बागली। देवास जिले के सतवास में निजी स्कूलों की यूनिफॉर्म को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच में एक ही दुकान पर 12 निजी स्कूलों की यूनिफॉर्म मिलने के बाद दुकान को सील कर दिया गया। मामले में अब निजी स्कूलों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
कलेक्टर के निर्देश पर डीपीसी अजय मिश्रा के नेतृत्व में शिक्षा विभाग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने कान्हा कलेक्शन पर कार्रवाई की। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान दुकानदार ने 12 निजी स्कूलों की यूनिफॉर्म रखने की बात स्वीकार की, लेकिन उससे जुड़े कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद कलेक्टर के प्रतिबंधात्मक आदेश के उल्लंघन पर दुकान को सील कर दिया गया। टीम ने कुछ निजी स्कूलों का भी निरीक्षण किया।
डीपीसी अजय मिश्रा ने कहा कि जहां भी अभिभावकों को एक ही दुकान से यूनिफॉर्म या किताबें खरीदने के लिए मजबूर किए जाने की शिकायत मिलेगी, वहां संबंधित स्कूलों के खिलाफ एफआईआर सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जिन 12 स्कूलों की यूनिफॉर्म दुकान पर मिली है, उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
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किले से गायब हुई 400 साल पुरानी ऐतिहासिक तोप, 25-30 हथियारबंद बदमाशों ने वारदात को दिया अंजाम
शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के प्रसिद्ध ऐतिहासिक नरवर किले से एक चौंकाने वाली चोरी का मामला सामने आया है। करीब 400 साल पुरानी दुर्लभ तोप चोरों ने किले से उठा ली। घटना 15-16 जुलाई की रात की बताई जा रही है, जब 25 से 30 हथियारबंद बदमाश लोडिंग वाहनों के साथ किले में घुसे और गार्डों को धमकाकर तोप को अपने साथ ले गए।
जानकारी के अनुसार, चोरी वाली तोप घटना से करीब 12 दिन पहले ही अपने मूल स्थान से गिर गई थी। इसके बावजूद पुरातत्व विभाग और प्रशासन ने तोप की सुरक्षा और संरक्षण के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए। विभाग की इसी लापरवाही का फायदा उठाकर बदमाशों ने आसानी से वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस चोरी में अंतरराष्ट्रीय हेरिटेज तस्कर गिरोह के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसी दुर्लभ ऐतिहासिक वस्तुओं की विदेशों में भारी डिमांड रहती है, जिसके चलते यह चोरी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकती है। नरवर थाना पुलिस ने इस मामले में तुरंत केस दर्ज कर लिया है और छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर सबूत जुटा रही है और आसपास के इलाकों में नाकेबंदी कर सतर्कता बरत रही है। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है।
नरवर किला मध्यकालीन इतिहास का गवाह है और पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। यहां मौजूद प्राचीन तोपें और अन्य कलाकृतियां किले की पहचान हैं। इस चोरी से न सिर्फ ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान पहुंचा है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और इतिहास प्रेमियों ने पुरातत्व विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि गिर चुकी तोप को बिना सुरक्षा के छोड़ना गंभीर लापरवाही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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कोहेफिजा थाने के केजी शुक्ला निलंबितः भ्रष्टाचार और अपराधियों से साठगांठ के आरोप
भोपाल। राजधानी भोपाल के कोहेफिजा थाने में पदस्थ टू-आई (सेकंड-इन-कमांड) उपनिरीक्षक के.जी. शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह बड़ी कार्रवाई डीसीपी (जोन-3) आयुष गुप्ता द्वारा की गई है।
निलंबित उपनिरीक्षक के.जी. शुक्ला पर लंबे समय से भ्रष्टाचार, अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने और अपराधियों के साथ सांठगांठ रखने की गंभीर शिकायतें मिल रही थीं। इसके अलावा थाने के कामकाज में कई तरह की अनियमितताओं की बातें भी सामने आई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी जोन-3 ने निलंबन की यह कड़ी कार्रवाई की है।
इस मामले में केवल के.जी. शुक्ला पर ही गाज नहीं गिरी है, बल्कि कोहेफिजा थाने के अन्य अधिकारियों और पूरे स्टाफ की भूमिका भी अब जांच के दायरे में आ गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाने के पूरे स्टाफ के खिलाफ विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान यदि थाने के किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भी अपराधियों से मिलीभगत या भ्रष्टाचार में संलिप्तता स्पष्ट होती है, तो उनके खिलाफ भी बेहद सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद से ही पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के तहत भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।


