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ग्वालियर। ग्वालियर-चंबल अंचल में पुलिस के लिए चुनौती बने 30 हजार रुपए के इनामी डकैत कल्ली गुर्जर की तलाश में पुलिस ने घाटीगांव और पनिहार के जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरु कर दिया है। पुलिस को जानकारी मिली थी कि, मुरैना में मुखबिर पर हमला करने के बाद कल्ली गुर्जर अपने गिरोह के साथ ग्वालियर के जंगलों में डेरा डाले हुआ है। आशंका है कि वह पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए कुछ लोगों को निशाना बनाने की फिराक में है।
पुलिस के मुताबिक, कल्ली गुर्जर की गैंग के राई गांव के आसपास डेरा जमाने की सूचना मिली थी। इसके बाद रात करीब 2 बजे से पुलिस ने गांव और आसपास के जंगलों में घेराबंदी शुरू की। सुबह करीब पांच बजे हल्का उजाला होने पर उन संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, जहां पुलिस को गिरोह के छिपे होने की आशंका थी। इस सर्चिंग अभियान में क्राइम ब्रांच के साथ पनिहार, घाटीगांव और आरोन थाना पुलिस की टीमें मौजूद थीं।
मामले की जानकारी देते हुए एसआई अभिनव शर्मा ने बताया कि, पुलिस ने संभावित ठिकानों पर तलाशी ली, लेकिन डकैत और उसके साथी हाथ नहीं लग सके। आशंका है कि, पुलिस की गतिविधियों की भनक लगने के बाद गिरोह जंगल के रास्ते फरार हो गया है। फिलहाल, पुलिस राई गांव, डूंढापुरा, निरपतपुरा और आसपास के जंगलों में कल्ली समेत गैंग के सदस्यों को तलाश रही है।
बताया जा रहा है कि, राई गांव और घाटीगांव इलाके के निरपतपुरा में कुछ लोगों से कल्ली गुर्जर की पुरानी दुश्मनी बताई जा रही है। यही कारण है कि, पुलिस को आशंका है कि, गिरोह बदला लेने के इरादे से इन इलाकों में आया है।
कल्ली गुर्जर और उसके साथियों पर मोहना हाईवे पर चौथ वसूली के लिए ट्राला रोकने का भी आरोप है। बताया गया है कि, गिरोह ने ट्राले के टायरों पर गोलियां चलाकर उसे रोक दिया था। इसके बाद चालक को धमकी दी थी कि, हाईवे पर वाहन चलाना है तो टैक्स देना पड़ेगा। फिलहाल, पुलिस अब डकैत कल्ली गुर्जर और उसके साथियों को तलाश रही है। पुलिस द्वारा जल्द ही, गिरोह को दबोचने का दावा किया जा रहा है।

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धर्मांतरण पर बड़ी कार्रवाई: मां-बेटी को गिरफ्तार कर भेजा जेल
सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी में कथित धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने मां-बेटी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि धर्मांतरण कर दूसरा धर्म अपनाने पर नौकरी, एक लाख रुपये, मुफ्त शिक्षा और इलाज का लालच दिया गया। वहीं शिकायत कर्ता के वकील पुष्पराज सिंह ने न्यायालय पहुंचकर दोनों महिलाओं की जमानत पर आपत्ति पेश की तो वहीं न्यायालय ने दोनों महिलाओं को जेल भेज दिया।
बता दें कि सीधी में धर्मांतरण का खेल बड़े जोरों पर जारी है। जहां एक ऐसा ही ताजा मामला जमोड़ी थाना क्षेत्र से निकल कर आया है, जहां पीड़ित शिकायतकर्ता ने 12 अक्टूबर को पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि दो महिलाओं ने उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया और धार्मिक पुस्तकें और तीन हजार रुपये भी दिए।
इसकी शिकायत पर पुलिस ने मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3,5 की धाराओं में मामला दर्ज कर बुधवार शाम दोनों को अभिरक्षा में ले लिया। आज गुरुवार को उन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
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1.62 करोड़ की शराब बरामद, कैमरों की नजर से बचकर निकला ट्रक
आलीराजपुर। आलीराजपुर जिले के चांदपुर में 11 अक्टूबर को पकड़ी गई 1 करोड़ 62 लाख रुपए की शराब के मामले में कांग्रेस ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। 138 सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद शराब से भरे ट्रक के नानपुर और आलीराजपुर थाना क्षेत्रों से गुजरने पर हैरानी जताई। वहीं पुलिस अधीक्षक ने आरोपों को गलत बताते हुए पुलिस की लगातार कार्रवाई का हवाला दिया है।
पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेश पटेल ने प्रेस वार्ता में कहा कि जिले के 27 संवेदनशील स्थानों पर 138 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके बावजूद शराब से भरा ट्रक कई थाना क्षेत्रों से होकर चांदपुर तक कैसे पहुंच गया? उन्होंने पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अवैध शराब की आवाजाही रोकने में प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
पटेल ने नानपुर और आलीराजपुर थाना क्षेत्रों सहित जिले के कई इलाकों में पुलिसकर्मियों पर कथित अवैध वसूली के आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि अवैध शराब और नशीले पदार्थों से भरे वाहन गुजरात की ओर जा रहे हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही पुलिस महानिदेशक से शिकायत करने और जरूरत पड़ने पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी।
पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया ने महेश पटेल के आरोपों को सरासर गलत बताया। उन्होंने कहा कि जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पिछले एक सप्ताह में दो बड़ी कार्रवाइयों के दौरान एक करोड़ रुपए से अधिक की शराब और गांजा पकड़ा गया है। एसपी ने कहा कि पुलिस अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

भोपाल। पत्नी और साली की हत्या के मामले में विशेष अदालत ने पुलिस के पूर्व सहायक उपनिरीक्षक योगेश मरावी को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। गुरुवार को विशेष न्यायाधीश (ओएडब्ल्यू) सुचिता श्रीवास्तव की अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के दो मामलों में दोषी ठहराते हुए प्रत्येक मामले में एक-एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
प्रतिबंधित आकार-प्रकार का 10 इंच का चाकू रखने के मामले में शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत तीन साल का सश्रम कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड भी सुनाया गया। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुधाविजय सिंह भदौरिया ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि मेघा पर लगभग 56 और विनीता पर लगभग 12 वार किए गए थे।
अभियोजन के अनुसार, तीन दिसंबर 2024 को मृतक महिलाओं की भांजी आर्या मंडावी ने ऐशबाग थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि सुबह करीब साढ़े दस से 11 बजे के बीच घर में काम करने वाली सेवंती का फोन आया। सेवंती ने कहा कि वह मेघा उइके के घर पहुंची थी, तभी योगेश मरावी चाकू लेकर अंदर घुसा और उसे रोककर दरवाजा बंद कर लिया।
कुछ देर बाद घर से बचाओ-बचाओ की आवाजें सुनाई दीं। आर्या स्वजन के साथ घर पहुंची तो दरवाजा बाहर से बंद था। अंदर मेघा और विनीता के शव कमरे के फर्श पर मिले। दोनों के पेट और शरीर के अन्य हिस्सों पर चाकू के गहरे घाव थे और वहां काफी खून फैला था।
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच की। जांच में आरोपित गिरफ्तार हुआ। उसके पास से सुसाइड नोट मिला, जबकि घटनास्थल से चाकू और सीसीटीवी फुटेज जब्त किए गए। दस्तावेजी, फोरेंसिक और इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों तथा गवाहों के बयानों पर विचार के बाद अदालत ने दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
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खौफनाक वारदात: पति को ऑडियो-वीडियो भेजना एक्स बॉयफ्रेंड को पड़ा भारी, महिला ने धारदार हथियार से किए 8-9 वार
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ कंपू थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक महिला ने अपने एक्स बॉयफ्रेंड पर जानलेवा हमला कर दिया। इस खौफनाक वारदात में युवक बुरी तरह जख्मी हो गया है, जिसे लहूलुहान हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, घायल युवक की पहचान धर्मेंद्र प्रजापति के रूप में हुई है, जो कंपू थाना क्षेत्र के ललितपुर कॉलोनी में किराए के मकान में रहता है। बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र ने महिला के पति को कुछ ऑडियो और वीडियो भेज दिए थे, जो इस पूरे विवाद और हमले की मुख्य वजह बने। इसी बात से गुस्से में आकर महिला सीधे धर्मेंद्र के घर जा पहुंची और वहां उस पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
हमला इतना भयानक था कि धारदार हथियार के वार से धर्मेंद्र प्रजापति के शरीर पर 8 से 9 गंभीर और गहरे घाव आ गए। घटना के बाद आरोपी महिला मौके से फरार होने की फिराक में थी, जबकि लहूलुहान हालत में पड़े धर्मेंद्र को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
सूचना मिलते ही कंपू थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस महिला से कड़ाई से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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टीटीई अब पहनेंगे बॉडी कैमरेः यात्रियों से विवाद और बहस की हर गतिविधि होगी रिकॉर्ड

भोपाल। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों और टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) के बीच होने वाले विवादों पर अंकुश लगाने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब भोपाल मंडल के टीटीई अपनी बॉडी पर कैमरे पहनकर टिकट चेकिंग करेंगे, जिससे दोनों पक्षों के बीच होने वाली हर बातचीत और गतिविधि पूरी तरह रिकॉर्ड हो सकेगी।प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोपाल मंडल प्रशासन ने टिकट चेकिंग स्टाफ के लिए 56 बॉडी वियरिंग कैमरों (Body Worn Cameras) का आधिकारिक ऑर्डर दे दिया है। इन कैमरों के आने के बाद रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों के बीच होने वाली बहसों या विवादों की सच्चाई कैमरे में कैद हो जाएगी।अक्सर टिकट चेकिंग के दौरान यात्रियों और टीटीई के बीच अवैध वसूली, दुर्व्यवहार या अन्य बातों को लेकर विवाद और झूठी शिकायतें सामने आती हैं। इन कैमरों के लग जाने से किसी भी शिकायत की जांच के दौरान घटनाक्रम की वास्तविकता और दोनों पक्षों की बात की पुष्टि करना बेहद आसान हो जाएगा।रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस आधुनिक पहल से टिकट चेकिंग प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता आएगी। इससे न केवल कर्मचारियों के साथ होने वाले अभद्र व्यवहार पर रोक लगेगी, बल्कि यात्रियों को भी न्यायसंगत और पारदर्शी माहौल मिलेगा। जल्द ही ये बॉडी कैमरे भोपाल मंडल के टीटीई को उपलब्ध करा दिए जाएंगे, जिसके बाद चेकिंग स्टाफ पूरी तरह डिजिटल और हाई-टेक निगरानी के दायरे में काम करेगा।

फोन बजा, स्क्रीन पर अनजान नंबर दिखा और दिमाग में सवाल आया - कॉल उठाएं या रहने दें? कहीं बैंक का फोन तो नहीं, कोई परिचित तो नहीं या फिर स्पैम कॉल? अब ऐसे सवालों का जवाब ढूंढना थोड़ा आसान हो सकता है। 1 नवंबर 2026 से मोबाइल कॉलिंग में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों को कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन यानी CNAP सेवा लागू करने का निर्देश दिया है। इसके तहत कॉल आने पर मोबाइल स्क्रीन पर नंबर के साथ कॉल करने वाले का नाम भी दिखाई देगा।
रिपोर4 के मुताबिक, CNAP सेवा सभी टेलीकॉम सर्विस एरिया में लागू की जानी है। इसका मुख्य उद्देश्य अनजान नंबर से आने वाली कॉल की पहचान करने में लोगों की मदद करना है। इस सुविधा के तहत मोबाइल पर कॉल आने पर दो जानकारियां दिखाई देंगी। पहली, कॉल करने वाले का मोबाइल नंबर और दूसरी, उससे जुड़ा नाम। इससे लोगों को कॉल रिसीव करने से पहले यह समझने में मदद मिल सकती है कि फोन कौन कर रहा है।
अभी अगर किसी व्यक्ति का नंबर आपके मोबाइल में सेव नहीं है, तो आमतौर पर स्क्रीन पर केवल नंबर दिखाई देता है। CNAP सेवा के तहत इसमें बदलाव होगा। अगर कॉल करने वाले का नंबर आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव है, तो आपके फोन में दर्ज नाम ही दिखाई देगा। लेकिन नंबर सेव नहीं होने पर घरेलू कॉल के मामले में टेलीकॉम कंपनी के सब्सक्राइबर रिकॉर्ड में दर्ज नाम दिखाया जाएगा। यानी किसी अनजान नंबर से फोन आने पर भी आपको कॉल करने वाले की पहचान जानने में मदद मिल सकती है। हालांकि, नाम किस तरह प्रदर्शित होगा, यह उपलब्ध रिकॉर्ड और लागू व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
अगर आपके मोबाइल पर विदेश से किसी अनजान नंबर से कॉल आती है, तो स्क्रीन पर उस नंबर के साथ 'International Call' लिखा दिखाई देगा। इससे आपको पता चल सकेगा कि कॉल अंतरराष्ट्रीय नंबर से आ रही है। हालांकि, केवल नाम या अंतरराष्ट्रीय कॉल का संकेत देखकर किसी फोन को सुरक्षित नहीं मानना चाहिए। अनजान व्यक्ति को बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड या OTP देने से बचना जरूरी है।
दूरसंचार विभाग के निर्देश के अनुसार, टेलीकॉम कंपनियों को यह सुविधा ग्राहकों को बिना किसी अलग अनुरोध के उपलब्ध करानी होगी। यानी इसके लिए अलग से आवेदन करने या सेवा को एक्टिवेट कराने की जरूरत नहीं होगी। शुरुआती निर्देशों में 4G और इससे नई तकनीक वाले वायरलेस नेटवर्क पर CNAP सेवा लागू करने की बात कही गई है। वहीं, 2G, 3G और लैंडलाइन नेटवर्क पर इसे लागू करने को लेकर अलग से विचार किया जाएगा।
जिन ग्राहकों ने तय नियमों के तहत कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन रिस्ट्रिक्शन यानी CLIR सुविधा ली है, उनकी कॉलिंग पहचान से जुड़ा नाम स्क्रीन पर नहीं दिखाया जाएगा। वहीं, कारोबार करने वाली कंपनियों और बल्क कनेक्शन रखने वाली संस्थाओं को सत्यापन के बाद अपने पंजीकृत ट्रेडमार्क या GST पोर्टल पर दर्ज व्यापारिक नाम दिखाने की सुविधा दी जा सकती है। इससे कारोबारी कॉल की पहचान करने में भी मदद मिल सकती है।
CNAP सेवा का उद्देश्य अनजान कॉल करने वाले की पहचान सामने लाना और लोगों को कॉल उठाने से पहले फैसला लेने में मदद करना है। इससे स्पैम कॉल और धोखाधड़ी की कोशिशों को पहचानने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, सिर्फ नाम दिखाई देने से हर फर्जी कॉल की पहचान नहीं हो जाएगी। इसलिए लोगों को सतर्क रहना होगा। टेलीकॉम कंपनियों को गलत नाम दिखने से जुड़ी शिकायतें दर्ज करने और उनका समय पर समाधान करने की व्यवस्था भी बनानी होगी। CNAP सेवा मोबाइल यूजर्स को अनजान कॉल के बारे में अतिरिक्त जानकारी दे सकती है। लेकिन इसका फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि सुविधा कितनी सही तरीके से लागू होती है और शिकायतों का समाधान कितनी जल्दी किया जाता है।
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राहुल गांधी की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर की, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मांगा जवाब
नई दिल्ली. देशव्यापी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे जाने के विवाद में सुप्रीम कोर्ट से विपक्षी इँडिया गठबंधन को बड़ी कानूनी राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्ष के शीर्ष नेताओं की संयुक्त याचिका पर संज्ञान लेते हुए भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को औपचारिक नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. इस याचिका में चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही एसआईआर प्रक्रिया की निष्पक्षता, कानूनी वैधता और बिना उचित सुनवाई के वोटरों के नाम हटाए जाने को सीधे चुनौती दी गई है.
सुप्रीम कोर्ट में दायर इस संयुक्त याचिका में विपक्ष की मजबूत एकजुटता देखने को मिली है. याचिकाकर्ताओं में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, राकांपा (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत और भाकपा महासचिव डी. राजा सहित अन्य प्रमुख विपक्षी नेता शामिल हैं.
विपक्षी दलों ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि देश के कई राज्यों में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के दौरान कानूनी प्रावधानों और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों की अनदेखी की जा रही है. याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि किसी भी वैध नागरिक का नाम बिना लिखित नोटिस दिए और बिना उसकी बात सुने मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि आयोग हटाए गए नामों की बूथ-वार सूची और उसके ठोस कारण सार्वजनिक करे. विपक्ष ने ईआरओ-नेट और ईसीआई-नेट जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के डेटाबेस की स्वतंत्र ऑडिट कराने तथा फॉर्म-6 में किए गए बदलावों की संवैधानिक समीक्षा करने की भी गुहार लगाई है.

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आमिर खान के भांजे इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस, प्रदर्शन के बाद मुंबई पुलिस की कार्रवाई
बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान के भांजे और अभिनेता इमरान खान को मुंबई पुलिस की ओर से नोटिस जारी किया गया है। इसमें उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है। इमरान खान 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में भी लिया था। मुंबई पुलिस के अनुसार, इमरान खान भारतीय नागरिक नहीं हैं। प्रदर्शन में शामिल होने के मामले में उनके खिलाफ इमिग्रेशन एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें धारा 7 और 29 के तहत नोटिस दिया गया है।
इमरान खान ने 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के समर्थन में आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने इमरान खान समेत कई लोगों को हिरासत में लिया था। हालांकि, उसी शाम उन्हें रिहा कर दिया गया। इसके बाद यह जानकारी सामने आई कि इमरान खान भारतीय नागरिक नहीं, बल्कि अमेरिकी नागरिक हैं। उनके पास ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड है।
बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने इस मामले में मुंबई पुलिस को पत्र लिखकर इमरान खान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने मुंबई के जॉइंट पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार शर्मा को पत्र लिखकर सवाल उठाया था कि क्या इमरान खान को विदेशी नागरिक होने के बावजूद इस प्रदर्शन में शामिल होने की कानूनी अनुमति मिली थी। सोमैया ने पुलिस से पूरे मामले की जांच करने और उचित कार्रवाई करने की मांग की थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी पोस्ट कर इमरान खान को देश से बाहर भेजने की मांग उठाई थी। अब इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस दिए जाने की खबर सामने आई है।
हिरासत में लिए जाने से पहले इमरान खान ने स्पष्ट किया था कि उनकी कोई मांग नहीं है और वह किसी संगठन का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि वह मुंबई में रहने वाले एक व्यक्ति के तौर पर वहां पहुंचे थे। अभिनेता ने लोगों की आवाजाही पर लगाई गई पाबंदियों और अपनी बात रखने के अधिकार पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि वह यह देखने आए हैं कि लोगों को वहां आने-जाने से क्यों रोका जा रहा है और उनकी आवाज क्यों दबाई जा रही है। इमरान खान ने यह भी कहा था कि वह किसी संगठन का हिस्सा नहीं हैं और न ही किसी संगठन की ओर से अपनी बात रख रहे हैं।
इमरान खान की पार्टनर और अभिनेत्री लेखा वाशिंगटन ने भी हिरासत की घटना को लेकर पुलिस पर आरोप लगाए थे। उनके मुताबिक, हिरासत के दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें और अभिनेत्री जैन मैरी खान को पकड़ा, जिससे उन्हें चोटें आईं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और घटना की पूरी जांच से जुड़ी जानकारी के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
हिरासत में लिए जाने के बाद इमरान खान ने सोशल मीडिया पर पुलिस वैन के अंदर से अपनी एक सेल्फी साझा की थी। इस तस्वीर के साथ उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा था, 'लगता है मैं ड्राइव पर जा रहा हूं।' अब भारत छोड़ने का नोटिस मिलने के बाद यह मामला फिर चर्चा में है। इसमें विदेशी नागरिक के तौर पर राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होने, OCI कार्ड से जुड़े नियमों और इमिग्रेशन कानूनों के तहत कार्रवाई जैसे मुद्दे सामने आए हैं।

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक बहुत ही चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। यहां जयसिंहनगर थाना पुलिस ने फिल्मी अंदाज में गांजे की तस्करी कर रहे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। मशहूर साउथ फिल्म ‘पुष्पा’ की तर्ज पर तस्करों ने एक बड़े से ट्रक के अंदर खास सीक्रेट चैंबर बना रखा था, ताकि किसी को जरा सा भी शक न हो।
गांजे की यह बड़ी खेप ओडिशा के संबलपुर से उत्तर प्रदेश ले जाई जा रही थी। पुलिस से बचने के लिए तस्करों ने ट्रक की बॉडी को काटकर केबिन के ठीक पीछे एक छिपा हुआ सीक्रेट चैंबर तैयार कराया था। तस्करों का प्लान छत्तीसगढ़ के पेंड्रा से होकर आगे निकलने का था, लेकिन नो एंट्री मिलने की वजह से उन्होंने रास्ता बदला और शहडोल होते हुए यूपी जाने की फिराक में थे।
चेकिंग के दौरान जब जयसिंहनगर पुलिस ने संदिग्ध ट्रक को रुकवाकर चालक से पूछताछ शुरू की, तो उसकी हरकतें अजीब लगने लगीं। पुलिस को अपने पास आते देख चालक ने कट मारकर ट्रक भगाने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने तुरंत चारों तरफ नाकाबंदी करके घेराबंदी की और उन्हें धर दबोचा। जब ट्रक के सीक्रेट केबिन को खोला गया तो अंदर 18 बोरियों में भरे 81 पैकेट गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने बताया कि बरामद किए गए कुल 735 किलो 440 ग्राम गांजे की बाजार में कीमत करीब 73 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही तस्करी में इस्तेमाल हो रहे 40 लाख रुपये के बड़े ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है। इस तरह जब्त किए गए गांजे और गाड़ी की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 13 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है।
मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ट्रक चालक राहुल विश्वकर्मा निवासी आजमगढ़ और खलासी नारायण मंडल निवासी गिरिडीह को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ही आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस इनसे कड़ाई से पूछताछ कर रही है कि इस काले कारोबार के पीछे और कौन-कौन बड़े तस्कर शामिल हैं।

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बैंक डकैती का मास्टरमाइंड गिरफ्तार: बिहार का लिस्टेड डकैत है आरोपी, जेल से वारंट पर लाई पुलिस
भोपाल। एमपी के सिंगरौली जिले के महाराष्ट्र बैंक में बीते 17 अप्रैल को दिनदहाड़े कट्टे की नोक पर हुई सनसनीखेज डकैती के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने इस पूरी वारदात के मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान पटना (बिहार) के रहने वाले 26 वर्षीय पीयूष जायसवाल के रूप में हुई है, जो बिहार पुलिस का लिस्टेड डकैत बताया जा रहा है। आरोपी पहले से ही ओडिशा की जेल में बंद था, जिसे सिंगरौली पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई है।
पुलिस की पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। यह महज एक बैंक डकैती का मामला नहीं, बल्कि एक बड़े अंतर्राज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश है। आरोपी पीयूष जायसवाल 2021 से लेकर अब तक अलग-अलग राज्यों में 90 किलो से अधिक सोने की लूट को अंजाम दे चुका है। इस शातिर गिरोह ने साल 2022 में राजस्थान में 24 किलो सोना और भारी नकदी लूटी थी। वहीं मध्य प्रदेश के कटनी और राजस्थान के जयपुर से भी करीब 22 किलो सोना लूटने की वारदात को अंजाम दिया था।
सिंगरौली एसपी शियाज के.एम. के निर्देशन में गठित विशेष टीम लगातार इस गिरोह के ठिकानों पर दबिश दे रही है। इस पूरे मामले में अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि लूटा गया सोना किन-किन ठिकानों और सर्राफा कारोबारियों के जरिए खपाया जाता था। आरोपी से पूछताछ जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले घंटों में कई और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।
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खूनी वारदात: देवी पंडाल में गाने बजाने के विवाद में युवक की तलवार से काटकर हत्या
टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जिले के देहात थाना क्षेत्र के भगतनगर कॉलोनी में देवी पंडाल के पास मोबाइल पर गाने बजाने को लेकर उपजे मामूली विवाद ने एक शख्स की जान ले ली। विवाद इतना बढ़ा कि एक युवक ने अपने ही पड़ोसी पर तलवार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक मंगलवार की देर रात भगतनगर कॉलोनी स्थित एक देवी पंडाल में मोबाइल पर गाने बजाने को लेकर मृतक राजेंद्र बंशकार और उसके पड़ोसी आरोपी कैलाश अहिरवार के बीच कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते यह मामूली विवाद तू-तू मैं-मैं से बढ़ता हुआ हाथापाई तक पहुंच गया।
विवाद के दौरान आरोपी कैलाश अहिरवार गुस्से में अपने घर चला गया और वहां से एक धारदार तलवार लेकर वापस लौट आया। उसने आव देखा न ताव और राजेंद्र बंशकार पर तलवार से हमला कर दिया। इस घातक हमले में राजेंद्र के सिर, पीठ और हाथ पर गंभीर चोटें आईं है।
घटना के तुरंत बाद परिजनों ने घायल राजेंद्र को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक और आरोपी दोनों एक-दूसरे के पड़ोसी बताए जा रहे हैं। इस पूरे मामले में देहात थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी कैलाश अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

आलीराजपुर। आलीराजपुर में बिजली और पानी की समस्या को लेकर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बाद अब पुलिस की कार्रवाई सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुतला जलाने के मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने कांग्रेस नेता महेश पटेल, नगरपालिका उपाध्यक्ष साबिर बाबा समेत 11 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को बिजली और पानी की समस्या को लेकर कांग्रेस नेता महेश पटेल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया था। अब इस मामले में कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223(B) के तहत 11 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदोरिया बताया कि बिना सूचना के पुतला दहन का प्रयास किया गया था। मौके पर मौजूद पुलिस ने पुतले को छीन लिया। बिना सूचना के इस तरह के कार्यक्रम करने पर अपराध दर्ज किया गया है। आदिवासी विकास परिषद कांग्रेस के नेता महेश पटेल समेत 11 नामजद है। जिले में बिजली-पानी की समस्या से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब FIR तक पहुंच गया है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
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प्रधान आरक्षक निकला करोड़पति: लोकायुक्त ने एक साथ 15 ठिकानों पर मारा छापा, 6 करोड़ की संपत्ति का खुलासा
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इंदौर पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के ठिकानों पर लोकायुक्त की टीम ने एक साथ ताबड़तोड़ छापे मारे हैं। इस कार्रवाई के दौरान उसकी आय से 223 प्रतिशत अधिक संपत्ति का बड़ा खुलासा हुआ है।
लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीमों ने बुधवार सुबह करीब 6 बजे से इंदौर और देवास में लगभग 15 अलग-अलग लोकेशन पर एक साथ सर्चिंग शुरू की। शुरुआती जांच में फिरोज खान के पास से 6 करोड़ 26 लाख रुपए से अधिक की बेनामी और आय से अधिक संपत्ति का पता चला है। लोकायुक्त की यह कार्रवाई देवास स्थित उसके आवास से लेकर इंदौर के महंगे फ्लैट्स और कृषि भूमि तक लगातार जारी है।
लोकायुक्त जांच में यह बात सामने आई है कि प्रधान आरक्षक ने अपनी अवैध कमाई को छिपाने के लिए बड़े पैमाने पर हेरफेर किया है। आरोप है कि उसने अपनी पत्नी, मां और एक परिचित महिला के नाम पर कई संपत्तियां खरीद रखी हैं। इसके अलावा, करोड़ों रुपए के लेनदेन से जुड़ी एक संदिग्ध फर्म भी जांच के दायरे में आई है, जिसकी फाइलों को खंगाला जा रहा है। लोकायुक्त के अधिकारी् दस्तावेजों और संपर्कों की गहनता से जांच कर रहे हैं ताकि इस अवैध साम्राज्य से जुड़े हर एक राज से पर्दा उठाया जा सके।
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‘जोहार’ बोलने पर छात्रों को गाली देने वाले TI सस्पेंड; उमंग सिंघार ने की FIR की मांग, BJP ने भी दी चेतावनी
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आदिवासी छात्रों की समस्याओं को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के छात्र विंग द्वारा किए प्रदर्शन के दौरान एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रदर्शन के दौरान मिसरोद थाने के टीआई रतन सिंह परिहार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे प्रदर्शनकारी आदिवासी छात्रो के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते और गालियां देते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में टीआई छात्रों को धमकाते हुए ‘यही कूट दूंगा’ जैसी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए भद्दी-भद्दी गालियां दे रहे हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद से आदिवासी संगठनों और राजनितिक गलियारों में भारी आक्रोश है। वहीं इस मामले में पुलिस कमिश्नर ने मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह को निलंबित कर दिया है और विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
इस घटना के सामने आने के बाद मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने लिखा कि संविधान पुलिस द्वारा जोहार कहने पर अभद्र टिप्पणी और गाली-गलौज किया जाना बेहद गंभीर और निंदनीय है।
उमंग सिंघार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ‘जोहार’ कोई गाली नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति, पहचान, स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक है, जो प्रेम, आदर और भाईचारे का संदेश देता है। संस्कृति और अस्मिता का यह अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि वर्दी की ताकत नागरिकों को अपमानित करने के लिए नहीं होती। यदि किसी पुलिसकर्मी ने अपने पद का दुरुपयोग किया है, तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस पूरे मामले पर सियासी पारा चढ़ने के बाद भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। बीजेपी ने स्पष्ट किया है कि आदिवासी समाज हमारा गौरव हैं और पुलिसकर्मियों की इस तरह की भाषा एक दंडनीय अपराध है। पार्टी ने कहा कि किसी भी वर्ग के व्यक्ति का अपमान करना गलत है और इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में जल्द ही कड़ी कार्रवाई किए जाने के संकेत दिए गए हैं।
आदिवासी छात्रों और युवाओं पर अभद्र टिप्पणी मामले में पुलिस कमिश्नर ने बड़ी कारर्वाई की है। पुलिस कमिश्नर ने मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह को निलंबित कर दिया है और मामले में विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं। पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि निलंबन के बाद अब विभागीय जांच में मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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फोन बजा, स्क्रीन पर अनजान नंबर दिखा और दिमाग में सवाल आया - कॉल उठाएं या रहने दें? कहीं बैंक का फोन तो नहीं, कोई परिचित तो नहीं या फिर स्पैम कॉल? अब ऐसे सवालों का जवाब ढूंढना थोड़ा आसान हो सकता है। 1 नवंबर 2026 से मोबाइल कॉलिंग में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों को कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन यानी CNAP सेवा लागू करने का निर्देश दिया है। इसके तहत कॉल आने पर मोबाइल स्क्रीन पर नंबर के साथ कॉल करने वाले का नाम भी...

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ग्वालियर। ग्वालियर-चंबल अंचल में पुलिस के लिए चुनौती बने 30 हजार रुपए के इनामी डकैत कल्ली गुर्जर की तलाश में पुलिस ने घाटीगांव और पनिहार के जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरु कर दिया है। पुलिस को जानकारी मिली थी कि, मुरैना में मुखबिर पर हमला करने के बाद कल्ली गुर्जर अपने गिरोह के साथ ग्वालियर के जंगलों में डेरा डाले हुआ है। आशंका है कि वह पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए कुछ लोगों को निशाना बनाने की फिराक में है।पुलिस के मुताबिक, कल्ली गुर्जर की...

अपराध

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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