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धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में युवती के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों का जुलूस निकालकर उन्हें न्यायालय में पेश किया। जहां उनके खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। घटना में प्रयुक्त तीन बाइक भी जब्त की गईं। यह पूरा मामला टांडा थाना क्षेत्र का है।
पुलिस के अनुसार, 3 अगस्त की रात करीब 11.30 बजे ग्राम कालीदेवी में पीड़िता अपने घर के आंगन में सो रही थी। इसी दौरान उसका जीजा दीपक सिंगार अपने साथियों करमसिंह सिंगार, भंगु डावर और सुरेश के साथ बाइक से वहां पहुंचा। आरोपियों ने युवती का जबरन अपहरण कर लिया। विरोध करने पर परिजनों के साथ गाली-गलौज की। जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी युवती को ग्राम नरवाली के जंगल में ले गए। जहां मुख्य आरोपी करमसिंह ने उसके साथ दुष्कर्म किया। अगले दिन परिजनों की तलाश के बाद पीड़िता मिली। उसने थाना टांडा पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। फरियादिया की शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी संजय कुमार रावत के नेतृत्व में गठित टीम ने दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

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27 से ज्यादा गंभीर मामलों का आरोपी ‘डकैत’ चढ़ा पुलिस के हत्थे, जांच में खुलेंगे कश्मीर और अतीक कनेक्शन
इंदौर। अपराध की दुनिया से सियासत तक पहुंचे पूर्व कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ डकैत की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। 27 से ज्यादा आपराधिक मामलों में आरोपी अनवर कादरी को सदर बाजार पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस बार पुलिस के हाथ लगा है फर्जी जम्मू-कश्मीर शस्त्र लाइसेंस का कनेक्शन। पुलिस की जांच में सामने आया है कि अनवर ने इसी लाइसेंस के आधार पर हथियार हासिल किया था।अब सवाल सिर्फ अनवर कादरी की गिरफ्तारी का नहीं… बल्कि उस पूरे नेटवर्क का है, जिसने फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार किया। पुलिस इसी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
दरअसल, सदर बाजार थाना पुलिस ने कुख्यात अपराधी अनवर कादरी उर्फ डकैत को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, अनवर कादरी के खिलाफ इंदौर के अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, बलवा, मारपीट, लव जिहाद फंडिंग, धर्मांतरण समेत 27 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसकी आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। लेकिन इस बार पुलिस की जांच एक ऐसे हथियार तक पहुंची, जिसके लाइसेंस ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। फरवरी 2025 में अनवर कादरी पर जावेद खान के घर लाइसेंसी बंदूक के साथ जबरन घुसने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज हुआ था। जांच के दौरान पुलिस ने उसके शस्त्र लाइसेंस की पड़ताल की तो बड़ा खुलासा हुआ।
पुलिस के मुताबिक, जिस शस्त्र लाइसेंस के आधार पर अनवर ने हथियार हासिल किया था, वह जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले से जारी बताया गया, लेकिन जांच में उसे फर्जी पाया गया। यहीं से पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस आखिर किसने तैयार किया? इसे बनवाने में कौन-कौन लोग शामिल थे? लाइसेंस के लिए फर्जी दस्तावेज कहां से आए? और सबसे बड़ा सवाल… इस नेटवर्क के तार आखिर कहां तक जुड़े हैं? इसी मामले में पुलिस ने आर्म्स एक्ट के साथ धोखाधड़ी और कूटरचना की धाराओं में भी कार्रवाई की है। यानी जिस हथियार के सहारे अनवर कादरी ने अपराध की दुनिया में दबदबा कायम किया अब उसी हथियार के लाइसेंस की जांच ने पुलिस के सामने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। और ये सवाल सिर्फ एक फर्जी लाइसेंस तक सीमित नहीं हैं।
पुलिस अब अनवर के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, उसके संपर्कों और कथित कश्मीर कनेक्शनों की भी पड़ताल कर रही है। कश्मीर कनेक्शन को लेकर भी उससे पूछताछ की जा रही है। इसी बीच इस पूरे मामले पर मंत्री ऊषा ठाकुर ने भी सख्त जांच की मांग की है। हालांकि अनवर कादरी बाणगंगा थाने में हिंदू युवतियों के शोषण और लव जिहाद फंडिंग के मामले में पहले जेल जा चुका है और कुछ दिन पहले ही जमानत पर जेल से रिहा हुआ था। फर्जी लाइसेंस किसने बनाया? हथियार तक पहुंच कैसे बनी? और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है? फिलहाल डीसीपी जांच कर रहे है…और अगर जांच की कड़ियां सही दिशा में जुड़ीं… तो अनवर कादरी की कहानी में आने वाले दिनों में कई और बड़े राज सामने आ सकते हैं। सवाल भी यही है क्या अनवर कादरी के और भी कई किरदार सामने आना बाकी हैं।
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इंदौर में डेढ़ करोड़ के घी पर बड़ी कार्रवाई, 25 हजार लीटर स्टॉक की बिक्री पर रोक
इंदौर। मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 25 हजार लीटर गोवर्धन ब्रांड घी के स्टॉक की बिक्री पर रोक लगा दी है। इस घी की अनुमानित कीमत करीब 1.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। साथ ही विभिन्न पैकिंग के 20 नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा, मध्य प्रदेश के निर्देश पर जुलाई 2026 से पूरे प्रदेश में दूध और दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में खासतौर पर दूसरे राज्यों से मध्य प्रदेश आने वाले दूध और दुग्ध उत्पादों की निगरानी की जा रही है। कुछ ब्रांडों के घी के नमूने पहले अमानक पाए जाने के बाद उनके खिलाफ विशेष जांच के निर्देश दिए गए थे।
कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में 6 अगस्त को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम एबी रोड स्थित पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड के डिपो पहुंची। जांच में सामने आया कि यहां से गोवर्धन ब्रांड घी पूरे मध्य प्रदेश में सप्लाई किया जाता है।प्रतिष्ठान केंद्रीय लाइसेंसधारी होने के कारण एफएसएसएआई वेस्टर्न रीजन, इंदौर की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। केंद्रीय अधिकारियों ने निरीक्षण कर 20 नमूने लिए और करीब 25 हजार लीटर घी, जिसकी अनुमानित कीमत 1.50 करोड़ रुपये है, उसकी बिक्री पर जांच पूरी होने तक रोक लगा दी।
इसी अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने भावण्या इंटरप्राइजेज, साउथ हरसिद्धि से गोपीश्री ब्रांड घी के 4 नमूने जांच के लिए लिए। साथ ही 312 लीटर घी, जिसकी कीमत करीब 1.34 लाख रुपये है, उसे जांच रिपोर्ट आने तक जब्त कर लिया गया।
एक शिकायत के आधार पर विजयनगर स्थित एक रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान रसोई में साफ-सफाई और स्वच्छता मानकों का पालन नहीं पाया गया। इसके बाद प्रतिष्ठान को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई। वहीं पनीर, दही और मसालों के नमूने भी जांच के लिए भोपाल की राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
एक अन्य शिकायत के आधार पर महू के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। यहां से बेसन, मिठाई, शक्कर और नमकीन के कुल 6 नमूने जांच के लिए लिए गए। कार्रवाई के बाद शिकायतकर्ता ने संतोष जताया।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन के मुताबिक विशेष अभियान के दौरान लिए गए सभी नमूनों को संबंधित प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी उत्पाद में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

 

छिंदवाड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को छिंदवाड़ा से मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान की शुरुआत करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को जवाबदेही का कड़ा संदेश दिया। अभियान के शुभारंभ के दौरान ही उन्होंने शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर छिंदवाड़ा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ नरेश गुन्नाडे, और परासिया तहसीलदार सुनैयना ब्रह्मे और सिद्धात साडू पटवारी हल्माने-02 ग्राम बाद्यबाधया तह‌सील- परासिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य केवल शिकायतें प्राप्त करना नहीं, बल्कि उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। अभियान की शुरुआत के साथ ही की गई यह कार्रवाई सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का संकेत है।
डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि वे सीएम हेल्पलाइन और अन्य जनशिकायतों का गंभीरता से निराकरण करें। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास तभी मजबूत होगा, जब लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान होगा और अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-विश्वास अभियान के दौरान पूरे प्रदेश में शिकायतों के निराकरण और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की लगातार समीक्षा की जाएगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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350 करोड़ के स्कूल ड्रेस टेंडर पर हाई कोर्ट की बड़ी रोक, सरकार से एक सप्ताह में जवाब तलब
जबलपुर. मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म की आपूर्ति से जुड़े करीब 350 करोड़ रुपये के टेंडर पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण अंतरिम राहत देते हुए टेंडर प्रक्रिया को फिलहाल अंतिम रूप देने पर रोक लगा दी है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने राज्य सरकार सहित संबंधित पक्षों को एक सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जवाब दाखिल होने तक टेंडर प्रक्रिया को अंतिम रूप नहीं दिया जाएगा. इस आदेश को प्रदेश के पावरलूम उद्योग और बुनकर समुदाय के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है.
मामले की सुनवाई अल्पसंख्यक पिछड़ा वर्ग पावरलूम बुनकर संघ सहित तीन बुनकर संगठनों द्वारा दायर याचिकाओं पर हुई. याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता श्रेयस धर्माधिकारी और तीर्थेश भारिल्ल ने पक्ष रखा, जबकि राज्य शासन की ओर से डॉ. एस.एस. चौहान ने न्यायालय में अपना पक्ष प्रस्तुत किया. याचिकाओं में मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा 3 जून 2026 को जारी स्कूल ड्रेस आपूर्ति संबंधी टेंडर प्रक्रिया को चुनौती दी गई है.
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह टेंडर मध्यप्रदेश भंडार क्रय नियम, 2023 के प्रावधानों के विपरीत जारी किया गया है. उनका तर्क है कि वर्ष 1993 से राज्य स्तरीय पावरलूम सहकारिता समिति को सरकारी स्कूलों की यूनिफॉर्म आपूर्ति के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करने की व्यवस्था रही है. इसके अलावा वर्ष 2023 के भंडार क्रय नियमों के अनुसार राज्य उपक्रमों से स्कूल ड्रेस की खरीदी के लिए खुली निविदा जारी करने की आवश्यकता नहीं है. इसके बावजूद मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम ने लगभग 350 करोड़ रुपये का खुला टेंडर जारी कर दिया, जिससे स्थापित व्यवस्था प्रभावित हुई है.
याचिकाओं में यह भी कहा गया है कि यदि वर्तमान टेंडर प्रक्रिया लागू होती है तो प्रदेश के पावरलूम और स्पिनिंग मिल उद्योग से जुड़े लगभग दो लाख बुनकर परिवारों की आजीविका पर गंभीर संकट आ सकता है. बुनकर संगठनों का दावा है कि इस उद्योग से जुड़े अनेक परिवारों ने अपने व्यवसाय के संचालन और विस्तार के लिए बैंकों से ऋण लिया है. यदि यूनिफॉर्म आपूर्ति का कार्य निजी टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से अन्य एजेंसियों को दिया जाता है तो इन बुनकरों के सामने रोजगार और आर्थिक स्थिरता का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है.
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार और अन्य संबंधित पक्षों से विस्तृत जवाब मांगा तथा अंतरिम व्यवस्था के रूप में टेंडर को अंतिम रूप देने पर रोक लगा दी. साथ ही निर्देश दिया कि इन याचिकाओं को पहले से विचाराधीन संबंधित याचिका के साथ सूचीबद्ध किया जाए, ताकि सभी जुड़े मुद्दों पर एक साथ सुनवाई की जा सके.
हाई कोर्ट के इस अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल 350 करोड़ रुपये की यूनिफॉर्म खरीदी प्रक्रिया पर अनिश्चितता की स्थिति बन गई है. अब सभी पक्षों की नजर राज्य सरकार के जवाब और अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां यह तय होगा कि टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी या याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों के आधार पर इसमें कोई बदलाव अथवा अन्य निर्देश जारी किए जाएंगे. न्यायालय के अंतिम निर्णय का प्रभाव न केवल सरकारी खरीद प्रक्रिया पर पड़ेगा, बल्कि प्रदेश के लाखों बुनकरों और उनसे जुड़े उद्योग के भविष्य पर भी महत्वपूर्ण असर डाल सकता है.
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EVM से चुने जाएंगे सरपंच और पंच, 2027 में होने वाले इलेक्शन के लिए आयोग ने कसी कमर
भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले साल होने वाले पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। इस बार सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि पंचायत चुनावों में सरपंच और पंच पदों का चुनाव भी पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से कराया जा सकता है। अब तक ये चुनाव बैलेट पेपर से होते आए हैं।
आयोग के अनुसार, जून-जुलाई 2027 में प्रस्तावित इन चुनावों में पूरे प्रदेश की करीब 443 नगरीय निकायों और लगभग 23 हजार पंचायतों में मतदान होगा। नगरीय क्षेत्रों के लिए करीब 22 हजार और ग्रामीण इलाकों में करीब 72 हजार पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे।राज्य निर्वाचन आयोग इस बार पूरे चुनाव को शत-प्रतिशत डिजिटल बनाने की दिशा में काम कर रहा है। अगर योजना लागू होती है तो पंचायत और निकाय दोनों स्तर पर EVM से मतदान होगा, जिससे मतगणना तेज होगी और परिणाम जल्दी आएंगे।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की भी व्यवस्था की जा रही है, ताकि प्रक्रिया की निगरानी बेहतर हो सके।पिछले चुनावों में जिला पंचायत और जनपद पंचायत सदस्यों का चुनाव EVM से होता था, जबकि सरपंच और पंच बैलेट पेपर से चुने जाते थे। इस बार पूरी प्रक्रिया को आधुनिक और तेज बनाने का प्रयास है। प्रशासनिक तैयारियां पहले से शुरू हो चुकी हैं और अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।यह कदम स्थानीय निकाय चुनावों को और अधिक पारदर्शी, तेज और भरोसेमंद बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके का एक नया वीडियो सामने आया है। उन्होंने 15 अगस्त पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने भाषण में देश के युवाओं के बारे में बात करने को कहा है।
अभिजीत दीपके की PM मोदी से नई डिमांड, बोले- Gen Z के बारे में…
जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट करने के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी को अलग-अलग मुद्दे पर बोलते हुए देखा जा रहा है। सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके को लगातार कोई ना कोई वीडियो शेयर करते हुए मोदी सरकार को घेरते हुए देखा जाता है। अब अपने नए वीडियो में उन्होंने पीएम मोदी से 15 अगस्त की स्पीच को लेकर एक रिक्वेस्ट की है।
अभिजीत ने सोशल मीडिया हैंडल से एक वीडियो शेयर करते हुए यह कहा है कि वह यह चाहते हैं कि इस बार प्रधानमंत्री मोदी यूथ और जेन जी के बारे में बात करें। वो उन्हें बताएं कि आखिरकार उन्होंने यूथ के लिए क्या किया है।
अभिजीत ने कहा कि ’15 अगस्त आ रहा है और हर साल हमारे प्रधानमंत्री लाल किले से भाषण देते हैं। हम चाहते हैं कि इस बार की स्पीच यूथ और जेन जी के लिए हो। प्रधानमंत्री यह बताएं कि वह उनके लिए क्या कर रहे हैं और उन्हें कैसे एक बेहतर भविष्य दे सकते हैं।’ आगे उन्होंने कहा कि ‘मैं आप लोगों से भी गुजारिश करता हूं कि अगले एक हफ्ते तक आप लोग भी पीएम मोदी से गुजारिश करें कि इस बार की स्पीच आप लोगों को चाहिए।’
यह भी बताया गया है कि कॉकरोच जनता पार्टी जल्दी एक कैंपेन शुरू करने जा रही है, जिसमें जनता से सीधा संवाद किया जा सकेगा। अभिजीत ने बताया कि अगले महीने पूरे भारत में लोगों से बातचीत करने और उनके मुद्दों को जानने के लिए ‘क्या बोलती है पब्लिक’ के नाम से कैंपेन शुरू करेंगे।
इस दौरान अभिजीत को केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बड़ी कामयाबी बताते हुए देखा गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने 10-12 साल से लोगों के मन में जो डर पैदा किया था, वह खत्म हो गया है। लोग अब सड़कों पर उतरेंगे उन्होंने एक व्यक्ति का इस्तीफा मांगा है, कल वो दूसरों से भी इस्तीफा मांगेंगे।
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महाराष्ट्र सरकार का बड़ा एक्शन: आतंकवाद से जुड़े 114 कट्टरपंथी प्रकाशनों पर प्रतिबंध, डिजिटल कॉपी भी जब्त
महाराष्ट्र की देवेंद्र फड़णवीस सरकार ने राज्य में आतंकवाद और कट्टरपंथी विचारधारा के प्रसार पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य के गृह विभाग ने 6 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना के तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 98(1) के अंतर्गत आतंकवादी संगठनों से जुड़े 114 प्रकाशनों, पत्रिकाओं, पुस्तकों, दस्तावेजों और डिजिटल प्रचार सामग्री को जब्त (Forfeit) घोषित कर दिया है।
सरकार के अनुसार, मुंबई एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) की खुफिया रिपोर्ट, साइबर सर्विलांस और विभिन्न जांचों में सामने आया कि प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की प्रचार सामग्री अब भी सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म, एन्क्रिप्टेड चैनलों और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से प्रसारित की जा रही थी। ATS के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने 17 मार्च 2026 को राज्य सरकार को इन प्रकाशनों को जब्त करने की सिफारिश की थी।
सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, इन प्रकाशनों में हिंसक उग्रवाद और जिहाद का महिमामंडन किया गया है। साथ ही युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने, आतंकी संगठनों में भर्ती के लिए प्रेरित करने तथा भारत की संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली सामग्री प्रकाशित की गई है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन प्रकाशनों का प्रकाशन, वितरण, बिक्री, प्रदर्शन, संग्रहण, कब्जा या डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराना सार्वजनिक व्यवस्था, राज्य की सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए गंभीर खतरा है। इसलिए इनकी सभी भौतिक और डिजिटल प्रतियों को तत्काल प्रभाव से सरकार के पक्ष में जब्त घोषित किया गया है।
प्रतिबंधित सूची में ‘Voice of Khurasan’ के कई अंक शामिल हैं, जिनका संबंध कथित तौर पर ISIS और ISKP से बताया गया है। इसके अलावा ‘The Revolutionary Resurgence’, ‘Kashmir Kifah-Resilience & Courage’, ‘The Soul of Resistance’, ‘Nawai Gazwa-e-Hind’, ‘Modern Warfare’, ‘The School of Yusuf’, ‘Tawheed Lectures’, ‘Hijra’ समेत कुल 114 कट्टरपंथी प्रकाशनों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
सरकार के अनुसार, प्रतिबंधित सामग्री का संबंध ISIS/ISKP, हिज्ब-उल-मुजाहिदीन, AQIS और UAPA के तहत प्रतिबंधित अन्य आतंकी संगठनों से जुड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और नेटवर्क से है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य कट्टरपंथी विचारधारा के प्रसार पर रोक लगाना, युवाओं को आतंकी प्रभाव से बचाना और राज्य की कानून-व्यवस्था व राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है।
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मोहन भागवत ने कहा- Gen Z पर अंधा विश्वास, प्रियंका गांधी बोलीं- ‘उन्हें आपके सर्टिफिकेट की जरुरत नहीं…’
RSS प्रमुख मोहन भागवत और Gen Z के बीच बातचीत को लेकर सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि Gen Z को RSS मोहन भागवत से किसी सर्टिफ़िकेट की जरूरत नहीं है. वहीं कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, ”अगर उन्हें ‘जेन ज़ेड’ की सच में परवाह है, तो उन्हें भारत के गृह मंत्री से इस्तीफा देने के लिए कहना चाहिए. वरना, उन्हें (केंद्रीय गृह मंत्री को) कम से कम संसद में आकर छात्रों से माफ़ी मांगनी चाहिए.” भौगोलिकसंदर्भ
उन्होंने कहा, ”RSS सरकार को नियंत्रित कर रही है. अगर उन्हें छात्रों की सच में परवाह है, तो उन्हें छात्रों पर हुए अत्याचारों की निंदा करनी होगी. पेलेट गन्स का इस्तेमाल किया गया था और छात्र इसके लिए जवाबदेही की मांग कर रहे हैं. वह इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं? यह सब बस दिखावा है.”
मोहन भागवत ‘इंडियाज़ इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस में शामिल हुए थे. जहां पर उन्होंने जेनजी से बातचीत की. उन्होंने कहा कि Gen Z पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं. छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प पर भागवत ने कहा कि उनके पास पूरी जानकारी नहीं है, इसलिए बिना तथ्यों के कोई निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए. मैं जेन जी पर आंख बंद करके भरोसा करूंगा. लेकिन हमें पूरी सच्चाई नहीं पता है. हम दोनों ही उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर बात कर रहे हैं. कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि इस आंदोलन में असामाजिक तत्व भी शामिल थे लेकिन प्रमाणित जानकारी के बिना किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए.
उन्होंने युवाओं को देश की सबसे ईमानदार और देशभक्त पीढ़ी बताते हुए कहा कि उनकी बात सुनना और उनसे संवाद बनाए रखना जरूरी है. उन्होंने कहा कि संवाद की कमी ही कई बार आंदोलनों की वजह बनती है. उन्होंने कहा कि जब बातचीत के सभी रास्ते बंद हो जाते हैं, तब आंदोलन जन्म लेते हैं. यदि सरकार समय रहते संवाद करे तो आंदोलन की नौबत नहीं आती. उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान नागरिकों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार देता है और आंदोलनों का उद्देश्य व्यवस्था में सुधार होना चाहिए, न कि टकराव.
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने पारंपरिक तालियों की जगह ‘फिंगर क्लैप’ से अपनी सहमति और सराहना जताई. यह शैली 1960 के दशक में LGBTQ+ समुदाय के ‘साइलेंट अप्लॉज’ के रूप में शुरू हुई थी और बाद में TikTok व Instagram के जरिए Gen-Z के बीच लोकप्रिय हो गई.

बालाघाट। जिले के किरनापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रजेगांव में बेखौफ बदमाशों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया है। रजेगांव-लांजी मुख्य मार्ग पर बीती रात करीब 9:30 बजे आधा दर्जन से अधिक बाइक सवार लुटेरों ने स्थानीय सराफा व्यापारी गेंदलाल करंडे पर हमला कर लगभग ₹2 करोड़ मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात लूट लिए और मौके से फरार हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित सराफा व्यापारी गेंदलाल करंडे की ग्राम रजेगांव में ही सराफा दुकान है। वे अपनी दुकान बंद कर लौट रहे थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार लुटेरों ने उन्हें घेर लिया। आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने से पहले व्यापारी की रेकी की थी।
बदमाशों ने व्यापारी पर डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया और गहनों से भरा बैग छीनकर फरार होने में कामयाब रहे। घटना के बाद लहूलुहान अवस्था में व्यापारी को तुरंत स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और इलाके की नाकाबंदी कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान व धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
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21 करोड़ रुपए की ठगी में भाजपा जिला पंचायत सदस्य गिरफ्तार, 50 लाख रुपए खाते में आने के मिले सबूत
ग्वालियर। मध्य प्रदेश में सबसे बड़े साइबर फ्रॉड मामलों में शामिल 21.05 करोड़ रुपए की ठगी में राज्य साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ग्वालियर के 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी की गई थी। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने शाजापुर के जिला पंचायत सदस्य और भाजपा से जुड़े नेता जगदीश कुमार मालवीय को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम में से 50 लाख रुपए आरोपी के बैंक खाते में पहुंचे थे।
पुलिस जांच के अनुसार ठगी की शुरुआत एक महिला द्वारा संपर्क करने से हुई। महिला ने पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से दोस्ती की और फिर उन्हें क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर कम समय में भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया। विश्वास जीतने के बाद अलग-अलग बैंक खातों में निवेश के नाम पर रकम जमा कराई गई। दिसंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच पीड़ित ने 106 बार में 76 अलग-अलग बैंक खातों में कुल 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए।
शुरुआती दौर में पीड़ित को निवेश पर अच्छे रिटर्न का भरोसा दिलाया गया। जब उन्होंने निवेश की गई राशि वापस निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने और अधिक पैसा जमा करने की शर्त रख दी। लगातार नई मांगें किए जाने पर उन्हें ठगी का संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने ग्वालियर स्थित राज्य साइबर पुलिस के नोडल थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद साइबर पुलिस ने बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों की विस्तृत जांच शुरू की।
जांच के दौरान साइबर पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम का एक हिस्सा शाजापुर निवासी जगदीश कुमार मालवीय के बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया था। पुलिस के अनुसार आरोपी के खाते में 50 लाख रुपए जमा होने के प्रमाण मिले हैं। इसके आधार पर राज्य साइबर पुलिस की टीम शाजापुर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया, जहां उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में आरोपी के बैंक खाते में 2.50 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आए हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपी का बैंक खाता केवल इस एक मामले तक सीमित नहीं था, बल्कि अन्य साइबर ठगी के मामलों में भी इसका उपयोग किया गया हो सकता है। इसी कारण उसके बैंकिंग रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि आरोपी हाल ही में अपने साथियों के साथ बैंकॉक (थाईलैंड) की यात्रा कर लौटा था। पुलिस को शक है कि विदेश यात्रा और अन्य महंगे खर्चों में साइबर ठगी से प्राप्त धन का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। जांच एजेंसियां अब आरोपी की संपत्तियों, यात्रा विवरण और खर्चों की भी जांच कर रही हैं, ताकि ठगी के पैसों के उपयोग का पूरा रिकॉर्ड सामने लाया जा सके।
राज्य साइबर पुलिस के डीएसपी संजीव नयन शर्मा के अनुसार पीड़ित द्वारा भेजी गई रकम को करीब 15 अलग-अलग वित्तीय लेयर के माध्यम से आगे बढ़ाया गया, ताकि उसके स्रोत और अंतिम गंतव्य का पता लगाना मुश्किल हो जाए। जांच में अब तक 20 हजार से अधिक बैंक खाते चिन्हित किए जा चुके हैं। पुलिस के अनुसार ठगी की लगभग 35 प्रतिशत राशि दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों के खातों तक पहुंची है। इससे संकेत मिलते हैं कि यह कोई स्थानीय गिरोह नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैला संगठित साइबर अपराध नेटवर्क है।
गिरफ्तार आरोपी जगदीश कुमार मालवीय भाजपा से जुड़े नेता होने के साथ वर्तमान में शाजापुर जिला पंचायत सदस्य हैं। इसके अलावा वह अखिल भारतीय बलाई समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल जारी है।
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‘मैं प्रोफेसर हूं’, ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन के गेट पर बम फेंकने वाला पकड़ाया
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के महाराजपुरा इलाके में स्थित एयरफोर्स स्टेशन के मुख्य द्वार पर मंगलवार रात एक युवक ने दो पेट्रोल बम फेंककर सनसनी फैला दी। धमाके के साथ पेट्रोल से भरी बोतलें फूटने से गेट के पास आग लग गई, जिससे कुछ देर के लिए एयरफोर्स स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया। मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। बुधवार को पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने उससे पूछताछ की।
जांच में सामने आया कि, आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर मानसिक आरोग्यशाला भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी धनापुर, वाराणसी का रहने वाला है। पूछताछ में उसने बताया कि वह दो दिन पहले ट्रेन से ग्वालियर आया था। शहर में भटकने के बाद उसने स्टेशन के पास एक होटल में कमरा लिया। अगले दिन पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदकर दो बीयर की बोतलों में भरा और एयरफोर्स स्टेशन के मुख्य द्वार के पास पहुंचकर उन्हें फेंक दिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हुए खुद को आंध्रप्रदेश के एक निजी कॉलेज में सहायक प्रोफेसर बताता रहा। उसने दावा किया कि वह छुट्टी पर ग्वालियर आया है और यहां रहने वाले एक परिचित की वजह से मानसिक तनाव में था। उसने अपनी परेशानी को एयरफोर्स स्टेशन से जोड़ते हुए घटना करने की बात कही। हालांकि पुलिस ने जब उसकी जानकारी का सत्यापन किया तो पता चला कि वह मानसिक रोगी है और परिवार भी उसे छोड़ चुका है।
हालांकि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ निकला, लेकिन इस घटना ने एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एयरफोर्स स्टेशन और उसके आसपास का क्षेत्र हाई सिक्योरिटी जोन माना जाता है। इसके बावजूद आरोपी पेट्रोल से भरी बोतलें लेकर मुख्य द्वार तक पहुंच गया। गौरतलब है कि एयरफोर्स गेट से कुछ ही दूरी पर महाराजपुरा थाना भी स्थित है, फिर भी उसे रास्ते में किसी ने नहीं रोका।
घटना को लेकर एएसपी ग्वालियर डॉ. शिवेष सिंह बघेल का कहना है कि, मानसिक रोगी ने हरकत की थी, उसे पकड़ा गया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। परिवार ने भी उसे बेदखल कर दिया है। इस आधार पर उसे कोर्ट में पेश कर मानसिक आरोग्यशाला में भर्ती कराया गया है।

भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड में सहायक सचिव की किडनैपिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मछंड़ सेवा सहकारी संस्था के सहायक सचिव के साथ 5 लाख के लेनदेन को लेकर बंधक बनाकर मारपीट की। हैवानों ने उन्हें इतना पीटा कि उनकी चमड़ी उधड़ गई।
सहायक सचिव ने आरोप लगाया कि 13 घंटे बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप लगाया। बेसबॉल बैट, प्लास्टिक पाइप, लात-घूंसों और थप्पड़ बरसाते हुए बेरहमी से की मारपीट कर चमड़ी उधेड़ी। अपहरण करने के बाद आलमपुर और दबोह क्षेत्र में घुमाया, बेरहमी से करते रहे बदमाश सहायक सचिव की मारपीट। पिस्टल दिखाकर 3 चैक, 5 कोरे कागज सहित 200-200 रुपए के 2 स्टांप पर जबरन हस्ताक्षर कराए।
आरोपी ने पहले लेनदेन की रकम नगद लौटाई उसके 6-7 दिन बाद बाकी हिसाब करने और अपने पिता से बात के बहाने बुलाया था लहार। यहां पहुंचने पर जाने पर सहायक सचिव अपने एक दोस्त के साथ निजी कार से अजीत चौहान के घर पहुंचे। घर पहुंचते ही आरोपी और उसके अन्य 3 साथियों ने मिलकर मारपीट शुरू की। पीड़ित की कार में उसे पीछे की सीट पर बिठाकर खुद ड्राइविंग सीट पर बैठे। कई घंटों से घर न आने पर पीड़ित के परिजन रात 11बजे आरोपी के घर पहुंचे, तब आरोपियों के चंगुल से छुटे सहायक सचिव विनोद सिंह राजावत।
पीड़ित की शिकायत पर लहार थाना पुलिस ने 4 नामजद आरोपियों के खिलाफ अपहरण, जबरन बंधक बनाकर मारपीट, जान से मारने की धमकी, जबरन चेक, कोरे कागजों सहित स्टाम्प पर हस्ताक्षर कराने समेत अन्य धाराओं में FIR दर्ज का विवेचना शुरू की।
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बैंक में युवती ने काटा रिटायर शिक्षक का थैला, 50 हजार रुपये उड़ाए; वारदात CCTV में कैद
देवरी। सागर जिले के देवरी में स्थित भारतीय स्टेट बैंक में दिनदहाड़े एक लड़की ने वृद्ध रिटायर शिक्षक के पचास हजार रुपयों पर बड़ी चतुराई से हाथ साफ कर दिया। इस घटना ने बैंक में ग्राहकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए है क्योंकि घटना के समय गेट पर गार्ड मौजूद नही था। पूरी घटना बैंक के कैमरे दर्ज हुई है अब देवरी पुलिस मामला कायम कर आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है।
घटनाक्रम के अनुसार पीड़ित तिलक वार्ड निवासी रिटायर्ड शिक्षक तुलसीराम नेमा पिता घनश्याम नेमा 84 साल ने बताया की वह अपनी नातिन रूनझुन के साथ दोपहर में मकान के काम के लिए पचास हजार की राशि निकालने के लिए भारतीय स्टेट बैंक की शाखा देवरी में गए थे। दोपहर 3 बजे पचास हजार रूपये निकालकर जैसे ही बैंक के बाहर निकले तो देखा कि उनके थैले में नोट नहीं थे और थैला कटा हुआ था। इसके बाद उन्होंने पुलिस थाने जाकर मामला दर्ज कराया।
थाना प्रभारी हरिराम मानकर ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दो महिलाएं दिख रही हैं जिसमें एक पीला सूट पहनी महिला आगे हो जाती है और पीछे रिटायर्ड शिक्षक तुलसीराम नेमा गेट से निकलने लगते हैं और उनके पीछे एक लड़की भी तेजी से निकलने की कोशिश करती है और इसी दौरान कटर से नीले रंग के थैले को काट कर पांच सौ के नोटों का बंडल निकालकर आगे निकल जाती है।
इस मामले में एसडीओपी अरुण उइके ने बताया कि फरियादी रिटायर्ड शिक्षक तुलसीराम नेमा भारतीय स्टेट बैंक में 50 हजार निकाल कर गेट से निकलते समय उनके थैले से 50 हजार चोरी हो गए हैं। उन्होंने थाने में आकर कंप्लेंट की है मामला संज्ञान में आने के बाद सीसीटीवी फुटेज निकले जा रहे हैं। जिसमें दो महिलाएं इस वारदात को अंजाम देते हुए दिखाई दे रही हैं।इस वारदात में कौन-कौन इंवॉल्व है इसकी जांच की जा रही है।

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15 साल पुरानी बसों के नियम पर बवाल, 7 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे प्राइवेट बस ऑपरेटर्स
भोपाल। परिवहन विभाग के वर्ष 2015 के नियम के तहत 15 साल पुरानी यात्री बसों को मध्यप्रदेश में रूट परमिट नहीं मिलता, जबकि इन्हीं बसों को देशभर में अस्थायी परमिट जारी किए जा सकते हैं। इसी नियम के विरोध में 7 अगस्त की रात 12 बजे से प्रदेशभर के प्राइवेट बस ऑपरेटर्स हड़ताल पर जाएंगे। परिवहन मंत्री ने मामले के अध्ययन के लिए सात सदस्यीय समिति बनाने का प्रस्ताव सचिवालय को भेज दिया है। हड़ताल होने पर प्रदेश के भीतर और तीर्थ यात्रा सहित कुल 28 हजार बसों का संचालन प्रभावित होगा।
देशभर में सिर्फ मध्यप्रदेश में ऐसा प्रावधान है कि 15 साल पुरानी यात्री बसों को प्रदेश के अंदर संचालन के लिए रूट परमिट जारी नहीं किया जाता। जबकि इन्हीं बसों को देशभर में तीर्थ यात्रा या विशेष आयोजनों के लिए अस्थायी परमिट जारी किए जा सकते हैं। वर्ष 2015 में परिवहन विभाग ने यह नियम लागू किया था, जिसका प्राइवेट बस ऑपरेटर्स लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस नियम में अब तक कोई राहत नहीं दी गई है।
नियम में संशोधन नहीं होने के विरोध में प्रदेशभर के प्राइवेट बस ऑपरेटर्स 7 अगस्त की रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। हड़ताल की स्थिति में मध्यप्रदेश के भीतर संचालन करने वाली करीब 12 हजार बसों के साथ तीर्थ यात्रा और अन्य प्रयोजनों में लगी कुल 28 हजार बसों के पहिए थम जाएंगे। इससे प्रदेशभर में यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बस ऑपरेटर्स का कहना है कि मध्यप्रदेश में 15 साल पुरानी बसों का रूट परमिट नहीं मिलता, जबकि अन्य राज्यों में बस की फिटनेस होने पर उसके संचालन की अनुमति दी जाती है। दिल्ली में 10 साल पुरानी बसों के संचालन पर रोक है, लेकिन अन्य राज्यों में फिटनेस को ही आधार माना जाता है। इसी अंतर को लेकर बस संचालक मध्यप्रदेश के नियमों में संशोधन की मांग कर रहे हैं।
बस ऑपरेटर्स की हड़ताल की घोषणा के बाद परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने बस संचालकों के साथ बैठक की। बातचीत के बाद अन्य राज्यों के नियमों का अध्ययन करने के लिए सात सदस्यीय समिति बनाने पर सहमति बनी। मंगलवार को हुई बैठक में परिवहन मंत्री ने बताया कि समिति गठन का प्रस्ताव सचिवालय भेज दिया गया है, जिसमें चार सदस्य बस ऑपरेटर्स भी होंगे। समिति की रिपोर्ट के आधार पर 15 साल पुराने नियम में संशोधन पर विचार किया जाएगा।
बस ऑनर्स एसोसिएशन के जय कुमार जैन ने कहा कि 15 साल पुरानी यात्री बस मध्यप्रदेश में नहीं चल सकती, जबकि वही बस देशभर में फिटनेस के आधार पर संचालित हो सकती है। उन्होंने इसे अजीब नियम बताते हुए हड़ताल का कारण बताया। वहीं परिवहन आयुक्त उमेश जोगा ने कहा कि बस ऑपरेटर्स की आपत्ति को देखते हुए अन्य राज्यों के नियमों का अध्ययन कराया जाएगा और उसके बाद आवश्यक संशोधन पर विचार किया जा सकता है।

प्रमुख समाचार

कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके का एक नया वीडियो सामने आया है। उन्होंने 15 अगस्त पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने भाषण में देश के युवाओं के बारे में बात करने को कहा है।अभिजीत दीपके की PM मोदी से नई डिमांड, बोले- Gen Z के बारे में…जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट करने के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी को अलग-अलग मुद्दे पर बोलते हुए देखा जा रहा है। सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके को लगातार कोई ना कोई वीडियो शेयर करते हुए मोदी सरकार को घेरते हुए देखा जाता...

मध्य प्रदेश

छिंदवाड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को छिंदवाड़ा से मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान की शुरुआत करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को जवाबदेही का कड़ा संदेश दिया। अभियान के शुभारंभ के दौरान ही उन्होंने शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर छिंदवाड़ा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ नरेश गुन्नाडे, और परासिया तहसीलदार सुनैयना ब्रह्मे और सिद्धात साडू पटवारी हल्माने-02 ग्राम बाद्यबाधया तह‌सील- परासिया को तत्काल प्रभाव से...

अपराध

धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में युवती के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों का जुलूस निकालकर उन्हें न्यायालय में पेश किया। जहां उनके खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। घटना में प्रयुक्त तीन बाइक भी जब्त की गईं। यह पूरा मामला टांडा थाना क्षेत्र का है।पुलिस के अनुसार, 3 अगस्त की रात करीब 11.30 बजे ग्राम कालीदेवी में पीड़िता अपने घर के आंगन में सो रही थी।...
More inअपराध  

गुना सिटी

गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) ट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव एवं उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र में कार रिपेयरिंग की दो अलग-अलग दुकानों से हुई चोरी की घटनाओं का पर्दाफाश करते हुए वारदातों को अंजाम देने वाली महिला आरोपिया सहित चोरी का माल खरीदने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर दोनों प्रकरणों में चोरी गया करीब 1.50 लाख रुपये मूल्य का संपूर्ण माल बरामद कर लिया गया है ।उल्लेखनीय है कि दिनांक 17 जुलाई 2026 को फरियादी साजिद खान निवासी कर्नेलगंज, गुना ने कैंट थाने में रिपोर्ट...

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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