौत इलाज के दौरान हो गई थी।
------------------------------------------
खौफनाक साजिश: सोते हुए परिवार को जिंदा जलाने की कोशिश, महिला की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
ग्वालियर। मोहल्ले के आपसी विवाद का बदला लेने के लिए एक पूरे हंसते-खेलते परिवार को जिंदा जलाने की रोंगटे खड़े कर देने वाली साजिश का खुलासा हुआ है। बहोड़ापुर थाना क्षेत्र की इंद्रा कॉलोनी में दो नकाबपोश बदमाशों ने गुरुवार की आधी रात के बाद एक घर और बाहर खड़ी गाड़ी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया। गनीमत रही कि पेट्रोल की तीखी गंध के कारण घर की महिला की नींद सही समय पर खुल गई। महिला की तत्परता और बहादुरी के चलते बदमाश बिना माचिस जलाए ही मौके से भाग खड़े हुए। पुलिस को इस पूरी वारदात का सीसीटीवी फुटेज मिला है, जिसके आधार पर आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
इंद्रा कॉलोनी निवासी हरीशचंद्र गुप्ता पेशे से टेलर हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात को पूरा परिवार खाना खाकर गहरी नींद में सो रहा था। रात करीब 3 बजे उनकी पत्नी मोना गुप्ता को अचानक नाक में पेट्रोल की तेज गंध महसूस हुई, जिससे उनकी आंख खुल गई। किसी अनहोनी की आशंका होने पर मोना ने जैसे ही खिड़की से बाहर झांका, उनके होश उड़ गए। बाहर चेहरे पर साफी (कपड़ा) बांधे दो संदिग्ध युवक उनके मुख्य दरवाजे और बाहर खड़ी बाइक पर बोतल से पेट्रोल छिड़क रहे थे।
मोना गुप्ता ने ऐसी खौफनाक स्थिति में घबराने के बजाय गजब की सूझबूझ दिखाई। वे तुरंत दौड़कर गईं और घर का मुख्य दरवाजा खोल दिया। अचानक गेट खुलने और महिला को सामने खड़ा देख दोनों बदमाश बुरी तरह हड़बड़ा गए। इससे पहले कि वे माचिस जलाकर आग लगा पाते, पकड़े जाने के डर से पेट्रोल की बोतल वहीं फेंककर गली की तरफ भाग निकले। मोना की इस त्वरित बहादुरी के कारण घर में सो रहे कई लोगों की जान बच गई।
टेलर हरीशचंद्र गुप्ता के अनुसार, दो दिन पहले उनके बेटे और उसके दोस्तों का मोहल्ले में ही रहने वाले समीर खान नाम के युवक से किसी बात पर विवाद हुआ था। समीर लगातार उनके बेटे पर अपने दोस्तों को बुलाने का दबाव बना रहा था और समझौता न होने पर उसने पूरे परिवार को जिंदा फूंकने का यह जानलेवा प्लान तैयार किया।
बहोड़ापुर थाना प्रभारी (TI) आलोक परिहार का कहना है कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है और उन्हें दबोचने के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।

राजगढ़। नकली नोट खपाने के मामले में सात साल की सजा काट रहा एक कैदी जिला अस्पताल से फिल्मी अंदाज में फरार हो गया। पीलिया का उपचार कराने के लिए भर्ती किए गए कैदी ने ड्रिप स्टैंड की मदद से हथकड़ी तोड़ दी और पहली मंजिल की खिड़की से कूदकर अस्पताल परिसर से भाग निकला। देर शाम तक पुलिस और जेल प्रशासन को उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।
जानकारी के अनुसार आगर मालवा जिले के नलखेड़ा निवासी 28 वर्षीय जितेंद्र भाटी को सारंगपुर पुलिस ने नकली नोट चलाने के मामले में गिरफ्तार किया था। न्यायालय द्वारा उसे सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद 11 अप्रैल 2026 को राजगढ़ जिला जेल में स्थानांतरित किया गया था। तब से वह जिला जेल में बंद था।
एक जून को उसकी तबीयत बिगड़ गई और पीलिया की शिकायत सामने आने पर दो जून को उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के कैदी वार्ड में पहले से एक मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला भर्ती होने के कारण जितेंद्र को पहली मंजिल स्थित कैंसर वार्ड में रखा गया था।
भर्ती के दौरान उसके एक हाथ में हथकड़ी लगाकर पलंग से बांधा गया था। सुरक्षा के लिए अलग-अलग समय पर तीन जेल प्रहरियों की ड्यूटी लगाई गई थी। बताया गया है कि शुक्रवार तड़के एक जेल प्रहरी कुछ समय के लिए वार्ड से बाहर चला गया। इसी दौरान कैदी ने कमरे में रखे ड्रिप स्टैंड की मदद से हथकड़ी तोड़ दी और खिड़की से नीचे कूदकर फरार हो गया।
कुछ देर बाद जब प्रहरी वापस लौटा तो कैदी वार्ड में नहीं मिला। पलंग पर टूटी हुई हथकड़ी पड़ी थी। यह देखकर जेल प्रहरी ने तत्काल जेल प्रशासन, पुलिस और अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी।
प्रारंभिक जांच में सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है। जिस कमरे में कैदी को रखा गया था, उसकी खिड़की में पहले से जाली नहीं लगी थी। इसके बावजूद कैदी को उसी कक्ष में भर्ती किया गया। माना जा रहा है कि इसी खामी का फायदा उठाकर वह भागने में सफल रहा।
घटना के बाद पुलिस और जेल प्रशासन ने अस्पताल परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में सर्चिंग अभियान चलाया, लेकिन देर शाम तक फरार कैदी का कोई पता नहीं चल सका। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
------------------------------------------
रील्स का जुनून पड़ा भारी: सोशल मीडिया ‘इन्फ्लुएंसर’ बने यातायात प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी निलंबित
शहडोल। सोशल मीडिया पर रील्स और वीडियो बनाकर चर्चाओं में रहने वाले यातायात विभाग के बहुचर्चित प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी पर आखिरकार विभागीय कार्रवाई की गाज गिर गई। पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव ने सामान्य सेवा शर्तों के उल्लंघन और बिना सूचना लंबे समय तक ड्यूटी से गैरहाजिर रहने के आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया है।
यातायात विभाग में पदस्थ प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी पिछले करीब 15 दिनों से बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे थे। इसी दौरान वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम सहित अन्य माध्यमों पर लगातार वीडियो और रील्स बनाकर अपलोड करते दिखाई दिए। विभागीय जांच में यह बात सामने आई कि आरक्षक शासकीय कार्य से दूरी बनाकर निजी प्रचार और व्यक्तिगत लाभ के उद्देश्य से सोशल मीडिया गतिविधियों में सक्रिय थे।
पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विवेकानंद तिवारी द्वारा पुलिस रेगुलेशन 64 के अंतर्गत सेवा की सामान्य शर्तों का उल्लंघन किया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में वे पुलिस की निर्धारित वर्दी में नजर आ रहे थे, हालांकि कई वीडियो में उन्होंने वर्दी का मोनो हटाकर अन्य रूप में प्रस्तुति दी, जो विभागीय अनुशासन के विपरीत माना गया।
सूत्रों की मानें तो लंबे समय से उनके सोशल मीडिया एक्टिविटी को लेकर विभाग में चर्चाएं चल रही थीं। वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की होड़ में शासकीय जिम्मेदारियों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की गई है।
--------------------------------------------
दिनदहाड़े लूट की वारदातः AC मिस्त्री बनकर आए नकाबपोश बदमाशों ने महिला को बंधक बनाकर 4 लाख नकद और जेवर ले भागे
डबरा। ग्वालियर जिले के डबरा में लूट की सनसनीखेज वारदात हुई है। सचदेवा कॉलोनी में AC मिस्त्री बनकर आए दो नकाबपोश बदमाशों जबरन घर में घुसे और महिला पर पिस्टल अड़ाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया है। दोनों लुटरों ने घर में मौजूद महिला पिंकी श्रीवास्तव की कनपटी पर पिस्टल अड़ाई उसके साथ मारपीट की। अलमारी तोड़कर करीब 4 लाख नकद और लाखों रुपए का सोना चांदी समेट कर ले भागे।
दरअसल महिला पिंकी श्रीवास्तव, मोनिका श्रीवास्तव की भाभी है। मोनिका एक कपड़े की दुकान पर काम करती है। घटना के समय मोनिका दुकान पर थी और उसकी भाभी पिंकी अकेली घर पर। बुधवार दोपहर 3 बजे करीब दो बाइक सवार बदमाश आए और गेट खुलवाया। अपने आप को AC का मिस्त्री बताया और AC ठीक करने की बात कही। जब पिंकी ने मना किया तो दोनों लुटेरे घर के अंदर प्रवेश कर गए और महिला पिंकी से पिस्टल अड़ाकर मारपीट शुरू कर दी। घर की अलमारी में रखें नगदी और जेवरात समेट कर ले गए। मामले की सूचना पर परिजन घर पहुंचे और पुलिस से शिकायत की। पुलिस आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाल रही है।
फिलहाल आरोपियों का कोई सुराग नहीं लगा। मोनिका श्रीवास्तव ने बताया कि बेटी तनुष्का की शादी के लिए पैसे और ज्वेलरी घर में रखी थी जिसे लुटेरे ले गए। पुलिस इस मामले को संदिग्ध मानते हुए घटना की तफ्तीश में जुटी है।

प्रमुख समाचार

नई दिल्ली. पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन जारी है. इस प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के भी शामिल होने की संभावना है. प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है. यह प्रदर्शन सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके की अगुआई में हो रहा है. अभिजीत शनिवार सुबह अमेरिका से दिल्ली लौटे. वे एयरपोर्ट से सीधे प्रदर्शन करने पहुंचे.दीपके नीट...

मध्य प्रदेश

जबलपुर. एमपी के जबलपुर में क्राइम ब्रांच व थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नशीले इंजेक्शनों का बड़ा जखीरा बरामद किया है. इस मामले में दो मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. सभी आरोपी जबलपुर के रहने वाले हैं और कम कीमत पर इंजेक्शन खरीदकर नशा करने वालों को ऊंचे दामों पर बेचते थे. पुलिस इस कारोबार के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है. आज आरोपियों के कब्जे से करीब 6,600 इंजेक्शन, एक ऑटो और पांच मोबाइल फोन...

अपराध

रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के पंचेड़-नामली मार्ग पर स्थित ‘तुलसी वाटर पार्क’ में स्विमिंग पूल की आड़ में अवैध स्पा सेंटर और देह व्यापार के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। एसपी अमित कुमार के निर्देशन में पुलिस टीम ने खुद ग्राहक बनकर इस काले कारोबार का पर्दाफाश किया। छापेमार कार्रवाई के दौरान पुलिस को मौके से थाईलैंड की तीन युवतियां, तीन संदिग्ध युवक और वाटर पार्क का मैनेजर मिला है, जिन्हें हिरासत में ले लिया गया है।एसपी अमित कुमार को लंबे...
More inअपराध  

गुना सिटी

कलेक्ट्रेट कार्यालय में अटैचमेंट का खेल? : महिला कर्मचारी रिलीव, आशुतोष कुशवाह 6 साल से आर्म्स शाखा में जमे      (एल.एन भडेरिया)        गुना। जिला कलेक्ट्रेट में अटैचमेंट के नाम पर मनमानी का बड़ा मामला सामने आया है। सामाजिक न्याय विभाग गुना के दो कर्मचारियों को एक साथ 04/09/2019 कलेक्ट्रेट में अटैच किया गया था, लेकिन सामाजिक न्याय विभाग की मांग पर वापसी के समय एक महिला कर्मचारी को रिलीव कर दिया गया और दूसरे आशुतोष कुशवाह को "काम की अधिकता" का हवाला देकर रोक लिया गया।शासकीय दस्तावेजों से मिली जानकारी के अनुसार 04/09/2019 को सामाजिक न्याय विभाग गुना से आशुतोष कुशवाह,...

फोटो गैलरी

35,10,0,50,1
25,600,60,1,300,200,25,800
90,150,1,50,12,30,50,1,70,12,1,50,1,1,1,5000
0,2,1,0,2,40,15,5,2,1,0,20,0,1
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
पूजा स्थल मे गरिमा
पूजा स्थल मे गरिमा