This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.

दुर्गा विसर्जन के दौरान तालाब में पलटी ट्रैक्टर-ट्रॉली, 11 लोगों की मौत 

User Rating: 4 / 5

Star ActiveStar ActiveStar ActiveStar ActiveStar Inactive
 

खंडवा। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का उत्सव, मातम में बदल गया, जब गुरुवार शाम एक ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब में गिर गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में कुल 11 लोगों की जान चली गई, जिनमें मासूम बच्चियां शामिल हैं। मृतकों की उम्र केवल 7 साल से लेकर 25 साल है। इसके अलावा तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज जिला अस्पताल में किया जा रहा है। घटना पंधाना तहसील के जामली गांव की है। जानकारी के अनुसार, राजगढ़ गांव के पाडला फाटा फलिया इलाके से ग्रामीण देवी प्रतिमा विसर्जन के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर अर्दला तालाब की ओर जा रहे थे। ट्रैक्टर जैसे ही तालाब के किनारे पहुंची, अचानक असंतुलित होकर पलट गई। ट्रॉली में बैठे करीब 35 से 40 आदिवासी महिला-पुरुष, युवा और बच्चे एक साथ गहरे पानी में जा गिरे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तालाब की गहराई लगभग 50 फीट थी, जिससे कई लोग तुरंत डूब गए। हादसा होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग तैरकर बाहर निकल आए जबकि कई ग्रामीणों और मौजूद युवाओं ने बिना समय गंवाए तालाब में छलांग लगाकर दूसरों को बचाने की कोशिश की। करीब 10-12 लोगों ने तुरंत पानी में उतरकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। इसके बावजूद कई लोग गहराई में समा गए जिन्हें बचाया नहीं जा सका। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुंचा। शाम करीब साढ़े पाँच बजे जेसीबी मशीन की मदद से रेस्क्यू आॅपरेशन शुरू किया गया।
खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया बचाव कार्य में काफी दिक्कतें आईं क्योंकि तालाब गहरा था और पानी भी ज्यादा था। पंधाना के सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल ने बताया जिला मुख्यालय से डॉक्टरों की विशेष टीम बुलाकर देर रात ही सभी मृतकों का पोस्टमार्टम कराया गया। वहीं तीन गंभीर घायलों को इलाज के लिए खंडवा रेफर किया गया है। आईजी ग्रामीण अनुराग कुमार ने पीपुल्स अपडेट को बताया कि अब तक तालाब से 13 श्रद्धालुओं के शव निकाले जा चुके हैं। पुलिस और प्रशासन के साथ ही राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू जारी है। एसडीआरएफ के एक और दल को मौके पर भेजा गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता राशि तथा घायलों को नजदीकी अस्पताल में समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने देवी मां दुर्गा से सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है।
---------------------------
CM स्टालिन और राज्यपाल के आवास को मिली बम से उड़ाने की धमकी, खुफिया एजेंसी अलर्ट
चेन्नई। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में गुरुवार रात को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, राज्यपाल आरएन रवि और फिल्म अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन के घरों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह खबर राज्य के पुलिस महकमे में खलबली मचा गई और आनन-फानन में सुरक्षा बढ़ा दी गई। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
चेन्नई के तेयनाम्पेट इलाके में त्रिशा कृष्णन के घर पर धमकी मिलने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत खोजी कुत्तों के साथ तलाशी अभियान शुरू किया। हालांकि, तलाशी में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।
सीएम स्टालिन और राज्यपाल रवि के आवास को भी इसी तरह की धमकियां मिली हैं। इस गंभीर सुरक्षा मामले को देखते हुए खुफिया एजेंसियां और पुलिस हाई अलर्ट पर हैं।
पहले भी मिल चुकी है धमकी
जुलाई 2023 – स्टालिन के आवास पर बम धमकी मिली थी, जिसके बाद सुरक्षा बढ़ाई गई।
अगस्त 2024 – स्टालिन को फ्लाइट पकड़ने से पहले एयरपोर्ट पर बम धमकी भरे ईमेल मिले। बाद में जांच में झूठी साबित हुई।
15 अगस्त 2025 – झंडा फहराने से पहले भी स्टालिन को कथित धमकी मिली, कॉल करने वाले को हिरासत में लिया गया।
तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय के चेन्नई स्थित आवास पर भी इस सप्ताह बम की धमकी मिली। करूर रैली में हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई और सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए।
पुलिस ने दोनों आवासों पर बॉम्ब स्क्वाड और खोजी कुत्तों की टीम तैनात की। जांच अभी जारी है और धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई है। खुफिया एजेंसियां कॉल ट्रेस और जांच कर धमकी देने वाले तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
इस घटना ने तमिलनाडु के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा एजेंसियां मामले की तह तक जाने और धमकी देने वाले को जल्द पकड़ने में लगी हैं।
---------------------------
भारत में बनेगा एयरबस एच125 हेलीकॉप्टर, वेमगल में स्थापित की जाएगी असेंबली लाइन 
बेंगलुरू। कर्नाटक के कोलार जिले के वेमगल का यूरोपीय एयरोस्पेस कंपनी एयरबस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल) ने एच125 हेलीकॉप्टर के फाइनल असेंबली लाइन (एफएएल) के लिए चयन किया है। यह असेंबली लाइन भारत में निजी क्षेत्र में हेलीकॉप्टर निर्माण की पहला प्रयास है। टीएएसएल पहले ही गुजरात के वडोदरा में एअरबस सी295 मिलिट्री एयरक्राफ्ट के लिए एफएएल संचालित कर रही है। इस हेलीकॉप्टर असेंबली परियोजना का ऐलान करीब डेढ़ साल पहले किया गया था। एच125 एफएएल की घोषणा 2024 में भारत के गणतंत्र दिवस पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के भारत दौरे के अवसर पर की गई थी। एयरबस और टीएएसएल ने इस एफएएल के लिए कुल आठ संभावित स्थलों का चयन किया था। इनमें से वेमगल का अंतिम रूप से चुनाव किया गया है। यह भारतीय विमान निर्माण उद्योग के लिहाज से बड़ी पहल मानी जा रही है।
एच125 मुख्य रूप से एक नागरिक हेलीकॉप्टर है और शुरू में इसका उद्देश्य भारत में नागरिक उपयोग के लिए हेलीकॉप्टर का निर्माण करना था। हालांकि अब इसमें सैन्य संस्करण एच125एम बनाने की योजना भी शामिल है, जिसे भारतीय फैक्ट्री से उच्च स्तर की स्थानीय तकनीकों और घटकों के साथ पेश किया जाएगा। एयरबस के अनुसार, एच125एम भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा उपयोग किए जाने वाले चीता और चेतक हेलीकॉप्टर का आदर्श उत्तराधिकारी होगा। ये हेलीकॉप्टर एयरबस और सरकारी उपक्रम हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स के बीच पिछले साठ वर्षों से चली आ रही औद्योगिक साझेदारी का परिणाम हैं।
पहले भारत निर्मित एच125 हेलीकॉप्टर की 2027 तक डिलीवरी होने की संभावना है। यह असेंबली लाइन न केवल भारतीय बाजार को सेवा देगी बल्कि क्षेत्रीय बाजारों के लिए भी हेलीकॉप्टर तैयार करेगी। भारत में नागरिक हेलीकॉप्टर उपयोग अभी अन्य देशों की तुलना में काफी कम है, जबकि हेलीकॉप्टर का उपयोग कई देशों में विभिन्न उद्देश्यों के लिए नियमित रूप से होता है। भारत की विशाल जनसंख्या और मजबूत आर्थिक विकास इसे नागरिक हेलीकॉप्टर बाजार के लिए आकर्षक बनाते हैं। एयरबस के ज्यूर्गन वेस्टरमेयर ने कहा मेड इन इंडिया एच125 हेलीकॉप्टर नई नागरिक और सार्वजनिक सेवा बाजार की संभावनाओं को विकसित करेगा।
इसके साथ ही भारतीय सशस्त्र बलों की हल्के मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर की जरूरत को भी पूरा करेगा, खासकर हिमालयी क्षेत्रों में। उन्होंने कहा कि भारत हेलीकॉप्टर के लिए आदर्श देश है। भारत निर्मित हेलीकॉप्टर को राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना से भारत में हेलीकॉप्टर निर्माण की क्षमता बढ़ेगी और देश में तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी। नागरिक और सैन्य दोनों तरह के उपयोग के लिए हेलीकॉप्टर की स्थानीय उत्पादन लाइन स्थापित होने से रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और भारत का एयरोस्पेस उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेगा।

© 2017 Your Company. All Rights Reserved. Designed By WarpTheme