झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. झींकपानी थाना क्षेत्र में 55 वर्षीय व्यक्ति पर तीरों से हमला कर दिया गया. हमलावर ने एक के बाद एक करीब 20 तीर चलाए, जिनमें से तीन तीर पीड़ित के हाथ में जा धंसे. घायल व्यक्ति किसी तरह जान बचाकर सड़क तक पहुंचा. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है.
झारखंड के चाईबासा में जमीन विवाद में सनसनीखेज घटना हो गई. यहां 55 साल के व्यक्ति पर तीरों से हमला कर दिया गया. हमलावर ने एक के बाद एक करीब 20 तीर चलाए, जिनमें से तीन तीर पीड़ित के हाथ में जा धंसे.
झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. झींकपानी थाना क्षेत्र में 55 वर्षीय व्यक्ति पर तीरों से हमला कर दिया गया. हमलावर ने एक के बाद एक करीब 20 तीर चलाए, जिनमें से तीन तीर पीड़ित के हाथ में जा धंसे. गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है.
बेटेया गांव के रहने वाला 55 वर्षीय चोइया बुडीउली बाइक से सब्जी बेचने के लिए झींकपानी साप्ताहिक बाजार जोड़ापोखर जा रहा था. इसी दौरान बेटेया और चिड़ियापहाड़ी गांव के बीच चिड़ियापहाड़ी के रहने वाले तापे बुडीउली ने रोक लिया. इसके बाद अचानक तीरों से हमला शुरू कर दिया. दरअसल, चोइया बुडीउली अपने एक दोस्त का पक्ष ले रहा था, जिसका आरोपी तापे बुडीउली के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था.
हमले के दौरान चोइया बुडीउली जान बचाने के लिए अपनी बाइक छोड़कर भागने लगा, लेकिन आरोपी लगातार तीर चलाता रहा. करीब 20 तीर चलाए गए, जिनमें से तीन तीर चोइया के बाएं हाथ में जा लगे. एक तीर उन्होंने खुद निकाल लिया, जबकि दो तीर हाथ में गहराई तक धंस गए.
गंभीर रूप से घायल चोइया किसी तरह सड़क तक पहुंचा. वहां से वह एक वाहन के पीछे लटककर झींकपानी जोड़ापोखर चौक तक पहुंचा. चौक पर मौजूद लोगों ने हालत देखकर तुरंत टेंपो से झींकपानी अस्पताल पहुंचाया. प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया है.
सदर अस्पताल के डॉक्टरों की टीम चोया बिरूली के शरीर में धंसे तीरों को निकालने के लिए जटिल सर्जरी कर रही है. घायल की स्थिति फिलहाल नाजुक बनी हुई है. पुलिस ने घटनास्थल से कई तीर बरामद किए हैं. प्रारंभिक जांच में हमलावर और पीड़ित के बीच किसी पुरानी आपसी रंजिश की बात सामने आ रही है, हालांकि पुलिस अब तक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.
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हरि की पैड़ी पर पति ने जिंदा पत्नी का किया पिंडदान, तीर्थ पुरोहित में नाराजगी
हरिद्वार। वीडियो के सामने आने के बाद धार्मिक भावनाएं आहत होने की बात कही जा रही है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह के दावे और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे सनातन परंपराओं का अपमान बता रहे हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन अब तक तथ्यों की पुष्टि में जुटे हुए हैं।
वायरल वीडियो में एक व्यक्ति महिला की तस्वीर पर थूकता हुआ नजर आता है, जिसके बाद वह उसे गंगा नदी में बहा देता है। इसके साथ ही वह जल में पिंड डालकर फूल अर्पित करता है, जिससे यह प्रतीकात्मक पिंडदान जैसा दृश्य बनता है। इस पूरी घटना को लेकर सोशल मीडिया पर तेजी से प्रतिक्रिया सामने आई है। वीडियो के दृश्य लोगों को हैरान और आक्रोशित कर रहे हैं। कई यूजर्स इसे धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ बता रहे हैं। हालांकि वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति अपनी पत्नी की आदतों से परेशान था। खासतौर पर उसकी रील बनाने और सोशल मीडिया पर सक्रियता को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। इसी गुस्से में उसने यह कथित कदम उठाया, ऐसा कहा जा रहा है। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। महिला की पहचान भी अभी सामने नहीं आई है।
वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान अब तक सामने नहीं आई है। वहीं तस्वीर में दिख रही महिला कौन है, यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है। दोनों के बीच क्या संबंध है, इस पर भी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। प्रशासन और पुलिस की ओर से मामले की जांच की बात कही जा रही है।
वीडियो वायरल होने के बाद धार्मिक संगठनों और तीर्थ पुरोहितों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। संत समाज ने इसे आस्था और परंपराओं के खिलाफ बताया है। अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने कड़ी निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं। पवित्र स्थलों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने वीडियो बनाने की मानसिकता पर भी सवाल उठाए हैं। कई यूजर्स का कहना है कि वायरल होने की होड़ में लोग किसी भी हद तक जा रहे हैं। धार्मिक स्थलों को कंटेंट का माध्यम बनाना चिंताजनक बताया जा रहा है। वहीं कुछ लोग इसे व्यक्तिगत विवाद का मामला भी मान रहे हैं।
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सीएम बनते ही विजय ने पूरा किया सबसे बड़ा वादा, जारी किया 200 यूनिट मुफ्त बिजली का आदेश
चेन्नई. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने रविवार को शपथ लेने के तुरंत बाद अपने दो सबसे बड़े चुनावी वादे को पूरा कर दिया. इससे राज्य की जनता चहक उठी है. विजय ने शपथ स्थल ने अपनी सरकार के पहले बड़े फैसलों में से एक के तौर पर 200 यूनिट मुफ्त बिजली और सिंगापेन स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का ऐलान किया. चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद, विजय ने वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों की मौजूदगी में अहम सरकारी फाइलों पर दस्तखत किए, जो टीवीके सरकार के कल्याण और शासन के एजेंडे की शुरुआत का संकेत था.
विजय को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई. इस मौके पर स्टेडियम में जमा हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और फिल्म प्रशंसकों ने जोरदार नारे लगाकर उनका स्वागत किया. उन्होंने सी. जोसेफ विजय के नाम पर पद और गोपनीयता की शपथ ली.
टीवीके प्रमुख ने तब पद संभाला जब उनकी पार्टी हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में 234 सदस्यों वाले सदन में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े 118 से पीछे रह गई लेकिन कांग्रेस ने उसे समर्थन दिया. सीपीआई, सीपीआई (एम), वीसीके, और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईएमयूएल) ने भी इस गठबंधन का समर्थन किया, जिससे इसकी ताकत बढ़कर 120 विधायकों तक पहुंच गई.
शपथ ग्रहण समारोह में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. स्टेडियम के अंदर सिर्फ करीब 6,000 मेहमानों को ही वीआईपी पास के जरिए जाने की इजाजत थी. चेन्नई के पुलिस कमिश्नर की देखरेख में सुरक्षा के इंतजाम किए थे, जिसमें पांच अतिरिक्त कमिश्नर और 12 संयुक्त कमिश्नर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे.
इस कार्यक्रम में कई जाने-माने राजनेता और फिल्मी हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, गठबंधन के नेता, विजय के माता-पिता, रिश्तेदार, दोस्त और तमिल फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी हस्तियां शामिल थीं.
विजय के साथ-साथ एन. आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. केजी अरुणराज, केए सेंगोत्तैयान, पी. वेंकटरमणन, आर. निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टीके प्रभु, और एस. कीर्तन ने नए मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ ली. इस समारोह ने तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में एक ऐतिहासिक पल को चिह्नित किया, जिसने राज्य की पारंपरिक द्रविड़ पार्टियों के दशकों के वर्चस्व को समाप्त करते हुए विजय के नेतृत्व में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत की.
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