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पराली जलाने पर सख्ती, 04 कृषकों पर 2500-2500 का अर्थदंड, ...वेयरहाउसों की होगी सघन जांच

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‎‎गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्‍याल द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अंतर्गत जारी प्रतिबंधात्मक आदेश के उल्लंघन पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए चार कृषकों पर अर्थदंड लगाया है। आदेश में फसल कटाई के बाद खेतों में फसल अवशेष (पराली) जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि पर्यावरण, जन स्वास्थ्य एवं जीव-जंतुओं को होने वाली हानि को रोका जा सके।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी राघौगढ़ एवं राजस्व पटवारी द्वारा किए गए निरीक्षण में चार कृषक प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करते पाए गए। इसके पश्चात अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राघौगढ़ द्वारा प्रत्येक कृषक पर ₹2500 का अर्थदंड आरोपित किया गया। संबंधित तहसीलदार को निर्देश दिए हैं कि आरोपित राशि की वसूली कर शासकीय कोष में जमा कराई जाए तथा चालान की प्रति प्रकरण में संलग्न की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भविष्य में भी यदि कोई कृषक पराली जलाते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कृषक फसल अवशेष प्रबंधन के वैकल्पिक उपाय अपनाएं और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें।
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गेहूं उपार्जन व्यवस्था :  वेयरहाउसों की होगी सघन जांच
‎‎गुना समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के सुचारू क्रियान्वयन के लिए शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने जिले के सभी वेयरहाउस में
गेहूं भंडारण से संबंधित अभिलेखों, रिकार्ड एवं दस्तावेजों के परीक्षण के लिए मध्यप्रदेश कृषि गोदाम नियम, 1961 के नियम 33(3) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का
प्रयोग करते हुए सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को अधिकृत किया है। जिला आपूर्ति अधिकारी अवधेश पाण्डे ने बताया कि उपार्जन अवधि के दौरान गोदामों में भंडारित गेहूं की निकासी केवल कलेक्टर या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी की पूर्व अनुमति से ही की जा सकेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुमति प्रदान करने से पहले संबंधित अधिकारी प्रकरण का गहन परीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि समर्थन मूल्य योजना के तहत गेहूं विक्रय में किसी प्रकार का दुरुपयोग न हो।
सभी गोदाम संचालकों को कृषि गोदाम नियम, 1961 के नियम 33 के अंतर्गत निर्धारित अभिलेखों का संधारण अनिवार्य रूप से करना होगा तथा जांच के दौरान
अधिकृत अधिकारियों को उपलब्ध कराना होगा। यह आदेश गेहूं उपार्जन की अंतिम तिथि तक प्रभावी रहेगा। आदेश के उल्लंघन या किसी प्रकार की लापरवाही पाए
जाने पर संबंधितों के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।