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जिला अस्पताल में भर्ती महिला से दुष्कर्म: हॉस्पिटल कर्मचारी ने घर ले जाकर बनाया हवस का शिकार

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धार। मध्य प्रदेश के धार जिला अस्पताल में भर्ती एक महिला के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है। रेप करने वाला युवक अस्पताल में कार्यरत एक निजी कर्मचारी है। महिला तीन दिन से अस्‍पताल में भर्ती थी। बीती रात वह गलियारे में टहल रही थी। कुछ देर बाद नर्स ने महिला को कहा कि जांच की ओपीडी बनवाकर ले आओ। महिला काउंटर पर गई तो वहां पर आरोपी मिला, जिसने पति के पास ले जाने की बात कहकर बाइक पर बैठाया और अपने घर लेकर हवस का शिकार बना लिया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
22 वर्षीय महिला ने पुलिस को बताया कि 15 दिन पहले छिपकली ने काट लिया था। जिसके कारण वह अस्पताल में भर्ती हुई थी। रोहित चौहान पर्ची काउंटर पर ही काम करता हैं, पर्ची बनवाने के दौरान ही महिला का रोहित से परिचय हुआ था। पांच दिनों तक भर्ती रहने के बाद महिला को डिस्चार्ज कर दिया गया था, लेकिन 12 जुलाई को फिर इंफेक्शन फैलने के कारण भर्ती हुई। पर्ची बनवाने महिला ही जाती थी। इसी कारण दोनों की बातचीत होने लगी। 14 जुलाई को रात करीब 11 बजे महिला का पति नाश्ता करने बाजार गया था, तभी महिला अस्पताल के गलियारे में टहल रही थी। जहां पर ही नर्स ने पर्ची बनवाने भेजा था।
महिला के मुताबिक, रोहित चौहान ने पति के पास छोड़ने की बात कही थी। इस बात पर विश्वास कर वह बाइक पर बैठ गई। रोहित तुलसी नगर स्थित अपने घर पर लेकर गया। जहां पर उसने महिला को घर के अंदर पानी पीने के लिए बुलाया और रेप की घटना को अंजाम दिया। इस दौरान रोहित ने पति को जान से मारने की धमकी दी थी। वारदात के बाद रोहित महिला को अस्पताल छोड़कर चला गया। जहां स्थित कैंटीन पर मौजूद एक युवक के फोन से महिला ने अपने पति को सूचना दी थी।
मामले की सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस टीम मौके पर पहुंची। महिला पुलिस अधिकारी ने पीड़िता के बयान दर्ज किए थे। पुलिस ने आरोपी रोहित चौहान (24) पिता राजेश चौहान निवासी राजेंद्र मार्ग को गिरफ्तार कर लिया हैं। सीएसपी रविंद्र वास्कले ने बताया कि कोतवाली थाने में एक अपराध पंजीबद्ध हुआ है। पीड़िता महिला ने बताया कि उसके साथ गलत काम हुआ है। जिसके बाद तत्काल आरोपी रोहित चौहान को राउंडअप कर गिरफ्तार कर लिया था। आज माननीय न्यायालय में पेश भी किया गया है।

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कोर्ट रूम में महिला पक्षकार और वकील के बीच जमकर हाथापाई, जज ने देखा तो दंग रह गए
इंदौर। बुधवार दोपहर कुटुंब न्यायालय में जमकर हंगामा हुआ। आपसी तलाक के मामले में सुनवाई पर पहुंची महिला पक्षकार का महिला आरक्षक से विवाद हो गया। नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। दोनों लड़ते हुए कोर्ट रूम के भीतर पहुंच गए। न्यायाधीश ने कोर्ट रूम में दोनों को लड़ते देखा तो वे भी हतप्रभ रह गए। उनके हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। महिला आरक्षक ने संयोगितागंज पुलिस थाने पर मामले की शिकायत भी की है।
इस बीच महिला आरक्षक ने फोन कर घटना की जानकारी अन्य पुलिसकर्मियों को दी। कुछ ही देर में थाने का बल कुटुंब न्यायालय पहुंच गया। पुलिसकर्मी न्यायालय कक्ष के भीतर पहुंचे तो न्यायाधीश ने उन्हें बाहर कर दिया। लगभग पौन घंटे हंगामे के बाद स्थिति नियंत्रित हुई।
कुटुंब न्यायालय में रोजाना सैंकडों प्रकरण सुनवाई पर लगते हैं। सालों से यहां पुलिस चौकी और स्थाई पुलिस बल तैनाती की मांग हो रही है, लेकिन कुछ नहीं हुआ। पक्षकारों के बीच हाथापाई की घटनाएं होती रहती हैं। पक्षकार और वकीलों के बीच भी कई बार विवाद हो जाता है। कुटुंब न्यायालय में पुलिस चौकी स्थापित करने को लेकर हाई कोर्ट भी निर्देश दे चुकी है, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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सरकारी महिला वकील 15 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में लोकायुक्त पुलिस ने एक महिला सरकारी वकील कुक्कू दत्त को 15000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। महिला सरकारी वकील ने शिकायतकर्ता से उसकी केस की पैरवी करने की एवज में 15 हजार रुपए की मांग की थी। इसी बात की शिकायत पीड़ित ने लोकायुक्त से की। जिसके आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने घेराबंदी करते हुए जाल बिछाया और जैसे ही शिकायतकर्ता ने महिला सरकारी वकील को 15000 रुपए दिए लोकायुक्त ने उसे धर दबोचा।
दरअसल पिछले दिनों मध्य प्रदेश शासन ने सिविल लाइन निवासी बिहारी लाल की केस की पैरवी करने के लिए सरकारी महिला वकील को नियुक्त किया था। शासन के निर्देश के अनुसार नियुक्त सरकारी वकील फरियादी से पैसे की नहीं मांग सकता। लेकिन उसके बावजूद सरकारी महिला वकील ने शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपए की मांग की थी। यही नहीं, पीड़ित का कहना है कि महिला वकील ने उसे कहा था कि यदि उसने उसे 15000 रुपए नहीं दिए तो वह उसके केस में काम नहीं करेगी। जिसके चलते वह फिर से अपना केस हार जाएगा।