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खरगोन। महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा की मुस्लिम युवक से शादी की चर्चा पूरे देश में सुर्खियां बटोर रही है। इस बीच दोनों के अचानक गायब होने के बाद खरगोन में रहने वाले मोनालिसा के माता-पिता चिंता में हैं। मामले में जिले की एक टीम केरल पहुंची है और दोनों की तलाश कर रही है।
मोनालिसा और फरमान के मामले में खरगोन एसपी के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया था। यही टीम आज जांच के लिए केरल पहुंच चुकी है। इस टीम में एक थाना प्रभारी, एक सब-इंस्पेक्टर, एक महिला सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल शामिल हैं, जो मौके पर सबूत जुटा रहे हैं।​ केरल के स्थानीय थाने की पुलिस के साथ मिलकर मध्यप्रदेश पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है।
बता दें कि​ शादी के बाद मोनालिसा के नाबालिग होने की पुष्टि हुई थी। जिसके बाद ही खरगोन के महेश्वर थाने में फरमान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। FIR होते ही पुलिस पूरी तरह सक्रिय हो गई और आरोपी की तलाश व पीड़िता की बरामदगी के लिए हर स्तर पर प्रयास तेज कर दिए गए।
बता दें कि मोनालिसा केरल में एक फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। इसी दौरान वह फरमान खान से मिली थीं। इस बीच दोनों की मुलाकात हुई और प्यार हो गया। जिसके बाद उन्होंने शादी करने का सपना देखा। मोनालिसा के पिता इस प्रेम संबंध से नाराज थे और शादी के खिलाफ थे। जिसके बाद दोनों ने केरल के एक मंदिर में जाकर शादी रचा ली।

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स्टेट बैंक से डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी में बैंक मैनेजर और सिंधई परिवार समेत नौ दोषियों को तीन-तीन साल की जेल
जबलपुर. सीबीआई की विशेष अदालत ने बैंकिंग धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तत्कालीन बैंक मैनेजर सहित नौ आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है. मामला भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की तेंदूखेड़ा शाखा से जुड़ा है, जहां आरोपियों ने मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक को 1 करोड़ 66 लाख रुपये की भारी-भरकम आर्थिक चपत लगाई थी. विशेष न्यायाधीश रूपेश कुमार गुप्ता की अदालत ने इस जालसाजी को बैंकिंग प्रणाली के साथ गंभीर खिलवाड़ माना और सभी दोषियों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने दोषियों पर सामूहिक रूप से 11 लाख 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. इस सजा के बाद बैंकिंग गलियारों और दमोह-जबलपुर क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, क्योंकि इसमें एक ही परिवार की तीन महिलाओं सहित नौ प्रभावशाली लोगों के नाम शामिल हैं.
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक संजय उपाध्याय ने अदालत के समक्ष मामले की विस्तृत परतें खोलते हुए बताया कि यह पूरा फर्जीवाड़ा फरवरी से मई 2020 के बीच अंजाम दिया गया था. जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मेसर्स आशीष दाल मिल, मेसर्स अविनाश ट्रेडिंग कंपनी और मेसर्स एमके इंटरप्राइजेज नामक संस्थाओं के जरिए आरोपियों ने लोन के लिए आवेदन किया था. लोन प्राप्त करने के लिए सबसे बड़ा आधार वेयर हाउस में दाल का भारी स्टॉक रखा होना बताया गया था. इसके समर्थन में आरोपियों ने वेयर हाउस की फर्जी रसीदें बैंक में जमा की थीं. तत्कालीन बैंक प्रबंधक और फील्ड ऑफिसर ने इन रसीदों का भौतिक सत्यापन किए बिना ही लोन की फाइल को मंजूरी दे दी. सीबीआई को जब इस संदिग्ध लेनदेन की शिकायत मिली, तो जांच की कमान संभाली गई और जो सच सामने आया वह चौंकाने वाला था. वास्तव में वेयर हाउस में दाल का एक दाना भी मौजूद नहीं था और वेयर हाउस संचालक के साथ मिलकर केवल कागजों पर स्टॉक दिखाकर करोड़ों रुपये का ऋण हासिल कर लिया गया था.
सीबीआई की जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन बैंक मैनेजर के.एस. राउत, फील्ड ऑफिसर विजय कुमार मालवीय और सिंधई परिवार के सदस्यों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र रचने और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था. सजा पाने वालों में आशीष सिंधई, योगेन्द्र सिंधई, मणि सिंधई, प्रियंका योगेन्द्र सिंधई, संतोष सिंधई, संगीता जैन और विष्णु बहादुर सिंह शामिल हैं. सीबीआई ने अदालत में पुख्ता चालान पेश किया, जिसमें डिजिटल साक्ष्य और गवाहों के बयानों के जरिए यह साबित किया गया कि आरोपियों ने सोची-समझी रणनीति के तहत सरकारी धन का गबन किया है. बचाव पक्ष ने कई दलीलें दीं, लेकिन अदालत ने साक्ष्यों की प्रबलता को देखते हुए स्पष्ट किया कि बैंक के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी राशि का गबन संभव नहीं था. यह फैसला उन बैंक अधिकारियों के लिए भी एक बड़ी चेतावनी है जो अपने पद का दुरुपयोग कर निजी लाभ के लिए जनता की गाढ़ी कमाई को जोखिम में डालते हैं.
जबलपुर की विशेष सीबीआई अदालत ने अपने निर्णय में इस बात पर जोर दिया कि बैंकिंग धोखाधड़ी न केवल वित्तीय संस्थानों को कमजोर करती है, बल्कि आम नागरिकों के भरोसे को भी तोड़ती है. लोन के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले इस सिंडिकेट ने जिस तरह से वेयर हाउस संचालक के साथ सांठगांठ की, वह जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती थी. हालांकि, सीबीआई के वकीलों ने कोर्ट में यह साबित कर दिया कि दाल मिल के संचालकों ने कभी वह स्टॉक खरीदा ही नहीं था जिसकी रसीदें बैंक में गिरवी रखी गई थीं. तीन साल की जेल और भारी जुर्माने के इस फैसले को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है. अब दोषियों को जेल की सजा काटने के साथ-साथ जुर्माने की राशि भी जमा करनी होगी. इस फैसले ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि आर्थिक अपराधों में संलिप्तता चाहे कितनी भी रसूखदार क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से बचना नामुमकिन है. फिलहाल, सभी दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है और इस कार्रवाई की चर्चा पूरे प्रदेश के व्यापारिक और बैंकिंग हलकों में हो रही है.
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बीजेपी नेता के भतीजे की दरिंदगी: घर में घुसकर महिला से रेप की कोशिश, नाकाम होने पर काटा स्तन
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में महिला के साथ दुष्कर्म के प्रयास में नाकाम युवक द्वारा चाकू से हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी देर रात घर में घुसा और विरोध करने पर महिला के स्तन काटा और पेट पर वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। महिला की हालत नाजुक है वह जिला अस्पताल में भर्ती है।
घटना 11 अप्रैल की देर रात पंधाना थाना क्षेत्र की है। पीड़िता के पति के मुताबिक, आरोपी आकाश पटेल नशे की हालत में घर में घुसा और दुष्कर्म की कोशिश की। शोर मचाने पर पति मौके पर पहुंचा तो आरोपी ने महिला पर चाकू से हमला कर दिया और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उनका कहना है कि घटना के बाद बोरगांव चौकी में शिकायत देने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने पहले इलाज कराने की बात कहकर रिपोर्ट दर्ज नहीं की। साथ ही आरोपी के भाजपा मंडल अध्यक्ष का भतीजा होने के चलते दबाव बनाने और राजीनामा कराने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है। मामला मीडिया में आने के बाद हरकत में आई पुलिस ने घटना के 6 दिन बाद शुक्रवार रात एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल पीड़िता जिला अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज जारी है।

सिंगरौली। जिले के बैढ़न में शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे जो हुआ, उसने कानून-व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। हथियारबंद 5 बदमाश दिनदहाड़े बैंक ऑफ महाराष्ट्र में घुसते हैं, फायरिंग करते हैं, कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बनाते हैं, मैनेजर को पीटते हैं और करीब 35 लाख रुपए लेकर आराम से फरार हो जाते हैं।
दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुआ यह खौफनाक खेल पूरे 20 मिनट तक चलता रहा। बदमाशों ने बैंक के अंदर मौजूद हर शख्स पर बंदूक तान दी। चीख-पुकार के बीच लोग जान बचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन बाहर न पुलिस पहुंची, न कोई सुरक्षा इंतजाम नजर आया।
कैश की जानकारी मांगने पर मैनेजर ने जैसे ही आनाकानी की, बदमाशों ने बेरहमी दिखा दी। बंदूक की बट से सिर पर वार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान हो गए। इसके बाद बदमाश कैश की पेटी उठाकर फरार हो गए।
सबसे चौंकाने वाली बात-घटना के वक्त बैंक में कोई गार्ड नहीं था। यानी सुरक्षा भगवान भरोसे थी। बदमाशों ने एक राउंड फायर कर पूरे इलाके में दहशत फैला दी और सिस्टम की लापरवाही उजागर कर दी।
सामने आए सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि तीन आरोपी बैंक से निकलकर एक ही बाइक पर सवार होकर फरार हो जाते हैं। चेहरों पर डर नहीं, बल्कि बेखौफ अंदाज, मानो उन्हें पता हो कि रास्ते में कोई रोकने वाला नहीं।
घटना दोपहर करीब 1 बजे की है। 5 बदमाशों द्वारा वारदात को अंजाम दिया गया है। एक फायरिंग की पुष्टि हुई है। बैंक में गार्ड मौजूद नहीं था। करीब 14-15 लाख रुपए पहले से रखे थे, बाकी दिन का कलेक्शन था। कुल लूट का आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं है। पूरे जिले में नाकेबंदी कर दी गई है, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी है।
मनीष खत्री, एसपी, सिंगरौली
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MP में अब गिरफ्तारी से पहले पुलिस को बताने होंगे कारण: पुलिस मुख्यालय ने जारी किए निर्देश
भोपाल। मध्यप्रदेश में अब गिरफ्तारी से पहले पुलिस को कारण बताने होंगे। पुलिस मुख्यालय ने यह निर्देश जारी किए है। गिरफ्तार के 2 घंटे पहले पुलिस गिरफ्तारी के कारण लिखित में बताएगी। ऐसा नहीं करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। निर्देश में नवंबर 2025 में एक अपराधिक अपील बनाम स्टेट ऑफ महाराष्ट्र और अन्य के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग का हवाला दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) के अंतर्गत किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तारी के कारणों को जानने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है, इस अधिकार के संरक्षण के लिए न्यायालय ने पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। इसी को लेकर पुलिस मुख्‍यालय ने सर्कुलर जारी किया है।
पुलिस मुख्यालय के जारी निर्देश के अनुसार के अनुसार, पुलिस द्वारा किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करते समय गिरफ्तारी के ठोस कारणों को लिखित रूप में गिरफ्तार व्‍यक्ति को देना अनिवार्य किया गया है, केवल मौखिक जानकारी को पर्याप्त नहीं माना जाएगा। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि गिरफ्तारी के आधार स्‍थानीय भाषा अथवा ऐसी भाषा में लिखे जाएं, जिसे गिरफ्तार व्यक्ति भली-भांति समझ सके।
निर्देशों में यह भी कहा गया है की लिखित जानकारी गिरफ्तारी के समय अथवा अभियुक्त को मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करने से कम से कम दो घंटे पूर्व उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही, अभियुक्त को लिखित आधार प्रदान किए जाने की जानकारी को गिरफ्तारी पंचनामा अथवा संबंधित अभिलेख में विधिवत दर्ज किया जाना भी अनिवार्य होगा। इस संबंध में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 47 के प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है।
परिपत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि उक्त निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है, तो गिरफ्तारी को अवैध घोषित किया जा सकता है। साथ ही संबंधित अधिकारी के विरुद्ध न्यायालय की अवमानना अथवा विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है और अभियुक्त को तत्काल रिहाई का अधिकार प्राप्त हो सकता है। पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों एवं संबंधित इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि वे इन दिशा-निर्देशों का पालन अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सख्ती से सुनिश्चित कराएं।

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अमरनाथ यात्रा रजिस्ट्रेशन के लिए पहुंचे युवक को बर्बरतापूर्ण तरीके से पीटा, चौकी में बिठाए रहे चार घंटे
जबलपुर. एमपी के जबलपुर में अमरनाथ यात्रा का रजिस्ट्रेशन कराने गए युवक ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है. उसने शरीर पर चोटों के निशान दिखाते हुए कहा कि दो आरक्षकों ने उसे डंडे-बेल्ट से पीटा. एसपी संपत उपाध्याय ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
बताया गया है कि कांचघर निवासी गौरव महरोलिया (33) अमरनाथ यात्रा का रजिस्ट्रेशन कराने गोरखुपर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की लाइन में लगा था, बैंक खुलने पर भीड़ के बीच धक्का-मुक्की होने लगी. गौरव ने इस पर आपत्ति जताई तो ड्यूटी पर मौजूद रामपुर पुलिस चौकी के कॉन्स्टेबल योगेंद्र कुमार और तरुण मिश्रा मौजूद थे. तरुण ने मुझे पीछे की तरफ धकेल दिया. विरोध किया तो गला पकड़कर थप्पड़ मारे. फिर दोनों मुझे चौकी ले गए. यहां करीब आधे घंटे तक बेल्ट और डंडों से पिटाई की.
दोपहर करीब 3 बजे धमकी देकर छोड़ा कि किसी से शिकायत की तो अच्छा नहीं होगा. गौरव के मुताबिक, वह शाम करीब साढ़े 4 बजे गोरखपुर थाने पहुंचा. यहां शिकायती आवेदन दिया. स्टाफ ने इसमें आनाकानी की. शिकायत वापस नहीं लेने पर अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहने को कहा. झूठी एफआईआर दर्ज कराने की भी बात कही. दूसरी तरफ, गोरखपुर थाना प्रभारी नितिन कमल ने कहा कि गौरव बैंक में उपद्रव कर रहा था. समझाने पर नहीं माना तो पुलिसकर्मियों ने हल्का बल प्रयोग किया था.

राहुल गांधी से जुड़े कथित दोहरी नागरिकता के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अहम आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में FIR दर्ज कर जांच की जाए। साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि वह खुद जांच करे या फिर किसी केंद्रीय एजेंसी से जांच करवाए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही तय होगी।
यह मामला पहले रायबरेली की सांसद-विधायक अदालत में दायर किया गया था। बाद में इसे लखनऊ ट्रांसफर किया गया। 28 जनवरी 2026 को लखनऊ की विशेष अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया था। अदालत का कहना था कि नागरिकता से जुड़े मामलों पर फैसला करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इसी फैसले को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का रुख किया, जिसके बाद अब यह नया आदेश सामने आया है।
यह याचिका भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने दायर की थी। भारतीय जनता पार्टी से जुड़े इस कार्यकर्ता ने राहुल गांधी के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं। याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और पूरे मामले की विस्तृत जांच हो।
याचिका में राहुल गांधी पर कई कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है, जिनमें शामिल हैं-
भारतीय न्याय संहिता
सरकारी गोपनीयता कानून
विदेशी अधिनियम
पासपोर्ट एक्ट
हालांकि, कोर्ट ने साफ किया है कि ये सभी आरोप फिलहाल जांच का विषय हैं और अंतिम निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी के पास दोहरी नागरिकता से जुड़ी जानकारी छिपाई गई है। इसी आधार पर उन्होंने कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस मामले में जांच का रास्ता साफ हो गया है, जिससे आने वाले समय में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब राज्य सरकार को तय करना है कि वह खुद इस मामले की जांच करेगी या इसे किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपेगी। फिलहाल यह मामला पूरी तरह जांच के चरण में है और अंतिम निष्कर्ष आना अभी बाकी है।
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राहुल बोले, बालाकोट, नोटबंदी, सिंदूर का जादूगर पकड़ा गया, एनडीए ने कहा, यह पीएम का अपमान, स्पीकर ने विवादित हिस्सा रिकॉर्ड से हटाया
नई दिल्ली. राहुल गांधी ने आज लोकसभा में कहा, 'यह महिला आरक्षण बिल महिलाओं को कमजोर बनाएगा. यह शर्मनाक कानून है, पुराना कानून लाओ हम समर्थन देंगे. यह सिर्फ भारत के निर्वाचन क्षेत्र के नक्शे को बदलने के लिए है.
राहुल गांधी ने पीएम मोदी का नाम लिए बिना कहा कि बालाकोट, नोटबंदी, सिंदूर का जादूगर पकड़ा गया. इस पर एनडीए सांसदों ने विरोध किया. बोले- राहुल प्रधानमंत्री का अपमान कर रहे हैं. इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने उनके विवादित शब्दों को कार्यवाही से हटा दिया. लोकसभा में महिला आरक्षण को लागू करने के लिए सीटों के परिसीमन से जुड़े तीन संशोधित बिलों पर आज लोकसभा में दूसरे दिन चर्चा जारी है. बिलों पर आज ही वोटिंग होगी.
भाजपा जानती है कि यह बिल पास नहीं हो सकता. वे इतने बेवकूफ नहीं है वे जानते हैं. इसीलिए उन्होंने चुनावी नक्शा बदलने के लिए महिला आरक्षण का सहारा लिया. सच यह है कि जादूगर पकड़ा गया है. सिंदूर, नोटबंदी का जादूगर पकड़ा गया है.-
आप डरते हो कि देश की राजनीति में क्या हो रहा है. आपकी पॉवर कम होती जा रही है. इसलिए चुनावी नक्शा बदलना चाह रहे हो जैसा कि असम में किया, लेकिन हम आपको ऐसा नहीं करने देंगे. पूरा विपक्ष इसे हरा कर रहेगा.
भारत के इतिहास में यह सबसे कड़वा सच है. मैं इसके बारे में सब जानता हूं. यह ओबीसी, दलित वर्गों के लिए क्रूरता वाला बिल है. सभी जानते हैं कि ओबीसी, दलित और महिलाओं के साथ क्या होता है. सरकार ओबीसी का अधिकार छीनना चाहती है.
भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा, मेरा प्रचार भी मेरी पत्नी करती हैं. मेरा एक डेढ़ लाख वोट पत्नी लाती हैं. मैं अपनी पत्नी के पैर छूता हूं. क्यों न छुएं उसने मेरी गरीबी और स्ट्रगल में साथ दिया. हालांकि वो छूने नहीं देती मैं उनके सोते हुए पैर छू लेता हूं. यहां लोग अपने गार्डन की कहानी सुनाकर चले गए. पीएम का अपमान कर गए, यह दुखद है. महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए. अगर ये पारित नहीं हुआ तो एक भी महिला वोट विपक्ष को नहीं मिलेगा.
राहुल गांधी के भाषण पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा, यह हैरानी की बात है कि जब भी विपक्ष के नेता राहुल गांधी बोलते हैं, तो सरकार उन्हें टोकती है. अब वे उनके भाषणों को भी हटाना चाहते हैं. उन्होंने एक जादूगर की कहानी सुनाई थी. सरकार इसे प्रधानमंत्री से क्यों जोड़ रही है, जबकि राहुल गांधी ने तो बस एक जादूगर की कहानी सुनाई थी, वे हर बात को पीएम मोदी से क्यों जोडऩे लगते हैं?
लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण पर भाजपा सांसद कंगना रनोट ने कहा, उन्हें सुनना सिरदर्द जैसा था. वह अपने बचपन के ट्रॉमा और बचपन में देखे गए जादू के शो से गुजर रहे हैं. स्पीकर ने भी उन्हें रुकने के लिए कहा लेकिन उन्होंने स्पीकर से कहा, अरे सुनिए मजा आएगा. ये क्या बकवास है.
मैं आप सभी को एक पहेली देना चाहता हूं. मुझे लगता है देश के लोग इसे सॉल्व कर सकेंगे. कल मैं पीएम को बोलते हुए सुन रहा था. वह टूटे हुए और थके से नजर आ रहे थे. तभी मैंने नोटिस किया कि कल तो 16 अप्रैल थी. वे जल्दबाजी में यह बिल लेकर आए हैं और हम भी जानते हैं. उनके भाषण के दौरान बीच में मैंने अपना फोन देखा जिसमें 16 तारीख थी. मैंने मन में कहा कि हे भगवान यही तो वो नंबर है 16. जिसमें पूरा आंसर छिपा है. अगर आप किसी को कुछ समझ आया तो प्लीज मुझे सोशल मीडिया पर बताएं. आप जल्द ही इस नंबर के रहस्य को जान जाएंगे.
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि पिछले दो दिन से हमारी सरकार महिलाओं को आरक्षण देने के लिए चिंतित है. देर रात तक हम यहां उपस्थित रहे. मुझे लगा कि कांग्रेस के जो लीडर हैं उनका जो भाषण है वो एक शो जैसा था, जैसा कि माइकल जैक्सन का. आज 17 तारीख है वो भी खास है क्योंकि 17 अप्रैल 1987 को राजीव गांधी पर बोफोर्स का आरोप लगा. 17 अप्रैल 1998 को सोनिया गांधी सीताराम केसरी की धोती खोलकर कांग्रेस की अध्यक्ष बन गई.
रिजिजू बोले- राहुल के भाषण से हमें आपत्ति नहीं है. वह कहते हैं कि आपॅरेशन सिंदूर एक जादू था, उसका मजाक बना रहे हैं. उसको जादू कहते हैं. रक्षामंत्री ने कहा है हम भी कह रहे हैं भाषण नियम के तहत दीजिए. बार-बार पीएम का मजाक उड़ाना गलत. पीएम आपका और मेरा नहीं है.
राहुल के जादूगर शब्द पर केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने आपत्ति जताई है. कहा कि विपक्ष के नेता अनाप शनाप बातें कर रहे हैं. पीएम के लिए ऐसा बोलेंगे. वे चुने हुए लीडर हैं. इस देश के पीएम के संबंध में जिस तरह के शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है. इसकी घोर निंदा की जानी चाहिए. इस देश की जनता ने उन्हें पीएम बनाया है. राहुल ने जिन शब्दों का प्रयोग किया उसे सदन की कार्यवाही से बाहर निकाला जाए और राहुल माफी मांगे.
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विपक्ष ने किया है महिला आरक्षण का विरोध…संसद में बोले अमित शाह, कहा – 2029 का लोकसभा चुनाव महिला आरक्षण पर होगा
गृह मंत्री अमित शाह अब महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब दे रहे हैं. अमित शाह ने कहा कि बोलने के समय सबने कहा कि हम पक्ष में हैं. इंडी अलायंस के सदस्यों ने अगर-मगर, किंतु-परंतु करके महिला आरक्षण का विरोध किया है. मुझे लगा कि इम्प्लीमेंटेशन के तरीके का विरोध हो है, लेकिन नहीं. केवल और केवल महिला आरक्षण का विरोध है. ये तरीकों का नहीं, बिल का विरोध है. बिल का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण है. किसी किसी संसदीय क्षेत्र में 39 लाख वोटर हैं.
संविधान में इसका अधिकार सरकार के पास है. जो सीटें बढ़ाने का विरोध कर रहे हैं, वह ये ध्यान में रखें कि एससी-एसटी की सीटें बढ़ाने का भी विरोध कर रहे हैं. संविधान में परिसीमन का प्रावधान है. शाह ने कहा कि 2029 का लोकसभा चुनाव महिला आरक्षण पर होगा.
इस बहस से तीखी राजनीतिक बहस शुरू हो गई है, जिसमें विपक्ष ने ओबीसी के प्रतिनिधित्व पर चिंता जताई और बिल का विरोध करने का ऐलान किया है. सरकार प्रस्तावित बदलावों का बचाव कर रही है और दिन में बाद में वोटिंग होने की उम्मीद है. गृह मंत्री ने बहस पर जवाब देते हुए कहा कि बहस में 56 महिला सांसदों ने हिस्सा लिया. इस चर्चा को बारीकी से कोई शब्दों में सुनेगा.
कोविड खत्म होने के बाद देश को काफी समय लगा उबरने में और जब 2024 में जनगणना शुरू हुई तो कुछ पार्टियों ने कहा कि जाति के आधार पर जनगणना होनी चाहिए. सरकार ने बाद में फैसला किया कि हम जाति जनगणना कराएंगे. 2025 में फैसले के बाद जो जनगणना हो रही है, उसमें जाति की जनगणना भी होगी, ये तय है. जब बिल्डिंग की गिनती होती है तो जाति नहीं पूछते. जब व्यक्ति की जनगणना होती है तो पूछा जाता है कि जाति क्या है, इसमें कोई संशय नहीं होनी चाहिए. हैं
शाह ने कहा- परीसीमन आयोग एक तरह से संवैधानिक अधिकार है. हर वोटर को अपना प्रतिनिधि समान रूप से पाने का अधिकार है. तमिलनाडु में 39 सीटें है. अगर 2011 की जनगणना के आधार पर करते हैं तो तमिलनाडु की सीटें 6 कम हो जाएंगी. लेकिन हम हर राज्य की सीटें 50 फीसदी बढ़ा रहे हैं. कुछ सदस्यों ने सवाल उठाया कि जनगणना समय पर क्यों नहीं हुई. सबको मालूम है कि 21 में जनगणना होनी थी, लेकिम कोविड संकट आया और उसके कारण जनगणना नहीं हो पाई.

शाह ने कहा- 50 सालों तक 1976 से 2026 तक, देश की जनता को जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधि नहीं मिला. 26 में सीमा खत्म के बाद परिसीमन करेंगे तो 2029 से पहले खत्म नहीं होगा और 2027 तक जनगणना के आंकड़े नहीं आ सकते. अगर हम 2029 का चुनाव नारी शक्ति के स्पिरिट से कराना चाहते हैं तो अभी लाना पड़ेगा. मुझे लगता है विपक्ष समझे हुए हैं. 76 में 56.79 करोड़ आबादी थी. आज 140 करोड़ है. तब जितने सांसद थे, विपक्ष अब भी उतने ही सांसद रखना चाहता है.

ग्वालियर। भितरवार के मुख्य बाजार करैरा तिराहे के पास गुरुवार की दोपहर एक दुष्कर्म पीड़िता ने आरोपी की बाजार में चप्पलों से पिटाई कर दी। घटना का वीडियो भी बहुप्रसारित हो रहा है। पिटाई के बाद महिला दुष्कर्म के आरोपी युवक को घसीटते हुए थाने ले गई। इस दौरान पीड़ित महिला चिल्ला-चिल्लाकर कह रही थी कि पहले उसके साथ जबरदस्ती की गई थी, अब मामले में राजीनामा करने के लिए दबाव बना रहा है।
घटना भितरवार थाने से कुछ ही दूरी स्थित करैरा रोड पर घटित हुई, जिसमें दुष्कर्म पीड़िता महिला के द्वारा युवक की पिटाई शुरू कर दी गई। इसे देखने के लिए मौके पर तमाम लोगों की भीड़ जमा हो गई। मुख्य बाजार होने के कारण कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू कर दिया।
पिटने वाला युवक नगर के वार्ड क्रमांक 2 का निवासी धर्मवीर बंजारा है। महिला ने धर्मवीर पर छह महीने पहले बलात्कार का मामला दर्ज कराया था, जिस पर उक्त आरोपी को जेल भेज दिया गया था। धर्मवीर 15 दिन पहले ही जेल से छूटकर आया है और वह लगातार केस में राजीनामा करने का दबाव महिला पर बना रहा था। वह फोन पर भी महिला को धमकियां दे रहा था।
गुरुवार को जब पीड़िता महिला बाजार आई, तो आरोपी धर्मवीर भी मोटरसाइकिल से उसके पीछे-पीछे वहां पहुंच गया। महिला ने उसे देखते ही पकड़ लिया और चप्पलों से उसकी पिटाई कर दी। लोगों के विरोध के बावजूद महिला उसे खींचकर पुलिस थाने ले गई, जहां उसके खिलाफ शिकायत दर्ज की। एसडीओपी जितेंद्र नगाइच ने बताया कि महिला के द्वारा बलात्कार के मामले में राजीनामा के लिए दबाव बनाने की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

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बदले की आग: रेप के आरोपी की गला दबाकर हत्या, निर्वस्त्र कर कुएं में फेंका शव
नर्मदापुरम। कानून को हाथ में लेने और प्रतिशोध की एक सनसनीखेज वारदात में दुष्कर्म के आरोपी की हत्या कर दी गई है। यह मामला नर्मदापुरम जिले का है, जहां एक युवक की गला घोंटकर हत्या कर दी गई और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से उसके शव को निर्वस्त्र कर कुएं में फेंक दिया गया। पुलिस ने इस मामले में पीड़िता के पिता भाई और जीजा समेत चार परिजनों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, मृतक विश्वास उर्फ छोटू गुर्जर (24) पर पीड़िता के अपहरण और दुष्कर्म का आरोप था। हाल ही में वह जमानत पर जेल से बाहर आया था। आरोपियों का दावा है कि रिहा होने के बाद विश्वास लगातार पीड़िता और उसके परिवार को धमका रहा था और उन्हें परेशान कर रहा था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर परिवार ने खौफनाक कदम उठाया। ​12 अप्रैल की रात आरोपी विश्वास के घर पहुंचे और उसे झांसा दिया कि वे उसकी शादी पीड़िता से करा देंगे। विश्वास उनकी बातों में आ गया।
आरोपी उसे कार में बैठाकर करीब 35 किलोमीटर दूर नंदवाड़ा ले गए। जहां सुनसान इलाके में ले जाकर ​दो लोगों ने उसके हाथ-पांव जकड़ लिए। ​अन्य दो ने डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की। ​इसके बाद गला घोंटकर उसकी जान ले ली। ​पहचान छिपाने के लिए शव को निर्वस्त्र किया और एक खेत के कुएं में फेंक दिया। ​हत्या को अंजाम देने के बाद चारों आरोपी छींद स्थित हनुमान धाम मंदिर में जाकर छिप गए।
हैरान करने वाली बात यह है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वे तीन दिनों तक मंदिर में ही रहे और वहां चल रहे भंडारे में भोजन कर अपनी फरारी काटी। विश्वास के भाई के अपहरण की शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। जब पुलिस पीड़िता के घर पहुंची तो पुरुष सदस्य लापता मिले। मुखबिरों और तकनीकी जांच की मदद से 15 अप्रैल को चारों को मंदिर से दबोच लिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर बुधवार रात कुएं से शव बरामद किया गया। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
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पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कर्नाटक पासिंग कार से राइफल और गोला-बारूद बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार
जबलपुर। शहर के पनागर थाना अंतर्गत ​बडेरा कला में पुलिस ने छापा मार कार्रवाई कर राइफल और गोला-बारूद बरामद किया है। पुलिस को बीती रात सूचना मिली थी कि ग्राम बडेरा कला के पास एक महिंद्रा मेजर कार में दो संदिग्ध व्यक्ति हथियारों के साथ मौजूद हैं।
सूचना के बाद पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर दबिश दी, जहां वाहन में दो व्यक्ति सवार मिले, तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से एक 30 बोर की राइफल, एक 22 बोर की राइफल, 22 के दो जिंदा कारतूस, 30 बोर का एक जिंदा कारतूस और एक चला हुआ खोखा बरामद किया है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों राइफलों और गोला-बारूद को अपने कब्जे में ले लिया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान अरुण चिनगप्पा और गार्डन पेप्टिस के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से महिंद्रा कंपनी की मेजर कार (नंबर KA 12 N 4252) को भी जब्त कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी के अनुसार, पुलिस इस मामले में आगे की कड़ियों को जोड़ रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि, इन हथियारों का इस्तेमाल किसी अन्य अवैध गतिविधि या शिकार के लिए तो नहीं किया जाना था।

उज्जैन। महाकाल मंदिर से आधा किमी दूर कोट मोहल्ला में बम्बइया गली में महाकाल पुलिस ने कार्रवाई कर अवैध कत्लखाने का राजफाश किया है। यहां अवैध रूप से मवेशी काटे जा रहे थे। पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार कर मौके से पाड़े का मांस व औजार जब्त किए हैं। दोनों आरोपित पूर्व में भी जेल जा चुके हैं।
पुलिस ने बताया कि बुधवार रात को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कोट मोहल्ला में हाजी मुस्तकीम और उसका भाई वसीम बम्बइया अपने मकान के नीचे वाले कमरे में अवैध रूप से मवेशी काट रहे हैं। दोनों आरोपित पहले भी मांस बेचने के मामले में जेल जा चुके हैं। पुलिस ने मौके पर दबिश दी तो कमरे के अंदर फर्श पर पाड़े का मांस पड़ा हुआ था।
कमरे में तीन मवेशियों को क्रूरतापूर्वक रस्सियों से बांधकर रखा गया था, जिन्हें काटने की तैयारी की जा रही थी। पुलिस ने मौके से मांस तौलने का डिजिटल कांटा, लोहे की तराजू-बाट और लोहे का बक्का और छुरी भी जब्त की गई है। पुलिस ने मामले में हाजी मुस्तकीम और वसीम बम्बईया के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
आरोपितों के खिलाफ पशु क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(घ), मप्र कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 11 तथा आयुध अधिनियम की धारा 25 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने मौके से जब्त मवेशी को थाने परिसर में बांधकर उनके चारे की व्यवस्था की है। जल्द ही इन्हें गौशाला भेज दिया जाएगा।
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घर का सामान उठा ले गए विद्युत कर्मचारी: बिजली बिल जमा न करने पर एक्शन
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बिजली बिल न भरने पर अनोखी कार्रवाई की गई है। विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने बकायेदारों के घर से सामान लेकर चले गए। बताया जा रहा है कि छह साल से बिजली का बिल बकाया था। कई बार नोटिस देने के बाद भी बिल जमा नहीं किया। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
विद्युत विभाग की टीम आज गुरुवार को जबलपुर के ठक्कर ग्राम स्थित रोशन जमीर और अजय शर्मा के घर पहुंची। बिजली कर्मचारी, दोनों उपभोक्ताओं के घर से सामान उठाकर ले गए। बताया जा रहा है कि साल 2018 से बिजली का बिल बकाया था। रोशन जमीर का 62 हजार 582 रुपये और अजय शर्मा का 27 हजार से ज्यादा का बिजली बिल बकाया था।
इन बिजली उपभोक्ताओं को कई बार नोटिस दी गई, लेकिन इसके बाद भी बिल जमा नहीं किया। समाधान योजना में बुलाने के बाद भी सेटलमेंट नहीं किया था। जिसके बाद विद्युत विभाग ने यह कार्रवाई की। इस मामले में विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा ने बताया कि लगातार निवेदन की बाद भी कुछ बड़े बकायेदार लोग बिजली बिल जमा नहीं कर रहे थे। पांच महीने से सरकार की समाधान योजना चल रही है, इसके बाद भी बकायेदार इसमें इंट्रेस्ट नहीं ले रहे थे, मजबूरन हमें यह कार्रवाई करनी पड़ी।
अभियंता संजय अरोरा ने बताया कि यह कार्रवाई ड्यूज रिकवरी एक्ट 1961 के अंतर्गत तथा भूराज्यों संहिता धारा 147 अंतर्गत मध्य प्रदेश शासन ने बिजली विभाग के जेई, ऐई को तहसीलदार के पावर दिए गए थे। चार उपभोक्ताओं के घर से सामान उठाया गया था। जिसमें से एक उपभोक्ता ने तत्काल मौके पर ही पैसे जमा कर दिए थे। एक अन्य उपभोक्ता ने भी आज पैसा जमा करने की बात कही थी। इस तरह से सिर्फ दो उपभोक्ताओं के घर से सामान जब्त किया गया है। जिले में कम से कम 400 लोग बकायेदार है।
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तंत्र मंत्र के नाम पर 10 लाख की ठगी करने वाले 2 आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे
नरसिंहपुर। अपने बहुत सी ठगी की वारदात सुनी होगी लेकिन आज हम आपको एक ऐसी ठगी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे देखकर तंत्र-मंत्र करने वालों से आपका विश्वास उठ जाएगा। जी हां जिसमें रात के अंधेरे में तंत्र मंत्र के नाम पर एक महिला से लाखों रुपए के जेवर ठग ले उड़े
मामला नरसिंहपुर का हैं जहां एक महिला को दो शातिर ठगों ने अपने तंत्र मंत्र के जाल में फंसाया और कहा कि जेवर तीन गुना कर देंगे। शर्त यह हैं कि जेवर को अंधेरी रात में किसी सुनसान जगह पर गाड़कर रखना होगा। फिर उस पर हम ऐसा तंत्र मंत्र करेंगे कि तुम्हारा जेवर दो गुना नहीं सीधे तीन गुना हो जाएगा। महिला ठगों की बातों में आ गई और रात के अंधेरे में सुनसान जगह पर जेवर रख दी। मौके का फायदा उठाते हुए दोनों ठग जेवर लेकर फरार हो गए। महिला से कहा था कि अगर यह बात किसी से कहीं तो घर अनहोनी हो जाएगी।
जेवर नहीं मिलने पर महिला ने इसकी शिकायत एसपी ऑफिस से की। एसपी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए दोनों ठगों के बारे में जानकारी जुठाई तो पता चला कि एक शातिर ठग अनिल राय उर्फ मुल्ला बाबा डोभी का रहने वाला और दूसरा अजय मेहरा बॉसकुंवारी गांव का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी अनिल राय को आगरा से और अजय को नरसिंहपुर से गिरफ्तार कर पूछताछ की। उन्होंने घटना स्वीकार कर ली। पुलिस ने दोनों आरोपियों से जेवर जिसकी कीमत 10 लाख जब्त कर आरोपियों को जेल भेज दिया है।

प्रमुख समाचार

राहुल गांधी से जुड़े कथित दोहरी नागरिकता के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अहम आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में FIR दर्ज कर जांच की जाए। साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि वह खुद जांच करे या फिर किसी केंद्रीय एजेंसी से जांच करवाए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही तय होगी।यह मामला पहले रायबरेली की सांसद-विधायक अदालत में दायर किया गया था। बाद में इसे लखनऊ ट्रांसफर किया गया। 28 जनवरी...

मध्य प्रदेश

सिंगरौली। जिले के बैढ़न में शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे जो हुआ, उसने कानून-व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। हथियारबंद 5 बदमाश दिनदहाड़े बैंक ऑफ महाराष्ट्र में घुसते हैं, फायरिंग करते हैं, कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बनाते हैं, मैनेजर को पीटते हैं और करीब 35 लाख रुपए लेकर आराम से फरार हो जाते हैं।दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुआ यह खौफनाक खेल पूरे 20 मिनट तक चलता रहा। बदमाशों ने बैंक के अंदर मौजूद हर शख्स पर बंदूक तान दी। चीख-पुकार के बीच लोग जान बचाने की गुहार...

अपराध

खरगोन। महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा की मुस्लिम युवक से शादी की चर्चा पूरे देश में सुर्खियां बटोर रही है। इस बीच दोनों के अचानक गायब होने के बाद खरगोन में रहने वाले मोनालिसा के माता-पिता चिंता में हैं। मामले में जिले की एक टीम केरल पहुंची है और दोनों की तलाश कर रही है। मोनालिसा और फरमान के मामले में खरगोन एसपी के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया था। यही टीम आज जांच के लिए केरल पहुंच चुकी है। इस टीम में एक थाना प्रभारी, एक सब-इंस्पेक्टर, एक...
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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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