गुना। (गरिमा टीवी न्यूज़) गुना में मानसून की पहली तेज बारिश ने गुना नगर पालिका और प्रशासन के तमाम दावों की हवा निकाल दी। मंगलवार सुबह हुई महज 2 घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद शहर के कई इलाके बाढ़ जैसे हालात में पहुंच गए। गुनिया नदी उफान पर आ गई और निचले इलाकों में घरों तक पानी घुस गया।
सबसे खतरनाक स्थिति गोविंद गार्डन में बनी। तेज बहाव के कारण एक महिला अपने घर में फंस गई। सूचना मिलते ही SDERF की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कर महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। समय पर मदद न मिलती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
भारी बारिश के कारण गोविंद गार्डन, पटेल नगर, नानाखेड़ी और VIP क्षेत्र में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया। सड़कें तालाब बन गईं। कई घरों में पानी घुसने से लोगों का सामान खराब हो गया। लोग घंटों तक घरों में कैद रहे।
बारिश और जलभराव को देखते हुए जिला प्रशासन ने आज बुधवार 12 अगस्त को जिले के सभी स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए। कलेक्टर ने जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों के जाने पर रोक लगा दी है। SDRF और होमगार्ड की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
स्थानीय लोगों में नगर पालिका और जिला प्रशासन के खिलाफ भारी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि मानसून से पहले नदी, नालों की सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई।
पटेल नगर निवासी ने कहा अगर नाले साफ होते तो 2 घंटे की बारिश में ये हालात नहीं होते। नालियां कचरे से भरी हैं।
वहीं लोगों का यह भी आरोप है कि गुनिया नदी की गहराई और चौड़ाई बढ़ाने का काम सही तरीके से नहीं हुआ। इसी वजह से नदी का पानी वापस शहर में भर रहा है।
वार्डवासियों का कहना है कि हर साल टैक्स वसूली और सफाई के बड़े-बड़े दावे होते हैं, लेकिन पहली बारिश में ही गुना का सिस्टम फेल हो जाता है।
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