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उज्जैन में बड़ी कार्रवाई: महाकाल मंदिर के पास बने 11 मकानों को किया ध्वस्त

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उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई की गई है। महाकाल मंदिर के पास 11 मकानों को ध्वस्त किया गया है। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर मौजूद रही। बताया गया कि लीज का उल्लंघन करने पर यह एक्शन लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, उज्जैन विकास प्राधिकरण ने महाकाल मार्ग स्थित बेगम बाग में बड़ी कार्रवाई की है। पांच प्लाट पर लीज उल्लंघन कर बनाए गए 11 मकानों को ध्वस्त किया है। बताया कि यह चौथी बार कार्रवाई हुई। वहीं यूडीए के एक अधिकारी ने बताया कि विकास प्राधिकरण की आवासीय योजना है, जो महाकाल मंदिर के पास ही है। आवास को लेकर लीज दी थी, लेकिन लोगों ने आवासीय की जगह व्यवसायिक उपयोग प्रारंभ किया गया। करीब डेढ़ वर्ष पहले 28 लीज निरस्त की गई थी।
उन्होंने आगे बताया कि इसी कड़ी में पांच प्लाट पर 11 स्ट्रक्चर बने हुए है, जो लीच निरस्ती के बाद ये सभी अतिक्रमण की श्रेणी में आते है। जिसे हटाने के लिए विधिवत कार्रवाई की गई है। लोगों को नोटिस दिए गए, अंतिम आदेश जारी किए गए थे। संपूर्ण मौका देने और किसी भी न्यायालय में कोई प्रक्रिया प्रचलन में नहीं होने के कारण आज गुरुवार को जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और विकास प्राधिकरण की टीम द्वारा 11 अतिमक्रमणों को हटाया गया है। इसके बाद उज्जैन विकास प्राधिकरण फिर से भूखंडों पर कब्जा प्राप्त करेगा।
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जबलपुर में विधायक का तलवार से केक काटने का वीडियो वायरल, बहस तेज
जबलपुर. बरगी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक नीरज सिंह का जन्मदिन बीते दिन उनके समर्थकों ने धूमधाम से मनाया. इस दौरान आयोजित समारोह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने राजनीतिक हलकों के साथ आम जनता में भी चर्चा छेड़ दी है.
वीडियो में विधायक नीरज सिंह समर्थकों के बीच मंच पर खड़े होकर तलवार से केक काटते नजर आ रहे हैं. एक अन्य वीडियो में वे म्यान से तलवार निकालते हुए दिखाई देते हैं. जैसे ही उन्होंने तलवार से केक काटा, मंच पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक नारेबाजी करते हुए उन्हें बधाई देते रहे. पूरा माहौल उत्सव जैसा था और समर्थकों ने इसे एक “रॉयल स्टाइल” समारोह करार दिया.
यह वीडियो भाजपा तिलवारा मंडल अध्यक्ष मनीष शुक्ला ने सोशल मीडिया पर साझा किया. देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया और प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया. कुछ लोगों ने इस तरीके को परंपरागत और प्रतीकात्मक बताया, वहीं कई लोगों ने इसे अनुचित और असंवेदनशील ठहराया.
वीडियो वायरल होने के बाद आम नागरिकों ने भी अपनी राय दी. राजकुमार साहू नामक एक यूज़र ने टिप्पणी की कि यदि कोई आम आदमी सार्वजनिक स्थान पर तलवार से केक काटता, तो पुलिस तत्काल कार्रवाई करती, लेकिन विधायक होने की वजह से शायद ही कोई कार्यवाही होगी. वहीं, प्रिया कुमारी नाम की यूज़र ने लिखा कि “कानून केवल आम जनता के लिए है, नेताओं पर यह लागू नहीं होता.” इन टिप्पणियों ने इस घटना को और अधिक राजनीतिक रंग दे दिया है.
यह मामला अब कानून और जनप्रतिनिधियों के विशेषाधिकारों के बीच संतुलन की बहस को जन्म दे रहा है. आम नागरिकों का कहना है कि यदि छोटे-छोटे मामलों में आम लोगों पर कार्रवाई की जाती है, तो नेताओं को भी उन्हीं नियमों का पालन करना चाहिए. लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि सार्वजनिक समारोह में हथियार जैसे प्रतीक का इस्तेमाल क्या कानूनन और सामाजिक दृष्टिकोण से सही है.
दूसरी ओर, विधायक के समर्थकों का कहना है कि यह महज़ एक प्रतीकात्मक और पारंपरिक तरीका था. उनका तर्क है कि इसमें किसी तरह की अवैधानिक गतिविधि शामिल नहीं थी. उनका मानना है कि विरोधी दल और कुछ लोग इस घटना को अनावश्यक रूप से विवाद का रूप दे रहे हैं.अब तक न तो प्रशासन और न ही पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है. इस कारण यह सवाल और तेज़ हो गया है कि यदि यह मामला किसी आम व्यक्ति से जुड़ा होता तो क्या स्थिति अलग होती.फिलहाल, यह जन्मदिन समारोह केवल एक निजी उत्सव नहीं रहा बल्कि राजनीति और जनभावनाओं के बीच एक गंभीर बहस का मुद्दा बन गया है. तलवार से केक काटने जैसी प्रतीकात्मक कार्रवाई ने नेताओं की जिम्मेदारी, जनता की अपेक्षाएँ और कानून के समान अनुपालन पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
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‘प्राइवेट वीडियो लीक’ होने के बाद भाजपा नेता ने की जान देने की कोशिश, हालत गंभीर
भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बीते दिनों भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व मंडल महामंत्री जीत निशोदे का प्राइवेट वीडियो वायरल हुआ था। जिसके बाद पार्टी उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था। इससे परेशान होकर जीत निशोदे ने गुरुवार को फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की।
जानकारी के अनुसार, पूरे घटनाक्रम के बाद से जीत निशोदे परेशान चल रहा था। उसने गुरुवार को फांसी लगाकार जान देने की कोशिश की। जिसके बाद परिजनों ने फंदे से उतारकर उसे शाहपुरा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्राइवेट वीडियो में जीत निशोदे के साथ जो महिला है। उसने वीडियो जारी करके चार कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाए हैं। युवती ने कहा कि, कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के कुछ लोगों ने चोरी छिपे मेरे और मेरे होने वाले पति के निजी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि मेरे होने वाले पति भाजपा में हैं। युवती ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि, मैंने शाहपुरा थाने में शिकायत की है, लेकिन पुलिस भी आनाकानी कर रही है। मैं चाहती हूं कि, अंकित दूबे, अज्जू, विशाल राव और दीपू ये चार नाम सामने आए हैं, इन पर जल्द से जल्द कार्रवाई हो।