


देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले के कलेक्ट्रेट कार्यालय से फर्जी आदेश जारी करने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिसने प्रशासनिक तंत्र की साख पर सीधा सवाल खड़ा कर दिया है। इस सनसनीखेज खुलासे में सरकारी बाबुओं और एक दलाल की कथित मिलीभगत उजागर हुई है। कलेक्टर ने सबसे पहले BNP थाना पुलिस को एक शिकायत पत्र भेजा। जांच के बाद BNP थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, सरकारी दस्तावेजों में कूटनीतिक तरीके से तैयार करना समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। वहीं नजूल शाखा के बाबू रमेश लोबानिया, अपर कलेक्टर कार्यालय के बाबू संजय जाटव, विजयागंज मंडी तहसील के बाबू जितेंद्र भद्रे और एक दलाल को गिरफ्तार किया है।
शहर CSP सुमित अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि सरकारी कर्मचारियों ने विभिन्न जिम्मेदार पदों पर पदस्थ होते हुए फर्जी कागज तैयार कर छोटे लोगों की जमीन बेचने का प्रयास किया था। करीब 10 दिन पहले कलेक्टर ऋतुराज सिंह को मामले की जानकारी मिली तो संदिग्ध लगने पर कलेक्टर ने तत्काल एक शिकायत पत्र शहर की BNP थाने पर दिया। जिस पर जांच में सामने आया कि कलेक्ट्रेट के नाम पर फर्जी आदेश जारी कर न केवल नियमों को ताक पर रखा गया, बल्कि सरकारी प्रक्रियाओं का दुरुपयोग करते हुए सरकारी दस्तावेजों में कूटनीतिक करना, रुपये के लालच में किया गया।
यह कलेक्टर फर्जी पत्र में गड़बड़ी नहीं बल्कि एक सुनियोजित फर्जीवाड़ा है, जिसमें अंदरूनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की भूमिका बेहद अहम रही। आरोप है कि सरकारी दस्तावेजों की विश्वसनीयता का फायदा उठाकर फर्जी आदेश तैयार किए गए और उन्हें वैध दिखाने की कोशिश की गई। इस पूरे खेल में एक दलाल की संलिप्तता ने मामले को और गंभीर बना दिया है। वहीं इस घटना ने कलेक्ट्रेट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता में भी आक्रोश है कि यदि सरकारी कार्यालयों से ही फर्जी आदेश जारी होने लगें, तो व्यवस्था पर भरोसा कैसे कायम रहेगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी है और आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
अपर कलेक्टर कार्यालय के बाबू जाटव, विजयागंज मंडी तहसील के बाबू भद्रे, एसडीएम देवास नजूल शाखा के बाबू लोबानिया और एक दलाल कुशवाहा के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया है। इन्होंने हर कागज फर्जी तैयार कर छोटे लोगों की जमीन बेचने का प्रयास किया है। एक किसान की तो रजिस्ट्री भी करवा दी थी, जिसको शून्य करवाया है। अब जांच का विषय यह हैं कि जिम्मेदार सरकारी कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को विश्वास में लेकर या उन्हें संज्ञान में लिए बिना इस तरह की गंभीर धोखाधड़ी कर आदिवासी की जमीन का व्यापारीकरण कर दिया गया।
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टाटा नमक के नाम पर चल रही फैक्ट्री पर छापा; 840 पैकेट नकली नमक और कच्चा माल जब्त, संचालक गिरफ्तार
इंदौर। शहर में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाला बड़ा मामला सामने आया है। एरोड्रम थाना पुलिस ने लोकनायक नगर क्षेत्र में छापेमार कार्रवाई करते हुए टाटा नमक के नाम पर चल रही नकली नमक की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 840 पैकेट नकली नमक और करीब 1850 किलो कच्चा माल जब्त किया है। यह फैक्ट्री लंबे समय से अवैध रूप से संचालित हो रही थी और बाजार में ब्रांडेड नमक के नाम पर लोगों को धोखा दिया जा रहा था। इस कार्रवाई की शुरुआत तब हुई जब Tata Consumer Private Limited की ओर से कॉपीराइट उल्लंघन की शिकायत पुलिस को मिली।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत छापा मारकर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री संचालक जितेंद्र गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस नकली नमक को तैयार करने के लिए कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री दिल्ली से मंगाई जा रही थी। इसके बाद इंदौर में तैयार कर इसे बाजार में सप्लाई किया जाता था।
अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है—यह नकली नमक किन-किन क्षेत्रों में सप्लाई किया गया, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं, और यह कारोबार कितने समय से चल रहा था।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी, ताकि इस गिरोह के बाकी सदस्यों तक पहुंचा जा सके।
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जिला अस्पताल में पौने 2 करोड़ का गबन: DPM और फार्मासिस्ट फरार, कारण बताओ नोटिस
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिला अस्पताल में पौने दो करोड़ रुपए का गबन हुआ है। इस मामले में DPM आदित्य तिवारी और फार्मासिस्ट जांच के घेरे में हैं। लेकिन कई दिनों से वे दोनों फरार हैं।
वित्तीय अनियमितता के मामले में डीपीएम आदित्य तिवारी और फार्मासिस्ट जांच के घेरे में हैं। जांच के दौरान दोनों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की गई थी। सिहोरा सिविल अस्पताल में दोनों का अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया था।
लेकिन जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य तिवारी और फार्मासिस्ट जवाहर लोधी ने अब तक कार्यभार नहीं संभाला। सिहोरा के बीएमओ ने दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जांच पूरी होने तक ड्यूटी ज्वाइन न करने पर उनके ऊपर सवाल खड़े हो रहे।
इंदौर के तुकोगंज इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक नाबालिग किशोरी के साथ हुई बेरहमी की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया। वीडियो में कुछ युवक-युवतियां मिलकर एक लड़की को बुरी तरह पीटते नजर आ रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पूरी घटना को न सिर्फ अंजाम दिया गया, बल्कि उसका वीडियो भी बनाया गया और शेयर किया गया। यह घटना सिर्फ एक मारपीट का मामला नहीं बल्कि साजिश, डर और बेरहमी की एक ऐसी कहानी है, जो कई सवाल खड़े करती है। फिलहाल पीड़िता डरी-सहमी है और सामने आने से बच रही है, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है।
जानकारी के मुताबिक, इस पूरी घटना की शुरुआत एक छोटे से विवाद से हुई थी। किशोरी का इलाके में रहने वाले कुछ लड़के-लड़कियों से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इसी बात को लेकर आरोपियों ने बदला लेने की योजना बनाई। बताया जा रहा है कि एक युवती को माध्यम बनाकर पीड़िता को बहाने से तुकोगंज क्षेत्र के एक फ्लैट पर बुलाया गया। किशोरी को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि उसके साथ क्या होने वाला है। जैसे ही वह वहां पहुंची, पहले से मौजूद लोगों ने उस पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के आधार पर जो जानकारी सामने आई है, वह बेहद परेशान करने वाली है। हमलावरों ने किशोरी को बाल पकड़कर जमीन पर गिराया और फिर उसे लात-घूंसों और डंडों से लगातार पीटते रहे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पीड़िता दर्द में बार-बार माफी मांग रही है और कह रही है कि “अब नहीं बोलूंगी”, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों ने उसे नहीं छोड़ा। इस दौरान वहां मौजूद अन्य लोग भी इस घटना को रोकने के बजाय तमाशा देखते रहे।
इस पूरी घटना का सबसे डरावना पहलू यह रहा कि एक युवक पूरी वारदात का वीडियो बनाता रहा। बाद में इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर भी किया गया। हालांकि कुछ समय बाद वीडियो हटा लिया गया, लेकिन तब तक वह तेजी से वायरल हो चुका था। वीडियो सामने आने के बाद ही इस घटना की जानकारी लोगों तक पहुंची और मामला सुर्खियों में आ गया। इस तरह की घटनाएं यह भी दिखाती हैं कि किस तरह कुछ लोग हिंसा को रिकॉर्ड कर उसे वायरल करने को भी ‘सामान्य’ समझने लगे हैं, जो समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
सूत्रों के अनुसार इस मामले में शामिल कुछ आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रह चुके हैं। यानी यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इनके व्यवहार का एक पैटर्न सामने आ रहा है। अगर यह जानकारी सही है, तो यह कानून-व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। ऐसे लोगों पर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं होने का नतीजा इस तरह की घटनाओं के रूप में सामने आता है।
इस पूरे मामले में सबसे दुखद बात यह है कि पीड़िता अब तक खुलकर सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि वह बेहद डरी हुई है और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से बच रही है। सूत्रों के मुताबिक, किशोरी के माता-पिता नहीं हैं और वह अपने रिश्तेदारों के साथ रहती है। ऐसे में उसके पास मजबूत सहारा न होने के कारण वह और ज्यादा असुरक्षित महसूस कर रही है। यही वजह है कि वह इस मामले को आगे बढ़ाने से हिचक रही है।
वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में लोगों के बीच गुस्सा और डर दोनों देखने को मिल रहे हैं। स्थानीय लोग इस तरह की घटना को लेकर नाराज हैं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर ऐसे मामलों पर तुरंत और कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे गलत संदेश जाएगा और अपराधियों के हौसले और बढ़ेंगे।
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आग का तांडव : तीन मंजिला मकान जलकर खाक, नींद में ही महिला की मौत, पिता और बेटा गंभीर रूप से झुलस गए
भिंड। जिले के गोरमी कस्बे में रहने वाले अरुण उपाध्याय के परिवार के लिए मंगलवार की रात जिंदगी की सबसे भयावह रात बन गई। रात करीब 2 बजे उनके तीन मंजिला मकान में लगी भीषण आग ने सब कुछ तबाह कर दिया। इस हादसे में उनकी पत्नी सुनीता उपाध्याय की दम घुटने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पिता रामसेवक उपाध्याय और 9 साल का बेटा वाशु गंभीर रूप से झुलस गए। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया और एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां राख में बदल गईं।
घटना गोरमी के मेहगांव रोड की है, जहां अरुण उपाध्याय का तीन मंजिला मकान बना हुआ था। मकान की निचली मंजिल पर ‘उपाध्याय फर्नीचर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स’ नाम से उनकी दुकान संचालित होती थी। देर रात अचानक दुकान से धुआं उठता दिखा। शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि आग इतनी भयानक रूप ले लेगी। दुकान में रखे फर्नीचर, लकड़ी और इलेक्ट्रॉनिक सामान ने आग को तेजी से फैलने में मदद की और देखते ही देखते पूरी इमारत आग के गोले में बदल गई।
हादसे के समय पूरा परिवार मकान की ऊपरी मंजिल पर सो रहा था। आग की लपटों से ज्यादा खतरनाक जहरीला धुआं साबित हुआ, जिसने पूरे घर को भर दिया। अरुण उपाध्याय की पत्नी सुनीता उपाध्याय गहरी नींद में थीं और धुएं के कारण उनका दम घुट गया। उन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। यह हादसा इतना दर्दनाक था कि आसपास के लोग भी स्तब्ध रह गए।
इस हादसे में अरुण उपाध्याय के पिता रामसेवक उपाध्याय और उनका 9 साल का बेटा वाशु भी बुरी तरह झुलस गए। आग लगते ही घर में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर छत के रास्ते परिवार के अन्य सदस्यों को बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद दोनों को ग्वालियर के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही गोरमी, मेहगांव और भिंड से फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक मकान का ज्यादातर हिस्सा जलकर खाक हो चुका था। दीवारों पर जमी कालिख और पिघला हुआ सामान इस भीषण आग की कहानी बयां कर रहा है।
स आगजनी में भारी आर्थिक नुकसान भी हुआ है। जानकारी के मुताबिक, तीन बाइक, फर्नीचर, फ्रिज, एसी, टीवी और कूलर समेत करीब 80 लाख रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। यह दुकान ही परिवार की आजीविका का मुख्य साधन थी, ऐसे में यह हादसा उनके लिए आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से बड़ा झटका है।
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आग लगने की असली वजह सामने नहीं आई है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई जा रही है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई स्पष्ट होगी।
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कांग्रेस पार्षदों पर एफआईआर, बीएनएस की धारा 196 के तहत दर्ज हुआ केस
इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान वंदे मातरम् गीत के अपमान को लेकर उपजा विवाद अभी भी जारी है। सभापति और भाजपा के कई पार्षद विरोध स्वरूप थाने में बयान दर्ज करवा चुके हैं। पुलिस ने शिकायत के बाद पार्षद रुबीना खान के भी बयान लिए। अब एमजी रोड पुलिस ने पार्षद रुबीना और पार्षद फौजिया अलीम के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
बयान देने के पहले रुबीना ने यू टर्न लेते हुए पत्र लिखने की बात पर मीडिया से कहा- सभी पार्षद मेरे भाई हैं, मुझे उस दौरान दो शब्द नहीं बोलने थे
इससे पहले एमजी रोड पुलिस ने सोमवार को कांग्रेस पार्षद फौजिया अलीम तो मंगलवार को कांग्रेस पार्षद रुबीना खान के बयान लिए। बयान देने के पहले रुबीना ने यू टर्न लेते हुए पत्र लिखने की बात पर मीडिया से कहा कि सभी पार्षद मेरे भाई हैं। मुझे उस दौरान दो शब्द नहीं बोलने थे, इसके लिए खेद प्रकट करती हूं। मैं वंदे मातरम् का सम्मान करती हूं, अब कान पकड़ लिए, ऐसा नहीं होगा।
मेरा गुस्सा ठंडा हुआ तो समझ आया कि मैंने गुस्से में गलत बोल दिया, मैं तो दोनों दिन वंदे मातरम् के लिए खड़ी थी
रुबीना ने मीडिया से कहा, वे लोग (विपक्षी पार्षद) मुझे उकसा रहे थे। उस समय मैंने कहा था कि आपके बाप में दम हो और दूसरा शब्द था-कांग्रेस पार्टी भाड़ में जाए। ये दोनों शब्द आपत्तिजनक थे। जब मेरा गुस्सा ठंडा हुआ तो समझ आया कि मैंने गुस्से में गलत बोल दिया। मैं तो दोनों दिन वंदे मातरम् के लिए खड़ी थी।
एएसपी विनोद दीक्षित ने बताया, थाने में करीब साढ़े चार घंटे बयान चले। पुलिस अब वीडियो का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई तय करेगी। हालांकि अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकला।
महाराष्ट्र के सोलापुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे ने एक सनसनीखेज दावा किया है. नासिक के स्वयंभू बाबा अशोक खरात उर्फ ढोंगी बाबा पर लगभग एक दर्जन मामले दर्ज हैं, जिनमें से आठ महिलाओं से यौन उत्पीड़न से संबंधित हैं। कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे ने दावा किया कि जांच में सत्ताधारी दल के नेताओं के नाम सामने आने की गुंजाइश है, जिससे कि उनकी जान का खतरा बहुत ही ज्यादा बढ़ गया है, ऐसे में खरात की मुठभेड़ के नाम पर हत्या की जा सकती है।
भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिंदे ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले में अभी और भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आने की संभावना है.
महाराष्ट्र के सोलापुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे ने एक सनसनीखेज दावा किया है. भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिंदे ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले में अभी और भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आने की संभावना है. जांच में सत्ताधारी दल के नेताओं के नाम सामने आने की गुंजाइश है, इसलिए अशोक खरात का एनकाउंटर किया जा सकता है. इस मामले के तार सत्ता में बैठे कुछ लोगों तक पहुंच सकते हैं.
सांसद प्रणिती शिंदे ने दावा किया कि इस मामले की जानकारी बाहर न आए, इसके लिए अशोक खरात का एनकाउंटर होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. प्रणिती शिंदे के इस बयान से राजनीतिक हलकों में बड़ी हलचल मच गई है और इस मामले को अब अधिक गंभीरता से देखा जा रहा है.
ईडी ने अशोक खरात और उसके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कई ठिकानों पर छापेमारी की है. जानकारी के मुताबिक, नासिक के पांच, पुणे के तीन और शिरडी के तीन स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई. इस दौरान एजेंसी ने महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल सबूत और संपत्ति से जुड़े कागजात खंगाले हैं. शुरुआती संकेत बताते हैं कि मामला सिर्फ यौन अपराध तक सीमित नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितताओं से भी जुड़ा हो सकता है.
जांच एजेंसियों के अनुसार, अशोक खरात और उसके करीबियों से जुड़ी करीब 52 संपत्तियां जांच के दायरे में हैं. आशंका है कि ये संपत्तियां अवैध कमाई से खरीदी गई हैं. ईडी इस मामले को मनी लॉन्ड्रिंग के नजरिए से भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ठगी और ब्लैकमेलिंग से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया.
आपको याद दिलाते चले कि अशोक खरात का मामला अब देश के बड़े यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग घोटालों में गिना जाने लगा है. तंत्र-मंत्र और भविष्यवाणी के नाम पर महिलाओं का शोषण करने, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपों ने इस केस को बेहद गंभीर बना दिया है. अब इस प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एंट्री से जांच और तेज हो गई है.
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केजरीवाल ने फिर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को शराब घोटाला केस से हटाने की मांग की, उठाया जज के दोनों बच्चों का मुद्दा
अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली शराब घोटाला केस की सुनवाई कर रहीं जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को फिर से हटाने की मांग की है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने इस संबंध में एक बार फिर दिल्ली हाई कोर्ट में एक नया हलफनामा दायर किया है। इसमें केजरीवाल ने जज के दो बच्चों के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के साथ काम करने का मुद्दा उठाया है। केजरीवाल ने कहा कि जज के बच्चे सॉलिसिटर-जनरल के साथ काम करते हैं, वे उनके खिलाफ आदेश कैसे दे पाएंगी?
इससे पहले 13 अप्रैल को सुनवाई के दौरान केजरीवाल ने कहा था कि जस्टिस शर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रम में 4 बार शामिल हो चुकी हैं। ऐसे में उन्हें केस से हटाया जाए।
नए हलफनामे में केजरीवाल ने यह बात उठाई है कि जस्टिस शर्मा के बच्चे केंद्र सरकार के पैनल वकील हैं। उन्हें केस सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा सौंपे जाते हैं। तुषार मेहता ही आबकारी नीति मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की तरफ से वकील के तौर पर पेश हो रहे हैं। हलफनामे में कहा गया है कि इससे ‘हितों के टकराव का सीधा और गंभीर अंदेशा’ पैदा होता है। केजरीवाल ने कहा, ‘मैं यह कहता हूं कि मौजूदा मामले में, भारत के सम्मानित सॉलिसिटर जनरल इस माननीय अदालत के सामने केंद्रीय जांच ब्यूरो की तरफ से पेश हो रहे हैं। वे मेरी खुद को अलग करने की याचिका का विरोध कर रहे हैं, और मेरे पक्ष में दिए गए बरी करने के आदेश के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका पर बहस कर रहे हैं। मैं विनम्रतापूर्वक कहता हूं कि इससे हितों के टकराव का सीधा और गंभीर अंदेशा पैदा होता है। वही विधि अधिकारी और कानूनी तंत्र, जो इस माननीय अदालत के सामने अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहा है, उसी संस्थागत व्यवस्था का भी हिस्सा है जिसके तहत केंद्र सरकार के केस और सरकारी काम, इस मामले की सुनवाई कर रही माननीय न्यायाधीश के करीबी परिवार के सदस्यों को सौंपे जाते हैं।
केजरीवाल ने सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त कुछ दस्तावेजों का हवाला दिया है। इन दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 2023-2025 के दौरान न्यायाधीश के बेटे को काफी मात्रा में कानूनी काम सौंपा गया था। उनका कहना है कि इन तथ्यों को सॉलिसिटर जनरल द्वारा सुनवाई की पहली तारीख पर ही सामने लाया जाना चाहिए था, न कि इन्हें कानूनी पत्रकारों या सोशल मीडिया के भरोसे छोड़ देना चाहिए था।
AAP संयोजक केजरीवाल ने हलफनामे में एक और महत्वपूर्ण बिंदु उठाया है। उन्होंने कहा कि जब उनकी ‘रिक्यूजल’ (जज के हटने की) अर्जी लंबित थी, तब भी अदालत ने मुख्य मामले में प्रभावी आदेश पारित किए। केजरीवाल का मानना है कि न्यायिक मर्यादा के अनुसार जब तक हटाने की अर्जी पर फैसला न हो जाए, तब तक कोई दंडात्मक या प्रभावी आदेश नहीं दिया जाना चाहिए था। इससे उनके मन में अविश्वास और अधिक गहरा गया है कि मामला पहले से तय दिशा में जा रहा है। हलफनामे के अंत में केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि किसी सामान्य निजी विवाद में शायद वो इसे इतनी गंभीरता से नहीं लेते, लेकिन इस मामले में, जहां केंद्र के सर्वोच्च विधि अधिकारी जज के सामने पेश हो रहे हैं और जज के परिवार के सदस्य उसी तंत्र से लाभ ले रहे हैं। वहां अविश्वास को अनदेखा करना उनके लिए असंभव है। उन्होंने जस्टिस शर्मा से फिर अपील की है कि वो इस संवेदनशील मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लें।
केजरीवाल ने जज को हटाने की अर्जी क्यों लगाई, 5 पॉइंट्स में समझिए
ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। इस आदेश को CBI ने चुनौती दी, जिसकी सुनवाई वर्तमान में जस्टिस शर्मा कर रही हैं।
9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने नोटिस जारी किया और उस आदेश के उस हिस्से पर रोक लगा दी, जिसमें जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात कही गई थी।
उन्होंने प्रारंभिक तौर पर यह भी कहा कि ट्रायल कोर्ट की कुछ टिप्पणियां गलत थीं और ट्रायल कोर्ट को PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग) की कार्यवाही स्थगित करने का निर्देश दिया।
इसके बाद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, विजय नायर, अरुण पिल्लई और चनप्रीत सिंह रायट ने जस्टिस शर्मा को हटाने की अर्जी दाखिल की।
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कोर्ट धार्मिक मान्यताओं पर फैसला नहीं दे सकती…. महिलाओं की एंट्री मामले में सबरीमाला मंदिर की SC में दलील
केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश देने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही है। मंदिर का मैनेजमेंट देखने वाले त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के वकील एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, किसी धर्म की प्रथा सही है या नहीं, यह उसी समुदाय की आस्था के आधार पर तय होगा। जज खुद यह तय नहीं करेंगे कि धर्म के लिए क्या सही है, क्या गलत।’ उन्होंने कहा कि धर्म एक समूह या समुदाय की आस्था से जुड़ा है। इसलिए कुछ लोगों (महिलाओं की एंट्री) के अधिकार को पूरे समुदाय के अधिकारों पर हावी नहीं होने दिया जा सकता।
इससे पहले 7 से 9 अप्रैल तक 3 दिन सुनवाई के दौरान भी महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखी गईं। केंद्र सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। केरल हाईकोर्ट ने 1991 में सबरीमाला में 10 से 50 साल की महिलाओं की एंट्री पर बैन लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए बैन हटा दिया। इसके बाद दायर पुनर्विचार याचिकाओं के आधार पर 7 महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रश्न तय किए गए हैं, जिन पर अब बहस हो रही है।
वहीं इससे पहले मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि किसी धर्म में कौन सी प्रथा अंधविश्वास है, यह तय करने का अधिकार उसके क्षेत्राधिकार में आता है। अदालत की यह टिप्पणी सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta की दलील पर आई। उन्होंने कहा था कि धर्मनिरपेक्ष अदालत को धार्मिक प्रथाओं पर फैसला नहीं करना चाहिए, क्योंकि न्यायाधीश कानून के विशेषज्ञ होते हैं, धर्म के नहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि अदालत कैसे तय कर सकती है कि कौन सी प्रथा अंधविश्वास है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई प्रथा अंधविश्वास मानी भी जाए, तो उसमें हस्तक्षेप करना अदालत का नहीं, बल्कि विधायिका का काम है, जैसा कि संविधान के अनुच्छेद 25(2)(ब) में प्रावधान है।
धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव का मामला बीते 26 सालों से देश की अदालतों में हैं। 2018 में, 5 जजों की बेंच ने 4:1 के बहुमत से मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटा दी थी। इसके बाद कई पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गईं।
सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की संविधान बेंच 7 अप्रैल से 22 अप्रैल तक 50 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। कोर्ट में रिव्यू पिटीशनरों और उन्हें सपोर्ट करने वाले 7 अप्रैल से 9 अप्रैल तक, जबकि विरोध करने वाले 14 अप्रैल से 16 अप्रैल तक दलीलें दे सकेंगे।
झाबुआ। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के थाना काकनवानी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बालवासा में एक महिला के साथ अमानवीय और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि आरोपियों ने महिला के साथ मारपीट की और उसके पति को जबरन महिला के कंधे पर बैठाकर पूरे गांव में घुमाया। इतना ही नहीं बल्कि महिला का सिर का मुंडन कर दिया। यह घटना बेहद संवेदनशील और गंभीर आपराधिक कृत्य बताई जा रही है।
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया। थाना काकनवानी पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 96/2026 दर्ज कर लिया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 76, 85, 296(ए), 115(2), 351(3) एवं 3(5) के तहत 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि कानून तथा महिला सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना ग्रामीण क्षेत्र में महिला सुरक्षा और सामाजिक कुरीतियों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है। पुलिस फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
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पीथमपुर में रामकी एनवायरो कंपनी में ब्लास्ट, एक किमी दूर तक गूंजी आवाज, मचा हड़कंप
इंदौर. मध्य प्रदेश के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-2 में मंगलवार 14 अप्रैल की सुबह को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब यहाँ स्थित रामकी एनवायरो कंपनी में एक के बाद एक तीन शक्तिशाली धमाके हुए. इन विस्फोटों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इनकी आवाज करीब एक किलोमीटर के दायरे में सुनी गई, जिससे क्षेत्र के लोगों में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
धमाकों का सबसे ज्यादा असर कंपनी के पास स्थित तारपुरा और बजरंगपुरा गांवों में देखा गया. ग्रामीणों के अनुसार, कंपन इतना तेज था कि कई घरों में रखे बर्तन और टेलीविजन सेट अपनी जगह से हिलकर नीचे गिर गए. अचानक हुए इस घटनाक्रम से लोग इतने डर गए कि उन्हें लगा जैसे भूकंप आया हो और वे घरों से बाहर निकल आए.
विस्फोट की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे. सीएसपी रवि सोनेर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी
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अंबेडकर जयंती पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश: सतना में रातोंरात लगाई प्रतिमा
सतना। सतना जिले के जैतवारा कस्बे में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर कुछ अज्ञात लोगों द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश सामने आई। मामला जैतवारा कस्बे के चिल्ला बस स्टैंड का है। जानकारी के अनुसार शासकीय उचित मूल्य दुकान के सामने देर रात अज्ञात व्यक्तियों ने अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी। सुबह जब स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी मिली तो क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार बिरसिंहपुर डॉ शैलेंद्र बिहारी शर्मा, सीएमओ पंजाब सिंह और थाना प्रभारी जैतवारा अभिषेक पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। प्रशासन ने तत्काल समझाइश शुरू की, जो करीब पांच घंटे तक चली। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और नियमों का पालन करने की अपील की।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी सार्वजनिक स्थान पर बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित करना नियमों के विरुद्ध है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रतिमा स्थल पर अभी यथा स्थिति बनाए रखने की अपील की गई है। तहसीलदार के निर्देश पर नगर परिषद जैतवारा के सीएमओ पंजाब सिंह को यह जिम्मेदारी दी गई है कि नगर परिषद के निर्णय के बाद ही प्रतिमा को किसी उपयुक्त और निर्धारित स्थान पर विधिवत स्थापित किया जाएगा, फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और पुलिस द्वारा सतत निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से एक संभावित विवाद को समय रहते शांतिपूर्वक सुलझा लिया गया।
मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में एक दंपति के सात फेरो का साथ सलाखों तक जा पहुंचा। दरअसल, पति-पत्नी घर से नशीली कप सिरप बेच रहे थे। वहीं पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरा मामला अमरपाटन थाना क्षेत्र का है।
मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र में रिश्तों की आड़ में चल रहे नशे के कारोबार का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। अमरपाटन बस स्टैंड के बीच स्थित एक मकान में दबिश देकर पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नशीली कफ सिरप बरामद की हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गोविंद जैन उर्फ बिज्जू जैन और उसकी पत्नी आराधना जैन के रूप में हुई है, जो लंबे समय से अपने घर को ही नशे की दुकान बनाकर अवैध कारोबार चला रहे थे और बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाके का फायदा उठाकर युवाओं तक नशा पहुंचा रहे थे।
इस पूरे नेटवर्क का सप्लायर प्रिंस जायसवाल फिलहाल फरार है, जिसके खिलाफ मैहर और सतना जिले के विभिन्न थानों में पहले से कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया है और फरार सप्लायर की तलाश तेज कर दी है। वहीं गिरफ्तार पति-पत्नी को आज अमरपाटन न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
इस मामले में अमरपाटन थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते ने बताया कि गोविंद जैन कई दिनों से कोरेक्स सिरप का विक्रय कर रहा था। सूचना सही पाए जाने पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन पर एएसआई अनिल त्रिपाठी और उनकी टीम ने दबिश दी। इस दौरान गोविंद जैन और उसकी पत्नी के कब्जे से 14 नग नशीली कफ सिरप बरामद किया गया है। प्रकरण पंजीबद्ध कर हिरासत में लिया गया और न्यायालय में पेश किया गया है।
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बाइक चलाते समय रील बनाने के चक्कर में 3 दोस्तों की मौत, 2 घायल
मऊगंज। सोशल मीडिया पर रील बनाने का जुनून आज के युवाओं के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। ताजा मामला मऊगंज जिले से सामने आया है, जहां नेशनल हाईवे पर रील बनाने के चक्कर में हुए एक भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। यह दर्दनाक हादसा मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे मऊगंज थाना क्षेत्र के पन्नी पथरिया के पास नेशनल हाईवे पर हुआ।
चश्मदीदों और पुलिस के अनुसार, एक पल्सर बाइक पर सवार तीन युवक तेज रफ्तार में बाइक चलाते हुए मोबाइल से रील बना रहे थे। रील बनाने की धुन में युवकों का ध्यान सड़क से भटक गया और उनकी तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर ट्रक से जा टकराई। इसी दौरान पीछे से आ रही एक अन्य टीवीएस अपाचे बाइक भी असंतुलित होकर टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि पल्सर सवार तीनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
मृतकों की पहचान उपलक्ष्य कोल (17 वर्ष), अमरीश कोल (22 वर्ष) और हेमराज कोल (17 वर्ष) के रूप में की गई है। ये तीनों मृतक बेला थाना लौर क्षेत्र के निवासी हैं। वहीं, दूसरी बाइक पर सवार प्रशांत द्विवेदी (19 वर्ष) और प्रदीप द्विवेदी (17 वर्ष), जो चितईपुरवा पिपरा थाना लौर के रहने वाले हैं, गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
मऊगंज थाना प्रभारी रीना सिंह ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही मैं अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल मऊगंज भेजा, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। तलाशी के दौरान पुलिस को मृतकों के पास से एक संदिग्ध गन लाइटर भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों और ट्रेलर ट्रक को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
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सीधी में रैली निकालने से पहले दो पक्षों में हुआ विवाद
सीधी। भीमराव अंबेडकर जयंती पर रैली निकालने के पहले दो पक्षों में विवाद हो गया। रैली में शामिल होने आए लोगों और बोलेरो वाहन सवार लोगों से हुई बातचीत के बाद विवाद हुआ। रैली में शामिल लोगों ने बोलेरो वाहन में तोड़ फोड़ कर दी। जिसमें 3 लोगों के घायल होने की सूचना है। तनाव की स्थित को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अमिलिया बाजार में भी तनाव की स्थिति बनी। तनाव को देखते पुलिस ने बाजार की दुकान बंद करवा दी। अमिलिया बाजार से भीमराव अंबेडकर जयंती पर आयोजित रैली के पहले की है पूरी घटना।
- कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे का सनसनीखेज दावा, बोलीं- ढोंगी बाबा अशोक खरात का मुठभेड़ के नाम पर सफाया हो सकता है
- इंस्टाग्राम-टेलीग्राम पर 180 लड़कियों के 350 अश्लील वीडियो वायरल, पूरे अमरावती में मचा हड़कंप
- भीषण सड़क हादसा: ठाणे में सीमेंट मिक्सर और वैन की टक्कर में 11 लोगों की दर्दनाक मौत
- 3 जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू, 28 अगस्त को होगा यात्रा का समापन ; 15 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू
- 200 CCTV, 100 फोन ट्रैक और 2 महीने की तलाश के बाद पकड़ी गई 50,000 की इनामी ‘ड्रग क्वीन’
- यमुना में स्टीमर पलटा, मृतकों की संख्या हुई 10; कई लापता
- मल्टी नेशनल कंपनी में 8 महिलाओं के साथ यौन शोषण, टीम लीडर समेत 6 गिरफ्तार
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