कोलकाता के सुप्रसिद्ध कालीघाट मंदिर के गहनों की चाबी 1980 से गायब है. CM शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हमने कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन से इस मामले की जांच करने को कहा है. कोलकाता के कालीघाट मंदिर से जुड़ी एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें 1000 करोड़ रुपए से अधिक के भ्रष्टाचार की बात की जा रही है. वहीं इस मामले को लेकर कोलकाता के पुराने जमींदार सबर्ण रॉय चौधरी परिवार ने दक्षिण 24 परगना के जिला जज से संपर्क किया है.
कोलकाता का पुराना जमींदार परिवार ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. सबर्ण रॉयचौधरी परिवार ने मंदिर के खजाने की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कोर्ट में अर्जी दी है.
कोलकाता के ऐतिहासिक कालीघाट मंदिर को लेकर हाल ही में एक बड़े विवाद में 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के संभावित घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है. कोलकाता के पुराने जमींदार सबर्ण रॉय चौधरी परिवार ने दक्षिण 24 परगना के जिला जज से संपर्क किया है. दक्षिण 24 परगना के जिला जज कालीघाट मंदिर समिति के पदेन अध्यक्ष भी होते हैं.
परिवार के सदस्य सचिव देबर्षी रॉय चौधरी का दावा है कि मंदिर से संबंधित लंबे समय से चले आ रहे सवालों का जवाब अभी तक नहीं मिला है, क्योंकि मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता की कमी है. सबर्ना रॉय चौधरी परिवार ने कालीघाट मंदिर से संबंधित विभिन्न मुद्दों को लेकर अलीपुर जिला न्यायाधीश से संपर्क किया है, जिनमें 1980 से लापता तिजोरी की चाबी भी शामिल है. जबकि यह तिजोरी एक सरकारी बैंक में रखी है.
परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि मंदिर की संपत्ति का हिसाब रखने वाली समिति का कार्यकाल खत्म हो चुका है, जिसके चलते वहाँ लूट मची हुई है. इससे भक्तों का मंदिर पर से भरोसा कम हो रहा है.
भ्रष्टाचार के आरोप कालीघाट मंदिर में नए नहीं हैं. 2006 में भी ऐसे ही आरोप हाईकोर्ट में लगाए गए थे, जब तत्कालीन चेयरमैन ने स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा था कि मंदिर को मिलने वाला चढ़ावा जमा नहीं किया जा रहा और पूजा के स्लॉट बाहरी लोगों को बेचे जा रहे हैं.
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बड़ी खबर : मुंबई में PM मोदी के कार्यक्रम से पहले पकड़े गए दो संदिग्ध, बंदूक और PMO का फर्जी ID बरामद
BKC स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर से दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, एक संदिग्ध व्यक्ति ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का अधिकारी बताया था। जांच के दौरान उसके पास PMO कार्यालय का फर्जी पहचान पत्र मिलने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा जांच में पहचान पत्र फर्जी पाए जाने के बाद मुंबई पुलिस ने कार्रवाई की। वहीं, उसके साथ मौजूद बॉडीगार्ड के पास बंदूक मिलने की भी जानकारी है।
मामले की आगे की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है। फर्जी पहचान पत्र और हथियार के साथ कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने के पीछे क्या मकसद था, इसकी जांच की जा रही है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी BKC के जियो वर्ल्ड सेंटर में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन करेंगे और सभा को संबोधित करेंगे।
मुंबई पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार शख्स कल (7 सितम्बर) को फर्जी पहचान पत्र लेकर वेन्यू के अंदर जाने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान मुंबई पुलिस की उस पर नजर पड़ी और जब उसकी चेकिंग हुई तो उसके पास से जो पहचान पत्र मिले वह फर्जी थे। जिसके बाद बीकेसी पुलिस थाने में उसके और उसके बॉडीगार्ड के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। आगे की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपी का नाम रोहन पारेख बताया जा रहा है।
मुंबई पुलिस का कहना है, “मुंबई में उस जगह से दो लोगों को हिरासत में लिया गया है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक कार्यक्रम में शामिल होना था। उनमें से एक व्यक्ति के पास से बंदूक बरामद हुई। मुंबई पुलिस ने BKC स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया, जो खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकारी बता रहा था। हिरासत में लिए गए व्यक्ति की उम्र 24 साल बताई जा रही है। उसके साथ एक बॉडीगार्ड भी था, जिसके पास बंदूक थी। मुंबई क्राइम ब्रांच अब इस मामले की आगे जांच कर रही है।”
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दुर्गा पूजा में नॉनवेज न खाने की धीरेंद्र शास्त्री के अपील पर बंगाल BJP बोली- कोई बाहरी नहीं तय करेगा
पश्चिम बंगाल दुर्गा पूजा के आगाज से पहले ही नॉन वेज फूड को लेकर विवाद खड़ा हो गया. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कोलकाता में कथा वाचन के दौरान पश्चिम बंगाल के लोगों से अपील की कि वे दुर्गा पूजा के दौरान नॉनवेज ना खाएं. वहीं, बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने उनके इस बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि कोई बाहरी यह तय नहीं करेगा कि बंगाली क्या खाएं या क्या पहनें.
समिक भट्टाचार्य ने कहा कि बंगाल के बाहर से आना वाला कोई भी व्यक्ति ये तय नहीं कर सकता कि राज्य के लोग क्या खाएं, या क्या पहनें.
बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के दुर्गा पूजा में नॉन-वेज फूड को लेकर की गई अपील पर बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कोलकाता में कथा वाचन के दौरान पश्चिम बंगाल के लोगों से अपील की कि वे दुर्गा पूजा के दौरान नॉनवेज ना खाएं.
समिक भट्टाचार्य ने धीरेंद्र शास्त्री के बातों पर पलटवार करते हुए कहा कि हमारा जो भी मन करेगा हम वो खाएंगे. भट्टाचार्य ने कहा है कि दुर्गा पूजा के दौरान 100% बंगाली लोग नॉन-वेज खाते हैं. मटन और देवी काली का अटूट संबंध है. किसी भी बाबा को खुद को स्वामी विवेकानंद से ऊपर नहीं समझना चाहिए.
पश्चिम बंगाल बीजेपी प्रमुख समिक भट्टाचार्य का कहना है कि किसी बाहरी व्यक्ति के कहने पर बंगालियों के खान-पान की आदतों और परंपराओं को बदला नहीं जा सकता. बंगाल में मां काली को बकरे के मांस का भोग भी लगाया जाता है.
उन्होंने कहा कि अष्टमी के दिन लुची (पूरी) और नवनी के दिन बकरे का मांस खाने की बंगाल में पुरानी सांस्कृतिक परंपरा है. बंगाली वहीं खाएंगे जो वे खाते आए हैं. कोई भी बंगाल के लोगों को ये नहीं बता सकता कि उन्हें क्या खाना चाहिए.
समिक भट्टाचार्य ने सोमवार को कहा कि बाहर से आने वाला कोई भी धर्म गुरु यह तय नहीं कर सकता कि राज्य के लोग क्या खाएं या क्या पहनें. शास्त्री को शाकाहार अपनाने की अपील करने का अधिकार है, लेकिन उनकी बात बंगाली समाज पर थोपी नहीं जा सकती.
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