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350 करोड़ की टेक्सटाइल फैक्ट्री का विरोध हुआ हिंसक, वाहनों में तोड़फोड़

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नीमच। नीमच जिले के मोरवन क्षेत्र में 350 करोड़ रुपये की लागत से बन रही प्रस्तावित टेक्सटाइल फैक्ट्री को लेकर ग्रामीणों का विरोध आज हिंसक हो गया। गुरुवार सुबह जहां सैकड़ों ग्रामीण महिलाएं "फैक्ट्री हटाओ–बांध बचाओ" के नारे लगाते हुए शांतिपूर्ण मार्च कर रही थीं, वहीं दोपहर तक हालात बेकाबू हो गए और प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुस्साई भीड़ ने कंपनी के इंजीनियर और कर्मचारियों पर पथराव कर दिया। इस दौरान कंपनी के सिविल इंजीनियर विपिन मिश्रा को गंभीर सिर की चोटें आईं, जबकि कंपनी मैनेजर योगेंद्र सोलंकी के गले और शरीर पर चोटें आई हैं। सूत्रों के मुताबिक, करीब 15 मजदूर भी घायल हुए हैं, जिन्हें जावद, सरवानिया और डीकेन के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
प्रदर्शनकारियों ने मौके पर मौजूद कंपनी के वाहनों के शीशे फोड़ दिए और कई वाहनों में तोड़फोड़ की। देखते ही देखते फैक्ट्री परिसर के आसपास का इलाका तनावग्रस्त हो गया। पुलिस को हालात पर काबू पाने के लिए भारी बल तैनात करना पड़ा।
प्रशासन का कहना है कि स्थिति को नियंत्रण में लेने के प्रयास जारी हैं और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि मोरवन क्षेत्र में बन रही यह 350 करोड़ की सुविधा रेयॉन्स टेक्सटाइल फैक्ट्री लंबे समय से विवादों में घिरी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री बनने से स्थानीय बांध और जलस्रोत प्रभावित होंगे, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह परियोजना स्थानीय रोजगार और औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताया जा रहा है।
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बागेश्वर बाबा की हिंदू राष्ट्र यात्रा पर सुप्रीम कोर्ट में PIL: दलित-पिछड़ा संगठन ने लगाई रोक की मांग
छतरपुर। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की दिल्ली से वृंदावन तक प्रस्तावित ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ पर दलित-पिछड़ा समाज संगठन ने कड़ा एतराज जताया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर सिंह यादव ने इस यात्रा को हिंदू राष्ट्र बनाने की साजिश करार देते हुए सुप्रीम कोर्ट में पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (PIL) दाखिल करने का ऐलान किया है। उन्होंने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) से स्वतः संज्ञान लेने की भी अपील की है।
दामोदर सिंह यादव ने कहा, “धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का अपमान कर रहे हैं। यह देश हर धर्म और संप्रदाय का है, लेकिन वे धार्मिक उन्माद फैला रहे हैं। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद बाबाओं ने राजनीति का शौक पाल लिया है। हम आज सुप्रीम कोर्ट में PIL दाखिल कर रहे हैं और यात्रा पर रोक लगाने की मांग करेंगे।”यादव ने आरोप लगाया कि शास्त्री की यात्रा संविधान और सामाजिक सौहार्द के खिलाफ है। उन्होंने कहा, “यह यात्रा समाज में नफरत फैलाने का प्रयास है। हम 2 से 6 नवंबर तक मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन, पुतला दहन और ज्ञापन सौंपेंगे।
गौरतलब है कि धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा कल 7 नवंबर से शुरू होकर 16 नवंबर तक चलेगी। यह दिल्ली के कात्यायनी माता मंदिर से शुरू होकर वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर तक जाएगी। यात्रा का उद्देश्य हिंदू एकता और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का संदेश देना बताया जा रहा है।
पदयात्रा में दीदी मां ऋतंभरा, चिदानंद मुनि जी ऋषिकेश, स्वामी ज्ञानानंद महाराज गीता मनीषी, रमणरेती वाले महाराज, प्रख्यात कथा वाचक सुधांशु जी महाराज, बालक योगेश्वर दास महाराज बद्रीनाथ, माधव दास महाराज मोनी बाबा, राजू दास महाराज हनुमान गढ़ी, मृदुल कांत शास्त्री वृंदावन, आरके पांडे जी बलदेव मंदिर, अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पं. संजीव कृष्ण ठाकुर, तन्मय वशिष्ठ गंगासभा तीर्थ पुरोहित, दिल्ली संत मंडल महामंत्री महामंडलेश्वर नवल किशोर दास महाराज के अलावा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद मनोज तिवारी, मंत्री कपिल मिश्रा सहित दिल्ली से 50 संत महात्माओं की गरिमामय उपस्थिति रहेगी।
बागेश्वर महाराज ने कहा कि यह पहला अवसर है जब उनकी यात्रा का समर्थन इस्लाम धर्म के लोगों ने किया है। फैज खान के नेतृत्व में तीन सैकड़ा से अधिक मुस्लिम समाज के लोग यात्रा में चलेंगे। विगत दिनों दिल्ली में मुस्लिम समाज के लोगों के साथ महाराज श्री ने बैठक की थी जिसमें समाज के सभी लोगों ने महाराज श्री की यात्रा का समर्थन करते हुए साथ चलने का भरोसा दिया था। मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के माध्यम से लोगों को जोड़ने का काम किया जा रहा है इसलिए वे यात्रा में साथ चलेंगे।
बागेश्वर महाराज ने सभी पदयात्रियों से आग्रह किया है कि वह यात्रा में मर्यादा के साथ शामिल हो। किसी जाति, पंथ, संप्रदाय विशेष पर कोई टिप्पणी न की जाए। अस्त्र-शस्त्र का प्रयोग पूरी तरह से वर्जित रहेगा, शांति के साथ यात्रा में चले, भगदड़ न मचाएं। प्रशासन से भी आग्रह किया गया है की विशेष स्थान पर विशेष सुरक्षा की जाए। अन्य धर्मावलंबियों के आस्था के केंद्रों की विशेष सुरक्षा हो ताकि कोई साजिश न कर सके।
बागेश्वर महाराज ने कहा कि दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश की 422 ग्राम पंचायतों के अलावा नगरों, कस्बों सहित करीब 5 करोड़ की आबादी तक यात्रा का संदेश पहुंचाने का प्रयास होगा। महाराज श्री ने कहा कि जहां महिलाएं विश्राम करेंगी वहां सीसीटीवी कैमरा से निगरानी रखी जाएगी, उनके लिए अलग व्यवस्था की गई है, निजता का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
वे सात संकल्प जिनके लिए शुरू हो रही यात्रा
यमुना माता का शुद्धिकरण हो
भारत हिंदू राष्ट्र घोषित हो।
गौ माता राष्ट्र माता घोषित हो।
श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर भव्य और दिव्य बने।
ब्रज परिक्षेत्र को पूर्व का स्वरूप प्राप्त हो, क्षेत्र में मास मदिरा प्रतिबंधित हो।
अवैध धर्मांतरण एवं लव जिहाद पर लगाम लगे।
जात-पात, ऊंच नीच का भेदभाव खत्म होकर सामाजिक समरसता हो।
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ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में मिलावटी प्रसाद पर कार्रवाईः 2.53 लाख का मावा पेड़ा व मिल्क केक जब्त, दुकान सील
ओंकारेश्वर। पवित्र तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में प्रसाद के नाम पर मिलावटी मिठाई बेचने वालों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सोमवार को मंदिर प्रांगण स्थित दुकानों पर छापा मारते हुए लगभग 2.53 लाख मूल्य की संदिग्ध मिठाई जप्त की और एक दुकान को सील कर दिया।
जानकारी के अनुसार, “ओंकार पेड़ा भंडार” नामक दुकान क्रमांक-2, विक्रेता समाधान पिता दत्तात्रय धस तथा मालिक नायनेश्वर पिता आत्माराम मोहिते द्वारा महाराष्ट्र से लाई गई मिल्क केक और मावा पेड़ा जैसी प्रसादी सामग्री बिना अनुज्ञप्ति के बेची जा रही थी। प्राप्त शिकायतों के आधार पर खाद्य विभाग ने जांच की तो मिठाई में मिलावट की पुष्टि हुई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि छापेमारी के दौरान दुकान से 300 किलोग्राम मावा पेड़ा (कीमत 1,20,000) और 334.50 किलोग्राम मिल्क केक (कीमत 1,33,800) सहित कुल 2,53,800 मूल्य की मिठाई जप्त की गई।
सैंपल जांच हेतु लैब भेजे गए हैं, और रिपोर्ट आने तक दुकान को सील कर दिया गया है। साथ ही यह भी पाया गया कि दुकान बिना वैध लाइसेंस के संचालित की जा रही थी। इस कार्रवाई में एसडीएम पंकज वर्मा, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव मिश्रा, खाद्य अधिकारी राधेश्याम गोले, नायब तहसीलदार उदय मंडलोई और लैब केमिस्ट विनय साकेत शामिल रहे। टीम ने मौके पर ही दुकानदार को आगामी आदेश तक दुकान बंद रखने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल अनुज्ञप्ति प्राप्त दुकानों से ही प्रसाद सामग्री खरीदें और किसी भी प्रकार की मिलावट या संदिग्ध खाद्य सामग्री की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। ओंकारेश्वर जैसे पवित्र तीर्थ में मिलावटी प्रसाद की बिक्री न केवल श्रद्धा के साथ छल है, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। प्रशासन की यह सख्त कार्रवाई निश्चित रूप से ऐसे तत्वों के लिए चेतावनी है जो श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं।