This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.

दाऊद का राइट हैंड सलीम डोला भारत लाया गया, तुर्की से गिरफ्तारी; अमित शाह बोले – जारी रहेगी जीरो टॉलरेंस की नीति

User Rating: 5 / 5

Star ActiveStar ActiveStar ActiveStar ActiveStar Active
 

तुर्की से गिरफ्तार किया गया ड्रग डॉन और दाऊद इब्राहिम का राइट हैंड सलीम डोला को भारत लाया गया है। सलीम को हाल ही में तुर्की के इस्तांबुल में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसे दिल्ली टेक्निकल एयरपोर्ट पर डिपोर्ट किया गया है। खुफिया विभाग के एक ऑपरेशन के बाद इंटरनेशनल एजेंसियों के साथ मिलकर सलीम डोला को भारत डिपोर्ट कराया गया है।
बताया गया कि आज सुबह एक विशेष विमान से सलीम डोला को दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया। इस वक्त सलीम डोला से खुफिया एजेंसियों द्वारा पूछताछ की जा रही है। इसके बाद समीम डोला को मुंबई पुलिस को हैंडओवर कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि डोला ‘D Company’ की ओर से भारत में एक बड़ा ड्रग नेटवर्क चला रहा था।
डोंगरी का रहने वाला डोला, जो करीब एक दशक पहले भारत से फरार हो गया था, विदेश में बैठकर अपने आपराधिक नेटवर्क को संचालित कर रहा था। वह कई राज्यों में फैले नशीले पदार्थों के बड़े नेटवर्क को कंट्रोल करता था। भारतीय एजेंसियों ने उसके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस एक्ट (NDPS Act) के तहत प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू की थी, जिसके बाद आज उसे भारत वापस लाया गया है।
साल 2024 में डोला का नाम तब सुर्खियों में आया, जब मुंबई क्राइम ब्रांच ने 4 किलोग्राम MD ड्रग्स की बड़ी जब्ती के मामले की जांच की। जांच में खुलासा हुआ कि यह सप्लाई चेन सांगली और सूरत से शुरू होकर UAE और तुर्की तक फैली हुई थी। इन अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन्स को डोला अपने सहयोगियों के जरिए विदेश से ही संचालित करता था।
दरअसल, पिछले साल एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके बेटे ताहिर और भतीजे मुस्तफा मोहम्मद कुब्बावाला को इंटरपोल की मदद से UAE से डिपोर्ट कराया था। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से डोला के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा और उसकी गतिविधियां कमजोर पड़ गईं।
डोला नारकोटिक्स एजेंसियों के लिए कोई नया नाम नहीं है। उसे पहली बार 1998 में मुंबई एयरपोर्ट पर 40 किलोग्राम मैंड्रेक्स के साथ गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, कुख्यात अपराधी सलीम मिर्ची के बाद डोला ने ‘डी-कंपनी’ के लिए ड्रग्स से जुड़े ऑपरेशन्स की जिम्मेदारी संभाली थी।
डोला की भारत वापसी को एजेंसियां एक बड़ी सफलता मान रही हैं। माना जा रहा है कि उससे पूछताछ के जरिए अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क, सप्लाई चेन और उसके सहयोगियों के बारे में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘@narcoticsbureau ने आज तुर्की से कुख्यात ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को वापस लाने में एक बड़ी सफलता हासिल की है। ड्रग कार्टेल को पूरी तरह से खत्म करने के मोदी सरकार के मिशन के तहत, हमारी नार्कोटिक्स विरोधी एजेंसियों ने वैश्विक एजेंसियों के एक मजबूत नेटवर्क के जरिए सीमाओं के पार भी अपनी पकड़ बना ली है। अब वे कहीं भी छिप जाएं, ड्रग सरगनाओं के लिए कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है।
--------------------------------
गुजरात निकाय चुनाव: बीजेपी को बड़ी सफलता, सभी 15 नगर निगमों में बहुमत की ओर, अन्य पार्टियों का ये रहा हाल
अहमदाबाद. गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों के परिणाम सामने आने लगे हैं, और शुरुआती रुझानों के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक बार फिर राज्य में अपना भगवा परचम लहराती दिख रही है. सभी 15 नगर निगमों में भाजपा बहुमत की ओर अग्रसर है, जो राज्य की शहरी राजनीति में पार्टी की मजबूत पकड़ को दर्शाता है. इन चुनावों में असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, खासकर भुज में तीन सीटों पर जीत हासिल कर सबको चौंका दिया है.
राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने अधिकांश नगर निगमों में निर्णायक बढ़त बना ली है. यह प्रदर्शन पार्टी के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब विभिन्न राजनीतिक दल राज्य में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं. भाजपा के नेताओं ने इस जीत को राज्य सरकार की नीतियों और विकास कार्यों पर जनता के विश्वास का परिणाम बताया है. पार्टी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है और विभिन्न शहरों में विजय जुलूस निकाले जा रहे हैं.
इन चुनावों का एक और महत्वपूर्ण पहलू असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम का प्रदर्शन रहा है. भुज नगर निगम में एआईएमआईएम ने तीन सीटों पर जीत हासिल की है, जो गुजरात में पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण शुरुआत मानी जा रही है. यह पहली बार है जब एआईएमआईएम ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में इतनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम राज्य की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे सकता है, खासकर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में.
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) जैसे अन्य प्रमुख दलों ने भी इन चुनावों में अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन वे भाजपा के मजबूत गढ़ को भेदने में असफल रहे हैं. हालांकि, कुछ स्थानों पर उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जो उनके लिए भविष्य की रणनीति बनाने में सहायक हो सकती है. इन परिणामों से स्पष्ट होता है कि गुजरात की शहरी जनता का विश्वास अभी भी भाजपा में बरकरार है, जबकि एआईएमआईएम जैसी नई पार्टियों के लिए भी राज्य में संभावनाएं खुल रही हैं. आने वाले समय में इन परिणामों का राज्य की समग्र राजनीतिक तस्वीर पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा.
-----------------------------------
एमपी का फेमस राजा हत्याकांड में सोनम रघुवंशी को मिली जमानत, शिलॉन्ग जेल में है बंद
इंदौर. पूरे देश के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिल गई है. सोनम को सेशन कोर्ट से जमानत मिली है. राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने सोनम की जमानत की पुष्टि की है.
राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन रघुवंशी लगातार कह रहे थे कि केस को कमजोर किया जा रहा है. इसके पीछे कोई और भी व्यक्ति हो सकता है. क्या प्रेम प्रसंग की वजह से ही हत्या हुई या फिर व्यापार की कोई रंजिश इसकी वजह थी.
राजा रघुवंशी के बड़े भाई के मुताबिक अब वे हाईकोर्ट में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं ताकि उनके भाई को न्याय मिल सके. राजा रघुवंशी, इंदौर के एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी थे. उनकी शादी 11 मई 2025 को सोनम रघुवंशी से हुई थी. शादी के कुछ ही दिन बाद, 21 मई को दोनों हनीमून मनाने मेघालय के शिलॉन्ग गए थे.
23 मई को दोनों अचानक लापता हो गए. करीब 10 दिन बाद पुलिस ने एक 30 फीट गहरी खाई से राजा का क्षत-विक्षत शव बरामद किया. शव पर धारदार हथियार से कई वार के निशान मिले थे. उस समय सोनम लापता थी, जिससे शक और गहरा गया. बाद में सोनम ने उत्तर प्रदेश में पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. पूछताछ में पुलिस ने आकाश, आनंद और विशाल नाम के आरोपियों को भी गिरफ्तार किया.
जांच में सामने आया कि सोनम के राज कुशवाहा से कथित प्रेम संबंध थे, हालांकि परिवार ने इस दावे से इनकार किया था. पुलिस के अनुसार, सोनम ने राजा को घूमने के बहाने एक सुनसान जगह पर ले जाकर हत्या की साजिश रची. पीछे-पीछे अन्य आरोपी भी पहुंचे और धारदार हथियार से हमला कर राजा की हत्या कर दी. घटना के बाद सोनम वहां से फरार हो गई थी. फिलहाल सोनम, राज कुशवाहा समेत सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं. अब कोर्ट से जमानत मिलने के बाद इस मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं.