This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.

ADD-n.jpg

 

 

 

छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक शख्स ने खुद को प्राइवेट पार्ट काट दिया। इसके बाद उसे कुएं में फेंकने के बाद अस्पताल पहुंच गया। यहां उसने जो वजह बताई, वह जानकर हर किसी के होश उड़ गए।
दिल दहलाने वाली घटना महाराजपुर थाना क्षेत्र के वार्ड 6 की है। जहां 40 साल के राम मिलन ने अचानक अपना गुप्तांग काट कर कुएं में फेंक दिया। खून से लथपथ युवक को देखकर लोग हैरान हो गए। उसे फौरन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
युवक ने कहा, मैंने सोचा कि यह पाप की जगह है इसलिए अलग कर दिया। भगवान से कहा कि सभी माता-बहन की सेवा करूं। इसकी वजह से मैं भजन नहीं कर पा रहा था। मैंने सोचा अब भजन करूं। इसमें किसी का दोष नहीं है।’
डॉ. मनोज चौधरी ने बताया कि एक 40 वर्ष का युवक महाराजपुर से जिला अस्पताल आया है। उसका कहना है कि कुल्हाड़ी से उसने प्राइवेट पार्ट को चोट पहुंचाई है। इस कारण वह गंभीर रूप से घायल है। प्राइवेट पार्ट का कुछ हिस्सा भी अलग हो गया है। उसका काफी खून बाह चुका है, इलाज किया जा रहा है। मरीज का कहना था कि वह परेशान था, इस वजह से उसने यह कदम उठाया।
मरीज के रिश्तेदार ने बताया कि पीड़ित उसका चचेरा भाई है। वह दिमागी रूप से अस्वस्थ है। उसने अपने हाथ से अपने प्राइवेट पार्ट को काट लिया। हमारा गांव पास में है। वह रोते हुए मेरे पास आया और कहा कि मुझे बचा लो। उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां डॉक्टरों ने छतरपुर रेफर किया। उसने इसकी वजह बताने के बजाय सभी को सामान भाव से देखने की बात कही है। उसकी शादी हो चुकी है जिससे 1 लड़का और 1 लड़की है। वह खेती का काम करता है।

--------------------------------
खंडवा में मुस्लिम युवक ने अपनाया सनातन धर्म, बताया क्यों बना बिलाल से विशाल?
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा के महादेवगढ़ मंदिर में आज एक विशेष अवसर देखने को मिला है। बिलाल ने सनातन धर्म में वापसी की है। बिलाल खान खिड़कियां के एक हिंदू परिवार के संपर्क में था। जिन्हें पता था कि खंडवा के महादेगढ़ मंदिर में घर वापसी होती है। बिलाल ने कहा कि वह पशु की कुर्बानी से विचलित था , इसलिए उसने आज बकरा ईद के बीच त्यौहार के चलते सनातन धर्म अपना कर बिलाल से विशाल बन गया है।
महादेवगढ़ में संरक्षक अशोक पालीवाल ने बताया कि राजेश खिड़कियां निवासी ने कॉल करके बताया कि बिलाल नाम का युवक जो सनातन में वापसी करना चाहता है। सनातन में पेड़ पौधे , पशु पक्षी सहित सभी की सनातन में मान्यता है । इसकी बचपन से ही सनातन में गहरी आस्था थी। उन्होंने इस अवसर पर अपने जीवन को ईश्वर भक्ति के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया।
खिड़कियां निवासी बिलाल अब विशाल बन गया है , महादेवगढ़ में सनातन धर्म अपनाने वाले युवक ने बताया कि उसकी बचपन से हिंदू धर्म में आस्था थी। बकरा ईद पर बकरों की कुर्बानी से आहत हुआ था, निर्दोष जवानरो की हत्या मुझे अच्छी नहीं लगी। इसलिए आज मैने सनातन धर्म अपना लिया।
------------------------------------
IAS संतोष वर्मा फर्जी आदेश प्रकरणः निलंबित जज अमन भूरिया गिरफ्तार
इंदौर। मध्यप्रदेश के बहुचर्चित IAS संतोष वर्मा फर्जी कोर्ट आदेश मामले में पुलिस ने एक बड़ी वैधानिक कार्रवाई पूरी की है। मामले में आरोपी निलंबित जज अमन सिंह भूरिया के खिलाफ पुलिस ने गिरफ्तारी की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली है। हालांकि, हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत (Anticipated Bail) मिलने के कारण उन्हें कागजी कार्रवाई के बाद रिहा कर दिया गया।
यह मामला साल 2021 का है, जब संतोष वर्मा का नाम ‘IAS अवॉर्ड’ (प्रमोशन) के लिए चयनित हुआ था। आरोप है कि तत्कालीन सीजेएम (CJM) अमन सिंह भूरिया ने विभागीय अड़चनों को दूर करने के लिए IAS संतोष वर्मा को एक आपराधिक मामले में बरी (दोषमुक्त) किए जाने का एक फर्जी अदालती आदेश जारी कर दिया था। दरअसल, संतोष वर्मा के खिलाफ इंदौर के लसूड़िया थाने में एक आपराधिक मामला दर्ज था, जिसे दबाने के लिए कोर्ट के फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे।
इस पूरे सिंडिकेट का खुलासा होने के बाद इंदौर के एमजी रोड थाने में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में केवल अमन सिंह भूरिया ही नहीं, बल्कि एक सेवानिवृत्त जज और कोर्ट के एक टाइपिस्ट को भी सह-आरोपी बनाया था।
पुलिस लगातार इस मामले में कार्रवाई कर रही थी। आरोपी निलंबित जज अमन सिंह भूरिया को पहले ही उच्च न्यायालय (High Court) से अग्रिम जमानत मिल चुकी थी। इसी आदेश के तहत एमजी रोड थाना पुलिस ने गिरफ्तारी की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और मुचलके पर उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया।

जबलपुर. एमपी के छतरपुर में पुलिस हिरासत में हुई चार संदिग्ध मौतों के मामले को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. खजुराहो निवासी समाजसेवी पीयूष दीक्षित की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार सहित पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है. साथ ही संबंधित थानों के सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं. अब इस जनहित याचिका पर अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी, जिसमें राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को अपना पक्ष अदालत के समक्ष रखना होगा.
हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच के जस्टिस विवेक जैन और जस्टिस अजय कुमार निरंकारी ने मामले की सुनवाई की. याचिका में आरोप लगाया है कि छतरपुर जिले के विभिन्न थानों में महज दो माह के भीतर चार युवकों की पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है. याचिकाकर्ता ने इन मौतों के लिए पुलिस की कथित थर्ड डिग्री यातना को जिम्मेदार ठहराते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. याचिका में पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने, दोषी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज करने तथा सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड तत्काल जब्त करने की मांग की गई है.
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता केसी घिल्डियाल और अधिवक्ता जितेंद्र कुमार दीक्षित ने पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली उपस्थित रहे. राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया कि चार में से दो मामलों में न्यायिक जांच के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं. इसके बाद हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार, डीजीपी, आईजी सागर रेंज, छतरपुर पुलिस अधीक्षक तथा राजनगर, चांदला और गौरीहार थाना प्रभारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं.
याचिकाकर्ता ने अदालत के समक्ष यह सवाल भी उठाया कि चारों मामलों में पुलिस द्वारा लगभग एक जैसा जवाब दिया गया कि आरोपियों ने आत्महत्या कर ली या जहर खा लिया. ऐसे में पुलिस कस्टडी और हवालात जैसी सुरक्षित जगहों पर आरोपियों तक जहर या फांसी लगाने के साधन कैसे पहुंचे, यह जांच का विषय है. याचिका में यह भी दावा किया गया है कि मृतकों के शरीर पर चोटों के निशान मिले, जो हिरासत में यातना दिए जाने की आशंका को बल देते हैं.
----------------------------------------------
सौतेले पिता ने मगरमच्छ से भरी नदी में फेंका बेटी का शव, फिर पुलिस को सुनाई अपहरण की कहानी
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक दिल दहलाने वाली घटना से हर किसी की रूह कांप उठी। सौतेले पिता ने अपनी बेटी का शव मगरमच्छ से भरी नदी में फेंक दिया। फिर पुलिस के सामने उसके अपहरण की कहानी बनाते हुए उसे ढूंढ लाने की गुहार लगाता रहा।
सिरोल थाना इलाके में रहने वाली 11 साल की बच्ची अपनी मां और सौतेले पिता के साथ रहती थी। लेकिन संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। लेकिन सौतेले पिता ने पुलिस को इसकी जानकारी देने की बजाय उसे नदी में फैंक दिया था। पुलिस ने जब CCTV खंगाले तो सौतेले पिता की कहानी झूठी निकल गई।
भांडा फूटने पर उसने पुलिस को बताया कि 24 मई को घर से वह लापता हो गई थी। हाल ही में उसने घर आकर फांसी लगा ली। जिससे वह डर गया और उसने शव को भिंड स्तिथ सिंध नदी में फेंक दिया। पुलिस जब घटनास्थल पहुंची तो नदी में मगरमच्छ एक शव को खाते हुए दिखे।
पुलिस ने मौके से शव का टुकड़ा बरामद कर लिया है। शव उसी बच्ची का है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए DNA जांच कराई जाएगी। पुलिस मृतक बच्ची की मां, सौतेले पिता सहित अन्य परिजनों से पूछताछ में जुटी है।
----------------------------------------------
‘जज साहब’ की जिद पर पूरे शहर में ब्लैकआउट ! ‘जब तक मेरे घर की बिजली नहीं सुधरेगी, पूरा शहर अंधेरे में रहेगा’
सतना। मध्यप्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट में लगातार दूसरी रात लोगों को ब्लैकआउट का सामना करना पड़ा। पहले अंधड़ से बिजली व्यवस्था ठप हुई। घंटों मशक्कत के बाद सप्लाई बहाल तो हुई, लेकिन तीन लोगों ने अपने घर की बिजली ठीक कराने की मांग को लेकर पूरे शहर की लाइट गुल करवा दी। गर्मी और उमस के बीच लोगों को पानी संकट समेत कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दरअसल जिन लोगों ने सबस्टेशन पहुंचकर जबरन बिजली बंद कराई, उनमें एक जज साहब भी थे। सबस्टेशन ऑपरेटर का दावा है कि जज ने जबरदस्ती लाइट बंद करा दी। ऑपरेटर के अनुसार जज साहब ने कहा- जब तक मेरे घर की बिजली ठीक नहीं होगी, तब तक पूरे शहर की बिजली चालू नहीं होने देंगे। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब एक बजे आए अंधड़ से पूरे चित्रकूट की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। मरम्मत के बाद शुक्रवार शाम 5.45 बजे बिजली बहाल की गई।
बिजली बहाल होने के कुछ समय बाद तीन लोग रजौला स्थित 33/11 केवी सब-स्टेशन पहुंचे थे। उन्होंने ऑपरेटर पंकज सेन को धमकाया। उसका मोबाइल छीन लिया और सब-स्टेशन पर बैठ गए। इसके बाद रजौला से बिजली आपूर्ति फिर बंद करा दी। शहर दोबारा अंधेरे में डूब गया। लगातार बिजली कटौती से घरों में पानी की समस्या खड़ी हो गई। इन्वर्टर भी डिस्चार्ज हो गए। 18 घंटे इंतजार के बाद केवल 15 मिनट बिजली मिलने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग रजौला स्थित पावर हाउस पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
भीड़ बढ़ती देख तीनों लोग वहां से निकल गए, लेकिन उपभोक्ता इस मांग पर अड़े रहे कि पूरे शहर की बिजली बंद कराने वालों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करे। मौके पर नायब तहसीलदार कमलेश सिंह भदौरिया पुलिस बल के साथ पहुंचे। बाद में जेई प्रवीण वर्मा और रजौला विद्युत वितरण केंद्र के ऑपरेटर पंकज सेन के साथ सैकड़ों उपभोक्ता चित्रकूट थाने पहुंचे। ऑपरेटर ने लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने मामला जांच में ले लिया है।

नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े आतंकी-संगठित अपराध नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम से जुड़े तत्वों और पाकिस्तान-दुबई आधारित ऑपरेटरों के साथ मिलकर भारत में बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विस्फोटक सामग्री, ग्रेनेड और अत्याधुनिक विदेशी हथियार बरामद किए हैं.
सूत्रों के अनुसार इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान और दुबई तक जुड़े हुए हैं. गिरफ्तारियां दिल्ली, मुंबई, राजस्थान और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों में चलाए गए समन्वित अभियान के दौरान की गईं. जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपियों को देश की महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थापनाओं को निशाना बनाने का जिम्मा सौंपा गया था.
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि नेटवर्क तीन स्तरों पर संचालित हो रहा था. सूत्रों के मुताबिक पूरे ऑपरेशन का रणनीतिक मास्टरमाइंड पाकिस्तान की आईएसआई थी, जबकि नेटवर्क का एक हिस्सा अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़े तत्वों के निर्देश पर काम कर रहा था. वहीं दूसरे हिस्से का संचालन पाकिस्तान से जुड़े कथित ऑपरेटर शहजाद भट्टी द्वारा किया जा रहा था. जांच एजेंसियां इन सभी कडिय़ों की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं.
सूत्रों का कहना है कि आतंकियों के निशाने पर दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाएं थीं. संभावित लक्ष्यों में पावर प्लांट, बिजली उत्पादन एवं वितरण केंद्र, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान शामिल थे. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन ठिकानों पर हमला कर व्यापक जनहानि के साथ-साथ देश की आवश्यक सेवाओं को बाधित करने की साजिश रची जा रही थी.
जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद विस्फोटक सामग्री कथित तौर पर सीमा पार से भारत पहुंचाई गई थी. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोटकों और हथियारों की खेप देश के भीतर किस नेटवर्क के जरिए पहुंचाई गई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे. बरामद सामग्री में ग्रेनेड और कई अत्याधुनिक विदेशी हथियार शामिल बताए जा रहे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है.
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है. जांच एजेंसियां उनके डिजिटल उपकरणों, संचार माध्यमों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क की संरचना, फंडिंग और विदेशी संपर्कों का पता लगाया जा सके. दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर (स्पेशल सेल) मामले को लेकर पुलिस मुख्यालय में प्रेस ब्रीफिंग करेंगे, जिसमें ऑपरेशन की पूरी जानकारी, गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका और बरामद हथियारों एवं विस्फोटकों से जुड़े विवरण साझा किए जाने की संभावना है.
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई देश की सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता है, क्योंकि इससे एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसके तार कथित तौर पर पाकिस्तान की आईएसआई, दुबई आधारित ऑपरेटरों और अंडरवर्ल्ड से जुड़े तत्वों तक पहुंचते हैं. हालांकि जांच अभी जारी है और कई तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की विस्तृत ब्रीफिंग के बाद ही हो सकेगी.
-------------------------------
200 करोड़ जबरन वसूली मामले में जैकलीन फर्नांडिस पर आरोप तय, सुकेश चंद्रशेखर समेत कई आरोपी कोर्ट में तलब
नई दिल्ली. बहुचर्चित 200 करोड़ रुपये के जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की एक विशेष अदालत ने कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर, बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है. पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने मामले में शामिल आरोपियों को 3 जून को अदालत में उपस्थित होने के लिए तलब किया है. मामले में विस्तृत आदेश का इंतजार है.
यह मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध और संगठित अपराध से जुड़ी जांच से निकला है, जिसमें आरोप है कि सुकेश चंद्रशेखर और उसके सहयोगियों ने वर्ष 2020 और 2021 के दौरान पूर्व रैनबैक्सी प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी और जबरन वसूली की थी. आरोप है कि सुकेश ने खुद को केंद्र सरकार का वरिष्ठ अधिकारी बताकर प्रभाव का झांसा दिया और शिविंदर सिंह को जमानत दिलाने के नाम पर बड़ी रकम हासिल की.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में दावा किया गया है कि वसूली गई रकम को शेल कंपनियों और विभिन्न वित्तीय लेन-देन के माध्यम से सफेद किया गया. एजेंसी का आरोप है कि इसी धन का एक हिस्सा महंगे उपहार, लग्जरी सामान और अन्य संपत्तियां खरीदने में इस्तेमाल किया गया.
ईडी ने अपनी पूरक अभियोजन शिकायत में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को भी आरोपी बनाया था. एजेंसी का आरोप है कि जैकलीन को अपराध से अर्जित धन से खरीदे गए करोड़ों रुपये मूल्य के महंगे उपहार और अन्य लाभ प्राप्त हुए. जांच एजेंसी के अनुसार इन उपहारों की कुल कीमत 7 करोड़ रुपये से अधिक है.
हालांकि जैकलीन फर्नांडिस की ओर से लगातार यह दलील दी जाती रही है कि उन्हें सुकेश चंद्रशेखर की कथित आपराधिक गतिविधियों की जानकारी नहीं थी और उनका किसी भी अवैध कार्य में शामिल होने का कोई इरादा नहीं था. अभिनेत्री के वकीलों का कहना है कि उनकी मुवक्किल को मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है.
इसी महीने ईडी ने जैकलीन की उस याचिका का भी विरोध किया था, जिसमें उन्होंने सरकारी गवाह बनने की अनुमति मांगी थी. एजेंसी का कहना था कि अभिनेत्री कथित अपराध से प्राप्त लाभों की लाभार्थी रही हैं और अब अभियोजन से बचने का प्रयास कर रही हैं.
सुकेश चंद्रशेखर लंबे समय से विभिन्न आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है. उसके खिलाफ देशभर में कई मामले दर्ज हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार उसके खिलाफ कुल 31 मामले हैं, जिनमें से अधिकांश में उसे जमानत मिल चुकी है. हालांकि 200 करोड़ रुपये की जबरन वसूली और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले अभी भी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं.
इस बहुचर्चित मामले पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं. 3 जून को अदालत में होने वाली अगली सुनवाई के दौरान आरोप तय करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ेगी, जिसके बाद मामले की सुनवाई नए चरण में प्रवेश करेगी.
---------------------------------
गर्मी से बचने पहाड़ों की ओर भागे लोग, मनाली से चारधाम तक सड़कों पर लगा महाजाम
उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों को पहाड़ों की ओर जाने के लिए मजबूर कर दिया है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है ऐसे में लोग गर्मी से राहत पाने के लिए हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ठंडे पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं। लेकिन राहत की तलाश में निकले हजारों पर्यटकों को अब एक नई परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मनाली, रोहतांग, नैनीताल और चारधाम यात्रा मार्गों पर वाहनों की इतनी ज्यादा भीड़ है कि सड़कों पर लंबा जाम लग रहा है। हालात यह हैं कि कई जगहों पर लोग घंटों तक वाहनों में फंसे रहने को मजबूर हैं। प्रशासन लगातार ट्रैफिक संभालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन बढ़ती भीड़ के सामने व्यवस्थाएं कम पड़ती नजर आ रही हैं।
हिमाचल प्रदेश के मनाली और रोहतांग दर्रे में इन दिनों पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। मई का महीना खत्म होने के बावजूद रोहतांग में बर्फ मौजूद है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। भीड़ का असर सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है। कई किलोमीटर लंबा जाम लगने से लोगों को घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। सामान्य दिनों में करीब 50 किलोमीटर का सफर आसानी से पूरा हो जाता है, लेकिन इन दिनों यही दूरी तय करने में 7 से 8 घंटे लग रहे हैं। कोलकाता से आए पर्यटक एस. मित्रा ने बताया कि रास्ते में कई घंटे जाम में फंसे रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रशासन को ट्रैफिक व्यवस्था और मजबूत करनी चाहिए, क्योंकि कुछ वाहन चालक नियमों का पालन नहीं करते, जिससे जाम और बढ़ जाता है। स्थानीय पर्यटन कारोबारी हीरालाल का कहना है कि पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग सड़क किनारे वाहन खड़े कर देते हैं। इससे ट्रैफिक प्रभावित होता है और जाम की स्थिति गंभीर हो जाती है।
उत्तराखंड के नैनीताल में भी इस समय पर्यटकों की भारी भीड़ है। वीकेंड के दौरान शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। माल रोड, स्नो व्यू, केव गार्डन और चिड़ियाघर जैसे स्थानों पर दिनभर चहल-पहल बनी हुई है। नैनी झील में बोटिंग के लिए लोगों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है। सुबह से शाम तक झील के आसपास पर्यटकों की भीड़ बनी रहती है। ठंडी हवाएं और सुहावना मौसम लोगों को आकर्षित कर रहा है। इसका फायदा स्थानीय कारोबार को भी मिल रहा है। होटल, होमस्टे, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट लगभग पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं। होटल व्यवसायियों का कहना है कि लंबे समय बाद पर्यटन कारोबार में ऐसी रौनक देखने को मिल रही है। हालांकि बढ़ती भीड़ के कारण शहर की सड़कों पर लगातार जाम की स्थिति बनी हुई है। कई लोगों को शहर में प्रवेश करने और बाहर निकलने में काफी समय लग रहा है।
बाबा नीम करौली महाराज के प्रसिद्ध कैंचीधाम में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा विदेशों से भी लोग यहां दर्शन के लिए आ रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में लगातार भीड़ बढ़ रही है। आने वाले दिनों में स्थापना दिवस कार्यक्रम को देखते हुए श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसे देखते हुए प्रशासन सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दे रहा है।
चारधाम यात्रा के चलते उत्तराखंड के चमोली जिले में भी वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। बद्रीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, औली और माणा-नीति घाटी जाने वाले मार्गों पर लंबी वाहन कतारें देखी जा रही हैं। जोशीमठ क्षेत्र में स्थिति सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। कई स्थानों पर 15 से 20 किलोमीटर तक लंबा जाम लग रहा है। लोगों को घंटों तक सड़कों पर इंतजार करना पड़ रहा है। प्रशासन ने ट्रैफिक नियंत्रित करने के लिए वन-वे सिस्टम लागू किया है, लेकिन यात्रियों की संख्या इतनी ज्यादा है कि व्यवस्था पर लगातार दबाव बना हुआ है।
ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम लगातार बदल रहा है। कई जगह हल्की बारिश हो रही है, जबकि कुछ क्षेत्रों में अभी भी बर्फबारी देखने को मिल रही है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं और पर्यटकों का उत्साह कम नहीं हुआ है। बद्रीनाथ धाम में लाखों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं हेमकुंड साहिब जाने वाले रास्तों पर भी लोगों की अच्छी खासी भीड़ दिखाई दे रही है। कई बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी यात्रा का हिस्सा बन रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि मैदानी इलाकों की भीषण गर्मी से बचने के लिए पहाड़ सबसे बेहतर विकल्प हैं। यही वजह है कि लोग लंबी यात्रा और जाम की परेशानी के बावजूद पहाड़ों का रुख कर रहे हैं।

इछावर(सीहोर)। मृत्यु जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक मुकम्मल सफर का विश्राम है। इस दार्शनिक सत्य को सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र के ग्राम दीवाड़िया ने सच कर दिखाया है। यहां के वयोवृद्ध नागरिक गोविंद सिंह वर्मा जब 100 वर्ष से अधिक का एक समृद्ध, खुशहाल और संतोषजनक जीवन जीकर पंचतत्व में विलीन हुए, तो उनके परिजनों और ग्रामीणों ने इसे शोक की विदा नहीं, बल्कि एक पुण्यात्मा का ‘महाउत्सव’ बना दिया।
आमतौर पर जहां शवयात्रा सन्नाटे और सिसकियों के बीच से गुजरती हैं, वहीं दीवाड़िया गांव में दादाजी की अंतिम यात्रा का नजारा बिल्कुल जुदा था। यहां का वातावरण वैराग्य और आनंद के अनूठे संगम से सराबोर नजर आया। बेटों ने आंखों में आंसू रोकने की रूढ़िवादी कोशिश नहीं की, बल्कि पिता की अंतिम इच्छा का मान रखते हुए ढोल-ताशों और डीजे की सुमधुर लहरियों के साथ उन्हें विदा किया।
कहते हैं कि एक भरा-पूरा जीवन जी लेने के बाद मृत्यु भी एक वरदान बन जाती है। गोविंद सिंह वर्मा ने अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर अपने बेटों से एक मार्मिक इच्छा व्यक्त की थी। “जब मैं इस संसार से विदा लूं, तो माहौल में मातम या रुदन नहीं होना चाहिए, बल्कि खुशियों का संगीत गूंजना चाहिए।” पिता के इस अनूठे और जीवंत दर्शन को उनके दोनों बेटों, बाबूलाल और बद्री प्रसाद वर्मा ने एक आज्ञाकारी पुत्र की तरह शिरोधार्य किया। उन्होंने समाज की पुरानी रूढ़ियों को दरकिनार कर अपने पिता के इस ‘शताब्दी सफर’ का जश्न मनाया।
इस अंतिम यात्रा में शामिल होने वाले लोग गम की चादर ओढ़ने के बजाय, एक पूर्ण जीवन की पूर्णाहुति पर झूमते और नमन करते नज़र आए। यह दृश्य इस बात का जीवंत गवाह था कि यदि जीवन को पूरी शिद्दत और नेकी से जिया जाए, तो मौत भी अपना खौफ खो देती है और एक उत्सव में बदल जाती है।
सौ वर्षों की यह जीवन यात्रा केवल एक उम्र का आंकड़ा नहीं, बल्कि त्याग, प्रेम और संस्कारों की एक समृद्ध विरासत है। दादाजी का जाना परिवार और गांव के लिए एक शून्य जरूर छोड़ गया है, लेकिन उनकी विदाई का यह अनोखा अंदाज याद रखा जाएगा। दीवाड़िया गांव से उठी यह अंतिम यात्रा समाज को यह बड़ा संदेश दे गई कि विदाई केवल रुदन की मोहताज नहीं होती। शताब्दी पुरुष गोविंद सिंह वर्मा के इस महाप्रस्थान को आज पूरा जिला नमन कर रहा है।

-----------------------------------------------
टि्वशा केस: जिस जिले की प्रधान जज रही उसी कोर्ट के कटघरे में डेढ़ घंटे खड़ी रही गिरिबाला
भोपाल भोपाल जिला अदालत की पूर्व प्रधान जज रही गिरिबाला को शुक्रवार को उसी रास्ते से सीबीआई की कस्टडी में ले जाया गया, जहां से सभी कैदियों को ले जाया जाता है।
कभी भोपाल की जिला अदालत की सबसे ऊंची कुर्सी पर बैठकर कानून की किताबों के आधार पर फैसले सुनाने वाली गिरिबाला सिंह शुक्रवार को उसी कोर्ट के कटघरे में एक आरोपी बनकर अपने फैसले का इंतजार करती नजर आई। वक्त के इस खेल को देख अदालत परिसर में मौजूद हर शख्स को कुछ देर के लिए खामोश-सा हो गया था। बेटे समर्थ सिंह के साथ करीब डेढ़ घंटे तक एक कटघरे में खड़ी गिरिबाला को CBI ने ट्विशा शर्मा मौत मामले में 5 दिनों के लिए रिमांड पर ले लिया। अब दोनों से आमने-सामने बैठकर पूछताछ की जाएगी।
अपनी बहू टि्वशा शर्मा की आत्महत्या मामले में सास गिरिबाला और टि्वशा का पति समर्थ सिंह भोपाल की जिला अदालत की सीबीआई कोर्ट में शुक्रवार को पेश हुए। सीबीआई ने दोनों को ही रिमांड पर ले लिया। अब दोनों से पूछताछ में अहम सबूत मिल सकेंगे।
सेवानिवृत्त जिला जज गिरिबाला सिंह भोपाल जिला कोर्ट की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रह चुकी हैं। 15/07/2021 से 28/02/2023 तक उनका कार्यकाल था। इस दौरान उन्होंने अनेक लोगों के भाग्य का फैसला किया, लेकिन आज जब सीबीआई कोर्ट में गिरिबाला सिंह की पांच दिन की रिमांड मांगी जा रही थी, तो आज सेवानिवृत्त जिला जज गिरिबाला डेढ़ घंटे तक अपने बेटे के साथ 12.40 से 2.10 बजे तक एक ही कटघरे में खड़ी थीं। कभी डायस पर बैठकर लोगों का फैसला करती थी, अब एक आरोपी के तौर पर सीबीआई की विशेष अदालत के कटघरे में मौजूद थी। खास बात यह है कि सीबीआई को रिमांड मिलने के बाद उन्हें जिस गेट से बाहर ले जाया गया यह वही गेट है जिससे सभी कैदियों को ले जाया जाता है।
जब कोर्ट रूम में सुनवाई हो रही थी और सीबीआई पांच दिन की रिमांड गिरिबाला के लिए और पांच दिन की रिमांड समर्थ सिंह के लिए बढ़ाने का आवेदन दे रही थी, तो आरोपी पक्ष के वकील ने इस पर जरा भी आपत्ति नहीं की। सीबीआई की दलीलों के बाद दोनों को 2 जून को दोपहर 2 बजे तक के लिए सीबीआई को सौंप दिया गया।
टि्वशा के परिवार के जुड़े हाईकोर्ट वकील अनुराग श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि उन्होंने रिमांड के मामले में किसी बात का विरोध नहीं व्यक्त किया, क्योंकि उनकी अग्रिम जमानत ठीक इसी धार पर खारिज कर दी गई थी कि मामले की प्रकृति ऐसी थी कि जमानत नहीं दी जा सकती थी। हाईकोर्ट के सामने विस्तार से दलीलें पेश की गईं, जिसमें यह जोर देकर कहा गया था कि जांच के लिए गिरिबाला की हिरासत जरूरी है। इन सभी बातों परविचार करने के बाद अग्रिम जमानत का आदेश रद्द कर दिया गया। आरोपी के पास सीबीआई जांच की जरूरत को चुनौती देने का कोई अधिकार नहीं था। हमें सीबीआई पर पूरा भरोसा है। इधर, इसी मामले में टि्वशा शर्मा के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने कहा कि पांच दिन की रिमांड मंजूर कर दी गई है। आरोपी के वकील ने रिमांड पर कोई आपत्ति नहीं जताई।
गिरिबाला सिंह भोपाल जिले की प्रधान जिला जज रह चुकी हैं। इसे पहले वे कई जिलों में भी जज रही। गिरिबाला सिंह जिला उपभोक्ता आयोग भोपाल-2 की अध्यक्ष हैं। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने उन्हें पद से हटाने के लिए लिखा है। टि्वशा शर्मा के परिजनों ने भी राज्यपाल मंगुभाई पटेल को पत्र लिखकर मांग की थी कि गिरिबाला सिंह का न्यायिक पद है, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए उन्हें तुरंत पद से हटाया जाना चाहिए।
--------------------------------------
शादी में घूंघट डालकर पहुंचे दो युवक, फिर हुआ ऐसा कांड कि ग्रामीणों ने दी ‘तालिबानी सजा’
आलीराजपुर। मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले में एक शादी समारोह में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लड़की के कपड़े पहनकर पहुंचे दो युवकों पर चोरी का आरोप लगा। बताया जा रहा है कि दोनों युवक भीड़भाड़ और शादी की रस्मों का फायदा उठाकर घर में घुसे थे। इसी दौरान एक महिला का चांदी का मंगलसूत्र गायब हो गया। वहीं ग्रामीणों ने दोनों को पकड़कर तालिबानी सजा दी। यह पूरा मामला जोबट तहसील के ग्राम उबलड़ का है।
जानकारी के मुताबिक, महिला के शोर मचाते ही शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई। गांव के लोगों ने घेराबंदी कर दोनों युवकों को पकड़ लिया। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने दोनों आरोपियों को पशुओं को बांधने वाले लोहे के स्टैंड से बांध दिया और कथित तौर पर ‘तालिबानी सजा’ दी। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
फरियादी महिला लीलू की शिकायत पर जोबट पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 309(5) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को ग्रामीणों के कब्जे से छुड़ाकर अपने साथ ले गई। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। शादी की खुशियों के बीच हुई इस अनोखी वारदात ने हर किसी को हैरान कर दिया।

बुरहानपुर। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने कानून, पुलिस तफ्तीश और पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जिस बेटी की ‘हत्या’ के आरोप में एक बेगुनाह पिता और भाई पिछले 22 दिनों से जेल की सलाखों के पीछे जिंदगी काट रहे हैं, वह बेटी अचानक जिंदा लौट आई है। युवती ने पुलिस के सामने पहुंचकर जब कहा, “साहब… मैं जिंदा हूं, मेरी हत्या नहीं हुई है…” तो अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
पूरा मामला बुरहानपुर जिले के खकनार थाना क्षेत्र के ग्राम खड़की का है। यहां रहने वाली आदिवासी युवती शिवानी बीती 22 अप्रैल को अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो 1 मई को खकनार थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
गुमशुदगी दर्ज होने के करीब 10 दिन बाद पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के जलगांव जामोद क्षेत्र में एक अज्ञात युवती की जली हुई और सिर कटी लाश बरामद हुई। शव की हालत इतनी बदतर थी कि उसकी शिनाख्त करना नामुमकिन था। जांच के दौरान महाराष्ट्र पुलिस बुरहानपुर के खकनार थाने पहुंची और वहां से लापता युवतियों का रिकॉर्ड खंगाला। बिना किसी पुख्ता फॉरेंसिक या डीएनए (DNA) जांच के, महाराष्ट्र पुलिस ने दावा कर दिया कि वह जली हुई लाश शिवानी की ही है। इसके बाद पुलिस ने शिवानी के पिता बापूराव और भाई अजय को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद दोनों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया और महाराष्ट्र की बुलढाणा जेल भेज दिया गया।
जेल में बंद पिता और भाई पिछले 22 दिनों से बेगुनाही के आंसू रो रहे थे, तभी इस कहानी में एक फिल्मी मोड़ आया। दरअसल, शिवानी मरी नहीं थी, बल्कि वह गांव के ही अरुण नामक युवक के साथ भाग गई थी और दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया था। लोक-लाज और डर के मारे दोनों गांव नहीं लौट रहे थे। इसी बीच शिवानी को सोशल मीडिया के जरिए पता चला कि पुलिस ने उसे मृत मान लिया है और उसकी ‘हत्या’ के आरोप में उसके पिता और भाई को जेल में भेज दिया है। यह खबर मिलते ही शिवानी के होश उड़ गए और वह तुरंत खकनार पुलिस के सामने हाजिर हो गई।
शिवानी के जिंदा सामने आने के बाद खकनार पुलिस ने उसे महिला थाने भेजा और तुरंत इसकी सूचना महाराष्ट्र की जलगांव जामोद पुलिस को दी। इस लापरवाही ने अब कई गंभीर सवालों को जन्म दे दिया है। बिना किसी पुख्ता वैज्ञानिक पहचान या डीएनए टेस्ट के पुलिस ने लाश को शिवानी कैसे मान लिया? एक बेगुनाह बाप और बेटे को बिना ठोस सबूत के 22 दिनों तक जेल में क्यों सड़ना पड़ा? आखिर जांच में इतनी बड़ी और अमानवीय चूक की जिम्मेदारी किसकी है? अगर शिवानी जिंदा है, तो महाराष्ट्र में मिली वह जली हुई और सिर कटी लाश आखिर किसकी थी?
फिलहाल, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र दोनों राज्यों की पुलिस अपनी साख बचाने के लिए मामले की दोबारा जांच में जुट गई है। लेकिन अब जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस लचर सिस्टम के कारण बिना कसूर जेल की हवा खा रहे निर्दोष पिता-पुत्र को कब तक रिहा किया जाता है और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई होती है।
------------------------------------
लॉरेंस गैंग का ‘डिजिटल दिमाग’ गिरफ्तार: वर्चुअल प्लेटफॉर्म से चलाता था गैंग का नेटवर्क
इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी टीम ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 25 हजार रुपए के इनामी आरोपी राहुल सिंह राठौर उर्फ बाबा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में अपने ठिकाने बदल रहा था। उस पर राज्य एसटीएफ द्वारा 15 हजार और क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस के अनुसार राहुल राठौर गैंग का सक्रिय सदस्य होने के साथ-साथ करणी सेना से भी जुड़ा रहा है। वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए तकनीकी और रणनीतिक सहयोग उपलब्ध कराता था। इंदौर में व्यापारियों और व्यवसायियों को गैंग के नाम पर धमकी देने के मामलों में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण पाई गई है। क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने पूर्व में गिरफ्तार आरोपी राजपाल चंद्रावत से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर राहुल तक पहुंच बनाई। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, जिसमें कई अहम तथ्य सामने आए हैं।
जांच में पता चला है कि राहुल सिंह राठौर उर्फ बाबा व्यापारियों और कारोबारियों के घर, कार्यालय और अन्य स्थानों की रेकी करता था। इसके अलावा वह गैंग के सदस्यों के बीच पैसों के लेन-देन, समन्वय और अन्य गतिविधियों को संचालित करने में सक्रिय भूमिका निभाता था। आरोपी गैंग के सदस्यों को तकनीकी सहायता, संसाधन और अन्य जरूरी सहयोग उपलब्ध कराकर आपराधिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद करता था। पुलिस के मुताबिक राहुल विभिन्न तकनीकी माध्यमों और वर्चुअल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर गैंग की गतिविधियों को संचालित करने में सहयोग कर रहा था। उसके मोबाइल, डिजिटल उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विस्तृत जांच की जा रही है, जिससे गैंग के नेटवर्क और गतिविधियों को लेकर और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
क्राइम ब्रांच को आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी मिला है, जिसकी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का मानना है कि राहुल की गिरफ्तारी से प्रदेश में सक्रिय गैंग नेटवर्क के कई अन्य सदस्यों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। गौरतलब है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर व्यापारियों को धमकाने के मामलों में दर्ज अपराध क्रमांक 48/2026 और 50/2026 में थाना अपराध शाखा इंदौर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(5) और 351(4) के तहत प्रकरण दर्ज हैं। मामले में पूछताछ जारी है और पुलिस को कई महत्वपूर्ण खुलासों की उम्मीद है।
----------------------------------
अवैध कफ सिरप फैक्ट्री पर STF का छापा, डेढ़ करोड़ का माल जब्त; 10 लोग हिरासत में
भोपाल के गांधी नगर क्षेत्र में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अवैध नशीले कफ सिरप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कथित फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान 700 से अधिक पेटियां, बड़ी मात्रा में कफ सिरप और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनें जब्त की गई हैं। जब्त सामग्री और उपकरणों की कुल कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए आंकी जा रही है।
एसटीएफ की यह कार्रवाई गुरुवार रात करीब 12 बजे शुरू हुई और शुक्रवार सुबह 3 बजे तक जारी रही। टीम ने डोबरा पटेल सिटी कॉलोनी स्थित एक मकान पर छापा मारकर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान मौके से 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मकान के अंदर ‘ऑफ कफ’ नाम से अवैध कफ सिरप तैयार किया जा रहा था। मकान के अलग-अलग कमरों में बड़ी संख्या में कफ सिरप की बोतलें, पैकिंग सामग्री और तैयार माल के कार्टन रखे हुए मिले। एसटीएफ ने मौके से बरामद कफ सिरप के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनमें कौन-कौन से तत्व इस्तेमाल किए गए थे।
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार गांधी नगर इलाके से अवैध रूप से नशीले कफ सिरप की सप्लाई किए जाने की सूचना लंबे समय से मिल रही थी। सूचना की पुष्टि के बाद विशेष टीम गठित कर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय रखी गई थी और स्थानीय पुलिस को भी पहले से इसकी जानकारी नहीं दी गई थी।
जिस मकान में यह अवैध गतिविधि संचालित की जा रही थी, वह एक मालवीय नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है। हालांकि खबर लिखे जाने तक एसटीएफ का मकान मालिक से संपर्क नहीं हो पाया था। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि मकान मालिक को इस गतिविधि की जानकारी थी या नहीं।
एसटीएफ अब इस बात की जांच कर रही है कि अवैध कफ सिरप का नेटवर्क किन लोगों से जुड़ा हुआ है और इसकी सप्लाई भोपाल समेत किन-किन जिलों या राज्यों में की जा रही थी। हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
अधिकारियों का मानना है कि यह हाल के समय में भोपाल में नशीले कफ सिरप के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाइयों में से एक है। जांच पूरी होने के बाद मामले में कई और खुलासे हो सकते हैं।

प्रमुख समाचार

नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े आतंकी-संगठित अपराध नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम से जुड़े तत्वों और पाकिस्तान-दुबई आधारित ऑपरेटरों के साथ मिलकर भारत में बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विस्फोटक सामग्री, ग्रेनेड और अत्याधुनिक विदेशी हथियार बरामद...

मध्य प्रदेश

जबलपुर. एमपी के छतरपुर में पुलिस हिरासत में हुई चार संदिग्ध मौतों के मामले को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. खजुराहो निवासी समाजसेवी पीयूष दीक्षित की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार सहित पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है. साथ ही संबंधित थानों के सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं. अब इस जनहित याचिका पर अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी, जिसमें राज्य सरकार और...

अपराध

छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक शख्स ने खुद को प्राइवेट पार्ट काट दिया। इसके बाद उसे कुएं में फेंकने के बाद अस्पताल पहुंच गया। यहां उसने जो वजह बताई, वह जानकर हर किसी के होश उड़ गए।दिल दहलाने वाली घटना महाराजपुर थाना क्षेत्र के वार्ड 6 की है। जहां 40 साल के राम मिलन ने अचानक अपना गुप्तांग काट कर कुएं में फेंक दिया। खून से लथपथ युवक को देखकर लोग हैरान हो गए। उसे फौरन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।युवक ने कहा, मैंने सोचा कि यह पाप की जगह...
More inअपराध  

गुना सिटी

गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) गुना राघौगढ़ थाना पुलिस द्वारा जुए के विरुद्ध उल्लेखनीय कार्यवाही करते हुए सावतखेड़ी गांव में संचालित जुए के फड़ पर दविश देकर 14 जुआरियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की गई है ।शाम राघौगढ़ थाना पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि थाना क्षेत्र के साबतखेड़ी गांव के पीछे नाले के पास कुछ व्यक्ति ताश के पत्तों पर रुपये की हार-जीत के दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं । जुए की सूचना से तत्काल पुलिस की एक टीम रवाना की गई । मुखबिर के बताए गए स्थान की...

फोटो गैलरी

35,10,0,50,1
25,600,60,1,300,200,25,800
90,150,1,50,12,30,50,1,70,12,1,50,1,1,1,5000
0,2,1,0,2,40,15,5,2,1,0,20,0,1
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
पूजा स्थल मे गरिमा
पूजा स्थल मे गरिमा