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जुआ खेल रहे 07 जुआरियों को पुलिस ने पकड़ा , ...ऑटो पलटा, 01 की मौत, 7 घायल

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गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) गुना आरोन थाना पुलिस द्वारा जुए की सूचना पर कार्यवाही की गई है ।
24 जनवरी 2026 के दोपहर के समय आरोन नई मंडी परिसर में 06-07 व्यक्तियों के द्वारा तास पत्‍तों से रूपयों की हारजीत के दाव लगाकर जुआ खेले जाने की मुखबिर सूचना ‍पर आरोन थाने से पुलिस की एक टीम जुआरियों पर कार्यवाही हेतु तत्‍काल नई मंडी पहुंची और जहां मुखबिर की बताई जगह पर जाकर देखा तो वहां पर 6-7 लोग फड़ जमाकर तास पत्‍तों से रूपयों से हारजीत के दाव लगाकर मांग पत्‍ती का खेल खेलते दिखे, जिनकी धरपकड़ हेतु पुलिस फोर्स द्वारा घेराबंदी की गई तो जुआरियों में एकदम से भगदड़ मच गई, जिसमें एक जुआरी मौके का फायदा लेकर वहां से फरार हो गया जबकि इस बीच पुलिस ने 06 जुआरियों को पकड़ लिया ।
पकड़े गये जुआरियों ने पूछताछ पर अपने नाम 1-जुवेद पुत्र साविर खांन उम्र 32 साल, 2-विवेक पुत्र बब्लू ग्वाल उम्र 25 साल, 3-जाकिर पुत्र जमील खांन उम्र 23 साल, 4-सुनील पुत्र कमल सिंह रघुवंशी उम्र 33 साल, 5-फिरोज पुत्र मौहम्मद खांन उम्र 27 साल निवासीगण आरोन एवं 6-विरमाल पुत्र श्रीकिशन यादव उम्र 26 साल निवासी ग्राम कुमरयाई थाना आरोन के होना बताए एवं भागे हुए अपने साथी का नाम 7-विकास पुत्र सूरज वाल्मीकि निवासी आरोन का होना बताया । पुलिस द्वारा मौके से कुल 4,150/-रूपये नगद, तास की गड्डी एवं जुआरियों की 04 मोटर सायकिलों सहित कुल 1,74,150/-रूपये का मशरूका विधिवत जप्त कर जुआ खेल रहे सभी 07 जुआरियों के विरूद्ध आरोन थाने में अप.क्र. 26/26 धारा 13 जुआ एक्ट के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही की गई ।
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मेले में दुकान लगाने जा रहे लोगो का ऑटो पलटा, 01 की मौत, 7 घायल
गुना। जिले के राघोगढ़ के रुठियाई कस्बे के रंजना खेड़ी में आयोजित मेले में खिलौनों की दुकान लगाने ऑटो से जा रहे एक ही परिवार के सात लोग ऑटो पलटने से घायल हो गए, इनमें एक की मौत हो गई। मृतक का नाम सोनू जोगी निवासी कुसमौदा है। उसकी उम्र 27 वर्ष है वह दो छोटी बच्चियों का पिता है।
ऑटो अनियंत्रित होकर गादेर घाटी के पास हाईवे पर पलटा। ऑटो को किराए से लेगए थे। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है स्वजनों का आरोप है कि एंबुलेंस बुलाने पर भी नहीं आई और जब घायलों को जिला अस्पताल ले गए तब मौके पर पहुंची। पुलिस की एक गाड़ी को भी हाथ दिखाकर रोकने की कोशिश की थी लेकिन वह भी नहीं रुकी। अगर समय पर मदद मिल जाती तो शायद आज सोनू की जान नहीं जाती।