शाजापुर। मध्यप्रदेश के शाजापुर जिला अस्पताल में स्थित हनुमान मंदिर के पास किए अतिक्रमण को हटाने पहुंचे तहसीलदार और डाक्टरों के बीच कहासुनी हो गई। दोनों पक्षों में विवाद के बात गाली- गलौज तक पहुंच गई। घटना के विरोध में अस्पताल में ड्यूटी डाक्टरों ने काम बंद कर दिया है। मामले को लेकर दोनों ही पक्षों ने अभी तक थाने में कोई शिकायत नहीं की है।
दरअसल तहसीलदार जब अतिक्रमण हटाने पहुंचे तो वहां सिविल सर्जन उपस्थित नहीं हुए। देर तक सिविल सर्जन डॉ बीएस मैना के नहीं आने पर तहसीलदार सुनील पाटिल भड़क उठे और वहां उपस्थित आरएमओ डॉ गोविंद पाटीदार से विवाद हो गया। विवाद में तहसीलदार डॉक्टर पाटीदार का मोबाइल छुड़ाने लगे। दोनों के बीच विवाद का वीडियो भी सामने आया है।
इस घटना के विरोध में जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया है। घटना की सूचना मिलते ही शाजापुर एसडीएम मनीषा वास्कले अस्पताल पहुंची और मामले को लेकर डॉक्टरों से बंद कमरे में बातचीत की। बातचीत में क्या समाधान निकला इसकी जानकारी नहीं है।
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SI ने युवक को कार से 200 मीटर तक घसीटा, ब्रेक लगाकर सड़क पर पटका
ग्वालियर में विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में एक होटल के बाहर खड़ी कार को हटाने को लेकर होटल संचालक और एसआई प्रशांत शर्मा के बीच विवाद हो गया। जिसके बाद होटल संचालक के दोस्त को एसआई ने अपनी मर्सिडीज की बोनट पर लटकाकर करीब 200 मीटर तक घसीटा फिर सड़क पर पटक दिया। ये पूरी घटना होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना गुरुवार शाम की है, जब एसआई प्रशांत शर्मा VIP मूवमेंट के चलते ट्रैफिक क्लियर करवाने के लिए होटल ‘द ब्लीव’ के बाहर थे। यहां होटल संचालक शुभम भदौरिया के साथी अंकित जादौन की कार खड़ी थी। आरोप है कि एसआई ने अंकित की कार का शीशा तोड़ दिया और जब उन्होंने कारण पूछा तो वो वहां से अपनी मर्सिडीज से निकलने लगे फिर अंकित और शुभम ने एसआई का पीछा ट्रैफिक जाम तक किया। जब उन्होंने एसआई को रोकने की कोशिश की, तब एसआई ने कार दौड़ा दी और अंकित को कार से करीब 200 मीटर तक घसीटा और फिर जैसे ब्रेक लगाया अंकित सड़क पर जा गिरा। इस दौरान अंकित को हाथ में चोटें आईं है।
पूरी घटना होटल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसमें एक युवक कार की बोनट पर लटका हुआ नजर आ रहा है और कार उसे तेजी से लेकर जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद एसआई प्रशांत शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया। उन्होंने सफाई दी की वह VIP ड्यूटी पर थे, कार उनके पिता की है और उन पर लगे सभी आरोप निराधार हैं।
होटल संचालक शुभम भदौरिया का कहना है कि एसआई प्रशांत उस समय शराब के नशे में थे। उन्होंने न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि होटल की गाड़ी तोड़ने की धमकी भी दी। मामले को लेकर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं। एएसपी ने बताया कि विवाद VIP ड्यूटी के दौरान कार हटाने को लेकर हुआ था। फिलहाल आरोपों की जांच की जा रही है।
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पढ़ाई के दौरान पीएम श्री स्कूल का गिरा छत का प्लास्टर, एक छात्रा गंभीर घायल
भोपाल। राजधानी भोपाल के बरखेड़ा क्षेत्र स्थित शासकीय पीएम श्री महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्कूल में पढ़ाई के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। कक्षा की छत का प्लास्टर अचानक टूटकर गिर गया, जिससे छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गईं। ये छात्रा क्लास की पहली बेंच पर बैठी थीं। हादसे में उनके साथ खड़ी शिक्षिका और कुछ अन्य छात्राएं भी मामूली रूप से घायल हुई हैं।
यह घटना बीते सप्ताह की बताई जा रही है, लेकिन इसका सीसीटीवी फुटेज शनिवार को सामने आया। वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि कक्षा की छत से प्लास्टर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर सीधे दोनों बच्चियों के सिर पर गिरता है। शुरुआती कुछ सेकंड में छात्रों और शिक्षिका को कुछ समझ नहीं आता, लेकिन जब स्थिति स्पष्ट होती है, तो घायल बच्चियों को तत्काल क्लास से बाहर निकाला जाता है।
घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को लिखित शिकायत पत्र सौंपा है, जिसमें एक छात्रा के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि की गई है। प्रबंधन ने बताया कि स्कूल में लंबे समय से सीलन की समस्या बनी हुई थी, जिसकी सूचना पहले भी संबंधित अधिकारियों को दी गई थी। बारिश के बाद यह समस्या और अधिक गंभीर हो गई थी।
हालांकि शिकायतों के बाद कुछ कक्षाओं की मरम्मत की गई है, लेकिन छात्राओं की संख्या अधिक होने के कारण जर्जर और सीलन वाली कक्षाओं में अब भी पढ़ाई हो रही है। स्कूल प्रबंधन ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा हो सकते हैं।
स्कूल में सिर्फ कक्षाएं ही नहीं, शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब है। लोहे के दरवाजे जंग लगकर नीचे से गल चुके हैं, दीवारों में सीलन है और साफ-सफाई की स्थिति बेहद चिंताजनक है। स्कूल स्टाफ के अनुसार, हर साल मानसून में ऐसी ही स्थिति उत्पन्न होती है, कई बार शिकायतें दी गईं लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ।
जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि संबंधित कक्षा में अब क्लास लगाने पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को आदेश दिया है कि जब तक मरम्मत पूरी तरह नहीं हो जाती, तब तक ऐसे कमरों में छात्रों को न बैठाया जाए।
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