


शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के पिछोर नगर पंचायत में सबकुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है। नगर पंचायत सियासत का अखाड़ा बन गया है। इसी कड़ी में नगर पंचायत अध्यक्ष पति और एक पार्षद पति पर एफआईआर दर्ज हुई है। एफआईआर किसी और ने नहीं बल्कि सीएमओ ने दर्ज कराया है।
दरअसल पिछोर नगर पंचायत सीएमओ आनन्द शर्मा ने नपा अध्यक्ष कविता पाठक के पति विकास पाठक एवं पार्षद पति कपिल मिश्रा के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने एवं धमकाने का मामला पुलिस थाने में दर्ज कराया है।
वहीं पिछोर नपा अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता कविता पाठक ने भी सीएमओ आनन्द शर्मा के खिलाफ पुलिस थाने में आवेदन दिया है। शिकायती आवेदन में सीएमओ पर गाली गलौज ,जलील करने सहित अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए है। अधिकारी और नेता के बीच विवाद का चर्चा पूरे नगर में है।
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‘शख्स को मारी लात-भगवाधारी संत पर रखा पैर’, दादा गुरु का वीडियो वायरल
खातेगांव। सोशल मीडिया पर दो वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें ‘दादा गुरु’ एक व्यक्ति को पैर मारते और डांटते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं दूसरे वीडियो में भगवाधारी संत पर पैर रखकर चढ़ते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि लल्लूराम डॉट कॉम इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
‘दादा गुरु’ को महान सिद्ध पुरुष, संत और तपस्वी माना जाता है। लोक-आस्था के अनुसार, दादा गुरु पिछले 5-6 वर्षों से अन्न का सेवन नहीं कर रहे हैं। कहा जाता है कि वे केवल मां नर्मदा के जल पर जीवित रहकर कठोर साधना में लीन हैं। वहीं नर्मदा परिक्रमा यात्रा के दौरान दादा गुरु का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में एक व्यक्ति दादा गुरु के पास पहुंचता है, इसी दौरान अचानक माहौल बिगड़ा और दादा गुरु का गुस्सा सामने आया। वीडियो में दादा गुरु व्यक्ति को पैर मारकर और डाटते हुए दूर करते दिखाई दे रहे हैं। वहीं पुलिसकर्मी में नजर आ रहा है। इसके बाद पुलिस ने तत्काल स्थिति संभालते हुए उस व्यक्ति को वहां से दूर किया।
यह घटना देवास जिले के सतवास थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसके अलावा कुछ समय पुराना वीडियो भी सामने आया है। जिसमें ‘दादा गुरु’ एक भगवा धारी संत पर पैर रखकर चढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि लल्लूराम डॉट कॉम वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है और न ही किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को धूमिल करने और अपमान करने का उद्देश्य रखता है।
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फर्जी जमानतदारों की गारंटी पर ईरानी गैंग के 14 आरोपी रिहा: कोर्ट में जिन्हें खड़ा किया उनकी हो चुकी है मौत
भोपाल। मध्य प्रदेश के भोपाल में बीते दिनों ईरानी डेरे पर कार्रवाई की गई थी। इसके बाद दो मृत जमानतदारों की गारंटी पर 14 आरोपियों को जमानत दे दी गई। वहीं जमानत मिलने के बाद बड़ा खुलासा हुआ। बताया गया कि जिनके आधार पर जमानत मिली है, उनकी तो मौत हो चुकी है। ऐसे में गंभीर सवाल उठ रहे है। इस मामले में भोपाल पुलिस कमिश्नर ने कहा कि दस्तावेज गलत पाए गए तो एक और मामला दर्ज होगा।
दरअसल, जमानत के लिए जमील रहमान नाम के व्यक्ति को कोर्ट में खड़ा किया था। जमानत के लिए संपत्ति भी रखवाई थी। लेकिन जमील रहमान की दो साल पहले ही मौत हो चुकी है। इसी तरह दूसरे फर्जी जमानतदार को खड़ा कर जमानत ली गई। अब भोपाल पुलिस आरोपियों की जमानत निरस्त करवाने की तैयारी कर रही है।
इस मामले पर पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने कहा कि कुछ आरोपियों को जमानत मिली है। पुलिस कानूनी प्रक्रिया की समीक्षा कर रही है। प्रथम दृष्टि में सामने आया है कि दस्तावेज प्रामाणिक नहीं है। पुलिस के पास लगातार आधिकारिक जानकारियां आ रही है। तथ्यों की पुष्टि के बाद पुलिस अपील भी करेगी। दस्तावेज गलत पाए गए तो एक और मामला दर्ज होगा। संगठित गैंग के एंगल पर पुलिस ठोस जानकारी जुटा रही है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि राजधानी भोपाल में संगठित अपराधों में बड़ी कमी आई है। पुलिस पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई कर रही है। जिन लोगों की आपराधिक सहभागिता सामने आएगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि बीते 27 दिसंबर शनिवार की रात भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरे पर इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई की थी। एक साथ लगभग 150 पुलिस जवानों ने छापेमार कार्रवाई की थी। इस दौरान 10 महिलाओं समेत 32 वांडेट को पकड़ा गया था। बताया जा रहा है कि देश के अलग-अलग राज्यों में लूटपाट की घटना को अंजाम देने वाले ईरानी डेरा में जाकर छिप जाते थे। ईरानी गैंग के सदस्य वारदातों के बाद दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, नर्मदापुरम, देवास और छत्तीसगढ़ जैसी जगहों पर फरारी काटने जाते थे।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान पथराव के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। दबिश के दौरान 22 पुरुष और 10 महिलाओं को गिरफ्तार किया था। तलाशी में पुलिस को विदेशी करेंसी समेत कई चोरी के सामान मिले थे। घर से अमेरिकन और ईरानी करेंसी जब्त की गई। 100 से ज्यादा चोरी के मोबाइल बरामद किए गए। देश के अलग-अलग राज्यों की नंबर प्लेट भी मिली है। आरोपियों में कई इनामी बदमाश भी है।
नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग लड़की के साथ तीन युवकों ने कथित तौर पर गैंगरेप किया। पीड़िता की सहेली ही उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ जंगल ले गई, जहां यह वारदात हुई। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है और एक को गिरफ्तार किया है, जबकि बाकी दो की तलाश जारी है।
दरअसल, बुधवार को पीड़िता की सहेली उसे घुमाने के बहाने से जंगल लेकर गई। वहां पहले से तीन लड़के मौजूद थे, जिनमें एक सहेली का भाई भी शामिल था। आरोप है कि आरोपियों ने पीड़िता को नशीला पदार्थ दिया और फिर उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। वारदात के बाद सहेली ने उसे कार से जयस्तंभ चौक तक छोड़ा। पीड़िता ने घर पहुंचकर अपने परिचितों को घटना की जानकारी दी, लेकिन शॉक में वह बेहोश हो गई। शाम को उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पहले सिवनी मालवा के एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, लेकिन सुविधाएं न होने से नर्मदापुरम जिला अस्पताल शिफ्ट किया गया।
चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़िता का आरोप है – यह पहली घटना नहीं थी। सोमवार को भी वही सहेली घुमाने के बहाने उसे ले गई थी, जहां उसके साथ रेप की वारदात हुई। डर और धमकियों के कारण पीड़िता ने अब तक चुप्पी साध रखी थी। एडिशनल एसपी अभिषेक रंजन ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान हो चुकी है, एक को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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इंदौर दूषित पानी... दिग्विजय सिंह ने कहा- हाईकोर्ट के सिटिंग जज मौतों के मामले की जांच करें
भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य सभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने के बाद 18 लोगों की मौत पर न्यायिक जांच की मांग की है। सिंह ने कहा कि जब तक 2-4 मौत के बारे में पता चला सब शांत बैठे रहे, लेकिन जब मृतकों की संख्या बढ़ी तो सब एक दूसरे को टोपी पहनाने लगे। सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए अपनी मांग रखी।
पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने लिख कि 'इंदौर मेरे बचपन का शहर, मेरे राज्य का सबसे विकसित शहर और देश का सबसे स्वच्छ शहर है। राज्य की आर्थिक राजधानी मे इसकी गिनती होती है और उसी इंदौर शहर में 18 लोग गंदा पानी पीने से मर जाते हैं। आंकड़ा जब तक 2/4 मौत का रहा किसी ने सांस नहीं ली लेकिन मौतों की गिनती बढ़ने लगी तो जिम्मेदारी की टोपी सब दूसरे को पहनाना शुरू कर दिए। मंत्री अफ़सर को, अफसर मेयर को, मेयर व्यवस्था को और व्यवस्था..घंटा की लड़ाई पर उलझ गई।'
दिग्विजय सिंह ने लिखा कि 'प्रभारी मुख्यमंत्रीजी से कोई सवाल नहीं पूछ रहा कि हर दूसरे दिन शहर में आते हैं और वो महज मौत का मुआवजा देकर चुप क्यों हो गए? कुछ ट्रांसफ़र और मुआवजे से शहर का कलंक नहीं धुलता। मैं इस हादसे की न्यायिक जांच की मांग करता हूं। पब्लिक के सामने सुनवाई हो और हाईकोर्ट के सिटिंग जज से इसकी जांच करायी जाए। मौत के मुआवजे से जिंदगी नहीं लौटती। गलतियों पर पर्दा डालने की बजाय गलतियों की ज़िम्मेदारी तय हो और उन्हें दण्डित किया जाए। जय सिया राम।'
दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इंदौर में दूषित पानी से 18 लोगों की मौत के मामले में कहा कि हम मांग करते हैं कि इस लापरवाही की तत्काल जांच की जाए और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा इसके लिए आदेश दिया जाए। साथ ही, भाजपा सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए सुप्रीम कोर्ट स्तर की स्वतंत्र जांच कराई जाए। केवल इसी तरह के हस्तक्षेप से इस भयावह विफलता के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सकता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह त्रासदी दशकों से चली आ रही व्यवस्थागत विफलता को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के बावजूद, भाजपा सरकार स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने में बार-बार विफल रही है।
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रेत माफिया बेलगाम: तहसीलदार पर जानलेवा हमला, 6 ट्रैक्टर जब्त, Video वायरल
शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में रेत माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे कानून और प्रशासन दोनों को खुली चुनौती देने लगे हैं। पटवारी और एएसआई की हत्या के बाद अब रेत माफिया ने एक तहसीलदार को निशाना बनाया है। ताजा मामला शहडोल जिले की ब्यौहारी तहसील से सामने आया है, जहां अवैध रेत उत्खनन रोकने पहुंचे नायब तहसीलदार पर माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया,तहसीलदार की शिकात पर ब्यौहारी पुलिस ने दो के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्यवाही की है, इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो खुद नायब तहसीलदार ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और रेत माफियाओं की बेखौफ हकीकत बयां कर रहा है। वही इस घटना के बाद ब्यौहारी पुलिस ने अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में लगे 6 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त कर लिया है।
ब्यौहारी तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार शनि द्विवेदी अपनी टीम के साथ अवैध रेत उत्खनन और परिवहन रोकने खरपा तिराहे के पास पहुंचे थे। इसी दौरान जंगल की ओर से रेत से लदा एक ट्रैक्टर आता दिखाई दिया, जब तहसीलदार और उनकी टीम ने ट्रैक्टर को रोकने का प्रयास किया तो रेत माफिया बेकाबू हो गया, आरोप है कि माफियाओं ने सरकारी बोलेरो वाहन को ठोकर मार दी और ट्रैक्टर लेकर फरार हो गए। नायब तहसीलदार शनि द्विवेदी और उनकी टीम ने जब ट्रैक्टर का पीछा किया तो रास्ते में ट्रैक्टर चालक ने पीछा छुड़ाने के लिए चलते ट्रैक्टर से रेत सड़क पर ही अनलोड कर दी, इसके बाद ट्रैक्टर मालिक का पुत्र बाइक से मौके पर पहुंचा और तहसीलदार के साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
आरोप है कि इस दौरान मारपीट की भी कोशिश की गई, पूरी घटना के दौरान अवैध उत्खनन कर रेत ले जा रहे ट्रैक्टरों का वीडियो नायब तहसीलदार ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की शिकायत पर ब्यौहारी पुलिस ने कामता बैस पिता जमुना बैस और अमरदीप बैस उर्फ झब्बू पिता कामता बैस, दोनों निवासी ग्राम सरवाही खुर्द, के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
घटना के बाद हरकत में आई ब्यौहारी पुलिस ने अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में लिप्त 6 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त कर कार्रवाई की है। इस घटना ने एक बार फिर जिले में रेत माफियाओं के बढ़ते आतंक को उजागर कर दिया है। उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष इसी तरह गोपालपुर के पास पटवारी प्रसन्न सिंह और खडौली गांव में एएसआई महेंद्र बागरी की रेत माफियाओं द्वारा ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई थी, सवाल अब यही है। कब तक रेत माफिया कानून से ऊपर रहेंगे।
वहीं इस पूरे मामले में शहडोल एसपी रामजी श्रीवास्तव का कहना है कि नायब तहसीलदार द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि जब वह रोड पर जा रहे थे तो एक ट्रैक्टर अवैध परिवहन करते पाया। गाड़ी का पीछा करने पर ट्रैक्टर चालक ने अपनी सारी रेत गिरा दिया ,बाद में एक मोटरसाइकल में सवार एक व्यक्ति द्वारा उनको धमकी दिया गया, जिस पर दो लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कर कार्यवाही की गई है, वहीं 6 गाड़ियां जब्त की गई है।
नई दिल्ली। 6 जनवरी की रात दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा भड़की। पुलिस और MCD कर्मचारियों पर पत्थरबाजी की गई, पांच पुलिसकर्मी घायल हुए। अफवाहों और सोशल मीडिया पोस्ट के कारण हजारों लोग इलाके में एकत्र हो गए।
दिल्ली पुलिस ने अब तक 30 पत्थरबाजों की पहचान की है और आरोपियों को हिरासत में लेने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। हिंसा की जांच में यह भी सामने आया कि, इसमें केवल स्थानीय लोग शामिल नहीं थे, बल्कि बाहरी लोगों ने भी सोशल मीडिया के जरिए लोगों को उकसाया।
पुलिस ने CCTV फुटेज, बॉडी कैम रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया वीडियो के आधार पर अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में काशिफ, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद अरीब, अदनान और समीर शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई है जो ड्रोन कैमरा और तकनीकी निगरानी के जरिए फरार आरोपियों की तलाश में लगी है।
पुलिस ने साफ कर दिया है कि, कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों को कड़ी कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किया जाएगा। जांच में यह सामने आया कि, सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए बाहरी लोग स्थानीय निवासियों को उकसाने का काम कर रहे थे। पुलिस सोशल मीडिया गतिविधियों की भी व्यापक जांच कर रही है।
जांच में यह पता चला कि, सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी घटनास्थल पर मौजूद थे और पुलिस की बार-बार सलाह के बावजूद वहां से नहीं गए। पुलिस अब उन्हें पूछताछ के लिए समन भेजने की तैयारी कर रही है। एसटी हसन जैसे अन्य सपा नेताओं ने हिंसा का बचाव करते हुए कहा कि, अतिक्रमण हटाने के नाम पर लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा और इसलिए रिएक्शन आया।
फैज-ए-इलाही मस्जिद की प्रबंधन समिति ने दिल्ली MCD के 22 दिसंबर 2025 के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। आदेश के तहत मस्जिद के बाहर बनी अवैध संरचनाओं जैसे बारात घर और डायग्नोस्टिक सेंटर को हटाया गया।
हाईकोर्ट ने 6 जनवरी को सभी पक्षों से चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा। अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी। MCD ने कहा कि, अतिरिक्त जमीन पर मालिकाना या वैध कब्जे के दस्तावेज नहीं पेश किए गए थे।
जानकारी के अनुसार, हिंसा की प्रमुख वजह सोशल मीडिया पर फैलाए गए झूठे पोस्ट थे। एक पोस्ट में दावा किया गया कि, मस्जिद गिराई जा रही है। इस पोस्ट के तुरंत बाद लोग जमा हो गए, पुलिस और MCD कर्मचारियों पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकने लगे।
इसके कारण इलाके में तनाव बढ़ा और कई लोग सड़क पर उतर आए। पुलिस ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया और आंसू गैस के गोले छोड़कर स्थिति को नियंत्रण में किया।
हिंसा के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए। पुलिस ने जनता से अपील की है कि, अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखने में सहयोग करें। प्रशासन लगातार इलाके की निगरानी कर रहा है। अराजकता और हिंसा को रोकने के लिए अर्धसैनिक बल भी तैनात हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, न्यायालयों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के कुछ जिला न्यायालयों में गुरुवार को गंभीर सुरक्षा की स्थिति बन गई। राजनांदगांव, बिलासपुर और रीवा कोर्ट को अज्ञात व्यक्ति द्वारा RDX बम से उड़ाने की धमकी ईमेल के माध्यम से दी गई। सूचना मिलते ही प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी करते हुए कोर्ट परिसर को खाली कराया और बम निरोधक दस्तों को तैनात किया। साइबर सेल धमकी भेजने वाले की पहचान के लिए जांच में जुटा है। इस धमकी के चलते कोर्ट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है और आम जनता के लिए एहतियात बरती जा रही है।
धमकी भरे ईमेल की जानकारी मिलते ही राजनांदगांव और बिलासपुर जिला न्यायालयों में सभी जजों, वकीलों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कोर्ट परिसर को सील कर दिया गया और हर आने-जाने वाले मार्ग पर पुलिस बल तैनात किया गया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने पूरे परिसर की सघन जांच शुरू कर दी।
राजनांदगांव के जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार होता को भेजे गए धमकी भरे मेल में स्पष्ट रूप से RDX बम का जिक्र था। मेल गुरुवार सुबह 10 बजकर 7 मिनट पर आया। जिसमें दोपहर 2:35 बजे तक का समय दिया गया था।
बिलासपुर और रायपुर के न्यायालयों में भी बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को तैनात किया गया। धमतरी और रीवा जिले के न्यायालयों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई। हर मंजिल, रूम और परिसर में आने-जाने वाले लोगों की जांच की जा रही है। कोर्ट परिसर में आम जनता और पक्षकारों की भी कड़ाई से तलाशी ली जा रही है।
पुलिस ने बताया कि, धमकी भरा ईमेल इंटरनेशनल नंबर या VPN का इस्तेमाल कर भेजा गया। इससे मेल भेजने वाले की पहचान छुपाने की कोशिश की गई। साइबर सेल को अलर्ट किया गया है और जांच जारी है। शुरुआती जांच में कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।
घटना के बाद न्यायालयों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोर्ट जैसी संवेदनशील जगहों पर हमेशा अलर्ट रहना चाहिए, ताकि इस तरह के झूठे या वास्तविक खतरे से निपटा जा सके।
अधिवक्ता रविशंकर सिंह ने कहा कि, सुरक्षा जांच अब नियमित रूप से होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि, कोर्ट परिसर में आने वाले अनाधिकृत लोगों पर कड़ी निगरानी आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
कोर्ट से बाहर निकाले गए लोग डर जरूर महसूस कर रहे थे, लेकिन उन्होंने राहत भी जताई कि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई की। वकीलों ने कहा कि यदि सुरक्षा में थोड़ी भी लापरवाही होती, तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
पुलिस ने पूरे कोर्ट परिसर की तलाशी के साथ आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी है। बम निरोधक दस्ते ने हर कमरे, पार्किंग और मुख्य मार्गों की जांच की। डॉग स्क्वॉड संदिग्ध वाहनों और वस्तुओं पर नजर रख रहा है।
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I-PAC प्रमुख प्रतीक के ठिकानों पर ED की रेड, मौके पर पहुंचीं ममता बनर्जी; केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार सुबह उस वक्त हलचल मच गई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता में राजनीतिक रणनीतिकार संस्था I-PAC (Indian Political Action Committee) के प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर एक साथ छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में की जा रही है। छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का खुद मौके पर पहुंचना इस मामले को और सियासी रंग दे गया।
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली से आई ED की विशेष टीम ने कोलकाता के साल्टलेक सेक्टर-5 स्थित I-PAC के कार्यालय और लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के आवास पर एक साथ दबिश दी। एजेंसी द्वारा दस्तावेजों, डिजिटल डेटा और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। ED की यह कार्रवाई एक कथित धनशोधन मामले से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें कई राज्यों में फैले नेटवर्क की जांच चल रही है।
ED की छापेमारी की खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद I-PAC के ऑफिस पहुंचीं। उनके साथ राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री को ऑफिस से फाइलें और लैपटॉप अपने साथ ले जाते हुए देखा गया।
ममता बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, I-PAC का यह कार्यालय पार्टी के IT और रणनीतिक कामकाज से जुड़ा हुआ है, जहां संवेदनशील राजनीतिक दस्तावेज मौजूद रहते हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ED की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्रीय एजेंसियां पार्टी के रणनीतिक दस्तावेजों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। यहां उम्मीदवारों की सूची, चुनावी रणनीति और गोपनीय डेटा रहता है। ममता ने सवाल उठाया कि, क्या कभी ED या किसी केंद्रीय एजेंसी ने भाजपा के पार्टी कार्यालयों पर इस तरह की कार्रवाई की है।
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि, उन्हें इस तरह की कार्रवाई की आशंका पहले से थी। इसी वजह से पार्टी से जुड़े जरूरी हार्ड डिस्क और डेटा को पहले ही सुरक्षित स्थान पर रख लिया गया था। उन्होंने कहा कि, यह कार्रवाई लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने और विपक्ष को डराने की साजिश का हिस्सा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि, यह घटना केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच चल रहे लंबे राजनीतिक टकराव की एक और कड़ी है। इससे पहले भी राज्य में ED, CBI और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर ममता सरकार केंद्र पर बदले की राजनीति करने के आरोप लगाती रही है।
ममता बनर्जी का खुद रेड स्थल पर पहुंचना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से मजबूती से उठाएगी।
ED अधिकारियों के अनुसार, यह छापेमारी केवल कोलकाता तक सीमित नहीं है। गुरुवार सुबह से देश के 6 राज्यों में 15 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े एक बड़े नेटवर्क की जांच का हिस्सा है।
ग्वालियर। एमपी के ग्वालियर में एडवोकेट मृत्युंजय चौहान सुसाइड केस में एक आरक्षक और एसआई पर मामला दर्ज किया गया है। आत्महत्या के लिए उकसाने पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। मृतक ने बीते 15 दिसंबर को फांसी के फंदे पर लटककर अपनी जान दे दी थी। यह पूरी घटना गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के आदर्श नगर में हुई थी।
दरअसल, वकील मृत्युंजय चौहान का शव किराए के मकान में फांसी पर लटका मिला था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू की। आत्महत्या से पहले मृतक ने एक युवती के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। जिसमें लिखा था ‘प्रेम में मुक्ति नहीं मृत्यु है।’ पोस्ट से मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा और जांच आगे बढ़ी।
बताया जा रहा है कि मुरैना में पदस्थ महिला सब इंस्पेक्टर (युवती) के साथ मृतक का पांच साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों की 30 दिसंबर 2025 को शादी भी होने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही वकील ने आत्महत्या कर ली। यह भी बताया गया कि एडवोकेट मृत्युंजय ने अपनी गर्लफ्रेंड को कमरे में एक आरक्षक के साथ पकड़ा था।
वहीं इस पूरे मामले में अब पुलिस ने कार्रवाई की है। मुरैना में पदस्थ आरक्षक अराफत खान और एसआई प्रीति जादौन पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। गोला का मंदिर थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ FIR दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल दोनों पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जा रही है।
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कार्तिक मेला ग्राउंड में दो गुटों में हुई झड़प, जमकर चले लाठी डंडे, पुलिसकर्मी घायल
उज्जैन। शिप्रा नदी के किनारे कार्तिक मेला ग्राउंड में मंगलवार को उपद्रव देखने को मिला। यहां 2 गुटों में जमकर लाठी डंडे चले। यहां पारदी , सांठीया, कंजर औऱ गाडोलिए समुदाय के ढेरों में विवाद हुआ है। मामला शांत करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंचे। इस दौरान गिरने से एक पुलिसकर्मी घायल भी हुआ । घटना में घायल लोगों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा। हालांकि मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
दरअसल शिप्रा नदी के किनारे कार्तिक मेला ग्राउंड में कई समाज के डेरे हैं। यह लोग यहां पर तंबू लगाकर रहते हैं और महाकाल मंदिर और काल भैरव मंदिर क्षेत्र में अलग-अलग प्रकार का व्यापार व्यवसाय करते हैं। कुछ लोग फेरी लगाकर धार्मिक सामग्रियां बेचते हैं। माला रुद्राक्ष व अन्य प्रकार की सामग्री बेची जाती है। इसके साथ ही कुछ लोग भिक्षा भी मांगते हैं।
मंगलवार शाम करीब आधा दर्जन युवक यहां बैठकर शराब पी रहे थे। यह युवक अलग-अलग डेरे से थे। इनमें आपस में विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ा कि डेरों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष बाहर आ गए और आपस में मारपीट शुरू कर दी। जमकर लाठी डंडे व लात घूसे चले और पत्थरबाजी भी हुई। इस दौरान कुछ लोग घायल भी हो गए जिन्हें मामूली चोट आई है। घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया है।
थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि शिप्रा नदी के पास खुला मैदान में अलग-अलग समाज के लोग तंबू लगाकर रहते हैं। ये लोग माला बेचना, भिक्षावृत्ति व फेरी लगाकर काम करते है। आपसी विवाद में दो लोगों को चोट आई है। गिरने से एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। दोनों पक्षों के करीब आधा दर्जन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है।
सीएसपी राहुल देशमुख ने बताया कि कार्तिक मेला ग्राउंड में करीब आधा दर्जन युवक शराब पी रहे थे। इस दौरान उन्होंने आपस में विवाद शुरू कर दिया और लाठी डंडों से एक दूसरे पर हमला शुरू कर दिया। कुछ लोग घायल हुए है जिन्हें उपचार दिया जा रहा है। हालांकि अभी किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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बड़ी खबर: धर्मांतरण और अवैध मस्जिद निर्माण को लेकर तनाव, विवादित ढांचे को गिराने की कोशिश
सतना। जिले के धारकुण्डी थाना क्षेत्र अंतर्गत झखौरा ग्राम में धर्मांतरण और अवैध मस्जिद निर्माण का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। प्रशासन की ओर से विवादित मस्जिद नुमा मकान को सील करने के बाद आज विश्व हिंदू परिषद ने महापंचायत का आयोजन किया। लेकिन महापंचायत में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता विवादित ढांचे को गिराने के लिए कूच कर गए।
दरअसल, मामला संज्ञान में आते ही मझगवां एसडीएम आईएएस महिपाल सिंह गुर्जर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झखौरा स्थित विवादित मस्जिद नुमा मकान को पूरी तरह से सील कर दिया था। प्रशासन ने इस भवन के उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए वहां ताले लटका दिए हैं। यह मामला तब प्रकाश में आया था जब स्थानीय निवासी पंकज पाठक की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की थी।
जांच में खुलासा हुआ कि लालमन चौधरी उर्फ अब्दुल रहमान, विजय भारती उर्फ मोहम्मद उमर और दीनानाथ चौधरी उर्फ अब्दुल्ला ने आर्थिक लालच में धर्म परिवर्तन किया था। मुख्य आरोपी लालमन के खाते में विदेशों से 8 से 9 लाख रुपये की फंडिंग भी पाई गई थी। जिसका उपयोग गांव में मस्जिद निर्माण के लिए किया जा रहा था। धारकुण्डी पुलिस ने आरोपियों को पहले ही जेल भेज दिया है।
इसे लेकर बुधवार को विश्व हिंदू परिषद ने गांव में महापंचायत का आयोजन किया। बजरंग दल का दावा है कि जिस गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है, वहां अवैध मस्जिद का निर्माण केवल भोले-भाले हिंदुओं के धर्मांतरण के उद्देश्य से किया जा रहा था। महापंचायत के दौरान एकत्रित हुए सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने विवादित ढांचे को गिराने की मांग को लेकर सभा स्थल से गांव की ओर कूच कर दिया। भारी संख्या में प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस बल ने भारी मशक्कत के बाद कार्यकर्ताओं को विवादित ढांचे से करीब 200 मीटर पहले ही रोक लिया। अधिकारियों की काफी समझाइश के बाद कार्यकर्ता वापस सभा स्थल की ओर लौटे। विश्व हिंदू परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस अवैध मस्जिद को जल्द ही पूरी तरह ध्वस्त नहीं किया गया, तो वे आने वाले दिनों में और भी उग्र आंदोलन करेंगे। हिंदू पंचायत में विहिप कार्यकर्ताओं के साथ झखौरा के ग्रामवासी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। मझगांव एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर ने बताया कि झखौरा में एक विवादित स्ट्रक्चर है। हम बराबर इस पर कार्रवाई कर रहे है। हटाने के लिए पंचायत के द्वारा नोटिस दिया गया है। प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सतना। मध्य प्रदेश के सतना शहर के सिविल लाइन थाना अंतर्गत अमौधा स्थित सीएमए विद्यालय में एक बेहद चिंताजनक और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां होमवर्क नहीं करने पर एक शिक्षिका द्वारा मासूम छात्रा को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि थप्पड़ लगने से छात्रा संतुलन खो बैठी और गिर गई, जिससे उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया।
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। पीड़ित छात्रा यूकेजी कक्षा में पढ़ती है और चौहान नगर पतेरी निवासी संजय शर्मा की बेटी है। परिजनों के अनुसार बच्ची स्कूल में सामान्य रूप से पढ़ाई करने गई थी। लेकिन होमवर्क पूरा न होने पर इंग्लिश विषय पढ़ाने वाली शिक्षिका सपना खरे ने उसे थप्पड़ मार दिया। अचानक लगे थप्पड़ से बच्ची गिर पड़ी और गंभीर रूप से घायल हो गई। बाद में चिकित्सकीय जांच में उसके हाथ में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। घटना की जानकारी मिलते ही बच्ची के पिता संजय शर्मा अमौधा थाने पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई।
उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय में बच्चों के साथ अनुशासन के नाम पर शारीरिक हिंसा की जा रही है, जो पूरी तरह से गलत और कानूनन अपराध है। परिजनों ने दोषी शिक्षिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले को लेकर विद्यालय प्रबंधन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि घटना के बाद जब परिजनों ने सीसीटीवी फुटेज की मांग की तो विद्यालय प्रबंधन ने उसे देने से साफ इंकार कर दिया। वहीं विद्यालय की प्राचार्य ने इस पूरे मामले पर मीडिया से दूरी बनाए रखी और कोई स्पष्ट बयान देने से बचते नजर आए।
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एमपी हाईकोर्ट ने कलेक्टर पर लगाया 2 लाख का जुर्माना, मनमानी पर दी कड़ी सजा
जबलपुर मध्यप्रदेश में अफसरशाही पर कोर्ट लगातार सख्त रवैया अपना रहा है। अधिकारियों की मनमानी पर कड़ी टिप्पणी भी कर रहा है। ऐसे ही एक मामले में हाईकोर्ट ने शहडोल के कलेक्टर केदार सिंह पर जुर्माना लगा दिया है। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम एनएसए के दुरुपयोग पर कलेक्टर पर कोर्ट ने ये कार्रवाई की है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मामले में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि कलेक्टर महाभारत की गांधारी की तरह आंखों पर पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं।
शहडोल के कलेक्टर डॉक्टर केदार सिंह ने जिले के एक युवक पर सख्ती दिखाते हुए उसपर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम(NSA) की धारा लगाते हुए जेल भेज दिया था। शहडोल के व्यवहारी तहसील में बुढ़वा के युवा सुशांत सिंह बैस पर ये कार्रवाई की गई थी। उन्होंने रेत के अवैध उत्खनन की कई शिकायतेें की थीं।
इससे गुस्साए रेत माफिया ने सुशांत सिंह बैस के खिलाफ ही रेत चोरी व अन्य केस दर्ज करवा दिए। इतना ही नहीं, रेत माफिया के दबाव में पुलिस ने उनके खिलाफ एनएसए की कार्रवाई का प्रस्ताव शहडोल कलेक्टर डॉक्टर केदार सिंह के पास भेज दिया। कलेक्टर के आदेश के बाद सुशांत बैस को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पिता हीरामणि बैस ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की।
हालांकि इस बीच सुशांत सिंह को रिहा कर दिया गया लेकिन कलेक्टर द्वारा गलत तरीके से एनएसए लगाने का विरोध किया गया। कोर्ट ने शहडोल कलेक्टर से जवाब तलब किया तो सफाई दी कि दूसरे आरोपी की जगह गलती से सुशांत बैस का नाम दर्ज हो गया था।
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस विवेक अग्रवाल और एके सिंह की डबल बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद फैसला सुनाते हुए शहडोल कलेक्टर को फटकार लगाई। कोर्ट ने कलेक्टर केदार सिंह को अपनी व्यक्तिगत राशि से दो लाख रुपए का जुर्माना भरने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि कलेक्टर मानो प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी बन गए। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत केवल तब कार्रवाई की जा सकती है जब देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो रहा हो।
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गुंडों के साथ ससुराल पहुंची दुल्हन: दहेज की बाइक बांधकर ले गई, सास-ससुर ने मारपीट के लगाए आरोप
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर में बुधवार को पारिवारिक विवाद की वजह से बहू का खौफनाक रूप देखने को मिला। नवविवाहिता अपने पिता और कथित गुंडों के साथ ससुराल पहुंची। दहेज में दी गई बाइक को बांधकर घसीटते हुए अपने साथ ले गई। इस दौरान सास और ससुर ने इस पर मारपीट का भी आरोप लगाया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है।
दरअसल, नए चंद्रपुरा निवासी लक्ष्मण कुशवाहा के बेटे की शादी 4 मार्च 2024 को हिंदू रीति-रिवाजों के साथ रोशनी कुशवाहा से हुई थी। विवाह रोशनी के मायके जनकपुर में धूमधाम से हुई थी। जिसमें दहेज में बाइक भी दी थी। लेकिन यह रिश्ता सिर्फ 10 महीने ही चल सकी।
आरोप है कि 27 दिसंबर 2024 को रोशनी कुशवाहा का अपने सास-ससुर से विवाद हो गया, जिसके बाद वह अपने पिता किशनलाल कुशवाहा के साथ कथित तौर पर कट्टे की नोक पर ससुराल से मायके चली गई। इसके करीब एक साल बाद रोशनी कुशवाहा अपने पिता लक्ष्मण कुशवाहा और कुछ लोगों के साथ बाइक पर सवार होकर ससुराल पहुंची। यहां सास-ससुर के साथ जमकर मारपीट की गई और दहेज में दी गई।
बाइक को बिना चाबी दूसरी बाइक से बांधकर घसीटते हुए ले गए। पीड़ित पति का कहना है कि उसने घटना की शिकायत दर्ज कराने सिविल लाइन थाना पहुंचकर आवेदन दिया है। लेकिन पुलिस ने फिलहाल जांच का आश्वासन देकर आवेदन रख लिया है।
पति का आरोप है कि उसे अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष से जान का खतरा है। पीड़ित पति का यह भी कहना है कि वह अपनी पत्नी के साथ रहना चाहता है और पत्नी भी उसके साथ रहना चाहती है, लेकिन ससुराल पक्ष के लोग उनके सुखमय दांपत्य जीवन में लगातार कलह और हस्तक्षेप कर रहे हैं।फिलहाल पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है, वहीं वायरल वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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प्रमुख समाचार
नई दिल्ली। 6 जनवरी की रात दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा भड़की। पुलिस और MCD कर्मचारियों पर पत्थरबाजी की गई, पांच पुलिसकर्मी घायल हुए। अफवाहों और सोशल मीडिया पोस्ट के कारण हजारों लोग इलाके में एकत्र हो गए।दिल्ली पुलिस ने अब तक 30 पत्थरबाजों की पहचान की है और आरोपियों को हिरासत में लेने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। हिंसा की जांच में यह भी सामने आया कि, इसमें केवल स्थानीय लोग शामिल... मध्य प्रदेश
शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के पिछोर नगर पंचायत में सबकुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है। नगर पंचायत सियासत का अखाड़ा बन गया है। इसी कड़ी में नगर पंचायत अध्यक्ष पति और एक पार्षद पति पर एफआईआर दर्ज हुई है। एफआईआर किसी और ने नहीं बल्कि सीएमओ ने दर्ज कराया है।दरअसल पिछोर नगर पंचायत सीएमओ आनन्द शर्मा ने नपा अध्यक्ष कविता पाठक के पति विकास पाठक एवं पार्षद पति कपिल मिश्रा के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने एवं धमकाने का मामला पुलिस थाने में दर्ज... अपराध
09 January 2026
नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग लड़की के साथ तीन युवकों ने कथित तौर पर गैंगरेप किया। पीड़िता की सहेली ही उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ जंगल ले गई, जहां यह वारदात हुई। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है और एक को गिरफ्तार किया है, जबकि बाकी दो की तलाश जारी है।दरअसल, बुधवार को पीड़िता की सहेली उसे घुमाने के बहाने से जंगल लेकर गई। वहां पहले से तीन लड़के मौजूद थे, जिनमें एक... गुना सिटी
गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) गुना कलेक्टर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर , सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कुछ अधिकारी वीसी के माध्यम से भी बैठक में जुड़े।कोर्ट हियरिंग और कार्यालय अनुशासन पर सख्त निर्देशकलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी राजस्व अधिकारी निश्चित समय पर कोर्ट हियरिंग करें। लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति नहीं होने पर... फोटो गैलरी
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