This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.

  एस्ट्रोलाजर अशोक खरात के खिलाफ ED की चार्जशीट, 60 बैंक अकाउंट के जरिए की 9 करोड़ की हेराफेरी…

User Rating: 4 / 5

Star ActiveStar ActiveStar ActiveStar ActiveStar Inactive
 

मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नासिक के ज्योतिषी अशोक खरात, उनकी पत्नी कल्पना खरात और चार अन्य के खिलाफ मनी-लॉन्ड्रिंग केस में मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट फाइल की।
खरात पर आरोप है कि उन्होंने कथित लॉन्ड्रिंग ऑपरेशन चलाने के लिए लोगों की आध्यात्मिक आस्था का फायदा उठाया। इस केस के सिलसिले में, ED ने लगभग 37 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की।
ED ने खरात पर दो कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटियों के ज़रिए एक कर्मचारी की मिलीभगत से कई अकाउंट्स को फ्रॉड तरीके से ऑपरेट करके और कई बेनामी अकाउंट्स के ज़रिए बड़ी मात्रा में कैश डिपॉजिट और बाद में विड्रॉल करके मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप लगाया।
ED ने इस केस में NCP नेता रूपाली चाकनकर के बयान दर्ज किए। रूपाली, जिन्होंने खरात की गिरफ्तारी के बाद राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन का पद छोड़ दिया था, उनके बनाए शिवनिका ट्रस्ट की ट्रस्टी में से एक थीं। खरात से जुड़ाव के कारण चाकनकर को आयोग के पद से इस्तीफा देना पड़ा।
ED ने कहा कि लॉन्ड्रिंग का पैसा भरोसेमंद साथियों के पास रखा गया था या उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर नासिक, अहमदनगर, सोलापुर, पुणे और मुंबई में अचल संपत्तियों में निवेश किया गया था।
ED ने आरोप लगाया कि खरात ने बिना सहमति के फॉलोअर्स के दस्तावेजों का इस्तेमाल करके दो क्रेडिट सोसाइटियों में 60 बैंक खाते खोले, जिनमें से 43 एक ही दिन में खोले गए।
सभी खाते उसके मोबाइल नंबर से जुड़े थे, जिससे उसे पैसे पर कंट्रोल मिल गया। ED ने कहा कि इन खातों के ज़रिए 9 करोड़ रुपये से ज़्यादा का कैश जमा किया गया और इसे संगठित जबरन वसूली और धार्मिक हेरफेर से अपराध की कमाई बताया।
--------------------------------
वांगचुक की पत्नी ने खटखटाया दिल्ली HC का दरवाजा... रखी ये बड़ी मांग, अस्पताल प्रबंधन पर साधा निशाना
दिल्ली के Safdarjang अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक को निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग को लेकर उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने याचिका में कहा है कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल की व्यवस्था पर भरोसा नहीं है और वांगचुक को जिस तरह अस्पताल में रखा गया है, वह एक तरह की गैरकानूनी हिरासत जैसा है। उन्होंने अदालत से वांगचुक को बेहतर इलाज के लिए किसी निजी अस्पताल में भेजने की अनुमति देने की मांग की है।
सोनम पिछले 22 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी उन्होंने अपना अनशन खत्म नहीं किया है। जानकारी के अनुसार, उन्होंने ड्रिप, ओआरएस और दवाइयां लेने से भी इनकार कर दिया है। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं, लेकिन उनकी ओर से इलाज में सहयोग नहीं किया जा रहा है।
वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 28 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आंदोलन NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर है। वांगचुक की ओर से सोशल मीडिया पर कहा गया कि 20 जुलाई का प्रदर्शन आजादी का दूसरा आंदोलन होगा। इसमें पेपर लीक जैसे अन्याय और कथित अवैध हिरासत के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार देर रात करीब 1:30 बजे दिल्ली पुलिस को वांगचुक को अस्पताल ले जाने के निर्देश मिले। इसके बाद नई दिल्ली जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंदिर मार्ग थाने में पूरी रणनीति तैयार की। पुलिस ने बिना किसी टकराव के कार्रवाई करने की योजना बनाई और इसकी रिहर्सल भी की। शनिवार सुबह करीब 5 बजे पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में सफेद चादरें लेकर जंतर-मंतर पहुंचे और वांगचुक को चादर सहित उठाकर एंबुलेंस तक ले गए। बताया गया कि कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग से बचने के लिए चादरों का इस्तेमाल किया गया।
वांगचुक के अस्पताल भेजे जाने के बावजूद जंतर-मंतर पर CJP का विरोध प्रदर्शन जारी है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। इसी बीच आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी रविवार दोपहर प्रदर्शन में शामिल होंगे। इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने भी वीडियो जारी कर वांगचुक को अस्पताल भेजे जाने का विरोध किया था।
कॉकरोच जनता पार्टी ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस और भाजपा से जुड़े 30 से 40 लोग प्रदर्शन स्थल में घुस आए हैं। पार्टी का आरोप है कि ये लोग भारत विरोधी और भड़काऊ बयान देकर आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश कर सकते हैं। CJP ने अपने समर्थकों से ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें मंच से दूर रखने की अपील की है। वहीं, पुलिस की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
------------------------------------------
अस्पताल के OT में प्रेमिका की हत्या :  जहरीला  इंजेक्शन देकर नर्स की जेब में रख दिया था फर्जी सुसाइड नोट
मेरठ। जिले के लोहिया नगर स्थित एक अस्पताल में नर्स नेहा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने सनसनी फैला दी। नेहा शनिवार सुबह रोज की तरह अस्पताल पहुंची थी, लेकिन दोपहर में ऑपरेशन थिएटर (OT) के अंदर बेसुध मिली। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती घटनाक्रम ने आत्महत्या का संकेत दिया, लेकिन बाद में मामला हत्या का निकला। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की तलाशी ली तो उसकी जेब से एक कथित सुसाइड नोट और सल्फास की गोलियां बरामद हुईं। नोट में ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना के आरोप लगाए गए थे। हालांकि शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की पड़ताल शुरू कर दी।
मृतका के मायके पक्ष ने सुसाइड नोट को फर्जी बताते हुए उसकी लिखावट पर सवाल खड़े किए। परिजन नेहा की पुरानी कॉपियां और डायरियां लेकर थाने पहुंचे। पुलिस ने जब दोनों लिखावटों का मिलान किया तो स्पष्ट अंतर सामने आया। इसके बाद आत्महत्या की आशंका कमजोर पड़ गई और हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी गई।
जांच के दौरान पुलिस ने नेहा के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाली। इसमें अस्पताल के कर्मचारी सुरेश से उसकी लगातार बातचीत सामने आई। पुलिस के अनुसार दोनों के बीच कई महीनों से प्रेम संबंध थे और नेहा सुरेश पर शादी का दबाव बना रही थी। इसी बिंदु से जांच को नई दिशा मिली।
पुलिस का आरोप है कि शादी के दबाव से बचने के लिए सुरेश ने अपने साथी फरहान के साथ मिलकर नेहा की हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि ऑपरेशन थिएटर के भीतर नेहा को जहरीला इंजेक्शन लगाया गया और बाद में घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए उसकी जेब में फर्जी सुसाइड नोट और सल्फास की गोलियां रख दी गईं।
पुलिस जांच में सामने आया कि नेहा के पति की करीब ढाई वर्ष पहले मौत हो चुकी थी। इसके बाद वह निजी अस्पताल में नर्स के रूप में काम कर अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही थी। इसी दौरान उसकी सुरेश से नजदीकियां बढ़ीं, जो बाद में इस सनसनीखेज हत्याकांड की वजह बनीं।
मेरठ पुलिस ने मुख्य आरोपी सुरेश और उसके सहयोगी फरहान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद इस हत्याकांड से जुड़े अन्य तथ्य भी सामने आ सकते हैं।

© 2017 Your Company. All Rights Reserved. Designed By WarpTheme