


दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मध्यप्रदेश के तीन युवकों को गिरफ्तार कर एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे और दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर, दिल्ली-सोनीपत हाईवे के एक प्रसिद्ध ढाबे तथा हरियाणा के सैन्य कैंप को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टीकमगढ़ जिले के नेगुवां गांव निवासी अनमोल राय (24), ग्वालियर के डबरा निवासी राजवीर (21) और विवेक बंजारा (19) के रूप में हुई है। दिल्ली पुलिस की टीम ने तीनों को उनके गांवों से गिरफ्तार कर दिल्ली ले गई।
स्पेशल सेल के एसीपी पीएस कुशवाहा के अनुसार शुरुआती जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध ई-मेल और विदेशी नंबरों से संपर्क के सबूत मिले हैं। ऑडियो और वीडियो कॉल रिकॉर्ड्स से भी संदिग्ध बातचीत की पुष्टि हुई है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए दिल्ली और हरियाणा के संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक भेजे गए थे। अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों को इस काम के बदले क्या आर्थिक या अन्य मदद मिली थी।
जांच एजेंसियों के मुताबिक गिरफ्तार युवकों में से एक ने दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर की रेकी की थी। मंदिर परिसर और वहां तैनात पुलिस व अर्धसैनिक बलों की तस्वीरें पाकिस्तान भेजी गई थीं। पुलिस का दावा है कि मॉड्यूल की योजना मंदिर परिसर में हमला कर दहशत फैलाने की थी। इसके लिए फायरिंग और अन्य हमलों की रणनीति तैयार की जा रही थी।
स्पेशल सेल की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को दिल्ली-सोनीपत हाईवे स्थित एक बड़े ढाबे पर ग्रेनेड हमला करने का टास्क दिया गया था। यह ढाबा रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही वाला स्थान माना जाता है। जांच एजेंसियों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले इलाके को निशाना बनाकर बड़े स्तर पर नुकसान और जनहानि की साजिश थी।
पुलिस के अनुसार हरियाणा के हिसार स्थित एक सैन्य कैंप की भी रेकी की गई थी। आरोपियों ने कैंप और आसपास के इलाकों के वीडियो रिकॉर्ड कर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि उत्तर प्रदेश के कुछ थाने भी मॉड्यूल के निशाने पर थे।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ‘गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0’ के तहत अलग-अलग राज्यों से शाहजाद भट्टी मॉड्यूल से जुड़े 9 संदिग्ध ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया था। इन्हीं से पूछताछ के दौरान मध्यप्रदेश के तीन युवकों की भूमिका सामने आई। अब जांच एजेंसियां मॉड्यूल की फंडिंग, सीमा पार कनेक्शन और अन्य नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।
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‘जेंटलमैन’ चोरों का भंडाफोड़ः ट्रेन में मेहंदी रचाकर सफर करने वाली महिलाएं होती थी टारगेट
ग्वालियर। एमपी के ग्वालियर में रेल यात्रियों के लिए सफर करना अब जोखिम भरा होता जा रहा है। खासकर उन महिलाओं के लिए जो अच्छे कपड़े पहनकर और हाथों में मेहंदी रचाकर सफर कर रही हैं। ग्वालियर GRP पुलिस ने एक ऐसे ही अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो ‘जेंटलमैन’ बनकर ट्रेनों में चढ़ते थे और पलक झपकते ही गहनों पर हाथ साफ कर देते थे। पुलिस ने इस गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार कर लाखों का माल बरामद किया है।
दरअसल, ट्रेनों में चोरी की बढ़ती वारदातों ने रेलवे पुलिस की नींद उड़ा रखी थी। ग्वालियर से गुजरने वाली ट्रेनों में लगातार हो रही वारदातों को देखते हुए GRP के वरिष्ठ अधिकारियों ने विशेष टीमें गठित की थीं। जब पुलिस ने CCTV फुटेज खंगाले और मुखबिरों का जाल बिछाया, तो उत्तर प्रदेश के एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का नाम सामने आया।
पुलिस की गिरफ्त में आए इन चार चोरों ने पूछताछ में जो खुलासे किए, वो चौंकाने वाले हैं। यह गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम देता था।इनके निशाने पर ऐसी महिला यात्री रहती थी जिनके हाथों में मेहंदी लगी हो या जिन्होंने महंगे कपड़े और जेवर पहने हों। चोर खुद भी अच्छे और महंगे कपड़े पहनकर ‘जेंटलमैन’ की तरह ट्रेन में सवार होते थे ताकि किसी को शक न हो।
जैसे ही किसी का बैग या जेवर पार करते, अगले ही स्टेशन पर उतरकर रफूचक्कर हो जाते थे।पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने लाखों रुपये कीमत के सोने के जेवर और नकदी बरामद की है। जांच में पता चला है कि इस गैंग के दो सदस्यों पर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में चोरी, NDPS और आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं।
फिलहाल पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने सदस्य शामिल हैं और उन्होंने अब तक कुल कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
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शराब दुकान पर बवाल, कर्मचारियों की पिटाई से दो युवकों की मौत; गुस्साई भीड़ ने लगाई आग
सागर जिले के शाहपुर में शराब दुकान के कर्मचारियों की कथित मारपीट से दो युवकों की मौत के बाद रविवार को जमकर हंगामा हो गया। गुस्साए लोगों ने शराब दुकान में आग लगा दी और सड़क पर जाम लगाकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। हालात बिगड़ने पर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक शाहपुर स्थित शराब दुकान पर नीरज प्रजापति और उसके एक साथी का कर्मचारियों से विवाद हो गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कहासुनी के बाद मामला इतना बढ़ गया कि कर्मचारियों ने दोनों युवकों के साथ जमकर मारपीट कर दी। मारपीट में नीरज प्रजापति गंभीर रूप से घायल हो गया जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसका साथी भी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
दूसरे युवक की मौत की खबर फैलते ही इलाके में तनाव बढ़ गया। परिजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए और मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की।
विरोध प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित भीड़ ने शराब दुकान को आग के हवाले कर दिया। देखते ही देखते दुकान से ऊंची लपटें उठने लगीं। सूचना मिलने पर नगर पालिका की दमकल टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
हालात को देखते हुए शाहपुर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद काफी देर बाद सड़क जाम खुलवाया जा सका। पुलिस ने शराब दुकान के कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
अशोकनगर। मध्यप्रदेश में प्यार में धोखा, फिर ब्लैकमेलिंग और उसके बाद डर का ऐसा खौफनाक व्यापार हुआ जिसने एक युवती की जिंदगी को नरक बना दिया। मामला अशोकनगर का है जहां पुलिस ने एक ऐसे हाई-प्रोफाइल और शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म को भी पीछे छोड़ दे। सोशल मीडिया के जरिए एक नाबालिग को प्रेमजाल में फंसाने से शुरू हुआ यह खेल, फर्जी क्राइम ब्रांच अफसर की धमकियों और तांत्रिक विद्या के मायाजाल तक जा पहुंचा। इस खौफनाक साजिश में पीड़िता से न सिर्फ दुष्कर्म किया गया, बल्कि उसे डरा-धमकाकर 1.30 करोड़ रुपए की भारी-भरकम रकम भी ऐंठ ली गई।
मामले की शुरुआत करीब 5 साल पहले हुई, जब 21 वर्षीय पीड़िता नाबालिग थी और 12वीं कक्षा में पढ़ती थी। इंस्टाग्राम के जरिए उसकी पहचान आदित्यसिंह तोमर से हुई। आदित्य ने उसे शादी और सुनहरे भविष्य का झांसा देकर अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। धीरे-धीरे आदित्य उसे अपने दोस्त आर्यन सोनी के आर्यन टैटू स्टूडियो इंदिरा पार्क पर बुलाने लगा। यहीं पर आदित्य और आर्यन ने मिलकर चोरी-छिपे पीड़िता के कुछ आपत्तिजनक वीडियो और फोटो बना लिए। इसके बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग और शारीरिक शोषण का घिनौना खेल। पिता के निधन के बाद आदित्य ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता से 5 लाख की मांग की और डर के मारे पीड़िता ने उसे 2 लाख रुपये दे भी दिए।
लगातार ब्लैकमेलिंग से टूट चुकी पीड़िता ने अपनी एक परिचित आयुषी चौहान से मदद मांगी। आयुषी खुद को भविष्य देखने वाली एस्ट्रोलॉजर व तांत्रिक बताती थी। उसने पीड़िता का दुख दूर करने के बजाय उसकी दौलत देखकर एक खौफनाक साजिश रच डाली। आयुषी ने डराया कि पीड़िता के जीवन में बड़ा संकट आने वाला है, लेकिन वो उस संकट को दूर कर सकती है। इतना ही नहीं आयुषी ने ये भी भरोसा दिलाया कि वह अपने रसूख और पुलिस अधिकारियों से पहचान के जरिए आदित्य के फोन से वीडियो डिलीट करवा सकती है। इसके एवज में उसने डेढ़ लाख रुपए ऐंठ लिए।
इसके बाद आयुषी, उसका पति आकाश और आदित्य तोमर ने मिलकर एक क्राइम सिंडिकेट की तरह काम शुरू किया। पीड़िता को अलग-अलग नंबरों से फोन आने लगे। फोन करने वाले खुद को क्राइम ब्रांच और सीआईडी का अधिकारी बताते थे। गंदी गालियां, झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी और शारीरिक संबंध बनाने के फर्जी केस का डर दिखाकर पीड़िता से कभी 10 लाख तो कभी 25-25 लाख रुपये वसूले गए। आयुषी लगातार उसे डराती रही कि पुलिस के पास मत जाना, वरना बदनामी होगी और शादी नहीं हो पाएगी।
अक्टूबर 2025 में खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का बड़ा अफसर बताकर आरोपियों ने पीड़िता से 60 लाख रुपए की डिमांड कर दी। इस बार आयुषी ने पीड़िता को उसके माता-पिता का सोना गिरवी रखने पर मजबूर किया। आयुषी उसे एक गोल्ड फाइनेंस कंपनी ले गई और 450 ग्राम सोने पर 35 लाख रुपए का लोन निकलवा कर पूरी रकम अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली।
लगातार हो रही इस खौफनाक प्रताड़ना और घर में घुसकर दी गई धमकियों के बाद, पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और परिजनों के साथ एसपी राजीव कुमार मिश्रा के पास पहुंची। मामले की गंभीरता और करोड़ों की ठगी को देखते हुए एसपी ने तत्काल टीआई कोतवाली रविप्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में एक विशेष साइबर और फिजिकल टीम का गठन किया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की बारीकी से जांच की और चंद दिनों के भीतर इस शातिर गैंग का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट के चारों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी व प्रेमी आदित्यसिंह तोमर, तांत्रिक महिला आयुषी चौहान, आकाश चौहान (आयुषी का पति) और आर्यन सोनी टैटू आर्टिस्ट शामिल हैं।
एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी ठगी के करोड़ों रुपयों से बेहद लग्जरी जीवन जी रहे थे। महंगी थार रॉक्स एसयूवी खरीदी गई। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए पश्चिम बंगाल के तांत्रिक स्थलों पर जाते थे, वहां तंत्र-मंत्र और बलियां देते थे ताकि वे पकड़े न जाएं। खुद को पाक-साफ दिखाने के लिए आयुषी ठगी के पैसों का कुछ हिस्सा दान-पुण्य में भी उड़ाती थी। आरोपियों के पास से ठगी की रकम से खरीदी गई चमचमाती थार रॉक्स कार, करीब 40 लाख रुपए का सोना, डेढ़ लाख रुपए नकद, स्कूटी और लेपटॉप बरामद किया है।
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नौकरी का झांसा देकर महिला से 4 साल तक दरिंदगी, नाबालिग बेटी पर भी डाली बुरी नजर, कर्मचारी पर FIR
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से हैवानियत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां एक शख्स ने नौकरी के नाम पर महिला को अपनी हवस का शिकार बनाया। इतना ही नहीं, उसकी नाबालिग बेटी से भी छेड़छाड़ की। इस घटना के बाद महिला ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है।
आरोपी नगर पालिका का कर्मचारी है। झांसी रोड थाना क्षेत्र के भैरो बाबा मंदिर के पास नाका चन्द्रवदनी निवासी महिला ने पुलिस को शिकायत कर बताया कि वह 4 साल पहले पति से अलग होने के बाद डबरा से ग्वालियर बेटी के साथ आई थी। यहां वह आर्थिक स्थिति से परेशान हो रही थी। तभी उसका परिचय डबरा निवासी नगर पालिका में पदस्थ दीपांशु बाथम से हुआ। दीपांशु नौकरी का झांसा देकर 4 साल से दुष्कर्म करता आ रहा है। जब नौकरी दिलाने की बात की तो टाल दिया।
कुछ दिनों पहले दीपांशु ने महिला की नाबालिग बेटी को अकेला पाकर उसके साथ ज्यादती कर छेड़छाड़ की घटना को अंजाम दिया। जब बेटी ने बताया तो महिला से रहा नहीं गया और दीपांशु के खिलाफ बेटी के साथ शिकायत करने थाने पहुंची।
झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव ने बताया कि महिला और नाबालिग बच्ची के बयानों के आधार पर आरोपी नगर पालिका कर्मचारी के खिलाफ महिला से नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म और नाबालिग बच्ची के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में दुष्कर्म और छेड़छाड़ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही आरोपी दीपांशु बाथम की तलाश शुरू कर दी हैं।
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21 लाख का ‘दान’ बना विवाद की जड़: प्रसिद्ध बगीचा सरकार मंदिर में महंत और पुजारी के बीच खूनी जंग
शिवपुरी। धर्म और आस्था की नगरी शिवपुरी के करेरा से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। प्रसिद्ध बगीचा सरकार हनुमान मंदिर में शनिवार की रात भक्ति नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन और लाठियों की गूंज सुनाई दी। विवाद की मुख्य वजह 21 लाख रुपये का दान और मंदिर की आय को बताया जा रहा है। इस हिंसक संघर्ष में पुजारी और महंत पक्ष के बीच जमकर लाठियां चलीं है, जिसमें 5 लोग घायल हुए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार बगीचा सरकार मंदिर के महंत और राम जानकी मंदिर के पुजारी भोला पंडित के बीच पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि भोला पंडित ने मंदिर के एक कार्यक्रम के लिए 21 लाख रुपये दान दिए थे। इस दान के बाद से ही पुजारी ने राम जानकी मंदिर पर अपना नियंत्रण बढ़ा दिया और वहां से होने वाली आय को कथित तौर पर अपने पास रखना शुरू कर दिया।
मंदिर की आय और कब्जे की इसी बात को सुलझाने के लिए शनिवार रात एक बैठक बुलाई गई थी। चर्चा के दौरान दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंदिर परिसर में ही लाठियां चलने लगीं जिससे वहां मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई।
झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. झींकपानी थाना क्षेत्र में 55 वर्षीय व्यक्ति पर तीरों से हमला कर दिया गया. हमलावर ने एक के बाद एक करीब 20 तीर चलाए, जिनमें से तीन तीर पीड़ित के हाथ में जा धंसे. घायल व्यक्ति किसी तरह जान बचाकर सड़क तक पहुंचा. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है.
झारखंड के चाईबासा में जमीन विवाद में सनसनीखेज घटना हो गई. यहां 55 साल के व्यक्ति पर तीरों से हमला कर दिया गया. हमलावर ने एक के बाद एक करीब 20 तीर चलाए, जिनमें से तीन तीर पीड़ित के हाथ में जा धंसे.
झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. झींकपानी थाना क्षेत्र में 55 वर्षीय व्यक्ति पर तीरों से हमला कर दिया गया. हमलावर ने एक के बाद एक करीब 20 तीर चलाए, जिनमें से तीन तीर पीड़ित के हाथ में जा धंसे. गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है.
बेटेया गांव के रहने वाला 55 वर्षीय चोइया बुडीउली बाइक से सब्जी बेचने के लिए झींकपानी साप्ताहिक बाजार जोड़ापोखर जा रहा था. इसी दौरान बेटेया और चिड़ियापहाड़ी गांव के बीच चिड़ियापहाड़ी के रहने वाले तापे बुडीउली ने रोक लिया. इसके बाद अचानक तीरों से हमला शुरू कर दिया. दरअसल, चोइया बुडीउली अपने एक दोस्त का पक्ष ले रहा था, जिसका आरोपी तापे बुडीउली के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था.
हमले के दौरान चोइया बुडीउली जान बचाने के लिए अपनी बाइक छोड़कर भागने लगा, लेकिन आरोपी लगातार तीर चलाता रहा. करीब 20 तीर चलाए गए, जिनमें से तीन तीर चोइया के बाएं हाथ में जा लगे. एक तीर उन्होंने खुद निकाल लिया, जबकि दो तीर हाथ में गहराई तक धंस गए.
गंभीर रूप से घायल चोइया किसी तरह सड़क तक पहुंचा. वहां से वह एक वाहन के पीछे लटककर झींकपानी जोड़ापोखर चौक तक पहुंचा. चौक पर मौजूद लोगों ने हालत देखकर तुरंत टेंपो से झींकपानी अस्पताल पहुंचाया. प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया है.
सदर अस्पताल के डॉक्टरों की टीम चोया बिरूली के शरीर में धंसे तीरों को निकालने के लिए जटिल सर्जरी कर रही है. घायल की स्थिति फिलहाल नाजुक बनी हुई है. पुलिस ने घटनास्थल से कई तीर बरामद किए हैं. प्रारंभिक जांच में हमलावर और पीड़ित के बीच किसी पुरानी आपसी रंजिश की बात सामने आ रही है, हालांकि पुलिस अब तक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.
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हरि की पैड़ी पर पति ने जिंदा पत्नी का किया पिंडदान, तीर्थ पुरोहित में नाराजगी
हरिद्वार। वीडियो के सामने आने के बाद धार्मिक भावनाएं आहत होने की बात कही जा रही है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह के दावे और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे सनातन परंपराओं का अपमान बता रहे हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन अब तक तथ्यों की पुष्टि में जुटे हुए हैं।
वायरल वीडियो में एक व्यक्ति महिला की तस्वीर पर थूकता हुआ नजर आता है, जिसके बाद वह उसे गंगा नदी में बहा देता है। इसके साथ ही वह जल में पिंड डालकर फूल अर्पित करता है, जिससे यह प्रतीकात्मक पिंडदान जैसा दृश्य बनता है। इस पूरी घटना को लेकर सोशल मीडिया पर तेजी से प्रतिक्रिया सामने आई है। वीडियो के दृश्य लोगों को हैरान और आक्रोशित कर रहे हैं। कई यूजर्स इसे धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ बता रहे हैं। हालांकि वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति अपनी पत्नी की आदतों से परेशान था। खासतौर पर उसकी रील बनाने और सोशल मीडिया पर सक्रियता को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। इसी गुस्से में उसने यह कथित कदम उठाया, ऐसा कहा जा रहा है। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। महिला की पहचान भी अभी सामने नहीं आई है।
वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान अब तक सामने नहीं आई है। वहीं तस्वीर में दिख रही महिला कौन है, यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है। दोनों के बीच क्या संबंध है, इस पर भी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। प्रशासन और पुलिस की ओर से मामले की जांच की बात कही जा रही है।
वीडियो वायरल होने के बाद धार्मिक संगठनों और तीर्थ पुरोहितों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। संत समाज ने इसे आस्था और परंपराओं के खिलाफ बताया है। अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने कड़ी निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं। पवित्र स्थलों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने वीडियो बनाने की मानसिकता पर भी सवाल उठाए हैं। कई यूजर्स का कहना है कि वायरल होने की होड़ में लोग किसी भी हद तक जा रहे हैं। धार्मिक स्थलों को कंटेंट का माध्यम बनाना चिंताजनक बताया जा रहा है। वहीं कुछ लोग इसे व्यक्तिगत विवाद का मामला भी मान रहे हैं।
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सीएम बनते ही विजय ने पूरा किया सबसे बड़ा वादा, जारी किया 200 यूनिट मुफ्त बिजली का आदेश
चेन्नई. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने रविवार को शपथ लेने के तुरंत बाद अपने दो सबसे बड़े चुनावी वादे को पूरा कर दिया. इससे राज्य की जनता चहक उठी है. विजय ने शपथ स्थल ने अपनी सरकार के पहले बड़े फैसलों में से एक के तौर पर 200 यूनिट मुफ्त बिजली और सिंगापेन स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का ऐलान किया. चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद, विजय ने वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों की मौजूदगी में अहम सरकारी फाइलों पर दस्तखत किए, जो टीवीके सरकार के कल्याण और शासन के एजेंडे की शुरुआत का संकेत था.
विजय को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई. इस मौके पर स्टेडियम में जमा हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और फिल्म प्रशंसकों ने जोरदार नारे लगाकर उनका स्वागत किया. उन्होंने सी. जोसेफ विजय के नाम पर पद और गोपनीयता की शपथ ली.
टीवीके प्रमुख ने तब पद संभाला जब उनकी पार्टी हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में 234 सदस्यों वाले सदन में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े 118 से पीछे रह गई लेकिन कांग्रेस ने उसे समर्थन दिया. सीपीआई, सीपीआई (एम), वीसीके, और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईएमयूएल) ने भी इस गठबंधन का समर्थन किया, जिससे इसकी ताकत बढ़कर 120 विधायकों तक पहुंच गई.
शपथ ग्रहण समारोह में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. स्टेडियम के अंदर सिर्फ करीब 6,000 मेहमानों को ही वीआईपी पास के जरिए जाने की इजाजत थी. चेन्नई के पुलिस कमिश्नर की देखरेख में सुरक्षा के इंतजाम किए थे, जिसमें पांच अतिरिक्त कमिश्नर और 12 संयुक्त कमिश्नर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे.
इस कार्यक्रम में कई जाने-माने राजनेता और फिल्मी हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, गठबंधन के नेता, विजय के माता-पिता, रिश्तेदार, दोस्त और तमिल फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी हस्तियां शामिल थीं.
विजय के साथ-साथ एन. आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. केजी अरुणराज, केए सेंगोत्तैयान, पी. वेंकटरमणन, आर. निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टीके प्रभु, और एस. कीर्तन ने नए मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ ली. इस समारोह ने तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में एक ऐतिहासिक पल को चिह्नित किया, जिसने राज्य की पारंपरिक द्रविड़ पार्टियों के दशकों के वर्चस्व को समाप्त करते हुए विजय के नेतृत्व में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत की.
शिवपुरी। शहर के फतेहपुर इलाके में शुक्रवार देर रात हुए सनसनीखेज अपहरण मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुख्य आरोपी पुष्पेंद्र चौहान को पुलिस ने पडोरा के पास से गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ अपहृत युवती महक और उसकी तीन माह की बच्ची को भी सकुशल बरामद कर लिया गया है।
पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भुटिया ने इसकी पुष्टि करते हुए जानकारी दी और वीडियो जारी किया। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार देर रात आरोपी पुष्पेंद्र चौहान अपने प्रेमी होने के नाते युवती महक के घर में घुसा और तमंचे की नोक पर युवती तथा उसकी नाबालिग बच्ची को अगवा कर ले गया था। घटना के CCTV फुटेज भी सामने आए थे, जिसमें अपहरण का साफ नजारा दिख रहा था।
युवती महक ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि आरोपी पुष्पेंद्र उसे डरा-धमकाकर जबरन वीडियो बनवा रहा था। बाद में वायरल हुए वीडियो में वह आरोपी को अपना पति बताते हुए अपनी मर्जी से उसके साथ जाने की बात कह रही थी, जिस पर अब उसने आरोप लगाया है कि यह वीडियो धमकी के बाद बनवाया गया था।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया। युवती और बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य पहलुओं पर भी छानबीन की जा रही है। एसपी यांगचेन डोलकर भुटिया ने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर क्राइम ब्रांच को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े नेटवर्क की जांच में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने उज्जैन जिले के महिदपुर से सचिन शर्मा उर्फ सचिन आर्य नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी गैंग से जुड़े संदिग्ध लोगों के लगातार संपर्क में था और मोबाइल में कई नंबर कोडवर्ड के जरिए सेव कर रखे थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी का नाम गैंग से जुड़े राजपाल के संपर्क में आने के बाद सामने आया था। क्राइम ब्रांच ने जब तकनीकी निगरानी और कॉल डिटेल के आधार पर जांच आगे बढ़ाई तो सचिन की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। इसके बाद टीम ने दबिश देकर उसे महिदपुर से हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और राजपाल से किसी भी तरह के संबंध होने से इनकार करता रहा। हालांकि, जब पुलिस ने उसके मोबाइल फोन की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच में पता चला कि आरोपी ने लॉरेंस बिश्नोई का नाम सीधे सेव करने के बजाय “LV” नाम के कोडवर्ड से नंबर सेव कर रखा था। इतना ही नहीं, कई अन्य संदिग्ध नंबर “007” जैसे कोड नामों से सेव मिले, जिससे पुलिस को शक है कि गैंग के सदस्य पहचान छिपाने के लिए विशेष कोड भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे।
क्राइम ब्रांच की जांच में यह भी सामने आया कि सचिन केवल राजपाल ही नहीं, बल्कि कसरावद जेल में बंद कुलदीप नामक आरोपी के भी संपर्क में था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी गैंग के लिए किस तरह का काम करता था और उसके जरिए किन-किन लोगों तक नेटवर्क फैला हुआ है।
दो महीने में पांचवीं धमकी, शहर में बढ़ता गैंग का नेटवर्क
चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले दो महीनों में यह गैंग का इंदौर में पांचवां धमकी भरा कॉल है। इससे पहले भी कई कारोबारियों और संस्थानों को निशाना बनाया जा चुका है
· 12 फरवरी: मेवाड़ा अस्पताल संचालक से 5 करोड़ की मांग
· 7 फरवरी: कॉलेज संचालक रंजन मित्तल को धमकी
· मार्च: कारोबारी मनीष गोधा को विदेशी नंबरों से कॉल
· 16 मार्च: कांट्रेक्टर संजय जैन से रंगदारी की मांग
- जमीन विवाद में नुकीले तीरों की हुई बौछार, पीड़ित के हाथ में कई तीर धंसे, हालत नाजुक
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प्रमुख समाचार
झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. झींकपानी थाना क्षेत्र में 55 वर्षीय व्यक्ति पर तीरों से हमला कर दिया गया. हमलावर ने एक के बाद एक करीब 20 तीर चलाए, जिनमें से तीन तीर पीड़ित के हाथ में जा धंसे. घायल व्यक्ति किसी तरह जान बचाकर सड़क तक पहुंचा. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है.झारखंड के चाईबासा में जमीन विवाद में सनसनीखेज घटना हो गई. यहां 55 साल के... मध्य प्रदेश
अशोकनगर। मध्यप्रदेश में प्यार में धोखा, फिर ब्लैकमेलिंग और उसके बाद डर का ऐसा खौफनाक व्यापार हुआ जिसने एक युवती की जिंदगी को नरक बना दिया। मामला अशोकनगर का है जहां पुलिस ने एक ऐसे हाई-प्रोफाइल और शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म को भी पीछे छोड़ दे। सोशल मीडिया के जरिए एक नाबालिग को प्रेमजाल में फंसाने से शुरू हुआ यह खेल, फर्जी क्राइम ब्रांच अफसर की धमकियों और तांत्रिक विद्या के मायाजाल तक जा पहुंचा। इस खौफनाक साजिश में पीड़िता... अपराध
11 May 2026
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मध्यप्रदेश के तीन युवकों को गिरफ्तार कर एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे और दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर, दिल्ली-सोनीपत हाईवे के एक प्रसिद्ध ढाबे तथा हरियाणा के सैन्य कैंप को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टीकमगढ़ जिले के नेगुवां गांव निवासी अनमोल राय (24), ग्वालियर के डबरा निवासी... गुना सिटी
गुना। (गरिमा टीवी न्यूज़) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सभी तरह के उद्योगों की स्थापना पर जोर दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार युवाओं के लिए रोजगार को प्राथमिकता देते हुए किसानों, महिलाओं और गरीबों, सभी वर्गों के कल्याण के लिए सक्रिय है। पर्यटन और पशुपालन के क्षेत्र में प्रदेश महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त करेगा। गुना क्षेत्र में सीमेंट निर्माण इकाई से डेढ़ हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। अडाणी समूह की ओर से 32 हैक्टेयर भूमि पर इस इकाई की... फोटो गैलरी
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