This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश : देशभर से हटेंगे आवारा कुत्ते, नसबंदी के बाद शेल्टर होम में रखने के निर्देश

User Rating: 5 / 5

Star ActiveStar ActiveStar ActiveStar ActiveStar Active
 

नई दिल्ली। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों और मवेशियों से जुड़ी देशव्यापी समस्या पर सख्त कदम उठाए हैं। कोर्ट ने आवारा कुत्तों से जुड़े एक मामले में कहा कि, राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला पूरे देश में लागू होगा। अब सवाल उठता है क्या यह आदेश पूरे देश में सुरक्षा और जानवरों के लिए समान रूप से लागू होगा? जानिए सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के सभी पहलू।
सुप्रीम कोर्ट ने 7 अक्टूबर को स्पष्ट किया कि, राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला पूरे देश में लागू होगा। आदेश के मुताबिक-
सभी स्टेट और नेशनल हाईवे से आवारा पशु हटाए जाएंगे।
स्कूलों, कॉलेजों, अस्पताल और सरकारी परिसर में बाड़ लगाई जाएगी।
पकड़े गए आवारा कुत्तों को उसी जगह पर वापस नहीं छोड़ा जाएगा।
जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने सुनवाई की। सभी राज्यों के मुख्य सचिव आदेश का पालन सुनिश्चित करेंगे और 3 हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट दायर करेंगे। अगली सुनवाई 13 जनवरी को होगी।
कोर्ट के आदेश की मुख्य बातें
सभी राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर आवारा पशुओं की सूचना के लिए हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित होंगे।
2 हफ्ते में सभी स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और सरकारी दफ्तरों में बाड़ लगाई जाएगी।
रखरखाव और निरीक्षण के लिए प्रत्येक परिसर में नोडल अधिकारी नियुक्त होगा।
पकड़े गए पशु-उन्हें उसी जगह वापस नहीं छोड़ा जाएगा। शेल्टर या गौशाला में रखा जाएगा।
नगर निगम, नगरपालिका और पंचायत हर 3 महीने में कम से कम एक बार निरीक्षण करेंगे।
सभी डीएम सुनिश्चित करेंगे कि, आवारा कुत्ते स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और सरकारी दफ्तरों में प्रवेश न कर सकें। नियमित निरीक्षण और बाड़ लगाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। पकड़े गए कुत्तों को शेल्टर या गौशालाओं में रखा जाएगा और दोबारा सड़क पर नहीं छोड़ा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, यह आदेश केवल सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि बेजुबान जानवरों के प्रति न्याय सुनिश्चित करने के लिए भी अहम है।
28 जुलाई 2025: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में बच्चों के बीच आवारा कुत्तों के काटने और रेबीज से मौतों की मीडिया रिपोर्ट पर स्वयं संज्ञान लिया।
11 अगस्त 2025: आवारा कुत्तों को दिल्ली-NCR के आवासीय क्षेत्रों से हटाने का आदेश।
22 अगस्त 2025: कोर्ट ने आदेश दिया कि पकड़े गए कुत्ते नसबंदी के बाद छोड़े जाएं।
3 नवंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को तलब किया।
7 नवंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश पूरे देश में लागू करने का ऐतिहासिक फैसला दिया।
देशभर में कुत्तों के काटने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। 2022 से 2025 तक का डेटा यही दिखाता है कि महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे बड़े राज्यों में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। देशभर में 37 लाख से ज्यादा डॉग बाइट केस दर्ज हुए हैं। जनवरी 2025 तक अकेले 4.29 लाख मामले दर्ज हो चुके हैं।
---------------------------------------

Vivo, Oppo, Realme.. वाले हो जाएं सावधान ! करोड़ों एंड्रॉयड यूजर्स पर मंडराया हैकिंग का खतरा ; सरकार ने जारी की चेतावनी
अगर आप एंड्रॉयड स्मार्टफ़ोन यूज़ करते हैं तो आपके लिए भारत सरकार की एजेंसी की तरफ़ से एक चेतावनी है. कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम CERT-in की तरफ़ से वॉर्निंग जारी की गई है. इसमें बताया गया है कि एजेंसी ने Android ऑपरेटिंग सिस्टम में कुछ खामियां ढूंढी हैं. इन खामियों का फायदा उठा कर अटैकर्स आपके डिवाइस में आर्बिटरी कोड एग्जिक्यूट कर सकते हैं. इस वजह से स्मार्टफ़ोन पर खतरा आ सकता है.
CERT.in के मुताबिक़ इस बग से Android 13, 14, 15 और 16 प्रभावित हैं. यानी लाखों स्मार्टफ़ोन खतरे में हैं, क्योंकि Android 16 लेटेस्ट वर्जन है. हालांकि ज़्यादातर लोगों के पास Android 14, 15 वाले स्मार्टफोन्स हैं. अगर आपके पास भी Pixel, Vivo, Oppo, Xiaomi, Realme, Motorola और OnePlus या सैमसंग के स्मार्टफोन्स हैं और उनमे ये एंड्रॉयड वर्जन हैं तो सतर्क हो जाएं.
एजेंसी के मुताबिक़ ये खामियां हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर वेंडर्स की तरफ़ से हैं. इनमें Qualcomm, NVIDIA, Broadcom और Unisoc के कॉम्पोनेंट्स शामलि हैं. बता दें कि ज़्यादातर एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में इनके ही कॉम्पोनेंट्स ही यूज़ किए जाते हैं. भारत सरकार की एजेंसी ने इस खामी को हाई रिस्क में रखा है. यानी इसका फायदा उठा कर हैकर्स आपके फोन से फिनांशियल डिटेल्स चुरा सकते हैं. यहां तक की आपके अकाउंट से पैसे भी साफ़ हो सकते हैं.
अच्छी बात ये है कि गूगल को भी इस खामी की जानकारी है और कंपनी ने नवंबर के सिक्योरिटी पैच में इसे फिक्स भी कर दिया है. लेकिन आपको अगर बचना है तो अपने फ़ोन पर नया सिक्योरटी पैच तुरंत इंस्टॉल करना होगा, वर्ना आपका फ़ोन खतरे में ही रहेगा.
-------------------------------
पं. धीरेंद्र शास्त्री की यात्रा दिल्ली से वृंदावन के लिए शुरू, यमुना शुद्धिकरण और सामाजिक समरसता पर जोर
बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में शुक्रवार को दिल्ली के इंद्रप्रस्थ से 'सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2.0' शुरू हुई। यह यात्रा वृंदावन तक जाएगी। इस यात्रा में कथावाचक जया किशोरी भी शामिल हैं। जया किशोरी ने एक वीडियो जारी कर इसकी जानकारी दी।
यात्रा से पहले सुबह 9 बजे दिल्ली के कात्यायनी मंदिर परिसर में संत-महात्माओं की उपस्थिति में मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रगान, हनुमान चालीसा, श्रीराम नाम संकीर्तन और हिंदू एकता की शपथ ली गई। उसके बाद संतों द्वारा सौंपे गए धर्म ध्वज को लेकर बागेश्वर बाबा के नेतृत्व में यात्रा वृंदावन के लिए रवाना हुई।
पंडित धीरेंद्र ने कहा कि यह केवल यात्रा नहीं, बल्कि एक वैचारिक क्रांति है। इसका उद्देश्य समाज को जोड़ना और लोगों के विचारों को जागृत करना है। उन्होंने कहा कि यात्रा संवाद के माध्यम से आगे बढ़ेगी और सनातन एकता का संदेश लेगी। उन्होंने देश-विदेश के हिंदुओं से 7 से 16 नवंबर के बीच कम से कम एक दिन यात्रा में शामिल होने का आग्रह किया।
इस यात्रा में जगद्गुरु रामभद्राचार्य, राजेंद्र दास, दीदी मां ऋतंभरा, चिदानंद मुनि, स्वामी ज्ञानानंद, सुधांशु महाराज, राजू दास, मृदुल कांत शास्त्री, दाती महाराज, पंडित संजीव कृष्ण ठाकुर और महामंडलेश्वर नवल किशोर दास सहित कई संत और आचार्य शामिल हैं।
राजनीतिक क्षेत्र से दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद मनोज तिवारी और मंत्री कपिल मिश्रा भी उपस्थित रहेंगे। बागेश्वर महाराज ने बताया कि यात्रा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की 422 ग्राम पंचायतों से होकर गुजरेगी और करीब 5 करोड़ लोगों तक इसका संदेश पहुंचेगा।
इस बार यात्रा को मुस्लिम समाज का भी समर्थन मिला है। फैज खान के नेतृत्व में 300 से अधिक मुस्लिम सदस्य भी यात्रा में शामिल होंगे। मुस्लिम समुदाय ने कहा कि यह यात्रा लोगों को जोड़ने का काम कर रही है।
बागेश्वर महाराज ने सभी पदयात्रियों से कहा कि वे मर्यादित और शांतिपूर्ण रहें। किसी जाति, पंथ या संप्रदाय पर टिप्पणी न करें और अस्त्र-शस्त्र का प्रयोग न करें। प्रशासन से सभी संवेदनशील स्थलों पर विशेष सुरक्षा की भी अपील की गई।
पदयात्रा के सात संकल्प
यमुना माता का शुद्धिकरण।
भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए।
गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा मिले।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर भव्य रूप में निर्मित हो।
ब्रज परिक्षेत्र में मांस-मदिरा पर प्रतिबंध।
अवैध धर्मांतरण और लव जिहाद पर रोक।
जात-पात और ऊंच-नीच का भेद समाप्त कर सामाजिक समरसता स्थापित हो।