मंदसौर। नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम हिंगोरिया बड़ा में 17 व 18 जुलाई की दरमियानी रात में भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष श्यामलाल पुत्र दौलतराम धाकड़ की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने कई एंगल से जांच की पर कोई सिरा हाथ नहीं लग रहा था।
एसपी विनोद कुमार मीना ने बताया कि जांच में पाया कि मृतक श्यामलाल धाकड़ का गांव की एक महिला से संपर्क था। स्वजन को मृतक श्यामलाल धाकड़ द्वारा अपने नाम की रजिस्टर्ड जमीन व घर महिला के नाम करने का डर भी था। वहीं समाज में बदनामी का डर भी सता रहा था। इसी कारण मृतक के पिता दौलतराम धाकड़ ने गोपाल धाकड़, रंगलाल बाछड़ा, सुमित बाछड़ा, अटलू बाछड़ा के साथ मिलकर बेटे श्यामलाल को कुल्हाडी व चाकू से मारने की योजना बनाई।
दौलतराम धाकड़ ने रंगलाल बाछड़ा, सुमित बाछड़ा, अटलु बाछड़ा को श्यामलाल धाकड़ की हत्या के लिए 5 लाख रुपये भी दिए थे। 17 व 18 जुलाई की दरमियानी रात में को सुमित और अटलू अपनी-अपनी मोटर साईकिल से राती तलाई से हिंगोरिया बड़ा पहुंचे। यहां मोटरसाईकिल दौलतराम धाकड़ के घर से थोड़ी दूर गली में खड़ी कर दौलतराम के घर पहुंचे।
यहां से बताए अनुसार सीढ़ियों के रास्ते श्यामलाल के कमरे में पहुंचे। श्यामलाल पलंग पर सोया था। आरोपित सुमित, रंगलाल व अटलु ने कुल्हाड़ी व चाकू से श्यामलाल की गर्दन व शरीर पर कई बार वार कर हत्या कर दी।
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महिला को आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर किया ‘Digital Arrest’,30 लाख की ठगी
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में बड़ी ठगी की वारदात सामने आई है, जम्मू का एसपी बनकर वृद्ध महिला को साइबर अपराधी ने डिजिटल अरेस्ट किया और 30 लाख रुपए खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जब वृद्ध महिला का दामाद और बेटी उससे मिलने पहुंचे तो इस पूरी घटना का खुलासा हुआ।
एरोड्रम थाना क्षेत्र में रहने वाली एक वृद्ध महिला साइबर ठगों का शिकार हो गई, खुद को जम्मू-कश्मीर पुलिस का एसपी बताने वाले बदमाश ने महिला को डिजिटल अरेस्ट में रखकर उससे करीब 30 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जानकारी के अनुसार आरोपी ने महिला को फोन कर बताया कि उसका नाम एक आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग केस में आया है, इसी बहाने उसे घंटों कॉल पर रोके रखा और डराकर अलग-अलग दिनों में महिला के बैंक खातों से कई ट्रांजैक्शन करवाए।
मामला तब खुला जब महिला की बेटी और दामाद घर पहुंचे, संदिग्ध गतिविधि पर उन्हें शक हुआ और पूछताछ में पूरी घटना सामने आई। इसके बाद पीड़िता ने एरोड्रम थाना पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई है, पुलिस साइबर ठगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच में जुट गई है।
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पुलिसवाले ने ली ‘5 हजार’ की रिश्वत, SP ने किया निलंबित
अलीराजपुर। मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन कोई न कोई अफसर या कर्मचारी रिश्वत लेते लोकायुक्त के हत्थे चढ़ता है। ऐसा ही मामला आलीराजपुर जिले से सामने आया है। यहां पर बीते दिनों चौकी उमराली के कार्यवाहक प्रधान आरक्षक मनोहर जाटव रिश्वत लेते वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें वह एक युवक से रिश्वत लेते नजर आ रहे थे।
जानकारी के अनुसार, फरियादी के द्वारा प्रधान आरक्षक को एक युवक की गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज कराई थी। युवक एफआईआर के 2-3 दिन बाद ही घर वापस लौट आया था। परिजनों ने इसकी जानकारी चौकी में दे दी थी, लेकिन प्रधान आरक्षक के द्वारा एफआईआर बंद करने की एवज में 5 हजार रुपए की रिश्वत ली गई थी।
जैसे ही वीडियो आलीराजपुर एसपी तक पहुंचा। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते तुरंत ही मनोहर जाटव को निलंबित कर दिया है। उन्हें चौकी उमराली से हटाकर रक्षित केंद्र आलीराजपुर से संबद्ध किया गया है।
गुरुवार को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए 5 और रिश्वतखोरों को पकड़ा था।
विदिशा जिले के गंजबासौदा से उपयंत्री को राम गोपाल यादव के द्वारा 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था। उसके द्वारा सीसी सड़क निर्माण के मूल्यांकन की एवज में 40 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी।
शिवपुरी में अपर कलेक्टर कार्यालय के स्टेनो को पांच हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी स्टोनो के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7 के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है।
झाबुआ जनजतीय विभाग में पदस्थ लेखापाल जामसिंह अमलियार को लोकायुक्त ने 14,500 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7 के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है।
नरसिंहपुर में लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने सहकारिता निरीक्षक (कॉपरेटिव इंस्पेक्टर) संजय दुबे को 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा है। सहकारिता निरीक्षक संजय दुबे के खिलाफ 8 दिसंबर को लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई गई थी।
बालाघाट में भी जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने तहसील कार्यालय बिरसा में पदस्थ बाबू राजकुमार रामटेके को 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। रिश्वतखोर बाबू राजकुमार रामटेके के खिलाफ संतोष ढेकवार नाम के युवक ने लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी।
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