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खौफनाक वारदात : अमेरिका में भारतीय मूल की पत्नी समेत चार लोगों की हत्या, अलमारी में छिपे बच्चे

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अमेरिका की धरती पर एक भारतीय परिवार की कहानी अचानक खौफनाक त्रासदी में बदल गई। जिस घर में रिश्तों की गर्माहट होनी चाहिए थी, वहां गोलियों की गूंज सुनाई दी। घरेलू विवाद से शुरू हुई बहस कुछ ही मिनटों में चार जिंदगियों को निगल गई। अलमारी में छिपे मासूम, 911 पर कांपती आवाज़ और एक परिवार का हमेशा के लिए बिखर जाना यह कहानी दिल दहला देने वाली है।
अमेरिका के जॉर्जिया राज्य से एक बहुत ही दुखद खबर सामने आई है। यहां भारतीय मूल के एक व्यक्ति ने घरेलू विवाद के बाद अपनी पत्नी और तीन रिश्तेदारों की गोली मारकर हत्या कर दी।
यह घटना शुक्रवार तड़के करीब 2:30 बजे ब्रुक आइवी कोर्ट इलाके में हुई। पुलिस को गोलीबारी की सूचना मिली, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची। घर के अंदर चार लोगों के शव मिले, जिन पर गोली लगने के निशान थे।
इस घटना में जिन लोगों की मौत हुई, उनके नाम हैं-
मीमु डोगरा (43) - विजय कुमार की पत्नी
गौरव कुमार (33)
निधि चंदर (37)
हरिश चंदर (38)
घर में मौजूद तीन बच्चों ने अलमारी में छिपकर अपनी जान बचाई। इनमें 12 साल का एक बच्चा (विजय कुमार और मीमु डोगरा का बेटा) भी था, जिसने हिम्मत दिखाकर 911 पर कॉल किया और पुलिस को सूचना दी। बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें परिवार के एक सदस्य के पास भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, पहले विजय कुमार और उसकी पत्नी के बीच अटलांटा स्थित घर में बहस हुई थी। इसके बाद वह अपने बच्चे के साथ ब्रुक आइवी कोर्ट वाले घर पहुंचे, जहां रिश्तेदार रहते थे। यहीं विवाद बढ़ गया और गोलीबारी की घटना हुई।
घटना के बाद विजय कुमार मौके से फरार हो गया था। उसकी गाड़ी ड्राइववे में खड़ी मिली। पुलिस ने K-9 यूनिट की मदद से तलाशी अभियान चलाया और उसे पास के जंगलनुमा इलाके से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
अटलांटा स्थित भारतीय दूतावास ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। दूतावास ने सोशल मीडिया पर कहा कि वे इस पारिवारिक त्रासदी से बेहद आहत हैं और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दी जा रही है।
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जेल में इश्क... पैरोल पर शादी : दो हत्यारों प्रिया-हनुमान की चौंकाने वाली लव स्टोरी
जयपुर। राजस्थान से सामने आई यह खबर न सिर्फ अनोखी है, बल्कि देशभर में सामाजिक, कानूनी और नैतिक बहस को जन्म देने वाली भी है। हत्या जैसे जघन्य अपराधों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दो कैदी शादी के बंधन में बंध गए हैं। दुष्यंत शर्मा हत्याकांड की दोषी प्रिया सेठ और अलवर सामूहिक हत्या कांड के दोषी हनुमान प्रसाद उर्फ जैक को अदालत के आदेश पर 15 दिन की पैरोल दी गई है। इसी अवधि के दौरान दोनों ने 23 जनवरी को अलवर जिले के बड़ौदामेव गांव में विवाह किया।
प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद दोनों जयपुर की ओपन जेल (खुली जेल) में बंद हैं। राजस्थान में ओपन जेल व्यवस्था के तहत कैदियों को सीमित आजादी मिलती है, जिसमें वे काम कर सकते हैं, सामाजिक संपर्क रख सकते हैं और सामान्य जीवन की एक झलक पा सकते हैं।
इसी खुले वातावरण में दोनों की मुलाकात हुई। बातचीत धीरे-धीरे दोस्ती में बदली और फिर यह रिश्ता प्रेम में बदल गया। करीब छह महीने तक साथ रहने के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया। इस दौरान दोनों ने अपने पुराने रिश्तों को पीछे छोड़ते हुए एक नए जीवन की शुरुआत करने का निर्णय लिया।
शादी के लिए पैरोल पाने के लिए दोनों ने कानूनी रास्ता अपनाया। दोनों की ओर से अधिवक्ता विश्राम प्रजापत ने अदालत में पैरवी की। प्रिया सेठ की याचिका पर जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल और जस्टिस चंद्रप्रकाश श्रीमाली की खंडपीठ ने जिला पैरोल एडवाइजरी कमेटी को 7 दिन के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। इसके बाद जिला पैरोल एडवाइजरी कमेटी ने प्रिया सेठ के रिप्रजेंटेशन को स्वीकार करते हुए 15 दिन की पैरोल मंजूर की।
इसी तरह हनुमान प्रसाद को भी पैरोल दी गई। इस अवधि में दोनों शादी और पारिवारिक रस्में पूरी करेंगे, जिसके बाद उन्हें वापस जेल लौटना होगा।
प्रिया सेठ मई 2018 के चर्चित दुष्यंत शर्मा मर्डर केस की मुख्य दोषी है। पुलिस जांच में सामने आया था कि, प्रिया ने डेटिंग ऐप के जरिए दुष्यंत को प्रेम जाल में फंसाया।
2 मई 2018 को उसने दुष्यंत को मिलने बुलाया और उसे जयपुर के बजाज नगर स्थित फ्लैट पर ले गई, जहां पहले से उसका प्रेमी दीक्षांत कामरा और उसका साथी लक्ष्य वालिया मौजूद था। तीनों ने मिलकर दुष्यंत को बंधक बनाया और उसके पिता से 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी।
डर के चलते उन्होंने दुष्यंत की गला घोंटकर हत्या कर दी। पहचान छुपाने के लिए उसके चेहरे पर चाकू से कई वार किए गए और शव को सूटकेस में बंद कर आमेर की पहाड़ियों में फेंक दिया गया। इस मामले में जयपुर की अदालत ने 24 नवंबर 2023 को प्रिया सेठ, दीक्षांत कामरा और लक्ष्य वालिया को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि, प्रिया सेठ डेटिंग ऐप्स के जरिए अमीर युवकों को फंसाकर उन्हें ब्लैकमेल करती थी। अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए उसने गलत रास्ता चुना। कई युवकों को अपने जाल में फंसाकर उनसे पैसे ऐंठे गए और एक संगठित नेटवर्क की तरह यह गतिविधि चल रही थी।
हनुमान प्रसाद अलवर के 2017 सामूहिक हत्या कांड का दोषी है। उसने अपनी प्रेमिका संतोष शर्मा के साथ मिलकर उसके पति और बच्चों की हत्या की थी। इस जघन्य अपराध में अदालत ने हनुमान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। संतोष शर्मा भी इसी केस में उम्रकैद की सजा काट रही है। अब हनुमान ने संतोष से संबंध तोड़कर प्रिया सेठ के साथ नया जीवन शुरू करने का फैसला किया है।
दोनों की शादी 23 जनवरी 2026, मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर अलवर जिले के बड़ौदामेव गांव में हनुमान के पैतृक घर पर संपन्न हो गई है। शादी पूरे पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कराई गई। पैरोल अवधि के दौरान दोनों परिवारों की मौजूदगी में विवाह संस्कार पूरे किए गए। शादी के कार्ड और तस्वीरें सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। लोग इसे जेल लव स्टोरी नाम दे रहे हैं।
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KRK उर्फ कमाल खान गिरफ्तार : ओशिवारा फायरिंग केस में कार्रवाई, लाइसेंसी गन से चली थीं गोलियां
मुंबई के ओशिवारा इलाके में हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना में बड़ा अपडेट सामने आया है। एक्टर और सोशल मीडिया सेलिब्रिटी कमाल राशिद खान उर्फ KRK को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी अंधेरी पश्चिम स्थित एक रिहायशी इमारत में गोली चलने के मामले में की गई है।
पुलिस के अनुसार, फायरिंग KRK की लाइसेंसी बंदूक से हुई थी, जिसे अब जब्त कर लिया गया है। KRK को लोकल कोर्ट में पेश किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस घटना ने मुंबई जैसे महानगर में लाइसेंसी हथियारों की सुरक्षा और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह घटना 18 जनवरी को मुंबई के अंधेरी पश्चिम के ओशिवारा इलाके में स्थित नालंदा सोसाइटी में हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, देर रात अचानक तेज आवाजें सुनाई दीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बाद में सोसाइटी में रहने वाले लोगों को पता चला कि बिल्डिंग की दूसरी और चौथी मंजिल पर गोलियां गिरी हैं।
जांच के दौरान पुलिस को यह स्पष्ट रूप से पता चला कि, दो अलग-अलग फ्लैट्स में गोलियों के निशान मौजूद थे। इनमें से एक फ्लैट लेखक-निर्देशक नीरज कुमार मिश्रा का था, जबकि दूसरा फ्लैट मॉडल प्रतीक बैद का बताया गया। दोनों ही स्थानों पर दीवारों, फर्श और एक लकड़ी के बॉक्स पर गोली लगने के साफ निशान मिले। जिससे यह साबित हुआ कि फायरिंग सीधे रिहायशी हिस्से तक पहुंची थी। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सोसाइटी के लोगों ने तुरंत ओशिवारा पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
शुरुआत में पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। इसके बाद मामले को फॉरेंसिक टीम को सौंपा गया। फॉरेंसिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ कि, गोलियों की दिशा और ट्रैजेक्टरी के आधार पर फायरिंग KRK के बंगले की ओर से की गई थी। इसी आधार पर पुलिस ने कमाल राशिद खान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पुलिस पूछताछ के दौरान KRK ने स्वीकार किया कि फायरिंग उन्हीं की लाइसेंसी बंदूक से हुई थी। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि, वे बंदूक की सफाई कर रहे थे और उसके बाद उसकी फंक्शनैलिटी चेक करने के लिए फायर किया था।
KRK के मुताबिक, उनके घर के सामने मैंग्रोव जंगल है और उन्होंने उसी दिशा में गोली चलाई थी, ताकि किसी को नुकसान न हो। उनका दावा है कि, तेज हवा के कारण गोली ज्यादा दूरी तक चली गई और ओशिवारा की रिहायशी बिल्डिंग तक पहुंच गई।
उन्होंने यह भी कहा कि उनका इरादा किसी को नुकसान पहुंचाने का नहीं था, लेकिन पुलिस इसे लापरवाही और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के रूप में देख रही है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट और बयान के बाद मुंबई पुलिस ने KRK को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनकी लाइसेंसी बंदूक जब्त कर ली है और लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रिहायशी इलाके में फायरिंग करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, चाहे वह जानबूझकर किया गया हो या लापरवाही में। अब मामले में बैलिस्टिक रिपोर्ट, घटनास्थल का निरीक्षण, गवाहों के बयान और लाइसेंस शर्तों का सत्यापन जैसे सभी कानूनी पहलुओं की जांच की जा रही है।
KRK को लोकल कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस रिमांड और आगे की कानूनी कार्रवाई पर फैसला होगा। जानकारी के अनुसार, मामले में आर्म्स एक्ट और लापरवाही से जान जोखिम में डालने से जुड़ी धाराएं लग सकती हैं।
कमाल राशिद खान, जिन्हें लोग KRK के नाम से जानते हैं, खुद को सेल्फ-प्रोक्लेम्ड फिल्म क्रिटिक बताते हैं। वे सोशल मीडिया पर फिल्मों और बॉलीवुड सितारों पर तीखी टिप्पणियों के लिए मशहूर हैं।
उन्होंने साल 2008 में विवादित फिल्म ‘देशद्रोही’ में मुख्य भूमिका निभाई थी और इसे खुद ही प्रोड्यूस किया था। इसके बाद वे 2014 की फिल्म ‘एक विलेन’ में सहायक भूमिका में नजर आए थे।
KRK का नाम पहले भी कई विवादों से जुड़ चुका है। सोशल मीडिया बयानों, विवादित पोस्ट्स और इंडस्ट्री से टकराव के चलते वे कई बार सुर्खियों में रहे हैं। कुछ समय तक वे दुबई में भी रहे, लेकिन हाल ही में भारत लौटे थे।