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जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में हुआ बम विस्फोट, 2 जवान शहीद, एक घायल

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जम्मू। जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर के लालेली में एक संदिग्ध इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट में दो जवान शहीद हो गए। सेना की व्हाइट नाइट कोर ने एक पोस्ट में कहा अखनूर सेक्टर के लालेली में बाड़ के पास गश्त के दौरान संदिग्ध इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस विस्फोट हो गया। इसमें दो जवान शहीद हो गए। व्हाइट नाइट कोर दो बहादुर सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को सलाम करती है और श्रद्धांजलि अर्पित करती है।
अधिकारियों के मुताबिक जवान गश्त कर रहे थे, तभी अचानक दोपहर करीब 3.50 बजे भट्टल क्षेत्र में एक चौकी के पास तेज विस्फोट हुआ। इसमें एक कैप्टन समेत दो जवानों की मौत हो गई। जबकि एक अन्य जवान घायल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के बाद पूरे इलाके में घेराबंदी कर दी गई है। इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले अखनूर सेक्टर में एक मोर्टार शेल मिला था। जिसे बाद में बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय कर दिया। अधिकारियों के कहा कि नामंदर गांव के पास प्रताप नहर में सुबह करीब 10 बजे कुछ स्थानीय लोगों ने मोर्टार शेल देखा।
बता दें कि सोमवार को राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी में एक सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया था। सैनिक नौशेरा सेक्टर के कलाल इलाके में अग्रिम चौकी पर था, तभी उसे गोली लग गई। अधिकारियों ने बताया कि उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी से पता चला है कि गोलीबारी दोपहर करीब 2.40 बजे नियंत्रण रेखा के पार से आई थी।
8 फरवरी को केरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पार जंगल से सेना के गश्ती दल पर आतंकवादियों द्वारा गोलीबारी की गई, जो स्पष्टतः नियंत्रण रेखा पार करने के अवसर की तलाश में थे। भारतीय सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई की और इसके बाद क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखने के लिए घुसपैठ रोधी ग्रिड को मजबूत कर दिया गया।
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मुकेश अंबानी सपरिवार पहुंचे महाकुंभ, त्रिवेणी संगम में लगाई आस्था की डुबकी
प्रयागराज। देश के प्रमुख उद्योगपति और ‘रिलायंस इंडस्ट्रीज’ के चेयरमैन मुकेश अंबानी अपने परिवार के साथ मंगलवार को महाकुंभ नगर पहुंचे और उन्होंने अरैल स्थित परमार्थ त्रिवेणी पुष्प में यज्ञ में आहुति दी। अंबानी फैमिली ने संगम में डुबकी लगाई। संगम में आज भी जबरदस्त भीड़ है। हर जगह लोग ही लोग नजर आ रहे हैं।
परमार्थ त्रिवेणी पुष्प में अंबानी परिवार का आगमन हुआ जहां कोकिला बेन अंबानी, मुकेश अंबानी, श्लोका अंबानी, अनंत अंबानी, राधिका मर्चेंट अंबानी और पूरे अंबानी परिवार का अभिनंदन किया गया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि इस अवसर पर अंबानी परिवार ने परमार्थ त्रिवेणी पुष्प में नगर निगम के स्वच्छताग्रही भाई-बहनों और नाविकों को अंगवस्त्र, मिठाइयां, फल, स्वच्छता किट और अन्य उपहार दिए। इस अवसर पर अंबानी परिवार ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती के पावन सान्निध्य में विश्व शान्ति यज्ञ में आहुतियां अर्पित करते हुए विश्व में शांति और कल्याण की कामना की।
वहीं महाकुंभ मेला में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार जारी है। वहीं आगामी 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा पर स्नान पर्व पर अपार भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए मेला क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है। साथ ही यातायात डायवर्जन का भी रूट तैयार किया गया है। मेला क्षेत्र में 11 फरवरी को 4 बजे से आवश्यक एवं आकस्मिक सेवाओं के अतिरिक्त संपूर्ण मेला क्षेत्र में नो-व्हीकल जोन घोषित रहेगा। आने वाले श्रद्धालुओं को जाम न झेलना पड़े। उक्त व्यवस्था में आवश्यक एवं आकस्मिक सेवाओं के वाहनों को छूट रहेगी।
योगी ने सोमवार शाम को महाकुंभ को लेकर समीक्षा बैठक की। कहा- माघ पूर्णिमा पर ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट के नियम सख्ती से लागू करें। सड़कों पर वाहनों की कतार नहीं लगनी चाहिए, न ही जाम की स्थिति होनी चाहिए।
प्रयागराज में तीनों अमृत स्नान (मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी) के बाद भी श्रद्धालुओं/स्नानार्थियों के जोश और उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। पूरे देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से पवित्र त्रिवेणी में श्रद्धा और आस्था के साथ डुबकी लगाकर पुण्य प्राप्त करने के लिए श्रद्धालु प्रतिदिन लाखों, करोड़ों की संख्या में प्रयागराज पहुंच रहे हैं। बसंत पंचमी के अंतिम अमृत स्नान पर्व के बाद भी श्रद्धा का जबरदस्त उत्साह लोगों को संगम तट तक खींच कर ला रहा है। मंगलवार, 11 फरवरी को सुबह 8 बजे तक 49.68 लाख लोगों ने त्रिवेणी में स्नान किया। इसके बाद कुल स्नानार्थियों की संख्या 45 करोड़ के ऊपर पहुंच गई है। स्नानार्थियों में 10 लाख कल्पवासियों के साथ-साथ देश-विदेश से आए श्रद्धालु एवं साधु-संत शामिल रहे। अभी महाकुम्भ को 15 दिन और दो महत्वपूर्ण स्नान पर्व शेष हैं और पूरी उम्मीद है कि स्नानार्थियों की संख्या 50-55 करोड़ के ऊपर जा सकती है।
बता दें कि अब तक महाकुंभ में देश-दुनिया के कई दिग्गज संगम में डुबकी लगा चुके हैं। महाकुंभ में अभी तक संगम में स्नान करने वाले अति विशिष्ट व्यक्तियों में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ (मंत्रिमंडल समेत) डुबकी लगा चुके हैं। इसके अलावा 73 देशों के प्रतिनिधिमंडल, भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी, मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव, उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी, मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल, श्रीपद नाइक, बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी और राज्य सभा सांसद सुधा मूर्ति भी संगम स्नान कर चुके हैं।
वहीं असम विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे, गोरखपुर के सांसद रवि किशन, हेमा मालिनी, पूर्व सांसद दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, बॉलीवुड एक्ट्रेस भाग्यश्री, अनुपम खेर, मिलिंद सोमण, ओलम्पिक मेडलिस्ट साइना नेहवाल, एक्ट्रेस से किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनीं ममता कुलकर्णी, प्रख्यात कवि कुमार विश्वास, क्रिकेटर सुरेश रैना, अन्तर्राष्ट्रीय रेसलर खली, कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा, बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा गुप्ता के अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद भी संगम में स्नान कर चुके हैं।
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महाराष्ट्र में GB सिंड्रोम के 197 संदिग्ध मिले, 172 में इंफेक्शन की पुष्टि और 7 की मौत
पुणे। महाराष्ट्र में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) का पहला मरीज 9 जनवरी को सामने आया था। 12 फरवरी तक यानि बीते 33 दिन 197 मरीज सामने आ चुके हैं। इसमें से 172 में सिंड्रोम की पुष्टि हो चुकी है।
राज्य में इससे 7 मौत हुई हैं। इनमें 50 साल से ऊपर के 3 मरीज और 40 साल या उससे कम के 4 मरीज शामिल हैं। वर्तमान में 50 मरीज ICU और 20 मरीज वेंटिलेटर पर हैं।
पुणे नगर निगम (PMC) से 40 मरीज पाए गए हैं। पीएमसी से जुड़े गांवों से 92 मरीज हैं। 29 पिंपरी चिंचवाड़ और 28 पुणे ग्रामीण से हैं। 8 मरीज अन्य जिलों से हैं। 50 आईसीयू में और 20 वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।
एक अधिकारी के मुताबिक GB सिंड्रोम के सबसे ज्यादा मामले नांदेड़ के पास स्थित एक हाउसिंग सोसाइटी से हैं। यहां पानी का सैंपल लिया गया था, जिसमें कैंपिलोबैक्टर जेजुनी पॉजिटिव पाया गया। यह पानी में होने वाला एक बैक्टीरिया है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) ने पुष्टि की है कि नांदेड़ और उसके आसपास के इलाकों में GB सिंड्रोम प्रदूषित पानी के कारण फैला है। पुणे नगर निगम ने नांदेड़ और आसपास के इलाके में 11 निजी आरओ सहित 30 प्लांट को सील कर दिया है।
महाराष्ट्र के अलावा देश के 4 दूसरे राज्यों में GB सिंड्रोम के मरीज सामने आ चुके हैं। तेलंगाना में ये आंकड़ा एक है। असम में 17 साल की लड़की की मौत हुई थी। पश्चिम बंगाल में 30 जनवरी तक 3 लोगों की मौत हुई।
राजस्थान के जयपुर में 28 जनवरी को लक्षत सिंह नाम के बच्चे की मौत हुई थी। वो कुछ समय से GB सिंड्रोम से पीड़ित था। परिजन ने उसका कई अस्पताल में इलाज कराया था। लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
GBS का इलाज महंगा है। डॉक्टरों के मुताबिक मरीजों को आमतौर पर इम्युनोग्लोबुलिन (IVIG) इंजेक्शन का कोर्स करना होता है। निजी अस्पताल में इसके एक इंजेक्शन की कीमत 20 हजार रुपए है।
डॉक्टरों ने मुताबिक GBS की चपेट में आए 80% मरीज अस्पताल से छुट्टी के बाद 6 महीने में बिना किसी सपोर्ट के चलने-फिरने लगते हैं। लेकिन कई मामलों में मरीज को एक साल या उससे ज्यादा समय भी लग जाता है।