जबलपुर। होटल विवाद के बाद कुछ युवकों ने देर रात एक घर के बाहर बम फेंककर दहशत फैलाने की कोशिश की। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम सिविल लाइन स्थित एक होटल में कुछ युवक कमरा लेकर रुके थे। आरोप है कि वे नशे की हालत में हंगामा और गाली-गलौज कर रहे थे। जब होटल कर्मचारी ने उन्हें समझाने का प्रयास किया तो उसके साथ मारपीट की।
होटल से बाहर निकाले जाने के बाद आरोपियों ने कर्मचारी को जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद होटल प्रबंधन ने मामले की शिकायत पुलिस से की। कर्मचारी भी अपने घर लौट गया, लेकिन विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ।
रात करीब साढ़े 11 बजे स्कूटर पर सवार चार युवक कर्मचारी के घर के पास पहुंचे और एक के बाद एक कई बम फेंक दिए। हालांकि बम से कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन एक अन्य मकान परिसर में जाकर गिरे।
बम फटने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। सड़क पर धुआं फैल गया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज के आधार पर कुछ संदिग्ध युवकों की पहचान की गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे मामले की जांच कर रही है।
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रतलाम में भारी बवाल, पुलिस पर पथराव, दागने पड़े आंसू गैस के गोले; सरपंच सहित 20 हिरासत में
रतलाम। जिले के पलसोड़ी क्षेत्र में शुक्रवार को प्रस्तावित निवेश क्षेत्र के लिए अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन और पुलिस की टीम पर ग्रामीणों द्वारा पथराव किए जाने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा तथा भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में रखा गया है।
जानकारी के अनुसार पलसोड़ी सहित आसपास के चार से पांच गांवों की करीब 1700 हेक्टेयर भूमि निवेश क्षेत्र में शामिल की जा रही है। इसके विरोध में ग्रामीण लंबे समय से आंदोलनरत हैं। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे प्रशासनिक अधिकारी, भारी पुलिस बल तथा अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी और बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे थे। कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे।
दोपहर करीब 2 बजे अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बनने पर पुलिस ने जुलवानिया सरपंच छोटू मईडा सहित 20 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक अमले पर पथराव कर दिया। अचानक हुई पत्थरबाजी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया तथा आंसू गैस के गोले छोड़े।
जुलवानिया सरपंच छोटू भाभर ने बताया कि ग्रामीण शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन से कार्रवाई रोकने और सात दिन का समय मांगने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि मामले में हाईकोर्ट में स्थगन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है। इसके बावजूद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने पथराव की घटना की जानकारी होने से इनकार करते हुए कहा कि यह कृत्य असामाजिक तत्वों द्वारा किया गया होगा। सरपंच का आरोप है कि हिरासत में लेने के बाद उन्हें और अन्य लोगों को दो वज्र वाहनों में बैठाकर करीब दो घंटे तक रिंग रोड और आसपास के क्षेत्रों में घुमाया गया।
मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) द्वारा जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से मेगा इंडस्ट्रियल पार्क निवेश क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत ग्राम जामथुन, बिबड़ोद, जुलवानिया, पलसोड़ी, रामपुरिया और सरवनी खुर्द की करीब 1370.532 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर निवेश क्षेत्र बनाया जा रहा है। यहां कई बड़ी कंपनियों ने भूमि लेने के साथ प्लांट स्थापना की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
दूसरी ओर शासकीय भूमि पर वर्षों से खेती कर रहे ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं। पलसोड़ी के हल्का नंबर-7 के सर्वे नंबर-135 की 2.360 हेक्टेयर शासकीय भूमि को निवेश क्षेत्र में शामिल करने के लिए तहसीलदार कार्यालय से सार्वजनिक सूचना जारी की गई थी। इस पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 10 जून तक का समय निर्धारित किया गया था।
गुरुवार को एसडीएम शहर आर्ची हरित और तहसीलदार ऋषभ ठाकुर पलसोड़ी पहुंचे थे। ग्राम पंचायत भवन में आयोजित बैठक में पंचायत की ओर से भूमि लिए जाने पर आपत्ति पत्र सौंपा गया। ग्रामीणों ने तर्क दिया कि अधिग्रहण प्रक्रिया में देरी होने के कारण अधिसूचना निरस्त हो चुकी है और ग्रामवासी भूमि अधिग्रहण की अनुमति नहीं देते। अधिकारियों द्वारा अन्यत्र भूखंड आवंटन और रोजगार सृजन की जानकारी दिए जाने पर ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें खेती करनी है, रोजगार और प्लाट नहीं चाहिए।
एमपीआईडीसी के राजेश राठौर ने बताया कि निवेश क्षेत्र के लिए ली जा रही भूमि शासकीय है तथा प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। फिलहाल घटना के बाद प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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एलिवेटेड रोड के लिए टूटेंगे ‘289 मकान-दुकान’, ग्वालियर में लगाए गए लाल निशान, मिलेगा मुआवजा
ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में स्वर्णरखा एलिवेटेड रोड परियोजना के दूसरे चरण में अब तेजी से काम दिखाई देने लगा है। सबसे बड़ी बाधा बने बिजली के खंभों को हटाने का काम शुरू हो चुका है, ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनों की शिफ्टिंग भी अंतिम दौर में है। प्रशासन का दावा है कि भू-अर्जन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, जिसके बाद अब अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू की जाएगी। करीब 926.21 करोड़ रुपए की लागत की यह प्रदेश की पहली एलिवेटेड रोड है।
इसका निर्माण कार्य 26 जून 2024 से शुरू हुआ था और इसे नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। परियोजना का जिम्मा पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को सौंपा गया है। शहरवासियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि वर्षों से ट्रैफिक दबाव झेल रहे इस मार्ग पर आखिर कब एलिवेटेड रोड का सपना हकीकत में बदलेगा।
सात भाई की गोठ, टापू वाले मोहल्ले, रतन कॉलोनी के पीछे, नई सड़क, कमानी पुल और जीवाजीगंज क्षेत्र में नए बिजली खंभे लगाने तथा ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने का काम तेजी से चल रहा है। वहीं जिन मकानों और दुकानों पर परियोजना का असर पड़ना है, वहां सीमांकन कर लाल निशान लगाए जा चुके हैं। इससे प्रभावित क्षेत्रों में हलचल तेज हो गई है।
भू-अर्जन शाखा के परियोजना की जद में आने अनुसार। वाले 289 कब्जे हटेंगे। इसके लिए लगभग 63 करोड़ मुआवजा निर्धारित किया है। 1.7 हेक्टेयर तेजी, 24 हेक्टेयर सरकारी भूमि के निजी मामलों का निराकरण अंतिम चरण में है।
गिरवाई पुलिस चौकी से फूलबाग तक करीब 7.42 किलोमीटर लंबे हिस्से में जगह-जगह अतिक्रमण है। कई स्थानों पर जलभराव की समस्या भी निर्माण कार्य में बाधा बन रही है। हालांकि प्रशासन का मानना है कि भू-अर्जन प्रक्रिया पूरी होते ही इन चुनौतियों को दूर किया जाएगा।
अधिकांश गांवों में प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। केवल 4 का कार्य शेष है। इसके पूरा होते ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी। भू-अर्जन कार्य अंतिम चरण में है।- अतुल सिंह, प्रभारी भू-अर्जन शाखा
शहर के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए इस एलिवेटेड रोड में 14 लूप (एंट्री-एग्जिट पॉइंट) बनाए जा रहे हैं, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों से वाहन सीधे इस कॉरिडोर पर चढ़ सकेंगे।
बता दें कि एलिवेटेड रोड बनने के बादमुरैना से शिवपुरी या झांसी की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के भीतरी हिस्सों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। वाहन जलालपुर तिराहा से सीधे एलिवेटेड रोड पर चढ़कर गिरवाई के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इससे शहर में लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और यात्रियों का करीब एक घंटे तक का समय बच सकता है।
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