This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.

ADD-n.jpg

 

 

 

रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा शहर में रविवार को एक होटल में उस समय हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब एक महिला ने अपने पति को दूसरी युवती के साथ कमरे में रंगे हाथों पकड़ लिया। गुस्साई पत्नी ने होटल के कमरे में ही पति की चप्पलों और थप्पड़ों से पिटाई कर दी। इस दौरान होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार सीधी जिले के रहने वाले प्रकाश सिंह चौहान और रानू पांडेय ने 3 जुलाई 2025 को कोर्ट मैरिज की थी। रविवार को रानू को उसके एक दोस्त ने सूचना दी कि उसका पति रीवा के नए बस स्टैंड स्थित पंगत होटल के कमरा नंबर 108 में किसी दूसरी युवती के साथ ठहरा हुआ है। सूचना मिलते ही रानू होटल पहुंची और कमरे का दरवाजा खुलवाया। जैसे ही उसने पति को दूसरी युवती के साथ देखा वह अपना आपा खो बैठी।
पत्नी ने मौके पर ही पति की थप्पड़ों और चप्पलों से पिटाई शुरू कर दी। होटल में मौजूद लोग शोर सुनकर मौके पर पहुंच गए। कुछ देर तक होटल परिसर में हंगामा चलता रहा, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पत्नी ने पति और उसके साथ मौजूद युवती से भी तीखी बहस की। घटना का वीडियो किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि होटल का कमरा कथित तौर पर फर्जी नाम से बुक कराया गया था। साथ मौजूद युवती की एंट्री के लिए भी बदले हुए सरनेम वाले पहचान पत्र का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस इन दावों की जांच कर रही है।
हंगामे के बाद पत्नी ने पति और उसके साथ मौजूद युवती को ऑटो में बैठाया और सीधे सिविल लाइन थाने पहुंच गई। वहां पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी गई।
सिविल लाइन थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि होटल में पति-पत्नी के बीच विवाद और हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों को थाने लाया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित पक्षों से आवेदन लिए जा रहे हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मध्य प्रदेश के सतना जिले से विकास के दावों पर सवाल खड़ा करने वाली एक तस्वीर सामने आई है। कोठी तहसील की गौरैया ग्राम पंचायत के रामपुरा गांव में सड़क खराब होने की वजह से एक लकवाग्रस्त बुजुर्ग महिला को खाट पर लिटाकर करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल अस्पताल पहुंचाना पड़ा। बताया जा रहा है कि महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया था, लेकिन घुटनों तक कीचड़ भरे रास्ते के कारण चालक गांव के अंदर जाने को तैयार नहीं हुआ।
करीब 100 घरों की आबादी वाले रामपुरा गांव के निवासी दुर्गेश त्रिवेदी ने बताया कि लगभग 20 साल पहले पीडब्ल्यूडी ने यहां डब्ल्यूबीएम सड़क बनाई थी। इसके बाद कभी मरम्मत नहीं हुई। अब सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है और बारिश के दिनों में गांव का संपर्क मुख्य सड़क से लगभग टूट जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को होती है।
गांव की महिला सरपंच गोलू डोहर ने बताया कि ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए एक साल पहले इस सड़क को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में शामिल कराया गया था। लेकिन अब तक विभाग की ओर से टेंडर जारी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में हालात बेहद खराब हो जाते हैं।
मामले पर कोठी के एसडीएम एलआर जांगड़े ने कहा कि मुख्य सड़क बनी हुई है, लेकिन गांव के अंदर तक जाने वाला छोटा रास्ता लगातार बारिश के कारण खराब हो गया था। इसी वजह से उस दिन छोटे वाहन वहां तक नहीं पहुंच सके और मरीज को खाट पर ले जाना पड़ा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पक्की सड़क नहीं बनाई गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं, इस मामले में क्षेत्रीय विधायक और नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका।

देहरादून. उत्तराखंड में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. राज्य के कई जिलों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने, नदियों का जलस्तर बढ़ने और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आई हैं. हालात को देखते हुए जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), पुलिस और अन्य आपातकालीन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अनुसार रविवार शाम तक राज्य में निगरानी में रखी गई 202 सड़कों में से 69 सड़कें पूरी तरह बंद थीं, जबकि 13 मार्ग आंशिक रूप से चालू रहे और 120 मार्गों को बहाल कर यातायात के लिए खोल दिया गया.
लगातार बारिश के कारण उत्तरकाशी, देहरादून, चंपावत, रुद्रप्रयाग और अन्य पर्वतीय जिलों में राहत एवं बहाली का कार्य युद्धस्तर पर जारी है. अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए बंद सड़कों की संख्या में बदलाव संभव है और मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य लगातार किया जा रहा है.
उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के बरेठी क्षेत्र में एक कार तीखे मोड़ पर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी. सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और वाहन में सवार सभी पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. सभी को मामूली चोटें आईं और उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया. अधिकारियों ने बताया कि समय पर राहत कार्य शुरू होने से बड़ा हादसा टल गया.
देहरादून में शनिवार देर रात भारी बारिश के कारण हाथीबड़कला-पठरिया पीर क्षेत्र की विजय कॉलोनी स्थित नई बस्ती में एक विशाल रिटेनिंग वॉल अचानक ढह गई. दीवार गिरने से मलबा कई मकानों पर आ गिरा, जिससे चार से पांच घर क्षतिग्रस्त हो गए और एक बुजुर्ग महिला मलबे में दब गईं. जिला प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने संयुक्त अभियान चलाकर 62 वर्षीय विमला देवी को सुरक्षित बाहर निकाला. उन्हें मामूली चोटें आईं और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है. एहतियात के तौर पर सात परिवारों के 20 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है तथा प्रभावित क्षेत्र को सील कर दिया गया है.
देहरादून-पांवटा साहिब मार्ग पर नंदा की चौकी के पास बना अस्थायी पुल भी तेज बहाव की चपेट में आकर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया. यह पुल वर्ष 2025 की आपदा में बह गए पुराने पुल के स्थान पर बनाया गया था. प्रशासन ने तत्काल इस मार्ग को असुरक्षित घोषित कर यातायात रोक दिया. बाद में मरम्मत किए गए स्थायी पुल को यातायात के लिए खोल दिया गया, जिससे दोनों क्षेत्रों के बीच संपर्क बहाल हो सका.
मसूरी-देहरादून हाईवे पर हनुमान मंदिर के पास रात के दौरान भारी भूस्खलन हुआ, जिससे सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर और मलबा आ गया. कई घंटे तक पर्यटक और स्थानीय लोग रास्ते में फंसे रहे. सुबह सड़क साफ होने के बाद ही यातायात सामान्य हो सका. प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है.
राज्य की कई नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है. डाकपत्थर में यमुना नदी चेतावनी स्तर तक पहुंच गई, जबकि इच्छारी क्षेत्र में टौंस नदी खतरे के निशान के करीब बह रही है. ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर गंगा का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है. अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए डाकपत्थर और इच्छारी बैराज के 20 से अधिक गेट खोल दिए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लगातार निगरानी रखी जा रही है.
उत्तरकाशी की हर्षिल घाटी में खीरगंगा नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने कल्वर्ट में जमा हो गए. सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर पानी का बहाव मोड़ा, जिससे सड़क को बड़े नुकसान से बचाया जा सका. वहीं यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सरीगढ़ के पास भूस्खलन से सड़क बंद हो गई. जिला प्रशासन ने मौके का निरीक्षण कर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को जल्द से जल्द मार्ग बहाल करने के निर्देश दिए हैं. फिलहाल तीर्थयात्रियों को एसडीआरएफ की सहायता से वैकल्पिक पैदल मार्ग से निकाला जा रहा है और सड़क को छह से सात दिनों में खोलने का लक्ष्य रखा गया है.
चंपावत जिले में धौन-बड़ौली मार्ग तीन दिनों तक बंद रहने के बाद भारी मशीनों की सहायता से दोबारा खोल दिया गया. जिला प्रशासन ने बताया कि जिले की सभी प्रमुख सड़कें फिलहाल चालू हैं, लेकिन मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार रविवार को भी राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश होती रही. पिछले 24 घंटों में मसूरी में सबसे अधिक 75 मिमी वर्षा दर्ज की गई. इसके अलावा कालाढूंगी, बेरीनाग, कालसी, हाथीबड़कला, गंगोलीहाट, काशीपुर, ऊखीमठ, कीर्तिनगर और देहरादून सहित कई स्थानों पर अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई. मौसम विभाग ने देहरादून, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. विभाग ने 13 से 16 जुलाई के बीच पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज वर्षा की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने और मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है.

जबलपुर। शहर के अधारताल थाना क्षेत्र स्थित सुहागी पन्नी मोहल्ले में पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर एक मकान में छापामार कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान पांच पुरुषों और दो महिलाओं को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल सभी से महिला थाना में पूछताछ की जा रही है, जबकि पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच में जुटी हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इलाके में काफी समय से संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। ताजा सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पहले गोपनीय तरीके से जानकारी जुटाई और उसके बाद योजनाबद्ध कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच के लिए एक डिकॉय ग्राहक को मौके पर भेजा गया। सूचना सही पाए जाने पर पुलिस टीम ने तुरंत दबिश देकर मौके से सात लोगों को हिरासत में लिया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कुछ अहम साक्ष्य भी जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इसके बाद सभी हिरासत में लिए गए लोगों को महिला थाना लाया गया, जहां उनसे अलग-अलग पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित गतिविधि कब से संचालित हो रही थी और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित गिरोह या बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा पुलिस आसपास के रहवासियों से भी जानकारी जुटा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित मकान में कब से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं और क्या पहले भी इस संबंध में शिकायतें मिली थीं। जांच टीम आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामला जांच के प्रारंभिक चरण में है। पूछताछ, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

----------------------------------
नाबालिगों का खूनी खेल : विधायक प्रतिनिधि के भतीजे समेत 4 पर चाकू से हमला
इटारसी। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के इटारसी में शनिवार रात चाकूबाजी की सनसनीखेज घटना सामने आई। पुरानी इटारसी क्षेत्र में 15 से 16 साल के पांच नाबालिगों ने चार युवकों पर चाकुओं से हमला कर दिया। इस हमले में सिवनी मालवा के विधायक प्रतिनिधि दिनेश मेहतो के भतीजे समेत चार युवक घायल हो गए। एक युवक की हालत गंभीर होने पर उसे भोपाल रेफर किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, वारदात शनिवार रात करीब 10 से 11 बजे के बीच पुरानी इटारसी इलाके में हुई। आरोप है कि पांच नाबालिगों ने चार युवकों को घेरकर उन पर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हमले में घायल सुधांशु मेहतो के पैर, पेट और कमर पर कई गहरे घाव आए हैं। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल के बंसल अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। इसके अलावा भूपेश रैकवार के जांघ पर, आकाश के जांघ और कमर पर चाकू से वार किए गए। अन्य घायलों में दुर्गेश कहार और पुरानी इटारसी का एक 16 वर्षीय नाबालिग भी शामिल है।
इटारसी थाना प्रभारी सौरभ पांडे के अनुसार, हमले में शामिल सभी आरोपी 15 से 16 वर्ष की उम्र के हैं और पुरानी इटारसी के रहने वाले हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि चाकूबाजी की वजह की जांच की जा रही है। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें रवाना की गई हैं और जल्द ही उन्हें हिरासत में लिया जाएगा।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि कम उम्र के किशोरों के हाथों में घातक हथियार पहुंचना और रात में इस तरह की वारदात होना कानून व्यवस्था और पुलिस गश्त पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
----------------------------------------
सलकनपुर मंदिर के नाम पर ट्रस्ट की चेतावनी- जाली रसीद से चंदा लेने वालों से रहें सावधान
सीहोर। देशभर के प्रमुख मंदिरों में चंदा और चढ़ावे को लेकर उठ रहे विवादों के बीच सीहोर जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां विजयासन धाम सलकनपुर मंदिर का नाम भी चर्चा में है। मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को फर्जी रसीदों के जरिए चंदा वसूली करने वाले लोगों से सावधान रहने की अपील की है। वहीं दूसरी ओर, मंदिर में आने वाली करोड़ों रुपये की दानराशि और चढ़ावे के सार्वजनिक लेखे-जोखे को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवाल एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
सलकनपुर देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष महेश उपाध्याय ने पत्र जारी कर बताया कि कुछ लोग आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में वाहनों से घूम-घूमकर मां विजयासन धाम और भंडारा कराने के नाम पर नकली रसीदें देकर नकद राशि और अन्नदान एकत्रित कर रहे हैं। इस संबंध में ट्रस्ट को लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट ने किसी भी व्यक्ति या संस्था को गांव-गांव जाकर चंदा या अन्नदान एकत्रित करने के लिए अधिकृत नहीं किया है।
ट्रस्ट अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को माताजी के नाम पर नकद राशि या अन्नदान न दें। यदि कोई दान करना चाहता है तो वह मंदिर परिसर के अधिकृत दान काउंटर पर रसीद प्राप्त कर राशि जमा करे या ट्रस्ट के अधिकृत बैंक खाते में ऑनलाइन दान करे। उन्होंने कहा कि फर्जी वसूली करने वालों की सूचना तत्काल मंदिर प्रबंधन या पुलिस को दी जाए।
सलकनपुर मंदिर में हर वर्ष करोड़ों रुपये का नकद चढ़ावा, सोना-चांदी के आभूषण और कीमती वस्त्र श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए जाते हैं। इसी को लेकर कांग्रेस नेता विक्रम मस्ताल शर्मा सहित कई लोगों ने पहले भी मंदिर की आय-व्यय और चढ़ावे का सार्वजनिक विवरण जारी करने तथा स्वतंत्र जांच की मांग उठाई थी। उनका कहना है कि इससे श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा।
ट्रस्ट अध्यक्ष महेश उपाध्याय ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मंदिर का पूरा वित्तीय रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से सुरक्षित है और एक-एक रुपए का हिसाब रखा जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सूचना के अधिकार (RTI) के तहत निर्धारित प्रक्रिया और शुल्क के अनुसार कोई भी व्यक्ति जानकारी प्राप्त कर सकता है। उनके अनुसार कुछ लोग तथ्यों के बजाय भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि ट्रस्ट पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है।
मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल अधिकृत माध्यम से ही दान करें और किसी भी फर्जी रसीद या संदिग्ध व्यक्ति के झांसे में न आएं। ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था और दान की पवित्रता बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा फर्जी चंदा वसूली करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दानराशि और चढ़ावे की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों ने इस पूरे मामले को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

आलीराजपुर। मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले के बोरी थाना क्षेत्र में एक विधवा महिला के साथ डकैती और सामूहिक दुष्कर्म की सनसनीखेज घटना सामने आई है। वारदात रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
जानकारी के अनुसार, करीब 6 हथियारबंद बदमाश विधवा महिला के घर दरवाजा तोड़कर घर में घुस गए। आरोपियों ने महिला को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की और उस पर 8 किलोग्राम चांदी छिपाने का आरोप लगाया, भय के कारण महिला ने अपने पास रखी करीब 1 किलोग्राम चांदी बदमाशों को सौंप दी, लेकिन आरोपी 8 किलोग्राम चांदी की मांग पर अड़े रहे,इसके बाद उन्होंने पूरे घर का सामान अस्त-व्यस्त कर दिया और चांदी की तलाश में घर के भीतर कई स्थानों पर खुदाई भी की।
पीड़िता के आरोप के अनुसार, मनचाही चांदी नहीं मिलने पर 6 आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के दौरान महिला को गंभीर शारीरिक चोटें आईं, जिनमें गुप्तांग पर गंभीर चोट भी शामिल है। घटना के बाद महिला को बोरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए इंदौर रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदोरिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से जानकारी लेकर जांच के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदोरिया ने बताया कि मामले में डकैती, सामूहिक दुष्कर्म तथा अन्य संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है और 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉक्टरों ने जांच के बाद पुष्टि की है कि महिला के निजी अंगों में गंभीर चोटें हैं। वहीं पीड़िता ने अपने बयान में बताया है कि आरोपियों ने उसके प्राइवेट पार्ट में लकड़ी डाली थी। घटना के बाद महिला को पहले बोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए इंदौर रेफर किया गया। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
--------------------------------------
महाघोटाला: नगर पालिका के दो कर्मचारियों पर 7.78 करोड़ रुपये के गबन का आरोप, देर रात FIR दर्ज
नर्मदापुरम। नगर पालिका में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। नगर पालिका के ही दो कर्मचारियों पर ₹7 करोड़ 78 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि के गबन का गंभीर आरोप लगा है। इस बड़े खुलासे के बाद नगर पालिका उपाध्यक्ष की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने देर रात दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज (FIR) कर लिया है।
करोड़ों रुपये की हेराफेरी के इस बड़े मामले में पुलिस ने नगर पालिका के दो प्रमुख कर्मचारियों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें हरीश गोस्वामी- सहायक राजस्व निरीक्षक (ARI), भुवन मेहता- कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल है।
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने अपने पदों का दुरुपयोग करते हुए नगर पालिका के राजस्व को बड़ा चूना लगाया है। आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने टैक्स रसीदों और नगर पालिका के ऑनलाइन रिकॉर्ड्स में बड़े स्तर पर कूटरचना और हेरफेर किया। जनता से टैक्स के रूप में वसूली गई करोड़ों रुपये की राशि को सरकारी खजाने में जमा करने के बजाय मिलीभगत कर खुद डकार लिया।
इस महाघोटाले का खुलासा तब हुआ जब नगर पालिका उपाध्यक्ष अभय वर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस में लिखित आवेदन दिया। उपाध्यक्ष के आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कोतवाली थाना पुलिस ने देर रात विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच और ऑडिट के बाद इस मामले में कुछ और बड़े चेहरों के नाम भी सामने आ सकते हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों की धरपकड़ की तैयारी में जुट गई है।
----------------------------------
31 मार्च 2027 से बंद होगा स्वच्छ भारत मिशन, 450 संविदा कर्मचारियों का दूसरे विभागों में होगा समायोजन
मध्यप्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) 31 मार्च 2027 को समाप्त होने जा रहा है। मिशन की अवधि खत्म होने से पहले राज्य सरकार ने इसमें कार्यरत संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी राहत देने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मिशन बंद होने के बाद कर्मचारियों को सेवा मुक्त करने के बजाय उनकी सेवाओं का उपयोग अन्य विभागों और योजनाओं में किया जाएगा। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने विभिन्न विभागों से रिक्त संविदा पदों की जानकारी मांगी है ताकि समय रहते कर्मचारियों का समायोजन किया जा सके।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में वर्तमान में राज्य, जिला और जनपद स्तर पर करीब 450 अधिकारी और कर्मचारी संविदा पर कार्यरत हैं। सरकार की योजना है कि मिशन समाप्त होने के बाद इन सभी योग्य कर्मचारियों को अन्य विभागों में समायोजित किया जाए जिससे उनकी नौकरी सुरक्षित रहे। सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव को अगले सप्ताह होने वाली एजीएम (AGM) की बैठक में मंजूरी मिलने की संभावना है। बैठक में विभागीय मंत्री और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) भी मौजूद रहेंगे।
इन विभागों से मांगी गई रिक्त पदों की जानकारी
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने कई विभागों और योजनाओं से खाली संविदा पदों का विवरण मांगा है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं-
मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (MPRRDA)
ग्रामीण यांत्रिकी सेवा
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM)
पंचायत राज संचालनालय
विकास आयुक्त कार्यालय
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना
विकसित भारत अभियान
राजीव गांधी जलग्रहण मिशन
वाल्मी (WALMI)
राज्य ग्रामीण विकास संस्थान (SIRD), जबलपुर
इन विभागों में उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर कर्मचारियों का समायोजन किया जाएगा।
किन पदों के कर्मचारियों का होगा समायोजन?
सरकार ने राज्य, जिला और जनपद स्तर पर कार्यरत विभिन्न श्रेणी के संविदा कर्मचारियों के समायोजन की योजना बनाई है।
राज्य स्तर पर
प्रोग्रामर
उपयंत्री
मानचित्रकार
लेखापाल
सहायक ग्रेड-1 एवं ग्रेड-3
डाटा एंट्री ऑपरेटर
भृत्य
जिला स्तर पर
जिला समन्वयक
परियोजना अधिकारी (तकनीकी)
मानचित्रकार
लेखापाल
डाटा एंट्री ऑपरेटर
जनपद (ब्लॉक) स्तर पर
ब्लॉक समन्वयक (Block Coordinator)
इस फैसले से संविदा कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित रहेगी और सरकार को भी प्रशिक्षित एवं अनुभवी मानव संसाधन का लाभ मिलेगा।
सरकार को होने वाले प्रमुख लाभ:
रिक्त पदों पर अनुभवी कर्मचारियों की नियुक्ति होगी।
नई भर्ती की आवश्यकता कम होगी।
विभिन्न योजनाओं के संचालन में तेजी आएगी।
प्रशिक्षण पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा।
कर्मचारियों को होने वाले लाभ:
मिशन बंद होने के बाद भी रोजगार सुरक्षित रहेगा।
सेवा में निरंतरता बनी रहेगी।
लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों के अनुभव का बेहतर उपयोग होगा।
रिक्त पदों की सूची मिलते ही शुरू होगी प्रक्रिया
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जैसे ही संबंधित विभागों से रिक्त संविदा पदों का पूरा विवरण प्राप्त होगा, कर्मचारियों के समायोजन की अंतिम प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सरकार की कोशिश है कि 31 मार्च 2027 से पहले ही सभी कर्मचारियों को नए विभागों में पदस्थ कर दिया जाए ताकि किसी को भी बेरोजगार न होना पड़े।
वहीं Swachh Bharat Mission (शहरी) के मामले में स्थिति अलग है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस मिशन के लिए अलग से बड़ा संविदा अमला नियुक्त नहीं किया गया था। भारत सरकार की यह योजना मार्च 2026 में समाप्त हो चुकी थी जिसे 31 मार्च 2027 तक बढ़ाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि शहरी मिशन मुख्य रूप से आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों पर केंद्रित रहा है। इसलिए वहां कार्यरत संविदा कर्मचारियों के समायोजन को लेकर फिलहाल ग्रामीण मिशन जैसी कोई व्यापक योजना नहीं बनाई गई है।

प्रमुख समाचार

देहरादून. उत्तराखंड में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. राज्य के कई जिलों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने, नदियों का जलस्तर बढ़ने और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आई हैं. हालात को देखते हुए जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), पुलिस और अन्य आपातकालीन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अनुसार रविवार शाम तक राज्य...

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश के सतना जिले से विकास के दावों पर सवाल खड़ा करने वाली एक तस्वीर सामने आई है। कोठी तहसील की गौरैया ग्राम पंचायत के रामपुरा गांव में सड़क खराब होने की वजह से एक लकवाग्रस्त बुजुर्ग महिला को खाट पर लिटाकर करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल अस्पताल पहुंचाना पड़ा। बताया जा रहा है कि महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया था, लेकिन घुटनों तक कीचड़ भरे रास्ते के कारण चालक गांव के अंदर जाने को तैयार नहीं हुआ।करीब 100 घरों...

अपराध

रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा शहर में रविवार को एक होटल में उस समय हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब एक महिला ने अपने पति को दूसरी युवती के साथ कमरे में रंगे हाथों पकड़ लिया। गुस्साई पत्नी ने होटल के कमरे में ही पति की चप्पलों और थप्पड़ों से पिटाई कर दी। इस दौरान होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।जानकारी के अनुसार सीधी जिले के रहने वाले प्रकाश सिंह चौहान और रानू पांडेय ने 3 जुलाई 2025...
More inअपराध  

गुना सिटी

गुना। (गरिमा टीवी न्यूज़) गुना जिले के एनएच-46 पर उस समय बड़ी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई जब एनपीजी गैस से भरा टेंकर आग के गोले में तब्दील हो गया। जानकारी के अनुसार रविवार को धरनावदा थाना क्षेत्र के रुठियाई में एक एलपीजी गैस से भरा टैंकर अचानक चलते-चलते धधकते हुए अग्निगोले में तब्दील हो गया। पंचवटी होटल के पास मुख्य मार्ग पर हुई इस खौफनाक घटना से पूरे इलाके में महाविस्फोट का ऐसा खौफ पैदा हुआ कि राहगीरों से लेकर प्रशासन तक के हाथ-पांव फूल गए। आसमान छूतीं आग की गगनचुंबी लपटों...

फोटो गैलरी

35,10,0,50,1
25,600,60,1,300,200,25,800
90,150,1,50,12,30,50,1,70,12,1,50,1,1,1,5000
0,2,1,0,2,40,15,5,2,1,0,20,0,1
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
पूजा स्थल मे गरिमा
पूजा स्थल मे गरिमा
© 2017 Your Company. All Rights Reserved. Designed By WarpTheme