उत्तर प्रदेश के जौनपुर से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने शादी जैसे खुशी के मौके को खौफनाक मंजर में बदल दिया। जिस कार में बैठकर दूल्हा अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करने जा रहा था, वही कार कुछ ही पलों में उसकी मौत का कारण बन गई। फूलों से सजी गाड़ी, ढोल-नगाड़ों की गूंज और बारात की रौनक सब कुछ अचानक गोलियों की आवाज में बदल गया। दूल्हे आजाद बिंद की बीच रास्ते गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस साजिश के पीछे दुल्हन का ही एक रिश्तेदार बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बड़अउर गांव निवासी आजाद बिंद की शादी खेतासराय थाना क्षेत्र के बीबीपुर गांव में तय हुई थी। शुक्रवार रात पूरे धूमधाम के साथ बारात निकली थी। दूल्हा सजी-धजी कार में बैठा था और पीछे-पीछे बाराती चल रहे थे। लेकिन घर से करीब पांच किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे पर पहले से घात लगाए हमलावर इंतजार कर रहे थे। जैसे ही कार उस जगह पहुंची, बाइक सवार बदमाशों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली कार की विंडशील्ड को चीरते हुए सीधे आजाद के सीने में जा लगी, जबकि दूसरी गोली उसके जबड़े को घायल करती हुई निकल गई। कुछ ही सेकंड में खुशी का माहौल चीख-पुकार में बदल गया और हमलावर मौके से फरार हो गए।
घटना के तुरंत बाद गंभीर रूप से घायल आजाद को नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर के मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। जिस घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां मातम पसर गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि दुल्हन का रिश्तेदार प्रदीप बिंद इस शादी से खुश नहीं था। उसने दो दिन पहले ही दूल्हे को शादी न करने की धमकी दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दुल्हन को भी पूछताछ के लिए बुलाया। पूछताछ के दौरान दुल्हन ने बताया कि प्रदीप इस रिश्ते का विरोध कर रहा था और उसी ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी प्रदीप बिंद पहले भी आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है। उस पर जनवरी 2025 में गोपाल शर्मा की सुपारी देकर हत्या कराने का आरोप है। बताया जा रहा है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर लाखों रुपये लेकर उस वारदात को अंजाम दिया था। फिलहाल वह जमानत पर बाहर था।
इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रदीप बिंद और उसके साथी रवि यादव पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। तीसरे आरोपी भोला राजभर की भी तलाश जारी है। जौनपुर पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जौनपुर के एसपी कुंवर सिंह ने कहा कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दुल्हन के रिश्तेदार ने शादी से नाराज होकर इस घटना को अंजाम दिया। परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया गया है।
दूल्हे के शव का पोस्टमार्टम दो डॉक्टरों की टीम ने वीडियोग्राफी के साथ किया। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि आजाद को दो गोलियां लगी थीं। एक गोली पीठ से होते हुए सीने में फंस गई थी, जबकि दूसरी गोली जबड़े को चीरते हुए बाहर निकल गई।
कड़ी सुरक्षा के बीच आजाद का अंतिम संस्कार किया गया। परिवार अब भी सदमे में है और इंसाफ की मांग कर रहा है। वहीं पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
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दिल्ली में 9 लोग जिंदा जलेः चार मंजिला इमरात में ब्लास्ट के बाद लगी आग, 12 लोग झुलसे
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से इस वक्त की बड़ी और दिल-दिमाग को विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है। दिल्ली में 9 लोग जिंदा जल गए (9 people burnt alive in Delhi) हैं। दिल्ली के शाहदरा इलाके के विवेक विहार इलाके में रविवार तड़के चार मंजिला इमारत में आग लग गई। आग ने इमारत की 6 फ्लैट को अपने आगोश में ले लिया। हादसे में 9 लोगों की मौत जिंदा जलकर हो गई। जबकि 12 लोग झुल गए। रेस्क्यू अभियान अभी भी जारी है।
फायर कर्मी ने बताया कि फायर कंट्रोल रूम को सुबह करीब 3:47 बजे सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही 14 फायर टेंडर मौके पर पहुंचे और बचाव व आग बुझाने का अभियान शुरू कर दिया गया। शुरुआती जांच में आग का कारण एसी ब्लास्ट बताया जा रहा है। आग किस मंजिल या हिस्से से शुरू हुई, इसकी जांच की जा रही है।
फॉरेंसिक टीम और दमकल विभाग के अधिकारी आग लगने के कारणों की जांच में जुटे हैं। इमारत में सुरक्षा इंतजामों की स्थिति भी जांच के दायरे में है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने खुद भी राहत कार्य में मदद करने की कोशिश की, लेकिन आग और धुएं की तीव्रता के कारण स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी। अभी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। 16 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। 9 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है।
शाहदरा जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया विवेक विहार में एक चार-मंजिला इमारत के एक घर में आग लग गई, जिसमें दूसरी मंज़िल पर कुछ लोगों की जान चली गई। अब तक 3-4 शव बरामद किए जा चुके हैं और बाकी बचे शवों की तलाश जारी है। हम अभी भी तलाशी अभियान चला रहे हैं। तलाशी पूरी होने के बाद हम आपको इस बारे में जानकारी देंगे।
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बेटे- बहू ने पैसों के लिए माता-पिता की हत्या कर शव जलाए, 12 दिन बाद खुला राज
गुजरात के भावनगर से एक दलि दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों की बुनियाद पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक बेटे ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर अपने ही माता-पिता की बेरहमी से हत्या कर दी है। इतना ही नहीं इस वारदात को छिपाने के लिए दोनों के शवों को आग के हवाले कर दिया, ताकि यह हादसा लगे। शुरुआत में मामला आग लगने से मौत का माना गया लेकिन पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी सच्चाई उजागर कर दी। 12 दिन की पड़ताल के बाद पुलिस ने इस हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।
यह घटना भावनगर जिले के तलाजा इलाके की है। 19 अप्रैल को किशोरभाई वैठा और उनकी पत्नी रेखाबेन के शव उनके घर के बेडरूम में जली हुई हालत में मिले थे। पहली नजर में मामला घर में आग लगने से मौत का लग रहा था। परिजनों और आसपास के लोगों को भी यही बताया गया कि दोनों की मौत आग की वजह से हुई है। लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस को शुरुआत से ही इस घटना पर शक था। हालात कुछ ऐसे थे जो सामान्य हादसे की ओर इशारा नहीं कर रहे थे। इसी वजह से पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
जब दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया, तो जो सामने आया उसने सभी को चौंका दिया। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि किशोरभाई की मौत आग से नहीं, बल्कि गला घोंटने से हुई थी। वहीं रेखाबेन की भी हत्या किसी और तरीके से की गई थी, जिसके बाद दोनों के शवों को जलाया गया। इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामला पूरी तरह से हत्या का मानते हुए जांच की दिशा बदल दी। पुलिस ने मृतक किशोरभाई के बहनोई और रेखाबेन के भाई राजेशभाई को बुलाया और उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी दी। इस घटना की जानकारी देते हुए राजेशभाई ने अपने भतीजे विमल और उनकी पत्नी हेतल के खिलाफ अपनी बहन और जीजा की हत्या के आरोप में शिकायत दर्ज कराई थी।
जांच के दौरान शक की सुई सीधे मृतक दंपति के बेटे विमल और उसकी पत्नी हेतल पर गई। परिजनों ने भी पुलिस को बताया कि विमल का अपने पिता किशोरभाई से पैसों को लेकर अक्सर विवाद होता था। पुलिस के अनुसार, विमल लगातार अपने पिता से पैसे मांगता था। उसका कर्ज बढ़ता जा रहा था और वह घर, दुकान और मां के गहने बेचने का दबाव बना रहा था। इसी बात को लेकर घर में रोज झगड़े होते थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि घटना वाली रात विमल और उसकी पत्नी योजनाबद्ध तरीके से घर पहुंचे थे। रात करीब 10 बजे वे सालंगपुर से लौटे और पहले से ही अपनी प्लानिंग कर चुके थे। माता-पिता की हत्या करने के बाद विमल ने खुद को बचाने के लिए एक कहानी बनाई। वह रात करीब 11:30 बजे अपने दोस्तों के साथ बाहर टहलने चला गया, ताकि उस पर शक न हो। इसके बाद रात करीब 1:30 बजे उसे फोन आने का नाटक किया गया कि घर में आग लग गई है। कुछ देर बाद वह अपने दोस्तों के साथ घर पहुंचा, जहां पहले से ही आग में जले हुए माता-पिता के शव पड़े थे। इस तरह उसने इसे हादसा दिखाने की कोशिश की।
जब फायर ब्रिगेड की गाड़ी वहां पर पहुंची तो उसने घर में जाने से मना कर दिया। अब 12 दिन बाद पुलिस ने विमल, उसकी पत्नी और हत्या में मदद करने वाले 2 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को हत्या करके संपत्ति हड़पने और बाद में शव जलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। उनपर बीएनएस की धारा 103(1), 238(सी) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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