This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.

“007” में छिपा था गैंग का राज: मोबाइल जांच में सामने आया लॉरेंस कनेक्शन,महिदपुर से पकड़े गए गुर्गे

User Rating: 5 / 5

Star ActiveStar ActiveStar ActiveStar ActiveStar Active
 


इंदौर क्राइम ब्रांच को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े नेटवर्क की जांच में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने उज्जैन जिले के महिदपुर से सचिन शर्मा उर्फ सचिन आर्य नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी गैंग से जुड़े संदिग्ध लोगों के लगातार संपर्क में था और मोबाइल में कई नंबर कोडवर्ड के जरिए सेव कर रखे थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी का नाम गैंग से जुड़े राजपाल के संपर्क में आने के बाद सामने आया था। क्राइम ब्रांच ने जब तकनीकी निगरानी और कॉल डिटेल के आधार पर जांच आगे बढ़ाई तो सचिन की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। इसके बाद टीम ने दबिश देकर उसे महिदपुर से हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और राजपाल से किसी भी तरह के संबंध होने से इनकार करता रहा। हालांकि, जब पुलिस ने उसके मोबाइल फोन की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच में पता चला कि आरोपी ने लॉरेंस बिश्नोई का नाम सीधे सेव करने के बजाय “LV” नाम के कोडवर्ड से नंबर सेव कर रखा था। इतना ही नहीं, कई अन्य संदिग्ध नंबर “007” जैसे कोड नामों से सेव मिले, जिससे पुलिस को शक है कि गैंग के सदस्य पहचान छिपाने के लिए विशेष कोड भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे।
क्राइम ब्रांच की जांच में यह भी सामने आया कि सचिन केवल राजपाल ही नहीं, बल्कि कसरावद जेल में बंद कुलदीप नामक आरोपी के भी संपर्क में था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी गैंग के लिए किस तरह का काम करता था और उसके जरिए किन-किन लोगों तक नेटवर्क फैला हुआ है।
दो महीने में पांचवीं धमकी, शहर में बढ़ता गैंग का नेटवर्क
चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले दो महीनों में यह गैंग का इंदौर में पांचवां धमकी भरा कॉल है। इससे पहले भी कई कारोबारियों और संस्थानों को निशाना बनाया जा चुका है
· 12 फरवरी: मेवाड़ा अस्पताल संचालक से 5 करोड़ की मांग
· 7 फरवरी: कॉलेज संचालक रंजन मित्तल को धमकी
· मार्च: कारोबारी मनीष गोधा को विदेशी नंबरों से कॉल
· 16 मार्च: कांट्रेक्टर संजय जैन से रंगदारी की मांग