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बड़ा हादसा: बरातियों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी,13 लोगों की मौत,...पंजाब में खौफ और दहशत का दूसरा नाम था भिंडरेवाले

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राजगढ़। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में रविवार देर शाम हुए एक सड़क हादसे में दस से अधिक लोगों की मौत हो गई। हादसा रविवार शाम आठ से नौ बजे की बीच हुआ। प्राथमिक तौर पर मिली जानकारी के मुताबिक राजस्थान के मोतीपुरा गांव थाना जावर से ट्रैक्टर ट्राली में सवार होकर आए लगभग 30 बराती राजगढ़ जिले कुलामपुरा गांव आ रहे थे। तभी पिपलोदी चौकी के समीप ट्रैक्टर ट्राली पलटने से हादसे का शिकार हो गए। ट्राली के नीचे दबने के कारण चार बच्चों समेत 13 लोगों की मौत हो गई। वहीं, घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। कलेक्टर और एसपी भी मौके पर पहुंच चुके हैं।
राजगढ़ एसडीएम गुलाब सिंह बघेल ने बताया कि फिलहाल हम अस्पताल में मौके पर ही है। हादसे में चार बच्चों समेत कुल 13 लोगों की मौत हुई है। चार गंभीर हैं, जिन्हें भोपाल रेफर किया गया है। बाकियों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो हादसे में मरने वालों की संख्या में वृद्धि हो सकती है।
हादसे के बाद स्थानीय लोग मदद करने पहुंचे। घटनास्थल के नजदीकी ग्राम कासी के सरपंच प्रतिनिधि राजेश तंवर ने बताया कि हादसा होते ही चीख-पुकार मच गई। हम लोग मदद को पहुंचे। ट्रॉली में 25-30 लोग थे, सभी दब गए थे। हमने कोशिश की पर लोगों को निकाल नहीं सके। बाद में प्रशासन की मदद से जेसीबी बुलाई गई, जिसने ट्रॉली को उठाया फिर लोगों को निकाला जा सका। दस से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका है। कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
राजगढ़ कलेक्टर हर्ष दीक्षित ने बताया कि राजस्थान से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर कुछ बराती राजगढ़ जिले में आ रहे थे। बॉर्डर के पास ट्रैक्टर पलटा है। अभी तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 15 लोग घायल हैं, जिनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। दो लोगों की गंभीर स्थिति थी, जिन्हें प्राथमिक उपचार देकर भोपाल रेफर किया है। घायलों को उचित इलाज दिया जा रहा है। हरसंभव सहायता दी जा रही है।
राजगढ़ कलेक्टर हर्ष दीक्षित ने बताया कि राजस्थान से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर कुछ बराती राजगढ़ जिले में आ रहे थे। बॉर्डर के पास ट्रैक्टर पलटा है। अभी तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 15 लोग घायल हैं, जिनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। चार लोगों की गंभीर स्थिति थी, जिन्हें प्राथमिक उपचार देकर भोपाल रेफर किया है। घायलों को उचित इलाज दिया जा रहा है। हरसंभव सहायता दी जा रही है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मामले पर दुख जताते हुए एक्स परक लिखा, मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में हुई सड़क दुर्घटना में अनेक लोगों की मौत की खबर बहुत ही दुखदाई है। अपने स्वजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मैं गहरी शोक संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।
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गुरुद्वारा में भिंडरेवाले की तस्वीर लगाने पर हंगामा, पंजाब में खौफ और दहशत का दूसरा नाम था भिंडरेवाले
बरेली। शहीदी दिवस पर मॉडल टाउन गुरुद्वारा में जरनैल सिंह भिंडरेवाले की तस्वीर लगाने को लेकर कुछ लोगों ने एतराज कर दिया। मामले की शिकायत अफसरों तक पहुंची। इसके बाद पुलिस और इंटेलीजेंस की टीम मौके पर पहुंची। सीओ ने गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के पदाधिकारियों से बात की। इसके बाद तस्वीर को वहां से हटा दिया गया।
गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष मलिक सिंह कालरा ने बताया की अकाल तख्त के आदेश पर तीन दिन का कार्यक्रम मनाया जा रहा था। दो जून संत जरनैल सिंह का शहीदी दिवस है। इस मौके पर संत जरनल सिंह भिंडरेवाले, भाई अमरीक सिंह, जनरल सुबैक सिंह की तस्वीर लगाई गई थी। कुछ लोगों ने एतराज किया। पुलिस से भी उनकी बात हुई। इसके बाद संत जरनैल सिंह भिंडरेवाले की तस्वीर को वहां से हटा दिया गया है।
जरनैल सिंह भिंडरेवाले को पंजाब में दहशत और खौफ का दूसरा नाम थे। सिख धर्म की संस्था दमदमी टकसाल से जुड़ने के बाद जरनैल सिंह के नाम के पीछे भिंडरेवाले लगा गया। इसके बाद से ही लोग उन्हें भिंडरेवाले के नाम से जानने लगे।. करीब 30 साल की उम्र में जरनैल सिंह को इस संस्था का अध्यक्ष चुन लिया गया। यहीं से भिंडरेवाले ने एक अलग देश बनाने की मुहिम को हवा देना शुरू कर दिया। पंजाब में लगातार हिंसक झड़प होने लगीं। इसमें भिंडरेवाले के भड़काऊ भाषणों का अहम रोल होता था।
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काउंटिंग से पहले विपक्ष की मांग, EVM की गिनती खत्म होने से पहले पोस्टल बैलट के वोट गिने जाएं
नई दिल्ली। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को चुनाव आयोग से मुलाकात की। इस दौरान विपक्ष के नेताओं ने चुनाव आयोग के समक्ष पोस्टल बैलेट का मुद्दा रखा। विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतगणना के दौरान पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जाए। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने बताया कि पोस्टल बैलेट एक जानी-मानी प्रक्रिया है और कई बार पोस्टल बैलेट चुनाव परिणाम में निर्णायक साबित होते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से कहा कि पोस्टल बैलेट की गिनती सबसे पहले करना, पहले की भांति अनिवार्य रखा जाए। यह तीसरा मौका है, जब मल्टी पार्टी डेलिगेशन चुनाव आयोग से मिलने गया है। सबसे अहम मुद्दा यह है कि पोस्टल बैलेट चुनाव के परिणाम को एक से दूसरी दिशा में ले जा सकते हैं।
अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि चुनाव आयोग के नियम में कहा गया है कि पोस्टल बैलेट की गिनती पहले की जाएगी। इस बात को कई बार अलग-अलग रूप से चिट्ठियों और गाइडलाइंस द्वारा कहा गया है। 2019 में बड़े स्पष्ट रूप से कहा गया कि पहले पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू कीजिए, उसके बाद ईवीएम की गिनती शुरू कर सकते हैं। लेकिन, आप ईवीएम की गिनती खत्म नहीं कर सकते या परिणाम का अंत नहीं कर सकते, जब तक कि पोस्टल बैलेट का पूरा रिजल्ट गणना के बाद घोषित न हो जाए। यानी पोस्टल बैलेट की गणना के बाद उसका परिणाम पहले घोषित करना अनिवार्य है।
सिंघवी ने कहा कि इसके बावजूद चुनाव आयोग ने गाइडलाइंस के द्वारा इस नियम को बदला है। जबकि, कानून में ऐसा नहीं किया जा सकता। गाइडलाइंस के द्वारा किसी नियम को नहीं बदला जा सकता। एक गाइडलाइंस द्वारा जो पुरानी गाइडलाइंस थी 2019 की, उसे हटा दिया गया है। इसका सीधा और सरल परिणाम यह होता है कि ईवीएम की पूरी गणना हो जाए अंत तक, तब तक भी पोस्टल बैलेट के निर्णय की घोषणा करना अनिवार्य नहीं रहा है।
उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा हुआ है कि पोस्टल बैलेट के आधार पर निर्णय उत्तर से दक्षिण हो गया है, पूर्व से पश्चिम हो गया है। कानून के अंतर्गत एक गाइडलाइंस के आधार पर नियम को नहीं बदल सकते। दूसरी बात यह है कि पोस्टल बैलेट एक निर्णायक भूमिका अदा करता है इसलिए उसे पहले गिना जाए। एक लेवल प्लेइंग फील्ड के लिए स्वतंत्र चुनाव के लिए जो पुराना रूल था, उसी को माना जाए।
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केजरीवाल ने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया:आधे घंटे बाद कोर्ट ने 5 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार (2 जून) की शाम 5 बजे तिहाड़ जेल में सरेंडर किया। इससे पहले वे आम आदमी पार्टी (AAP) के दफ्तर गए और कार्यकर्ताओं से मिले। उन्होंने कहा, 'मैं देश बचाने के लिए जेल जा रहा हूं। मुझे नहीं पता कब वापस आऊंगा। वहां मेरे साथ क्या-क्या होगा, मुझे नहीं पता।'
दिल्ली सीएम ने कहा, '2024 लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल कल सामने आए। लिखकर ले लीजिए, ये सभी एग्जिट पोल फर्जी हैं। एक एग्जिट पोल ने राजस्थान में बीजेपी को 33 सीटें दी थीं, जबकि वहां सिर्फ 25 सीटें हैं। असली मुद्दा यह है कि उन्हें ऐसा क्यों करना पड़ा? उन पर दबाव बनाया गया होगा।'
वहीं, सरेंडर करने के करीब 30 मिनट बाद ही राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल को 5 जून तक ED की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया। एजेंसी ने केजरीवाल की कस्टडी के लिए आवेदन दायर किया था। दिल्ली सीएम के अंतरिम जमानत पर होने के चलते आवेदन पेंडिंग था।
ड्यूटी जज संजीव अग्रवाल ने सुनवाई की और आवेदन को स्वीकार किया। केजरीवाल को जेल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया था।
दिल्ली के मुख्यमंत्री पहले दोपहर 3:30 बजे राजघाट पहुंचे। यहां उन्होंने महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद केजरीवाल ने कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में भी दर्शन किए। इसके बाद वे आम आदमी पार्टी के ऑफिस पहुंचे।
केजरीवाल ने जमानत देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया है। उन्होंने आज X पर लिखा- सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मैं 21 दिन चुनाव प्रचार के लिए बाहर आया। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट का बहुत बहुत आभार।