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झाबुआ। झाबुआ जिले के चुई गांव में तीन मासूम बच्चों के शव कुएं में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। दशहरा मनाने के लिए घर से निकले तीनों बच्चे जब देर तक वापस नहीं लौटे, तो परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। खेतों में खोजबीन के दौरान बच्चों की साइकिल मिली। इसके बाद आसपास मौजूद कुओं में तलाश की गई, जहां एक गहरे कुएं में तीनों बच्चों के शव मिले। बच्चों के शरीर पर चोट और कटे होने के निशान मिलने की बात सामने आई है। घटना के बाद ग्रामीणों ने नरबलि की आशंका जताई है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार, विजय, मयंक और विवेक दशहरा मनाने के लिए अपने घर से निकले थे। परिवार के लोगों को उम्मीद थी कि बच्चे कुछ समय बाद वापस लौट आएंगे, लेकिन काफी देर बीतने के बावजूद वे घर नहीं पहुंचे। इससे परिजन चिंतित हो गए और उनकी तलाश शुरू कर दी।परिवार के साथ ग्रामीण भी बच्चों को खोजने में जुट गए। आसपास के इलाकों और खेतों में खोजबीन की गई। इसी दौरान बच्चों की साइकिल खेत में मिली। साइकिल मिलने के बाद लोगों को अनहोनी की आशंका हुई और उसके आसपास के क्षेत्र में तलाश तेज कर दी गई।
जिस स्थान पर बच्चों की साइकिल मिली थी, उसके आसपास तीन कुएं मौजूद थे। ग्रामीणों ने बच्चों के कुएं में गिरने की आशंका के चलते तलाश शुरू की। इसी दौरान एक गहरे कुएं में तीनों बच्चों के शव मिले।एक साथ तीन बच्चों के शव मिलने की खबर फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया। परिवारों में चीख-पुकार और शोक का माहौल बन गया। जिन बच्चों को परिजन तलाश रहे थे, उनके शव मिलने से पूरे गांव में मातम छा गया।
मिली जानकारी के मुताबिक, बच्चों के नाक, कान और जीभ पर कटे होने के निशान बताए गए हैं। शरीर पर अन्य चोटों के निशान होने की बात भी सामने आई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए ग्रामीणों ने घटना के पीछे नरबलि की आशंका जताई है।हालांकि, केवल इन निशानों के आधार पर नरबलि या किसी अन्य अपराध की पुष्टि नहीं की जा सकती। बच्चों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, उनके शरीर पर निशान कैसे आए और घटना के पीछे क्या कारण है, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।
इस घटना ने तीनों बच्चों के परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। जानकारी के अनुसार, विजय और मयंक अपने-अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। वहीं, विवेक के परिवार में दो भाई हैं।तीन मासूमों की एक साथ मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी घटना को लेकर शोक और चिंता का माहौल है। परिजन यह जानना चाहते हैं कि आखिर बच्चों के साथ क्या हुआ और वे किन परिस्थितियों में कुएं तक पहुंचे।
चुई गांव में तीन बच्चों के शव मिलने की घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। बच्चों का घर से निकलना, खेत में साइकिल का मिलना, कुएं में शव बरामद होना और शरीर पर कटे होने के निशान सामने आना—इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी है।

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जांच करने पहुंची पुलिस टीम पर हमलाः SI समेत 4 पुलिसकर्मी घायल, 7 नामजद आरोपियों पर FIR
उज्जैन। उज्जैन जिले के उन्हेल थाना क्षेत्र से एक गंभीर और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मारपीट और गाली-गलौज के मामले में शिकायत पर कार्रवाई करने और आरोपियों की तलाश में पहुंची पुलिस टीम पर उग्र परिजनों ने लाठी और पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में एक सब-इंस्पेक्टर (एसआई) समेत कुल चार पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।
दरअसल घटना बुधवार दोपहर की है। उन्हेल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नागझिरी में कुछ दिन पहले मारपीट की एक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसकी जांच और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस जब आरोपियों के घर दबिश देने पहुँची, तो वहाँ मौजूद परिजनों और समर्थकों ने पुलिस टीम पर अचानक हमला बोल दिया। आरोप है कि हमलावरों ने पुलिसकर्मियों पर लाठी-डंडों से वार करने के साथ ही पथराव भी किया। इस अचानक हुए हमले में पुलिस टीम के कई जवान चोटिल हो गए। घायलों में एसआई चावड़ा सहित कुल चार पुलिसकर्मी शामिल हैं, जिन्हें इस झड़प में चोटें आई हैं।
पुलिस पर इस तरहले सरेआम हमले और शासकीय कार्य में बाधा डालने की घटना को प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में सात नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। घटना के बाद से हमलावर मौके से फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले और पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे, जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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‘अतिथि ऐप’ से होगी डिजिटल चेकिंग: होटल में कमरा लेने से पहले बारकोड स्कैन करते ही खुलेगी कुंडली
भोपाल। राजधानी भोपाल के होटलों, लॉज और धर्मशालाओं में फर्जी नाम-पते या नकली पहचान-पत्र के सहारे ठहरने वालों पर लगाम लगाने की तैयारी है। भोपाल पुलिस इसके लिए अतिथि ऐप आधारित डिजिटल सत्यापन व्यवस्था शुरू करने जा रही है। इसकी शुरुआत प्रायोगिक तौर पर एमपी नगर थाना क्षेत्र से होगी।
अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक, इस व्यवस्था के तहत होटलों में विशेष बारकोड लगाए जाएंगे। इससे बाहरी ओर संदिग्ध लोगों को अपने मोबाइल से बारकोड स्कैन करना होगा। इसके जरिए आधार के ऑफलाइन सत्यापन की व्यवस्था प्रस्तावित है, ताकि पहचान-पत्र की प्रामाणिकता जांचने में मदद मिल सके। दरअसल, अभी होटल संचालक बाहरी लोगों के पहचान-पत्र लेकर उनका रिकॉर्ड दर्ज करते हैं। लेकिन दस्तावेज की कॉपी रख लेने भर से उसकी असलियत की पुष्टि नहीं हो पाती।
ऐसे में फर्जी पहचान के सहारे ठहरने वाले लोगों की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बन सकता है। नई व्यवस्था लागू होने से पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है। एमपी नगर में पायलट प्रोजेक्ट के दौरान इसकी उपयोगिता, तकनीकी दिक्कतों और होटल संचालकों को होने वाली परेशानियों का आकलन किया जाएगा। इसके बाद योजना को दूसरे थाना क्षेत्रों में लागू करने पर फैसला लिया जा सकता है। हालांकि इस व्यवस्था की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि बारकोड के जरिए सत्यापन कितना आसान और भरोसेमंद रहता है और फर्जी पहचान के मामलों की जांच में इससे कितनी मदद मिलती है।
केवल फर्जी आधार पकड़ना ही नहीं यह भी हो सकते हे फायदे
फरार आरोपियों की तलाश।
होटल में दर्ज वास्तविक पहचान और ठहरने की जानकारी समय पर मिलने से जांच एजेंसियों को आरोपियों का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
होटल संचालकों की जवाबदेही।
सत्यापन की एक समान प्रक्रिया बनने से मेहमानों के दस्तावेज जांचने में लापरवाही की गुंजाइश कम हो सकती है। इसके लिए होटल संचालकों की जिम्मेदारियां स्पष्ट करना जरूरी होगा।
जांच में समय की बचत।
डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने पर पुलिस को जरूरत पड़ने पर होटल के रजिस्टर और दस्तावेजों की जानकारी जुटाने में कम समय लग सकता है।

हरदा। रेलवे लाइन के पास स्थित देवकालोनी की छोटी बस्ती में कभी रहवासियों को पीने और जरूरत के लिए पानी दूर से लाना पड़ता था। नसरीन ने इस परेशानी को दूर करने के लिए खुद कुआं खोदना शुरू किया, जिसमें उसके माता-पिता और बहनों ने भी मदद की। आज वह कुआं पक्का हो चुका है और नसरीन के जज्बे की कहानी लेखिका सपना शिवाले सोलंकी की किताब थोड़ी सी धूप में हारूंगी नहीं शीर्षक से दर्ज हुई है।
बात वर्ष 2006 की है। रेलवे लाइन के पास स्थित देवकालोनी की एक छोटी बस्ती में कच्चे मकान थे। रहवासियों को पीने के साथ-साथ जरूरत का पानी दूर से लाना पड़ता था। इन्हीं में से एक परिवार की सबसे बड़ी बेटी नसरीन को रोज अपनी दो बहनों के साथ दूर से पानी लाना पड़ता था। एक दिन नसरीन ने ठान लिया कि कब तक ऐसी तकलीफ सहेंगे। उसने अकेले कुआं खोदने का फैसला कर लिया।
सुबह से शाम तक नसरीन लगातार खुदाई करती। शुरुआत में हाथों से मिट्टी निकाली, फिर एक कटे पेड़ को गड्ढे के ऊपर रखकर रस्सी और डलिया के सहारे मिट्टी बाहर फेंकी। इस काम में उसकी बहनें और मां-पिता मदद करते। कुएं से निकली मिट्टी से बांस-खपच्ची से बने अपने कच्चे घर को सबने मिलकर लीप-पोतकर रहने लायक बनाया। लगातार खुदाई के 20वें दिन, 35 फुट गहरे गड्ढे में कुदाली की चोट पड़ते ही जमीन से पानी की धार फूट पड़ी।
उस दिन नसरीन और उसके परिवार की मेहनत का पसीना सार्थक हो गया। उस कच्चे कुएं से न सिर्फ उसके परिवार, बल्कि आसपास के रहवासियों की प्यास बुझने लगी। पहले का कच्चा कुआं अब पक्के कुएं में तब्दील हो चुका है। पहले जिस कुएं से नसरीन रस्सी-बाल्टी से पानी खींचती रही, वहां अब सुरक्षित जाली लगे कुएं में पानी की मोटर भी लगी है। पूरे परिवार की पानी की जरूरत को कुआं पूरा कर रहा है। नसरीन की उपलब्धि पर पूरा परिवार नाज करता है।
नसरीन आज भी गरीब तबके के बच्चों को शिक्षित करने का सपना देखती हैं। नसरीन एक ऐसे मंच की तलाश में हैं, जहां से वह अपने नेक इरादों को साकार कर सकें। पानी की परेशानी दूर करने के लिए कुआं खोदने वाली नसरीन अब शिक्षा के जरिए जरूरतमंद बच्चों के जीवन में बदलाव लाना चाहती हैं।
जैसे हर माता-पिता विदाई पर बेटी को उपहार देते हैं, नसरीन ने विदाई से पहले ही अपने बाबुल को जीवनभर का जलस्रोत उपहार में देकर एक नई मिसाल कायम की है। उल्लेखनीय है कि एडिशनल कमिश्नर इंदौर (कमर्शियल टैक्स) एवं लेखिका सपना शिवाले सोलंकी के हाल ही में प्रकाशित नौ कहानियों के संग्रह थोड़ी सी धूप में नसरीन के इसी जज्बे को हारूंगी नहीं शीर्षक से कहानी का रूप दिया गया है। मालूम हो, शिवाले मैडम तत्समय प्रशासनिक अधिकारी के पद पर हरदा में पदस्थ थीं। शिवाले मैडम ने कहा कि वे नसरीन से संपर्क कर उन्हें कहानी संग्रह भेंट करेंगी।
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देवास की मोबाइल चोरी से खुला पांच राज्यों में फैला नेटवर्क, 400 फोन जब्त, 1.56 करोड़ का माल बरामद
देवास। एबी रोड स्थित मिठाई दुकान पर हुई मोबाइल चोरी की जांच में पुलिस ने पांच राज्यों के 22 जिलों तक फैले मोबाइल चोरी और खरीद-फरोख्त के नेटवर्क का खुलासा किया है। कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 1.50 करोड़ रुपये कीमत के 400 मोबाइल फोन और छह लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। पुलिस को आशंका है कि चोरी के मोबाइल इंदौर के जरिए विदेशों में भी भेजे जा रहे थे। इस पहलू पर जांच की जा रही है।
मामले का खुलासा 13 सितंबर को एबी रोड स्थित अपना स्वीट्स पर एक युवक का मोबाइल चोरी होने के बाद शुरू हुई जांच में हुआ। इसके बाद 21 सितंबर को पीठा रोड स्थित तिवारी स्वीट्स पर भी मोबाइल चोरी की घटना सामने आई। दोनों मामलों में कोतवाली थाने में केस दर्ज किए गए थे। पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान करते हुए जांच आगे बढ़ाई तो चोरी के मोबाइल एकत्रित करने और उनकी खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क का पता चला।
पुलिस कप्तान पुनीत गेहलोद ने बताया कि गिरोह के सदस्य भीड़भाड़ वाले बाजारों, रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थानों पर मोबाइल चोरी करते थे। चोरी के फोन अलग-अलग माध्यमों से इंदौर निवासी शुभम राठौर तक पहुंचाए जाते थे। पुलिस ने शुभम को नेटवर्क का मुख्य रिसीवर बताया है। उसके जरिए चोरी के मोबाइल की आगे खरीद-फरोख्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मनीष पारदी, सूरज सिंह पारदी और शुभम राठौर को गिरफ्तार किया है।
आरोपितों से पूछताछ में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान के अलावा दमन में भी मोबाइल चोरी की घटनाओं से जुड़े तार सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, जब्त मोबाइल पांच राज्यों के 22 जिलों से चोरी किए गए थे।
जांच में यह आशंका भी सामने आई है कि इंदौर में एकत्र किए जाने वाले चोरी के मोबाइल अन्य एजेंटों के माध्यम से विदेशों में भेजे जाते थे। पुलिस इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और मोबाइल की आगे की सप्लाई के संबंध में पूछताछ कर रही है। आरोपितों के खिलाफ दर्ज प्रकरण में संगठित आपराधिक गतिविधियों और चोरी की संपत्ति की खरीद-फरोख्त से संबंधित धाराएं भी बढ़ाई गई हैं।
गिरोह की गतिविधियां मध्यप्रदेश के देवास, इंदौर, उज्जैन, धार एवं छतरपुर, महाराष्ट्र के मुंबई-ठाणे, नासिक, कोल्हापुर, जलगांव, जालना, छत्रपति संभाजीनगर एवं अहमदनगर, गुजरात के अहमदाबाद, वडोदरा, भरूच, नवसारी एवं दाहेज, केंद्र शासित प्रदेश दमन तथा राजस्थान के जयपुर एवं अजमेर सहित विभिन्न स्थानों से जुड़ी होना सामने आया है । चोरी किए गए मोबाइल को गिरोह के सदस्य अलग-अलग माध्यमों से इंदौर निवासी शुभम राठौर तक पहुंचाते थे । शुभम के खिलाफ इंदौर के विभिन्न थानों में पूर्व से कई प्रकरण दर्ज होने की बात सामने आई है।
कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह वर्धमान के मार्गदर्शन, नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के निर्देशन और कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया के नेतृत्व में की गई। पुलिस अब जब्त मोबाइलों के वास्तविक मालिकों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
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पुलिस का मास्टर स्ट्रोक: रीवा से आई कफ सिरप की खेप पकड़ी, 10.35 लाख का मशरूका जब्त
शहडोल। नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए ब्यौहारी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने संदिग्ध वाहन की चेकिंग के दौरान प्रतिबंधित श्रेणी की कफ सिरप की 50 शीशियां बरामद कीं, पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए कार, कफ सिरप और मोबाइल फोन सहित करीब 10 लाख 35 हजार रुपये का मशरूका जब्त किया है।
पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि रीवा से कफ सिरप की खेप ब्यौहारी लाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संदिग्ध वाहन की तलाशी ली। इस दौरान वाहन से OHMS फेंडीकफ की 50 शीशियां बरामद हुईं। प्रत्येक शीशी 100 एमएल की थी, यानी कुल करीब पांच लीटर कफ सिरप जब्त की गई,प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी रीवा से कफ सिरप खरीदकर ब्यौहारी लाते थे और यहां ऊंचे दामों पर बेचते थे।
मामले में पुलिस ने रीवा निवासी मिथलेश मिश्रा और ब्यौहारी निवासी विक्रांत वर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के बीच वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्य भी मिले हैं, जिनकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है।इस कार्रवाई में कार, कफ सिरप और मोबाइल फोन सहित कुल करीब 10 लाख 35 हजार रुपये का मशरूका जब्त किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट और मध्य प्रदेश ड्रग कंट्रोल अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
ब्यौहारी पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध कफ सिरप के कारोबार पर शिकंजा कसने का संदेश गया है। अब जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भी कोई भूमिका है या नहीं।
वही इस मामले में एसडीओपी ब्यौहारी ऋषभ झरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि मुखबिर की सूचना पर बुढ़ार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अवैध कफ सिरप की 50 शीशियां जब्त की हैं। मामले में रीवा निवासी मिथलेश मिश्रा और ब्यौहारी निवासी विक्रांत वर्मा को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी रीवा से कफ सिरप लाकर ब्यौहारी में ऊंचे दामों पर बेचते थे। कार, कफ सिरप और मोबाइल सहित करीब 10 लाख 35 हजार रुपये की सामग्री जब्त की गई है। आरोपियों के वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है। एनडीपीएस एक्ट और मध्य प्रदेश ड्रग कंट्रोल अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

नई दिल्ली. पंजाब की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनेगी. उनके इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच दोबारा गठबंधन होने की संभावनाओं पर चर्चा शुरू हो गई है.
अमित शाह ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की जनता मौजूदा सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं है. उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में पंजाब की सत्ता में बदलाव होगा और एनडीए सरकार बनाएगा.
गृह मंत्री ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भी बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029 तक पंजाब से नशे के कारोबार को समाप्त करना है. शाह ने आरोप लगाया कि राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में नशे का कारोबार बढ़ा है.
उन्होंने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल राजनीतिक बयानबाजी से समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता, बल्कि सरकारों को अपने कामकाज के नतीजे भी दिखाने पड़ते हैं. शाह ने दावा किया कि अगले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को पंजाब में बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.
अमित शाह हाल के महीनों में पंजाब का दौरा कर नशे के खिलाफ अभियान को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जता चुके हैं. अपने हालिया दौरे के दौरान उन्होंने गुरदासपुर, संगरूर और मानसा में उन परिवारों से मुलाकात की थी, जिन्होंने नशे के खिलाफ आवाज उठाने के दौरान अपने परिजनों को खोया.
इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि नशा तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को डराने या उनकी आवाज दबाने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
भाजपा-अकाली दल के बीच फिर बन सकता है गठबंधन?
अमित शाह के बयान के बाद भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के संभावित गठबंधन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं. दोनों दल लंबे समय तक पंजाब की राजनीति में सहयोगी रहे हैं. हालांकि, फिलहाल शाह के बयान को दोनों पार्टियों के बीच औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं माना जा सकता.
भाजपा और अकाली दल का गठबंधन वर्ष 2020 में कृषि कानूनों को लेकर हुए विवाद के बाद टूट गया था. उस समय शिरोमणि अकाली दल ने कृषि कानूनों के विरोध में एनडीए से अलग होने का फैसला किया था. इसके बाद दोनों दलों ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव अलग-अलग लड़े.
पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 117 में से 92 सीटों पर जीत दर्ज की थी और राज्य में सरकार बनाई थी. वहीं, शिरोमणि अकाली दल को तीन सीटें मिली थीं, जबकि भाजपा दो सीटों पर सिमट गई थी.
अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की ओर से पंजाब में सरकार बनाने का दावा और अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन की चर्चाएं राज्य की राजनीति में अहम मुद्दा बन सकती हैं. हालांकि, दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर अंतिम तस्वीर आने वाले समय में ही स्पष्ट होगी.
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GST रिटर्न फॉर्म में बड़े बदलाव की तैयारी, सरकार आम जनता से मांगेगी फीडबैक
वित्त मंत्रालय 1 नवंबर, 2026 से संशोधित मासिक ‘जीएसटी रिटर्न फॉर्म’ में प्रस्तावित बदलावों पर एक नवंबर से कारोबारियों और प्रोफेश्नल्स की राय मांगेगा. न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के जीएसटी नीति प्रभाग के आयुक्त गौरव सिंह ने कहा कि विभाग जीएसटी ऑडिट प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने की दिशा में भी काम करेगा.
केंद्र एवं राज्यों के वित्त मंत्रियों वाली जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में जीएसटी रिटर्न में देनदारियों और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) में संशोधन के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था को मंजूरी दी गई थी. इसका उद्देश्य विसंगतियों को कम करना और नोटिस या सूचना भेजने की जरूरत घटाना है.
काउंसिल ने जीएसटी फॉर्म जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-1ए और आईएफएफ में सुधारों को मंजूरी दी थी ताकि इन फॉर्म में दी गई जानकारी का मासिक कर भुगतान फॉर्म जीएसटीआर-3बी में दी गई जानकारी से बेहतर मिलान किया जा सके. नए फॉर्म्स के जरिए GSTR-1/1A/IFF और GSTR-3B के बीच डेटा मिलान को मजबूत किया जाएगा ताकि टैक्स लायबिलिटी की गलतियों को सुधारा जा सके. इसका एक और मकसद ऑल्टरनेटिव मैकेनिज्म तैयार करना भी है, जिससे टैक्सपेयर्स को अपने रिटर्न में लायबिलिटी और ITC को संशोधित करने का एक वैकल्पिक विकल्प मिलेगा. इससे गलतियों के चलते मिलने वाले ऑटो-जेनरेटेड नोटिसों में कमी आएगी.
संशोधित जीएसटी रिटर्न फॉर्म एक नवंबर को MyGov पोर्टल पर पब्लिक फीडबैक के लिए अपलोड कर दिया जाएगा. इन पर 30 नवंबर तक सुझाव दिए जा सकेंगे. संशोधित जीएसटी रिटर्न फॉर्म एक अप्रैल, 2027 से लागू होगा. बीते 8 अक्टूबर को जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में लिए गए फैसलों करे कानूनी रूप देने के लिए वित्त मंत्रालय का विधि विभाग इन अधिसूचनाओं और परिपत्रों को अंतिम मंजूरी दे चुका है. शुक्रवार को इनके सार्वजनिक होने के बाद टैक्सपेयर्स और उद्योगों को कई बड़े नियमों पर पूरी स्पष्टता मिल जाएगी.
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दाऊद की D-कंपनी को ‘भारत-आधारित’ बताने पर भड़का भारत, कहा- ‘ऐसी गलती से आपकी विश्वसनीयता पर उठते है सवाल’
भारत ने गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के आपराधिक नेटवर्क ‘डी-कंपनी’ को ‘भारत-आधारित’ बताने वाली संयुक्त राष्ट्र (UN) की रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति जताई है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक की रिपोर्ट में तथ्यात्मक गलतियों का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की लापरवाही वैश्विक संस्था की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाती है। भारत ने स्पष्ट किया कि दाऊद इब्राहिम 1993 के मुंबई बम धमाकों समेत आतंकी गतिविधियों के मामलों में भारत का वांछित अपराधी है और लंबे समय से देश से फरार है।इतिहास जानें
संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारतीय राजनयिक रघु पुरी ने रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि विशेष प्रतिवेदकों की ओर से तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारी पेश किया जाना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसी गलतियों के लिए जवाबदेही तय नहीं होने से सदस्य देशों के सामने गलत तस्वीर पेश होती है।
पुरी के मुताबिक, इस तरह की चूक ऐसे समय में संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता को प्रभावित करती है, जब संस्था पहले से ही अपनी वैधता को लेकर चुनौतियों का सामना कर रही है।
भारतीय राजनयिक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 2003 में दाऊद इब्राहिम को अल-कायदा से जुड़े होने के कारण प्रतिबंध सूची में शामिल किया था। हालांकि, वह इससे काफी पहले से भारत में वांछित था।
भारत ने जोर देकर कहा कि दाऊद के प्रतिबंधित किए जाने के कारणों का विवरण संयुक्त राष्ट्र के रिकॉर्ड में मौजूद है। ऐसे में रिपोर्ट में उसके भारत में आतंकी हमलों के मामलों में वांछित होने के तथ्य का उल्लेख नहीं करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
रघु पुरी ने दाऊद इब्राहिम के पाकिस्तान में छिपे होने का दावा करते हुए ओसामा बिन लादेन का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि लादेन 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिकी नेवी सील्स के अभियान में मारा गया था।
भारत का कहना है कि डी-कंपनी की स्थिति और दाऊद के ठिकाने से जुड़े तथ्यों को सही संदर्भ में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। इस विवाद ने संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टों में तथ्यात्मक सटीकता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इंदौर। इंदौर शहर से एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कन्या भोज के लिए एक घर गईं 7 मासूम बच्चियों के साथ मारपीट करने और उन्हें गंभीर रूप से प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद से बच्चियों के परिजनों में भारी आक्रोश है और वे न्याय की मांग को लेकर थाने पहुंचे।
मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरी घटना इंदौर की शहनाई रेसिडेंसी के फ्लैट नंबर 303 में हुई। सातों बच्चियां कन्या भोज के लिए इस फ्लैट में गई हुई थीं। इसी दौरान फ्लैट की एक रिटायर्ड महिला टीचर ने उन पर चोरी का आरोप लगा दिया। आरोप है कि महिला ने न सिर्फ बच्चियों पर चोरी का शक जताया, बल्कि उनके साथ मारपीट भी की।
मामले में परिजनों ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि महिलाओं ने बच्चियों के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए उनके कपड़े उतारकर भी उनकी पिटाई की। इस खौफनाक और अपमानजनक घटना की जानकारी मिलने के बाद बच्चियों के परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
घटना के तुरंत बाद डरी-सहमी सातों बच्चियों को लेकर उनके परिजन थाने पहुंचे और आरोपी महिला के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। पुलिस ने परिजनों की शिकायत और आरोपों को गंभीरता से लिया है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

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दुकान के विवाद में जबरन कार में बिठाकर फरार हुए बदमाश, तलाश में जुटी पुलिस
छतरपुर। एमपी के छतरपुर में दूध डेयरी की दुकान को लेकर शुरू हुआ विवाद अपहरण तक पहुंच गया। चौबे कॉलोनी में दिनदहाड़े चार लोगों ने कथित तौर पर राकेश यादव के साथ मारपीट की और उन्हें जबरन चार पहिया वाहन में बैठाकर फरार हो गए। इस पूरी घटना का मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने वीडियो बना लिया और पुलिस को सूचना दी।
जानकारी के मुताबिक, चौबे कॉलोनी में दूध डेयरी संचालकों के बीच अगल-बगल दुकान खोलने को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते मंगलवार को भज्जू यादव, ब्रजपाल यादव, चंद्रभान यादव और ओम अरजरिया पर राकेश यादव के साथ मारपीट कर उनका अपहरण करने का आरोप है। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ सक्रिय हुए और आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने पेट्रोल पंप से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और राकेश यादव को सुरक्षित अपनी निगरानी में ले लिया। चारों आरोपियों पर अपहरण और गंभीर धाराओं ने मामला दर्ज किया है।
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दिल्ली से भोपाल आए युवक से 7.32 करोड़ की ड्रग्स जब्त, सलवार सूट की पैकिंग में छिपा रखा था माल
भोपाल। राजधानी भोपाल का आईएसबीटी (ISBT) बस टर्मिनल इन दिनों ड्रग्स तस्करों का नया अड्डा बनता नजर आ रहा है। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की टीम ने ISBT पर एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए 7.32 करोड़ रुपये की कीमत की एमडीएमए/मेथाम्फेटामाइन ड्रग्स जब्त की है। मामले में दिल्ली से आए एक संदिग्ध युवक को भी गिरफ्तार किया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, DRI की टीम को पुख्ता इनपुट मिला था कि दिल्ली से ड्रग्स की एक बड़ी खेप भोपाल लाई जा रही है। आरोपी नेशनल हाईवे-46 (दिल्ली-नागपुर रूट) की बेंगलुरु जाने वाली बस से उतरा था। जब सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध पुरुष यात्री के दो ट्रॉली बैग की तलाशी ली, तो उनके होश उड़ गए। बैग के अंदर 11 पैकेटों में कुल 9.139 किलोग्राम क्रिस्टलीय ड्रग्स भरी हुई थी, जिसे तस्करों ने शातिर तरीके से सलवार सूट की पैकिंग के बीच छिपा रखा था।
खास बात यह है कि भोपाल के ISBT पर पिछले महज 6 दिनों के भीतर यह दूसरी सबसे बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 14 अक्टूबर को भी DRI ने इसी बस टर्मिनल पर दिल्ली से बेंगलुरु जा रही एक अन्य बस में कार्रवाई करते हुए एक महिला तस्कर को 2.08 करोड़ रुपये की एम्फेटामीन ड्रग्स के साथ दबोचा था। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद अब यह सवाल खड़े होने लगे हैं कि क्या भोपाल का ISBT तस्करों का नया ट्रांजिट हब या सेंटर पॉइंट बनता जा रहा है? जानकारों का मानना है कि यहां 24 घंटे बसों और यात्रियों की आवाजाही बनी रहती है, और भारी भीड़-भाड़ के कारण पार्सल या बैग बदलना तस्करों के लिए बेहद आसान होता है। फिलहाल, DRI और स्थानीय पुलिस आरोपी से पूछताछ कर इस ड्रग सिंडिकेट के अन्य बड़े नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।

 

शिवपुरी। शिवपुरी जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भदैया कुंड से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां दशहरा के दिन एक पति ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर अपनी पत्नी और उसके साथ मौजूद एक अन्य युवक की बेल्ट से जमकर पिटाई कर दी। इस पूरी घटना का किसी ने वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई और पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पति-पत्नी के बीच पहले से विवाद चल रहा था, जिसके चलते महिला अपने मायके में रह रही थी। दशहरा पर्व के दिन पति अपने चचेरे भाई के साथ भदैया कुंड पर्यटन स्थल पर पहुंचा। इसी दौरान उसने अपनी पत्नी को वहां एक अन्य युवक के साथ देख लिया। पत्नी को दूसरे युवक के साथ देखकर पति का गुस्सा फूट पड़ा और दोनों के बीच तीखा विवाद शुरू हो गया।
विवाद इतना बढ़ा कि पति और उसके चचेरे भाई ने मिलकर बेरहमी से पत्नी और उसके साथ मौजूद युवक की बेल्ट से पिटाई कर दी। पर्यटन स्थल पर हुई इस मारपीट का किसी ने वीडियो बना लिया और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया।
घटना के बाद पीड़िता पत्नी ने थाने पहुंचकर अपने पति और उसके भाई के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने वीडियो और पीड़िता के बयों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
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देवी प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो पक्षों में जमकर मारपीट, कई लोग घायल, जांच में जुटी पुलिस
दमोह। दमोह जिले के हिंडोरिया नगर में देवी विसर्जन के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। खबर है कि कहासुनी के बाद दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। घटना में कई लोगों के घायल होने की खबर है। मारपीट का वीडियो भी सामने आया है जिसमें कुछ लोग एक-दूसरे के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। जमकर लाठी-डंडे-पत्थर एक दूसरे पर बरसाए जा रहे हैं। घटना के बाद देवी विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात को हिंडोरिया में देवी विसर्जन का जुलूस निकाला जा रहा था। इसी दौरान दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। कुछ दूर आगे बढ़ने के बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इतना ही नहीं, लाठी-डंडे, कुर्सियां एवं बड़े-बड़े पत्थर तक फेंके गये हैं।
इस घटना में करीब 4 से 5 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों के सिर और हाथ में चोटें आई हैं, जिसके बाद उनका उपचार कराया गया। हालांकि, घायलों की आधिकारिक संख्या और उनकी स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
घटना की जानकारी देते हुए पथरिया SDOP प्रिया सिंधी ने बताया कि देवी विसर्जन के जुलूस के दौरान कुछ लोगों के बीच मारपीट हुई है। वहीं, इस मामले में किसी के नाम सामने नहीं आये हैं। मारपीट का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हिंडोरिया नगर में पुरानी परंपरा के अनुसार देवी विसर्जन का आयोजन किया जाता है। सभी देवी प्रतिमाओं को पहले पुलिस थाने में एकत्रित किया जाता है। इसके बाद देवी की झांकियों को क्रमांक दिए जाते हैं और उसी क्रम के आधार पर विसर्जन का जुलूस निकाला जाता है। यह आयोजन करीब 8 से 9 घंटे तक चलता है, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल होते हैं। आयोजन के दौरान सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया जाता है।
स्थानीय स्तर पर सामने आ रही जानकारी के अनुसार, हिंडोरिया में देवी विसर्जन के दौरान अलग-अलग अखाड़ों के बीच विवाद की स्थिति पहले भी बनती रही है। इस बार फिर मारपीट की घटना सामने आने के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जब आयोजन में हजारों लोग शामिल होते हैं और भारी पुलिस बल तैनात रहता है तो ऐसे में विवाद की स्थिति कैसे बनी और समय रहते इसे क्यों नहीं रोका जा सका? यह जांच का विषय है। वहीं, घटना के पीछे की वास्तविक वजह और विवाद के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
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MP में कांग्रेस का ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान: 25 अक्टूबर से , हो रही दिल्ली में बड़े प्रदर्शन की तैयारी
भोपाल। देशभर में मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने एक बड़ा आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है। पार्टी आगामी 25 अक्टूबर से 25 नवंबर 2026 तक पूरे देश के गांवों में चौपाल लगाने के लिए एक महीने का विशेष अभियान चलाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण मतदाताओं को उनके वोटिंग अधिकारों के प्रति जागरूक करना और मतदाता सूची से कटे नामों को वापस जुड़वाना है।
कांग्रेस के अभियान में क्या क्या
गांवों में चौपाल और मतदाता सूची की जांच
पार्टी कार्यकर्ता हर बूथ और गांव में चौपाल आयोजित करेंगे। वहां ग्रामीणों को मतदाता सूची दिखाई जाएगी ताकि वे जांच कर सकें कि कहीं उनका या उनके परिवार का नाम दुर्भावनापूर्ण तरीके से काट तो नहीं दिया गया है।
कटे हुए वोटों की सूची तैयार करना
जिन भी वैध मतदाताओं के नाम सूची से गायब मिलेंगे, वोट रक्षक उनके दस्तावेज़ एकत्र कर नाम दोबारा जुड़वाने के लिए फॉर्म भरवाएंगे।
जागरूकता सामग्री का वितरण
चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए विशेष पर्चे और प्रचार सामग्रियां बांटी जाएंगी, जिनमें वोट चोरी के तरीकों और उससे बचने के उपायों की जानकारी होगी।
गांवों में एक महीने तक चलने वाले इस सघन अभियान के बीच और उसके बाद कांग्रेस दो बड़े शक्ति प्रदर्शन भी करने जा रही है। आगामी 1 नवंबर को मेगा रैली का आयोजन किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक अभियान के समर्थन में नई दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की एक विशाल संयुक्त रैली आयोजित की जाएगी। इसके अलावा आगामी 25 और 26 नवंबर को दिल्ली चलो यात्रा का आयोजन भी किया जाएगा। अभियान के समापन पर संविधान दिवस के अवसर पर देशभर से कार्यकर्ताओं की दिल्ली चलो यात्रा निकाली जाएगी। दिल्ली में होने वाले इन कार्यक्रमों की लेकर मध्य प्रदेश से बड़ी तैयारी कांग्रेस कर रही है।
मामले पर कांग्रेस वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल ने कहा कि अब अभियान रखने वाले नहीं है। मध्य प्रदेश के सभी गांव में कांग्रेस वोट चोरी के मामले को लेकर जनता के बीच पहुंचेगी। विपक्ष ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा की मांग कर रहा है। लेकिन केंद्र सरकार लोकतंत्र के षड्यंत्रकारियों को बचाने में लगी है।
मामले पर बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजगोपाल लोया ने कहा कि कांग्रेस के इस अभियान से आपत्ति नहीं है। लेकिन कांग्रेस गांव गांव तक नहीं बल्कि शहरों में भी सीमेंट चुकी है लिहाजा इस अभियान पर ही कई संशय खड़े हो जाते हैं। कांग्रेस सिर्फ झूठ और भ्रम की राजनीति करती है। जनता के बीच खोए जन आधार को खोजने के लिए कांग्रेस को जमीनी स्तर पर काम करना होगा।

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नई दिल्ली. पंजाब की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनेगी. उनके इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच दोबारा गठबंधन होने की संभावनाओं पर चर्चा शुरू हो गई है.अमित शाह ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर...

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हरदा। रेलवे लाइन के पास स्थित देवकालोनी की छोटी बस्ती में कभी रहवासियों को पीने और जरूरत के लिए पानी दूर से लाना पड़ता था। नसरीन ने इस परेशानी को दूर करने के लिए खुद कुआं खोदना शुरू किया, जिसमें उसके माता-पिता और बहनों ने भी मदद की। आज वह कुआं पक्का हो चुका है और नसरीन के जज्बे की कहानी लेखिका सपना शिवाले सोलंकी की किताब थोड़ी सी धूप में हारूंगी नहीं शीर्षक से दर्ज हुई है।बात वर्ष 2006 की है। रेलवे लाइन के पास स्थित देवकालोनी की एक छोटी बस्ती...

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झाबुआ। झाबुआ जिले के चुई गांव में तीन मासूम बच्चों के शव कुएं में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। दशहरा मनाने के लिए घर से निकले तीनों बच्चे जब देर तक वापस नहीं लौटे, तो परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। खेतों में खोजबीन के दौरान बच्चों की साइकिल मिली। इसके बाद आसपास मौजूद कुओं में तलाश की गई, जहां एक गहरे कुएं में तीनों बच्चों के शव मिले। बच्चों के शरीर पर चोट और कटे होने के निशान मिलने की बात सामने आई है। घटना के बाद ग्रामीणों ने...
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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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